WATCH THIS To Avoid Cancer - Symptoms, Myths, Treatment, Diet & Food - Dr Tarang | FO322 Raj Shamani
डाइट और फूड कौन-कौन से होते हैं जिससे. कैंसर होने के चांसेस हो फास्ट फूड. पिज्जाज बर्गर्स अजीनोमोटो मिला हुआ खाना. टेल मी टॉप थ्री फूड्स जो खाने चाहिए. लोगों को ताकि उन्हें कैंसर होने के. चांसेस कम हो ब्रॉकली नंबर टू ब्लूबेरी. नंबर थ्री टोमेटो इट इज वेरी गुड शुगर और. कैंसर का क्या रिलेशनशिप अगर आप शुगर. लगातार ले रहे हो आप कैंसर का वो एक. एनवायरमेंट क्रिएट कर रहे हो बिकॉज़ कैंसर. सेल्स थ्राइव्स ऑन ग्लूकोज ग्लूकोज इज. शुगर अगर आपको कैंसर को कंट्रोल करना है. आपको शुगर छोड़नी ही चाहिए डू यू नो राजा.
70 पर कैंसर बचा सकते हैं कैसे अगर लोग. सिगरेट तंबाकू शराब ना पिए कंपनीज में जब. लंच ब्रेक्स होते हैं सामने फोन रखा है. एंड खाना खा रहे हैं आई यू हीलिंग योर ईच. एंड एवरी सेल ऑफ योर बॉडी आंसर इज नो. चिंता में खा रहे हो वाइफ से झगड़ा हुआ है. हस्बैंड से झगड़ा हुआ है डोंट ईट वेट फॉर. 30 मिनट्स लेट योर बॉडी गेट बैक टू नॉर्मल. माय सजेशन इज लीव वीट मत गेहूं छोड़ दे. गेहूं आईडियली छोड़ देना चाहिए फिर खाओ. क्या मैं बचपन से तो जो खाना खाता हूं तो. चेंज ही करा दिया.
ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो हम डेली लाइफ. में खाते हैं जिससे कैंसर बढ़ रहा है वो. कौन सी ऐसी चीजें हैं आज के एपिसोड में. हमने डिस्कस करी है आज का एपिसोड अपनी. पूरी फैमिली के साथ देखना और सारे लव्ड. वनस को भी दिखाना क्योंकि यह टॉपिक बहुत. जरूरी है आज के हेल्थ एपिसोड में हमारे. गेस्ट डॉक्टर तरंग से हु इज अ कैंसर हीलर. कोच एंड एमडी एट द कैंसर हीलर सेंटर इस. एपिसोड में मैंने कुछ इंपॉर्टेंट चीजें. सीखी है जो हमारी हेल्थ को डायरेक्टली.
इंपैक्ट करती है जैसे कैंसर का सबसे बड़ा. ट्रिगर क्या होता है डेली लाइफ में हम जो. शुगर कंज्यूम करते हैं उससे क्या हो रहा. है नॉट जस्ट अनहेल्दी फूड बट प्लास्टिक का. इस्तेमाल करने से क्या होता है एंड. कीमोथेरेपी के साथ-साथ और कौन से ऐसे. ट्रीटमेंट्स हैं जो अवेलेबल है फॉर कैंसर. वच दिस एपिसोड टिल दी एंड और. बताना कि इस एपिसोड से आपने क्या-क्या.
सीखा एंजॉय द. शो टू स्टार्ट विथ आई वांट टू बी ग्रेटफुल. दैट ग्रेटफुल दैट आई केम हियर टू बिकॉज यू. हैव बीन अ वेरी यू हैव बीन द बेस्ट. पॉडकास्टर इन द कंट्री सो थ्रू यू आई वांट. टू रीच आउट टू मिलियंस ऑफ पीपल एंड. करोड़ों लोग जो देख रहे हैं ये पॉडकास्ट. ताकि उन तक ये बात पहुंचे कि कैंसर में. लोग समझ लेते हैं कि मरना ही है वो खत्म. हो गई एंड आईव जस्ट कम विद दिस इंटेंशन. दिस आई जस्ट वांट दैट लोग डर से ना मरे.
कैंसर से वो जो कैंसर में जो डर होता है. ना कैंसर से लोग नहीं मरते डर से मर जाते. हैं एंड ट्स क्यों ऐसा बोल रहे हो आप. व्हाई बिकॉज पीपल फील जैसे कैंसर हो गया. ना सो दे फील दैट कैंसर इज अ सिनोनिम टू. डेथ कैंसर का पर्यायवाची मौत है और कैंसर. डायग्नोज हुआ तो घर में रोना पीटना शुरू. हो जाता है दे डोंट गेट स्केरड व्हेन दे. वर डायग्नोज विद कोविड दे डिड नॉट गेट. स्केर्ट उनका रोना पीटना तब नहीं हुआ जब. जब कोई और बीमारी होती है किसी और उसमें.
नहीं होता कैंसर एक आम बीमारी की तरह है. बट कैंसर के साथ वो जो फियर का इमोशन जोड़. देते है ना दैट इज वर्स और उससे फिर वो. समझने लगते हैं कि अब मरना ही है एंड ट्स. वेर द प्रॉब्लम बिगिंस क्योंकि कैंसर और. कोविड और बाकी बीमारियो में बहुत डिफरेंस. है ना कैंसर मतलब मोस्ट ऑफ द टाइम आपने आज. तक यही सुना है कि दिस इज एंड ऐसा नहीं ये. सबसे खतरनाक बीमारी है कैंसर मतलब डेथ. नहीं होता लोग समझ लेते हैं कि कैंसर हो. गया मतलब मरना निश्चित है एंड.
दैट्ची जन ले पाते हो नहीं तो फिर आप जब. डर में डिसीजन लेते हो तो आपको जो जो. बताया जाता है अब वो एज इट इज करने शुरू. हो जाते हो विदाउट इवन थिंकिंग कि क्या. आउटकम होगा इवन इफ यू आर गेटिंग अ कीमो डन. और आप सर्जरी कराने जा रहे हो आपके अंदर. वही है मैं बच तो जाऊंगा ना मैं बच बूंगा.
तो सही ना मेरे आगे मेरे बच्चों का क्या. होगा मेरे बच्चों की शादी मैं देख पाऊंगा. या नहीं मेरे पोतों की मैं उनको स्कूल. छोड़ना चाहता हूं मैं वो कर पाऊंगा या. नहीं सो व्हेन यू आर मेकिंग डिसीजंस विद. फियर और मेनिफेस्टेशन तो आप नेगेटिव ही कर. रहे हो ना तो यू गेट व्हाट यू थिंक इफ यू. कैन होल्ड इट इन टू योर माइंड यू कैन. होल्ड इट इन टू योर हैंड इट इज सिंपल आपने. दिमाग में केवल एक डर बिठा लिया कि शायद. मैं बचू या नहीं तो फिर आप नहीं बचोगे. व्हाई. बिकॉज सोच अगर सकारात्मक होती है तो. रिजल्ट सकारात्मक होते हैं.
सोच अगर नेगेटिव होती है तो रिजल्ट. नेगेटिव होते हैं और जब कैंसर के. डायग्नोसिस की शुरुआत अगर आप नेगेटिव से. करते हो तो रिजल्ट आपका नेगेटिव ही आना है. बट मेरे को यह बताओ कि कैंसर होता क्यों. है यस वेरी इंटरेस्टिंग सो कैंसर होने का. सबसे बेजर रीजन आन इट इन फोर वर्ड्स. कांस्टेंट इरिटेशन कॉसेस. कैंसर एनीथिंग वि इ कांस्टेंटली इरिटेटिंग. मतलब मतलब अगर कोई भी चीज फिजिकली मेंटली. इमो स्पिरिचुअली इफ इट कांस्टेंटली.
इरिटेटिंग यू एनी बॉडी पार्ट एनीथिंग इट. माइट लीड टू कैंसर फॉर एग्जांपल आई विल. गिव एन एग्जांपल एस वेल देर वाज अ लेडी हु. वाज हु वाज कंपलीटली नॉर्मल हु वा फ्रॉम. धर्मशाला वो धर्मशाला की थी और वो कहती थ. डॉक्टर स मैं तो सूरज ढलने से पहले खाना. खा लेती हूं कोई मुझे मैंने कभी सिगरेट. तंबाकू शराब नहीं पिया कभी कोई लाइफस्टाइल. डिजीज नहीं गांव से आई हूं मुझे कैसे. कैंसर हो गया सो दैट वास प्रिटी. इंटरेस्टिंग तो मैंने उसको और डिग अप किया. कि क्या रीजन है करते करते करते करते जब.
पता चला कि उसका हस्बैंड उसको हमेशा मारता. था और रात में जब शराब पीकर आता था ही यूज. टू हिट हर एवरी टाइम और उसको पीटता था एंड. शी यूज टू क्राई बट उसको रोते पीटते भी वो. खाना बनाती थी उसको खाना खिलाती थी उसके. जूते उतारती थी सुलाती थी और फिर सोती थी. सो शी वाज दैट लेडी बट उसको ये रिलाइज. नहीं हुआ एंड वो उसने अपना एक रूटीन बना. लिया कि अरे ये तो रूटीन है मेरा पति मुझे. दारू पीके मारता है और वो उसने रूटीन समझ. लिया लेकिन उसको रिलाइज नहीं हुआ वो. इमोशनल ट्रामा में है जब भी एक पर्सन.
स्ट्रेस में होता है एक हार्मोन होता है. कॉर्टिजोन दैट गेट्स राइज इनफ और वो जब. बढ़ता है कहीं ना कहीं बूंद बूंद से सागर. बनता जाता है शुरू में रिलाइज नहीं होता. अरे वो कहते है ना कि एक सिगरेट से क्या. होगा एक उससे क्या होगा बट वो जो. कांस्टेंट स्ट्रेस कांस्टेंट स्ट्रेस. एनवायरमेंट में जब आप रहते हो तो वो. स्ट्रेस एनवायरमेंट फिर फाइनली कैंसर का. कहीं ना कहीं रूप ले लेता है एंड ये बॉडी. में अलग-अलग पार्ट्स में क्यों होता है सो. कैंसर इज जस्ट अ सिग्नल राट.
हमर कहीं भी अगर कोई वस्ट पार्ट होगा वो. हमेशा वहां पर पकड़ लेगा जैसे कहते ना. दुश्मन को पता है कि ये यही एक जगह है. जहां से आप घर में घुस के चोरी कर सकते हो. सो चोर वहीं से ही आएगा सो बॉडी में. इम्यून सिस्टम प जहां पर वीक होता है जो. वी केस्ट पार्ट होता है वहां पर आता है तो. अगर आपको पूरी बॉडी में कहीं पर भी. इरिटेशन हो रही है कांस्टेंटली तो इग्नोर. नहीं करना चाहिए नो डोंट इग्नोर इट. छोटी-छोटी चीजें तो लोग इग्नोर ऐसे ही कर. देते हैं क्या फर्क पड़ता है इन सब से. इससे यह फर्क पड़ता है कि आजकल के जो. एनवायरमेंट है वो एनवायरमेंट प्योर नहीं.
है जो सांस आप ले रहे हो जो आप खाना खा. रहे हो जो आप ओवरऑल जिस एनवायरमेंट में रह. रहे हो कुछ भी प्योर नहीं है तो चार्ल्स. डार्विन ने सालों पहले एक थेरी दी थी. सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट जो सबसे स्ट्रांग. है वो नहीं जीतेगा जो सबसे अडॉप्टेबल है. वो जीतेगा जो फिटेस्ट है वो जीतेगा तो अगर. आपको इस एनवायरमेंट में आज भी सर्वाइवल ऑफ. द फिटेस्ट की थ्योरी कामयाब है और आज भी. सरवाइव करते हैं कि अगर आप सबसे ज्यादा. फिटेस्ट हो मतलब आपका इम्यून सिस्टम अगर. इतना ज्यादा सक्षम है कि आप इस एनवायरमेंट.
में भी रह सकते हो देन प्रोबेबली यू कैन. स्टेन एज मच पोल्यूशन एस यू आर दिल्ली का. इतना भरा पोलूशन है बट अगर आप फिट हो अगर. आप स्मोक नहीं कर रहे ड्रिंक नहीं कर रहे. यू नॉट हैविंग एन अनहेल्दी लाइफ स्टाइल. यूर स्लीपिंग ऑन टाइम तो आपको कैंसर नहीं. छू सकता अगर आप अच्छे से खाना खा रहे हो. जो खा रहे हो वो आप ध्यान रख रहे हो आपको. कैंसर नहीं छू सकता राज कैंसर कितना बड़ा. है कितनी बड़ी बीमारी है यह इंडिया में या. ग्लोबली देखा जाए तो इस समय जितनी तेजी से.
फैल रहा है इस समय नौ हर नौवे व्यक्ति को. कैंसर होने की संभावना है बाय. 2027 हर नौवे व्यक्ति को एवरी नाइंथ पर्सन. इन द वर्ल्ड इन द वर्ल्ड एवरी नाइंथ पर्सन. माइट गेट अ रिस्क ऑफ कैंसर एट एनी स्टेज. ऑफ हि लाइफ छुए जरूर डायग्नोज होने के बाद. जल्दी क्योर हो जाए साइड स्टेज जीरो रहे. स्टेज वन रहे कार्सिनोमा इन c2 रहे या. अर्ली स्टेज का कैंसर रहे डजन मैटर बट छुए. जरूर व्हाई बिकॉज योर इम्यून सिस्टम इज.
नॉट प्योर एंड डेटा यह भी कहता है कि इस. समय हर साल 8 लाख केस डायग्नोज हो रहे हैं. कैंसर के 8 लाख केसेस वर्ल्ड में इंडिया. में वर्ल्ड का डाटा भूल जाओ इंडिया में. एंड प्रॉब्लम ये है जितनी तेजी से. डायग्नोज हो रहे हैं उसमें से 70 से 70 75. पर और ये भी वो हां जो एडवांस स्टेजेस में. हो रहे हैं और यह भी वो डेटा है राज इतने. लोग हैं जो कई लेडीज हैं जिन्हें कैंसर. होता है बताते नहीं है घबराते हैं अरे.
नहीं नहीं बेटे को नहीं बताना चिंता हो. जाएगी वो मुझे ऑपरेशन करा देगा एंड. व्हाट्स द हार्डेक कैंसर टू क्योर अ जब भी. स्टेज फोर कैंसर होता है जब ब्रेन में. मेटासिस हो जाती है और जब बोनस में. मेटासिस हो जाती है दिस इज समथिंग व्हिच. इज वर्स टू क्यर व्हाई बिकॉज हर दवाई. ब्रेन तक नहीं पहुंचती ब्रेन ट्यूमर फिर. भी ट्रीट हो जाते हैं बट जैसे कैंसर जब. स्टार्ट होता होगा उसके बाद डे वन पे तो. ब्रेन में नहीं पहुंचता राइट कुछ टाइम बाद. पहुंचता होगा ब्रेन में बहुत सारे केसेस. में.
तो कौन से ऐसे कौन से ऐसे कैंसर होते हैं. जिनके कोई सिमटम्स ही नहीं होते पता ही. नहीं चलता कि हो भी गया है ऐसा कुछ होता. है यस. अ इसमें जो सबसे ज्यादा कैंसर जो इग्नोर. होता है वो होता है ब्लड कैंसर क्योंकि. ब्लड कैंसर का इनिशियल सिमम होता है फीवर. सबसे पहला सिमम अब उस फीवर में जैसे ही. किसी को बुखार आया और बुखार आने के बाद. आपने क्रोसिन पैरासिटामोल लिया एंड बुखार. उतर गया चलता जा रहा है चलता जा रहा है. चलता जा रहा है बट विदाउट रिलाइजिंग कि हर. बार-बार क्यों आ रहा है और फिर उसके बाद.
जब आप ब्लड पिक्चर कराते हो दिस इज द. मोस्ट इग्नोर थिंग व्हाट हैपेंस इज इस. टाइम पे किसी एक हेमेटो ऑंकोलॉजिस्ट से. कंसल्ट नहीं किया जाता और वही मेडिसिन के. डॉक्टर अलग-अलग अलग-अलग दवाइयां. एंटीबायोटिक्स यूरिन टेस्ट वो सब कराया. लेकिन किसी में यूरिन इंफेक्शन भी नहीं. आया लेकिन एंटीबायोटिक्स बदल-बदल के दी जा. रही है पहले एक सेट ऑफ एंटीबायोटिक्स दी. फिर दूसरी दी कई लोगों को डबल एंटीबायोटिक. दी गई इस टाइम पे तीन महीने चार महीने. पांच महीने निकल गए एंड देन जब डायग्नोज. हुआ अ रे ये तो एक्यूट मेलोड ल कीमिया है. अरे तो तो ब्लड कैंसर है एंड देन इट बिकम.
अ ट्रिकी सिचुएशन अच्छा फिर लिक्य में. पैनल कराया जा रहा है फिर बाकी टेस्ट हो. रहे हैं फिर सारी चीजें हो रही है सो दिस. इज समथिंग वे जहां पर वो एक्सट्रीम इग्नोर. हैंस होती है फर्स्ट टेस्ट जब एक किसी का. ब्लड टेस्ट करा रहे हो आप हर आदमी को हर. औरत को 40 साल के बाद हर मर्द को पीएसए. प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन कराना ही. कराना चाहिए सो एव्री मेल पर्सन हैज टू. गेट अ पीएसए टेस्ट डन आफ्टर 40 ह एवरी.
फीमेल हैज टू गेट अ सिंपल टेस्ट ऑफ सीबीसी. एलएफटी केएफटी एंड सीए 15.3 ये ब्रेस्ट. कैंसर का मार्कर है ये कोई नहीं बताता. सीईए कार्सिनो एंब्रियो एक एंटीजन कोई. नहीं बताता सी 125 ओवेरियन कैंसर का मार्क. है अरे एक 50 का टेस्ट है करा लो क्या. फर्क पड़ रहा है बट मन कोई डॉक्टर्स लिखते. नहीं है व्हाई बिकॉज अरे जब कोई सिम्मम. नहीं है क्यों लिखना व्हाई आर यू वेटिंग. फॉर द सिंटमोबाइल एक स्टमक कैंसर का.
मार्कर है सी 72.4 कराना. चाहिए सब अगर कराते रहेंगे तो अर्ली. डिटेक्ट हो सकता है यस वेरिएशन तो पता. चलेगा अर्ली डिटेक्शन मींस कैंसर क्योर्ड. बट लोग पकड़ना नहीं चाहते डरते हैं अरे. कुछ आ गया तो बट ऐसा क्यों होता है कि कुछ. लोग होते हैं जैसे मान लो मैं दो केसेस. पकड़ता हूं दो लोग हैं दोनों स्मोक करते. हैं और दोनों दारू पीते हैं दोनों. स्मोकिंग करते हैं उसमें से एक को हो जाता. है और एक को नहीं होता ऐसा क्यों इम्यून.
सिस्टम आपकी सक्षम शक्ति योर ओन इम्यून. सिस्टम इम्यून सिस्टम इज दी स्ट्रांगेस्ट. वो मैंने बताया था चार्ल्स डार्विन की. थ्योरी सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट सो सर्वाइवल. ऑफ द फिटेस्ट इज इफ यू आर द फिटेस्ट यू. विल सरवाइव और आपको हर एक सेल आपका इतना. हेल्दी है इतना प्योर है इतना स्ट्रांग है. कि इतनी दारू पीने के बाद इतनी सिगरेट. पीने के बाद भी दूसरे को हुआ पहले को नहीं. तो इम्यून सिस्टम तो वहां काम करता ही है. पर और फिर दो केसेस होते हैं जहां पर एक. जो दारू भी पीता है स्मोक भी करता है.
बेकार लाइफ स्टाइल है वर्सेस एक जिसकी. डिसिप्लिन लाइफ है फिट लाइफ है ना ड्रिंक. करते हैं ना स्मोक करते हैं और उसके बाद. भी उन्हें कैंसर हो जाता है इनका इम्यून. सिस्टम तो टेक्निकली अच्छा होना चाहिए ना. कंपेरटिवली टू दिस पर्सन यस इम्यून सिस्टम. अच्छा है लेकिन लाइफ स्टाइल कैसा है वो. नहीं पता अगर देखा जाए जैसे मैंने बताया. कि एक लेडी में जब मैं गया तो उसने कहा कि. मैं सूरज ढलने से पहले खाना खाती हूं. हेल्दी खाना खाती हूं कभी कुछ नहीं हुआ बट. वो कांस्टेंट स्ट्रेस एनवायरमेंट में थी. जहां उस लेडी को उसका पति मारता था वैसे. ही अगर ये आदमी जो बिल्कुल डिसिप्लिन लाइफ. जी रहा है अच्छा कर रहा है लेकिन खाना.
क्या खा रहा है व्हाट इज हिस डाइट वो. कितना पॉजिटिव है कितना पॉजिटिव माइंडेड. है एक होते हैं जो बात ही नेगेटिव करते. हैं जब आपको उनके पास बैठने में मजा भी. नहीं आएगा बिकॉज द ओनली थिंग दैट दे विल. टॉक इज नेगेटिविटी सोच नेगेटिव रिजल्ट्स. नेगेटिव नेगेटिव सोचोगे नेगेटिव होगा. पॉजिटिव सोचोगे पॉजिटिव होगा ड यू नो राज. हम 70 पर कैंसर बचा सकते हैं कैसे वो ऐसे. कि अगर लोग सिगरेट तंबाकू शराब ना पिए तो. कैंसर नहीं होता अगर लोग खाना हरी करी वरी.
में ना खाए तो कैंसर बच सकता है बट लोग इफ. यू नो दैट कंपनीज में जब लंच ब्रेक्स होते. हैं हाउ डू दे डू इट सामने फोन रखा है एंड. खाना खा रहे हैं दे आर वाचिंग अ. में ध्यान ही नहीं है आप यू आर नॉट यू आर.
जस्ट ईटिंग फॉर द सेक ऑफ ईटिंग बट आर यू. हीलिंग योर ईच एंड एवरी सेल ऑफ योर बॉडी. आंसर इज नो हरी करी वरी क्या खा रहे हो. करी मतलब जैसे अगर सब्जियां है और उसमें. खूब सारा तेल है खूब सारा यू नो ऑयल कौन. सा आप यूज कर रहे हो एवरी ऑयल गेट्स. अब्जॉर्ब्ड इन द सेल ऑफ द बॉडी ऑयल इज द. ओनली मीडियम जो हरत सेल में अब्जॉर्ब हो. जाता है एंड ऑयल अगर आप केयरफुली चूज नहीं. करते इट इज ें.
वरी चिंता में खा रहे हो अगर किसी एंप्लॉई. ने गुस्सा किया है वाइफ से झगड़ा हुआ है. हस्बैंड से झगड़ा हुआ है डोंट ईट वेट फॉर. 30 मिनट्स लेट योर हार्मोस कम डाउन लेट. योर बॉडी गेट बैक टू नॉर्मल लेट योर. हीलिंग हैपेंस वेर योर सेल्स आर नॉट. वाइब्रेटिंग इन अ बैड फ्रीक्वेंसी लेट दैट. फ्रीक्वेंसी गेट बैक इन टू नॉर्मल जोन और. जब वो सेल्स नॉर्मल जोन प आ जाएंगे ना तब. आप खाओ होता क्या है जब लोग बहुत वरी करते. हैं स्ट्रेस करते हैं बिकॉज आपने बोला.
स्ट्रेस जो ज्यादा लेते हैं उनको कैंसर. होने के चांसेस ज्यादा होते हैं राइट यस. क्या होता है अगर मैं स्ट्रेस ज्यादा. लूंगा तो मेरी बॉडी में क्या होगा मेरे. ब्रेन में क्या होगा फंक्शनल क्या होगा. जिसकी वजह से मैं अट्रैक्ट कर रहा हूं. कैंसर ऐसा क्या है जब आप वरी करते हो तो. आपके बॉडी में एक हार्मोन होता है जिसका. नाम है कॉर्टिजोन वो कॉर्टिजोन लेवल्स के. स्ट्रेस ऊपर चले जाते हैं एंड जितने वो. कॉर्टिजोन लेवल्स ऊपर जाते हैं तो हमारा. ब्रेन कहीं ना कहीं जो न्यूरोट्रॉपिक. फैक्टर है बीडीएनएफ वो नेगेटिव की तरफ तरफ. जाता है इट स्टार्टस पुलिंग इन टू दैट.
नेगेटिव डायरेक्शन कि बॉडी को फाइट ऑ. फ्लाइट इसमें बॉडी का स्ट्रेस बढ़ रहा है. कॉर्टिजोन लेवल बढ़ रहा है अरे एकदम से. सारी बॉडी एक्टिव मोड में आ जाती है और हर. एक सेल फाइट मोड प आ जाता है और जब भी. फाइट मोड प आता है तो उसमें एक अनड्यू जो. एक इनविजिबल दुश्मन है पता नहीं है बॉडी. को कौन सा दुश्मन है लेकिन उसका कॉर्टिजोन. लेवल ऊपर गया तो बॉडी स्ट्रेस में है. स्ट्रेस में हर एक सेल को पता चला रे शरीर. के अंदर एक दुश्मन आ गया है इस परे अटैक. करना है हम एंड.
दैट्ची इन पॉजिटिव हार्मोस बैक सीट ले. लेते हैं अरे नहीं हमें प्रोटेक्ट होना है. उसे कैंसर कैसे आता है बिकॉज़ नेगेटिव. एंजाइम्स शुरू हो रहे हैं ना वो जो. एंजाइम्स जो पॉजिटिव आने चाहिए थे वो. पॉजिटिव ना आकर कैंसर एक ही बार में नहीं. होता कि कॉजोल लेवल बढ़ गया तो कैंसर हो. गया जब कॉर्टिजोन लेवल कांस्टेंटली हाई. रहता है तब कैंसर की शुरुआत होती है ब से. सागर बनता है ऐसा नहीं है कि आपने स्ट्रेस.
लिया और एकदम से कैंसर आ गया न यर काटली. टमेंट जहां पर सेल को समझ में नहीं आ रहा. है कि अरे यह काम और कंपोज इक्विलियम मोड. में कब रहेगा यह तो स्ट्रेसफुल एनवायरमेंट. में रह रहा है सो र एनवायरमेंट डिफाइन र. लाइफ नो गट इट एंड टॉकिंग अबाउट फूड डाइट. और फूड कौन-कौन से होते हैं जिससे कैंसर. होने के चांसेस होते फास्ट फूड पिज्जा. बर्गर्स बार का जितना आप खाना खा रहे हो.
जो भी आप चाइनीज जिसमें आप एमएसजी मिलाकर. खा रहे हो अजीनोमोटो मिला हुआ खाना बाहर. जो आप सड़क पे खाना खा रहे हो जिसमें आप. नहीं जानते कि ये जो डोसा आप खा रहे हो. इसमें कौन सा ऑयल बना रहे हैं कौन सा बटर. यूज़ हो रहा है सो अगर एनीथिंग दीज आर द. फूड्स कई लोगों की एक रूटीन हैबिट है. जिसमें दे आर ईटिंग दोस चिकनस दे आर ईटिंग. दोज प्रोसेस्ड मीट जो लोग लगातार वो चिकन. फिश खा रहे हैं जिसमें पता ही नहीं कि वो. लाइक हाउ इज हाउ इज दैट बींग कुक्ड वो किस. तरीके से बना है ये सारे फूड्स हैं जब.
आपको कैंसर एक स्टेज प ला सकते हैं रियली. खाना खाने से कैंसर कैसे होगा खाना खाने. से जो खाना आपके लिए पोस्टिक नहीं है जो. खाना आपके लिए हेल्दी नहीं है जो बर्गर्स. आप खा रहे हो जो पिज्जाज आप खा रहे हो. जिसमें जो आपको नहीं पता कि ये जो डव जो. डो मिलाया हुआ है जिससे पिज़्ज़ा बन रहा. है यह कौन सा डो है यह मैदा जो आपके कहीं. ना कहीं इंटेस्टाइन में एक लेयर बना के. चिपक जा रहा है वो कहीं ना कहीं आपके. इंटेस्टाइन के बॉडी बडी के अब्जॉर्प्शन को. खत्म कर रहा है इट माइट लीड टू.
इंटेस्टाइनल कैंसर इट माइट लीड टू अ एनी. जीआई कैंसर्स मतलब गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल. कैंसर्स आपके इम्यून सिस्टम को हमेशा. अच्छा रखना है और इम्यून सिस्टम तभी अच्छा. होगा जब आप खाना अच्छा खाओगे बर्गर्स. पिज्जाज फास्ट फूड्स फ्रेंच फ्राइज तले. हुए फ्रेंच फ्राइज जो आपने तले और. मैकडॉनल्ड्स में जो आप लेते हो वो यू डोंट. नो कौन सा ऑयल यूज हो रहा है और कितने. टाइम पहले के तले हुए हैं कौन सा यूज हो. रहा है क्या हो रहा है दिस इज नॉट गुड. अच्छा खाना है ठीक है अगर आप चिकन खाना.
चाहते हो घर प बैठ के घर प बनवाए घर प कुक. करिए और खाइए एंड ऑयल और कैंसर का क्या. रिलेशन है ऑयल ऑयली फूड खाने से क्या होगा. ऑयली फूड खाने से ऑयल इज द ओनली मीडियम जो. शरीर के हर एक सेल्फ एब्जॉर्ब होता है अगर. आप भले ही जिस रेस्टोरेंट में खा रहे हो. उस रेस्टोरेंट में आप ये जरूर देख लो कि. ये कौन सा तेल यूज कर रहे हैं उस ऑयल का. आपकी बॉडी के इम्यून सिस्टम पर सबसे. ज्यादा फर्क पड़ेगा व्हाई बिकॉज जो ऑयल है. वो आपके सेल में अब्जॉर्ब हो रहा है एंड.
वो रिटेन हो जाता है सो एवरी सेल इज. गेटिंग इन टू दैट कांस्टेंट एनवायरमेंट. जहां पर आप अपने इम्यून सिस्टम को आप अपनी. रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करते जा रहे. हो सो ऑयल हैज अ डायरेक्ट रिलेशन टू योर. हेल्थ अगर कहा जाए ऑयल हेल्थ इज. डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू योर ओन जनरल. हेल्थ अगर ऑयल अच्छा है आपकी जनरल हेल्थ. डाउन नहीं होगी अगर ऑयल खराब है यू आर इन. टू दैट कांस्टेंट एनवायरमेंट जहां पर आपकी. हेल्थ डाउन होती जाएगी तो अच्छा ऑयल क्या. होता है कौन सा होता है अच्छा ऑयल इज.
एवोकाडो ऑयल अच्छा ऑयल इज सनफ्लावर ऑयल. अच्छा ऑयल इज ग्राउंड ग्राउंड नट ऑयल. अच्छा ऑयल इज ऑलिव ऑयल बेस्ट ऑयल्स अगर. कोल्ड एमें ऑलिव ऑइल में तो पका नहीं सकते. ना खाना बना नहीं सकते पस में पका सकते. हैं एक्स्ट्रा वर्जिन में नहीं पका सकते. सो आईडियली अगर देखा जाए जैसे अगर आप. सैलेड भी डाल सैलेड लेते हैं तो कोल्ड. सैलेड या हॉट सैलेड कोई भी अगर आप ले रहे. हैं तो हमेशा एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑइल. उसमें डालें सो इट विल गिव ईच एंड एवरी. सेल तभी एक्स्ट्रा वर्जन ऑलिव ऑयल क्यों. डालते हैं क्योंकि वो ऑयल आपके सेल को. अब्जॉर्ब करता है हर एक सेल वो ऑयल को.
एब्जॉर्ब करता जाएगा एंड देन इट एनरिचेस. कहते ना उसका यल हर सेल का लुब्रिकेंट बन. जाता है एंड दिस इज व्ट इज ब्रिंगिंग यू. टुवर्ड्स इम्युनिटी खराब यल मतलब पाम ऑयल. हर चीज में तो पाम ऑयल है तो जो जो चीजों. में पाम ऑयल है वो कहीं ना कहीं आपको. डैमेज ही कर रहा है इट इज ब्रेकिंग डाउन. योर इम्यून सिस्टम सो लेबल पढ़ना बहुत. जरूरी है एंड घी से कुछ होता है वेरी वेरी. गुड वेरी इंपोर्टेंट मेरे यहां घर में मैं. हर खाने में हमारे घी यूज होता है ओनली.
एंड ओनली घी सो अगर ऑयल्स में देखा जाए. बेस्ट इज घी बेस्ट एक चम्मच घी आप डालें. वो जमाने गए वो ऑयल इंडस्ट्री ने यह शुरू. किया था कि घी खराब है घी से मोटापा बढ़ता. है घी से आपका लिपट प्रोफाइल बढ़ता है घी. से ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं. ट्राइग्लिसराइड्स अगर बढ़ते हैं तो वो उन. खानों से बढ़ते हैं जिसमें वो ऑयल आप. बार-बार यूज कर रहे हैं आज आपने उस ऑयल. में पकौड़े तले कल आपने उसमें भटूरे उतार. लिए और फिर वह तीन बार और यूज करके जो घर. में लेडीज करती हैं एंड देन उसके बाद उसको.
डिस्पोज ऑफ किया तीन बार यूज करने के बाद. नहीं ऑयल केवल और केवल एक ही बार यूज किया. जाता है आप जितनी बार यूज करोगे आपके बॉडी. के ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते जाएंगे घी इज द. ओनली मीडियम जो हाई बॉयलिक पे भी टूटता. नहीं है और घी इज द मोस्ट कंफर्टेबल एंड द. मोस्ट सेफ फूड टू हैव अगर आप खाने में एक. चम्मच घी डाल के खा रहे हैं कभी कुछ नहीं. होगा एंड शुगर और कैंसर का क्या रिलेशनशिप.
डायरेक्ट रिलेशन है डायरेक्ट रिलेशन है. अगर अगर आपको कैंसर को कंट्रोल करना है. आपको शुगर छोड़नी ही चाहिए अगर आप शुगर. लगातार ले रहे हो सम वेयर डाउन द लाइन आप. कैंसर का वह एक एनवायरमेंट क्रिएट कर रहे. हो बिकॉज़ कैंसर सेल्स थ्राइव्स ऑन c6 h12. o6 ग्लूकोज ग्लूकोज इज़ शुगर सो यू हैव टू. कट डाउन ऑन शुगर आपने अगर कैंसर से बचना. है कैंसर से अपने आप को सेफ रखना है कैंसर. से अगर आपको जल्दी हीलिंग करनी है.
ऑंकोलॉजिस्ट कहते हैं कि अरे कुछ नहीं कोई. फर्क नहीं पड़ता आप शुगर खाओ चीनी खाओ इन. सब उसमें मिथ में मत पढ़ो कि चीनी से नहीं. होता 100% होता है आपको चीनी छोड़ देनी. चाहिए आई एम टॉकिंग आउट ऑफ 22 इयर्स ऑफ. माय कैंसर प्रैक्टिस लीफ शुगर इन कैंसर. क्या होता है शुगर से अगर मैं शुगर खाता. हूं तो कैसे मैं कैंसर को इन्विटेशन दे. रहा हूं बेसिकली अगर आप देखोगे कि हर सेल. जो कैंसर का होता है वो सरवाइव करता है इन.
ग्लूकोज एनवायरमेंट और जो ग्लूकोज. एनवायरमेंट होता है वो वहां पर इट बिकम ट. फ्लशिंग मीडियम कि अरे यहां पर तो हमारा. मनचाहा खाना मिल रहा है एंड देन इट. स्टार्टस गेटिंग इनटू दैट मोड जहां पर. कैंसर इज वो कैंसर का फेवरेबल एनवायरमेंट. है बट इम्यून सिस्टम का नेगेटिव. एनवायरमेंट है सो देखा जाए इफ आई हैव अ. डाटा जिसमें मैक्सिमम कैंसर पेशेंट जो. डायग्नोज हुए हैं 60 पर ऑफ दोस पेशेंट्स र. डायबिटिक और उनको जब डायग्नोज हुआ तब. ऑलमोस्ट स्टे थ्री था फर्स्ट और सेकंड. स्टेज में डायबिटी को डायग्नोज ही नहीं.
हुआ व्हाई बिकॉज इट वाज अ साइलेंट किलर. डायबिटीज में कैंसर अपना सिमट ही नहीं. छोड़ता वई बिकॉज इट इज इन टू दैट कंफर्ट. जोन ऑफ वो उसका फेवरेबल एनवायरमेंट है एंड. 60 से 70 पर केसेस एनी ऑंकोलॉजिस्ट आप. किसी कैंसर स्पेशलिस्ट के पास चले जाओ. उनका डटा उठा लो कोई कैंसर हॉस्पिटल में. चले जाओ उनका डेटा उठा लो मैक्सिमम. पेशेंट्स जो दिखेंगे आपको डायबिटिक. दिखेंगे क्यों क्योंकि कैंसर डायबिटिक के. उसमें सरवाइव थ्राइव मल्टीप्लाई करता है.
एंड अगर आपने शुगर को कंट्रोल रख लिया अगर. आपने एचबीए वनसी कंट्रोल कर लिया अगर आपने. तीन महीने की शुगर कंट्रोल कर ली सम वेयर. डाउन द लाइन 30 कैंसर वड डाई आउट कैंसर. सेल्स वुड डाई आउट इट इज नॉट अ. हाइपोथेटिकल डेटा इट इज नॉट समथिंग इसमें. केसेस पब्लिश हो चुके हैं जर्नल्स में. पब्लिश हो चुका है दैट कैंसर सर्वाइव्स ऑन. शुगर और आपको शुगर छोड़नी चाहिए शुगर इज. एनीवे इज नॉट गुड या अगर लेना है गुड ले. लो अगर लेना है तो खांड ले लो अगर लेना है.
तो देर आर सो मेनी थिंग्स बट लोग समझते. हैं अगर हमें चीनी मना है तो हमें ब्राउन. शुगर ले सकते हैं नहीं ऐसा नहीं है अगर. आपको चाय पीने का शौक है मीठी चाय पीने का. शौक है गुल डाल लो खांड डाल लो ब शुगर. शुगर नहीं शुगर फ्री नो क एब्सलूट नॉट. साइंटिफिक है डेटा की इट इज नॉट इट इ अ. सिंथेटिक फॉर्म ऑफ स्वीटनेस सो सिंथेटिक. शुगर आर एब्सलूट नॉट गुड मतलब जो है. अस्पर्ट है दोस शुगर फ्री ट शुगर फ्री.
नहीं लेना कोई अच्छा खाना होता. है आर देर गुड फूड्स जिसको खाने से अगर. मैं रेगुलरली खाऊ तो मुझे कैंसर होने के. चांसेस कम होंगे यस खाना जो फ्रूट्स से. भरा हो लाइक बेरीज से भरा हो स्ट्रॉबेरीज. ब्लूबेरी. चेरीज ये सारी रसबेरी बेरी बोल जिसे कहते. हैं अगर ये बेरी बोल है फल फल जिसमें सेब.
केला चीकू पपीता सारे तरीके के रंग बिरंगे. फल है यू नो रेनबो ऑफ फ्रूट्स एंड देन. ईटिंग वेल अबाउट योर हेल्दी फूड जिसमें सो. माय सजेशन इज लीव व्ट आधे से ज्यादा लोगों. को पता नहीं है कि उनको वीट की एलर्जी है. उनको ग्लूटेन एलर्जी है मब गेहूं छोड़ दें. गेहूं आइडली छोड़ देना चाहिए मिलेट्स. यार कितना डिफिकल्ट होगा गेहूं छोड़ना हम. बचपन से खा रहे हैं तो यही तो मेरे लिए. मैं मैंने सब कर दिया ओके मैंने मुझे पता.
चल गया कि मैं डेरी इनटोलरेंट हूं तो. मैंने दूध थोड़ा कम कर दिया मैं नॉर्मल. मिल्क से आलमंड मिल्क पे आ गया मैंने. छोटी-छोटी चीजें तलावा छोड़ दिया शुगर. मैंने अब धीरे-धीरे बंद कर शुगर तो. ऑलमोस्ट बंद कर दी तलावा धीरे-धीरे बंद कर. रहा हूं मल्टीपल चीजें कर दी अब गेहूं भी. छोड़ दो तो फिर खाओ क्या मैं बचपन से तो. जो खाना खाता हूं तो चेंज ही करा दिया. नहीं सो बेसिकली क्या हुआ है कि पहले. जमाने में हमारे पेरेंट्स ने या हमारे. ग्रैंडफादर्स और पेरेंट्स ने उन लोगों ने. हमें वही खिलाया बिकॉज उस टाइम पे रूटीन.
वैसा ही था तब उस समय हम जैसे कहते हैं ना. कि अगर जैसे-जैसे चीजें चलनी है सो इन रोम. लिव लाइक द रोमंस लिव हम सो अब रोम बदल. रहा है अब वैसा नहीं रहा जैसा 20 साल पहले. था तो अगर आज के एनवायरमेंट में जहां पर. इतना ज्यादा पोल्यूशन है जहां पर इतना. ज्यादा कांस्टेंट स्ट्रेस है जहां पर कुछ. भी चीज प्योर नहीं है उसमें आपको इम्यून. सिस्टम सबसे अच्छा रखना है तो इम्यून. सिस्टम अच्छा रखने के लिए आपको पता है कि. गेहूं इज समथिंग व्हिच वुड ब्रिंग अ लॉट. ऑफ इंफ्लेमेशन इन योर बॉडी क्या होता है. गेहूं खाने से इंफ्लेमेशन बढ़ता है बॉडी.
में इंफ्लेमेशन मतलब हर एक सेल अगर किसी. को ग्लूटेन एलर्जी है तो आप देखोगे कि. उनको ब्लोटिंग नेस होगी उनको सुबह-सुबह. फेस स्वेल हो जाएगा पेट फूल जाएगा बार-बार. गैस पास होगी लगेगा कि अच्छा नहीं लग रहा. लेथार्जी लेजी लगेगा सुस्ती लगेगी सो दैट. इज एंड जब वो गेहूं छोड़ देते हैं तो एकदम. देखते हैं हां एक्टिव हो गए सो वो इसलिए. होता है उन्हें लगता है कि उन्हें कॉफी की. जरूरत पड़ती है सुबह-सुबह उठकर बट दैट. लेजी लिथार्ज इज बिकॉज ऑफ दैट वीट च इज.
देयर अगर आप वो गेहूं छोड़कर देखो 21 दिन. छोड़ दो और फिर उसके बाद देखो आप यू. योरसेल्फ वुड फील कि आप एक्टिव हो आप. चार्जड हो लाइक इवन इफ यू डोंट ईट टिल 2 ओ. क्लॉक आपको भूख ही नहीं लगेगी यू वुड फील. की यू वड बी स्टिल फुल ऑफ एनर्जी आपको. लगेगा ही नहीं कि आप लिथार्ज हो रहे हो. लेजी हो रहे हो सुनन हो रहे हो काम करने. का मन नहीं कर रहा सुस्ती आ रही है वैसा. कुछ नहीं होगा दैट इज द बेस्ट पार्ट सो ईट. रागी मिलेट्स. अमरथ अमर अंत की रोटी बहुत अच्छी बनती है.
रागी की रोटी बहुत अच्छी बनती है ज्वार. बाजरा ज्वार बाजरा बट ज्वार गर्मियों में. बाजरा सर्दियों में सो जनरली लोग कहते हैं. कि ज्वार बाजरा कभी भी खा लो ऐसा नहीं. होता ज्वार हमेशा गर्मियों में खाया जाता. है बाजरा सर्दियों में खाया जाता है टेल. मी टॉप थ्री फूड्स जो खाने चाहिए लोगों को. ताकि उन्हें कैंसर होने के चांसेस कम हो. इंटरेस्टिंग ब्रोकली वेरी वेरी गुड. क्रूसिफिकेशन. टोमेटो लाइकोपीन है उसमें बहुत ज्यादा इट.
इज वेरी गुड अगर यह तीन चीजें आप खा रहे. हो आई एम श्यर कि आप अपने आपको को एक. अच्छा एनवायरमेंट में रख रहे हो एक अच्छी. बॉडी के हर एक सेल का ध्यान रख रहे हो सो. ब्लू बेरीज इज गुड यू शुड ईट इट जितना हो. सके अ ब्रोकली वेरी गुड अगर सौते करके. खाना है डोंट फ्राई इट बट सौते करके हल्का. सा ऑलिव ऑयल किया फ्रेश किया एंड जस्ट हैव. इट लिटिल बिट ऑफ साल्ट लिटिल बिट ऑफ पेपर. हैव इट एंड अ टमेटोस लाइकोपीन बट अ लिटिल. ग्रिल्ड जैसे अगर आपने ऑमलेट्स के साथ एक.
टोमेटो आता है वो क्यों आता है उसका एक. लॉजिक है व्हाई बिकॉज उसका अब्जॉर्प्शन जब. आप उसको हल्का सा ग्रिल करते हो तब उसका. जो लाइकोपीन होता है वो अब्जॉर्ब होता है. कच्चा नहीं खाना चाहिए आईडियली कच्चा नहीं. खाना चाहिए हल्का सा. जो बर्न करके जो देते हैं ना हल्का सा जो. आई डोंट नो दैट शेफ लैंग्वेज बट देर इज अ. रीजन व्हाई दे डू इट द रीजन व्हाई दे डू. चार इट इज ओनली बिकॉज दैट लाइकोपीन गेट्स. अब्जॉर्ब्ड सो एवरीथिंग हैज इट्स लॉजिक बट. ब्लूबेरी और ब्रॉकली यूजुअली लोग बोलते. हैं कि बहुत महंगी है हर जगह इजली अवेलेबल.
नहीं होती एटलीस्ट यर टू टियर थ्री टर फोर. सिटीज में बहुत डिफिकल्ट होती है तो. अल्टरनेटिव्स क्या है टमाटर तो हर जगह मिल. जाएगा गोभी गोभी बट फूल गोभी जिसमें. पेस्टीसाइड ना डाला हो फूल गोभी इज वेरी. गुड और फूल गोभी अगर कोई ग्लूटेन फ्री भी. है. दैट्ची सब्जी आप ले सकते हो हैव इट बट. प्रॉपर्ली वाश एंड कुक्ड बिकॉज द बिगेस्ट. इंफेक्शन सोर्स अगर है तो वो फूल ग भी है.
अगर वो अच्छे से धुली हुई है फूल ग भी आप. ले सकते हो इट इज वेरी गुड और ब्लूबेरी का. अल्टरनेटिव ट्स इंटरेस्टिंग ब्लूबेरी का. अल्टरनेटिव एन एप्पल अ डे कीप्स अ डॉक्टर. अवे एप्पल जिसमें वैक्स ना लगाया हुआ हो. एप्पल जिसमें प्रॉपर ऑर्गेनिक. हो अच्छा सेब ना गंदा दिखेगा अच्छा सेब. सुंदर नहीं दिखेगा अच्छा सेप चमकता हुआ. नहीं दिखेगा अच्छा से ब्राइट शाइनी नहीं. होगा सो दैट इज दैट एक्चुअल गुड सेब आप.
शिमला जाओगे कश्मीर जाओगे ना तो वहां सेब. ना नॉर्मल अजीब सी शेप अजीब सा कलर होता. है दे आर नॉट दैट ब्राइट रेड दैट यू सी जो. वाशिंगटन एप्पल आते हैं वैसा मत लेना. उसमें क्या लेयर लगी हुई है कितना है व यू. डोंट नो दैट टेक दोस देसी एप्पल देसी. ऑर्गेनिक एप्पल दे आर रिच दे आर रिच इन. आयरन दे आर रिच इन न्यूट्रिएंट्स दे आर. रिच इन दोज माइक्रो न्यूट्रिएंट्स सो हैव. दैट यूजुअली तो लोग अट्रैक्ट ज्यादा उस पे. होते हैं ना एकदम बढ़िया दिख चा वो नहीं. होना चाहिए जो फल सो एक फल है जिसमें आप.
कभी भी पेस्टिसाइड नहीं देख सकते वो है. केला केला में अगर आपने पेस्टिसाइड डाला. सड़ जाएगा एक और फल है जिसमें आप. पेस्टिसाइड नहीं डलवा जिसमें कोई किसान आप. पूछ लेना किसी से भी कोई किसान पेस्टीसाइड. नहीं डालेगा वह है. अमरूद अमरूद में कभी भी पेस्टिसाइड नहीं. डालता एंड दिस इज वन फ्रूट ट वड ऑलवेज कीप. यू हेल्दी गवावा बट लोग गवावा को लेते हैं. उन्हें लगता है कि अरे ये सुंदर सा नहीं.
दिख रहा कुछ नहीं हो रहा बट गवावा अकेला. ऐसा फ्रूट है आप पूरे इंडिया में सर्वे कर. लेना उस परे कभी भी कोई पेस्टिसाइड नहीं. डालेगा बट जो वो थाई गवावा आते हैं इतने. बड़े वाले उनमें भी नहीं होता इंपोर्टेड. हां जो इंपोर्टेड आते हैं मैं मेड इन. इंडिया कांसेप्ट में बिलीव करता हूं मुझे. मोदी जी का मेड इन इंडिया समझ में आता है. सो आई बिलीव इन इंडियन फ्रूट्स आई बिलीव. इन इंडियन फूड थाय गवावास आई हैव बड़े से. दिखते सीन कई सारी शादियों में रहते हैं. बाहर बट मैंने ट्राई किया मैंने कभी खाता. नहीं मुझे वो वैसी वाली लीचीज भी नहीं.
अच्छी लगती मुझे देसी अगर है महाबलेश्वर. की स्ट्रॉबेरी होनी चाहिए और अमरूद नॉर्थ. इंडिया के या फिर पुराने यूपी के जैसे. होते हैं ना वहां के अमरूद होने चाहिए एंड. ब्लूबेरी सो इंडियन ब्लू बेरीज आर वेरी. गुड महाबलेश्वर की ब्लू बेरीज आर वेरी गुड. डू यू थिंक आजकल लोग वेप करते हैं लोग. उससे भी कैंसर लेने का कैंसर का कोई. रिलेशन है 100% 100% वेप व्हाई बिकॉज वेप. में जो आप केमिकल दे रहे हो वो केमिकल यू. नो दैट दैट इज नॉट सेफ इट्स अ. कार्सिनोजेनिक केमिकल एंड वो वेप अभी. रिलाइज नहीं हो रहा व्हाई बिकॉज पीपल फील.
कि अगर सिगरेट का अल्टरनेटिव है वेप है हम. हम तो सिगरेट नहीं पी रहे वो टार होता है. उसमें हम टार से तो बच गए बट अ आप एक चोर. से बचे और दूसरे जैसे कहते हैं ना आसमान. से गिरे खजूर में अटके सो आप आसपास से. गिरे हो खजूर में अटके हो एंड दिस इज. डेंजरस फॉर यू अगेन व्हाई बिकॉज एनी. केमिकल व्हिच इज ब्रिंगिंग आट दैट स्मोक. फ्रॉम इड और वो अ जो केमिकल आप इन्हेल कर. रहे हो द पफ्स दैट यू आर टेकिंग य. एक्चुअली गेटिंग इन टू दैट जन जहां पर आप.
अपनी इम्यून सिस्टम को खत्म कर रहे हो भाई. वेप इज नॉट हेल्दी आज रिलाइज नहीं हो रहा. अगले 5 साल बाद नोट इट डाउन अगले 5 साल. बाद यही स्टडी आएगी वेब से कैंसर होता है. और आज जो अन रेगुलराइज्ड आई वुड से. अनरेगुलेटेड इंडस्ट्री जो वेव बन गई है इट. इज अनरेगुलेटेड इंडस्ट्री यही आगे आने 5. साल वाले टाइम पर हो सकता है शायद मैं. प्रे करता हूं एक साल में हो जाए कि उसपे. भी लिखा आना चाहिए कि वेब कॉसेस कैंसर बट. इट इज अनरेगुलेटेड इट इज अन रेगुलराइज्ड.
कोई उस परे ध्यान नहीं दे रहा इट बिकम अ. फैट जोन एंड हुक्का और शीशा जो लोग पीते. हैं इज दैट सेफ नथिंग इज सेफ इट इज नॉट. सेफ द केमिकल दैट इज देयर वो जो आप शीशा. और हुक्का जो आप ले रहे हो जो फ्लेवर्स. अलग-अलग डल रहे हैं दोस आर ऑल केमिकल्स. आपने किसी हुक्के के उसको जो उसका जो. मसाला है उस कहीं बनते हुए देखा है उसमें. क्या डलता है कैसे डलता है बिकॉज इट इज अन. रेगुलराइज्ड इंडस्ट्री कोई उसको देखता.
नहीं दिल्ली में कोई पार्टी बिना हुक्के. के नहीं होती हम कोई हुक्के के बिना नहीं. होती एंड एवरी बडी इज इन टू दैट हुक्का जन. कि नहीं हमें तो शीशा चाहिए हमें हुक्का. चाहिए और इस वजह से हर जगह पूरे देश भर. में जो बी टाउन सिटीज थी वहां पर भी शीशा. लाउंजेस और वो बन गए जहां पर यू फाइंड. पीपल फ्रॉम 18 इयर्स टू 60 इयर्स गोइंग. देयर एंड ए जॉइंग दे शीशा विदाउट इवन. थिंकिंग कि जो आप बुड बुड बुड बुड कर रहे. हो इससे आपके सेल भी बुड़बक रहे हैं एंड. दिस इज डेंजरस हर एक सेल जो आप ले रहे हो.
उसमें वो जो केमिकल है दिस इज अ डायरेक्ट. इनहेलेशन ऑफ दोस केमिकल्स सो यू यू मीन टू. से कि शीशा हुक्का इनसे भी कैंसर लीड. कैंसर होने के चांसेस हो सकते हैं इज इट इ. दैट इट इज एज डेंजरस एस लेट्स से समथिंग. लाइक स्मोकिंग 100% एंड इस कंटेंट के. बहाने अगर शायद इस पॉडकास्ट के बाद भगवान. करे अगर किसी ने स्मोकिंग छोड़ दी आई थिंक. वी आर सक्सेसफुल टुडे थ एब्सलूट एब्सलूट. ओके फिजिकल और इमोशनल ट्रामा या.
फिजिकल हर्ट या इमोशनल हर्ट से भी कैंसर. होने के चांसेस होते हैं यस यस एक्सप्लेन. दोनों अलग-अलग तरीके. से फिजिकल ट्रामा एंड इमोशनल ट्रामा सो द. डेंजरस ट्रामा मतलब अगर सबसे भयानक और. सबसे डरावना ट्रामा बोला जाए तो वो इमोशनल. ट्रामा होता है और उस इमोशनल ट्रामा में. अलग-अलग इमोशंस है जो आपको डेंजरस होते. हैं जो आपको कहीं ना कहीं तोड़ देते हैं.
मजबूर कर देते हैं जैसे सबसे वर्स्ट इमोशन. होता है ग्रीफ मतलब ग्रीफ मतलब किसी की. फैमिली में डेथ हुई सपोज एक लड़का है और. उसके मदर से वो बहुत ज्यादा अटैच है या. फादर से बहुत ज्यादा अटैच है और उसके मदर. या फादर की डेथ हो गई अब वो जैसे हम कहते. हैं हिंदी में एक सदमे में चला गया तो वो. सदमा सदमा नहीं इ ही इज इन टू दैट ग्रीफ. जहां पर वो एक पेन में है कि अरे देर इज अ. लॉस ऑफ अ लव्ड वन एक एक आई थिंक उससे. वर्स्ट वो लॉस किसी के लिए नहीं होता जो.
एक जिससे आप बहुत ज्यादा प्यार करते हो वो. आपकी जिंदगी से चला जाए राइट जब उस ग्रीफ. में आप होते हो लोग क्या करते हैं आज. हमारी जो हमारी जो कम्युनिटी है हमारे जो. लोग बाग है आसपास हमें वो सिखाते हैं जो. कहते हैं कि अरे छोड़ना है भूलना यार आगे. बढ़ चल ना यार मिट्टी डाल आगे बढ़ अरे. फॉरगेट इट यार आगे बढ़ ये फॉरगेट इट इज. नॉट गुड फॉरगिव एंड फॉरगेट दिस इज नॉट गुड. व्ट इज नॉट गुड इज यू आर नॉट प्रोसेसिंग द.
पेन उस पेन को प्रोसेस. करो बी इन टू दैट जोन ट्स. फाइन इट्स ओके टू बी इन टूट ट्रामा इट्स. ओके कि आपने लड वन खोया ट्स फाइन बट ठीक. है अब आगे प्रोली लुक एट द ब्राइटर साइड. सो देर दिस थिंग च आई वड लाइक टू से अबाउट. इज एफरा एफरा इ ए स्टैंड्स फॉर असाइन द. मतलब वट इजट पेन च इ देर राइट एंड आपको.
पता चल गया कि वो पेन है वो किसी मैं. जिससे प्यार करता था उसके खोने की वजह से. मुझे वो पेन हुआ है तो वो आपने असाइन किया. एफ स्टैंड्स फॉर फील इट आप उसको फील कर. रहे हो य फीलिंग इन टूट पेन कि वो कैसा है. किस तरीके से एंड एवरी पेन हैट फीलिंग ऑफ. वो पर्सन स्पेसिफिक होता है योर इमोशनल. ट्रामा वड हैव. डिफरेंट मैग्नी ऑफ पेन मतलब हो वो काला. रबड़ी मतलब न यू विल गेट इन टू द जोन.
फीलिंग यू विल गेट इनटू इट इट्स वेरी. पर्सनलाइज राइट आई का एक्सप्ले इन. पॉडकास्ट प्र देस एक्सरसाइज ट आई डू विथ ल. माय पेशेंट्स र आई गेट इन टूट जोन जहां पर. मैं उनको ले जाता हूं एफ इ फॉर फीलिंग आर. इ फॉर रिलीजिंग. इट न यू गेट इन टूट पावर की मुझे इसको. रिलीज करना है छोड़ना है हटाना है अपनी. जिंदगी से एंड ए आगे बढ़ना है सेंड यू मूव. फॉरवर्ड एंड मूव फॉरवर्ड इट्स नॉट नेसेसरी.
कि आप आपके किसी लव्ड वन की डेथ हुई तो आप. एसेंड कर रहे हो उस उस पेन के साथ नहीं आप. एसेंड कर रहे हो उसकी गुड मेमोरीज के साथ. सो इट्स अ कंप्लीट एक्सरसाइज दैट वी डू. फॉर ल आवर पेशेंट्स लाइक कई पेशेंट्स है. राज जो उनके मदर की या फादर की डेथ हुई और. उसके बाद या किसी हस्बैंड वाइफ में से. किसी हस्बैंड की डेथ हुई और वाइफ को कैंसर. हो गया दो मही दो साल बाद अब जब उनसे पूछा. गया तब उसने कहा कि वो आज भी अपने हस्बैंड. को याद करती है और वो कुछ नहीं करते एंड. शी इज अ लेडी शी इज नॉट ईटिंग एनीथिंग बैड.
अच्छे से खाती है अच्छे से ध्यान रखती है. कोई वो भी नहीं कि दिन भर फोन में रहना. लेकिन कैंसर डायग्नोज हो गया क्योंकि वो. उस ग्रीफ में अभी भी है दो साल बाद सो. उसको फिर हम यह एक्सरसाइज कराते हैं. ट्रीटमेंट के साथ-साथ एंड देन यू गेट इन. टू दैट हीलिंग ऑफ इमोशनल ट्रामा हीलिंग. इट्स अ कंप्लीट एक्सरसाइज एंड दिस इज. इंपोर्टेंट अगर आप कैंसर के तय तक नहीं. जाओगे तब तक आप कैंसर को ठीक ही नहीं कर. सकते ट्रीटमेंट अलग है ही. ट्स इंपोर्टेंट फिजिकल ट्रामा डिफरेंट.
फिजिकल ट्रामा अगेन आपको चोट लगी. एक्सीडेंट हुआ यस इंस्टेंसस देखे गए जहां. पर किसी का एक्सीडेंट हुआ हड्डी में चोट. लगी और बाद में वहां पर फ्रैक्चर हुआ था. किसी के थाइज में बाद में दो साल बाद उसको. ऑटोजेनिक सार्कोमा बोन कैंसर हो. गया एक बच्चा ट्रेन में सफर कर रहा था ऊपर. वाले बर्थ पे था नीचे गिरा अ छोटा सा था. मतलब छ महीना है साल भर का सॉरी टू से और. उसको गिरने के बाद गुम चोट लगी पेरेंट ने. सेलाया सब स्कैन वगैरह कराया नॉर्मल था.
लेकिन एक साल बाद ब्लड कैंसर हुआ हिस्ट्री. ऑफ इंजरी हिस्ट्री ऑफ. फॉल लोग यह सब देखते नहीं है द यंगेस्ट. पेशेंट हु हैज कम टू कैंसर सेंटर इज फॉर. 10 डेज एंड सबसे जो पेशेंट जो सबसे. बुजुर्ग उसमें आए हैं वो 92 इयर्स के हैं. 10 दिन वाला मुझे बहुत गर्व होता है क्या. तो इट गिव्स इनस प्राइड 10 दिन वाला बच्चा. भी क्योर हुआ 92 इयर्स वाला भी टेस्टम फ. गट प्राइड बट जस्ट सी द स्टेंट अब वो 10.
दिन के बच्चे ने कुछ किया नहीं था तो फिर. उसको कैसे कैंसर हो गया मदर मदर ने वूम. में जब आप प्रेगनेंसी में अगेन दोस इमोशन. ट वास गोइंग ऑन इन हर इन हर माइंड वाइल. कैरिंग ट बेबी जो अब प्रेगनेंसी में जो. लेडी अपने इमोशंस रखती है ना वो कहीं ना. कहीं अपने बच्चों में ट्रांसफॉर्म होते. हैं तो जब आप कोई इमोशन प्रोसेस ही नहीं. करते हो आपको हर्ट होते जा रहे हो और अंदर. ही अंदर दबाते जाते हो वो बाहर नहीं ते हो. तो वो अंदर कोई एक ऐसा सेल को आपको.
डिस्टर्ब करता है कि उसे कैंसर बनने के. चांसेस हो जाते हैं यस एंड वही अगर आप. प्रेग्नेंट हो तो उस टाइम प्रेगनेंसी में. भी निकलते हैं लाइक बच्चे को भी हो सकते. है यस और तभी जो बच्चे जब डायग्नोज होते. हैं कहते हैं कि अरे 10 दिन के बच्चे को. कैसे कैंसर डायग्नोज हुआ है अरे एक महीने. के बच्चे को कैसे कैंसर डायग्नोज हुआ. इसलिए हुआ है क्योंकि प्रेगनेंसी में. ध्यान नहीं रखा गया इन सब क रहे बात क्यों. नहीं करते लोग इमोशन इ सो अंडर टॉक इमोशन. के बा बारे में इमोशनल हर्ट के बारे में. इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करती.
ज्यादा अवेयरनेस नहीं है लोगों को पता ही. नहीं है इन सब चीजों को भी इंपॉर्टेंस. देना चाहिए सबसे ज्यादा अगर कोई अन. कंप्रोमाइज टॉपिक है ना वो है मेंटल हेल्थ. ओके एक्सटर्नल एनवायरमेंट और सारे. एनवायरमेंट्स की हम बात कर रहे थे वी. स्पोक अबाउट फूड वी स्पोक अबाउट लाइफ. स्टाइल वी स्पोक अबाउट इमोशंस राइट वन. इंपोर्टेंट चीज जब भी लोग कैंसर की बात. करते हैं तब बात करते हैं कि कैंसर. हेरेडिटरी से होता है यस तो कितना कैंसर. हेरेडिटरी से आता है और कितना किसी को भी. हो सकता है कैंसर हेरेडिटरी होता है आई.
हैव सी यस कैंसर हेरेडिटरी होता है अगर. कैंसर वंशानुगत है बिकॉज कैंसर ट्रेवल इन. जीनस एंड व्हाट हैपेंस इज जब आप कैंसर में. अगर किसी को फैमिली में हिस्ट्री में. कैंसर है तो उसके आगे आने वाली जनरेशन या. उसके पीछे वाली जनरेशन में रिस्क बढ़ जाता. है कैंसर होने का तभी मैं हमेशा कहता हूं. अगर किसी के मदर फादर को कैंसर डायग्नोज. हुआ है आई ऑलवेज टेल देम कि मैं हमेशा. बोलता हूं अपने बच्चों को अगली बार लेकर. आना पीडी में वो कहते हैं क्यों बो मुझे. उनसे बात करनी है एंड देन आई ऑलवेज आस्क.
देम अलग से स्मोक तो नहीं करते ड्रिंक तो. नहीं करते क्या करते हो एंड ऑल दैट वई. बिकॉज मेरा बीइंग अ डॉक्टर फर्ज है कि अगर. मैं इस कैंसर पेशेंट को ठीक कर रहा हूं तो. आगे भी कैंसर भविष्य में ना हो और मेरा जो. मिशन है कि कैंसर एक जोडिक साइन रहे. बीमारी ना रहे तो उसमें मुझे आगे आने वाली. जनरेशन में भी तो य अवेयरनेस पंचानी है. इसलिए वी ऑलवेज डू इट बट अगेन आवर स्कोप. इज लिमिटेड जितने हम 18 सेंटर्स में कर. सकते हैं बट अगर अगर ये हर हॉस्पिटल. अप्लाई करना शुरू कर दे और एजुकेट करना.
शुरू कर दे कि कैंसर हेरेडिटरी है प्लीज. हैव अ सेफ एनवायरमेंट जहां पर आप कैंसर से. बच सकते हो और भविष्य में आपके कैंसर होने. का खतरा बहुत ज्यादा है अगर दो लोग हैं एक. के मदर या फादर को कैंसर रहा है और एक के. नहीं रहा तो जिसके मदर फादर को कैंसर रहा. है उसको आगे आने वाली जनरेशन में कैंसर. होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है एज. कंपेरर टू द अदर. पर्सन सो कैंसर इज ऑलवेज हेरेडिटरी द थिंग. इज यू हैव टू प्रिवेंट गेटिंग इट एट एनी.
पॉइंट ऑफ लाइफ बट जिसकी हेरिडिटी नहीं. उसको भी तो हो सकता है कैंसर यस हो सकता. है हो सकता है बट अगेन आगे आने वाली जींस. में बिकॉज सम वेर डाउन द लाइन वो उसकी जीन. में डॉर्मेंट रहा और उसको वो फेवरेबल. एनवायरमेंट मिल गया जहां पर अन हां जहां. पर थ्राइव कर गया वो सो दैट इंपोर्टेंट. क्या हम बॉडी को इतना स्ट्रांग बना सकते. हैं कि कैंसर हो ही नहीं कभी हां 100%. आपका इम्यून सिस्टम सो तीन चीजें मैं. हमेशा बोलता हूं अपनी मेंटल हेल्थ के लिए. आपने एस्ट्रोनॉट देखा होगा एस्ट्रोनॉट अगर.
एक अगर आपने देखा हो तो वो एक ग्लास का. चेंबर पहनते हैं जिसमें वो ऑक्सीजन चेंबर. होता है एंड दे आर प्रोटेक्टेड फ्रॉम. उन्हें बाहर के कुछ उससे फर्क नहीं पड़ता. सो गेट इन टू योर बबल ऑफ टाइट फोकस जहां. पर आपको फर्क ही नहीं पड़ रहा लोग नेगेटिव. बोल रहे हैं कुछ भी बोल रहे हैं लाइक इफ. यू से कि आपके कुछ फ्रेंड्स हैं जो स्मोक. ड्रिंक वेप सब करते हैं स्टिल यू हैव बीन. सो क्लीन राइट सो दैट्ची. लाइक वाइज फिजिकली फिजिकली इफ यू आर इन टू.
दैट बेस्ट ऑफ इम्युनिटी जहां पर इवन इफ यू. आर अ लिटिल ओवरवेट अंडरवेट आइडल वेट ट्स. फाइन बट यू आर इन टू द बेस्ट ऑफ इम्युनिटी. यू आर ईटिंग वेल आप अच्छा खा रहे हो आप. अच्छा पी रहे हो आप अच्छा टाइमली सो रहे. हो आप सुबह टाइमली उठ रहे हो आप रात में. देर से नहीं सो रहे आप पार्टीज में यह सब. जो स्मोकर्स उनसे दूर रह रहे हो आपको. कैंसर नहीं छू सकता अगर आपका इम्यून. सिस्टम सक्षम है आपको कैंसर नहीं छू सकता. मैं कैसे अपना इ सिस्टम बेटर कर सकता हूं. या स्ट्रांग कर सकता हूं गिव मी हैक्स ओके.
लाइक प्रॉपर मुझे तीन हैक्स दो जिससे मैं. अपना इम्यून सिस्टम इतना स्ट्रांग कर लूं. कि कैंसर होने के चांसेस मुझे ऑलमोस्ट. नेगलिजिबल हो जाए ठीक है सो सिंपल वर्ड्स. मैं बता देता हूं ये सिक्स लेटर्स है अगर. आपने ये सिस लेटर्स फॉलो कर लिए आपको. कैंसर नहीं हो सकता एम ई डी एस आर एक्स. मेड्स आर एकस ठीक है आर एक्स इज जो. प्रिस्क्रिप्शन होता है आर एकस एंड मेड्स. सो आई विल डी ब्रीफ इट हम सो ये एक. एक्रोनिल है अगर आपने ये अपनी लाइफ में.
छाप लिया कैंसर नहीं छू सकता आपको एम इज. मेडिटेशन मेंटल हेल्थ में अपने आप को सबसे. ज्यादा ध्यान रखना है सो एवरी डे व्हाट. एवर गाइडेड नॉट गाइडेड म्यूजिकल व्हाट एवर. मेडिटेशन दैट यू वांट टू डू एम से आप. मेडिटेशन करते रहो डेली ईज एक्सरसाइज योगा. इफ योगा सूट्स यू एक्सरसाइज जिम सूट्स यू. प्राणायाम अनुलोम विलोम अ वॉक्स ब्रिस्क. वकिंग 10000 स्टेप्स जो सूट करता है एवरी. पर्सन इज डिफरेंट पना भाव पसीना भाव.
स्वेटेड आउट एम ई ई इज एक्सरसाइज डी इज. डाइट अच्छा खाना हरी करी वरी में नहीं. अच्छा खाना क्लीन खाना इफ प्रेफर्ड इज. वेजिटेरियन इफ यू आर अ नॉन वेजिटेरियन. चिकन एंड फिश वाइट मीट नो रेड मीट्स डीज. डाइट लॉट्स ऑफ फ्रूट्स ब्लूबेरी ब्रोकली. टोमेटो डीज डायट राइट एस. स्लीप स्लीप. जितना हो सके अच्छे से सोइए टाइमली सोइए.
इवन इफ यू आर स्लीपिंग फॉर सिक्स आवर्स. आईडियली इज 8 आवर्स अगर आप 6 घंटे सो रहे. हो रात 10:00 बजे सो जाओ सुबह 4:00 बजे. 5:00 बजे 6:00 बजे जितने बजे उठना है ट्स. अप टू यू हाउ एवर यू वांट टू टेक इट अगर. जिंदगी में बड़ा करना है जल्दी उठिए नहीं. करना कोई बात नहीं लेट उठिए बट यू हैव टू. टेक केयर ऑफ योर स्लीप आज 10 बजे सो जाओ. मेड्स एमई डीएस आर रिलेशनशिप्स देयर इज नो. पॉइंट ऑफ डूइंग एनीथिंग जब रिलेशनशिप. स्ट्रांग नहीं है दोस्त दिन में यह अगर आप. हो या आपके दोस्त होने चाहिए जो आपको कवर.
कर ले यह चार दोस्त आपके ऐसे अटूट होने. चाहिए कि वो आपकी हर समय खड़े रहे 4:00. बजे भी रात को 2 बजे भी सुबह 4:00 बजे भी. अगर आप बोलो यार वॉक पे चलना है वो आपके. अकाउंटेबिलिटी पार्टनर है आपकी वाइफ. रिलेशनशिप्स में आती है आपके हस्बैंड. रिलेशनशिप्स में आते हैं आपके बच्चे यू. हैव टू गिव टाइम फॉर दोज रिलेशनशिप्स एंड. एस इजट एस फैक्टर एस फैक्टर इज डिफरेंट. फॉर डिफरेंट पीपल लाइक देर आर पीपल हु. एंजॉय सेक्स एंजॉय दैट सेक्स ट्स एट्स.
फैक्टर देयर आर पीपल हु एंजॉय रीडिंग. हॉबीज एस इज दैट एस फैक्टर ऑफ योर हॉबीज. जो आप एंजॉय करते हो करने में डू दैट सो. मेड्स आर एक्स अगर य मेड्स आर एकस कर रहे. हो ना आपको कभी कैंसर नहीं छू सकता कभी. नहीं य 22 साल से कैंसर की प्रैक्टिस कर. रहा हूं मे मेड्स आर एकस मेड्स आर एकस आई. लाइक इट थक य बट. लेट्स अंडरस्टैंड कैंसर. डीपर स्टेज जीरो कैंसर क्या होता है कुछ.
होता है स्टेज जीरो कैंसर मतलब कार्सिनोमा. इन c2 जब वो लोकलाइज्ड है वहीं पर ही है. लंप किसी को ब्रेस्ट में हुआ वो वहीं पर. ही है लंग्स में हुआ वहीं पर ही है. लोकलाइज्ड छोटा आपने उसको ऑपरेट करके. निकाल दिया कार्सिनोमा इन c2 वहीं पर ही. लोकलाइज्ड है ओके ट्स स्टेज जीरो तो कैसे. स्टार्ट होता है कैंसर फिर स्टार्ट होके. फैलता कैसे बॉडी में कितनी स्टेजेस होती. है स्टेज वन स्टेज टू स्टेज थ्री कहां पर. क्या करना चाहिए जिससे हम बच जाए.
एक्सप्लेन एवरीथिंग गिव मी अ प्रॉपर. लेक्चर ऑन ओके सो कैंसर जब शुरुआत होती है. किसी भी ऑर्गन से शुरुआत हो सकती है इट. कैन बी ब्रेस्ट इट कैन बी लंग्स इट कैन बी. लिवर इट कैन बी बोनस इट कैन बी ब्रेन इट. कैन बी एनी वेयर राइट अब जब कैंसर की. शुरुआत हुई तो वहां पर वो स्टेज सो कैंसर. की जो स्टेजेस होती है वो स्टेज वन स्टेज. टू स्टेज थ्री स्टेज फोर होती है अब इसका. एक क्लासिफिकेशन होता है जिसको हम कहते. हैं टी एन एम क्लासिफिकेशन टी मतलब ट्यूमर.
एन इज नोड्स एंड एम इज मेटासिस मेटासिस. मतलब स्प्रेड जो मैंने बताया था प्राइमरी. सेकेंडरी फैल जाता है तो टीस्ट ट्यूमर जब. लोकलाइज्ड जगह पर होता है तो सबसे पहले टी. से शुरू होता है व्च इज स्टेज जीरो एंड वन. जब वो ट्यूमर डेवलप हुआ ग्रोथ हुई. अनकंट्रोल्ड ग्रोथ हुई यू आर नॉट इनटू दैट. बेस्ट ऑफ एनवायरमेंट और आपकी बॉडी ने आपने. अपने शरीर का ध्यान नहीं रखा और वो ट्यूमर. डेवलप हो गया वो स्टेज वन है अब जब सपोज.
मैं एक ब्रेस्ट कैंसर से एग्जांपल लेता. हूं बिकॉज दैट इज नंबर वन प्रीवेलिंग. कैंसर इन इंडिया राइट नाउ ब्रेस्ट कैंसर. में ब्रेस्ट से शुरुआत हुई अब वहां से वो. शुरू होकर बगल में एक गांठ आ गई आर्मपिट. के नीचे जिसको हम कहते हैं एलरी लिंफ नोड. राइट अब जब वो ब्रेस्ट से वहां से शुरू. हुआ उसकी जड़े बाहर की तरफ फैलने शुरू हो. गई मैं ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन में बेटर. बता सकता हूं सो अलग-अलग फैलना शुरू हो. गया जब वोह सेल फैला तो वह फैल करर सबसे. पहले लिंफ नोड्स प जाता है बिकॉज हमारी.
बॉडी में अलग-अलग स्प्रेड्स होते हैं जैसे. ब्लड के थ्रू स्प्रेड होता है ब्लड पूरे. शरीर में है तो ब्लड इज अ कनेक्टिव टिश्यू. ब्लड अ जो ब्रेस्ट में सप्लाई कर रहा है. वही लंग्स में लिवर में बोनस में हर जगह. वही ब्लड जा रहा है तो थ्रू ब्लड इट. स्प्रेड्स या फिर लिंफ के थ्रू स्प्रेड. करता है जैसे हम लिंफेटिक मतलब जो लिंफ. नोड्स होते हैं वो अलग-अलग वो कैरियर्स. रहते हैं तो जो एलरी लिंफ नोड्स है या. सर्वाइकल लिंफ नोड्स है वहां पर फैल गया. ये आ गया स्टेज टू में राइट सोट इट बिकम.
पहले ये दो सेंटीमीटर के नीचे था तो ये. स्टेज वन था दो सेंटीमीटर से ऊपर बढ़ा य. स्टेज टू आया अब ये नोड्स में आ गया यहां. पर ये स्टेज थ्री आ गया जब यह प्राइमरी. कैंसर प्लस लि नोड अटैच कर लि स्टेज थी अब. जब यह नोड्स में है प्राइमरी सोर्स में है. ब्रेस्ट में है बट अब इसके बाद यह ऑर्गन्स. पर चला गया दूसरे ऑर्गन्स प लिवर में. लंग्स में बोनस में ब्रेन में तो यह दूसरे. में चला गया अपनी पीपल का पेड़ पेड़ यहां. बोया जड़े आगे पड़ोसी के घर तक चली गई तो.
दैट इज वेर जब पड़ोसी के घर गई या अलग. ऑर्गन में गई ट इज वेर इट स्टेज फोर एंड. इस तरीके से ये स्टेजेस ग्रो करती है अगर. आप उसको शुरू में कहते ना निप इन द बड अगर. आपने वहीं पर ही उसको खत्म कर दिया वहीं. पर ही लोकलाइज पकड़ लिया आप जल्दी काबू कर. सकते हो तो ऐसे क्या कुछ साइंस होते हैं. जहां पर अरली पकड़ ले हां कोई भी चीज अगर. वही जैसे मैंने बताया कि अगर कांस्टेंटली. इरिटेट कर रही है जैसे किसी को डायरिया हो. रहा है फिर कॉन्स्टिपेशन हो जा रहा है फि.
डायरिया हो रहा है फिर कॉन्स्टिपेशन हो. रहा है दिस इज वनिंग साइन फॉर कैंसर हर. कैंसर ना एक वार्निंग साइन जरूर देता है. हम पकड़ नहीं पाते अगर आप अपने शरीर पर. ध्यान दोगे ना वो वार्निंग साइन आपको कहीं. ना कहीं पकड़ना चाहिए कोई चीज लगातार उसको. न्यू नॉर्मल मत बनाओ अरे ये तो होता ही है. नो ऐसा कैसे मुझे एक डॉक्टर ने बोला ये तो. होता ही है दूसरे ने बोला यही होता ही है. कोई बात नहीं तीसरे के पास जाओ चौथे के. पास जाओ पांचवे के पास जाओ छठे के पास जाओ. नॉर्मल नहीं हैय जो चीज नॉर्मल नहीं है ना.
वो यू कैन नॉट टेक इट एज नॉर्मल कि अरे. यार ये तो ठीक है ना अभी उसको इरिटेबल बाल. सिंड्रोम है अब तो उसको डायरिया हो जाता. है वो कुछ भी बाहर का खाता है उसका पेट. खराब हो जाता है दिस इज नॉट. नॉर्मल दिस इज नॉट नॉर्मल किसी को अरे वो. लाइपोमा है और छोटा सा एक फैट का वो आ. जाता है कांठ आ जाती है अरे वो कुछ नहीं. दैट इज नॉट नॉर्मल कोई भी चीज अगर नॉर्मल. स से अलग है लापरवाही मत करो उसे गट. टेस्टेड शो इट तो क्या होता है. इम्यूनोथेरेपी जो कैंसर पेशेंट्स को देते.
हैं लोग ओके सो जो इम्यूनोथेरेपी होती है. इम्यूनोथेरेपी मतलब इम्यून सिस्टम पर. आधारित ट्रीटमेंट होता है ऑन अ लेमन टर्म. मैं आपको बुलेट प्रूफ जैकेट पहना दूं गोली. मारता ह असर नहीं होगा वैसे ही काम करती. है कि नॉर्मल सेल हर एक नॉर्मल सेल पे कवच. चढ़ जाता है जिसमें नॉर्मल सेल इतना. ज्यादा स्ट्रांग होता है कि नॉर्मल सेल. कैंसर सेल को खत्म कर र है इट इज लाइक वी. आर नॉट कटिंग डाउन कैंसर वी आर मेकिंग. इम्यून सिस्टम स्ट्रांग सो एज टू जब. नॉर्मल सेल एड स्ट्रांग हो रहा है वो.
नॉर्मल सेल कैंसर सेल को खत्म कर रहा है. फॉर एग्जांपल एक होटल का ले लीजिए जहां पर. टेररिस्ट का हमला हुआ था और उसमें कितने. सारे सिविलियंस हैं और कितने लिमिटेड. तीन-चार टेररिस्ट हैं एक ऑप्शन आप उस होटल. पे बम गिरा दो तो उसमें दो टेरेस मारने के. लिए कि नहीं नहीं हमें हम इनको बाहर नहीं. निकलने देंगे हम इनको खत्म करना है तो दो. टेरेस तो मर गए लेकिन उसके साथ-साथ. सिविलियंस डैमेज हो गए जहां पर 500 नॉर्मल. लोग बेगुना लोग की डेथ हो गई मारे गए और. दूसरा ऑप्शन आपने अंदर जो हजार लोग हैं वो.
हजार की पावर ज्यादा है दो की पावर कम है. हालांकि उनके पास गंस है तो आपने बाहर से. धीरे-धीरे करके किसी ना किसी तरीके से. उनको वो शस्त्र प्रोवाइड कराने शुरू कर. दिए अस्त्र शस्त्र वेपंस कि जिससे उनकी. ताकत बढ़ गई और वह उससे लड़ पाए और उनको. यह बताया गया यह एजुकेट किया गया कि आपके. अंदर भी वो ताकत है जिससे आप वो दो लोगों. को लड़ सकते हो और वो बाहर से आपको वेपंस. प्रोवाइड करा दिया किससे ज्यादा डैमेज. होगा से बम गिराने वालो से या फिर उनको जो. शस्त्र. दिया क्योंकि आपने पूरा मैक्सिमम डैमेज कर.
दिया ये कीमो है बम गिराना की जिसमें आपने. कैंसर सेल को मारने के लिए इतनी स्ट्रांग. केमिकल्स दिए जिससे वो कैंसर सेल मर जाए. बट उसके साथ-साथ नॉर्मल सेल मर गए. इम्यूनोथेरेपी वो है जहां पर आपने नॉर्मल. सेल को इतना ज्यादा ताकतवर किया कि नॉर्मल. सेल कैंसर सेल को खत्म कर रहे है च इज मोर. हीलिंग च इज मोर प्योर च इज मोर आई वड से. जेंटल न पेशेंट कैंसर का ट्रीटमेंट हमेशा. बिना साइड इफेक्ट्स के भी हो सकता है बट.
लोगों के पास वह एजुकेटेड एजुकेशन नहीं है. लोग समझते हैं कैंसर मतलब कीमो कैंसर मतलब. रेडिएशन कैंसर मतलब सर्जरी कैंसर में तो. बाल उड़ेंगे ही उड़ेंगे कैंसर में तो. आइब्रोज जाएंगे ही जाएंगे कैंसर में आदमी. कमजोर होगा ही होगा कैंसर में काउंट्स कम. होंगे ही होंगे कैंसर में हीमोग्लोबिन. नीचे जाएगा ही जाएगा कैंसर का आदमी व्हील. चेयर से बाहर जाएगा व्हील चेयर से बाहर. आएगा और कैंसर में पेन बहुत होगा कैंसर. में पेन बहुत होगा टॉर्चर होगा टॉर्चर. होगा ये सब नहीं होता इम्यूनोथेरेपी में. ये सब नहीं होता इम्यूनोथेरेपी में हमारा. मरीज चल के जाता है कीमो कराता है और चल.
के वापस आता है डॉक्टर्स लिखते हैं वेल. टॉलरेटेड कीमोथेरेपी वो पूछते हैं यार तुम. कुछ तो ले रहे होगे ऐसा कैसे कि तुम्हें. कोई साइड इफेक्ट नहीं आया तो डॉक्टर साहब. आप ही की दवाई ले रहा हूं अब इस माध्यम से. शायद वो डॉक्टर्स पहचान जाएंगे अच्छा. डॉक्टर कृष्णा की दवाई ना ले रहे हो बट. अदर वाइज दे डोंट टेल एंड जब वो बताते भी. अच्छा ठीक है आई डोंट हैव फेथ बट ठीक है. व्हाट एवर यू आर टेकिंग आई थिंक ही इज. डूइंग सम मैजिक देर इज नो मैजिक इट्स. प्योर साइंस व्हाट एवर इट इज ये इम्यून. सिस्टम पे काम कर. इम्यून सिस्टम पे ये रिकवर कर रहा है एंड.
जब आप कीमो करा भी रहे हो देर आर नो साइड. इफेक्ट्स कोई नोजिया नहीं होता कोई. वोमिटिंग नहीं होती कोई काउंट्स नीचे नहीं. होते कोई बाल नहीं झड़ते कोई पेन नहीं. होता इनफैक्ट कैंसर में जो लोग 2020 एमजी. के मॉर्फिन की टेबलेट्स ले रहे हैं ड्यूरा. जैसे का पैच लगा रहे हैं जो 72 72 घंटे चल. रहा है दे व पेशेंट जहां पर 820 एमजी दिन. भर में छह मॉर्फिन की गोली ले रहा था. क्योंकि वो इतना पेन में था ट्रीटमेंट के. बाद हमारे ट्रीटमेंट के बाद तो उसकी. मॉर्फिन छह की पांच पांच की चार चार की. तीन तीन की दो बंद हो गई.
मॉर्फिन दिस इज व्हाट मेडिकल साइंसेस दिस. इज व्हाट द इम्यूनोथेरेपी वर्क्स आपके. शरीर में खुद लड़ने की क्षमता है आपको पता. होना चाहिए कि कैसे उसको काम कराना है बट. फिर जब ये इतना बेटर और अल्टरनेटिव वे है. ये इतनी इजली अवेलेबल क्यों नहीं है हर. जगह क्योंकि कोई फार्मा कंपनीज को पिक. नहीं करना चाहती क्यों क्योंकि फार्मा. कंपनीज की मुह पे चलती है फार्मा कंपनीज. जितनी केमिकल बेस प चलती है फार्मा कंपनीज. कभी भी किसी अल्टरनेटिव ट्रीटमेंट को.
हमेशा डिसग कर देती है वी नेवर से दैट वी. क्यर कैंसर वी ऑलवेज से कि अच्छा ठीक है. वी डू हीलिंग वी कैन हील विद यू आप कीमो. कराओ ट्स फाइन योर एम एंड माय एम वुड. ऑलवेज रिन कॉमन मुझे मरीज ठीक चाहिए चाहे. किसी से हो आप क्रेडिट कीमो को देते रहो. ट्रीटमेंट कीमो से कराते रहो हीलिंग कैंसर. हील सेंटर से चल सकती है सो एटलीस्ट योर. बॉडी इज प्रिपेयर्ड टू टॉलरेट केमा योर. बॉडी इज प्रिपेयर्ड टू टॉलरेट रेडिएशन योर. बॉडी इ प्रिपेयर्ड टू गेट द डन एंड दीज. मेडिसिंस हैव नो साइड इफेक्ट्स आज तक. कितने पेशेंट होंगे जो आपने क्योर करे हैं.
सैकड़ों दे हैव बीन मेनी अक्रॉस स्टेजेस. अक्रॉस द एजेस यस अक्रॉस स्टेजेस अक्रॉस. स्टेजेस सो पिटीफुल कंडीशन इज दैट हमारे. पास मेजर्ली स्टेज फोर के बहुत आते हैं. क्योंकि वह सब कुछ जब टूट चुके होते हैं. ना तब हमारे पास आते हैं हमारे पास अगर. अर्ली स्टेजेस आने शुरू हो जाए ना तो वो. हमारे लिए सबसे बड़ी जीत होगी बट प्रॉब्लम. ये होती है कि वो केवल अब ऐसा होता है बट. शुरू में ऐसा होता था कि केवल स्टेज फोर. आते थे अब ऐसा होता है कि जिनको डायग्नोज.
होता है ना वो सीधे हमारे पास आ जाता है. थैंक फुली टू आवर youtube4 थैंक फुली टू. आवर सो. youtube2 करते हैं तो आज टचवुड हमें किसी. को कैंसर डायग्नोज होता है तो वो हमें. सीधे कैंसर सेंटर के पास आता है बट अदर. वाइज कई लोग हैं जो बड़े-बड़े अस्पतालों. के पास जाते हैं एंड वो सोचते हैं कि मतलब. कैंसर से अगर रिकवर होना है तो वहां चले. जाओ एंड प्रॉब्लम यह होती है कि वह सब जब. करा चुके होते हैं और वह सब करने के बाद.
जब उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है बोल. दिया जाता है कि अब घर ले जाओ सेवा करो. एंड हो गया कुछ नहीं हो सकता सेवा करने. लायक नहीं छोड़ते वो काजू किशमिश नहीं खा. रहा होता सेवा करने लायक भी नहीं होता. मतलब ट पर्सन गेट्स इनटू डेथ बेड तब वो. कहते हम घर ले जाओ अब वो मरता क्या ना. करता हमारे पास आता एंड टच उस हालत में भी. रिजल्ट आते है यू कांट क्यर ट एवरी कैंसर. पेशेंट बट एटलीस्ट आप क्वालिटी ऑफ लाइफ तो. दे सकते हो एंड यही रीजन है हमारे सक्सेस. रेट्स बहुत आए हैं व्हाई बिकॉज वी गेट इन.
टू दैट कंप्लीट हीलिंग मेड जार हम पूरी. लाइफस्टाइल चेंज कर देते हैं जो अब तक आप. कराते आ रहे हो जो भी आपने हॉस्पिटल में. कराया वो भूल जाओ सब चेंज मेरे आए हो मेरे. मग्गा ये जो कप है ये खाली करके रओ तब मैं. भरू अगर भरे हुए आए हो और बायस होकर आए हो. कि मुझे डॉक्टर्स ने ये बोला है मुझे ये. बोला ये बोला है मैं कुछ नहीं कर सकता. मेरे पास बताइए क्या परसेंटेज होगा आपका. ट्रीटमेंट का सक्सेस रेट्स आर वेरी हाई एज. एज हाई ए 60 टू 80 पर एज हाई ए 60 टू 80. पर ट्स प्रेटी हाई ट्स प्रिटी हाई सर्टन.
कैंसर्स इंटेस्टाइनल कैंसर्स 20 पर पैटिक. कैंसर 60 पर तो फॉर. दिस फॉर दिस पॉडकास्ट मैं एक्चुअली रिसर्च. कर रहा था जस्ट पॉडकास्ट से पहले टेल मी. यह सही है कि नहीं है मैं कंपेयर कर रहा. था इम्यूनोथेरेपी सक्सेस रेट और. कीमोथेरेपी के सक्सेस रेट्स को एंड अक्रॉस. डिफरेंट कैंसर्स मैं कंपेयर करने की कोशिश. कर रहा था अब मैंने सिर्फ यह इंफॉर्मेशन. जितनी मैं सर्च कर पाया उससे ढूंढी आप. बताओ मुझे सही है कि नहीं है तो इनके. एक्चुअली रिजल्ट्स काफी अच्छे थे इनफैक्ट.
यह था कि जो लंग कैंसर है स्किन कैंसर एंड. किडनी कैंसर है इसके चांसेस इम्यूनोथेरेपी. के सक्सेस रेट के वर मच बेटर देन अदर टाइप. ऑफ थेरेपी यस जैसे लंग कैंसर में इसमें. चांसेस थे 30 टू 50 पर सक्सेस रेट थे. स्किन कैंसर में 50 टू 80 पर थे किडनी. कैंसर में 40 टू 60 पर थे ये बहुत हाई नोट. पर है कंपेयर्ड टू अदर. एंड इन लिवर लिवर कैंसर में लिवर मेटास.
में अब कोई भी जो ड्रग होती है वो हेपट. टॉक्सिक होती है टो मतलब लिवर टॉक्सिक इ. टॉक्स तो जब आप कीमो कराते हो तो उसमें जब. लिवर में ऑलरेडी कैंसर है लिवर में. मेटासिस है तो कीमो कराने के बाद. आपने जब ऑलरेडी लिवर कंपनसेटेड है आपने. कीमो किया तो लिवर बैठ जाएगा लिवर वुड फेल. राइट एंड दैट इज वेयर इम्यूनोथेरेपी गेट्स. इन द पिक्चर जहां पर आपका वो लिवर के लिए. जेंटल रहेगा जहां पर वो लिवर को प्रोटेक्ट. करेगा प्राइस क्या होती है इसकी प्राइस.
वेरी करती है केस टू केस प्राइस वेरी करती. है फ्रॉम पेशेंट टू पेशेंट व्हाई बिकॉज. स्टेजेस आर डिफरेंट केस जज डिफरेंट कैंसर. इज डिफरेंट टाइप इज डिफरेंट डायग्नोसिस इज. डिफरेंट बट कुछ एक मोटा मोटा ब्रैकेट होता. होगा कुछ हां सो दीज आर मंथली मेडिसिन सो. मंथली मेडिसिन वन ब्रैकेट वुड बी आई वुड. से अराउंड 40 टू 45000 अ मंथ व्हिच इज वे. लेस देन एनी कीमोथेरेपी और रेडिएशन और. सर्जरी अ सेकंड वुड बी आई वुड से अराउंड ₹. लाख अ मंथ एंडन एग्रेसिव कैंसर्स वुड बी.
प्रोबेबली अराउंड 2 एंड हाफ टू ₹ लाख अ. मंथ सो इट वेरीज ओ इट डिपेंड्स फ्रॉम. व्हाट डायग्नोसिस इज दिस एंड डिपेंड्स. अपॉन व्हाट स्टेज इट और ये इंश्योरेंस. कंपनी कवर करती है सैड बट ट्रू नहीं करती. व्हाई बिकॉज़ अगेन अ इंश्योरेंस कंपनीज आर. ऑल बैक्ड बाय की आइर इट हैज टू बी. कीमोथेरेपी सर्जरी टेशन अदर दन दैट एनी. अदर थेरेपी दे डोंट कवर दे आर इन टू दैट. जन जहां पर उन्होंने ब्लाइंड्स लगाए हुए. हैं कि यही सही है उसके अलावा बाकी सब गलत. है तो फिर कैसे लोग अफोर्ड करेंगे दे डू.
इट फ्रॉम देर ओन पॉकेट्स आई बीन. रिक्वेस्टिंग इट सो मेनी टाइम्स वेर आई. रिक्वेस्ट टू द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एंड. थ्रू दिस मीडियम आल्सो आई वांट टू. रिक्वेस्ट कि अल्टरनेटिव मेडिसिन शुड. आल्सो बीन अलाउड टू कवर अंडर इंश्योरेंस. ताकि एटलीस्ट जो लोग अफोर्ड नहीं कर सकते. वो एटलीस्ट इंश्योरेंस के थ्रू ले ले बट. अभी तक नहीं हुआ है पर अगर इसमें. अल्टरनेटिव मेडिसिन में इतने रिजल्ट्स हैं. तो इंश्योरेंस कंपनी क्यों नहीं इसको. एक्सेप्ट करती है अभी आई थिंक देयर इज नो. बिग मल्टीनेशनल कंपनी और नो बिग एमएनसी हु.
हैव एक्चुअली कम अप एंड टेकन दिस केस. टुवर्ड्स यू नो गेटिंग दोज इंश्योरेंस. कंपनीज डन सो आई वुड से देयर आर 10 पर ऑफ. केसेस स्टिल जो शायद कॉर्पोरेट इंश्योरेंस. में अपना पास करा लेते हैं और उनको हो. जाता है उनका अप्रूव हो जाता है एंड दे दे. गेट दैट सो दीज मेडिसिंस हैव इवन बीन पेड. बाय प्राइम मिनिस्टर रिलीफ फंड दज. मेडिसिंस हैव इवन बीन पेड बाय सीएम रिलीफ. फंड बट इंश्योरेंस कंपनीज ने अभी तक नहीं. किया ट्स अ सैड पार्ट ट्स अ सैड पार्ट. क्योंकि ये बहुत एक्सपेंसिव है यार एक अगर. 0000 महीने से लेके ₹ लाख महीने की अगर.
कॉस्ट होगी हां एंड सिक्स टू एट मंथ्स अगर. किसी को प्रॉपर्ली चलाना है उसके बाद बंद. कर दोगे तो इट्स अ लॉट ऑफ कॉस्ट इट्स अ. लॉट ऑफ कॉस्ट एंड दिस कुड हैव बीन रिंस. बाय द इंश्योरेंस बट वो नहीं करती ट्स अ. प्रिटी सिचुएशन ट्स अ प्रिटी सिचुएशन और. ये अगर इंश्योरेंस कंपनीज इसको अ करना. शुरू कर दे इसको रिब्स करना शुरू कर दे आई. थिंक इट वुड सेव अ लॉट ऑफ मनी इट वुड सेव. अ लॉट ऑफ बर्डन ऑन पेशेंट्स वेयर अ जो वो. अपनी जेब से अपने हार्डन मनी से वो पे कर.
रहे हैं एंड दे आर फंडिंग इंप्रूवमेंट ट्स. द रीजन दे कंटिन्यू सो देयर इज सो बड़ा. इंटरेस्टिंग डटा है जहां पर एनी पेशेंट हु. स्टार्टस द ट्रीटमेंट एट आवर सेंटर्स वो. लोग पहले महीने दूसरे महीने तीसरे महीने. चौथे महीने पांचवे महीने दे डोंट लीव द. ट्रीटमेंट दे डोंट ड्रॉप द ट्रीटमेंट. हमारा ड्रॉप रेट ज़ीरो है कैन यू इमेजिन. राज अगर उन्होंने हमारे यहां स्टार्ट किया. खुदान खस्ता अगर उनकी लाइफ ही नहीं बची. मतलब अगर टर्मिनल स्टेट पे आए हैं जहां पर. दे आर सेइंग कि डॉक्टर साहब एटलीस्ट शायद. एक दिन की लाइफ बताइए 24 घंटे का मेहमान. बताया एंड दैट पेशेंट सरवाइव फॉर वन मंथ.
दैट्ची मेंट स्टार्ट किया है सो वो ड्रॉप. नहीं होता ट्रीटमेंट में दे कंटिन्यू विद. द ट्रीटमेंट एंड दिस इज द ओनली सेंट आइड. सेड विथ प्राइड दिस इज द ओनली सेंटर जहां. पर वी हैव अ कंसेप्ट ऑफ अ फॉलोअप फॉर्म. एंड एव्री फॉलोअप गेट्स रिकॉर्डेड और जहां. पर फर्स्ट पॉइंट ये है डिड यू नोटिस क्या. आपने लाज शुरू करने के बाद कुछ. इंप्रूवमेंट नोटिस किया है हां या ना और. अगर तीन बार नो पे टिक हो गया हम मना कर.
देते हैं कि अब आगे हम नहीं दवाई देंगे. आगे ट्रीटमेंट लेने का फायदा नहीं एं टिल. डेट ट परसेंटेज इज जीरो तो जब ये. ट्रीटमेंट लेते हैं फर्स्ट महीने में क्या. फील होता है उन्हें जिसकी वजह से कंटिन्यू. करते जाते हैं अगर कोई कैंसर पेशेंट है. मैं हमेशा उनको एक ही बात बोलता हूं चाहे. आप कीमो करा रहे हो रेडिएशन करा रहे हो या. फिर हमारा इम्यूनोथेरेपी ले रहे हो सो यू. हैव टू यू हैव टू इवेलुएट इन अ स्केल ऑफ. वन टू 10 एक इमेजिनरी हेल्थ स्केल समझ लो. ठीक है अपने आप को एक इस हेल्थ स्केल में. डाल दो कि अगर 10 बहुत ही परफेक्ट लाइफ है.
और वन वर्स्ट है डेथ बेड है गॉड फॉबड. खुदाना खस्ता वो डेथ बेड है सो आप उस. हेल्थ स्केल में कहां पर हो अगर सपोज आप. बहुत ही अच्छी कंडीशन में हो जहां पर अभी. डायग्नोज हुआ है यू आर न स्केल ऑफ एट और. आपने ट्रीटमेंट स्टार्ट किया कीमो कराने. के बाद आप आठ से 10 प जाने चाहिए आप आठ से. पाच प नहीं आने चाहिए स्केल प. इम्यूनोथेरेपी कराने के बाद आप आठ से 10 प. जाने चाहिए आप पांच प नहीं आने चाहिए जो. कि नहीं आते आप आठ से प्रूव ही करोगे आई. विल टेक यू टू द स्केल ऑफ 10 आ ट्रीटमेंट. वुड टेक यू टू द स्केल ऑफ 10 बाय द ग्रेस.
ऑफ गॉड बट देन यू हैव टू इवेलुएट लाइक दिस. इवन इफ यू आर गेटिंग कीमो डन और कीमो के. साथ-साथ इम्यूनोथेरेपी ले रहे हो हमारी सो. वी विल इंश्योर दैट एटलीस्ट अगर आप पांच. पे हो ऑन अ स्केल ऑफ वन टू 10 आप पांच पे. हो मॉर्फिन चल रही है क्वालिटी ऑफ लाइफ. खराब है भूख खत्म है एंड आप पांच पे हो और. आप पांच से चार पे नहीं जाने चाहिए यू शुड. नॉट बी बेड डन यू शुड नॉट बी एडमिटेड टू. हॉस्पिटल आप पांच से छह सा आ न 10 एंड गेट. इनटू दैट कंप्लीट मोड नहीं आया कोई बात.
नहीं क्यर नहीं हुए कोई बात नहीं क्वालिटी. ऑफ लाइफ तो रहेगी लंबा तो जियोगे लोज तो. आएगी ट इ इंपोर्टेंट इन कैंसर एंड अगर. कैंसर एक बार चले जाता है तो फिर वापस आ. जाता है यस डिपेंड्स अपॉन कि किससे ट्रीट. हुआ है अगर आपने उसको जड़ से ट्रीट नहीं. किया कैंसर हमेशा वापस आता है अगर ब्रेन. ट्यूमर का एक एग्जांपल है ब्रेन ट्यूमर. में जब आप इसको सर्जरी कराते हो सर्जरी. करने के बाद आपने उसको ऑपरेट कर दिया. ऑपरेट करने के बाद आपने उसकी रूट्स छोड़. दी इट टेंड्स टू ग्रो बैक अगेन इट टेंड्स.
टू वो बार-बार देखा यह गया है कि आपने एक. सर्जरी कराई फिर उनको दूसरी सर्जरी कराने. की जरूरत पड़ी फिर तीसरी वई बिकॉज आपने. उसकी जड़ें खत्म नहीं करी एंड यू हैव टू. हील द डिजीज फ्रॉम इट्स रूट्स आपको उस जड़. से खत्म करना ही है खत्म हो गई तो उसके. बाद आ सकती है नहीं तब नहीं आ बाय द ग्रेस. ऑफ गॉड सो व्हाट इज क्यर क्यर इज अ. कंप्लीट एंड परमानेंट रेस्टोरेशन ऑफ हेल्थ. कंप्लीट मतलब पूरी तरीके से ठीक हो गया. परमानेंट मतलब दोबारा लौट कर नहीं आया.
हमेशा के लिए हुआ हो जाता है क्या और. कैंसर यस क्यों नहीं होता मैं हमेशा कहता. हूं कैंसर अगर ठीक करना है तो तीन चीजें. हैं स्ट्रांग विल पावर डिटरमिनेशन टू फाइट. एंड करेक्ट ट्रीटमेंट अगर आपकी विल पावर. बहुत स्ट्रांग है और अगर जीतने का जज्बा. है और इलाज सही है ऐसा हो नहीं सकता आप. कैंसर से ना जीतो आप हार ही नहीं सकते यू. वुड ऑलवेज कम आउट ऑफ कैंसर बट यू नीड टू. हैव विल पार नहीं छोड़नी जीतने का जजबा. नहीं छोड़ना इलाज सही होना चाहिए यू विल.
कम आउट ऑफ इट डू यू थिंक वर्ल्ड में बेस्ट. कैंसर का ट्रीटमेंट इंडिया में हो सकता है. कि दुनिया में कोई और इंस्टिट्यूट है जो. करता है जो भी इलाज इंडिया के बाहर अगर. अच्छा बहुत अच्छा ट्रीटमेंट करता है व सेम. इलाज इंडिया में भी हो सकता है इंडिया के. हॉस्पिटल्स इतने इक्विप्ड है इंडिया के. हॉस्पिटल्स इतने अच्छे हैं कि वो सेम. ट्रीटमेंट कर सकते हैं अगर डॉक्ट जॉन. हॉकिंस मैरीलैंड सब क्लीवलैंड जॉन हॉकिंस. लैंड मैरीलैंड लोन कैटरिंग एवरीथिंग द. ओनली थिंग इज नर्सिंग केयर देयर एंड.
नर्सिंग केयर हेयर इज डिफरेंट द एथिक्स. इंटीग्रिटी एंड द क्वालिटी ऑफ केयर आउट. देयर इज मच डिफरेंट देन क्वालिटी केयर इन. इंडिया यहां पर कमर्शियल ओपिनियन ज्यादा. है यहां पर कमर्शियल ओरिएंटेड. प्रिस्क्रिप्शन ज्यादा है वहां पर वो नहीं. है बट जो कीमो वहां होती है वही कीमो यहां. होती है अगर वही इलाज एम्स में आप जाइए. एम्स में देर इज नो किक बैक्स देर आर नो अ. कीमो जो आप वहां नहीं करा सकते बहुत अच्छा.
इलाज है बट भीड़ इतनी ज्यादा है लोग इतने. ज्यादा कि हां लोग डरते हैं वहां एम्स में. जाने में बट अदर वाइज वहां के जो डॉक्टर्स. जो दूसरे हॉस्पिटल में जाते हैं देर हैव. बीन सो मेनी ऑंकोलॉजिस्ट जो पूरे. इंटीग्रिटी के साथ शिद्दत के साथ इलाज. करते हैं उनके केसेस देखे गए हैं प्रॉब्लम. यह है कैंसर में वो लोग डर से रिलेट करते. हैं आज कैंसर से बहुत ज्यादा केसेस क्योर. हो रहे हैं बट लोग यह समझते हैं कि नहीं. कैंसर मतलब मरना ही है बिकॉज फार्मा. इंडस्ट्री चाहती है कि वो कैंसर के साथ डर. रहना चाहिए डाटा बना रहना चाहिए कि ये है.
अदर वाइज अगर आप देखो तो स्टेज फोर. कैंसर्स भी विद कीमो क्यर हो रहे हैं विथ. रेडिएशन क्यर हो रहे हैं द ओनली थिंग इज. आप न्यूज में देखते हो ना न्यूज में केवल. नेगेटिविटी बिकती है अगर नहीं देखोगे तो द. ओनली थिंग दैट सेल्स इज फियर या ट्स द. ओनली थिंग दैट सेल्स एंड ट्स द प्रॉब्लम. एंड विथ कीमो द ट व्ट इज बीन सोल्ड इज. फियर कौन-कौन से ऐसे हर्ब्स है टॉप थ्री. हर्ब जिसे होती. बेटर सिंपल टर्म्स में आ वड से ओम सटम च इ. वन हर्ब च ज.
तुलसी सेकंड हर्ब च आई वड से इ टीनोस्पोरा. कोर्डीफोलिया च इ गिलोय सिंपल हर्ब बता. रहा आ नॉट गेटिंग नटू दो मेडिसिनल हर्ब्स. दिस इ टू थर्ड वन च आई वड से इ एशिया दस. आर द थ्री हर्ब च वर्क्स ऑन योर इम्यून. सिस्टम खाना चाहिए लोगों को 100% गिलय. तुलसी और गिलय तुलसी नेशिया आई वड से मतलब. क एशिया अलग से भी आता है सो आप वो ले. सकते हो बट दज आर थ्री हर्ब्स दैट यू शुड.
एक्चुअली बी टेकिंग इट एंड अराउंड द. वर्ल्ड अश्वगंधा भी एक हर्ब है जो आपको. रेगुलर लेनी चाहिए अगर आप मेरा बैग भी. देखोगे तो उसमें भी आपको अश्वगंधा के. अश्वगंधा आफ्टर अ सर्टेन एज नहीं लेते ऐसा. नहीं होता कुछ मेटल कंटेंट उसमें बढ़ जाता. है तो इस वजह से अवॉइड करते हैं बट अदर. वाइज यस अश्वगंधा इज गुड इट प्रिवेंट. उसमें तो डटा भी है कि इट प्रिवेंट यू अग. स्ट्रेस सो इट्स गुड दज आर द हर्ब्स दैट. यू शुड बी टेकिंग इट इंडिया की जो. ट्रेडिशनल मेडिसिन है और सारे हर्ब्स हैं. आयुर्वेदा है मल्टीपल बहुत सारी फील्ड्स.
है बहुत सारी जो हमारा ट्रेडिशनल. इंडिया सेंट्रिक साइंस है लेट जस्ट पुट इट. दिस वे ओके जो हमारे एसिएंट विजडम से आया. है वो आज भी ग्लोबली एक्सेप्टेड नहीं है. या नेशनली भी एक्सेप्टेड नहीं है विथ. साइंस वेर एस अगर आप चाइना को देखो तो. चाइना ने चाइनीज ट्रेडिशनल मेडिसिन को. बहुत अच्छे से इंटीग्रेट कर दिया उनकी. मॉडर्न साइंस के अकॉर्डिंग वेस्टर्न. मेडिसिन के साथ एंड मोस्ट ऑफ द सलूशन जो. अब आज वहां पर प्रमोट हो रहे हैं वो. वेस्टर्न साइंस और चाइनीज ट्रेडिशनल.
मेडिसिन को इंटीग्रेट करके ही लोग प्रमोट. कर रहे हैं इंडिया में ऐसा इंटीग्रेशन. नहीं हुआ है हमारा दो एक्सट्रीम ऑपिनियंस. है एक है वेस्टर्न साइंस और एक है हमारे. जो ट्रेडिशनल ट्रेडिशनल साइंस ट्रेडिशनल. साइंस राइट इन दोनों को लोग साथ साथ में. नहीं लाते हैं ऐसा क्यों इंटीग्रेट क्यों. नहीं कर रहे हैं क्योंकि बहुत सारी चीजें. हैं जो आयुर्वेदा ही ठीक कर सकता है या. बेटर ठीक कर सकता है बहुत सारी चीजें हैं. जो हर्ब से आप एक्चुअली बेटर कर सकते हो. एंड बहुत सारी चीजें हैं जो वेस्टर्न. साइंस ठीक कर सकता है तो व्हाई नॉट. इंटीग्रेट इट ऑल सो दैट द रीजन आई सेड कि.
इंटीग्रेटिव इज द फ्यूचर ऑफ द इंडस्ट्री. अगर आपको साथ में कोलैबोरेशन इज द की वी. आर कोलैबोरेटिंग टुगेदर टू ब्रिंग. अवेयरनेस टू पीपल राइट कोलैबोरेशन इज द की. एंड यू हैव बीन डडूइंग दिस अमेजिंग वर्क. टू ब्रिंग पीपल ऑन बोर्ड टू एजुकेट द. मासेज अगर प्रॉब्लम ये है कि जब हम इस. नैरो माइंडेड जन में रहते हैं ना कि नहीं. केवल जो ट्रीटमेंट है वो हमारे थ्रू ही है. किसी और के नहीं है अगर आप देखोगे आज भी. जो जितने भी डॉक्टर्स है जो कीमू करते हैं.
वो अपनी चाय में तुलसी डालकर पीते होंगे. तुलसी वाली चाय पीते होंगे अदरक वाली चाय. पीते होंगे टेस्ट के लिए पीते हैं क्या. अदरक और तुलसी नहीं इट इज सम वे डाउन द. लाइन इट इज आल्सो हेल्पिंग देम नो कि वो. इसी बहाने एटलीस्ट वो जो जिंजी ब जिंजर से. एक हर्ब आती है विच इज जिंजी ब ऑफिस. एनालिस वो आप ले रहे हो तुलसी के थ्रू ऑमम. सटम हर्ब दे रहे हो सो दीज आर द हर्ब्स. व्हिच आर इनडायरेक्टली गोइंग इनसाइड बट आप. उसको डिनायल मोड प रहते हो क्योंकि हमें.
तो वी आर एजुकेटेड पीपल हमें हमारे ये है. मैं हमेशा गुजारिश करता हूं मैं हमेशा. बोलता हूं दैट द रीजन आई स्टार्ट विद दिस. हॉस्पिटल इंडियन कैंसर इंस्टीट्यूट ओनली. बिकॉज आई वांटेड टू हैव द इंटीग्रेटिव. अप्रोच जहां पर ऑंकोलॉजिस्ट भी है जहां पर. ट्रेडिशनल हीलर्स भी है जहां पर. आयुर्वेदिक फिजिशियन भी है होम्योपैथ भी. है एलोपैथिक डॉक्टर भी है एमडी मेडिसिन. जहां पर बीएचएमएस बीएएमएस ग्रेजुएट्स एंड. एमडी डॉक्टर्स भी है जहां पर रेकी. प्रैक्टिशनर्स भी है जहां पर साउंड हीलर्स. भी है जहां पर क्रिस्टल हीलर्स भी है जहां. पर न्यूट्रिशस है जहां पर ऑंको न्यूट्रिशस.
है जहां पर दे हैव बीन डॉक्टर्स ू आ पास्ड. आउट फ्रॉम एम्स दे हैव बीन डॉक्टर्स हु. हैव बीन पास्ड आउट फ्रॉम अल्टरनेटिव. मेडिसिन कॉलेजेस एज वेल साथ में एक जोन के. अंदर मैं हमेशा कहता हूं कि जो चाइना में. हुआ अगर ये चीज इंडिया में हो गई ऐसा हो. नहीं सकता कि इंडिया से कोई बीमारी ठीक ना. हो बट दैट्ची. टुवर्ड्स ऑल ऑफ अस शुड कोलैबोरेट एंड डू. समथिंग अबाउट इट मैं बहुत हैवी बिलीवर हूं.
स्ट्रांग बिलीवर ऑफ मेडिकल साइंस मॉडर्न. साइंस एंड आई एम इक्वली स्ट्रंग बिलीवर ऑफ. इंडियन ट्रेडिशनल साइंस क्योंकि मैंने. देखा है कि ऐसी ऐसी चीज है जो मुझे कभी. कभार लगता है कि मैजिक है लाक दिस इज अन. बिलीवेबल एंड जब मैं पढ़ता हूं उसके बारे. में और जाके डीप में रिसर्च करने की कोशिश. करता हूं तो पता चलता है 2000 साल से हो. रहा है एंड आई वाज लाइक व्ट ये साइंस में. आज तक इसका कोई जस्ट नहीं और 2000 साल से. हो रहा है इधर और उसके ऊपर कुछ ज्यादा. एविडेंस बेस्ड ही नहीं है सो टू मी इट.
फील्स लाइक जितनी बार मैंने इंडिया की. ट्रेडिशनल विजडम हमारा ट्रेडिशनल साइंस. हमारा आयुर्वेदा हमारा योग स्पिरिचुअलिटी. हमारे हर्ब्स के बारे में पढ़ा है ना तब. तब मुझे ऐसा लगता है कि वरवर साइन स्टॉप्स. मैजिक बिगिंस एंड ट्स ट्स व्ट मेक्स मी रि. बिलीव द सिस्टम एंड माय बिलीफ इन इंडिया. की कुछ तो है हमें उसमें और जाके घुसना. पड़ेगा एंड उसको साथ में वर्ल्ड का जो. वेस्टन साइ उस साथ इंटीग्रेट करके जो आपने. बोला ना पैरेलल चलाना पड़ेगा उसके बारे.
में बात करनी पड़ेगी सो दैट वी कैन. एक्चुअली ब्रिंग चेंज इन द वर्ल्ड एंड द. वर्ल्ड ओके हे हियर द सलूशन वी ऑलरेडी नो. इट लेट्स ब्रिंग इट टुगेदर एंड लेट्स हील. द एनटायर वर्ल्ड टुगेदर एंड वी आर इन. बेस्ट फेजस ऑफ आवर लाइव जहां पर वी हैव. आवर पीपल सिटिंग न द सेंटर हु हैव बीन. प्रमोटिंग आयुर्वेदा आ प्राम मिनिस्टर इज. प्रमोटिंग आयुर्वे प्राइम मिनिस्टर इ. प्रमोटिंग होलिस्टिक थेरेपी आ प्राइम. मिनिस्टर प्रमो प्रमोटिंग सो मेनी. अल्टरनेटिव ट्रीटमेंट्स ही बीन प्रमोटिंग. योगा सो दिस इज द बेस्ट फेज ऑफ आ लाइफ जब.
हम दोनों को पैल चला सकते हैं और नेशनल. इंटरेस्ट भी अभी है नेशनल इंटरेस्ट भी है. तो अब इश्यूड इन पब्लिक इंटरेस्ट एज वेल ए. नेशनल इंटरेस्ट वी शुड बी डूइंग वई बिकॉज. जब एम कॉमन है ना तो हारना नहीं है इगो. छोड़नी पड़ेगी आगे बढ़ना होगा एंड आगे. बढ़ना है जो इस इंटेंशन से बढ़ना है कि. कैंसर को खत्म करना है या बस य ओके आई हैव. सम मिथ्स एंड फैक्ट टू कवर परफेक्ट मुझे. ये बताओ कि मिथ क्या में और फैक्ट्स क्या. है मैं मोस्ट गूल्ड क्वेश्चंस पूछ रहा हूं.
ठीक है प्लास्टिक यूज से कैंसर इंक्रीज. होता है मिथ और फैक्ट. फैक्ट मोबाइल फोन रेडिएशन से कैंसर होता. है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन से ऑन अ. लॉन्ग टर्म यूज यस कैंसर होता है बट एंड. इट्स अ फैक्ट शुगर कैंसर सेल्स को फीड. करती है यस फैक्ट स्मोकिंग डेफिनेटली. लीड्स टू कैंसर 200 पर फैक्ट. स्ट्रेस कैंसर का इंक्रीज रिस्क बढ़ा देता. है यस क्या सॉरी स्ट्रेस कैंसर की रिस्क.
इंक्रीज कर देता है लाइफ में कैंसर होने. का खतरा स्ट्रेस से बढ़ जाता है अगर आपके. लाइफ में कांस्टेंट स्ट्रेस है यस कैंसर. का खतरा बढ़ जाता है फैक्ट जो हेयर डाईज. होते हैं कलर के लिए उनसे भी कैंसर कॉज हो. सकता है अगर उस हेयर डाई में अमोनिया है. तो हो सकता है ऑन अ लॉन्ग टर्म सो ऐसा. नहीं होता कि आपने एट टाइम लगाया और कैंसर. हो गया बट कांस्टेंट यूज. थ फर यर्स तब बिक बहुत मिनिमम लेवल प होता. है डट अगर कंटीन्यू लगा तो उसे ब्रेस्ट.
कैंसर हो सकता है मि ओके देन अल्कोहल. इंक्रीजस कैंसर रिस्क 100% फैक्ट पुर. हाइजीन कैन इनक्रीस कैंसर रिस्क इसमें ओरल. हाइजीन भी आ गया बॉडी हाइजीन भी आ गया %. फैक्ट फैक्ट ढंग से ब्रश नहीं कर तो कैंसर. के चांसेस बढ़ जाते हैं अगर चांसेस नहीं ब. अगर आप ढंग से ब्रश नहीं करते आप ओरल. हाइजीन इन एनी सेंस इज.
इंपॉर्टेंट अगर आप किसी भी चीज को थ्राइव. करा रहे हो जहां पर वो जो बैक्टीरिया. ग्रोथ हो रही है और आप उसको हील नहीं कर. रहे इट माइट लीड टू कैंसर एंड हियर द फनी. वन द मोस्ट मोस्ट गगल क्वेश्चन कैंसर. रिलेटेड आज की डेट प एज ऑफ नाउ इज क्या. कैंसर किसिंग या कैजुअल कांटेक्ट से. स्प्रेड हो सकता है मिथ कैंसर छूने से. नहीं फैलता कैंसर एक खाली में खाने से. नहीं फैलता कैंसर किस करने से नहीं फैलता. कैंसर स्मूच करने से नहीं फैलता कैंसर कभी.
भी सेक्स करने से नहीं फैलता इट डजन. स्प्रेड लाइक दिस कैंसर इज ओनली स्प्रेड. अबाउट इफ इट इज देयर विद अ कांटेक्ट इट इज. नॉट देयर कि आप उनके साथ बैठे हो और आपको. कैंसर हो जाएगा आप उनके साथ खाना खाओगे तो. कैंसर हो जाएगा जिसको है उसी को रहेगा र. हां रदर कई लोग मुझसे आकर मैंने इसलिए. स्पेसिफिकली पूछा कि लोग आकर पूछते हैं कि. डॉक्टर साहब ऐसा तो नहीं है कि मैं उनके. साथ खाना खाऊंगा तो के साथ कैंसर हो जाएगा. लोग एक वेरी इंटरेस्टिंग केस सो दे दिस. लेडी वो बहु थी और उसने अपनी सास के पास.
अपने बच्चे को खिलाना बंद करा दिया वाई. बिकॉज द सास वा डायग्नोज विथ कैंसर कि अरे. नहीं नहीं कैंसर ना हो जा मेरे बच्चे को. यू नो वाई बिकॉज अवेयरनेस लैकिंग है एंड. दे आर वेल टू डू फैमिली बट वही अवेयरनेस. इज लैकिंग सो कैंसर कभी भी छूने से नहीं. फैलता कोई कांटेक्ट से नहीं फैलता किसी से. नहीं फैलता कुछ भी नहीं हो सकता नहीं नहीं. इट्स. किसी अगर ग्रैंड पेरेंट को कैंसर हो और वो. अपने पोते को अपने हाथ से खाना वाना.
खिलाते हैं तो कुछ हो सकता है कभी नहीं हो. सकता उससे कैंसल नहीं हो सकता लोग रोक. देते हैं आईव सीन दैट एंड ट्स ट्स वेरी. सैड इट्स इट्स सैड इट्स डेंजरस आई वुड से. इट्स इट्स द डर्टिस्ट ऑफ इमोशन दैट यू कैन. गिव टू कैंसर पेशेंट डोंट डू दैट क्या कर. रहे हो आप बिल्कुल मत रुकना रदर वो दादी. चाहती है कि वोह पोते को खाना खिलाए और. उसके पोते के प्यार से वो जो लव इमोशन में. जो बॉडी के सेल ग्रो करते हैं ना ट. थ्राइविंग ऑफ द सेल इन दैट इमोशन ऑफ लव इज.
डिफरेंट हीलिंग 200 पर बेटर होगी आपका. ट्रीटमेंट ज्यादा अच्छा काम करेगा उस. पेशेंट को प्यार की जरूरत है अच्छे. ट्रीटमेंट के साथ सपोर्ट सिस्टम इट लव ट. यू नीड टू गिव ओके हियर द क्वेश्चन ऑफ द. डे द लास्ट क्वेश्चन इज अगर आपके पास. अपॉर्चुनिटी हो क्या पूरे इंडिया में हर. शहर में एक बिलबोर्ड लगाओ ओके देन उस. बिलबोर्ड पर आप क्या बोलना चाहोगे ट्स. वेरी इंटरेस्टिंग क्वेश्चन मैं उसमें यह. लिखवाना चाहूंगा कि योर बॉडी हैज द पावर.
टू हील कैंसर केवल आपको वो अनलॉक करना आना. चाहिए योर इम्यून सिस्टम कैन फाइट कैंसर. आपको व चाबी ताला खोलने की आनी चाहिए मेरी. बॉडी. खुद एक्चुअली फाइट कर लेगी कैंसर से यस. खुद ही हील कर लेगी खुद हील कर लेगी वो. मैंने बताया ना बाहर से बस शस्त्र देने की. जरूरत है जब वो टेररिस्ट ने इफिल्टर किया. जब टेररिस्ट ने माइग्रेट कि आपके उस पर. अटैक किया आप अंदर ही जब जो हजार नॉर्मल. लोग हैं उस कमरे के अंदर उनको बस वो.
शस्त्र महिया कराने की जरूरत है उनको बस. वो सही आमस एंड एम्युनिशन की जरूरत है अगर. वो प्रोवाइड हो गया योर नॉर्मल सेल्स आर. गुड इनफ टू फाइट विद कैंसर सेल्स ट्स. इंपोर्टेंट परफेक्ट थैंक यू सो मच सर थैंक. यू सो मच फॉर स्पेंडिंग सच गुड टाइम थैंक. यू मुझे काफी मजा आया आपसे बात करने के. आपसे बात करके ना मुझे काफी मजा भी आया. एंड एट द सेम टाइम मुझे बत सारी चीजें नई. सीखने को मिली थैंक यू तो आई लाइक दैट एंड. आई लाइक द वे कि आपके जो ओपिनियन है आप हो.
बोल्ड हां ये ऐसा है ये ऐसा ही रहेगा एंड. आप किसी चीज के अगेंस्ट नहीं हो जो गलत. नहीं है यू रिस्पेक्ट अदर प्रोफेशन आप. रिस्पेक्ट करते हो अदर लाइन ऑफ. ट्रीटमेंट्स एंड एट द सेम टाइम जो गलत है. वो गलत है कि ये तो मैं मानूंगा ही नहीं. सो आई लाइक दैट स्टंस दैट यू आर वेरी. क्लियर सो थैंक यू सो मच फॉर एजुकेटिंग मी. एंड माय ऑडियंस आई होप कि आपका मिशन. कंटिन्यू रहे एंड आप बहुत लोगों तक पहुंचो. थैंक यू थक य एंड आई म कमेंट य यू आर. डूइंग अमेजिंग वर्क थैंक यू फॉर हैविंग मी. ओवर आपने आज मुझे य बुलाया थ्रू दिस.
मीडियम आई वाट टू आई गट दिस चांस टू. एजुकेट मुझे सबको एजुकेट करने का मौका. मिला वो अवेयरनेस क्रिएट करने का मौका. मिला थैंक यू सो मच एंड रियली ग्रेटफुल टू. यू ग टुलट य र हा आ. य आई स योर पोस्ट हाउ वा. कुड प्र गुड नाइस. इट दिस इ वस इन लाइफ टाइम अपॉर्चुनिटी तोय. करनी है आई मीन इट ऑल डिपेंड्स ऑन व्हाट. यू बिलीव मैं एक्साइटेड हो गया था बिकॉज़. मुझे एक्सपीरियंस करना था आई गॉट टू नो द.
होल हिस्ट्री ऑफ इट सो आई थॉट व्हाई नॉट. लेट्स व्हाई नॉट द हुडी टुडे आई स इट्स. इदर ब्लैक टीशर्ट और हुडी मतलब जो बेसिक. दिखता रहता है व वेरी नाइस थैंक यू सो मच. ये एपिसोड एंड तक देखने के लिए अब आपको. तीन चीजें करनी है नंबर वन इस चैनल को. सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि जितना आप. सब्सक्राइब करेंगे उतने ही बेहतर और. वैल्युएबल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए. नंबर टू मुझे कमेंट्स में बताओ कि ऐसी कौन. सी चीजें हैं जो हम रिपीट करें अगले. पॉडकास्ट में एंड ऐसी कौन सी चीजें हैं जो.
आपको सही नहीं लगी ताकि हम अगली बार उसे. रिपीट ना करें एंड ऐसे कौन-कौन से गेस्ट. हैं जो आप देखना चाहते हो हमारे पॉडकास्ट. पे एंड नंबर थ्री इस एपिसोड को किसी एक. इंसान के साथ जरूर शेयर करना क्योंकि एक. कन्वर्सेशन किसी की पूरी लाइफ चेंज कर. सकती है एंड उन्हें कुछ ऐसा नया सिखा सकती. है जिससे उनकी लाइफ में बहुत इंप्रूवमेंट. आएगा आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम. ब. [संगीत].
