Sohum Shah On Tumbbad, Bollywood's Downfall, SRK, Nepotism & Life | FO318 Raj Shamani
रिरिलीज में तुंबाड इज द हाईएस्ट अर्निंग. मूवी रॉकस्टार से ज्यादा कमाया यह जवानी. है दवानी से ज्यादा कवाए हैं हम समझ नहीं. रहे ऑडियंस चेंज हो रही है. हमारी आज से 1015 साल पहले क्या था कि कुछ. लोगों के द्वारा ही सिनेमा कंट्रोल किया. जाता था बहुत सारे अभी प्रोडक्शन हाउसेस. दे आर शटिंग डाउन आई वाज रीडिंग कि बहुत. बड़ा प्रोडक्शन हाउस है इंडिया में हजार. करोड़ टर्नओवर था 10 करोड़ उसका प्रॉफिट. बना पैशन की जगह प्रोजेक्ट बनने लग पिछले. डिकेड में कोई एक ऐसा एक्टर स्टार बना है.
जिसके साथ आप ये अशोर कर सको कि इसके साथ. दो करोड़ की ओपनिंग लग जाएगी सोहम शाह. एक्टर प्रोड्यूसर तुम बाड़ के लिए जाने. जाते हैं और शिप ऑफ थीसिस पर नेशनल अवार्ड. जीत चुके हैं तुं बाड़ की रिरिलीज ने. बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया आज हम उनसे. सुनेंगे फिल्म बिजनेस के बारे में और कैसे. इंडिया में कंटेंट कंसंट शिफ्ट हो रहा है. ऐसा लगता है कि यार मेरा गोल है ऑस्कर. जीतना ऑस्कर बहुत ओवररेटेड है यार हमें. ऑस्कर के वैलिडेशन की कोई जरूरत नहीं है ं. बाड़ के लिए बहुत लिखा जाता है कि अरे.
ऑस्कर चली जा ऑस्कर में कभी नहीं जीतते. तुम बाड़ कंपेयरिंग इंडिया वर्सेस हॉलीवुड. उनके जो सुपर हीरोज है उनका पूरा एक. यूनिवर्स बनता है ट वहां पर एवेंजर्स जैसे. बंद गए हमारे इधर ये सब क्यों नहीं होता. मुझे बहुत स्ट्रंग लगता है कि प्रोड्यूसर. नाम का आदमी ना हमारी हिंदी फिल्म. इंडस्ट्री से पिछले 15-20 साल से गायब है. प्रोड्यूसर एक आदमी होता है जो रिस्क लेता. है इको सिस्टम नहीं है यार वो खड़ा करने. की जरूरत है कि ऐसी फिल्में बने क्यों. नहीं बनती महाभारत एगजैक्टली महाभारत में. हर कैरेक्टर एक पिक्चर है खुद में आप कभी. बनाना चाहोगे महाभारत.
वच दिस एपिसोड टिल द एंड बट बिफोर यू डू. दैट राजुमानी क्लिप्स एंड राजुमानी. शॉर्ट्स को जाके सब्सक्राइब कर लो क्योंकि. वहां पर हम इस बड़े एपिसोड की छोटी-छोटी. क्लिप्स डालते हैं ताकि कम समय में आपको. ज्यादा से ज्यादा इनसाइट्स मिले एंड कुछ. नया सीखने को और सुनने को मिले इस पूरे. एपिसोड का ऑडियो एक्सपीरियंस स्फ पर. अवेलेबल है आप हमें वहां जाकर फॉलो कर. सकते. हैं मूवीज कैसे हुई क्या हुआ वो सब सब बात.
करेंगे बट मुझे बताओ पहले तेल से इधर कैसे. आ गए मैं 151 साल का हुआ करता था मेरे. फादर कमोडिटी के ब्रोकर हुआ करते थे ये. मस्टर्ड वगैरह होती है ना तो गंगानगर में. मस्टर्ड की बहुत खेती होती है बहुत ज्यादा. मस्टर्ड होती है ऑयल मिले बहुत थे ल मिले. बहुत थे उस ऑइल सोप भी बहुत था था तो मेरे. फादर जो है वो वो काम किया करते थे और. मेरे फादर धोती पहनने वाले हम और मुझे. शर्म आती थी सब दोस्तों के फादर तो पैट. पहनते हैं मेरे फादर धोती पहनते हैं वो. कभी कॉलेज आ जाते स्कूल आते चाहता था कि. आए नहीं.
जबक मुझे सबसे प्यार मेरी जिंद मेरे फादर. चलवे से 10 साल पहले मुझे उनसे ज्यादा. प्यार किसी से नहीं. रहा और जब मैंने गॉडफादर देखी ना हम तो. मुझे लगा ये तो मेरा बाप है क्योंकि मेरा. बाप एकदम फैमिली मैन थे उनका कोई दोस्त. नहीं था मतलब फर्क ये था कि वो आदमी. गैंगस्टर है और मेरा फादर गैंगस्टर नहीं. है मतलब मेरे लिए गॉडफादर का कोर ये है कि. उससे ज्यादा फैमिली मैन कोई नहीं है तो. मेरे फादर एकदम छोटा सा काम था 000 महीना. कमाना हम पांच पहन भाई.
और यह हुआ करता था बहनों की शादियां कैसे. होंगी और वो वो दुनिया से मैं आता हूं मैं. तो बहुत छोटा था मेरे भाई को काम कुछ करना. था 20 21 साल का हो गया था तो उसको पैसे. कमाने थे घर में जिम्मेदारियां थी तो उसने. उसका कुछ काम का एक अलग वर्जन शुरू कर. दिया कि वो मस्टर्ड से कुछ खल बनती है. उसका काम चालू कर. दिया मुझे बहुत क्यूरियोसिटी होती थी कि. मैं कब काम सीखूं तो मेरा उस समय तो. ड्यूटी होता था चाय बोल के आना कोई आया. हुआ अंकल तो चाय बोला हो फोन को उठाना फिर.
एक दिन मेरा भाई ना कुछ नाभा गया पंजाब. कुछ काम हो गया था उसको पंजाब में एक जगह. नाभा उसको रोजाना जाना पड़ता था वो पांच छ. दिन में ना गेम चेंज कर दिया मैंने क्या. गेम चेंज कर दिया मतलब डील्स होती है कि. आप मस्टर्ड केक जैसे वो ब य खरीदा व बेचा. तो मैंने इतना अच्छा काम किया इत मेरे भाई. को इतना अच्छा लगा जबक ये उसका बड़पन है. नहीं तो लोगों में बहुत इनसिक्योरिटी होती. है कि अरे यार य मेरा काम मैं मैंने बनाया. हु तो वो उसने कहा कि तू ही कर तो मैं.
1617 साल की उम्र में मेरे ऑफिस का. चैंपियन हो गया 17 साल का था मैं फर्स्ट. ईयर में हुआ करता था तो मैं साथ में पढ़. रहा हूं कॉलेज कर रहा हूं साथ में यह कर. रहा हूं शाहरुख खान का मैं फैन हुआ करता. था डीडी एलजी नहीं नहीं आई थी और मुझे. लगता था कि र ये कौन सी दुनिया है जैसे आप. यह बात समझ ही नहीं पाओगे क्योंकि आपने. कभी फर्स्ट हैंड एक्सपीरियंस ही नहीं किया. हुआ कि हमको उस समय लगता था किय लेदर. जैकेट यूरोप यूरोप मतलब स्वर्ग लगा करता. था अभी मैं यूरोप सब जगह जाया मुझे कहीं. जाने इच्छा नहीं होती पर उस समय स्वर्ग.
लगा करता था लगता था क्या और शाहरुख खान. का जो चाम मतलब मेरा आज भी मानना कि अगर. किसी आदमी में शाहरुख खान 5 पर शाहरुख खान. जितना चाम नहीं है तो उसे जीने का हक नहीं. है इतने चाम हुआ करते थे शाहरुख साब तो. आपको लगता कि आई वांट टू एक्सप्लोर आई. वांट टू एक्सप्रेस पर आप पर. रिस्पांसिबिलिटीज है तो आप कैसे जाओगे तो. मैं फसा हुआ था तो ये सपना जो है ना एकदम. बैक सीट पर छोटा सा सपना हुआ करता था 16. 17 18 साल की उम्र से ही तो कि कभी जाएंगे. कभी जाएंगे कभी जाएंगे यूरोप नहीं जाएंगे.
बम्बे जाएंगे हीरो बनने अच्छा शाहरुख खान. जैसा वै बने हा मतलब शाहरुख खान ही बनने. जाएंगे और इतने नाइव हुआ करते थे कि आपको. उस सम पंजाबी वीडियोस बहुत आया करते थे. म्यूजिक वीडियोस पंजाबी एक नया पूरा पॉप. कल्चर का उस समय वेव आया था 90. में बहुत मतलब बाबा सैगला आए जैसे और. पंजाबी वीडियो मल एक वेव आया था 90 में आप. जाके गगल करोगे तो अलीशा चिनॉय और बहुत एक. म्यूजिक का वेव था वसे पहले मैं पहले ही. उस 96 में तो पैदा हुआ तो बहुत हां तो वो.
वो उस समय तो वेव आया था तो मुझे ऐसे लगा. करता था कि मैं एक म्यूजिक पंजाबी म्यूजिक. वीडियो में काम करूंगा और वहां से लोग. मुझे देख लेंगे कि नेक्स्ट शाहरुख खान है. और इसको पिक कर लेंगे ये ये मेरा थॉट. प्रोसेस हुआ करता था एगजैक्टली यही थॉट. प्रोसेस हुआ करता था जब मैं बम्बे पहली. बार आया था तो मैं एक कोरियोग्राफर से. मिला था और मैंने कहा मैंने 25 एक लाख रुप. लगाने हैं 25 लाख र म्यूजिक वीडियो बना दो. जिसमें मैं दिख जाऊं मतलब इतना नाइव हुआ. करता करता था मैं तो वो जर्नी ये थी कि.
फिर वहां से यह हुआ कि 171 साल से कुछ काम. चालू किया फिर उसमें कामयाब हुए फिर रियल. एस्टेट में चले गए वहां भी कामयाब हो गए. तो फिर यह था कि फिल्में बनानी है तो मैं. बम्बे आया फिर यह काम चालू हु मैंने कहा. म्यूजिक वीडियो बनाना है तो वो बेचारे. बहुत भले थे उन्होंने मुझे एडवाइस किया कि. बेटा ऐसे नहीं होता आप ना एक्टिंग सीखो तो. महाडा में जो जितने एक्टिंग सिखाते हैं. स्कूल उनमें से एक स्कूल मैंने जवाइन किया. मैंने डेढ़ एक महीने एक्टिंग सीखी मुझे. लगा कि यार मैं कर लूंगा वहां एक सीन किया.
था मैंने कि जिसमें आपका गला ऐसे घटते हैं. और आपको बोलना एड्रेस की 400. होती वो मैंने अच्छा किया उसपे तालियां. बजी मेरा पहला एक्सपीरियंस था वो एक्टिंग. का उससे पहले मैंने स्कूल कॉलेज में कहीं. कुछ नहीं किया था मेरे मतलब पैर लड़खड़ाते. थे मतलब कोई कह दे ना कि स्टेज प चढ़ना है. तो मेरे ऐसे पैर लड़खड़ाए मैं बहुत स्टेज. फियर हुआ करता था मुझे मुझे किस्सा याद है. कि मैं एक एक्टिंग वर्कशॉप ले रहा था तो. मेरा डोमेस्टिक हेल्प परांठे बना रहा था. तो मुझे टीचर जो सिखा रहे थे ना वो कह रहे. थे तुम्हारी सेल्फ एस्टीम तो इतनी कम है. कि तुम डोमेस्टिक हेल्प लग रहे हो और वो.
राजा लग रहा है मेरी इतनी लो सेल्फ एस्टीम. हुआ करती थी क्यों क्यों मुझे लगता था कि. मैं फिटन नहीं होता हूं यहां इंग्लिश नहीं. आती मुझे इंग्लिश नहीं आती मुझे कल्चर. नहीं पता य पर बात क्या करते मुझे पता ही. नहीं है लोग बात कर रहे हैं कि आईव सीन. ब्रंड ट फिल्म ककड़ा फिल्म फलाना फिल्म. गाने आप आप कल्चर का पार्ट ही नहीं हो. आपको पता ही नहीं है. कुछ आपको लगता है कि आपको कुछ नहीं पता है. आप इलियन इतना टॉर्चर रहा हूं मैं मैं. 2010 में बम्बे शिफ्ट हुआ 2012 में बम्बे.
से वापस शिफ्ट हो गया जयपुर क्यों मुझे. घबराहट होती थी शहर में कि मेरी इतनी औकात. नहीं होती थी कि मैं कैफे में जाके कह दूं. कि आई नीड अ कैप चनो मुझे लगता कैसे. बोलूंगा आई नीड कैपन कैपन तो आपको ऐसा. लगता था कि आप एकदम गांव से आए हो और यह. सब लोग आपसे बहुत सुपीरियर प्रजाति है कोई. तो मैं भाग गया 2012 में मैं जयपुर जाकर. शिफ्ट हो गया चार साल य लगता रहा मुझे चार. साल नहीं लगा 10 साल य लगता रहा बिफोर तुम.
बाड रिलीज मुझे यही लगता रहा मेरा जिंदगी. में सुबह से शाम तक एक क्वेश्चन य हुआ. करता था खुद से कि छोड़ दूं क्या मैं ये. क्यों कर रहा हूं इतनी स्ट्रगल क्यों कर. रहा हूं तो लोगों ने ऐसा फील कराया कि खुद. ही में एक तो देखो खुद ही में भी होता है. और दूसरा लोग फील भी कराते उसका मैं. एग्जांपल देता हूं एक तो खुद का तो होता य. तो इस बात में कोई दोराई नहीं है यू फील. लाइक अभी के सोसाइटी और सिस्टम बहुत चेंज. हो गया है हिंदी कूल हो गई है आप 2010 बार. में आए हो दोस्त और अगर आपको इंग्लिश नहीं.
आती है तो आप एक्टर नहीं बन सकते हो यह. पॉसिबिलिटी नहीं आपको छोटे मोटे दूसरे रोल. में आप मेन लीड कर ही नहीं सकते हो और. मतलब हिस्ट्री आपको जाके देखनी चाहिए कि. कितने लोगों ने स्ट्रगल किया इस राज से. मतलब वो उससे बड़ा राक्षस इंग्लिश से बड़ा. राक्षस हुआ ही नहीं करता था मेरे लिए मुझे. ऐसा लगता था साले अंग्रेज चले गए यार यह. अच्छी बला छोड़ गए हमारे पीछे आई अग्री. विद यू फॉर दिस पॉइंट मुझे नहीं पता एक्टर. वर्ल्ड का पर मुझे भी इंग्लिश नहीं आती थी. बारबी तक 12 तक हम पढ़ी थी समझ में आती.
बोलना नहीं आता था क्योंकि खानदान में कोई. नहीं बोलता था दोस्तों में कोई नहीं बोलता. था स्कूल में इंग्लिश टीचर के अलावा कोई. टीचर नहीं बोलता था दो इंग्लिश मीडियम. स्कूल हां और वहां इंग्लिश मीडियम में. इंग्लिश के टीचर भी इंग्लिश नहीं बोलते. यार प्रॉब्लम हमारे स्कूल में इंग्लिश की. टीचर इंग्लिश सिखा रही है हिंदी बता बता. के हां राइट सो इट वाज देयर कि. आपको ये पता है कि इंग्लिश समझ में आती है. आप बोल नहीं सकते हो और इंग्लिश मूवी अगर. आपको देखनी है तो आप सबटाइटल्स पढ़ पढ़ के. देखते हो चार बार रोक रोक के देखते हो तब. आपको थोड़ा बहुत और डिक्शनरी में वर्ड.
निकाल. निकाल और मुझे बहुत इनफीरियर फील होता था. क्योंकि. मैं अगर बाहर चले जाता था मेरे दो तीन. दोस्त बन गए थे स्कूल के बाहर दूसरे. स्कूलों के डांस क्लास इधर-उधर. से खेलने में मस्ती करने में दोस्ती आ रही. हो गई वो लोग फुल फुल टाइम इंग्लिश में. बात करते थे तो उनको देख के इनफीरियर फील. होता था कि मैंने अगर गलती से कुछ बोल. दिया तो ये मजाक उड़ाएंगे तो बहुत मजाक. उड़ हां हां प्रोनंसिएशन नाम की कोई चीज. होती है आप समझ रहे हो ये मुझे बम्बे आ ग. पता चला है वो तो पता ही नहीं होता र में.
मतलब अभी मुझे पता नहीं ब्लैक की. प्रोनंसिएशन क्या होती है ब्लैक ब्लैक कुछ. तो प्रॉब्लम होती थी मैंने ना ऐसे एक. बम्बे आने के बाद इतनी एंजाइटी हुआ करती. थी क्योंकि आपको यह समझा दिया गया है कि. आपको डांस सीखना जरूरी है इंग्लिश आना. जरूरी है मतलब किसी ने ऐसे आके नहीं. समझाया आपने खुद ने गेज किया इसके बिना तो. बन नहीं पाओगे दे मैं ट्राई किया करता था. कि दो से तीन डांस क्लास तीन से चार. इंग्लिश क्लास चार से पांच हिंदी डिक्शन. हिंदी डिक्शन भी खराब हुआ करती थी गलत.
नहीं होता गलत होता है नुकता होता है भाई. गलत गांव में गलत होता है गम नहीं होता गम. होता है तो व सीख रहे हैं और इतना प्रेशर. है ना कि हर चीज प्रोजेक्ट बन गई है य नॉट. एंजॉय एनीथिंग तो मैंने कभी डांस नहीं सीख. पाया ना कभी मैं इंग्लिश सीख पाया हिंदी. तो फिर भी मैं सीख गया क्योंकि मलब हिंदी. आती थी तो उस पर काम होना था बट मुझे याद. है ऐसे ना मैंने एक रजिस्टर बनाया था 700. 800 वर्ड्स का मुझे लगता थान प्रोनाउंस. करते मैंने ऐसा तोड़ निकाला था कि उनको.
मेरी हिंदी के अंदर मिक्स कर दूंगा ना. इंग्लिश वर्ड्स को तो मेरा काम चल जाएगा. चल जाएगा कल हो जा मैं कूल तो क्या हो. जाऊंगा सरवाइव कर लूंगा तो मतलब मेरा मैं. आपको कह रहा था 10 साल का पूरा टाइम ऐसा. बीता कि मुझे लगता था कि यार मैं मुझे. बिल्कुल फिट इन बहुत एंजाइटी होती थी बमबे. में बमबे के नाम से मेरे हाथ पैर ऐसे. कांपने लगते थे पर एक्टिंग करनी थी. फिल्में बनानी थी लगे क्यों रहे मतलब इस. डर के मारे चले जाते. मतलब मैं ना मेरे को ना बहुत बड़ी कोई.
पिक्चर मिल रही है मेरे को फिट इन नहीं हो. लग रहा है इधर मेरे को मैं अपने शहर में. राजा हूं यहां मेरे को कमजोर फील करा रहे. हैं मैं जिनसे बात करता हूं ढंग से बात. नहीं कर रहा हूं मैं खुद में डरता हूं चार. बार स्ट्रगल अलग चल रहा है पिक्चर कोई. बहुत बड़ी नहीं मिली पैसे ज्यादा इधर बन. नहीं रहे सिर्फ खर्चे ही हो रहे हैं तो. फिर क्यों लगे रहे 10 साल प्रॉब्लम यह है. कि अगर मैं भाग जाता ना तो आज मैं. अनसेटिस्फाइड होता मेरे अंदर होता कि मैं. डर के कहीं से आ गया वो जो मेरे एक दोस्त. ने मुझे एकदम एटली ये सलाह दी थी क्या कि.
मेरा दोस्त अभी भी है मेरी वाइफ मेरे. दोस्त मेरे आसपास लोग बहुत कमाल के रहे. हैं मतलब मैं इस जर्नी में यहां तक पहुंचा. हूं मतलब मेरे लिए बहुत मस्त जर्नी है. मेरा दिमाग इतना खराब रहता था क्वेश्चन य. हुआ करता था कि मैं ये छोड़ दूं क्या मैं. ये करूं क्या मैं मेरे दोस्त की भी जान. खाता रहता. था मैं एक दिन सुबह-सुबह उसके घर पहुंच. गया मैंने कहा यार मैं बहुत परेशान हूं. मैं छोड़ दूं क्या.
उसने कहा कि यार तू छोड़ दे छोड़ना है तो. प्रॉब्लम नहीं. [संगीत]. है तू चले जाना गंगानगर जाना हो पर डर के. मत. जाना जिस दिन जाए ना डर के मत जाना खुशी. से जाना कि मैं छोड़ रहा हूं यह जो तेरे. अंदर डर है ना डर के कारण छोड़ रहा हूं. क्या मैं फिट इन नहीं हो रहा इसलिए छोड़. रहा हूं मैं लैंग्वेज क्रैक नहीं कर पाया. इसलिए छोड़ रहा. हूं वो मुझे याद रह गया मतलब बहुत सारी. ऐसे उस पॉइंट पर पहुंचने के लिए एक.
कन्वर्सेशन कभी भी नहीं होती बहुत सारी. चीजों का वो होता है वो मुझे याद रह गया. और ये तुम बाड़ के भी बाद की बात है अंदर. से बस वही बात थी अगर मैं डर के चला जाता. ना तो आज मैं कितने पैसे होते हैं मेरे. पास कुछ भी होता जिंदगी के अंदर वो. कॉन्फिडेंस नहीं होता वो खुशी नहीं होती. मुझे लगता है कि यार नहीं. मैं जाऊंगा तो डर के तो नहीं जाऊंगा यहां. से वापिस खुशी खुशी जाऊंगा जिसन दिन करेगा. कि हां यार अब ये काम नहीं करना हो गया. कौनसे पॉइंट पर एक्सेप्टेंस आ गया कहां पर.
यह लगा कि अब ना मेरे लिए मेंटल पीस सबसे. इंपोर्टेंट मेरे पास नोट्स. है मुझे मेरे इशू पता थे 2014 के. अंदर जयपुर में मेरा एक ऑफिस हुआ करता था. मैंने ऐसे लेमिनेट करा के मेरे ऐसे इशू. यहां से चिपकाए हुए. थे कि उस पर लिखा होता मेरी वॉल पर लिखा. होता था मेरे ऑफिस की बम्बे में मेरा. वर्सोवा में ऑफिस होता था व वल पर लिखा. होता था कि बी काम एवरीथिंग विल फॉल इन.
प्लेस तो कांसेप्ट सब पता होते थे. हम होने के बाद भी एक्सेप्टेंस नहीं होती. थी एक्सेप्टेंस आई मुझे. 20221 रिसेंटली रिसेंटली दो-तीन साल पहले. तो पूरा एक डिकेड निकलने के बाद 2021 में. एक ऐसी एक्सेप्टेंस आई कि यार ये देखने का. नजरिया ही तो है बट किस बात पे ये पीस आया. 2021 में ऐसा क्या हुआ कि आपको लगा अब हो. गया या या मैं बहुत फ्रस्ट्रेटेड था मुझे. मतलब ऐसे लगा था कि मैं कितना यूजलेस आदमी. ह. यार.
कितना मैं एक शूट कर रहा था वहां से मैं. मेरे दोस्तों को कॉल करके पूछ रहा हूं कि. मैं ठीक ठाक एक्टर हूं क्या कहते साले ठीक. ही तो एक्टर तू क्या प्रॉब्लम है नहीं. क्या मेरे को ऐसा लग रहा था कि या मैं. यूजलेस ह जबक मैंने जर्नी की है जीरो से. सब कुछ बनाने तक की एकदम कामयाब इंसान रहा. हूं मैं मैं धाड़ की शूटिंग कर रहा था. सुबह 6 बजे का टाइम था. और.
मैं एक भगवान थे उन में मानता था और मेरा. पाच सा साल में थोड़ा सा ध्यान उस तरफ कम. हो गया. था सुबह 6 बजे मैं मेकअप करवा रहा. हूं मेरे मन में ख्याल आया कि बस और. उन्होंने मेरी ऐसी. [संगीत]. सुनी कि मैं सब कुछ एक्सेप्टेंस आ गई मुझे. 6 बजे मैं सुबह उठ के मेकअप करवा रहा हूं. पुलिस की वर्दी पहन के धाड़ के शूटिंग के.
लिए तैयार और बहुत परेशान था उस. समने उनका नाम याद किया तो बाकी सब. इंफॉर्मेशन मेरे पास थी तो मेरे लिए तो. मिरेकल हुआ जादू. हुआ. तो मैं वो था कि जब बमबे नहीं आया था तो. रोजाना मंदिर जाने वाला आदमी बमबे जैसे ही. आते हो तो आप लगता है. कि मॉलिक्यूल है अणु है है भगवान नहीं है.
एक जर्नी ऐसी होती है आपको लगता कुछ तो. सुपर पावर है कुछ तो है आप कुछ भी नहीं हो. तो सरेंडर य नथिंग तो मुझे उस दिन ऐसा कुछ. एहसास हुआ वो पॉइंट से उसके बाद मुझे म. लार्जली एक्सेप्टेंस है ऊपर नीचे. डेफिनेटली होती रहती है इसमें कोई दोराई. नहीं है य सम डेज आर बैड समर गुड बट. लार्जली इट फाइन तो ड यू थिंक हर कोई जो य. देख रहा है उसके लिए ये लेसन है कि कुछ भी.
वो लाइफ में उसका जो भी पैशन है करना वो. पैशन से पहले पहले अपना बेसिक सॉर्ट कर ले. उसके बाद भागे क्योंकि मैं भी ये मानता. हूं कि लाइफ में ना पहले अगर आप इंडिया. में रहते हो और इन टुडेज वर्ल्ड मैं हमारी. जनरेशन की बात कर रहा हूं और अभी जितनी. अपॉर्चुनिटी है दुनिया में राइट और. स्पेशली उन लोगों से जो ये देख सकते हैं. जिनके पास इतना है कि फोन है और इंटरनेट. है तो अगर तुम पहले एक डेढ़ लाख रप महीने. कमाने जितने तुम्हारे पास स्किल्स नहीं है. या तुम्हारे पास कोई जुगाड़ नहीं है ना तब. तक पैशन पैशन पर्पस परपस रखो साइड में और.
सिर्फ ये कमाने की कोशिश बिल्कुल मुझे. आपका सबसे ज्यादा पसंद है एक डायलॉग है. आपका भी नहीं है डायलॉग आपके लिए है वो. डायलॉग कि आई रिमेंबर और मैं इतना बोला है. दोस्तों को आई डोंट नो वई कि जेल के ताले. टूटे भीमा बाबू. छूट भाई वो जो आई लव भीमा बाबू कैरेक्टर. मतलब मुझे वो इतना मजा आता है ना उस. कैरेक्टर में क्योंकि. मुझे उस कैरेक्टर की खासियत क्या लगी उस.
कैरेक्टर को जब आप देखोगे मूवीज में. देखोगे मैं एस अ व्यूअर बता रहा हूं मैं. कोई ना मूवी देख कोई क्रिटिक हूं ना मेरे. को एक्टिंग समझ आती है ना. प्रोड्यूस वो एक हंबल लड़का है लेकिन वो. इतना पावरफुल है ना अंदर में वो उसको ऐसा. पता है कि. वो वो ऐसे करेगा ना तो फोड़ देगा उसको ऐसा. बिलीव है अंदर पर वो पूरा टाइम हंबल भी है. तो उसकी वो बीच में जो बैलेंस करके चलता. है ना एकएक एक्सप्रेशन में कहीं कहीं बीच. में सीन आता है जहां पे जब वो स्वामी जी. के सामने बैठा है तब उसका दिख जा जाता है. कि अबे मैं औकात में रहे मैं कौन हूं तेरे.
को पता है वर्सेस जब वो अपनी वाइफ के साथ. है या दूसरे लोगों के साथ है या वोह छट. पूजा करने जाता है तब उसमें इतना एक हंबल. नेस बाहर आती है पूरे कैरेक्टर में मतलब. पूरी आप जर्नी में समझ नहीं पाते हो कि. पावरफुल इंसान है कि ये पब्लिक का सर्वेंट. है लाइक हर एंड मैंने जितने दूसरे. पॉलिटिकल सीरीज देखे ना उसमें शुरू से. कैरेक्टर डेवलपमेंट होता है कि ये. पॉलिटिशियन एरोगेंट वाला है ये गुंडा वाला. है यह हंबल वाला है इस वाले में वो दोनों. चीजें दैट व् आई लाइक्ड इट मेरे को बड़ा.
मस्त लगता था ऐसा चेस प्लेयर लगता था ये. इंसान. दैट्ची. फुल थैंक यू और मुझे लगता है कि तुम्हें. इसलिए भी मजा आता है कि तुम्हारी खुद की. जो जर्नी रही है ना वो भी बहुत. इंटरेस्टिंग जर्नी रही है कि प्रिविलेज. में कुछ मिला नहीं है खुद ने किया है. मेहनत की है तपस्या की है जैसे कि तुमने. मुझे भी बताया कि न साल में पहले शुरू. किया था और आज आप कहां से कहां हो तो दिन.
रात करने से ही पता चलता है और वो तपस्या. और मेहनत जब करते हो तो आपके अंदर. कॉन्फिडेंस आ जाता है वो कॉन्फिडेंस ऐसा. नहीं होता कि मैं सबसे ऊपर हूं वो. कॉन्फिडेंस होता है कि मुझे मेरा गेम पता. है यू नो की पॉडकास्ट कैसे होते हैं यू नो. इन एंड आउट तो भीमा भारती का भी वही था नो. पॉलिटिक्स. नो पॉलिटिक्स की अंदर से भी समझता हूं. बाहर से भी समझता.
और जब कोई भी चीज मेहनत करते हो गेम समझ. जाते हो ना असली मजा उसके बाद चालू होता. है तो भीमा भारती ने गेम समझ लिया. पॉलिटिक्स का तो उसको मजे आ रहे हैं तो वो. ताकतवर भी है वो बीवी से डरता भी है बीवी. के सामने कुछ बोलता भी नहीं है तो भीमा. भारती वन ऑफ. माय शायद सबसे ज्यादा प्यारा कैरेक्टर है. मुझे लगता है कि जैसे विनायक तुंबाड का जो. कैरेक्टर है उसको बहुत प्यार मिला बहुत. ज्यादा खुद की फिल्म भी है मैंने खुद ने.
प्रोड्यूस भी की. है तुम बाड़ टचवुड शायद क्टर ब्रेकिंग. कल्ट क्लासिक बन गई रिलीज में इतना सब कुछ. किया तुने मुझे विनायक का कैरेक्टर बहुत. पसंद है पर इक्विवेलेंट मुझे भीमा भारती. का कैरेक्टर भी बहुत पसंद है ताकत है ना. उस आदमी की शेर जैसी ताकत है ना उसकी उसम. सब कुछ है तो मुझे वो कैरेक्टर करने में. बहुत मजा आया था बहुत ज्यादा मजा आया. थाट पावर क्या कि वट वा ट्रेनिंग आप. सब बात करते होंगे ट वा भीमा भारती भीमा.
भारती की ट्रेनिंग ये थी कि मतलब एक. रीडिंग सेशन हो रहा था तो रीडिंग सेशन में. और मेरी लाइफ में उस समय क्या गंगानगर चल. रहा था कुछ रियल एस्टेट भी चल रहा था कुछ. य भी चल रहा था तो मैं ऐसा मतलब तीन चार. नामों प. था रीडिंग सेशन हुआ तो रीडिंग सेशन किया. मैंने तो किसी को पसंद नहीं आया मैं तो जो. डायरेक्टर मतलब जो भी शायद उनका जो भी. क्रू था व कहते ये आदमी फिट नहीं होगा तो. सुभाष ने कहा मेरी वीटो है कि भीमा यही. प्ले.
करेगा क्यों उनको दिखता था कि ये अच्छा. एक्टर कर लेगा ठीक एक्टर कर लेगा य उनका. उन्होने तुम बाढ़ देखी थि देखी ी जो भी है. तो मुझे ऐसे मिला रोल मतलब मेरे हाथ से. जाने वाला था रोल गया था गया ही चला था तो. नवंबर की बात है कि शूट चालू होने वाला था. मैं भोपाल गया मैंने स्क्रिप्ट. पढ़ी वहां जाकर एक दिन मैंने रह के भोपाल. में नूरे सभा होटल में हमारा रूम था जैसे. एक दिन पहले पहुंच पूरी स्क पढी उने. डायलॉग पढ़ा जेल के ताले टूटेंगे भीमा.
बाबू छूटेंगे बस वो डायलॉग था कि वहां. मुझे एकदम फ उसका कैरेक्टर का सुर मिल गया. हम वो जो डायलॉग था ना इतना मजेदार डायलॉग. है पावरफुल तो डायलॉग है ही बहुत जेल के. ताले टूटेंगे भीमा बाबू छूटेंगे मैंने कहा. ये सुर है कैरेक्टर का कि मैंने लिखा मेरी. स्क्रिप्ट प वजन हम कि ये कैरेक्टर में एक. वेट है इसकी बॉडी में एक वेट है तो यह ऐसे. बिहेव करेगा तो वहां मुझे उसका सुर मिला. या एंड एक्टिंग आपने सीखी कैसे क्या किया.
बिकॉज बिजनेसमैन हो थोड़ा एरोगेंस भी था. पावर भी था एकदम ग्राइंड में घिसा वाला. काम होता है कुछ भी अगर धीरे से कर तो एंड. जो कैरेक्टर अगर आप प्ले कर रहे हो तुम. बाड़ की बात कर रहे हो ब्रिलियंट हम भीमा. भारती की बात कर रहे हैं एज एन. एक्टर लगता नहीं है कि आप बिजनेस ओनर हो. एज एन एक्टर आप लगते हो वही एक्टर हो आप. सालों से आपने करा हुआ काम और काम करके आप. मेहनत करके इस पर आए हो तो य यू आर एन. एक्टर एक्टर नॉट कि मैं स्टारडम और पैसा.
लगा के आ गया हूं वेरी डिफरेंट ब्रीड्स. होती है इसकी तो कैसे सीखा ये यार तो ये. इंटरेस्टिंग सवाल है वो और तु. बाता एक्टर और बिजनेसमैन ये एजेक्ट अपोजिट. है तो मतलब अगर आप डॉक्टर हो तो एक्टर. बनना आसान है मेरे हिसाब से आप इंजीनियर. हो तो एक्टर बनना आसान है पर अगर आप. बिजनेस में हो बिजनेस का मतलब क्या है. कैलकुलेशन. ये. प्रॉफिट ये ये ये और एक्टर का मतलब है.
कैलकुलेशन. जीरो. फीलिंग व्हाट आर यू फीलिंग तोय एकदम. एजेक्ट अपोजिट काम है तो बहुत स्ट्रगल का. काम है य पर मैं बहुत. फॉर्चूनेटली बक साहब की एक लाइन है य मुझे. भी किसी ने बताई. थी कि आप ढंग के लोगों के साथ रहो ना तो. भी सीख जाते हो तो मेरी जितनी भी लर्निंग. जैसा भी मैं हूं जहां भी पहुंचा हूं उसका.
कारण है कि मैं बहुत करेक्ट लोगों के साथ. रहा जिनकी एक्टिंग को लेकर समझ बहुत सॉलिड. थी कि क्या नहीं करना है तो किसने मेरे को. दो-तीन लोग बताओ जिन्होंने आपको एक्टिंग. सिखाई आनंत गांधी ओके उसका बहुत बड़ा. कंट्रीब्यूशन रहा है मेरी लाइफ में अ आदेश. प्रसाद जो तुंबाड के को डायरेक्टर हैं. क्रेजी करके मैं फिल्म बना रहा हूं उसमें. मेरे साथ प्रोड्यूसर है और एक प्रशांत. सिंह करके हैं जो एक्टिंग सिखाते हैं.
अकॉर्डिंग टू मी ही. इज यूनिवर्सिटी पर बहुत सारी क्लासेस होती. है बड़े-बड़े नाम होते हैं उनसे बहुत. एक्टर्स सीखते हैं और कुछ बहुत बड़े बन. जाते हैं और कुछ नहीं बनते व्हाट्स द. डिफरेंस व्ट यू फी ना कि वो आपका. एप्टीट्यूड है ना कि यार आप कितनी तपस्या. करते हो इट्स लाइक दैट जो आदमी बॉम्बे में. ब्रा जूहू का है फिल्म इंडस्ट्री से उसका. बच्चा लच हो रहा है तो उसके लिए बहुत. सहूलियत हैं कि आपको पीआर पता है ये पता. है आपके फादर बड़े थे डायरेक्टर पता है.
प्रोड्यूसर पता है पैसे कहां से लाते हैं. सब पता है सब पता है फिर वो बच्चे हैं जो. ब्रा ज के नहीं है वो कहीं वरसोवा के हैं. लोखंडवाला के हैं जिनके फादर थोड़े छोटे. रोल करते थे तो उनके लिए या मतलब एचओडी थे. या कहीं और थे उनके भी कनेक्शन है पर उतने. स्ट्रांग कनेक्शन नहीं है उनकी. स्ट्रगल तीसरा जो आदमी बम्बे का. है इंडस्ट्री से नहीं है तीसरी पायदान पे. खड़े हैं मुझे लगता है कि वो पहले लैब पे.
खड़े हैं ये दूसरे लैब पे खड़े हैं ये. तीसरे लैब पर खड़े हैं. कि बॉम्बे के लड़के हो आपको इंग्लिश आती. है आपको कल्चर पता है आपको अंग्रेजी. फिल्में पता है कैसे बात करते हैं कैसे. प्रेजेंट करते हैं आपको पता है कहीं ना. कहीं कुछ दोस्त है कोई एटलीस्ट उसको ये. पता है कि पहले एडी बनना है एडी बनूंगा तो. एक्टर बनूंगा हां उसको पता है कि एडी कहां. से बन सकते है ऑडिशन कहां से ले सकते कौन. सी ब्रांड्स है कौन सी ब्रांड से क्या चीज. है क्या प्रोसेस क्या है एक नंबर बात. दूसरी बात आपका इमोशनली कुछ नहीं हिल रहा.
है आपकी मां वहीं आपका बाप वही आपके दोस्त. वही घर वही घर. वही मतलब वह बहुत बड़ी चीज है ट्र फिर एक. लड़का आता है जो इंदौर से आता है एक लड़का. आता है जो जयपुर से आता है जिसको इंग्लिश. कल्चर पता है बिकॉज ऑफ सोशल मीडिया उसको. पता है कि म्यूजिक कौन सा सुनना है. इंग्लिश म्यूजिक कौन सा है इंग्लिश भा. भाषा क्या है कहां जाकर हैंग आउट करना है. पर यहां कनेक्शन नहीं है और अपने घर वालों.
को पीछे छोड़ के आ रहा है तो एक अजीब सा. अकेलापन. है ये जो है मतलब वो पहला ये दूसरा ये. तीसरे वाले तीसरे प नहीं खड़े वो पांचवे प. खड़े हैं एक्चुअली में और ये जो चौथे वाले. हैं पा ये आठवे पे खड़े हैं ठीक है ये लैप. है फर्स्ट लैप जो ब्रा जुहू सेकंड लैप जो. व वरसोवा अंधेरी फिफ्थ लैप जो बम्बे से है. पर इंडस्ट्री से नहीं है एथ लैब जो जयपुर. इंदौर जैसे शहर से थोड़े बड़े शहर थोड़े. बड़े शहरों से फिर हमारे जैसों का नंबर.
आता है जो 11वें नंबर पे है कि जो श्री. गंगानगर जैसी जगह से जो छोटी सी जगह से है. जहां कैफे जब मैं आया था तो हुआ ही नहीं. करते थे स्टारबक्स तो छोड़ो सीसीडी कोई. कैफे ही नहीं हुआ करता था कोई रेस्टोरेंट. ही नहीं हुआ करते थे कोई क्लब्स ही नहीं. हुआ करते थे पता ही नहीं है क्या पता ही. नहीं है क्या है यही पता नहीं है कि मालिन. ब्रांडो कौन है यही नहीं पता कि अल्प चनो. कौन. है शिवाजीनगर पता है स्टेलन पता है. अंग्रेजी फिल्में कौन सी देखी हैं.
चार जुरासिक पार्क स्पीड टाइटनिक और ट्रू. लाइ वो भी हिंदी में डब देखी है चार. फिल्में टॉम क्रूज कोई पूछ ले तो एक. स्पेनिश सिंगर हुआ करते थे रक्की मार्टिन. मुझे लगा करते थे य टॉम क्रूज भी है तो आप. समझो कि कुछ एक्सपोजर नहीं है कुछ पता ही. नहीं है ठीक है सिर्फ हिंदी सिनेमा देखा. है कोई किताबें नहीं पढ़ी कुछ कुछ कुछ भी. नहीं है वहां से आते हैं तो वो एक स्ट्रगल. तो स्ट्रगल के भी मतलब बहुत सारे लैप्स है.
और क्या फिल्में बदल गई है सिनेमा बदल गया. है आज से 10 155 साल पहले क्या था कि कुछ. लोगों के द्वारा ही सिनेमा कंट्रोल किया. जाता था वो जो उनकी जो पर्सनालिटी थी जो. उनका वर्ल्ड व्यू था वही फिल्में बनती थी. और हमें एस एन ऑडियंस वही फिल्में देखनी. पड़ती थी अब बहुत कुछ चेंज हो गया सोशल. मीडिया आ गया है कोविड के बाद तो. सिनेमा देखना चाहते तो उतना जो वर्ल्ड.
व्यू है ना वो इनफ नहीं है तो मैं ये पहले. वाली कन्वर्शन को समझते हुए भी मैं सेकंड. कन्वर्शन मेरा पर्सपेक्टिव ट लाक गिलास. आधा भर है आधा खाली है मुझे लगता है कि हम. जैसे लोग फायदे में बाहर से आ जो बाहर से. आए क्यों क्योंकि हमने दुनिया देखी है ना. जिंदगी देखी है जिंदगी में धक्के खा के आए. हैं तो वो जो धक्के हैं वो पे करते हैं. आपको आप एक्टिंग ही तो कर रहे हो ना. एक्टिंग क्या है मतलब लाइफ को ही तो आप. इक्ट कर रहे हो इनवे तो आपके जितने.
एक्सपीरियंस होते हैं जितने कैरेक्टर्स. आपने देखे हैं मलब मैं जह में रहता हूं. मेरा बेटा अगर इस फील्ड में आना पाएगा. उसके लिए स्ट्रगल होगा उसने वो दुनिया. नहीं देखी जो मैंने देखी है कि मैंने कहां. कहा धक्के खाए हैं क्या क्या देखा है श्री. गंगानगर यहां से 161 किलोमीटर है ट्रेन आओ. तो डेढ़ दो दिन लग जाते हैं ट्रेन में. चलके यहां तक पहुंचते हो तो काफी कुछ सीख. जाते हो तो वो मुझे लगता है कि हर चीज का. एक फ्लिप पार्ट है पर ये प्रोज एंड तो.
फायदे नुकसान दोनों है क वो तो ट्स अ गुड. पर्सपेक्टिव और हर किसी को मुझे भी ऐसा. लगता है कि लाइफ में जिसको फाइनेंशियल. स्ट्रगल नहीं होता उसको मे बी इमोशनल. स्ट्रगल होता है इमोशनल स्ट्रगल नहीं है. तो नॉलेज स्ट्रगल होता है नॉलेज स्ट्रगल. नहीं है तो उसको फिजिकल स्ट्रगल कुछ ना. कुछ स्ट्रगल हर किसी की लाइफ में चल ही. रहा है और वो इतना स्ट्रांग है जो हम नहीं. समझ सकते फॉर एग्जांपल जैसे आपके लिए अगर. आप बोल रहे हो कि एक्सपोजर और फाइनेंस अगर. स्ट्रगल था शुरुआत में कि पैसे कमाने हैं. राइट और पता ही नहीं दुनिया में क्या चल. रहा है तो आपका फोकस उस पर इतना ज्यादा था.
कि कभी मेंटल स्ट्रगल तो बहुत लेट आया. होगा जिंदगी में पहला पहला पॉइंट ये था कि. पैसे बना लो उसके बाद ही समझ में भी आएगी. कन्वर्सेशन की दुनिया की और कौन सी होती. है तो स्ट्रगल हर किसी के होते हैं पर. कमिंग बैक टू द पॉइंट जो आपने बोला कि जूह. बंडा से जो बच्चे आते हैं उन को बहुत. स्ट्रगल है क्योंकि उन्होंने दुनिया नहीं. देखी राइट और जो ज्यादा प्रेशर है आज की. डेट. में आप समझो कि वो तो कैमरे की निगाह में. है और लोग उनको ट्रोल करने के लिए तैयार. बैठे हैं जैसे एक नया बच्चा फिल्म.
इंडस्ट्री का लच होगा इतने नेगेटिव. कमेंट्स आएंगे और बेचारे की उसकी कोई गलती. नहीं है कि वो एक्टर बनना चाहता है क्या. प्रॉब्लम है प्रॉब्लम क्या है कि मुझे आप. एक बात बताओ पिछले डिकेड में कोई एक ऐसा. एक्टर स्टार बना है जिसके साथ आप ये अशोर. कर सको कि इसके साथ दो करोड़ की ओपनिंग लग. जाएगी बहुत सारे होंगे एक्टस जो मतलब. स्टार किट्स तो होंगे ना आप बताओ कौन से. जिसे साथ आप अयोर करो दो करोड़ की ओपनिंग. लग जाएगी एटलीस्ट मतलब अशोर तो आप नहीं कर. सकते. नहीं नहीं आप अशोर कर सकते हो ना एक जैसे.
एक टाइप के स्टार है कि रणवीर सिंह है. रणवीर कपूर है तो आपको पता है कि यार डबल. डिजिट में तो आप खोलोगे ऐसा नहीं है कि. मतलब सात फिल्म में एक फिल्म नहीं खुले. पिछले 10 साल में कोई ऐसा स्टार नहीं बना. है जिस पर आप ये कहो कि दो करोड़ की. ओपनिंग लग जाएगी नॉट इवन वन नॉट इवन वन पर. क्यों नहीं बने ये 10 साल में स्तास. क्योंकि इनके पास तो दुनिया के सारे. रिसोर्सेस होंगे कनेक्शंस भी. होंगे इसमें दो तीन बातें हैं ये तो. फिल्में हम कौन सी अच्छी बनाते हैं. उसकी एक प्रॉब्लम है कि जब से इंडिया में.
स्टूडियो सिस्टम. आया तब से य हो गया कि प्रोड्यूसर नाम का. आदमी गायब हो गया देर यूज टू बी. प्रोड्यूसर लाइक यश जोहर वास अ प्रोड्यूसर. यश जोहर साहब जो हुआ करते उन्होने अगनिपत. बता तो जैसे स्टूडियो आया ना साउथ में. फिल्में क्यों चल रही है क्योंकि वहां आज. भी प्रोड्यूसर जिंदा है एक्सप्लेन करो. मेरे को थोड़ा स्टूडियो कल्चर क्या होता. है प्रोड्यूसर क्या होता है थोड़ा. प्रोड्यूसर य होता है कि इंडिविजुअल आदमी. प्रोड्यूसर होता है यश जोहर साहब थे एक.
फिल्म को फाइनेंस करते थे उनके कोई ऐसा. सिक्योरिटी सिस्टम नहीं होता था कि एक. स्टूडियो उनको फंड कर रहा है एक्स वाई जड. कोई कॉर्पोरेट उनको फंड कर रहा है वो अपने. गट प अपने पैसों से अपने डायरेक्टर अपने. एक्टर के साथ फिल्म बनाते थे वो फिल्म बे. पनेट साउथ में भी क्या हो रहा है साउथ में. आपके कैसे कोई है कि य स्टूडियो है सब. इंडिविजुअल प्रोड्यूसर है ना तो. प्रोड्यूसर नाम का आदमी वहा जिंदा है. हमारे यहां क्या है कि स्टूडियो आया एक. स्टूडियो क चया 20078 के.
आसपास तो उसमें क्या हुआ कि आप हर आदमी. सेफ खेलना चाहता है आप डायरेक्टर हो आपकी. एक फिल्म चल गई आप देखो कोई जितने. प्रोडक्शन हाउसेस है सब डायरेक्टर्स या. एक्टर द्वारा ऑन किए जाते हैं इंक्लूडिंग. माइ मैं भी एक्टर. हूं मतलब कोई प्रोड्यूसर प्रोड्यूसर जो ओन. करता है ना ऐसे प्रोडक्शन हाउसेस बहुत कम. है है पर बहुत कम है तो ये प्रॉब्लम है. स्टूडियो आ गया स्टूडियो का उसम. इंटरफेरेंस हो गया तो पैशन जो है ना पैशन.
की जगह प्रोजेक्ट बनने लगे कि आपके पास. फलाना स्टार है इतने की लैंडिंग कॉस्ट. है बना दो फिल्म टेंपरेरी फायदा है. फिल्में ही नहीं बन रही है राइटिंग पर कोई. काम ही नहीं हो रहा है राइटर्स को. हमने ध्यान ही नहीं दिया कि राइटर्स को. कोई स्पेस ही नहीं दी. गई तो प्रोजेक्ट बनते रहे तो अब यहां पर. एकदम लल आ गया कि फिल्में नहीं बन रही है. फिल्में नहीं चल रही है क्योंकि दुनिया. चेंज हो गई है य बहुत सारे अभी प्रोडक्शन.
हाउसेस दे आर शटिंग डाउन आई वाज रीडिंग की. एक बहुत बड़ा प्रोडक्शन हाउस है इंडिया. में हजार करोड़ टर्नओवर था 10 करोड़ रुप. उसका प्रॉफिट. बना दूसरा कोई था 600 करोड़ टर्नओवर था. 200 करोड़ में बिकने के लिए रेडी है मतलब. ऐसी हालत है प्लस धर्मा रिसेंटली गट. अक्वायर्ड 50 पर तो क्या चल रहा है य आप. इसको फैक्ट्री मॉडल पर नहीं डाल. सकते जैसे शॉल्स आती है ना शॉल्स शॉल होती. है फैक्ट्री मनती कुछ होती है वो हाथ वाली. कड़ी कहती है कश्मीरी शॉल है ये वो.
फिल्में वैसी. है से ही होगा हैंड से ही. होगा कोई सब्सीट्यूट नहीं है मैं जो फिल्म. बनाऊंगा उसमें मुझे काम करना पड़ेगा और. उसमें मेरी जो थिंकिंग प्रोसेस है जो मेरी. पर्सनालिटी है वो झलके गी और मैं एक. लिमिटेड फिल्मों प काम कर. पाऊंगा मैं 10 फिल्मों में काम करने. जाऊंगा कैसे हो गए ह्यूमन पॉसिबल नहीं है. ये फैक्ट्री मतलब ऐसा नहीं है ना कि 5000. फ्लैट बना दो. 5000 फ्लैट बना सकते हो 5000 फ्लैट भी बना.
सकते हो उसका बाजार में सिस्टम अवेलेबल. है साल में आपको पांच फिल्में बनानी है. जान निकल जाएगी भाई क्या बात कर रहे हो. इट्स इंपॉसिबल तो वो ना. एक उसके कारण ना पूरा ढह गया. सिस्टम इसलिए जो इतने बड़े-बड़े प्रोडक्शन. हाउसेस है वो लॉस में है या वो एट बार है. या नाम इतने बड़े क्योंकि एक्सपेंसेस इतने. बड़े हैं खर्चे बहुत बड़े हैं कॉर्पोरेट. स्ट्रक्चर है सब जगह जैसे मेरा ये मानना. है कि मैं लाला कंपनी. हूं मैं और मुझे लाला कंपनी बहुत पसंद है.
जितनी मेरी लाइफ की समझ है लाला कंपनी. सबसे मस्त होती है क्या है लाला कंपनी. आपकी नजर लाला कंपनी होती है कि जहां आप. मेल नहीं लिखते हो यह नहीं करते हो 100. तरह के लोग इवॉल्व नहीं होते हैं पावर. सेंटर्ड है यहां मैंने कह दिया मैंने. फिल्म बनानी है ग्रीन लिट कर द हम बना. लेंगे मैं वो फ्लैट बेच के पैसे लाऊंगा. उधार मांग के लाऊंगा खत्म हो गई बात मुझे. कन्वे है मैं फिल्म. बनाऊंगा उसमें बहुत सारे हेड इवॉल्व नहीं. होंगे मुझे जिन लोगों से दो लोगों से राई. करनी है मैं उन्हीं से करूंगा ये लाला.
कंपनी है जहां मेल पे मेल लिखे जा रहे मेल. लिखने में ही दिन के दिन चले जाते. हैं तो मुझे फिल्म इंडस्ट्री के लिए वो. काम वो वो वो स्ट्रक्चर हो सकता है किसी. और बिजनेस के लिए अच्छा हो मुझे लगता है. फिल्म इंडस्ट्री के लिए स्ट्रक्चर वर्क. नहीं करता है मैंने शिप ऑफ थीसिस जैसी. फिल्म बनाई है मुझे नहीं लगता कि शिप ऑफ. थीसिस से ज्यादा प्रोडक्शन अनफ्रेंडली. फिल्म कोई होगी प्रोडक्शन अनफ्रेंडली. क्यों नाम शिप ऑफ थीसिस. छह. लैंग्वेजेस कोई किसी भाषा में बात करर.
बहुत ही फिलोसॉफिकल. फिल्म इट्स लाइक. बुक पर उसमें पैसे नहीं कमा सकते आप पर ये. सोच के बनाई गई फिल्म री रिलीज में तुंबाड. इज द हाईएस्ट अर्निंग मूवी जी राइट मैं. पढ़ रहा था कुछ नंबर्स तो बाहर से 40. करोड़ तक के तो आ गए हैं जी कि रॉकस्टार. से ज्यादा कमाया ये जवानी है दवानी से. ज्यादा कमाया मतलब इट्स वाइल्ड. नंबर बिकॉज हम समझ नहीं रहे ऑडियंस चेंज.
हो रही है हमारी नई ऑडियंस आ गई है जो हम. बात कर रहे थे ना फिल्मों की और की एक. शिफ्ट है कि लोगों को नया सिनेमा देखना. है लोगों को वो चीज देखनी जो प्रिडिक्टेबल. नहीं है लव स्टोरी बेचना बहुत टफ है आज की. रेट में पता है आज से पहले 10 15 साल पहले. वो एस्पिरेशनल हुआ करता था तो एस्पिरेशन. नहीं रहा है अगर आप तुंबाड देखो आई एमडीवी. पे रैंकिंग देखो तो टॉप फाइव हॉरर फिल्म.
में से एक है वर्ल्ड की राइट बहुत बढिया. बात है फिर रिरिलीज में सारी मूवीज को. उसने फोड़ दिया जो लोग देखते हैं उसका. कल्ट है बड़े से बड़े डायरेक्टर्स बड़े से. बड़े इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने उसकी. तारीफ करी आपको बोला है पीपल लव. इट. स्टिल उसका ऐसा कमर्शियल फेम नहीं मिलती. उसका लाइक इट्स नॉट. जैसे जो टॉक अबाउट मूवीज होती है ना जिसका.
होता कि ओ ये तो क्या मूवी थी एक जमाने की. अभी उसको वैसा मिलता नहीं है जो उसके फैंस. हैं वही उसके फैंस हैं दूसरे लोग नहीं है. व्हाई डू यू थिंक इज द डिफरेंस पॉपुलर में. वो नहीं बड़ी बन पाई वो क्यों मात खा गई. फर्स्ट थिंग इज जनरा हॉरर हॉरर है नहीं. फिल्म मतलब मैंने बहुत सारे इंटरव्यूज में. कि अकॉर्डिंग टू मी इट्स अ फो क्लोर दादी. मां की दंत कथा है और उसम एक टैग लगा हुआ. है हॉरर का. हम कि जैसे मैंने य अ भी कहा कि हॉरर जनरा.
में जाके एक्सप्लोर किया क्योंकि अब यही. लैंग्वेज लोगों को समझ में आती है मैं. उसको बार-बार कहूं कि ये तो फो क्लोर है. लोग कहेंगे पागल फलोर क्या होता है फलोर. क्या होता है अभी आपको सिंपल समझाने के. लिए हमने एक जनरा हॉरर मान लो आप उसमें. जाके एक्सप्लोर किया हॉरर है उसमें पर वो. हॉरर ही फिल्म है ये नहीं है उसमें एक. फर्स्ट एक्ट है जो हॉरर है दादी का जो. एक्ट है जहां हस्त रिवील होता उस कुछ हॉरर. है नहीं उस फिल्म में अकॉर्डिंग टू मी ऐसे. कोई जम स् केर्स कुछ भी नहीं है तो इट्स. पार्ली हरर बट इट्स नॉट हॉरर फिल्म तो उस.
टैग है हॉरर का तो एक बहुत बड़ी तादाद. जिसको डर लगता है वो कट जाती है आई थिंक. सम टाइम्स. वो हमारी कहावत होती ठंडा करके खाना चाहिए. तो सम टाइम्स इट्स लाइक ट तो आई डोंट हैव. एनी इशू विट तो और बनाओगे पार्ट टू पर्ट. बिल्कुल बनाएंगे तुम टू बनाएंगे तुम थ. बनाएंगे कब तक बनाओगे तो तुम ब टू की. स्क्रिप्ट लिखते हुए 6 साल हो गए जब तुम. तब से उसकी स्क्रिप्ट लिखी जा रही है तो.
मुझे वो फिल्म नहीं बनानी थी जो सिर्फ तुं. बाड़ की सफलता पर राइड करे और यह कभी भी. तुम बाड़ चली इसके लिए प्लान नहीं था. हमारा पहले से प्लान हुआ करता था किय. ट्रिलजी बन सकती है इस रिबूट बन सकता है. एक यूनिवर्स बन सकता तो बहुत सारे आइडिया. आए जो अच्छे थे परो जैसे स्क्रीन प्ले. बनाना जाओ तो बनते नहीं तो फाइनली 6 साल. की मेहनत के बाद एक स्क्रिप्ट रेडी हुई है. और हमें लगता है कि हम 2025 एंड या 2026. शुरुआत में शूट चालू करेंगे पर जैसे कि. मैंने बहुत सारी एक फिल्म और बना रहा था.
जो बनी नहीं तो मैंने बंद कर दी अच्छी बनी. नहीं तो जैसे क्रेजी में मैं बाहर लेक आ. रहा हूं या कोई भी मैं यहां से मेरे यहां. से मेरे प्रोडक्शन हाउस से फिल्म जब बाहर. आएगी जब मुझे लगेगा कि ये अच्छी फिल्म है. वो चलेगी नहीं चलेगी मुझे पता नहीं है पर. और वो नहीं अच्छी बनी तो मैं लाऊंगा ही. नहीं बाहर. एंड क्रेजी क्यों देखूं मैं इतनी सारी. मूवीज है इतना ओटीटी प कंटेंट है मतलब. हजार ऑप्शन है लोगों के पास कोई क्यों. जाके देखना चाहिए आप हमारी फिल्म का. ट्रेलर देख लो टीजर देख लो हमारा गाना देख.
लो आपको समझ में आ जाएगा पहली. बात दूसरी बात एक चीज का मैं आपको प्रॉमिस. करता हूं कि जैसे ना बहुत लोग ये शिकायत. करते हैं अरे यार बॉलीवुड सेम फिल्म बनाता. है देर इ सेम फिल्म देर इ सेम ये कि हम. कुछ नया नहीं बनाते तो ये नया है आप. देखोगे तो मेरे हिसाब से ऐसी फिल्म. हिंदुस्तान से बनी नहीं है. कि इट्स अ रोलर कोस्टर राइड. और मुझे यह भी लगता है कि.
ये यंग लोगों की फिल्म है मतलब जो 25 30. 35 साल के हैं मतलब थोड़े से बड़े लोगों. की कमर दुख सकती है क्योंकि इट्स अ रोलर. कोस्टर राइट कि आपको बहुत सारे इमोशन से. लेके जाएगी और इसलिए देखनी चाहिए कि सिर्फ. थ्रिलर नहीं है हम थ्रिलर से ज्यादा है. क्या है वो आपको एक्सप्लोर करना है दैट य. विल फाइंड इट आउट किसकी कहानी है थोड़ा सा. मेरे को वो दो ये अभिमन्यु सूद की कहानी. है एक डॉक्टर है अभिमन्यु सूद जो एक चक्र.
में फस गए जैसे हम सब लोग एक चक्र में फसे. हुए हैं जैसे आपने कहा ना कि. फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस. [संगीत]. [संगीत]. प्रॉफिटेबल है पैसे भी टफ ही है यार मतलब.
मैं तो जिस तरह की फिल्में बनाता हूं पैसे. बनाने टफ ही होते हैं और क्यों बस पैशन के. बना पैशन की कभी सोचा है कि यार अब तो जब. मैं फुल टाइम गेम में आ गया हूं थोड़े. पैसे यहां भी बनाते हूं बिजनेस तो घुस. जाता होगा आही जाएगा बड़ी पिक्चर करता हूं. ताड़ी ताकि पैसे बनने के लिए अलग से. करूंगा. काम मैंने तो आमिर खान से एक बात सीखी कि. अपना काम मेहनत शिद्दत से करते जाओ सक्सेस. जो है बाई प्रोडक्ट है तो मुझे लगता है कि. फिल्में बनाते जाओ पैसे कमाई ले कभी काम. करते करते ऐसा लगता है यार मुझे ना मेरा. गोल है ऑस्कर जीतना मेरा गोल है यह.
जीतना मेरा बिल्कुल गोल नहीं है ऑस्कर. जीतना. क्यों मुझे य लगता है कि ऑस्कर बहुत. ओवररेटेड है यार हम लोग. इतना इतना पगलाए हुए क्यों ऑस्कर के लिए. मेरे को य बात समझ में नहीं आती है वो एक. तरह का अवार्ड फंक्शन है अमेरिका जैसे देश. में होता है और हम यह कह रहे हैं कि अगर. वो मिल गया तो हम भवसागर पार कर जाएंगे. हमें मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी इस बात. का मत मतलब क्या है यार हम अलग कल्चर के. देश के लोग हैं हमारा कल्चर अलग है हम अलग.
तरह की फिल्में बनाते हैं अलग. सेंसिबिलिटीज की फिल्में बनाते हैं हमें. ऑस्कर के वैलिडेशन की कोई जरूरत नहीं है. हमें इस चीज की वैलिडेशन की जरूरत है कि. यहां पर कितने लोगों को एंटरटेन किया हमने. कितने लोगों ने हमारी फिल्में देखी कितने. लोगों को मजा आया कितने लोगों की जिंदगी. में कंट्रीब्यूट किया कि फॉर मी इट्स अ. स्ट्रेस रिलीफ कि अगर मैं पंचायत देखता. हूं इटस अ फैमिली व्यूइंग फॉर मी मैं मेरे. बच्चों के साथ मेरी वाइफ के साथ देखता हूं. तो मुझे लगता है कि अरे मेरी लाइफ में कुछ.
कंट्रीब्यूट हुआ लाइक मैंने बहुत फिल्में. देखी मैं आई कांट वच अ अमेरिकन कॉमेडी. फिल्म मेरे लिए वर्क ही नहीं करता है झे. कॉमेडी लगती नहीं है मुझे मेरा मैं कल्चर. से रिलेट ही नहीं कर पाता हूं आई कैन वच अ. मलयालम. फिल्म मैं दिस इज माय प्रॉब्लम बट आई एम. टेलिंग यू कि हमारा ऑस्कर के लिए फेसिनेशन. मुझे बिल्कुल ऐसा नहीं कि मैं ऑस्कर. भेजूंगा नहीं भेज दूंगा पर मुझे ऐसा कोई. फेसिनेशन नहीं है कोई ऐसा मैं. डिस्परेयूनिया नहीं हो कि ऑस्कर मिलने. से तो क्यों इतना क्रेज पूरी दुनिया में.
हर किसी को कि ऑस्कर जीतना है इंडिया में. बहुत है इंडिया में बहुत है मुझे तो बहुत. वाइल्ड है मुझे समझ में ही नहीं आता और. समझदार से समझदार लोग ऐसी बातें करते हैं. मुझे समझ में नहीं आता इस बात का मतलब. क्या. है आप अगर ये कह रहे हो कि ऑस्कर जीतने से. मुझे विजिबिलिटी ज्यादा मिल जाएगी मेरी. फिल्म बिजनेस कर लेगी तो वो तो वैलिड. कन्वर्सेशन है धंधा कर लेगी कि भाई आपकी. फिल्म चाइना में भी लग जाएगी या कोरिया. में भी लग जाएगी आपकी फिल्म 100 200 करोड़. वो तो एक वैलिड बात है कि बिजनेस का एक. पॉइंट ऑफ व्यू है पर लोग उसको वैलिडेशन से.
कनेक्ट करते हैं तो मुझे प्रॉब्लम है कि. अच्छा वो बता देंगे तो आप अच्छे फिल्मेकर. हो जाओगे यार ये क्या बात हुई यार यू नो. मेरे एक फ्रेंड है जो अब्दुल कलाम सर के. स्पेशल ऑफिसर थे स्पेशल एडवाइजर थे उनके. साथ रहते थे एंड वो मुझे बोलते हैं कि यह. जो नोबल प्राइज और हर इंडस्ट्री का कभी. मूवीज में ऑस्कर ले लो जितने भी सारे. अवार्ड है ना कि ये मिला वो मिला. पीसकीपिंग व्हाट एवर ब ये वेस्ट के चोच.
हैं उन्होंने एक तरीका बनाया है. मार्केटिंग करने का ताकि वो रेलीवेंट रहे. और दुनिया को दिखा रहे हैं वो सुपीरियर है. और हम लोग उनकी सुपीरियोर में देते जाते. हैं हमें क्यों चाहिए उनका अवार्ड यह. बताने के लिए कि हम बहुत बड़े साइंटिस्ट. हैं हम बहुत बड़े अच्छे एक्टर हैं हम. स्पेशली बत बली मैं वही कह रहा हूं कि. उसका हमें वैलिडेशन का जरूरत नहीं है भाई. मुझे वैलिडेशन का जरूरत है कि यहां पर. मेरे ज्यादा लोग देखें यहां मेरी फिल्म. बिजनेस करें मैं अगली फिल्म बना पाऊ लोगों. की जिंदगी में कुछ कंट्रीब्यूट करूं लोगों. को ह साऊ रुलाओ एंटरटेन करू ग्रेट.
मार्केटिंग टूल ना इट्स अ ग्रेट. मार्केटिंग टूल आज भी उनकी. सुपरिया ऑस्कर और वो अलग तरह की उसमें भी. एकदम ऑस्कर वाली फिल्में अलग होती है जैसे. ड़ के लिए बहुत लिखा जाता है कि अ ऑस्कर. चली जाती भाइयों मैं मैं आपके प्लेटफार्म. से बताना चाहता हूं कि ऑस्कर में कभी नहीं. जीतते तुम बाड़ तुम बाड़ वो फिल्म ही नहीं. है जो ऑस्कर के लिए बनी है अच्छी फिल्म का. मतलब नहीं कि वो ऑस्कर जीत जाएगी ऑस्कर. में सेंसिबिलिटी है उन लोगों की कि किस. तरह की फिल्में वो चूज करते हैं उनका एक. एक टेस्ट है वो सब्जेक्टिव है उससे आपकी.
फिल्म का अच्छा बुरा होने से मैं ये कह. रहा हूं ऑस्कर तुंबाड कभी जीत नहीं पाती. इसका मतलब कभी भी नहीं है कि तुंबाड अच्छी. फिल्म है तुंबाड कल्ड क्लासिक है मेरे. हिसाब से मैं दोबारा पता नहीं कैसे बना. पाऊंगा मेरी हर फिल्म के साथ मुझे ये. थ्रेट रहेगा कि लोग कहेंगे अरे ये तुम. बाड़ जैसी नहीं है ये मेरे साथ हर क्रेजी. में प्रॉब्लम होने वाली है पर क्रेजी अलग. तरह की फिल्म है हम अलग जनर है यू हैव टू. अंडरस्टैंड कोई भी वैलिडेशन चाहिए ऐसे. फगेट ऑस्कर कि मुझे ना. एक्स वाईजी एक्टर मुझे बोल दे कि यार यह.
तूने बढ़िया काम किया या मुझे मेरी पब्लिक. से मेरा एक नंबर है कि 100 करो और मार्क. हो जाए या न्यूजपेपर में या मैं मैगजीन. फ्रंट कवर प आ जाऊ आई डोंट नो कोई तो. वैलिडेशन एक मेट्रिक होगा जो मटेरियल होगा. जिससे इमोशन का कोई लेना देना बॉक्स ऑफिस. नंबर इट मैटर्स अ लट कि जब मैं ओपनिंग करू. तो मेरी सबसे बड़ी ओपनिंग हो नहीं मेरी. ओपनिंग बड़ी नहीं मुझे उससे कोई लेना देना. नहीं है मेरी फिल्म इनफ करे ताकि मेरी. दूसरी फिल्म आराम से बन जाए कि. मुझे सस्टेन कर पाऊं मैं मेरा प्रोडक्शन.
बिजनेस में मुझे मेरे पैसे नहीं डालने. पड़े बिजनेस ऑटोमेटिक सस्टन कर पाए मैं जो. फिल्में बनाना चाहता हूं व फिल्में बना. पाऊं और डेफिनेटली जितना बड़ा नंबर हो. जितने ज्यादा लोगों तक पहुंचे जितने. ज्यादा लोग ओटीटी प हमारी फिल्में देखें. हमारा काम देखें एज एन आर्टिस्ट मेरी एक. ही डिजायर है कि ज्यादा से ज्यादा लोग. मेरा काम देखें ज्यादा से ज्यादा लोग. थिएटर में मेरा काम. देखें और रिरिलीज में ना देखें रिलीज में. ही देख ले रिलीज में भी देखें रिलीज में. भी देखें क्यों क्रेजी री रिलीज नहीं होगी.
ये सिर्फ रिलीज होगी क्या पता रिलीज हो. पैसे बने थोड़े टाइम बाद कल्ट बने फिर. रिरिलीज भी कर द क्या मतलब हमारे वो कहावत. होती कि रोज-रोज मंगलवार नहीं. होता हर हफ्ते तो आता है ना हां हर हफ्ते. आता है ये बात तो सही आपकी आएगा वो वाला. मंगल वो वाला फ्राइडे नहीं आता वो कभी-कभी. भगवान की कृपा होती है कि ऐसा फ्राइडे आता. है कि सोचा था कि रिरिलीज में इतना कर. जाएगी. री रिलीज में इतना कर जाएगी ये नहीं सोचा. था पर जब रिलीज हुई थी तब बहुत कुछ सोचा.
था तो सपने एकदम ऐसे टूट गए थे कि अरे यार. ये क्या हो गया. पर और मुझे याद है कि दो दिन ऐसे मेरे. बीते थे जहां मुझे लगा था कि मैं फेल हो. गया अदर वाइज मुझे हमेशा लगा कि यार मैं. कर लूंगा बहुत बहुत अजीब सा ऑप्टिमिस्टिक. आदमी हूं मैं मतलब आप नाइव भी कह सकते हो. कि तो जब पहले दिन चली नहीं थी उस दिन. मैंने मेरे भाई को फोन करके कहा था उसको. हमेशा डाउट रता तो तो कैसे कामयाब होगा मु. याद हम वेनिस में फिल्म हमारी प्रीमियर.
हुई थी और हमारा होटल था उसके सामने ऐसे. सी था हम दोनों भाई वॉक कर रहे थे सी था. लेक थी मुझे याद नहीं है मुझसे पूछता है. कि क्या लगता है तुझे फिल्म का क्या होगा. मैंने कहा चलेगी बहुत चलेगी उसने कहा कौन. देखने आएगा मैंने देखना बहुत लोग आएंगे पर. उसके बाद सही साबित हुई जो ओपनिंग हुई तो. कोई देखने नहीं आया मतलब बहुत छोटी ओपनिंग. थी तो मैंने मेरे भाई को कॉल करके कहा. मैंने त सही था यार मैं फेल हो गया पर वो. दो ही दिन थे फिर वो तीसरे दिन से कुछ. क्रिटिकल कुछ थोड़े से कलेक्शन सुधर गए तो. उस समय बहुत ऐसे था कि यार बहुत कुछ बड़ा.
बिजनेस कर वो हुआ नहीं मुझे लगता था कि हम. मार्केटिंग हमने अच्छी नहीं की हम लोगों. तक पहुंचा नहीं पाए फिल्म लोगों को पता ही. नहीं थी फिल्म आ रही. है पर जब हम रिरिलीज कर रहे थे तो मुझे यह. था कि अपने रिलीज का नंबर क्रॉस कर लेगी. पर ये नहीं था कि इतना बड़ा नंबर कर लेगी. एक नए एक्टर को अगर आना हो आज तो क्या. सिखाओ उसको क्या बताना चाहोगे कि देख भाई. यह होता है गेम स्टेप बाय स्टेप बता. फर्स्ट गेम तो एक्सेप्टेंस ही है यार. दोस्त की कितने भी हाथ पैर मान ले कर्म ही.
है तेरे हाथ में वो है ही ना लाइन जो कि. कर्म किए जा फल की इच्छा मत कर इट्स. साइंटिफिक लाइन कि कर्म करो फल की इच्छा. करोगे तो अटक जाओगे ना कर्म ही नहीं कर. पाओगे यार कर्म किए जा सब हो जाएगा मैं. यही सिखाना चाहूंगा कि दोस्त चलते जा ब. कोई स्टेप्स होग तीन चार स्टेप्स में. ब्रेक करो थोड़ा लॉजिकली कि फर्स्ट था के. एक्टिंग सीख ये कर फिर ये कर फिर ये कर. फिर ये कर अंग टू एक्टिंग सीख राइटिंग. सीख राइटिंग बहुत इंपोर्टेंट होती है.
एक्टर को और निखार आती अगर आपको राइटिंग. की समझ आ जाए राइटिंग का कोर्स करना चाहिए. हर एक्टर को मुझे लगता मैंने नहीं किया. मुझे भी टाइम नहीं मिला पर मेरे आसपास. राइटर बहुत काम करते हैं तो मुझे उनसे. बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है कि मैं. स्क्रिप्ट पढ़ता हूं मैं फीडबैक देता हूं. तो मेरे पास. वो अपॉर्चुनिटी आ जाती है एक्टिंग सीख. राइटिंग सीख कहां से सीखनी चाहिए एक्टिंग. एक्टिंग तो यार अच्छे एक्टर्स को देखो. फिल्में देखो वर्कशॉप. करो बहुत सारी वर्कशॉप होती है य किसी की.
भी कर लो कुछ भी कर लो नहीं अतुल मंग. वर्कशॉप कराते तो बहुत अच्छे. टीचर उनकी वर्कशॉप करनी चाहिए प्रशांत. सिंह की वर्कशॉप करनी चाहिए अच्छी फिल्में. देखो मतलब तीन चार दोस्त हो तो एक्ट करके. देखो शूट करो बहुत इजी है शूट करना थिएटर. करो थिएटर करो उसको डीकंस्ट्रक्ट करो जो. आपने एक्ट किया राइटिंग करो और पीआर करो. अपना वो भी बहुत जरूरी है सोशल मीडिया पे. जाओ प्लीज क्योंकि दिखना बहुत जरूरी है.
भाई बनाओ ब्रांड सोशल मीडिया पे बनाओ. ब्रांड अपना पर काम सीखो बिना प्रोडक्ट के. कुछ मत बेचो प्रोडक्ट बनाओ अपने आप को फिर. बेचो तो एक्टिंग सीखो राइटिंग सीखो फिर. पीआर करो और. [संगीत]. दैट्ची राइट राइट उन्होंने बहुत सारी. चीजें करी है तो फिर क्यों ऐसा होता है कि.
ज्यादा क्रिएटर्स एक्टर्स नहीं बन पा रहे. अगर सोशल मीडिया बहुत इंपॉर्टेंट है तो. फर्स्ट चीज तो प्रोडक्ट इंपॉर्टेंट है ना. अगर आपने एक्टिंग नहीं. सीखी आपके हो सकते हैं 50 मिलियन फॉलोअर्स. हो हम टेंपरेरी आपको हो सकता है काम मिल. जाए कि जैसे यह भी एक बहुत ही कन्वर्सेशन. चलती है ना कि. एक्टर्स फॉलोअर्स देखकर कास्ट किए जा रहे. हैं हम जो लेजिटीमेट बात है कि ए. प्रोड्यूसर आपको लगता है कि यार इससे मुझे. रीच मिलेगी बट इट्स अ शॉर्ट टर्म गेम इट्स.
नॉट अ लॉन्ग टर्म गेम वो एक्टर से आपको. रीच मिल जाएगी पर वो टेबल प कुछ ला ही. नहीं रहा है तो आप करोगे क्या वो भी कहां. मिल रहा है क्या कोई ज्यादा फॉलोअर वालों. को भी कहां कोई कोई मेजर रोल थोड़ी मिल. रहा है छोटा मोटा साइड में इधर उधर मिल तो. रहे हैं रोल्स तो मिल ही रहे हैं ना भाई. वो जो ये कन्वर्सेशन थी कि कास्टिंग. डायरेक्टर आजकल ये दिखाते हैं कि सर ये. फलाना एक्टर है इसके इतने फॉलोअर्स है ये. कन्वर्सेशन ही रंग है ना टेक्निकली आप. समझो कि बात या य एक्टर है इसकी शो रील है. इसने उस फिल्म में इतना अच्छा सीन किया था.
या इसकी य शो रील है इसने य करके दिखाया. है या इसका य ऑडिशन है बिकॉज आप फॉलोअर्स. देखकर कास्ट कर सकते हो आपको लगता है रीच. पर वो फॉलोअर्स है वो है वो ठीक है पर आप. एक्टिंग. को साइडलाइन करके बाकी सब कर लोगे तो. एक्टर नहीं बन सक एक्टिंग करने के लिए. एक्टिंग का काम है जो सीखना पड़ेगा तो. मुझे लगता है कि वहां लैक हो रहा है मेंटल. हेल्थ आपने बताया था कि आप के पास गए थे. जी क्यों गए थे एक थेरेपिस्ट के पास. क्योंकि मैं पगला गया था मैं बम्बे में.
फिट इन फील नहीं कर रहा था मुझे लगता छोड़. दूं आ जाऊं थेरेपिस्ट क्या करेगा. थेरेपिस्ट का बहुत इंपोर्टेंट पार्ट है. मुझे लगता है कि हर आदमी को थेरेपिस्ट के. पास जाना चाहिए और यह बहुत ही टैबू है. हमारी सोसाइटी में कि थेरेपिस्ट के पास आप. गए तो इट मींस आप पागल होय बिल्कुल भी. नहीं. है थेरेपिस्ट इज अ वाइज. फ्रेंड जो आप जिसको कुछ पैसे दोगे और आपको. वो कीमती राय देगा बिकॉज प्रोफेशनल ही नोज. वेरी वेल कि किस टाइप के इशू होते हैं किस.
टाइप की पर्सनालिटी होती है किस टाइप की. बातें होती है तो मैं लीलावती में था एक. बार मेरे डॉक्टर फ्रेंड है तो उन्होंने. कहा कि सोहम हमारे यहां तो हम इतना करते. हैं अमेरिका में तो हर आदमी आठवे दव दिन. 15 दिन महीने में. दिन जाता है ए ही वाज अ फिजिशियन बहुत. अच्छे फिजिशियन है वो कहते हम भी हमारे. यहां जो थेरेपिस्ट से बात करते रहते हैं. कि सब ठीक तो चल रहा है तो लेकन राइट नाउ.
इन दिस वर्ल्ड वी आर लिविंग ना मेंटल. हेल्थ मेरे हिसाब से सबसे ज्यादा. प्रायोरिटी पर अगर आपने मेंटल हेल्थ फिक्स. कर ली तो आप शायद फिजिकल हेल्थ भी इजली. फिक्स कर लोगे फर्स्ट सबसे ज्यादा जरूरी. मेंटल हेल्थ है तो मेरे हिसाब से. थेरेपिस्ट एक वाइज फ्रेंड है जो आपको एक. घंटे दो घंटे आपकी एक तो राम गाथा सुनेगा. और उसमें से वो एक रास्ता निकाल के आपको. देंगे शायद मुझे लगता है कि इट विल हेल्प. आपको वल्व होने में हेल्प होगी अगर आप. थेरेपिस्ट से बात करेंगे लाइफ को समझने.
में बेटर अंडरस्टैंडिंग. होगी अगर आप कुछ भी ऐसा फील कर रहे हैं. आपको क्या बेटर हेल्प हुई लाइक मे बी देर. इज नो फ्रीविल देर इ डिफरेंट काइंड ऑफ. पर्सन कोई बर्ड है कोई ट्री. है पेड़ तो उड़ नहीं सकता तो पेड़ का. सोचना मैं उडू शायद लिखा ही नहीं है यू. कांट कंट्रोल लाइफ बट डू यू थिंक. एक्सेप्टेंस कि हा ऐसी ही है लाइफ और यही. है य आपकी ड्राइव खत्म कर देता है कम कर.
देता है मैं तो आके यहां पर पॉडकास्ट कर. ही रहा हूं मेरी फिल्म रिलीज होने वाली है. मैं तो बहुत सारे इंटरव्यू करने वाला हूं. वेरी एक्साइटेड पता नहीं फिल्म चलेगी फेल. होगी वो तो उसका है पर मैं तो बहुत मेहनत. से शिद्दत से मेरा काम कर रहा हूं कुछ भी. चेंज नहीं हुआ यह बात को जानने के बाद भी. इस बात को एक्सेप्ट करने के बाद भी फिर. क्या चेंज हुआ क्यों एक्सेप्ट करना शांति. आ गई इसलिए जरूरी है. एक्सेप्टेंस कि आपको लगता है कि हा इट्स. फाइन. कि जो नहीं हुआ नहीं लिखा था तो एक सम भाव.
में आ जाते हो आप अकॉर्डिंग टू मी जो आपके. पास है उसको ज्यादा सीरियसली नहीं लेते हो. कि अरे आई हैव अचीव दैट और जो नहीं हुआ. उसके लिए रिग्रेट नहीं करते हो बड़ी. एक्सेप्टेंस कैसे आया बहुत लोगों बहुत. लोगों को ना दूसरे लोगों को देख के जेलेसी. होती है य से लगता है मैं ऐसा नहीं हूं ये. दिखता ज्यादा अच्छा है यह बोलता ज्यादा. अच्छा है इसका मां बाप इसके बहुत ज्यादा. अच्छे इसके पैसा ज्यादा है इसकी इंग्लिश. जदा दूसरे दो को देख के हमेशा एक थोड़ा सा. इनफीरियर फील होता है मुझे बहुत होता था. इनफैक्ट आज भी मुझे कुछ रूम्स में कभी-कभी.
होता है आज मैं बहुत सिक्योर हूं मेरे खुद. को लेके और बहुत कॉन्फिडेंट हूं बट मैं. हमेशा दूसरों को देख के थोड़ा इनफीरियर. फील करता हूं कहीं ना कहीं भले वो मेरी. फील्ड के हो या नहीं हो ओवरऑल मुझे लगता. है कि यार किसी ची का कोई ज्यादा मतलब. नहीं है क्योंकि 203 साल की जिंदगी है 50. साल की जिंदगी है को टेंपरेरी है ना ऐसा. क्या. है ऐसी क्या चीज है कि जो आप कर लोगे तो. छा. जाओगे मैंने लेगासी बना द 10 फिल्मों की. ऐसी हिंदुस्तान से फिल्में नहीं बनी आपने. ऐसे पॉडकास्ट कर दिए कि हिंदुस्तान से.
नहीं बने 300 साल बाद भी आपका नाम है कौन. आप आ रहे हो वापस देखने के लिए आपका कितना. नाम है या मैं आ रहा हूं तो कोई भी चीज के. लिए मेरे को लगता है कि मेंटल हेल्थ. डिस्टर्ब करना के लिए कोई भी कॉस्ट अच्छी. नहीं है आपने बोला कि आप शाहरुख खान के. बहुत बड़े फैन थे जी क्या लगता है आपको. वाई शाहरुख खान इज द बिगेस्ट स्टार इन द. कंट्री इन द वर्ल्ड प्रोबेबली एसआर के फॉर. मी इज लाइक. उनको समझ में आता है कि कब क्या बोलना है. किसको बोलना है कैसे बोलना है आई थिंक ही.
इज. अ ही इ लाइक अ बुक यू कैन कीप रीडिंग हर. मोमेंट प उनको समझ में आता है कि उन्होंने. कुछ गलत भी किया होगा ना उनकी लाइफ में और. जो फट गया गलत उसको टैकल करके कैसे उसको. सही कर देते ही अंड स्स्टस आई डोंट नो अगर. वो नेचुरली आता है कि स्ट्रेटेजी उसके बीच. आई जस्ट लव इट तो मुझे बहुत पसंद है व्हाई. डू यू थिंक कि वो इतने सालों तक आज भी. नंबर वन कैसे कोई नहीं रह देता इतने टाइम. तक इतना बड़ा ही इज द फर्स्ट फेमिनिस्ट. अकॉर्डिंग टू. मी जब इस इंडस्ट्री में वह आए थे तो.
डीडीएलजी फिल्म क्या है वो कह रहा है कि. भाई मैं भगा के नहीं ले जाऊंगा लेके तो. मैं बाप की मर्जी से जाऊंगा नहीं तो नहीं. जाऊंगा वोह सिर्फ रिटन कैरेक्टर नहीं है. वो शाहरुख खान साहब की पर्सनालिटी भी है. मुझे ऐसा लगता है आई विल टेल यू वन स्टोरी. बार्ड ऑफ ब्लड में मेरा छोटा सा कैमियो था. तो स्क्रीनिंग हुई बर्ड ऑफ ब्लड के टाउन. में सब एक्टर थे मैं भी था शाहरुख साहब भी. थे तो मैं मेरी वाइफ के साथ था मेरी वाइफ. आगे फिर शाहरुख खान साहब फिर मैं तो एक. लड़का से फट से.
क्रैश मतलब तेजी से गया दौड़ के तो मेरी. वाइफ के आगे शाहरुख खान कैसे हाथ चले गए. उसको प्रोटेक्ट करने के. लिए कि इतनी गट में बस गई है कि इतनी. इज्जत करते हैं लड़कियों की बिकॉज वो उनके. बीइंग में है एक एक आदि चोपड़ा की एक लाइन. है जहां पर बोलते हैं शाहरुख को शाहरुख इन. दिस कंट्री द नेक्स्ट सुपरस्टार विल बी द. पर्सन हुज एवरी मदर सन एवरी सिस्टर ब्रदर.
एंड एवरी कॉलेज गर्ल्स ड्रीम समथिंग लाइक. दैट एम रीप रीफेसिंग दिस लाइ ब ऐसी कुछ. लाइन एंड शाहरुख खान स्टैंड्स ट्रू इन दिस. स्टेटमेंट ए नो कंपेयरिंग इंडिया वर्सेस. हॉलीवुड एक चीज जो मुझे बहुत. फैसटिकट व. पर अवेंजर्स जैसे बन गए सबका अपना अपना. अपना हमारे इधर ये सब क्यों नहीं होता.
मुझे ज्यादा पता नहीं पर मुझे लगता है कि. वहां राइटिंग मटेरियल बहुत अवेलेबल है जिस. पर आप अडेप्ट करके बना लो हमारे पास. कहानियां बहुत है पर वो एक उस तरह के. फॉर्म में नहीं है कि शायद सीधा उस फिल्म. बना लो इको सिस्टम नहीं है यार वो खड़ा. करने की जरूरत है कि ऐसी फिल्में बने. क्यों नहीं बनती महाभारत या हर आदमी एक. चैप्टर है एगजैक्टली. कि अश्वथामा एक चैप्टर है बीच-बीच में कुछ. कुछ फिल्में अनाउंस हु थी पर बन नहीं रही. है या क्या कैरेक्टर एक पिक्चर है खुद में. खुद कैरेक्टर पिक्चर है करण भीष्म बिता.
में और कितनी स्टोरीज है हमारे. यहां पर बन नहीं रही है तो मुझे लगता है. कि. वो मुझे खास बात ये लगती है कि मुझे बहुत. स्ट्रंग लगता है कि प्रोड्यूसर नाम का. आदमी ना हमारी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से. पिछले 15-20 साल से गायब है और जब तक वो. आएगा नहीं तब तक क्योंकि क्या होता है कि. डायरेक्टर प्रोडक्शन हाउस खोल लेता है वही. और उसकी खुद की रिस्क टेकिंग कैपेसिटी. नहीं है प्रोड्यूसर एक आदमी होता जो रिस्क. लेता है ये बिजनेस थोड़ा सा रिस्की बिजनेस. है ये ऐसा नहीं बहुत सेफ बिजनेस है कि.
प्रोड्यूसर है जो थोड़ा रिस्क लेता है कि. यार मैं बनाऊंगा ये वो एक डायरेक्टर को. लाएगा कहानी को जोड़ेगा तो डायरेक्टर. क्रिएटिव देख रहा है पर प्रोड्यूसर ऐसा है. कि जो थोड़ा क्रिएटिव में बता रहा भाई. मुझे ऐसा चाहिए मुझे यह करना है वो रिस्क. लेगा वो स्केल लाके देगा तो वो हुआ ही. नहीं है पिछले 15 20 सालों से आप कभी. बनाना चाहोगे. महाभारत नहीं यार बहुत टफ है मैं कुछ और. बना रहा हूं जो उसी स्केल का है. तो इट्स कॉल्ड संतोष लक्ष्मी बहुत अभी दूर. की कहानी है हमारी औकात से बहुत बड़ी बजट.
की फिल्म है वो मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है. कितना टाइम लगेगा व्ट ड यू थिंक पता नहीं. यार अभी तो मतलब तु टू बनेगी अभी तो. क्रेजी आएगी उससे शायद दो कदम चलेंगे फिर. कोई और फिल्म आएगी उससे चार कदम चलेंगे. फिर तुंबाड आएगी उससे छह कदम चलेंगे तो. फिर एक रास्ता बनेगा फिर वह फिल्म बनेगी. तीन चार साल एक्ट करोगे उसम एक्ट तो किना. कुछ करता ही नहीं दोस्त मुझे प्रोडक्ट. प्रोड्यूस करने का कोई शौक नहीं है इट्स अ. थैंकलेस जॉब सिर्फ मैं इसलिए प्रोड्यूस.
करता हूं कि मुझे एक्टिंग करने को मिले और. वही फिल्म बनाता हूं जो एक्ट करता हूं. क्योंकि इट्स अ टफ जॉब दो-तीन साल लग जाते. हैं फिल्म को बनाने में हमने क्रेजी 2022. में शूट की थी एडिट में टाइम लगा यह चेंज. करें वो चेंज करें बहुत पैशन से बहुत. प्यार से बनाता हूं पर मुझे सिर्फ और. सिर्फ एक्टिंग का शौक है जिस तरह की. फिल्में मुझे बनानी है जिस तरह की. कहानियां मुझे कहनी है लाइक आई ऑलवेज. बिलीव इन दिस थिंग कि जब आप कुछ सोचते हो. ना मुझे वो करना है और आप वो कर लेते हो. और फिर वो दूसरी बार सोचते हो और दूसरी.
बार भी कर लेते हो फिर आपको नशा लग जाता. है और उसका जो नशा है ना कि मैंने कुछ. सोचा कुछ करने की कोशिश करी हाथ पैर मारे. मेहनत करी और कर लिया वो नशा आप पागल हो. चुके अब उसमें आप घुसते चले आओगे बस होते. ही जाएगा आप कुछ भी कर लो अब आप उससे बाहर. नहीं निकल सकते हैं ट्स वाइल्ड एडिक्शन द. बेस्ट एडिक्शन आई एग्री दोस्त चलो चलो. बहुत म थैंक यू सो मच थैंक यू थैंक यू. दोस्त. अरे कैसे हो यार कैसे.
हो मैं सुनता रहता हूं यार आपके पॉडकास्ट. थैंक यू ये आप लेके आए हो घर से कप ये यार. मेरा फेवरेट है गिलास मैं चाय पीता हूं और. इसी में पीता हूं कटिंग चाय का जो मजा है. ना वो इस वाले कप में ही इसमें लाइने भी. होनी जरूरी है अगर ये प्लेन हो तो मजा. नहीं. आएगा तो आई एम अ चाय लवर और नहीं मुझे. काफी अच्छा लगा पांच छह अपने लिए भी बुलवा. लो एक छह का सेट ऐसा वाला है मुझे काफी. बढ़िया. लगाए मस्त लग रहा है थैंक यू सो मच ये.
एपिसोड एंड तक देखने के लिए आपको पता है. कि आपको तीन चीजें करनी है नंबर वन अभी के. अभी हमें सब्सक्राइब कर लो क्योंकि अगर. हमने आपको कुछ भी इंसाइट्स दिए तो प्लीज. आपका एक सब्सक्राइब कैन हेल्प अस अ लॉट. नंबर टू कमेंट करके हमें बताओ कि और कौन. से गेस्ट हैं जिनके साथ आप चाहते हैं कि. हम पॉडकास्ट बनाएं और उनसे क्या क्वेश्चंस. पूछे ताकि हम आपके लिए और बेहतर एंड. वैल्युएबल इनसाइट्स ला सकें एंड नंबर थ्री. ये एपिसोड किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर. करना जिसकी लाइफ में कुछ एक नया सीखने को.
मिलेगा उसे इस एपिसोड से क्योंकि एक. कन्वर्सेशन इनफ होती है किसी की लाइफ का. नजरिया बदलने के लिए आई विल सी यू नेक्स्ट. टाइम. [संगीत].
