Sexologist Reveals The Formula To GREAT SEX LIFE, Boost Performance, Food & Porn | FO373 Raj Shamani
50% से ज्यादा लोग आर हैविंग सेक्स विथ. कााउज़, बफेलोज़। दे आर रेपिंग एनिमल्स।. कोई फर्क नहीं पड़ता।. उनको कोई हाइजीन से फर्क नहीं पड़ता। एक. यूनानिमस, एक पूरा मास्टरबेशन का एक सर्कल. होता है इसमें। लोग साथ में बैठ के. मास्टरबेट करते हैं। और कंपटीशन होता है।. कितनी बार आप डिस्चार्ज कर सकते हो।. सबसे डिस्ट्रक्टिव बिलीफ क्या है सेक्स के. बारे में? कि हम आधा घंटे तक लगातार सेक्स. कर सकते हैं। जैसा कि हम अपनी वीडियोस में. देखते हैं। जितने भी पोर्न में आप पेनिस.
देखते हो वो सारे के सारे इंजेक्टेड हैं।. पेपावेरिन से आप डालिए एंड इट विल बी. इरेक्टेड फॉर वन आवर टू आवर। बहुत. अच्छे-अच्छे कंडोम्स एक्स्ट्रा टाइम वाले. आ रहे हैं। उसमें जो लुब्रिकेंट है उसमें. भी सुन्न करने की दवा है। आपका ऑर्गन. सुन्न कर रहे हैं वो लोग और आपको. एक्स्ट्रा टाइम दे रहे हैं। आज के हमारे. गेस्ट हैं संकल्प जैन जो एक सर्टिफाइड. सेक्सोलॉजिस्ट एंड साइकोसेक्सुअल. थेरेपिस्ट हैं। आज हम उनसे जानेंगे गुड. सेक्स क्या होता है? स्पिडोफेलिया जैसे. डिसऑर्डर्स होते क्यों हैं और गट हेल्थ. कैसे आपके सेक्सुअल वेल बीइंग को इंपैक्ट. करता है व्हाट्स द एवरेज टाइम फॉर गुड.
सेक्स. एट लीस्ट 15 टू 25 मिनट्स पेनिट्रेटिव. सेक्स 40 स्ट्रोक्स 50 स्ट्रोक्स रेपेटेशन. इसी को हम लोग तीन पार्ट में डालते हैं. फोर प्ले रोल प्ले और राउंड्स राउंड से. मेरा मतलब ही वही है कि आप 30 स्ट्रोक. वाले हो रुक जाओ 20 स्ट्रोक वाले हो रुक. जाओ लेकिन आप 10 स्ट्रोक वाले हो तो अब. रुक जाओगे तो सामने वाला इंसान विल. क्वेश्चन यू। क्यों ऐसा लगता है लोगों को. कि वो अच्छा सेक्स नहीं कर पाते। एक शब्द. मैं जवाब देता हूं।.
व्हाट डू यू थिंक एक ग्रेट सेक्स के लिए. प्री रिचुअल होना चाहिए। वन डे बिफोर आप. अपने खाने के ऊपर कंट्रोल रख लो। नाइट्रिक. ऑक्साइड रिच फूड। एक बीटर रूट आपने खा. लिया। एक आपने खीरा खा लिया। एक टमाटर खा. लिया। वुमेन की एक्सपेक्टेशन ऑफ टाइमिंग. एंड सेक्सुअल परफॉर्मेंस इन बेड वो क्यों. बढ़ गई है बहुत ज्यादा। वो एज के साथ में. बढ़ती चली जाती है बिकॉज़ देयर एरिया. एक्सपेंड्स। कहीं ना कहीं उनको स्टिमुलेशन. ज्यादा चाहिए रहता है। वन सेक्स टिप जो हर. इंसान को पता होनी चाहिए।.
[संगीत]. आगे बढ़ने से पहले इस चैनल को सब्सक्राइब. कर लीजिए ताकि हम आपके लिए इसी तरह से और. इनाइटफुल और बेहतर पडकास्ट बनाते रहें।. एंड इस पूरे शो का ऑडियो एक्सपीरियंस. स्पॉटिफाई पे अवेलेबल है। जहां पर आप हमें. फॉलो कर सकते हैं। एंजॉय द शो।. क्लीवलैंड क्लीनिक की एक स्टडी थी हम जहां. पे वो बता रहे थे कि अब उस स्टेट में. उन्होंने क्या कर दिया है कि पीडोफीलिया.
जो है हम वो इतना कॉमन हो गया है कि नाउ. उन्होंने एक्सेप्ट कर लिया है दे आर. कॉलिंग ए पर्सन अट्रैक्टेड टू यंगर पर्सन. वो उसको पीडोफीलिया नाम भी लाइक दैट्स द. मोस्ट थिंग मैंने भी पढ़ी रिसेंटली. पीडोफाइल इज अ डिसऑर्डर साइकेट्री की. हमारी किताब में एक डिसऑर्डर पीडोफाइल. जिसको छोटे बच्चों के साथ में अट्रैक्टेड. होते हैं। और आप मानोगे नहीं ये 40 साल 50. साल के लोग जो हैं ना द बेस्ट अंकल्स इन द.
वर्ल्ड दे आर पीडो फाइल्स। उनके बच्चे हैं. खुद के हो सकता है उनके आईआईटी में बच्चे. हो। हो सकता है उनके बच्चे बड़े-बड़े. बिनेस क्रैक कर रहे हो। दीज़ पीपल आर पीडो. फाइल्स। आप उनकी शक्ल से देख नहीं पाओगे।. खूब इनफेक्शन लेके आते हैं। खूब सब कुछ. लेके आते हैं। मुझे यह 17 18 साल के लड़के. के साथ. सर 15 12 10 नो खरीद लेते हैं। खरीदते हैं. लिटरली व्हेन दे हैव मनी दे दे टेंड टू. बाय इट और मोर ओवर वह लेबर के एंड पे आता. है और उसके बाद दे टेंड टू अब्यूज वाला वो.
पूरा उसका तो डिस्ट्रक्ट हो गया ना पूरा. डिस्ट्रक्टिव. खत्म हो गया उसका लाइफ एंड हो गई और उसके. बाद में उसको बाहर निकाल देंगे या तो अगर. कुछ भी उसने बोल दिया तो पुलिस के हवाले. कर देंगे 50 साल के अंकल आर बाइंग मैन 12. 13 साल के ऐसा मतलब वही बात है ना वो. डीपेस्ट ऑफ द डीपेस्ट जो बातें बताते हैं. और उसके बाद अपने इंटरेस्ट बताते हैं।. बिकॉज़ कहते स्टार्टिंग में यही है कि सर. डॉक्टर और वकील से कुछ छुपाना नहीं चाहिए. और उसके बाद द स्टोरी स्टार्ट्स। सो दैट.
काइंड ऑफ इंडिविजुअलिटी लोगों की अलग-अलग. है। आपने बताया क्लिपिडो फाइल तो एक छोटी. सी चीज है ये। इसके अलावा भी बहुत कुछ. होता है जो कि लोग मतलब ठीक है लोगों के. इंटरेस्ट एरिया है। गांव में इजी एक्सेस. है लोगों का। लोग जानवरों को इस चीज का. शिकार बनाते हैं। गांव में तो सबसे ज्यादा. चलता है। इवन 50% से ज्यादा लोग आर हैविंग. सेक्स विद कााउस, बफेलोस एंड ये सब चीजें।. क्या बात कर रहे हो? एवरीवन, आप यह गांव.
में जनरल वेल बीइंग है। कोई गांव से आता. हो आप एक बार पूछ के देखो उससे। अब वो शहर. में शिफ्ट हो जाते हैं। दे आर हैविंग. सेक्स विद एनिमल्स। एनिमल्स दे रेपिंग. एनिमल्स। दे आर रेपिंग एनिमल्स। लिटरली. मतलब वो पूरा एक गड्ढा बनाते हैं अपने. लेवल पे व्हेन दे स्टैंड। तो इट शुड अलाइन. विद देयर ऑर्गन एंड वो गड्ढा लिटरली. क्रिएटेड हैं वहां पे। मैंने देखे हैं. उसके फोटोस। और लोग जब बताते हैं ना कि. मैंने यह किया है, यह किया है, यह किया.
है। उसके बाद आपकी यहां से जिंदगी शुरू. हुई है, तो आप ऑब्वियसली आप मतलब बहुत. अच्छे एंड पे तो अपने साइकोलॉजिकली आपको. उस मार्केट में निकाल दिया गया है। शहर. में आप आ गए हो। नाउ यू आर लुकिंग एट. एनिमल्स और पीपल। यू विल ट्रीट पीपल एज़. एनिमल ओनली। फॉर देम, इट्स जस्ट अ. पेनिट्रेटिव. एरिया। कहीं भी हो। कोई मतलब नहीं उनको. कोई फर्क नहीं पड़ता। उनको कोई हाइजीन से. फर्क नहीं पड़ता। उनको कोई फर्क नहीं.
पड़ता किसी चीज से। आई हैव आल्सो वर्ड. अबाउट अ हेन आल्सो बीइंग दैट वास रीडिंग. रिसेंटली पाकिस्तान में वो ऑफ पिग्स एंड. यस डूइंग हमारे ये सब गांव में चलता है।. ये सब नॉर्मल है उनके लिए। क्या एक. यूनानिमस एक पूरा मास्टरबेशन का एक सर्कल. होता है इसमें। लोग साथ में बैठ के. मास्टरबेट करते हैं। साथ में एक पेड़ के. नीचे, एक सराउंडिंग में साथ में। एंड. 10-12 लोग मिलके 10 12 लोग मिलके और. कंपटीशन होता है कितनी बार आप डिस्चार्ज.
कर सकते हो।. कोई बताता है 12 बार, कोई बताता है 25. बार, कोई बताता है 10 बार। और ट्रीटमेंट. कभी-कभी इसीलिए कराने आते हैं कि सर मैं. तो सिर्फ पांच बार ही डिस्चार्ज हुआ। उसके. बाद तो आई डिडंट गेट इवन एन इरेक्शन।. टाइटनेस नहीं आई। ट्रीटमेंट इसलिए कराने. आए हैं।. तो दिस गोस इनसेन दिस गोस इनसेन व्हाटएवर. मतलब सेक्स को लेकर लोग आप बीडीएसएम बहुत. छोटी चीजें रह गई हैं। ये सब किताबों वाली.
चीजें रह गई हैं। लोग क्या-क्या नहीं कर. रहे हैं वो बहुत बड़ा एक अपने आप में. आस्पेक्ट है और मोर ओवर वही दर्शाया गया. है। जैसे आप पीडोफीलिया की बात कर रहे थे. हम लोग। जी। सो पीडोफाइल मतलब एक बूढ़े. अंकल को या किसी एक बड़े इंसान को बच्चों. में इंटरेस्ट है। किसी भी इंसान को बच्चे. नहीं होंगे। बच्चे नहीं होंगे। ऑब्वियसली. एक स्टैचर पे 30 साल के बाद में यही बच्चा. जहां इन्वॉल्व होता है वहां पीडोफाइल का. इस्तेमाल करते हैं। तो जहां पे 18 के अंडर. होता है उसको पीडोफाइल यूज़ करते हो। यस।.
नाबालिक। एंड दिस इज़ प्रॉपर एक तरीके का. मेंटल डिसऑर्डर। मेंटल डिसऑर्डर है।. साइकेट्री में एक मेंटल डिसऑर्डर है। इस. चीज को दवाओं के द्वारा ट्रीट किया जाता. है। देयर इज़ एन एक्चुअल ट्रीटमेंट फॉर इट।. होता है यस बिल्कुल होता है। मतलब. ऑब्वियसली एंटी डिप्रेसेंट्स इन्वॉल्वड. होती हैं। काउंसलिंग्स इन्वॉल्वड होती. हैं। रियलिटी चेक इन्वॉल्वड होता है। एक. कहता है डल्यूजन होता है एक इंसान को। उस. डल्यूजन में जीता है। जैसे एक डल्यूजन ऑफ़. ग्रैंडर होता है। डल्यूजन ऑफ़ ग्रैंडोर में. वो अपने आप को अंबानी समझेगा। कि मैं तो.
यह खरीद लूंगा, मैं वो खरीद लूंगा। वो. रेस्टोरेंट में जाएगा और किसी के ऊपर भी. गुस्सा करने लगेगा। बोलेगा तुम मुझको पनीर. की सब्जी नहीं दोगे। मैं तुम्हारा. रेस्टोरेंट खरीद लूंगा। यह लोग बीमार हैं।. और जब यह एक्सेसिवली होने लगता है तो कहीं. ना कहीं उसको डॉक्टर की उसमें जाना पड़ता. है और मोर ओवर परिवार वाले ही ले जाते हैं. बिकॉज़ सोसाइटी की वेल बीइंग के लिए वो. इंसान खतरा है हम और यही चीज बहुत सारी. रहती है कि मुझको कोई मार देगा वो भी. डल्यूजनंस होते हैं। बहुत अलग-अलग. साइकेट्रिक विभाग में तो बहुत अलग-अलग.
डिसऑर्डर्स हैं जिसमें से एफ्रोडेजियाक भी. एक डिसऑर्डर है। क्या होता है ये? जो बहुत. ज्यादा सेक्स की अर्जस होती हैं।. निंफोमेनिया भी एक डिसऑर्डर है जिसमें. फीमेल को बहुत ज्यादा सेक्स की अर्ज होती. है। जिसमें रोज उसको पांच बार सेक्स करना. है एवरीड। वहां पे भी पति परेशान हो के. आते हैं कि सर समथिंग इज रॉन्ग। मैंने. अपने फ्रेंड से डिस्कस किया वो तो हफ्ते. में दो बार करते हैं। मेरे को हफ्ते में. पांच बार करना पड़ रहा है। मैं कहां पे.
गलत हूं क्या? तो ऑब्वियसली वो इंसान गलत. नहीं है। उसको फोर्सफुली पुश किया। तीनों. तीनों केसेस की बात करो। मेरे को बताओ. पिडोफीलिया किसकी वजह से होता है? पीडोफीलिया एक तरीके का चाइल्डहुड. एक्सपीरियंस है जो कि ट्रॉमा उसको ट्रॉमा. नहीं बोलेंगे। एक ट्रॉमा से गुजरा इंसान. लेकिन उसमें उसको मजा आने लगा। तो उसने उस. चीज की धारणा बना ली कि मेरी मुझे यह करने. में बहुत अच्छा लगता है। तो बचपन में उसके.
साथ हुआ होगा। उसके साथ हुआ है। यस। ओ. जनरली बस बड़े इंसान किसी बड़े चाचा मामा. फूफा समवन फ्रॉम द फैमिली ऑलवेज समवन. फ्रॉम द फैमिली डस इट इवन फीमेल्स इवन. मेल्स किसी बड़े ने उसके साथ एक्सप्लइटेशन. किया तो अब वो दूसरे बच्चों के साथ करता. है क्योंकि उसको एक्सपीरियंस ही वही है. क्योंकि उसको पता ही परसेप्शन ही वही है. कि ये होता है सेक्स. एंड देन द अदर थिंग जैसे आपने बोला. निंफोमेनिया व्हिच इज जहां पे सेक्स की.
अर्जस बहुत ज्यादा ज्यादा होती है और एक. और वर्ड बोला मेन का एफ्रोडेसिया तो यह. क्यों होता है यह बहुत बार एक डिसऑर्डर है. हॉर्मोनल डिसऑर्डर है मोर ओवर जिसको. क्लीनिकल आस्पेक्ट से टेस्ट किया जाता है. उसके बाद उस चीज को समन करने की उस चीज को. सेटल डाउन करने की दवाएं दी जाती हैं. इस्ट्रोजन प्रोजेस्ट्रॉन और जो फीमेल्स. में हॉर्मोंस होते हैं थोड़ा सा एक तरीके. का केमिकल इमंबैलेंस इसको आप बोल लीजिए. जिसकी वजह से अर्ज उसको ज्यादा डोपामिन. रिलीज़ हो रहा है ज्यादा उसको अर्जस हो. रही हैं और बहुत बार एक्सपीरियंस बेस्ड.
बेस्ड भी होता है यह चीज कि उसको मिला हो. या उसके बॉयफ्रेंड ने उसको इस तरीके से या. उसके पार्टनर ने उसको इस तरीके से कंडीशन. कर दिया है तो वो ही अपने हस्बैंड से भी. एक्सपेक्टेशंस के आधार बना लेती है तो एक. तरीके की दोनों चीजें क्लीनिकल इवैल्यूएशन. का विषय है ये साइकोलॉजिस्ट उसको बात करता. है क्लीनशियन उसको पैथोलॉजी क्लियर पाथ. रूट कॉज नहीं है नहीं क्लियर रूट कॉज एक. नहीं हो सकता अनेक मतलब अलग-अलग रूट कॉज.
इसमें डायग्नोस करते हैं। फिर जाके. कंक्लूजन में पहुंचते हैं कि इसको एंटी. डिप्रेसेंट्स की जरूरत है कि सिर्फ. काउंसलिंग से काम हो जाएगा। डू यू थिंक कि. बचपन से जैसे इंडिया में स्पेसिफिकली ऐसा. होता है सेक्सुअल सप्रेशन बहुत ज्यादा. होता है। राइट? मतलब व्हाट आई मीन. सेक्सुअल डिजायर सप्रेशन कि जब भी आप. सेक्स के बारे में बात करते हो या आपको. फर्स्ट टाइम जब इरेक्शन होता है या फर्स्ट. टाइम वुमेन को जब अर्जस होती है तो आपके. घर के घर में ऐसा माहौल बना रहा जा ऐसा.
माहौल बनाया जाता है कि ये सब गलत बातें. हैं। मत सोचो इसके बारे में मत करो।. मास्टरबेशन नहीं करना। सेक्स को देखना. नहीं। टीवी पे भी कुछ चल रहा होता है किसी. के लाइक नहीं करना। बचपन से दिखाया जाता. है कि ये बहुत गलत चीज है। गंदी चीज है और. कोई बात नहीं करता इसके बारे में। तो आप. सप्रेस सप्रेस सप्रेस कर रहे हो और फिर. एकदम से डू यू थिंक कि वो सालों तक. क्योंकि सप्रेस करते जाते हो तो एकदम जब. बड़े होते हो फिर देन मे बी आउटबस्ट होता. है एंड वो आउटबस्ट इज़ कि आपके दिमाग में. आई डोंट नो इट कैन टर्न इंटू इदर.
एसेक्सुअल कि मुझे पसंद ही नहीं है सेक्स. करना खत्म ही हो गया मैं दूर हो गया इससे. यहां वो आउटबस्ट होता है कि मुझे बहुत. करना है बहुत ज्यादा निकल जाता है यही चीज. है इसमें आप इंडिया में नहीं बोल सकते ये. सब जगह है फीमेल्स के लिए मतलब हम लोग. मॉडर्न मेडिसिन फॉलो करते हैं। मॉडर्न. मेडिसिन में भी मैंने भी अपने एमबीबीएस. में ये चीज देखी। मतलब बचपन में तो खैर. स्कूल के ए टाइम पे हम लोग को वो चैप्टर. स्किप करा दिए जाते थे जहां पे. रिप्रोडक्टिव ऑर्गन बना हुआ है। एक हमारी.
टीचर ने तो बोला था उसको स्टेबल कर दो।. मतलब दैट दैट टाइम बिकॉज़ माय फादर वाज़ अ. सेक्सोलॉजिस्ट। ही माय ग्रैंडफादर वाज़ अ. सेक्सोलॉजिस्ट। मोर ओवर ये लोग यही चीज कर. रहे थे। ऐसा नहीं था हमारे घर में खुल के. बात होती थी। नहीं केस डिस्कशंस थे वो लोग. उनका अपना विषय था। मोर ओवर मेरे को पता. था क्या करते हैं। लेकिन जब उन्होंने. स्किप कराया तो वो मेरे को एक स्ट्रक किया. कि यार ऐसा तो नहीं होना चाहिए। लेकिन. एक्चुअली में कोई एक मेंस हेल्थ एक्सपर्ट. नहीं आता। एंड्रोलॉजिस्ट आ गए हैं। लेकिन.
एंड्रोलॉजी एक तरीके का सीमन वाला पार्ट. है। जहां पे फर्टिलिटी को टारगेट करते. हैं। तो फर्टिलिटी और इंटिमेसी दो काम. होते हैं एक ऑर्गन के। इंटिमेसी को कोई. टारगेट ही नहीं कर रहा था। दैट्स व्हेन. माय फादर मतलब चैंपियंस ऑफ चेंज ओनर वाइस. प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया से मिला दैट अवार्ड. बिकॉज़ ही सजेस्टेड अ प्रोटोकॉल वेयर देयर. वाज़ नो नीडल देयर वाज़ नो वाइग्रा देयर वाज़. नथिंग इनवॉल्वड इवन डॉक्टर भी इन्वॉल्वड. नहीं था उस प्रोसेस में कि आप आओ अपना.
प्रोसेस लो। उसको हम लोग बोलते हैं. इरेक्टिक केयर प्रो। रिसेंटली वी गॉट द. पेटेंट फॉर इट फ्रॉम दिस इंडियन अथॉरिटीज़।. यू नो यू सेड कि आप एक सर्टिफाइड. सेक्सोलॉजिस्ट हो। यस सर। क्या होता है. सेक्सोलॉजिस्ट? एमबीबीएस एमडी करने के बाद में कुछ. फेलोशिप्स होती हैं जिसमें आप अपने आप को. एनरोल करते हो और एसोसिएशंस होती हैं। इन. एसोसिएशंस में हम लोग बहुत सारे डॉक्टर्स. होते हैं और सारे मॉडर्न मेडिसिन. प्रैक्टिशनर्स होते हैं। ये एमबीबीएस. डॉक्टर्स भी हो सकते हैं। इन एसोसिएशंस.
में आप कोर्सर्सेस करते हो। जैसे हर चीज. के फेलोशिप है। आज की डेट में डीएनबी है, फेलोशिप्स है। उसी तरीके से सेक्सोलॉजी की. भी फेलोशिप्स होती हैं। उस तरीके से. अमेरिकन कॉलेज ऑफ सेक्सोलॉजिस्ट जिसमें से. एक बहुत बड़ा नाम है उससे भी मैंने किया. हुआ है। तो उस तरीके से आप एक सर्टिफाइड. सेक्सोलॉजिस्ट बनते हो। करता क्या है? सेक्सोलॉजिस्ट का मेन जॉब क्या होता है? इरेक्शन लाने का काम करता है और. प्रीमेच्योर को रोकने का काम करता है।. प्राइमरी प्राइमरी जॉब। प्राइमरी जॉब यही. है कि अगर इरेक्शन नहीं आ रहे हैं तो यू.
गो टू अ सेक्सोलॉजिस्ट दे विल हेल्प यू. गेट इरेक्शंस और अगर प्रीमेच्योर. इजाकुलेशन है एक्सजेक्टली अर्ली इजेक्शन. है जहां पे सामने वाली फीमेल को. ऑर्गेनिज्म ही नहीं आ पाता और आप. डिस्चार्ज हो जाते हो मतलब यू स्टार्ट एंड. एंड विद इन 5 सेकंड्स। बट डोंट यू थिंक. प्रीमेच्योर इकैकुलेशन बहुत सब्जेक्टिव. है। और अर्ली इजकुलेशन बहुत सब्जेक्टिव. है। किसी के लिए. बिकॉज़ आपने जो टर्म यूज़ करी कि किसी की भी. फीमेल पार्टनर जो है उससे पहले मेल.
पार्टनर का एंड हो जाता है। डिस्चार्ज हो. जाता है। सेक्सुअल उसको ऑर्गेनिज्म पहले. ही आ जाता है देन द वुमेन। राइट? दिस इज़ अ. वेरी कॉमन प्रॉब्लम अराउंड द वर्ल्ड। अब. कई बार ऐसा होता है कि लोग 15 20 मिनट तक. सेक्स कर रहे हैं तो भी मेन डिस्चार्ज. फर्स्ट देन वुमेन। और कई बार ऐसा होता है. कि 5 सेकंड में ही हो गया। तो दोनों. प्रीमेच्योर्यो इकुलेशन ही हुए है ना आपके. हिसाब से तो आपकी डेफिनेशन के हिसाब से कि. अगर वुमेन से पहले आ जाता है तो देन दोनों.
डेफिनेशन इज़ सेम दोनों डेफिनेशन इज़ द सेम. बट सेक्स एक कंज्यूमेशन की प्रोसेस है. जिसमें दो लोग इनवॉल्व होते हैं। सबसे. पहले तो समझ लेते हैं कि नॉर्मल चीज क्या. होती है? क्योंकि इस चीज की बहुत सारी अत. अतिशयोक्ति है मार्केट में। ओवर. एग्जाजरेटिव. एक वो है रिस्प्ससेस हैं मार्केट में कि. 40 मिनट अल्फा मेल 50 मिनट अल्फा मेल 30. मिनट अल्फा मेल कि मैं तो इतना करता हूं. मैं तो उतना करता हूं। सबसे पहले. इंपॉर्टेंट आस्पेक्ट क्या है कि. ऑर्गेनिज्म क्या होता है? लोगों को यही. नहीं पता है कि ऑर्गेज़्म क्या होता है?
लोग सोचते हैं क्लिटरस को टच करो फीमेल के. एंड पे वो ऑर्गैज्म होता है। लोग सोचते. हैं पेनिट्रेट कर दो सिर्फ वो ऑर्गेनिज्म. होता है। अल्टीमेटली ऑर्गेनिज्म बच्चेदानी. का एक वेव फॉर्म है। जैसे पेट में एक. पेरिस्टैलिसिस नाम की एक अ मूवमेंट चलती. है जिसके बेसिस पे खाना नीचे की तरफ आंतों. की तरफ धकेला जाता है। इसी चीज को अगर. यूट्रस के एंड पे कहें, बच्चेदानी के एंड. पे कहें तो बच्चेदानी में एक कॉन्ट्रैक्शन. होता है। उस कॉन्ट्रैक्शन से अंडा जो होता. है वह ओवरीज से मूव करता है। उन.
कॉन्ट्रैक्शंस को हम लोग ऑर्गेनिज्म का. नाम देते हैं उन कॉन्ट्रैक्शंस को व्हेयर. द फीमेल्स यूट्रस गेट्स कॉन्ट्रैक्टेड एंड. द काइंड ऑफ रिस्पांस, द काइंड ऑफ हॉर्मोंस. रिलीज्ड इन हर बॉडी मेक्स हर फील समवेयर. अबव द वर्ल्ड।. यही चीज अगर हम मेल के एंड पे करें तो मेल. के एंड पे इजेकुलेशन इज हम् द सेम थिंग। द. सेम थिंग ऑर्गैज़्म। इजकुलेट हुआ इज इक्वल.
टु यू फेल्ट समथिंग एल्स। तो वी वुमेन केस. मेंशन नहीं होता। होता है। बट देयर आर दैट. इजाक्युलेशन मींस ऑर्गैजम ऑर नो।. डेफिनेटली इट डज़। बट देयर आर सर्वाइकल. प्लग्स आल्सो। सर्वाइकल प्लग विदाउट. एजेकुलेशन आल्सो वी वुमेन कैन फील. ऑर्गज़्म। यस, दे कैन। इससे बहुत जरूरी. नहीं है कि आप ऑर्गेनिज्म में हर बार. डिस्चार्ज करो। बिकॉज़ दीज़ आर सर्वाइकल. प्लग्स। मैंने जैसे बताया कि वाइट कलर के. थक्के होते हैं। ये जो थक्के पेनिट्रेशन.
में भी आपको फील हो रहे होंगे। बिकॉज़ दैट. मेक्स अ लुब्रिकेंसी कोशेंट इन द वाइना।. ओके? क्योंकि बहुत ही हाइपरमिक एरिया है. और मूव करता है। तो ऑर्गेनिज्म अगर फीमेल. को किसी भी स्थिति में आ रहा है जो कि हम. लोग मानते हैं कि बहुत सारी फीमेल्स को. 40-50 स्ट्रोक के बाद भी ऑर्गेनिज्म नहीं. आता। हम बहुत सारी फीमेल्स को 20. स्ट्रोक्स में 20 पेनिट्रेटिव स्ट्रोक्स. में ऑर्गेनिज्म आ जाता है। तो ये चीज होती.
है आपकी जो अर्ली 30ज वाली ऐज है लेट 40ज. वाली ऐज है। लेट 50ज और 60ज वाली जो ऐज है. क्योंकि इन्हीं तीन प्रकार के पेशेंट्स हम. लोग देखते हैं। तो मोर ओवर जब हम लोग. ऑर्गेज़्म की बात करते हैं तो प्रीमेच्योर. इज़कुलेशन हर बार ऐसा नहीं होगा कि पार्टनर. की गलती है। मतलब मेल फ्रेटर्निटी की ही. गलती है। हर बार नहीं होता। बहुत बार ऐसा. होता है कि वजाइनल एरिया इतना एनलार्ज हो. जाता है कि सारी वाइना की वॉल्स पेनिस से.
टच ही नहीं कर पाती हैं। तो वो एक्सप्लइट. किया हुआ है। बहुत ओवर्टली सेक्स किया हुआ. है और डिफरेंट पार्टनर्स डिफरेंट साइजज़ के. साथ सेक्स किया हुआ है। वहां पे ये. प्रॉब्लम मेल की गलती नहीं है।. जबकि अगर एक वर्जन और मोर ओवर हम लोग जिस. समाज में रहते हैं वहां पे ठीक-ठाक एक दो. बार ट्राई किया हो तो किया हो लेकिन वो भी. छुप जाता है। मोर ओवर एक ठीक-ठाक समाज है. और ठीक-ठाक अगर हम लोग सेक्स करते हैं ना. और जहां पे पेनिट्रेशन ही नहीं हो पाता।. जहां पे सेक्सलेस मैरिजेस की बात करें। 4.
साल पेनिट्रेशन ही नहीं हुआ। वहां पे आप. किसको गलत मानोगे? मेल फ्रेटर्निटी बिकॉज़ द फीमेल इज वांटिंग. इट बट द मेल इज अनेबल टू पेनिट्रेट बिकॉज़. ही इज़ नॉट हैविंग दैट हार्ड इयर एकशंस। हम. ये चीज एंजाइटटी डिसऑर्डर की वजह से भी हो. सकता है। ये चीज पैथोलॉजिकल डिसऑर्डर की. वजह से भी हो सकता है। जहां पे एंजायटी. होती है वहां पे ओवर द काउंटर ड्रग्स. अवेलेबल हैं। लोग जाते हैं वाइग्रा लेते. हैं पेनिट्रेट करते हैं आगे बढ़ जाते हैं।.
बिकॉज़ इट्स लाइक अ इंजन स्टार्ट। बट यू. सेड समथिंग वेरी इंटरेस्टिंग इन मिडिल ऑफ़. दिस। यू सेड 20 स्ट्रोक्स, 40 स्ट्रोक्स. इज़ देयर अ रूल फॉर इट? कोई रूल होता है कि. अर्ली 30ज में एज अ समबडी विल गेट उनके. हायर चांसेस हैं ऑफ गेटिंग एजु लाइक ऑफ. गेटिंग ऑर्गेनिज्म इन 20 स्ट्रोक्स इन 30. और 40 देयर समथिंग लाइक दैट। ये ऐज. डिटरमाइंड नहीं है। ऐज बाध्य नहीं है। ये. कहीं ना कहीं हमारी क्लीनिकल एक्सपीरियंस. को दिखाता है। क्लीनिकल एक्सपीरियंस में.
हमने आज तक मेरे फादर ने, मेरे ग्रैंडफादर. ने लाखों पेशेंट देखे होंगे। हम उन लाखों. पेशेंट्स में जनरल आस्पेक्ट 40 टू 50. स्ट्रोक्स का आता है। जब भी हम लोग अपनी. लिटरेचर में भी बात करते हैं कि भाई अगर. 30 स्ट्रोक्स 40 स्ट्रोक्स एट अ स्ट्रेच. मैं एट अ स्ट्रेच की बात कर रहा हूं। अगर. 30 स्ट्रोक्स 40 स्ट्रोक्स एट अ स्ट्रेच. अगर जाता है कोई भी ह्यूमन इंसान मेल वो. ठीक मानते हैं उसको क्योंकि फीमेल को. आइडली ऑर्गेनिज्म उतने में आ जाता है। ओके. यही एवरेज एवरेज यही चीज स्मार्ट प्ले कुछ.
लोग कर लेते हैं कि सर मैं 40 स्ट्रोक में. डिस्चार्ज हो जाता हूं। मैं 30 पे रुक. जाता हूं। मैं पोजीशन चेंज कर लेता हूं।. आई गो ऑन अगेन फॉर 30 स्ट्रोक्स।. मतलब मशीन नहीं है ये। आप जो देखते हो. पोर्न में वो अलग है। बिहाइंड द सीन क्या. हुआ है? यू डोंट नो बिकॉज़ सारे जितने भी. पोर्न में आप पेनिस देखते हो वो सारे के. सारे इंजेक्टेड हैं पेपावेरिन से। सिंपल. ड्रग है। सिंपल सी इंसुलिन वाली सी रेंज. में मिल जाता है आजकल। आप डालिए एंड इट. विल बी इरेक्टेड फॉर वन आवर टू आवर।. हाउएवर यू वांट इट। देयर आर देयर। आप.
सिर्फ रूट पे लगाइए। तो वो भी आजकल. तकनीकें लोग यूज़ कर रहे हैं। डॉक्टर्स. प्रिस्राइब कर रहे हैं। लेकिन वो किसे. कहते हैं ना? हारे का हर नाम है वो। मतलब. हारे का हर नाम मतलब कुछ नहीं से कुछ तो. बेहतर है चलो यही कर लो लास्ट रिसोर्ट. जलाओ जो कर लो लेकिन उसके बाद उसको. इंप्लांट ही कराना पड़ेगा उसके बाद कोई. दवा उसमें काम नहीं करती क्योंकि वैसी. फाइब्रोसिस होनी स्टार्ट हो जाती है नसें. ब्लॉक होनी स्टार्ट हो जाती है तो आइडियली. स्ट्रोक वॉल्यूम 40 45 होती है पेशेंट. हैप्पी कोशंट पे अपनी जीवन को व्यतीत करते.
हैं। हम इसको बहुत 80 स्ट्रोक, 100. स्ट्रोक ये सब लोगों की चॉइससेस होती हैं. और बहुत बार फीमेल रोक देती है आपको कि. भाई 40 हो गया, 50 हो गया, स्ट्रोक हो. गया, 20 स्ट्रोक पे भी बहुत बार फीमेल्स. रोक देती हैं। आई एम डन। दैट्स द सक्सेस. दैट यू वांट कि सामने वाला इंसान स्टॉप्स. यू। एंड दैट यूजुअली हैपन बिटवीन 40-45. स्ट्रोक्स। टेल मी व्हाट इज गुड सेक्स? गुड सेक्स मतलब क्या होता है? गुड सेक्स बहुत बड़ी चीज है। बहुत बड़ी.
चीज है। पेनिट्रेशन और इस सब के पहले. रिस्पेक्ट का कोशंट होता है। अगर वो. पार्टनर के साथ रिस्पेक्ट नहीं है। मोर. ओवर वो सिंक नहीं है। गुड सेक्स कभी भी. इमेजिन भी नहीं आप कर सकते हो। व्हाट इज. गुड सेक्स? गुड सेक्स इज़ अ म्यूचुअल. रिस्पेक्ट बिटवीन योर पार्टनर। उसके साथ. में व्हेन यू फील दोज़ थिंग्स और मोर ओवर. आपको वो आंखों के इशारे और वो नमकीन. मस्तियां और यू हैव सीनी तो वो जो एक.
फीलिंग होती है ना उसके वो जो आंखों में. जो फोर प्ले हो जाता है ये कामसूत्र की. किताब में भी लिखा हुआ है इस तरीके की चीज. आंखों से जो फोर प्ले होता है उसके बाद. में टच होता है उसके बाद में पेनिट्रेशन. होता है ये स्टेप वाइज जब होता है ना और. उसके बाद में जो एक संभोग से समाधि तक की. फीलिंग आती है सामने वाले को वो जो आत्मा. अलग हो जाती है कि भाई डिफरेंट आस्पेक्ट. है। थोड़ी देर हस्बैंड वाइफ अपने आपस में. बात भी नहीं करते हैं। सिर्फ हाफ रहे होते. हैं और सांसों की आवाजें आ रही होती हैं।.
वो होता है गुड सेक्स।. लेकिन वो गोली खा के नहीं आएगा। क्योंकि. आप डिराइव्ड है। आपका दिमाग डिराइव्ड है।. कम डू गो वाले स्टेज में। लेकिन अगर आप एक. होलिस्टिक अप्रोच मानो, अच्छी अप्रोच मानो. तो मेरे को लगता है कि वो अगर सिंक नहीं. है ना तब तक वो आंखें नहीं लड़ेंगी। अगर. वो रिस्पेक्ट नहीं है ना तब तक आप अप्रोच. नहीं कर पाओगे कि आप कॉन्फिडेंट हो और एक. बार आप पेनिट्रेशन या फोर प्ले की तरफ चले. जाते हो ना स्काई इज द लिमिट यू कैन एंजॉय.
इट फॉर 40 मिनट्स। यू कैन एंजॉय इट फॉर ये. चीज म्यूचुअल होती है। पार्टनर को पता है. कि 30-40 स्ट्रोक्स में ही फील्स. इजाकुलेशन वाला पार्ट। शी ओनली स्टॉप्स है. कि अगर सिंक अच्छा है ना तो फीमेल आपको. ड्राइव करेगी। आपको ड्राइव करने की. आवश्यकता कभी होती भी नहीं थी और आज भी. नहीं है। अब मिशनरी अब चल गया है। बट. मिशनरी वाज़ नेवर द पोजीशन। मिशनरी वाज़. नेवर द पोजीशन एंड नॉर्थ इट इज़ सपोज़ टू बी. द पोजीशन। व्हाट डू यू मीन बाय दिस?
पोजीशंस की बात है। और मोर ओवर. आप ऑन द टॉप जब हो जाते हो ना हमेशा मेल. स्ट्रेचर जो भारी होता है। फीमेल हल्की. होती है। जनरली आप इमेजिन करके देखो एक. हैवी आदमी एक छोटी सी लड़की के ऊपर फीमेल. के ऊपर वाइफ के ऊपर ऊपर है। आधा तो. ऑर्गेनिज्म वहीं खत्म। मिशनरी इज नॉट गुड. पोजीशन फॉर सेक्स। द ओवरऑल पोजीशन जिससे. शुरुआत होती है जिसको कहते हैं द शक्ति. पोजीशन, द काऊ गर्ल पोजीशन। वहां से.
शुरुआत होती है और वो शुरुआत तब होती है. जब फीमेल अपने आप को गाइड करती है। बिकॉज़. वाइना हैज़ अ लॉट ऑफ़ नर्व एंडिंग्स। लॉट ऑफ़. नर्व एंडिंग्स। यू कांट इवन गो टुवर्ड्स. दैट नर्व एंडिंग। हर बार आपको आप अपने आप. को गाइड नहीं कर सकते कि मेरे को किस तरफ. जाना है। हाइली एक्सपीरियंस्ड होना बात. अलग है कि आपको पता है कि आपकी फीमेल का. टर्निंग पॉइंट क्या है। वो बात अलग है। बट. काऊगल पोजीशन से फीमेल स्टार्ट करती है. आपको ड्राइव करना। शी स्टार्ट्स ऑल हर.
वजाइनल वॉल्स टू टच योर पेनिस एंड. एवरीथिंग। मतलब शी कैन ड्राइव हरसेल्फ।. एंड वहां से जो ऑर्गज़्म शुरू होता है वो. स्टार्टिंग होती है सेक्स लाइफ की।. व्हाट्स द एवरेज टाइम फॉर गुड सेक्स? एट. लीस्ट, एट लीस्ट 15 टू 20-25 मिनट्स। फॉर. पेनिट्रेटिव सेक्स और एंटायर? एंटायर. एक्टिविटी? पेनिट्रेटिव सेक्स, 40. स्ट्रोक्स, 50 स्ट्रोक्स, रेपेटेशन। इसी. को हम लोग तीन पार्ट में डालते हैं। फोर. प्ले, रोल प्ले और राउंड्स। जहां पे आई.
हैव रिटन अ बुक ऑन इट। इस चीज को बहुत. इलैबोरेट किया है। जहां राउंड्स आता है. ना, राउंड से मेरा मतलब ही वही है कि आप. 30 स्ट्रोक वाले हो, रुक जाओ। 20 स्ट्रोक. वाले हो, रुक जाओ। लेकिन आप 10 स्ट्रोक. वाले हो तो अब रुक जाओगे तो सामने वाला. इंसान विल क्वेश्चन यू कि भाई शुरू नहीं. करते हो आप रुक जाते हो तो जनरली 40. स्ट्रोक तक अगर हो रहा है तो आप में. परेशानी नहीं है इसी चीज को हम बताते हैं. क्योंकि सोर्स ऑफ नॉलेज नहीं है इस चीज का. लोग अपने आप को सोचते हैं कि सर मैं तो.
आधा घंटे कर ही नहीं पाता क्योंकि बहुत. सारे ऐसे ज्ञान वर्धक कैप्सूल्स हैं. मार्केट में ऑल ओवर द YouTube फैले हुए. हैं। आई आई टेल यू मतलब वो सिंपली कैप्सूल. का काम कर रहे हैं कि लोगों को इनसिक्योर. कर दे रहे हैं। लेकिन इनसिक्योर होने की. बात ही नहीं है। इट्स अबाउट योर. कॉन्फिडेंस, योर पार्टनर्स कॉन्फिडेंस, योर पार्टनर्स थिंक आप लोग कैसा अच्छा लग. रहा है? तो मैं तो सबसे पहले ये सवाल करता. हूं। वाइफ खुश है, पार्टनर खुश है। हां सर. वो तो खुश है। तो फिर क्यों आए मेरे पास? क्यों ऐसा लगता है लोगों को कि वो अच्छा. सेक्स नहीं कर पाते? मैक्सिमम मेजोरिटी ऑफ़.
पीपल आई विल टेल यू। मैंने जबजब स्टडीज. करी है, रिसर्च करी है अबाउट कि इंडिया. में भी क्या-क्या चल रहा है। इंडिया में. सबसे ज्यादा क्या बिकता है? एंड आई वास. जस्ट टेलिंग यू अबाउट अ बंच ऑफ कंपनीज़।. मैक्सिमम कंपनीज़ जो सप्लीमेंट इंडस्ट्री. में है उन सबका सबसे ज्यादा सेक्स रिलेटेड. प्रोडक्ट्स बिकते हैं। सबसे ज्यादा राइट? इट्स मैसिव।. तो आपकी शीला जीत, तश्वकंदा, फाइव अदर.
थिंग्स, टी बूस्टर। आई डोंट व्हाट ऑल कुछ. वर्क करता है कुछ नहीं करता है सब बट वही. सबसे ज्यादा बिकता है। क्लियर कट अगर आप. इसका डायरेक्शनल पे जाओ इट मींस मोस्ट. लोगों को लगता है या तो उनसे हो नहीं पा. रहा है या वो जो कर रहे हैं वो सही नहीं. कर रहे हैं। तो क्यों ऐसा है कि मैक्सिमम. लोगों को ऐसा लगता है कि वो सही सेक्स. नहीं कर पा रहे या उनके टाइम में कमी है।. ऐसा नहीं है कि लोगों लोग सही तरीके से. सेक्स नहीं कर पा रहे हैं या लोगों में. कुछ कमी है। इसका एक शब्द मैं जवाब देता.
हूं। ये सारी चीजें जितनी भी मार्केट में. चल रही है ना ये सब ड्राइव कैसे होती हैं? फोमो हम फियर ऑफ मिसिंग आउट हम ये एक. नैरेटिव बिल्ड करते हैं लोग। ये नैरेटिव. अपने आप में आपको नीचा दिखाने की. प्रक्रिया होती है।. क्योंकि आपके पेन पॉइंट्स वो लोग जानते. हैं। उन पेन पॉइंट्स पे मैग्नीशियम पुश कर. देंगे। उन पेन पॉइंट्स पे ओमेगा थ्री पुश. कर देंगे कि हार्ट अटैक आने वाला है। 40. साल पे इतने लोगों को आ रहा है। ओह माय.
गॉड मैं भी 40 साल का हूं। पेन पॉइंट 40. साल ओमेगा थ्री लेना शुरू करो। फिश. एक्सट्रैक्ट लेना शुरू करो। नैरेटिव बिल्ड. करना होता है। ये मार्केटिंग गिमिक है।. किसी को इस चीज की आवश्यकता नहीं है।. प्रोटीन आप कह लीजिए। प्रोटीन का नैरेटिव. बिल्ड किया गया है। कि जो लोग प्रोटीन. लेते हैं उनको प्रोटीन डेफिशिएंसी नहीं. होती।. मैं आपको बता रहा हूं जो लोग प्रोटीन ले. रहे हैं उनको सबसे बड़ी परेशानी जो हो रही. है गट इश्यूज हो रहे हैं आईबीएस आईबीडी. इंडिया में इतना रेज हो गया है.
इनफ्लेमेटरी बोल सिंड्रोम कैसे आ रहा है. अब वो प्यरेस्ट फॉर्म ऑफ प्रोटीन आप अपने. आंतों में डाल रहे हो इनफ्लेमेशन नहीं. होगा तो और क्या होगा यही चीज होल फूड के. साथ जब जाता था प्रोटीन पनीर खाई पनीर की. सब्जी है उसमें मसाले भी हैं टमाटर भी है. क्यूसर्टन भी है करक्यूुमिन भी है अलग-अलग. आस्पेक्ट्स थे मॉडर्न मेडिसिन में हम लोग. देखते. होल फूड की तरह उस चीज को लेना अलग बात. होती है। अलग-अलग डाइजेस्टिव जूसेस रिलीज. होते हैं। लेकिन प्रोटीन को तो डाइजेस्टिव. जूस पहचानता ही नहीं है। तो ये अपने आप.
में एक नैरेटिव बिल्ड किया हुआ है। ऐसा. नहीं है इंडिया में या वेस्टर्न हम देख. लें अगर मेरे यूएस के पेशेंट्स हैं या. लंदन के पेशेंट्स हैं, यूके के पेशेंट्स. हैं। प्रॉब्लम सब में एक है। लेकिन उनको. और जनरली प्रॉब्लम होती है। लेकिन एक जो. नैरेटिव बिल्ड करने वाली जो अप्रोचेस हैं. उनको मेरे यहां टीम है इसके लिए एक पूरी।. सो यू फील नैरेटिव बिल्ड करा जा रहा है कि. लड़के परफॉर्म अच्छा नहीं कर सकते।. एक्जेक्टली। अल्फा मेल वाली जो एक नैरेटिव.
है वो नैरेटिव आपको लगता है कि जिनकी डोले. शोले बहुत बने हुए हैं। बहुत ज्यादा हैवी. वो हैं। आप 99% वो सब एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स. वाले लोग हैं। तो गोनाड्स बिल्कुल टेस्टिस. छोटे हो जाते हैं इन लोगों के। पेनिस. बिल्कुल छोटा हो जाता है इन लोगों का।. माइक्रोपीनस लेके आते हैं मेरे पास में।. बॉडी इतनी बड़ी है। छ दो हाइट है और इतना. चौड़ा सीना है। लेकिन पेनिस बिल्कुल श्रिंक. कर गया है। सब एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स, आइसो. प्रोटीन ये जितना भी अन डायरेक्टेड यूसेज.
है ये। ये एक डॉक्टर का विषय था हमेशा से।. आपके शरीर में कितना प्रोटीन चाहिए? तो वो. सारी आई मीन लेट्स नॉट गो देयर दैट. कन्वर्सेशन बिकॉज़ प्रोटीन डेफिशिएंट तो. हैं हम। प्रोटीन डेफिशिएंट लेकिन उसका. रास्ता गलत है सर। ये डॉक्टर्स एंडोक्राइन. वाले भी आज की डेट में बोल रहे हैं। देयर. इज़ अ वेरी गुड डॉक्टर इन दिल्ली। रास्ता. गलत है मतलब जिम ट्रेनर्स गाइड कर रहे हैं. कि कैसे लेना चाहिए, कितना लेना चाहिए, कितनी क्वांटिटी लेनी चाहिए। कितनी मसल.
आपकी फूलेगी। यही चीज अगर डाइटिशियंस, न्यूट्रिशनिस्ट, डॉक्टर्स अगर गाइड कर. दें, मैं इन लोग को भी नहीं मानता।. मैं डॉक्टर्स को मानता हूं। एक एंडोक्राइन. वाले कर दें, एक आयुर्वेदिक एक्सपर्ट कर. दें। उनको पांच छ साल, 10 साल, 15 साल. ट्रेन किया गया है इस चीज के लिए। कि आपका. बीएएमआई कैसा है? आपका बीएसए कैसा है? आपका ब्लड वैल्यू कैसा है? आपका एपटीट्यूड. कैसा है? आपको क्या चीज सही रहेगी? आई गेट. कि प्रोटीन डेफिशिएंसी है। एंड प्रोटीन. डेफिशिएंसी और अपने बॉडी में आप क्या डाल. रहे हो? वो एक बहुत ही सर्टिफाइड.
सर्टिफाइड। यस एक्सपर्ट से लेनी चाहिए।. दैट एक्सपर्ट कैन बी इदर डॉक्टर और अ वेरी. गुड न्यूट्रिशनिस्ट दोनों जिसको आप सारी. हिस्ट्री आप बता के उसके बाद ही करते हैं।. आपके ब्लड वर्क आपकी हिस्ट्री आपकी लाइफ. स्टाइल देखने के बाद कोई सजेस्ट मन से. आपका केएफटी देखते हैं। उसके बाद आपको. प्रोटीन बताते हैं। बिना उसके अग्रीड. अग्रीड अग्रीड सो दैट दैट आई एग्री विद बट. मैं वो अग्री नहीं करता कि प्रोटीन नहीं. लेना चाहिए। लाइक दैट मतलब सर्टिफाइड. सोर्स से लेना चाहिए वो बहुत जरूरी है।.
डायरेक्टली आपको ओवर द काउंटर्स नहीं लेना. चाहिए। हां मन से डिसाइड नहीं करना चाहिए. कितना ज्यादा कितना लेना है। क्योंकि वो. ओवरली आप यूज़ कर लेते हो बिकॉज़ आपके दिमाग. में वो चीज रहती है हमेशा। फेयर बट कमिंग. बैक टू द पॉइंट ऑफ़ यू फील कि पूरा नैरेटिव. बनाया जा रहा है सोशल मीडिया पे दैट. लोगों को लग रहा है जिसकी वजह से कि वो. अच्छा परफॉर्म नहीं करते इन बेड।. ट्रायल क्योंकि वो ज्यादा बहुत लोग. क्योंकि वह ज्यादा माल अपना बेचना चाहते. हैं। दवाइयां ज्यादा बेचना चाहते हैं।. सप्लीमेंट ज्यादा बेचना बहुत बेसिक सी चीज.
बताऊंगा आपको। अभी आपने देखा होगा. एक्स्ट्रा टाइम कंडोम्स चल गए हैं। अभी. आपने देखा होगा कि ऐसे स्प्रेज़ आ गए हैं. जिसमें आप एक्स्ट्रा टाइम चलोगे। हम ये. नैरेटिव ये जनरली ये सुन्न करने की दवा. थी। हम लोग उसको ओटी में यूज़ करते थे. ऑपरेशंस करने के लिए। लीडोकेन ये सब जितनी. भी है सुन्न करने की दवाएं। ये सुन्न करने. की दवा आप बार-बार पेनिस पे अपने स्प्रे. डाल रहे हो और मोर ओवर जो ये बहुत. अच्छे-अच्छे कंडोम्स एक्स्ट्रा टाइम वाले. आ रहे हैं उसमें जो लुब्रिकेंट है उसमें. भी सुन्न करने की दवा है। आपका ऑर्गन सुन.
कर रहे हैं वो लोग और आपको एक्स्ट्रा टाइम. दे रहे हैं। लेकिन डाउन द लाइन पेशेंट को. विदिन 5 सेकंड स्प्रे करने के फील होना. बंद हो जाता है। इरेक्शन वहीं रुक जाता. है। वो एक-ए घंटे तक चल रहा है। क्या वो. सिंक है पार्टनर में? क्या वह थॉट प्रोसेस. है कम करने की? क्या वह ध्यान देगा कि. सामने वाला कम कर रहा है, रोक रहा है, क्या कर रहा है? ये नैरेटिव की बात कर रहा हूं। सुन करने.
की दवा ऑर्गन पे लगा के सेक्स करना कहां. तक ठीक माना जा रहा है? इसकी जगह पे. ट्रीटमेंट करा लो। तो प्रज़ वगैरह नहीं यूज़. करना चाहिए। बिल्कुल यूज़ नहीं करना चाहिए।. वो आपको डायरेक्ट इंप्लांट की तरफ लेके. जाएंगे। हम भी ट्रीट नहीं कर पाएंगे। 24. साल से मेरे पापा अगर वो रिसर्च कर रहे. हैं। एक चीज़ उन्होंने देख अगर कोई भी नर्व. एंडिंग्स खत्म हो गई ना यहां पे आपने. चिकुटी काटी आपके दिमाग को पता लग गया. आपने आंखें बंद भी करी कौन कहां छू रहा है. लेकिन वो जब टच ही बंद हो गया है नर्व. डैमेज हो गया है नर्व डैमेज को कोई ठीक. नहीं कर सकता यू आल्सो टॉक्ड अबाउट.
कंडोम्स राइट एंड कौन से कंडोम सही होते. हैं यूज़ करना बिकॉज़ यू सेड कि एक्स्ट्रा. टाइम कंडोम नहीं यूज़ करना चाहिए बिल्कुल. यूज़ नहीं करने चाहिए एनीथिंग जिस कंडोम पे. लिखा हो कि लिखा हुआ है लीड के लिए नीचे. लिखा हुआ है एक्स्ट्रा टाइम एसेट्रा. एसेट्रा टॉप से टॉप ब्रांड्स यूज़ दैट. ऑल दी सब यूज कर सब यूज़ कर रहे हैं बट. नहीं करने चाहिए। सिंपल लेटेक्स कंडोम्स. सिंपल लुब्रिकेंसी वाले कंडोम्स बिकॉज़. कंडोम वाज़ नेवर नेवर नेवर फॉर डिले ये और.
वो द कंडोम्स वर रियली फॉर द सेफ सेक्स. भाई प्रेगनेंसी ना कंसीव हो। सो व्हिच. कंडोम्स आर जनरल कंडोम्स जो कि जनरलेंसी. के साथ ये सब कुछ भी चलेगा डॉटेड चलेगा. कोई भी चलेगा लेकिन उसमें एक्स्ट्रा टाइम. या पीछे लीडोकेन या जाइलोकेन या कोई भी. ऐसी केन नाम की एक दवा अगर जुड़ी हो ना. आपको वो नहीं लेना चाहिए क्योंकि वो ओवर द. टाइम आपको एक नेगेटिव आस्पेक्ट देगा. क्योंकि आपका फीलिंग खत्म कर देगा तो. फीलिंग के अलावा सेक्स क्या होता है आई. डोंट नो मोर ओवर आप प्रोफेशनलली अगर इस.
चीज को कर रहे हो तो भाई ठीक कोई बात नहीं. है। आप इंजेक्शन लगाओ, आप इंप्लांट करो, आप कुछ भी करो, इट्स योर प्रोफेशन। तो. जहां पे प्रोफेशन की बात आती है, वहां पे. एवरीथिंग इज फेयर। तो इन सारे बड़े. ब्रांड्स के लिए एवरीथिंग इज फेयर। बिकॉज़. जो भी चीज डंप करनी हो ना, तो इंडिया, बांग्लादेश, श्रीलंका इन सब जगह पे डंप. किया जाता है माल। सी सब पर थर्ड वर्ल्ड. कंट्रीज है ना। बट आई विल टेल यू ओके आई. हैव अ. आई हैव ह्यूज इंटरेस्ट इन कंट्री में क्या.
बिक रहा है और मेरे बहुत सारे क्योंकि. सेंसिटिव है तो मैं नाम नहीं लूंगा बट. बहुत सारे मेरे फ्रेंड्स हैं जो अलग-अलग. प्लेटफॉर्म्स चलाते हैं लाइक फ्रॉम लेट से. Amazon सेप्टर ब्लिंकिट एसेट्रा एसेट्रा. ऐसे उनके बहुत सारे प्लेटफॉर्म्स हैं. व्हिच पीपल. राइट सो आई कीप आस्किंग देम कि सबसे. ज्यादा क्या बिकता है क्यों बिकता है कैसे. बिकता है एंड दे ऑल टॉक अबाउट कि जो. एक्स्ट्रा टाइम कंडोम्स हैं उनकी सेल बहुत. ज्यादा है कंपेरेटिवली टू टू अदर टाइप ऑफ. कंडोम्स। तो अगर ज्यादा लोग वो खरीद रहे. हैं इट मींस लोगों को लगता है उनका टाइम.
खराब है। टाइम खराब है। तो क्यों लगता है. उनको उनका टाइम खराब है? क्योंकि वो अपने. पार्टनर को सेटिस्फाई नहीं कर पा रहे हैं।. हाउ डू दे नो हाफ ऑफ द टाइम पार्टनर. समटाइम मे बी फेकिंग इट और सम टाइम टेलिंग. इट ऑन द फेसेस? फेक इट और ब्रेक इट वाला. हिसाब किताब है। हां। तो आधे मोस्ट ऑफ़ द. टाइम लोगों को नहीं पता कि व्हाट इज ना. पार्टनर को पता ना आपको पता है। किसी को. नहीं पता कि गुड टाइमिंग या गुड सेक्स. क्या है। व्हेन यू आर रियली रियली एंजॉयंग. तब तो कोई बात नहीं होती है। 10 बार आप. करते हो उसमें से पांच छह बार यू हैड.
ग्रेट टाइम। फोर फाइव टाइम्स आपके. इनसिक्योरिटी हिट कर जाती है। इवन आप 20. मिनट कर रहे हो उसके बाद भी आपको लगता है. नहीं यार मेरा टाइम तो अच्छा नहीं क्योंकि. मैंने मे बी मूवी में या पोर्न में या. ऑनलाइन देख लिया कि ग्रेट टाइमिंग मतलब एक. घंटे तक तो करना चाहिए ऑल दैट बुलड। राइट? एंड दैट्स व्हाई देन सिक्योरिटी कम बिकॉज़. यू आर सेइंग कंटेंट की वजह से। नहीं। ये. चीज एक्सपीरियंस बेस्ड हम बात करते हैं।. पेशेंट बेस्ड बात करते हैं कि एक 45 साल. की फीमेल आके मेरी ओबीडी में बोलती है कि. सर टिल डेट मेरे को 23 साल हो गए हैं शादी.
को। टिल डेट मुझे ऑर्गैज्म क्या होता है? आई डोंट नो। ये अब हस्बैंड बगल में बैठे. हुए हैं। बच्चे बहुत बड़े-बड़े हैं। कॉलेज. में ये दोनों लोग 45 साल की उम्र पे बैठे. हुए हैं मेरे सामने।. जब फीमेल यह नैरेटिव दे रही है ना कि सर. आई डोंट नो व्हाट अ ऑर्गेनिज्म इज बिकॉज़. एवरी टाइम व्हाट आई हैव सीन और व्हाट आई. हैव एक्सपीरियंस्ड इज़ 510 बार ही कम्स. पांच 10 बार ही गोज़ टू एंड फ्रो एंड ही. इजेकुलेट्स ही गोज़ डोज़ ऑफ टू स्लीप ये अभी.
तक चल रहा था सर 23 साल में। यहां पे कोई. नैरेटिव नहीं है। यहां पे सिंपल. एक्सपीरियंस है। इसको कहते हैं. प्रीमेच्योर इजाकुलेशन।. इस चीज को ट्रीट करने के लिए क्विकेस्ट. क्या अवेलेबल है? एक्स्ट्रा टाइम कंडोम्स।. लेकिन इस क्विकेस्ट रिस्पांस को जो भी. आदमी 2 साल कर रहा है, तीन साल कर रहा है, फिर उसके इरेशंस खत्म होने लग रहे हैं। जो. वो कह रहा था कि सर पहले मुझे सिर्फ.
प्रीमेच्योर की प्रॉब्लम थी। अब मुझे. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की भी प्रॉब्लम है।. जैसे ही इस कैटेगरी में आ जाता है ना तो. फिर वो वैस्कुलजेनिक और. आर्टेरियोजियोजेनिक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन. के लेवल पे आ जाता है कि लाने वाली नसें. भी ब्लॉक हो गई। ले जाने वाली नसें तो. पहले से ही गड़बड़ थी। बट क्यों होता है. प्रीमेच्योर जैकुलेशन? वैस्कुलोजेनिक की. वजह से जनरली क्या होता है? देयर इज़ अ. सिस्टम। एक नस होती है ब्लड फ्लो लाने के. लिए। दैट कॉजेस द इरेक्शन। एक होती है. होल्ड करने वाली नस या वापस ले जाने वाली. नस। उसको वेंस कहते हैं। जो ऊपर ऊपर आप.
नसें देखते हैं ब्लू कलर की ये भी पेनिस. के ऊपर भी दिखती हैं। ओवर द पीरियड ऑफ़. टाइम जिन्हों जिन्होंने भी ये स्प्रेज़ यूज़. किए हैं ना आप देखोगे वेंस गायब हो गई. उनकी। सब ये चीज को फील करते हैं। वेंस. गायब हो गई। प्लेन हो गया है बिल्कुल और. श्रिंक हो गया है। मोर ओवर जब ये वापस ले. जाने वाला सिस्टम। इरेक्शन तो आ गया. क्योंकि माइंडली बहुत अच्छे हैं। हार्ट. बहुत अच्छा है। रिपोर्ट सारी परफेक्ट है।. तो इरेक्शन आने में समस्या हमारे इंडियन. मेल को तो नहीं है।. लेकिन प्रीमेच्योर की समस्या मैक्सिमम.
लोगों को मोर ओवर एक टाइम के बाद में आने. लगती है। क्यों आने लगती है? क्या है. रीज़न? क्योंकि क्योंकि पांच 10 स्ट्रोक्स. में अगर किसी का जैकुलेशन हो जाता है तो. गलत है। तो गलत है। तो ईजी है। राइट ईजी. है। और ये क्यों बहुत लो को होता है? ओवरली पेनिस को मिसयूज किया गया है। जिसको. मास्टरबेशन का एक स्वरूप कहते हैं। चाहे. वह प्रोन हो, चाहे वह बाय हैंड हो, चाहे. वो किसी भी हार्ट सरफेस पर रब करना हो, चाहे वो किसी भी होल को यूज करना हो। इस.
चीज से सबसे पहले जब हाथ का प्रेशर लगता. है ना, लोग 20 बार कुछ डॉक्टर्स कहते हैं. अभी देखा था मैंने YouTube पे ही देखा था. 21 बार करो। किताब में लिखा हुआ है 21 बार. करना चाहिए मास्टरबेट। 21 बार का मतलब. 21 बार एक टाइम में करना चाहिए। एक महीने. में 21 बार मास्टरबेट करना चाहिए। यह एक. क्यों सर्टिफाइड डॉक्टर्स बोल रहे हैं. क्योंकि एक केस स्टडी हुई थी उसमें लोगों. ने 21 बार मास्टरबेट किया था। लेकिन उसका.
अधूरी इंफॉर्मेशन बताई गई। उसका लास्ट में. वो एक केस स्टडी थी कि जिन लोगों ने. मास्टरबेट किया 21 बार उनको प्रॉब्लम्स. आने लगी। एंड योर देयर इज़ आल्सो अ बायस ना. कॉग्निटिव बायस। ब्रेन को वही बिलीव करना. है जो बिलीव करना है तो आप स्टडीज भी वैसे. ही बिलीव करते हो क्योंकि आपको मास्टरबेशन. करने में मजा आता है एंड देन मास्टरबेशन. से रिलेटेड स्टडीज मिल गई यू आर लाइक ओ. देख तो बोल रही है आई वांट डू इट 21. टाइम्स नाउ तो सोचो बच्चे अगर देख लेंगे. तो वो नहीं रुकेंगे वो किसी के कहने पे. नहीं रुकेंगे हम जबकि नैरेटिव अलग होता है. आप मंथली एकद बार करते हो या अपनी अपनी.
सक्सेस को सेलिब्रेट करते हो या नहीं करते. हो टारगेट नहीं रखते हो आज घर जाना है. मास्टरबेट करना है हां मैं आ रहा हूं दैट. काइंड काइंड ऑफ़ अप्रोच नहीं होनी चाहिए।. ये एक तरीके का आपको अपने अंदर रखना चाहिए. हॉर्मोन क्योंकि स्पर्मेटोजेनेसिस है।. स्पर्म बनने की प्रक्रिया 80 दिन 78 दिन. ले रही है आपके शरीर में स्पर्म बनने के. लिए। आप रोज निकाल रहे हो तो 80 दिन मैनेज. कैसे होगा? नॉर्मल लॉजिक बोलता है ये।. नॉर्मल स्पर्ममेटोजेनेसिस उठा लो। नॉर्मल. नंबर ऑफ डेज ले लो। उसके हिसाब से अपने आप.
को प्लान कर लो। कि भाई 70 दिन में तीन. बार करूंगा या चार बार करूंगा। दैट काइंड. ऑफ नैरेटिव लॉजिकल साउंड करता है कभी-कभी।. तो इस चीज को सेक्स से कभी भी हम कंपेयर. नहीं करते। प्रीमेच्योर इजकुलेशन जी क्यों. होता है उस पे बता रहे थे और आपने बोला वो. क्यों होता है? क्योंकि ओवरली हां ओवरली. यूज़ कर लेते हैं। मास्टरबेशन बहुत ज्यादा. कर लेते हैं। मोर ओवर ये ना हाथ हमारा ना. देखेंगे ये 100 किलो भी उठा सकता है।. डेडली भी कर सकता है। सब कुछ कर सकता है।. मोर ओवर ये अपने पेनिस के लिए बना नहीं. है। आप अगर सही बात अगर कहेंगे हड्डियां.
हैं और मोर ओवर अ वजाइनल एरिया क्या चीज. होती है? इट्स अ वेरी सॉफ्ट हाइली नर्व. एंडिंग्स हाइली हाइपरमिक ब्लड फ्लो बहुत. ज्यादा होता है कि सिंपल सा एक टच भी होगा. ना करंट लग जाएगा। वो एरिया के लिए ये. पेनिस बेसिकली बना हुआ है। हम हम उसको हाथ. से इमेजिन करिए रोज यूज करना स्टार्ट कर. दें। मोर ओवर इस हाथ को रोज मोड़ना एक बार. स्टार्ट कर दें। आप आओ ऑफिस में अपने. एंप्लई को बोलो रोज मोड़ो इसको। 1 महीने, 2. महीने, 3 महीने, 6 महीने साल भर में एक.
परमानेंट पेन आ जाएगा यहां पे आपको। जनरल. सी बात है आप उंगली भी अगर करने लगोगे पेन. आ जाएगा। वो पेन हैंडल कर लेते हैं. क्योंकि हड्डियां, मसल, ब्लड सर्कुलेशन, वेंस, आर्टरी सब इन्वॉल्वड हैं। ऑन द. कॉन्ट्ररी पेनिस में ना तो हड्डी है ना तो. मसल है। सिर्फ और सिर्फ है क्या? ब्लड. फ्लो। मसल एक टाइप की मसल है। केवरनस उसको. कहते हैं। लेकिन एक तरीके का स्पंज है। उस. स्पोंज को आप रोज की रोज रोज की रोज कुछ. नसें आप दबाते चले जा रहे हो। दबाते चले.
जा रहे हो। रप्चर होती चली जा रही है। वह. रप्चर आपको एंड क्या करता है कि इरेक्शन. आता तो है लेकिन लीक जल्दी हो जाता है। वो. लीकेज को वेंस सापी ने डैमेज करी। उसी चीज. को हम लोग क्लीनिकली बोलते हैं. वैस्कुलोजेनिक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। उसी. चीज को हम लोग ट्रीट कर देते हैं थ्रू 2. आवर्स प्रोसेस। 18 आवर प्रोसेस। जो ये. टेक्नोलॉजी थेरेपी सिस्टम हमने बताई। तो. वो उतना आसान चीज है ट्रीट करने के लिए।. लेकिन फर्स्ट लाइन ऑफ ट्रीटमेंट क्या होता. है? डिले कंडोम्स। सेकंड लाइन ऑफ.
ट्रीटमेंट क्या होता है? स्प्रेज़। थर्ड. लाइन ऑफ ट्रीटमेंट क्या होता है? एंटी. डिप्रेसेंट मेडिसिंस।. फाइनली आप क्या करते हो? अपने ऑर्गन को. खत्म कर लेते हो। फिर आप हमारे पास चले. जाते हो। एंड देन ये वाइग्रास एंड ऑफ़ दीज़. वाइग्रास तो इरेक्शन तो आ ही रहा था। अब. जब इरेक्शन नहीं आना स्टार्ट हुआ तो फिर. लाइन ऑफ ट्रीटमेंट शुरू होता है वाइग्रा।. मतलब ऐसे मार्केट फ्लोरिश करती है और ये. जितना भी कंट्रोल इन ड्रग्स का है ये सब. बाहर की कंपनीज़ हैं। सो यू आर टेलिंग मी.
दैट मास्टरबेशन इज कॉजिंग इरेक्टाइल. डिस्फंक्शन। यस पर्टिकुलरली यस मतलब बहुत. सिंपल भाषाएं में बोले तो यस। बिकॉज़ जहां. पे वैस्कुलजेनिक इरेक्टाइल आएगा तो. प्रीमेच्योर आ जाता है। क्योंकि वीर की. नली आप बीच में होती है। वो अगर इरेक्शन. जब तक रहेगा वो दबी ही रहेगी बीच में। तो. कुछ भी आगे जा पाएगा क्या? व्हेनवर यू हैव. एन इरेक्शन इट्स वेरी हार्ड टू पी। पुश. करना पड़ता है। आपको जोर लगाना पड़ता है. क्योंकि वीर की नली और पेशाब की नली एक. है। अगर वही चीज अगर जैसे ही लीकेज हुआ तो.
ढीला हो गया। वैसे ही सारा हॉर्मोन जो एक. पिचकारी आ रही है ना वो एकदम से निकल गई. बाहर। तो ये सब कंट्रोल करने वाले जो ये. ड्रग्स कंट्रोल करने वाले बाहर के लोग. हैं। ये वाइग्रा बनाई किसने? 1989 आई गेस. 1889 और 1989 में फाइजर ने एक्सीडेंटली. वाइग्रा बना ली थी। एक्सीडेंटली. कार्डियोवस्कुलर डिसऑर्डर्स को ट्रीट कर. रहे थे कि हार्ट की पंप करने की स्थिति. खराब हो रही थी। उन्होंने एक ड्रग बनाया।. लोगों को इरेक्शन आने स्टार्ट हो गए।. दैट्स वेयर वाइग्रा केम इन टू प्ले।.
स्प्रेज़ और ये सब चीजें जितना भी हमारा ये. यूथ ओरिएंटेशन है ना ये सब खत्म हो रहा. है। क्योंकि इंडिया में यूथ सबसे ज्यादा. थे। ये दूसरे लोगों के लिए बहुत बड़ा एक. खतरे की घंटी है। तो मास्टरबेशन करना गलत. है। बहुत गलत है। नोबडी शुड मास्टरबेट। यू. शुड मास्टरबेट बट मास्टरबेशन की एक अपनी. मर्यादा है। वह मर्यादा आप डिसाइड करते हो. क्या है? मर्यादा यह नहीं है कि टारगेट है. रोज शाम को मास्टरबेट करना। रोज रात को. मास्टरबेट करना। ऐसे लोग हैं जो 15 साल से.
रोज एवरीडे मास्टरबेट कर रहे हैं। एंड दे. आर इन अ मैरिज।. 15 साल से मैरिज में हैं। रोज मास्टरबेट. कर रहे हैं। ओवर 5 साल मैरिज को हुआ होगा।. 10 साल से पहले मास्टरबेट कर रहे थे।. सेक्सलेस मैरिज का शिकार हैं। लेकिन. कंप्लेंट क्या करते हैं? सर मैं जब तक. मास्टरबेट नहीं कर लूंगा मुझे नींद नहीं. आएगी। तो एडिक्शन ऑफ़ मास्टरबेशन इज बैड।. बट हेल्दी मास्टरबेशन क्या होता है? देन. हेल्दी मास्टरबेशन एक हफ्ते में एकद बार. कर लिया। दैट्स इट। एक महीने में एक दो. बार कर लिया। चार बार कर लिया उतना तक ठीक.
है। लेकिन टारगेटेड अप्रोच के साथ में. किया वो ठीक नहीं है। वो एक डैमेज है आपके. लिए। आदत पड़ जाती है उसकी। तो इज इट? इफ. इट नेचुरली आपको कभी फील होता है तो देन. यू डू इट? और व्हेन यू नेचुरली फील दर्ज. एंड मोर ओवर कुछ सेलिब्रेट करना हो। लोग. डिप्रेशन में मास्टरबेट करते हैं मैक्सिमम. टाइम्स। क्योंकि वो उनको स्ट्रेस रिलीफ. देता है। वो उनको इजी फॉर्म देता है स्लीप. का। तो वो लोग सुबह-सुबह लेथार्जिक उठते. हैं और उसके बाद फिर वही सर्कल रोज रात.
में मास्टरबेड लेंगे। फिर वही सर्कल अंदर. से खोखले होते चले जा रहे हैं। यही लोग. डिप्रेशन में आ जाते हैं। यही लोग. साइकेट्रिस्ट के पास लैंड करते हैं।. परिवार ले जाती है कि ये अकेला अकेला रहता. है। ये किसी से बात नहीं करता। इसका शरीर. पतला होता चला जा रहा है। ये बच्चों में. एक्चुअली पेरेंट्स फील कर रहे हैं। लेकिन. उनको पता नहीं है क्यों हो रहा है। वो. बच्चा रोज मास्टरबेट कर रहा है। वो बच्चा. रोज अपने आप को किसी एक डिप्रेशन में उसकी. गर्लफ्रेंड छोड़ के चली गई। 16 साल की. उम्र में वो मास्टरबेट कर रहा है। जबकि. उसको पता भी नहीं है क्या होता है। और आज.
की डेट में तो 14-4 साल के बच्चे सेक्स कर. रहे हैं। लोग सेक्स करने के पहले. मास्टरबेट करते हैं। एवरी टाइम। इज इट. गुड? इट्स बैड। व्हाई? बिकॉज़ आपको. धीरे-धीरे आपका कॉन्फिडेंस निल हो जाता. है। आप उस सिनेरियो में जिस सिनेरियो में. आपकी एक वो हीटेड प्रोसेस आई है जहां पे. आप फोर प्ले करना स्टार्ट कर गए हो। सब. कुछ कर गए हो। उसके बीच में आप बाथरूम में. जाते हो। जस्ट गिव मी अ मिनट। आप. मास्टरबेट करके आते हो। आप ये चीज शादी.
में करना एक्सपेक्ट कर सकते हो? क्या आपकी. शादी के टाइम को वो किल नहीं कर देगा? क्या आपके पार्टनर को पता नहीं लगेगा इस. बारे में? तो जब आप ओकेजनली करते हो तो इस. चीज को अफोर्ड कर सकते हो। ये हमने चेक इन. किया है। वी हैव 12 आवर्स। वी विल डू दिस. दिस दिस दिस। बट सेकंड टाइम सेक्स का. कांसेप्ट पेनिट्रेशन के बाद में बहुत लोग. पहली बार जल्दी डिस्चार्ज हो जाते हैं।. दैट्स व्हाई राउंड्स कम इंटू रोल। लेकिन. इस चीज का मतलब यह नहीं है कि आप. मास्टरबेट करके सेक्स करना स्टार्ट कर दो।.
वो आपकी आदत पड़ जाएगी और मोर ओवर वो कहीं. ना कहीं आपको मेंटली इल कर देगी। सी यू. सेड कि सेक्स करने से पहले मास्टरबेशन. नहीं करना चाहिए। मेंटली आपको इल करते जा. रहा है। लॉट ऑफ़ पीपल डू दैट टू इंस लेना. चाहिए इस चीज का। बहुत लोग इसलिए करते हैं. क्योंकि उनकी टाइमिंग बढ़ जाती है। ये. नॉर्मल नैरेटिव है। राइट? व्हाट डू यू थिंक एक ग्रेट सेक्स के लिए. प्रीरिचुअल होना चाहिए। या प्री सेक्स. रिचुअल होना चाहिए। वन डे बिफोर व्हाट शुड.
यू डू? वन डे बिफोर आप अपने खाने के ऊपर. कंट्रोल रख लो।. आप खाना जितना नाइट्रिक ऑक्साइड रिच करोगे. नाइट्रिक ऑक्साइड एक गैस है जो कि पेनिस. में ब्लड फ्लो को ला ब्लड फ्लो तो आ जाता. है लेकिन पेनिस फुलाने का काम कौन करता है. टाइट इरेक्शंस नाइट्रिक ऑक्साइड नाइट्रिक. ऑक्साइड रिच फूड एक दिन पहले से अगर आप. खाना स्टार्ट करते हो जो कि जनरली रॉ. वेजिटेबल्स और फ्रूट से मिल जाता है रॉ. सैलेड्स अगर आप हल्का खाना खाते हो आपका.
अगर गट क्लीन हैं तो आप अपने आप उस चीज के. लिए एनर्जेटिक फील करते हो और अपने आप. आपको फील होने लगता है कि यू आर गेटिंग. गुड और अगर आप कॉन्स्टिपेशन के शिकार हो. लैग्ज़ेटिव ले लो एक दिन पहले वो भी आपको. हल्का जहां पे फील हुआ और आपने सब्जियां. खाना स्टार्ट कर दी। फाइबर्स जा रहे हैं. शरीर में। नाइट्रिक ऑक्साइड रिच फूड आ रहा. है। चुकंदर है जैसे बहुत अच्छा सोर्स है।. चार पांच फूड्स बताओ जो बहुत नाइट्रिक. ऑक्साइड रिच है। एक बीटर रूट आपने खा. लिया। एक आपने खीरा खा लिया। एक टमाटर खा.
लिया।. जो सर्टेन उसमें एक चीज होती है करक्यूमिन. एक चीज होती है जैसे हल्दी से आती है ये. सब चीजें आपकी नाइट्रिक ऑक्साइड को रिच. करती है बढ़ाती है एंड अवोकाडो यू सेड. अवोकाडो भी एक सोर्स है मतलब उनकी रिसर्च. के हिसाब से हमारे यहां इस चीज का ना उपज. है ना हम इसके बारे में जानते हैं मोर ओवर. ब्रोकली भी अच्छी चीज है एनीथिंग दैट इज. ग्रीन. विल बी इन रिच इन नाइट्रिक ऑक्साइड पालक. है ब्रोकली है मोर ओवर ओवर ग्रीन जितनी भी.
चीजें आप देख लो उस चीज का है। मैं इसलिए. उन चीजों को पर्टिकुलरली एज अ डाइट नहीं. बता रहा हूं बिकॉज़ लोग एक्चुअली में इस. चीज की अति शुरू करते हैं और मोर ओवर इन. चीजों की वजह से अपनी हार्ट हेल्थ को डाउन. कर लेते हैं। हम क्योंकि हार्ट को. सब्जियों से कोई लेना देना नहीं है। हार्ट. को रॉ वेजिटेबल फ्रूट से कोई लेना देना. नहीं है। हार्ट को चाहिए एनर्जी, एटीपी।. और एटीपी, एनर्जी आता अनाज से है हमेशा।.
रोटी, दाल, चावल, सब्जी जो भी जिस रीजन का. है वो उस रीजन का एक खाना है हार्ट को वही. चाहिए। तो कभी भी लोग इस ओवर एग्जाजरेशन. में ना जाए कि मैं डॉक्टर साहब ने एक दिन. बोला था मैं 7 दिन तक एक काम करता हूं।. सब्जियां खाऊंगा। आई विल बी अ बीस्ट इन द. बेड। नहीं करना चाहिए। 50% अपने खाने को. आप डिवाइड कर दो। अगर 50% भी आप अपने हर. मील को 50% नाइट्रिक ऑक्साइड रिच और 50%. अनाज में कर रहे हो तो आपके ब्लड और आपका.
हार्ट दोनों की हेल्थ सिक्यर्ड है। सो. डाइट वी स्पोक अबाउट। इसके बीच में एक. वर्ड एक लाइन बोली आपने जब मैं पॉडकास्ट. के लिए रिसर्च कर रहा था। वन ऑफ द मोस्ट. सर्च्ड. चीज थी वो व्हिच यू पॉइंटेड आउट।. बीस्ट बनना है। हाउ टू बिकम बीस्ट इन बेड? बेड में बीस्ट बनने का मतलब सबसे पहले. अपनी मेंटल हेल्थ को कैटर करना होता है।. बिकॉज़ मेंटल हेल्थ के बिना हम लोग बीस्ट.
बन ही नहीं सकते। हम्म। दवाओं के बेसिस. पे, इंजेक्शंस के बेसिस पे, स्प्रेज़ के. बेसिस पे, कंडोम्स के बेसिस पे अलग बात हो. गई। बिकॉज़ देयर इज़ एन एक्सटर्नल. इन्फ्लुएंस दैट इज़ इन्फ्लुएंसिंग योर बॉडी. फॉर अ सर्टेन पीरियड ऑफ़ टाइम। बट दैट्स. नॉट यू। यू आर समवेयर मेंटली व्हाट यू आर।. आप मेंटली कितना स्ट्रांग हो। उतनी ही. टाइम तक आप अपने इरेक्शंस को होल्ड कर. सकते हो। उतने ही टाइम तक आप अपने. इकैककुलेशंस को होल्ड कर सकते हो। उतने ही.
टाइम तक आप अपने पोजीशंस को होल्ड कर सकते. हो। आप फ्लैक्सिबल ही नहीं हो। आप मेंटली. स्ट्रांग ही नहीं हो। आप कैसे बीस्ट. बनोगे? तो फ्लेक्सिबिलिटी एंड मेंटल हेल्थ यह. दोनों चीजें आपको अगर हैं आपके शरीर में. कोई भी दुनिया की पावर आपको रोक नहीं सकती. है बीस्ट बनने से और यह फ्लेक्सिबिलिटी. जिम जाके नहीं आएगी। यह फ्लेक्सिबिलिटी. अपने ही कार्डियो करने से, योगा करने से, मेंटल हेल्थ मोर ओवर अपने ही मेडिटेट करने.
से, अपनी चीजों को जो नेगेटिव हैं उनको. खत्म करने से, पॉजिटिव है उनको आगे लाने. से इससे आएगी। लेकिन अगर हम लोग बीस्ट. बनने के लिए एक पेशेंट था हर नेशनलिटी की. फीमेल को शी वांटेड टू हैव सेक्स। हर. नेशनलिटी फिलथी रिच बिलोंग्स फ्रॉम. गुजरात। यूएस में भी एक घर है, लंदन में. भी एक घर है। सब जगह एक-ए घर हैं उसके। हर. नेशनलिटी की लड़की और शादी नहीं करना. चाहता।.
यह बीस्ट बनना चाहता है।. ही वांट्स टू बी अ बीस्ट एंड ही कम्स टू. मी रेगुलरली। ही इज डूइंग गुड, वंडरफुल।. सब कुछ अच्छा है। थॉट प्रोसेस थोड़ी सी. गलत है। जो कि उसको अकेलापन के अंडर में. लेके जाएगी।. ही इज 42 41 ऐसे ही होगा एज।. थॉट प्रोसेस खत्म नहीं हुई है अभी तक उसकी. ये बिकॉज़ ड्रग्स भी हैं उसकी जिंदगी में।. उसकी जिंदगी में बहुत एक्सपेंसिव चीजें. हैं। एक्सपेंसिव लाइफस्टाइल है। तो ये एक.
ओवर इंप्रेशन में है कि इन सारी चीजों से. आई कैन बाय एनीथिंग।. एक सर्वेंट भी चलता है उसका साथ में।. असिस्टेंट भी चलता है साथ में। ही एज अ ईए. सब कुछ है उसके पास। तो पूरा क्लनिक में. तामझाम लेके आता है। हम हम अलऊ नहीं करते।. तो तो मोर ओवर लेकिन यह चीज लैंड कहां. करेगी? सब जानते हैं इस बारे में कि इतनी. फैंसी लाइफस्टाइल है, इतना वो है और दिमाग. में क्या है? लाइफ पार्टनर नहीं चाहिए।. एंजॉयमेंट फुल फुल ऑन चाहिए। कहीं ना कहीं. तो डाउनर आएगा। क्रैश आएगा। क्रैश आएगा।.
इस क्रैश को कैसे संभालोगे? तो वह बीस्ट बनने का यह नैरेटिव भी गलत. है। बीस्ट बनने का कोई एक्सटर्नल. इनफ्लुएंस से भी गलत है। बीस्ट बनना अपने. आप में एक मेंटल इवैल्यूएशन है कि आप अपने. पार्टनर के लिए बीस्ट हो के नहीं हैं।. हम्म। तो वो कैसे बन सकते हो? अपने. पार्टनर के साथ एक जनरल नेचुरल सिंक बना. के।. अपने आप को. एवरी टाइम एक्सेसिबल ना ऑफ एनीवन एंड.
एवरीवन हम एक्सेसिबल हैं। ये लड़का है और. इसके साथ में जितनी भी मोहल्ले की जितनी. आंटीज हैं वो सब उसको अप्रोच करती हैं।. बिकॉज़ ही इज़ एक्सेसबल टू एवरीवन। ऐसा बहुत. सब कुछ चल रहा है। अर्ली एज वाले लड़के 18. साल 17 साल वाले लड़के आंटियां अब्यूज कर. रही हैं उनको। अपने मेंस के टाइम पे सेक्स. करवाने के लिए बुलवाती हैं। ऐसा भी होता. है। इंफेक्शन लेके आते हैं मेरे पास 20-2. साल की उम्र में। कहता है मेरा तो. इंटरेस्ट ही नहीं है सर सर लड़कियों के.
लिए। मैं तो चाहता हूं कि मैं अपने बड़ी. से ऐज की फीमेल्स को वो करूं। बिकॉज़ दे आर. एक्सपीरियंस्ड।. बच्चे की तरह उसको वो दिस इज़ वैरी नॉर्मल।. दिस इज़ वेरी नॉर्मल। एव्री सोसाइटी हैज़. इट।. ये हाईफाई सोसाइटी आप भूल जाइए। हाईफाई. में तो है। बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स और बहुत. पौश सोसाइटीज में है। उसको हम लोग. एक्स्ट्रा मराइटल का नाम दे देते हैं। पर. ये जनरल मिडिल क्लास सोसाइटी में चल रहा. है।. तो आपका सिंक आपका क्योंकि हस्बैंड मना कर.
देता है कि पीरियड्स के टाइम पे सेक्स. नहीं करना है। क्योंकि ब्लीडिंग से उसको. प्रॉब्लम होती है। यू नो आई वास रीडिंग. दिस स्टडी। मैं आपको पढ़ के बताता हूं।. एक्सैक्ट कोट करता हूं। ओके। नेशनल फैमिली. हेल्थ सर्वे 2019 से 2021 के बीच में ये. स्टडी हुई थी वुमेन सेक्सुअल बिहेवियर पे।. इट फाउंड आउट दैट मोर वुमेन हैव मोर सेक्स. पार्टनर्स देन मेन इन 11 स्टेट्स एंड. यूनियन टेरिटरीज। द सर्वे वाज़ कैरीड आउट. इन 707 डिस्ट्रिक्ट्स अक्रॉस द कंट्री विथ. 1.1 लाख वुमेन एंड 1 लाख मेन.
पार्टिसिपेटिंग इन इट। वुमेन हैव मोर. सेक्स पार्टनर्स इन मैन इन राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू एंड कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, आसाम, केरला।. लक्षदीप पुुडुचेरी एंड तमिलनाडु चंडीगढ़. इज द हाईएस्ट ऑफ ऑल चंडीगढ़ इज द हाईएस्ट. चंडीगढ़ ऑफ ऑल चंडीगढ़ में वुमेन आर. हैविंग मोर सेक्स इन मैन मैक्सिमम. एक्स्ट्रा मराइडल चंडीगढ़ में सारे. पेशेंट्स मेरे क्योंकि आई हैव अ बेस देयर. तो सारे पेशेंट्स इधर है मेरे पास में एंड. सबकी कहानी यही है क्या कि माय वाइफ इज.
हैविंग एन एक्स्ट्रा मराइडल बिकॉज़ आई एम. नॉट गिव एबल टू गिव हर दैट काइंड ऑफ अ. ऑर्गज़्म दैट काइंड ऑफ़ लेवल दैट शी वांट्स. वहां पे थोड़ा सा फट्टे कट्टे लोग हैं सब. लोग चंडीगढ़ में। फीमेल्स आर आल्सो वेरी. गुड। दे हैव अ गुड पेल्विक एरिया। दे हैव. अ गुड एवरीथिंग। तो सब थोड़ा सा उस. बैकग्राउंड से आते हैं। है ना? पंजाबी. बैकग्राउंड है सबका मैक्सिमम लोगों का। तो. उनकी अर्जस भी ज्यादा है।. सो मेन इन चंडीगढ़ आर नॉट एबल टू फुलफिल. वुमेन। ऐसा नहीं है। लेकिन उस तरीके से.
जितनी एक्सपेक्टेशंस हैं कहीं ना कहीं. उनको कमी लगती है उस बारे में। डू यू फील. वुमेन एक्सपेक्टेशन बहुत बढ़ गई है।. बिल्कुल बढ़ गई है। बिल्कुल बढ़ गई है। और. ये ओवर एग्जाजरेशन में बढ़ी हैं। ये. वेकेशंस वाले जो ब्लॉगर्स और ये सब हैं. उनके चक्कर में बड़ी हैं। क्यों? [हंसी]. क्यों? एक्सप्लेन। आई एम इंटरेस्टेड टू. नो। क्यों एकदम वेकेशन ब्लॉगर्स को ही. टारगेट किया गया इधर एकदम से सबकी यही.
परेशानी है। एवरीवन कैन अफोर्ड टू गो. एनीवेयर इन द वर्ल्ड। मतलब ठीक है। अच्छे. लोग हैं। समृद्ध समाज के लोग हैं। किसी भी. टाइम पे टिकट करा के किसी भी टाइम कहीं भी. जा सकते हैं। बट उनका समय, उनकी फैमिली, उनका प्रोफेशन उनको अलाउ नहीं करता है। ऑन. द कॉन्ट्ररी दीज़ पीपल आर पेड फॉर इट। हम. घूमने फिरने के लिए। घूमने फिरने के लिए. पे किया जा रहा है। पर यह उनको नहीं पता. है जो लोग देख रहे हैं। उनको लगता है कि. यह लाइफस्टाइल कितनी अच्छी है। हम इस. लाइफस्टाइल को क्यों नहीं कर सकते? ये तो.
अफोर्ड भी नहीं कर सकती है। तब भी ये घूम. रही है। हम क्यों नहीं घूमते? बट उनका. सेक्स से क्या रिलेशन है? उनका सेक्स से. रिलेशन यही है कि हम एक्स्ट्रा. एफर्ट लगा के वेकेशन पे जाएंगे। तो मे बी. हमारी सेक्स लाइफ और अच्छी हो जाए। हम लोग. रोज क्योंकि हम लोग एक ओवर्टली अच्छे मूड. में होंगे। नई जगह होगी तो नैरेटिव वहां. से आता है कि रोज घर में मोनोटोनी आ रही. है। मोनोटोनस बिहेवियर शुरू हो गया है।. रोज आप काम लेके आते हो घर पे। रोज अपने.
एंप्लाइजज़ पे चिल्लाते हो। रोज आप काम रोज. WhatsApp पे डेज़िग्नेट करते हो। एंड दैट्स. व्हेन यू एंड योर वर्क। स्टार्ट योर डे एन. नंबर ऑफ़ नैरेटिव। बाहर जाने का आ गया है. कि बाहर सब लोग क्या कहते हैं कि हर एक. महीने में 7 दिन के लिए बाहर जाना चाहिए।. हर 3 महीने में 10 दिन के लिए बाहर जाना. चाहिए। लेकिन आप नेचुरल लोग अगर नेचुरल. अच्छे-अच्छे 100 करोड़ के भी आदमी होंगे. वो अफोर्ड नहीं कर सकते जाना बार-बार।. बहुत बार ऐसी बिनेस में चीजें होती हैं और. बहुत बार आप इतने.
बैलेंस्ड नहीं होते हो दिमाग से कि आप हर. जगह जा सको। ऑब्वियसली यू कैन अफोर्ड दैट।. तो वो नैरेटिव वहां से आता है। और जब आप. इस चीज के लिए मना करते हो या उस चीज को. फुलफिल नहीं करते हो क्योंकि यह जाना तो. सिर्फ क्रेडिट कार्ड तो फुलफिल करने ही. देगा। जाओ मॉल गेट द बेस्ट बैग बेस्ट वॉच. बेस्ट ये ऐसा तो नहीं साथ जाना पड़ता है. इस चीज को फुलफिलमेंट नहीं होता तो वो. डिसपॉइंटमेंट का एक रास्ता बन जाता है इस. डिसपॉइंटमेंट को फुलफिल कौन करता है. मार्केट में और कंधे.
ऑब्वियसली आपको सेक्स नहीं मिल रहा है. आपको जाने को नहीं मिल रहा है तो कहीं ना. कहीं कोई और इस चीज को टैप कर देता है और. ये जिम्स में इन सब जो ये कम्युनिटी. एक्टिविटीज वाली जगह हैं इन सब में सबसे. ज्यादा एक्सट्रामेटल्स हैं वहां कहां से. लोग परेशान हैं? बट इससे मुझे अभी तक ये. समझ नहीं आया कि वुमेन की एक्सपेक्टेशन ऑफ. टाइमिंग एंड सेक्सुअल परफॉर्मेंस इन बेड. वो क्यों एकदम बढ़ गई है बहुत ज्यादा। वो. एज के साथ में बढ़ती चली जाती है। बिकॉज़.
देर एरिया एक्सपेंड्स। मेनोपॉज के बाद में. और ज्यादा एक्सपेक्टेशंस बढ़ जाती हैं. लोगों की। मेनोपॉज के बाद तो यूजली यू. डोंट फील लाइक हैविंग सेक्स। यू फील लाइक. हैविंग सेक्स। बहुत फीमेल्स जो. स्पिरिचुअली ओरिएंटेशन रखती हैं जो कि. हमारी जनरल इंडियन फीमेल्स रखती हैं। सारे. पेशेंट्स मेरे आ के बताते हैं सर वाइफ तो. इज नॉट इंटरेस्टेड बट मेरा इंटरेस्ट है।. पर बहुत से ऐसे पेशेंट बताते हैं कि सर. वाइफ का इंटरेस्ट बहुत ज्यादा बढ़ गया है।. एंड एज दे ऐज एज वुमेन एज उनका एरिया. बढ़ते जाता है। दैट्स व्हाई उनको टाइमिंग.
ज्यादा चाहिए होती है। कहीं ना कहीं उनको. स्टिमुलेशन ज्यादा चाहिए रहता है। इस. टाइमिंग को सिर्फ हम वो पार्ट नहीं. मानेंगे। स्टिल रिलेशन ज्यादा चाहिए था।. एंड दैट्स व्हाई दे वाइब्रेट और इन सब. चीजों में दैट्स व्हाई दे इंगेज इन न्यू. बॉयज।. तो क्या करना चाहिए? व्हाट शुड मैन डू एट. दिस टाइम? मेन शुड टॉक क्योंकि मेन. परफॉर्मेंस रिड्यूसेस ओवर टाइम। हां। तो. ये कितनी है कि वुमेन ओवर टाइम एज दे एज. उनको ज्यादा स्टिमुलेशन चाहिए। एंड मैन. जैसे-जैसे एज दे एज उनका परफेंस कम होते.
जाता है। तो हाउ डू दे मैनेज? इसी चीज के. लिए हम ओल्डर है 40 अबव वो कैसे मैनेज. करें? व्हाट माय फादर टैप्ड दिस प्रॉब्लम. इस प्रॉब्लम को टैप कर रहे थे क्योंकि ये. डिफेंस में भी बहुत ज्यादा हो रहा था।. डिफेंस में इस चीज का एग्जैक्ट एग्जांपल. देता हूं। डिफेंस के जहां पे हमारे. पेशेंट्स होते हैं वो तीन-तीन महीने बाद. घर आते हैं। 6-6 महीने बाद घर आते हैं 10. दिन के लिए। उस 10 दिन में फीमेल की. एक्सपेक्टेशंस क्या होंगी? लेट्स हैव सेक्स एवरीडे बिकॉज़ आई एम.
डिप्राइव्ड फ्रॉम इट थ्री मंथ्स सिक्स. मंथ्स कभी कोई आपातकालीन स्थिति इमरजेंसी. सिचुएशंस आ गई तब और ज्यादा छ महीने नहीं. आठ महीने हो गए इन 10 दिन में अगर ये मेल. फ्रेटरनिटी परफॉर्म नहीं कर पाई. प्रॉब्लम स्टार्ट्स. अब एक टाइम पूरा हो गया जनरली आर्मी में. 40 साल 42 साल 45 साल एक 15 साल की एक. टाइम रहता है उसके बाद में यू कैन इंटेक. वंटरी रिटायरमेंट। बहुत लोग पूरी सर्विस.
करते हैं। 40 साल, 45 साल, 50 साल पे. रिटायर हो जाते हैं। ये 50 साल का. रिटायरमेंट फीमेल का तो जिंदगी हो गई. पूरी। मेनोपॉज आ गया है। लेकिन उसकी अर्जज़. खत्म नहीं हुई है। वो कहती है आपने ड्यूटी. कर ली पूरी। अब तो हमें जीवन जीने का मौका. मिलना चाहिए। बिकॉज़ व्हेन ही कम्स, ही. कंज्यूम इट। बच्चे हो रहे हैं प्रेगनेंसी. पूरे टाइम एक बोलती विडंबना है ये समाज की. बहुत बड़ी। कि पूरी प्रेगनेंसी भी एक जवान. हमारा ना साथ नहीं रह पाता है। उसको सबसे. ज्यादा एक्स्ट्रा मराइटल का डर रहता है।.
क्योंकि नीड्स नीड्स होती हैं। नीड्स के. टाइम पे आपकी बुद्धि खत्म हो जाती है।. नॉर्मल इंसान की बात करते हैं। लेट्स जस्ट. से किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं है।. एवरीथिंग इज राइट। सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल. है। नॉर्मल है। हेल्दी इंडिविजुअल सेक्स. करता है। पांच छह बार 10 स्ट्रोक में. प्रीमेच्योर इजाकुलेशन हो जाता है। या कभी. अच्छा होता है, कभी बेसिक नॉर्मल में। बट. दिस इज अ फैक्ट कि एज यू एज आपका. परफॉर्मेंस कम होता जाएगा। व्हाट शुड अ. मैन डू? लेकिन लड़के को क्या करना चाहिए.
कि उनका परफॉर्मेंस कम नहीं हो एंड दे कैन. कीप अप विद द डिजायर ऑफ़ देयर पार्टनर। मोर. ओवर हम इसकी रूट कॉज पे जाते हैं कि जैसे. ही मेन एज करते हैं वैसे-वैसे उनकी. परफॉर्मेंस डाउन होती है। परफॉर्मेंस. क्यों डाउन होती है? उसका एक रीजन है. स्किन लूजनिंग। झुर्रियां पड़ने लगती हैं।. तो ऑब्वियसली जो स्किन जो इरेक्टाइल. टिश्यू फीमेल में ब्रेस्ट में होता है।. वही इरेक्टाइल टिश्यू मेल में पेनिस में. होता है। तो ब्रेस्ट भी सैक डाउन कर जाते.
हैं। यस और नो। उसी तरीके से मेल्स में भी. स्पर्मैटोजेनेसिस बंद नहीं होती है। ऐसा. नहीं है वो इनफर्टाइल हो जाता है। तो. फर्टिलिटी कोशेंट, टेस्टोस्टेरोन सब कुछ. परफेक्शन पे आएगा लेकिन स्किन लूज़ होने. लगती है। तो वहां पे उतना ब्लड फ्लो नहीं. रह जाता या उतना ब्लड फ्लो सस्टेन नहीं. करने में सक्षमता आती है। जबकि मॉर्निंग. इरेक्शन 80 साल के आदमी को भी आ रहा है।. 60 साल के आदमी को भी आ रहा है। लेकिन वो. सस्टेन नहीं करता है। बस समस्या इतनी सी.
है। ऐसा नहीं है कोई भीेंट पेट से पैदा. नहीं होता। जो सिम्टोमेटिकली. डाउन सिंड्रोम और इन सब सिंड्रोम्स के. पेशेंट हैं, माइक्रोपनेसिस के पेशेंट हैं, उनकी बात नहीं कर रहे हैं। जो नॉर्मल मेल. है, नॉर्मल समाज में है, नॉर्मल शादी करी. है, बच्चे करे हैं, उनकी. स्पर्ममेटोजेनेसिस खत्म नहीं होती। यस, 80. साल की ऐज पे भी बच्चे पैदा कर सकते हो. आप। बिकॉज़ स्पर्म हमेशा चलता रहता है। उसी. चीज के लिए हम स्किन और ब्लड फ्लो के ऊपर. जाते हैं कि अपने स्किन लूजनिंग को टाइट. करना स्टार्ट करना पड़ेगा और ब्लड फ्लो को.
थोड़ा सा एनहांस करना पड़ेगा। इसी के लिए 24. इयर्स रिसर्च क्लीनिकली प्रोवन जब हम इस. पे आए तो एक प्रोटोकॉल बनाया हमने। उस. प्रोटोकॉल को सिंथेटिक प्रोटोकॉल नहीं है।. एक पेनिस की दवा दवा भी नहीं है। मोर ओवर. ब्लड फ्लो को एनहांस करने की दवा एक स्किन. टाइटनिंग कर देती है। बस कंड्रयन किट नाम. से एक हमने बनाया। इस कॉंड्रयन से आप अगर. 2 साल में एक साल में एक बार भी अगर ले. रहे हो कोई भी मेल इसके कोई कॉन्ट्रा.
इंडिकेशंस नहीं है। वो अपने पार्टनर को. टाइट पेनिस टाइट इरेक्शंस के साथ में एक. अच्छे टाइम के साथ में मैं नहीं कहता. उसमें कोई शून्य करने की दवा है तो आप. एक्सपेक्ट ना करें। वो आपकी स्मार्टनेस. इतने ओवर जब 40 साल के हो गए स्मार्टनेस. तो आ ही गई है कि मैं व्हाट वर्क्स फॉर. माय वाइफ एंड व्हाट डजंट वर्क फॉर माय. वाइफ। तो इस प्रोटोकॉल के जरिए हम लोग इस. चीज को नेचुरली केटर कर सकते हैं। मोर ओवर. अगर प्रोटोकॉल एक्सेसबल नहीं है या कुछ भी. नहीं है तो आप जनरल ब्लड फ्लो जनरल मसाजेस.
अपने ऑर्गन के एंड पे या अपने स्किन के. एंड पे जो जो चीजें होती हैं आप उसको कर. सकते हैं। एक्सरसाइज कर सकते हैं पेल्विक. फ्लोर। पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइजज़ इज द की. टू सक्सेस। कीगल को मैं पर्टिकुलरली नहीं. बोल रहा हूं क्योंकिल क्योंकि नुकसान भी. कर जाती है कभी-कभी। पेल्विक फ्लोर. एक्सरसाइज कैट एंड काऊ बेस्ट हाइड्रोथरेपी. के साथ में ऊपर से पानी पड़ रहा हो. पेल्विक एरिया के ऊपर ब्लड फ्लो अगर आ रहा. है बेस्ट ऑफ बेस्ट तो कैट एंड काऊ करना. स्टार्ट कर दो उससे आपके पेल्विक फ्लोर.
में ब्लड फ्लो स्टार्ट हो जाएगा ग्रीन. वेजिटेबल्स खाना स्टार्ट कर दो जिसे कहते. हैं नाइट्रिक ऑक्साइड रिच ये जनरल चीजों. से अगर आपको इफेक्ट्स दिख रहे हैं ना बस. यहां पे आप सक्सेस पे आओगे जनरल डॉक्टर को. कंसल्ट कर लो किसी भी पास वाले अच्छे. डॉक्टर को मेडिसिन न यूरोलॉजिस्ट. साइकेट्रिस्ट डर्मेटोलॉजिस्ट कोई भी कोई. भी वो कंसल्ट करो वो आपको हेल्प करेगा कि. प्राइमरी ये मेडिकेशन ले लो उससे भी ठीक. हो जाएगा लेकिन अगर नेचुरल अप्रोच और इन. सब के लिए वो प्रोटोकॉल है कंड्रयन किट.
नाम का उस नेचुरली कोई साइड इफेक्ट कोई. सिंथेटिक नहीं गोली खा के उत्तेजना नहीं. आएगी सर दर्द नहीं होगा एंजाइटटी. डिसऑर्डर्स नहीं होंगे हार्ट अटैक नहीं. आएगा मोर ओवर तो इसके लिए एक जनरल. आस्पेक्ट बनाया गया है और उससे भी ऊपर. थेरेपी सिस्टम्स आ जाते हैं जिनको हम लोग. नेचुरल कोर्स ऑफ एक्शन मतलब टारगेटेड. अप्रोच है हमारे पास। एक और टेक्नोलॉजी वो. अभी-अभी किसी एप्लीकेशन में पेशेंट ने. बताया कि सर उसमें एप्लीकेशन में. मास्टरबेट करो दिन में तीन बार और उसके. बाद में जैसे ही इजेकुलेट होना हो टिप दबा. लेना एप्लीकेशन में कीगल के साथ-साथ तो.
टिप दबा लेना। उससे क्या होगा? आपका. स्ट्रांग हो जाएगा पूरा। और स्ट्रांग होने. के बाद जब आप घर जाओगे तो यू विल बी वेरी. मच अल्फा। लोग ऑफिस में ये चीज कर रहे हैं. अपनी।. लोग बाथरूम में जा के तीन बार कर रहे हैं।. बिकॉज़ देयर इज अ नैरेटिव जो कि एप्लीकेशन. ने पैसा देकर आपको दिया है। आप फॉलो करते. हो ब्लाइंडली। इसीलिए मैं मना कर देता. हूं। जब तक एक यूरोलॉजिस्ट ना बोले कि भाई. कीगल कर लो तब तक मत करो। एप्लीकेशनेशंस. क्या बताएगी आपकी स्थिति क्या है? बट.
कीगल्स तो बहुत ज्यादा पॉपुलराइज्ड है।. बहुत सारे डॉक्टर्स, बहुत सारे आयुर्वेदिक. डॉक्टर भी सब बोलते हैं। मॉडर्न मेडिसिन. डॉक्टर सब ओवरली ना करें।. हेल्दी मिक्स. करना चाहिए नहीं करना चाहिए करना चाहिए. बिल्कुल करना चाहिए लेकिन बहुत एक्सेसिवली. नहीं करना चाहिए तो होल्डिंग योर पेस मसल. पेल्विक मसल्स पे मसल्स होल्डिंग योर. पेल्विक मसल मोर ओवर जो पेशाब की नली है. और जो एनल्स विंटर है उन दोनों को एक साथ. जब आप टाइट खींच के रखते हो उससे क्या फील.
होता है कि आपको उस वहां की जो मसल्स हैं. वो स्ट्रेंथन हो रही हैं क्योंकि आप. खींचते हो वो करते हो यही चीज आप आंखों के. साथ अगर करोगे या अगर अगर आप ऊपर देखोगे, नीचे देखोगे, ऐसे देखोगे, ऐसे देखोगे, आप. मसल्स को स्ट्रेंथन कर रहे हो, ब्लड फ्लो. को लेकर आ रहे हो। इसकी आप आंखों के लिए. तो बहुत अच्छी बात है। इसकी जगह कीगल करने. की जगह पता नहीं वहां पे कोई फिट मतलब कोई. स्ट्रिक्चर आ जाए खींचने की वजह से बहुत. बार। स्ट्रिक्चर का मतलब हो गया कि. मूत्राशय की नली में कोई एकदम से दब जाए।. बहुत बार यूरोलॉजिस्ट इस चीज को क्लीनिकल.
अप्रोचेस में देखते हैं कि स्ट्रक्चर आ. गया। अब वो स्ट्रक्चर किसी भी रीजन से आ. सकता है। बहुत बार लोगों ने कीगल के बाद. मेरे को बताया है आके। इट्स अबाउट. क्लीनिकल एक्सपीरियंस ओनली। हम रीज़ ओके. व्हाट इज द गुड मिक्स ऑफ़ डूइंग कीगल? यू. आर सेइंग कि ओवर करने से प्रॉब्लम होती. है। ओवर करने से भी प्रॉब्लम होती है और. बहुत बार लोग इस चीज को साइकोलॉजिकली बहुत. ज्यादा सेक्स के टाइम पे करने लगते हैं।. पीछे की तरफ खींच लेते हैं। सेक्स के टाइम. पे। हम यह नॉलेज का अभाव आपको गलत तरफ.
डायरेक्ट करती है। अगर यही चीज एक. यूरोलॉजिस्ट बोल रहा है देन इट्स अ. डिफरेंट थिंग तरीका बता रहा है तो सेक्स. मान लो सेक्स के टाइम में नहीं करना. एवरीडे इफ यू गेट अप एंड यू डू कीगल्स इज. इट गुड और बैड जरूरत के अनुसार है। अब. आपको वो प्रॉब्लम हो रही है कि नहीं हो. रही है। बेसिकली यूरिनरी इनकॉन्टिनेंट्स. के लिए कीगल बनी थी। जब आप अपने पेशाब को. रोक नहीं पाते हो जो कि पोस्टपार्टम. लोगों को परेशानी ब्लैडर कंट्रोल को लेकर.
फीमेल्स को शुरू हो गई थी। इंटरेस्टिंग और. ये चीज जनरली फीमेल्स में होती है कि छींक. आती है बच्चा होने के बाद में जिन्होंने. नॉर्मल डिलीवरी की हुई है क्योंकि नली उधर. ही से गई हुई है। मेन को नहीं करना चाहिए।. कर सकते हैं। नुकसान ऐसे नहीं है। मैंने. क्या कहा? अनडायरेक्शनल यूज़ खराब है किसी. भी चीज का। एक्सेस ऑफ़ एनीथिंग इज बैड।. लेकिन आप एक एप्लीकेशन को फॉलो करने लग. जाते हो। क्विक रिजल्ट्स के लिए आपको. दूसरी चीज दे जाती है वो हम वो खराब है।. मेरे ग्रैंड फादर ही बिकम मेडिकल ऑफिससेस.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मतलब कॉर्पोरेट. प्लेटफार्म पे आ गए। उन्होंने देखा जो ये. कम जो ये रोज पूरे टाइम उस समय कंप्यूटर. नहीं होते थे। रोज पूरे टाइम जो काम कर. रहे हैं उन लोगों को परेशानी आ रही है. हॉर्मोंस की। वहां से रिसर्चेस और इवॉल्व. हुई। वहां से रिसर्चेस इवॉल्व हो के. हॉर्मोनल प्रॉब्लम आने लगी। मेरे फादर आए. तो देखा कि भाई ये तो ऑर्गन पे प्रॉब्लम आ. रही है कि भाई नर्व मतलब दवा से ब्लॉकेजेस. कैसे खुलेंगे ये समझ के बारे की बात है तो. कार्डियोलॉजिस्ट अपनी हर चीज कर रहे हैं. इंटरवेंशंस कर रहे हैं आपको दवा दे रहे.
हैं आपको सब कुछ कर रहे हैं लेकिन पेनाइल. हेल्थ की जब बात करते हैं तब वही लकीर का. फकीर वही एक टाटा लफे ले लो वही ये ले लो. वही वो ले लो दैट्स व्हेन दिस इज़ इवॉल्वड. और यहां से हम अपना क्लीनिकल एक्सपीरियंस. को कंक्लूड करते हैं कि हमारे इंडियंस. सोसाइटी में उत्तर प्रदेश में, मध्य. प्रदेश में, राजस्थान में, महाराष्ट्र. में, चंडीगढ़ में किस एरिया में किस तरीके. की प्रॉब्लम ज्यादातर आती हैं? हमारे. डेमोग्राफ पूरी डेमोग्राफिक्स की पूरी की. पूरी एक स्केल आती है। बताओ मुझे विदाउट.
टॉप फोर फाइव स्टेट्स कहां पे किस तरह की. प्रॉब्लम्स आती? पेशेंट हमारे पास जहां से. होते हैं, हम उस डेमोग्राफिक की बात करते. हैं। हमारे बहुत सारे पेशेंट्स कर्नाटक से. हैं। हमारा सबसे हाईएस्ट जो है, उसके बाद. महाराष्ट्र है, उसके बाद पंजाब है, चंडीगढ़। तो ये तीन टॉप मोस्ट हैं हमारे।. तीनों में किस टाइप की प्रॉब्लम्स आती है? प्रॉब्लम सेम है सबकी। बट कर्नाटक में. प्रीमच्योर कि कर्नाटक में प्रॉब्लम्स हो. ना हो लोग पढ़े लिखे बहुत ज्यादा हैं। वो. अपनी प्रॉब्लम को समझते हैं। वो लोग. इधर-उधर मार्केटिंग गिमिक के चक्कर में.
नहीं पड़ेंगे। ओके? और जहां लिटरेसी रेट. नहीं है वहां पे इन सारी जो दवाओं का है. ना वहां का कंजमशन बहुत ज्यादा है। उत्तर. प्रदेश. कंजमशन देखिए जरा। वगरा का मार्केट देखिए. एक बारी। सारे प्रदेशों को बिहार और उत्तर. प्रदेश एक अकेले खत्म कर सकता है दवा।. भारत में दवा ले आओ सब खत्म कर देंगे। यू. सेड जैसे आपने बोला कर्नाटका में बहुत. पढ़े लिखे लोग होते हैं तो वो समझना चाहते. हैं। समझना चाहते हैं और ठीक हो जाए।. चंडीगढ़ में यू सेड कि लॉट ऑफ केसेस आपके. पास जो आते हैं वो वुमेन ओल्डर वुमेन.
गोइंग फॉर यंगर वुमेन क्योंकि दे आर नॉट. सेक्सुअली सेटिस्फाइड। ये आवाईसी वर्ष. महाराष्ट्र में लड़कों में भी है ये चीज।. वो भी अर्ली एज्ड वुमस को ज्यादा टारगेट. करते हैं। तो शुगर डैडी जिसे बोलते हैं. हमारी इंडिया हैज़ अ हाईएस्ट नंबर ऑफ़ शुगर. डैडी देयर वर सम स्टडी रिसेंट एंड आई डोंट. नो हाउ ट्रू दैट स्टडी दैट इज जब पैसा आ. जाता है ना इंसान के पास में शुगर डैडी. बनने का एक नैरेटिव है दिमाग में. एग्जैक्टली ये चीज है। ये सबके साथ में. है। सबके साथ में है सर। सर देखो आप अपनी.
उन अनटोल्ड फेंटसीज़ को पूरा करना चाहते हो. जिन फेंटसीज़ को आप सिर्फ देखा करते थे या. सोचा करते थे काश ऐसा मेरे साथ होता।. आप ओवर द नाइट पैसे से एक फिलॉसोफर तो बन. नहीं जाओगे। आप ओवर द नाइट पैसे से. क्रिकेटर तो बन नहीं जाओगे क्या आपके लिए. सब लोग घात ताली बजा के और चीयर लीडर्स. नाच रही हैं नहीं आप ओवरनाइट अपनी. फेंटसीजस को जरूर पूरा कर सकते हो छुपे.
हुए चोरी छुपे उस चीज को ही लोग कर रहे. हैं इसीलिए शुगर डडीज वाला कांसेप्ट यहां. पे इतना बढ़ गया है और बहुत सारा हमारा. पोर्न वाला नरेटिव है क्योंकि आइडल से. ज्यादा ज्यादातर वीडियोस आप देखोगे छोटी. लड़कियां हैं और बूढ़े लोग हैं. या फिर फीमेल्स अर्ली एज पे हैं। सॉरी. फीमेल्स लेट फीमेल्स तो नहीं हैं। पोर्न. इंडस्ट्री में मेरे ख्याल से जो बहुत. बूढ़ी हैं और बच्चे हैं होते होंगे। लेकिन. शुगर डैडीज का कांसेप्ट पोर्न्स इंडस्ट्री.
से भी आया हुआ है कि बहुत लोग इस चीज को. डैडी डैडी वाला जो एक नैरेटिव है। वो चीज. करने का ये सब क्या फैसिनेटिंग दुनिया है. लोगों की खुद की बनाई हुई। यह कोई और. ड्राइव नहीं कर रहा है। यह फैसिनेशन की. दुनिया किसी की भी कुछ भी हो सकती है। कोई. इस पे कंट्रोल नहीं है किसी का। लेकिन डीप. डाउन लोग मुझे हर चीज बताते हैं। काम है. मेरा ऐसा दे बताना पड़ेगा अपने बेडरूम की. डीपेस्ट सीक्रेट्स बता रहे हैं तो इट्स. फाइन। बट डोंट यू थिंक कि सेक्स इन जनरल.
ज्यादा बेटर तब होता है जब आप दोनों. इक्वली इमोशनली कनेक्टेड हो। सिंक में हो।. एक स्टिमुलेशन आता है। सो देन योर चांसेस. ऑफ़ फीलिंग रियली गुड और फैंटसी और सारी. चीजें हैपेंस मोर विथ द पार्टनर जिसके साथ. आपका एक इमोशनल बॉन्ड और सिंक बना है ओवर. द इयर्स रादर देन कि मैंने किसी से किसी. की लाइफ फंड कर दी इसकी वजह से। जस्ट. दैट्स वेयर रिस्पेक्ट एंड सिंक कम्स इनटू. रोल। हां। तो अगर इफ यू एंजॉय एंड द सेक्स.
इज बेटर विथ इमोशनल बॉन्ड व्हाई आर मोर. पीपल गोइंग फॉर बिकमिंग शुगर डैडीज और मे. बी व्हाई आर ओल्डर वीमेन गोइंग फॉर यंगर. मैन? पायलॉन्स बहुत हैं घर में। पायलॉन्स. का मतलब है कि इतनी चीजें घटती रहती हैं. लोगों की जीवन में कि वो घटने वाली चीज को. मतलब एक तरीके से फेस नहीं करना चाहते।. उनसे जब मुंह मोड़ के भागते हैं ना तब ये. नैरेटिव बनते हैं। इस पायलों्स में ही.
हस्बैंड वाइफ के जीवन ऐसे ऐसे हैं कि. अलग-अलग बेडरूम में सोते हैं। शुरू कहां. से हुआ था? बच्चा छोटा है। पापा को सुबह. ऑफिस जाना होता है। मैं बच्चे को लेके. दूसरे रूम में सो जाती हूं। शुरू यहां से. हुआ था। ये मेरे पेशेंट ने मेरे को एक ने. नहीं 1000 पेशेंटों ने बताया है। उसके बाद. सर अच्छा लगने लग गया ये।. उसके बाद में इंटरेस्ट अलग होने लग गए।. उसके बाद में जब घर में लड़ाई होती थी तब. एक दूसरे को फेस तो करना ही नहीं है। तो. वो वहीं की वहीं रह गई। दिमाग में घर कर.
गई वो। तो पायलों्स तो क्यों होती है. सेक्सलेस मैरिजेस? सेक्सलेस मैरिजेस के दो. आस्पेक्ट्स हैं। एक मेल साइड से आस्पेक्ट. है, एक फीमेल साइड से आस्पेक्ट है। मेल. साइड से आस्पेक्ट जनरली डिस्फंक्शन साइड. होता है। हम कि पेनिस उतनी देर के लिए. इरेक्ट नहीं होता या पेनिस इरेक्ट ही नहीं. होता या श्रिंकेज इतनी आ गई है कि पेनिस. बाहर ही नहीं दिख रहा है। ये तीन चीजें हो. सकती हैं। या फिर वो इरेक्ट होते हैं। और.
जैसे ही टच करते हैं इतना ओवर सेंसिटिव. ग्लांस एरिया होता है क्योंकि हाइपरमिक. एरिया होता है। ब्लड फ्लो बहुत ज्यादा. होता है। तो वो जैसे ही टच करते हैं वैसे. ही डिस्चार्ज हो जाते हैं। तो पेनिट्रेशन. की बात ही नहीं पहुंचती। वो उनको. धीरे-धीरे धीरे-धीरे साइकोलॉजिकली डाउन कर. देता है, डिप्रेस कर देता है। एक साइड. होती है फीमेल की। फीमेल के बचपन में कभी. ना कभी कोई ऐसा बैड टच हुआ है। उसको. एंजायटी इश्यूज हो गए हैं उस चीज से। तो. वो अपने हस्बैंड को तीन-ती साल तक टच नहीं. करने देते हैं।. और हस्बैंड बीइंग अ वेरी नाइस पीपल। इस.
चीज को कभी सोसाइटी में बताते नहीं है।. छोटा सा टेस्ट एक हाईफू टेक्नोलॉजी है. हमारे पास। सिंपल सा एक प्रोब जाता है. अंदर। एक सर्कल लेता है पूरी वाइना में और. उसके बाद दे आर रेडी टू डू इट। सिंपल सा।. तो उतनी सिंपल अप्रोचेस के साथ में. अर्जिस्कोप देने के लिए हम कुछ दवाएं दे. देते हैं फीमेल के लिए। मोर ओवर उनकी. काउंसलिंग्स करा देते हैं। डॉक्टर सृष्टि. मेरी वाइफ हैं उसको एक्सेल करती हैं उस. चीज में और मोर ओवर हमारे यहां जो. साइकोलॉजिस्ट हैं वो एक्सेल करते हैं कि. उनकी डीप डाउन बिल्कुल डव करेंगे और उनके.
पॉइंट को लेकर आएंगे एग्जांपल सेट करेंगे. और उसके बाद वो चीज निकाल देंगे और. नेक्स्ट डे अप्रोच करके भेजेंगे कि गो हैव. इट रिपोर्ट बैक टुमारो। दैट्स अ. प्रिस्क्रिप्शन टू यू। एंड दीज़ पीपल व्हेन. दे नो दैट योर कंसलटेंट इज एक्चुअली. वर्किंग फॉर यू। सिर्फ एक काउंसलिंग दूसरे. दिन आते हैं सर हो गया। बट सेक्सलेस. मैरिजेस ऐसा भी होता है कि स्टार्टिंग में. जब आप नई-नई शादी करते हो यू स्टार्ट. हैविंग सेक्स। बाद में बहुत बोरिंग हो.
जाता है। एंड देन आप यू स्टॉप हैविंग. सेक्स। तो क्यों होता है शादी के बाद सब? ऐसा है। मैक्सिमम शादी में क्यों ऐसा होता. है शादी के बाद बोरिंग हो जाता है सेक्स. एंड यू डू यू डू यू डू यू डोंट वांट टू. इट। अगेन पॉइंट वहीं पे सेम आता है। लोगों. के बीच में जो आपसी सामंजस्य हैं वह नहीं. रह जाते। रिस्पेक्ट लेवल नहीं रह जाता।. सिंक नहीं रह जाता। वहां से फीमेल का. ओरिएंटेशन चेंज होता जा हो जाता है बच्चों. की तरफ। मेल का ओरिएंटेशन चेंज हो जाता है. पैसे की तरफ, काम की तरफ, बिजनेस की तरफ,
जॉब की तरफ या मार्केट की मार की तरफ।. दोनों की गलती नहीं है इसमें। लेकिन जहां. पे आप सेक्सलेस मैरिजेस की बात करते हो एक. सेक्सलेस मैरिज है जहां पे हुआ ही नहीं आज. तक पेनिट्रेशन। जब बच्चे को लेकर सवाल. उठाती है सोसाइटी तब जाके शो अप करते हैं. कि सर आईवीएफ कर दो। तब जाके पकड़ में आता. है कि यह प्रॉब्लम है। मोर ओवर जब शुरुआत. में सेक्स हुआ लेकिन बहुत अच्छा नहीं हुआ।. फीमेल को इंटरेस्ट ही नहीं आया। फीमेल के. लिए फर्स्ट था और लास्ट वही रह गया। तो वो.
नैरेटिव जब दिमाग में एक बैठ जाता है ना. तो यही कहती हैं फीमेल्स मेरे से कि सर. 510 सेकंड में शुरू होने से पहले खत्म हो. जाता है तो मैं सेक्स करके करूं क्या. वो कहा ना गलत दोनों लोग नहीं है अपने. साइड लेकिन अगर ये और बहुत सारी फीमेल्स. क्या होती हैं दबी हुई थोड़ी सी फील फील. करती हैं हस्बैंड को बहुत ज्यादा बोल नहीं. सकती ये बता नहीं सकती कि मैं थक गई हूं. बता नहीं सकती हैं बहुत लोग इस चीज का.
शिकार भी हैं कि अगर थकी है फीमेल कुछ भी. है लेकिन मेल आएगा इफ ही वांट्स टू हैव सच. ही ल हैव इट नो मैटर व्हाट इज़ गोइंग ऑन इन. द वर्ल्ड बहुत सारी फीमेल्स इतना दबी हुई. हैं कि अगर वो नहीं भी कर रहे हैं तो कोई. बात नहीं पति परमेश्वर. तो ये सब नैरेटिव्स हैं। ये सब जरूरतें. हैं और ये सब आपकी परफॉर्मेंस और ज़ील कैसा. है और एक्सपीरियंस पास्ट कैसा रहा है उसके. ऊपर डिपेंड करता है। वो डिपेंडेंसी रेशियो. नॉलेज के ऊपर आती है। आपकी नॉलेज उतनी.
अपग्रेडेड है कि नहीं है? पहले नहीं थी, आज है। जी। सेक्सुअल कंपैटिबिलिटी भी एक. बहुत बड़ी चीज होती है। बहुत बड़ी चीज है।. तो कैसे कोई अरेंज मैरिज में फिगर आउट कर. सकता है सेक्सुअल कंपैटिबिलिटी है कि नहीं. है? आजकल लोग करने लग गए हैं प्री हनीमून. पे जाने लग गए हैं आजकल। एक वो प्री फोटो. शूट क्या होता है वो? प्री वेडिंग शूट। उस. प्रीवेडिंग शूट के साथ में एक प्री हनीमून. भी जुड़ा हुआ है। उसके साथ में लोग करते. हैं और मोर ओवर बहुत लोग नहीं भी करते. हैं। तो कंपैटिबिलिटी वहां पे आती है जब.
आपका बहुत बड़ा इंसान है। लड़का बहुत बड़ा. है। लड़की बहुत छोटी है। तो ऑब्वियसली. ऑर्गन के साइजेस भी अलग-अलग होंगे। तो. फीमेल के लिए बहुत बार ऑर्गन मेल का बड़ा. रहता है। तो फीमेल का एरिया छोटा है। तो. उसको दर्द होता है। पेनफुल सेक्स। पेनफुल. सेक्स होता है, पेनफुल क्वाइटस होता है।. उसकी वजह से लोग सेक्स नहीं करते आगे। वह. अपने आप को रोक लेती है और मोर ओवर कहती. है कि मेरे को दर्द ही हो रहा है। मैं. क्यों करूं? मेल अपना रास्ता बदल लेता है।.
बाहर रास्ते ढूंढने लगता है। एक्स्ट्रा. मरानाइटल करने लगता है। पेट सेक्स करने. लगता है। ये सारी नैरेटिव्स. कंपैरेटिबिलिटी के एंड पे ही आती है।. लेकिन आप इस चीज को अगर एड्रेस करते हो. उसके लिए छोटे-छोटे हम बता देते हैं कि. भाई लुब्रिकेंट्स ले लो। छोटी-छोटी हम बता. देते हैं कि चीज एक काम करते हैं। एक ये. टेक्नोलॉजी है। वी विल हैव दिस सेशन। दिस. विल एक्सपेंड योर एरिया। मोर ओवर शादी के. बाद या बच्चे के बाद वो भी परेशानी सॉल्व. हो जाती है। लेकिन मेडिकल असिस्टेंस की. जरूरत होती है इन सब चीजों में। जो लोग. बाहर अपने बेडरूम को डिस्कस नहीं करेंगे।.
नोबडी वुड वांट और फैसनेट और प्लान टू टेक. हिज़ पैंट्स डाउन। गो एंड टेक हिज पैंट्स. डाउन बिफोर अ डॉक्टर। और क्या होता है. सेक्सुअल कंपैटिबिलिटी का मतलब? अपार्ट. फ्रॉम चेस्ट साइज इज़ डिफरेंट। उम्मीदें. मतलब जरूरतें किसकी जरूरत? यह बहुत बड़ा. पॉइंट है इन अर्बन सोसाइटीज़। बहुत बड़ा. पॉइंट है। मोर ओवर जरूरतें. कंप्लीशन के कितना कंप्लीट हो रहा है. सेक्स। बहुत लोग अधूरे में छोड़ के चले. जाते हैं। बहुत लोग सेक्स करते हुए लूजनेस.
हो जाती है और उसके बाद भी सेक्स करते. रहते हैं। बट आउट ऑफ रिस्पेक्ट फीमेल कभी. भी बोलती नहीं है। वो अपने आप को अल्फा. समझ रहे होते हैं कि मैंने 15 मिनट किया, 20 मिनट किया। लेकिन फीमेल को फील होना. बंद हो जाता है। बिकॉज़ व्हाट शी इज़. हैविंग। बिकॉज़ शी इज़ द रिसीवर पार्ट ऑफ़. इट। मेल इज़ द गिवर पार्ट ऑफ इट। तो रिसीवर. पार्ट रिस्पेक्ट करता है। गिव अप वाला. पार्ट कर लेगा कर लेगा। बहुत टाइम तक नहीं. बताते। तो कंपैटिबिलिटी बहुत बार बात करने.
से आती है। कम्युनिकेशन से आती है। ऐसा. नहीं होता है कि सॉल्वेबल नहीं है या कुछ. भी नहीं है। बात नहीं करते लोग आपस में।. और बेडरूम में जब बात नहीं करोगे तो आप. डॉक्टर के पास तो जाना दूर की बात हो गई।. तो वुड यू से हर किसी को सेक्सुअली. सेक्सुअल कंपैटिबिलिटी चेक करनी चाहिए।. नहीं ऐसा नहीं है। लोग लोग खुश हैं। आपस. में खुश हैं। जो लोग नहीं हैं उनको स्टेप. अप करना चाहिए। ओके। जहां पे किसी को भी. कमी लग रही है। इट्स ऑल मतलब इट्स सॉल्वबल.
क्या बहुत जरा सी चीज होती है। बहुत छोटा. सा पॉइंट होता है। इज इट नॉट लाइक कि दो. लोग किसी ने शादी कर ली एंड लेटर दे उनको. पता चला दैट दे आर नॉट सेक्सुअली. कंपैटिबल। एंड अब कोई वर्क आउट नहीं कर. सकते। इज इट समथिंग लाइक दैट। नहीं ऐसा. नहीं है कंपैटिबल। अगर वर्कआउट करने का. उनको होगा तो दे विल फिगर आउट अवे। दे विल. फिगर आउट और मोस्ट ऑफ़ द पीपल फिगर आउट।. सेक्सुअल कंपैटिबिलिटी इज़ नॉट अ बिग थिंग।. जब तक पैथोलॉजिकल आस्पेक्ट पे ना हो तब तक. अगर ये पैथोलॉजिकल आस्पेक्ट मतलब.
ब्लॉकेजेस, क्लॉगिंग या फिर कोई. समथिंग सीरियस और डायग्नोसिस। साइकेट्रिक. इवैल्यूएशंस ये सब साइकोलॉजिकल और सारे. पैथोलॉजिकल आस्पेक्ट्स हैं। जब तक ये. क्लीनिकल इवैल्यूएशन का मापदंड नहीं है।. जब तक ये खुद के एंड पे सॉल्वेबल बिहेवियर. पे डिजायर और उसकी मिसमैच है तब तक. सॉल्वेबल है। सॉल्वेबल है। सॉल्वेबल है।. और अगर पैथोलॉजिकल भी होती है आज हम लोग. टेक्नोलॉजिकली इतने इक्विप्ड हैं। इतने. इक्विप्ड हैं कि हम लोग दो घंटे में उस. चीज को कर सकते हैं तो डर किसी चीज का. नहीं है। अब सी वी आर टॉकिंग अबाउट.
टाइमिंग्स अ लॉट। राइट? एंड युजुअली जब भी. आप टाइमिंग्स याद करो पीपल टॉक अबाउट. पोजीशंस। कि ऐसी पोजीशंस पोजीशंस करो। ऐसी. पोजीशंस होती है जिनसे टाइमिंग्स बेटर हो. जाते हैं। आर देयर एनी पोजीशंस फॉर ग्रेट. सेक्स? देयर आर ग्रेट पोजीशंस। दो-तीन. उसमें से सबसे इंपॉर्टेंट पोजीशंस हैं जो. कि सब लोग कर सकते हैं। किसी भी. फ्लेक्सिबिलिटी का आदमी किसी भी. हैवी आदमी, पतला आदमी, मोटा आदमी, नॉन. फ्लेक्सिबल आदमी, स्टिफ आदमी सब कर सकते.
हैं। वो चीज शुरू होती है काऊ गल से।. हम्म। जाती है डॉगी स्टाइल में बिकॉज़. दैट्स वेयर द मैक्सिमम मतलब कोई भी सेक्स. पोजीशन जिसमें मैक्सिमम पेनिट्रेशन हो।. आपका फैट, आपका एरिया, आपका ग्लूटियल. रीजन, आपके थाइस बीच में ना आ रहे हों।. उसको अच्छा सेक्स माना जाता है। अच्छी. सेक्स पोजीशन मानी जाती है। मैक्सिमम. पेनिट्रेशन जिसमें हो। तो जहां पे टमीज़ और. ये सब रोल प्ले नहीं करती हैं, वो होता है. काऊल पोजीशन। बिकॉज़ मैक्सिमम पेनिट्रेशन. व्हेन यू सीट ऑन समथिंग, यू हैव अ प्रेशर.
देयर।. डॉगी स्टाइल व्हेन यू हैव दैट काइंड ऑफ. अप्रोच वहां पर कुछ भी बीच में नहीं आने. पाता है जब तक आपका श्रिंकेज वाला पार्ट. ना हो मोर ओवर बहुत सारी अलग-अलग लोग. अलग-अलग पोजीशंस ट्राई करते हैं। बहुत लोग. मिशनरी के साथ में कंफर्टेबल रहते हैं। बट. थर्ड इफ यू हैव टू गिव अ थर्ड पोजीशन। वो. डिपेंड करता है लोगों पे। ऐसा कुछ नहीं. होता कि देयर इज़ अ पोजीशन व्हिच इंक्रीसेस. योर टाइम। कागल इंक्रीसेस योर टाइम अ लॉट।. एंड यू सेड सेक्स टॉयज बहुत लोग यूज़ करते.
हैं। इट्स अ ग्रेट थिंग। इट्स अ ग्रेट. थिंग। इट्स अ ग्रेट थिंग। इट्स अ वैरी गुड. थिंग। अगर हस्बैंड वाइफ एक दूसरे में. कंफर्टेबल है सेक्स टॉयज को लेकर इसका. मतलब है वो जीवन में बहुत चीजों को लेकर. कंफर्टेबल है। तो सेक्स टॉयज़ यूज़ करने. चाहिए। इंटरव्यू करने चाहिए। मतलब एज एक. हो जाती है जब मोर ओवर स्ट्रेसफुल जीवन. है। बहुत बार ऑर्गज़्म फीमेल को नहीं आ पा. रहा है। पर आप में ऐसा नहीं है कि कमी है. कोई।. आप सिर्फ स्ट्रेस्ड हो काम को लेकर। आप. अपना स्ट्रेस कम करने के लिए ऐसा नहीं है.
सन्यास ले लोगे या अब आप पहाड़ पर चले. जाओगे। आपको छोटी-छोटी चीजों का सहारा. लेते हो। अगर फीमेल को अच्छा लगता है शी. ड्राइव्स यू वेल। आपकी सेक्स पोजीशन, आपकी. सेक्स टाइमिंग, आपका सब कुछ और अच्छा हो. जाता है। लेकिन अगर फीमेल को ही. ऑर्गेनिज्म नहीं मिल रहा है, तो देयर इज़. समथिंग वो बेचारी करेगी क्या? आर देयर एनी. यूनिक सेक्स टॉयज दैट यू हैव नोटिस्ड।. बुलेट वाइब्रेटर्स आर द बेस्ट। इन सब. चीजों से इन सब चीजों से क्या है? एरिया. बढ़ जाता है। जितने भी आप यह बहुत सारे.
मोटे-मोटे और यह बड़े सारे वो सब देख रहे. हो ना आर्टिफिशियल पीनस, सिलिकॉन पीनस और. वो इन सब से आइडियोलॉजी. नर्व की जो रिस्पांस करने का सिस्टम है वो. बदल जाता है। जबकि ओरिजिनली आपके हस्बैंड. पार्टनर में उतना पावर और उतना हार्डनेस. और उतना समय नहीं है।. इसी वजह से हम लोग उन सारी चीजों को जो. बड़े-बड़े और वो सब आ रहे हैं उसकी जगह पे. हम लोग कहते हैं बुलेट वाइब्रेटर्स को. इस्तेमाल करो। बुलेट वाइब्रेटर्स छोटे.
होते हैं। नुकसान नहीं करते हैं। हाइजीन. बहुत अच्छी होती है। क्योंकि वो क्लिटोरस. एंड पे काम करते हैं। अगर उसको आपने अंदर. भी पेनिट्रेट किया है तो वो नुकसान नहीं. कर रहे हैं किसी भी स्ट्रक्चर को वेंस की।. देन इज देयर एनी वुमेन वर्जन ऑफ. परफॉर्मेंस एंजायटी? जैसे मेन को. परफॉर्मेंस एंजाइटटी बोलते हैं। वुमेन को. कुछ होता है सेक्स के पहले। नहीं ऐसा नहीं. है। वुमेन को बहुत बार ड्राई. अ वो रहता है। वजाइनल मतलब ड्राई.
पेनिट्रेशन रहता है। ड्राई ऑर्गेनिज्म. रहता है। ड्राईनेस इन वाइना रहती है। बट. कोई परफॉर्मेंस एंजायटी नहीं है। यह हो. सकता है मन ना हो कि पार्टनर का मन हो. मेरा मन नहीं है। लेकिन परफॉर्मेंस. एंजायटी वाली बात वहां पे नहीं वहां पे. आती है जहां पे किसी को परफॉर्म करना हो।. जहां पे किसी जो बस सिर्फ रिसीवर वाले. पार्ट पे है ना तो वहां पे शी इज़ नॉट. सपोज्ड टू इरेक्ट हरसेल्फ। शी इज़ नॉट सपोज. टू गो फॉर अ लॉन्ग पीरियड ऑफ़ टाइम। उसके. ऊपर कोई प्रेशर ही नहीं है। एंड देन मैन. को परफॉर्मेंस एंजाइटटी होती है।.
बहुत्टब्लिश. बेचारे परेशान हैं इस चीज के लिए। राइट? परफॉर्मेंस एंजाइटटी एट द टॉप। सबसे कॉमन. रीज़ंस क्या सुने हैं आपने? परफॉर्मेंस. एंजायटी क्यों होती है? बहुत सारे लोग।. एक्सपेक्टेशंस हैं बस। सबसे कॉमन रीज़ंस. एक्सपेक्टेशंस खुद की, वुमेन की कि पोर्न. से देखिए उसकी कि आपस में दूसरे लोगों से. बात करी, दूसरे लड़कों से जो अल्फा बनने. की कोशिश कर रहे हैं उनकी। किसकी. एक्सपेक्टेशन? ये समाज की एक्सपेक्टेशंस. पे डिपेंड करता है। आपके साथ में जो आपके. साथीदार हैं उनकी एक्सपेक्टेशंस पे आ रहा.
है। यह लोग जो अपने आपको पूरे मतलब कोई ना. कोई ऐसा एक इंसान आपके ग्रुप में होगा जो. अपने आप को अल्फा मेल बताता है। उसको कोई. शर्म नहीं है। वो स्कोर्स बताता है अपने।. हर किसी एक होगा ही होगा जो सबसे बेहतर. अपने आप को बताता है। ये उनका नैरेटिव. लेके जब लोग जाते हैं तो भले ही वह अच्छे. हैं बहुत। भले ही पार्टनर बहुत खुश है, भले ही सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है जीवन. में लेकिन अपने दिमाग में एक पिक्चर बना.
दी। पिक्चर बना दी है कि भाई मैं तो उसके. जैसा नहीं कर पाता। तो वह एक नरेटिव कहीं. ना कहीं और किसी को पता नहीं है क्योंकि. यह मैक्सिमम लोग जो बोस्ट करते हैं वह झूठ. बोल रहे हैं। जो अपने आप में कॉन्फिडेंट. इंसान है वो शांत रहना पसंद करता है। जो. अपने आप में सक्सेसफुल इंसान है मार्केट. में ही इज वेरी काम एंड कंपोज्ड वेरी मच. इंटू हिमसेल्फ।. जो यह चिल्ला चिल्ला के नॉइजी पीपल यह.
सबसे बड़े फेलियर्स में है। इनका सबसे बड़ा. फेलियर है। उस फेलियर को छुपाने के लिए. नैरेटिव बिल्ड करते हैं ये लोग। ये होता. है एग्रीड एग्रीड। तो ये चीज लोगों को समझ. नहीं आती। लोग तो उसको अपने ऊपर ले जाते. हैं। और बहुत बार फीमेल टू फीमेल बात हो. जाती है। जो कि फीमेल्स बहुत बार अपने. फ्रेंड्स और उसमें मेल्स ये काम नहीं. करते। कोई सच्चाई नहीं बताएगा कि मैंने. इतना किया, मैंने उतना किया और कोई भी. अपना एक मैरिड मेल, एक मैरिड मेल से ये.
बात नहीं करेगा कि मैंने इतना अच्छा सेक्स. किया है। क्योंकि आइडियोलॉजी और मोरवर. आइडिएशन उसको लगता है कि उसका मेरी वाइफ. को लेकर हो सकता है क्या बने। हम लेकिन. फीमेल्स में इस चीज की कोई पर्दा नहीं है।. फीमेल्स सब बात करती हैं। कैसे हुआ? क्या. हुआ? कैसे किया? क्या किया? तो ये अलग-अलग. लोगों की अलग-अलग इनसिक्योरिटी है जो कि. लोग डिस्कस करते हैं और इसी ओवर. एग्जाजरेशन में अपने ऊपर सवाल उठा लेते. हैं जबकि सवाल करने की कोई चीज नहीं होती।.
इस इनसिक्योरिटी की वजह से लॉट ऑफ पीपल वो. अपनी. अपनी फैंटसीजस पूरी नहीं कर पाते। बट उनके. दिमाग में आईडिया होता है क्योंकि एक. ग्रुप में किसी एक लड़के ने अल्फा एक इमेज. बना दी होती है। एंड देन वो उस. इनसिक्योरिटी को छुपाने के लिए दे ऑप्ट. फॉर पेट सेक्स। यस लॉट ऑफ टाइम्स दिस हैज़. हैपेंड कि एक ग्रुप में 10 लोग बैठे हैं।. एक ने बहुत हवाबाजी मार दी। तो दो जिनको. कोई सेक्स नहीं मिल रहा लाइफ में अब उनको. भी चाहिए। सो दे आर एंटरिंग द पेड सेक्स।.
वही लोग लेके जाते हैं। इज इट सेफ? नो. इट्स नॉट शुड पीपल इनवॉल्व गेट इन्वॉल्व्ड. इन पेड सेक्स? इट डिपेंडस बट नॉट एट ऑल। क्योंकि पेड. सेक्स में तीन चीजों की हमें सिक्योरिटी. नहीं है। एक हाइजीन की हम्म। इज़ अ लॉट ऑफ. टाइप ऑफ इंफेक्शंस दैट वाइना में कैरी और. वो 90 दिन तक एक साल तक 2 साल तक 3 साल तक. रेसेसिव रहते हैं। रेसेसिव और डोरेंट.
इंफेक्शंस होते हैं जो कि दिख जाए बाहर वो. डोरेंट है। जो ब्लड में आ जाए वो डोरमेंट. है और जो रेसेसिव इंफेक्शन है जैसे इकोलाई. इकोलाई आपके शरीर में है मूत्राशय की नली. में उस एरिया में है। अगर यह डोरमेंट हो. गया तो आपको यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन हो. जाता है। इसी तरीके से इंफेक्शंस लोग लेके. आते हैं और साथ में सबसे बड़ा है एक दिमाग. में जो सेक्स वर्कर होते हैं ये एक. इनसिक्योरिटी रोल प्ले करते हैं ये लोग।. और यह रोल सामने वाले को बताता है कि तुम.
तो कर ही नहीं पाए। तुम एक और बार ट्राई. करो। दिस इज़ राउंड्स कि उनको उस चीज के. लिए पे किया जा रहा है। तो दे वांट मोर. मनी, एक्सट्रैक्ट मोर मनी। यह तो तुम कुछ. भी नहीं हो। यह तो तुम यह हो। तुम्हारा तो. बहुत छोटा है। यह जो नरेटिव लेके आते हैं. दिमाग में यह जिंदगी भर नहीं जाता। यह. सेक्स वर्कर्स बोलते हैं। सेक्स वर्कर्स. बोलते हैं। जानबूझ के जानबूझ के ताकि टू. एक्सट्रैक्ट मोर मनी। क्योंकि वो जानते. हैं यह जाके डिस्कस करेगा। इसके फ्रेंड. साथ में आए। यह डिस्कस करेंगे। और अगर. उसने बोल दिया बिकॉज़ नेक्स्ट हु इज द.
पर्सन गोइंग समवन फ्रॉम हिज ग्रुप। बट दे. टेंड टू पे हर बिकॉज़ शी हैज़ सेड कि. तुम्हारा तो बहुत छोटा है। तुम क्या. करोगे? उसको पे करते हैं एक्सेसिवली जिससे. कि वो नेक्स्ट इंसान को वो बात ना बताए।. साउंड्स लॉजिक टू यू। एंड दिस हैपेंस। ये. सारे पेशेंट मेरे को आके सेक्स वर्कर वाले. बताते हैं। सर उसने तो ये कहा था मेरे को।. आप तो कुछ और बता रहे हो। मैंने कहा वो.
ज्यादा एक्सपीरियंस्ड हो सकती है। यू कैन. ट्रस्ट हर। तो पॉइंट ये है कि सब नॉर्मल. है। आप अगर मैं उनको उनको एक ही चीज बताता. हूं। तुम अपने साइज क्योंकि सबसे ज्यादा. इनसिक्योरिटी एक इंसान को अपने साइज को. लेकर है। सबसे ज्यादा आज अगर हम डिस्कस भी. करें कि अपने साइज को आदमी कैसे समझे कि. मैं ठीक हूं। आपका हाइट सरकम्फेरेंस आपका. यहां से लेकर यहां तक ये टू लेकर ये एक. होता है। पता है आपको? हाइट टू टू आपका जो. साइज है वो आपका ये पूरा एरिया होगा।.
स्ट्रेट। ये साइज सेम होगा। हमेशा हाइट. सेम होती है। नो आईडिया। ये चीज साइंटिफिक. है। ओके। मोर ओवर ये सेम है। हाइट है. आपकी। ओके। मोर ओवर जो आपका बीएएमआई है, बीएसए, बॉडी इंडेक्स और जो भी आपका बनावट. है उसका जो ये आपका सर्कल ये जो आपका. हथेली है अगर इसको आप पेनिस को मोर ओवर. सरकम्फेरेंशियली इस चीज को यहां पे सामने. रखते हो अपने पे प्यूबिक एरिया से लेकर और. अगर ग्लांस एरिया आगे की तरफ निकला हुआ.
है। हम ग्लांस एरिया बाहर है। अगर आप. एनस्कोप अपने रखे हुए हो। अगर इस साइज को. मेंटेन कर रहा है देन यू आर वेरी मच फाइन।. ये मैं लोगों की वेरी मच नॉर्मल। वेरी मच. नॉर्मल। लोगों को एक सेकंड थॉट भी नहीं. लेनी चाहिए। क्योंकि लोग बहुत बार इस चीज. से पैसा एक्सट्रैक्ट कर रहे हैं। और लोग. इस चीज में जब पढ़ते हैं ना किसी और के. लिए वो पैसे का विषय है। लेकिन उसके लिए. उसका जीवन है। एंड वी वर टॉकिंग अबाउट. सेक्सुअल फैंटसी? तो एक पॉइंट रह गया था।. मैंने नोट किया दैट वाज़ डू यू थिंक.
सेक्सुअल फैंटसी. हेरिडिटी से भी आती है। आई विल टेल यू अ. नोट 2007 की स्टडी पब्लिश्ड है इन. आर्काइव्स ऑफ़ सेक्सुअल बिहेवियर. इंडिकेटेड दैट मॉडरेट. हेरिटेबिलिटी फॉर सेक्सुअल एक्साइटेशन एंड. इनहिबिशन ट्रेट्स दैट कैन शेप द इंटेंसिटी. इन फ्रीक्वेंसी ऑफ़ सेक्सुअल फैंटसी। सो इफ. योर फादर हैड अ हाई सेक्स ड्राइव और वाज़. ओपन टू एडवेंचर यू माइट इन्हेरिट द. सेक्सुअल क्यूरियोसिटी ट्रेट। नॉट द.
एक्सैक्ट किंग और फैंटसी बट द ट्रेड्स एंड. द सेक्सुअल क्यूरियोसिटी ऑफ योर पेरेंट्स. यू माइट इन्हेरेंट और उसका सोर्स मैं इधर. डाल दूंगा एंड इट्स यू कैन रीड दिस सोर्स. ट्विन स्टडी ऑन सेक्सुअल फैंटसी 2006 दीज़. आर द टू पीपल हु हैव डन ये सिंपल लॉजिक है. ये ये देखिए ये स्टडी है लेकिन ये सिंपल. लॉजिक है द हैप्पी द पेरेंट्स द हैप्पी द. किड्स. जो बहुत रूढ़िवादी पेरेंट्स हैं उनके किड्स.
बहुत रूढ़िवादी हैं। जो जैसा नैरेटिव वो. लोग देखते हैं अपने पेरेंट्स में ये लोग. तो बहुत वेकेशन पे जाते हैं। ये लोग तो. सैटरडे संडे अपना दरवाजा बंद कर लेते हैं।. ये लोग तो ये कर रहे हैं। ये सब नैरेटिव्स. अपने-अपने हो सकते हैं। वही बच्चों में बन. जाते हैं कि ये लोग तो इतने हैप्पी रहते. हैं। और बहुत बार स्पिरिचुअल ओरिएंटेशन. होता है कि बच्चे पिताजी में स्पिरिचुअल. ओरिएंटेशन हो। बच्चे में भी ओरिएंटेशन. आएगा। तो ये वहां से आता है। ये नैरेटिव. वहां से आता है। किसी ने डिस्कस नहीं किया. होगा। बट दो फैमिलीज में 100-100 लोगों को.
मिला के स्टडीज करी होंगी। कोहेड स्टडीज. हैं ये सारी की सारी। ऐसा नहीं है कोई. पूरे के पूरे समाज पे करते हो, मोहल्ले की. करते हो। 100-100 लोग 50-50 लोग 25-25. लोगों के ग्रुप होते हैं कि लोग रजिस्टर. करते हैं इसके बारे में। तो मतलब ये हो भी. सकता है, नहीं भी हो सकता है। लेकिन इट्स. जस्ट अ काइंड ऑफ़ नैरेटिव है। आपने जो देखा. है वही तो पर्सव करोगे। इन मिडिल ऑफ़ ऑल ऑफ़. दिस यू स्पोक अबाउट गट हेल्थ। यस सर। तो. आपने और आपके दादा जी तो ग हेल्थ पे फिक्स. करते बस वही प्रॉब्लम सॉल्व हो जाती है।.
गट हेल्थ और सेक्सुअल परफॉर्मेंस का क्या. लेना देना है? बहुत बड़ा लेना देना है।. अगर आप ब्लोटेड होगे आप सेक्स नहीं कर. पाओगे। इरेक्शन आएगा बट व्हनेवर यू विल बी. इन दैट फोर्सफुल एक्शन यू विल टेंड टू फाट. एंड व्हेन यू फाट्ट इट्स अ टर्न ऑफ। सिंपल. रूल है। लेकिन अगर आप फाट भी कर देते हो. टेंड टू लूजन अप योर इरेशंस। क्यों करता. है लूजन अप इरेक्शंस? क्योंकि जो एनल्स. फिल्टर है और जो पेनिस के पीछे की एक मसल. है वो दोनों एक होती हैं।. उसको होल्ड करके रखता है जो ब्लड फ्लो तो.
कहीं ना कहीं गट हेल्थ कॉन्स्टिपेशन. सेक्स डिस्फंक्शनंस होता है। ब्लोटिंग से. सेक्स डिस्फंक्शन होता है। मोर ओवर आईबीएस. इनफ्लेममेटरी बोवेल सिंड्रोम या डिजीज. सेक्सुअल डिस्फंक्शन में रिजल्ट करता है।. बिकॉज़ दीज़ गैसेस टेंड टू. डिसररप्ट योर मेंटल हेल्थ। आपका अगर पेट. साफ नहीं होगा ना आपको अच्छा नहीं लगेगा. दिन भर चाहे जितना पॉजिटिव दुनिया में चल.
रहा हो और यह चीज 3035 के बाद में ज्यादा. फील होने लगती है ये चीज बचपन में फील. नहीं होती है क्योंकि बचपन में बच्चे के. लिए भी बोला जाता है दो साल के बच्चे के. लिए 10 साल दिन में 10 बार पॉटी करें या. फिर दिन 10 बार 10 दिन में एक बार करें. कोई दिक्कत नहीं है रिलैक्स करना लेकिन ये. चीज बड़ों के लिए नहीं है ए्री टाइम देयर. हैज़ टू बी दिस अ प्रोसेस जिसमें डाइजेशन. इनवॉल्वड है। इसी चीज के लिए हम लोग एक. बहुत क्लीनिकली रिसर्च्ड एक वो है दवा है.
गटकिट के नाम से सुधाकर गैसोलिन गटकिट. इसको पंकज जी भी बहुत प्रमोट कर रहे हैं।. तो उस गटकिट के जरिए हम लोग नेचुरल मतलब. कोई भी लैग्ज़ेटिव को यूज़ नहीं करना चाहते।. क्योंकि जो लोग लैग्ज़ेटिव यूज़ कर रहे हैं. ना उनकी भी सेक्स लाइफ खराब है। क्योंकि. लैग्ज़ेटिव क्या करता है? आंतों को ढीला कर. देता है। तो आपकी उतना अच्छा फंक्शनिंग. नहीं रह जाती। उतनी अच्छी गैस्ट्रिक. एमिटिंग नहीं होती, उतनी अच्छी. इंटेस्टाइनल मूवमेंट नहीं होती हैं। तो उस. वजह से भी लोगों की परेशानियां बढ़ रही. हैं। तो इसीलिए गटकिट के बारे में अगर बात.
करते हैं, होलिस्टिक अप्रोच 3 महीने के. अंदर, 2 महीने के अंदर आपको ये वेट लॉस, वेट लॉस सब भूल जाओ। पहले गट की बात करो. क्योंकि गट ही ठीक होगा तभी फैट सही तरीके. से डिवाइड होगा। ट्राइग्लिसराइड्स, हाई. डेंसिटी लाइबोप्रोट, लो डेंसिटी. लाइबोप्रोटंस। यह सब आपके डाइजेशन से ही. डिसाइड होता है कि कितना जाके नसों में. चिपक जाएगा कि कितना ब्लड से या पेशाब के. रास्ते या फिर सुबह-सुबह फ्रेश होने के. टाइम पे बाहर निकल जाएगा। तो ये सब गट से.
शुरू होता है। फिर हार्मोनल हेल्थ पे आता. है। डिसरप्शन पे आता है। फिर ये चीज. वैस्कुलोजेनिक हेल्थ पे आता है। सो इट्स. ऑल कनेक्टेड कनेक्टेड एवरीथिंग इज. कनेक्टेड। गट हेल्थ का मतलब यह नहीं मैं. कह रहा हूं कि खाना छोड़ दो। रोज फिज वाली. 6 सेकंड 10 सेकंड वाली दवाएं लेना शुरू कर. दो। ये सब उस पैकेट के भी पीछे लिखा हुआ. है। अगर जो ये फिज्म है कि चारप से ज्यादा. में कैंसर हो जाएगा आपको। लिखा हुआ है उस. पैकेट के पीछे कभी भी आप देखिए। पांच बार. से ज्यादा दिन भर में तीन बार से ज्यादा. नहीं पीना चाहिए वो। अब देखिए उसमें लिखा.
हुआ है। बिकॉज़ वो आपके गट की लाइनिंग होती. है। उसको एकदम से डिसरप्ट कर देता है। फिज. इज़ व्हाट? CO2 कार्बन डाइऑक्साइड नथिंग. एल्स। ऑक्सीजन नहीं है उसमें। ऑक्सीजन से. फिज नहीं निकलेगा। तो CO2 आपकी ऑर्गन की. लाइनिंग को खत्म कर देता है और धीरे-धीरे. आपको अल्सर्स शुरू हो जाते हैं। धीरे-धीरे. आपको वही अल्सर्स पकने लगेंगे तो कैंसर का. रूप ले लेते हैं। तो ये सब चीजों को हम. कभी भी प्रमोट ना करें और मोर ओवर लोग. सोडा पी लेते हैं। बहुत तेज कुछ हो रहा. है। सोडा पी लो। हम्म और नुकसान कर रहे.
हो। और CO2 बढ़ गया और ब्लोटिंग होगी और. गैस्ट्रिक एम्प्टिंग डिले हो जाएगी। क्या. करना चाहिए? नॉर्मल सौंफ का सहारा लें।. अगर आपको इनफ्लेममेटरी बोवेल डिजीज है. पापा दादा जी सबके टाइम से देखता आ रहा. हूं कि सौंफ को सिर्फ चार चम्मच सौंफ को. उबाल लो आधा रह जाए पानी ठंडा करके पी लो. आपकी खत्म हो जाएगा बड़े से बड़ा इंफेक्शन. खत्म हो जाएगा दैट्स अ फर्स्ट लाइन ऑफ. ट्रीटमेंट यू शुड डू इसीलिए सौंफ मिश्री. खाने का एक ट्रेडिशन है क्योंकि सौंफ से. क्या होता है ग बायोम सही होते हैं.
एंजाइम्स आ जाते हैं मिश्री से क्या होता. है जो आपकी अर्ज हो रही होती है अग्नि वो. समन हो जाती है मीठा सब किताबों में लिखा. हुआ है सब किताब किताब उठा लो और अच्छे. सोर्स वाली किताब उठाओ। तो आपको जनरल तो. क्वेश्चन के आंसर्स वहीं मिल जाएंगे। आपको. इन मार्केटिंग गेमिक्स का हिस्सा नहीं. बनना पड़ेगा। क्योंकि अल्टीमेटली सफर तो. इन मार्केटिंग से एक ही आदमी करता है आप।. दैट शुडंट बी देर। ट्रू एक लार्ज. कॉन्वर्सेशन बिकॉज़ वी स्पोक अबाउट सेक्स अ. लॉट। हमने एक चीज नहीं कवर करी। जी। दैट.
इज टेस्टोस्टेरोन।. ओके।. बहुत बड़ी चीज है मार्केट में। राइट? टेस्टोस्टरॉन सबसे बड़ा कीवर्ड है. टेस्टोस्टरॉन बूस्ट कैसे करें? हिंदी में. आता है सबसे पहले। टेस्टोस्टरॉन बूस्ट. कैसे करें? तो टेस्टोस्टरॉन बूस्ट कैसे. करें? बताओ आप। टेस्टोस्टरॉन बूस्ट करने. की चीज नहीं है। सबसे पहले तो. टेस्टोस्टरॉन आपका खुद का हॉर्मोन नहीं. है। ये पर्सनल हॉर्मोन नहीं है कि आप इसके.
पीछे पड़ जाओ।. टेस्टोस्टरॉन का नैरेटिव बनाया हुआ है. मार्केट में कि जितना ऊपर टेस्टोस्टरॉन. होता है उतना ही अच्छी मददानगी होती है. इंसान में। एक जवान जो कि सरहद पे है उसको. टेस्टोस्टरॉन की आवश्यकता है। उसके टेस्ट. भी होते हैं और उनके भी टेस्टोस्टरॉन 50%. 60% के आसपास होते हैं। लोगों को पता ही. नहीं है लोअर साइड नॉर्मल क्या होता है? नॉर्मल क्या होता है और हायर साइड नॉर्मल. क्या होता है?
तो यह सब विषय क्लीनशियन का हो गया। आप. अगर रोज जो यह टेस्ट करवाने में लगे हुए. हैं रोग और रोज ऊपर नीचे आता है मेरे को. बताते हैं पूरा चार्ट बना के लेके आते हैं. सर इस ईयर में इस मंथ में मैंने एक साल. में पांच बार टेस्ट करा है टेस्टोस्टरॉन. का। सर ये देखिए ऐसे-ऐसे आया है। पूरे. चार्ट बना के लेके आते हैं। पढ़े-लिखे लोग. हैं। Google का पूरा इस्तेमाल करते हैं।. चार्ट ऐसे आ रहा है। बार चार्ट्स आ रहे. हैं। पाई चार्ट्स आ रहे हैं। मैंने कहा कर. क्या रहे हो? कर क्या रहे हो? अच्छा इसके साथ में मैंने.
यह दवा ली थी सर। यह एचसीजी इंजेक्शंस लिए. थे। ह्यूमन गोनोट्रोफिक हॉर्मोनस इससे. बूस्ट हो गया था। लेकिन सर फिर वहीं के. वहीं पहुंच गया। लोग पीछे पड़ गए हैं. इसके। लोगों के पीछे पड़ने की बात ही नहीं. है। जब तक हॉर्मोन को तब तक टारगेट नहीं. करते जब तक शरीर पे कोई सिम्टम ना आने. लगे।. आप अननेसेसरीली अपने दिमाग में एक नैरेटिव. बना लेते हो कि कुछ भी अगर ऊपर नीचे आ रहा. है ओह माय गॉड मेरा कोलेस्ट्रॉल इतना बढ़ा. हुआ है मेरे को तो हार्ट प्रॉब्लम होके.
रहेगी जबकि हो सकता है आपके फादर का. कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ा रहता हो जनरली हम पर. वो 90 साल का जीवन जी के खाते पीते पूरी. खाते हुए गए हैं। ये होता है लोगों में यह. फैमिली हेल्थ की बात होती है। ये डॉक्टर्स. देखते हैं जो आपका फैमिली डॉक्टर होता है. ना वो इसका बेस्ट जज होता है। क्योंकि. उसने आपके पिताजी को भी देखा है। उसने. आपकी बहनों को भी देखा है। आपके भाइयों को. भी देखा है। आपको देख रहा है। वो इसका. बेस्ट जज है। और मोर ओवर वो लोग होते हैं.
जो बताते हैं कि बेटा तुम्हारा. टेस्टोस्टरॉन बिल्कुल ठीक है। आप जिम करने. से टेस्टोस्टरॉन को कनेक्ट कर दिया गया. है। आज की डेट में। इतनी स्ट्रांग कड़ी है. कि ये नहीं टूट रही है। लोग कहते हैं. वेटलिफ्टिंग करनी है। टेस्टोस्टरॉन दिखाओ. जरा। क्योंकि वो एक सोर्स ऑफ इनकम है उन. लोगों के लिए। वो स्टेरॉइड्स, बीटा, एससीजी, इंजेक्शंस ये सब आपको इनफर्टाइल. कर देती हैं जिंदगी भर के लिए। आपके. गोनाड्स को जो इतनी साइज होते हैं वो छोटे. हो जाते हैं। स्पर्मेटोजेनेसिस की प्रोसेस.
जिंदगी भर के लिए स्टॉप हो जाती है।. इनफर्टाइल एजोस्पर्मिया के केसेस आ जाते. हैं। तो आप गलत चीज को टारगेट कर रहे हो।. आप अपनी ओवरऑल हेल्थ को टारगेट करो ना।. अपनी मेंटल हेल्थ जो आपके हाथ में है जो. कोई भी साइकोलॉजिस्ट, साइकेट्रिस्ट, यूरोलॉजिस्ट कोई नहीं बता सकता कि मेंटल. हेल्थ ठीक है कि नहीं है। आप मेडिटेट करो. ना। आप उससे अपने हॉर्मोंस को अपने आप में. कॉन्फिडेंट हो। लेकिन गलत लोग गलत तरफ. टारगेट अप्रोच कर रहे हैं और खुद देख के. देखते हैं ओह माय गॉड 1000 रहना चाहिए।.
500 है। ओह शिट। लेट्स गो टू Google और. सप्लीमेंट्स खाना शुरू करते हैं। n नंबर. ऑफ सप्लीमेंट्स खाते हैं। फिर उस चीज से. नुकसान क्या होता है कि स्पर्मेटोजेनेसिस. की प्रोसेस डिस्फंक्शनल हो जाती है। वो. डिस्फंक्शन फिर शादी के बाद इनफर्टिलिटी. का एक कारण बन जाती है। हम तो पीपल हु आर. नॉट एट दिस ऐज हु आर अनमैरिड शुड वेरी मच. टारगेट टेस्टोस्टरॉन।. ओवरऑल हेल्थ के ऊपर जाओ। वेटलिफ्टिंग करनी. है करो। लेकिन ऑर्गन को सपोर्ट देके।.
इसीलिए सपोर्टर का नाम बना है। सपोर्टर के. ऊपर कोई ध्यान नहीं दे रहा। लंगोट के ऊपर. कोई ध्यान नहीं दे रहा। टेस्टोस्टरॉन. चाहिए मेरे को। नैरेटिव गलत है। और मोर. ओवर इससे लोगों को परेशानी हो रही है। लोग. इनफर्टाइल हो रहे हैं। ये नहीं होना. चाहिए। अ लॉट ऑफ़ पीपल से दैट टेस्टोस्टरॉन. कम हो जाता है। अगर जिम से पहले सेक्स करो. तो। इज इट ट्रू? है। क्योंकि जिम से पहले. आप पहले ही लेथार्जिक हो जाते हो। क्योंकि. हॉर्मोन निकल गया है। बॉडी उस प्रोसेस को. रिफिल करने में लगी हुई है। क्योंकि. स्पर्म तो टेस्टिस में है। उसके बाद भी.
ट्रैवल करके एक और थैली होती है जो कि. प्रोस्टेट के ऊपर होती है। उस थैली को जो. फिल अप करने में जो एक स्पर्म क्योंकि. उतना ही रहता है और निकल गया फिर से फिल. अप होता है। तो वो सर्कल के बीच में एक. लथार्जी फील होती है। दैट्स अ साइकिल. गोइंग ऑन। जैसे रात में डाइजेस्ट. डाइजेस्टिव प्रोसेस चालू हो जाती है। यू. फील अगर आप पानी बार-बार पीते रहो. सुबह-सुबह इनडाइजेशन हो जाएगा आपको रात. में भी। तो उसी तरीके से टेस्टोस्टरॉन की. और इजेकुलेशन की भी एक प्रोसेस होती है।. तो ऑब्वियसली आप जिम में कम परफॉर्म करते. हो। इसीलिए एथलीट्स को बोला जाता है 7 दिन.
तक डिस्चार्ज मत करना। सारे एथलीट्स के. लिए है ये चीज कि टेस्टोस्टरॉन कम हो. जाएगा, स्पर्म कम हो जाएगा। यू यू विल फील. लेथार्जिक। आप अपना हाईएस्ट पीक पे अपना. परफॉर्मेंस नहीं दे पाओगे। फॉर अ नॉर्मल. पर्सन कितनी देर पहले कर सकता है कोई? मतलब देखिए जिम अगर आप प्रोफेशनली उस चीज. को कर रहे हो तो ऑब्वियसली यू हैव एवरीडे. वर्कआउट अगर आप कर रहे हो तो आपके लिए कोई. भी नोबडी मतलब यू शुड पे इवन पे हीट टू इट. 1% अटेंशन भी इन सब बकवास चीजों में नहीं.
है नहीं जाना चाहिए आप अपना एक्सरसाइज कर. रहे हो अपने लिए कर रहे हो अपनी. फ्लेक्सिबिलिटी के लिए अपने हेल्थ के लिए. कर रहे हो लेकिन आप अपने हेल्थ के लिए. सामने वाले को डिप्राइव्ड छोड़ दो सेक्स. से वो ठीक नहीं है तो यू कैन डू इट एवरी. टाइम मॉर्निंग इवनिंग एनी टाइम व्हेनएवर. यू वांट टू हैव हैव इट। जिम स्किप कर दो।. उसको स्किप मत करो।. फ़स जेब में रखने से आपकी फर्टिलिटी अफेक्ट. होती है। इज इट फैक्ट और डेफिनेटली इट्स अ. फैक्ट। इट्स अ फैक्ट? इट्स अ फैक्ट। फ़स. रखने से आप सिंपल लॉजिक बताते हैं हम.
इसमें। वाईफाई से डिप्रेशन बढ़ रहा है. दुनिया में। वाई-फाई सिग्नल्स से। इसकी. स्टडी है जहां पे टावर्स लगे हुए हैं, नेटवर्क टावर्स लगे हुए हैं। उनके नीचे. रहने वाले लोग और उस सोसाइटी या सराउंडिंग. में रहने वाले लोगों को कैंसर के चांसेस. बढ़ गए हैं। कैंसर आ रहा है उसमें। इसके. बारे में लोग अगर सर्च करेंगे तो पढ़ेंगे. नेटवर्क से कैंसर कैसे होता और जहां पे यह. सिग्नल टावर्स होते हैं जो यह बहुत सारा. पे करते हैं टावर्स वाले उस सोसाइटी में.
टावर्स लगाने के लिए बहुत पे करते हैं।. आपकी छत पे अगर टावर लगेगा तो ₹1 एक लाख. आपको महीने का देते हैं। ₹500 देते हैं।. ऐसा नहीं है कि उनको जगह नहीं मिल रही है।. वो इसी किसी डाउनग्रेडेड वाले एरिया में. होंगे जहां पे नॉलेज नहीं होगी। वहां पे. ओवरटली रेडिएशंस की वजह से सेल्स अलग. तरीके से बिहेव करने लगते हैं। कभी-कभी. बढ़ जाते हैं बहुत सारे इसे मेटास्टेसिस. कहते हैं। वो रीजन भी हो सकता है कोई भी. मेटास्टेसिस का। उसी तरीके से ब्रेन की.
इलेक्ट्रिकल सर्किट होता है। सब जानते. हैं। नर्वस सिस्टम होता है पूरी बॉडी में।. सब जानते हैं। तो ब्रेन की एक्टिविटी ये. सिग्नल्स हिंडर करते हैं। इसीलिए बोला. जाता है कि नो नेटवर्क ज़ोन में मेडिटेट. करने में बहुत अच्छा लगता है। हम नो. नेटवर्क, नो वाई-फाई कट आउट फ्रॉम द. डिजिटल वर्ल्ड। ट्रेंड चल रहा है। बहुत. सारे जो लोग अमीर हैं उस चीज को अफोर्ड कर. सकते हैं। 7 दिन के लिए फोन नेटवर्क से. दूर हो जाते हैं। एंड दे कम बैक फ्रेश ऑन.
द कॉन्ट्ररी। हम लोग अपने घर में भी अगर. उतना करें तो उतना नहीं होता। क्योंकि. रेडिएशंस रेडिएशंस आपके यहां वाई-फाई बंद. कर दोगे तो बगल वाले का कैच कर रहा है। ये. सब रेडिएशंस हैं जो कि आपकी रक्तचाप को. बाधित करते हैं। रक्तचाप मतलब ब्लड. सर्कुलेशन। कोई भी इलेक्ट्रिकल इंपल्स, कोई भी रेडिएशनल इंपल्स आपकी नॉर्मल ब्लड. फ्लो को बाधित कर सकता है या इर्रेगुलर कर. सकता है। ये इर्रेगुलर ब्लड फ्लो इन टर्न.
आपकी स्पर्ममेटोजेनेसिस को हिंडर कर देता. है। छेड़ देता है थोड़ा-थोड़ा। इसीलिए. स्पर्म प्रोडक्शन कभी-कभी डाउन हो जाता. है। टोटली इनफर्टाइल हो जाओ, एजोस्पर्मिक. हो जाओ। ये ऑक्यूपेशनल हज़ार्ड है। जितने. नेटवर्क ऑपरेटर्स हैं जो खंभे पे चढ़ते हैं. उन सबको ऑक्यूपेशनल हज़ार्ड है। प्रॉब्लम. है। एजोस्पर्मिया है उनको। बट जो अगर जेब. में रखते हैं तो छोटा सा ही नेटवर्क आता. है। डस इट मैटर? ये छोटा नेटवर्क नहीं है. सर। ये बहुत बड़ा नेटवर्क है। इस पे दो-दो. नेटवर्क अब काम करने लगे हैं। पहले सिर्फ.
और सिर्फ सिम कार्ड का नेटवर्क था। अब. वाई-फाई और सिम कार्ड का दोनों नेटवर्क्स. हैं। इसीलिए हार्ट की साइड भी फोन रखने को. मना करते हैं डॉक्टर्स। जितने. कार्डियोलॉजिस्ट बोलेंगे फोन रखोगे कहां? टेक्निकली तो रखना नहीं चाहिए। हमारे बहुत. अच्छे-अच्छे लोग हैं ही इज ही इज इट्स. इट्स पॉसिबल। इट्स पॉसिबल व्हेन यू आर एट. अ स्ट्रेचर इट्स पॉसिबल। फॉर सम पीपल फॉर. सम पीपल इट्स पॉसिबल। सबके लिए पॉसिबल है।. पब्लिक के लिए नहीं है पॉसिबल। लेकिन कट. आउट करना चाहिए आपको। घर जाके एटलीस्ट. अपने साइड में बेडरूम में फोन नहीं एंटर.
करें। वाईफाई के रेडिएशंस अपने हो सकता है. रात में आप बंद करके सो जाओ। टॉकिंग अबाउट. रेडिएशंस, ग्रोथ हार्मोंस. बिकॉज़ आई टच टॉपिक ऑफ़ लैक्टोज़ एंड. टॉलरेंट। आप मिल्क पीते हो? यस, आई डू।. ओके। सो देयर इज़ इज देयर अ प्रॉब्लम विद. मिल्क एंड सेक्स? यस इट इज़ टेल मी व्हाट? हमारा से क्या लेना देना है सेक्स का? ठीक. है। लैक्टोज़ अपने आप में एक तरीके का गैस. फॉर्मिंग वो करती है। अब हम सोर्स की बात.
करेंगे पहले। उसके बाद मिल्क ठीक है कि. नहीं है उसकी बात करेंगे। सोर्स हमारे जो. पहले हुआ करता था जब से हमारा मिल्क का. यूजेज डोमेस्टिकेशन ऑफ कााउस बार-बार उनको. प्रेग्नेंट करना बार-बार अब तो एआई. टेक्नोलॉजी आ गई है एआई से वो प्रेग्नेंट. करने लगे हैं सीमेन अंदर जाता है. आर्टिफिशियल इंसेमिनेशन होने लगा है इन सब. चीजों के बाद में जब ये इस चीज का धंधा बन. गया तो इंजेक्शंस यूज़ होने लगे ऑक्सीटोसिन. नाम के जितना भी आप दूध जितना भी ये. कोऑपरेटिव सोसाइटीज ये वो हैं ये सबका काम.
है। इनसे पैसा कमाते हैं वो लोग। तो कभी. भी दूध नहीं अगर उतारती है गाय तो. इमीडिएटली एक ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन. लगाते हैं। वो इंजेक्शन डायरेक्टली आपकी. बॉडी में जा रहा है दूध के थ्रू। यहां पे. दूध गलत साबित हो गया। जो लैक्टोज़ उसमें. आपको बायोम को, आपके एंजाइम्स को सपोर्ट. करने वाला था। वो ही आपके बायोम्स को, हॉर्मोंस को नेगेटिव अप्रोच देने लगा।. अब बात करते हैं कि मैं दूध कैसे पीता. हूं। मेरे घर में गाय है। उसको हम लोग.
अश्वगंधा खिलाते हैं। हम उसको हम लोग. प्रिंसेस वाला फील देते हैं। जो कि पहले. हर घर में हुआ करता था। क्योंकि अब लोगों. फ्लैट्स में रहने लग गए हैं तो वो लोगों. के लिए पॉसिबल नहीं है। लेकिन जिनके लिए. पॉसिबल नहीं है वो दूध भी ना पिए। और. जिनके पास इतनी लग्जरी है दैट दे कैन. अफोर्ड अ काऊ एंड ट्रस्ट मी. गाय पाल के देखिए। अफोर्डेबिलिटी इशू होता. है बहुत बड़ा। आसान नहीं है गाय पालना। सो. दूध से.
सो यू आर टेलिंग मी कि कााउज़ में. ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन लगते हैं। उनसे. दूध जो निकलता है वही दूध हम लोग जब पीते. हैं तो ऑक्सीटोसिन डायरेक्टली हमारी बॉडी. में हमारी बॉडी में जाता है जो कि फीमेल. हॉर्मोन होता है। क्या होता है उससे अगर. मेरी बॉडी में एक्स्ट्रा आ गया ऑक्सीटोसिन. जो इंजेक्शन हॉर्मोनल डिरप्शन ऑक्सीटोसिन. आपकी जनरल टेस्टोस्टरॉन आपके प्रोलैक्टिन. हॉर्मोंस आपके एफएसएच फॉलिकुलर. स्टिमुलेटिंग हॉर्मोंस आपके लटनाइजिंग. हॉर्मोनस ये चार पांच ऐसे हॉर्मोंस हैं. जिनके साथ में डिस्फंक्शन क्रिएट कर देता.
है क्योंकि आपकी मेल बॉडी में ऑक्सीटोसिन. नाम की चीज ही नहीं है। ये तो फीमेल्स में. होती है। लैक्टेशन जिससे होता है फीमेल. बताओ होगा क्या मुझको गायनेकोमेस्टिया एक. बहुत बड़ी चीज हो जाती है कि ब्रेस्ट. एरिया बहुत ज्यादा बलकी हो जाता है. गायनेकोस्टिया एक ऑक्सीटोसिन का बहुत बड़ा. एक आउटकम है मोर ओवर हॉर्मोनल डिसरप्शन की. वजह से स्पर्म हेल्थ और सेक्सुअल हेल्थ. हिंडर करने लगती है। दोनों खराब हो दोनों. खराब हो जाती है। टेस्टोस्टरॉन डाउन हो. जाते हैं। लेकिन इस चीज की अभी रिसर्चेस.
उतनी ज्यादा नहीं है। ऑक्सीटोसिन की. रिसर्चेस हैं। ऑक्सीटोसिन की बहुत. रिसर्चेस आ गई हैं। इसीलिए वीगन कम्युनिटी. ने इस चीज को प्रमोट किया है। लेकिन हमारी. कम्युनिटी इस चीज को प्रमोट नहीं करती।. इट्स अबाउट किसका क्या ऑल्टीरियर आस्पेक्ट. है, मोटिव है इस चीज के लिए तभी रिसर्चेस. आती हैं। लेकिन आप कंट्रोलोल्ड अगर रहेंगे. अगर आपको पता है सोर्स क्या है दूध का।. अगर आपका ग्वाला आपके नोन टू होता है।. जनरली नॉन टू रहता था पहले। पैकेट नहीं. चलते थे। लेकिन अब हम पाश्चराइज्ड दूध. पीते हैं। तो आधी तो उसमें चीज हट ही गई।.
सफेद पानी है वो। 120 180 डिग्री पे डाल. के एकदम से ठंडा कर दिया और पैकेट में बंद. करके भेज दिया। यही होती है प्रक्रिया जो. कि आप दूध पैकेट के लेते हो। तो एक्चुअली. में तो 180° पे करने से उसके एंजाइम्स तो. खत्म हो चुके हैं। तो आप सिर्फ हॉर्मोन. डिसरप्शन के लिए पी रहे हो। ऑक्सीटोसिन. कहीं नहीं जाता। तो ना पियो वो ज्यादा. आसान है।. ओके? आई हैव फ्यू क्वेश्चंस व्हिच आर वेरी. वन वर्ड आंसर टाइप क्वेश्चन। वन लाइन आंसर. टाइप क्वेश्चन। दिस इज़ लाइक लास्ट. सेगमेंट। क्योंकि ना ये बहुत ज्यादा.
सर्ड क्वेश्चन है। जी। ओके। फर्स्ट इज. मोस्ट कॉमन इशू इन इंडियन मैन रिलेटेड टू. सेक्स क्या होता है? प्रीमेच्योर. इजाकुलेशन मोस्ट कॉमन मोस्ट कॉमन सबके. इरेशंस आते हैं। सब बहुत अच्छे हैं। सबकी. हॉर्मोनल हेल्थ बहुत अच्छी है।. प्रीमेच्योर से सब लोग मेजरली ग्रसित हैं।. और उसके बाद जब प्रीमेच्योर को 10 साल 5. साल हो जाते हैं तब आता है इरेक्टाइल. डिस्फंक्शन। सबसे डिस्ट्रक्टिव बिलीफ क्या. है सेक्स के बारे में? कि हम आधा घंटे तक. लगातार सेक्स कर सकते हैं। जैसा कि हम.
अपनी वीडियोस में देखते हैं। ऐसा कभी नहीं. हो सकता। और मोर ओवर आप मशीन नहीं हो, आप. इंसान हो, आप थक जाते हो। एक मोशन में आप. अपना हाथ ही चलाते रह जाओ। आधे घंटे तक इस. हाथ को इस तरीके से करते रह जाओ। आप थक. जाओगे। दर्द होने लगेगा आपके शरीर में। तो. ऐसा नहीं होता है। इट्स अबाउट राउंड्स एंड. इट्स अबाउट हाउ यू मैनेज योर सेक्स लाइफ।. हाउ यू आर कंफर्टेबल विथ इट। सबसे अच्छा. नेचुरल सेक्स परफॉर्मेंस बूस्टर क्या होता. है? सबसे अच्छा सेक्स परफॉर्मेंस बूस्टर.
इज बी रूट। सबसे अच्छा और अपने खाने में. जब भी आप 50% अपना पार्ट को रॉ कर देते हो. वेजिटेबल्स के एंड पर और 50% अनाज लेते हो. वही हमें होल फूड और सेक्सुअल बूस्टर का. रूप मिल जाता है। इनफैक्ट नाइट्रिक. ऑक्साइड बूस्ट हो जाता है। गट हेल्थ अच्छी. हो जाती है। फाइबर पहुंच जाता है।. इरेक्शंस बहुत अच्छे आने लगते हैं। कमिंग. बैक टू दिस। सर एक हैबिट जो आपके लिबिडो. को इरेक्शन को डिस्ट्रॉय कर रही है।. मास्टरबेशन एक फूड जो रोज खाना चाहिए फॉर.
बेटर सेक्स। फ्रूट ही खाना चाहिए। कोई भी. फ्रूट अनार इसमें बहुत अच्छा रोल प्ले. करता है। बिकॉज़ क्यूसर्टेंस और यह सब. चीजें इसमें रहती हैं। हल्दी और मतलब. करक्यूमिन एंड क्यूसर्टेंस जिस भी चीज में. आता है उसको आप रोज ले सकते हो। वो आपकी. सेक्स लाइफ को बेटर ही करेगा। नुकसान कभी. नहीं करेगा। एक रीज़ लोग अच्छे सेक्स होने. के बाद भी अनसटिस्फाइड फील क्यों करते. हैं? नॉलेज का अभाव। हियर इज़ द लास्ट. क्वेश्चन। वन सेक्स टिप जो हर इंसान को.
पता होनी चाहिए। फोर प्ले, रोल प्ले, राउंड्स, किताब पढ़ो।. क्योंकि उससे प्रमोट कर दिया।. उससे आपको सब कुछ मिलेगा। उससे आपको. एग्जैक्ट चीज पता लगेगी और किसी भी किसी. का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। सेक्स में. सहारा लेना बहुत बड़ा एक अपने आप में एक. अपना कॉन्फिडेंस को लो करना है कि बताओ. मैं इस लायक भी नहीं हूं। इसीलिए सहारा. लेने से पहले अपने आप को नॉलेजेबल करिए।. अपनी ग हेल्थ को ठीक कर लीजिए। ओवरऑल तो.
आप उसी से ठीक हो जाओगे। मोर ओवर अपने. पार्टनर से बात करना स्टार्ट कर दीजिए।. सबसे इंपॉर्टेंट है एक मैरिड लोगों के. लिए। 15 मिनट का रूल है 15 मिनट्स का कि. अगर 15 मिनट, 15 मिनट और 15 मिनट अगर यह. तीन ये सबके लिए है। सक्सेसफुल हो, जॉब. हो, आईटी प्रोफेशनल हो, कोई भी हो। अगर यह. 3:15 मिनट आपने अपने पार्टनर के साथ में. कर लिया, अगर आपने अपने कंट्रोल में ले. लिया, तो आपकी सेक्स लाइफ सबसे नॉर्मल और.
सबसे अच्छी होगी। इसमें से सबसे पहले एक. होता है 15 मिनट की साथ में एक एक्टिविटी. जिसको हम योगा भी कह सकते हैं, न्यूड योगा. भी कह सकते हैं और कॉन्वर्सेशन भी कह सकते. हैं। इस बीच में आप कन्वर्सेशन भी करते हो. और फालतू के कन्वर्सेशंस होने चाहिए। काम. की बातें नहीं होनी चाहिए। दूसरे 15 मिनट. में आहार और विहार दो चीजों के बारे में. बात करेंगे। 15 मिनट अपने पार्टनर के साथ. में एक मील जरूर शेयर करो। कभी एक भी दिन.
ऐसा नहीं जाए कि अपने पार्टनर के साथ में. एक भी मील शेयर नहीं करी। वह कुछ भी हो. सकता है। हर चीज आपको फायदा ही करेगी. क्योंकि देयर इज हैप्पीनेस कोशंट रिलेटेड. टू योर फूड। तीसरा होता है विहार। एक बाहर. की वॉक आउटसाइड वॉक आउटसाइड एयर की वॉक रन. जॉग या एक राउंड गाड़ी से या स्कूटी से या. साइकिल से जो जिस लेवल का है एक 15 मिनट. का एक चक्कर जरूर मारो। उससे आप जैसे ही.
उस मोनोटोनस आउट उससे बाहर निकलते हो ना. तो बहुत बार आपकी बातें बाहर आ जाती हैं।. उस 15 मिनट में आप बहुत कुछ ऐसा शेयर कर. लेते हो जो आप जनरली नहीं कह पाते। तो इन. 315 मिनट के रूल को अगर आप अपने पार्टनर. के साथ या अपने लिविंग पार्टनर या किसी भी. पार्टनर के साथ अगर आप फॉलो कर रहे हो. गांठ बांध के फॉलो कर रहे हो आपको किसी भी. साइकेट्रिस्ट, साइकोलॉजिस्ट या चिकित्सक. या सेक्सोलॉजिस्ट की आवश्यकता नहीं. पड़ेगी। जरूरत है उसकी सबसे बड़ी जरूरत है.
ये। परफेक्ट। थैंक यू सो मच सर। प्लेजर. टॉक इनू यू। मजा आया मुझे। बहुत सारी. मिथ्स बस करी आपने। काफी चीजें के बारे. में बात करी जो मुझे नहीं पता थी। व्हिच. इज व्हिच इज ऑलवेज अ गुड पडकास्ट व्हेन. समबडी टॉक्स अबाउट सर्टेन थिंग। स्टिल. फिगरिंग आउट। या 100% थैंक यू सो मच ये. एपिसोड एंड तक देखने के लिए। अब आपको तीन. चीजें करनी है। सबसे पहले इस चैनल को. सब्सक्राइब कर लो क्योंकि जितना आप. सब्सक्राइब करोगे उतने ही बेहतर और. वैलुएबल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए।.
नंबर टू मुझे कमेंट्स में बताओ इस एपिसोड. में आपको क्या अच्छा लगा और क्या गंदा लगा. ताकि हम वो मिस्टेक्स रिपीट ना कर पाए।. एंड कौन से ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना. चाहते हो वापस हमारे पॉडकास्ट पे ताकि हम. उन्हें लेके आए और आपको ज्यादा से ज्यादा. वैल्यू दे पाए। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड. किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना. क्योंकि वन कॉन्वर्सेशन कैन चेंज समवनस. लाइफ। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अनंटिल. देन कीप फिगिंग अप।. [संगीत].
