Meet India's Favourite Maths Teacher - @Abhinay Maths | Indian Education System | FO74 - Raj Shamani
मां-बाप आज की डेट में बीमारी इसीलिए. क्योंकि बच्चे उसे उम्र पे काबिल नहीं बन. पाते जब उनका जरूरी है काबिल बन्ना यार. एजुकेशन में एक तो डिस्काउंट नहीं होना. चाहिए जैसे हम का देते हैं. क्यों ऐसे. मुझे ऐसा लगता है की हम प्रेशर दे रहे हैं. की कोर्स ले लो आज ही ए जाए 1999 तक कर ली. मिलेगा मेरा यह हमने एक फीस रख दी अब अगर. कोई बच्चा नहीं अफोर्ड कर का रहा है तो हम. उसको फ्री भी देंगे और आज भारत का यह हाल. हो गया है की आप जो दिखाओगे आज देश में.
राहुल गांधी नहीं चलेगा जो कैंब्रिज. यूनिवर्सिटी से पढ़ के चला है आज मोदी जी. की जय जयकार होगी क्योंकि वो बताना जानते. हैं हर चीज को टीचर को उसे दृष्टि से देखा. जा सकता है देखा जाता है की वो गरीबी. रहेगा तो अच्छा है यह बहुत बड़ी प्रॉब्लम. है इंडिया को अगर बढ़ाना है ना तो हर. इंडियन को पढ़ना होगा और बहुत आगे निकलना. होगा और अपने आप को बहुत ज्यादा डिवेलप कर. रहा होगा आज का एपिसोड हमने इंडिया की. एजुकेशन सिस्टम के बारे में बात करिए. फ्रॉम टीचर जो पहले टीचर द फिर उन्होंने. प्लेटफार्म ज्वाइन किया फिर उसे. प्लेटफार्म के पास वो सब छोड़ के आवाज़.
खुद का एक अलग ऐप उन्होंने स्टार्ट कारी. है जिसके बाद वो अपना एम्पायर बनाना चाहते. हैं जहां पर वो हर किसी को पटना चाहते हैं. उन्होंने बात कारी है क्यों इंडिया में. रिवॉल्यूशन फ्री एजुकेशन से ही ए सकता है. पर क्या कर सकते एजुकेशन में जिससे हर. टीचर पैसे भी कम सकता है ये वो बहुत सारे. लोगों पर इंपैक्ट भी क्रिएट कर सकता है. फ्री में एजुकेशन करके इन सबके बारे में. हमें बात करिए प्लीज वॉच डी एंटीरे एपिसोड. तू अंडरस्टैंड डी बिजनेस ऑफ एजुकेशन दी. एजुकेशन इन इंडिया एंड हमारी कंट्री आगे. बढ़ गए सकती है फ्रॉम अन टीचर हु इस वैन.
ऑफ डी मोस्ट फेवरेट इन इंडिया ऑन यूट्यूब. अभिनय शर्मा. [संगीत]. एक जर्नी बता दो लाइफ की की कहां से. स्टार्ट किया था एक ठीक है. बुलंदशहर में गांव पड़ता है बुलंदशहर आपको. पता होगा कई टाइम कई सालों तक नंबर बन रहा. है वर्ल्ड वाइड क्रिमिनल.
ठीक है तो हमारा मतलब बचपन उसी में गुजारा. है की भैया रात को फायरिंग हो गई 10:00. बजे गोलियां चल रही है मैंने अपने सामने. से गोलियां चलती हुई देखिए की उधर से लोग. चला रहे हैं हम छत से देख रहे हैं इधर से. लोग चला रहे हैं हमने ऐसा देखा है जब मैं. 8 साल का था की हमारे घर की छत से कोई. झांक रहा है और हमने चला रहे हो मतलब. हमारे गांव में टॉप मोस्ट मतलब बदमाश रहे. हैं. पॉडकास्ट में मैं क्या लूं लेकिन ऐसे हैं. जिनको जो पुरानी कम थी वह भी डरती थी उसके.
वो हमारे गांव के बदमाश रहे हैं मैं आपको. बता रहा हूं की जैसे बहुत सारे लोगों को. नहीं पता होगा यह बात बहुत सारे लोगों को. पता है की हमने कितना गरीबी में जीवन. रैबिट हमारा पिस्तौल का लाइसेंस बहुत. जल्दी बन गया. वैल्यू रखती होगी की आप रोटी और ये बचा के. पहले पिस्तौल का लाइसेंस बनवेट हो उसे. गांव से हम तक की रात को दर लगता था की आज. अब कल जब सुबह देखेंगे तो किसके घर में ये. खबर मिलेंगे की आज उसके यहां लूट पार्ट हो. गई है उसके यहां ये मतलब बहुत ऐसा था तो.
मैंने तो प्राइमरी से ही एजुकेशनली पहली. क्लास से पांचवी क्लास तक और अब मैं जैसा. समझ पता हूं मेरा गोल तभी बड़े द एंबिशियस. बहुत द मुझे ऑटो में चलते हुए शर्म आती थी. अच्छा नहीं लगता था जबकि मुझे ये नहीं पता. था की किस्म चल के नहीं आएगी सर मुझे पता. था की ऑटो में चलते हुए तो नहीं अपनी. पर्सनल बाइक को एटलिस्ट मुझे लगता था और. मैंने जैसे प्राइमरी में पढ़ाया तो हमारे. स्कूल की कोई बाउंड्री नहीं थी उसे टाइम. तो कुछ ऐसा नहीं था टीचर आज डिसाइड कर. देता था की आप पेपर होगा क्योंकि उसने अगर. यह बोल दिया की कल होगा तो कल कोई नहीं. आएगा तो उसे तरीके से पेपर होते द तो मुझे.
याद है की मुझे उसे टाइम भी एंजायटी हो. जाती थी पेपर की स्ट्रेस की जबकि ऐसा कोई. नहीं था की थर्ड क्लास में क्या टॉप करना. प्राइमरी में पढ़ रहे हो कोई पूछने वाला. नहीं है आपको लेकिन मुझे उसे टाइम अच्छा. करना है तो जो मैं एक बात कहता हूं की. अच्छा करना एक आदत है जो हमारे अंदर बचपन. से ही हमें डालनी पड़ती है और मतलब ऐसा. नहीं की आप किसी आगे पर जाकर कहोगे यार. मैं ना 12th के बाद एक अच्छा बिजनेस. करूंगा अगर आप पढ़ में अच्छे नहीं हो मतलब. अच्छा होना एक आदत मतलब आप पढ़ में भी. अच्छे हो गए आप किसी के पीछे पद गए तो. वहां भी आप अच्छा करके उसको पाल लोग मतलब.
अच्छा करना है जस्ट हैबिट जैसे जितना एक. आदत है की आप घर की चीज भी खेल रहे हो तो. मुझे जितना है भाई मैं का रहा हूं खेल रहा. हूं मुझे जितना है मुझे कुछ भी करके जितना. इट की तैयारी कर लेते हैं तो घर वाले ने. कोटा भेज दिया कोटा पिताजी लेकर के एक-दो. दिन रहे हमारे साथ सब कम करते द हमारा जब. वो छोड़ के आए हमने फिर रोना शुरू कर दिया. फिर मेरे फादर ने पुरी फैमिली को कोटा. शिफ्ट किया प्लान करके पुरी फैमिली को की.
चलो बाकी दो भाई बहन भी है उनकी पढ़ भी. कुछ महीने के लिए रोक लेते हैं उनको ये. लगता था की एक बांदा अगर कुछ अच्छा कर. जाएगा तो सबका हो जाएगा ठीक है तो वहां से. फिर हमने शुरू किया तो घर वाले ने वहां पे. ले दे टोली में बहुत अच्छी रैंक आई और हम. trishnapalli गए मेरा कॉलेज में हो जी भाई. खत्म है यहां रहेगा तो उन्होंने उसी वक्त. कुछ डिसीजन मतलब कुछ नहीं सोचा और सीधे. डिसीजन लिया और मुझे उठाया और वापस ले आए. बस एक ही सत्य की यार मैं भी गांव नहीं. जाऊंगा जब तक कोई तो मैं दूसरा कॉलेज नहीं. मिल जाता.
तो फिर ऐसे करके उसमें भी फिर मुझे सेकंड. राउंड काउंसलिंग हो नहीं सकती थी थर्ड. राउंड काउंसलिंग में. बायोटेक्नोलॉजी मिला था रायपुर में एक. कॉलेज है नित फिर उसके बाद. केमिकल इंजीनियरिंग मिली थी लेकिन यह था. उसे टाइम बहुत चड्ढा था की कंप्यूटर साइंस. मिलना चाहिए कंप्यूटर साइंस मिलना चाहिए. फिर मैंने एक कॉलेज था ये ट्रिपल ही सही. था उसे वक्त और गवर्नमेंट कॉलेज था फिर. मैंने वहां से कॉलेज में मेरा प्लेसमेंट. होने की बारी थी तो. प्लेसमेंट हो गया मेरा टीसीएस में मुझे.
जॉब मिली 23000 सैलरी थी पर मंथ में पुरी. रात सोया नहीं सेलिब्रेशन किया की भाई. बहुत अच्छा लगता है वहां भी मैंने ट्यूशन. पढ़ाया कॉलेज में भी 4 साल जमाना तो. ट्यूशन पढ़ा था तो कॉलेज जब खत्म हुआ तो. फिर उसके बाद गांव ए गए क्योंकि उसे टाइम. रजिस्ट्रेशन थाई तो कंपनियों आठवां महीने. बाद जॉइनिंग दे रही थी तो मैं वापस गांव ए. गया था. लोग मानते नहीं है तो आपका प्लेसमेंट हो. गया. ऐसा टाइम है आपके पास तो आप आईएएस की.
तैयारी कर लो. है वहां से शुरुआत. करले. तो वह भी आए नहीं कंबक धोखा देगा तो हम. पिताजी के साथ फिर से आए अपना समान लेकर. और सब कुछ तय कर गए द ₹1000 भी देंगे. प्रॉपर्टी डीलर वाले को. और फिर जब समान लेकर जिस दिन आए और पता. चला की वो दोस्त भी नहीं ए रहे हैं तो.
हमने तो मूड तुरंत बदल गए क्योंकि हम. अकेले फिर भी नहीं रह सकते द 4 साल कॉलेज. करने के बाद वो कॉलेज में भाई हमारे साथ. रहा था. उसका कॉलेज भी पास नहीं था तो वहां पर. हमने फादर को कहा की यार किसी और दिन. आएंगे अभी मैन नहीं है हम फिर एक बार समान. लौट आया है उनका और यह तो कोई बहुत मतलब. ज्यादा पुरानी बातें 2012. में और मैं दिल्ली में तैयारी करूंगा तो.
वहां से मैं हर फ्राइडे ए जया करूंगा 2012. में मेरी दिल्ली की शुरुआत हुई मैं दिल्ली. ए गया फिर हमारी सरकारी नौकरी लग गई है. इनकम टैक्स में इंस्पेक्टर बन गए हम मुंबई. में मेरी पोस्टिंग थी चर्चगेट पर तो मुझे. लगा चलो कुछ नहीं हुआ तो एक्टर तो बन ही. जाएंगे वर्ण ब्रेक ले लेंगे मैं मुंबई ए. गया ये बात है 2016 दिसंबर के मार्च में. पता चला माता जी को फेशियल पार्लर्स हो. गया पिताजी को डायबिटीज हो गई. इंस्टॉलमेंट टूट रही है लेकिन मैं. कॉन्फिडेंट.
इंडिया से बट ऐसे सीरियस रहा नहीं बिल्कुल. अब मैं जब मम्मी को देखने आया हूं तब मुझे. लगा की यार यह तो बड़ी खतरनाक सी बात है. उनको फेशियल पहले से पूरा फेस टेडा हो गया. तब भी मैंने उनको ये कहा था मुझे याद है. मार्च 2017 की बात है की आप टेंशन मत लो. भाई बड़ा करेगा जीवन में कुछ ओके सब जगह. से मैं फ्लॉप हो ही रहा हूं कोचिंग बंद कर. चुका हूं सरकारी नौकरी में फिट बैठने न्यू.
लेकिन भाई बड़ा करेगा कैसे करेगा. भाई को खुद नहीं पता कोई प्लान नहीं है और. भाई ने अपना ragignation लेटर दल के यहां. से गया था की यह लीजिए आपकी सरकारी नौकरी. किसी को दे देना. फिर क्या करना है कुछ पता नहीं है क्या. करना है मैं गया घर पर अब घर रहने लगा तो. घर पे और स्ट्रेस थोड़ा सा माताजी जा रही. हैं दिखाने उनको भी देसी ट्रीटमेंट चल रहा. है पिताजी उसे टेंशन में अलग से डायबिटीज. पाली मुझे भी बढ़िया दुख लगने लगा और मुझे. लगता है की बच्चों मां-बाप आज की डेट में.
बीमारी इसीलिए क्योंकि बच्चे उसे उम्र पे. काबिल नहीं बन पाते जब उनका जरूरी है. काबिल बन्ना क्योंकि वो सारी जिंदगी तो. इसी में निकल देते हैं की बच्चों का. भविष्य बनें अब फिर जब उनका बुढ़ापा होता. है की यार मैन इतने दिनों से एक ही सदी. में पिताजी के भी कुछ सपने द जब वो पूरे. करना चाहते द तो ये सब चीज मैं उसे वक्त. भी सोचता था इतना ईमानदार आदमी था मैं ठीक. है की मुझे इनकी भी सपने पूरे करने खाली. यही जिंदगी नहीं है क्या आपने खुद मजे ले. लिए ये वो क्योंकि इन्होंने अपने. ख्वाहिशों को मार के आपको यहां तक. सब कुछ वही मैं देखता हूं की पेरेंट्स.
अपनी छाया मार के हमारे टाइम पर तो यही था. की उतने अच्छे नहीं होते द तो अपनी इच्छा. मार के ही वो यहां तक गए पहुंचे हमें. पहुंचा यहां तक अब क्या हुआ इसके बाद. कहानी हो गई तो मैंने सोचा की यार अब हम. फिर से शुरू करते हैं दोबारा से पटना तो. हम कोचिंग में तो मैं पहले 1450 रुपए घंटे. पढ़ा चुका था ऑलरेडी लेकिन जब मैं दोबारा. गया तो कोई मुझे ₹600 घंटे देने को तैयार. नहीं ऐसे जैसे मैंने कोचिंग में लिया. सहारा की भाई एंट्री लगभग सेपरेट से लगी. हमारी पटना शुरू कर दी है दिल्ली में और. वो भी पैसे कैसे देते द ऐसे नॉर्मली कभी.
1000 पकड़ा दिए पंच हजार पकड़ा दिया मतलब. अभी भी वैसे ही चल रहा है वही कॉन्सेप्ट. वर्ड होता है एक हैंड तू माउथ वाली स्थिति. चल रही है थोड़े पैसे ए रहे हैं खर्चा. पानी चल रहा है बस. तो खर्चा पानी चलने की बात थी फिर उसके. बाद फादर भी यही सोचते द की कुछ करेगा. उनको भी उनको ये लगता था लेकिन तुम्हें जो. ठीक लग रहा है करो उसको अच्छे तरीके से. करो मतलब उन्होंने इस बात पे बहुत मतलब. नहीं दिखाया की आपने नौकरी छोड़ दी है वो. उसके पीछे दूसरी वजह ये भी थी की हम उससे. अगले साल भी सिलेक्ट हमारे पास एक सरकारी.
नौकरी. में किताब भी लिखी थी बहुत सपना के साथ. बड़े सपनों के साथ यार हमारी किताब चलेगी. बहुत पैसा कमाएंगे ये होगा वो होगा जो की. फ्लॉप रही थी वो भी 2015-16 तक नहीं चली. 2000 कॉफ़ी शॉप में प्ले बाजार एडवांस की. किताब थी. अब जब हमने पटना शुरू किया तो फिर मैं. आइडिया आएगी कैसे करें घर पर रहकर तो बात. नहीं बनेगी तो फिर हमने अपना मोबाइल फोन.
बेच के उसे टाइम पैसे उतने नहीं बन का रहे. द एक रूम ले लिया इंटर कनेक्टिंग रूम था. बहुत गंदा सा वहां बाहर ही था की बाहर हम. पढ़ाएंगे अंदर सो लेंगे मैं और मेरा भाई. सुबह जबकि खुद ही स्टूल लगाते द एक बोर्ड. तंग दिया था और वहां हमने जो पुराने बच्चे. हमसे कनेक्टेड द उनको हमने मैसेज कर दिया. की आप ए जाओ भाई हम पढ़ते हैं लेकिन वही. है की बच्चे भी फिर फीस देना बच्चों के. लिए बड़ा मुश्किल होता है एक ट्रस्ट भी. होता है टीचर पे हम पे फिर भी था. थोड़ा-थोड़ा लोगों ने बच्चों ने फीस दी तो. वहां से हमारा इतना हो गया की रोटी पानी. ठीक चलने लगी सुपर 30 के नाम से हमने बैच.
बनाया था तो 15 20 बच्चे उसमें आते द 2025. फटा हुआ सेक्स हुआ था अभी फोटो भी है मेरे. पास तो उसकी बैच की तो बच्चे वहीं बैठ. जाते द और हम भी और हमारा वह प्रेम प्रसंग. देखनी पड़ेगी अगर सिर्फ इस चीज से जीवन चल. नहीं पाएगा इतना हमें समझ ए गया था. है वहीं पर एक लड़के ने हमें कहा की यार. आप तो बहुत अच्छा पढ़ते हो आपके पास जो. ट्रिक्स हैं टीचर का नाम बताए देखो वो.
फेसबुक पे वीडियो डालता है बीच-बीस हजार. व्यू आते हैं हमारे 20000 लोग देख रहे हैं. 2017 में तो उसने कहा की मैं आपकी एक. वीडियो बनाता हूं ऐसे ऐसे करके जुलाई ए. गया था अगर सितंबर की ये बात है तो उसने. कहा एक वीडियो बनाता हूं आपकी डालूंगा. नहीं कहीं क्योंकि हमें भी शर्म आती तैयार. की अब लाइफ में कुछ कर नहीं जॉब छोड़ा है. रिश्तेदार क्या कहेंगे वीडियो डालने लग गए. और यूट्यूब की नॉलेज नहीं थी मैं तो. सब्सक्राइब और व्यू भी नहीं जानता था क्या. होता है ना ये बात बताती की यूट्यूब से. पैसे भी आते हैं. है उसने वह वीडियो बनाई और वह वीडियो ने.
अपने चैनल पर दल दी 700 सब्सक्राइबर तो 6. दिन के अंदर उसके 100000 सब्सक्राइबर हो. गए और 1 मिलियन व्यूज वीडियो. आग की तरह वो वीडियो फैली की भाई मैंने. क्या पढ़ा दिया मैंने नया पढ़ाया था यूनिक. पढ़ा था कहीं नहीं था उससे पहले किसी. किताब में नहीं था लेकिन वो तो मैं पिछले. 5 साल से ही पढ़ा था ना लोग नहीं समझ रहे. द ठीक है अब तो वो टीचर भी जो हमसे हाथ. मिलने से कतराते द मतलब कई टीचर ने तो. मेरे को ऐसे का दिया था मुखर्जी नगर में. बड़ा मतलब ये सब चलता था वहां भी वही वाला.
कल्चर चलता है कौन सा कहती है वो कंगना जी. नेपोटिज्म वाला ये जो पहले से फेमस है नई. लोगों का एंट्री नहीं मिलेगी तो वह लोग हम. जैसे कभी हाथ बढ़ा दिया. अभी थोड़ा सा बाद में ऐसे लोग बोलते द तो. वह टीचर भी हमें फोन कर अरे भाई आपका. वीडियो बढ़ावा रहे हो ना बड़ा वायरल हो. रहा है इतना वायरल हो गया था वीडियो हम भी. मजा ए रहा था अब वो जो हमारा सुपर 30 फुल. नहीं हो रहा था 15 वो सुपर 61 बन गया लोग. यह स्थिति थी की आगे बोलते द की हमारे. पैसे रख लो नेक्स्ट सुपर 60 में हमें. एडमिशन दे देना नया पढ़ते हो फिर तो हमने.
बैक ये नहीं था की हमने एक ही वीडियो दल. के खाली हो गए फिर तो जब हमें मजा आने लगा. तो उसे बंदे ने और तीन चार वीडियो रोज करो. हमारे से चैनल पर डलवाए फिर हमने अनाउंस. कर दिया की मैं पुरी गणित फ्री पढ़ाऊंगा. और अपना एक चैनल बना दिया. तुम सब कुछ फ्री पढ़ा दोगे तो तुमसे पैसे. हम सरकारी नौकरी कर लेंगे बट पढ़ाएंगे तो. ये मतलब वही है ना की जब आपकी दिल में. बाते अच्छी हैं ईमानदारी है तो आपको आगे. बढ़ाने से कोई नहीं रोकेगा.
है तो वह वाली साइन की जैसे विराट कोहली. है तो वह क्रिकेट से नहीं पैसा कमाते हैं. वह ब्रांडिंग से पैसा नहीं समझ में आता था. बट अब आता है की हमने जो कम किया वो ठीक. किया की हमने सब कुछ पटना शुरू किया रात. के 3:00 बजे मैं पढ़ा था तो सुपर 60 बन. गया वो वहां से कुछ पैसे आए पिताजी आए. तुरंत ले गए वो जिससे उधर लिए द वो बास पर. बास थोक के जा रहा था अलग से परेशान करता. था हमें लगाया इतनी मुश्किल से कमाया वो. भी बोल लेगा तीन महीने ऐसे ही चला फिर हम. जिस कोचिंग में पढ़ा रहे द ₹650 घंटे. उसमें 400 बच्चे आए हमारे नाम पे तो हमने. कहा की भैया हमारा ₹1000 घंटे कर दो.
चार महीने हुए हैं फिर से ये सब करने लगे. हमने कहा हम नहीं आएंगे. थोड़ा सा तो बड़ा 50 तो बढ़ाओ ₹50 तो. उन्होंने माना कर दिया हमने जाना बंद कर. दिया हमने अपनी कोचिंग. इसने अभी तक खराब किए हैं. अब तो खोलते हैं कोचिंग खोली बहुत छोटे से. रेंट पर कभी मेरा बिजनेस को लेकर के पैसे. को लेकर के ये रहा की हम बच्चों को उससे. कम फीस ले ले लेकिन मतलब वो पे ना करें.
बहुत की हमारी कोचिंग बहुत अच्छी है बहुत. महंगी है ये वो हमने इस चीज पे नहीं कर. छोटा सा ही खोल लिया पहला बैच स्टार्ट. किया तो 500 बच्चे आए कैपेसिटी हमारे पास. 150 बच्चों को बिठाने की थी तो हमने उसको. ही तीन पार्ट में डिवाइड कर दिया ठीक है. तीन पार्ट में डिवाइड करके हम पढ़ने लगे. हमें लगा की आप कुछ पैसा भी ए गया यार तो. अब तो हमें एक गाड़ी भी लेनी चाहिए तो फिर. हमने एक इकोस्पोर्ट बुक की और ऐसा ऐसा. करते-करते मार्च ए चुका था मार्च 2018 की. बात है ठीक है. तीन-चार पेज हम खत्म कर चुके द ये वाला जो.
शुरू किया 450 खत्म कर चुके द फिर रहा की. यार अब नया भेज स्टार्ट करेंगे तो नया. बेचैन की आप रेल में डेट राखी उसकी हमने. और तब तक हमारे 6 7 महीने में सब्सक्राइब. वीडियो.
नेशनल ज्योग्राफिक ने भी स्पीक. डॉक्यूमेंट्री बनाई थी जिसमें हमें लिया. था तो यह चीज दिखाई थी की हमने फ्री पढ़कर. कैसे अपने जीवन को बदला. तो अब ऑफलाइन में तो एक कास्टिंग भी आती. है तो आप जब हमने दोबारा बेड शुरू किया तो. हमारे पास ₹3000 बच्चे हैं. एक बांदा कितना देता था हान मतलब 6000 है. 8000 फीस टाइम पे बाकी लोग तो 10 थाउसेंड. भी ले रहे द बट अपना ये था मेरा जैसे की. कोई बच्चा मेरे पास ए गया की मैं फीस नहीं. दे पाऊंगा तो मैंने आज तक अपने जीवन में.
उसको ना नहीं किया किसी ने कहा की मैं. 2000 दे पाऊं मैंने मतलब बच्चों से इस चीज. पे डिस्कशन नहीं कर क्योंकि मुझे ये. बिजनेस समझ में नहीं आया तब भी और आज भी. नहीं आया मैंने पैसा कमाया सारी चीज बट. मुझे ऐसा कभी नहीं लगा की मैं ऐसे आज. कोचिंग के जितने भी बड़े-बड़े टीचर हैं आप. उनके यहां जाओ आप पूछोगे फीस वैसे बोलेगी. फिर सर कम करनी नहीं ये मैनेजमेंट से बात. करो ये मैं नहीं देखता तो मुझे ये चीज. बड़ी पहले से ही खराब लगती थी दुख लग जाता. है तुम क्यों नहीं देखते तुम्हारी कोचिंग. है तुम कोचिंग के मलिक को बेवकूफ क्यों. बना रहे हो. कई बार तो ये भी होता था ने किसी बच्चे को.
पूछ ले की यार आप दो दिन से नहीं पढ़ने. उसने कहा की जी पापा की जॉब छूट गई और वह. एटीएम पर गार्ड तो मैंने उसको पूछ लिया की. आपने फीस दिए यहां पर अभी मैंने तीन-तीन. हजार रुपए दिए बाकी बची है तो मैंने उसके. वो 3000 की रिफंड कर दी मतलब मैंने लोगों. की दुआएं भी कमाई से दूसरी चीज का पैसा भी. मेरे पास है अगर हम वह तो सीधा सीधा फन है. ना आप किसी चीज के पीछे भागो तो वो आपसे. और दूर भागेगी आप मत भागो उसके पीछे वो. आपके पीछे खुद भाग के आएगी तो वो मेरे साथ. भी था की बच्चों को हेल्प जिसने जो का. दिया जैसे आप होता क्या है ना की हम कम.
फीस रखते हैं ये मैं इसको सॉल्यूशन नहीं. मानता इससे अच्छा तो हम यूट्यूब पर फ्री. पढ़ाया सब कुछ और पढ़ रहे द आप किसी बच्चे. को है की नहीं उसको तो सामने से आके. मुखर्जी नगर में ही पढ़ना है बहुत ऐसे. बच्चे होते हैं उसे मंडल. तो वो फिर उनके लिए भी तो लग रही है ना. उनको पढ़ने में भी कास्टिंग लग रही है सब. है तो मेरा ये था की हम एक फीस रखें फीस. का पैरामीटर हो जिसकी जिसको मदद चाहिए. उसको मिल जाए इसको पैसे भी चाहिए उसको भी. पैसे मिल जाए ये मुझे सही तरीका लगता था.
जो लोग यह कहते हैं की हमने बहुत सस्ती. फिश कर दी सबके लिए हमने बहुत सस्ता कर. दिया हमने ऐप लॉन्च कर दिया तो मैं ये. मानता हूं की सस्ता करने से भारत में. रिवॉल्यूशन नहीं आएगा आपको अगर सच में. रिवॉल्यूशन लाना है तो सस्ता फीस है ऐप. लॉन्च करने से नहीं वो यूट्यूब पे ही. पढ़ने से आएगा और आप यूट्यूब पर पढ़ाइए. रिवॉल्यूशन तो वहीं से ए सकता है बाकी. आपको रोटी पानी खर्चा चलाना है तो उसके. लिए ऐप जरूरी है तो वहां से फिर हमने. ऑफलाइन क्लासेस पढ़ते रहे ऑफलाइन क्लास. में ऑलमोस्ट मैंने. मतलब सवाल आप डेढ़ लाख के आसपास स्टूडेंट.
पड़े होंगे फिर हमारे 28 अलग-अलग शहरों. में फ्रेंचाइजी हो गई थी तो मैं यहीं से. पढ़ा था लाइव चलता था वहां पे सेमिनार. करने लगे द तो यह सब चल रहा था इसी बीच. क्या हुआ की मैं उन अकादमी. बहुत फायदेमंद देता है जो मेरे साथ हुआ. जैसे की अनअकैडमी जस्ट शुरू हुई थी. बिल्कुल 10-10-12 लोग तेरे लोग कम करते द. तो भाई जॉइंट एंड अकादमी.
है तो मैंने जो ठीक है चलो कोई बात नहीं. ऑनलाइन है जबकि मेरा अपना भी चैनल था वैन. मिलियन सब्सक्राइबर द मैंने कभी ऐसा नहीं. सोचा की यार ऑनलाइन एजुकेशन क्योंकि. ऑफलाइन से सब कुछ ठीक चल ही रहा था तो. मेरा यह नहीं था कभी की मुझे कोई ऐप बनानी. है हान मतलब खुद का करना है ऐसे कोई कोर्स. विश ना कभी मुझे ऑनलाइन में यही लग रहा था. की ऑनलाइन में उतनी कास्टिंग ए रही है तो. इसको हम इस तरीके से रख सकते हैं उनके साथ. जुड़ गया उनके साथ भी एक बहुत लंबा कर रहा.
पानी 5:30 साल का और बहुत अच्छा सफर रहा. मतलब कोई शिकायत नहीं इतना मजा भी आया. उन्होंने भी उनसे वहां से भी मैंने बहुत. कुछ सिखा की अपडेशन भी कितनी बड़ी चीज है. वो लोग लगातार टैग को लेकर के हर चीज को. लेकर के अपडेट करते गए तो मैं ऑनलाइन फ्री. भी पढ़ा था मैंने 4 बार ऑलमोस्ट सिलेबस. खत्म किया यूट्यूब. है और भी जितनी चीज कर सकता था और अभी जब. से मैंने 3 महीने पहले से अपना ब्रांड.
स्टार्ट किया बिना मैं इस ऐप लेकर आई. क्योंकि बहुत सारी ऐसी चीज थी जो यूट्यूब. पे नहीं हो सकती थी तो वहां भी हमने. एजुकेशन को इसी तरीके से किया की. हमें एजुकेशन को बिजनेस दिखाना नहीं है वो. बिजनेस है या नहीं है मैं इस पर सोचता भी. नहीं हूं मतलब मुझे यह था की यार एजुकेशन. में एक तो डिस्काउंट नहीं होना चाहिए जैसे. हम का देते हैं. मतलब जैसे अच्छा मुझे ऐसा लगता है ना की. जैसे अब मैन लेते हैं मैंने इस बार दिवाली. पर कहा की दिवाली पर डिस्काउंट है और आपको.
50% ऑफिस सारे कोर्सेज मिलेंगे अब क्या. होगा जो बच्चे अगले साल दिवाली पर लेंगे. दिवाली से पहले मैन लेते हैं उनको जुलाई. से पढ़ना स्टार्ट करना है तो वो वेट. करेंगे दिवाली का की दिवाली का सर के. डिस्काउंट आएगा तब लेंगे या कोई तो हर. आएगा तो मतलब उससे तो पढ़ रुक रही है ना. और दूसरा ये है की उसको नहीं भी लेना है. तो कई बार क्या होता है की आप जींस तो. मैंने ले लिए एक बार डिस्काउंट था लेकिन. मैं पहन के कम चला लूंगा वो अलग चीज है. लेकिन एजुकेशन में कई बार हम मुझे ऐसा. लगता है की हम प्रेशर देने की कोर्स ले लो. आज ही ए जाए 1999 तक कल नहीं मिलेगा मेरा.
ये हमने एक पीस रख दी अब अगर कोई बच्चा. नहीं है फूड कर का रहा है तो हम उसको फ्री. भी देंगे किसी के पेरेंट्स नहीं है तो फिर. देंगे हैंडिकैप्ड है तो फ्री देंगे या. उसका बीपीएल कार्ड बना हुआ अंतोदय कार्ड. बना हुआ है तो उसको फ्री देंगे कोई और. उसकी मजबूरी है फ्री नहीं देंगे कोई बच्चा. करेगी जी मेरे पास सिर्फ इतने ही पैसे हैं. और मैं चाहता हूं की मुझे कोर्स में तो हम. ऐसा नहीं कर रहे की जो कोई वंचित रह जाएगा. हमने ज्यादा फीस रख दी तो मैं अपनी कंपनी. मैं नहीं पूछता यार कितने की सैलरी नहीं. हुई क्या हुआ क्या रेवेन्यू यानी मैं इन.
सब चीजों से मेरे को नहीं मतलब है मैंने. जैसे बताया की मैं यूट्यूब क्यों नहीं. रखता फोन में इसीलिए ना की मैं यही चेक. करूं क्या मेरी जिंदगी इसीलिए बनी मैंने. वीडियो डालिए कितने लाइक आएंगी मैंने जैसा. अच्छा कम किया होगा उतने लोगों ने पसंद कर. दिया होगा मैं अपने वीडियो में का देता. हूं की आप अभी लाइक मत करो जब आपको लास्ट. में लगेगी अच्छा पढ़ाया है सब कुछ तो लाइक. कर देना. ठीक है लेकिन अब मैं उसे चीज के लिए उनको. फोर्स करूं क्या ऐसा है फिर मैं वह चेक. करूंगी कितने व्यू हुए हैं नहीं हुए हैं. तो मुझे लगता है की ये एक. गंदी सी चीज जिसमें हम फसता चला जाऊंगा. कभी ऐसा होगा की नहीं आएंगे उतने व्यू. नहीं आएंगे उतने लाइक तो मेरा टारगेट ही.
रहता है की मेरे वीडियो पर हजार भी ए रहे. हैं मेरे लिए बहुत सफिशिएंट है हजार बच्चे. कम नहीं होते क्योंकि मैं बच्चों के लिए. पढ़ा रहा हूं मैं कुछ भी ऐसा नहीं कर रहा. हूं की मैं वायरल होने के लिए कर रहा हूं. और क्योंकि वायरल होने से कुछ होने वाला. भी नहीं है वायरल तो दीपक का लाल भी है. उससे क्या होगा आप फेमस किस चीज के लिए हो. यह मायने रखता है अब राखी सावंत ने बहुत. नाम कमाया और एक्ट्रेस से उनको कम तो नहीं. दे रहा कोई तो सारा कम है की खाली वायरल. होने से बात नहीं बनेगी आप किस चीज के लिए. जाने जाते हो आप अपने कम के लिए कितना.
फेमस हो जो आपका कम है तभी तो लोग आपको कम. देंगे ना कोई मैं कहूं आज जाके किसी के घर. यार मैं आपको हंसना चाहता हूं आप पैसे दे. दो कोई भी नहीं देगा मैं आपको मोटिवेट. करना चाहता हूं आप पैसे दे दो भारत में. आपको पैसा मिल सकते हैं तो ट्यूशन पढ़ने. का मिल सकता है तो वही कम करना पड़ेगा तो. मैंने उसे तरीके से सब्सक्राइब बढ़ाने पर. भी फोकस नहीं किया भले मैंने दो साल कम. नहीं किया. मटेरा की जो भी कम करें तो उसकी एक व्रत. अगर कोई चैनल पर वीडियो भी जा रहा है या. कुछ भी कर रहा है तो जैसे आज अगर प्रमोशन. से भी पैसा लेते हो तो मेरा ही रहते हैं. की यार मैं प्रमोशन भी करूंगा किसी का तो.
मैं कुछ पढ़ाऊंगा भी साथ में बच्चों को ये. नहीं है की वो सिर्फ एक प्रमोशन डेडीकेटेड. वीडियो जाना है भले उसका ठीक है थोड़ा कम. पैसा मिलेगा और एक मेरा फोकस ही रहता है. की मैं जो यूट्यूब से पैसा आए और जो. प्रमोशन से आए उसको अपने गांव के कुछ बहुत. सारे मेरे ऐसे बच्चे हैं बट मैं आपके चैनल. के माध्यम से बताना चाहता हूं की मैं बहुत. चैरिटी करता हूं लोगों को. की किसी भी तरीके से पूरे कोविंद में. मैंने मतलब नए नोट बनते हैं इतना लोगों को. की यार सबका घर चलता रहे सबकी रोटी चलती. रहे यह सब कुछ मैंने किया बस मेरे साथ.
क्या है की मैं दिखा नहीं पता और आज भारत. का यह हाल हो गया है की आप जो दिखाओगे आज. देश में राहुल गांधी नहीं चलेगा जो. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ कर चलाया आज. मोदी जी की जय जयकार होगी क्योंकि वो. बताना जानते हैं हर चीज को आज ये बहुत. जरूरी है तो उसे चीज में मैं मानता हूं. मैं थोड़ा पीछे रह गया की मैं दिखा नहीं. पाया की मैं क्या अच्छा करता हूं मैं क्या. बट मुझे लगता है की ऊपर वाला देख रहा है. बोली की भारत में अगर आगे बढ़ाना है तो. पटना पड़ेगा क्योंकि और चीज किसी की तो. पैसे देंगे नहीं. पैसा तो चलो सेकंड भारत भी आगे तभी बढ़ेगा.
जब पूरा भारत पड़ेगा बिल्कुल राइट था'एस. डी होल आइडिया और आई थिंक हमारी हम जिस. तरह से. हमारी पुरी कंट्री जिसे सबसे बरोट अप है. जैसे हम लोग खाते हैं हम लोग एक टाइम. पढ़ना छोड़ देते हैं जबकि उसे टाइम पर. पढ़ना शुरू करना चाहिए हर टाइम लाइफ में. तुमको आगे बढ़ते रहना चाहिए यहां तो सिखा. के पढ़ो खुद सिख जाओ सीखते सीखते है या तो. सिर्फ सीखते रहा कुछ तो तुमको तरीका. ढूंढना पड़ेगा जैसे आपके साथ में कौन सी. ऐसी. तीन-चार या पंच ऐसी चीज जो हर बच्चे को. सीखनी चाहिए अपार्ट फ्रॉम मैथ्स क्योंकि.
मैथ्स तो एक एक चीज होती है मैं तो जिंदगी. जीना भी सिखाता हूं मुझे जो सबसे अच्छी. जरूरी चीज लगती है वो है इमोशनल. इंटेलिजेंट. अब मैं कई बार ऐसा मेरा दिमाग होता है. जैसे जितने भी लोग अपनी जीवन में खराब. डिसीजन ले लेते हैं कोई दुनिया से चला गया. किसी ने सुसाइड के लिए तो वो क्यों कर. लेता है मैं ये सोचता हूं हम लोग सोचते. हैं यार बड़ा डरपोक था ऐसे चला गया ऐसा. नहीं है उसकी मेंटल स्टेट उसको ठीक नहीं. थी उसको लगा की मुझे मार जाना चाहिए और वो. मार गया तो सबसे पहले जरूरी चीज यह है. हमें सीखने की इमोशनल इंटेलिजेंस की भावना.
मैं आकर भी अपनी बुद्धि पर कितना नियंत्रण. रखना अगर मेरे दिमाग में थॉट्स आएगा तो. मैं तुरंत ये समझ जाता हूं की ये मैं इस. वक्त भावुक हो रहा हूं इमोशनल हो रहा हूं. इसलिए मैं ऐसा सोच रहा हूं आफ्टर समटाइम. थॉट्स नहीं आएगा दिमाग तो यह क्योंकि सारा. खेल. हो जाएगी या एक सरकारी नौकरी लगने से खुशी. हो जाएगी तो नहीं खुशी इसे डी मेंटल स्टेट. है दिमाग. मैं क्या थॉट है उसे वक्त उससे निर्धारित. होती है अगर ऐसा होता तो कोई रिक्शा चलाने. वाला कभी नहीं मुस्कुराता जीवन में लेकिन.
वो मुस्कुरा रहा है क्योंकि उसको लगता है. की आज उसने ₹400 कमाए तो वो आज में जी रहा. है और जो भी आज में जी रहा है वो खुश है. आप हजार करोड़ मैंने पिछले 6 महीने में ये. और महसूस किया की पैसा से सुकून बहुत ऊपर. है. अगर जीवन जितना उलझा हुआ है तो समझो सुकून. खो रहा है सुकून जा रहा है तो जीवन को. बहुत उलझन भी नहीं है. उलझ टीवी जिंदगी में सुकून खो जाता है यह. लाइन मैंने अभी आज से 2 दिन पहले ही लिखी. की उलझती हुई जिंदगी में सुकून खो जाता है. तो बहुत उलझन नहीं है क्योंकि अब आपने.
देखा सीसीडी वाले ने सुसाइड किया और क्या. बोल के क्यों हजार करोड़ का बिजनेस तो कर. ही चुका था लेकिन उसने कहा की उसने अच्छा. नहीं किया तो ये उसके दिमाग में गलत सोचा. जब सारा खेल दिमाग के गलत सोचने का यह तो. क्यों ना हम दिमाग कोई सही सोचना सिखा दें. तब बाजार करोड़ की भी जरूरत नहीं तो फोकस. हमारा रहना चाहिए की हमारा दिमाग ठीक है. और इसके लिए मैंने जो देखा वो मेडिटेशन. योग. अपार्ट फ्रॉम स्टडी बच्चों को बहुत सीखना. चाहिए क्योंकि आज भागदौड़ भारी जिंदगी में. हम लोग सांस लेना.
हम कम से कम ऑक्सीजन तो दिमाग तक ठीक. तरीके से पहुंच जाए ताकि एक्टिव. की कमी होती है हम बोलने लगते हैं चीजों. को ऑक्सीजन से तक पहुंच रिमाइंड एक्टिवेट. नहीं और आप कम लो कितना भी हमने देखा एक. बांदा एक्टर बनने के बाद भी सुसाइड कर ले. रहा है इसका मतलब क्या है की हम जहां. पहुंचना चाहते हैं वहां पहुंचने पर लोग एक. इस में आपने देखा पांडे जी द एक साइड किया. तो वो क्यों इसका मतलब सारा गेम दिमाग का. ये तो पहले दिमाग को ठीक रखना जरूरी है.
सुकून तो हर पाल है आप जिस चाल में रहोगे. उसमें सुकून आएगा लेकिन उससे पहले दिमाग. ठीक होना जरूरी है तो इमोशनल इंटेलिजेंस. एक चीज हो गई योग और मेडिटेशन दूसरी चीज. हो गई और कौन सी तीसरी चीज है. आजकल दुनिया जो युद्ध है आज का ना बहुत. एक्सपेक्टेशन. है जैसे मैंने कुछ दिन तैयारी की और मैं. सोच रहा हूं की मैंने तुरंत सिलेक्शन हो. जाएगा या मैं अभी मॉक टेस्ट दे रहा हूं.
मेरे 110 नंबर ए रहे हैं जबकि मैं हर साल. देख रहा हूं 150 नंबर कट ऑफ जा रही है. लेकिन मैंने दिमाग में मालूम है मेरा. सिलेक्शन तो हो जाएगा एक लड़की है ऑलरेडी. किसी लड़की के साथ है और मैं उससे इस. लड़ना चाहता हूं अब मैं इसी में दुखी हूं. यार वो मेरी बात नहीं फॉल्स एक्सपेक्टेशन. है ऑलरेडी सेट है या फिर उससे इस तरीके की. उम्मीदें रखना की तुम मेरे से मिलने नहीं. आई जबकि वो एक परिवार में रहती है जहां पे. उसको अपने पेरेंट्स को भी जवाब दे देनी. पड़ती है तो गलत उम्मीद है का लेना दुख की. वजह. से लाइफ लेसन हो गया एक्चुअली मैं जानना.
चाह रहा हूं की स्किल कैसी होनी चाहिए. किसी को स्किल मतलब आपको क्या लगता है. पब्लिक स्पीकिंग सीखनी चाहिए या. फाइनेंशियल स्किल्स नहीं चाहिए की फायर. पर्सनल फाइनेंस कैसे मैनेज करते हैं जैसे. मैट्रिक्स के लिए मैं इसे इसके लिए मुझे. लगता है की जैसे. आज हम सबसे ज्यादा प्रॉब्लम जो है वो टाइम. मैनेजमेंट की है अगर हम टाइम को मैनेज. करना सिख गए तो फाइनेंशियल मैनेजमेंट हो. जाएगा सब कुछ हो जाएगा आज आप देखते होंगे. हर एक आदमी को ये कहते हो की यार वक्त. नहीं है बहुत बिजी है एवरीवन इस बिजी. विदाउट अन्य वर्क अब अभी आप मूवी का पास.
दे दो तुरंत निकल जाएगा मैं ऐसे ऐसे लोगों. को जानता हूं जो कहते हैं एक मिनट. वो इंस्टाग्राम. की दिक्कत नहीं होती थी जबकि पहले फ्लाइट. नहीं थी चूल्हे पे खाना बनता था. खुद ही कपड़े धोती थी वाशिंग मशीन में. नीति तब टाइम कम क्यों नहीं पड़ता. सब कुछ जिंदगी अच्छे से चल गई मां-बाप ने. बच्चे पढ़ा ली भी हम ही देख लीजिए हमारी. माने कभी नहीं कहा की उसको वक्त कम पद गया. क्योंकि वो मैनेज कर लेती थी सब आजकल क्या. हो गया की जैसे-जैसे रिसोर्सेस बड़े तो.
हमने उसका मिसयूज करना शुरू कर दिया आज. मोबाइल हमें मिलाकर कहीं इनफॉरमेशन देनी. थी हमें लेकिन हम क्या कर रहे हैं की उसे. मोबाइल में कभी एक डेढ़ घंटा इंस्टाग्राम. मिला या कोई भी और चीज मिली थी की ठीक है. चलो कभी आपने फोटो दल दी एक चीज के लिए. लेकिन हमने उसका दुरुपयोग करना शुरू कर. दिया जिसकी वजह से आज हमारे पास टाइम कम. है वर्ण ऐसा नहीं है जितने भी लोग आज टाइम. कम का बहाना बनाते हैं मैं दावे के साथ का. सकता हूं की वो अपना फोन का स्क्रीन टाइम. देखें फोन पर बता रहे हैं 10 घंटे भी फोन. पे बता रहे हैं और फोन पे बताने के बाद जब. आप इतना कंटेंट कंज्यूम कर लेते हो तो ये. दिमाग है इसका डोपामिन खत्म हो जाता है. फिर आप और किसी कम चीज में मैन नहीं लगा.
पाओगे क्योंकि आपका सारा शेड्यूल खराब हो. जाएगा आपको पता ही नहीं चला क्योंकि ये. आपकी प्लानिंग में नहीं था या तो आप टाइम. टेबल में लिख दो की मैं एक से दो. इंस्टाग्राम ही चलाऊंगा या तो आप अगर ये. कर रहे हो तो फिर आप अपने टाइम लिख दो. उसमें और दूसरी चीज की जो लोग इंस्टाग्राम. चला रहे हैं विश्वास से दुखी की यार उसके. फॉलोअर ज्यादा बढ़ गए वो मुझसे आगे निकल. गया फिर वहां पे ये वाला दुख ए जाता है तो. ये मैं तभी समझ गया था जब मेरी सरकारी. नौकरी लगी थी मैंने सोचा था मेरे ऊपर एक. सुपरीटेंडेंट है सुपरीटेंडेंट के ऊपर एक. है एक बॉस से तो पता चला एक दिन वो डीसी. के सामने कर बुध खड़ा है वो बॉस है डीसी.
डीसी के सामने करवट खड़ा है उसके बाद. कमिश्नर के कमिश्नर है प्रिंसिपल के. कमिश्नर है मैंने सोचा यह बॉस होगा तो पता. चला वो मंत्री जी के सामने कर बंद खड़ा. मंत्री जी को बहुत समझा वो कम के सामने. करवट खड़े हैं कम पीएम के सामने खड़ा है. पीएम ओबामा के सामने खड़े हैं ओबामा ओसामा. के सामने खड़ा है. तो मैंने सोचा की फिर एक उसी को ऊपर वाले. को बॉस मैन लेते हैं इतने सारे हरगी बनाने. की क्या जरूरत है कोई ना कोई है ही मतलब. तो सेटिस्फेक्शन दिमाग से ही लाना पड़ेगा. की दिमाग अगर ठीक है तो सेटिस्फाइड लगोगे.
नहीं तो फिर आप इसी चीज में रह जाओगे की. यार मैं बहुत नीचे हूं इंफिनिटी फीलिंग. तभी ए रही है आजकल बहुत लोगों को ए रही है. बहुत यूथ को ए रही है एक ये भी जो हमने. फॉल सा एक्सपेक्टेशन की बात की की शॉर्ट. टर्म सक्सेस की मुझे तुरंत मिल जाए जैसे. मैं एक एग्जांपल देता हूं आज जैसे बिजनेस. में भी लोग जाते हैं स्पेशली मैं एजुकेशन. बिजनेस की बात करता हूं आप टीचर क्या ठीक. है मेरे कोर्स आते हैं आपको. मेरी ना कोर्स बिकते नहीं आपने अच्छा. कमाने की बात पढ़ने की बात नहीं सोची. मैंने 3 साल 4 साल ऑनलाइन बहुत सुंदर से.
पढ़ा है बच्चों के दिलों में वो जगह बनाई. अब बाकी बच्चे अगर मैं कोई कोर्स भी लेकर. ए रहा हूं तो बाकी बच्चे बता देते हैं की. अगर तेरे को पेट को लेना तो तू अभिनव से. जा के ले ले जैसे होता क्या है जैसे एक. लड़का लड़की रिलेशनशिप में आते हैं और. लड़की को यह पता लग जाए की ना यह मेरा. फायदा लेना चाह रहा है आप बताओ कोई ऐसा. रिश्ता होगा जिसमें लड़की फिर भी कंटिन्यू. करेगी कभी नहीं करेगी और यह उसको फायदा. मिलना है. यह तय न्यूज़ को फायदा मिलना है हंड्रेड. परसेंट मिलेगा 6 महीने बाद 7 महीने बाद.
शादी होगी दोनों की दोनों रिलेशनशिप में. जाएंगे सब कुछ होगा लेकिन पता नहीं लगना. चाहिए इंटेंशन नहीं देखनी चाहिए फायदा. लेने वाली तो ऐसे ना हर बिजनेस में जो. आपका कस्टमर है अगर आपका जैसा बिजनेस है. तो कस्टमर की उसको ये लगना नहीं चाहिए. क्या आप सिर्फ ये कम अपने फायदे लेने के. लिए कर रहे हो तो कभी नहीं चलेगा आप अपने. शिद्दत से जैसे आप उसके साथ घूमते रहे. आपने उसकी केयर की सब कुछ किया अच्छा उसको. लगने लगा क्या हान ये मेरे बारे में अच्छा. सोचता है तो वो कोई भी कीमत देगी वही सिम. हमारे वाले में भी है की आप बच्चों को.
सीधा से फ्री पड़ा हो यूट्यूब पे आप पुरी. एनर्जी लगाओ ये मत सोचो की यूट्यूब है जो. डेमो क्लास है की मैंने दे दी एक तो ऐसा. नहीं होगा की आप एक दिन अच्छे रहोगे आप तो. अपना कम करते रहो ईमानदारी से कहीं ना. कहीं से वो पेबैक होगा जैसे मैं ने अगर. अगर मैं अपनी बात करूं की मैंने पैसा कैसे. कमाया तो मैंने ऐसा नहीं की बहुत पढ़ने का. पैसा कमाया इतना पढ़ने का पैसा कोई नहीं. देता है मैंने भी तो ब्रांड नहीं का कमाया. की अपने आप को ऐसा बना लिया की मेरी बात. कर रहा हूं वहां लोग यह सोचकर जोड़ते हैं. की यार मैं वहां तो सब कुछ अच्छा होगा. मैंने उसे क्रेडिबिलिटी का पैसा लिया.
[संगीत]. जवाब बहुत दिनों तक लगातार अच्छा करो एक. दिन में नहीं बनेंगे ये चीज. इस पूरे इसमें. गवर्नमेंट जॉब की बात क्वेश्चन करते हो आप. बताते हो की आपने जो गवर्नमेंट जॉब में द. तब आपने ये नोटिस किया और काफी बार मतलब. ऐसे बीच में गवर्नमेंट जॉब गवर्नमेंट. निकलता है और मेरे को एक सवाल था की. ऐसा लगता है की आज भी मतलब इंडिया बहुत. अपसेट है की गवर्नमेंट जॉब रखना चाहिए.
यहां एटलिस्ट गवर्नमेंट नहीं तो अथॉरिटी. की जो आपका बहुत ही आईएएस बानो आईपीएस. बानो ऐसा क्योंकि इंडिया आज भी ऐसा क्यों. लगता है क्योंकि आपके घर में भी लोग यही. चाहते द बन्ना तो आज तक. गवर्नमेंट जॉब मैं बताता हूं की बहुत आसान. है एक तो लेना बाकी चीजों की तो कंपैरिजन. आईपीएस आईएएस की बात कहा नहीं मैं वही का. रहा हूं की आप एक एंटरप्रेन्योर बन रहे हो. और सफल एंटरप्रेन्योर बनोगे आज हम लोगों. को देख लेते हैं यार उसने बड़ी कंपनी बना. दी तो लोगों को नहीं पता की ये एक परसेंट. भी नहीं है लाखों कंपनियों ऐसी हैं जो. बांके खत्म हो गया आपको पता नहीं चला तो.
यहां पर फिर भी ये इंटर करना बनने के लिए. आज कितनी कंपनियों के बारे में हम जानते. हैं 101 तो कली यूनिकॉर्न है और आईएएस तो. हर साल 800 बनते हैं हजार बनते हैं फिर भी. बहुत ज्यादा है ना तो मुझे ये चीज पहले. समझ में ए गई थी जो आपने थोड़ी वाली बात. की थी पावर की जरूरत तो तभी ये सब कुछ गलत. करना हो वर्ण सब कुछ पाने के लिए प्यारी. ही काफी है तो पावर से तो कुछ ऐसे नहीं है. की पावर से आप कुछ भी कर लोग वह गलत करने. के लिए पावर का इस्तेमाल होता है. की आप कुछ भी गलत कर लोग आपके भाई ने किसी. को पीट दिया आप इसके खिलाफ फिर नहीं होगी. तो ऐसा होने वाला नहीं क्योंकि मीडिया है.
सोशल मीडिया बहुत कुछ ए गया है तो वो वाली. पावर की बात नहीं है. है तो गवर्नमेंट जॉब लेने की वजह. किसान है और वह देखते हैं लगातार तहसील. में जाते हैं तो तहसीलदार को देखते हैं की. यार इसके हाथ में बड़ी पावर है जाते हैं. दरोगा को देखते हैं तो वहां से वो चीज आती. है और दूसरी चीज जो मैं कहूंगा की और. ऑप्शन क्या है किसी के मां-बाप के पास ना. कोई जमीन है वो किसी दूसरे की खेती पर. किसान कर रहे हैं तो उनके पास और कोई. ऑप्शन नहीं है वो ये सोचते हैं की अगर मैं. 1 लाख लेके किसी से उधर अपने बेटे को 10.
महीने तैयारी कर देता हूं और ये सरकारी. नौकरी लग जाता है तो सब कुछ ठीक हो जाएगा. तो वह वाली चीज है की ऑप्शन नहीं है इंटर. पिन और आज ₹1 लाख से नहीं बन सकता रिस्क. फैल होने का बहुत है यहां तो यह की जो 1. लाख लग रहा है वो जॉब के लिए नहीं लग रहा. है इसे सीखने पे लग रहा है कुछ और और भी. नई चीज सिख जाएगा इसको एक्स्पोज़र भी. मिलेगा कोचिंग करने से पढ़ने से बहुत कुछ. सीखने को मिलता है चाहे वो इस की तैयारी. हो या किसी भी गवर्नमेंट जॉब तैयारी कर. रहे हो बहुत कुछ सीखने को मिलता है तो आज. ये कहना बड़ा आसान है लोग यह का देते हैं. की अरे यार क्यों सरकारी नौकरी के पीछे पद. रहे हो एक मैंने देखा था कोई चाय बनाते.
हैं वो करेगी क्यों सरकारी नौकरी के पीछे. पद रहे हो करते हैं तो एंटरप्रेन्योर बन. गया. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं. रात-रात में पढ़ रहे हैं तो आपकी चाय कौन. खरीदेगा मुखर्जी नगर या दिल्ली में सारे. चाय के स्टॉल चल इसलिए नहीं की लोग सरकारी. नौकरी की तैयारी कर रहे हैं आप चाहते हो. की वो भी छोड़कर जाएगा ठेला खोल लें तो. फिर क्या किसको चाय bechoge चाय बेचने की. तो हालत नहीं कम नहीं कर सकता की मैंने ये. का दिया की यार तुम टीचर बानो मैं ये कहता. हूं की सरकारी नौकरी पहली सीधी है जीवन.
में कुछ भी आगे करने की मैंने भी वही सीडी. ली ये कॉन्फिडेंस जरूरी है आपका समाज आपके. परिवार आपके घर वाले आपके ट्रस्ट कैसे. करेंगे की आप कुछ कर सकते हो तो वो. बेसिकली टेस्ट है यू कैन डू एनीथिंग जैसे. एजुकेशन की बात करें तो एजुकेशन में बहुत. सवाल है इंडिया को लेके मैं बहुत सोचता. रहता हूं मैं कोई टीचर एक एक और मतलब. टेक्निकल. लोग कहने लगे या मैं सोचने लगा मैं तो. सोचा नहीं कभी की आपके पास पैसा ए गया तो. आप इंटर पिन और बट मैंने ऐसा कोई टारगेट.
नहीं किया की मुझे बिजनेस करना है की. बिजनेस पे आप सोच रहे हो क्या हुआ जैसे आज. लोग करते हैं और यार उनका ऐसे जा रहा है. उनका ग्राफ ऐसे जा रहा आप ग्राफ देख रहे. हो आप एक क्लिक रेट्स देख रहे हो मा युवा. बहुत सारी चीज मैं ये सब नहीं देखता तो. इसका मतलब मैं ये मानता हूं की मैं ऐसा. नहीं की मैं बिजनेसमैन बट बिजनेस मैन वाली. मेरी सोच नहीं है मैं बिजनेस और चीजों में. कर सकता हूं और कर भी रहा हूं तो मुझे. एजुकेशन में नहीं लगता मुझे लगता है की. गुड टीचर कैन नेवर भी ये बिजनेस में और ये. बिजनेसमैन के नेवर भी है गुड टीचर क्योंकि.
बिजनेस में तो इमोशंस नहीं होते कहते हैं. ना लोग बिजनेस में इमोशंस नहीं होते घोड़ा. घास के बिना थोड़ी रह लेगा कुछ ऐसा डायलॉग. है ना की बिजनेस मतलब घोड़ा घास से दोस्ती. करेगा तो खाएगा क्या ये है ना बिजनेस में. लेकिन एजुकेशन में नहीं है यहां तो एक. बच्चे मैं फीस नहीं पेश कर सकता और मुझे. पढ़ना है फिर कई बार तो बच्चे ऐसे. दूसरे की ऐप का कोर्स चाहिए आप मेरे को. इतने पैसे की मदद कर दो अब जैसे मैं जिस. एग्जाम के लिए नहीं पढ़ा रहा बच्चे कहते. हैं की सर इसकी किताब मेरे इस एड्रेस पर. भेज दो. है तो वह जो यूट्यूब से पैसा ए गया यहां.
से ए गया तो हमने एक अपना बजट बनाया हुआ. है की इतना हम बच्चों की भलाई में लगा. देंगे बहुत उसमें कवर हो जाते ऑलमोस्ट. सारे बच्चे कई डिमांड अलग होती है मैं. बीटेक फर्स्ट ईयर में पद्धति हूं मेरे को. आईफोन चाहिए स्ट्रॉबेरी बनाऊंगी फिर जैसे. मेरे पैसे आने लगेंगे मैं आपको वापस कर. दूंगा तो हम उनको बता देंगे की आपकी फॉल्स. है हमसे इसी को कॉल सेक्स प्रैक्टिस करते. हैं. एक्चुअली मतलब बहुत लोग बोलते हैं की. बिजनेस है मोशन नहीं होते हैं पर मुझे. लगता है बेस्ट बिज़नेस इमोशंस के साथ ही. बनते हैं. जो नहीं बना रहे वो फुल हो रहा है.
बिजनेस में आप टेक्निकल अगर आप ये देखो तो. आप इसको कस्टमर इस किंग जो होता है वो यही. तो होता है की कस्टमर केयर जा रहे हो करें. जा रहे हो तो आप जिसको फीस दे रहे हो फ्री. दे रहे हो कस्टमर हेल्पिंग की जिस दिन वो. कस्टमर बड़ा बनेगा अपना आप दे देगा आपको. पैसे आपको टेंशन लेने तो ये सबसे कमल की. चीज ये लगती है जो मैंने अपनी लाइफ में जो. भी मेरे साथ जाता है वो यही सिखाता सबको. लगता है मैं कई बार टीचरों के साथ सफर में. जिस एयरपोर्ट पे भी जाता हूं बाहर चेक. करने वाला बांदा है है वह सब मुझे जानते.
हैं क्योंकि वह सब वही लोग हैं जो इस. एग्जाम के लिए हमने पढ़ा है और वहां के. सिलेक्ट हुए तो बड़ा अच्छा लगता है जीएसटी. में हम जाते हैं इनकम टैक्स में जाते हैं. की वह हमारे पड़े हुए बच्चे हैं एक अलग. लेवल का सम्मान मिलता है मैं मतलब. कैसे-कैसे इंसीडेंस हो जाते हैं की कोई. गलती से रेड लाइट क्रॉस हुई और मैं देख. रहा हूं वहां तीन-चार पुलिस वाले आए मेरे. को रोकने के लिए और फिर एक आगे सीधे सलूट. मार रहा है अरे सर आपकी वजह से यहां खड़ा. हूं चाय कॉफ़ी लस्सी क्या लोग एक अलग फुल. आती है. मुझे आउट ऑफ टॉपिक की एजुकेशन के ऊपर एकदम.
से मुझे ध्यान आया नॉर्थ अगर आप देखो. नॉर्थ इंडिया साउथ इंडिया में एजुकेशन का. स्टेट ऑलमोस्ट से है बट तिल साउथ इंडियन. ज्यादा एजुकेटेड है नॉर्थ इंडियन है तो. ऐसा क्या रीजन आपको क्यों लगता है की साउथ. इंडियन स्टेटस के जो लोग हैं वो ज्यादा. एजुकेशन क्योंकि फोकस करते हैं नॉर्थ. इंडिया से रीजन यार नो मतलब नॉर्थ इंडिया. में थोड़ा सा क्या है जैसे आप भी दिल्ली. नॉर्थ इंडिया में मतलब बहुत ज्यादा. dikhavatipan बहुत ज्यादा है वह हम मुंबई. में आते हैं बेंगलुरु जाते हैं चेन्नई.
जाता हूं कोयंबटूर अभी गया मैं इस. फाउंडेशन में. सौंफ नहीं है बहुत नॉर्मल है लोग मतलब जिस. चीज को भी टारगेट कर रहे हैं यहां पे क्या. आएगी कई बार लोग सौफ के चलते दिखा ज्यादा. जाते हैं और हो नहीं पता मैं यही बात. लोगों को भी कहता हूं की आप दिखा दो. ज्यादा आप बड़ी-बड़ी बातें बोल दो मैं बोल. रहा था यार एक दिन हमें भी लोग सुनेंगे. ऐसा होगा वैसा होगा वो बात है सच हो. जाएंगे लेकिन आपको अपनी ईमानदारी पता होना. जरूरी है हम धोखा वहां खा जाते हैं वहां. लॉस कर जाते हैं जब हम. यह खुद को भी उसी चीज में दल लेते हैं.
जैसे मेरे मैं एक एग्जांपल देता हूं की. मैं मॉक टेस्ट देता हूं रोज एक पेपर लगता. हूं 110 नंबर आते हैं लेकिन मैं लोगों को. बता रहा हूं मैं तो 1508 ठीक है लोग और. याद तू तो बड़ा इंटेलिजेंट है लड़कियां भी. इंप्रेस हो रही है लेकिन मैं इतना ज्यादा. बताने लग रहा हूं की मेरे दिमाग में भी. छाप गया की मेरे तो 150 सवाल है तो मैं. सफल नहीं हो पाऊंगा मेरे को पता होना. चाहिए की मेरे भी 110 सारे बट मेरे पे. प्रेशर है की लोगों को 150 बता दिए वहां. तक पहुंचना है तो मैं उसे प्रेशर को फुल. करता हूं की मैंने लोगों को चार बातें. ज्यादा बता दी तो मैं 6 महीने के अंदर ये. चीज अब अचीव कर लूंगा.
जब रात को सो बैठ को तो यह सोचना चाहिए की. आज मैंने पूरे दिन क्या किया इसका क्या. आउटपुट आएगा जैसे मैंने अभी एक एग्जांपल. जो दिया की अपने डिसीजन को रिवर्स करने की. भी हम नहीं सोच पाते यह भी एक बहुत गलत है. चाहे हम रिलेशनशिप में कहीं भी हैं हमें. लगता है की यार अब तो चलो यार अब हम छह. साल से आते हैं आप कैसे अलग हो सकते हैं. अगर आपको लगता है की किसी मोमेंट पर आप. गलत रास्ते पर चल रहे द बहुत दिनों से तो. अब लाइफ में यू टर्न लेने का वक्त ए गया. यू टर्न जवाब सोचोगे तब नहीं मिलेगा तब.
थोड़ी चलकर आना पड़ेगा और रोंग चलना पड़ता. है यू टर्न के लिए लेकिन यू टर्न लेना. चाहिए अगर आपको लगता है की लाइफ में आप. गलत दिशा में जा रहे हो तो बहुत जरूरी है. जैसे अभी मैं कोई एंबीटर गया ये सब. फाउंडेशन वाले ने हमें बुलाया है मेरे को. वहां जाके लगा की ये मेरे लिए नहीं है मैं. शायद गलत जगह ए गया हूं यहां वो लोग. ज्यादा हैं जिनको लाइफ में गोल से भटक. चुके हैं ऐसा कुछ है तो मैंने अगली रात को. मेरी फ्लाइट थी मैंने उसी वक्त डिसाइड. किया की मैं अभी एक घंटे में यहां से चला. जाऊंगा वहां पे लोग मेरे को क्या कहने लगे. और भी इनफ्लुएंसर के साथ वो सब मुझे बोले.
अरे सर अब तो आए हैं तो रुक जाते हैं कल. की फ्लाइट तो है ही मैंने बोला नहीं देखो. आने के बाद अगर मुझे पता चल गया की मेरा. डिसीजन गलत है तो मैं इसे तुरंत चेंज. करूंगा ऐसा नहीं की मैं इसके लिए कल तक. वेट करूंगा मेरा भी समय महत्वपूर्ण है और. भी चीज मेरा मैन लग रहा है नहीं लग रहा है. ये भी महत्वपूर्ण है मैं दिन की एक सेकंड. भी ऐसे नहीं बताना चाहता की रिग्रेट में. यार गलत ए गया तो हमें डिसीजन बदलने की भी. रिवर्स करने की हिम्मत होनी चाहिए की हमें. बदलना है अगर कोई गलत डिसीजन है हम धोते. रहते हैं चाहे वो बिजनेस हो मुझे पता है. ये मैं बिजनेस में गलत ए गया ये मेरा सही. रास्ता नहीं है एक दूसरी चीज और जो आपने.
पूछी थी की और एक चीज क्या सीखनी चाहिए. लोगों को एक की आज हर कोई कहता है की. पेशेंस रखो सफलता मिलेगी. आजकल लोग क्या करेंगे किसी का अपना ब्लॉग. चैनल बना लिया और लगातार वीडियो दल रहे. हैं 60 व्यू बारे में 50वीं बार है वो का. रहे हैं पेशेंस रखो हो जाएगा नहीं. आपको लोगों ने अप्रिशिएट कितना किया जो आप. कम कर रहे हो आज हर कोई कॉपी करके अगर ये. सोचता है ना की वहां तक पहुंच जाएगा. दुनिया आज जितने भी ब्लॉगर हैं जितने भी. बड़े ब्लॉगर बने हैं उन्होंने कुछ और कम. भी किया है साथ में लोगों ने उसे चीज से. उनको जाना पहले फिर वो ब्लॉगिंग करने लगे.
जब आपका नाम हो गया तो जनता चाहती है आपके. पर्सनल लाइफ में घुसना. लेकिन आप सीधे सोचो की आप कुछ नहीं और आप. अपनी पर्सनल लाइफ में लोगों घुसाओ के लोग. इंटरेस्ट लेंगे तो गलत है कोई भी नहीं. लेगा तो पेशेंस भी वहां रखो जब आपको लगे. की हान आपको हल्का-हल्का अप्रिशिएसन मिल. रहा है लोग पसंद कर रहे हैं तब तो पेशेंस. रखना है अब आप जाना आपको आगरा था आप. चंडीगढ़ वाले रास्ते पे हो और अगर पेशेंस. रखो आगरा तो ए जाएगा तो पेशेंस भी सही. दिशा में चल रहे हो तो रखने से सफलता. मिलेगी ना की आप देसाई आपकी गलत है और आप. पेशेंस रख रहे हो तो पेशेंस भी फॉल्स है.
की ट्रू है ये देखना जरूरी है आज हर चीज. पेशेंस से नहीं होती की मैंने धैर्य रखा. और अब मुझे सब कुछ मिल रहा है. इसका एक छोटा सा चीज है जो मेरे को लगता. है जो मैंने यूट्यूब में देखा है अराउंड. डी वर्ल्ड की लोगों को ब्लॉक करना होता है. तो ब्लॉग मतलब होता है पर्सनैलिटी बेस्ड. कंटेंट रिलेशनशिप बेस कंटेंट की मेरा मेरी. ऑडियंस इतना तगड़ा रिश्ता हो जाएगी वो हर. चीज जानना चाहते हैं मेरी लाइफ में क्या. हो रहा है आई थिंक फेस तू है और लोग इसको. फेस वैन बना देते हैं.
क्या वो सीखते क्या हो क्यों तो आपके लोग. बात सुने तो टॉपिक बेस पहला आई थिंक फेज. वैन होता है टॉपिक बेस्ड कंटेंट जहां पे. आप लोगों को सिखा रही हो की यार चलो मैं. मैथ्स टीचर हूं मैंने मैथ्स की इतनी. तैयारी कर राखी की मैं उसको आसानी से आपको. समझा सकता हूं तो इसलिए लोग सीखने ए रहे. हैं आपसे वो एक लेवल तक सिख गए अब लोगों. को इंटरेस्ट से क्या यार ये मैच टीचर तो द. अब मैथ्स टीचर के अलावा और क्या-क्या करते. हैं मुझे देखना है अब ये सर अगर दुबई जा. रहा है तो मुझे देखना है ये सरिशा. फाउंडेशन जा रहे हैं तो मुझे देखना है. इसमें लेकिन अगर आपने वो एस्टेब्लिश ही.
नहीं किया तो फेस तू में लोग लाइक आज आपकी. लाइफ में बहुत लोग इंटरेस्टेड होंगे सो. ऐसे लव की बात जो कर रहे हो आप हमको लगता. है की स्टूडेंट स्टूडेंट्स जो है यहां जो. यंग लोग हैं अभी जो अपने अपने वो पिक टाइम. पे जहां पे मेहनत हासिल कैरियर बनाने का. टाइम है इस टाइम पे लव डिस्ट्रक्ट करता है. करना चाहिए नहीं करना चाहिए अब ये सोचने. की बात नहीं है मैंने कहा ना की लाइफ इसे. स्लो लव इसे स्लो ये स्लो है हो गया तो. ठीक है बट ऐसा नहीं की इसको एक्स्ट्रा. एफर्ट लगा के करो डिस्ट्रक्शन तो है इसे. है लेकिन यह अब हर चीज के पास कौन सा है.
जब डिस्ट्रक्शन है तो जो बंदे दिमाग वाले. होते हैं हम जैसे की हम सारी चीज मैनेज. करते द लंबी कर रहे हैं पढ़ भी कर रहे हैं. तो इससे मैनेजमेंट स्किल बहुत अच्छी हो. मैनेज करना बहुत अच्छा ए गया की बट. डिस्ट्रिक्ट संत होता है. क्योंकि एक टाइम मैं यह मानता हूं की. प्रेम एक अति है. अति मतलब एक्सट्रीम वाली चीज है और. एक्सट्रीम कोई भी चीज परमानेंट रहती नहीं. है. क्योंकि यह वाली चीज है की एक बिल्डिंग है. और उसके दो पिलर हैं अब अति ज्यादा करोगे.
तो वो करीब आते जाएंगे करीब आते जाएंगे और. पिलर अगर करीब ए गए तो बिल्डिंग का घर. जाना है या तो आप वह दूरी मेंटेन रख पाए. यानी आपने उसकी. जो फ्रीडम है और उसने आपकी जो फ्रीडम है. वह छोड़ी हुई है आप दोनों के बीच में एक. फिक्स डिस्टेंस है तब तक तो वह चलेगा जहां. करीब इतने ज्यादा ए गए अति हो गई और बिना. अति के खत्म होता नहीं तो मतलब मैं यह. मानता हूं की प्यार अंतिम नहीं है या शादी. इसका डेस्टिनेशन नहीं है प्यार एक अलग चीज.
है. मैं उसके बारे में का रहा हूं प्रेम तो. सबसे करना चाहिए. की मैं पता नहीं मेरे से पास इतने सारे. थॉट्स ए जाते हैं. इंट्रोडक्शन दूंगा.
सॉल्यूशन इफेक्टिव होगा तो मेरा बोलने का. भी वैसे ही इस तरीके. से सीखना चाहिए लाइफ में तो ऐसा क्या आपने. नोटिस किया है इंडियन जनता के बारे में या. इंडियन स्टूडेंट्स के बारे में जो आपको. लगता है इस तरीके से अगर कहानी बताते हैं. ना तो अटैक करती है लोग दिमाग में रह जाती. है कोई पैटर्न है कोई पूछे मैंने खुद भी.
अपनी लाइफ से जैसे सिखा जैसे आज मैं जब भी. मुझे दुख होता है किसी बात का तो मैं अपनी. लाइफ की उन इंसीडेंस पे चला जाता हूं जहां. पे मेरे को से ऐसे दुख हुआ था मैं सोचता. हूं यार मैं वहां से निकाला था ना थोड़ा. सा टाइम लगा था तो अब मुझे फिक्स पता है. तो मैं अपनी लाइफ से ऐसे इंस्पिरेशन लेकर. मैंने ये चीज सीखी है यही मैं बच्चों को. भी कहता हूं की मोटिवेशन बहुत देर तक कम. नहीं करेगा बट इंस्पिरेशन जो हम सीखते हैं. जैसे की पहला ब्रेकअप बहुत दुखदाई होता है. ना दूसरा नहीं होता क्योंकि हमें पता चल. जाएगा होता है की पहले के बाद ऐसी फीलिंग. आई थी हम बहुत रो द की आप सब कुछ खत्म हो. गया लाइफ में लेकिन फिर से लाइव शुरू हुई. एक वक्त आया की हम फिर खुश रहने लगे तो वो.
दूसरे वाले में हमें ये चीज पता चल चुकी. होती है. है तो हम अपनी लाइफ से ऐसे सीखते हैं मैं. बच्चों के जीवन से जैसे मैंने आपको बताया. की मैं सबसे बात करता हूं आपसे आई हूं अभी. तो आपसे भी इतनी सारी बातें हैं की बहुत. कुछ सिख लिया बहुत कुछ पता कर लिया तो वो. चीज मुझे याद रह जाती है बस मेरे साथ क्या. है की सब कुछ दिमाग में फीड होता रहता है. क्योंकि मैंने फालतू का कचरा कुछ फीड कर. नहीं रखा है तो अच्छी-अच्छी चीज जल्दी से. हो जाती है की मैं कोई रियल देख रहा हूं. बहुत मुझे मतलब बिल्कुल चस्का नहीं है. जैसे मेरे बगल में बैठ के भी कोई डील्स. देख रहा है तो मुझे इंटरेस्ट नहीं है. क्योंकि आदत ही है ना और मैंने खराब है.
पाली नहीं जैसे मुझे पता है मैं कहता हूं. की मैंने जीवन में सब कुछ किया है खूब. इंजॉय किया लाइफ में बट मैंने शराब कभी. नहीं पी नहीं मैंने सर. तो वही है की मैंने शराब सिक्योरिटी कभी. नहीं पी क्योंकि मुझे लगता है जिंदगी अपने. आप में एक नशा है लड़खड़ा के जीने में. क्या मजा है मुझे जरूरत नहीं महसूस हुई. लेकिन आजकल पता लोग क्या है की ये शौक. पहले पालना शुरू कर देते हैं मैं आज की ईद. को देखता हूं की वो पहले ये शौक का लेंगे. ताकि उनको बड़ा आदमी बन्ना है बड़े आदमी. जैसी फीलिंग लेनी है. उनको लगता है की सर इसी चीज से हम बड़ा. बनेंगे ऐसा बिल्कुल नहीं देखिए.
टेस्ट वर्दी नहीं रही आप अपने होशो हवस. में रहते हुए कुछ कहे कोर्ट भी ये कहती है. की कोई अगर आपने बयान दिया वो आपने दिया. था रहने यानी वही सत्य है तो उसे फेस की. जब कोई वैल्यू नहीं है आपके कहे हुए. शब्दों की कोई वैल्यू नहीं है तो उसे फेज. में जाना क्यों जब वो फिश ट्रस्टेबल नहीं. आपके अकॉर्डिंग. में पड़े हुए द. तो उसका कोई सेंस नहीं जीवन में. मुझे मैं गलत भी नहीं मानता.
मेरे दोस्त हैं ऐसे कोई ऐसा है नहीं मेरे. साथ क्या करें मैं तो लोग कहते की यार शाम. को चलो पंगे यार साथ बैठ के बात करेंगे तो. मैं उसे वक्त भी नानी क्या था मैं उसे. वक्त भी ठीक है यार चलो. एक्जेक्टली मतलब मुझे मैं गलत भी नहीं आता. एक बात बोलेगी बड़ा लोगों को लगता है ऐसे. बड़ा आदमी बनता तो ठीक है तू गलत है आपको. क्या लगता है की बड़ा आदमी लोग कैसे बनते. हैं. हम बड़ा आदमी के साथ अपने कम जिसमें आपकी.
रुचि है अगर आप वही ईमानदारी से करते हो. और सदस्य कंसिस्टेंट आप एफर्ट लगाते रहते. हो आज लोग सबसे बड़ी प्रॉब्लम है की. कंसिस्टेंट नहीं रह पाते कुछ भी करने की. सोचने क्योंकि उनकी इच्छा शक्ति बार-बार. मैन बदलता रहता है अभी ये कर लेते हैं अभी. वो कर लेते हैं लाइक कोई जिम भी जाता है. तो वो कंसिस्टेंट नहीं रह पता कंसिस्टेंसी. में तो मैंने एक चीज देखी है की अगर आपको. करना है. तो आपने अगर कोई कम की थानी है लाइक अपने. जिम जाने की भी थानी है तो आपका अगर किसी. दिन मैन भी नहीं है क्योंकि ये सब कुछ. दिमाग से है की हमारे दिमाग कितनी.
स्ट्रांग बेल पावर रखता है मैन लेते हैं. मैं 10 दिन जिम गया अगर तो मैं 11वें दिन. सिर्फ इसलिए जाता हूं क्योंकि जिम में भी. आसान चीज नहीं आपको जाकर खाना है वो भी. पैसे दे के तो मुश्किल कम तो है लेकिन. 11वें दिन आप सिर्फ इसलिए जाओगे क्योंकि. आपको लगता है की रिदम नहीं तोड़ता 10 दिन. जा चुका. आप गलती क्या करते हो आप 11वे दिन नहीं. जाओगे फिर आपको आदत पद जाती है फिर आप. क्या वो रिदम तो टूट गया जो 10 दिन का एक. प्रेशर था वो खत्म हो चुका है अब आप 12 भी. 13वें दिन जाओगे फिर आप चौड़ाई भी दिन. छुट्टी कर लो क्योंकि अब वो एकदम टूट गया. वो वाला एक फीलिंग नहीं है की मैं इतने.
दिन से लगातार कर रहा हूं तो मैं ये कहता. हूं यहां पे की अगर आप 10 दिन गए और 11वें. दिन आपके पास टाइम नहीं है तो आप 20 मिनट. के लिए चले जाओ 10 मिनट के लिए चले जाओ. किसी भी कम को छोड़ो मत आज लोग जैसे कोई. स्ट्रेस हो गया कोई परेशानी हो गई जैसे. मैं दो-तीन दिनों से काफी स्ट्रेस में. अगर मेरी जगह कोई और होता तो यह पॉडकास्ट. वह बोलता है की यार मैं भी नहीं कर का रहा. क्योंकि मेरा दिमाग ठीक नहीं है लेकिन. मैंने अपनी जीवन में कभी भी कम नहीं छोड़ा. मुझे ऐसा लगता है कम करते रहो चाहे. स्ट्रेस है क्योंकि वजह तो बदलती रहेंगी.
और कुछ ना कुछ प्रॉब्लम्स हमेशा रहेंगे. किसी भी चीज के लिए बहाना देने से बात. बनेगी नहीं आज यह बहाना है कल कोई दूसरा. बहाना होगा. है तो इससे अच्छा है की जब जो कम है उसको. उसी वक्त कर लिया जाए खत्म कर लिया जाए. क्योंकि इससे फिर और प्रेशर बनता है अभी. इससे एक मेरा थ्रेड है जो लास्ट दो तीन. क्वेश्चन की तरफ लेके जाते हैं मुझे की. आई थिंक इंडिया में ना अभी सबसे ज्यादा. पहुंचने से. पूरे वर्ल्ड में हम हमारे देश से ज्यादा. पूरे वर्ल्ड में कहीं पहुंच नहीं आते दिस.
पॉइंट बहुत पहले आप बाद में मुझे नहीं पता. आज की तारीख में अगले 10 सालों के लिए हम. टॉप लेवल पर और इस टाइम पर अगर हर किसी के. देख बहुत फेर चांस से बड़ा बनने का पहले. वो शहर से आता है गांव से आता है बहुत. पैसे वाला है नहीं पैसे वाला कुछ भी आज. बहुत पॉसिबिलिटीज है तो क्या लगता है आपको. इंडिया आगे कैसे बढ़ेगा इंडिया फास्ट कैसे. होगी अगर हम इतनी ऑपच्यरुनिटीज हैं तो हर. इंसान वो अपॉर्चुनिटी उसे कैसे कर सकता है. क्या करना चाहिए हमें की. हम हर किसी हेल्प करता है और देश को आगे. लेकर जाता है.
हान मतलब थोड़ा सा मेरे को मुश्किल से. सवाल हो गया यह बता पाना बट मैं कोशिश. करता हूं. जैसे एक तो आपने एजुकेशन वाली जो बात कही. की आज हम एजुकेशन पर तो आज यह हाल हो गया. की मैं देख रहा हूं शहर के बच्चे भी दसवीं. के बाद पढ़ छोड़ दी एक इंस्टाग्राम अकाउंट. बनाया उसे पर लिख दिया आई वांट वर्ल्ड. फेमस तो लोगों को यह भी समझना पड़ेगा की. पहले तो कम से आप फेमस हो सकते हो की आप. कम क्या करते हो और जो आपका कम है वो. दूसरों के कितने परसेंट ऑफ लोगों के लिए.
बेनिफिशियल है आप एक ऐसा कम कर रहे हो. जिससे आप एक या दो लोगों को फायदा पहुंचा. सकते हो तो आप आगे कैसे बढ़ोगे जैसे मैंने. जो सिखा था जो मेरे को पढ़ने वाला आया की. यूट्यूब पर पढ़ने से ये मैंने तो शाहरुख. खान. बड़ा आदमी कैसे बने क्योंकि उसने हर घर से. दो-दो चार पंच रुपए कमाए. ऐसे लोगों पर बटन भी नहीं पड़ा उसकी मूवी. हर घर में देखी जाती तो मैंने यही देख के. सिखा खैर मैंने उनकी कोई मूवी नहीं देखी. डीडीएलजे भी मैंने तो नहीं देखी मैंने. शोले भी नहीं देखी लाइफ में तो ऐसी चीज. हैं जो मतलब आप कितनी जगह से कितना.
छोटा-छोटा अमाउंट है जो आप अपने लिए बना. सकते हो अगर वह बहुत बड़ा आपको आदमी बन्ना. है लेकिन सबको मुझे नहीं लगता की बहुत लोग. ऐसे नहीं होते की जिनको बड़ा आदमी बन्ना. है आदमी सरकारी नौकरी है चाहता है की भाई. वो रिलैक्स करेगा उसको ज्यादा कम नहीं. करना ऐसे न्यूजीलैंड में भी ये लोग 6 घंटे. कम करते हैं तो दोनों चीज है जब आप बड़ा. आदमी बनने जाओगे तो वहां पर आप बहुत सारी. चीज खो गई भी सुकून भी बहुत खाएगा बहुत. स्ट्रगल भी लगेगा बहुत सारे लोग भी छूट. जाएंगे जिनको आपको ना कहना पड़ेगा अपने.
जीवन में आगे बढ़ाने के लिए तो सबके अपने. चॉइस है की क्या करना है क्या करना है. नहीं करना और बाकी जैसे अपॉर्चुनिटी हैं. तो मुझे ऐसा लगता है की लोग अब ऑनलाइन. इतना कुछ ए गया ऐसे खाने के लिए के लोग. वहां से सिख के कुछ भी जैसे हमने देखा की. मैं गणित पड़ता हूं या और लोग यहां से. जिनको लगता है की कुछ मेरे अंदर एक. डिफरेंट कला है तो आज इतना अच्छा है की आप. यूट्यूब पर दिखा सकते हो आप देखो कितने. सारे वीडियो वायरल हो जाते हैं जहां कुछ. भी नहीं होते लेकिन नई चीज होती है इसलिए. वो वायरल हो जाते हैं हम भी देखते हैं की. कुछ नया तो अगर आपके पास नया इसके लिए तो. आप उसे कर सकते हो अगर आपके पास कोई ऐसा. स्केल भी है की आप कोई कम जो कर रहे हैं. मैं जो कोई कम कर रहा हूं वो इसको भी नए.
तरीके से दिखा सकता है ऐसे भी बहुत सारे. लोग सफल हो रहे हैं बहुत सारे इन्होंने. मैच टीचर हैं जो बहुत अच्छा पढ़ा रहे हैं. बहुत अच्छा समझा रहे हैं तो वो भी चल रहा. है. तो ये बात करते हैं की जिसको बड़ा बन्ना. है तो यह बात बहुत सही बोली आपने की हर घर. से अब कितने घरों तक पहुंच सकते हो अगर आप. एक-दो लोग तो पहुंच रहे हो तो आप ज्यादा. बड़े आदमी नहीं बन पाओगे हान तो मतलब आपका. वो पहले से ही आपको ये टारगेट फोकस रखना. पड़ेगा जैसे मैं अगर अपना एग्जांपल लूं तो. मैं ये का सकता हूं की अगर जैसे मैं इस के. लिए मैथ्स पढ़ा था तो वहां पर तो 50 लोग. भी ऐसे नहीं होते जो ऑप्शनल मैथ्स से पेपर.
देते हैं और वो पटना कितना कठिन था बड़ी. चीज थी वो पटना तो वो मैंने नहीं चुना या. मैं आईएएस की मैं इसके लिए किताब लिख देता. तो ऑडियंस से 60 70. है तो हमें यह हमारी ऑडियंस कौन से नंबर. ऑफ ऑडियंस कितनी है ऑडियंस की क्वालिटी. क्या है ये सारी चीज भी डिपेंड करती हैं. और बड़ा आदमी बनने को टारगेट तो नहीं लिया. जा सकता मुझे जो आपने कही ना अभी इतनी देर. में मेरे को यही बात समझ आई है की यू कैन. नॉट टारगेट की यार मुझे बड़ा आदमी बन्ना. है बड़ा आदमी कोई ऐसे नहीं है की जगह है. और मेरे को वहां पहुंच जाना मैं इस रास्ते. पे चल रहा हूं आप कम करते रहोगे लगातार कम.
करते रहोगे अच्छा कम करोगे लोगों को. जोड़ते रहोगे जितने भी लोग आपने जोड़े हैं. वह सेटिस्फाइड हैं आपके साथ आप उनके साथ. कोई भी धोखा नहीं कर रहे हैं अपनी नजरों. में ईमानदारी से अगर आप अपना कम करते रहे. तो उसमें कोई दो राय नहीं है की और फिर. रेलीवेंस का गेम है ना की बड़ा आदमी कितना. बड़ा आदमी अब किसी के पास ₹100 और उसको ₹1. लाख मिल गए तो वो बड़ा आदमी है अगर वो. अपनी तुलना वाले से कर रहे हैं 1 करोड़. किसी को मिल गया वह लाख वाले से तुलना कर. रहा है उसके घर में सब लाख-लाख कमाते हुए. करोड़ कमाए तो वो बड़ा आदमी है तो बड़ा. आदमी अंदर की कोई डेफिनेशन तो है नहीं.
रिलायंस का गेम है की आप देख किस से रहे. हो मैं तुझे इतनी सारी चीज होती तो ऐसे. सोच के अपने मैन को समझा लेता हूं दुनिया. में कितना गम है मेरा गम कितना कम है और. आपका कम देखा तो मैं अपना गम भूल गया इसी. वीडियो भी कभी व्हाट्सएप के ग्रुप में ए. जाते हैं की कोई रोटी पानी में डुबो के खा. रहा है. तो ऐसा लगता है की अभी इतने सारे लोग हैं. जो उसे लेवल पर हैं और जिंदगी को जी रहे. हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं मैं तो रिक्शे. वाले ऑटो वाले से भी प्यार से बात करके. देखता हूं की यार वो भी उसका क्या आज का. ये क्या वो ₹600 कम के जाएगा अपने बच्चों.
के लिए अच्छा खाना देगा. तो यह सब चीज भी हैं बाकी मेहनत करते रहो. तो कहीं ना कहीं तो pahunchoge और जहां. पहुंच गए और आप अगर सेटिस्फाई हो तो आप. बड़े आदमी हो मुझे लगता है की. पर्सनली बड़ा आदमी बनने का सबसे. आसान भी और सबसे डिफिकल्ट भी एक तरीका है. वह सीखना और सीखना. सो आई थिंक वो इंपैक्ट वॉइस पैसे वॉइस हर. चीज में तुम्हें बहुत जल्दी हेल्प कर सकता. है तो एजुकेटर बन्ना है टीचर बन्ना सबसे.
बेस्ट तरीका है तुम्हें अगर लाइफ में. सक्सेसफुल अगर तुम्हें एक पढ़ते हो. क्योंकि एक ही तरीका जहां पर तुम बस. कांस्टेंटली कुछ भी चीज सिख लो कोई ना कोई. तो होगा दुनिया में जिसने वो नहीं सीखी. होगी तुम उसको सिखा दो जो तुम उसकी लाइफ. में इंपैक्ट भी कर रहे हो इंप्रूव भी करते. हो तुम पैसे भी कम लेते हो बिल्कुल तो आई. थिंक हर इंसान को ना अगर आप देखोगे तो. डिवेलप कंट्रीज जो है जो डिवेलप कंट्री की. डेफिनेशन है. और हर चीज के लिए टीचर होता है जैसे हमारी.
कंट्री अगर आप देखोगे टीचर्स सेलिब्रेट. किए जाते हैं बहुत स्पेसिफिक चीजों के लिए. की मैथ्स अगर टीचर है या आईएएस जो पढ़ा था. वो टीचर कोचिंग सेंटर उनको सेलिब्रेट किया. जाता है और अगर आप उस कंट्री देखोगे तो. वहां पे है ना सेलिब्रेट किया जाता है. स्मॉल स्मॉल जो आपने कभी सुनी भी नहीं. होगी फॉर एग्जांपल मैं भी उस में एक पढ़. रहा था वह सीखते हैं की अपने घर में फिश. जो लोग प्लेट हैं उसकी केयर कैसे करते हैं. मतलब ये मैंने कभी सोचा ही था की रेलीवेंट.
भी होने वाला है पर उसको देख के लोग अपने. घर में फिश पॉट ले आते हैं और उसको देख के. फिर उसकी केयर करना स्टार्ट करते हैं राइट. एक छोटी सी एक बांदा है जैसे खाता है की. अपने घर के बाहर जो गार्डन है खुद ही वो. बोलता है की आप बाहर से लोग mathayar करो. खुद ही अपना गार्डन साफ करो क्योंकि इससे. आपका स्ट्रेस रिलीफ होता है तो आप गार्डन. की टेक केयर कैसे करते हैं मुझे नहीं पता. की ऐसा होता है बट ये तो फैक्ट है पता है. आज मुझे भी ये मतलब रीजन मिल गया जैसे मैं. अभी कई बार सिर्फ अपने जूते साफ कर रहा. हूं या अपना रूम अच्छे से लगा रहा होता. हूं कपड़े एक लाइन में रखूंगा ये मेरी.
तो मुझे भी ऐसा लगता है की तो यह उस में. टीचिंग इसकी भी बहुत ज्यादा कदर होती है. जहां पे लोग ऑर्गेनाइजिंग सीखते हैं क्या. आप अपने घर को अपने कवर्ड को ऑर्गेनाइज. कैसे कर सकते हो राइट तो हर चीज की जरूरत. है यार मुझे नहीं पता था बहुत मजा आता है. इसमें मुझे तो अभी मैंने ये स्पीकर इस. कोने में रखा हुआ है अब मैं स्पीकर के. प्लेस वहां कर दूंगा तो इससे क्या है की. एक नया पैन बना रहता है मोबाइल के वॉलपेपर. चेंज करते रहो रिंगटोन चेंज करते रहो यह. भी छोटी-छोटी चीज बहुत छोटी है न्यूनेस. लेके आती है लेकिन ये हर चीज की टिप तो.
अगर आप उस अप में देखो. मुझे नहीं पता की इसको भी सीखना मतलब यह. एक अच्छी चीज है ये तो बताता हूं क्योंकि. आप अपने रूम को ऑर्गेनाइज्ड रखो जितना. आपकी चीजें ऑर्गेनाइज्ड होंगी दिमाग. ऑर्गेनाइज रहेगा इससे बहुत फर्क पड़ता है. आपने साफ कपड़े पहने हुए हैं. इन सब चीजों से बहुत ग्रूमिंग. ऑर्गेनाइजिंग यह सब की क्लासेस होती है तो. बाहर एंड सब के टीचर्स होते हैं तो आई. थिंक इंडिया में जब ये टीचर्स बनने लग. जाएंगे ना तब बहुत गेम बढ़ेगा और हर कोई. इसकी एंट्री इतना लो यार तुम मजा ए गया. मैं तो यह चीज सीखिए इस पर बनाते हैं.
जरूरी है. की. क्या मतलब जो टीचर्स है देखो टीचर्स जब. टीचर्स हीरो बनेंगे ना सोसाइटी में तब गेम. और बड़ा बनेगा क्योंकि हर किसी को टीचर. बन्ना होगा आज वह थोड़ा सा चेंज आया है. नहीं तो पहले तो बिल्कुल नहीं था किसी को. टीचर नहीं बन्ना था आज यह यूट्यूब की वजह. से खुद kempat के साथ जैसे टीचर्स के सब. लोगों को टीचर बनने की उम्मीद है यहां. मतलब एटलिस्ट एस्पिरेशन क्या ऐसा बन्ना है. ना टीचर को दृष्टि से देखा जा सकता है.
देखा जाता है की वो गरीबी रहेगा तो अच्छा. है ये बहुत बड़ी प्रॉब्लम है जूही चावला. की मूवी में कहती है की टीचर को सम्मान. कभी नहीं मिला क्या टीचर ने कभी किसी और. गेट किया किसी चीज को टीचर कभी आपने देखा. की बीएमडब्ल्यू से उतरा हो ऑडी से उतारो. एक बड़ा वायरल एक वीडियो का क्लिप है. जिसमें वो कहती है तो हमने उसे चीज को खैर. खत्म किया है ऐसा नहीं है टीचर बहुत है. लेकिन फिर भी बच्चों को कई बार ऐसे लगता. है की. हमको यह लगता है की यह आदमी मेरे पैसे से.
महान हो गया है पैसे के बारे में क्यों. सोच रहा है तो उसे वक्त हम यह सोचना भूल. जाते हैं की हम किस चीज के बारे में सोच. रहे हैं हम किस लिए सब कुछ कर रहे हैं. क्या आप पैसा नहीं कामना चाहते हैं आप. क्या सरकार को फ्री सेवाएं देना चाहते हो. आपके पास पैसा भी नहीं है तो आप हमसे मदद. ले लो जब आपके पास हो जाए तो दे देना या. मत भी देना बट अगर कोई पैसा कम रहा है तो. उसको गलत मत कहो की वो पैसा कम रहा है गलत. तरीके से कम रहा है तो गलत है लेकिन अगर. वो पैसा ले रहा है और उसे चीज को जस्टिफाई. कर रहा है तो ठीक है हम यह नहीं कहते की. सब बच्चे पैसा दे जिनके पास नहीं है वो.
फ्री है यूट्यूब से पड़े उनको फिर भी लगता. है की यूट्यूब पर बच्चों को डाउट रहता है. कुछ ही कैसे परसेंटेज होते हैं जो समझदार. होते हैं पढ़े लिखे हो तो समझ जाते हैं की. कोई डाउट नहीं यूट्यूब पे बहुत अच्छा चल. रहा है कुछ ऐसे तो इनको लगता है की शायद. पूरा नहीं होगा तो मुझे वही पढ़ना है और. मेरे पास पैसे भी नहीं है तो हम उनको भी. पटना चाहते. है तो यह क्योंकि हमें भी सिस्टम चलाने के. लिए. रिसोर्सेस की जरूरत पड़ेगी तो वह कैसे. आएंगे ऐसा क्या लगता है की ऐसी कौन-कौन सी. चीज है ऐसे कौन सी में भी टूल्स हैं ऐसा. माइंड सेट है क्या कर सकते हो आप जो आपके.
से बड़े टीचर्स बन पाए यह खुद अकेले. पॉसिबल है की कोलैबोरेट करना पड़ेगा लोगों. से मैंने मैंने खुद अकेले एक मोबाइल से. वीडियो बनाकर अपने सफर की शुरुआत की थी तो. उसे टाइम पे. कंटेंट एक बड़ी चीज थी आप उसे कैसे. रिप्रेजेंट कर रहे हो ये मायने नहीं रखता. था क्योंकि कंटेंट था ही नहीं अब समझ रहे. हैं 2017 में की कंटेंट है ही नहीं तो आप. कैसे भी पढ़ा रहे हो तो चल जा रहा है आपने. शादी वाली लिए राखी हुई है अब थोड़ा सा. दौर बदल गया की बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड. ए गया जिसमें भी एक कास्टिंग लगती है तो.
मैं तो यह कहूंगा की अगर आप आज भी आज से. भी शुरू करोगे तो भी कोई बड़ी बात नहीं है. मैं भी कितनी बार जीवन में आज से शुरू. करता हूं जब भी मुझे लगता है की यार आप. बहुत कुछ हो गया कुछ भी सही नहीं चल रहा. तो मैं ही मैन लेता हूं की मैं यहां खड़ा. हूं और जीरो से फिर से शुरू कर तो उसका एक. मजा दिखता है की पॉजिटिव दिखती है पहले. भले ही आप कितने बड़े द आप नीचे करके फिर. जीरो से शुरू करो तो अगर आप आज से भी शुरू. करते हो एक चीज मुझे लगता है की जैसे. ऑफलाइन वाले टीचर हैं वह थोड़ा स्ट्रगल कर. रहे हैं उनको नहीं है तो कुछ चीज उनको. थोड़ी सी सीखनी पड़ेगी जैसे की उनको कैमरा. फिर से इसे हम और आप आपसे बात करना तो.
ऑनलाइन में सबसे बड़ी चीज जो है वो है की. आप कितना कॉन्फिडेंट बात कर रहे हो ऐसा. लगना चाहिए की आप सामने वाले से ही बात कर. रहे हो. तो ऑडियंस को लगी की आप उसको पढ़ा रहे हो. उसको देख के पढ़ा यह मुझे सबसे बड़ी चीज. लगती है अब मैं खुद फुल करता हूं जिस दिन. मैं ऐसे पढ़ा रहा हूं तो बहुत सारे बच्चे. मेरे साथ लगातार जुड़े रहते हैं जब मेरा. दिमाग कहीं और है बस में उनकी तरफ देख भी. नहीं रहा कैमरे की तरफ भी हल्का देख रहा. हूं तो लोग नहीं होंगे ऑनलाइन में सबसे. जरूरी है की जब आप तभी वीडियो बनाओ जब. आपका दिमाग एकदम ठीक है ऐसा नहीं आज आपकी.
सुबह पत्नी से लड़ाई हुई है आपने वीडियो. में. पढ़ने से सिर्फ कम नहीं चलेगा आपको लोगों. को इंगेज भी कनेक्ट करना पड़ेगा उनसे वो. बात करनी पड़ेगी. सबसे जरूरी है की आपकी कैमरा फिर से आप. कैमरे में ऐसे बात कर का रहे हो जैसे आपके. सामने ऑडियंस मैं देखता हूं बहुत से टीचर. को मैं समझता भी हूं और आपको कंपलीटनेस. लानी पड़ेगी.
तो उसको शुरू करो इंट्रोडक्शन है उसके बीच. की जो थोड़ी है वह है उसके बाद कनक्लूड भी. करना पड़ेगा यह यूट्यूब पर पार्ट वैन. पार्ट तू वाला कॉन्सेप्ट नहीं चलेगा. एक कंप्लीट होल वीडियो बनाना आप जिसमें भी. दो कंपलीटनेस दो आज में भी लंबा पड़ा रहा. हूं तो इसीलिए पढ़ा रहा हूं की मुझे लगता. है की एक वीडियो मैंने आज शुरू की तो. जितने लोग आज मेरे साथ जुड़े उन्होंने वो. पूरा वीडियो देखा तो उनको वो चीज पुरी समझ. ए गई अब नेक्स्ट वीडियो में मैं जब कुछ. पढ़ाऊंगा तो नया शुरू करूंगा उसको फिर. वहीं पे कन्फ्यूट करूंगा और इस जर्नी में.
क्लास प्लस देसी ऐप्स यह कैसे हेल्प करती. है हान जैसे क्या है की आप टीचर है तो. टीचर तो टेक नहीं बना सकता और टैग के. पार्ट पर भी बहुत सारी दिक्कतें हैं की आप. टैग भी देखोगे आप क्या क्या देखोगे टीचर. तो सिर्फ पढ़ा सकता है तो इन ऐप्स का यह. है की यह जैसे आप किसी टीचर को देती की. आपको टेंशन नहीं आप पढ़ाओ. है और हम आपका टेक्निकल पार्ट जो भी है वह. ठीक कर रहे हैं आपको अगर कहीं लगता है की. कोई सुधार की जरूरत है तो आप हमें बताते. रहो की इस पॉइंट पे सुधार की जरूरत है. क्योंकि एजुकेशन के बारे में उनको नहीं.
पता वो तो हर तरीके की अब बना रहे हैं तो. आपने बताते रहो तो ये टैग का आपका शॉर्ट. हो जाता है जो आप सोचते हो की यार टैग है. या कल को आपको ऐसा लगता है की आपको कुछ. पैसों की जरूरत है एक सेटअप को चलाने के. लिए एक स्टार्टअप में स्टार्टिंग में. कास्टिंग आती है तो वहां पे. हेल्प हो जाती है आपकी और टेक मतलब विदाउट. टेक की आप कैसे pahunchoge लूंगा तक आपको. मॉक टेस्ट करने हैं बच्चों को पटना है. बच्चों को पीडीएफ देनी है वह यूट्यूब पर. पॉसिबल नहीं है तो सिर्फ एक वीडियो फीचर. है हो सकता है.
कनेक्टिविटी कैसे बनाओगे आप अपना एक. प्लेटफार्म कैसे बना कर रखोगे जहां पर. आपकी कम्युनिटी है की आपसे इतने सारे. बच्चे जुड़े हुए हैं वहां पर बच्चों को. फ्री कंटेंट दे रहे हो पेट कंटेंट दे रहे. हो सारी चीज. बनाने आपको लगता है टैक्स सपोर्ट जरूरी है. और वह अगर आप खुद बनाने जाओगे तो. प्रॉब्लम्स होती है तो इसलिए जो. एक्जिस्टिंग सॉल्यूशन से इसको उसे कर लो. 500 साल की जिंदगी नहीं है की मैं आज जाके.
अपना टैग बनाऊंगा 10 साल बाद फिर मैं पटना. शुरू करूंगा उसमें तो लोग छोड़ जाएंगे ना. आपको. तो इंस्टेंट चाहिए हाल सॉल्यूशन चाहिए मैं. तो ये मानता हूं की बहुत लंबी जिंदगी नहीं. मैं हर चीज के लिए कहता हूं की 500 साल के. लिए नहीं जी ने मेरा अपना कुछ नहीं है. संसार में मैं बस इस्तेमाल कर रहा हूं. चीजों को जो लोग मेरे साथ रहते द मैं उनको. भी कहता हूं की ये मत सोचो मुझे देख के. आपको भी हम डब्लू लेनी है ये आपको ऑडी. लेनी है आप भी बैठो एंजॉय लो मेरा भी अपना. कुछ नहीं है मैं तो बल्कि गाड़ी चलाने का. शौक है तो आप क्या ड्राइवर कम कर रहा हूं. आप भी एंजॉय लो लक्ष्मी भाग्य में कब तक. है कब तक नहीं इससे कोई मतलब नहीं है भोग.
में होनी चाहिए. अब मोदी जी को ही देख लीजिए ना उनके पास. कुछ पैसा नहीं है की मैं कोई पैसा नहीं. लेता मेरे अकाउंट में कुछ पैसा नहीं है. तुम बट लक्ष्मी. क्या करोगे मैं अपने अकाउंट वाले बहुत. सारे. दिखाएंगे बहुत गरीब हैं बिगाड़ से कपड़े. पहनेगी ये नहीं है मोदी जी की जगह की उसका.
चश्मा लगा लिया गुची का या वर्षा से का. चश्मा लगा लिया और बरबरी का स्टॉल दल लिया. वो ये नहीं सीखेंगे वो एकदम ऐसे चलेंगे. अकाउंट भर लेंगे उसके दूसरी सरकार आएगी. उनका सारा पैसा भी चला जाता फिर रोते रह. जाते हैं यार अब तो जिंदगी को जिलों कल का. पता नहीं क्या होगा जन्म से मारन तक सब. छूट जाना है जीत उसकी जो पहले छोड़ देगा. वो अब इंजॉय कर रहे हैं छोड़ दें. [हंसी]. मतलब जीते रहो आज आज मैं जीना चाहिए.
आपके लिए. वैन मोटीवेटिंग मैसेज है वैन डायलॉग जो. आपने लिखा है आपको लगता है की. थिंक थिंक अबाउट इट लॉट ओके अगर अपने. लास्ट डायलॉग. मेरे साथ बड़ी दूर तक गए और पाई ना जब. मुझमें में थकान तो वो खुद थक गए तो आपको. किसी भी लेवल पर हिम्मत नहीं हर नहीं है. परेशानियों समस्याएं हैं जीवन भर रहेंगे.
आपके साथ चलेंगे बस आपको थकना नहीं है. चलते रहना है वजह बदलेंगे आज लोगों को. लगता है की पैसा नहीं है शायद इसलिए उनके. घर में लड़ाई है क्लेश है समस्याएं ऐसा. नहीं है पैसा आने के बाद जो समस्या है. उनका तो समाधान भी नहीं है और पैसा आने के. बाद भी हर एक की जीवन में समस्याएं हैं वो. कभी खत्म नहीं होती वजह बदलती रहती है. इसलिए हर दिन को जी लेना चाहिए पैसा कम है. ज्यादा है फर्क नहीं पड़ता जीने के लिए. पैसे की जरूरत भी नहीं है चार दोस्त बैठे. हुए हैं और बातें हो रही हैं अलग सुकून है. है तो यहां आप गंगा के किनारे बैठे हैं और.
वह आपके साथ बैठे हैं और आप एक पत्थर मार. रहे हैं और वह जो हलचल हो रही है उसको फुल. करने का भी अपना अलग आनंद है बाकी मैंने. बहुत अच्छे लिखे की बदलता है फिर बदलेगा. सारा जहां अपना होगा इंतजार करना चाहिए. वक्त बदलता है जरूर बदलता है सबका बदलेगा. सबका बदलेगा ऑन डेट नोट थैंक यू सो मच. आपने टाइम स्पेंड किया काफी टाइम स्पेंड. किया. थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस एपिसोड जाने. से पहले प्लीज कमेंट करके हमें बताओ की. आपको एपिसोड कैसा लगा क्या आप चाहते हो की.
हम और ऐसी बहुत सारी इंडस्ट्रीज पकड़े हो. रही है की इंडस्ट्री के बारे में उनके. इंडस्ट्री लीडर से समझे की क्या करना. चाहिए इन इंडस्ट्रीज में आगे बढ़ाने के. लिए एंड इंडिया का स्टेट क्या है इस. पार्टिकुलर इंडस्ट्री में डी कमेंट एंड. प्लीज लाइक शेयर कमेंट एंड सब्सक्राइब ये. पूरे वीडियो बनाने में हमें बहुत मेहनत. लगती है और मैं प्लीज ये चाहता हूं की हर. कोई इसे सब्सक्राइब करें और किसी एक ऐसे. इंसान के साथ शेयर करें जिससे लाइफ में ये. सुनने के बाद बहुत हेल्प होगी थैंक यू सो.
मच अगर इंडिया को आगे बढ़ाना है तो ऐसी. कन्वरसेशंस हमें शेयर करनी पड़ेगी ऐसी. kaunsijasans हमें imbress करनी पड़ेगी और. अपना माइंड सेट चेंज करना पड़ेगा अंटील डी. नेक्स्ट एपिसोड कीपिंग आउट. [संगीत].
