The Business of Phones: Ind Vs China, Cost, Profit & Strategy | Ai+ Smartphone | FO374 Raj Shamani
कि अगर ₹100 का फोन बनता है, कितने-कितने. रुपए किसमें लगते हैं? कैमरा मॉडल्स होती. है, मेमोरीज होती है। डिस्प्लेस होते हैं।. 70 टू 75% दिस आर द मेजर कंपोनेंट व्हिच. कवर्स अप एवरीथिंग। बाकी का 20% सब. छोटे-छोटे छोटे छोटे छोटे। इंडियंस का. डाटा है जो बाहर जा रहा है। तो क्या होता. है ऐसे? मोर देन 50 60% ऑफ़ द एप्स व्हिच. आर फॉर फ्री। वो सारे आपके डाटा लेते हैं. और अनऑथराइज़्ड वे से यूज़ भी करते हैं। मैं. एक कस्टमर हूं। ₹5,000 में बढ़िया फोन. चाहिए। उनके तीन चार बड़े पेन पॉइंट्स होते. हैं कि एक मैं सेल्फी अच्छा ले सकूं।. सेकंड होता है कि मेरी बैटरी लाइफ अच्छी. चले। थर्ड है कि फोन कभी हैंग नहीं होना.
चाहिए। दिस आर द बेसिकली कंज्यूमर फील. पॉइंट्स बिलो ₹10,000? क्यों ऐसा सब बोलते. हैं अब कि नेक्स्ट जो गोल्डन एरा है वह. इंडिया का है। पूरे दुनिया में 1200 से. 1500 मिलियन हैंडसेट्स बिकते हैं। जो यह. पूरा स्केल है उसमें बिगेस्ट एक्सपोर्ट जो. होता है वो चाइना और तैवान का है। ये. दोनों कंट्री को अगर आप पकड़ते हो तो टोटल. 900 बिलियन का एक्सपोर्ट्स होता है।. इंडिया अभी अराउंड 2830 बिलियन पे बैठा. हुआ है। अगर वो 900 बिलियन में से अगर आप. 20% भी ट्रांसफर होता है तो भी हम कम से. कम 200 बिलियन की इकॉनमी सिर्फ.
एक्सपोर्ट्स की इसमें बन जाएगी। लोग अपनी. बजट से बाहर फोन क्यों खरीदते हैं ईएमआई. पे? क्या आपको पता है कि आपके फोन में से आपका. डाटा जैसे आपके फोटोस, चैट्स, ब्राउज़र. हिस्ट्री, लोकेशन यहां तक कि आपके. फिंगरप्रिंट्स भी मार्केट में सेल किए जा. रहे हैं। आपके फोंस जिस सिस्टम पे ऑपरेट. होते हैं वो इंडिया में नहीं बना है।. इसीलिए आपका डाटा सिक्योर नहीं है और उसे. बिना आपके कंसेंट के सेल किया जा रहा है।.
आज के हमारे गेस्ट हैं माधव सेठ। सीईओ ऑफ. AI प्लस स्मार्टफोन और Realme के फॉर्मर. सीईओ जिन्होंने एक ऐसा इंडियन स्मार्टफोन. बनाया है जिसका ऑपरेटिंग सिस्टम इंडिया. में बना है। आज हम उनसे जानेंगे कि एक. मोबाइल फोन बनता कैसे है? उसका प्राइस. कैसे डिसाइड होता है? इंडियन स्मार्टफोन. यूज़र्स की डिमांड क्या होती है? चाइना में. सब सस्ता क्यों बनता है? ग्लोबल स्केल पे. अभी तक कोई इंडियन स्मार्टफोन ब्रांड. क्यों नहीं पहुंचा? और एक टेक्नोलॉजी. बिजनेस जीरो से कैसे स्टार्ट हो सकता है? और उनका यह मानना है कि जो 20,000, 25,000.
के फोंस में फीचर्स होते हैं वो इंडिया. में ही बनाके 5,000 से भी सस्ते में दिए. जा सकते हैं। एंड इसीलिए इनकी कंपनी इस. बात पे स्टैंड करती है कि वर्ल्ड के बेस्ट. फीचर्स यह सस्ते से सस्ते में इंडियन. यूज़र्स को देना चाहते हैं। और AI प्लस. स्मार्टफोनोंस लॉन्च हो रहे हैं 8th जुलाई. को 12:30 PM ऑन Flipkart। चेक आउट द लिंक. इन द डिस्क्रिप्शन। इस एपिसोड को एंड तक. जरूर देखना और मुझे बताना कमेंट्स में कि. आपने इस एपिसोड से क्या सीखा।.
मुझे हिस्ट्री समझाओ अबाउट चाइना कि वहां. पर ये इतना बड़ा रेवोल्यूशन कैसे आया? चाइनीस. इट्स अ बिग कंट्री। चाइना एक बहुत बड़ी. कंट्री थी। उनके बारे में ज्यादा बात नहीं. होती थी। एंड 1970 के बाद हर 10 साल में. उनकी बातें बढ़ती गई, बढ़ती गई, बढ़ती गई।. एंड टुडे वो उस लेवल पर आ गए हैं जहां पे. वो वर्ल्ड की एकदम जो सबसे बड़ी सुपर पावर. है यूएस उसको टक्कर बोल के जाओ क्या हुआ.
उधर मैं आपको एक बताता हूं जापान 1950 से. 1970 80 तक जापान वाज़ अ टेक्नोलॉजी कंट्री. हम जहां पे डिज़ होता था आरएडीज होती थी ये. टेक्नोलॉजी कंट्रीज थी पर ये टेक्नोलॉजीस. बनाते कहां पे थे 1970 के बाद में बिकॉज़. जैसे जापान एक्सपेंसिव होना चालू हुआ इन. टर्म्स ऑफ़ लेबर तो उन्होंने वो शॉप चेंज. किया टू चाइना और टू वियतनाम तो चाइना और. वियतनाम वो स्टेज पे आए कि जहां पे वो लोग. असेंबलिंग चालू किया 1970 1980 बैक में. गवर्नमेंट ने पिच इन किया और गवर्नमेंट ने.
इन्वेस्ट किया काफी आरएडी सेंटर्स के पीछे. कंपनीज़ को फोर्स करके जेवीस करके लोकल. कंपनीज़ को जेवीस बना के उन्होंने आरएडी. सेटअप करना चालू किया। टेक्नोलॉजी. ट्रांसफर जापान से चाइना में लेना चालू. किया। हम ये आपने 1970 का बोला वो. एग्जैक्टली वही दौर था जहां पे जापान से. चाइना का टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा।. इंटरेस्टिंग। एंड वहां से चाइना ने एक-एक. करके वंस आप असेंबल करना चालू करते हो आप. क्योंकि चाइना वास ऑलवेज कॉल्ड एस स्वेट. शॉप। वहां पे चाइना में लेबर लॉस नहीं थे. पहले स्टार्टिंग में। आई एम टॉकिंग अबाउट.
बिफोर 200 स्वेट शॉप। स्वेट शॉप मतलब. बेसिकली. बहुत सारे ब्रांड्स को वहां पे एलगेशन हुआ. है। यूएस में Apple को भी हुआ है। nki को. भी हुआ है कि दे यूज़ चाइना एज़ अ स्वेट. शॉप। मतलब वहां पे लेबर लॉज़ नहीं थे। तो. 24-4 घंटे काम करते थे। 11-11 महीने काम. करते से उनके चाइनीज़ न्यू ईयर के टाइम पे. उनको हॉलिडेज़ मिलती थी। सो ये 11-11 महीने. जो काम करते थे नॉनस्टॉप काम करते थे।. फैक्ट्रीज में ही रहते थे। फैक्ट्रीज में. रहते थे। सब स्टैंडर्ड कंडीशन में रहते. थे। तो ये उनके लिए वो स्वेट शॉप हो जाता.
था। और चाइना में इसके वजह से टेक्नोलॉजी. ट्रांसफर होनी चालू हुई। पीपल स्टार्टेड. बिकम स्किल्ड हम क्योंकि ये सब बनता था. वहां पे और सारी कंपनीज़ ट्रेन करती थी।. ट्रेन करती थी लोगों को वहां पे बनाने के. लिए कैसे बनाना है क्या है क्या नहीं है।. बाद में धीरे-धीरे करके वहां पे लेबर लॉज़. आए। तो थिंग्स एक्सपेंसिव बनते गए। पर एट. द सेम टाइम गवर्नमेंट को पता था यह तो. गवर्नमेंट ने स्मार्टली आरएडी में भी और. डीपटेक में इन्वेस्ट करना साथ में स्टार्ट. कर दिया था हम और कंपनीज़ के साथ में लोकल. कंपनीज़ के साथ में जेवी बना के उन्होंने. काफी इन्वेस्टमेंट्स करके उन्होंने किया.
कि कैसे करके हम लोग आगे जाके जापान को. रिप्लेस कर सके फॉर आरएडी आल्सो नाइस तो. आपने जो अभी बताया कि यूएस के सामने भी. चाइना ने बोल दिया कि वी आर नॉट बोदर्ड. बिकॉज़ चाइना को पता है कि मैंने जो सप्लाई. चेन अभी डेवलप किया है वो किसी और को. डेवलप करने के लिए एटलीस्ट कम से कम डिकेड. लगेगा उसको तो उसको पता है कि डिकेड तक तो. मेरा रिप्लेसमेंट है ही नहीं। अगर अभी भी. आप करेंगे तो एवरीवन इज सेइंग चाइना प्लस. वन स्ट्रेटजी। या तो चाइना कोई भी चाइना. हटा के स्ट्रेटजी हटा के स्ट्रेटजी नहीं. बोल रहे। चाइना प्लस वन स्ट्रेटजी है।. व्हिच मींस कि चाइना को रिप्लेस करना अगले.
एक डिकेड तक बहुत मुश्किल हो जाएगा। बट यस. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और टेक्नोलॉजी नो हाउ. ट्रांसफर और मैन ह्यूमन नॉलेज ट्रांसफर इज. एक्सट्रीमलीेंट फॉर एव्री कंट्री। और ये. कोविड के बाद में सब कंट्रीज को पता चल. गया कि ये अभी ज्यादा इंपॉर्टेंट है।. वर्ल्ड इज नॉट वन। हम तो दैट इज़ द रीज़न आई. थिंक 1970 के बाद में चाइना का हुआ था। वी. हैव स्टार्टेड टेकिंग द सिमिलर इनिशिएटिव. व्हाट चाइना स्टार्टेड टेकिंग इन 1970. 1980 हमने 2010 2014 में हमने ये सब. स्टार्ट कर दिया था। ओके बट इट टेक्स टाइम.
हर चीज को एक ग्रेजुअल प्रोग्रेशन है ये. टाइम लगता है। अ बट इवेंचुअली यहां पे जो. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का जो फज़ है. गवर्नमेंट एक कैटलिस्ट है व्हिच इज़ पुशिंग. बट इंडस्ट्री यहां पे क्यों करेगी? क्योंकि इंडस्ट्री यहां पे 80% तो कंट्रोल. बाय चाइनीस है स्मार्टफोन ब्रांड्स के. अंदर। हम तो उनकी लॉयल्टीज कहां पे रहेगी? चाइना में। तो इंडिया में तो रहेगी नहीं।. तो फिर व्हाई वुड दे ट्राई टू इवन पैच आउट. दैट टेक्नोलॉजी ट्रांसफर टू इंडिया अंटिल. अनलेस इट इज़ अ फोर्स। गवर्नमेंट फोर्स कर.
दे उसको यहां हकीकत। कि अगर हम आपको ये. नहीं करेंगे तो आप हम आपको यहां पे बिज़नेस. दिस इज़ द वे यू हैव टू डू बिज़नेस।. गवर्नमेंट जैसे-जैसे लाइंस बना रही है. बिजनेस के वैसे-वैसे वो लोग बिज़नेस को कर. रहे हैं। आपको मैं एक छोटी सी बात बताता. हूं। चाइना स्किल मैन पावर और इंडिया. स्किल इंडिया सेमी स्किल मैन पावर के. कॉस्ट के डिफरेंस मैं आपको टेक्नोलॉजी. कॉस्ट के डिफरेंस में बोलूं तो 1/5 का. कॉस्ट डिफरेंस है। सो चाइना इज़ एक्सपेंसिव. ऑन मैन पावर कॉस्ट। अगर हमको लगे कि चाइना. सस्ता है। चाइना इज़ नॉट सस्ता बट चाइना. वॉल्यूम्स और इकोनमीज़ और स्केल में खेलता.
है। उसके बाद सस्ता क्यों है? बिकॉज़ ऑफ़ द. नेगोशिएशन पावर वि द वेंडर्स। जहां पर. ब्रांड होगा वहां पर आप जाकर नेगोशिएट. करोगे। नेगोशिएट करोगे। अगर आप वॉल्यूम्स. की बात करोगे तो आपका स्केल ऑफ इकोनमीज़ ऑफ़. स्केल्स आएगी। इकोनमीज़ ऑफ़ स्केल्स आएगी तो. आपका कॉस्ट कम होगा। तो उनका रॉ मटेरियल. लाइक द रॉ इज़ चीपर फॉर। हां रॉ मटेरियल. चीपर है। फिर साथ में उनके लिए क्या हो. जाता है कि वंस आप सारा नेगोशिएशन करते हो. तो उनको फैक्ट्रीज भी वहां पर डलवाते हो।. उनको इंसेंटिवाइज करते हो। तो साथ में. इंसेंटिवाइजेशन भी है उनके लोकल. गवर्नमेंट्स का फॉर सर्टन इंडस्ट्री। जैसे.
हमारे यहां पर पीएलआई बेनिफिट्स है उधर भी. पीएलआई बेनिफिट्स है। सो ये सारे. बेनिफिट्स गवर्नमेंट उनको भी दे रही है कि. चाइनीस कंपनीज़ को बाहर एक्सपोर्ट करने के. लिए या कैसे भी आगे एक्सपेंड करने के लिए।. हेंस चाइना हैज़ बिकम एक्सट्रीमली स्ट्रांग. फ्रॉम लास्ट 20-30 इयर्स। हम तो इट इज़ नॉट. दैट कि इट इज़ नॉट पॉसिबल कि उसको रिप्लेस. नहीं किया जा सकता है। बट इट विल टेक सम. टाइम टाइम। बट वाज़ द कल्चरल डिफरेंस? कल्चरल मतलब एक चाइनीस कंपनी में काम करते. हो तो वो लोग क्या-क्या बिलीव करते हैं? कैसे उधर वर्किंग एनवायरमेंट होता है। अ.
सी बिकॉज़ आई हैव हर्ड कि बहुत ही फोकस. डिसिप्लिन टाइम के हिसाब से वो काम करते. हैं और बहुत लाइक यू कुड सी स्मालेस्ट. एंप्लई से लेके द सीईओ तक एवरीबडी इज़. एक्सट्रीमली फोकस्ड और बहुत काम करते हैं।. दैट्स मोर ऑफ़ अ जैपनीज़ एंड अ कोरियन. कल्चर। हम् चाइनीज़ मैंने जो स्मार्टफोन. इकोसिस्टम देखा हुआ है, उसमें तो मुझे अह. आई एम नॉट सेइंग दे आर नॉट हार्ड वर्किंग।. दे आर वेरी हार्ड वर्किंग.
लाइक इंडियंस आल्सो वो लोग भी बहुत हार्ड. वर्किंग हैं। दे विल आल्सो वर्क फॉर 12. आवर्स, 14 आवर्स, 15 आवर्स वेरी डेडिकेटेड. बट दे आर एक्सट्रीमली आई वुड से के दे वुड. लाइक टू वर्क इन अ क्लोज ग्रुप। साइलोस. में काम करते हैं कि उनको बाहर अपना पावर. किसी को देना नहीं है या तो टीम को नहीं. देना है या कैसे भी नहीं देना है। पर उनको. इंडियंस हैव जस्ट बिकम इन एटलीस्ट मैं अगर. स्मार्टफोन इंडस्ट्री की बात करूं तो. इंडियंस यहां पे सिर्फ प्रैक्टिकली पपेट्स. है जिनके हाथ में कोई अथॉरिटीज नहीं है।.
राइट? सो आई थिंक इंडियंस इंडिया में भी. इंडियंस इंडिया में भी इनके पास कोई. अथॉरिटी नहीं है। इवन द स्मालेस्ट ऑफ़ द. डिसीजंस इंक्लूडिंग एचआर जैसे डिसीजन भी. चाइना से बनके इंडिया में आते हैं। यहां. पे सिर्फ वो एग्जीक्यूशन होते हैं। तो ये. सारी जो चाइनीस फोन कंपनीज हैं वो चाइना. से कंट्रोल कर रही है इंडिया मार्केट भी. एंड इधर के जो भी मैनेजेरियल पोजीशंस उनकी. कुछ भी नहीं है। उनके मैनेजरियल पोजीशन के. पास अथॉरिटीज नहीं है टू मेक अ डिसिशन।. राइट? दैट इज अ सेड पार्ट। गिव मी वन. स्ट्रेंथ ऑफ़ अ चाइनीस कंपनी, वन स्ट्रेंथ.
ऑफ़ इंडिया, वन नेगेटिव चाइनीज़ कंपनी, वन. नेगेटिव अबाउट इंडिया। आई थिंक स्ट्रेंथ. इज़ दे आर वेरी वेरी फोकस्ड रेजर फोकस्ड ऑन. वन थिंग दैट हाउ डू वी मेक इट हैपन? वेरी. रेजर फोकस्ड वैरी शार्प ऑन मेकिंग दैट. थिंग्स हैपन।. सेकंड गुड पॉइंट इज़ वेरी फास्ट ऑन. एग्जीक्यूशन। बहुत फास्ट है एग्जीक्यूशन. में।. यही आई थिंक बहुत सारे पहले टिंक ने भी. बताया था कि अगर आप चाइना जाओगे तो. स्टेडियम भर के आपको सशंस मिल जाएंगे। अगर. आप कोई प्रॉब्लम्स लेके जाओगे तो स्टेडियम.
भर के लोग सशन मिल जाएंगे। यस व्हिच इज. ट्रू। अगर आप टेक्नोलॉजी फील्ड में अगर आप. चाइना में जाते हो तो वहां पे सशंस वास्ट. मिल जाते हैं। हम आपको इमीडिएटली मिल. जाएंगे। सो वो लोग स्यूशन ड्रिवन है। अह. फ़ास्ट है। बहुत फास्ट है। ऑन एग्ज़क्यूशन. साइड बहुत फास्ट है। वन थिंग आई अगर मैं. मतलब अगर जनरल बताऊंगा कि व्हिच आई से एस. अ वीकनेस कि उनका अंडरस्टैंडिंग ऑफ़ द लोकल. कंप्लायंसेस है या इदर उनको ज्यादा उनके. कंप्लायंसेस को लेके ही ज्यादा कंसर्न है।.
या तो उनको लोकल कंप्लायसेस या तो समझ. नहीं आते। आई एम नॉट श्योर अबाउट दैट। बट. लोकल मतलब इंडिया के कंप्लायसे उनको समझ. एनी कंट्री कंप्लायंसेस राइट? एनी कंट्री. कंप्लायंस हर कंट्री के अपने-अपने. कंप्लायंसेस होते हैं कि अगर आपको वहां पे. काम करना है तो एक तरीका होता है काम करने. का। तो वो उन्हें समझ नहीं आता है कि वो. बोदर्ड नहीं है। अ इंटेंट इज टू ओनली मेक. श्योर द बिनेस हैपेंस? हाउ इट हैपेंस नन. ऑफ़ देर कंस। नन ऑफ़ द एंड इंडिया की. स्ट्रेंथ क्या है? और इंडिया की वीकनेस. क्या है? इंडिया की स्ट्रेंथ इसकी मैनपावर.
है। एंड आई थिंक आज के दिन में गवर्नमेंट. हैज़ बीन एक्सट्रीमली गुड। वी कंसीडर एज अ. स्ट्रेंथ। हम् क्योंकि गवर्नमेंट हैज़ बीन. पुशिंग रियली हार्ड टु मेक श्योर कि यह. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर हो।. राइट? इट हैज़ टू हैपन। टेक्नोलॉजी नो हाउ. ट्रांसफर होना चाहिए क्योंकि इंडिया में. स्किल मैन पावर का जो रेश्यो है काफी है।. इंडिया में डेवलपर्स की कम्युनिटी बहुत. बड़ी है। इंडिया में बहुत बड़ा नेटवर्क बन. सकता है इसका। एंड कैन बिकम द वन ऑफ़ द. बिगेस्ट एक्सपोर्ट नेशन ऑफ़ दिस पर्टिकुलर. कमोडिटी जो हाई वैल्यू आइटम है। दिस इज़ वन.
ऑफ़ द हाईएस्ट वैल्यू आइटम्स इन टर्म्स ऑफ़. रेवेन्यू। हेंस आई थिंक इट कैन बिकम एंड. आई थिंक इफ आई सी करेंटली तो ये दो. स्ट्रेंथ्स मुझे स्ट्रांग लगती है। वन इज़. द इंटेंट फ्रॉम द गवर्नमेंट। सेकंड इज़ द. ह्यूमन कैपिटल व्हिच वी हैव। एंड यहां पे. इंफ्रा भी है। व्हिच गवर्नमेंट इज़ आल्सो. प्रोवाइडिंग इन लॉट ऑफ़ बेनिफिट वेज़ के. गवर्नमेंट ने पीएलआई कर दिया, डीएलआई दे. दिया। लैंड सब्सिडीज देगी। गवर्नमेंट इज. रियली पुशिंग टू मेक श्योर दैट प्रोब्ली. दिस थिंग हैपेंस इन इंडिया एंड स्टार्ट्स.
एक्सपोर्टिंग फ्रॉम इंडिया। ओके? एंड. वीकनेस क्या है हमारी? अभी वीकनेस अभी है. कि हमारे पास यहां पे कोई ब्रांड्स ही. नहीं है। इंडिया में एक भी ब्रांड्स नहीं. है कि जहां पे बेसिकली हम लोग स्केल कर. सके। ये मार्केट जो अगर हम लोग 5 लाख. करोड़ की अगर मैं मार्केट बोलता हूं. स्मार्टफोनस की है। 5 लाख करोड़ में 75%. ऑफ़ द मार्केट इन टर्म्स ऑफ़ वॉल्यूम। अगर. 150 मिलियन हैंडसेट बिकते हैं तो 75% 80%. ऑफ़ द वॉल्यूम्स आर डन बाय चाइनीस. स्मार्टफोन ब्रांड्स। तो यहां पे मार्केट. ही नहीं है। कोई ब्रांड्स ही नहीं है।. यहां पे जैसे इंडियन ब्रांड्स थी ना जैसे. Intx, लावा, Micromax.
सी दे डिसअपीयर्ड इन सम वे। लावा इज़ स्टिल. देयर। लावा इज़ स्टिल देयर। दे हैव सम. चैलेंजेस गोइंग ऑन विद इन द कंपनी। बट दे. आर ट्राइंग टू फिगर आउट। हम्म। ये सब. इंडियन कंपनी थी ना? ये सब इंडियन कंपनीज़. हैं। यस। बट दे हैव सीज़्ड टू एक्सिस्ट ओवर. अ पीरियड ऑफ़ टाइम। दे वर नॉट एबल टू स्केल. इट अप। उसका सबसे बड़ा एक ही रीज़न है कि. नोबडी इन्वेस्टेड इन डीप टेक। जो मैंने. आपको स्टार्टिंग में बताया था जो चाइना ने. लोकल कंपनीज़ के साथ में मिलके साथ में. उन्होंने डीप टेक में इन्वेस्ट किया था।. हमने क्या किया कि एक वाइट लेबलिंग ब्रांड.
बना दिया यहां पे रीदर नेमिंग नीदर नेमिंग. एनीवन। अ हमने वाइट लेबल कर दिया। हम. ओडीएम से लाते हैं प्रोडक्ट हम यहां पे. बनाते हैं। व्हिच इज़ अ फर्स्ट स्टेप। पर. अगर हमने वह पैसे से अगर यहां पर एक आरएडी. सेंटर्स बनाते हैं और एक डीप टैग सेटअप. करते हैं कि आपके फंडामेंटल्स वैल्यू. क्योंकि वो एक कॉस्ट है टू द बिनेस। सो. लॉट ऑफ़ पीपल थिंक व्हाई वी वांट टू डू इट।. ब्रांडिंग पे ज्यादा फोकस करते हैं। माल. इंपोर्ट करके अपना ब्रांड लगाओ और बेच दो।. हम बट दैट इज़ गुड टू स्टार्ट। बट नॉट अ.
फंडामेंटल फॉर अ ब्रांड टू कंटिन्यू एंड. सस्टेन ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। सो इट इज़. नॉट रोंग। बट अगर हम वही कंटिन्यू करेंगे. तो हम सस्टेन नहीं कर पाएंगे कि हुआ क्या. कि जो ओडीएम इनको सप्लाई करते थे जो. ब्रांड्स का आपने नाम दिया वही ब्रांड्स. ने देखा कि ये लोग हमारा ही प्रोडक्ट. इंडिया में लाके अगर बेच रहे हैं तो इससे. अच्छा हम ही डायरेक्ट इंडिया चले जाए हम. वो उनके ऑडियंस सप्लायर्स थे तो हम ही. इंडिया डायरेक्ट चले जाते. 2014 में जब मोदी जी चाइना गए थे जब.
चाइनीस कंपनीज को बोला था कि आप इंडिया. में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने के लिए आ. रहे हो तो ये 10 साल के अंदर अंदर आई थिंक. इंडियन ब्रांड ने अगर हमारा आरएडी सेटअप. किया होता तो दैट वास द विज़ कि हम लोग. अपना टेक्नोलॉजी ट्रांसफर कैसे हो। हम. लेट्स पॉज फॉर अ बिट एंड देन आप मुझे. समझाओ कि ये 2014 से 14 से हुआ क्या? इन्होंने क्या किया? एंट्री कैसे करी? कितने पैसे से करी? क्या स्ट्रेटजी थी? कैसे ये बढ़े? चाइनीस फ़स इंडिया में आए. कैसे? और ये बड़े कैसे हुए? 2014 में आप.
2014 में आप इंडिया 2014 में मोदी जी ने. ओपन किया फॉर इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री वंस. ही केम इंटू पावर हिड अ वेरी शार्प विज़न. कि इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री इज़ द फ्यूचर. व्हिच ही वाज़ राइट एक्सट्रीमली प्रिसाइज़. के इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री ही फ्यूचर है. और अगर यहां से हार्डवेयर एक्सपोर्ट्स भी. होना चालू हो जाता है अलोंग विथ द. सॉफ्टवेयर देन इट बिकम्स वन ऑफ़ द बिगेस्ट. इंडस्ट्री ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। ठीक है।. उनको भी पता है कि. इसलिए उन्होंने लीवेज दिए फॉरेन कंपनी को. इंडिया में आके। ठीक है? लीवेज हैव बीन.
कंसीडर्ड एज अ लूप होल बाय दिस कंपनीज़। हम. उन्होंने क्या देखा? हमने बोला कि हम आपके. लिए ओपन कर रहे हैं। आओ हमें सिखाओ। हमारे. साथ दोस्ती करो और साथ में जॉइंट वेंचर. में काम करो। जॉइंट वेंचर में काम। ये. हमारा नहीं था। तभी 100% हमने अलव किया. था। अच्छा। बैक इन 2014 हमने 100% चाइनीस. कंपनी को इंडिया में अलव किया था। बट लोग. तो यहां से हायर करने पड़ेंगे। कुछ तो होता. होगा। नहीं कुछ भी नहीं था तभी कि आप. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करो। ओके आप बस फॉर. स्टेट के वो तो हम भी ऐसे ही सोचते हैं कि. आप लोकल जाओगे तो लोकल तो हायर करोगे ही.
करोगे। ये भी नहीं पता था कि आप. लॉजिस्टिक्स भी अपनी ही चाइनीस वाले लेके. आओगे। ओके टू एंड माय लॉजिस्टिक्स भी उनकी. चाइनीस कंपनीज़ हैं। ओके? ये मुझे नहीं. पता। लाइक वी मूविंग जंप्स। ओके? वन स्टेप. एट अ टाइम। तो हमने ओपन किया कि आप 100%. हमारे देश में आओ। राइट? ओके। राइट? फिर. क्या हुआ? 100% आप आओ। तो गवर्नमेंट ने. उनको लैंड सब्सिडीज दी। हम गवर्नमेंट ने. उनको कैपेक सब्सिडीज दी। गवर्नमेंट. उन्होंने बोला कि आप यहां पे लैंड बनाओ।. हेंस यूपी बिकम वन ऑफ़ द हब नोएडा में मतलब. हम लोगों ने यहां पे लगाना चालू किया यूपी.
में। तो वहां से जब एक बार स्टार्ट किया. वहां पे फैक्ट्रीज लगनी स्टार्ट की। तो. वहां पे एक असेंबली स्टार्ट हुआ। किड्स. बाहर से आते थे। फिर यहां पे असेंबली. स्टार्ट हुआ। हम्। अह बैक टू 2017 2018. यहां पे अभी भी असेंबली ही चल रही है. क्योंकि गवर्नमेंट 5 साल 10 साल का विज़न. देखती है कि यह कितना कंपोनेंट्स. लोकलाइज़ेशन करेंगे। पर 2018 2019 आते-आते. पता चला कि इंडिया में ₹1 का भी टैक्स. बेनिफिट तो हो नहीं रहा है यहां पे।. इंडिया का डिमांड कंसमशन जो है इस बीन. यूज़्ड। इंडिया में 150 मिलियन स्मार्टफोन.
बिक रहे हैं। उसमें से 100 सवा5 मिलियन. चाइनीज़ फ़स बिक रहे हैं। पर ये इंडिया को. तो कोई बेनिफिट नहीं हो रहा है इसके अंदर।. हम तो इंडिया का बेनिफिट नहीं हो रहा। तो. गवर्नमेंट स्टार्टेड आस्किंग क्वेश्चंस हम. कि आपने इंडिया के लिए क्या कर रहे हो आप? राइट ना आप ₹1 का इनकम टैक्स भर रहे हो।. सो इसमें ट्रांसफर प्राइसिंग का भी पॉइंट. आ गया कि आप ट्रांसफर प्राइसिंग कैसे कर. रहे हो? वहां से ट्रांसपेरेंसी ऑफ़ द. अकाउंटिंग सिस्टम्स आ गया। हर चीज एक-एक. करके आनी चालू हुई है। ठीक है? जब व्हेन. गवर्नमेंट स्टार्टेड इंटरविनिंग ऑन द. कंप्लायंसेस, गवर्नमेंट वाज़ नेवर अगेंस्ट.
एनी चाइनीज़ कंपनीज़। लेट मी बी वेरी. प्रिसाइज़। गवर्नमेंट वाज़ वेरी क्लियर के. आप कंप्लायंस के थ्रू काम करो। हम आपको 5. साल का लीवे दिया था। दैट वास नॉट टू ओपन. अप द लूप होल्स और उसको यूज़ करने के लिए. बट जस्ट टू मेक श्योर कि आप यहां पे. इंडिया में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर. टेक्नोलॉजी नो हाउ ट्रांसफर करें आप उसको. जो हुआ नहीं था। तो कमिंग बैक टू 20 223. उन्होंने ₹1 का भी टैक्स नहीं भरा था। जब. गवर्नमेंट ने पुश किया कि आप ₹1 का भी. टैक्स नहीं भर रहे। तभी जाके उन्होंने बुश. को थोड़ा प्रॉफिटेबल दिखाना चालू किया।.
इट वाज़ ओनली आफ्टर द पुश। बट ये उनको कोई. नहीं जानता था। मैं आपको तो 5 साल में 100. मिलियन बेचे कैसे इन्होंने? एक्सक्टली।. 2014 में जब भी वो लोग आए थे उनको पता था. कि बेसिकली अ वो लोग एक ओडीएम. मैन्युफैक्चरर थे। तो उनका वहां पे खुद का. एक प्रॉफिटेबिलिटी था। हम इंडिया में उनको. पता था कि ब्रांड्स भी एक प्रॉफिटेबिलिटी. रख के मार्जिन रख के बेच रहे हैं।. उन्होंने यहां का मार्जिन पूरा जीरो करके. पूरा मार्केटिंग में इन्वेस्ट कर दिया। पर. उनका चाइना का जो प्रॉफिटेबिलिटी था वो. कभी भी हिट नहीं हुआ था। हम राइट? तो फोन.
बनाने पे कोई मैन्युफैक्चरिंग पे कोई. प्रॉफिट हिट नहीं हुआ। जो मार्केट करके. ब्रांड करने के लिए जो होता है जो इंडिया. में जो प्रॉफिट करना था वो उन्होंने पूरा. का पूरा जीरो जीरो करके उन्होंने पूरा. मार्केटिंग में डाल दिया। सस्ते में बेच. मतलब सस्ते में नहीं बेचा। उन्होंने. मार्केटिंग में इन्वेस्ट किया। ओके। राइट? पूरा ब्रांडिंग में इन्वेस्ट किया। टीम्स. खरीदी। इनफैक्ट पेट्रोल पंप्स के ऊपर भी. होर्डिंग्स डाल दिए। टॉयलेट्स के ऊपर. होर्डिंग्स डाल दिए। उतना डीप लेवल तक वो. लोग मार्केटिंग में चले गए कि ऑफलाइन. मार्केटिंग में होर्डिंग से लेके सब चीज. किया। प्रमोटर्स स्ट्रेंथ उन्होंने कर.
दिया। 40-400 प्रमोटर्स शॉप्स में डाल. दिए। रिटेलर्स को इंसेंटिवाइजेशन कर दिया।. हायर इंसेंटिव्स, फॉरेन ट्रिप्स ये सब आप करने के बाद में. व्हेन यू स्टार्ट डूइंग दिस और हायर. मार्जिनस आप देना चालू करोगे। तो आई थिंक. दैट इज़ हाउ द मार्केट स्टार्टेड शेपिंग. अप। सो फ्रॉम अ छोटा सा पोस्टर से लेके. इंडियन क्रिकेट टीम तक उन्होंने सब छाप. दिया उन्होंने। हर जगह से Vivo लिखा. रहेगा। और आप दुकान में भी जाओगे तो. कन्वर्शन करने के लिए अब उनके प्रमोटर्स. खड़े हुए हैं। हम रिटेलर्स को उन्होंने.
काफी इंसेंटिवाइज किया। और दुकानें भी तो. चेंज कर दी थी। दुकानें भी बोर्ड्स चेंज. कर दिए थे। बोर्ड्स के पैसे दिए थे. उन्होंने चेंज करने के लिए। इनफैक्ट कि हम. आपको लाख रुपए देंगे। आप सिर्फ हमारा. बोर्ड एक महीने के लिए रखो। सो यहां तक भी. वो लोग गए हुए हैं टू एन एक्सटेंट कि. ब्रांडिंग से लेके स्मालेस्ट ऑफ़ द टच. पॉइंट्स में उन्होंने सब जगह इन्वेस्ट. किया था। ठीक है? टू एनश्योर कि प्रोब्ली. विज़िबिलिटी आए। अगर आपकी इतनी विज़िबिलिटी. रहेगी मतलब आप सबको दिखा रहे हो। सब कुछ. दिखा रहा है। छोटा सा पोस्टर से लेके. टॉयलेट के अंदर जा रहा है। वो आदमी भी देख. रहा है। जो क्रिकेट मैच देख रहा है वो भी.
देख रहा है। जो शॉप में फोन लेने के लिए. जा रहा है वो भी देख रहा है। तो एक साल. में टेक्निकली जब वो पीक पे थे लाइक व्हेन. पूरे इंडिया ने देखा उनकी सिर्फ एड्स ही. एड्स थी। चारों और ब्लू और ग्रीन व पेंटेड. ऑन हर फेसेस। तब उस टाइम एक साल में कितना. खर्चा करते होंगे ऑन ब्रांडिंग और. मार्केटिंग? अ क्रिकेट टीम इटसेल्फ ही कुछ. 1000 1200 करोड़ में वो लोगों ने खरीदी थी।. एंड अपार्ट फ्रॉम दैट दे विल बी डेफिनेटली. डूइंग अनदर स्पेंड ऑफ अनदर ₹2 ₹300 करोड़. फॉर श्योर। सो 1500 से ₹2000 करोड़ आई एम. टॉकिंग अबाउट द पीक टाइम डेफिनेटली ईयर.
क्रिकेट टीम वाज़ फॉर फाइव इयर्स। सो. प्रोबेब्ली यू कैन स्पेंड इट। सो एटलीस्ट. आई वुड से कि ₹1000 करोड़ अ ईयर दे वर. स्पेंडिंग ऑन मार्केटिंग। राइट? करोड़ पर ईयर दे वर स्पेंडिंग जस्ट ऑन. मार्केटिंग। जस्ट ऑन मार्केटिंग। इतना. टर्नओवर नहीं था कितनी इंडियन ब्रांड्स की. स्मार्टफोन का। अभी ये जैसे चाइना ने. इकोसिस्टम बना दिया। पूरा बहुत बड़ा. इकोसिस्टम बना दिया। कॉम्पोनेंट्स का, टेक्नोलॉजी का, ब्रांड अब ग्लोबली वो बना. रहे हैं पैसा खर्चा करने का। बिकॉज़ दे पुल. इन ऑल ऑफ़ दीज़। अब इन सब के बाद भी क्या.
गैप्स देखते हो आप? वेयर एन इंडियन कंपनी. हैज़ एन एडवांटेज। या कौन सी चीज है जो. शायद उनके दिमाग उनके ध्यान में नहीं आई. है या व्हाट इज द लूप होल्स ऑफ़ द गैप. व्हिच इज़ एन ऑपोरर्चुनिटी फॉर इंडियंस. इंडियन कंपनीज़ इंडियन एंटरप्रेन्यर्स सी. इंडिया में अभी स्केलेबिलिटी का ऑप्शन है।. इंडिया वो स्टेज में है जो चाइना 2000. 2010 के बीच में था। इंडिया भी वो स्टेज. में है। एक्सप्लेन क्यों बोलते हो आप ऐसा? अ इन टर्म्स ऑफ़ ग्लोबल एक्सपेंशन इन.
टर्म्स ऑफ़ मैनपावर कॉस्ट कैपिटल कॉस्ट। अ. जो चाइना ने गवर्नमेंट ने. इंसेंटिवाइजेशनंस किए थे। 2000 से स्टार्ट. किया था उन्होंने या 1990 से स्टार्ट. किया, 2000 से स्टार्ट किया था। जो लेबर. स्किल सेमी स्किल से स्किल की तरफ जो. ट्रांजिशन था वो इंडिया में अभी हो रही है. सब। सो इंडिया में वो स्कोप है। द मैन. पावर कॉस्ट मैंने जैसे आपको स्टार्टिंग. में बताया था वर्सेस चाइना हम वन फिफ्थ. कॉस्ट है। पर वन फ कॉस्ट है उनका.
प्रोडक्शन डबल है। बिकॉज़ उनके पास वो. कैपेबिलिटी है और वो लोग डेफिनेटली रोज. रोबोटिक्स में और ऑटोमेशन में इन्वेस्ट. करते जा रहे हैं। तो उनकी पोटेंशियल और. कैपेबिलिटीज़ बढ़ती जा रही है। व्हाइल. इंडिया इज़ राइट नाउ स्टार्टेड डूइंग इट।. सो इंडिया में वो स्कोप है एंड ऐसा नहीं. कि उनके पास वो स्कोप नहीं है बट दे आर. कास्टेंटली वाचिंग अस बट इंडिया में वो. पोटेंशियल है टू स्केल इट अप ग्लोबली. फ्रॉम इंडिया आल्सो ठीक है एंड दैट इज. व्हाट आई सी एस एन अपोर्चुनिटी इन इंडिया. कि हमारे हम जहां चाइना 2010 में था 2015.
में था हम वहां पर हैं आज ओके कैन यू. एक्सप्लेन मै ट्रेंड्स आप पढ़ते हो. इकोनॉमिक्स और ये सब के बारे में. एक्सप्लेन करो मुझे क्या सिमिलरिटीज हैं. फ्रॉम मैक पॉइंट ऑफ व्यू कंसमशन पॉइंट ऑफ. व्यू जीडीपी पॉइंट ऑफ व्यू पैसे के हिसाब. से हम कहां पर खड़े हैं आज? क्यों ऐसा सब. बोलते हैं? अब कि नेक्स्ट जो गोल्डन एरा. है वो इंडिया का है। 10 साल ग्लोबली हर. कंपनी मान रही है। ग्लोबल कंट्रीज मान रही. है। मैं आपको एक सिंपल मैथ्स बताता हूं।. पूरे दुनिया में 1500 मिलियन हैंडसेट्स. बिकते हैं। स्मार्टफोन हैंडसेट्स पूरे. दुनिया में 1200 से 1500 मिलियन हैंडसेट्स.
बिकते हैं। ये जो बिकते हैं ये आपके जो ये. पूरा स्केल है उसमें बिगेस्ट एक्सपोर्ट जो. होता है वैल्यू वाइज वो चाइना और तैवान का. है। ये दोनों कंट्री को अगर आप पकड़ते हो. तो टोटल 9900 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट्स. होता है। 900 बिलियन 900 बिलियन डॉलर का. एक्सपोर्ट है। इंडिया अभी अराउंड 2830. बिलियन डॉलर पे बैठा हुआ है। एक्सपोर्ट. में एक्सपोर्ट में। अभी आप यह मैथ्स लगा. लो कि इंडिया के पास कितना पोटेंशियल है।. ऐसा नहीं है कि बेसिकली आपके पास जंप है।.
पर बेसिकली अगर वो 900 बिलियन में से अगर. आप 20% भी ट्रांसफर होता है ओवर अ पीरियड. ऑफ़ नेक्स्ट फाइव इयर्स तो भी हम कम से कम. हम 180 200 बिलियन डॉलर की इकॉनमी सिर्फ. एक्सपोर्ट्स की इसमें बन जाएगी। और हम ये. कैसे बनाएं क्योंकि वो लोग भी तो उतने ही. फास्ट हैं, उतने ही बेटर हैं, उतने ही. ज्यादा उनका ज्यादा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर. है, चीपर हैं। सब है उनके पास इकॉनमी. स्केल है। तो उनको कैसे हराएंगे? सी हराना. बहुत इट्स नॉट अबाउट हराना। अभी उनका एक. पीस कैसे लेंगे? हां मैं अभी भी ये बोल. रहा हूं कि हम ये हराना और ये सब चीज तो.
आई थिंक हम जिओपॉलिटिकल एंगल से ये सब बट. दैट इज नॉट द पॉइंट। अगर मैं बिनेस. ट्रेंड्स के हिसाब से अगर मैं बात करूं ये. नंबर्स को मैं आपको जनरली बोलूं तो इंडिया. में वी हैव स्टार्टेड इन्वेस्टिंग इन. ईएमएस फैसिलिटीज। नाउ वी आर स्टार्टेड. इन्वेस्टिंग के कंपोनेंट इकोसिस्टम इंडिया. में है। ईएमएस क्या होता है? इलेक्ट्रॉनिक. मैन्युफैक्चरिंग सर्विज जो मतलब असेंबली. का काम करती है। तो इंडिया में अभी वो. काफी थिक हो गया है। मे बी foxon हो गया, dicon हो गया और काफी सारे ईएमएस. पार्टनर्स अभी आ चुके हुए हैं जो अभी. इसमें इन्वेस्ट कर चुके हैं जो Apple के.
लिए बनाते हैं या दूसरे ब्रांड्स के लिए. बनाते हैं जो इंडिया में असेंबल करते हैं।. किड्स को लाके असेंबल करते हैं। अभी. गवर्नमेंट ने लेटेस्ट में कंपोनेंट. इकोसिस्टम्स की पीएलआई अनाउंस की। ये. पीएलआई अ प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव अनाउंस. किया। यह पीएलआई जो बेनिफिट्स है व्हिच. विल आल्सो लीड के कंपोनेंट वाले जो है जो. अगर स्मार्टफोन बनाने के लिए कम से कम अगर. आपको 3000 कंपोनेंट लगते हैं तो ये. कंपोनेंट इंडिया में कितने बन रहे हैं तो. गवर्नमेंट ने इसके लिए कंपोनेंट के लिए. कंपोनेंट पीएलआई स्कीम अभी बनाई है वो. कंपोनेंट पीएलआई स्कीम के सहित आई थिंक.
मल्टीपल कंपनीज़ इंडिया में शॉप डालेगी जो. कंपोनेंट्स यहां पे बनाएंगे और यहां से. जाके अगर यहां पे असेंबल होता है तो एक. वैल्यू चेन बनेगा तो सबसे इंपॉर्टेंट क्या. है कि वैल्यू वैल्यू चेन को कैसे आपको. लाना है? अगर आपके पास ईएमएस फैसिलिटी है।. ईएमएस फैसिलिटी की जो वैल्यू चेन है वो 2. से 3% की वैल्यू चेन है स्मार्टफोन की।. उसके अलावा कंपोनेंट इकोसिस्टम आता है।. फिर फैब्रिकेशन आते हैं। फिर डिज़ आता है।. डिज़ाइन इज़ अ डीप टेक आरडी। तो डिज़ आता है, फैब्रिकेशंस आते हैं। फिर कंपोनेंट्स आते. हैं और फिर ईएमएस आता है। तो एक-एक करके.
पूरे इकोसिस्टम को लाना। दैट इज़ व्हाट द. गवर्नमेंट इज़ ट्राइंग। हेंस आई बिलीव कि. इसमें गवर्नमेंट भी काफी पुश कर रही है और. इंसेंटिवाइज भी कर रही है। व्हिच विल लीड. टू अनदर पुश इनू एक्सपोर्ट्स आल्सो। अभी. जबकि हमारे यहां पे लॉट ऑफ़ सर्विसेस विल. बी टेकन ओवर बाय एआई। हम आई थिंक द. नेक्स्ट बिग फोकस व्हाट वी शुड बी डूइंग. इट इज़ ऑन द हार्डवेयर एक्सपोर्ट्स एंड द. सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स कमिंग डाउन फ्रॉम. इंडिया फ्रॉम द रेवेन्यू ऑफ़ दिस पर्टिकुलर. स्मार्टफोनस। बिकॉज़ ये सबसे बड़ा इंडस्ट्री. है। इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट्स वन ऑफ़ द.
बिगेस्ट इंडस्ट्री इन द वर्ल्ड। दैट्स. आउट। जस्ट कमिंग टू वन मोर डेटा कंजमशन. इकॉनमी भी इंडिया है। इंडिया इज नॉट जस्ट. एन एक्सपोर्ट और अ चीपर मैन पावर इकॉनमी।. इंडिया इज अ कंसमशन इकॉनमी भी। हमारा लोकल. कंसमशन लोकल कंसमशन भी हमारा हर साल का. 150 मिलियन हैंडसेट का है। राइट? जैसे अभी. चाइना ने इंसेंटिवाइज किया है क्योंकि. यूएस ने अभी एक सेंशंस लगाए थे। तो चाइना. के इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट्स के ऊपर सेंशन. लगाए थे। हम तो चाइना ने अपना कंसमशन.
बढ़ाने के लिए हर इंडिविजुअल को. रिप्लेसमेंट्स ऑन इलेक्ट्रॉनिक्स के ऊपर. कम से कम अराउंड ₹6000 की सब्सिडी दी।. व्हिच मींस के कोई भी कंज्यूमर जाके कोई. भी अपना पुराना चीज रिप्लेस करना चाहता. है। इट मे बी टीवी, फ्रिज, स्मार्टफोनस. एनीथिंग। 500 आरएमबी व्हिच इज़ रफली अराउंड. ₹6,000 की सब्सिडी हर कंज्यूमर को दी है।. तो ₹6,000 ऑफ। ₹6,000 ऑफ फ्रॉम द. गवर्नमेंट साइड ओनली। रीजन एक ही था. क्योंकि उनको पता था ये सेंशंस है। सेंशंस. है तो गवर्नमेंट को अपनी इंडस्ट्रीज को. प्रोटेक्ट करना था। प्रोटेक्ट करने के लिए.
उन्होंने अपना खुद का कंसमशन बढ़ा दिया।. और जो इंडिया में अभी करने की जरूरत नहीं. क्योंकि इंडिया में ऑलरेडी लोकल कंसंशन. लोकल कंसमशन बहुत हैवी है। और पेनिट्रेशन. अभी कम ही है। पेनिट्रेशन अभी कम है। तो. इंडिया में स्मार्टफोनोंस मेट्रोस में मे. बी रेश्यो होगा हर एक के पास दो. स्मार्टफोन का। पर अगर मैं नॉर्मल टिएर टू. से लेके टिए फोर टाउन तक बात करूं तो अभी. भी पेनिट्रेशन इज़ ओनली 40 टू 50% और मैक्स. 60%। तो अभी भी स्मार्टफोन पेनिट्रेशन का. बहुत बड़ा स्कोप है यहां पे। एंड फ्रॉम. फीचर फोन आज के दिन में भी 50 मिलियन फीचर. फोन हर साल बिकते हैं इंडिया में। अगर.
आपको अपने इकोनमी में अगर आगे अगर आपको. ट्रेडिंग ब्रांड अगर रहना है ट्रेडिंग. ब्रांड का सर्वाइवल नहीं होता है। आप क्या. करोगे कि 100 सेलिब्रिटी लेके आप. मार्केटिंग कर सकते हो। पर उसका सर्वाइवल. या सस्टेनेंस में हम लोग उसको सस्टेनेंस. बोलते हैं। सस्टेनेंस नहीं हो पाएगा।. क्योंकि अगर आपके पास पीछे डीपटेक आरएडी. नहीं है तो आपके पास सप्लाई चेन नहीं है. तो आपके पास वो वैल्यू चेन का कंट्रोल. नहीं है तो आप सस्टेन नहीं कर पाओगे। हम. 2017 में आपने ज्वाइन किया 2017 तब कितनी. सेल होगी उसकी इस प्रोडक्ट की? 2017.
आई स्टार्टेड द ब्रांड Realme। मैंने. ब्रांड ही मैंने एस्टैब्लिश किया था।. नामकरण से लेके हर चीज मैंने किया था उसका. और मैंने इंडिया से सेटअप किया था। द ओनली. बेस्ट थिंग अबाउट इट इज यस आई फोकस्ड ऑन. GTएम प्रोडक्ट था आरएडी था पीछे से उसके. वजह से मुझे स्केलेबिलिटी और चीज फास्ट हो. गया था 2023 में कितना रेवेन्यू हमारा. 2023 में मैंने जब एग्जिट किया था हम ₹00. करोड़ साल का कर रहे थे राइट अराउंड 18 15. टू 18 मिलियन हैंडसे और ₹00 करोड़ रेवेन्यू.
टॉप लाइन सिर्फ Realme का सिर्फ Realme का. इनसेन ओके तो अब जब आप व्हेन यू वर हायर्ड. क्या मैंडेट था आपको क्लियरली लाइक व्हाट. वास द फर्स्ट मीटिंग यू आर लाइक ये देखो. अपना प्रोडक्ट बन गया है अब ये Realme है. ये प्राइस पॉइंट है वैसा है व्हाट डू दे. से हाउ ड मीटिंग आई वास इन OPPO मैंने. ऑनलाइन सेल्स करता था मैं वहां पे हम तो. वहां पे मैं जब ऑनलाइन करता था बिकॉज़ OPPO. प्रीडमिनेंटली बीइंग एन ऑफलाइन ब्रांड जो. इतना प्रमोशन करते थे अगर आप ऑनलाइन करोगे.
तो यू हैव टू हैव अ रेजर शार्प. प्राइसिंग्स फोकस एंड टारगेटिंग तो जब ये. होता था तो बेसिकली लॉट ऑफ़ ऑफलाइन डीलर्स. यूज्ड टू कंप्लेन अबाउट द ऑनलाइन. प्राइसिंग हम दिस इज़ हाउ द ट्रेड हैपेंस।. तो एट द सेम टाइम आई प्रपोज व्हाई नॉट टू. डेवलप एन ऑनलाइन ब्रांड बिकॉज़ देयर वाज़ अ. वाइड स्पेस क्योंकि तभी अकेला सिर्फ. Xiaomi था हम जो ऑनलाइन कर रहा था 2017. में और देयर वाज़ नो अदर ब्रांड फ्रॉम BVK. और BBK वर नेवर यूज्ड टू बी एन ऑनलाइन. कंपनी। ठीक है? तो मैंने बोला कि मैंने. प्रपोज किया था कि व्हाई नॉट आई क्रिएट अ.
ऑनलाइन ब्रांड। आप मुझे प्रोडक्ट दे दो।. मैं कर लूंगा तो आप मुझे प्रोडक्ट दीजिए।. सो दैट्स हाउ आई स्टार्टेड फ्रॉम किसको. पिच किया है? किसको प्रपोज किया? ग्लोबल. टू देयर Oppo इंडिया सीईओ एट दैट पॉइंट ऑफ़. टाइम एंड ही वाज़ इंडियन और नो ही वास अ. चाइनीस ओके राइट ही वास अ चाइनीस ही स्काई. व्हिच इज़ नाउ Realme CEO ओके सो ही वेरी. वेल अंडरस्टुड दैट यस देयर इज़ अ चैलेंज. दैट यू नो प्रोब्ली ऑफलाइन में से अगर. ऑनलाइन करेंगे तो ही अंडरस्टुड दैट पॉइंट. देयर वाज़ अ चैलेंज ही एंड ही अंडरस्टुड द. वाइट स्पेस बिहाइंड इट तो आई वाज़ द फर्स्ट.
एंप्लॉय फॉर Realme बाय द वे मतलब बेसिकली. मैं ही फर्स्ट था जो मैंने इनिशिएशन किया. था स्टार्ट किया था फ्रॉम द OPPO रूम के. भाई Oppo के ही ऑफिस में से एक रूम बनाया. मैंने। एक वॉर रूम बनाया। वहां पे मैंने. 10 आदमी रखे और मैंने Realme वहां से. स्टार्ट किया था। नाइस। राइट? एंड सो. स्केलेबिलिटी आई अंडरस्टुड एंड आफ्टर वंस. द प्रोडक्ट गॉट सक्सेसफुल। तब जाके Realme. कंपनी फॉर्म हुई थी। तब तक तो हम लोग Oppo. के बुक्स पे ही सेल कर रहे थे। राइट? सो. इट वाज़ एन आरएडी ऑन प्लेड ऑन मी। हम.
सक्सीड हुआ था तब जाके कंपनी और सब. सेपरेशन सब सामने फॉर्म हुआ था कि ठीक है. एक ऑनलाइन ब्रांड भी एस्टैब्लिश हो सकता. है वैसे तो आपने ऑनलाइन ब्रांड जाके पिच. किया नाउ व्हाट व्हाट हैपेंड क्या. उन्होंने बोला कि ओके गो अहेड फाड़ दो. फोड़ दो दिस इज द बजट हाउ डस इट गो क्या. स्टेजेस में होता है सो इट वास वेरी. क्लियर के उनके पास एक प्रोडक्ट था व्हिच. दे वर सपोज टू आई वुड से दे वर सपोज टू. डिस्कार OPPO का एक प्रोडक्ट था व्हिच दे.
वर सपोज टू डिस्कार इट। तभी ऑनलाइन में. MediaTek चिपसेट्स नहीं फेमस थे। पर मुझे. पता था बिकॉज़ सी आई एम अ मेनली अ प्रोडक्ट. गाय। तो प्रोडक्ट में मुझे एक समझ में आता. है जैसे मैंने आपको स्टार्टिंग में बताया. कि कंज्यूमर्स अंडरस्टैंडिंग एंड कंज्यूमर. साइकी अंडरस्टैंडिंग समथिंग व्हिच आई. ऑलवेज फोकस ऑन। ठीक है? तो मैंने एक चीज. समझा था कि उनको परफॉर्मेंस चाहिए।. कंज्यूमर्स को एक प्राइस बजट में. परफॉर्मेंस चाहिए कि परफॉर्मेंस से आप. कॉम्प्रोमाइज मत करो। तेज चले अच्छा चले।. हां। पर फास्ट चले। अ ब्लॉटवेज नहीं होने.
चाहिए और कॉम्प्रोमाइज नहीं होने चाहिए. परफॉर्मेंस को लेके कि अगर उनको भी गेमिंग. खेलना है 10,000 वाले फोन को वो भी खेल. सके। ठीक है? सो एक मुझे पता है कि. MediaTek चिपसेट थी बट दे वर नेवर एबल टू. एस्टैब्लिश देमसेल्व्स इन ऑनलाइन क्योंकि. तभी सिर्फ Qualcomm ऑनलाइन में था। तो आई. वाज़ द फर्स्ट वन टू ल्च P60 चिपसेट। जो. MediaTek की चिपसेट थी। मैंने P सीरीज. फर्स्ट टाइम ल्च की थी P60 ऑनलाइन में. करके हम एंड इट बिकम अ सुपरहिट ओवरनाइट।. हम तब जाके वो MediaTek की चिपसेट P6 के. बाद में सारी सीरीज आनी स्टार्ट हो गई थी.
वैसे बट दैट्स हाउ द स्टोरी स्टार्टेड. अबाउट दिस स्मार्टफोनस कि हम लोग को कैसे. करना है एंड दैट वाज़ अ फोन व्हिच वाज़. सपोज्ड टू बी डिस्कारेड बाय OPPO स्टेटिंग. दैट प्रोब्ली इट वोंट वर्क इन ऑफलाइन. मार्केट आई सेड गिव इट टू मी आई बिलीव. इट्स अ पोटेंशियल ये ऑनलाइन में चलेगा मैं. चला लूंगा ऑनलाइन में बस जस्ट गिव इट टू. मी कंप्लीटली दिस प्रोडक्ट डिज़ एंड. एवरीथिंग आई विल पुट इट अंडर माय ब्रांड. नेम व्हिच आई वांट टू एस्टैब्लिश व्हिच इज. रियल Realme एंड आई विल स्टार्ट इट फ्रॉम. देयर। दैट्स हाउ इट दैट्स हाउ इट. स्टार्टेड। सो Realme 1 वास दैट प्रोडक्ट।.
उसमें अगर आप Realme 1 देखोगे तो उसमें. OPPO का भी लोगो था और Realme का भी लोगो. था।. तो ये तो स्टेप वन। अब कहां पे इनफ्लेक्शन. पॉइंट आया कि आपके पास पैसा दिया आपको. बहुत कि गो डू मार्केटिंग। नो आई वाज़ नेवर. गिवन दैट। फिर 20,000 करोड़ कैसे पहुंचे? 20,000 करोड़ के लिए आपको मार्केटिंग की. जरूरत नहीं है। आपको इंटेंट की जरूरत है।. इंटेंट में कैसे मैं आपको एक चीज बताता. हूं कि 20,000 करोड़ में मैंने ऑनलाइन. पार्टनरशिप्स. लाइक Flipkart है। दे हैड सपोर्टेड अस इन. दिस जर्नी अ लॉट एंड दे आर वेरी गुड इन.
एस्टैब्लिशिंग देर ब्रांड। सो उनको भी तभी. एक रिप्लेसमेंट चाहिए था ब्रांड का। लेट. मी पुट इट दैट वे कि उनको तभी एक ब्रांड. का रिप्लेसमेंट चाहिए था। बिकॉज़ वन ब्रांड. वाज़ ट्राइंग टू आर्म ट्विस्ट देम। हम। सो. दे वांटेड टू हैव अ रिप्लेसमेंट ऑफ़ दैट. ब्रांड कि हम दो लोगों के साथ रहे ताकि एक. मुझे कभी भी आर्म ट्विस्ट नहीं करें। आर्म. ट्विस्ट जीएमवी गेम के अंदर सो दे वांटेड. अ रिप्लेसमेंट ऑफ अ टॉप ब्रांड. वेयर दे डिड नॉट वांटेड टू मेक मनी बट दे. वर ओके विद वर्किंग एट जीरो ज़ीरो.
दे आर वर्किंग एट माइनस नाउ दे आर रेडी टू. वर्क एट ज़ीरो जीरो फॉर मी इट्स. अपोरर्चुनिटी के लिए तो बहुत ही बड़ी. अपोरर्चुनिटी है माय कॉस्ट बिकम जीरो. ऑनलाइन सेलिंग कॉस्ट इज़ ज़ीरो बट डिलीवरी. चार्जेस तो भरने पड़ते होंगे एवरीथिंग ज़ीरो. Flipkart सपोर्टेड असं डूइंग दैट दैट्स. व्हाट आई एम सेइंग यू वाओ Flipkart आर. सपोर्टेड दिस ब्रांड। तो ऑनलाइन कॉस्ट ऑफ़. लिस्टिंग ऑफ़ अ सप्लाई चेन एवरीथिंग दे. कमिशन ऑफ़ अ मार्केट प्लेस सब जीरो। सब. ज़ीरो था। ओके। दैट वाज बैक इन बैक इन.
2018। अब नहीं करेगा ना अब वही बन गया है।. करेगा इसी चीज़ के लिए। बट ही स्टिल. सपोर्ट्स व्हाइल AI प्लस स्मार्टफोन्स आई. एम लॉन्चिंग बिकॉज़ ऑफ़ हिस फीडबैक ओनली।. एंड द वाइट स्पेस दे आल्सो फिगर आउट, राइट? सो दे आर एक्सट्रीमली गुड। दे आर. मोर ह्यूमन व्हेन आई हैव सीन दैट। एंड दे. अंडरस्टैंड दैट व्हाट इज रिक्वायर्ड टू. बिल्ड अ ब्रांड दे हैव ऑलवेज बीन मोर. ह्यूमन रादर देन बीइंग मोर रोबोटिक आई वुड. से गॉट इट राइट दैट्स व्हाट इज उन्होंने. कर दिया ये जीरो ज़ीरो पे ही स्टार्टेड याद.
एंड Flipkart पे जो ट्रैफिक आता है. प्लेटफार्म पे एवरीडे वुड बी इन मिलियंस. हम्म मे बी 100्स ऑफ मिलियंस तो उन्होंने. जो प्रोडक्ट बैनर्स और स्टार्टिंग वो सब. सब चीज उन्होंने ही किया वो भी फ्री में. दिया वो भी फ्री में ही था तभी क्या बात. कर रहे हो आई एम टॉकिंग बैक इन 2018 राइट. सो उन्होंने सब कुछ किया था ब्रांड और. पीएलए प्रोडक्ट लिस्टिंग एप्स बैनर्स. एवरीथिंग एवरीथिंग एवरीथिंग सो जो इतना. ज्यादा दिखता था Realme ऑन सो मच लाइक. Flipkart में हर जगह वही दिखता था क्योंकि.
वो Flipkart का इंटेंट था करने के लिए एंड. दैट्स व्हाट इज प्रटी इंटरेस्टिंग दैट्स. व्हाट यू मेंट बाय कि अपने बिनेस के अलावा. दूसरी चीजें भी देखो देखो इट्स मोर अबाउट. द पार्टनरशिप्स एंड इंटेंट ऑफ द वाइट. स्पेस अभी मैंने भी इसमें वही देखा जो मैं. आपको बता रहा था कि यू हैव टू अंडरस्टैंड. व्हाट इज द पेन पॉइंट ऑफ योर योर बायर हम. राइट इफ यू आर एबल टू एड्रेस दैट पेन. पॉइंट विल बी होम नाइस सो जीरो ज़ीरो.
विस्तार हुआ ऑनलाइन पुश शूटिंग मार्केटिंग. आई वुड से थैंक्स फॉर हिम दैट ही. इंक्लूडेड ही मेड अ ब्रांड टीवी सीरीज ही. मेड अ न्यूज़पेपर एड्स एवरीथिंग ही डीड इट. फॉर अस राइट एंड एट दैट पॉइंट ऑफ़ टाइम टू. एस्टब्लिश अ ब्रांड सो दे वर सो सपोर्टिव. इन डूइंग दैट एंड आई थिंक दैट्स व्हाट आई. बिलीव दैट यू नो दैट दैट मेड एक्चुअली द. फंडामेंटल ग्राउंड फॉर द ब्रांड Realme इन. इंडिया प्रीटी सिक प्रीटी सिक तो कभी भी. आपकी बोर्ड रूम में ऐसा नहीं हुआ कि जितना.
पैसा लगाना है लगा दो एंड बस यू वांट टू. मेक दिस अ ब्रांड मे बी कोविड टाइम्स. पोस्ट ऐसा नहीं होता है यू नो देयर इज़ अ. देयर इज़ अ वेरी थिन लाइन बिटवीन अ नीड एंड. ग्रीड हम व्हेन समवन स्टार्ट सपोर्टिंग यू. सो मच द बोर्डरूम. टर्न्स टू ग्रीड रादर देन द नीड रादर देन. टेकिंग इट एज अ फेवर व्हिच वी हैव टू. रिटर्न सम डे वी स्टार्ट एक्सपेक्टिंग एज. अ फंडामेंटल राइट हां कि ये तो दे ही रहे. हैं इसके ऊपर क्या देंगे ये बताओ क्या. बताओ राइट ये तो बेस है हमारा ये तो बेस.
हो गया सो दैट शुड नॉट बी द केस दैट इज. नॉट माय वैल्यू सिस्टम व्हेन आई वर्क विथ. एनीवन राइट बट हुआ ऐसा बिकॉज़ नहीं मैं एक. चीज समझता हूं दुनिया में कोई भी चीज फ्री. नहीं है अग्री यू हैव टू पे फॉर इट टुडे. और टुमारो यू हैव टू पे इट बैक अगेन हम. कोई कोई ना कोई वे से पे करना ही है आपको।. राइट? नथिंग इज फ्री। जैसे अगर आप एप्स भी. अगर फोन पे देखते हो कोई फ्री नहीं है वो।. दे मे बी गिविंग यू फॉर फ्री बट दे आर. टेकिंग हेल लॉट ऑफ़ अ डेटा फ्रॉम इट। या बट. जस्ट कमिंग टू दैट पर्टिकुलर पॉइंट व्हिच. आई नो दैट द बेसिक फंडामेंटल वैल्यू इज़.
दैट इफ दे आर सपोर्टिंग यू देन यू हैव टू. स्टिक टू देम टू थ्रू थिक एंड थिंस। हम्म. देन यू कांट लुक बी अ मोर अपॉर्चुनिस्टिक।. देन इट हैज़ टू बी मोर स्ट्रैटेजिक। देयर. इज़ अ डिफरेंस बिटवीन अपॉर्चुनिस्टिक एंड. स्ट्रेटेजिक। स्ट्रेटेजिक ऐसा होता है कि. जो आपके थिक एंड थिंग्स में दोनों खड़ा. रहेगा। अग्री अपॉर्चुनिस्टिक वो होता है. कि चलो अगर ये नहीं बेच पा रहे तो मैं. किधर और जाके बेच दूं अपना माल। हम सो दैट. इज द डिफरेंस आई बिलीव द वैल्यू सिस्टम्स. आर डिफरेंट। बट यू सेड कि बहुत सारी. चाइनीस कंपनीज़ बिलीव इन ट्रांजैक्शनल.
रिलेशनशिप। व्हिच अपॉर्चुनिटी से। हां। तो. वो स्ट्रेटेजिक। तो ये कभी फाइट्स हुई. आपकी बोर्ड रूम में वेयर यू आर लाइक होती. थी हमारी तो कि यार मेरा इन्होंने इतना. साथ दिया है तो अभी कम चल रहा है इनका तो. मैं ही साथ दूंगा। नहीं नहीं मैं ग्रेट. इंडियन फेस्टिवल में नहीं बेचूंगा बिग. बिलियंस भी बेचूंगा ऐसा मतलब सी देयर वास. लॉट ऑफ़ पुशबक बिकॉज़ एस आई सेड देयर इज़ अ. वे थिन लाइन बिटवीन नीड एंड ग्रीड आपकी जो. नीड होती है आप अगर उसको क्रॉस कर जाते हो. तो आपके ग्रीड पे कन्वर्ट हो जाती है। तो. आप अगर मैं 101 मिलियन मेरा 20 मिलियन अगर.
मैं स्मार्टफोन बेच रहा था उसमें 14. मिलियन Flipkart मेरे लिए बेच रहा था।. Flipkart के लिए मैं हाईएस्ट जीएमवी. ग्रॉसर था फॉर 2 इयर्स कंटीन्यूअसली।. मिनिममली वी मिनिमम वी वुड हैव डन एटलीस्ट. 2 बिलियन डॉल ऑन Flipkart एव्री ईयर फॉर. कंटिन्यूसली टू टू थ्री इयर्स राइट मतलब. 12 14000 करोड़ सो उस टाइम पे 70 के हिसाब. से होगा ना हां 70 मतलब आप समझ लो 141000. करोड़ Flipkart बेच रहा था Flipkart ही. हमारा कर रहा था 2000 करोड़ में राइट सो. दैट्स हाउ कभी टेल मी अ पॉइंट जहां पर.
पेबक करना पड़ा कुछ अ आई एम आउट ऑफ Realme. क्या हुआ? क्यों छोड़ा आपने रियल में? नहीं. इट्स नथिंग एस निकाला गया, छोड़ा, फाइट. हुई, व्हाट हैपेंड? नहीं नहीं इट वास सी. टेक्निकली यस आई लेफ्ट द कंपनी बट इट वाज़. डिफरेंस ऑफ़ ओपिनियंस। व्हाट दे थॉट इज़. पार्टनरशिप और एनीबडी वुड थिंक पार्टनरशिप. इज़ ट्रांसफरेबल। इट्स नॉट ह्यूमन इट्स. ट्रांसफरेबल। इट्स अ ट्रांजैक्शनल थिंग।. हम राइट? मैं जो पैसा फेंकूंगा तो लॉयल्टी.
मेरे तरफ चली जाएगी। दिस इज़ हाउ दे थिंक।. हेंस आई सेड अंडरस्टैंडिंग कल्चर इज़. वेरीेंट। हम राइट दे डोंट अंडरस्टैंड कि. इंडिया हार्टलेट रिलेशनशिप बेस्ड कंट्री. रिलेशनशिप बेस्ड कंट्री है एंड यहां पे. फिर धंधा वैसे ही होता है राइट हार्ड एंड. दैट्स हाउ इट इज़ नाउ दे आउट आउट टॉप फाइव. राइट और मे बी अराउंड फाइव दे वर नंबर वन. एंड दे वर नंबर वन एंड नंबर टू राइट एंड. दे आर नाउ मे बी अराउंड फाइव और सिक्स सो. दे हैव टू आई एम नम टॉकिंग ओनली अबाउट. Realme बट आई थिंक इन अंडरस्टैंडिंग द.
लोकल कल्चर वी वाज़ डूइंग अ ग्रेट जॉब एंड. दे आर स्पेंडिंग लॉट ऑफ़ मनी सो इज़ अनदर. चाइनीज़ कंपनी बट दे अंडरस्टैंड बेटर अगेन।. बट एट द सेम टाइम व्हाट आई सेड इज़ जस्ट यू. बिकॉज़ आस्क्ड अबाउट मी। हेंस आई सेड कि इट. इज़ ऑल अबाउट शॉर्ट टर्म एंड लॉन्ग टर्म. अंडरस्टैंडिंग ऑफ शॉर्ट टर्म लॉसेस एंड. लॉन्ग टर्म गस व्हाट इज मोरेंट? हम राइट. आई विल टेल यू माय एग्जांपल। हम तो जब मैं. मेरे दूसरे फ्रेंड से बात करता हूं। सेम. शॉर्ट टर्म लॉन्ग टर्म उन लोगों को जब भी. वो बिजनेस करते हैं या कुछ करते हैं उनको.
दिखता है फटाफट कहां से अभी पैसे मिल रहे. हैं ट्रांजैक्शन कर लो ले लो राइट व्हेन. इट कम्स टू मी मैं बहुत 10 साल 15 साल. देखता हूं मेरी रिलेशनशिप बहुत मैटर करती. है मुझे मैं जब किसी भी बिज़नेस में एंटर. करता हूं एनी बिनेस मैं मान के चलता हूं. कि 9 साल तो मेरे को कमाने मैं 10वें साल. इतना कमा लूंगा कि मेरे 9 साल सब निकल. जाएगा मेरे रिश्ते मेंटेन होने चाहिए. जिसने डे वन पे मुझे अगर एक छोटे से. डिस्ट्रीब्यूटर या इंसान ने मुझे ₹100 का. सपोर्ट दिया है ना तो मैं 10वें साल तक जब. मैं 1000 करोड़ का हूं तब भी मैं रीप करता.
रहूंगा बिकॉज़ दैट्स अ मोरल मोरल राइट हां. तो दैट्स अ वेरी बिनेसमैन काइंड ऑफ़. थिंकिंग इन इंडिया में बिज़नेस फैमिली से. आप बात करोगे मेनली आपके पापा दादा काका. चाचा ऐसी बातें करते हैं। आई लर्न दे. फ्रॉम माय फादर उन्होंने ये दिमाग में भर. दिया कि भाई रिलेशनशिप ओवर एवरीथिंग तुझे. लॉस करना और लॉस कर लेना कम पैसे कमाना. इट्स ओके वेयर डस कम फॉर यू क्योंकि आप तो. बिज़नेस फैमिली से नहीं हो माय फादर बीइंग. अ बैंकर ही हैज़ अ वै स्टंग वैल्यू सिस्टम. राइट ही टॉट यू इट्स अ वै क्लियर थिंग.
राइट के आप नहीं कमाओगे चलेगा पर किसी का. ₹1 घर पे मत लेके आओ या आप उसको रीप कर दो. राइट ओके व्हाट्स योर फोकस नाउ आपने बोला. आप प्रोडक्ट गाए हो बट आप उन कंपनीज़ में. काम करो जिनका मार्केटिंग ज्यादा होता है।. यस बट आई वास द वन हु ऑलवेज यूज्ड टू मेक. इन फाइट फॉर द प्रोडक्ट्स इन Realme आल्सो. कि कौन सा प्रोडक्ट लाना है कभी लाना है. कैसे लाना है डेफिनेटली देयर वर लॉट ऑफ़. इंटल्स बिकॉज़ Flipkart बीइंग अ ह्यूज दे. ह्यूज डेटाबेस दे यूज़्ड टू सपोर्ट अस नॉट. ओनली Flipkart बट व्हेन वी स्टार्टेड.
Amazon आल्सो दे यूज़्ड टू सपोर्ट अस विथ अ. ह्यूज डेटाबेस आल्सो के कंज्यूमर्स इंटेंट. कहां है कंज्यूमर्स कौन से तरफ जा रहे हैं. क्या करना चाहिए कैसे करना चाहिए. अंडरस्टैंडिंग कंज्यूमर्स साइकी थ्रू डेटा. वाज़ वन ऑफ़ द की एस्पेक्ट फॉर अस कलर्स कौन. से प्रेफरेंसेस है उनके रैम बताओ इंडिया. में क्या क्या पसंद करते हैं कंज्यूमर्स. देखिए इंडिया में आई एम टॉकिंग अबाउट 2017. 2018 दे वर लुकिंग फॉर मोर वाइब्रेंट फ़स. विथ हर बेटर परफॉर्मेंससेस एट दैट टाइम. कलर वाज़ नॉट द प्रेफरेंस हम राइट नाउ.
व्हेन द हार्डवेयर अभी जो कमोडिटाइज हो. गया है क्योंकि ये कमोडिटी बन गया. हार्डवेयर उसके वजह से अभी नाउ द. डिफरशिएशन पॉइंट हैज़ बिकम द ओएस एंड द डिज़. हम बिकॉज़ बाकी हार्डवेयर तो सब सेम ही है. हार्डवेयर में कोई डिफरेंस नहीं हो पाएगा।. बिकॉज़ द चिपसेट्स, कैमरा, बैटरी एवरीथिंग. इस गोइंग टू रिमेन द सेम। प्रोडक्ट बिल्ड. अच्छे हैं क्योंकि आपको दो-द साल की. तीन-ती साल की वारंटीज मिल रही है। सो. एव्री प्रोडक्ट इज़ सेम। इट्स जस्ट अ. ब्रांडिंग लेवल डिफरेंस राइट? एंड. अंडरस्टैंडिंग मैंने बहुत सारे कंज्यूमर्स.
से मैं जब भी बात करता हूं उनको एक अच्छा. प्रोडक्ट वो लगता है क्योंकि वो महंगा है।. इसके लिए अच्छा लगता है। बट व्हाइल द सेम. हार्डवेयर। लाइक आई सेड के एक ही ब्रांड. के सारे प्रोडक्ट्स हैं। हम सिर्फ. डिफरेंट-डिफरेंट नाम से जा रहे हैं। सो द. प्रोडक्ट्स आर सेम, द क्वालिटी इज़ सेम।. इट्स जस्ट अ डिफरेंट चैनल, डिफरेंट. मार्केटिंग, डिफरेंट वे ऑफ़ परसेप्शन. बिल्डिंग टू फॉर द कंज्यूमर्स। दैट इज़ हाउ. दे आर चार्जिंग द प्राइसेस। सो, इसमें आज. कैसे बीट करोगे? बहुत ओपन मार्केट बन गया.
है। आप X वZ मेगापिक्सल का कैमरा ला दोगे. वो सब फोंस में है। आप एक बढ़िया अच्छा. चलता हुआ फोन ला दोगे वो सब फोंस में है।. परफॉर्मेंस हर फोन में है। दिखने में कौन. सी स्क्रीन कौन सा फीचर्स सब हर जगह. अवेलेबल है। कौन से कलर्स चाहिए. प्रोबेब्ली वो भी अवेलेबल है। ठीक है? तो. हर चीज हर ब्रांड में सब दूर अवेलेबल है।. राइट? तो ऐसे टाइम पे क्या डिफरेंशिएट. डिफरेंशिएटर लेके आते हो? सी डिफरशिएटर. सबसे पहली इंपॉर्टेंट बात है मेरे लिए. डिफरशिएटर से ज्यादा एक सबसे बड़ी मतलब.
अगर मैं आपको बताऊं तो एज अ ए प्लस ब्रांड. जो स्मार्टफोन ब्रांड मैं ल्च करने जा रहा. हूं। द बिगेस्ट पॉइंट इज कि इंडिया में. किसी ने फर्स्ट ऑफ ऑल डीपटेक आरएडी में. कभी सोचा ही नहीं है। हेंस आई वांट टू कीप. दैट इन्वेस्टमेंट सेपरेट एज अ डीपटेक. आरएडी कि मुझे उसमें करते जाना है। बट एट. द सेम टाइम मुझे ब्रांड को करना है। व्हिच. इज़ डेफिनेटली आई वुड नीड लॉट ऑफ़ द सप्लाई. चेन कमिंग डाउन इनटू पिक्चर। व्हिच वुड बी. स्टिल इंपोर्टेड फ्रॉम चाइना, ताइवान, यूएस एनीवेयर फ्रॉम द वर्ल्ड। यस। सो वो. अभी इतने जल्दी यहां पे कंपोनेंट. इकोसिस्टम नहीं बनेगा। इट विल टेक अनदर. फाइव से इयर्स जहां पे पूरा कंपोनेंट.
इकोसिस्टम भी आना चालू होगा विथ ऑल द. कैटलिस्ट बीइंग गवर्नमेंट एंड द. इंडस्ट्री। अभी देयर इज़ नो इंडस्ट्री. प्लेयर। हेंस आई से कि प्रोबब्ली इट्स मोर. अबाउट गवर्नमेंट पुशिंग बट देयर इज़ नो. इंडस्ट्री टेकिंग इनिशिएटिव। बिकॉज़ द. लॉयल्टीज़ विल ऑलवेज बी एट द पॉइंट कि जहां. पे वो कंपनीज़ है हम द ओरिजिन ऑफ़ द कंपनीज़. है तो वहां पे उनकी लॉयल्टी ज्यादा रहेगी।. या वैसे दैट्स हाउ इट इज़। सो आई थिंक द. डिफरशिएशन पॉइंट एट दिस पॉइंट ऑफ़ टाइम. फर्स्ट ऑफ ऑल ऐसा है कि मैंने आपको जैसे. बताया कि 5 लाख करोड़ की मार्केट में देयर. इज़ अ वाइड स्पेस। वाइट स्पेस मैंने काफी.
इसमें देखे हुए हैं कि कौन से कौन से वाइड. स्पेस है। क्या स्पेस है सर? मतलब इफ आई. हैव टू से के से फॉर एग्जांपल अ 4G इज़ अ. वाइड स्पेस। इंडिया में अभी भी 5G इज़ अ. बिगर वाइड स्पेस। मास अडप्शन ऑफ़. डेमोक्रेटाइजेशन ऑफ़ टेक्नोलॉजी इज़ अ वाइड. स्पेस। जैसे मैंने आपको बताया कि चाइनीस. आर वांट टू सेल अ हाई एसपी फस। देयर इज अ. रीज़न बिकॉज़ दैट्स वेयर दे कैन स्पेंड मोर।. दे कैन आल्सो अर्न मोर। महंगे फोन बेचने. हैं उन्हें। महंगे फोन बेचने हैं उनको।. हाउ कैन यू डेमोक्रेटाइज टेक्नोलॉजी? दैट.
इज़ वन थिंग वन वे ऑफ़ मी गिविंग बैक टू द. सोसाइटी? कि मैं सोसाइटी को वापस कैसे दे. रहा हूं? कि हाउ कैन आई डेमोक्रेटाइज दिस. पर्टिकुलर टेक्नोलॉजी? बिकॉज़ हार्डवेयर तो. सब सेम ही है। हाउ कैन आई डेमोक्रेटाइज. दिस? फर्स्ट ऑफ ऑल हार्डवेयर एंड मेक इट. मेक श्योर दैट प्रोब्ली इज़ इन एव्री. इंडियन हैंड्स एंड मेकिंग श्योर दैट. प्रॉब्ली विद इन अ सिमिलर क्वालिटी रादर. देन पेइंग द हायर ईएमआई और एवरीथिंग एज़ सच. पॉइंट नंबर टू द बिगेस्ट थिंग व्हिच आई. बिलीव बिकॉज़ दिस कंज्यूमर्स मे नॉट बी. फोकस्ड ऑन बट कन हमेशा ये एक सर्वे हुआ था.
2021 में 2022 में कि आप कन्वीनियंस चूज़. करोगे कि सिक्योरिटी चूज़ करोगे पीपल विल. ऑलवेज चूज़ कन्वीनियंस या पीपल को मैं. बोलूंगा कि मैं आपको एक लॉक हैंडसेट दे. दूंगा। पीपल विल नॉट लाइक इट। या बट दे. विल ऑलवेज चूज़ कन्वीनियंस। बट हाउ कम आई. मेक श्योर कि उनका कन्वीनियंस. कॉम्प्रोमाइज ना हो और सिक्योरिटी एज एन. एडेड नॉनस्टॉप बैक एंड फीचर हो उनके लिए. व्हिच गिव देम अ कंफर्ट इन अ पीस ऑफ़. माइंड। दैट इज़ व्हाट आई एम ट्राइंग टू डू. विथ Aआई प्लस। व्हिच इवन अगर चाइनीज़.
ब्रांड सोचे तो भी नहीं कर पाएंगे। अगर. बोले तो भी अगर मार्केटिंग के लिए अगर. बोलेंगे तो भी दैट डज़ नॉट मेक सेंस फॉर. देम। सो एज अ इट इज वन ऑफ द प्राइमेंट. थिंग बिकॉज़ अगर आप देखोगे आज के दिन में द. बिगेस्ट वॉरफेयर वुड बी ऑन डेटा ओवर अ. पीरियड ऑफ़ टाइम। हां। तो अगर आपका डेटा. कैसे आप कंट्रोल कर सकते हो आगे जाके। दैट. इज गोइंग टू बी वन ऑफ़ द मोस्टेंट एस्पेक्ट. ऑफ़ मी थिंकिंग अलोंग साइड वि द गवर्नमेंट. के हम कैसे इसको कंट्रीब्यूट कर सकते हैं।. एज़ आई सेड कि गवर्नमेंट के साथ में.
इंडस्ट्री को भी कंट्रीब्यूट करना पड़ेगा।. इनिशिएटिव लेना पड़ेगा। बट व्हाई वुड द. ओल्डर कंपनी डू इट? दे हैव नो रीज़ंस। वो. जब तक वो लॉ एप्लीकेबल नहीं होगा तब तक. कोई तब तक कोई भी यहां पे इनिशिएटिव पेन. या कोई भी लेगा नहीं। सो मैं विद AI प्लस. स्मार्टफोनस मैं वो इनिशिएटिव लेना चाहता. हूं कि हाउ कैन आई बिल्ड दैट फायर वॉल? बिकॉज़ मुझे पता है कि बहुत सारे पर्टिकुलर. डेटा होते हैं जो बाहर जाते हैं। बाहर इन. द सेंस ऑफ नॉट ऑन पर्पस बट इन ऑन अ. मल्टीपल वे कि प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए.
जा रहे हैं, परफॉर्मेंस डेवलपमेंट के लिए. जा रहे हैं, परफॉर्मेंस चेक के लिए जा रहे. हैं। मार्केटिंग एक्टिविटीज़ के लिए जा रहे. हैं और मोनेटाइजेशन के लिए जा रहे हैं।. राइट? सो, अभी ये डेटा इतना स्प्रेड हो. रहा है कि आपको पता नहीं कि कौन कैसे वह. डेटा यूज़ करेगा आगे जाके।. सो हाउ कैन वी स्टार्ट बिल्डिंग दैट. पर्टिकुलर फायर बॉल्स अराउंड डाटा इन. इंडिया? क्योंकि अगर आप समझ लीजिए हर फोन. पे फिंगरप्रिंट सेंसर होती है। आपके. बायोमेट्रिक्स होते हैं। हर फोन पे. बायोमेट्रिक्स होते हैं। पर बायोमेट्रिक्स.
अगर आपने हार्डवेयर वाले ने अगर. बायोमेट्रिक्स लेके अगर वो डेटा किसी और. को भेज दिया। हाउ विल यू कंट्रोल इट? बट. व्हाट विल हैपन? जैसे व्हेन वी वर टॉकिंग. टू यू बिफोर दिस? आपने बोला कि इंडिया का. डाटा जो है दबा के इंडिया डेटा यूज कर रहा. है। हर जगह डाटा दे रहा है। हम स्मार्ट. बनते आ रहे हैं। पर वो डेटा हमारा नहीं. है। वो चाइना का है वो यूएस का है। वो. दूसरी कंट्रीज का है। राइट? सो इंडिया का. डाटा यू आर टॉकिंग अबाउट मतलब एव्री डेटा।. ओके। एव्री डेटा व्हिच यू जस्ट सेड कि. बायोमेट्रिक्स है। वो इंडियंस का डेटा है।. पर हां जो इंडियंस का डेटा है वो इंडियंस.
का नहीं है। मतलब वो इंडियन बाहर बेच रहे. हैं। बेच रहे हैं। राइट? तो इंडियंस का. डेटा है जो बाहर जा रहा है। हां हम तो. क्या होता है ऐसे? बेच रहे हैं। मतलब. इंडियन कंपनीज़ बेच रही है वहां। नहीं नहीं. इंडियन कंपनीज़ नहीं मार्केटिंग कंपनीज़. बेचेगी फॉर व्हाटएवर रीज़ंस। राइट? मार्केटिंग कंपनीज़ रीटारगेटिंग के लिए. बेचेगी। परफॉर्मेंस मार्केटिंग के लिए. बेचेगी। एंड दैट डेटा कैन बी यूज़्ड फॉर. मल्टीपल रीज़ंस। एक बार डेट क्या. प्रॉब्लम्स होगी अगर मेरा डेटा बाहर गया. तो? अब एक लॉजिकल समझिए। अगर आपका. फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक्स या व्हिच इज़. रेटिना डिस्प्लेज़ और मतलब कोई भी.
बायोमेट्रिक्स अगर बाहर है अगर आपका. पर्सनल डेटा बाहर है हम इसको टेलीमेटिक्स. बोलते हैं कि बेसिकली अगर आपका फोन की. बैटरी हेल्थ भी उनको पता है कि आप क्या. यूज़ कर रहे हो कैसे यूज़ कर रहे हो आपका ऐप. ट्रैकिंग चल रहा है पीछे से मोर देन 50. 60% ऑफ़ द एप्स ऐसे सर्वे हुए मोर देन 50. 60% ऑफ़ द एप्स व्हिच आर फॉर फ्री वो सारे. आपके डेटा लेते हैं और अनअथराइज़ वे से यूज़. भी करते हैं। एंड दैट इज वन ऑफ द बिगेस्ट. रिस्क। अनऑथराइज वे से यूज करना मतलब क्या. होता है? आपको डेटा को आप अगर से फॉर.
एग्जांपल अनऑथराइज वे से यूज़ करना मतलब. बेसिकली अगर आपने उसको आप आप ओके करते हो।. आप कोई भी ऐप डाउनलोड करते हो आप बिना कोई. कंसेंट के आप ओके ओके सब कर देते हैं। सो. विदाउट कंसेंट आल्सो यूजिंग योर डेटा। दैट. इज व्हाट आई से अनऑथराइज्ड। विद कंसेंट. यूजिंग योर डेटा फॉर मार्केटिंग पर्पस इज. वन ऑफ़ द वेज़। अभी वह मार्केटिंग कंपनीज़. इंडिया में है, ग्लोबली है, वह क्या कर. रही है, वह डाटा का आपको पता नहीं है। हम. राइट? अगर आपको ग्लोबल कंपनी भी कोई. टारगेटिंग कर रही है, रीिटारगेटिंग टू सेल. देयर प्रोडक्ट, तो डेटा है तो ही आपको. रीटारगेटिंग कर रही है। हम उसके बिना तो.
रीटारगेटिंग नहीं करेगी आपको। सो दैट इज़ द. वे व्हिच आई बिलीव कि वो डेटा बाहर अगर जा. रहा है तो व्हाट इज़ द रिस्क बिहाइंड इट? तो इंडिया हैज़ ऑलरेडी फॉर्म्ड एन एक्ट. व्हिच इज़ डीपीडीपी एक्ट। एंड आई थिंक डेटा. प्रोटेक्शन एक्ट व्हिच इज़ ऑलरेडी इन प्लेस. फ्रॉम अगस्त 2023 व्हिच इज़ हियर टू बी. इंप्लीमेंटेड इन स्केल। हम बट एट द सेम. टाइम यह सब चीज में इंडस्ट्री को भी साथ. में कंट्रीब्यूट करना पड़ेगा क्योंकि डाटा. मल्टीपल लेवल्स में बाहर जाते हैं। एक ओएस. लेवल होता है। सेकंड लेयर हो जाती है जो. एप्स के हो जाती है। और एप्स में आप.
क्या-क्या पुश कर रहे हो डेटा। दैट इज़. आल्सो वन ऑफ़ द बिगेस्ट थिंग। क्योंकि हम. लोग विदाउट कंसेंट हम वो हम क्या वो लोग. कैसे यूज़ कर रहे हैं हमको पता नहीं है। सो. इट इज़ मोर अबाउट ट्रांसपेरेंसी रादर देन. हाउ यू यूज़ इट। तो मैं किसी यूजर को या. आपके सुनने वाले को मैं ये डराना नहीं. चाहता। पर मैं आपको सिर्फ ये बताना चाहता. हूं कि कोई भी जो हम करने ये चाह रहे हैं. कि हम ट्रांसपेरेंट रहना चाहते हैं कि अगर. आपका डेटा कहां पे जा रहा है। आई वांट टू. क्रिएट अ डैशबोर्ड ऑन द स्केल कि भाई आपके. विजेट के जैसे आपके फोन के ऊपर डैशबोर्ड. रहेगा कि भाई आपका डेटा यूज़ कहां पे हो.
रहा है? कौन कैसे यूज़ कर रहा है? वॉइस में. हो रहा है, आपका मैसेजेस में हो रहा है, आपके कॉल्स पे हो रहा है। कैसे डेटा यूज़. होते हैं। आप जब भी कंसेंट देते हो तो आप. सब चीज पे कंसेंट दे रहे हो आप। ये आपके. फोन में फीचर होगा। ये फोन में डैशबोर्ड. एक फीचर होगा जो बैकग्राउंड में चलता है।. मुझे सिर्फ फोरग्राउंड में लाके उनको. दिखाना है। व्हिच इज बीइंग मोर. ट्रांसपेरेंट टू द कंज्यूमर्स कि आपका. डेटा कैसे यूज़ हो रहा है। कि कौन-कौन ले. रहा है, कहां-कहां ऐप यूज़ हो रही है और. कहां-कहां जा रहा है। कहां-कहां जा रहा. है। वैसे इज दैट अ फीचर अभी? इज दैट अ. फीचर व्हिच आई एम लॉन्चिंग विथ दिस फोन।.
नाइस। सो दैट इज गोइंग टू बी अ. ट्रांसपेरेंट। व्हिच इज फॉर मी इज़ अ. ट्रांसपेरेंट। वो बैक एंड पे रहता है। आई. एम जस्ट ट्राइंग टू ब्रिंग इट टू द फोक।. तो मुझे दिख जाएगा कौन सी एप्स मेरा सबसे. ज्यादा डाटा यूज़ कर रही है। कौन सा डाटा. मेरा कहां पे जा रहा है। आपका वॉइस जा रहा. है। आपका मैसेजेस से जा रहा है। आपका कॉल. से जा रहा है। कैसे जा रहा है? एंड देन. कैन आई यूज़ दैट बटन और वही तो ऑफ कर सकते. हो। यू कैन गो टू द यू कैन गो टू द. सेटिंग्स एंड यू कैन चेंज इट विद कंसेंट. कि मुझे यह नहीं शेयर करना है, नहीं करना. है और नहीं करना है। सो, इट इज़ मोर अबाउट. कंसेंट।.
एंड यू नोइंग नॉलेज, कंसेंट, एंड अ. ट्रांसपेरेंट वे ऑफ़ यूज़िंग योर डाटा। दैट. इज व्हाट आई एम ट्राइंग टू फिगर इट आउट।. सो अभी मेरे फोन में हां मैं कुछ भी देखता. हूं तो वो ट्रैक कर रहा है मैंने कौन सी. वेबसाइट पे गया। मैंने कौन सा प्रोडक्ट. देखा। वो माइक्रोफोन से मेरी आवाज सुन रहे. हैं। जैसे आप और मैं अगर फोन की बात करें. तो मुझे फोन की एड्स दिखाने लग जाएगा।. राइट? तो वॉइस भी यूज़ हो रही है। यूज़ हो. रही है। मेरी लोकेशन यूज़ हो रही है। मैं. कभी दूसरी कंट्री में जाता हूं तो. ऑटोमेटिकली मुझे उस कंट्री के एड्स आने लग. जाती है। तो ये सब बैकग्राउंड पे यूज़ हो.
ही रहा है। समटाइम्स कैमरा भी होता है। बट. लेट्स से आई डोंट नो कितने इसमें होता है।. कैमरा भी होते हैं। कैमरास भी होते हैं।. राइट? अब ये सब गैलरीज भी हो जाती है।. आपके मैसेजेस भी होते हैं। मेरी गैलरीज, मेरे मैसेजेस सब सबका कंसेंट दे दिया।. मुझे पता नहीं है। आपने कंसेंट दे दिया. क्योंकि आप ऐप फ्री है तो आपने डाउनलोड कर. लिया। तो अब मुझे पता नहीं ये सब जा रहा. है। ऑन योर फोन AI प्लस पे। ये मुझे विजिट. पे सामने दिख जाएगा कि यस वॉइस ये वाली. यूज कर रही है एप्स कैमरा दे रही है ये. वाली यूज कर रही है यस दैट इज व्हाट आई एम.
ट्राइंग टू डू इट एज अ ट्रांसपेरेंट वे ऑफ़. डूइंग इंटरेस्टिंग राइट सो आपको. ट्रांसपेरेंट रहेगा कि आपका डेटा कहां जा. रहा है एंड देन इट इज अ कंसेंट दैट यू. वांट टू स्टिल डू इट और यू वांट टू इट हां. मतलब कुछ-कुछ में मेरे को अलव करना है कि. हां मैं चाहता हूं सजेशन बढ़िया कोई. प्रॉब्लम नहीं है भाई मुझे आपका मेरा डेटा. जाता है मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है राइट. हां लाइक जैसे रेस्टोरेंट फाइंडर ऐप है तो. मैं चाहता हूं मेरी लोकेशन देखे लोकेशन. देख ले आपको या तो आप पिन कोड के डाल के. करो पर वो लोकेशन के साथ में आपका. क्या-क्या ले रहा है वो भी आपकाेंट है कि. वो स्पेंड पावर ले रहा है कि नहीं ले रहा. है क्योंकि से फॉर एग्जांपल अगर आपको से.
समझ लो के साथ में अगर वो भी ले रहा है कि. आप कितना स्पेंड कर सकते हो क्योंकि उसको. टारगेटिंग करनी है आपको तो वो आपको देना. है कि नहीं देना है या दैट इज मोर अबाउट. ट्रांसपेरेंसी बिल्डिंग अ फायर वाल इंटू. इंडिया और मेटी के सर्वर्स पे मुझे बिल्ड. करना है व्हिच इज ऑन द गवर्नमेंट ऑथराइज्ड. सर्व सर्वर जो आईएसओ 270001 अप्रूव्ड. सर्वर्स होते है व्हिच वुड बी थ्रू Google. हमने Google के साथ टाई अप किया है कि. व्हिच इज़ ऑथराइज्ड फ्रॉम द मिटी टू होस्ट. अ सर्वर इन इंडिया जो इन्होंने इंडिया में. सर्वर किया हुआ है तो Google के साथ हमने.
वो टाई अप किया हुआ है प्रोब्ली टू होस्ट. आवर डेटा ओनली इन इंडिया एंड मेकिंग श्योर. दैट प्रोब्ली कि हम लोग मतलब इनके साथ. कितना और ट्रांसपेरेंट रह सके नाइस एंड सो. इट्स मोर अबाउट गिविंग कंसेंट टू द. कंज्यूमर्स एंड दे गिविंग द कंसेंट टू द. एप्स या पॉइंट नंबर वन बीइंग ट्रांसपेरेंट. कि भाई तुम्हारा डेटा कहां पे और. कैसे-कैसे यूज़ होगा बिकॉज़ लॉट ऑफ़. हार्डवेयर। हार्डवेयर वाले आपका ऐप लेते. हैं। ओएस वाला ऐप लेते हैं और एप्स वाले. भी आपका लेते हैं। सो देयर आर थ्री पीपल. हु आर टेकिंग योर डेटा। व्हाट इज़ द.
हार्डवेयर कंपनीज़? मतलब इट मे बी अ कैमरा. कंपनी और इट मे बी अ फिंगरप्रिंट सेंसर. कंपनी। दे मे बी टेकिंग इट फॉर परफॉर्मेंस. टू अंडरस्टैंड द परफॉर्मेंस ऑफ अ डिवाइस।. कि अगर फिंगरप्रिंट को अच्छा कैसे करना. सकता है और 0.01 सेकंड पे कैसे मैं अनलॉक. कर सकता हूं। पर फिर वो डेटा का आगे क्या. करता है आपको पता नहीं है। एंड व्हिच. कंट्री डूइंग रिसर्च ऑन डेटा यू आर नॉट. अवेयर ऑफ इट या तो दैट इज द सेकंड रिस्क. इन दिस इन दिस वर्ल्ड व्हिच द वे द वर्ल्ड. इज़ शेपिंग राइट नाउ ये बायो वॉरफेयर में. अगर हमारा एटलीस्ट हमारे पास कंसेंट होना.
चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं उसका दैट इज़. वन ऑफ़ द मोस्टेंट थिंग एंड पता है इन सब. चीजों के बीच में छोटी-छोटी वेज़ में आपका. ओवरऑल खर्चा ज्यादा होने लग जाता है बिकॉज़. यू डोंट इवन रियलाइज़ क्योंकि एप्स को आप. डेटा बहुत ज्यादा शेयर कर देते हो। देयर. इज़ अ फ्रेंड ऑफ़ माइंड जो डिलीवरी ऐप चलाते. हैं। हम एंड वन ऑफ़ द लार्ज डिलीवरी एप्स. इन द कंट्री एंड आई वाज़ अंडरस्टैंडिंग कि. यार तुम ये इतना डेटा कलेक्ट करके करते. क्या हो? एंड ही वास टेलिंग मी कि वन फीचर. इज़ कि जैसे अगर मुझे मेरी ऐप ज्यादा. प्रॉफिटेबल बनानी है। सो आप हो और मैं.
हूं। हम दोनों ने कुछ सामान ऑर्डर किया।. कितनी जल्दी क्लिक किया उस पे। उसके बेसिस. पे वह मेरे को डिलीवरी चार्जेस बढ़ाते. जाते हैं। हम एंड दे वर लाइक कि हर उनके. पास कोहॉट्स बने हुए हैं कि यह वाला. कस्टमर ₹10 डिलीवरी को ₹10 डिलीवरी से अगर. ज्यादा चार्ज किया तो छोड़ देगा ऐप तो मैं. इसको 8 9 ₹5 ही करूंगा। ये है डिलीवरी. चार्जेस देखते से ही छोड़ देगा। तो मैं. उसको चार्ज ही नहीं करूंगा। नहीं। ये है. कस्टमर। इसको हमेशा नेक्स्ट नेक्स्ट करता.
रहता है। इसकी स्पेंडिंग पावर अच्छी है।. तो इससे मैं 100 150 ₹200 भी डिलीवरी. चार्जेस ले सकता हूं। मुझे कोई फर्क नहीं. पड़ता। एंड दैट्स हाउ तो वो फ्री वालों को. फ्री देते हैं। एंड देन जिनकी स्पेंडिंग. पावर अच्छी है या जो बिना देखे करते हैं. उनसे ₹150 ₹200 ले रहे हैं। व्हिच. प्रोबेब्ली स्लो कर देते तो ₹15 ही जाते।. सो टू मी दैट्स जस्ट वन एग्जांपल बहुत. छोटा एग्जांपल है। बट ऐसे वो मिलियंस. लोगों के साथ मिलियन दूसरी चीजों पे करते. होंगे टू अंडरस्टैंड द साइकी। सी फॉर मी. बीइंग एथिकल एंड ट्रांसपेरेंट इज़ वेरीेंट।. देखो आप मैं ये नहीं बोला कि वो सही कर.
रहा है या गलत कर रहा है। बट मेरे हिसाब. से वो जो ₹200 वाले जिसको डिलीवरी चार्ज. कर रहा है उसके लिए वो अनफेयर है। हां।. जस्ट बिकॉज़ ही हैज़ बीन ऑनेस्ट टू यू एंड. लॉयल है वो जल्दी कर रहा है। उसको आप उसको. नहीं लूट सकते हो वैसे राइट। बट वो करते. हैं। करते हैं। यस। एंड दैट इज हाउ दिस. डेटा हैज़ बीन यूज्ड। लेट मी पुट इट दैट. वे। सो हेंस आई जस्ट वांट टू बी. ट्रांसपेरेंट। आई एम नॉट डूइंग समथिंग. ग्रेट। बट आई एम जस्ट बीइंग ट्रांसपेरेंट. विद अ कंसेंट ऑफ़ अ यूजर टू सी वेयर देयर.
डेटा हैज़ बीन यूज़्ड एंड हाउ आई कैन बी यू. नो गिविंग देम एंड एक्सेस टू यू नो चेंज द. सेटिंग्स अकॉर्डिंगली व्हाटएवर यू नो दे. फील दे वांट टू डू इट राइट गॉट इट सो AI. प्लस में आप जो ल्च कर रहे हो फर्स्ट इज़. आप फोन को सस्ता बनाना चाहते हो फ़ को तो. मैं कमोडिटी बनाना चाहता हूं बहुत सस्ता. करना चाहता हूं हां मतलब एक ऐसा कमोडिटी. बनाना चाहता हूं कि बिकॉज़ हार्डवेयर आर. कॉमन आई वांट टू शो पीपल दैट प्रोब्ली. इंडिया में डेवलप मेंट हो सकता है। इंडिया. में डिज़ हो सकता है। एंड वि द क्वालिटी.
डेफिनेटली द कंपोनेंट इकोसिस्टम इज़ फ्रॉम. द वर्ल्ड ओनली। तो द कंपोनेंट इकोसिस्टम. के साथ में भी वी आर एबल टू अचीव अ मास. डेमोक्रेटाइजिंग. इन टर्म्स ऑफ़ प्राइसिंग। हम सेकंड बिगर. थिंग इज कि 2G से 4G का जो वाइड स्पेस है. अगर आप अभी आज के दिन में देखोगे तो 2G के. जो जितने कम से कम 300 से 400 मिलियन. कंज्यूमर्स हैं उनके पास जो अपग्रेडेशन. पॉइंट है सीधा 5G आता है बिकॉज़ 80% इज़. होल्ड बाय चाइनीस। सो उनको हाई एसपी अगर. फोन बेचना है तो देयर इज़ अ ह्यूज गैप. बिटवीन ₹2000 एंड ₹10,000.
5G स्मार्टफोन एंट्री लेवल। इसमें क्या हो. जाता है कि एक बहुत बड़ा वाइड स्पेस है जो. मैं देखता हूं। एंड इट आल्सो बिकम्स के. भाई इनको हम कैसे टारगेट कर सकते हैं ऑन अ. वे दैट प्रोबब्ली इफ आई एम एबल टू ब्रिंग. अ 4G फ़ व्हिच इज़ अ मास एंड अफोर्डेबल फ़. विथ अ वेरी गुड हार्डवेयर वेरी गुड. स्पेक्स विथ ऑल फीचर्स बेड इन एंड व्हेन अ. 5G फ़ विद ऑल बेड इन फीचर्स एट अ वेरी. अफोर्डेबल प्राइसेस एटलीस्ट वो कमोडिटी. उनके लिए डेमोक्रेटाइज हो जाएगा हम एंड एट. द सेंटें दे विल बी एबल टू यूज़ इट। सो.
एव्री एव्री ईयर आई स्टिल थिंक कि ये जो. 50 मिलियन जो फीचर फोन ले रहे हैं उनका एक. ही रीजन है कि अभी भी उनके पास स्मार्टफोन. लेने के लिए अफोर्डेबिलिटी नहीं है। एंड. डायरेक्टली जंपिंग फ्रॉम ₹2000 टू ₹100 इज. अ बिग जंप फॉर देम। हेंस आई एम टॉकिंग. अबाउट द रेस्ट ऑफ़ द इंडिया एंड दे वुड. ऑलवेज थिंक के बेटर आई वुड स्टिक टू अ बार. फोन। हम तो अगर मुझे डिजिटल इंडिया को अगर. सही में आगे पहुंचाना है और मास पे लेके. जाना है तो डेमोक्रेटाइजेशन ऑफ अ. हार्डवेयर टेक्नोलॉजी इस एक्सट्रीमलीेंट।.
तो आज कितने कितनी प्राइस रेंज में ल्च. करोगे फोन? आई एम ट्राइंग टू ब्रिंग आई एम. लॉन्चिंग टू फोंस। वन इज Nov एंड वन इज. Puls आई एम ट्राइंग टू ब्रिंग इट अंडर. ₹5000. अंडर ₹000 यस एंड दोनों आर स्मार्टफोनस. बोथ आर स्मार्टफोनस. दिस आर स्मार्टफोनस दिस आर द बिल्ड दिस आर. द स्मार्टफोनस राइट यू कैन सी ये कितने. रुपए का है ये. 5000 के अंडर का है ये या रियली.
तो क्या है? वेयर डिड यू कट इट? कहां से. पैसे बच? आई डोंट हैव टू पे रॉयल्टीज। तो. एक्चुअली यू गॉट कलर्स व्हिच प्रोब्ली विल. बी मासी कलर्स एंड पीपल विल बाय इट। या. वैरी. नाइस। दिस इज हाउ दे।. एंड दिस इज द क्लासिक। या आई लाइक कलर्स।. मतलब मैं थोड़ा क्योंकि मैं मेरी लाइफ में. सिर्फ ब्लैक ही टी-शर्ट पहनता हूं. मैक्सिमम। तो बाकी सब चीज कलरफुल लाइक. वाइज में।. ओके। सो कमिंग बैक या तो पहला प्राइस.
सस्ती कर रहे हो व्हिच इज अंडर 5000 तोड़. दिया। प्राइस सस्ती करने का एक ही रीज़न है. कि डेमोक्रेटाइज करना है। आई वांट पीपल टू. अडॉप्ट टेक्नोलॉजी एंड मेक इट हेल्प. टुवर्ड्स द डिजिटल। तो ज्यादा मेजोरिटी. लोगों को आप चाहते हो कि फोन यूज़ करें।. इसकी वजह से सस्ता देना चाहते हो। सेकंड. आप देते हो कि मैं इंडिया का डेटा इंडिया. में रखना चाहता हूं या इंडिया का डेटा मैं. बहुत कंसेंशुअली लोगों को दिखाना चाहता. हूं। कौन तुम्हारा कहां पे क्या यूज कर. रहा है। दैट इज सेकंड। थर्ड इज आप इसके जो. सॉफ्टवेयर पार्ट है वो इंडिया में बना रहे.
हो। इंडिया में बना रहे हो। दैट इज फर्स्ट. पार्ट व्हिच इज ऑन द Android ऑपरेटिंग. सिस्टम व्हिच इज़ Android ओपन सोर्स एओएसपी. बोलते हैं उसको। Android ओपन सोर्स. ऑपरेटिंग सिस्टम जहां पे सारे सारे. प्लेटफॉर्म्स बनते हैं। और उनको सर्वर. कहां पे होस्ट करना है? उनका ये सीडी एंड. डीडीए वो कहां पे होस्ट हो रहा है। दैट इज़. समथिंग व्हिच इज़ एक्सट्रीमलीेंट। व्हिच आई. हैव अलाइन इट टू मेक श्योर कि वो इंडिया. में ही हो रहा है। वैसे गॉट इट। सो ये तो. डाटा ओएस सब इंडिया में हो रहा है। हम. हार्डवेयर अभी बाहर से बनता है। हार्डवेयर.
अभी भी मतलब सी कंपोनेंट्स मेजॉरिटी इसके. अंदर इंडिया में है। पर यस यू हैव टू. इंपोर्ट इट बिकॉज़ अभी भी वो चाइना प्लस वन. का जो स्ट्रेटजी है व्हिच इज़ समथिंग व्हिच. इज़ फार फ्रॉम रियलिटी कि अभी आगे जाके हम. लोग को कंपोनेंट इकोसिस्टम कैसे बनाना है।. सो यस द कंपोनेंट्स आर टू इंपोर्ट फ्रॉम. ताइवान और फ्रॉम चाइना और फ्रॉम यूएस ओके. एंड बट आपकी कंपनी की जितनी सेल्स हैं. रेवेन्यूस हैं उसका एक चंक जाते जाएगा इन. आरएडी दैट फ्रॉम डे वन यू आर श्योर या कि. मैं इसमें इन्वेस्ट करना चाहता हूं ताकि. मेरी डिपेंडेंसी दूसरों पे कम होती जाए और.
मैं इंडिया में बनाऊं इज दैट द विज़ या एंड. मैं आपको एक बहुत क्लासिक एग्जांपल देता. हूं क्योंकि मैंने इंडिया में एक चीज देखा. है कि इंडिया में इन्वेस्टर्स विल नॉट. इन्वेस्ट ऑन डीपटेक आरएडी क्योंकि उनको. GTएम रोड मैप फास्ट चाहिए। हम उनको गो टू. मार्केट फास्ट चाहिए उनको उनको चाहिए कि. भाई अगर हमने आज पैसा डाला तो हमारा तीन. महीने में तो हमको प्रोडक्ट मार्केट में. डालो और चौथे महीने में रिजल्ट बताओ और 12. महीने में करके निकल जाएंगे। सो द रेस टू. बॉटम आई कॉल इट अ रेस टू बॉटम इज़ और रेस.
टू साउथ बहुत इजी हो गया इन्वेस्टर्स के. लिए। राइट? क्योंकि अब पैसा जला के धंधा. करना है तो कोई भी कर सकता है वैसे। राइट? किसी को बोलने की जरूरत नहीं है। पर. क्योंकि आपको 12 महीने में इन्वेस्टर्स को. वैल्यू्यूएशन करना है तो रेस टू बॉटम करवा. के वो फाउंडर्स को कोई भी डायरेक्शन में. ले जाके छोड़ देते हैं। तो फाउंडर्स के. पास वो 12 महीने के बाद ऊपर आने के लिए. इट्स अ लॉन्ग जर्नी फॉर देम। सो आई कॉल इट. रे टू बॉटम व्हिच इज़ नॉट अ राइट थिंग टू. बी डन। एट द सेम टाइम व्हाट आई एम ट्राइंग.
टू रेज कैपिटल इज़ अ पेशेंट कैपिटल व्हिच. इज़ ओनली फॉर आरएडी। हम तो मैं GTएम अलग ही. रखना चाहता हूं। आरएडी अलग ही रखना चाहता. हूं कि इसमें कल उठ के हम लोग को कहीं पे. भी ऑब्स्ट्रक्शन ना आए। एंड देयर इज़ नो. हर्डल्स अराउंड इट। तो दो अलग-अलग. इन्वेस्टर्स से बात कर रहे हो कि एक. इन्वेस्टर्स एक सेट ऑफ़ पूल ऑफ़ इन्वेस्टर्स. बोल रहे हैं कि हां आराम से ना हमें 10. साल में रिटर्न चाहिए। एक सेट ऑफ़. इन्वेस्टर्स बोल रहे हैं फटाफट डालो। मेरे. को मार्केटिंग का पैसा दो अगर नो बट यस. दैट्स हाउ आई हैव स्ट्रक्चरर्ड दिस. पर्टिकुलर कंपनी कि आरएडी में द.
इन्वेस्टर्स और एनीवन आर एक्सट्रीमली कीन. दैट यस वी हैव टू फॉर्म अ डीप टेक आरएनडी. कंपनी ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। हम सो सारे. इन्वेस्टर्स आर अलाइन विथ यू ऑन यस राइट. नाउ दे आर एट द सेम टाइम एज आई सेड व्हाइल. आई एम ल्चिंग द प्रोडक्ट आल्सो सो माय. जीटीएम इज आल्सो नॉट लेकिन अराउंड इट बट. यस बट 5000 गए तो वैसे ही आपने प्राइस. पॉइंट पे तो फोड़ दिया ना अगर सारे फीचर्स. एंड फ्रॉड ट्राइंग टू ब्रिंग टू डिवाइसेस. कंप्लीट स्मार्टफोनस हाई कैमरा स्पेक्स.
हाई रैम रोम ऑप्शंस अप टू 8GB एंड गिविंग. द बेस्ट ऑफ द प्रोसेसर इन दिस प्राइस. सेगमेंट्स एंड एंड ट्राइंग टू ब्रिंग. एवरीथिंग अंडर बिलो 5000 दैट्स व्हाट आई. एम ट्राइंग टू डू इट राइट अभी इतने फीचर्स. कौन से कैटेगरी के फोन में होंगे कितने. रुपए में 12 से 15000 एंड 15 से 20 के. अंदर तो जो 15000 के फोन में है वो आप. 5000 के फोन में देना चाहते हो या एंड यू. आर गिविंग दैट यू आर ल्चिंग टाइम नाउ या. राइट या अब आपका वापस गोइंग फ्रॉम AI प्लस. से अपन इस पे एक्चुअली AI प्लस भी मेरा.
क्वेश्चन है कि जब 5000 में बेचोगे तो. आपने सिग्निफिकेंट कॉस्ट तो कम कर दी राइट. तो फिर इसमें 20% बनेगा नहीं बनेगा। मैं. नहीं बना रहा हूं। आई एम टॉकिंग अबाउट द. कॉम्पिटिटिव। हां तो फिर आप क्या धंधा. चलाओगे? दैट इज द रीज़न आई सेड। आई एम. वर्किंग ऑन स्ट्रेट अवे ट्रांसपेरेंटली. नेट 5% प्रॉफिट।. सिंगल डिजिट। इतना कम क्यों? आई वांट टू. कम। आई सेड आई वांट टू डेमोक्रेटाइज. टेक्नोलॉजी, राइट? एंड आई विल बी फिगरिंग. आउट माय रेवेन्यू सोर्स फ्रॉम द ओएस व्हिच. आई एम ट्राइंग टू डेवलप। हम ओवर अ पीरियड. ऑफ़ टाइम। राइट? सो मोर टेक्नोलॉजी प्ले.
देन द हार्डवेयर प्लेइंग। आई एम कॉलिंग इट. एज अ सॉफ्टवेयर कंपनी। नेक्स्ट क्वांटम. शिफ्ट टेक्नोलॉजी इज़ अ सॉफ्टवेयर कंपनी. व्हिच इज़ गोइंग टू बी अ सॉफ्टवेयर ड्रिवन. कंपनी। व्हाइल आई कंसीडर हार्डवेयर एस वन. ऑफ़ द कैरियर ऑफ़ माय सॉफ्टवेयर. एंड मोनेटाइजिंग माय सॉफ्टवेयर ओवर अ. पीरियड ऑफ़ टाइम। तो कैरियर्स को सस्ता. करना चाहते हो? मैं कैरियर्स को सस्ता. करना चाहता हूं। बट ये 5,000 का होगा।. इसमें इयरफोन वगैरह कुछ आएगा? कुछ भी नहीं. आएगा। सिर्फ चार्जर एक्सेसरीज आएगी। जो जो. सारे कॉम्पिटिटिव ब्रांड्स देते हैं वो.
सारी एक्सेसरीज जो 15,000 में मिलता है वो. मिलेगा। सारी एक्सेसरीज आएगी। नाम कैसे. रखते हो? AI प्लस नाम क्यों रखा? अ. आई थिंक एi वाज़ द बज़वर्ड आल्सो हम एट द. सेम टाइम आई वांटेड टू रिवॉल्व अराउंड. सॉफ्टवेयर एंड सॉफ्टवेयर एवरीथिंग राइट. नाउ इज़ मोर टुवर्ड्स ऑटोमाइजेशन। सो हाउ. कैन आई अप्लाई माय इंटेलिजेंस? सो एआई वाज़. मोर अबाउट अप्लाइड इंटेलिजेंस? हाउ कैन आई. अप्लाई माय इंटेलिजेंस टुवर्ड द हार्डवेयर. यूजिंग माय सॉफ्टवेयर एज अ टूल टू मेक. श्योर दैट प्रोबेब्ली आई कैन कमोडिटाइज. हार्डवेयर एंड गिव इट इन द हैंड्स ऑफ़ द.
पीपल ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। अगर मैं फोन. डालता हूं Samsung ओके तो मुझे Samsung की. मैं Google पे सर्च करता हूं Samsung सारे. Samsung दिखेंगे Flipkart पे Amazon पे. Samsung दिखेंगे। मैं सर्च करता हूं लावा।. मुझे सब वो दिखेगा। राइट? मैं सर्च करता. हूं AI तो मुझे AI पे आपका भी दिखेगा. लेकिन मुझे Samsung का भी दिखेगा। मुझे. लावा का भी दिखेगा। मुझे Apple का भी सबका. दिखेगा क्योंकि सब में एक एआई इंटेलिजेंस. आ गया। हर में आ गया। हर किसी में आ गया।. तो एi डालते सब दिखेंगे। दूसरों के नाम.
डालने सिर्फ दूसरे दिखेंगे। सबसे फनी बात. बताता हूं। एआई हैज़ बीन ओवर अब्यूस्ड।. हां। एआई अभी ओवर अब्यूज हो गया। हर चीज़. बोलते एआई है। एक्जेक्टली। राइट? इट इज़. लाइक मेगापिक्सल वॉर हो गया था जो 2018. में था कि भाई मैं 40 मेगा मैं 12. मेगापिक्सल के बदले 108 वाला लाऊंगा वो. 108 वाला बोलता है मैं 200 वाला लाऊंगा।. सो अभी भी एआई का वही रेस चल रहा है। बट द. मोस्ट फनीिएस्ट पार्ट इज़ कि एआई जो बेस. फंडामेंटल है वो तो सब Google का ही है।. उसके ऊपर ही सब लोग मतलब यू नो आर ट्राइंग. टू फिगर आउट अ लेयर ऑन इट एंड कस्टमाइजिंग.
देयर लेयर। सो अ व्हाइल एआई मार्केटिंग. जागरण हो गया अ आई अंडरस्टैंड कि वो होगा. तो आई थिंक वी हैव टू फिगर आउट द एसइओ एंड. एससीएम वेज़ टू मेक श्योर दैट प्रोबब्ली. पीपल गेट अवेयर एंड नो और एक बार ये. डिवाइसेस हाथ में जाने चालू हो गए देन. इट्स अ वर्ड ऑफ़ माउथ हां कि व्हिच इज 5000. में किलर फोन मिल गया तो फिर अपने आप लोग. ढूंढते हुए आ जाएंगे दैट इज़ व्हाट यू थिंक. दैट दैट इज़ व्हाट यू आर डूइंग हम. इंटरेस्टिंग एंड देन Nov क्यों रखा सो. देयर आर टू सीरीज वन इज़ नोवा एंड एंड वंस.
इज़ Pulsh Puls और Nova क्यों? अ आई थिंक. अगेन वैरी पॉपुलर है। Puls कैंडी आती है।. ये तो लग भी नहीं रही है।. व्हाई? द डिज़ सिलेक्शन इज़ आई थिंक इट्स आई. थिंक इट्स अ वेरी आई वुड से मतलब डिज़ाइन. हमने जो चूज़ किए इट्स वेरी कनेक्टिंग टू द. यूथ। सारे कलर्स जो हमने चूज़ किए हैं, वह. सारे यूथफुल कलर्स हैं। एंड.
डेमोक्रेटाइजिंग हार्डवेयर वाज़ माय इंटेंट. फ्रॉम डे वन। आई लाइक द कलर्स। या आई. डेमोक्रेटाइजिंग हार्डवेयर वाज़ माय फर्स्ट. डे इंटेंट एंड फोकसिंग ऑन बिल्डिंग. सॉफ्टवेयर एज अ कंपनी एंड एज अ रेवेन्यू. ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। आपका फोकस है।. दोनों फोकस है। पल्स एंड NOV एक दो सीरीज. है। इसमें और भी आगे नेम नोवा ही क्यों? Puls ही क्यों? कुछ भी रख सकते थे। अ आई. थिंक इसमें भी हम लोगों ने काफी डीप स्टिक. किया था। एंड प्रोब्ली इसमें मैं आपको. बताऊंगा तो इसमें Flipkart का काफी अच्छा. इनपुट आया था। व्हेयर Flipkart हैड दैट.
डेटा व्हेयर दे पर्टिकुलरली फिगर आउट. आफ्टर द डीप स्टिक रिसर्च व्हिच इज़ अ. फील्ड ग्राउंड रिपोर्ट रिसर्च जिससे. उन्होंने किया था कि दिस आर द नेम्स व्हिच. कैन बी मोर पॉपुलर। हम इंटरेस्टिंग। एक. मोबाइल फोन बनता कैसे है? उसमें कहां-कहां. पैसे जाते हैं? ब्रेक इट डाउन। फर्स्ट फोन. डिज़ होता है। हम डिज़ में आप सब कुछ डिजाइन. करते हो कि फोन में डिजाइनिंग का मतलब. सिर्फ यह नहीं होता कि फोन का कलर्स. डिजाइन करना। फोन का पूरा स्ट्रक्चर. डिजाइन करना, टूलिंग किट्स डिजाइन करना।.
इसका फंक्शनिंग कौन से प्रोसेसर के साथ. कैसे होगा वो सब कुछ डिजाइन करना। कि कौन. से फंक्शन के साथ कैसे हम लोग इसको चीपर. ला सकते हैं। सेकंड स्टेज उसका नेगोशिएशन. आता है उसके वेंडर्स के साथ का। ठीक है? थर्ड इसके अंदर जो सारे कंपोनेंट्स आते. हैं जो व्हिच आर द मोस्टेंट थिंग के. कंपोनेंट्स होते हैं जो मेमोरी होती है. अगर मैं पांच बड़े कंपोनेंट्स अगर मैं बात. करूं तो एक मेमोरी कॉस्ट होती है कैमरा. चिपसेट डिस्प्लेस ओके दिस आर द फोर. बिगेस्ट कॉस्ट रेस्ट फिर वुड बी ऑल पुट.
टुगेदर बट ये चार और पांच मिलाके पूरा फोन. बनता है मतलब ये चार जो कॉस्ट है व्हिच. विल कवर अप टू 75% और 80% ऑफ योर कॉस्ट. ठीक है एंड रेस्ट ऑफ़ द अदर स्मालर. कंपोनेंट्स बट दिस आर द मोस्ट मोस्टेंट. थिंग इट वुड बी प्रोसेसर एज आई सेड. प्रोसेसर हो गया कैमरा हो गया आपका. डिस्प्ले हो गया एंड द चिपसेट दिस आर द. फोर बिगेस्ट थिंग्स अ ये होने के बाद में. वंस यू सी कि दिस डिज़ इज फंक्शनिंग विद. दिस पर्टिकुलर ऑल द फोर फाइव आइटम्स एंड. ऑल द फिफ्थ आइटम्स टुगेदर तो फिर आप उसका. असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग के बारे में.
सोचते हो आप हम ओके यू प्रोक्योर द. मटेरियल एंड देन यू असेंबल एंड यू असेंबल. देन व्हिच इज़ करेंटली हैपनिंग इन इंडिया. फॉर अस आल्सो ओके हम इंडिया में ही उसको. असेंब सिंबल और मैन्युफैक्चर करवा रहे हैं. फिलहाल। एंड दैट्स हाउ आई थिंक दिस इज द. एंटायर जर्नी ऑफ़ द फोन। नाउ इसमें. फैब्रिकेटर्स अलग होते हैं, डिजाइनिंग. वाले अलग होते हैं। तो अगर जैसे हमने. कंपोनेंट्स सब जगह से लिया और कंपोनेंट्स. लेके हमने जैसे कैमरा एक कंपनी से लिया, चिपसेट एक कंपनी से लिया, हमने डिस्प्ले.
एक कंपनी से लिया। हमने फिर बाकी सारे. कंपोनेंट्स एक कंपनी से लिया और उनको सबको. आरएडी करके हमने डिजाइन किया एक फोन। फिर. यह सारे फैब्रिकेटर्स आते हैं।. फैब्रिकेटर्स फिर वो सारा फैब्रिकेशन करते. हैं और फिर वो वहां से फिर हम लोग यहां पे. टूलिंग्स और उसके अंदर आते हैं। टूलिंग से. आगे फिर वो लोग हम लोग यहां पे. मैन्युफैक्चरिंग पे आते हैं।. मैन्युफैक्चरिंग से फिर यहां पे असेंबली. में आते हैं। दैट्स हाउ द एंटायर. स्ट्रक्चर वर्क्स। ठीक है? एंड फिर. एक्सेसरीज एंड स्टफ जो इसके साथ आती है कि.
चार्जर होगा या इयरफोनस होंगे। आई डोंट नो. व्हाट ऑल। या द चार्जर हो गया या पिनस हो. गया या उनका ये आई थिंक दैट इज नाउ द. इकोसिस्टम इज ऑलरेडी मैन्युफैक्चरर्ड इन. इंडिया ओनली। ठीक है? राइट? फिर वो. नेक्स्ट एडेड कॉस्ट। दैट्स एन एडेड कॉस्ट. टू इट। तो ये चार्जर को इसके साथ भी वो भी. एक पार्ट ऑफ डिज़ आ जाता है कि आपका चार्जर. को कौन सा चार्जर इसके साथ कंपैटिबल. रहेगा। वो प्रोसेसर के साथ कौन सी स्पीड. पे कंपैबल रहेगा। क्या बैटरी को कितने. टाइम पे स्पीड ऑफ चार्जिंग करेगा। सो. स्पीड ऑफ चार्ज हो गया। उसमें डिस्चार्ज. हो गया। उसके अंदर सारे बैटरी ड्रेन टेस्ट.
आते हैं। सो देयर आर 1000 टेस्ट इन एव्री. सिंगल थिंग। इवन चार्जर के अंदर भी केबल्स. के स्ट्रेस टेस्ट आते हैं कि कितने. न्यूटन्स में उनको हम लोग उसको फोल्ड कर. सकते हैं। सो हाउ मच प्रेशर वी कैन गिव इट. टू मेक श्योर दैट प्रोब्ली दिस चार्जर और. दिस केबल्स आर फंक्शनिंग टू द राइट. स्टैंडर्ड्स। सो वन थिंग व्हिच आई ऑलवेज. वांटेड टू से हार्डवेयर एज अ कमोडिटी. कंज्यूमर्स को उनके प्राइस के हिसाब से. नहीं सोचना चाहिए कि ये सस्ता है तो खराब. होगा और महंगा है तो अच्छा है। इट शुड बी. कंसीडर्ड एज अ कमोडिटी एंड मेक श्योर दे.
प्रोबब्ली बिकॉज़ अगर आपका ओएस अगर Google. ही आपको तीन-ती पांचप साल का अपडेट्स दे. रहा है। एंड एट द सेम टाइम आपको हार्डवेयर. का दो-द साल का वारंटीज है, एक-ए साल की. वारंटीज है, देन यू शुड नॉट बी वरिड बिकॉज़. हार्डवेयर हैज़ बिकम अ कमोडिटी एट दैट. टाइम। हम्म ये समझाया आपने इसमें कितने. मैन्युफैक्चरर्स लगते होंगे फ्रॉम स्टार्ट. टू एंड कि एक ही इंसान सब ये कर देता है. फैब्रिकेशन असेंबली नहीं नहीं देयर आर. थाउजेंड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स. नहीं फॉर यू क्योंकि वुड आप हर जगह जैसे. खरीदोगे या तो वो सब एक ही असेंबली लाइन.
में हो जाएगा कि दो-तीन जगह असेंबली लाइन. पूरा एक ही जगह हो जाएगा ओके सो असेंबली. इन इंडिया हैपेंस एट वन पर्टिकुलर पॉइंट. बट द कंपोनेंट्स वाले जो होंगे वो कम से. कम अराउंड 280 से 300 अलग-अलग कंपोनेंट. सप्लायर्स होंगे आपके लिए बट उनसे आप. थोड़ी डील करोगे वैसे तो मैन्युफैक्चरर. डील करेगा ना ओ वी बीइंग एंड ओईएम वी विल. डील वि द मेजर फोर सप्लायर्स राइट आप. छोटे-छोटे कंपोनेंट्स आप अगर आपको इसके. अंदर अगर आपको अरेंज नहीं करनी है तो आप. नहीं करोगे आप सिर्फ डिजाइन करके वो. कंपोनेंट्स वाले को दे दोगे कि भाई आप बना. के मुझे दे दे दैट्स हाउ इट इज बट आप.
क्योंकि कर रहे हो तो इसलिए यू आर. इन्वॉल्वड इन द यू हैव प्रोसेस ओके अगर. ₹100 का फोन बनता है कॉस्ट प्राइस कहते. हैं 100 ₹100 का बनता है तो कितने कितने. रुपए किस में लगते हैं कॉम्पोनेंट्स कितने. रुपए का होगा कैमरा और ये बाहर की चीजें. कितने रुपए की होगी. चार्जर वगैरह कितने का होगा? डिजाइन कलर. कितने का होगा? सबसे महंगे इसमें. डिस्प्लेस होते हैं और सबसे महंगे इसके. अंदर मेमोरीज होती है। ओके। तो ₹100 का. फोन कितने का डिस्प्ले होगा? मैं आपको वही. बता रहा हूं कि आपका चिपसेट जो होता है. चिपसेट.
25% के आसपास रहेगा। अराउंड एंड डिपेंड्स. ऑन योर जीटीएम प्राइसिंग आल्सो। बट 25% के. आसपास आपका ये चिपसेट रहेगा। आपका जो. मेमोरी रहेगी वो अराउंड 12 से 15% के बीच. में रहेगी। ये डिस्प्ले इस अराउंड 12 से. 15% के आसपास रहेगा। ओके? राइट? सो आई. थिंक ये 50 50 55% ही हो गया। 50 55% ही. हो गया। चार्जर एक्सेसरीज चार्जर. एक्सेसरीज आई थिंक दे आर वै चीप। चार्जर. अगर आप बात करोगे 1% हाफ% चार्जर वुड बी. हार्डली 1.5%.
ऑफ द एंटायर प्रोडक्ट कॉस्ट हार्डली। ठीक. है? सो इट डजंट इट्स नॉट दैट एक्सपेंसिव. कैमरा। कैमरा मॉडल्स आर एक्सपेंसिव। कैमरा. मॉडल्स अराउंड वही ही जाते हैं कि अराउंड. वुड बी अराउंड 10% ऑफ योर कॉस्ट 10 टू 15%. ऑफ़ यो फिगर डिपेंडिंग ऑन द लेंसेस व्हाट. यू आर ट्राइंग टू बाय ऑलमोस्ट 60 65% मतलब. आई वुड से रफली इफ यू आर बाइंग अ बेटर. कैमरा वुड बी 75 ओके सो दिस इज़ समथिंग. व्हिच आई वुड से के रफली अराउंड 70 टू 75%. दिस आर द मेजर फोर कंपोनेंट्स और फाइव. कंपोनेंट्स व्हिच कवर्स अप एवरीथिंग बाकी.
सारे जो एसिलरीज है कि ये कलर है या आउटर. बॉडी टू लिंक्स है वो सब चीज ये कितने. परसेंट होती बाकी का 20% ओके सब छोटे-छोटे. छोटे छोटेोट एंड इन छोटे-छोटे में सबसे. बड़ा कॉम्पोनेंट क्या होगा जिसका अ आपका. बॉडी रहेगा तो बॉडी वुड बी 5% और लेस. अराउंड 3 टू 5% या ओके दैट्स हाउ इट इज़ सो. ये यही है ये ₹100 का तो अभी ये ₹100 का फ़. बना। सो यही मैं आपको बताऊंगा अगर आपका. चिपसेट 25% है। आपका कैमरा मॉड्यूल आपका.
10 से 15% हो गया या 20% मेंबर पकड़ लो।. आपका मेमोरी अराउंड 15 से 20% हो गया। दिस. कवर्स अप योर कॉस्ट रफ्ली अराउंड 60 60. 70% एंड देन इफ यू सी अदर कंपोनेंट्स. व्हिच इंक्लूडिंग डिस्प्लेस इट विल कवर अप. टू अराउंड 75 80% ऑफ योर कॉस्ट ऑफ दिस फोर. मेजर कंपोनेंट्स रेस्ट ऑफ द कंपोनेंट्स आर. छोटे-छोटे स्माल अब ₹100 का फोन बना अब ये. बिकता कितने में है डिपेंड्स ऑन द. स्ट्रेटजी ऑफ़ अ ब्रांड जैसे अगर आप ऑफलाइन.
में हो तो आप 100 का 170 करोगे 180 करोगे. या 100 का मैं कंपिटिटिव ब्रांड्स की बात. कर रहा हूं जो सारी कमपीट करती लेट्स से. Apple और वो फैंसी Samsung दे वुड ₹100 की. चीज़ में बेचेंगे प्रोब्ली। आई डोंट नो. व्हाट इज द कॉस्ट। राइट? सी आई वुड से. देयर वाज़ अ वै सिंपल थिंग व्हिच माय कॉलेज. प्रोफेसर टोल्ड मी वंस हम के स्ट्रेटजी. कुछ बड़ी चीज नहीं होती। हम लोग स्ट्रेटजी. को कॉम्प्लीमेंट करते हैं। ये सिर्फ. विलिंगनेस टू बाय और विलिंगनेस टू पे होता. है कंज्यूमर का। इसके जो डिफरेंस होता है. ना यही आपका प्रॉफिट है। हम जो आप ब्रांड.
बना लोगे क्योंकि Apple का विलिंगनेस टू. पे हम इज़ हाई। इज़ हाई। ट्रू। सो वो उनका. प्रॉफिट है। हम आपका जितना कंज्यूमर का. विलिंगनेस टू पे हाई होगा दैट इज योर. प्रॉफिट। विलिंगनेस टू सेल मतलब आपके. सप्लायर्स आपको क्या प्राइस में आपको. बेचना चाहते हैं इंक्लूडिंग योर मैन पावर. व्हाई दे वांट टू वर्क फॉर यू? तो वो आपके. लिए वो ज्यादा कम हो गया तो आपका वैल्यू. चेन और सस्ता हो गया। हम और आपका. विलिंगनेस टू कंज्यूमर्स आपका ज्यादा हो. गया टू पे। हम सो व्हिच इज़ योर. प्रॉफिटेबिलिटी। या दैट इज़ हाउ द डिफरेंस.
इज़। सो सारे ब्रांड का होता सेम ही है बट. इट्स ऑल अबाउट कंज्यूमर्स विलिंगनेस टू पे. फॉर अ पर्टिकुलर ब्रांड वो उनके लिए. प्रॉफिट है। फेयर राइट बट ऑन एन एवरेज. कमटिंग ब्रांड्स कितना पे कितने में बेचती. होंगी? ₹100 का चीज़ ₹100 ₹170 ₹200 ₹200. करेंटली एट दिस मार्केट इज़ गोइंग एट 100. कॉस्ट व्हिच इज़ 200 बिकॉज़ ऑफ़ द GTएम. एक्सपेंडिचर्स व्हाट दे आर ट्राइंग टू डू।. तो अब ये ₹100 GTएम एक्सपेंडिचर ब्रेक इट. डाउन फ्रॉम। इसमें फर्स्ट ऑफ ऑल रिटेलर्स. मार्जिनस आ जाते हैं व्हिच वुड बी रफली. अराउंड 8 टू 10% हो जाते हैं। ठीक है? देन.
देयर वुड बी स्कीम कंपोनेंट्स व्हिच वुड. बी अनदर 10 और 15% देन देयर वुड बी अनदर. रोपेक्स कॉस्ट व्हिच वुड बी पुटिंग अप द. मैनपावर इन द शॉप्स एंड एवरीथिंग व्हिच. वुड बी अनदर 10 और 15% ठीक है अ एट द 40%. कर दिया कवर. 50 हो गया रफली अगर आप समझिए कि आपका 10%. फर्स्ट ऑफ ऑल मार्जिन हो गया हम आपका 10%. से 15% सेल स्कीम हो गया आपके ओके सो. व्हिच इज अराउंड 25% कि 30 30 मोबाइल बेचो. तो तुम्हें ये मिलेगा 15 बेचो तो भी.
मिलेगा। हां, दिस आर द टाइप ऑफ़ द स्कीम्स।. हां, हां। ब्रांड्स ऑलवेज कीप 10% फॉर. ईओएल। ईओएल मतलब हम लोग एंड ऑफ लाइफ डील्स. बोलते हैं उसको। एंड ऑफ लाइफ के लिए आपको. हमेशा प्राइसिंग के लिए कुशन रखना पड़ता. है। 10% वहां रखते हैं। हां। तो 10% वहां. पे रखते हैं रफली। तो अराउंड 35% वहां पे. हो गया। एंड ऑफ लाइफ मतलब कि यह फोन अगर. आपका समझ लीजिए नया जनरेशन आ रहा है तो. आपका पुराने जनरेशन को आपको खाली करना. रहेगा। समझ लो आपका AI प्लस का फर्स्ट. जनरेशन आ रहा है तो मैं सेकंड जनरेशन को. लाने वाला हूं तो मुझे फर्स्ट जनरेशन को.
फ्लश आउट करना पड़ेगा मार्केट से सेल आउट. करना पड़ेगा फ्रॉम द कंज्यूमर्स पॉइंट ऑफ. व्यू तो मुझे उसको फ्लश आउट करने के लिए. मैं कुछ मार्जिन रखूंगा दैट इज़ गॉट इट ठीक. है दैट्स अ ईओएल दैट्स एन ओएल राइट व्हिच. इज़ एंड ऑफ़ लाइफ डील्स ठीक है सो वो एंड ऑफ़. लाइफ के लिए भी हम लोग 10% का कुशन रखते. हैं स्टार्ट हो गया ये स्टार्ट हो गया एंड. अपार्ट फ्रॉम दैट इफ यू सी देन देयर वुड. बी डिस्ट्रीब्यूशन मार्जिनस दे अभी भी. लेयर ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूशन के ऊपर भी. डिपेंडेंट है। दैट वुड बी रफली अराउंड 10%. अगर दो लेयर डिस्ट्रीब्यूशन है तो अराउंड. 7 टू 10% के बीच में वो अलग से चला जाता.
है। ओके? तो ये 17% डिस्ट्रीब्यूशन मान चल. जाएगी। नहीं टोटल मिला के टोटल मिला के. किसी को चार दोगे, किसी को छह दोगे, किसी. दोगे अगर छोटा डिस्ट्रीब्यूटर है जो मेन. डिस्ट्रीब्यूटर के अंदर है तो उसको दो दे. दिया आपने। गॉट इट। बड़े वाले को चार दे. दिया। स्टेट वाले को चार दिया। ज़ोनल. डिस्ट्रीब्यूटर्स को।. सी एंड है फिर डिस्ट्रीब्यूटर एंड देन. लेयर्स ऑल द लेयर्स विल बी कवर्ड इन 10%. अच्छा सारी लेयर्स एंड देन रिटेलर वुड बी. 10% अनदर तो 20% आपका डिस्ट्रीब्यूशन. मार्जिन डिस्ट्रीब्यूशन मार्जिनस हो जाता.
है दैट्स हाउ 20% अगर आपका डिस्ट्रीब्यूशन. मार्जिनस है 10% यूएल के लिए आप रखोगे 30%. और 10 15% आप स्कीम्स के लिए रखोगे फॉर. सेल आउट स्कीम्स के लिए व्हिच इज अराउंड. 45 50% देन प्रॉबब्ली यू विल कीप फॉर लाइक. आई सेड फॉर द डिस्ट्रीब्यूशन मार्जिन आई. हैव ऑलरेडी सेड दैट अराउंड 10% या व्हिच. वुड बी अराउंड 60% मार्केटिंग कॉस्ट इसप. तो मार्केटिंग कॉस्ट वुड बी अराउंड 10 टू. 12% सम डिपेंड्स कोई ब्रांड 7 से 10 के. बीच में रखते हैं इफ यू एन ऑफलाइन ब्रांड. तो नॉर्मली 7 से 10% आपका मार्केटिंग.
कॉस्ट आ जाता है डिपेंड्स अगर आपका. वॉल्यूम हाई है तो ये परसेंटेज छोटा होता. जाता है ऑब्वियसली राइट सो अगर आप 2000. करोड़ का धंधा कर रहे हो तो अगर आपके लिए. अगर आपको तो भी 1000 करोड़ का धंधा करना. है तो 5% हो गया आपका मार्केटिंग कॉस्ट सो. मार्केटिंग कॉस्ट 1000 करोड़ वैल्यू बड़ा. दिखेगा पर वो 5% कंपनी के पीए पीएनएल पे. हिट आता है बचा है। सो व्हिच वुड बी रफली. हेंस द स्केल ऑफ़ इकोनमीज़ इकोनमीज़ ऑफ़. स्केल्स आर एक्सट्रीमलीेंट। तो अगर आप बड़ा. धंधा करते हैं तो मार्केटिंग पुल ऐसे ही. ऑटोमेटिकली बन जाता है। सो व्हिच वुड बी. रफली अराउंड से फॉर एग्जांपल बिटवीन 7 और.
10% ठीक है? इंक्लूडिंग द प्रमोटर कॉस्ट. एंड एवरीथिंग आई एम ट्राइंग टू से। तो ये. 70- 80% तक रफ्ली आता है। 70 80% एंड दैट. 20 25% इज़ देयर मार्जिनस। इज़ अ प्रॉफिट. मार्जिन। प्रॉफिट मार्जिन या ग्रॉस. प्रॉफिट। इट्स अ नेट प्रॉफिट। यू कैन से. क्यों? कॉम्पोनेंट कॉस्ट कहां से निकाली. सर? कंपोनेंट तो मैंने ₹100 में पहले ही. कवर कर लिया ना। अच्छा ₹200 वो बोल कॉक्स. के ऊपर ही हमने ₹100 कॉक्स के ऊपर ही हमने. किया ना सर। हम ठीक है। कॉस्ट के ऊपर अगर. मैंने 70 का हां सर दिस इज़ नेट व्हिच विल. गो बट नेट भी नहीं होगा क्योंकि आई थिंक.
इसमें एडमिन कॉस्ट अभी ऐड होगी। सर वो. हार्डली आता है। अगर आपका एडमिन कितना. जाएगा? कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर कॉर्पोरेट. कॉस्ट वगैरह सब ये सब आधा% से भी कम। आधा. 1% से ज्यादा नहीं जाता। तो मोस्टली ये. नेट प्रॉफिट 20% 25% का से 25% का नेट. जाता है वैसे। आप जैसे बिगिनिंग में तो. आपके पास कोई सेल्स नहीं है तो मार्केटिंग. पे कितना स्पेंड करते हैं? सी दैट इज द. रीज़न हियर अगेन द पार्टनरशिप कम्स इंटू. पिक्चर।. मैं तो फिर फ्री में करूंगा। फ्री में. नहीं करूंगा। बट यस आई थिंक द टेबल्स हैव. टर्न फ्रॉम 2080 हम राइट? बट यस इट इज़ नॉट.
अबाउट बीइंग फ्री। हम् इट इज़ अबाउट नाउ आई. हैव टू फिगर आउट द सशंस एंड व्हाइल देयर. सपोर्ट्स आर एक्सट्रीमली डिटरमेंटल के वो. है बट एट द सेम टाइम वी हैव टू फिगर आउट द. वेज़ ऑफ़ डूइंग दिस थिंग्स ओके इंटरेस्टिंग. नाउ मैं एक कस्टमर हूं मैं मेरी कैपेसिटी. है ₹5000 के फोन खरीदने की बहुत ही बेसल. मुझे आपके कुछ जारन समझ नहीं आते और मुझे. कोई फर्क नहीं पड़ता आप कुछ भी बोलो कौन. सी कंपनी मुझे इंडियन कंपनी दे रही है.
चाइनीस कंपनी दे रही है जैपनीज कंपनी दे. रही है मुझे कोई फर्क. मुझे ₹000 में बढ़िया चाहिए। मुझे क्या. समझाओगे? आप क्या बोलोगे कि मैं आपका. क्यों लूं? इसके लिए टेक्नोलॉजी कभी भी. कॉम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए। वो इंडिया, चाइना, जापान, कोरिया कंज्यूमर्स को कोई. फर्क नहीं पड़ता है। सबसेेंट है कि आप वो. जो प्राइस पॉइंट पे जो स्पेक्स दे रहे हो. उनको क्या चाहिए जो आपने स्टार्टिंग में. बताया कि ड्यूरेबल फोन चाहिए जो कभी हैंग. नहीं होना चाहिए। हम और उनको वो साथ में. पीस ऑफ़ माइंड चाहिए। तो अगर आप हाईएस्ट और.
लेटेस्ट पैक्स देते हो व्हिच मींस कि अगर. आज के दिन में अगर आप Android 15 इन द. बॉक्स दे रहे हो व्हिच इज़ आउट ऑफ द बॉक्स. फ्रॉम डे वन जो यह प्राइस पॉइंट पे कोई भी. देता नहीं है। पॉइंट नंबर टू अगर आप हाई. रैम रोम देते हो जिसकी वजह से आपका फोन. कभी हैंग होता नहीं है। क्योंकि. कंज्यूमर्स को एक्सप्लेन करने से ज्यादा. अगर आप पहले ही एज अ ब्रांड अगर आप पहले. से हाई हाई रैम और रोम दे दोगे तो उनका. फोन कभी हैंग ही नहीं होगा। आप 50. मेगापिक्सल का कैमरा दे दोगे व्हिच 50. मेगापिक्सल कैमरा 50 मेगापिक्सल कैमरा इस.
राइट व्हिच इज फाइंड ट्यून वि द हार्डवेयर. तो 50 मेगापिक्सल कैमरा दे दोगे तो उनके. लिए जो सोशल लाइफ है उनका वो कभी. डिस्ट्रैक्ट नहीं होगा आप कंज्यूमर के. सारे पेंट पॉइंट्स को अगर आप टच करते हो. तो 5000 एमh की बैटरी दे दोगे एंड विथ अ. बेटर बैटरी लाइफ फॉर मोर देन से डेज तो. आपके लिए वो चीज उनके लिए कभी भी स्विच. ओवर करने के लिए कभी भी तकलीफ नहीं होगी।. उनके तीनचार बड़े पेन पॉइंट्स होते हैं कि. एक मैं सेल्फी अच्छा ले सकूं। एक मेरा. फोटोग्राफ्स अच्छे आए। सेकंड होता है कि. मेरी बैटरी लाइफ अच्छी चले। थर्ड है कि.
फोन कभी हैंग नहीं होना चाहिए। दिस आर द. बेसिकली कंज्यूमर पे पॉइंट्स बिलो ₹10,000. हम अबव 10,000 उनको आ जाएगा कि बेसिकली. मुझे एक गेमिंग फोन चाहिए जो मैं सारे. 120fps पे गेम खेल सकूं। वैसे सारे गेमिंग. फोन चाहिए। अबव 25,000 ये आ जाएगा कि सर. मैं कैसे उसको एक लाइफस्टाइल फोन बना. सकूं। अबाउट 25,000 इंडिया में लाइफस्टाइल. हो गया। हम बिकॉज़ 15,000 एंड बिलो आर 70%. ऑफ़ द इंडिया मार्केट या एंड 15,000 एंड. अबव इज़ जस्ट जस्ट 30%.
राइट या एंड उसी 30% में देयर आर लार्ज. ब्रांड्स। दे आर लार्ज। लोग अपनी बजट से. बाहर फोन क्यों खरीदते हैं ईएमआई पे? अ दो. रीजन से एक फोन आपके लिए स्टेटस सिंबल हो. गया है। आपके लिए मोर देन अगर मैं किसी. iPhone यूजर को पूछूंगा कितना मेगापिक्सल. कैमरा है किसी को नहीं पता। पता ही नहीं. है। बट इट इज़ बिकम अ लाइफस्टाइल. शो कॉज कि आप एक चीज अफोर्ड कर पाते हो।. इट हैज़ बिकम अ थिंग फॉर यू टू हैव नॉट एज.
अ यूटिलिटी। तो बहुत लोगों को अभी. यूटिलिटी की भी जरूरत है। और अबाउट 25,000. इज़ मोर ऑफ अ लाइफस्टाइल देन अ यूटिलिटी।. कि आप एक ब्रांड खरीद रहे हो तो अबाउट. 25,000 इज ऑलवेज अ ब्रांड सब बस जिसकी. जितना बजट है जितनी ईएमआई अफोर्ड कर सकते. हैं लोग वो ले रहे हैं। एंड दीदी इट्स. राइट टू बाय फ़. जस्ट फॉर स्टेटस आई हैव सीन पीपल आई हैव. सीन डेज इन वर्चू वर्तु फोन आता था.
रिमेंबर राइट वो जो वर्तु फोन आते थे. इंडिया में हार्डली बिकते थे मैंने देखा. हुआ है लोग सिर्फ एक मीटिंग के लिए खरीदते. थे दिखाने के लिए कितने रुपए के फोन आते. थे वो वो ₹1.5 लाख 2 लाख का फोन आता था. वर्तु और कुछ भी नहीं होता था ना डब्बा. फ़ोन था वो इट्स अ बार फ़ोन दैट्स इट इट्स अ. बेसिक बार फ़ोन था वो एंड कुछ नहीं था. उसमें बट पीपल यूज्ड टू बाय बिकॉज़ इट वाज़. अ स्टेटस सिंबल। आप मीटिंग में जाके रख. रहे हो। इट वाज़ अ स्टेटस सिंबल। सो इट इज़. मोर ऑफ़ अ लाइफ स्टाइलाइल। सो एनीथिंग. अबाउट 25,000 मैं एक बोलता हूं कि लोग. सिर्फ ब्रांड खरीद रहे हैं। एज अ स्टेटस.
सिंबल एस नॉट एज अ यूटिलिटी।. लॉट ऑफ़ पीपल थिंक कि महंगा है तो अच्छा ही. होगा। अच्छा ही होगा। अच्छा है कि नहीं है. वो पता नहीं है। बट अच्छा ही होगा। बट कुछ. तो फीचर्स होते ही होंगे महंगे वैल्यू. में। कुछ तो बेटर होता ही होगा। तभी बिक. रहा है। 100% देयर आर चिपसेट्स। बट आपको. आप 80% ऑफ द फोंस आप किसके लिए यूज करते. हो? अगर आप देखोगे हमारे पास वो डाटा है।. योर 75% टू 80% ऑफ़ द फोंस आर ऑन कॉल्स, मैसेजेस एंड सम ऑफ़ द कैमरा एप्स। दैट्स.
इट। तो आपका मैसेजिंग और कॉल्स में ही. आपका मेजॉरिटी यूटिलिटी है। आई एम टॉकिंग. अबाउट पीपल हु आर हैविंग मोर देन ₹25,000. ₹30,000 फोन। उनके पास गेमिंग खेलने का. टाइम नहीं है। हम दे आर वर्किंग. प्रोफेशनल्स हो गए या तो बिनेसमैन हो गए।. सो या वेरी फ्यू कॉलेजेट्स हो गए बट उनके. पास ज्यादा टाइम नहीं है कि वो लोग जाके. गेम खेलेंगे तो उनके लिए मेजर यूटिलिटी. क्या है व्हिच इज कॉल्स एंड मैसेजेस हम और. कॉल्स और मैसेजेस के लिए आपको इतना हाई.
एंड चिपसेट की जरूरत चाहिए भी नहीं तो. व्हाट इज द पॉइंट एंड इट्स ऑल स्टेटस. ड्रिवन मार्केट और जो बिलो 25000 है वो. यूटिलिटी ड्रिवन मार्केट है तो आप जो फोन. बेच रहे हो उसमें लोगों को सिर्फ ये जानना. है कि हैंग तो नहीं होगा कैमरा कैमरा. अच्छा है और मेरे को बैटरी लाइफ अच्छी और. मेरा फोन बढ़िया चलते रहे और वो वारंटी और. सर्विस मिलती रहे बस बस दिस इज द बेसिक. चीज जो मुझे चाहिए दिस इज फॉर एव्री. कंज्यूमर बट दिस इज द बेस फॉर ए्री. कंज्यूमर इवन अ पर्सन जो 300 का फोन जो.
बाय करता है उसके लिए उसको भी यही चाहिए. एक्चुअली यही चाहिए ये तो बेस लेवल है. कंसीडर करके जाऊंगा मैं कि इतना तो इतना. तो मुझे मिलेगा ही मिलेगा. इट्स अ बेस टेल मी अ डर्टी टैक्टिक जो. बड़ी कंपनीज़ यूज़ यूज़ करती है छोटी. ब्रांड्स को किल करने के लिए। इंटरनेशनल. ग्लोबल कंपनीज़ करती है जो इंडियन ब्रांड्स. को किल करने के लिए नॉट ओनली इंडियन. ब्रांड्स वो लोग किसी भी कंप्यूटिंग. ब्रांड्स को करेंगे। क्या ऐसा नहीं है कि. वो लोग इंडियन इंडिया नहीं करेगा। चाइनीज़.
चाइनीज़ चाइनीज़ को भी कर सकता है। सो. टारगेटिंग वन इज़ आज के दिन में परफॉर्मेंस. मार्केटिंग आ गया है। जो टारगेटिंग हो. सकता है, रीिटारगेटिंग हो सकता है। मैं. आपके डिवाइस के ऐज के साथ आपको बता दूंगा. कि आप कौन सा यूजर हो। कितनी बैटरी लाइफ. है, कितने बैटरी साइकिल्स हैं आपके पास।. सो एज अ ब्रांड आई वुड नो एवरीथिंग। राइट? इफ आई हैव द डेटा आई कैन टारगेट यू। अगर. मुझे पता है कि आपके पास बैटरी साइकिल्स. अभी कितनी बची हुई है। चार्जिंग साइकिल्स. कितनी बची हुई है। आपके पास अभी कैमरा का. कितना आउटपुट आ रहा है। आपका रैम रम का. परफॉर्मेंस क्या है? और आपकी डिवाइस की ऐज.
कितनी हो गई है। क्योंकि इंडिया में. नॉर्मल डिवाइस रिप्लेसमेंट एज अभी 18 से. 36 मंथ्स के बीच में है। ओके? सो इट हैज़. इंक्रीज्ड बिकॉज़ के ओएस अभी अपडेट्स अभी. ज्यादा आते हैं। तो 24 मंथ से 36 मंथ्स का. रिप्लेसमेंट सल इंडिया में आ गया है।. व्हिच मींस के कोई भी अगर आदमी एक फोन. लेता है तो अगला बाद जो नेक्स्ट फोन है वो. 24 महीने के बाद लेगा। ठीक है? सो द. कॉम्पटीशन वॉच आप जो बता रहे हो वो. रीिटारगेटिंग आ जाते हैं। तो 24 महीने बाद. आपके यूजर को रीटारगेट करता है।. रीटारगेट्स कर सकते हैं। ऐसा कॉम्प मान लो. मेरे पास एक्स कंपनी का फोन है। Y कंपनी.
को कैसे पता कि मेरे फोन की इतनी बची हुई. है? आपके पास आज के दिन में तो सारे. एनालिटिक्स है। वही तो मैं आपको बता रहा. हूं कि डेटा एनालिटिक्स क्या होता है।. आपकी एज ऑफ डिवाइसेस, आपकी बैटरी हेल्थ, आपके सारे टेलीमेटिक्स जो परफॉर्मेंस जो. भी है आपका ऐप यूसेज डेटा सब चीज सबके पास. होती है। तो उनके रीिटारगेटिंग करना इजी. हो जाता है। सो दैट्स वन वे। दैट्स वन वे. ऑफ़ डूइंग इट। सेकंड वे है कि आप जहां से. आप खरीदते हो पॉइंट ऑफ सेल्स। पॉइंट ऑफ. सेल से फॉर एग्जांपल मेरा मेरा पॉइंट ऑफ.
सेल है या मेरा पॉइंट ऑफ परचेस है. Flipkart या Amazon है उनके पास डेटाज़. रहते हैं कि कितने डिवाइसेस कौन से साल. में किसने कौन से ब्रांड्स ने खरीदे थे. कौन से रीटारगेटिंग्स हो गए दैट इज़ अनदर. वे कि मतलब दे कैन डू इंटरनली दे हैव देयर. ओन डेटाबेस व्हिच दे कैन यूज़ इट बिकॉज़ इट. इज़ बॉट फ्रॉम देम सो दे कैन यूज़ इट तो ये. सेकंड वे हो जाता है। दैट इज़ आई थिंक दिस. हैज़ बिकम वन ऑफ़ द मोस्टेंट टूल फीचर के. भाई आप रीटारगेट करके कैसे आप उनको कैसे. ले सकते ले सकते जैसे आई विल गिव एन. एग्ज़ांपल। तो मैं कंज्यूमर गुड्स किया है।.
तो कंज्यूमर गुड्स में अह फ़ास्ट मूविंग. एफएमसीजी में हम वहां पे बड़ी ब्रांड्स. कैसे किल करती है ऑनलाइन एंड ऑफलाइन।. ऑफलाइन में क्या करती है? जो बड़े रिटेलर्स. होते हैं वहां पे आपको शेल स्पेस नहीं. लेने देती। हम राइट? तो अगर आप मेरी एक्स. कंपनी है मैं जाके देता हूं तो बड़ी कंपनी. क्योंकि उनके 50 और प्रोडक्ट्स आते हैं।. वो रिटेलर को बोलती है कि भाई इसको अगर. लगा रखा तो 50 चीजों की सप्लाई कम हो. जाएगी। वो आपको बाहर कर देते हैं। तो आपको. कभी शेलफ स्पेस ही नहीं मिलती। राइट? राइट? सो दैट इज वन वे दे डोमिनेट। सेकंड. वे है ऑनलाइन जो आपने जैसे बताया कि डील.
ऑफ द डे और ये सब जो बड़े-बड़े फेस्टिवल्स. होते हैं ऑन Flipkart एंड Amazon उस टाइम. पे आई डोंट नो हाउ वो उनको पता होता है कि. हम किस प्राइस पॉइंट में क्या ऑपरेट कर. रहे हैं। वो हमारी डील से बेटर डील्स आती. हैं। वो हमको थ्रेश कर देते हैं।. डायनेमिकली हर बार अगर आप कुछ ₹500 की चीज़. बेच रहे हो। वो सेम चीज़ का सब तुमसे बेटर. ऑफर 3300 में कर देंगे। क्योंकि उनकी. पॉकेट बड़ी है कि आपको खत्म कर दो। यू वोंट. बी एबल टू सर्वाइव। सो प्राइस वॉर ये दो. वेज़ से आप छोटी ब्रांड्स टिक ही नहीं पाती.
क्योंकि उनके पास अनलिमिटेड बर्न कैपिटल. होता है। बर्न ही करते जाओ, करते जाओ, करते जाओ कब तक ये खड़ा रहेगा। यस दैट्स वन. ऑफ़ द वे बट आई थिंक उनसे भी ज्यादा मोर. देन द कंपटीशन उनको अपना भी सर्वाइवल. चाहिए। द वे आई लुक एट इट के इट्स अ. सर्वाइवल ऑफ़ द फिटेस्ट है। अग्री के मैं. सिर्फ इसको कंपटीशन नहीं मानता हूं। उनको. भी जरूरत है सेल्स बढ़ाने की। सबके हर साल. के टारगेट्स बढ़ते ही जाते हैं। तो अगर हर. साल के टारगेट्स बढ़ेंगे तो किसी ना किसी. का तो सेल आपको खाना ही पड़ेगा। हम सो आई.
डोंट सी दैट एज अ डर्टी टेिक्स बट आई सी. दैट इज समथिंग व्हिच दे वांट टू डू टू मेक. श्योर कि उन्होंने अपने टारगेट्स और अपने. केपीआई अचीव करे हुए हैं। मान लो अगर. कैपिटल वाज़ नॉट अ प्रॉब्लम। ठीक है? कोई. ना कोई इंसान है वो बड़ा पैसा डालने के लिए. रेडी है। एंड बड़ा भी आई वुड नॉट गो टू. 70,000 करोड़ बिकॉज़ देन वो प्रोबेब्ली. कॉन्वर्सेशंस अलग लेवल पर कर रहे होंगे।. 50 करोड़, 25 करोड़ यह वाली आप बोल रहे हो. 1 टू 50 करोड़ वो किसी आपके जैसे मोबाइल. फोन मैन्युफैक्चरर के साथ या स्मार्टफोन. ब्रांड के साथ पार्टनरशिप करके कोई.
स्पेसिफिक चीज नहीं बना सकते। कर सकते हैं. डेफिनेटली आरं देयर ओपोरर्चुनिटी समथिंग. लाइक दैट 100% देयर यस व्हाई नॉट बाइंग अ. स्टेक इन द कंपनी बी अ पार्ट ऑफ़ इट। आई. थिंक इट इज ऑलवेज एडवाइबल बिकॉज़ इंडिया. में एक भी स्मार्टफोन ब्रांड नहीं है। अगर. इंडिया में स्मार्टफोन ब्रांड का. इकोसिस्टम बनता है एंड समबडी वांट्स टू बी. अ पार्ट ऑफ इट। समथिंग इस गोइंग टू बी. नेक्स्ट बिग स्टोरी। सबसे बड़ी स्टोरी होगी. आगे इंडिया में अगले 5 साल के अंदर। अगर. इंडिया से कोई स्मार्टफोन ब्रांड ग्लोबली. स्केल कर पा रहा है तो। बिकॉज़ अभी तक एक.
भी ब्रांड लास्ट 10 साल में अभी एक भी. बिहार नहीं आया अभी तक। हम चलो ऑल द. बेस्ट। यू शुड बी द वन। ट्राई डूइंग इट।. विद ए प्लस एंड नेक्स्ट क्वांटम दैट्स. व्हाट आई वांट टू डू यस। आई होप यू शुड बी. एबल टू डू इट। ऑल द बेस्ट सर। जब 90. कंट्रीज में एक्सपेंड कर लोगे फिर हम. वापिस बैठेंगे। फॉरगेट 90 व्हेन यू व्हेन. यू एक्सपेंड इट टू यू नो गिव मी अ लेट्स. लेट्स गिव इट अ गोल टू ईच अदर। 15 कंट्रीज. एंड वी विल सीट डाउन। वी विल हैव अ. कन्वर्सेशन अगेन। डन। डन। 15 कंट्रीज के.
बाद वी विल प्रोबब्ली ट्वीट, मीट समवेयर. एंड वी विल हैव अ कन्वर्सेशन कि कहां पे. पहुंचा। हम ल्च करने जा रहे हैं इंडिया. में ही। सो ऑल द बेस्ट। आई होप कि जो नंबर. आपने बोला वो नंबर अचीव हो जाए ज्यादा ही. हो जाए। एंड लेट मी नो इफ वी कुड बी ऑफ़. एनी हेल्प। इट वास प्लेजर हैविंग यू। थैंक. यू सो मच। लाइक नाइस। थैंक यू वैरी मच। वी. हैव ऑफिस पूजा टुडे। हां बाई।. कांग्रेचुलेशन। थैंक यू सर। ऑफिस यार।. थैंक यू। कॉल मी सर। प्लीज। हाय माधव। आई. जस्ट कॉल एवरीबडी सर। इवन इन माय टीम आई. गॉट। कॉल मी माधव यार। आ जाओ। मोर.
कम्फर्टेबल राइट? कैन आई ईट? लाइक मैंने. ब्रेकफास्ट नहीं किया था। जस्ट 2 मिनट्स. आई विल जस्ट ईट डन। डू यू वर्कआउट? या, आई. डू? आर यू वन ऑफ दोज़ हेल्दी ईटर्स और यू. आर लाइक नो मार्केट। आई ओनली वर्कआउट फॉर. जंक। थैंक यू सो मच यह एपिसोड एंड तक. देखने के लिए। अब आपको तीन चीजें करनी है।. सबसे पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो. क्योंकि जितना आप सब्सक्राइब करोगे उतने. ही बेहतर और वैल्यूुएबल गेस्ट हम ला. पाएंगे आपके लिए। नंबर टू, मुझे कमेंट्स. में बताओ इस एपिसोड में आपको क्या अच्छा. लगा और क्या गंदा लगा? ताकि हम वो.
मिस्टेक्स रिपीट ना कर पाए। एंड कौन से. ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते हो वापस. हमारे पॉडकास्ट पे ताकि हम उन्हें लेके आए. और आपको ज्यादा से ज्यादा वैल्यू दे पाए।. एंड नंबर थ्री यह एपिसोड किसी एक इंसान के. साथ जरूर शेयर करना क्योंकि वन कन्वर्सेशन. कैन चेंज समवन्नस लाइफ। आ विल सी यू. नेक्स्ट टाइम अंटिल देन कीप फिगिंग आउट।.
