Dhurandhar: Blockbuster or Just Overhyped? ft. Madhur Bhandarkar | Shubhankar Mishra
पहला वाला धुरंधर तीन बार देखी है और. दूसरा वाला धुरंधर अब तक दो बार देखी।. घायल हूं इसलिए कहक हूं।. देयर विल बी बिफोर धरिंदर एंड आफ्टर. धुरंधर। ऐसा टाइम आता है कि आप पूरा रूल. बुक जो होता है फिल्म इंडस्ट्री का जो. टेंपलेट है वो चेंज करते हो। और मेरे. ख्याल से धुरंधर वो फिल्म है।. लेडीज एंड जेंटलमैन यू आर नॉट रेडी फॉर. दिस।. जहां लोग 1 मिनट का 1ढ़ मिनट का रील देखते.
नहीं है। जहां लोग चार-चार घंटे पौनेचार. घंटे की पिक्चर देख रहे हैं। मैं थिएटर. में देखा लोग मोबाइल नहीं निकाल रहे। लोग. पिक्चर से ग्लूड है। जब सब्जेक्ट स्ट्रांग. होता है तब ऐसा होता है। सलाम है उसको। तो. उसको नेशनल अवार्ड तो देना ही चाहिए।. इसमें कोई शक नहीं है। इसकी कोरियोग्राफी. देखो। इसका फोटोग्राफी देखो। इसका गाने का. इंटीग्रेशन देखो। ही कर सकता है। इसके लिए. आप कितना भी पैसा खर्च लो। मैंने कहा कि. आप आदित्य और धर जैसा दिमाग नहीं ला सकते।. एक-एक कैरेक्टर याद क्यों रहते हैं आपको? मैंने आदित्य तेरे को तो एक स्पेशल अवार्ड. मिलना चाहिए। राकेश बिजी को कास्ट के लिए।. ठीक तो है ना बच्चे? मेरे बच्चे तू है.
कहां अभी? हो गया मेरा बच्चा। तू फिकर मत कर यार।. बच्चा है तू मेरा।. अगर मैं होता ना तो मैं दो बार सोचता. राकेश बेदी को ये रोल में लेने के लिए।. यानी अच्छा एक्टर वो जिससे अच्छा. डायरेक्टर मिल जाए।. रणवीर सिंह ने तीन साढ़े तीन साल दिया है. पिक्चर के लिए। कौन सा एक्टर देगा? ये. एक्टर कह रहा है कि मेरे को चार पिक्चर. करनी है इस साल की।. साउथ सिनेमा से धुरंधर की तारीफ हो रही. है। जबकि हिंदी सिनेमा से धुरंधर के बारे. में वो बड़े वर्ड्स, बड़े एक्टर्स नहीं बोल. रहे। मुझे पता नहीं इंडस्ट्री में एक इतना. होस्टाइल क्यों है लोग जो है बहुत लोग. उसको अप्रिशिएट नहीं कर रहे हैं। मुझे इस. बात का बहुत ही अफसोस है। एनिमल शायद.
सिनेमा का पीक है. एक्साक्ट्ली।. मेरे को ये लग रहा था। फिर मैंने आदित्य. धर को देखा। मैंने कहा बाप रे खत्म खतम है. खत्म है। [संगीत]. रणवीर कपूर के एनिमल या रणवीर सिंह की. धुरंधर। यहां बदल जाएगा धुरंधर से।. अंदर का खुलासा है कि बहुत से प्रोडक्शन. हाउस ने कि [संगीत] अपनी स्क्रिप्ट रोक दी. है। पिक्चर की शूटिंग रुकी हुई है बहुत जन. की। रोलिंग टाइल में भी पब्लिक बैठ के देख. रही है। लास्ट तक वो रणवीर सिंह चल के आ. रहा है खेत में। क्या सीन है बाप रे गुज. बब्स। लास्ट में वो मां को देख के जो रोता.
है। और जो उसकी एक्सप्रेशन है बाप रे बाप।. इतने ही क्लिप पे उसको नेशनल अवार्ड देना. चाहिए। शोले के टाइम ही लोगों ने बोला अरे. यार लंबी पिक्चर थी। 20 मिनट कट सकती थी।. सुरंदर को शोले से कंपेयर कर रहे हो।. हां हां हां। पाकिस्तान का मुस्तकबिल. अब हिंदुस्तान तय करेगा।. [चीखने की आवाज़]. [संगीत]. [नाक से की जाने वाली आवाज़].
धुरंधर आपको कैसी लगी? मेरे को बहुत ही अच्छी लगी। आई लव द. फिल्म। मैंने पहला वाला धुरंधर तीन बार. देखी है। और दूसरा वाला धुरंधर अब तक दो. बार देखी। शायद आपके पॉडकास्ट कैसे तीन. बार हो जाएगा वो भी।. क्यों इतनी बार देख डाली? देखिए मेरी बात मानिए मिश्रा जी वो पिक्चर. ने ना पूरा डायनामिक्स देखिए आज की मैं. बोलूंगा नहीं सिर्फ बॉलीवुड पूरी फिल्म. इंडस्ट्री की बात करूंगा इंडियन फिल्म. इंडस्ट्री की बात करूंगा देयर विल बी. धुरंधर बिफोर धुरंधर एंड आफ्टर धुरंधर ये. पिक्चर ने लोगों की डायनामिक्स चेंज की.
है। स्क्रिप्ट वर्किंग चेंज की है। इसने. ग्रामर चेंज किया है। जहां लोग 1 मिनट का. 1ढ़ मिनट का रील देखते नहीं है। जहां लोग. चार-चार घंटे पौनेचार घंटे की पिक्चर देख. रहे हैं। जब आप थिएटर में जाते हो, बैठते. हो, एडवरटाइज देखते हो, इंटरवल में बाद. में सब मिला के 5 सा 5 घंटे का इन्वेस्ट. करते हो आप। आप पिक्चर देखते हो, मैंने. थिएटर में देखा लोग मोबाइल नहीं निकाल. रहे। लोग पिक्चर से ग्लूड है। लंबे-लंबे. शॉट्स चल रहे, गाने चल रहे, लोग देख रहे. हैं। मेरे ख्याल से कभी ना कभी कभी होता. है कि एक ऐसा टाइम आता है कि आप पूरा रूल.
बुक जो होता है, फिल्म इंडस्ट्री का जो. टेंपलेट है, वो चेंज करते हो। और मेरे. ख्याल से धुरंधर वो फिल्म है।. जब सब्जेक्ट स्ट्रांग होता है तब ऐसा होता. है। मैं आदित्य को सुन रहा था। उन्होंने. कहा दो तरह की चीज़ एक प्रोजेक्ट होता है, एक सब्जेक्ट होता है।. प्रोजेक्ट में आप हीरो ढूंढ लेते हो, नचा. देते हो। एक आइटम सॉन्ग हो गया।. दो हेलीकॉप्टर शॉट. प्रपोजल वो प्रपोजल फिल्म मेकिंग जो बात. करता हूं।. हां ये आदित्य ने कहा।. करेक्ट वो नहीं बना रहा था।. नहीं बना रहा था। वो बना ही बना ही नहीं. सकता यार। पहले पार्ट में आपने देखा जहां. पे रणवीर सिंह से साइलेंसेस में काम करता.
हूं। मुझे जभी भी रणवीर सिंह बहुत अच्छा. लगा। कि जहां पे ही इज़ जस्ट साइलेंट पीछे. खड़ा है। ही इज़ लाइक जस्ट स्टैंडिंग लाइक अ. वन ऑफ़ द हंचमैन। एंड के पीछे अक्षय खन्ना. के पीछे वास फीलिंग कि यार इतना कम हां. मैंने और यू हैव टू गिव इट टू रणवीर सिंह. फॉर इट क्योंकि वो स्क्रिप्ट को समझ गया. था कहीं भी हीरो ऐसा होता है वो बोलेगा. यार मैं ऐसा पीछे क्यों खड़ा हूं हमेशा. मैं कुछ कर ही नहीं रहा हूं जो कर रहा है. दूसरा कर रहा है हालांकि वो उज़ेर बलोच. ज्यादा काम कर रहा था रणवीर सिंह से. ज्यादा. हां ये आपका रहमान डकैत.
रहमान डकैत तो था ही रहमान डकैत. उसी में उज़ेर बलोच का भी बड़ा रोल था. बड़ा रोल था उसका रणवीर से मैंने इन. टर्म्स ऑफ उसके डायलॉग्स की बात कर रहा. हूं. हां संजय दत्त भी ज्यादा पावरफुल लग. था। सबसे कम सबसे साइलेंट रोल जो था वो. रणवीर सिंह का था।. लेकिन मैं उस टाइम भी मेरे को बहुत अच्छा. लगा। मुझे लगा जो उसने रिस्टीन परफॉर्मेंस. जो दिया था बहुत ही कमाल था। सब्जेक्ट. बहुत ही ऐसा था कि हमने कभी देखा नहीं था।. और जो पार्ट टू देखने के बाद जो रणवीर का. किरदार है जो उसने इतने फ्लोलेसली इसको. निभाया है। सलाम है उसको। मैं तो उसको. नेशनल अवार्ड तो देना ही चाहिए। इसमें कोई. शक नहीं है। ने ब्रिलियंटली इतना परफॉर्म.
उसने अच्छा किया और मुझे लगा कि फिल्म का. ना पूरा उसने ग्रामर चेंज किया है क्योंकि. लोग अभी सोचेंगे हमको क्या बनाना चाहिए. क्योंकि इतनी इतनी रियलिस्टिक इसका एक्शन. देखो इसकी कोरियोग्राफी देखो इसका. फोटोग्राफी देखो इसका गाने का इंटीग्रेशन. देखो जो हिसाब से गाना लाया पिक्चर में. उसने पुराने गाने को चाहे वो लास्ट टाइम. उन्होंने सारे गामा से टाइप किया तो वहां. पे थे ये टाइम टी सीरीज थे तो तमा तमामा. दिल का गाना या जो भी है त्रिदेव का गाना. इंटीग्रेट किया वो बहुत ही अच्छी तरह से. वो डायरेक्टर ही कर सकता है। इसके लिए आप.
कितना भी पैसा खर्च लो मैंने कहा कि आप. आदित्य धर जैसा दिमाग नहीं ला सकते। इट्स. अ डायरेक्टर्स फिल्म। इट इज़ नॉट अबाउट. मनी। मनी हर कोई 300 400 शायद खर्च पागल. आदमी है। 9 घंटे के पिक्चर बना रहा है।. क्या है? लेकिन कौन देखेगा? देखिएगा।. वी हैव हर्ड कि पैसे रोक दिए थे उन लोगों. ने शुरू में। बाद में अपने पैसे लाके. कंप्लीटली किए।. ये मैं सुना है जितना आपने सुना वैसे ही. मैंने सुना है। लेकिन जो भी है अल्टीमेटली. इट पेड ऑफ। अगर नहीं चलती तो पिक्चर हम. बात डिस्कस नहीं करते। अल्टीमेटली द. पिक्चर हैज़ डन फैबुलसली वेल। और इतने लोग.
जो जाके बार-बार दो-दो तीन-तीन बार देख. रहे हैं। माने कुछ तो होगा ना पिक्चर में. जो जाके देख रहे हैं लोग यार टाइम नहीं. है। लोग आप किसी दोस्त को एक आप कॉमेडी का. एक क्लिप भेजो दो मिनट का वो बोलेगा यार. फोर्ड करके देखता है वो आदमी। इतना टाइम. नहीं होता है। लोग जाके डेडिकेट. तुम ऐसे 25 मिनट का ऐड लगाए थे उन्होंने. शुरू में।. हां।. हमने सारा झेल लिया 25 मिनट का।. आपने पार्ट टू भी देखा।. हां हां।. दो बार देख लिया? हां। करेक्ट।. वही तो बोला ना तो पिक्चर का जो मैजिक है. थिएटर में लोग आए और मुझे पता नहीं. इंडस्ट्री में एक इतना होस्टाइल क्यों है.
लोग जो है बहुत लोग उसको अप्रिशिएट नहीं. कर रहे हैं। मुझे तो लगता है हर पिक्चर को. हमको सेलिब्रेट करनी चाहिए। वो छोटी फिल्म. हो बड़ी पिक्चर हो। मैंने कहा ये बात कि. आज ऑडियंस थिएटर में आई है पिक्चर देखने. के लिए। आपको खुशी होनी चाहिए कि भाई. फिल्म चली बोल के।. अच्छा मैं इसपे सवाल पूछता हूं।. हम्म. साउथ सिनेमा में धुरंधर की बहुत तारीफ. हुई।. सब एक्टर ने. सबने तारीफ की है। बाबू से लेकर रजनीकांत. रजनीकांत सर ने लिखा कि फिल्मों का बाप. बाप बाप या नो डाउट सब लोग ने महेश बाबू. ने लेकर अलू अर्जुन से लेकर रामचरण ने सब.
लोग ने तारीफ की. तो साउथ सिनेमा से धुरंधर की तारीफ हो रही. है जबकि हिंदी सिनेमा से धुरंधर के बारे. में वो बड़े वर्ड्स बड़े एक्टर्स नहीं बोल. रहे और जो बोल भी रहे हैं वो कह रहे हैं. मैंने देखी नहीं है सबसे तारीफें सुन ली. है मैंने. हम. ये क्यों है. ये मुझे नहीं पता मुझे यही मुझे इस बात का. बहुत ही अफसोस है इस बात का कि यहां पे जो. हमारे इंडस्ट्री में है, मुंबई फिल्म. इंडस्ट्री ने इसकी तारीफ बिल्कुल नहीं की. है। और चुप बैठे हैं। मेरे ख्याल से उनको. बोलना चाहिए। मेरे ख्याल से अप्रिशिएट.
करना चाहिए यार सिनेमा है अल्टीमेटली।. आपका सिनेमा चल रहा है किसी फेटरनिटी की. पिक्चर हो। आपकी चल रही है पिक्चर। उसकी. इतनी सराहना कर रहे हैं लोग इतना पसंद. करते हैं। तो क्यों नहीं बोला? कमाल की चीज है कि हमने सिनेमा हॉल में. जाके देखना छोड़ दिया था। करेक्ट सर।. मैंने मैंने छोड़ दिया था। मैं सोचता था. 20 दिन बाद ओटीटी. लोगों की यही मानसिकता समय नहीं है।. लोगों की यही मानसिकता है।. मैं यह मान के बैठा समय नहीं है। अब मैं. कॉलेज का लड़का नहीं हूं जो गर्लफ्रेंड के. साथ जाके कोने में बैठ के देखेगा।. करेक्ट है।. अब मेरे पास समय नहीं है।. बट धुरंधर हैज़ फोर्स्ड मी कि मैं रात को. जाके देख कर आऊं।.
करेक्ट है।. अरे 247 शो चल रहा है।. और बार-बार देख कर आ रहा हूं।. हां।. करेक्ट है।. 11:00 बजे जा रहा हूं। सवेरे 5:00 बजे घर. पहुंच।. 5:00 बजे जा रहा है। करेक्ट है।. सुबह ऑफिस जाना है। लेकिन फिर भी मैं जा. रहा हूं।. हां। इसका मतलब है कंटेंट काम करता है।. कंटेंट इज किंग और मेरे ख्याल से जिस. हिसाब से इसने फिल्म बनाई है, ग्रिपिंग. बनाई है बॉस। मैंने तो अलग-अलग तीन थिएटर. में देखता हूं। मैं एक थिएटर में पिक्चर. देखता मैं मास थिएटर में भी जाता हूं।. हमारे मुंबई में बहुत ही फेमस है गेडी. गैलेक्सी। बहुत ही जो मास थिएटर है एकदम।. वहां पे मैंने रात को 9:00 बजे का शो देखा. जब दूसरी बार गया था। तो मैं कुछ 8:30 बजे. पिक्चर शुरू हुई। खत्म हुई रात को 1 बजे।.
पब्लिक बैठी थी यार। रोलिंग ट्रेलर में भी. पब्लिक बैठ के देख रही है। लास्ट तक वो उस. रणवीर सिंह चल के आ रहा है खेत में। क्या. सीन है? क्या सीन है बाप रे बाप सी बम्स. गजब बम्स तो इतना प्यारा सीन दिल पे जख्म. खाते हैं। वाह वाह वाह वाह वाह क्या मैंने. अरजीत जो गाना चल रहा है पीछे इतना अच्छा. वो एंड तक लोग देख रहे हैं यार उसका जो. बैक में भी दिखा रहे हैं वो क्या-क्या. कैसा ट्रेनिंग गया दे ऑल वाचिंग तो मेरे. ख्याल से ये सिनेमा का मैजिक है और. मतलब मुझे लगता है अगर मैं चारप फिल्में. ऐसी याद करूं जिन्होंने परसेप्शन चेंज. किया मेरा वन वास गैंग्स ऑफ वासेपुर सारे.
एक्टर बड़े हो गए थे. हमें सारे सीन याद थे. फिर बड़ी फिल्मों में मुझे बाहुबली याद. आती है जब पहली बार बाहुबली आई थी कि. मुझे एनिमल भी बहुत अच्छे. एनिमल इस बीच में आई थी और एनिमल मुझे लग. रहा था कि शायद पीक है. शायद सिनेमा का पीक पीक है एक्सक्ट्ली. मेरे को ये लग रहा था धुरंधर देख के आया. मैंने कहा डूड नहीं. वो पीक नहीं था मतलब मैं संदीप वांगा. रेड्डी को मैं ये कर रहा था इससे बड़ा कुछ. नहीं हो सकता. इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता. फिर मैंने आदित्य धर को देखा मैंने कहा. डूड ये बाप रे खत्म है खत्म है खत्म नो. डाउट. मतलब रणवीर सिंह जब सरदार बना तो उससे.
बड़ा सरदार कोई नहीं था. नहीं नहीं नहीं. जब वो हमजा बन रहा था तो मेरे को हमजा. महसूस हो रहा था. महसूस हो रहा था नहीं. शुरू में जसकीरत जो दिखाया गया. मत पूछिए यार मैंने एक-एक कैरेक्टर. सर वो जो आप सीन है ना जो बदला लेता है. अपनी बहन का।. अरे बाप रे बाप क्या सीन था वो जो 15-20. मिनट का फाइट था वो. शुरू में आउटस्टैंडिंग. मेरी बहन का. हां बाप रे बाप रोमते खड़े हो जाते हैं।. मैंने कहा ये सिनेमा अब्सोल्यूट सिनेमा. सिनेमा बहुत कमाल की फिल्म. क्या बदल जाएगा सर अंदर से. बहुत बदल जाएगा सर आप देख लेना देख लेना. मुझे जहां तक पता है इस वक्त हम आपके साथ.
बात कर रहे हैं कि बहुत से प्रोडक्शन हाउस. ने ये मेरे को अंदर की बात में बता रहा. हूं मैं के अंदर का खुलासा है कि अपनी. स्क्रिप्ट रोक दी है बहुत लोग जो. स्क्रिप्ट बना रहे थे चाहे वो रोमांटिक. बना रहे थे एक्शन बना रहे थे स्पाइस. थ्रिलर बना रहे थे या कुछ भी बना रहे थे. तो सब लोगों ने रोक दिए पिक्चर की शूटिंग. रुकी हुई है बहुत जन की कि बोला रुक जाओ. अभी देखते हैं क्या डायनामिक्स चल रहा तो. मेरे ख्याल से यह गेम चेंजर फिल्म है. क्योंकि लोग जो है ना वो आज की तारीख में. बहुत ही स्मार्ट हो गए। आपने देखा छोटी सी.
छोटी चीज निकालते वो Instagram पे डाल. इतना मजाक उड़ा है पुरानी स्पाई फिल्मों. का।. वही तो मैं बता रहा हूं। वही तो बोल रहा. हूं मैं आपको। तो यही बोला तो पीपल हैव. चेंज। PayPal का टेस्ट बदल गया। ये पिछले. दिसंबर 5 25 को आई धुरंधर वन ये 19 को. फरवरी मार्च में आई धुरंधर टू और इससे. दोनों का अभी इंडस्ट्री को क्या लग रही है. एक बार चल गई धर ठीक है दूसरी पार्ट कौन. देखेगा ये ऐसे लोग के रिएक्शन थे मैं बता. नहीं सकता आपको अरे वो एक वो होता है ना. वंस इन अ ब्लू मून कभी-कभी वैसा उनको लगा.
भाई आएगी पिक्चर ठीक है चल गई. पहला पिक्चर पार्ट हिटो दूसरे वाले पे लोग. पागल. नहीं नहीं मेरे को पता है लेकिन लोगों का. ऐसा देखते हैं कितना भाई हमारे इंडस्ट्री. में ना में बना एक डिलजनल मोड के व्यक्ति. बहुत बैठे रहते हैं। उनको जब तक अरे कहां. चलेगी यार कौन देखेगा 3/4 घंटे की पिक्चर. मैंने इस तरह का रिएक्शन होता है। मैं. आपको बता नहीं सकता जब पार्ट वन देखने. वाला था तो मेरे को मैं बहुत लोगों को फोन. किया कि भाई चलेगा अरे कौन देखेगा यार. पागल है क्या 3 घंटे की पिक्चर देखेगा।. कोई आने को तैयार नहीं था। तो आई एम जस्ट. टेलिंग यू कि लोगों का ये भी मैं 4 घंटे.
की पिक्चर देखने गया था तो अरे यार मैं. मैं पेड प्रव्यू में गया था जब लगी थी. अभी। वेडनेसडे को देखी मैंने पिक्चर अरे. यार पागल हो गया क्या यार तू 4 घंटे की. पिक्चर देखने जा रहा है देखते हैं मंडे तक. उनका लोगों का एक हमेशा परसेप्शन है मुंबई. इंडस्ट्री में मंडे तक का वेट करते हैं. फिर देखते हैं क्या होता है मैंने उनको. लगता है फ्राइडे सैटरडे संडे तो पिक्चर. चली जाती है ठीक-ठाक लोग जाते हैं वीकेंड. है जाते मंडे के बाद जो होता है उसका. कलेक्शन का पता चलेगा तो पता चलेगा कि. कितना पानी में है पिक्चर. बट आई थिंक ये पिक्चर माउथ पब्लिसिटी से. भी चली है. बहुत चली. क्योंकि जो देख कर आया वो जी कर आया.
बहुत चली है माउथ पब्लिसिटी से प्लस मेरे. ख्याल ख्याल से ऑन द सोशल मीडिया आल्सो. सोशल वही क्योंकि सोशल मीडिया ने तो वही. देखा ना जैसे कोई देख कर आया वो पागल था. एक शेयर करने का एक्सपीरियंस. हां. और आप जब देखने जा रहे हो तो आप 4 घंटे जी. रहे हो उस फिल्म को. जी रहे या या यू लिविंग इज इट अरे आपको. हैंगओवर हो जाता है यार मैं तो अभी जब. मुंबई से दिल्ली आ रहा था मैं तो पूरा. टाइम धुरंधर का ट्रैक मेरे लूप में लटका. था मेरा पूरा टाइम फेवरेट ऑल द गाना ऑल द. गाना मुझे जसन जसन सैंडसवाला अरे.
सत्येंद्र सरकार का गाना माइंड ब्लोइंग. जैसमीन माय गुड फ्रेंड. क्या यार जबरदस्त हां आपका पडकास्ट. कमाल है बहुत अच्छा उसको बोलना यार शी इज़. अब्सोलुटली ब्रिलियंट यार बहुत अच्छा गाना. गाया उसने. क्या दमदार आवाज अरिजीत का गाना अरिजीत का. क्लास वाला गाना. जुबेन नटियाल का भी गाना बहुत ही. मेरे को तो वो भी बड़ा अच्छा लगा खानजाक था. कि वो दिल पे जख्म खा. अरे यार क्या गाना है यार बहुत कमाल है. कतल है. हां कतल गाना. मतलब गाड़ी पे आप ड्राइव कर रहे हो आप. अरे बाप रे बाप साहब नहीं पूरा ट्रैक पूरा.
ट्रैक मैं तो जिम करता हूं गाड़ी करता हूं. तो मैं तो वही लगा लेता लूप सर मैं लखनऊ. ड्राइव करके चला गया इस चक्कर में।. अच्छा. कि मेरे को गाने जीने थे।. कि दिल पे जख्म खाता है। अरे क्या गाना है. दर्द है? और रणवीर सिंह जब आता है फील होता है. आपको।. पूरी पिक्चर में मैं बोलता हूं ना छोटे से. छोटे नवासेस इतने अच्छे दिए उसने परफॉर्म. किया ना बहुत मेरे को डाउट है कि रणबीर. सिंह के करियर की वन ऑफ़ द बेस्ट. परफॉर्मेंस है।. सर उसमें एक सीन आता है अगर आपको याद हो।. जब वो [नाक से की जाने वाली आवाज़]. दिल्ली लौटता है रॉ में और फिर वो ट्रेन. में चढ़ता है।. हां। तो जब ट्रेन में चढ़ता है उसको चोट. लगी होती है। उसका पैर भी जो दिखता है ना.
कि वो लिमि करता है।. जिस तरह से इतनी बारीकियां बहुत बारीकी से. बहुत. कि मेरे को लगा. वो लाश देखो रोमते खड़े हो जाते हैं जो. लास्ट में वो मां को देख के जो रोता है. और जो उसकी एक्सप्रेशन है बाप रे बाप माने. मैं बोलता हूं वो इतने इतने क्लिप पे उसको. नेशनल अवार्ड देना चाहिए। पूरी पिक्चर अलग. ही बात कर रहा हूं मैं। वो इतना क्लिप है. ना. बहुत कमाल है यार। माने. यानी अच्छा एक्टर वो जिससे अच्छा. डायरेक्टर मिल जाए। हां डायरेक्टर अच्छा. मिलना बहुत जरूरी होता है। और एक देखिए एक. चीज मैं आपको बता दूं मिश्रा जी एक्टर ने.
ना रणबीर सिंह ने सरेंडर किया है आदित्य. धर को माने समर्पण कहते हैं ना वैसा है. तीन साढ़े तीन साल दिया है पिक्चर के लिए. कौन सा एक्टर देगा या एक्टर कह रहा है कि. मेरे को चार पिक्चर करनी है साल की और. मेरे को करनी है उस तरह का डडीिकेशन साढ़े. तीन साल पूरी पिक्चर में उसने दिया और जो. डायरेक्टर ने कहा वो डायरेक्टर की पिक्चर. है मैं अभी भी बोलूंगा धुरंधर इज इज़ 150%. अ डायरेक्टर्स फिल्म कंप्लीटली और लोग लोग.
भी समझ रहे हैं।. फर्स्ट फ्रेम से लास्ट फ्रेम तक डायरेक्टर. की पिक्चर है। अब बहुत लोग अरे लंबे-लंबे. सीन थे, लंबे-लंबे गाने थे, काट सकता था, काट सकता वो ठीक उसका कन्विक्शन है। वो. कन्विक्शन पे हमको मानना पड़ेगा। ठीक है. ना? ये हमेशा रहा है। शोले के टाइम ही. लोगों ने बोला अरे यार लंबी पिक्चर थी, 20. मिनट कट सकती थी। क्या फर्क पड़ता था? लेकिन शोले शोले इसलिए बिकॉज़ वो उसका एक. अलग माहौल है। सेम विद दिस तो सुरंदर को. शोले से कंपेयर कर रहे हो कि जो शोले ने. उस टाइम बेंचमार्क किया था। हां हां हां. मेरे ख्याल से बहुत ही अलग बहुत ही अलग. लेवल पे गई है पिक्चर ये म दिस इज लाइक.
अल्टीमेट एंड एक-एक कैरेक्टर याद क्यों. रहते हैं आपको. सब याद है सर सब कैरेक्टर क्यों याद होता. है अर्जुन रामपाल से लेके संजय दत्त तो ये. तो जो मेन मेन मेन स्ट्रीम वाले हो गए. छोटे से छोटे जो कैरेक्टर है पिक्चर में. एवरीबॉडी परफॉर्म्ड सो वेल मुझे तो. एक्ट्रेस ही बहुत अच्छी लगी सारा अर्जुन. क्या परफॉर्म किया उसने यार कम सीन थे. उसके लेकिन बहुत बेहतरीन उसने परफॉर्म. किया एवरीबॉडी तो ये तो जो रणबीर सिंह का. जो डेडिकेशन है कि भाई नहीं तो बहुत से. हीरो है यहां पे ऐसा बोलते हैं अरे यार ये. बाजू वाला डायरेक्ट बोल रहा है मैं ऐसे ही.
खड़ा हूं झंडू जैसा मेरा रोल किधर है. पहला पार्ट देखने के बाद एक्चुअली बहुत. लोगों को ये लगा कि रण रणवीर ने फिल्म. क्यों साइन की आप चुप बैठे हैं चुप बैठे. खड़े हैं अक्षय खन्ना लाइमलाइट ले रहा है. संत लाइमलाइट ले रहा है बागवान के भी. सीन्स आ गए. वो पीछे खड़ा है बेचारा. हां वो हर जगह शांति से खड़ा है. शांति से खड़ा है. उसका बेदी साहब हाईलाइट हो गए राकेश बेदी. सुपरस्टार हो गया. सुपरस्टार [हंसी] हो गई बिकम सुपरस्टार. बच्चा है तो मेरा. मैंने मैंने बोला उसको ये बाद मैंने मैंने. जब पिक्चर देखी ना मैंने आदित्य दर से बात.
कर रहा था। मैंने बोला आदित्य तेरे को तो. एक स्पेशल अवार्ड मिलना चाहिए। राकेश बेदी. को काश करने फर्स्ट पार्ट की बात कर रहा. हूं मैं। तो बोला क्यों? मैंने बोला अगर. मैं होता ना तो मैं दो बार सोचता राकेश. बेदी को ये रोल में लेने के लिए क्योंकि. कितना बड़ा रोल था। एंड राकेश बेदी का. परसेप्शन चेंज हो। राकेश बेदी को तो हम. बचपन से देख रहे हैं फिल्म इंडस्ट्री में. एक दूजे के लिए से लेकर चश्मे बदूर से ले. सीरियल तक हमने सब देखा उसकी पिक्चर।. लेकिन ये पिक्चर में जो उसने परफॉर्म किया. है इतना बेहतरीन परफॉर्म किया है मेरा. बच्चा तो एनी. हां तुझे फैंटा मिला था फैंटा मिला था. [हंसी] कितना अच्छा म इतना वायरल हो गया.
एंड आई एम सो हैप्पी कि इस ऐज में राकेश. भाई को मैं बहुत अच्छी तरह से जानता हूं. उनको मैं बड़ा फैन उनका उनको डिर्व थे वो. बेचारे को इंडस्ट्री में देखो इतने सालों. में उन्होंने बोला 49 साल में मुझे जो. प्यार किसी ने नहीं दिया एक पिक्चर ने. मुझे दिया एंड ही डिर्व एव्री बिट ऑफ इट. आई एम सो हैप्पी टुडे आज उसको कमर्शियल. मिल रहा है फंक्शन इवेंट्स अवार्ड मिल रहा. है। एवरीथिंग ही डिर्व्स. बट रणवीर सिंह के लिए मुझे अच्छा लग रहा. है। रणवीर सिंह ने भी उनको क्रेडिट दिया।. कहा अगर हमने 1000 करोड़ कमाए तो 500 सर की.
ये भी बड़ी दिलबा. बहुत बड़ी बात है। बहुत. आई थिंक ये जो रणवीर सिंह ने डाउनफॉल देखा. होगा उसमें शायद हां नहीं नहीं दैट्स वै. मैग्नोनिमस। दैट्स वैनिमसन एक्टर का ही. कहना है। या बहुत बड़ी बात है। बहुत बड़ी. बात है। आई एग्री विद इट।. वरना मैंने बड़े एक्टर्स को हमेशा इनसे. क्यों? नहीं नहीं नहीं बहुत नहीं ये तो. मैं बोला ना देखिए रणवीर सिंह ने जो. आदित्य धर ने जो काम निकाला उससे और वो. सरेंडर करता है ना तब वो नजर आता है. पिक्चर में आपको लगता है यार कमाल इसने. पूरी पिक्चर में सरेंडर किया मुझे ना. तब्बू ने बहुत अच्छी बात बोली थी चांदनी. बार के टाइम पे कि मेरे पास तो बजट नहीं.
था मॉनिटर के लिए विदाउट मॉनिटर शूट किया. था मैं कैमरे के बाजू में खड़ा होता था तो. मेरे को उसने अच्छा बोला कि पहले दिन ही. बोला मधुर ना मैं तीन पिक्चरें करके आती. हूं कहीं ऐड करके आती हूं तो मैं ना आई एम. गोइंग टू सरेंडर टू योर विज़न तो तू देख. लेना परफॉर्मेंस निकालना तेरा काम है। किस. तरह से करना है? क्यों? हमारे दिमाग में. तीन पिक्चरें चलती है। एड्स चलते हैं। कुछ. कर रहे हैं हम लोग। तो तू नेविगेट करना।. तो ये मेरे को अच्छा लगता है कि जब एक्टर. सरेंडर करता है डायरेक्टर को तो डायरेक्टर. जो पिक्चर के साथ वो जिया रहता है तीन-ती.
साल से चार-चार साल से उसको पता है इसका. कैरेक्टर कैसा रहेगा। कैसे बिहेव करेगा।. एक्टर कभी वहां कॉप का रोल कर रहा है।. यहां पे कुछ और कर रहा है। वहां पे कुछ कर. रहा है। कुछ कर रहा है। यह बात कम ऐसा. बहुत कम ऐसे एक्टर जो रणवीर सिंह ने पूरी. पिक्चर 3 सा 3 साल इसी पिक्चर को दिया।. मैंने शूटिंग करता रहा शूटिंग करता रहा डे. नाइट डे नाइट ही ही लिव्ड द कैरेक्टर सो. वेल और वो डायरेक्टर के दिमाग में पिक्चर. है पूरी पिक्चर डायरेक्टर के दिमाग में. मतलब मैंने रणवीर सिंह को या तो अलाउद्दीन. खिलजी वाले रोल पे देखा था. हां. जहां उसने मेरे को शॉक करे था.
हां. बाकी कई बार वो ऑर्डरी भी लगते थे कई. फिल्मों में. मुझे बाजीराव मस्तानी में भी अच्छा लगा. हां बाजीराव में भी वही संजय लीला भंसाली. ने उनका निकाला था लेकिन आदित्य धर ने. उनको रणवीर सिंह को लेकर मुझे एक अलग. रणवीर सिंह. ये तो जो 10 फोल्ड ऊपर गया है यार ये तो. बहुत अलग है ये तो मैंने ने दिस इज़. मतलब मैं मैं एक्चुअली एनिमल के ओ में था. मैं भी मैं भी एनिमल के ओ में मैं रणबीर. कपूर वाज़. मुझे लगा कि इससे इससे बड़ा कुछ नहीं था।. ये रणबीर कपूर ने जो कर दिया. रणबीर कपूर बाप रे. वो जो शर्टलेस नंगा हो के घूमना या बाकी. सब करना. बहुत ही कमाल वो भी बहुत ही नेचुरल बहुत.
ही टैलेंटेड एक्टर है आई एम सो हैप्पी. टुडे के रणबीर सिंह रणबीर कपूर आर रियली. ओवर हियर टुडे एंड पीपल हैव उनकी पिक्चरें. इतनी बड़ी बॉक्स ऑफिस में हिट्स हुई है. मैं बॉक्स ऑफिस से हटा अगर हटा दूं. डायरेक्टर पॉइंट ऑफ व्यू से. रणवीर कपूर की एनिमल या रणवीर सिंह की. धुरंधर. दोनों अलग फिल्में दोनों फिल्में देखिए यू. कैन नॉट कंपेयर यू कैन कंपेयर एप्पल टू. ऑरेंजेस बोथ फिल्म आर वै डिफरेंट रणबीर. अगर मैं रणवीर कपूर की विदाउट सीइंग. धुरंदर इफ आई सी रणबीर रणवीर कपूर इन.
एनिमल तो मेरे लिए तो बाप रे बाप पीक था. था क्या बाप रे क्या फिल्म बनाई क्या. वर्ल्ड क्रिएट किया उसने कमाल का. परफॉर्मेंस ब्यूटीफुल सब अच्छा था लेकिन. अगर मैं एनिमल नहीं देखूं और धुरंधर देखूं. डायरेक्टली तो फिर धुरंधर डेफिनेटली मेरे. लिए ऐसे पिक्चर आप क्यों नहीं बनाते? आप. तो रामगोपाल वर्मा के साथ शुरू किया आपने. ₹3000 में काम करते थे उनके साथ।. करेक्ट है? रामगोपाल वर्मा इन सबके गुरु. जी रामगोपाल वर्मा. 100% अमन जी का तो बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन. है फिल्म. आदित्यधर से लेकर संदीप वांगा रेड्डी इनके. गुरु जी रामगोपाल वर्मा. करेक्ट. तो गुरु जी अभी भी आशीर्वाद देते रहते हैं.
सोशल मीडिया भरा पड़ा उनका. भरा पड़ा नहीं. एक तो मेरी उनसे बड़ी शिकायत है वो ऐसी. फिल्म क्यों नहीं बनाते. आपने रामू जी को बुलाया क्यों नहीं. पडकास्ट. मैं मिला नहीं उनसे मेरा. मैं बात करा दूंगा. मैं करूंगा उनका पडकास्ट यू हैव टू डू इट. फेवरेट डायरेक्टर्स. हां 100 बार अरे यार ही इज रामगोपाल वर्मा. जी जिस वक्त मसाला फिल्में बन रही थी. कमर्शियल सिनेमा बन रहा था रामगोपाल वर्मा. जी केम इन द फिल्म इंडस्ट्री एंड चेंज द. होल ग्रामर।. सर, मनोज वाजपेयी जैसे कलाकार ने यहीं. बैठकर कहा है कि हम जैसे लोग सर्वाइव कर. रहे हैं क्योंकि रामगोपाल वर्मा थे।. वरना हम जैसा कोई पूछने वाला नहीं था।. करेक्ट। आई एग्री विद आई कंप्लीटली एग्री।.
हमें हीरो बनाने वाले. रामू जी ने एक बात बताओ कि इंडस्ट्री में. एक ऐसा डायनामिक लाया था कि पूरा गेम चेंज. कर दिया था। जो भी रंगीला है, सत्य सत्य. है, सरकार है। माने ब्रिलियंट म कंपनी. कंपनी।. बहुत कमाल की फिल्में बनाई उसने। नो डाउट. अबाउट इट। एंड नॉट इन टर्म्स ऑफ़. परफॉर्मेंस इन टर्म्स ऑफ़ टेक्निक आल्सो. रामू जी वाज़ वैरी अहेड ऑफ़ टाइम्स इन. टेक्निक आल्सो बहुत ही अच्छी फिल्म आई एम. श्योर अभी नई फिल्म बना रहे सिंडिकेट और. बहुत ही उत्साहित थे वो मेरे को मिले थे. बीच में एंड आई एम श्योर इट्स गोइंग टू. वर्क. मतलब मुझे रामगोपाल वर्मा का वो लार्जर.
दैन लाइफ सिनेमा देखना है क्योंकि जब. आदित्य. उसकी भी लार्जर दैन लाइफ नहीं होती उसकी. भी वो रियलिस्टिक स्पेस होती हां बट वो. अलग दुनिया है जस्ट कंपनी थी वो है. अरे बहुत कमाल की फिल्म है. मैं अभी भी देखता हूं तो स्वैग अजय देवगन. का. अरे बाप रे बाप नो डाउट अबाउट इट नो नो. डाउट अबाउट. तो मधुर भंडारकर ने कभी नहीं सोचा कि. रामगोपाल वर्मा आदित्य धर या फिर इस टाइप. की फिल्म बनानी है संदीप वांगा रेड्डी. वाली. यार मेरे पास ना पेशेंस बहुत कम रहता है. मुझे लगता है स्क्रिप्ट अभी बनानी है अभी. बनाएगी एक्टर कब डेट देगा मेरे को पता. नहीं अभी फिल्म बनानी है आई टेक टाइम. लेकिन अगर कोई ऐसा सब्जेक्ट होगा जहां.
मेरे को लगेगा कि. बट आपको ये मजा तो आ रहा है ना देखो मैं. मैं आपके चेहरे के हावभाव पढ़ रहा हूं. बहुत मजा आता है यार सिनेमा यार मैं यार. मुझे अच्छा लगा तभी जाके मैं तीन-तीन बार. देख रहा हूं थिएटर में जाके मेरे को कुछ. लोग कहते हैं भी तू पागल हो गया है तू. बार-बार कितने पिक्चर देखेगा तू बार-बार. मैं बोला नहीं मेरे को तो देखनी है। मुझे. अलग-अलग थिएटर में जाके फील मैंने पुष्पा. भी तीन बार देखी है। पुष्पा पार्ट टू क्या. थी? बहुत कमाल की फिल्म थी। आई लव्ड इट। मुझे. तो बहुत अच्छी लगी थी। पुष्पा भी तीन. अलग-अलग थिएटर में जाके मैंने देखी. पिक्चर।. पिक्चर पुष्पा पुष्पा. कमाल कमाल आउटस्टैंडिंग. एंड अलू अर्जुन।.
बहुत कमाल की फिल्म थी। तो मुझे जो पिक्चर. अच्छी लगती है जरूरी नहीं मैं बनाऊं।. लेकिन मुझे अच्छी लगती है मैं जाके देखता. हूं भैया। मैं बहुत कमर्शियल इस मामले. में। मुझे ऐसा नहीं कि मैं रियलिस्टिक. बनाऊंगा तो मुझे नहीं यह पिक्चर मेरे टाइप. की नहीं है। नहीं मैं तो जाके देखूं। तो. आपको लगता है थिएटर का जो अब आकर्षण है वो. ऐसी फिल्मों को लेकर ही बचा है कि अगर आप. बनाते हो एनिमल. धुरंधर पुष्पा केजीएफ. केजीएफ या आरआरआर. आरआरआर या प्रभास की जो फिल्म आती है. तो इन्हीं सिनेमा को आप जाते हुए देखने. मेरे ख्याल से ना ये जो ये जो थिएटर में.
जाने का जो एक डिप आया है ना वो पोस्ट. कोविड आया है 2020 के बाद आया कि लोगों को. ऐसा लगा कि अभी यार थिएटर में कौन जाएगा. जब थिएटर बंद हो गया. मतलब मैं अपना परसेप्शन बताऊं मुझे लगा कि. तुम मुझे मुझे कचरा दिखा रहे हो।. मैं तुम्हारा कचरा वहां जाके नहीं. देखूंगा। मैं घर पे देख लूंगा। मेरे पास. समय नहीं है।. अगर तुम्हें मुझे थिएटर लाना है तो. तुम्हें मुझे रीज़ देना पड़ेगा कि तुम मुझे. ऐसा क्या दिखा रहे हो कि मैं देखने आऊं।. बिग टिकट बिग टिकट प्रोविंस बोलते हैं. उसको।. तो आई एग्री विद इट कि लोगों को ऐसा लगता. है कि बड़ी अच्छा लोगों के अभी कंटेंट. सिनेमा लोगों को ऐसा लगता है यार।.
अरे ये तो आ जाएगी। जैसे आपने कहा करेक्ट. है ये तो हर कोई मेरे को बोलता है। अरे. यार एक महीने के बाद आ जाएगी। मेरा. ड्राइवर भी मेरे को बोलेगा। मेरा वॉचमैन. भी बोलेगा। सर ये तो एक डेढ़ महीने के बाद. आ जाएगी ना ओटीटी पे। तो उनके दिमाग में. भी कहीं ये फिक्स है कि हम थिएटर में भी. क्यों जाएंगे? पैसा क्यों देखेंगे? अभी. धुरंधर आएगी, एनिमल आएगी, ऐसी टॉक्सिक. आएगी अभी।. तो लोग जाएंगे थिएटर में देखने के लिए। तो. ये बात आई एग्री विद यू कि एक तबका ऐसा आ. गया है जहां पे उनको लगता है भ हमसे जैसी. बड़ी पिक्चर आएगी बिग टिकट प्रॉमिस होता. है ना कि भाई ये कमाल की बड़ी फिल्म है।. वो चले ना चले बाद की बात है। लेकिन हम.
तभी जाएंगे पिक्चर देखने के लिए कि कमाल. की फिल्म है। ये वर्ल्ड अलग तुझने क्रिएट. किया। तू जा। ये 100% ये आया है जिसकी वजह. से थिएटर में भी थोड़ा सा डाउनफॉल आया है।. पिक्चरों को लेकर कंटेंट ड्रिवन सिनेमा को. लेकर भी डाउनफॉल आया है। तो लोगों को ऐसा. लग रहा है कि यार ये आ जाएगी एक महीने के. बाद ओटीटी में हम ओटीटी भी देख लेंगे। ऐसा. भी लोग करते हैं।. अच्छा जैसे धुरंधर आई. हम. अब इसमें एक थ्योरी मार्केट सोशल मीडिया. का भी आपने जिक्र किया।. धुरंधर की तारीफ साउथ सिनेमा ने की।. बॉलीवुड से नहीं आई।. लेकिन इसके साथ ही कई लोगों ने ये भी देखा. कि कई एक्टर्स के परिवार वालों ने भी.
तारीफ नहीं की। जिनमें से एक नाम बहुत. ज्यादा चला। मैं नाम नहीं लूंगा। हम. लेकिन बहुत चला। लेकिन एक्टर एक्टर जो है. उसकी लाइफ की सबसे बड़ी फिल्म है। लेकिन. परिवार ने एक भी पोस्ट नहीं किया। जबकि. दूसरे लोग जो है वो आपको पुश कर रहे हैं, प्रमोट कर रहे हैं। आपकी तारीफ कर रहे. हैं। तो लाइफ के बेस्ट मोमेंट पे मतलब ये. डायरेक्ट दिस दिस इज़ ट्रू पर्सन। मैं किसी. व्यक्ति के बारे में ऐसा बोल रहा हूं।. बॉलीवुड वाइफ्स बना रहना इसलिए मैं एक. एक्सटेंशन लेके पूछ ले रहा हूं। क्योंकि. आप बॉलीवुड वाइफ्स में ही हो। [हंसी].
मेरी बॉलीवुड वाइफ बहुत अलग है। धुरंदर से. पहले मैंने धुरंदर पार्ट टू आने से पहले. मैंने खत्म की थी।. हां ठीक है। ये हिस्सा नहीं है लेकिन एक. इनसिक्योरिटी वाला हिस्सा या आइडियोलॉजिकल. हिस्सा. पता नहीं ये मेरे को आई कैन नॉट से फॉर. समबडी जिसने बोला नहीं मैं कैसे बोल सकता. हूं। आई कैन नॉट से. बट जैसे आप दूसरे डायरेक्टर हो। मैं एक. पॉइंट ऑफ व्यू से समझ आप आपका धरंधर से. कोई लेना देना नहीं है। बट आपने इस. देखिए मुझे मुझे ना देखिए मैं बोलूं मैं. बहुत मुखर हो के बोलता हूं। निशा जी मेरी. ना एक आदत है। मुझे एनिमल अच्छी लगी थी।. बहुत लोगों ने मुझे गालियां दी थी फोन.
करके कि अरे तुमने क्या एनिमल की तारीफ कर. दी। मुझे अच्छी लगी थी तो मैंने कहा। मुझे. पुष्पा अच्छी लगी थी ट्रू तो मैंने कहा।. मैं देखिए भी देखने जाओगे।. 100% जाऊंगा। देखिए मैं एक चीज बोलूं मैं. मैं एक फिल्म मेकर हूं। मैं क्रिटिक नहीं. हूं। मुझे जो पिक्चर बहुत ही अच्छी लगती. है ना तभी मैं उसके बारे में ट्वीट करता. हूं या उसके बारे में बोलता हूं। मुझे. बहुत ही अच्छी लग रही है। मुझे ओपन हैमर. बहुत अच्छी लगी थी। मैंने दो बार थिएटर. में जाके देखी। मैंने बहुत तारीफ की. पिक्चर की। बहुत लोग जाके देख के बोला अरे. क्या यार वर्बोस की पिक्चर है तो क्या. अच्छा लगा पिक्चर में। लेकिन मुझे जो. पिक्चर अच्छी लगती है मैं उसके बारे में. बोलता हूं। मुझे धुरंधर बहुत अच्छी लगी।.
मैंने तारीफ की। मैंने फ्राइडे को जब. पिक्चर देखी थी फर्स्ट पार्ट की बात कर. रहा हूं। सैटरडे को मैंने लिखा तो बहुत. लोगों ने मेरे को फोन किया अरे क्या हुआ? तेरे को इतनी तारीफ की। लोग तो बोले लेंथी. पिक्चर है। जब तक वो पिक्चर का उभार आया. नहीं था। मंडे के बाद उभार आया था संडे. रात के बाद। लेकिन मुझे अच्छा लगता है अभी. वो पिक्चर चले ना चले। लेकिन मुझे अच्छा. लगा भाई मैंने तारीफ कर दी क्योंकि मैं. मैं ऐसा नहीं कि साल में 150 पिक्चर रिलीज़. होती है। मैं 100 की तारीफ करता हूं। मैं. नहीं करता। कुछ पिक्चर अच्छी लगती है मेरे. को समझ में कुछ पिक्चर हो सकता है बॉक्स. ऑफिस बहुत अच्छी जाएगी लेकिन मुझे पिक्चर. ओके लगी तो मैं नहीं करता हूं तारीफ.
क्योंकि मैं मेरा मैं क्रिटिक नहीं हूं. मैं मेरी मैं खुद भी फिल्में बनाता हूं ना. शायद मेरी पिक्चर कल किसी को पसंद नहीं. आवे आए तो मुझे जो अच्छा लगता है मैं उसकी. तारीफ करता हूं.
