25 Years of Gadar: Anil Sharma Reveals Untold Stories | Sunny Deol | Amrish Puri | Apne | Veer
आज बॉलीवुड के पास केजीएफ है, पुष्पा है, बाहुबली है, धुरंधर है, एनिमल है। लेकिन. क्या मैं ये कह सकता हूं कि इन सबकी ओजी. गदर है।. अली हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था।. जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा।. 10 करोड़ से ज्यादा का उसका फुटबॉल था।. इतना बड़ा फुटबॉल तो आज तक किसी फिल्म का. नहीं हुआ।. उड़ जा काले का तेरे मुंह विच [संगीत] खंड. पावा। हजार की थिएटर की सीटों पे दो2000.
लोग बैठते थे। पहली फिल्में जिसके 24 घंटे. सिनेमा चलते थे। लोगों ने टेंट लगा लिए थे. थिएटरों के बाहर। 12:00 बजे जो आदमी बाहर. आया शो से वो भी दोबारा चला गया।. बस एक नजर उसको देखा।. क्या ये सच है कि गदर में पहली कास्टिंग. जो होने वाली थी वो सनी देओल की जगह. गोविंदा की होने वाली थी। जी, यह बिल्कुल. गलतफहमीया है। यह बेमतलब फैलाई हुई बात. है। ये शायद गोविंदा जी ने कहीं कहा है।. अरे जिस वक्त मुझे अनिल शर्मा जी सुना रहे. थे ना वो फिल्म, [संगीत] उसमें इतनी सारी.
गालियां वालियां थी।. तो उन्होंने अपने मन में एक रीज़न बना ली. ना। हुआ क्या था? जो हीरोइन की पहली पसंद थी वो अमीषा पटेल. नहीं काजोल थी। काजोल भी थी। ऐश्वर्या. रायसी से भी बात हुई थी। बजट का भी. कंस्ट्रेंट था। फिर जी ने मुझसे कहा कि या. तो आप अमरीश पुरी ले लो या बड़ी हीरोइन ले. लो। तो मैंने कहा मैं अमरीश पुरी।. चुप कर हिंदुस्तान के बच्चे। इतने टुकड़े. करूंगा कि पहचाना नहीं जाएगा। तुम चाहो या. ना चाहो रहना अब तुम्हें पाकिस्तान में ही. है।. तेरी यह औकात कि मेरी बेटी के बदन को छुए।.
लेजेंड्री अमरीश पुरी शोम शोम्या. सनी देओल का गदर के बाद जो करियर थोड़ा. डाउनफॉल में गया। उसकी एक बड़ी वजह ये भी. थी कि उन्हें उनके पास अब अमरीश पुरी नहीं. थे। हर फिल्म में सनी देओल के पिता अमरीश. पुरी।. कौन सा कमरा मिला? नहीं मिला। [हंसी]. निकम्मे हो तुम लोग।. आप मेरी बात इसलिए नहीं मानते क्योंकि मैं. आपका सगा बेटा नहीं हूं ना।. खबरदार जो फिर से ऐसी बात कही तो. विलन अमरीश पुरी छोड़ दे सकीना को।. एक बार छोड़ कर देख लिया।. गिरी हुई. हुए वो लोग होते हैं जो अपने घर में बली.
हुई लड़की का बलात्कार करते हैं।. इस सबका जवाब कल अदालत में दूंगा।. और हां अगर अदालत में तूने कोई बदतमीज़ी. की, तो वही मानूंगा।. जी के बिना तो इंडस्ट्री आधी अधूरी हो गई।. प्रोगबो. 25 साल पहले जब गदर रिलीज हुई किसी ने कहा. था यार ये क्या बना रहे हो बकवास. गदर का तो इतने किस्से हैं आपको शुभाकर. बाबू क्या बताऊं मैं आपको गदर के 50. ट्रायल हुए थे पिक्चर बिक नहीं रही थी कोई.
कमाल का किस्सा सुनाता हूं उत्तम सिंह जी. ने एक धुन बनाई मुझे कुछ वर्डिंग्स के साथ. सुनाई मुझे वो धुन नहीं समझ आ रही थी. बक्शी साहब के पास मैं गया उत्तम जी गए. उन्होंने कहा एक मुखड़ा सुना रहा हूं और. तेरी सबसे आखिरी सिचुएशन पे सुना रहा हूं।. जब बच्चा सारंगी लेके गाता है और मां. बेहोश पड़ी हुई है। ओ घर आजा परदेसी जैसे. ही गाया मेरे को तो एकदम विजुअल दिख गया।. ओ घर आजा परदेसी. कि तेरी मेरी एक जिंदगी।. गदर टू उत्तम सिंह क्यों नहीं आए? मुझे कोई आज का संगीतकार चाहिए था क्योंकि.
आज की दुनिया के संग वो रिलेवेंट ज्यादा. हो सके।. मैं कर देता तो आज शकल कुछ और होती। लिखा. हुआ है म्यूजिक बाय उत्तम और बैकग्राउंड. म्यूजिक ओरिजिनल उठा के ऐसे लगा दी।. मुझे वो गाना बहुत अच्छा लगता था। मुसाफिर. अरे वो तो कमाल गाना. क्या गाना था. मुसाफिर जाने [संगीत][गाना गाने की आवाज़]. वाले. अरे एक मिनट में बना था गाना वो मैं बोला. सर ये सिचुएशन है बोला पंजाबी में हमारे. यहां कहावत है ना मुसाफिर जाने वाले नहीं. फिर आने वाले चलो [संगीत] करें एक दूसरे. को रब दे आवा. कमाल है [हंसी] गदर की जो कहानी थी कुबूल.
है. थोड़ी सी रियल लाइफ इंस्पायर्ड भी थी बूटा. सिंह. बूटा सिंह से हां थी. अच्छा बूटा सिंह वापस नहीं ला पाए थे. अपनी बच्ची के साथ वो कूद गए ट्रेन के. नीचे वो कट गए मगर बच्ची बच बटा सिंह की. कहानी में और लड़की ने रिफ्यूज कर दिया. था। क्या सच है कि तेरे साथ इसका ब्याह. हुआ था? [संगीत]. गदर मुश्किल थी अपने बनाना मुश्किल थी।.
अपनी एक ऐसी फिल्म है जिसने देओल परिवार. की इमेज बहुत स्ट्रांग कर दी। तीनों एक. दूसरे को सपोर्ट करते थे। सनी कहता था. बॉबी का रोल अच्छा करना, पापा का रोल. अच्छा करना। वो पापा कहते थे बॉबी का रोल. बहुत अच्छा करना। सनी तो संभाल लेगा। वो. जो गाना आपका था बाकी सब तो सपने हैं अपने. [गाना गाने की आवाज़]. अपने होते हैं।. तेरे संग लाड लगा ओ गदर के बाद कोई एक ऐसी. फिल्म जिस पर आपको बहुत भरोसा था कि. इतिहास रच देगी लेकिन वो चल नहीं पाई।. भाई अब तुम्हारे हवाले मत तुम साथियों।. अक्षय कुमार का लुक बड़ा जबरदस्त था।.
अक्षय कुमार वो जो आनंद. [नाक से की जाने वाली आवाज़] बक्शी का. स्टाइल लिया था मैंने अक्षय कुमार वो. पीटे।. हां।. मन में एक विचार आया कि इंडिया पाकिस्तान. दोनों को साथ में मिला के काम करते और. क्लाइमेक्स मैंने साथ में कर दिया दोनों. के बस वही गलती हो गई. आप ज्यादा सेुलर बन गए थे. हां थोड़ा हो गया था. वीर समय से पहले आ गई इस वजह से इतनी बड़ी. नहीं बन पाई क्योंकि उसमें भी सब था लड़ाई. झगड़ा एक्शन. वीर में जो हमने फादर एंड सन का. कॉन्फ्लिक्ट दिखा दिया ना क्लाइमेक्स में. वो लोगों को नहीं समझ आया. गदर 3 आ सकती है.
गदर 3 तो हमने ऑलरेडी टाइटल में लिखा हुआ. [संगीत] है कंटिन्यूड. अपने तो अपने होते हैं मुसाफिर जाने वाले. हाय हाय. मुसाफिर. उड़ जा काले कावा. उड़ जा काले कावा तेरे मुंह विच खंड पावा. आया मैं निकला घड़ी लेके. हो [हंसी]. आपने यहां फसा दिया मेरे को.
आज बॉलीवुड के पास केजीएफ है, पुष्पा है, बाहुबली है, आरआर है, धुरंधर है, एनिमल. है। लेकिन आज से दो दशक से भी पहले. हिंदुस्तान में एक फिल्म आई थी। एक ऐसी. फिल्म जिसके टिकट 10 करोड़ से ज्यादा. लोगों ने खरीदे थे। एक ऐसी फिल्म जिसको. ट्रक में, ट्रैक्टर, ट्रॉली में बैठकर लोग. गए थे देखने के लिए। और एक ऐसी फिल्म. जिसने बताया था कि पैन इंडिया फिल्म क्या.
होती है? वो फिल्म जिसको लेकर आज भी 90 या. उससे पहले के लोगों में एक खास अलग एहसास. है। आज उस डायरेक्टर से हम आपको मिलवाने. वाले हैं। इनके बारे में अगर आपको बताऊं. तो समझिए ऐसे कि जब पूरा बॉलीवुड एक्शन के. पीछे भाग रहा था तब इन्होंने रिश्तों और. परिवार को लेकर कहानियां बनाई। जब सबने यह. सोचा कि अर्बन सिनेमा का दौर आ गया। तब. इन्होंने गदर जैसी बड़ी फिल्म बनाई और. पूरे देश को एक कर दिया। जब सबको लगा कि.
सीक्वल नहीं चलेंगे तब 25 साल बाद फिर. बताया कि ना मैं टायर्ड हूं ना मैं. रिटायर्ड हूं। ये वो डायरेक्टर हैं. जिन्होंने भारत के गांव, कस्बे, छोटे शहर. और आम लोगों के नब्स को शायद सबसे पहले. समझ लिया था। अनिल शर्मा जी।. जी।. बहुत-बहुत स्वागत है आपका।. जी जी बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत ज्यादा बोल. दिया आपने। आपके बारे में कम बातें होती. हैं। मुझे लगता है कि आपको और ज्यादा. सेलिब्रेट किया जाना चाहिए। क्योंकि अगर. किसी डायरेक्टर के पास गदर या गदर टू जैसी. फिल्म होती तो शायद भारत के अखबार उसको.
राज कपूर, मनमोहन देसाई, राजमौली या संजय. लीला भंसाली की तरह सेलिब्रेट करते। लेकिन. जब मैं अपने ऑफिस में ही कह रहा था कि. अनिल शर्मा जी आने वाले हैं। कई लोग. Google करना पड़ा और मुझे बड़ी हैरानी हो. रही थी इस बात से कि गदर के डायरेक्टर को. लोग जानते नहीं है। अब पता नहीं मुझे तो. इतना मालूम है कि. मुझे लोगों के दिलों में तो मैं बहुत हूं।. जो ऑडियंसेस हैं। ऑडियंस तो मुझे बहुत. प्यार करती है। आज मैं 1980 में. श्रद्धांजलि से मैंने दाखिला लिया। आज एक.
45 साल के करीब हो गए और आज तक भी मैं. फिल्में बना पा रहा हूं और लोगों तक मेरी. फिल्में पहुंच रही हैं। तो मुझे लगता है. कि ये अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।. मेरी नहीं बल्कि उस ऑडियंस की जो मुझे. प्यार करती है। तो मुझे तो ऐसा लगता है कि. ठीक है मीडिया ने ना सेलिब्रेट किया हो।. ऑडियंस तो अपने दिलों में मुझे बहुत. सेलिब्रेट कर रही है।. आपकी फिल्मों को सेलिब्रेट किया गया।. लेकिन कहीं आपके दिल में शिकायत नहीं हुई. कि इंडस्ट्री ने अनिल शर्मा को उतना. सम्मान नहीं दिया जितना उनकी फिल्मों ने. सम्मान कमाया।. मन में कभी ख्याल तो आता है लेकिन मैंने.
कभी इसको उतना गहराई से देखा और सोचा भी. नहीं।. सच्ची बात बताऊं तो मैं तो अपने रास्ते पे. चलते ही रहा। मेरे तो एक फिल्म आई दूसरी. फिल्म के लिए मैं लग गया। मेरा सफर बस. इतना ही रहा कि एक फिल्म से दूसरी फिल्म. तक दिमाग में कभी सोचा ही नहीं। हां आज. मुझे बहुत सारे लोग आके बोलते हैं ये जो. आप बात बोल रहे हो। बहुत सारे मीडिया के. लोग, बहुत सारे लोग आज के लोग क्योंकि आज. मार्केटिंग की दुनिया है। आज मार्केटिंग. की दुनिया में शायद ये बात बहुत. इंपॉर्टेंट हो गई है कि आपको लोग कैसे ले.
रहे हैं। आपका आपके आपकी पहचान क्या है? आप हो क्या? आप कैसे हो? लोगों की नजर. में, मीडिया की नजर में। तो आज शायद लोग. इस तरह से बातें बहुत करते हैं। पहले कोई. नहीं करता था। 10 20 साल पहले कोई नहीं. करता था कि पिक्चरें देखी, पिक्चरें अच्छी. लगी। पिक्चरों में तालियां बजाई। लोग कहते. थे बहुत बढ़िया है। बहुत बढ़िया डायरेक्टर. है। बहुत बढ़िया सब कुछ है। मान सम्मान सब. मिलता था। मान सम्मान आज भी मिल रहा है।. लेकिन शायद जिस तरह की आप बात कर रहे हैं. शायद उस तरह से नहीं हो पाया हो। मैंने. कभी गौर नहीं किया। लेकिन आज उस तरह की. बातें मुझे बहुत बोल रहे हैं जो आप मुझे.
बोल रहे हैं।. नहीं लेकिन जैसे दो तरह की फिल्में सर आती. है। एक फिल्म आती है जो हीरो पर आधारित. होती है। एक फिल्म आती है जो डायरेक्टर पर. आधारित होती है। जैसे आज के दौर में अगर. हम राजमौली का नाम सुनते हैं या संदीप. वांगा रेड्डी की बात करते हैं। इम्तियाज़. अली की बात करते हैं। ऐसे ही अनिल शर्मा. की फिल्में भी अनिल शर्मा की तरह आई।. जी। अब उसमें अगर चेहरा नहीं आ रहा फिर. मेरे मन में सवाल आ रहा है। कभी आपने. विचार किया कि ऐसा क्यों हुआ? क्योंकि. आपने वीर उस जमाने में बनाई थी जब इतनी. बड़ी प्रोजेक्ट की फिल्म थी सलमान खान की।. अमिताभ बच्चन अक्षय कुमार को लेकर अब.
तुम्हारे हवाले वतन साथियों गोविंदा के. महाराजा की हम बात कर लें। धर्मेंद्र जी. को रीॉन्च आपने नहीं देखा।. थी मेरी पिक्चर।. धर्मेंद्र जी को आपने दोबारा से रीॉन्च. करके नंबर वन बनाया था उस दौर में। सनी. देओल ऑफ कोर्स हम सब जानते हैं और सनी. पाशा तो अनलिमिटेड फिल्में आपकी हैं। इतनी. सारी फिल्मों के बावजूद अगर यह सवाल आ रहा. है तो इसको लेकर कभी आपने विचार किया कि. ऐसा क्यों हुआ? नहीं मैंने कभी विचार नहीं किया। मैंने तो. एक फिल्म रिलीज हुई दूसरी फिल्म की कहानी. सोचने लगा। उससे ज्यादा मैंने अपने जीवन. में कभी विचार नहीं किया। आज आप बोल रहे. हो तो मैं सोचना शुरू करता हूं इस बारे.
में कि ऐसा ऐसा क्यों ऐसा क्यों आपके मन. में विचार आया या ऐसा किसी के मन में भी. कोई विचार क्यों है? तो इस पर चर्चा इस पे. सोचते हैं। इस पर चर्चा करते हैं और इसको. ठीक करना है तो ठीक करेंगे।. मैंने शुरुआत में कहा कि आज बॉलीवुड के. पास केजीएफ है, पुष्पा है, बाहुबली है, धुरंधर है, एनिमल है। लेकिन क्या मैं ये. कह सकता हूं कि इन सब की ओजी गदर है। 25. साल पहले जिसने बताया कि. देखिए पैन इंडिया क्या होती है? गदर तो गदर ही है। गदर एक प्रेम कथा तो. गदर एक प्रेम कथा ही है। और शायद 10 करोड़.
से ज्यादा का उसका फुटफॉल था। इतना बड़ा. फुटफॉल तो आज तक किसी फिल्म का नहीं हुआ।. ये ठीक है कि मुझे आदत नहीं है कि अपना. ढिंढोरा खुद पीटने की और शायद आज की. दुनिया ऐसी है कि वो ढिंढोरा खुद पीटना. चाहिए। जैसे धर्म जी भी कई दफे बोलते थे।. उन्होंने भी एक दफा बोला था 35 साल हो गए।. मुझे कोई अवार्ड नहीं मिला। मैंने कभी. अपनी टुनटुनी नहीं बजाई। ढिंढोरा नहीं. पीटा। तो मुझे भी ऐसा लगता है मैंने कभी. ढिंढोरा नहीं पीटा। लेकिन अब समय आ गया. शायद ढिंढोरा पीटना चाहिए।. मैं सर गदर पे आज मैंने क्योंकि गदर को 25. साल हो गए हैं। तो सारे फैंस की तरफ से हम.
आपको इसके लिए शुभकामनाएं भी देते हैं।. धन्यवाद। और गदर की इनसाइड स्टोरीज को. लेकर आज एक पूरा सेगमेंट रखा है मैंने।. लेकिन उसके पहले एक दो छोटे-छोटे सवाल. अनिल शर्मा जी से बताइए।. क्या कोई ऐसी फिल्म है जो आपने नहीं बनाई. और आपको अफसोस है? एक फिल्म थी गदर से पहले मैं एक. स्क्रिप्ट पे काम कर रहा था। अ वो. स्क्रिप्ट का नाम था कश्मीर। ये आज आपको. एक बात बताने जा रहा हूं मैं। तो वो फिल्म. मैं नहीं बना पाया। उसका मुझे थोड़ा सा.
अफसोस है। क्यों अफसोस है वो मैं बताना. चाहता हूं कि उस फिल्म में मैं दिलीप साहब. के साथ काम करना चाह रहा था और दिलीप साहब. को वो मैंने कहानी सुनाई थी। दिलीप साहब. ने जब कहानी सुनी मुझसे तो कहानी सुन के. उन्होंने पहली मीटिंग में मुझसे हां कहा. और परफॉर्मेंस करके मुझे अपने सीन दिखाने. लगे। जो मैंने जो सीन बता रहा था वो. परफॉर्म करके दिखा रहे थे। सामने उनके घर. की बात है और पंडितों के पलायन के ऊपर वो. सब्जेक्ट था और उसमें धर्म जी थे और दिलीप. साहब थे। ऐसा सेटअप मैं बना रहा था और वो.
मेरे बड़े दिल के करीब सेटअप था और यंग. लड़के की एक यंग लड़का भी होने वाला था।. शायद उन दिनों यंग अमीर खान आया था शायद. मैं उससे अप्रोच करता मैंने किया नहीं था. पर ऐसा मेरे मन में था। तो जब मैं कश्मीर. की कहानी बना रहा था तो कश्मीर की कहानी. बनाते वक्त क्या हुआ कि दिलीप साहब ने हां. कह दिया सब कुछ हां हो गया और उसके सेकंड. हाफ में मुझे एक प्लॉट चाहिए था कि कश्मीर. का लड़का सब प्लॉट चाहिए था और पीओके की. लड़की उस सब प्लॉट को ढूंढते-ढूंढते गदर.
का प्लॉट आ गया. और गदर का प्लॉट आ गया जिस क्षण में गदर. का प्लॉट आया मैं अपने कमरे में शक्तिमान. ने मुझे वो आईडिया दिया और मैं अपने कमरे. में ऐसे से घूमने लगा और घूमते-घूमते मुझे. लगा कि यार ये तो रामायण आ गई है। राम. सीता को लंका से लेने जा रहे हैं और लंका. तो पाकिस्तान से बेटर हो नहीं सकती। ये. फिल्म तो लोगों के दिलों में उतर जाएगी।. इससे बड़ी हिट कोई हो नहीं सकती। तो मैंने. डिसीजन लिया कि अब मेरा मन कश्मीर से हटके. गदर पे आ गया एज ए डायरेक्टर। जबकि वो. स्टार कास्ट बहुत बड़ी थी। आइकॉनिक स्टार.
कास्ट थी और हर डायरेक्टर की इच्छा होती. है कि दिलीप साहब के साथ काम करें और मेरी. तो बहुत ज्यादा थी। मैं यंग था उन दिनों. और मुझे ऐसा लगता था कि दिलीप साहब से. बड़ा स्टार कोई है नहीं, एक्टर कोई है. नहीं। तो वो अफसोस मेरे जीवन में रह गया।. आपने बोला ना जो जीवन में रह गया। तो फिर. मैं दिलीप साहब के पास गया। मैंने कहा सर. ऐसा ऐसा एक कहानी आई है और उस कहानी को. बनाने को मेरा मन है। अब मैं क्या करूं? दिलीप साहब ने बोला भाई एज ए डायरेक्टर जो. तुम्हारा मन है वो बनाओ। बाद में बना. लेंगे। लेकिन वो बात कभी आई नहीं। तो इसका.
मुझे बड़ा अफसोस है। उस फिल्म को मैं नहीं. बना पाया।. जो दिलीप साहब का गदर कनेक्शन था। दिलीप. साहब का ये गदर कलेक्शन था। जी. ओके गदर के बाद कोई एक ऐसी फिल्म जिस पर. आपको बहुत भरोसा था कि इतिहास रच देगी. लेकिन वो चल नहीं पाई। वो पिक्चर थी जो. उतनी सफल नहीं हो पाई। अब तुम्हारे हवाले. वतन साथियों वो अब तुम्हारे हवाले वतन. साथियों में क्या हुआ था कि अगर अब. तुम्हारे हवाले वतन साथियों की कथा मैं. आपको एक लाइन में सुनाऊं. तो आज आप बोलोगे कि पिक्चर सुपरहिट है कि. अगर मैं ये कहूं कि हिंदुस्तान में अमरनाथ.
यात्रा हो रही है और पाकिस्तान बोलता है. मैं अमरनाथ यात्रा नहीं करने दूंगा और. भारत की फौज उस यात्रा को करवाती है तो ये. थॉट तो आज भी हिट है कल भी हिट था हमेशा. ही हिट रहेगा यह फ्लॉप हो नहीं सकता लेकिन. वो पिक्चर इतनी बड़ी स्टार कास्ट के बाद. भी वह नहीं हो पाई जो होनी चाहिए थी| तो. उसका रीज़न इतना ही था कि मैंने माहौल बदल. रहे थे, चीजें बदल रही थी कि मन में एक. विचार आया कि वाई इंडिया पाकिस्तान साथ. दोनों को साथ में मिला के काम करते हैं और. क्लाइमेक्स मैंने साथ में कर दिया दोनों.
के कि अमरनाथ यात्रा को रोकने के लिए. पाकिस्तान के आर्मी भी आ जाती है। वो भी. हेल्प करती है टेररिस्टों से बचाने के. लिए। बस वही गलती हो गई। क्योंकि भारत ऐसा. नहीं सोचता और ये सत्य भी नहीं है। ऐसा. होता भी नहीं है। कहां पाकिस्तान. ज्यादा सेुलर बन गए थे। थोड़ा हो गया था. हो जाता है कभी-कभी मन है बदल जाती है. चीजें. उस दौर के माहौल के हिसाब से. उस दौर का माहौल ऐसा हो रहा था और बहुतों. का लोग कहते थे यार आप तो यार इतना. जिंगोस्टिक फिल्म बना रहे हो इतना एक. बैशिंग करते जबकि गदर में कोई वैशिंग थी.
नहीं फिर भी लोग कहते थे तो आदमी का कहीं. मन तो बदलता है यार हम कोई बैशिंगवशिंग. नहीं करते कुछ नहीं करते हम सेकुलर भी. बहुत हैं अंदर से मैं तो चाहता हूं हिंदू. मुसलमान सारी दुनिया संग साथ रहे प्यार. मोहब्बत से दुनिया रहे गदर का संदेशा भी. यही था कि नफरत के माहौल में मोहब्बत कैसे. खिले? यही संदेशा था। दुनिया मोहब्बत से. चलती है। तो हमने सोचा चलो यहां भी ऐसे ही. कुछ करते हैं। दोनों को साथ मिलके यात्रा. को रुकवाते हैं। उसमें हमारी यात्रा रुक. गई। [हंसी]. हालांकि कमाल की फिल्म थी। मतलब उसमें अगर.
कुछ सीन्स को अगर ज़हन में रखूं मैं तो. मुझे लगता है कि फिल्म का प्लॉट अच्छा था, टाइटल अच्छा था, गाने बड़े जबरदस्त थे।. अक्षय कुमार का लुक बड़ा जबरदस्त था।. बहुत अक्षय कुमार वो जो. कमाल था।. शायरियां बड़ी जबरदस्त थी।. जबरदस्त मुझे शेरो शायरी का बड़ा शौक है।. तो उस फिल्म से मैंने बड़ी शायरी उठाई थी।. बड़ी हमने शायरी कहां आसमानों से कह दो कि. अगर हमारे अन पकड़नी है तो वक्त आ गया. अपने कद को और ऊंचा कर. अपना कद ऊंचा कर लो। हां. हां अक्षय कुमार वास फैंटास्टिक. फैंटास्टिक। अब सर गदर पर आते हैं।.
जी. गदर सनी देओल के जीवन में बहुत बड़ी फिल्म. है।. बहुत बड़ी फिल्म है। उनकी लाइफ की शायद. सबसे बड़ी फिल्म है। लेकिन कई बार मुझे. लगता है कि आपकी जिंदगी जो है वो भी गदर. की तरह है।. जैसे तारा सिंह हार नहीं मानता ऐसे आप भी. लग रहा है हार नहीं मान रहे हैं।. उतार-चढ़ाव, डाउनफॉल, आलोचना, वापसी मुझे. देखिए क्या है। मैंने मैंने कभी आलोचना, हार और जीत कभी सोचा ही नहीं। मैं मथुरा. के छोटे से शहर का रहने वाला। मथुरा से. मुंबई तक का सफर हो गया और मुझे तो सिर्फ.
चलना ही आया है। मैंने कभी सोचा नहीं कि. हार रहा हूं कि जीत रहा हूं। यह प्रश्न ही. मेरे मन में आज तक नहीं आया। लोग कहते हैं. कि आप हारे भी, जीते भी। पर मुझे लगा ही. नहीं कि मैं कब हारा और कब जीता। मैं तो. चल रहा हूं। रास्ते में चलते हुए जब आप. चलते चले जाते हैं शुभांकर जी तो कभी कभी. आपके पांव लड़खड़ाते भी हैं। कभी. टेढ़े-मेढ़े मोड़ भी आ जाते हैं। कभी. रास्ते में पत्थर भी आ जाता है। उस कभी. कोई टेढ़ा-मेढ़ा आ जाता है। उस पर भी उठ. के उतर के आप चले जाते। पर मुझे उससे कोई. फर्क नहीं पड़ा। मैं चल रहा हूं और चलते.
चला जा रहा हूं। चलते चलते चलते चलते आज. यहां तक पहुंच गया हूं। अब अगली फिल्मों. के सफर पे जा रहा हूं। तो मुझे कोई फर्क. नहीं पड़ता क्या अच्छा और क्या बुरा। मुझे. इतना मालूम है कि मुझे सिर्फ चलना आता है. और मैं चल रहा हूं।. मैं कुछ सवाल पूछूंगा जिससे जनता को फर्क. पड़ेगा।. क्या ये सच है कि गदर में पहली कास्टिंग. जो होने वाली थी वो सनी देओल की जगह. गोविंदा की होने वाली थी। जी, यह बिल्कुल. गलतफहमियां हैं। यह बेमतलब फैलाई हुई बात. है। ऐसा कुछ नहीं है। गोविंदा जी मेरे. बड़े प्रिय एक्टर हैं और उन दिनों में.
गोविंदा जी के साथ महाराजा करके चुका था।. ये शायद गोविंदा जी ने कहीं कहा है। गदर. में उनको भी ऑफर दिया गया।. उनको कुछ गलतफहमी हो गई। इसीलिए मैं इस. बात को आज यहां थोड़ा क्लियर कर देना. चाहता हूं। हुआ क्या था कि मैं सनी देओल. के सिवा कभी भी गदर के लिए कोई एक्टर सोचा. ही नहीं था। जिस दिन ये कहानी सोची थी. मुझे लगा था सिर्फ सनी देओल ही है। मेरे. दिमाग में दो ही कलाकार थे। या तो यंग डेज. का धर्मेंद्र या या सनी देओल। उस जमाने. में 90ज की बात है 90ज के एंड की बात है।.
तो यंग धर्मेंद्र तो मुझे मिल नहीं सकते. थे। यंग धर्मेंद्र मैं हमेशा इसलिए सोचता. था कि सरदार वाला, कॉमेडी वाला, कॉलेज. वाला अगर कररेक्टर होगा धर्म जी बहुत. हिलेरियस कर देंगे। फिर मेरे दिमाग में उन. दिनों तो ऑप्शन सिर्फ सनी सर ही थे। तो. सनी देओल साहब को और सनी देओल साहब के. अंदर बहुत ह्यूमर है। तो मुझे लगा था कि. वो बहुत अपने लोगों के साथ बहुत ह्यूमरस. होते आते हैं। पब्लिकली बिल्कुल नहीं है।. तो मैंने कहा वो ह्यूमर को बहुत अच्छा. कैरी कर लेंगे। बाकी पावरफुल किरदार को तो. ले ही जाएंगे। तो मेरे दिमाग में इकलौता. सनी डेल था। कोई दूसरा एक्टर था ही नहीं. कभी। हुआ क्या था कि मैं एक दफे गोविंदा.
जी से मिलने गया जब महाराजा के दौरान. शूटिंग उनके साथ काम कर ही रहा था तो. मुझसे पूछा अब आगे क्या कर रहे हो? तो. मैंने कहा ऐसे-से कहानी कर रहा हूं और. आईडिया सुनाया और सनी सर के संग कर रहा. हूं। तो शायद उन्होंने वो बात नहीं सुनी।. सनी सर के संग कर रहा हूं। उनको लगा एक्टर. को क्या लगता है जब आप उसको आईडिया सुनाते. हो तो उसको लगता है वो आईडिया आप उसी के. लिए उनको सुना रहे हो। और मैं ऑलरेडी उनके. साथ पिक्चर. लेकिन उन्होंने बकायदा रीज़ंस दिए। क्यों? क्यों रिजेक्ट की उन्होंने?
हां। तो उन्होंने अपने मन में एक रीज़न बना. ली। मुझे उस वक्त बोला भी अरे अरे इसमें. तो बहुत हिंदुस्तान पाकिस्तान है। मैंने. कहा हां सर है हिंदुस्तान पाकिस्तान. [गला साफ़ करने की आवाज़] है। पर मैंने. कभी भी उनको जो आईडिया हल्का सा था सुनाया. भी था तो इसलिए नहीं सुनाया था कि पिक्चर. आप करो। पिक्चर तो ऑलरेडी तब जब मैं उनको. सुना रहा था आईडिया तब तक ऑलरेडी संल साइन. थे। सडल वो पिक्चर कर चुके थे। हां कर. चुके थे। लेटर साइन हो चुका था। मैंने तो. सिर्फ एक आईडिया सुनाया जैसे कि भाई पूछता. है एक्टर कि आप क्या कर रहे हो? आप कहीं. भी जाते हो तो कोई एक्टर पूछता ही है ना. आपसे। सलमान से भी हम मिलते हैं तो वो.
हमसे पूछता है और शर्मा जी अभी और क्या. पिक्चर कर रहे हो? तो बता दिया आईडिया।. कोई और एक्टर है जो सनी देओल के अलावा अगर. हम इमेजिन करें कि सनी देओल नहीं है। हम. इमेजिन करते हैं सिर्फ एक हाइपोथेटिकल. बिकॉज़ गदर में सनी देओल के अलावा कोई. इमेजिन होता नहीं है। कौन ऐसा एक्टर है जो. सनी पाजी के रोल के आसपास ही पहुंच पाता? ओ बहुत ही मुश्किल था। उस जमाने में यह. कहना बहुत ही मुश्किल था। ऐसा कोई नहीं. था। यंग धर्मेंद्र था या यंग अमिताभ बच्चन. था। कोई और यंग दिलीप कुमार था। ऐसे ही.
लोग कर सकते थे। कोई नहीं कर सकता।. ओके तेरे नाम वाला सलमान भी अगर. तेरे नाम वाला. उस दौर का सलमान पूरा सलमान नहीं बट आई. थिंक तेरे नाम के आसपास सलमान आया है. सलमान हो सकता था तेरे नाम वाला नहीं और. आगे वाला. हां मतलब उसी इसी एरा के आसपास. आगे वाला हो सकता था. थोड़े वो मस्कुलर ज्यादा हो गया. पावरफुल जब थोड़ा मस्कुलर हो गए थे तब कर. सकते थे लेकिन उस जमाने में तो वो थे ही. नहीं ना. हां उस जमाने में तो जुड़वा वाले थे. हां उस जमाने में थे नहीं ना सोचा ही नहीं. जा सकता था तो. गोविंदा को आपने कभी इमेजिन नहीं किया.
कभी इमेजिन नहीं बिकॉज़ गोविंदा को आपने जो. महाराजा भी दी थी उस टाइप के रोल में भी. किसी ने गोविंदा को मैच. को जब हमने दिया था महाराजा तो मैंने ये. सोच के दी थी दिलीप कुमार और धर्मेंद्र का. एक कॉम्बिनेशन दिमाग में था वही सोच के. उन्होंने परफॉर्म भी किया पूरी परफॉर्मेंस. देख लो लेकिन इस पिक्चर के लिए वो कभी भी. अ राइट नहीं थे और सनी डओल था सनी डओल के. होते हुए तो बिल्कुल राइट नहीं थे अगर सनी. डओल साहब नहीं होते तो आप एक सेकंड को सोच. भी लेते फिर भी वो बड़ा डिफिकल्ट था. गोविंदा की इमेज के लिए उस कररेक्टर को.
लाना बड़ा मुश्किल था. महाराजा में भी उनकी इमेज से हम बाहर गए. थे तो वो थोड़ा डिफिकल्ट था।. हां मतलब फर्स्ट हाफ तो था। सेकंड हाफ तो. बिल्कुल. हां वो थोड़ा. सनी पाजी वाला ही था पूरा. थोड़ा डिफिकल्ट था। गदर ने क्या बदला आपकी. लाइफ में यार गदर थोड़ा उस टाइम का. ऑस्ट्रेलिया बताइए ना 25 साल पहले जब गदर. रिलीज हुई किसी ने कहा था यार क्या बना. रहे हो बकवास. नहीं चलेगी [हंसी] गदर का तो इतने किस्से. हैं आपको शुभाकर बाबू क्या बताऊं मैं आपको. अ गदर के 50 ट्रायल हुए थे.
ओके. पिक्चर बिक नहीं रही थी. ट्रायल होते थे पिक्चर लोग देखते थे और. पिक्चर गदर का किस्सा आपको कोई कमाल का. किस्सा सुनाता हूं।. एक डिस्ट्रीब्यूटर साहब थे। मेरे बड़े. मित्र थे और इंदौर के थे और वो उन्होंने. सबसे पहले गदर जिस दिन शुरू हो रही थी उस. दिन उन्होंने गदर खरीद ली। इंदौर के लिए ₹. लाख दे दिया।.
गदर का गदर कंप्लीट हुई। उसके बाद. उन्होंने कोई पैसे दिए नहीं। तो जी ने कहा. भाई चलो आपका दोस्त है जब चाहे दे दे कोई. दिक्कत नहीं है।. पिक्चर कंप्लीट हुई।. पिक्चर का पहला ट्रायल हो रहा था डिंपल. में। तो जी मुझसे बोल रहा था भाई जिसने. खरीदी है क्योंकि दूसरी जगह से कहीं से. गदर का कोई भाव आ नहीं रहा था। सबको लग. रहा था यार ये धूल धक्कड़ वाली फिल्म है।. ये कहां आजकल सब आजकल सब स्विट्जरलैंड में.
फिल्में बनती हैं। मॉडर्न फिल्में बनती. है। उस जमाने में ये पीरियड की फिल्म कैसे. चलेगी? लोगों को ऐसा लगता था। लोगों को यह. भी था पार्टीशन पे फिल्म कहां बनेगी? चलती. नहीं है। ऐसा कुछ सबके दिमाग में था। तो. मैंने. पहला ट्रायल था तो पहला ट्रायल हुआ डिंपल. में तो रात को 9:00 बजे का ट्रायल था। तो. मैंने कहा आप आके पिक्चर देखो आपके लिए. ट्रायल रख देते हैं और इतना प्राइस मांग. रहा है जी उतने से कम में जी देगा नहीं।. तो वो 100 लोगों को ले अभी रश प्रिंट का.
ट्रायल है। अभी फॉरेन प्रिंट नहीं आया है।. रश प्रिंट है।. अभी मिक्सिंग मिक्सिंग बैकग्राउंड ये सब. होना बाकी है। डायलॉग की डबिंग भी बाकी. है। पहले बिना डायलॉग की डबिंग के हम लोग. ट्रायल दिखा देते थे। रश प्रिंट का उसको. रश प्रिंट का ट्रायल बोलते थे। और. डिस्ट्रीब्यूटर इतने समझदार होते थे समझ. जाते थे। सर 100 लोग आए पे ट्रायल देखने।. कम से कम 2030 औरतें थी।. 9:00 बजे का ट्रायल था और उन्होंने अपना. खाना पीना दारू वारू सब ले आते हैं। सब.
अपना था दुनिया उनकी 2:30 बजे ट्रायल खत्म. हुआ। बीच में एक घंटे का इंटरवल कर डाला।. मैं तो वापस आ गया। मैंने कहा मुझे भाई. खबर दे देना क्या है? 12 साल इंटरवल पर. वापस आ गया। 2:30 बजे मैं तो जाग रहा था. घर में। मैं सोचा लड़के का फोन आया।. ट्रायल खत्म हो गया। मैंने कहा कुछ बोला. इन्होंने? बोले कुछ बोला ही नहीं। सब चले. गए। मैं बड़ा हैरान।. मैंने कहा यार ऐसा कैसे कुछ नहीं बोला और. बात हो गई थी उस दूसरे दिन तुम लंच पर आना. 1:30 बजे हम लंच करेंगे आपके साथ घर पर और.
जो भी फैसला करेंगे पिक्चर का साहब मैं. फोन नहीं करूं पार्टी को क्या अपने आप ही. फोन करें मेरे को जनरल होता है भाई पता तो. लगे क्या रिस्पांस है मुझे लगा 10:30 बजे. 11:00 फोन आ जाएगा पिक्चर कमाल है पिक्चर. एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी है 1:30 बज गया 2:00. बज गया 2:30 बज गया 3:00 बज गया बंदे का. फोन नहीं आया कि पिक्चर कैसी है 100 लोगों. ने पिक्चर देखी देखी है।. जी से मेरे को फोन आ रहे हैं। भाई 100. लोगों ने कल पिक्चर देखी। क्या रिपोर्ट है. पिक्चर की?
सवा5 बजे मैंने खुद अपने पास से फोन. लगाया। रुक नहीं पाया कि भाई साहब आप आए. नहीं। तो अरे बोले मैं अभी बहुत लेट सो के. उठा। ये वो कैसी लगी पिक्चर? बोले आ के. बताता हूं मेरा। मैंने कहा यार घर में. बीवी को बोला। मैंने कहा बीवी टेंशन में आ. गई। मैंने कहा बेवकूफ है बहुत बढ़िया. पिक्चर है। कुछ गड़बड़ नहीं है पिक्चर. में। अरे पता नहीं क्या है घर में तो. फैमिली में तो होगा ही होगा और वाइफ वाइफ. भी टेंशन में बैठी हुई है हो क्या रहा है. पिक्चर का तो बोले कुछ नहीं है तो तो आया.
मैंने कहा यार खाने पे इंतजार करता रहो. सॉरी सॉरी मैं तो यार तुम खाना नहीं खाया. बोले अब आप खाना खा लो मैं आता हूं मैं खा. चुका हूं तो फाइनली 4:30 बजे बंदा आया 4. बजे भी नहीं आया और आधा पौना घंटा लेट ही. आया तो मैं बोला कैसी लगी पिक्चर. मैंने कहा पिक्चर ठीक नहीं लगी बोले बोले. 100 लोग थे। बोले किसी को ठीक नहीं लगी।. लेडीज थी किसी को ठीक कोई बोले क्या आपने. शर्मा जी पिक्चर बना दी। तारा सिंह. पाकिस्तान जा रहा है और सारंगी लेके जा.
रहा है।. अरे बंदूक लेके जाता ना AK-47 लेके सब कोई. शूट करता। क्या पिक्चर है? कौन देखेगा ये. पिक्चर? गाने तो समझ ही नहीं आ रहे। आजकल मॉडर्न. टाइम है। लोग स्विट्जरलैंड में फिल्में. बना रहे हैं। आप धूल धक्कड़ में फिल्म बना. रहे हो।. भाई आपका मेरा रिश्ता है। मैंने पैसे दिए. थे। मैं जो जी बोल रहा है उसके आधे प्राइस. में पिक्चर ले सकता हूं। नहीं तो मेरे.
पैसे वापस करा देना किसी दूसरे को बेच के।. मैं पिक्चर छोड़ रहा हूं।. पिक्चर छोड़ के चला गया।. पिक्चर छोड़ के चले जाने का मतलब है कि. नहीं समझ आई। पहला बायर।. उसके बाद लोगों ने पिक्चर देखी। पुलिस को. हिंदी में डब तो करवा लो।. पंजाबी पिक्चर लग रही है। 50 ट्रायल हुए. पिक्चर। उन दिनों पिक्चर जी. डिस्ट्रीब्यूटर नहीं होता था। उन दिनों. पिक्चर टेरिटरी वाइज बिका करती थी। पिक्चर.
बिक नहीं रही थी।. ऐसे ही मेरी एक और पिक्चर थी। जिसके 100. ट्रायल हुए नहीं बिकी। वो थी हुकूमत।. तो यह मूड़ों की दुनिया है। इसका क्या. करें? इसका क्या करें? तो समझे ना इसका क्या? और. एक और किस्सा. थर्सडे को पिक्चर रिलीज हुई।. फ्राइडे को रिलीज हुई। थर्सडे को उड़ीसा. उड़ीसा बहुत सारी जगह रिलीज होती थी.
पिक्चर। तो मैं अहमदाबाद से आया था।. अहमदाबाद में शो था। थर्सडे अर्ली. मॉर्निंग वापस पहुंचा। थर्सडे शाम को. प्रीमियर था। 9:30 बजे हॉल के आके मैं उस. हॉल में सोफे पे ही सो गया। तो बड़े फोन. होता था। घंटी बजी टलिंग टिंग टलिंग 9:30. बजे फोन आया वाइफ ने फोन दिया बोले किसी. थिएटर वाले का फोन है उड़ीसा से मैंने फोन. ले लिया मैंने कहा क्या हुआ मैंने मुझे. अच्छा हां पिक्चर रिलीज हो गई होगी 9:30. बजे का शो था वहां पे पिक्चर रिलीज हो गई. 7 8 बजे का शो होगा और वो बोल रहा अरे अरे.
आपने क्या पिक्चर बनाई है क्या कर दिया है. क्यों कर दिया है क्या कर दिया मैंने कहा. हुआ क्या अरे बोले मैं मैं मर जाऊंगा मेरा. थिएटर टूट जाएगा मैं पागल हो गया हूं ये. मैंने कहा हुआ क्या बोले 300 3000 आदमी. थिएटर के बाहर है 2000 आदमी आदमी थिएटर के. अंदर है। मैंने कहा हुआ क्या? यह तो बता. तो। बोले हुआ क्या? ऐसे ही पिक्चर बना दी. है। लोग पागल हो गए हैं। लोग पैसे फेंक. रहे हैं। लोग ये हो गया है। मैंने कहा और. मोबाइल पे फोन करके लोगों ने बना दिया।. मैं कहां 3000 लोगों को अगले कम करूंगा? मैंने कहा मैंने कहा भाई हुआ क्या? बोले. पिक्चर इतनी कमाल है कि पागल हो गए हैं.
यहां पे सब लोग। अब एक-एक शो में चार-चार. हजार आदमी बिठाने पड़ेंगे। कैसे बिठाएं? इंदौर फ़ोन नहीं लगाया आपने फिर।. इंदौर फोन नहीं लगाया? मैंने कहीं नहीं लगाया। बाद में तो उस. बेचारे का ही फोन आया। बाद में बेचारा. वहां नहीं बंदा। बाद में उसका फोन आया।. अरे मुझसे बहुत गलती हो गई। मुझे तो पसंद. आई लेकिन मेरे को सब लोगों ने गुमराह कर. दिया।. अब आदमी को गुमराह कर देते हैं लोग। अब वो. सब दारू पी रहे थे, खाने खा रहे थे, हंसीज़ाक कर रहे होंगे। उन्होंने कहां. पिक्चर देखनी थी और रश प्रिंट देखा था।.
साउंड डायलॉग सुनाई नहीं दे रहे होंगे। तो. आ गया रिएक्शन उनका ऐसा।. बट काफी आर्थिक नुकसान हुआ होगा उनको। हां. उनको बहुत ही ज्यादा बहुत ज्यादा बहुत ही. मतलब वो तो सोचिए क्या हुआ होगा और ऐसेसे. किस्से हुए हैं गदर के क्या बोलूं मैं. आपको. तो. फिर हमने और सनी साहब को मैंने बोला था कि. भ पिक्चर बहुत बड़ी हिट होगी ब्लॉकबस्टर. होगा ना वो दारू पीते ना मैं पीता बोले.
अगर हिट हुई तो हम दोनों एक-एक पैग. लगाएंगे [नाक से की जाने वाली आवाज़]. तो फिर प्रीमियर हुआ उसी रात थर्सडे की. रात को ताज में पार्टी थी तो मैंने कहा सर. आज एक-एक पैग हो जाए आधा तो एक घूंट. उन्होंने लिया एक घूंट हमने लिया दोनों ने. चेयर्स किया ये गदर का सबसे बड़ा मूवमेंट. था [हंसी]. हुकूमत के जरिए आपने धर्मेंद्र जी को. दोबारा एस्टैब्लिश किया था. अरे धर्म जी तो एस्टैब्लिश थे ये लोग कहते. मैंने कोई एस्टैब्लिश नहीं किया धर्मेंद्र. धर्मेंद्र था. एक होता है ना के साथ डाउनफॉल आना शुरू.
होता है जैसे गदर टू ने दोबारा सनी पाजी. कोस्टैब्लिश किया. ठीक है पर धर्मेंद्र धर्मेंद्र था सनी सनी. था वो ठीक है मानक बन जाता है कोई कहानी आ. जाती है हम उनके के फैन थे इसीलिए तो काम. धर्मेंद्र जी को ले लोग इतने पागल क्यों. हैं? मेरे को थोड़ा बताओ ना आप आप क्योंकि. आप भी धर्मेंद्र फैन लग रहे हो मुझे।. मैं हूं ही धर्मेंद्र मेरे नाना जी बहुत. बड़े फैन है। मेरे खानदान में जितने भी. पुरानी पीढ़ी के लोग हैं सब बड़े तगड़े. वाले फैन हैं। वो कहते हैं उनसे सुंदर कोई. इंसान नहीं था। अमिताभ बच्चन भी कई बार. कहते हैं ये धर्मेंद्र में ऐसा क्या था कि. सब उनके दीवाने हैं। धर्मेंद्र की आत्मा. बहुत अच्छी थी। इंसान बहुत अच्छे थे। धर्म.
जी को पता ही नहीं था वो कितने बड़े आदमी. हैं। धर्म जी इतने बड़े स्टार थे कि मैं. हुकूमत में शूटिंग करता था। 50-50 आदमी. नैनीताल में आ जाते थे। चारों तरफ चारों. तरफ और उनकी गाड़ी भी नहीं मुड़ पाती थी।. वो वहीं बैठ के बस स्टॉप पे की मुड़गेली. पे बैठ के वहीं बैठ के खाना खा लेते थे. पब्लिक के बीच में। उनमें स्टार वाली कोई. बात ही नहीं थी। वो हमेशा उनको लगा ही. नहीं वो कभी स्टार है। उनको हमेशा ऐसा. लगता था कि वो आम आदमी है। अभी भी सानेवाल. से आए हैं और वैसे ही हैं। कभी फील ही.
नहीं हुआ उनको। उनकी सबसे बड़ा गुण ये था।. वो हमेशा उनके अंदर था। वो कोई भी आ जाएगा. उससे ऐसे बिहेव करेंगे और जैसे कि कोई एक. गरीब आदमी कोई एक गांव का आदमी. किसी पढ़े लिखे बड़े आदमी से कैसे बिहेव. करता है वैसे ही बिहेव करेंगे।. बड़े आदमी थे।. बड़े आदमी थे।. बहुत बड़े दिल के बहुत बड़े थे। और मतलब. वो ऐसे थे कि अगर पब्लिक आ जाती थी तो वो.
शूटिंग छोड़ के पब्लिक से मिलने चले जाते. वो कहते थे उनको मतलब वो वो सबसे हाथ. मिलाते थे सबसे थे आदमी. नहीं तो कोई एोगेंस ही नहीं था उनमें. कमाल है. तो ये ये ये मैं कई बार उनको बोलता था कि. सर आपको पता है आप कौन हो धर्मेंद्र है वो. उनको लगता ही नहीं था वो धर्मेंद्र उनको. लगता ही नहीं था वो स्टार है सबसे बड़ी. बात ये है. उनको यही लगता था कि मैं अभी साहवाल से. आया हूं अभी आया हूं वो हमेशा कहते हैं कि.
जब उन्होंने सबसे पहले फिएट बॉम्बे आए तो. सबसे पहले गाड़ी खरीद ली फिएट धर्म जी का. स्टेटमेंट है तो बोले फिएट क्यों खरीदी. बोले आज पैसे आ गए हैं फट खरीद ली कल काम. नहीं मिला तो इसको टैक्सी बना के मैं चला. लूंगा अपनी रोटी तो कमा लूंगा अपने. मां-बाप को तो पाल लूंगा. [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐसा उनका. माइंडसेट था किसान थे बेसिकली जहां जाते. थे बस वहां जमीन खरीद लेते थे जमीन का.
उनको था बाद में बाद के जीवन में देखो. पूरा खंडाल में ही रहते थे। लोनावाला में. ही वही करते रहते थे। वो अपने वर्करों के. साथ बैठ जाते थे। करते थे। उनके साथ खा. लेते थे। पी लेते थे। उनको ऐसा लगता था. उनके गांव के ही लोग हैं वो सब।. गदर जब धर्मेंद्र पाजी ने देखी होगी। क्या. रिएक्शन था उनका उस जमाने में? बहुत अच्छा रिएक्शन था धर्म जी का। बहुत. बढ़िया धर्म जी को। धर्म जी बहुत आंसू. बहाए धर्म जी ने और. गदर का एक रिएक्शन मैं आपको सुनाना चाहता.
हूं।. मैं मैंने बी आर चोपड़ा साहब के साथ काम. किया था। उनका असिस्टेंट था मैं।. बी आर चोपड़ा जिन्होंने महाभारत बनाई।. महाभारत बनाई। मैंने उनके साथ पति पत्नी. वो से जिंदगी शुरू की थी। 77 अक्टूबर में. मैं शायद 17 18 साल का था। तब मैं उनका. असिस्टेंट बना था। तो. पतिपत्नी वो मर्निंग ट्रेन और इंसाफ का. तराजू इंसाफ का तराजू आदि छोड़ दी थी। में. मैं असिस्टेंट था।.
तो गदर का ट्रायल हुआ। उन्होंने बीआर. थिएटर में गदर के लिए बुलवाया। गदर का. फाइनल प्रिंट आ गया था। रिलीज होने जा रही. थी। एक-द दिन में रिलीज थी। तो पूरा थिएटर. भरा हुआ था। भरा हुआ था और चोपड़ा साहब. व्हीलचेयर पर थे। और व्हीलचेयर पर आए. पिक्चर देखने के लिए। मैं उनके बगल में. था। उन्होंने पिक्चर देखी। पिक्चर खत्म. हुई। विल यू बिलीव? वो बंदा व्हीलचेयर से. उठकर ताकत लगा के खड़ा हो गया। खड़ा होकर.
उन्होंने ऐसे ताली बजाई और मेरे सर पर हाथ. रखा। मैंने ऐसे पकड़ लिया उनको। जैसे वह. खड़े हुए तो मैंने थोड़ा सा सहारा देने को. पकड़ लिया। उन्होंने ऐसे ताली बजाई। ताली. बजाई। मेरे सर पर उनकी आंखों में आंसू थे।. मुझे लगा कि भाई आज जो है मेरे गुरु ने. मुझे वो दे दिया जो किसी भी शिष्य को उससे. ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। यह सबसे बड़ा. रिएक्शन था मेरे को गदर वन का।. कमाल है। बी आर चोपड़ा अगेन वन ऑफ़ द ग्रेट.
से खड़े हो गए। सोचो कितनी उनके अंदर वह. आया होगा। फील वो खड़े होकर ताली बजा रहे. हैं अपने असिस्टेंट की पिक्चर पे। कमाल है. ना. इससे बड़ा सम्मान आप जब बात करते हो इसने. सम्मान नहीं दिया। उसने सम्मान नहीं मिला।. नहीं मिल नहीं दिया होगा। लोगों को लगा. होगा कि शायद हम भाई छोटे शहर से आए हैं।. हम शायद उसके लायक हैं या नहीं है या हम. शायद हम नहीं है शायद उतने अंग्रेजी वाले।. हम शायद नहीं है उतने। हम थोड़े देहाती.
टाइप के हैं। नहीं मिला होगा हमको। लेकिन. इससे बड़ा सम्मान क्या मिल सकता था? दुनिया कैसे बदली उस वक्त आपके आसपास जब. गदर सुपरडुपर हिट हो गई।. दुनिया तो. क्या नया रंग देखा दुनिया का आपने? दुनिया. तो बदलती है हमेशा बदलती है। ये दुनिया का. काम है बदलना। जब भी आपकी जब मैंने. श्रद्धांजलि बनाई मेरी पहली फिल्म चली तो. मैंने बदलते देखा। जब मेरी कोई फिल्म नहीं. चली तो मैंने बदलते देखा। जब मेरी हुकूमत.
चली तो मैंने बदलते देखा। जब. अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों उतनी नहीं. चली तो मैंने बदलते देखा। बदलते उठते. जीनियस मेरी इतनी बढ़िया पिक्चर थी। लेकिन. थिएटर में नहीं उतनी चली तो मैंने बदलते. देखा। आज लोग ओटीटी सेटेलाइट पे चलती है. तो मैं चल रही है बहुत ज्यादा तो उसकी. तारीफ करता हूं तो मैंने लोगों को बदल. मुझे अच्छी लगी। मैं मतलब कह रहा हूं ना. उत्कर्ष ने कमाल की एक्टिंग की थी और बड़ा. अच्छा मथुरा वाला जो प्लॉट रखा था आपने वो. जो कॉलेज का. वही बोल रहा हूं वो बदलते देखा। तो मैं तो.
मैंने लोगों को जीवन में बहुत दफे बदलते. और फिरते देखा है। लेकिन अब क्या मैं. मैंने पता नहीं मैं शायद ऐसा हूं। कहीं. फर्क पड़ता होगा अंदर पर शायद वो मैंने. उसको कभी महसूस ही नहीं किया। पड़ता होगा. अंदर फर्क। मेरा ऐसा रहा है। जीवन के कमाल. की बात है। 3:00 बजे पिक्चर रिलीज होती. है। पहला शो खत्म होता है। 3:30 बजे मैं. दूसरी फिल्म में घुस जाता हूं।. यह कुछ मेरा माइंड सेट ऐसा है। मैं कहा यह.
सफर हो गया आगे के सफर में चले। उसकी उसकी. सफलता उसकी असफलता दोनों को संग साथ लेके. नहीं चलता।. ओके नाइस।. ये कुछ कमाल कमाल का ऊपर वाले ने मुझे बना. दिया है। मतलब 3:00 बजे पिक्चर खत्म होगी।. वो 3:30 4 बजे उसका जॉय या दुख दोनों. निकाल दूंगा। चल आगे की तैयारी करो। हम भी. आगे चलते हैं। आगे सवाल पूछते हैं। क्या. यह सच है कि गदर के लिए जो हीरोइन की पहली. पसंद थी वो अमीष पटेल नहीं काजोल थी?
ऐसा नहीं है।. एक थ्योरी आई थी कि गदर में हीरोइन काजोल. होने वाली थी।. काजोल भी थी। ऐश्वर्या रायसी से भी बात. हुई थी। बहुत सारे लोगों से बात हो रही. थी।. ऐश्वर्या भी कमाल लगती है।. बात बहुत सारे लोगों से हो रही थी।. लेकिन हुआ क्या था. कि बहुत सारे लोगों ने कहानी सुनी। बहुत. सारे लोगों को उनके नाम नहीं लेना चाहता।. उनको नहीं समझ आ रही थी। किसी को मेरे साथ. काम नहीं करना होगा। किसी को सनी के साथ. काम नहीं करना होगा। किसी को पीरियड फिल्म. नहीं करनी होगी। उस जमाने में एक और चीज.
दुनिया चल रही थी। उस जमाने में क्या था. जब 998 में जब हम ये कास्टिंग कर रहे थे।. उन दिनों आप देखिए एक दौर आया था कि फॉरेन. में फिल्में बहुत शूट हो रही थी। हम. वो सबको स्विट्जरलैंड के गाने लंदन की. फिल्में ओवरसीज की फिल्मों का एक जादू चला. हुआ था कि ओवरसीज में पाकिस्तान की ऑडियंस. को अलवर करना है लंदन में ओवरसीज मार्केट. बहुत बढ़ गया था इंडियन मार्केट कम हो गया. था तो उनको वो सारी फिल्में वो करनी थी जो.
जहां से पाकिस्तानी ऑडियंस हर्ट ना हो और. ओवरसीज में फिल्म हो रोमांटिक फिल्म हो ये. सब तो गदर में क्या था कहीं ना कहीं हम. पाकिस्तान था तो कहीं ना कहीं बहुत सारे. लोग कतराते थे. उनको लगता था कि कहीं और दूसरा पीरियड था।. पीरियड समझ ही नहीं आता था 98 में लोगों. को कि पीरियड फिल्म क्या हो सकती है? ग्लैमर चाहिए, ग्लॉस चाहिए। वो माइंडसेट. था लोगों का। इसलिए बहुत सारे कलाकार. होने, बहुत सारे आर्टिस्ट होने हैं। चाहे. वो इसमें हीरोइन ही क्यों ना हो पिक्चर. रिफ्यूज की। तो फिर हमारे सामने एक बजट का.
भी कंस्ट्रेंट था। फिर जी ने मुझसे कहा कि. भाई देखिए कि सनी सर हो गए। अब मेरे पास. तो एक्स अमाउंट ही है। उस एक्स अमाउंट में. या तो आप अमरीश पुरी ले लो या बड़ी हीरोइन. ले लो। तो मैंने. [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहा मैं. अमरीश पुरी लूंगा क्योंकि पाकिस्तान अमरीश. पुरी है। हीरोइन तो मैं यंग लड़की नहीं ले. लूंगा। रोल इतना अच्छा है जो लड़की आएगी. वो स्टार बन जाएगी। तो फिर हमने 400 500.
लड़कियों का ऑडिशन लिया। उसमें से हमने. 40-50 लड़कियां सेलेक्ट की। फिर हमने 12. लड़कियां सेलेक्ट की। उन 12 लड़कियों में. अमीष पटेल. तब तक कहोना प्यार आ चुकी थी।. कहोना प्यार नहीं आई थी। अभी कहोना प्यार. की शूटिंग चल रही थी। शुरू हुई थी वो।. उसके पहले अमीष आपके. हां अमीष का टाइटल देखिए इंट्रोड्यूसिंग. अमीष पटेल है।. सकीना. सकीना तो अमीष पटेल बहुत कमाल की उसने. मेहनत की और बहुत डडीिकेशन के साथ काम.
किया। एक ऐसी हीरोइन रही मेरे साथ जिसने. कि 6 महीने तक 2:00 बजे से लेके 5:00 बजे. तक एवरीडे मेरे पास आती थी हफ्ते में पांच. दिन और पूरी तरह से वो सकीना बन गई। उसकी. मेहनत का कमाल था जो आज तक सकीना को लोग. सकीना अमीषा पटेल को लोग सकीना ही बोलते. हैं और वो पूरी तरह से उस रोल में रच बस. गई।. बट ये कितना स्ट्रेंज है सर कि अमीष पटेल. जिन्हें कहो ना प्यार मिली और गदर एक. प्रेम कथा मिली। और ये दोनों इंडिया की. बहुत बड़ी फिल्में हैं।.
बहुत बड़ी फिल्म हो गई। ये भाग्य की बात. है। पर आज जब लोग पीछे मुड़ के देख रहे. हैं उनकी लाइफ उतनी लार्जर देन लाइफ नहीं. बनी।. वो ऐसे ही. जबकि शुरुआत डेब्यू बहुत और दोनों में. उनका रोल बहुत अच्छा है।. ऐसा है कि. जीवन कैसे कम मोड़ लेगा ये इंसान को नहीं. पता होता। कई बार कुछ आपकी गलतियां होती. हैं। कई बार आपके सरकम्ट्स होते हैं। कई. बार आपका भाग्य होता है कि आपको एक फिल्म. मिलनी चाहिए थी वो नहीं मिलती। दूसरी मिल. जाती है। एक चुननी चाहिए थी, नहीं चुनते, दूसरी चुन लेते हैं। तो वह बहुत सारी.
चीजों के कॉम्बिनेशन से कलाकार बनता है।. एक्चुअली देखिए एक्टर की एक सबसे बड़ी. प्रॉब्लम मैं आपको बता दूं।. हम इंडस्ट्री को एक्टर के नाम से ही जानते. हैं। फिल्मों को हम एक्टर के नाम से ही. जानते हैं। जैसे हम हम गाने को सिंगर के. नाम से ही जानते हैं। ऐसे ही एक्टर. फिल्मों को भी हम एक्टर के नाम से जानते. हैं। मगर सत्य यह है कि इन दोनों के हाथों. में कुछ है ही नहीं। बिल्कुल सही बात है।. एक्टर के हाथ में है क्या बेचारा क्या. करेगा? मैं उसका खराब शॉट लगा दूंगा तो वो.
तो मर जाएगा।. उन्हें तीन टेक दिए हुए हैं। खराब वाला. टेक मैंने लगा दिया तो क्या करेगा? मैं. फिल्म तो डायरेक्टर बना रहा है। डायरेक्टर. बना रहा है। डायरेक्टर ने टेढ़ी-मेढ़ी बना. दी। वो क्या करेगा? वो तो अपनी परफॉर्मेंस. ही करेगा। तो यही विडंबना है एक्टरों के. साथ। अमीष पटेल जी ने भी बहुत सारी. फिल्में सेलेक्ट की होंगी। वो फिल्में. नहीं राइट हो पाई। वो फिल्में हिट हो. जाती। तो उनकी कहानी और होती।. हां बट मैं ल्चिंग की बात कर रहा। आई डोंट. थिंक कि अमीष पटेल अमीष पटेल से ज्यादा. अच्छी शुरुआत किसी एक्टर की।. अमीष पटेल की जो लॉन्चिंग हुई उसमें उनका.
तो कोई हाथ है नहीं। वो उनके भाग्य का हाथ. है। उनकी किस्मत ऐसी थी कि उनको वो दोनों. फिल्में मिल गई और वो दोनों फिल्में कमाल. थी। इतना ही किया कि उन दोनों फिल्मों में. उन्होंने मेहनत बहुत की।. हम्म।. वो मेहनत की मेहनत का रंग उनको मिला।. और दोनों हिंदुस्तान के इतिहास में शायद. रखी जाएंगी।. और उसके बाद भी अगली फिल्मों में भी. उन्होंने मेहनत की होगी। लेकिन वो राइट. फिल्में नहीं मिली। उनको तो क्या कर लेती. नाउ टेल अस समथिंग अबाउट अमरीश पुरी द. लेजेंड्री अमरीश पुरी. आज की पीढ़ी जो नई जजी होगी शायद अमरीश. पुरी साहब से इतनी वाकिफ ना हो लेकिन.
जिन्होंने फिल्में देखी हैं 80 90 70 80. 90 के दशक की 2000 के दशक की वो जानते हैं. कि अमरीश पुरी के मायने क्या थे स्क्रीन. पर आने. शोम शोम शाम और शाशा तहलका अमरीश पुरी जी. तो अमरीश पुरी जी थे साहब बड़े मतलब. इतने कमाल के इंसान. और इतने टाइम के पंक्चुअल. और कररेक्टर को ऐसे पकड़ते थे। डायरेक्टर. के पीछे पड़ जाते थे जब तक उनको कररेक्टर.
समझ नहीं आता था। जब तक पूरी तरह वो नहीं. समझ पाते थे। वो आपको एक दफे नहीं 10 दफे. नहीं 100 दफे आपसे पूछते थे। अमरीश पुरी. जी का ऐसा था। ओवर सिंसियर आदमी तहलका में. मैंने उनको साइन किया था।. और. तहलका में. मैंने एक कररेक्टर किया था। मैं पिक्चर. शूट कराया था मनाली में काफी 15 20 दिन. 30-40 दिन की शूटिंग कराया था विलेन का.
नहीं था क्योंकि विलेन पहले मेरे मन में. था कि कोई नया कररेक्टर लूंगा विलेन के. लिए लेकिन शूट नहीं हो रहा था। फिर फाइनली. जब मैंने. शूटिंग करके आया तो फिर मैं फाइनली अमरीश. जी के पास गया। अमरीश जी को बोला अरे यार. तुम तो मेरे बिना पूरी फिल्म शूट करा आए. हो। अब मेरे क्या फिल्म में रोल है? मैंने. कहा सर इस फिल्म में जो रोल है आपका ऐसा. होगा ही नहीं। उनको रशेस दिखाए। रशेस. दिखाने के बाद फिर मैंने कररेक्टर सुनाया।. वो इतने ओवर एक्साइटेड हो गए। अब रोज मेरे. पास आते हैं बैठते हैं। बातें करते हैं।.
हम ऐसा करेंगे, ऐसा करेंगे, ऐसा करेंगे, सर पे यह लगाएंगे, ये करेंगे। मैंने कहा. ऐसा इन आंखों पे ये करेंगे। फिर मैंने. उनको कहा कि मैं आपसे गाना गवाना चाहता. हूं। बोले अरे गाना मैं मैंने कहा सर मैं. सुनाया आप गाना अच्छा गाते हो जरा गा के. दिखाओ अरे तो कुंदनलाल सहगल का कुछ. उन्होंने मुझे गा के सुनाया तो कुंदललाल. सहगल को बहुत अच्छा गाते थे वो उनको. पुराने जमाने के थे. तो मैंने फिर अनु मलिक को बुलाया अनु मलिक. को बोला कि भाई एक गाना बनाते हैं शोम शोम.
शाम उशा ऐसा एक शब्द आ गया मेरे दिमाग में. उनका एक तकिया कलाम जैसा फिर अनु मलिक ने. वहीं बैठ के वो गाना बनाया फिर अमरीश जी. ने वो गाना गाया तो आज तक देखो वो शोम शोम. शामा शाह उनका आज तक अमर हो गया है। आज भी. इतना मैं तो YouTube चैनल पर इतना देखता. हूं, इतना रील्स मैं देखता हूं कि पूछो. मत। जगह-जगह आता रहता है वो। एंड गदर के. टाइम पे मुझे याद है मैं कहानी सुनाने गया. था। तो कहानी सुना रहा था मैं उन्हें। तो.
कहानी सुने अचानक उठ गए। उठ के बोले एक. मिनट आता हूं। आए अंदर से बाहर आते हैं।. आए फिर कहानी सुने। फिर बोले फिर एक मिनट. आता हूं। फिर आ गए। फिर आ गए। गया। मैंने. कहा ये आ रहे हैं जा रहे हैं। कर क्या रहे. हैं? बहुत मेरा हाथ पकड़ लिया। बोले बहुत. कमाल है। बोले कहां आ जा रहे थे? बोले. आंसू पोंछने आ जा रहा था।. बोले मजाक में बोले अगर आंसू दिखा देता. तुझे तू मेरा प्राइस अदा कर देता।. मैंने सुना पैसों को लेके वो भी बड़े सख्त.
थे।. पैसों के ले।. अच्छी कीमत लेते।. अच्छी कीमत लेते थे। उन्होंने कीमत अच्छी. ली और वही बोले।. बहुत सारी फिल्मों में एक्टर से ज्यादा. फीस उनकी होती है।. हां बोले अगर मैं. [गला साफ़ करने की आवाज़] आंसू तेरे को. दिखा देता। प्राइस खत्म होने के बाद बोले. तू तो मेरा प्राइस आधा कर देता हस के तो. बहुत अच्छे पर ऐसा भी नहीं था मुझे देखो. मुझे याद है अमरीश जी का पैसों का था. पैसों का हर एक्टर का होता है लेकिन अब. तुम्हारे हवाले वतन साथियों में मेरे को. एक वॉइस ओवर करना था उन दिन उनकी तबीयत.
काफी खराब थी तो मैंने अमरीश जी को बोला. सर आपका वॉइस ओवर चाहिए अमरीश जी बोले कि. यार मेरे से तबीयत ठीक नहीं है पर तू वेट. कर कब रिलीज है पिक्चर तब रिलीज है। फिर. एक दिन उनका फोन आया कि अनिल अपने. असिस्टेंट को भेज दें। मैं आज वॉइस ओवर कर. रहा हूं। मैंने भेज दिया। वॉइस ओवर कर. दिया उन्होंने। वॉइस ओवर उन्होंने चार मैं. उस दिन आ नहीं पा रहा था। मैं कहीं. मिक्सिंग में बिजी था। उनका अचानक फोन आ. गया तो बोले तू आने की जरूरत नहीं। मैं कर. दूंगा। चार पांच दफे उन्होंने चार पांच.
तरीके से वॉइस ओवर कर दिया भेजा। तो मैंने. उनको बोला सर आपकी फीस कितनी? बोले यार. अनिल शर्मा इतनी दोस्ती का क्या फायदा कि. वॉइस ओवर का भी पैसा लूं मैं. तेरी फिल्म है यार मेरी फिल्म है पैसे. नहीं लिए और तो ऐसा भी नहीं था कि वो पैसे. के लिए बहुत वो थे और मेरे अमरीश जी लास्ट. अब तुम्हारे ह लास्ट उन्होंने प्रीमियर. अटेंड किया था अब तुम्हारे हवाले वतन. साथियों का जब पिक्चर में नहीं थे फिर भी. वह मेरे को प्रीमियर में विश करने आए और. आकर लिपटे मेरे को तेरे को सिर्फ विश करने.
आया हूं पता नहीं यार अब. ऐसा लफ्ज निकला उनके मुंह से और विश करके. निकल गए। उसके दो दिन के बाद, चार दिन के. बाद, कुछ दिनों के बाद ही वह नहीं रहे।. उनको लगता था तबीयत उनकी खराब थी। उनको. लगता था कि शायद अब वो नहीं रहेंगे। उनको. यह लगने लगा था।. मुझे याद है? बहुत छोटा सा था मैं तब बहुत. तकलीफ हुई थी हम लोगों को या रमरीश साहब. चले गए।. तो मतलब देखिए मेरे प्रीमियर पे आए। मेरा. ये वो सब मतलब. [नाक से की जाने वाली आवाज़] बहुत ही मैं.
ही वास द मोस्ट लवेबल पर्सन। सर. मैं कोई एडिटोरियल पढ़ रहा था कि सनी देओल. का गदर के बाद जो करियर थोड़ा डाउनफॉल में. गया उसकी एक बड़ी वजह यह भी थी कि उन्हें. उनके पास सब अमरीश पुरी नहीं थे। अगर आप. सनी देओल की पुरानी फिल्में देखेंगे. राजकुमार संतोषी का जितनी पुरानी फिल्में. हैं हर फिल्म में सनी देओल के पिता अमरीश. पुरी विलेन अमरीश पुरी जब जबजब सनी देओल. के सामने अमरीश पुरी आते थे तो वो जो दो. जॉइंट्स की टक्कर होती थी देखो उस दिन. लार्जर देन लाइफ सिनेमा बना.
हमको इतना अफसोस है आज गदर टू हम बना रहे. थे हमने कैसे अमरीश जी को मिस किया कैसे. किया अमरीश जी के बिना तो इंडस्ट्री आधी. अधूरी हो गई है दो लोग गदर के ऐसे लोग हैं. अ एक्चुअली गदर से तीन लोग चले गए अमरीश. पुरी चले गए विवेक शौक चला गया और आनंद. बखशी चले गए आनंद बख्शी साहब और अमरीश. पुरी इंडस्ट्री के दो ऐसे पिलर्स थे कि इन. दोनों की वजह से इंडस्ट्री ने इतना खोया.
है इतना लॉस हुआ है इंडस्ट्री का कि यह. कभी पूरा हो ही नहीं सकता। बक्शी साहब वो. गाने वो बोलते मकड़े ओ हो हो हो. बखशी साहब का एक किस्सा सुनाता हूं। आनंद. आपको. उत्तम सिंह जी ने एक धुन बनाई।. गानों का शौक है आपको बता रहा हूं। उत्तम. जी ने एक धुन बनाई।.
वो धुन उन्होंने मुझे कुछ वर्निंग्स के. साथ सुनाई। मुझे वो धुन नहीं समझ आ रही. थी। वर्निंग नहीं समझ आ रहे थे। शायद वो. वर्निंग नहीं समझ आ रहे थे। मुझे वो कहानी. में सूट नहीं हो रहे थे। पर उत्तम जी मुझे. बोले यह धुन बहुत अच्छी है। इसको ले लो।. मैंने कहा उत्तम जी कुछ और एक दो धुन. सुनाओ। मैं वो धुन लेके अपने घर पहुंचा।. कैसेट होता था घर में मैंने मेरी पत्नी को. उनको म्यूजिक का शौक है। क्लासिकल जानती. है वो। तो कोलकाता से हैं तो वहां का वैसे.
ही म्यूजिक का काफी वो है। तो मैंने सुनाई. मुझे बोली धुन बहुत अच्छी है। इस धुन को. छोड़ो मत। अरे मैंने कहा तुम अभी नया-नया. ब्याह करके आई हो। तुमको क्या मालूम. सिनेमा क्या है यार? छोड़ो जाने दो। हमको. सिखा [हंसी] रही हो। तो बोले नहीं देखी. मैं कह रही हूं ये धुन मत छोड़ो। बहुत. अच्छी धुन है। कहा ठीक है। उत्तम जी के. पास फिर मैं कहा गया उत्तम जी कोई दूसरी. धुन। उत्तम जी ने दूसरी धुन सुनाई। तीसरी. धुन सुनाई। पर उत्तम जी बोले नहीं यह धुन. नहीं छोड़ना। मैं बोला उत्तम जी यार आप.
समझ नहीं आ रहा यार। पहला गाना गदर का. रिकॉर्ड होने जा रहा है और आप. तो बोले बखशी साहब आ रहे हैं स्विट्जरलैंड. गए छुट्टियों से वह लिखेंगे गाने तो उनके. पास चलकर सुनाएंगे. तो फाइनली बक्शी साहब आए तो बक्शी साहब के. पास मैं गया उत्तम जी गए तो मैं बोला ये. ऐसेसे फिल्म बना रहा हूं गदर एक प्रेम का. था बोले अच्छा क्या फिल्म है और मैंने कहा. देखो उत्तम जी ने एक धुन बना दी है मेरे. पीछे पड़े हो धुन को ले लो अच्छी है और.
मेरी बीवी भी बोलती है अच्छी है पर मुझे. बिल्कुल नहीं जम रही. उत्तम जी सामने बैठे। उत्तम जी हंसने लगे. और बोले अनिल शर्मा इसकी धुन बाद में. सुनता हूं। पहले तू अपनी कहानी सुना।. बखशी साहब को मैंने कहानी सुनाई दो घंटा. गदर की। बखशी साहब का रो-रो के बुरा हाल।. सिगरेट जला बशी वो आनंद बक्शी का स्टाइल. लिया था मैंने अक्षय कुमार को। अब. तुम्हारे वाले वतन में सिगरेट पीते थे।.
हां। [हंसी]. ऐसे पीते अच्छा वही मैंने अक्षय कुमार से. मैं क्या क्लास में सिगरेट पी रहे थे सर? ऐसे पीते थे आनंद बक्षी तो. [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐसे सिगरेट. पीते जाए आंसू आते जाएं तो दो घंटे के बाद. मुझे बोले. तेरी फिल्म ये मुगले आजम है बहुत बड़ी हिट. है बक्शी साहब का रिएक्शन अरे मेरे मन में. सोचा वेलकम यार ये ऐसे ही बोल रहे हैं यार. पिक्चर हिट है पर मुगले आजम मुगले आजम है. यार हम कहां मुगलेआम के एम तक नहीं पहुंच.
के पांव तक नहीं पहुंच सकते मुगले आजम मदर. इंडिया शोले ये हमारे जीवन की सबसे बड़ी. फिल्म है। वहां तक हम कहां पहुंच सकते. हैं? इच्छा जरूर है वहां तक पहुंचने की और. वही सोच के यह फिल्म हम बना रहे हैं। गदर. हम यही सोच के बना रहे हैं वहां तक. पहुंचे। मगर हो या नहीं है ये तो बक्शी. साहब ने बोल दिया बड़ी कृपा की इन्होंने. लेकिन लगा कि नहीं है वो कहां होगा यार? तो बोले उत्तम अब तू धुन सुना।. उत्तम ने धुन सुनाई बिना वर्डिंग्स के।. धुन सुनी ऐसे सिगरेट जलाई। बाथरूम गए आए।.
बोले [नाक से की जाने वाली आवाज़] अनिल. शर्मा जैसे तेरी ये मुगले आजम है ना ऐसे. ये धुन भी मुगले आजम की है।. अब तू जा उत्तम तू भी जा कल 4:00 बजे. मिलेंगे हम।. दूसरे दिन 4:00 बजे हम पहुंचे।. 4:00 बजे हम पहुंचे। उन्होंने कहा बक्शी. साहब ने बोला देखो ऐसा है अनिल शर्मा तू. डायरेक्टर है प्रोड्यूसर है तेरे को मैं.
तीन चार मुखड़े नहीं सुनाऊं तो तुझको लगेगा. मैंने कोई काम ही नहीं किया तू मुझे पैसे. ही नहीं देगा तो पहला यह मुखड़ा सुन मुखड़ा. बड़ा अच्छा था धुन पे फिर दूसरा मुखड़ा सुन. वो भी बड़ा अच्छा था बोले लेकिन अभी एक. मुखड़ा सुना रहा हूं जो इस फिल्म में होना. चाहिए जो इस फिल्म का मुखड़ा है. सुन और तेरी सबसे आखिरी सिचुएशन पे सुना. रहा हूं जब बच्चा सारंगी लेके गाता है और. मां बेहोश पड़ी हुई है। सुन उड़ जा काले. कावा तेरे.
उन्होंने सुनाया ओ घर आजा परदेसी जैसे ही. गाया मेरे को तो एकदम विजुअल दिख गया बेटा. गा रहा है मां आज कैसे जिंदगी अरे मैंने. कहा बक्शी साहब के पांव चूले मैंने कहा ये. तो कमाल गाना हो गया बख्शी साहब ये तो. कमाल गाना है बोले अब और सुन उसके. उन्होंने 16 अंतरे लिखे हुए थे बोले तेरे. को दो तो ऐसे ही सुनाए थे पर यही होना. चाहिए तेरी इसी सिचुएशन पे ये इस सिचुएशन. पे ये सिचुएशन पे ये और वो गाना वो धुन थी. उड़ जा काले कामा की.
क्योंकि उन्होंने मुझे रॉन्ग वर्डिंग के. साथ सुना दिया था तो मेरे दिमाग में वही. खटकता था नहीं समझ आ रहा था वो डायरेक्टर. को नहीं समझ आ रहा था धुन मुझे खींचती थी. लेकिन फिर भी मुझे लगता था कुछ दूसरी हो. जाए दूसरी हो जाए और ये थे बक्शी साहब. ग्रेट उड़ा गा ले गामा गाना है उस पिक्चर. में तो उसका सारा श्रेय मैं उत्तम सिंह. आनंद बखशी को देता हूं. और थोड़ा बहुत अपनी पत्नी को भी जो मेरे.
पीछे पड़ी रही कि ये दोनों नहीं छोड़ना. अपने आप को छोड़ के बाकी सबको आप दे सकते. हो।. हां [हंसी] क्योंकि मैं कहीं डबल माइंड था. पर उसके बाद उन्होंने दूसरा मुझे वो तो. बाकी के गाने तो मैंने एक एक मिनट में ओके. किए पर वो वो क्या होता है कई बार. डायरेक्टर अटक जाता है। डायरेक्टर की एक. प्रॉब्लम होती है। आप उसको एक धुन सुना. दो। रॉन्ग वर्डिंग्स के साथ सुना दो।. इसलिए डायरेक्टर को कभी भी रॉन्ग वर्डिंग. से रॉन्ग मुखड़े के साथ मत सुनाओ।. डायरेक्टर को जब भी जो भी आपके संगीतकार.
अगर यह देख रहे हैं तो उनको बताना चाह रहा. हूं मैं कि डायरेक्टर को कभी भी सुनो या. तो ला ला करके सुना दो लेकिन रॉन्ग मुखड़े. के साथ मत सुनाओ जो उसकी सिचुएशन पे ना. जाता हो तो वो डायरेक्टर रिजेक्ट ही कर. देगा। क्योंकि उसको आपके गाने से ज्यादा. अपना सीन दिख रहा है।. मुझे वो भी गाना बहुत अच्छा लगता था।. मुसाफिर अरे वो तो कमाल गाना।. क्या गाना था? कमाल गाना है वो गाना तो. चलो एक दूसरे को. कमाल एक मिनट में बना था गाना वो बक्शी. मैं बोला सर ये सिचुएशन है बोला पंजाबी. में हमारे यहां कहावत है अरे करें एक. दूसरे को रब दे हवाले हमारे यहां कहावत है.
बोले पंजाबी में वही बना दिया उन्होंने. मुसाफिर जाने वाले नहीं फिर आने वाले चलो. करें एक दूसरे को रब दे हवाले कमाल [हंसी]. एक मिनट में इतना बड़ा गाना. एक मिनट में बोलते है ना कहावत है ना चलो. करें चलो भाई चलते हैं एक दूसरे को चल एक. दूसरे को रब दे हवाले करते हैं ऐसा पंजाबी. में बोलते. वही बन गया।. और उस टाइम याद है स्कूल कैनल फंक्शन में. गाना होता था। मैं निकला गड्डी लेके।. हां।.
वो तो कमाल का गाना था साहब। उस गाने की. भी कमाल की कहानी है।. मैं गया बख्शी साहब के पास। मैंने कहा. बक्शी साहब एक इंजन चाहिए। उड़ जा काले का. भी अच्छा है। मुसाफिर भी बहुत अच्छा है।. लेकिन इंजन चाहिए। इंस्टेंट हिट गाना. सुनते ही हिट हो जाए ग्रो ना करना पड़े।. आपने बड़े-बड़े हिट गाने दिए हैं। आपने. इसमें हिट गाना, इसमें हिट गाना, इसमें सब. सुना दिए उनको। पुलि.
बक्शी साहब ने का फोन आया आज अनिल शर्मा. और यह सितंबर की बात है। 25 26 सितंबर की. बात है।. 99. या 98 से की बात है। 98 98. सितंबर की बात है।. तो मैं गया उत्तम को बोला बाजा ले आया. बाजा आ गया बक्शी साहब हमेशा भूमिका बांध. के कहानी सुनाते थे बोले ऐसा था कि.
सेप्टबर मुझे इसलिए याद आ रहा है बोले. सुभाष घ गई का कल उनका उनके यहां कुछ 24. दिसंबर को उनका कोई फंक्शन हुआ करता था. सेप्टेंबर को बोले फंक्शन में मैंने एक. गाना सुनाया बड़ी तालियां बजी है तू सुन. और उन्होंने सुनाया गुनगुना के और उसकी. धुन थोड़ी थोड़ी सी अलग थी बखशीश आनंद. उत्तम जी ने थोड़ी चेंज की मगर ले में. सुनाया. यही वाला गाना अपना. मैं निकला.
मैं निकला गड्डी लेके लाहौर आया. तो बोले बड़ी तालियां पड़ी बड़ा ये है वो. है उत्तम जी ने वही धुन बनाई वही हो गया. लेकिन मेरे चेहरे के एक्सप्रेशन नहीं चेंज. हुए बोले क्या हो गया तेरे को मैंने कहा. गाना सुपरहिट है आपने फंसा मुझे यह दिया. है कि ये तो ट्रक लेके जा रहा है मुझे तो. गाने के विजुअल आ रहे हैं कि ट्रक में. गाना गाते हुए जा रहा है। स्टेज में कहां. गवाऊं? बोले अनिल शर्मा तेरे को सुपरहिट गाना. चाहिए था। लग रहा है ना अब ये मेरा काम है. गाना देना। तू डायरेक्टर है। तेरा काम है.
इसको फिक्स करना। मेरा काम नहीं है वो। तू. कर। अब मैं उनकी खिड़की पे जाकर खड़ा हो. गया। क्या कर रहे हैं यार? बक्शी साहब ने. गाना तो हिट दे दिया है। सुपरहिट गाना है।. और इसको कैसे लाऊं? कैसे लाऊं? फिर मेरे. मन में एक डायलॉग आया जो मेरी फिल्म है।. मैंने बाद में डायलॉग रखा कि मैं तो. कभी-कभी थहिए पे गाता रहता हूं गाने। तो. मैंने कहा हां यार ये तो थहिए पे गाता. रहता है। अगर एक सिंगर होता है गाता है उस. सिचुएशन पे ही थोड़ी गाता है। वो तो कहीं.
भी स्टेज पे जाके कोई भी अपने हिट गाने. गाता है। तो यहां हिट गाने गा देगा। और कर. तो प्यार की बात ही रहा है। तो हो जाएगा।. उसमें दिक्कत क्या? यहां गा देगा फंक्शन. में आके। सड़क पे ही क्यों गा कर रहा है? और सड़क पे अगर मुझको कुछ चाहिए तो कुछ. विजुअल डाल दूंगा। ट्रक लेके भी जा रहा है. गाने के बीच में शुरू कर दूंगा और मैंने. कहा डन सर व दिमाग में गाने का विजुअल सेट. हुआ और मैंने हां बोला. उत्तम सिंह साहब को क्यों लिया था आपने. उत्तम सिंह क्या बहुत उत्तम सिंह साहब के. साथ मैंने बहुत काम करता रहा था हमेशा से.
क्योंकि मैं उनके साथ काम करता था आशा जी. के बेटे के साथ क्या नाम था वो आशा जी के. बेटे के साथ. मेरी श्रद्धाली और बंधन कच्चे दागों में. हेमंत भोसले जी के साथ में काम करता था।. हेमंत भोसले जी के अरेंजर हुआ करते थे. उत्तम जी। उत्तम जी अरेंजर हुआ करते थे आर. डी बर्मन के भी। तो आर डी बर्मन का ही. सारा ग्रुप हेमंत भोसले के यहां रिकॉर्ड. करता था। तो मेरा पूरा इस ग्रुप से बहुत. अच्छा रिश्ता था। उत्तम जी बहुत गुणी. ज्ञानी थे। वो एक ऐसे वाहिद म्यूजिक.
डायरेक्टर हैं जिनको वेस्टर्न खुद वायलें. बजाते हैं। वेस्टर्न की बहुत ज्यादा समझ. है और क्लासिकल की भी बहुत समझ है। हमारे. यहां बहुत कम ऐसे म्यूजिक डायरेक्टर हैं. जो वेस्टर्न भी समझते हैं और ओपेरा भी. समझते हैं और क्लासिकल भी समझते हैं। बहुत. कम म्यूजिक डायरेक्टर हैं। उत्तम जी उनमें. से एक थे और पंजाब उनके अंदर भरा हुआ था।. तो मुझे लगा यार पंजाब के गाने तो उत्तम. जी ही बेस्ट दे सकेंगे। तो फिर गदर टू में. उत्तम सिंह क्यों नहीं आए? गदर टू में.
उत्तम जी की क्यूसिटी ये थी। मैं उस टाइम. वीडियोस देख रहा था। दो मिथुन मेरे बड़े. उत्तम जी का क्या था कि जब हम गदर टू कर. रहे थे तो मेरे को उत्तम जी को ले सकते. थे। हम कोई दिक्कत नहीं है। उत्तम जी शायद. कंटेंपरेरी और आज की साउंड भी ले आते. क्योंकि उत्तम जी गुणी ज्ञानी आदमी है।. मना नहीं कर रहा। लेकिन मुझे कोई आज का. संगीतकार चाहिए था क्योंकि सिर्फ दो गाने. पुराने ही नहीं नए भी गाने बनाने थे और. मैं चाहता था आज की साउंड के साथ आज का. संगीतकार कोई बनाए ताकि आज की आज की.
दुनिया के संग वो रेलेवेंट ज्यादा हो सके।. मुझे ऐसा लग रहा था तो मुझे मिथुन पे बहुत. भरोसा था। मिथुन का काम मुझे बहुत पसंद. है। मेलोडी भी है। मिथुन में भी वही गुण. है जो उत्तम जी में गुण है कि वो वेस्टर्न. की भी उनको खूब समझ है और क्लासिकल की भी. खूब समझ है। मिथुन के पास जब मैं पहली बार. गया गदर के गाने के लिए तो मैंने मिथुन से. पूछा तुम हारमोनियम बजा लेते हो. या ऐ. मिथुन मुस्कुराने लगा। उसके व नीचे.
हारमोनियम रखा हुआ था। मैंने कहा बजा लेते. हो ये तो गाया और मिथुन ने हारमोनियम खोला. और धुन बजाई और धुन बजाई और एक नोट्स बजाए. जो बाद में गाना बना तो ऐसा है तो मिथुन. के अंदर भी बहुत गुण है। वेस्टर्न भी बहुत. अच्छा है और क्लासिकल भी बहुत अच्छा है।. बहुत गुणी गाने और बहुत ठहराव से काम करता. है और बहुत सोच से बहुत टाइम लेके काम. करता है। बड़े फेवरेट कंपोजर्स में से मेरे. हां [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो मेरे. भी बड़े फेवरेट कंपोजर्स में तो मैं कोई.
यंग और आज के दौर का चाहता था इसलिए मैंने. लिया उत्तम जी को भी लाता तो शायद उत्तम. जी भी जस्टिफाई करते वो भी गुणी ज्ञानी है. मैं ये नहीं बोलता उत्तम जी जस्टिफाई नहीं. करते उत्तम जी में और जो म्यूजिशियन होता. है वो. समय से परे होता है वही म्यूजिशियन है जो. समय से परे समय में ठहर गया तो काहे का. म्यूजिशियन है. चल तेरे इश्क में क्या खूबसूरत गाना. कमाल था विशाल ने गाया था।. बिल्कुल. बड़ा जबरदस्त था।.
बहुत कमाल था।. ओके। ये सच है सर। 10 करोड़ से अधिक टिकट. बिके थे इसके।. हां गदर के।. हां जी। हां जी। 10 करोड़ से ज्यादा. पब्लिक आई थी।. इतना फुटफॉल कभी नहीं हुआ।. 10 करोड़. हां। हजार की थिएटर की सीटों पे दो2000. लोग बैठते थे।. हम. 24 घंटे थिएटर चलते थे। पहली फिल्म है. जिसके 24 घंटे सिनेमा चलते थे। मतलब लोग. लोगों ने टेंट लगा लिए थे थिएटरों के बाहर. वहां पर ढकेलें लग गई थी खानेपीने बन रहे.
थे और लोग खाना खाते थे लोग अपना पकाते थे. टेंट लग गए थे और सब कुछ होता था ट्रैक्टर. खड़े रहते थे और 12:00 बजे का रात रात को. शो खत्म होता था तो 12 से तीन चलता था 3. से 6 चलता था 6 से 24 घंटे दिन में आठ शो. चलते थे और 12:00 बजे जो आदमी बाहर आया शो. से वह भी दोबारा चला जाता था. कमाल है। कमाल है। एक कहानी सर और पढ़ी थी. हमने कि गदर की जो कहानी थी वो थोड़ी सी.
रियल लाइफ इंस्पायर्ड भी थी। बूटा सिंह. बटा सिंह से हां थी। वो वो क्या था कि जब. मुझे शक्तिमान जी ने कहानी सुनाई जब मुझे. कश्मीर के टाइम पे जब मैं. पाकिस्तान का कश्मीर का लड़का और. पाकिस्तान की लड़की ढूंढ रहा था तो. उन्होंने मुझे एक कथा सुनाई बूटा सिंह की।. बोले ऐसे बटा सिंह की कहानी है रियल कहानी. है तो बटा सिंह की कहानी सुनके ही मेरे. रोंगटे खड़े हो गए थे मतलब पांच मिनट. मैंने कहा ये तो मैंने फ्रीडम मिडनाइट में. पढ़ी भी थी फ्रीडम मिडनाइट में ये कहानी.
का जिक्र है मैंने कहा ये मेरी पढ़ी हुई. कहानी है वहां से ही हमने बूटा सिंह की. कहानी बूटा सिंह की कहानी हार की कहानी. हमने बूटा सिंह की कहानी इंस्पायर हो के. हमने रामायण बनाई. अच्छा बूटा सिंह वापस नहीं ला पाए थे. नहीं बूटा सिंह ने आत्महत्या कर ली थी मर. गए थे ट्रेन के नीचे. आय हाय हाय हाय बहुत टचिंग कहानी है। कहा. रियल लाइफ में थोड़ी ला सकते हैं। बूटा. सिंह की कहानी में तो लड़की ने भी रिफ्यूज. कर दिया था। कोर्ट में केस भी गया था और. लड़की ने रिफ्यूज कर दिया था कि नहीं ना. यह बच्चा मेरा और ना यह पति मेरा।.
बहुत टचिंग कहानी थी।. घर वालों का प्रेशर. घर वालों का प्रेशर इस्लाम का प्रेशर देश. का प्रेशर बहुत सारे प्रेशर थे। बहुत. टचिंग कहानी थी बुड्ढा सिंह की। मतलब ये. सेम का क्योंकि मैंने पढ़ा था एक मुस्लिम. लड़की से बूटा सिंह को प्यार होता है।. नहीं वो 55 बचाते हैं। बूटा नहीं बूटा. सिंह 55 साल के थे। किसी को पैसा देके उस. लड़की को खरीद लेते। लड़की पर टॉर्चर हो. रहे थे। इन्होंने उसको पैसा दिया और लड़की.
ले ली। लड़की के साथ रहने लगे। लड़की के. साथ ब्याह हो गया। ब्याह हो गया। लड़की के. साथ बच्चा हो गया। मगर तभी लॉ ऐसा था कि. उस वक्त की शादियों को शादी नहीं मानते. थे। तो तो इनकी कानून के तहत इनकी बीवी को. उधर भेज दिया गया और यह फिर अपनी बच्ची को. लेके वहां गए वहां गए और इन्होंने शिकायत. की ये कि मेरी बीवी है ये कोर्ट में गए. वहां पे जाके लड़की आई लड़की ने गवाही. इनको पकड़ लिया गया पुलिस में गए जेल जेल.
में हुई यह बहुत सारी चीजें हुई जिससे. उन्होंने काफी कुछ चैप्टर वीरजारा में भी. उन्होंने लिया. हम. वो भी कल्ट मूवी है।. वो भी कल्ट मूवी है। बहुत बढ़िया पिक्चर. थी। तो यह हुआ और वहां से फिर उस लड़की ने. रिफ्यूज कर दिया कि भाई मेरा इनसे कोई. वास्ता नहीं है। ये तो मजबूरी थी, जबरदस्ती थी। ऐसा वैसा कुछ नहीं है। और. उन्होंने अपनी बच्ची के साथ वो कूद गए. ट्रेन के नीचे। वो कट गए। मगर बच्ची बच.
गई। बच्चा या बच्ची थी वो बच गई। फिर उस. बच्ची को पाकिस्तान में किसी ने किसी उसने. पाला।. यह भी अपने आप में कहानी है।. है ही कहानी बूटा सिंह बनी थी पिक्चर. अच्छी कहानी है।. इस एंगल पे भी अगर बना दे कोई. अच्छी बनी थी इसमें बनी थी। पिक्चर बनाई. थी। पंजाबी पिक्चर बनी थी।. कोई आप जैसा कोई लार्जर देन लाइफ बना दे. इसे।. हां लेकिन क्या होता है ना टचिंग कहानी. है। बहुत इमोशनल कहानी है। और बन भी सकती. है, चल भी सकती है। बहुत अच्छी।.
हां, इसका एंड ऐसा है कि लोग सिनेमा हॉल. से निकल कर. सब रोते हैं।. अच्छी है पिक्चर ये। ओके। एक और इसमें कई. कई सारे किस्से हैं। एक किस्सा यह भी है. कि जब अमीष पटेल ट्रेन छूट जाने पर भीड़. में खड़ी होती हैं तो गदर की शूटिंग के. दौरान उस दौर में कपिल शर्मा भी वहां खड़े. थे।. हां कपिल शर्मा ने मुझे बोला था कि जब. अमीषा पटेल जा रही थी तो मैं एज ए क्राउड. ट्रेन में था. और टीनू वर्मा ने मुझे कुछ डांटा भी कुछ. झटका भी दे दिया। कुछ क्या किया? ऐसा कपिल.
शर्मा बोलता है भाई हमको क्या पता वहां तो. 4 लाख आदमी तो उसमें होगा कपिल शर्मा जी. भी। लेकिन ये कपिल शर्मा जी का बड़ापन है. कि वो यह बात आज भी जिक्र करते हैं। वो तो. कपिल शर्मा को यह बोलने की जरूरत नहीं है।. ही इज़ अ वेरी बिग मैन नाउ। लेकिन फिर भी. ही सेज़ मेनी टाइम। मुझे भी कई दफा बोला. उन्होंने।. ओके। गदर में एक और कहानी सर आई थी कि ऐसा. तीन बार हुआ है कि जब सनी देओल और आमिर. खान की फिल्म एक साथ रिलीज हुई हो और. दोनों की फिल्म सुपरडुपर हिट हुई हो।. हां।. आपको डर लगा था कि लगान? नहीं मुझे कोई डर नहीं लगा था। मुझे फिल्म. पे बहुत. क्योंकि वो भी पीरियड मूवी थी। मुझे फिल्म.
पे बहुत भरोसा था और वो जमाना ऐसा था कि. दो-दो पिक्चरें बड़ी-बड़ी साथ रिलीज होती. थी। क्या है ना वो देखिए आज के और तब के. जमाने में फर्क क्या है? बेसिक फर्क बता. रहा हूं। ये जमाना मार्केटिंग का जमाना वो. जमाना मार्केटिंग का नहीं था। वो जमाने. में फिल्मों पे लोग जाते थे। लोगों ने गदर. भी देखी। पहले दिन लगान भी देखी। एक्टर के. फेवरेट होते थे कि भाई मुझे सनी देओल की. भी देखनी है। आमिर खान की भी देखनी है।. उसके लिए कोई ना इतनी पब्लिसिटी होनी. पड़ती थी ना इतनी बड़ी मार्केटिंग करनी. पड़ती थी। एक्टर के नाम से लोग फिल्म चले.
जाते थे। डायरेक्टर के नाम से लोग फिल्म. चले जाते थे। गानों को देख के फिल्म चले. जाते थे। और लोगों ने दोनों देखनी होती. थी। दोनों देखते थे। ऐसा होता. बट ये बड़ा इंटरेस्टिंग किस्सा है कि पहली. बार आमिर खान और सनी देओल की लड़ाई बॉक्स. ऑफिस पर हुई थी घायल और दिल की।. हां।. आपकी फेवरेट कौन है घायल दिल में? डेफिनेटली घायल।. घायल। क्या कमाल की पिक्चर थी। उसके बाद. दूसरी बार 1996 में घातक और अजय. हिंदुस्तानी।. उसमें मेरी राजा हिंदुस्तानी मुझे बहुत.
ज्यादा पसंद है।. घातक. घातक भी पसंद है लेकिन राजा हिंदुस्तानी. घातक का वो डायलॉग चीर दूंगा फाड़ दूंगा. सातों को. अच्छा है लेकिन पर राजा हिंदुस्तानी. हां दैट्स अ कल्ट. उसकी बात है उसके गाने उसकी. आए हो मेरी जिंदगी में तुम बहार बनके. वो कमाल है उसके. परदेसी परदेसी. वो कमाल गाने हैं।. तेरे इश्क में नाचेंगे. वो कमाल गाने हैं। मैं तो उनके डायरेक्टर. को जब भी मिलते हैं आज भी बोलता हूं। मेरी. फेवरेट फिल्म है वो जो उसका किसिंग सीन. कमाल है इंटरवल [हंसी]. टू गुड.
आई तो उस दौर का सबसे लंबा लिप लॉक सीन था. हां वो कमाल था. आमिर खान ने इसमें जहर एक्टिंग की थी. बहुत बहुत. करिश्मा इनफैक्ट करिश्मा भी. करिश्मा कमाल थी सुरेश ओबराय सारे लोग. बहुत अच्छे थे. गाने. हां गाने तो खैर उसके. नदीम श्रवण कमाल था मतलब अनबिलीवेबल और. घातक भी अच्छी थी घातक अलग रूप में अच्छी. थी मगर राजा हिंदुस्तान तो राजा. हिंदुस्तानी है. [हंसी] और फिर आई गदर और. लगान. हां. और दोनों ब्लॉकबस्टर.
दोनों ब्लॉक. दोनों मेरे ख्याल से अपने-अपने करियर की. बिगेस्ट मूवीस. हां. आमिर लगान से आगे शायद नहीं गए अब तक और. सनी पाजी गदर से आगे नहीं गए. हां लेकिन क्या था कि आमिर खान खुद बोलते. हैं कि गदर इतनी बड़ी मॉन्सर हिट हो गई थी. कि मेरी फिल्म से तीन चार पांच गुना बड़ी. हिट हो गई थी कमर्शियली. गदर का जो फुट फुटफॉल था वो तो गदर का तो. अनबिलीवेबल था।. गदर इस लाइक मास सिनेमा। वही मैं कह रहा. हूं कि जो साउथ इंडिया ने बाद में पकड़ा।.
हां।. पुष्पा जब हम देखते हैं, केजीएफ हम देखते. हैं, सालार हम देखते हैं, आरआरआर देखते. हैं।. देखिए आज आप इन फिल्मों की. बाहुबली ये आपने उस दौर में दिखा दिया।. पर मैं क्या बोल रहा हूं? अमर अकबर अंथोनी. क्या थी? जंजीर क्या थी? त्रिशूल क्या थी? नमक हलाल क्या थी? मुकद्दर का सिंगर क्या. थी? ये. क्या बोलते हैं? यादवों की बारात क्या थी? ये सब तो यही तो थी। इतनी बड़ी-बड़ी. ब्लॉकबस्टर थी। बहुत हुई है। भारत साउथ वो. कर रहा है जो भारत ने 70-80 में किया हुआ. है। 90 में किया।.
नर्थ ने जो 70 80 में. यहां पे. हां हिंदी ने हिंदी ने जो किया हुआ है। हम. लोग भूल गए। हम लोग क्या है? हम लोग. बॉलीवुड में कहीं दुविधा में फंस गए हैं।. बॉलीवुड में लोग दुविधा में फंस गए हैं।. वो उनको भारत नहीं समझ आ रहा। उसका रीजन. क्या हो गया है? क्यों फंस गए हैं? क्योंकि जो अभी नई जनरेशन आ रही है वो. बहुत अच्छी है। समझदार है। वर्ल्ड सिनेमा. देखा हुआ उसने लेकिन भारत नहीं देखा हुआ।. प्रॉब्लम वहां फंस रही है।.
पहले लोग कोई गांव मथुरा, आगरा, दिल्ली. जैसे मथुरा से आए, कोई दिल्ली, मेरठ. छोटे-छोटे शहरों से आया, दिल्ली से भी लोग. आ रहे हैं। गाजियाबाद से आ रहे हैं।. उन्होंने वो जमीन, वो गलियां देखी थी। वो. लोग देखे थे। अब क्या हो रहा है? अब बच्चे. पढ़ रहे हैं, पैदा हो रहे हैं। अमेरिका. में पढ़ रहे हैं, लंदन में पढ़ रहे हैं।. वहां पर उनके जो अपब्रिंगिंग है, उनकी जो. दुनिया है, जहां वो देख रहे हैं, वो कभी. गाड़ी से पैदल चले ही नहीं। गेम्स कभी कोई.
खेल अब तो खेल भी नहीं खेल रहे हैं। अब तो. वो भी बंद हो गए हैं।. उनको असली भारत पता एक्चुअली नहीं है।. पता ही नहीं है। तो उनका दोष नहीं है।. सही बात है।. अब वो ट्रक ड्राइवर का सीन कैसे ला सकते. हैं जब उन्होंने वो जिंदगी देखी नहीं।. उनको उनको उनका दोष नहीं है। उनको पता ही. नहीं है भारत को क्या चाहिए। भारत को क्या. पसंद है? वो मोदी जी को मालूम है भारत को. क्या चाहिए और भारत को क्या पसंद है।. घाट घाट का पानी पिए ना।. हां तो उनको क्या चाहिए वो बहुत जरूरी है. समझना।.
क्या ये मानते हो एक बड़ी वजह है बॉलीवुड. के डाउनफॉल की जो इस बीच में गया है।. बिल्कुल बहुत बड़ी वजह है। क्योंकि आप. क्या लिखेगा आदमी? क्या दम है उसकी स्याही. में। हालात ने जो चोटें दी शब्दों में उभर. आई हैं। इतनी सी बात है कि भाई जो आप आप. पा रहे हो जो आप देख रहे हो वही तो आप. दोगे और क्या दोगे? सही बात है। जो मिला है जो देखा है जो. महसूस किया है वही आप लौटाओगे। जो खाओगे. वही चुगाली करोगे।.
नई पीढ़ी में कौन सा डायरेक्टर है सर जो. आपको लगता है कि इंडिया को समझता अच्छा. है? अभी देखो मुझे यह बहुत अच्छा लगता है. डायरेक्टर इसने बहुत कमाल का काम किया हुआ. है दिस आदित्य धर ने धुरंधर. आपने देखी धरंधर. दो देखी मैंने मुझे बहुत बढ़िया लगी और. अच्छा कार्य किया उसने. हमको लगता है पीक सिनेमा दिखा दिया उसने. जो भी है सही कार्य किया उसने मतलब उसने. उसने परवाह नहीं की कि लंबी है लेंथ छोटी.
है लेंथ उसको इसकी इतनी मालूम है कि. पिक्चर अच्छी है तो चलेगी अच्छी नहीं है. तो नहीं चलेगी बंधन में बंधा ही नहीं उसने. प्रॉपर फुटेज लेके सीन बनाए. ये नहीं फटाक से खट काट दूं मैं कि यार. लेंथ है लंबी है उसने करैक्टर को पकड़ा. करैक्टरों के हिसाब से जो उनकी सीनों की. लेंथ होनी चाहिए वो दी प्रॉपर लेंथ दी. प्रॉपर ट्रीटमेंट किया प्रॉपर बनाया.
ठीक है उसका सब्जेक्ट ऐसा था जिसका. आइडेंटिफिकेशन बहुत ज्यादा था लेकिन एज ए. डायरेक्टर उसने उसको बनाया भी बहुत अच्छा।. इसलिए आज धुरंधर के बाद स्पाई यूनिवर्स. चलना बहुत मुश्किल होने वाला है जो फेक. स्पाई यूनिवर्स. क्योंकि उसको रियल बनाना पड़ेगा।. जैसे व आरएफ की बहुत सारी फिल्में स्पाई. पे आती हैं।. अब अब वो बहुत डिफिकल्ट हो जाएगा। मुझे. ऐसा लगता है क्योंकि अब लोगों को रियल का. इतनी आदत हो गई.
कि रियल जासूस कैसा है? लोगों को देखना. है। वो तो कोई जेम्स बॉन्ड ही आएगा। वो. ब्रांड के साथ वही चल सकता है।. क्योंकि वो एक अलग दुनिया अब आप बना रहे. हो तो अलग दुनिया में अब ले जाएंगे।. गदर की भी आई थिंक वो रोनेस ही शायद सबसे. ज्यादा पसंद आई थी।. रोनेस. लेकिन आपकी और बहुत सारी फिल्में सर आई। अ. जो उस लेवल पे नहीं है। जैसे मुझे वीर का. बड़ा डिसपॉइंटमेंट होता है। वीर अच्छी. फिल्म है।. आपको क्या लगता है? वीर समय से पहले आ गई।. इस वजह से इतनी बड़ी नहीं बन पाई क्योंकि.
उसमें भी सब था। लड़ाई झगड़ा एक्शन गाने. इसमें क्या होता है वीर में एक कोई ना कोई. मिस्टेक हो जाती है। वीर में जो हमने फादर. एंड सन का कॉन्फ्लिक्ट दिखा दिया ना. क्लाइमेक्स में वो लोगों को नहीं समझ आया. और वो वो नहीं होना चाहिए था। मुझे ऐसा. लगता है वो गलती थी।. मिथुन और जो सलमान लड़ते हैं।. हां वो नहीं होना चाहिए।. जिसमें सलमान की डेथ आती है।. हां वो नहीं होना चाहिए था। वो गलती थी।. वहीं वो पिक्चर गड़बड़ हो गई थी। कुछ आपका. कोई कोई कई बार क्या होता है अच्छे सीन.
पिक्चर को खराब करते हैं। यह मैं आपको एक. बात बता देता हूं। कोई अच्छी कोई नई बात. मन में आया यार बाप और बेटे का. कॉन्फ्लिक्ट करें। मेरी सलीम साहब ने भी. मुझे एक दो दफे बोला ये कॉन्फ्लिक्ट रॉन्ग. है। सलमान चाहता था यह कॉन्फ्लिक्ट हो।. मुझे भी कई दफे लगता था यह कॉन्फ्लिक्ट. रॉन्ग है। नहीं होना चाहिए। फिर. मैंने हनुमान जी और मकरध्वज. से. को पकड़ा। उनके बीच में ये कॉन्फ्लिक्ट. हुआ था। मकरध्व्ज हनुमान जी का बेटा था।. वहां से लाके मैंने लॉजिकली तो राइट कर.
दिया।. लेकिन लॉजिकली राइट करना और लॉजिकली राइट. होना वो अलग बात है। करना और होने में. बड़ा फर्क है। वो लोग बोलते हैं यार द्दा. की तलवार द्दा की तलवार आप बोलते हो यार. गोरों में तो डाली नहीं द्दा में ही डाल. दी।. समझे ना? ये ये लोगों का जो आम आदमी का ये. कहना था। तो एक कमाल का सीन लाने के चक्कर. में कि यार बाप बेटों में लड़ाई का सीन. बनाएंगे। बाप बेटों में लड़ाई थी क्रांति.
में। बाप बेटों में लड़ाई थी रुस्तम सोराब. में।. क्रांति में क्या बढ़िया. नहीं लेकिन वो कब थी जब दोनों जानते नहीं. थे। बाप बेटे ना जाने लड़ाई हो तो बात समझ. आती है।. रुस्तम सोराब में भी जानते नहीं थे बाप. बेटे लड़ाई है। या जानते हुए लड़ रहे हैं।. ये बात रॉन्ग है। हमारे संस्कारों के. खिलाफ है। वो नहीं होनी चाहिए थी। वो हमसे. गलती हुई।. बाकी सब ठीक था फिल्म में। बाकी फिल्म में. सब बहुत बढ़िया था।. गाने तो बहुत अच्छे थे।. गाने कमाल थे। सब कुछ अच्छा था।. लव स्टोरी बहुत कमाल थी। सब अच्छा था।.
सारी चीजें अच्छी थी।. जरीन खान आप लोग लेके आए थे।. हां जरीन खान लाए थे। जरीन खान भी लोगों. को पच जाती। अगर वो क्लाइमेक्स राइट होता. तो।. तो एक सीन जैसे पिक्चर फ्लॉप आती है।. पिक्चर हमेशा लास्ट का टुकड़ा अगर गड़बड़. हो जाए तो पिक्चर गड़बड़ हो जाती। बीच में. सीन खराब हो जाए तो प्रॉब्लम नहीं पड़ती।. पिक्चर लास्ट में गड़बड़ आपका पिक्चर का. निचोड़ नहीं जाना चाहिए.
और शायद थोड़ा समय से पहले भी थी वो. पीरियड वो दुनिया जो आज की दुनिया पैदा. हुई है वो दुनिया तब नहीं थी. आज अगर वीर सेम एज इट इज़ रिलीज हो सलमान. के साथ तो सुपरहिट हो जाएगी सेम. आज की डेट में क्योंकि आज वो लोगों का. माइंडसेट है वो सब पिक्चर इतनी बड़ी. पिक्चर विशाल पिक्चर देखने का लोगों का आज. वो पूरा का पूरा मन है। पूरा उस दौर में. जाके उनको मजा आता है।. सलमान ने शायद बड़ी मेहनत की थी। मैंने.
सुना था उनका ड्रीम. बहुत मेहनत की थी। वर्क वेरी हार्ड. नहीं वैसे तो भाईजान कहा था कि बड़ा. कैजुअल रहते हैं कई बार।. नहीं नहीं उस. लेकिन उस फिल्म को लेकर जितना मैंने. आर्टिकल्स पढ़े हैं वो ये रहा कि सीरियस. था।. वो उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था।. बहुत सीरियस था।. हो गया क्या? फिर भी अब वो लोग बोलते हैं. माइनस माइनस पिक्चर माइनस नहीं थी। पिक्चर. ने फिर भी उस जमाने के हिसाब से भी 60 70. 75 करोड़ का तो बिज़नेस किया ही था। ऐसा. नहीं है कि कोई बिज़नेस नहीं किया। पिक्चर. ओपनिंग भी उसकी बहुत बड़ी लगी थी। 3D से.
बड़ी ओपनिंग लगी थी। सबसे बड़ी ओपनिंग लगी. थी उस साल। लेकिन वो एक ठप्पा लग गया उस. पे। एक्चुअली पिक्चर ऐसी भी नहीं है जैसे. हर कोई बोलता है पिक्चर बढ़िया है। बढ़िया. है तो फिर खराब क्यों है? जैसे जीनियस के. बारे में बोलते हैं बढ़िया बढ़िया खराब. क्यों? चल तो रही है ना। आज ओटीटी. सेटेलाइट सब जगह तो चल ही रही है। भी खूब. चल रही है। आज तो खूब चलती है।. तो पिक्चर सर कैसे तय होता है फ्लॉप है या. हिट है? क्या होता है? जैसे राग कश्यप का मैं कहीं सुन रहा था कि. जिसे उनकी फ्लॉप फिल्म में लोग मानते हैं. वो उनकी हिट फिल्में हैं। क्योंकि वो उनको.
जीवन भर पैसा कमा के दे रही है।. देखिए क्या होता है ओटीटी सेटेलाइट पे. फिल्में अलग चलती हैं। अब जैसे जीनियस हुई. वीर हुई ये तो खूब चल रही है ओटीटी. सेटेलाइट पे चली ही जा रही हैं।. क्या आपको पैसा देती है? नहीं बिल्कुल देती है ही ना। पैसा तो. देंगी ना। रोज जो चल रही है अगर इसके छछ. 8आ करोड़ व्यूज आते हैं YouTube के ऊपर. हम. तो उसका आप तो खुद जानते हो क्या है अगर. ढाई घंटे की फिल्म 6 करोड़ के ऊपर व्यूज. चल रहा है तो क्या है YouTube पे पैसा कमा. ही रही है ना पैसे तो एक-एक सीन उसके 40.
एक-ए सीन चारचार पांचप 66 करोड़ पे सीन चल. रहे हैं तो चलेगी ना पिक्चर तो चल ही रही. है वो मैंने अगर राइट आपको दे दिए तो आप. कमा रहे हो और मैंने आपको राइट नहीं दिए. तो मैं कमा रहा हूं। कोई तो कमा ही रहा है. ना।. पिक्चर तो पैसे दे ही रही है। तो ऐसा वीर. भी खूब पैसे दे रही है। थिएटरिकल पिक्चर. सलमान का उन दिनों इतना दौर नहीं था। इतनी. चीजें नहीं थी। तो थोड़ा सा हुआ। उसके बाद. सलमान साहब का दौर बड़ा आया। तो वो वो वो.
भी एक बड़ा फर्क पड़ता है। पिक्चर सलमान. साहब की वन ऑफ द आज भी बोलते हैं वन ऑफ द. बेस्ट पिक्चर है वीर सलमान की। उसके. पर्सनालिटी उसका सारा कुछ। आज वीर रिलीज. हो जाए तो वीर बवाल हो जाए।. एक फिल्म आपकी और थी जो बड़े दिल के करीब. है। अपने. हां अपने बहुत बढ़िया चली भी थी अच्छी थी. और मेरे बड़ी पसंदीदा फिल्मों में है और. धर्म जी के साथ लास्ट काम किया था उसमें. इसलिए मेरे लिए बड़ी चहती है।. गदर मुश्किल थी या अपने बनाना मुश्किल थी?
मुश्किल तो देखो मुझे कोई नहीं लगता। जब. मैं फिल्म में घुस जाता हूं तो कोई. मुश्किल. मैं ये सवाल इसलिए पूछ रहा हूं गदर में. किरदार को संभालना था।. अपने में सिर्फ किरदार नहीं थे। कुछ असली. भावनाएं भी थी जो कैमरे पर आ रही थी।. मुझे [खांसने की आवाज़] लगता है एक ऐसी. फिल्म है जिसने देवल परिवार की इमेज बहुत. स्ट्रांग कर दी. और अपने तो मेरे लिए बड़ी सहज थी। बड़ी. सहज इसलिए थी कि तीनों एक दूसरे को सपोर्ट. करते थे। सनी कहता था बॉबी का रोल अच्छा. करना, पापा का रोल अच्छा करना। वो पापा.
कहते थे बॉबी का रोल बहुत अच्छा करना। सनी. तो संभाल लेगा। वो बॉबी कहता था पापा का. रोल बहुत अच्छा करना।. ऐसे चलता सनी को तो सब पर भरोसा था सनी तो. संभाल लेगा. सनी सर में कुछ अलग है सर. हां कुछ है. मतलब इस फिल्म में अपने में आपने बॉबीला. कैरेक्टर बड़ा किया बीच में लड़ाई झड़ बट. जैसे सनी देओल आते हैं. सनी सनी है. आई थिंक देयर इज़ मोर ऑफ अटैचमेंट कॉमन. लोगों को शनि देओल से. शनि में पावर शनि में पावर दिखती है शनि.
के अंदर क्या दिखता है जो धर्म जी में. दिखता है तब पावर है और जब पावर एंकर लगता. है वह आपका सेविअर लगता तो सनी जब आता है. तो आपको लगता है आपका सेवियर आ गया, एक. एंकर आ गया तो आप उससे ज्यादा जुड़ेंगे।. वो सनी में है।. नहीं हर फिल्म में सनी देओल की कोई फिल्म. उठा लीजिए। एक थोड़ा सा आम भारतीय लोगों. का जुड़ाव सनी देओल से है।. बिल्कुल है। बता रहा हूं रीज़न बता रहा हूं. कि सनी आपको सेवियर लगता है। सनी आ गया तो. आपको लगता है ये आपको बचा लेगा।. नहीं इमोशंस में भी.
इमोशंस की तो बात कर रहा हूं मैं। इमोशन. में बचा लेगा।. मतलब मारपीट में तो है ही उनका 2ाई किलो. का हाथ। इमोशंस में भी. इमोशन में भी बहुत इमोशनल बंदे हैं और वो. इमोशंस को बहुत अच्छा कैरी करते हैं।. और फिर वो जो गाना आपका था बाकी सब तो. सपने हैं अपने तो अपने ओ. शमिया सोनू निगम. म गॉड. अगर आपको आपके परिवार से रत्ती भर भी. मोहब्बत है. रत्ती भर भी आप इमोशंस को समझते हैं तो ये. गाना आपकी आंखों में किसी दिन भी आंसू ला. सकता है।. अरे साहब मैं अपने के बाद मैं अमेरिका गया. था साहब। और मैं जब जहां जाता था दो गाने.
बजते थे मेरे को देखते ही जो भी वहां. अमेरिका आप जाओ तो किसी भी महफिल में जाओ. तो वहां एक आध सिंगर को बुला लेते हैं और. अनिल शर्मा आए हैं तो पार्टी तो होगी शाम. को तो दो-तीन गाने बजते थे एक मैं मैं. निकला गड्डी लेके उड़ जा कालेगा और आलास. में बजता था अपने तो अपने होते हैं इस. गाने पे सब रोते थे यूएस में जितने भी. इंडियन थे 20 30 40 40 50 जो भी उस पार्टी.
में होते थे सबकी आंखों में आंसू आ जाते. थे।. तेरे संग लाड लगा हुआ क्या लिखा? आपके समीर साहब ने लिखा गाना कमाल गाना. लिखा।. कुछ इस गाने की कहानी सुनाइए ना। हिमेश और. समीर सर का कॉम्बिनेशन एक ऐसा जो बड़ा. अंडर रेटेड कॉम्बिनेशन है।. देखिए ऐसा है. जिसका नाम है हिमेश रेशम। बहुत ही समझदार. और बहुत ही सायाना बंदा है। उसको. मार्केटिंग का मास्टर है। उसको मालूम है. कि क्या बेचना है और क्या खरीदना है।.
तो मैंने अपने के लिए मैंने नहीं सोचा था. कि हिमेश ऋषि में होगा क्योंकि हिमेश ऋषि. में और अपने दिखते नहीं है साथ में। ऐसा. मुझे लग रहा था।. हां पहली साइड में नहीं दिखते और खासतौर. पे उस दौर में. जब हिमेश झलक दिखलाजा आशिक बनाया कर रहे. थे।. बिल्कुल नहीं दिखले थे। तब झलक दिखलाजा भी. नहीं आया था जब ये ये आया था गाना। जब. हमीश मुझे मिला था अपने के लिए तो आया. अपने समीर साहब आए दोनों आए तो मेरा नीरज.
पाठक जी जो मेरे राइटर थे उनका दोस्त था. उन्होंने शायद उसको सिचुएशन बता दी थी. नीरज ने उसने पूछा होगा मुझे कुछ सिचुएशन. पता तो गाना लेके आया मेरा आते ही जैसे. आया मैं आपको बाद बोले मैं बात बाद में. करते हैं पहले एक गाना सुन लो आप. और उसने गाया अपने तो अपने होते हैं एक. तेरे संग लाड लगाव. ये बैठा हुआ था। अरे मैंने कहा ये क्या. बना दिया आपने? बोले मैं लाया हूं।. सिचुएशन सुन ली थी नीरज से मैं लेके आया. हूं। मैंने कहा सर इसी सर में डन.
वो गाना लेके आया और बस ताकि गाना अ. क्या बोलते हैं? मतलब इतना कॉन्फिडेंस था कि ये गाना मैं. ले जा रहा हूं। मुझे इसमें फिल्म मिल. जाएगी।. सर ये गाना है। और और मैं ना करता मेरे से. बड़ा पागल कोई नहीं था। उसको उस धुन भी दी. उसने। उसने मुझे सिचुएशन भी दे दी। यह.
स्मार्ट म्यूजिक डायरेक्टर था। धुन भी दी।. सिर्फ ला लाला करता तो शायद मैं उस क्षण. में ओके करता या नहीं करता। धुन भी दी और. सिचुएशन भी दी कि वर्निंग भी दे दी। आपकी. सिचुएशन पे फिट हो रहे हैं।. बीते लम्हे यादों की सारी बातें तड़पाती. हैं।. क्या समीर सर ने क्या लिखा है? मतलब समीर. सर भी बहुत उनको भी लोग उतना सेलिब्रेट. नहीं करते। हालांकि अब वो बहुत एक्टिव हो. गए हैं सोशल मीडिया पर।. आजकल बहुत आपने ही करवाया। [हंसी]. अभी. आपके यही बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। मजा.
आता है सुल्तान।. दोबारा भी आने वाले हैं। मुझे बहुत खुशी. है और मुझसे कहते हैं कि मैं जहां जाता. हूं सब कहते हैं कि मैंने शुभांकर वाला वो. इंटरव्यू देखा था।. हां सब ने देखा है। अरे वहीं से तो आपका. बहुत इंटरव्यू बहुत उसने जो बातें बोली. हैं और जो अरे भाई कमाल है और बोलते भी. बड़े मजेदार तरीके से हैं। समीर अंजान. उनके पिताजी बहुत अच्छे राइटर थे।. मैंने मेरे पहले फिल्म तो अनजान साहब ने. ही लिखी ना मेरी।. क्या बात है? मेरा तो उनसे पार एक रिश्ता है। ये तो. छोटे बच्चे थे। जब मैं हेमंत भोसले के साथ.
काम करता था। मेरा पहला गाना अनजान साहब. ने लिखा।. क्या बात है।. और मेरी पहली दो फिल्म श्रद्धांजलि और. बंधन कच्चे धागों के गाने अनजान साहब ने. लिखे।. बट इन्होंने भी लेगसी आगे बढ़ाई सर।. जबरदस्त।. बिल्कुल बढ़िया. जितने पिछले तीन चार दशकों से अगर कोई. इंसान आज भी रेलेवेंस ले बैठा अभी सलमान. गलवान में भी लिख रहे हैं. और अभी भी टायर्ड नहीं हुए हैं वो. बिल्कुल बहुत बढ़िया है. सर ये अपने से पहले काफी कंट्रोवर्सी आती. रहती थी देवल फैमिली में इसमें जब हमने.
देखा सारा इमोशंस इसके बाद चीजें बदली. अपने में आपका बेस्ट मोमेंट क्या था शूट. करते वक्त. कोई एक सीन जो आपको लगता हो कि यार ये. बड़े डले करीब था [हंसी]. एक सीन मुझे याद आ रहा है कमाल का। ऐसी एक. घटना सुना रहा हूं आपको।. [हंसी]. तो वैन में बैठे हुए हैं धर्म जी के साथ. में. हम. तो धर्म जी ऐसे ही बोल रहे हैं। तो ऐसी.
बातें हो रही हैं के सर आपके साथ तो ये. हीरोइन ने काम किया। आपके साथ ये हीरोइन. ने काम किया। ऐसे हम लोग एक दो लोग बैठे. थे। पंजाबी पंजाब में बात हो रही थी। एक. दो लोग सब बैठे हुए हैं। सनी बॉबी भी बैठा. हुआ। सनी बॉबी वेन के इधर उधर थे तो ऐसे. बैठे हुए थे तो अब कोई पंजाबी बंदा था बात. कर रहा था के बोले आपके साथ तो इस हीरोइन. ने भी काम किया इस हीरोइन ने भी काम किया. इस हीरोइन ने भी काम किया पाजी बॉबी और. सनी को भी बोला करो ना कोई अच्छे हीरोइनों.
के साथ काम कर रहे अरे यार मेरे लड़के लोग. ऐसे ही कुछ बोले बोले जा रहे थे [हंसी]. सुनी वो भी दो लोग सुने उन्होंने सुना अरे. यार दोनों एकदम शर्मा के भागे वहां से. बोले यार क्या बताएं यार यार उसके लिए अब. इतना इशारा करके रुक गए यार वो हीरोइनों. के काम करने के लिए क्या-क्या रुक गए मतलब. तो मतलब उनका इरादा ये था कि भाई मैं तो. देखो इतनी बड़ी-बड़ी हीरोइनों के साथ क्या. मेरे लड़के स्मार्ट नहीं है बड़ी-बड़ी. हीरोइनों के साथ काम नहीं कर पाते.
ये लोग थोड़े शर्मीले हैं कंपैरिजन टू. धर्मेंद्र पाजी. [हंसी]. धर्म सनी सर एकदम ऐसे मुझे याद है वो भी. एकदम भागा वहां से बोले यार ये क्या बोल. रहे हैं तो ऐसा नहीं है। सनी ने भी बहुत. बड़ी-बड़ी हीरोइनों के साथ काम किया।. श्रीदेवी से लेके किस-किस के साथ नहीं काम. किया। जया प्रदा सब बड़ी-बड़ी हीरोइनों के. साथ। बॉबी ने तो हमेशा ही किया। करिश्मा. हो, करीना हो किस सबके साथ ही काम किया।. अमीष अमीष हो.
कैटरीना. अमीष हो, कैटरीना हो, सब किया ऐसा नहीं. है। सबके साथ काम किया। तो उसमें तो क्या. था कि बहुत सारे. बट धर्मपाजी इस मोर ऑफ़ दिल फेक। दिल. फेंका। अब धर्म जी का एक इंसिडेंट सुनाना. चाहता हूं मैं के. ट्रेन का शॉट था।. ट्रेन के साथ धर्म जी को साइकिल चलानी है।. और चल के ड्राइवर को क्रॉस करना है। ट्रेन. से गाड़ी आगे निकालनी है। बॉबी पीछे दौड़. रहा है। यह शॉट था।.
15,000 पब्लिक थी। धर्म जी को चीयर करने. लगी। धर्म जी को जोश आ गया। धर्म जी. साइकिल चलाते चलाते चलाते चलाते इतनी तेज. वो शॉट लगा हुआ है फिल्म में ट्रेन को. क्रॉस कर गए ये धर्मेंद्र है [हंसी]. तो धर्म जी तो धर्म जी तो धर्म [हंसी]. सही है. और पब्लिक चीयर करे ओ चलो पाजी चले जा रहे.
हैं तेरी मां चलो. एक और फिल्म आपकी थी महाराजा उसमें गाने. बड़े अच्छे थे. हां बहुत अच्छी यही है महाराजा राजा की. कहानी. आंखों में मोहब्बत गोविंदा का लुक बड़ा. अच्छा था. बहुत अच्छा लुक था. और एक गाना उसमें बड़ा अच्छा था मुझे जब. तुम आ जाते हो सामने. कमाल [गला साफ़ करने की आवाज़] गाना था वो. कमाल गाना था जब तुम आ जाते हो सामने. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. कुछ गीत लबों पे बसते हैं और बड़े. आपको गाने बड़े [गला साफ़ करने की आवाज़]. याद रहते हैं।. मुझे गाने याद रहते हैं। मुझे गानों से. बहुत प्यार है।. और मैंने एक और चीज नोटिस की जो मैं आपसे.
पूछना चाह रहा था। आपके पिक्चर में सोनू. निगम खूब है। आपके पिक्चर में उदित नारायण. भरभर के हैं। कुमार शानू से ऐसी क्या. दुश्मनी थी कि आपने गाने. दुश्मनी नहीं थी। कुमार सानू ने बड़ा. अच्छा हमारा गाना गाया। आईने के 100. टुकड़े मां के अंदर वो पता नहीं आपसे सुन. के ही मुझे थोड़ा सा अभी आपसे जब बात कर. रहा था तो थोड़ा सा लगा मुझे कि हां यार. ऐसा कैसे हो गया? जबकि कुमार शानू से मेरे. बड़े अच्छे रिश्ते हैं। और ऐसा कैसे हो. गया? मैं उनका फेवरेट मेरे फेवरेट सिंगर. भी हैं वो।.
लेकिन हो गया।. हां मतलब बड़ी-बड़ी फिल्मों में आपने गाने. हैं। गदर में कुमार सानू का एक गाना नहीं. है।. एक गाना नहीं है। हो गया।. अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों में भी. नहीं है।. सोनू निगम ने बहुत गाए गाने मेरे।. महाराजा में तो उनका बन सकता था जैसे अब. जब तुम आ जाते हो सामने ये गाना वो भी गा. सकते थे।. लेकिन बस वो पता नहीं क्यों. जब गोविंदा पे उनकी आवाज बहुत अच्छी बैठती. थी।. नहीं पता नहीं क्यों पर मैंने ये कभी सोचा. नहीं। कभी सोचा नहीं।. कोई नहीं। देर नहीं अभी भी फिल्में बना. रहे हैं।. अभी करेंगे। अब करेंगे। आज आप कोई बोल के. जाते हैं उनको फिर बुलाते हैं हम किसी एक.
गाने में. एक कोई अच्छी मेलोडी देखिए मिथुन ने भी. कहा है. तो मिथुन को ही बोलेंगे ना उनके लिए. बस हो गया एक अच्छी सी मेलोडी बनाइए कोई. 90ज की हम हां करवाइए और. करवाएंगे. मुझे लगता है कि 90 के जो फैंस हैं उनके. लिए ट्वीट हो जाएगी. अरे नहीं आज के लिए वो बड़ा नए रेलेवेंट. बहुत रिलेवेंट है और आज बहुत ही बहुत ही. आज के लिए भी बहुत रिलेवेंट है लोग उनके. गाने इतना सुनते हैं इतना सुनते हैं आज भी. लोग कि पूछिए मत. सर मैं रायपुर गया था वहां पर ऐसे बात हो. रही थी मीटिंग में तो मैंने कहा शानूदा का. पडकास्ट आ रहा है। लिटरली लोगों ने.
शुक्रिया कहना शुरू कर दिया।. यह ट्रीट है हमारे लिए। तो मुझे लगता है. कि भारत वो देश है जो ऑस्ट्रेलिया में. जीता है और अपने पुराने लोगों को चीयर. करना पसंद करता है और शायद ये भी एक बड़ी. वजह थी गदर को पुराने लोगों ने बढ़चढ़कर. देखा। अच्छी फिल्म थी. वो बाद की बात थी। लेकिन वो एक पुराना जो. एक इमोशन था वो भी भर-भर कर आया।. भरभ के आया।. गदर टू सर. डड यू एक्सपेक्टेड कि इतनी बड़ी हिट हो. जाएगी? गदर टू में बनाते ही तब जब मुझे. ऐसा लग रहा है कि 20 साल लगे गदर टू बनाने.
में क्योंकि मुझसे हमेशा लोग बोलते थे गदर. टू बनाओ, गदर टू बनाओ, गदर टू बनाओ।. वर्ल्ड में जहां जाता था लेकिन मेरे को. कहानी नहीं आ रही थी।. क्यों जाएगा तारा सिंह पाकिस्तान? कोई. पाकिस्तान टूरिस्ट प्लेस तो है नहीं कि. घूमने चला जाएगा या बीवी बच्चों को हॉलिडे. पे लेकर चला जाएगा। पहुंच जाएगा। ऐसा भी. नहीं हो सकता कि लड़का जाके पाकिस्तानी. लड़की से प्यार कर ले। जानते हुए भी कि. पाकिस्तान की लड़की से क्यों जाएगा भाई? जहां बचपन में उसने 5 साल की उम्र में. इतना बड़ा ट्रॉमा झेला हो वो नहीं जाएगा।.
तो हमारे लिए बड़ा मुश्किल सवाल था। तो हम. 20 साल तक और हमने कहा जिस दिन हमें यह. जवाब मिल गया कि तारा सिंह पाकिस्तान. क्यों जाएगा उस दिन कहानी बन जाएगी। जिस. दिन हमें यह सवाल मिला. कि तारा सिंह ऐसे पाकिस्तान जा सकता है।. उस दिन हमने कहानी बना ली और कहानी बन गई।. जब इनफैक्ट पिछले चि 7 आठ सालों में तो. जीनियस के बाद तो मुझे बहुत लोग बोलने लगे. थे कि अब तो उत्कर्ष भी आ गया। उत्कर्ष. जीते वही प्ले कर रहा है। अब जीते की.
कहानी बनाओ करो। सब बोलते थे। पर मैंने. ऐसे कैसे बनाऊं? जीते की क्या लव स्टोरी. बना दूं? जीते पाकिस्तान में लड़की को. ढूंढ लेगा। बोले इंग्लैंड में कोई लड़की. मिल जाएगी। पाकिस्तानी प्यार पड़ेगा। लोग. नई-नई कहानियां बताते थे। मैंने कहा नहीं. भाई उसको पता लग जाएगा तो करेगा ही नहीं. कभी। कोई झंझट मूल्य ही नहीं लेगा।. सेंसिबल आदमी मैंने कहा नहीं बनेगी कहानी।. जब कहानी बनेगी मेरे पास एटम बम आएगा तो. ही बम फोडूंगा नहीं तो नहीं फोडूंगा। तो. गदर 2 की कहानी जब आई तो उसी दिन ही लम्हा. लग गया था कि ये पिक्चर बहुत बड़ी हिट है।.
गदर 2 ने सनी देओल के करियर को फिर से. लार्जर देन लाइव बना दिया।. जी. अब सारी फिल्में फिर से सनी देओल की. केंद्रित आने लगी।. जी।. कई ऐसी फिल्में थी जिसमें वो साइड रोल में. थे। उनको सेंटर रोल में लाया गया। बॉर्डर. भी आई उसमें भी सनी देओल लार्जर देन लाइफ. फिर नजर आए। अगेन एक हिट गई। गदर 3 आ सकती. है।. गदर 3 तो हमने अनाउंस गदर 3 तो हमने टाइटल. में लिखा हुआ है टू वी कंटिन्यूड। गदर 3. पे कथा पे काम चल रहा है। और मैंने बोला. ना जब एटम बम का भी बाप जब मेरे हाथ में. आएगा तो गदर 3 शुरू करूंगा लेकिन करूंगा.
जरूर।. कमाल है।. अनिल शर्मा के कुछ गानों का जिक्र मैं. करता हूं। आप बताइएगा आपके फेवरेट गाने. कौन है? मैं दो-दो ऑप्शन देता आऊंगा। तो. उनमें से आपको चूज़ करना आप ही गाने हैं।. दिल झूमझूम वर्सेस अपने तो अपने होते हैं।. अब अपने तो अपने होते हैं। गाना तो कल्ट. है। उसका कंपैरिजन पर दिल झूमझूम भी मुझे. बहुत पसंद है। मैं तो. एक ही चूज़ करना है सर।. अब मेरे गानों में से मैं एक कैसे चूज़.
करना है। तो गाने मैंने चूज़ किए हैं। जाते. रहेंगे ना।. सारे गाने मैंने ही चूज़ किए हुए हैं। मैं. कैसे इसमें से एक चूज़ करूंगा।. कोई एक दिल के ज्यादा कर। फिर भी मैं. इसमें अपने तो अपने होते. अपने तो अपने होते हैं या मुसाफिर जाने. वाले. हाय. मुसाफिर जाने वाले. मुसाफिर जाने वाले या जब तुम आ जाते हो. सामने. मुसाफिर जाने वाले. मुसाफिर जाने वाले या फिर चल तेरे इश्क. में पड़ जाते हैं. चल तेरे इश्क में [हंसी]. चल तेरे इश्क में पड़ जाते हैं या दिल ना. मेरी सुने.
दोनों बड़े कमाल गाने हैं यार दोनों बड़ा. मुश्किल है चुनना पर दिल ना मेरी सुने. बहुत अच्छा है। दिल ना मेरी सुने या तेरा. फितूर. तेरा फितूर. तेरा फितूर या उड़ जा काले कावा. उड़ जा काले कावा. उड़ जा काले आपकी एक फिल्म और आई थी दिल. में है प्यार तेरा होठों पे गितवा झूठ. बोले जो. द हीरो. द हीरो बहुत अच्छा गाना बख्शी साहब उत्तम. जी का ही गाना है तो उड़ जा काले काम ऑफ.
कोर्स. उड़ जा या मैं निकला गड्डी लेके [हंसी]. बोले यहां फसा दिया मेरे को. [हंसी]. इन दोनों में से मैं नहीं कर सकता। नॉट. पॉसिबल।. कोई और आपका अंडररेटेड गाना जैसे मुझे. बड़ा पसंद आता है वो हमें तुमसे हुआ है. प्यार। क्या करें? बहुत कमाल गाना। हमें तुमसे हुआ प्यार. बहुत अच्छा। मेरे तो बहुत सारे गाने. वीर के गाने. दबी सुरीली अंखियों वाले।. सुरीली अंखियों वाले वीर के कई गाने हैं. जो बहुत पसंद है। मुझे.
सुरीली अखियों वाले दबी दबी सांसों में।. दबीबी दबीबी सांसों में मेरा बहुत फेवरेट. गाना है। आईने के 100 टुकड़े करके मां के. गाने।. बरसात में जब आएगा सावन का महीना कमाल. मेरी श्रद्धांजलि के गाने सया डोली ले आए. तेरे द्वार सवेरे लेके जाएंगे वो कमाल. गाना है शोभा गुटू का गाना बहुत ही कमाल. गाना है हुकूमत का एक गाना बड़ा हिट हुआ. था बड़ा ही हिट हुआ था गाना दिस. अरे वो गाना था.
दुनिया में कुछ रहेगा तो बस प्यार रहेगा. हम. ऐसे बहुत सारे बहुत सारे हिट गाने रहे. द हीरो के गाने या. गाने तो. द हीरो और सेलिब्रेट क्यों नहीं हुई सर? द हीरो तो अच्छी खासी चली थी। बढ़िया चली. थी। सब सेलिब्रेट भी. अच्छा लुक था। प्रियंका का बड़ा अच्छा था।. बड़ा प्रियंका का पहली पिक्चर थी वो और. अच्छी चली।. सनी पाजी का बड़ा अच्छा रोल था।. वो तो वो तो अच्छी सेलिब्रेट हुई थी।. गाना बड़ा अच्छा था। दिल में है प्यार. तेरा।. हां। वो तो लोगों की मोस्ट फेवरेट फिल्मों.
में से।. हमने उसको टीवी बड़ा देखा है।. हां। पिक्चर काफी चली थी और क्या ओपनिंग. लगी थी पिक्चर की मतलब पागल हो गया था. भारत इतना ओपनिंग लगी थी. बेदी साहब बड़े तगड़े लग रहे थे. हां कबीर बेदी अमरीश पुरी. अगेन आई एम सेइंग अमरीश पुरी सनी देओल का. देयर इज़ समथिंग सर. आप. कोई लोग माने ना माने लेकिन कुछ किस्मत. कनेक्शन होता है. है उनका. आप सनी देओल की फिल्में उठा लो कोई भी. है उनका. जिसमें सनी देओल चले हो घायल घातक जितनी. है. है. सब में दे सनी देओल. है.
दामिनी. बिल्कुल बिल्कुल. सनी और अमरीश जी का तो है ही. अमरीश जी कमाल है।. अमरीश पुरी के बाद भारत में अमरीश पुरी. नहीं आया।. नहीं साहब विलेन. का वो टावरिंग जो इमेज थी अमरीश जी के बाद. अभी तो नहीं है।. जब हम गदर टू कर रहे थे बहुत बड़ा सवाल था. हमारे लिए।. कि कैसे करें, क्या करें? मगर.
बट उस दौर के विलेन ज्यादा जबरदस्त थे।. अरे उस दौर में तो रामबानी प्राण सदाशिव. अमरीश पुरी. रंजीत. रंजीत सारे ही थे। कितने थे? कमाल है।. नेक्स्ट प्रोजेक्ट क्या है सर? नेक्स्ट प्रोजेक्ट अब मैंने अभी शूटिंग. शुरू कर दी। अभी 20 दिन से पिछले शूटिंग. कर रहा था अर्जुन नागा।. कौन-कौन है? कुछ अगर हिंट दे सके थोड़ा. सा। अभी बस अर्जुन नागा यही है कि मैं. इतना ही कहना चाहूंगा अभी अर्जुन नागा ऑफ.
कोर्स उत्कर्ष तो है ही और. बहुत सारे एक्टर्स हैं 10 12 बड़े-बड़े. एक्टर्स हैं और काफी बड़ी अ पिक्चर है और. 10 12 एक्टर. हां 101. एक्टर्स हैं।. जानी दुश्मन की याद आ गई मुझे। नहीं नहीं. मतलब जानी दुश्मन नहीं है। वो बहुत कल. बहुत एक एपिक एक्शन ड्रामा है जो कि आप इस. तरह से कह सकते हैं कि महाभारत को मैंने. 1960 70ज में ढाला है दुबई के टाइम पे जब.
दुबई में ऑयल वर्ल्ड निकला था।. म्यूजिक किसका है? म्यूजिक इसमें हिमेश रेशमिया।. ओके नाइस। कूल. हां और बहुत कमाल का म्यूजिक उसने किया. हुआ है और. बहुत मैगम अपस मेरी मेरी लाइफ की वन ऑफ दी. बहुत बड़ी पिक्चर है।. अच्छा मैं कहीं पढ़ रहा था कि इस साल जो. चार बड़ी फिल्में आने वाली हैं उसमें. नितेश तिवारी की रामायण राजमौली की. वाराणसी संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर.
और अनिल शर्मा की अर्जुन नाग।. हां अर्जुन नागा है काफी। और अर्जुन नागा. का क्या है कि. बहुत मैगम अपस पिक्चर है। और बेसिकली यह. फिल्म होगी टोटल चार पार्ट्स में।. तो अभी तो अभी मैंने अनाउंस भी नहीं की. है। कुछ नहीं किया है। बस आपके चैनल पर ही. मैंने पहली बार बोला है। अभी तक कहीं बोला. ही नहीं है। पहली बार आपके यहां बोला है. मैंने।. कब तक आ सकती है? ये नेक्स्ट ईयर ही आएगी। नेक्स्ट अभी.
मैंने शूटिंग शुरू की है। 20 दिन शूटिंग. किया। अभी इसके बाद नेक्स्ट शेड्यूल है।. सेप्टेंबर को बड़ा शेड्यूल है। दो महीने. शूट करने वाला हूं। बहुत सारे कलाकार बहुत. सारी चीजें। अभी मैं थोड़े दिनों में. अनाउंस करता हूं। तो. नागा नाम से कुछ रिलेट कर सकते हैं।. अर्जुन नागा पिक्चर का नाम है अर्जुन नागा. और बताऊंगा डिटेल बताऊंगा अभी अभी अभी. डिटेल खोल नहीं रहा कुछ भी. चलिए आपको शुभकामनाएं सर फिलहाल. शुभकामनाएं गदर के 25 साल. जी. मुबारकबाद होने के लिए और उम्मीद करते हैं. कि अर्जुन नागा भी ऐसी आए जो अगले 25 साल.
सेलिब्रेट की जाए. बिल्कुल पूरी आपके साथ इन्हीं आपकी इसी. शुभकामना के साथ मैं आपसे विदा लेता हूं. और मैं पूरी कोशिश बाकी करने वाला तो. ईश्वर है लेकिन ऐसा लगता है कि अर्जुन. नागा मेरी लाइफ की वन ऑफ द बेस्ट फिल्मों. ऐसे होगी जिसमें ड्रामा, डायलॉग, म्यूजिक, एक्शन कमाल होने वाला है।. हां मतलब अब फिल्में लोग पसंद करते हैं जो. थोड़ी लार्जर देन लाइफ हो सिनेमा हॉल. जाके।. तो अगर आप चार पार्ट में बना रहे हैं. अभी तो ये तो पहला पार्ट होगा उसके बाद.
धीरे-धीरे बनेंगे।. बेस्ट विशेस सर।. थैंक यू।. थैंक यू सो मच।. चलिए ओके।.
