Maha Kumbh Mela 2025: History, Politics, Revenue, CM Yogi & UP - Shantanu Gupta | FO308 Raj Shamani
क्यों एक स्टेट के चीफ मिनिस्टर इतना पैसा. खर्चा करते हैं इट्स हैपनिंग एट अ स्केल. कि हावर्ड के लोग इधर आ रहे हैं पढ़ाई. करने के लिए कि कुम मेला में होता क्या है. कितना पैसा पता है 15000 करोड़ इज स्पेंट. इन दिस महा को इट्स वाइल्ड इट्स वाइल्ड. प्रयाग एयरपोर्ट के दो टर्मिनल और बन गए. चार नए नेशनल हाईवे बन गए मतलब पहले 2. किलोमीटर में घाट था अभी 12 किलोमीटर में. घाट है तो 3000 करोड़ ही मेले पे खर्च हुआ. है टॉयलेट लगाने में व्यवस्थाएं लगाने में. टेंट लगाने में जो टेंपररी है बाकी सब तो. इंस्टॉलेशन परमट लग गया वो शेयर का. इंफ्रास्ट्रक्चर अब हो गया अब शेयर का. टूरिजम बढ़ जाएगा जो प्रोजेक्शन स्टेट के. लिए कितना रेवेन्यू क्रिएट करेगा ये दो से.
3 लाख करोड़ की इकॉनमी जनरेट करेगा 40. करोड़ लोग आएंगे इस साल वो एक ही जगह. नहाते हैं तो बहुत ज्यादा पोल्यूशन हाइजीन. का इशू ये सारे प्रॉब्लम्स नहीं आ है. इसमें भी पूरे प्यूरीफायर्स लगे हुए हैं. लार्ज लेवल हर एक एक किलोमीटर में नदी को. हम रिचार्ज करते हैं तो वो तो कोई दिक्कत. ही नहीं योगी आदित्यनाथ जी का जो कुंभ है. और एक जो अखिलेश यादव जी का कुंभ क्या. डिफरेंस है अखिलेश यादव के पास 207 एमएलएस. थे उस समय उन्होंने कुंभ का परिवारी बनाया. आजम खान को मेरा सेंस है इट्स फॉर हिज वोट. बैंक उसके लिए नॉन प्रैक्टिसिंग हिंदू को. क्यों बनाएगा कोई आज कौन लीड कर रहा है. नाथ पंती साधु योगी अनाथ उस कुम को लीड कर. रहा है बजट है 1000 कर बट 15000 कर 7.
करोड़ लोग आते थे अब 40 से 50 करोड़ लोग. आने वाले हैं बट अगर एक स्टैंप पीड आ गया. तो कितना लॉस हो सकता है प्रभु की कृपा से. भी योगी जी के मैनेजमेंट से भी मुझे लगता. है स्टम बिट की कोई पॉसिबिलिटी है नहीं. कोई देख रहा है और वो चाहता है कि यार मैं. कम से कम में चले जाऊं तो कितना खर्चा. लगेगा रहने के प्री से लेकर 00 से लेकर हर. तरह के जुगाड़ गवर्नमेंट ने 25000 फ्री. बेडस बनाए कुंभ में बोलते हैं कि अगर घूम. गए तो फिर मिलोगे नहीं करीब 2700 कैमरे. हैं और उसको सम बडी इ वाचिंग वो सारे ई. पावर्ड है मतलब राज शवानी को मुझे पाच. मिनट लगे ढूंढने में वाओ डू यू थिंक इट्स. सेफ फॉर मेमन टू गो.
अगर आपने अभी तक हमारे चैनल को सब्सक्राइब. नहीं किया है तो प्लीज इस चैनल को इसी. वक्त सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि आपका एक. सब्सक्राइब हमें हेल्प करता है कि हम और. भी बेहतर और इनसाइटफुल गेस लेके आए आपके. लिए आज का हमारा पॉडकास्ट है कुंभ मेले के. ऊपर कुंभ मेला के बारे में इतनी सारी हाइप. है पर वो एक्चुअली होता क्यों है किसे. जाना चाहिए किसे नहीं जाना चाहिए कितने. रुपए लगते हैं वहां जाने के लिए कुंभ मेले. से कंट्री की ग्रोथ में क्या फर्क पड़ेगा. हावर्ड स्टैनफोर्ड से लोग आके स्टडी क्यों.
कर रहे हैं इतने सारे लोग एक जगह पहुंच के. करते क्या है कितने पैसे लगते हैं कितने. पैसे हमारे खर्च होते हैं एज अ टैक्स पेयर. कितना पैसा वहां पे जाके लोग कमाते हैं और. एज अ कंट्री ये हमें करना चाहिए कि नहीं. करना चाहिए पूरे इकोनॉमिक्स क्या है इसके. उन सबके बारे में बात करी है हमने वहां पर. फिल्ट्रेशन प्रोसेस क्या लगी. इंफ्रास्ट्रक्चर कैसे बना हुआ है अगर आपको. जाना है तो आप सस्ते में कैसे जा सकते हैं. महंगे में कैसे जा सकते हैं और जितनी.
माइन्यूट डिटेल्स हो सकती है सारी हमने. कवर करी है कुंभ मेला के ऊपर दिस इज कुं. मेला वन ऑन वन विद शांतनु गुप्ता जी प्लीज. वच दिस टिल दी एंड क्योंकि ये हमारी. कंट्री के बहुत इंपॉर्टेंट इवेंट बहुत. इंपॉर्टेंट सेलिब्रेशन एंड बहुत. इंपॉर्टेंट रिलीजियस फेस्टिवल के बारे में. है वेलकम बैक सर ओके हाउ आर यूम डूइंग गुड. डूइंग गुड कैसे चल रहा है इस बार वापस.
मुझे ऐसा लगता है कि जब भी कोई एक टॉपिक. आता है इंडिया में. जो इकोनॉमी रिलीजियस सेंटीमेंट एंड कल्चरल. के बीच का जो मिक्स होता है ना उस टाइम पे. मेरे को आपकी याद आ क्या है क्या बात हैट. वेरी स्वीटली सेड एंड प्रोफाउंडली सेड. लास्ट टाइम हम राम मंदिर के कांटेक्ट में. मिले थे राइट एंड दैट कंटेंट गट सच. एप्रिसिएशन आई कांट इवन इमेजिन दैट ये. वाला भी और चलेगा आई एम. डेफिनेटली ऑप्टिमिस्ट एंड मैं बहुत शोर.
हूं तो आज हम बात करेंगे कुंभ मेले के. बारे में कुंभ मेला. इट्स हैपनिंग एट अ स्केल की पूरी दुनिया. से लोग इधर आ रहे हैं हावर्ड के लोग इधर आ. रहे हैं पढ़ाई करने के लिए कि कुंभ मेला. में होता क्या है अंदर क्या है वो स्टडी. कर रहे हैं रिसर्च कर रहे हैं स्टैनफोर्ड. से लोग आ रहे हैं राइट अराउंड द वर्ल्ड. इनफैक्ट फॉरेनर्स आ रहे हैं इधर टू जस्ट. एक्सपीरियंस कि ये हो क्या रहा है सो एकदम. सिंपल बेसिक लैंग्वेज में बताओ जिन लोगों. को नहीं पता है जिन्होंने सिर्फ सुना है. कि कुंभ मेला है कोई चीज है जो होती है. ओके जो समवन हु इज नॉट रिलीजस समवन हु इज.
जस्ट हर्ड दिस रा क्या होता है कुं मेला. एकदम बेसिक से बताओ देखिए राज अगर हमारी. जो पब्लिक मेमोरी है ना उसमें कुंभ क्या. है बॉलीवुड से आता है कुंभ निकल के कुंभ. में दो भाई खो गए थे दो बिछड़े हुए भाई है. ना एक वो कुंभ है फिर जो थोड़ा सा नंस है. वो कुंभ में नंग धड़ंग साधु घूमते हैं कुम. में सुलफा पीने वाले साधु घूमते हैं अरे. योगी ने इतना बजट क्यों लगा दिया ये एक. हमारे जो मतलब दिमाग में घूम रहे है कुम. मतलब बहुत. भीड़ हम हम किसी भी चीज को सोशल साइंट में. डीकंस्ट्रक्ट करते हैं तो सबसे पहले शब्द. से जाते हैं व्ट इ वर्ड कुंभ कुंभ घड़ा एक.
मटका तो क्या मटके मिल रहे हैं वहां प. नहीं तो उसका जो लोगो भी है उसमें कुंभ है. और हमारे यहां अगर आप देख कोई भी पूजा. होती है तो उसमें कुंभ लगाते हैं ना कुंभ. लगाते हैं नारियल लगाते हैं तो वो वो कुंभ. है इसके पीछे पौराणिक स्टोरी है कि वो. वहां क्यों होता है उस समय क्यों होता है. उन चार जगहो क्यों होता है मुझे याद है. मेरे कोई मित्र कह रहे हैं कि योगी जी को. आप सजेशन देना सर अयोध्या और काशी में भी. कुम कराए है ना तो मतलब इट्स नॉट अ थिंग. कि कोई जैज फेस्टिवल है कहीं पर भी करा ले. उसकी एक पौराणिक स्टोरी है देखिए हमारे. यहां विष्णु के दश तारों की परिकल्पना है.
हम मत से शुरू हुए कुर्म पर पहुंचे वरा पर. पहुंचे वामन नरसिंह में पहुंचे वामन पर. पहुंचे परश राम राम कृष्ण बुद्ध और कलकी. कलकी अवतार संभल में खूब चर्चा है आज जो. दूसरे अवतार है कुर्म उनकी ये स्टोरी है. पौराणिक विष्णु पुराण से आती है हुआ क्या. देवताओं और असुरों में एक तरह का एक. रस्साकशी हुई दुर्वासा ऋषि के श्राप से. इंद्र देव और पूरा देवलोक एक तरह से. दरिद्र हो गया उनके सारे वैभव उनकी जी.
उनके अरावत सब चले गए अब क्या करें उनको. कोई डबल डोस चाहिए उने कहा समुद्र मंथन. करो शीर सागर का मंथन करो अब सागर का मंथन. इ नॉट इजी थिंग म चन कैसे करेंगे समुद्र. है तो उसके लिए आपको मथनी चाहिए एक चर्नर. चाहिए चर्नर के लिए एक स्ट्रिंग चाहिए और. लोग चाहिए और एक बेस चाहिए तो ये कहां से. आते है समुद्र जो मंथ है वो मंदार पर्वत. उसका म मथनी बनी द चर्नर बना वो जो डोरी. चाहिए थी वो जो शिवजी पहनते हैं ना नागदेव. वासु की वो उसके चर्नर बने फिर नीचे बेस. में कौन रहेगा इसके ये सब कहां बैठेगा. उसके लिए विष्णु जी ने अवतार लिया कु. अवतार जिसको कहते हैं टर्टल कछुआ बड़ा.
कछुआ वो बैठे अब दो लोग करेंगे कौन ये तो. देवता तो रेडी थे उनको पता था कि अमृत. निकलेगा इसमें से अमृत को पान करेंगे तब. हमारी शक्तियां वापस आएंगी जो दुर्वासा. ऋषि के श्राप से चली गई भाई इसमें कोप्ट. करो राक्षसों को भी असरों को भी क् इतने. सारे लोग कहां से तो उनको भी देया तुम्हें. भी मिल जाएगा थोड़ा अमृत तो दोनों ने शुरू. करा उसमें से फिर बहुत सारे रत्न निकले 14. रत्न निकले उसमें से बल्कि साइड में थोड़ा. कुंभ में जाऊंगा वो 14 रत्नों का एक बहुत. सही डिजिटल म्यूजियम कुंभ में मला हुआ है. कि वो ये जो मैं स्टोरी बता रहा हूं ये. मतलब आपको वीआर ग्लासेस से कुं में देखने.
को मिलेगी फिर गुडु कुं ठीक है तो इसमें. से रथ निकले सबसे पहले निकला हलाल हलाल. मतलब द पॉइजन ऑफ द पॉइजन मतलब कि कि हम तो. गए थे अमृत लेने और निकल आया ये तो उसको. किसने पी लिया शिव जी ने पी लिया शिव जी. का कंठ नील हो गया जिसको हम नील कंठ कहते. हैं तो बहुत सारी जो हमारी स्टोरीज है ना. विच वी नो हाफ बिगड वो समुद्र मंथन से. उनका ओरिजन है फिर लक्ष्मी जी वापस आई. अरावत वापस आए बहुत सारी अप्सराएं आई. उसमें से बहुत सारी चीजें निकली पंच जन.
निकला जो आरएसएस की हिंदी मैगजीन उसका नाम. है पंच जन वो निकला वहां से जो कृष्ण जी. का शंख भी था जिससे उन्होंने महाभारत का. युद्ध शुरू करा उसके बाद धनवंतरी आए वो. कुंभ लेके वो कलश लेके धनवंतरी कौन है द द. गॉड ऑफ आयुर्वेदा ओके जिन्होंने आयुर्वेद. लिपिबद्ध किया बल्कि धनवंतरी को मोदी जी. ने अब लोगों में भी लगा दिया आयुष. मंत्रालय के जो बहुत प्यारी बात है जब वो. लेके आए तो इट वाज नॉट सो सिंपल क्योंकि. आपने तो असरों को भी कोप्ट किया था तो और. वो तो अभी ंड शंड भी नहीं है देर दे आर. देर इन बावर वो छीन के ले गए तो जो आपने. इतना ने सारी मेहनत करी वो तो वो छीन के.
ले गए फिर विष्णु जी मोहिनी रूप धारण किया. उनसे उन्हें कॉप्ट करके फिर वापस लिया ये. जो चीना झपटी चल रही है कुंभ के लिए कुंभ. क्या है जिसमें अमृत है ओके देन इट फेल इन. टू फोर प्लेसेस वो फोर प्लेसेस क्या जहां. जहां कुंभ होता है और वहां की भी नदियों. में गिरा राज तभी आपने देखा होगा कुंभ में. किसी मंदिर के दर्शन का प्रावधान नहीं है. डुबकी लेने का प्रावधान है उस नदी में जो. उस जगह की है तो कहां से शुरू हुआ था अगर. नॉर्थ से शुरू करें उत्तराखंड में. हरिद्वार में गंगा नदी में गिरा उ एक.
थोड़ा सा अमृत वहां गिर गया वहां थोड़ा. अमृत उस कलश का वहां गिर गया दूसरा फिर हम. नीचे आते हैं थोड़ा उत्तर प्रदेश में. प्रयाग में गंगा जमुना सरस्वती का जो संगम. था तभी हम संगम में स्नान कहते हैं वो. प्रयाग में गिरा फिर थोड़ा नीचे आते हैं. आप मध्य प्रदेश से हैं मध्य प्रदेश में. उज्जैन में शिवरा नदी में गिरा फिर आप अभी. महाराष्ट्र में शूट कर रहे हैं फिर. त्रंबकेश्वर जिसे नासिक बोलते हैं वहां पे. गोदावरी नदी में गर तो इन चार स्थानों पे. कुंभ होते हैं और एक पर्टिकुलर अवधि में. होते हैं जब बृहस्पति की जुपिटर की खास. दशा होती है वो सूर्य सूर्य के अराउंड. अराउंड 12 साल में चक्कर लगाता है उसकी एक.
खास दशा होती है तो प्रयाग में होता है. उसकी एक खास दशा होती है तो जैन हरिद्वार. और नासिक में होता है और क्या ब्रिलियंट. बात है राज ये कि अभी तो चलो जोगी बाबा का. कुंभ है खूब मीडिया प्रचार है एयरपोर्ट प. भी कुंभ का ऐड लगा है मेरे अपार्टमेंट के. बाहर जाता हूं तब भी लगा है उत्तर प्रदेश. में आज से हजारों सालों पहले ये तो आदि. इसका तो ऋग्वेद में वर्णन है आदि. शंकराचार्य इसका वर्णन करते हैं तब कैसे. हजारों लोग पहुंच जाते थे तब कैसे साधु. पहुंच जाते थे मीनिंग वी वर सो अमेजिंग ए. आ एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोलॉजी हमारे लिए. बड़ी कोई कॉमन सी बात थी हमें में मतलब.
पंचांग पढ़ना वास लाइक अ वाज लाइक अ डेली. थिंग फॉर अस राइट उस लिए मतलब नक्षत्रों. की क्या स्थिति है और ऐसा भी नहीं कि रोज. आ रहा है कि मुझे याद रहेगा 6 साल में आ. रहा है 12 साल में आ रहा है ये तो 12 कुंभ. जब 12 12 साल वाले 12 कुंभ आते हैं 144. इयर्स में वो वाला कुंभ है महाकम मतलब. हमारी दो तीन जनरेशन पीछे हमारी दो दो तीन. जनरेशन आगे वो भी नहीं देख पाएंगे इसको तो. ट्स वा वीर वेरी यूनिक प्लेज्ड तो तब से. हम उस एस्ट्रोनॉमी को उस एस्ट्रोलॉजी को. इतना यूनिक फॉलो कर रहे हैं इसलिए इसकी. इतनी बढ़ जाती है तो ये कहते हैं कि ना.
कुछ साधुओं से शुरू हुआ ये फिर उसको. अलग-अलग रिफॉर्मर्स आए जिन्होंने बड़ा करा. कहा जाता है कि ऑलमोस्ट 600 एडी में राजा. हर्षवर्धन हुए उन्होंने उसको पॉपुलर इज कर. जैसे आज योगी अनाथ पॉपुलर कर रहे हैं आज. से 50 साल 100 साल बाद आई एम श्यर इसको. डॉक्यूमेंट करके कोई पढ़ेगा कि कैसे. छोटे-छोटे कुंभ को इतना बड़ा कर दिया किसी. ने तो राजा हर्षवर्धन ने उसको पॉपल इज करा. आदि शंकराचार्य ने जिन्होंने बेसली भारत. को अखंड करा उसी अखंड से अखाड़ा आता है हम. आएंगे जो अखाड़े के साधु होते हैं. उन्होंने क्या कहा उन्होंने कहा कि ये. बहुत सुंदर बात है.
हर साधु हर ऋषि एक तरह का साइंटिस्ट है. राज कोई योग पे आपने अभी बाबा राम देख. बहुत सुंदर बीच में मैं आपको साइड नोट में. उसके लिए कांग्रेचुलेशन ट्स वन ऑफ द यर. बेस्ट वन जिस तरह से आप योगा भी कर रहे थे. ऐसा लग रहा था यू आर प्रो वेरी वेरी प्रो. योगी बहुत प्यारा बहुत प्यारा था वो तो. कोई योग प नया नया रिसर्च कर रहा है कोई. वेदों प न रिसर्च कर रहा है कोई उपनिषद प. कर रहा है कोई कोई आयुर्वेद प कर रहा है. तो ये सारी रिसर्च की नॉलेज शेयरिंग कुंभ. प आके करेंगे सब लोग इट्स ग्रैंड ग्रैंड. कॉन्क्लेव है है जैसे आप लोगों ने किया था.
ना पॉडकास्टर्स कॉन्क्लेव प्राइम मिनिस्टर. के साथ जैसे ग्रैंड कॉन्क्लेव सब देख रहे. हैं भाई क्या-क्या नई टेक्निक्स आई है हर. चीज की और ये पहले आपस में मंथन करके. किससे शेयर कर रहे हैं ग्रस्त लोगों से. फैमिली के लोगों से उनकी लाइफ में तो जाना. है साधु तो अपना जीवन जी रहा है सो इट्स अ. ग्रैंड कंग्लोमरेशन ऐसा आदि शंकराचार्य ने. उसको बना दिया तो वो उसको पॉपुलर भी कर. दिया कि भाई यहां पे आ ग तो कुछ मिलेगा एक. तो वो उसकी साइंटिफिक रीजन है कि उस दशा. में नदी में कैसी स्थिति होती है कि वो. आपकी बॉडी के लिए अच्छा है क्योंकि उसमें. अमृत गिराता उसकी पौराणिक वैल्यू कि आप के. पुण्य आपको पुण्य मिलेगा जैसे आपने देखा.
कि जो उत्तर प्रदेश सरकार का स्लोगन है आओ. हम सबके पुण्य फले हम सब मिलकर कुंभ चले. मतलब उसमें पुण्य की एक फीलिंग है हमारे य. कर्म की थ्योरी चलती है इस जन्म का जो. कर्म है व अगले जन्म में फिर कैरी ऑन होता. है आपका तो हर दशा से वो लोगों को य. पब्लिक नॉलेज थी गुरु परंपरा चलती थी सबके. सब किसी ना किसी संत को किसी लोकल गॉड को. मानते थे तो ये पब्लिक नॉलेज थी तो हजारों. लाखों लोग पहुंच जाते थे वहां पे फ्रॉम. टाइम इमेमोरियल तो एक लेवल आगे बढ़ते हैं. अब कुंभ मेले में ना से होता क्या है.
हम क्यों वहां जाके सब लोग नहाते हैं आई. गट द स्टोरी कि उस टाइम पर अमृत गिरा था. तो इसलिए उसको माना जाता है कि आपके सारे. पाप धुल जाएंगे या पुण्य आप कमाओगे उधर जा. ट आज क्या होता है हां देखिए तीन या चार. लेवल प इसको फिर बात करेंगे देखो ये ये ना. तभी एक लंबी चर्चा में समझाया जा सकता है. इंडियन फिलॉसफी इंडियन दर्शन मल्टी लेयर्ड. है तभी आप उसको ना इसलिए इसलिए इतना इजी. नहीं है कि एक बुक से समझ लो एक गॉड से.
एक्स तो पहले स्तर बिल्कुल जो पौराणिक. स्टोरी है यहां अमृत गिरा था विष्णु जी के. समय अमृत गिरा था तो इसमें अमृत तत्व है. ठीक है फिर आदि शंकराचार्य ने उसको ज्ञान. कुं बना दिया कि यहां प ज्ञान मिल रहा है. आप आएंगे आपको प्रवचन सुनेंगे आप आप आप यू. विल गो विद द नॉलेज पार्टिकल नॉलेज एसेंस. फिर जो इतने सारे अखाड़े हैं जो 13 अखाड़े. हैं उनके साधु है और जो इतने सारे संत आए. जो अपना अपना तप कर रहे हैं वो जब आपको जब. स्नान होता है जो जिनको साही स्नान बोलते. थे उसको अमृत स्नान बो ने लगे वो भी नाम.
चेंज हो गया वो मुगल मुगल काल से नाम आया. था शाही स्नान पेशवाई का नाम हो गया छावनी. प्रवेश और शाही स्नान का नाम हो गया अमृत. स्नान तो जब अमृत स्नान सुबह सबसे पहले. जूना खाड़ी का समय लगेगा फिर नरम खाड़ी का. समय लगेगा जो 13 खांड का समय लगेगा फिर और. साधु संत आएंगे तो उनका जो दिव्य तत्व है. वो भी पानी में आ गया है उसको भी आप रिसीव. कर रहे हैं क्योंकि जो गृहस्थ लोग हैं वो. तो फिर 7:00 बजे 8:00 बजे नहाना शुरू करते. हैं उस समय ये भी डिस्क्रिप्शंस है कि जो. प्लेनेटरी पोजीशंस है उसमें जो जो नदी के. एलिमेंट है वो इस समय अपने बेस्ट फॉर्म.
में है तो चाहे वो एलिमेंट हो चाहे साधुओं. का जो देवत्व है वो आ गया हो चाहे अमृत. काल की स्टोरी हो और इतने सारी पॉजिटिविटी. के साथ लोग आ रहे हैं अगर आप बिल्कुल आपको. छोड़ दो आपके कुछ नहीं समझ में आ रहा कि. कौन कौन आदि शंकराचार्य कुछ नहीं समझ में. आ रहा आपको कि वो दिव्यता और वो तो आदमी क. तो हाइजीन यार इतने सारे लोग ना रहे तो. हाइजीन केली पानी ही खराब हो गया वो अलग. बात है कि योगी सरकार ने उसमें भी. प्यूरीफायर लगा रखे है ना तो जब इतने सारे. लोग एक पॉजिटिव एनर्जी से आते हैं की जगह. है ना वो तो तो नॉर्मल सबको समझ में आती.
है कि अगर मैं आपको यहां खड़ा कर दूं यहां. पांच लोग रो रहे हो उनके घर में कुछ गर्वा. हो गया वहां खड़े हो जाओ वर्सेस एक सुपर. एनर्जी की जगह खड़े जाओ इट हैज अ बहुत. डिफरेंट वाइब्रेशन बहुत डिफरेंट. वाइब्रेशंस है है ना जिसको आप एक मेडिटेशन. करके आओ आप मान ले मंदिर आपको जाना नहीं. अच्छा लगता आप कहीं पे मेडिटेशन करके आओ. अच्छी जगह अच्छी म्यूजिक लाइट म्यूजिक में. निकल के आओ तो आपको अच्छा लगेगा इतने सारे. पॉजिटिव लोग जब जा रहे हैं वहां पे उस. पॉजिटिव एनर्जी को लेके आ जाओ बल्कि मैं. तो पता कैसे सोचता हूं कि इट्स लाइक अ. नेशनल रिचार्ज ऑफ इंडिया ये 40 करोड़ लोग. जा रहे हैं ये कहां जाएंगे ये अपनी फैमिली. में जाएंगे ये अपने मोहल्ले में अपनी गली.
में अपने शहर में अपने टाउन में जाएंगे और. ये पॉजिटिव वाइव लेके पहुंचेंगे कहानियां. लेके पहुंचेंगे मतलब ऑलमोस्ट बिटवीन अर्ध. कुंभ एंड कुंभ. राज हर तीन चार साल में कोई कुंभ होता है. फ नासिक कुंभ आ जाएगा अभी 26 में तो मेरे. ख्याल से ये तो बहुत प्यारी नेशनल रिचार्ज. पॉलिसी है भारत की जिससे एक नेशनल. कॉन्शसनेस नेशनल डिविली भारत की ऊपर हो. जाती. है मे को इकोनॉमिक्स एक्सप्लेन करो इसका. एंड देन मैं डेप्थ में जाऊंगा आपके साथ. बहुत सारी चीजें की जो जो होती है जो. मैंने सुनी है कुंभ में उसके बारे में बट. पहले इकोनॉमिक्स समझते हैं क्यों एक स्टेट.
के चीफ मिनिस्टर इतना पैसा खर्च करें इतना. पैसा खर्चा करते हैं इतना इंफ्रास्ट्रक्चर. बनना पैसा पता कितना पैसा है पता है 15000. करोड़ इज स्पेंट इन दिस महाकुंभ एक इवेंट. कितने दिन के लिए 45 डेज 45 डेज के लिए. 15000 करोड़ एक स्टेट का पैसा इट इट्स. वाइल्ड इट्स वाइल्ड इट्स ऑलमोस्ट 2 बिलियन. अभी दो मिनट में य आपको ठीक लगने लगेगा आप. खुद ही कहेंगे हां ये तो ठीक है इसको तो. 15000 करोड़ कुं पे क्यों खर्च नहीं पहले. क 15000 गए कहां. कहां खर्च हो गए देखिए नहीं पहले तो खर्च.
क्यों खर्चा होता है और फिर हुए कहां हां. हुए कहां व दोनों आंसर इंटरम ठीक है 2000. कुंभ तो हो रहा है जब अखिलेश यादव थे तब. भी कुंभ हुआ 2013 में कुंभ हुआ बड़ा कुंभ. हुआ पूर्ण कुंभ था वो भी तब 1000 करोड़ का. बजट था मैं कंपैरिजन भी पता लना भाई ऐसा. नहीं था कि बजट तो तब भी था 1000 करोड़ इ. आल्सो नॉट अ स्मल अमाउंट लेकिन वो 1000. करोड़ से भी 15 जोगी बाबा ने 15000 करोड़. कर दिया उसमें 7500 करोड़ मोदी जी का 7500. करोड़ योगी जी का मतलब हां सेंट्रल. स्टेट अब इसका सबसे पहला फैक्ट सुनके ही.
आप धराशाई हो जाएंगे वो क्या है इसमें 80. पर बहुत ध्यान से सुनिए इसमें 80 पर. परमानेंट इंस्टॉलेशंस है मतलब प्रयाग. एयरपोर्ट के दो टर्मिनल और बन गए हम चार. नए नेशनल हाईवे बन गए दो नए एक्सप्रेसवे. बन गए है ना जो घाट है वो पक्के घाट हो गए. मतलब पहले 2 किलोमीटर में घाट था अभी 12. किमी में घाट है जो आप कहते हैं ना इतनी. भीड़ होगी इतनी भीड़ आपको नहीं दिखेगी वो. तो योगी बाबा के ड्रोन को दिख रही है उतनी. भीड़ केवल है ना आप तो अपने 1 किलोमीटर. में है ना तो वो जो पूरी भीड़ है जो 1. करोड़ की एक दिन आईग वो 12 किमी में. स्ट्रेच हो चुकी है ये क्राउड मैनेजमेंट.
का सबसे पहला प्रिंसिपल है कि क्राउड को. डाइवर्ट कर दो एक ही जगह पे चोक पॉट मत. बनाओ तो 12 किमी के बड़े बड़े घाट हो गए. वहां का सीवेज मैनेजमेंट सिस्टम वहां के. घाट वहां के ब्यूटीफिकेशन वहां के चौराहे. मतलब कल मेरी अर्बन सेक्रेटरी अर्बन अमृत. जी से बात हो रही थी उन्होंने कहा कि जो. प्रयाग है उसका इंफ्रास्ट्रक्चर ऑलमोस्ट. टॉप 102 सिटीज में आ जाएगा इसके बाद जो. अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर होता है देखिए. प्रयाग की पॉपुलेशन आज कितनी है 203 लाख. उसमें 50 करोड़ लोग आगे चले जाएंगे तो कैन. यू इमेजिन जो मैंने 30 लाख के लिए बनाया. है आपका ये ऑफिस है. लोग बैठते इसमें 400 लोग बठ दू 1000 लोग.
बठ दूं तो नहीं झेल पाएगा ना ऑफिस है ना. उसका टॉयलेट नहीं झेल पाएगा उसकी लाइट. नहीं झेल पाएगी लोगों को गर्मी सर्दी लगने. लगेगी राइट तो जो जगह 30 लाख लोगों के लिए. बनी है वहां 40 करोड़ लोग आके चले गए और. गवर्नमेंट ने उसकी फैसिलिटी प्रोवाइड करी. तो उससे उसका अपना इंफ्रास्ट्रक्चर अप हो. गया तो 80 पर इसका आप निकाल दो कैलकुलेशन. करते हैं 15000 का 20 पर कितना होता है. 3000 करोड़ तो 3000 करोड़ ही मेले पे खर्च. हुआ है मेले प मतलब टॉयलेट लगाने में. व्यवस्थाएं लगाने में टेंट लगाने में जो. टेंपरेरी है ठीक है जो जो इवेंट आपने वो.
इवेंट बाकी सब तो इंस्टॉलेशन परमट लग गया. वो शेहर का इंफ्रास्ट्रक्चर अब हो गया अब. शेयर का टूरिजम बढ़ जाएगा जनरली भी. क्योंकि शेयर अप हो गया वहां पे फ्लाइट. इजी है वहां पे ट्रेन इजी है वहां प रोड. इजी है वहां प इतने सारे इंस्टॉलेशन हो गए. हैं बड़ी-बड़ी मूर्तियां लग गई है मतलब. इट्स लाइक अ अपटाउन नाउ राइट तो अब 3000. करोड़ हो गया पहले तो 15000 से हम 000 आ. गए पिछली बार भी यही होला था अरे मोदी. योगी ने 4000 करोड़ कर दिया 2019 में अर्ध. कुं था तो योगी ने चार 4500 बल्कि हमने. पिछले पॉडकास्ट में बोला था वो रील पता. नहीं किसने चला दी फिर से वायरल हो रही है. वो इस 4000 करोड़ का हल्ला हुआ जब कुं.
खत्म हुआ जब तक तो सीआईआई की रिपोर्ट आई. उन्होंने अपने रिसर्चर भेजे हुए थे भाई. इसने तो 1 लाख सवा लाख करोड़ की इकॉनमी. जनरेट कर दी इस 4000 करोड़ ने और उसकी कोई. बड़ी खतरनाक कैलकुलेशन भी नहीं है अभी. योगी जी अयोध्या के लिए कोई इंटरव्यू दे. रहे थे आपको पता है ये पहला कुंभ है जो. राम मंदिर बनने के बाद आया है तो राम. मंदिर का जो एक साल है वो भी हो गया उसके. लिए इंटरव्यू अयोध्या में दे रहे थे. अयोध्या में राम मंदिर जिसका हमने. पॉडकास्ट किया था राम मंदिर बनने से पहले. दोती लाख लोग साल के आते थे श्रद्धालु आते. थे श्रद्धालु और टूरिस्ट श्रद्धालु में भी.
मैं आपको डिफरेंस एक बार एक्सप्लेन करूंगा. है ना तो श्रद्धालु आते थे अभी वहां इस. साल कितने लोग आए 24 में 16 करोड़ लोग. मतलब 2 लाख 16 मतलब मैं गैप भी मतलब पाई. चैट बनाऊं तो बहुत ग्राफ्स बनाऊं तो बहुत. ऊंचा हो जाएगा 16 करोड़ लोग बीएचयू की. स्टडी है बहुत सारी स्टडी है बिल्कुल एक. लोअर मिडल क्लास व्यक्ति भी आता है तो वो. ती से 000 खर्च करता है डोर टू डोर वो बस. से आता है वो ऑटो से आता है वो अंदर ही. रिक्शा यूज करता है वो कलावे खरीदता है वो. पानी खरीदता है वो कुछ खाना खाता है वो घर. के लिए मिठाई लेके जाता है मूर्ति लेके.
जाता है कुछ पटका खरीदता है थैला खरीदता. है वो जो गंगाजल इकट्ठा करने का पीपा. खरीदता है वो तीन से 5000 करोड़ खर्च करता. है 000 से 000 खर्च करता है 16 करोड़. लोगों ने खर्च करे उतने पैसे उसमें फिर. बड़े-बड़े लोग भी हैं जो फाइव स्टार होटल. बन गए हैं व वहां पे रहते हैं टैक्सी से. आते हैं एयरपोर्ट से आते हैं तो उसने कम. से कम 50000 से 80000 करोड़ की इकॉनमी. अयोध्या के लिए जनरेट कर दी तो सिमिलरली. 45 आपको कुछ नहीं करना है ती से 5000 से. एवरेज बिल्कुल मिनिमम से कैलकुलेट कर. लीजिए आपको पता लग जाएगा क्यों है फिर. उसमें आपको उसमें हायर फ्लायर भी है वहां.
पे अभी हम कैसे वहां रहेंगे बल्कि हम हम. लोग को जो देखिए हम लोग इसे आज रिकॉर्ड कर. रहे हैं हम और अभी भी ऑलमोस्ट एक मंथ बचा. है हम तो अभी भी अगर आप ये पॉडकास्ट सुन. रहे हैं तो अभी भी आप यू आर नॉट टू लेट. राइट तो आप वहां पे फ्री में रह सकते हैं. 500 से 000 की डोमेट्री में रह सकते हैं. और 4 50000 पर डे की लग्जरी जर्मन कॉटेज. में भी रह सकते हैं तो वो भी खर्च कर रहे. हैं और सारी बुक्ड है मतलब मोनी मव के दिन. 2 लाख कॉटेजेस सब बुक्ड है तो इसका पैसा. कोई दे रहा है ना कोई तमिलनाडु से कोई.
कैलिफोर्निया से कोई लंडन से कोई दिल्ली. से उसका पैसा दे रहा है इसमें एक चाय वाला. भी पैसे कमा रहा है एक फूल वाला भी पैसे. कमा रहा है खाने वाले जो खाना खिला रहे. हैं वो भी पैसे कमा रहे हैं और एक लग्जरी. टेंट वाला भी पैसे कमा रहा है मतलब फूल. फूल 8000 करोड़ का बिक रहा है वहां प फूल. की इकॉनमी है सिर्फ 1700 करोड़ की फूड की. इकॉनमी है 45 दिन की उसमें चाय छोले से. लेकर जो लग्जरी खाना है वो भी कुजन फूड है. वो भी है तो इट्स जस्ट जो आप लोग तो बोलते. हैंस नंबर गेम इट्स अ वॉल्यूम गेम तो. 15000 करोड़ वापस आते हैं क्या इ. स्ट्रक्चर में इंप्रूवमेंट किया क्या.
कहां-कहां पे खर्चे हुए 3000 करोड़ का. खर्चा हुआ है और बाकी के 12000 करो 3. करोड़ तो अरेंजमेंट में है कि भाई जैसे. पहले 3000 पे आते हैं 3000 अरेंजमेंट में. जैसे क्या होता है प्रयाग कुंभ के साथ एक. बड़ी टिपिकल चीज है नदी का एक्सपेंस बहुत. बड़ा है और नदी ना मेंडर करती हुई नदी है. वो गंगा गंगा जमुना का सरस्वती तो वहां से. विलुप्त हुई है तो वो कौन सा बैंक छोड़ेगी. राज वो हमें चार पाच महीने पहले ही पता. लगता है और बैंक प तो बहुत सारे टेंट लग. रहे हैं तो आप देखेंगे ना जो मट्टी होगी. बड़ी पोली पोली होगी आप ग में देख अब तो र. योगी सरकार ने टाइप कर लिया है पिछली बार.
वहां पर नदी आती थी मतलब आप जहां चल रहे. हैं वहां नदी थी चार महीने पहले क्योंकि. नदी थी वहां प तो गवर्नमेंट क्या करती है. आयरन शीट बिछा देती है मोटी मोटी आयरन शीट. बिछा देती है ऐसा ना तो उसपे वकल चलता है. तो जहां पे नदी थी और नदी आ जाएगी चार. पांच महीने बाद तो और ऐसी आयरन शीट्स बिछी. हुई है मतलब किलोमीटर्स न किलोमीटर्स में. मतलब 400 हेक्टेयर मेला एरिया. है प्रयाग की प्रयाग अलग है ये अलग है. मतलब उत्तर प्रदेश में 75 डिस्ट्रिक्ट है. इस 45 देश में 76 डिस्ट्रिक्ट हो जाते है. इसको डिस्ट्रिक की तरह ट्रीट कर था इसका. अपना डीएम अपना एसपी अपनी पुलिस पूरी पूरा.
प्रशासन होता है इसका इसका अपना सीएमओ. इसका अपना ये पूरा एक शहर है ना अपना. क्योंकि इसमें यार उसमें 20 लाख लोग हैं. इसमें एक करोड़ लोग आ जा ये तो उससे अपने. होस्ट अपने होस्ट स्टेट से बड़ा हो गया. अपने होस्ट डिस्ट्रिक्ट से बड़ा हो गया तो. ये आरन शीट बसाई जा रही है पैटन ब्रिज. बनाया जाता है कम से कम 30 पैटन ब्रिज है. पैटो ब्रिज क्या होता है एक कैप्सूल साइज. का बड़ा आयरन स्ट्रक्चर और उसके ऊपर फ्री. आयरन की शीट्स जो टेंपरेरी बना ब्रिज जिस. पे कार चल रही है जिसपे ऑटो चल रहा है. जिसम लोग चल रहे हैं क्योंकि इतने सारे. लोग नदी कैसे पार करेंगे नाव में तो पार. करेंगे नहीं सारे लोग तो ये. इंफ्रास्ट्रक्चर ता है टेंट लगते हैं इतने.
सारे लोग आएंगे तो टॉयलेट जाना होगा तो. डेढ लाख टॉयलेट उनको साफ करने के लिए. 15000 लोग 10000 लोग शहर में छोड़े हुए. हैं और देखो कितनी सेंसिटिव बात है इन. 15000 लोग अधिकतर ना ये क्या होते है ये. हस्बैंड वाइफ दोनों ही आ जाते हैं कम से. कम 15000 मतलब 25000 लोग आए तो 3 चज बच्चे. हैं उनके उनके लिए योगी सरकार ने टेंपररी. स्कूल खोल दिए वहां पे कि वो ऐसे ना फिरते. रहे बेचारे उनके लिए टेंपररी स्कूल उस. लेवल तक की मैटिकुलसनेस. जहां पे डेवलप घाट है वहां तो डेवलप घाट.
है नहीं तो कुछ टेंपररी घाट बना दिए सेंड. बैक से जो बोट्स है वो बढ़ा दिए बोट्स को. पेंट कर दिया है बहुत सारे सुंदर सुंदर. इंस्टॉलेशंस कर दिए तो ये तो है घाट की. महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम्स कर दिए कि. आप जब नहा के आएंगे तो आपको कपड़े बदल. बिल्कुल जो छोटी सी छोटी चीज है और मुझे. पता है क्यों लगता है कि इतनी छोटी चीज. योगत नाथ नोटिस कैसे कर पा रहे हैं योगत. नाथ ने 22 साल में सन्यास ले लिया था नाउ. इ 53 वो तो इन कुंभ में तब से आ रहे हैं. अपने गुरु महंता अनाथ के साथ ही इज कमिंग. एज अ 22 ईयर ओल्ड यंग साधु उन्होंने तो. चारों कई-कई बार देख लिए है और जब आप जाते.
हैं तो ही इज अ वेरी ऑब्जर्वेंट गाय है ना. बल्कि ये जो बच्चे वाला बताया उन्होने ऐसे. ही ब इतने बच्चे ये कुछ देखने जा रहे थे. इतने बच्चे क्यों घूम रहे हैं यहां पे ये. सर उनके काम वालों के बच्चे इनके लिए. स्कूल बनाइए ऐसे शुरू हुआ है मतलब जस्ट. बाय ऑब्जर्वेशन जो शायद अधिकारी को भी. नोटिस हो सकता लेकिन अधिकारी बिल्कुल फोकस. में था कि मैं ब्रिज बनाऊंगा मैं वो जो. एयरपोर्ट का टर्मिनल बनाऊंगा उन्होंने. कहारे वो तो बनाऊंगा मैं लेकिन ये बच्चे. जो है इनके लिए भी मैं स्कूल बनाऊंगा ठीक. है अब आते हैं जो परमानेंट. इंफ्रास्ट्रक्चर क्या बना है प्रयाग में. एयरपोर्ट ऑलमोस्ट ना के बराबर था हफ्ते. में एक फ्लाइट चलती थी अब प्रयाग कि मुंबई. से डायरेक्ट फ्लाइट है है ना चेन्नई से.
डायरेक्ट फ्लाइट है हैदराबाद से आप सीधे. एक कनेक्टिंग फ्लाइट से जा सकते हैं उसके. बड़े-बड़े टर्मिनल बना दिए तो उसका. टर्मिनल एक्सपेंशन ए जब आप ज्यादा फ्लाइट. आते हैं तो आपको एयर ट्रैफिक कंट्रोल भी. उसी तरह से मैनेज करना पड़ता है तो उसमें. आपका पैसा लगा आप प्रयाग देखिए ईस्टर्न. यूपी में आता है प्रयाग हमारी हाई कोर्ट. भी है हमारी यूपी के हाई कोर्ट जो है वो. प्रयाग में लगती है इलाहाबाद में लगती है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ही बोलते हैं उसको तो. बल्कि ये बड़ी डिमांड रहती है वेस्टर्न. यूपी की भाई हमें वेस्ट से अपने हाई कोर्ट. जाने में बड़ी दिक्कत हो जाती है एक बेंच. लखनऊ में है तो लेकिन अब वहां प गंगा. एक्सप्रेसवे बन रहा है वो भी ओपन हो जाएगा.
लेकिन और जगह से कनेक्टिंग नेशनल हाईवेज. जो सेंट्रल गवर्नमेंट बना रही है और जो. लोकल स्टेट हाईवेज है उनका उनका सुधार हुआ. कि वहां पे आदमी तुरंत गति से पहुंच पाए. हर आदमी तो प्रयाग में लैंड कर नहीं पाएगा. कोई काशी में लैंड करेगा कोई अयोध्या में. लैंड करेगा कोई लखनऊ में लैंड ये सारी जगह. तीन चार तीन चार घंटे दूर है सारी तो रोड. इंफ्रास्ट्रक्चर हो गया जब इतने सारे लोग. आएंगे तो सीवेज मैनेजमेंट अलग लेवल शहर. में भी तो बहुत लोग बढ़ जाएंगे होटलों में. तो हर आदमी मेला सिटी में नहीं रहता है. रिलेटिव ज जिसका भी रिलेटिव प्रयाग में. उसके रिलेटिव वहां पहुंच ही गए हैं मतलब. मान लिया प्रयाग की अपनी पॉपुलेशन 20 लाख.
है तो वो तो 60 70 लाख हो ही गई है सबके. चार चार पांच पांच लोग आ गए वो तो अच्छा. ही सोच आपका रिलेटिव प्रयाग में होगा आपकी. एकदम से एफिनिटी बढ़ जाएगी जाने यार मौसी. रहती है चले जाओ है ना तो वो फैसिलिटी तो. वो सीवेज जो जनरेट करेंगे तो सीवेज. मैनेजमेंट सिस्टम बिल्कुल एडवांस लेवल का. हो गया स्ट्रीट लाइटिंग एडवांस लेवल की हो. गई पूरी जो चौराहे होते हैं एक शहर में कम. से कम 100 200 चौराहे सारे चौराहे. ब्यूटीफाई मतलब कोई इंस्टॉलेशन लगा दी हर. चौराहे पे तो आप मतलब देखिए शहर केवल. सीवेज मैनेजमेंट और स्ट्रीट लाइटिंग नहीं. हैर सर सुंदर भी लगना चाहिए ना पीली भी.
लगना चाहिए एक पेंड माय सिटी कैंपेन है. पूरे शहर की हजारों स्क्वायर फीट वॉल्स प. बड़े बड़े म्यूरल बना दिए बड़ी-बड़ी. बिल्डिंग प म्यूरल बने क अमिता बच्चन बने. कहीं हरिवंश राय बच्चन बने कहीं महादेवी. वर्मा ये सारे प्रेमचंद मुंशी प्रेमचंद. सारे प्रयाग के लोग हैं सारे अलाबाद के. लोग हैं सारे उनके बड़े-बड़े म चार फ्लोर. की बिल्डिंग पे हरिवंश राय बच्चन बने तो. सिटी को बिल्कुल एक एक एक मॉडर्न सिटी की. की तरह बना दिया तो जो भी अर्बन. इंफ्रास्ट्रक्चर के एलिमेंट्स होते हैं जो. लाइटिंग जो स्ट्रीट लाइटिंग जो अर्बन. मैनेजमेंट उन सब पे खर्च हुआ है पैसा तभी.
मैंने कहा कि 80 पर पैसा उसपे खर्च हुआ है. वो तो एलीवेट हो गया और जो कनेक्टिंग रोड. जो आसपास के जो बड़े 10 डिस्ट्रिक्ट है. उनसे मैं कैसे पहुंच मतलब कहीं से मैं चोक. ना हं कि आदमी नहीं लखनऊ होते हुए आना. पड़ेगा आपको तो आपको यही होते हुए आना तो. सारा ट्रैफिक लखनऊ डाइवर्ट हो जाएगा ऐसा. नहीं आप जहां से हैं उसी आर्टरी से आप चले. आए तो इसलिए उस परे खर्च हुआ है पैसा एंड. जब कुंभ में लोग आते हैं इतने लोग 40. करोड़ लोग आएंगे इस. साल गिवन डे जैसे अभी हम जब ये रिकॉर्ड कर. रहे हैं तो दो बड़े स्नान हो चुके हैं 5. करोड़ लोग आके जा चुके हैं मतलब इस 40 45.
के 5 करोड़ लोग बिल्कुल सुगमता से आके जा. चुके हैं तो जब इतने लोग आते हैं और वो एक. ही जगह नहाते हैं तो बहुत ज्यादा पोल्यूशन. बहुत ज्यादा हाइजीन का इशू हाइजीन का इशू. ये सारे प्रॉब्लम्स नहीं आे देखिए पहले जब. एक घाट होता था जो डेवलप्ड घाट होता था. नदी का घाट तो है ही नेचुरल घाट तो है ही. लेकिन मैं जंगल से होता हु तो नदी पहुंच. दंगा नहीं मैं तो जहां डेवलप्ड घाट है. जहां सीढ़ी लगी है जहां सैंड बैग्स लगे. हैं जहां कुछ तट बना है जहां से मैं सड़क. के थ्रू जा सकता हूं वहीं से जाऊंगा पहले. ही दो तीन किलोमीटर का घाट होता था जोगी. बाबा की सरकार ने इसको 12 किलोमीटर का घाट.
कर दिया तो अब 1 करोड़ लोग 1 किलोमीटर में. या 1 करोड़ लोग 12 कमीटर में और इसमें भी. बहुत स्मार्टली क्या करा है चार पांच. फैसिलिटी चाहिए होती है आप आते हैं तो. आपको पार्किंग चाहिए होती है आपको ई. रिक्शा लोकल चलने के लिए कुछ चाहिए होता. है आपको टेंट कैंप खाने की व्यवस्था चाहिए. होती है आपको सेल्फी पॉइंट चाहिए होता है. मान लिया अभी प्राइम मिनिस्टर जाएंगे प. मिस्टर एक बार जा चुके हैं कुंभ में मतलब. जब कुंभ शुरू नहीं हुआ था प्रयाग गए थे. अभी 15 दिन पहले एक तरह से मतलब तैयारियां. देखने अभी वो स्नान करने जाएंगे प्राइम. मिनिस्टर की फोटो आएगी वो कहीं किसी किसी.
कि किसी सुंदर जगह आई लव प्रयागराज आई लव. कुं पे लगाएंगे जनता मुझे तो वहीं फोटो खि. जाना है तो वो वैसा इमिटेशन हर आधे. किलोमीटर में किया हुआ है इ चोक बेसिकली द. लॉजिक इज चौक पॉइंट ना बने हम तो ये नदी. में भी 12 किलोमीटर में ना रहे हैं राइट. और इसमें भी पूरे प्यूरीफायर्स लगे हुए. हैं दोनों साइड लार्ज लेवल उसके फोटोज. डाले आज आज आज ही सरकार ने फोटो डाले उसके. लार्ज लेवल प्यूरीफायर लगे हुए हैं कि हर. स्तर पे हर एक एक किलोमीटर में नदी को हम. रिचार्ज करते रहे तो नदी को देख आजकल तो. इंजीनियरिंग वाइज तो चीजें तो अवेलेबल है.
ऐसा नहीं कि योगी अनाथ ने कोई नया. प्यूरिफाई मेंट करना उसको बजट एलोकेट करना. उसको इंप्लीमेंट करना तो वो तो कोई दिक्कत. ही नहीं है एंड जब इतने लोग आएंगे इतना. बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ है एक सिटी में. इतने सारे लोग आएंगे जैसे ही ये फेस्टिवल. खत्म होगा हम इकॉनमी तो कोलैक्स हो जाएगी. उधर इकॉनमी. कोलप्पलुर बना रहे हो 40 करोड़ लोगों के. लिए वो उनका इफ्लक्स होगा उस टाइम पे बहुत. पैसे बनेंगे बहुत सारी चीज 45 दिन में फिर. खत्म एकदम से फिर कितने लोग प जाएंगे देख.
देखिए जो भी हाई ऑक्टेन चीज होती है उसमें. तो ज्यादा पैसा बनता ही है है ना दिल्ली. दिलजीत दोसान का शो होगा या ब्रांडन का शो. होगा तो उस समय जो पैसा क कमाए जो भी. इंस्टिट्यूशन आसपास के लोग वो तो वेंडर वो. हर समय तो नहीं कमाएंगे वो तो बिल्कुल ठीक. कह रहे हैं उतना पैसा लेकिन जो शहर का. इंफ्रास्ट्रक्चर अप हो गया उससे वो प्रयाग. की जो महत्ता है वो तो पहले से है हमारे. पुराणों में प्रयाग में संगम में हर माघ. मेले में लाखों लोग तो ऐसे आते हैं ये जो. माग की दशा बनती है हर जनवरी में बनती है. 6 साल में ये दशा और उत्तम हो के अर्थ.
कुंभ बनता है 12 साल में दशा और उत्तम. होके कुंभ होता है और पूर्ण कुम होता है. और ये 144 साल बाद ये और बड़ी हो जाती है. तो महाकम होता है तो हर माग मेले में तो. हर माग मेले में लाखों लोग आते ही है वो. कुंभ की वो प्रयाग की पुरानी नमी है जो. कुंभ मेला अथॉरिटी का ऑफिस है वहां. परमानेंट ऑफिस है कुंभ मेला अथॉरिटी का. जहां लाखों लोग आते ही आते हैं तो और. प्रयाग में वैसे भी संगम में आते हैं. प्रयाग बड़ी जगह है वहां का प्रयाग का. म्यूजियम प्रयाग का प्रयाग यूनिवर्सिटी. वहां का लेटे हनुमान का मंदिर देर और वहां. जो परमानेंट इंस्टॉलेशन बन ग वहां.
बड़ी-बड़ी विशाल काय वाल्मीकि जी की. मूर्ति ऋषि भारद्वाज की मूर्ति मतलब जो इ. इ अ डिलाइट टू वच वहां के डिजिटल. म्यूजियम्स वो कुंभ की पूरी स्टोरी दिखाते. हुए वो सब वहां परमानेंट इंस्टॉलेशंस बन. गए तो अब प्रयाग अपने आप अट्रैक्ट करेगा. बहुत सारे टूरिजम अब वहां के जो वहां पे. बहुत सारे कंटेंट क्रिएटर्स ने ऐसे ही. प्रयाग को बहुत फेमस कर दिया तो बिल्कुल. जो कुंभ जितनी इकॉनमी है वो तो फॉर शर. जनरेट नहीं होगी हर जनवरी उसका एक उसका एक. ऑलमोस्ट 30 पर 40 पर हर जनवरी में जनरेट. होगा माग मेला जब आता है लेकिन जनरली भी. वहां के होट. अब ऑक्यूपाइड रहेंगे जैसे मैं आपको एक.
छोटा सा उदाहरण देता हूं मैं कुछ एक शूट. के लिए लखनऊ गया दिसंबर एंड. में काफी बड़ी यूनिट थी 150 200 लोगों की. यूनिट थी और हमें होटल नहीं मिल रहा था. मैंने कहा ऐसा क्या हो गया तो मेरे फ्रेंड. से जिनके होटल से मैंने पूछा क शहर में. 3000 डॉक्टर आए हुए हैं तो इसलिए होटल. मिलना मुश्किल मैंने क्यों आए हुए हैं क. बड़ी फेमस पूरे ऑल इंडिया डॉक्टर्स की. कॉन्फ्रेंस होती है वो हर साल कहीं मुंबई. बैंगलर में हो जाती थी इस बार उन्होंने. ऑटोमेटिक लखनऊ को चूज किया है मैंने लखनऊ. को चूज किया है कोई गवर्नमेंट कि. गवर्नमेंट का कुछ नहीं हमने प्राइवेटली.
चूज किया क्योंकि लखनऊ का वो लेवल हो गया. है कि अब वो मुंबई और हैदराबाद के साथ एक. चॉइस सेट में आ चुका है तो प्रयाग आपके. बहुत सारी चीज के चॉइस सेट में आ जाएगा कि. मुझे तो प्रयाग में जाके शादी करनी है वो. डेस्टिनेशन बन जाएगा मुझे तो यहां जाके ये. करना है मुझे इवेंट प्रयाग में करना है. क्योंकि एयरपोर्ट है देखिए एयरपोर्ट होते. ही ना आपकी आधी प्रॉब्लम तो ऐसे सॉल्व हो. जाती है बड़ी-बड़ी ट्रेन होती है आपकी. सॉल्व हो जाती है तो प्रयाग बहुत सारा जो. क्राउड वो पहले नहीं अट्रैक्ट करता था वो. करेगा ओके वो श्रद्धालु से अब वो टूरिस्ट. प भी पहुंच चुका है देखिए श्रद्धालु तो आप. कांटे भी लगा देंगे ना तो तो आएगा ही आएगा. योगीनाथ अपनी अपनी टीम से पता है क्या. कहते हैं कि भाई ऐसा कोई घमंड मत करो कि.
तुम कुंभ ऑर्गेनाइज करा रहे हो कुंभ तो. बाबाओं का कुंभ है साधु सन्यासी वो तो. आएंगे ही आएंगे श्रद्धालू आएंगे कल्प वासी. आएंगे आएंगे आप दिखाओ कि आप कितने अच्छे. होस्ट हो आप कितनी अच्छी तरह ऑर्गेनाइज कर. सकते हो आप बच्चे वहां से वो अच्छा. एक्सपीरियंस लेके जाएंगे कि वो वहां से. स्टैंप पीड देखते हुए जाएंगे तो वो. एक्सपीरियंस जो अच्छा हो गया एक बार शहर. का लेवल अप हो गया वो फिर आपको बाकी समय. भी अट्रैक्ट करेगा बहुत सुंदर शहर था मैं. फिर जाता हूं वहां प अब मैं फैमिली के साथ. जाऊंगा अब मैं अपने माता-पिता को ही. घुमाऊंगा अब मैं लार्जर रियूनियन करूंगा. वहां पर तो जो शेयर का इंफ्रास्ट्रक्चर अप.
हो गया वो तो काम आएगा एंड ओवरऑल रेवेन्यू. कितनी होगी इस इतने दिनों में उसकी 15000. करोड़ अगर खर्चा हो र है इसकी जो प्र. स्टेट के लिए कितना रेवेन्यू क्रिएट करेगा. ये मतलब स्टेट के लिए तो देखिए स्टेट तो. टैक्सेस से लेगा केवल है ना तो ये जो. इकोनॉमी जनरेट करेगा वो दो से 3 लाख करोड़. की इकॉनमी जनरेट करेगा और ये बॉटम्स ऑफ. इकॉनमी है बॉटम्स मतलब इसमें चाय वाला भी. है इसमें बहुत छोटे-छोटे वेंडर भी है. इसमें केवल जो टेंट बेच रहा है ₹ हज का वो. भी नहीं है इसमें कई हजारों छोटे-छोटे. वेंडर हैं इसमें 25 इसमें एंप्लॉयमेंट है. इसमें 25 तो केवल सफाई कर्मी है 10000. लोगों ने टेंट लगाया है 10000 संस्था म.
जूना खाड़ी का एक टेंट बीएचपी का एक टेंट. परमाण निकेतन का एक टेंट तो ऐसे 10000. टेंट उसमें लोग एंप्लॉयड है तो कई हजारों. लाखों लोग तो एंप्लॉयड है उसमें तो वो जो. एंप्लॉयमेंट हुआ. वो वो एंप्लॉयमेंट तो है ही और बाकी जो. इतनी सारी चीजें इंस्टॉलेशन है वो इकॉनमी. जनरेट करेंगे और उसका एस्टिमेशन है कि दो. से ती लाख करोड़ की इकॉनमी जनरेट करेगा ये. 45 दिन का प्रयाग महाक एंड बट वो दो से 3. लाख करोड़ की जो इन होगी मोस्टली कैश. इकॉनमी होगी तो गवर्नमेंट के पास.
पहुंचेंगे टैक्सेस उसमें कैश इकॉनमी नहीं. होगी देखिए आजकल तो अधिकतर पेमेंट यूपीआई. पेमेंट यूपीआई पेमेंट है उसमें आप जितनी. भी आपको टेंट बुकिंग है होटल बुकिंग है वो. सब क्योंकि छोटे-छोटे खर्चे होते हैं चाय. वगैरह का पैसा लोग यूजुअली क कर बिल्कुल. होगा उसमें 20 30 पर उसमें कैश होगा लेकिन. उसका 60 70 पर उसका जो आप आप फ्लाइट से. आएंगे आप ट्रेन से आएंगे वो आप बस से. आएंगे वो गवर्नमेंट के पास जाएगा आप किसी. जगह रहेंगे फॉर्मली वो गवर्नमेंट के पास. जाएगा गवर्नमेंट जो स्पेंड करा है वो. वेंडर्स है जो हां एक एक और बात ये जो.
10000 कैंप लगे हैं ना ये गवर्नमेंट ने. नहीं लगाए ये मान ले जूना खाड़ा का कैंप. जना खाड़ी ने लगाया परमाण सरकार ने उसको. लैंड दे दी है सरकार ने क्योंकि. आर्टिफिशियल ये तो टेंपरेरी जगह है सरकार. ने वहां प बिजली बिजली की व्यवस्था कर. दिया सरकार ने वहां पे सीवेज की पानी की. व्यवस्था कर दी है तो वो जो टेंट लगाया वो. तो अपने पैसे जुना खड़े के पैसे से लगाया. ना उनकी जो डोनेशंस आई परमार्थ निकेतन का. क परमार्थ निकेतन ने लगवाया बल्कि वहां तो. कम से कम बहुत सारी एनजीओस आ गई हैं एक. एनजीओ है जो जो आई सर्जरी करती है उसने. अपना ठाना है कि मैं 5 लाख आई सर्जरीज.
करूंगा कुं के दौरान एंड दे आर क्रिएटिंग. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड इन 45 डेज अ. ऑर्गेनाइजेशन डूइंग 5 लाख आई सर्जरी वहां. पे कम से कम 8 टू नाइ गिनीज बुक 8 टू नान. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड आर इन मेकिंग. एज मतलब उन्होने टारगेट कर लिया और वो. उतना कर ही लेंगे क्योंकि उनको पता है. इतना नंबर्स आ रहा है बल्कि उससे ज्यादा. ही कर लेंगे तो लॉट ऑफ एनजीओस एंड लॉट ऑफ. सेल्फ हेल्प ग्रुप्स लॉट ऑफ नॉन प्रोफिट. ऑर्गेनाइजेशन और आल्सो कमिंग देयर क्योंकि. इतने सारे लोग हैं तो सेवा का मौका है वाओ. ओके बहुत सारी ना सरप्राइजिंग चीजें होती.
है उधर कुम में पर वो देखने के लिए मुझे. एक एस्टीमेट दो कि अगर कोई रहीस आदमी है. और कोई जिस जो अफोर्ड नहीं कर सकता कोई. गरीब आदमी तो वो दोनों कैसे पहुंच सकते. हैं कितने पैसे लगते हैं देखिए तो अगर ये. पॉडकास्ट कोई देख रहा है और वो चाहता है. कि यार मैं कम से कम में चले जाऊं एकदम ना. के बराबर खर्चा हो तो कितना खर्चा लगेगा. कहां क जाना चाहता है कि मैं बहुत आराम से. जाना चाहता एक जो एकदम लग्जरी जाना चाहता. है तो क्या जाना चाहता हू. देखिए तीन एलिमेंट.
है जो आपके किसी भी हॉलिडे में किसी भी. ट्रेवल में होते हैं सबसे पहले तो आप. ट्रेवल करके पहुंचेंगे वहां पर तो ट्रेवल. कैसे करेंगे आप फ्लाइट से ट्रेवल करेंगे. आप ट्रेन से ट्रेवल करेंगे आप रोड से. ट्रेवल करेंगे ये तीन ही तरीके हैं ट्रेवल. करने के प्रयागराज में एयरपोर्ट है पहली. बात तो ये मुझे बहुत लोग प्र एयरपोर्ट है. क्या प्रयागराज में एयरपोर्ट है जिससे. डायरेक्ट फ्लाइट्स है या फिर कनेक्टिंग. फ्लाइट्स है अगर आपको लगता है कि फ्लाइट. महंगी हो रही है या आपके हा से नहीं है. बगल में चार एयरपोर्ट और है मतलब बगल मतलब. पासपास तीन चार घंटे के अंदर काशी में तीन. घंटे काशी एयरपोर्ट से प्रयाग 3 घंटे. अयोध्या एयरपोर्ट से से प्रयाग 4 घंटे.
लखनऊ एयरपोर्ट से 45 घंटे दिल्ली एयरपोर्ट. से भी सात आ घंटे वो भी कोई बड़ी बात नहीं. है दिल्ली और दिल्ली से तो मतलब हर जगह की. बड़ी से बड़ी फ्लाइट है तो ये चार. एयरपोर्ट है तो पांच एयरपोर्ट आपको मिले. हैं जिससे आप जा सकते हैं दिल्ली से या. पूरे देश से प्रयाग की कनेक्टिंग ट्रेन क. या तो डायरेक्ट ट्रेन या कनेक्टिंग ट्रेन. से दिल्ली से वंदे भारत चलती है आप दिल्ली. आ जाए वंदे भारत से. अ प्रयाग पहुंच जाए और लोग तो पूरा सर्किट. करके आ रहे हैं कि भाई दिल्ली रुकूंगा. मथुरा करके आऊंगा काशी अयोध्या पासपास है. तीन घंटे की दूरी में वो करके आऊंगा फिर.
वहां प प्रयाग आऊंगा फिर प्रयाग से वापस. जाऊंगा तो पूरा आप सर्किट भी कर सकते हैं. जो राम राम जन्मभूमि कृष्ण जन्मभूमि एक. ज्योतिर्लिंग और प्रयाग में डुबकी तो एक. ये हो गया अब आप पहुंच गए वहां पे जैसे भी. पहुंचे अब आपको वहां रहना है और खाना खाना. है सेकंड स्टेप है किसी भी ट्रेवल का रहने. के फ्री से लेकर 00 से लेकर हर तरह के. जुगाड़ है अगर आपको शहर में रहना है मेला. सिटी में रहना है ये दो शहर मतलब शहर का. आप डेफिनेशन समझ रहे ना जो शहर जो पुराना. प्रयागराज शहर है और ये टेंपररी मेला सिटी. इसको मेला सिटी बोलते हैं हम लोग कुंभ. मेला सिटी शहर में रहना तो ट्रेडिशनल जगह.
है आप एर एयर बीएनबी प जाए होम स्टेज प. जाएं आप होटल बुक करें ठीक है ये तो. स्टैंडर्ड है स्टैंडर्ड है आपकी जो ट्रेवल. वेबसाइट है उसमें जाए और ट्रेवल बुक करें. आईआरसीटीसी और बल्कि हर ट्रेवल वेबसाइट. में ऊपर कुं का वो आ रहा है मैड आ रहा है. वो लोग कुम को बहुत प्रमोट क्यों कर उनको. पता है कि कुम में उसको बिजनेस आ रहा है. मेज आप किसी भी ट्रेवल वाले से टपर को. बुला के पूछ लीजिए जो ऑल टॉप फाइव ट्रेवल. वेबसाइट्स है ठीक है अब आपने होटल बुक कर. लिया आपको अगर कुंभ का एक्सपीरियंस लेना. है तो मेरा यह मानना है मेरा ये कहना है. मेरी ये एडवाइस है कि आप कुंभ में रहे आप.
कुंभ मेला क्षेत्र में रहे वहां करीब 2. लाख टेंट्स है मतलब 12 बड़ी कंपनियों ने 2. लाख और एक में डबल शेयरिंग ट्रिपल शेरिंग. मतलब 6 से 10 लाख लोग रह सकते हैं केवल 10. टेंट में उसमें आप गवर्नमेंट ने वेबसाइट. दे रखी है उसमें गवर्नमेंट के अपने यूपी. टूरिजम की भी वेबसाइट है यूपी टूरिजम के. भी टेंट्स हैं और बाकी एक 1012 कंपनी जो. गवर्नमेंट अप्रूव्ड है इसमें बिल्कुल. बिजली आएगी तीन बार का आपको खाना मिलेगा. शुद्ध शाका खाना मिलेगा में हीटर मिलेगा. गर्म पानी मिलेगा बिल्कुल एक जैसे लग्जरी.
टेंट्स बहुत जगह होते हैं राजस्थान में. होते हैं वो लग्जरी टेंट है अगर आपका किसी. बड़े मठ मंदिर से परिचय हो तो सबके टेंट. लगे हर बड़े मठ मंदिर के मतलब मुंबई के. बड़े जो मठ मंदिर हैं उनके वहां टेंट लगे. होंगे उनसे परिचय कर लीजिए पता कर लीजिए. कि सबके होते हैं कुछ कुछ डोनर्स होते हैं. कुछ श्रद्धालु होते हैं कुछ रेगुलर. विजिटर्स होते हैं टेंपल के उनसे पूछ. लीजिए उनके संबंध है ये जो मैंने आपको. बताया 10000 कैंप्स इनके पास सबके पास. रहने की व्यवस्था है ना तो उनके पास वो. बता देगा मेरे पास इस दिन खाली है हां लोग. के साथ आ जाओ मेरे पास इस दिन खाली है उस. आ जाओ गवर्नमेंट ने 25000 फ्री बेडस बनाए.
हैं जो एक एक दिन के लिए मतलब वो फिर रहने. के लिए नहीं है भाई आप जाओ ना हो सुबह आप. रहो वहां पे चले जाओ तो उसकी वहां पे. ऑनलाइन वहां पे ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन है. आप अपना आधार कार्ड दिखाओ तो आप बिल्कुल. फ्री में रह सकते हैं जो ये बड़े-बड़े. टेंट्स मैंने एक्सपेंसिव ट्रेंड्स बोले. इसमें डॉरमेट्रीज है 000 की जिसमें. फैसिलिटी सारी वही है लेकिन आप 10 लोग 10. लोग 20 लोग साथ में वो भी आपको आपको बेड. मिला है कैबिनेट मिला है उसमें लॉक है तो. आप 2000 वाली इन लग्जरी टेंट्स के ही. प्रोमाइज में आप अब रह सकता है वो डोमरी. ले सकते ठीक है आपने रह लिया अब आपको खाना.
खाना है इंटेंट्स में तो खाना मतलब. बिल्कुल एक जैसे हमारे यहां थ्री टाइम मील. है लेकिन कुंभ में आप भूखे तो मर ही नहीं. सकते वहां इतना खाना बट रहा है इतना खाना. बट रहा है हर जो 10000 मैंने आपको कैंप्स. बताए छाबलिया बताई वो सब कोई ना कोई लंगर. कर रहा है कोई ना कोई भंडारा कर रहा है. वहां तो आप जाएंगे तो कुछ आपके मुंह के. आगे आ जाएगा मतलब आपको ढोकला भी मिलेगा. हलवा भी मिलेगा कड़ी चावल भी मिलेगा वहां. पर सब शाकारी शुद्ध शाकारी भोजन मिल रहा. है फिर जोगी बाबा ने सरकार ने 0 मील की एक. बोल लगा लगा दिए बड़ी-बड़ी कैंटीन लगा दए. वहां पर अदानी जी ने अभी कहा स्कन के साथ.
उन्होने टाइप करा और वो लाखों लोगों को. डेली प्रसाद मतलब भोजन करवाएंगे तो भोजन. तो व समस्या ही नहीं है तीरी चीज है. एक्सपीरियंस भाई साम आप पहुंच चुके सामने. नदी है उसमें डुबकी लगाइए स्नान करिए एक. मेरे मित्र कह थे यार मेरी स्नान में मदद. कर देना मैंने कहा आप यहां खड़े नदी जाके. कपड़े उतारिए स्नान करिए और फिर महिलाए तो. उनके लिए चेंजिंग रूम बने इतनी ठंड होती. है आपको आपको टॉयलेट यूज करने है तो. टॉयलेट बिल्कुल ड्रॉप ऑफ द हैट टॉयलेट है. सफाई करमी फई रखेंगे और देखिए व ना एक एक. एक एंटरटेनमेंट वैल्यू भी है उसकी.
रिलीजियस एंटरटेनमेंट वैल्यू मतलब वहां. जुबे नौटियाल भी गाना गाते हुए दिखाई. देंगे आपको वहां कम से कम एक एक बैटरी ऑफ. रिलीजस सिंगर आ रहे हैं फ्रॉम अनूप जलोटा. टू जुमन नौटियाल आपको दिखेंगे वहां पे. आपको जगी वासुदेव से लेकर बाबा रामदेव. योगा कराते हुए दिखेंगे आपको तो वहां पे. मतलब कल्चरल इवेंट्स दिखेंगे कोई भरत. नाट्यम शैली में महाभारत प्रस्तुत कर रहा. है कोई बिहू शैली में रामायण प्रस्तुत कर. रहा है तो इटस लाइक अ कल्चरल एक्स्ट्रा. वगें इफ आई कैन यूज द वर्ड राइट फिर. गवर्नमेंट के अपने इंस्टॉलेशंस है मतलब. वहां पे आप एआर वीआर पहन के होम की स्टोरी. सुन रहे हैं तो डिजिटल म्यूजियम है वहां. पे वहां पे पार्क बने हुए हैं बहुत सारे.
एआई एआई की चीजें बनी हुई है वहां पे तो. वहां पे अमेजिंग इंस्टॉलेशंस है और अगर. आपको ना एक चीज मैं साथ-साथ में दिखाता. हूं अ बल्कि. हम chat.com up.gov.in ये चैट बॉट बनाया. बहुत सॉलिड चैट बट यूपी गवर्नमेंट ने. बनाया इसमें बल्कि जो ओला का कृत्रिम वो. है एआई बेस वो वो यूज कर रहा है उसका उसका. लोगो भी है और जो भाषणी जो हमारा. गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का ट्रांसलेशन इंजन. है है वो यूज हुआ है तो इंडिया की इंडिजन. अस टेक्नोलॉजीज भी यूज यूज करें सर्वर से.
लेकर वो इसमें आप जाएंगे अगर तो यहां पे. आपको सारी चीजें हैं मस्ट मस्ट अट्रैक्शन. की जो जगह हैं इसमें मैं आपको पढ़ के. सुनाता हूं फ्लैग ऑफ नेशंस सारे कंट्री के. फ्लैग लगे हैं वो एक बहुत स्पॉट देखने. जैसा है अमज मेंट पार्क्स है बहुत सुंदर. डिजिटल म्यूजियम है बहुत सुंदर डिजिटल. म्यूजियम है आपको पूरी कुंभ की कथा ए. आरवीआर से आपको दिखेगी पूरी मरीन ड्राइव. जैसा है मुंबई में है मरीन ड्राइव है वहां. पे अपनी मरीन ड्राइव क्योंकि इतनी सारी. नदी है उसको बहुत सुंदर से क्यूरेट करा है. वहां पे कुछ खास तारीखों में ड्रोन शो. होंगे मतलब 2000 ड्रोन आईटी डेल्ली की टीम.
है वो 2000 ड्रोन बहुत सारे सुंदर-सुंदर. फॉर्मेशन बनाएंगे दे ऑल फ्लाई आपको पता भी. नहीं लगा कि इतने सारे ड्रोन उड़ रहे हैं. वो सो वो वो फॉर्मेशन होंगे वाटर के लेजर. शोज होंगे मतलब आप रिलीजस रीजन तो जा रहे. हैं आप बिल्कुल एक मेसमराइज्ड होके वहां. से वापस लौटेंगे तो वहां पहुंच वहां पे. रहिए वहां पे खाना खाइए और उसको डुब की. जरूरत लगाइए तो टोटल पैसे कितने लगते हैं. अगर एक गरीब आदमी को जाना है तो एंड टू. एंड मुझे यूनिट ना तो बताओ जितना आपके. हिसाब से और एक रईस आदमी जाके कितना खर्च.
कर लाख खर्च कर सकता है देखिए मान ली आप. दो तीन दिन के लिए जाते हैं पहले रईस आदमी. से शुरू करते हैं आप दो तीन दिन के लिए. जाते हैं 200 हज 100 हज 200 हज की कॉटेज. जो आजकल का होटल का रूम भी होता है इतना. तो तीन चार दिन वो कॉटेज हो गई आप फ्लाइट. से आए तो एक डेढ़ लाख खर्चा लाख का खर्चा. क एक कपल का एक कपल का एक लाख खर्चा है. अगर आप बिल्कुल तीन चार दिन फ स्टार लेवल. पे जाके ते. बाकी वहां पे मैंने जैसे बताया दोज की. डोमेट्री भी है तो आप तीन दिन रहेंगे एक. आदमी तो 000 का खर्चा खाने का कोई खर्चा.
नहीं है आने जाने का आपने मान लिया मिनिमम. आप 000 र में चले गए तो आप चार 5000 में. मिनिमम जा सकते हैं बिल्कुल जैसे ना क्या. है बहुत सारे नेता बहुत सारे सामाजिक. संस्था बस चला रही है फ्री में कुम चलना. है कुम चलना है मतलब पहले से रजिस्ट्रेशन. कराते हैं मंदर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं. बहुत सारे साउथ से क्या आपको कुम चलना है. तो वो मतलब किसी ने डोनेट कर दिया किसी. लाला जी ने डोनेट कर दिया कि भाई मैं. 10000 लोगों को लेके जाना चाहता हूं जैसे. आपने सुना होगा हमारे कहा था कि कि कुंभ. जाने में तीर्थ जाने से पुण्य मिलता है ले. जाने से डबल पुण्य मिलता है तो बहुत सारे. लोग होते हैं जो ले जाते खुद तो जाते हैं. और बहुत सारे लोगों को लेके जाते हैं तो. वो व्यवस्था भी आपको शहरों में मिल जाएगी.
तो ऐसे बहुत सारे लोग जो फ्री में पहुंच. जाते हैं और उनको फ्री बिल्कुल ऑलमोस्ट वो. फ्री में एंड टू एंड हो जाता है अपना कुछ. छोटा खा लिया उन्होंने बीच में तो 100 100. 00 वाले भी होते हैं लेकिन उसका कोई तो. पैसा स्पेंड कर रहा है मतलब कुंभ की. इकॉनमी में ड हो रहा है वो उस व्यक्ति की. जेब में नहीं जा रहा है गट इट ओके अब इसके. अलावा यह बात हो गई हमने बात करी वहां तक. पहुंचे कैसे इकॉनमी कैसे बनेगी कुम क्या. होता है ट कुंभ में बहुत सारी सरप्राइजिंग. चीजें होती है तो मुझे के बारे में जानना. है बहुत सारी चीजें जो बहुत सोशल मीडिया प.
बहुत फेमस है और बहुत क्वेश्चन भी होते. हैं उसके अराउंड राइट तो आ आस्क यू फर्स्ट. होती है कि जो डिवटी होते जो श्रद्धालु. होते हैं वो उल्टा चल के जाते हैं वो. क्यों होता है देखिए आपको कुंभ में ना. कुंभ में नहीं मतलब आपको जो भी भारत के. रिलीजस प्लेस है उसम बहुत अलग-अलग चीजें. दिखेंगी जैसे आपने देखा होगा मथुरा में हम. गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं या तिरुपति. में हम हम सड़क से भी जा सकते हैं सीढ़ी. से चढ़ते भी जाते हैं कुछ लोग सीढ़ी प. घुटनों के बल चलते हुए जाते हैं मतलब मैं. अपने आप को और कठोरता दूंगा जिससे मैं और.
बड़ा पुण्य प्राप्त कर सकूं गोवर्धन की. पूजा में लोग लेट लेट के जाते हैं लोग. घुटने से नापते नापते जाते हैं तो ये वही. है कि भाई मैं इस तरह से जाऊंगा मैं अपने. आप को और एक कंसंट्रेशन में रखूंगा उल्टा. चलना आपने कहा बाबा रामदेव के साथ करा वो. कहते हैं उल्टा चलना बहुत अच्छा होता है. हील प प्रेशर आता है तो वहां से भी उस उस. विधा से भी लोग सोच रहे हैं तो आपको लोग. इस तरह की कठोर कठोर चीजें मुश्किल. मुश्किल चीजें करते हुए देखें कि मैं ऐसे. जाऊंगा मेरा इतना समर्पण है मैं चलते हुए. जाऊंगा मैं रोल करते जाऊंगा मैं घुटने के. बल जाऊंगा मैं हाथ के बल जाऊंगा तो वो. आपको हर जगह प दिखेंगे वो यहां पर्सनल.
चैलेज इटस पर्सनल चैलेंज टू योरसेल्फ कि. मैं ऐसे जाऊंगा बाकी को इसका रिलीजियस. काटेक्स में वो वो हां मतलब मैं अपने आप. को और एक अपने आप को चैलेंज दूंगा और इस. तरह से जाऊंगा गट इट फिर बहुत सारे साधु. हैं जो अपने आपको को अंडर वाटर इमर्स कर. देते हैं अंडर वाटर कॉफिंस में वो क्यों. करते हैं देखिए आपको वहां. पे साधु में दो तरह के साधु मिलेंगे एक. साधु जो अखाड़े से संबंधित है हमारे शबाइट. अखाड़े हैं हम वैश्णवा अखाड़े हमारे. उदासीन अखाड़े आपके दर्शकों के लिए नाम भी.
बता दूं महानिर्वाण अटल निरंजनी आनंद जूना. आवान और अपनी ये सात शैव अखाड़े जो शिव के. उपासक है तीन वैष्णव अखाड़े हैं निर्वाण. दिगंबर और निर्मोही है ना जिसका हम. अयोध्या के केस में भी सुनते क अयोध्या एक. वैष्णव जगह है और जो तीन अखाड़े हैं वो. सिख अखाड़े हैं लोग कहते हैं सिख हिंदू. में इतना ब पन्नू वहां बैठ के धमकी दे रहा. है यहां प सिख अखाड़े सिख अखाड़े जा रहे. हैं तो बड़ा पंचायती उदासीन छोटा पंचायती. उदासीन और निर्मल ये 13 तो फॉर्मल अखाड़े. हैं फिर जो नॉन अखाड़ वाले संत जैसे चिन्म.
मिशन के संत आ गए जैसे जैसे बाबा रामदेव. चले गए जैसे जगी वासुदेव सदगुरु पहुंच गए. जैसे परमार्थ निकेशन के साधु पहुंच गए ऐसे. बहुत सारे हमारे यहां सेक्ट है उसके साधु. भी पहुंच. गए इसमें सबकी एटिक परंपराएं है अपनी अपनी. देख साधु क्या है जिसने सारी अपनी सेंसेस. के प्लेजर को छोड़ दिया है केवल भोजन खाता. है जो सेंसेस वाला भोजन भी ऐसा खाता है कि. आप उस भोजन को खा द तो भाग जाएंगे वहां से. ना बिल्कुल उसमें नमक भी नहीं होगा हल्दी. भी नहीं होगी जस कि भाई ये शरीर चलता रहे. इसकी तो उसने सारे सेंसेस छोड़ दिए अपने. तो वो अपने आप को और तबकी अलग-अलग वो अपने.
आप को और तबकी अलग-अलग अवस्थाओं में डालते. हैं तो आपको दिखेगा कि भाई आपको लगेगा ये. नग धरंग क्यों घूम रहे हैं ये तो पब्लिक. डिसेंस नहीं है तो आपको जब सुबह-सुबह. खासकर आप जो शाही स्नान होता है जिसको हम. अमृत स्नान कहते हैं मान लि मॉर्निंग. अमावस्या के दिन देखने जैसा होता है इट्स. अ डिलाइट फॉर फोटोग्राफ्स वहां बहुत सारे. दुनिया के फोटोग्राफ्स दे थ्रंग देयर विथ. देर लाइक लॉन्ग. लेंसेक्स अपनी माइनस फ की जैकेट और लंडन. वाली जैकेट पहन के बैठे हैं कैप लगा के. नागा साधु भागते हुए केवल लंगोट लगा के बस. लगा के भागते हु आते हैं हर हर महादेव.
त्रिशूल डमरू लेके जमप कर लेते हैं मतलब. वो कैसे टेंडेंसी है भाई उनको उनकी वही. बॉडी है ना ह्यूमन बॉडी तो सेम है ठंड अगर. है 4 डिग्री एंड फील्स लाइक दो डिग्री. पानी फ्रीजिंग है तो उनको क्यों नहीं ठंड. लग रही है तो यानी उन्होंने कुछ जनरेट कर. लिया अपने अंडर में सो वो एटिक प्रैक्टिस. आपको दिखेंगी तो आपको ऐसे ऐसे बाबा. बैठेंगे जिन्होंने हाथ नहीं हाथ नहीं नीचे. करा है कई सालों से आप आप अभी 15 मिनट. करके देखें यहां प दर्द होने लगेगा आपको. तो आपको ऐसे बहुत सारे लोग देखें जो शरीर. को कष्ट दे रहे हैं शरीर को कष्ट क्यों दे. रहे हैं जिससे शरीर से मोह खत्म हो जैसे.
मैं आपको बताता हूं आपने योगी तना अ को. देखा हो तो वो जो अपना कुंडल पहनते हैं वो. यहां नहीं पहनते वो यहां पहनते हैं है ना. इसे कहते हैं कंफर्टे साधु जो नाथ परंपरा. में कंफर्टे साधुओं की परंपरा है बिल्कुल. एक चीरे से ऐसे उसको मतलब एक लोहे के चीरे. से तेल डाल के उसको बिल्कुल कंफ कर देते. हैं और उस समय आपने ऐसे करा ना तो कहते. अच्छा यू हैव टू मच लव विद योर बॉडी. नेक्स्ट मतलब ज्यादा ऐसा नहीं करना मल हां. ठीक है खासकर योगी अनाथ का कर्ण भेदन. बोलते हैं उसको उसको बड़ा मतलब उसकी बड़ी. एग्जांपल री है कि वो तो ऐसा लगा जैसे कुछ. हुआ ही नहीं मतलब ही वाज सो सेटिंग इन द.
एज ऑफ 22 राइट तो इस तरह के कि शरीर के. मुंह से छोड़ो शरीर शरीर हम लोग तो शरीर. के मुंह में कपड़े पहनेंगे एसी लगाएंगे. गर्मी लगाएंगे अच्छी चीजें खाएंगे अच्छे. पार्टनर के साथ रहेंगे अपने तो सब चीजें. हमारी सेंसेस के हिसाब से हैं वो सेंसेस. से दूर कैसे जाए तो उसमें आपको इस तरह की. चीजें देखेंगी जो एक नॉर्मल वर्ल्ड में. बड़ी अतरंगी सी लग सकती है कि पानी के. अंदर क्यों बैठा है ये ये ये कपड़े उतार. क्यों बैठा है ये सालों से हाथ ऊपर करके. क्यों बैठा है इसने बाल क्यों उगा लिए हैं. इसने नाखून क्यों नहीं कट रहे हैं हम. लोगों को अपने सांसारिक जीवन में वो ऑड लग. सकती है लेकिन वो क्य कर रहा एक एटिक. टेंडेंसी के लिए कि मैं इन समाज के सुखों.
से इन समाज के नॉर्म से टेंडेंसी से दूर. जाके केवल अपनी ध्यान में केवल अपने जो. मैं अपनी स्पिरिचुअल जर्नी में उसमें आगे. बढ़ाऊ तो उसमें आपको ये सारी चीजें दिखाई. देंगी तो बल्कि ये भी एक चैलेंज है ऐसी. ऐसी चीजें ढूंढो और उसको समझो कि क्यों है. वहां पर एंड स्नेक वरशिपिंग क्यों होती है. देखिए स्नेक तो हमारे तो वासुकी नागदेव है. और क्योंकि इसके जो तीन चार एलिमेंट है. समुद्र मंथन के उसमें मंदार पर्वत पर्वत. तो हमारे यहां पूजनीय है ही मतलब हम तो. वैसे ही एनवायरमेंट के इतने बड़े उपासक है. कि हम नदी की पूजा करते करते हैं पर्वत की. पूजा करते हैं और इसमें नाग वासुकी.
ने के थ्रू मंथन हुआ था तो नाग पंचमी मनाई. जाती है हमारे तो स्नेक वशिप तो हमारे य. मतलब बड़ी नॉर्मल चीज है और क्योंकि य नाग. वासुकी इसके इंस्ट्रूमेंटल थे तो यहां पर. आपको स्नेक वरशिपर्स और दिखेंगे गड एंड. फिर यहां प टंग पियर्सिंग भी होती है टंग. पियर्सिंग यहां पर भी होती है और बहुत. सारे साधु आपको वैसे भी दिखेंगे जो अपनी. अपनी कंदरा में जहां प रह रहे कु में टंग. पियर्सिंग कराना एक बहुत बड़ी हा मतलब. देखिए कोई भी चीज जैसे हम कहते हैं ना कि. एक तो आप वैसे टंग पसिंग कर या कर्ण छेदन. कराए लेकिन उस जगह प करा के वहां पर और. अच्छा मोर आजकल तो बहुत सारी शादियां.
मंदिरों के अंदर होने लगी है बड़ी-बड़ी. जगहों प होने लगी है तो मतलब टंग पिरसी. मुझे करानी है या मुझे कर्ण छेदन कराने है. मैं उस जगह जैसे मुंडन कराना है मुंडन मैं. अपने घर प भी करा सकता हूं उस जगह प भी. जहां पर योग अच्छा है तो जो हमारी अच्छी. परंपरा है उसको वहां पे उन उनको करना और. उसके मतलब उसम और डिविली मानी जाती है गॉट. इट एंड अग्नि पूजा होती है फायर रिचुअल्स. होते बहुत सारे होते हैं वहां पे यन होते. हैं क्या होते हैं क्यों होते हैं देखिए. बल्कि मैं थोड़ी देर आपको टॉपिक्स अलग. करके वापस अगनी बात कल्पवास का आपने शब्द. सुना होगा बल्कि वो कब शब्द अभी पॉपुलर कब.
हुआ कि स्टीव जॉब्स की वाइफ पॉयला जॉब्स. अभी तीन दिन पहले चार दिन पहले पहुंची और. वो कल्पवास करेंगी ये लिखा तो ने कल्पवास. क्या होता है और वो किसी लगजरी टेंट में. नहीं रह रही है वो किसी धार्मिक छावनी में. रह रही है जो जो किसी किसी मठ मंदिर की. छावनी में साथ रह रही है कल्पवास क्या. होता है 45 डेज के लिए पूरे दिन के लिए आप. एक 21 21 स्ट्रंग वाउस के साथ रहते हैं 21. बिल्कुल कठोर नियमों के साथ रहते हैं मतलब. नियम किस तरह के हैं अगर आप शादीशुदा भी. हैं तो सेलिब्रेट रहेंगे आप ब्रह्मचर्य का.
पालन करेंगे उन 45 डेज आप जमीन पर सोएंगे. आप ब्रह्म मुरत म 345 पर उठेंगे आप तीन. बार गंगा का स्नान करेंगे आप एक तरह का. खाना खाएंगे वो भी केवल एक जमीन पर सोएंगे. आप साधु संतों की सेवा करेंगे आप प्रवचन. में जुड़े रहेंगे आप स्नान इस तरह से. करेंगे और आप मेला क्षेत्र के बाहर नहीं. जाएंगे आप किसी के बारे में बुरा नहीं. बोलेंगे आप सबकी सेवा करेंगे इन वाउस के. साथ आप जब रहते हैं तो उसको उसको माना. जाता है कि वो 100 साल व्रत करने के बराबर. है मतलब उसका जो 100 साल व्रत करके जो फल. मिलेगा या जो आप में पायस आएगी जो आप में.
स्ट्रांगनेस आएगी वो इन 45 डेज कुं मतलब. कुंभ इतना अच्छा योग है कि कुम में वो 45. डेज कर ली तो दैट आल्सो लाइक अ लाइक अ गोल. फॉर लॉट ऑफ पीपल कि उसका अर्थ भी जैसे फुल. मैराथन होती है हाफ मैराथन होती है आप एक. हफ्ता करके देखिए उन वाउस को एक हफ्ता. करके देखिए एक दिन दो दिन करके देखिए 15. दिन करके देखिए आपका ओरिजिनल क्वेश्चन. क्या था कल मैं अग पूजा के कर तो उसमें एक. होता है कि अग्नि पूजा भी करेंगे जो मैंने. आपको जो कल्पवास की मैंने आपको बताया. उसमें एक होता है पूजा करेंगे अग्नि का. सेवन करेंगे देखिए अग्नि का हमारे यहां. वैसे भी बहुत मतलब हमारे जीवन में आपका.
नामकरण होता है हवन होता है उसमें अग्नि. होती है ठीक है आपका आप आप पहली बार अक्षर. अभ्यास करते हैं उसमें कोई पूजा होती है. उसमें अग्नि होती है आपके जन दिन आते हैं. अलग-अलग उसमें अग्नि पूजन होती है आपकी. शादी ब्याह होता है आपका शादी ब्याह होता. है आपका ऑफिस लेते हैं ग्रह प्रवेश करते. हैं ऑफिस प्रवेश करते हैं उसमें अग्नि. पूजन होता है आपकी शादी होती है वो तो. फेरे ही अग्नि के अराउंड होती है आप जब. मरते हैं तो अग्नि में समाहित हो जाते हैं. तो अग्नि का अग्नि जो फाइव एलिमेंट्स हैं. उसमें अग्नि एक इंपोर्टेंट एलिमेंट है तो. अग्नि तो हमारे यहां है और ऐसी जगहों पे.
हवन हवन करना यज्ञ में पार्टिसिपेट करना. और अच्छा माना जाता है तो इसलिए जो भी आप. नेचुरल रिचुअल्स करते हैं सनातन में वो. यहां पे और अपनी 10x पावर छोड़ते हैं. इसलिए आपको वो करते हुए लोग दिखेंगे वहां. प कितना एंप्लॉयमेंट होगा इसमें इसमें. एंप्लॉयमेंट के नंबर्स नहीं आए अभी आएंगे. शायद थोड़े समय में क्योंकि सबके अपने. अपने एंप्लॉयमेंट पता नहीं है लेकिन कोई. स्टडी कर रहा है अभी हां 25 इंस्टिट्यूशन. तो फॉर्मली स्टडी करने है यूपी गवर्नमेंट. के साथ करके 25 इंस्टिट्यूशन अलग-अलग कोई. स्टडी कर कोई अर्बन स्टडी कर रहा है कोई.
अध्यात्म स्टडी कर रहा है कोई हाइजीन. स्टडी कर रहा है कोई इतना अर्बन. इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएट कैसे हुआ उसमें. हावर्ड स्टैनफोर्ड आईएम आईटी जेएनयू सब है. उसमें तो 25 इंस्टिट्यूशन तो आपको बहुत. सारी रिपोर्ट आएंगी इसके क्यों आ र हैं. हावर्ड आईईटी आईम उनके लिए बहुत बड़ी चीज. है ना यार इतना सारा कैसे मतलब इतने सारे. लोग आ स्टडी कर रहे हैं लोग जैसे वो. देखेंगे कैसे इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएट कैसे. करा है लोग आ रहे हैं लोग जा रहे हैं उनकी. क्या साइकोलॉजी अपने सर्वेज करेंगे. इंस्टीट्यूशन को चेक करेंगे गवर्नमेंट. फैसिलिटी को चेक करेंगे और इन लोगों का ना. साइज बहुत बड़ी चीज है राज. क्योंकि इनके पास साइज नहीं है ना लाइफ. इनकी लाइफ में साइज नहीं है ना जैसे मुझे.
छोटा सा एग्जांपल देता हूं मैं किसी इवेंट. में हॉल यूएस में मेरा इवेंट था तो उसमें. 600 700 लोग आ गए अंदर ट्रंप आया था दो. 3000 लोग आए थे भाई ट्रंप इज ट्रंप राइट. आई एम आई एम मेरे में 600 लोग आए उस दो. 3000 लोग आए तो उनके लिए साइज मतलब वो. साइज ही मतलब बड़े हॉल में 2000 लोग आना. बड़ी बात होती है हमारे यहां तो 2000 लोग. आए तो इवेंट फेल हो जाएगा 2000 ही लोग आए. तो उनका साइज और हमारे साइज की तो उनके. लिए नहीं इतनी सारी चीजें इतनी सारी ऐसी. चीजें होना कि 5 लाख आई सर्जरी कर रहा है. वहां 5 पूरे साल में ना होता होग वहां पे. तो उनके लिए साइज देखना 400 मिलियन लोग.
इधर आ रहे हैं उनकी पॉपुलेशन नहीं 400. मिकी पॉपुलेशन नहीं है तो उसका क्या. प्रोसेस है है ना ये तो अच्छा है वो हमसे. ज्यादा अच्छे डॉक्यूमेंट हैं वो. डॉक्यूमेंट करेंगे इसकी बेस्ट प्रैक्टिस. क्या है इसमें और अच्छा क्या हो सकता है. जैसे एआई के लिए कहते हैं फेस रिकग्निशन. के लिए डेटा गैदरिंग का सबसे अच्छा तरीका. है खोना पाना एवरी स्क्वायर फीट इज मैनेज. बाय सम कैमरा और उसको सम बडी इज वाचिंग. तभी तो वो करीब 00 कैमरे एक एक चप्पे. चप्पे को मैप किया हुआ है कि भाई यहां कौन. देख रहा है और वो सारे एआई एआई पावर्ड है. इस बार इस बार हां करीब 2700 कमरे हैं वो. सारे एआई पावर्ड है मतलब वो देख के. रिकग्निशन कर लेगा ये वो है मतलब राज.
समानी को मुझे पांच मिनट लगे ढूंढने में. वहां मैं आपका फोटो दूंगा वो राज समानी. वहां खड़ा है वो पता लग जाएगा मुझे तो. इतना डाटा ही नहीं मिला ना किसी को तो एआई. को मेरे अभी एमआईटी के प्रोफेसर से बात हो. रही थी चैट पे तो उन्होंने पूरी एमआईटी. कुंभ वेबसाइट बना ली उ मतलब एक उसका एक सब. पेज बना रखा है उन्होंने कि इतना सारा. डेटा नहीं मिलेगा ना तो डेटा के लिए लोग आ. रहे हैं एंड कुंभ में बोलते हैं कि अगर. घूम गए तो फिर मिलोगे नहीं देख ये तो. बॉलीवुड का स्प बिछड़ जाते हैं लोग कुंभ. के मेले में दो भाई बिछड़ गए मेरे ख्याल. से ये बॉलीवुड का स्पिन है बॉलीवुड ने. बहुत सी हिंदू परंपराओं के साथ सनातन या. इंडियन परंपराओं के साथ जस्टिस नहीं करा.
ना उन्होने एक चली बीच में बात चली. महाभारत घर में मत रखो महाभारत घर में. रखोगे तो लड़ाइया हो जाएंगी हमारे ऋषि. कहते व पंचम वेद है वो तो उसमें कोई ऐसी. ह्यूमन सिचुएशन नहीं है जो लाइफ में होती. है और महाभारत में उसका म मैनुअल टू लिव. लाइफ तो उ कुं के ब पहले देखि अव्यवस्था. थी भी 2013 के कुंभ को मैं अभी से कंपेयर. करूं तो पहले पहले इट वास नॉट मैनेज द वे. योगीनाथ मैनेजिंग द कु बट इसमें ऐसा होता. है अभी भी कि लोग घम जा जाते हैं देखिए. अगर घूमेगा तो वो ट्रेस हो जाएगा ना मैंने. बताया ना बल्कि जितना भी हेड काउंट आ रहा.
है ये ड्रोन से आ रहा है हेड काउंट ऐसे. नहीं कोई आदमी देख रहा लाख लोग हैं 5 लाख. लोग है तो जहां से भी लगता है कि जितना. हमारे लिए एक जगह मैंने 10000 लोगों के. लिए बनाई है वहां पे जैसे ही वहां पे. 10000 500 लोग होते हैं फ्लैग अलर्ट आ. जाता है वहां का जो लोकल पुलिस को चलाया. था कि इस भीड़ को उधर डाइवर्ट करो इस भीड़. को वहां डाइवर्ट करो तो इट्स वेरी. स्मार्टली मैनेज राइट और ये क्राउड. मैनेजमेंट के प्रिंसिपल्स बने हुए थे पहले. कोई नए इनोवेट नहीं हुए हैं लेकिन इसको. स्मार्टली इंटीग्रेट करके यूज करना मॉडर्न. टेक्नोलॉजी के साथ दैट्ची कि दुनिया की. जितनी साइंस है वो इसमें इंटीग्रेट हो गई. जो जो भी चैलेंज आ सकता है लोगों के साथ.
वो यहां पे है एक्सप्लेन क्राउड मैनेजमेंट. क्या-क्या हुआ है इर देखिए क्राउड. मैनेजमेंट में सबसे पहले क्या हुआ कि एक. तो हर आदमी को एक ही जगह पे आना है घाट पे. आना है संगम पे आना है और संगम तो कोई एक. कोई छोटा सा डायमीटर है नहीं संगम तो. स्ट्रेच है लेकिन जहां पे डेवलप्ड घाट है. वहीं तो आ पाऊंगा मैं मैं कोई जंगल से. चलता हुआ तो पहुं चूंगा नहीं नदी तो अगर. बह रही है और पीछे भी और इधर भी लेकिन मैं. तो अप्रोचेबल जहां मेरी गाड़ी घोड़ा. रिक्शा गाड़ी पहुंच पाएगी उस एक दो. किलोमीटर को 12 किलोमीटर दैट इज वन च. व्हिच इज लाइक द फंडामेंटल थिंग और हर जगह.
एक्सेसिबिलिटी बना दी है जैसे नहीं मुझे. तो वहीं से जाना है ऐसा नहीं है कुछ या. जैसे मैंने कहा सेम ऐसा हां मतलब सिमिलर. है सेम तो नहीं सिमिलर है बस हर जगह. सुंदरता है हर जगह इंस्टॉलेशन है मतलब. यहां वाल्मीकि जी की मूर्ति बड़ी लगी है. तो यहां से ऋषि भारद्वाज की लगी है यहां. पे वटर शो चल रहा है तो वहां पे डिजिटल शो. चल रहा है मतलब हर जगह सुंदरता है वो. जाएगा तो वहीं से एक्सपीरियंस लेके आएगा. जो ज्यादा एक्सप्लोरर है वो यहां भी जाएगा. और वहां भी जाएगा लेकिन जो एक आदमी आया है. नान करने उसको वहां पे घाट भी मिलेगा. चेंजिंग रूम भी मिलेगा खाने की दुकान भी. मिलेंगी टॉयलेट भी मिलेंगे वहां पे कुछ. ऋषियों के टेंट भी होंगे ऋषियों के टेंट. भी पूरे में डिस्ट्रीब्यूटर करें कि आपको.
साधुओं के दर्शन भी करने हैं तो इधर भी. साधु हैं उधर भी साधु हैं ये जो 10000. कैंप है ये डिस्ट्रीब्यूटर है ये तो हो. गया डिस्ट्रीब्यूशन डायवर्जन पहली बात. उसके बाद जो पूरी जगह है वो करीब 3000. कैमरो से सीसीटीवी कैमरे से मैप्ड है मतलब. कोई स्क्वायर फीट छूटा हु छूटा हुआ नहीं. है इस तरह से मैप किया हुआ है जैसे कहते. हैं ना कार्पेट बमिंग ऑफ द एरिया उसकी. इमेज कंट्रोल रूम्स में जा रही है मैसिव. कंट्रोल जम देखना ल डिलाइट टू वच दिस. कंट्रोल रूम जिसमें एक-एक और मतलब कुछ. लोगों को कि भाई आपका ये एरिया उसको वच. करना है बस उसमें क्या-क्या वॉच करना है. उसमें बता रखे हैं ये नॉर्म्स है आपको. उसमें क्राउड को वॉच करना है कोई.
एक्टिविटी आपको लग रहा है सुरियस उसको. उसको वॉच करना है तो वो देखेगा कि भाई. यहां पे क्राउड ज्यादा आ रही है उसको. फ्लैग आ जाएगा वो ऑन ग्राउंड फील्ड ऑन. ग्राउंड करीब कम से कम 40 से 500 हज पुलिस. ऑन ग्राउंड है मतलब यूपी में 4 लाख पुलिस. है जिसमें से 50000 केवल प्रयाग में है इस. समय क्योंकि अब 40 करोड़ लोग आ गए हैं. वहां पे तो वो वो फील्ड में फिर डाइवर्ट. करेगी भीड़ को डाइवर्ट करने के भी उसको. रूल्स और उसका एसओ पी बना रखे हैं किसको. कहां पे भेजना है किसको कहां पे भेजना है. हां इनकी ट्रेनिंग हुई है बहुत समय से कि. क्राउड मैनेजमेंट में कि भाई कंट्रोल रूम. में इंस्ट्रक्शन दिया इसको आना भी तो. चाहिए इंस्ट्रक्शन को यूज कैसे करना है तो.
ये दूसरी चीज हो गई अब कोई खोज अब कोई. अनमल हो सकती है मेरा कोई सामान खो गया. मेरा कोई व्यक्ति खो गया उसकी कंप्लेंट. करने के नंबर लगे हैं चर जगह जगह जगह फोन. नंबर लगे हैं पुलिस वाला इतने सारे पुलिस. वाले खड़े हैं कि यू विल फाइंड समवन ऑ द. अदर मतलब यू विल नॉट अबन नहीं फील होगा कई. तो आप उसको बोल देंगे वो फोन करके आपकी. सामान आपका व्यक्ति खो गया तो वो एआई से. रिकॉग्नाइज करके आपको वहां पे स्पॉट में. बता देगा फिर अब सिक्योरिटी का इशू है कोई. कोई सबोटाज ना करने की कोशिश करें टेरिस्ट. एक्टिविटी ना हो तो उसके लिए एनएसजी की. टीम्स है बल्कि अभी चार दिन पहले एनएसजी.
की ड्रिल हुई इतने स्मार्ट फोटोज आए. बिल्कुल सारी एनएसजी की जो रफ ड्रिल हुई. तो वो बटालियंस कुछ सिविल क्लोथ्स में कुछ. प्रॉपर अपने इक्विपमेंट के साथ वो. इंस्टॉल्ड है पूरे में ऊपर से ड्रोन अंडर. वाटर ड्रोन अंडर वाटर ड्रोन से कि अंडर. वाटर को सबोटाज करने की कोशिश ना करें. मतलब टेक्नोलॉजी मार्बल तो है वो तो इसी. को देखने जो 25 इंस्टिट्यूशन है द 25. इंस्टीट्यूशंस फ्रॉम वर्ड ओवर फ्रॉम. स्टैनफोर्ड टू हावर्ड टू आईम्स टू आईटी टू. जेएनयू दे आर स्टडिंग डिफरेंट एस्पेक्ट तो. इस तरह से क्राउड बना छोड़ राज एंड टू एंड. एंड टू ए एंड अगर स्टम पीड आ गया तो देखिए.
स्टम पीड क्योंकि आएगा इस वजह से नहीं. आएगा उसकी प्रोबेबिलिटी देखिए आपको क्या. किसी चीज की प्रोबेबिलिटी कम करनी है चोक. पॉइंट्स खत्म करने जैसे मैं आपको बताता. हूं ब अगर एक स्टम पीड आ गया तो कितना लॉस. हो सकता है देखिए वो तो लॉस तो फिर होगा. ही ना लेकिन उसकी प्रोबेबिलिटी इतनी कम हो. जाएगी क्क हर चप्पा चप्पा उसका मैप्ड है. जैसे 2013 जो कुंभ हुआ था उसमें रेलवे. स्टेशन पर स्टम पड हुआ. था उस समय बड़े अनफॉर्चूनेटली अखिलेश. गवर्नमेंट कह रही है वो तो सेंट्रल. गवर्नमेंट की होती है रेल है ना और उस समय. सरकार राहुल की थी मतलब राहुल की मतलब.
मनमोहन सिंह जी की थी तो उन्होंने उस परे. लगा दिया लेकिन अभी सरकार ने कहा योगी. जनाथ का कल का इंस्ट्रक्शन है रेलवे. स्टेशन भी मेरा है इस समय मतलब उसकी. क्राउड कैसे निकल रही है वो कहां से निकल. रही है तो जो स जैसे जो स्नान वाले दिन है. जो अमृत स्नान तो आप डेली कर सकते हैं. लेकिन जो अमृत स्नान वाले खास छह दिन है. उन दिन जो बिल्कुल संगम के पास वाले. स्टेशन है वहां गाड़ी नहीं रुकती है आप. थोड़ा दूर रुके य रिक्शा से एक चौक पॉइंट. तक आए फिर आप आधा किलोमीटर 1 किलोमीटर चल. के अंदर की तरफ आए और ये भी भी. डिस्ट्रीब्यूटर है तो स्टेशन पहले प्रयाग. में एक या दो स्टेशन हुआ करते थे अब कम से. कम आठ स्टेशन है रेलवे स्टेशन कोई यहां.
उतर रहा है कोई यहां उतर रहा है कोई यहां. उतर रहा है कोई वहां उतर रहा और वहां के. वहां के घाट में उसको गाइड कर दिया जा रहा. है वो तो देखेगा जैसे आप उतरो ग घाट घाट. घाट आप देखोगे स्नान घाट स्नान घाट तो आप. स्नान घाट में चले जाओगे आपको पता ही नहीं. वहां क्या हो रहा है तो ये बहुत स्मार्टली. मैनेज कर रहा है और देखिए जो बाहर से आ. रहा है मान लिया जो जो मध्य प्रदेश से. चलता हुआ है जो भोपाल से चलता हुआ है वहां. प उसको नहीं पता ना कौन सा घाट है तो उसको. तो जो इंस्ट्रक्शन दिख रहा है और वहां. जाके दिख रहा बड़ा सुंदर व्यवस्था है. हजारों लोग ना रहे हैं वहां खाने की. व्यवस्था है तो इस तरह से बहुत स्मार्टली. क्राउड को मैनेज कर इसलिए मेरे ख्याल से. प्रभु की कृपा से भी और योगी जी के.
मैनेजमेंट से भी मुझे लगता है स्टम बिट की. कोई पॉसिबिलिटी है नहीं एंड बिकॉज यू पुट. आउट 2013 के बारे में आपने बात करी कि. 2013 में जब हुआ था. 2013 जो कुंभ था उस कुंभ मेले में और इस. कुंभ मेले में क्या डिफरेंसेस है जितना. जमीन और आसमान में फर्क होता हैरे नहीं. मैं मैं मैं ऐसे नहीं कह रहा हूं केवल. जस्ट टू नॉट टू द प्लेइंग टू द गैलरीज सो. टू टू कुम मेरे को एकदम ऐसे डॉट टू डॉट. पॉइंट्स बताओ बकुल बिल्कुल योगी आदित्यनाथ. जी का जो कुंभ है और एक जो अखिलेश यादव जी. का कुंभ था बिल्कुल देखिए राज यू राना सच.
अ. लार्ज इनफ्लुएंसिंग पॉडकास्ट राइट आपके. लिए सबसे फंडामेंटल होगी मेरे ख्याल से. आपकी टीम यू सेल बेस्ट ऑफ द बॉयज राइट. बेस्ट ऑफ द इक्विपमेंट पहले टीम से शुरू. करते हैं कि अभी क्या टीम है अखिलेश यादव. के पास क्या टीम थी योगीनाथ कैसे लीड कर. रहे हैं अखिलेश यादव के पास 207 एमएलएस थे. उस समय 60 मंत्री थे उन्होंने कुंभ का. परवारी बनाया आजम खान. को मतलब कोई लॉजिक मुझे नहीं समझ में आया.
कि इसमें इतने ट्रेडिशनल अखाड़े आ रहे हैं. सबकी अपनी मान्यता है सबके अपने ट्रेडीशन. है मंत्री को सबसे बात करना पड़ता है सबको. अमेट करना पड़ता है उसके लिए नॉन. प्रैक्टिसिंग हिंदू को क्यों बनाएगा कोई. मेरा सेंस है इट्स फॉर हिज वोट बैक कि. देखिए हिंदू की जो सबसे बड़ी परंपरा है. उसके ऊपर भी आजम खान बैठे हैं आज कौन लीड. कर रहा है आज कर रहे है नाथ पंती साधु. योगी अनाथ उस कुम को लीड कर रहे है जो नाथ. परंपरा क्या है जो आदिनाथ शिवा की परंपरा. से चली आ रही है जो म मत सेंद्र नाथ से. गुरु गोरक्षनाथ की परंपरा से चली आ रही वो. योगी तना जो 22 साल की उम्र से मल्टीपल. कुंभ में रह चुके हैं जिन्होंने आंखों से.
कुंभ देखे हैं उन्होंने प्रयाग से लेकर. हरिद्वार से लेकर उज्जैन से लेकर नासिक को. अपने गुरुजी के साथ देखा है तो इन्होंने. किसी को अलॉट नहीं किया नहीं इनके कुमला. प्रभार मतलब इनके साथ स्वतंत्र देव है. लेकिन योगी जी बिल्कुल फ्रंट लीड फ्रॉम द. फ्रंट है देखिए उनका जो खुद का मठ है ही. रंस अ लार्ज मठ वो अपने आप में मट है. उसमें जब खिचड़ी भोज होता है बल्कि 14 को. वो शटल करा गा उन्होंने वो वहां जाके वापस. भी आए होंगे वहां पर लाखों लोग आते हैं तो. उनको क्राउड देखना मैनेज करना उसको रोटेट. करना उन के लिए वो वो जब 22 साल के थे और. आज 53 54 के हैं वो देख रहे हैं वो 40.
लार्ज बड़ इंस्टीट्यूशन चलाते हैं उसमें. 400 बेड का हॉस्पिटल उसमें स्कूल उसमें. धर्मशालाएं उसमें उसमें आयुर्वेदिक. हॉस्पिटल उसमें नर्सिंग कॉलेज तो उनको. उनको पता है कि लार्ज इंस्टीट्यूशन कैसे. मैनेज होते हैं लार्ज उसकी परचेज क्या है. उसमें चीजें क्या है तो पहले कौन मैनेज कर. रहा है तो टीम से यहां से शुरू करते हैं. तो मतलब आजम खान वर्सेस यो गतना ठीक है. बजट है 1000 करोड़ बट 15000 करोड़ मतलब 15. गुना का डिफरेंस है कुछ चंद करोड़ लोग आते. थे साथ सा करोड़ आठ लोग करोड़ लोग देखिए. मैं तो क जैसे योगत नाथ कहते ना आप कुछ भी. नहीं करेंगे तो करोड़ों लोग तो चले जाएंगे.
अब उतने दोन एक एक दिन में आते हैं अब अब. 4 करोड़ लोग तो अब 8 करोड़ लोग जो शद पूरे. कुंभ में आए होंगे वो मनी मोनी अमावस्या. में 29 जनवरी को एक्सपेक्टेड है और अब 40. से 50 करोड़ लोग आने वाले हैं जो घाट दोती. किलोमीटर का होता था वो 12 किलोमीटर का हो. गया है कुछ 10 12 पैटन ब्रिज बनते थे अब. 29 30 पैटन ब्रिज बनते हैं जो नदी पे. आर्टिफिशियल ब्रिज बनते हैं कुछ कुछ. हेक्टेयर में होता था योगीनाथ ने उसको. 3200 हेक्टेयर कर दिया इस ब 400 हेक्टेयर. में अ कुं मिला बन बन रहा है स्टेशन दो.
स्टेशन हुआ करते थे अब आठ आठ रेलवे स्टेशन. है एर एयरपोर्ट ऑलमोस्ट नॉन एसिस्टेंट. एयरपोर्ट था एयरपोर्ट तो ऑलमोस्ट भारत के. हर शहर में एयरफोर्स का एयरपोर्ट लेकिन. सिविल एयरपोर्ट में कन्वर्ट करना उसको. मल्टीपल टर्मिनल बनाना उसकी भारत के चार. बड़े 10 बड़े शहरों से एयरलाइंस कंपनीज को. कन्विंसिबल को लॉन्च करा हर एयरलाइन जैसे. शुरू हुई उसको लॉच करते हैं जिससे लोगों. को पता लग जाए कि देखो भाई प्रयाग को. फ्लाइट आती है अभी मुरादाबाद जैसे छोटे. शहर को भी फ्लाइट शुरू हो गई तो उस उस. टर्मिनल्स को सिक्योरिटी में कितना. डिफरेंस हो देख सिक्योरिटी का ऐसा कोई.
मॉडर्न मैनेजमेंट उस समय था ही नहीं कोई. कोई ऐसी नॉर्मल जो पुलिसिंग होती है. नॉर्मल लठ वाली पुलिसिंग थी अब जो मैंने. आपको अभी डिस्क्राइब करा कि उसमें एआई यूज. हो रहा है उसमें अंडर वाटर कैमरा यूज हो. रहा है उसमें ड्रोन यूज हो रहे हैं वो. बिल्कुल एंड फोर्स बढ़ाई है नंबर ऑफ पीपल. हा नंबर ऑफ पीपल बिल्कुल 40000 मतलब मैं. आपको ना पुलिस की एक साइड नोट बताता हूं. उत्तर प्रदेश में पहले अखिलेश यादव के समय. 3 लाख अखिलेश यादव मैं ती मलाम इनके सामने. 3 लाख 3 लाख पोजीशंस थी लेकिन यह भर्ती. नहीं करते थे भर्ती में इतने घोटाले होते. थे कि पिछले 15 साल योगी अनाथ के पिछले 15.
साल करीब उत्तर प्रदेश पुलिस 5 लाख की. फोर्स से चली है बस मतलब जहां मैंने 3 लाख. की लोकेशन है वो 5 लाख से चली है योगीनाथ. ने वो 5 लाख हायर कर ली और 1 लाख ऑलमोस्ट. और हायर कर लिए तो अभी उत्तर प्रदेश की. पुलिस 4 लाख की पुलिस उसमें से 50 40 50. हजार लोग केवल कोम में डिप्लॉयड है मतलब. उनको बिल्कुल एरिया सेक्टर बांटे हुए हैं. पूरा 25 सेक्टर में ये एरिया बिल्कुल. मैटिकुलसनेस कितना एक पेट्रोल कर सकता है. कितना देख सकता है अगर उसे कंट्रोल रूम से. कमाना है तो कितनी जगह वो ऑपरेट कर सकता.
है उस लेवल को बांट के हर चीज को करा गया. तो मतलब बिल्कुल एक साइंटिफिक तरह से करा. गया है बिल्कुल क्रैक टीम रखी गई है विजय. किरण आनंद कर्नाटका के कर्नाटका से आने. वाले उनके ऑफिसर हैं जो कुंभ मेला के. अधिकारी हैं अमृत जी जो यूके से पढ़े हैं. बल्कि मैं भी उसी कॉलेज से पढ़ा हूं य. यूनिवर्सिटी ऑफ ससक से वो उनके अर्बन. डेवलपमेंट क्योंकि इसमें दो चीजें है. अर्बन डेवलपमेंट कुं को मैनेज करना और. मैंने बताया कि कुंभ का अलग एक. एडमिनिस्ट्रेशन होता है उसका अलग डीएम. उसका अलग एसपी होता है शहर का अलग होता है. तो जो बेस्ट ऑफ द ऑफिसर है उनको लगाना. चाहे वो कम्युनिकेशन के लिए हो और बेस्ट. ऑफ द एक्सटर्नल टीम्स को लगाना मतलब जो. चैट बॉट बनाया है मतलब उसमें कृतम भी यूज.
हो रहा है उसमें भाषणी भी यूज हो रहा है. और एक समग्र बोल के ऑर्गेनाइजेशन है जो. आईटी आईएम के उसमें लड़के हैं गौरव गोयल. वो उसको ऑपरेट कर रहे हैं 12 भाषाओं में. आप तमिल में बोल के भी तमिल में आंसर ले. सकते हैं आप इसके लिए यू हैव टू बी वेरी. सेंसिटिव आपका प्रोजेक्ट होना चाहिए वो. आपके घर की शादी जो होती है ना मतलब वो. होगी तब आप ऐसे कर पाओगे तो व्यवस्था तो. ठीक है मैं आपको हम कर देंगे तो कोई भी. कररी देगा कितने सालों से कितने टाइम से. चल रहा है इसके ऊपर प्रिपरेशन देखिए ये. क्या होता है मतलब कुंभ मेला को कुंभ मेला. प्राधिकरण को योगी अनाथ ने ऑलमोस्ट एक फुल. टाइम बॉडी बना दिया है तो हर समय दे आर.
मतलब क्योंकि जो मैंने बोता ना आपको 80 पर. परमानेंट इंस्टॉलेशन है तो तो पिछले कुं. से शुरू हो गए थे ना पिछले कुं में देखा. अच्छा लोग फ्लाइट से कम आ पाए दो टमिल और. बनाओ तो टर्मिनल बनना तो तीन चार साल का. काम है ना तो वो जैसे ही पिछला कुंभ खत्म. हुआ और वो अगले टेंडर शुरू हो गए कि वह तो. ऑलमोस्ट चार पाच साल की प्रिपरेशन है एक. डेढ़ साल से तो कुम कुं मेला अधिकारी ने. कैंप किया हुआ है मतलब छछ महीने से तो. सारे ऑफ सर वहां पे कैंप करें वहीं पे सब. कुछ होता है बल्कि योगीनाथ ने क्या एक. कैबिनेट मीटिंग कैबिनेट मीटिंग जो लखनऊ.
में होती है वो मैं सारे मंत्रियों को. लेकर प्रयाग में करूंगा मतलब वो उन्होंने. अयोध्या में भी करी कि भाई एक तो एक तो वो. दिव्य भी है और एवरीवन शुड एक्सपीरियंस कि. कैसे हमने ये मावल क्रिएट करा एवरी एवरी. सब मिनिस्ट्री है ना इस इंटीग्रेशन जो. उसमें वाटर वाला है वो सिचाई और वाटर. मिनिस्ट्री कर रही है जो अर्बन वाला है वो. अर्बन मिनिस्ट्री कर रही है उसमें. ट्रांसपोर्ट चल रहा है दोती हज बस लगी है. केवल जो फ्री में लोगों को इधर से उधर ले. जा रही है वो ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री लगी. उसमें कम से कम इंटीग्रेशन ऑफ 15 20. मिनिस्ट्री है जो इसको चच मेड इट पॉसिबल. कुम मेले में वमन कितनी सेफ है बिकॉज यूपी.
में पहले ही वमन सेफ्टी की कन्वर्सेशन. होती है प्लस कुंभ मेले में लाखों लोग. करोड़ों लोग अगर होंगे एक टाइम पे डू यू. थिंक इट्स सेफ फॉरन टू गो यूपी में जो. वुमन सेफ्टी की कन्वर्सेशन होती थी. नेगेटिव कन्वर्शन वो केवल 2017 से पहले. होती थी इस समय इस समय कन्वर्सेशन होती है. कि मुख्तार अंसारी गायब है मतलब वो दुनिया. से जा चुके हैं और अतीक अहमद भी जा चुके. हैं तो जो जो ऑर्गेनाइज क्राइम था और जो. पेटी क्राइम था वो उत्तर प्रदेश से. ऑलमोस्ट खत्म हो चुका तभी आपके जो आप सब. मोबाइल फोन यूज करते हैं उसका 60 पर उत्तर.
प्रदेश में नोएडा में प्रोड्यूस होता है. तो उत्तर प्रदेश अलग लेवल पे हो चुका है. ये जो कन्वर्सेशन है ना उत्तर प्रदेश के. जिसमें मिर्जापुर बन रही है और ये बन रहा. है ये सारे प्री योगी अरा के हैं तो जितना. सिफ उत्तर प्रदेश हो गया उतना ही सेफ. क्योंकि वो योगी की पुलिस है वो ट्रेंड. पुलिस है योगी की वो योगी के माइंड से. पुलिस चलती है मुझे याद है इस पे बताऊंगा. एक बार स्टार्टिंग में जो होम सेक्रेटरी. थे जब योगी जी बने तो मैंने कहा भाई इतने. इतने शूट आउट हो रहे हैं इतना आप लोग इतना. दबिश मार रहे हैं तो आप लोगों को पर्सनल. डर नहीं लगता है कि भाई गुंडे मवाली उनको. क्या एक आदमी तो उड़ाना है उनको और कई आप.
प कोर्ट केस हो जाए इस आपको एनकाउंटर में. इसको मारना पड़ा उसको मारना पड़ा जब सामने. से दबिश हुई तो उन्होने कहा भाई बिल्कुल. लगता है हम भी ह्यूमन बीइंग है योगी जी ने. बुलाया मुझे मतलब ऑफिसर ने कहा दो बातें. कही कहा कि असुर है मारोगे पुण्य मिलेगा. मतलब मारोगे मतलब सेटल करोगे जेल में डालो. जहां पहुंचना है. दूसरा कुछ भी दिक्कत होती है अपना लॉयर. लगा के बचा उा मतलब अगर सीएम इतना कह दे. तो फिर हमसे बड़ा तो कोई जादूगर ही नहीं.
है मतलब दे नो द एडमिनिस्ट्रेशन वेरी वेल. मतलब ही इज बैकिंग देयर ऑफिसर्स टू द टी. बिकॉज ही ही वाज अ पार्लियामेंटेरियन फॉर. 19 इयर्स उनको ये लॉ एंड ऑर्डर वो देख रहे. हैं ना अपने सामने उनको एक एक समस्या पता. है और वो डेली 300 400 लोगों से मिलते थे. पिछले 20 साल से मैं जब उनके मठ में गया. प्री सीएम तो एक मुस्लिम व्यक्ति निकल के. आया एक छुट्टी से लेते हु आया बाबा की. जादूई छुट्टी है चाहे नेताजी की सरकार हो. चाहे बहन जी की सरकार हो बहन जी मतलब. मायावती नेताजी मतलब मुलायम सिंह याद डीएम. काम करेगा ही करेगा मतलब वो अपना एक सीएम. ऑफिस अलग अलग अपना चलाते थे तो मतलब वो.
व्यक्ति जो एमएससी बीएस बीएससी एमएससी. करके है वैदिक की पढ़ाई वैदिक एजुकेशन ली. उसने 19 साल से पार्लियामेंट में है ही इज. लर्निंग हिज पार्लियामेंट लेसंस फ्रॉम द. लाइक्स ऑफ अटल बिहारी वाजपेई आडवानी. प्रमोद महाजन मुरली मनोर जोशी सुषमा. स्वराज और फिर वो ठ साल से इतना बड़ा. स्टेट चला रहा है तो वो है योगी तिना ना. वर्सेस आप किसी आजम खान से चलवा लो तो वो. डिफरेंस बिल्कुल साफ दिख रहा है उसमें. मतलब कोई इ नॉट इवन अ कंपैरिजन एंड चोरी. पिक पॉकेटिंग ये सब होता है देखिए जो भी.
भीड़ के एलिमेंट्स हैं जो आपने बोले वो. सारे होंगे लेकिन उसको प्रिवेंट कैसे करा. जाएगा कि जब देखिए क्या होता है हमारे. यूपी में कहता है कि वर्दी का इकबाल है. मतलब अगर आपको सामने पांच ऑफिसर दिख रहे. हैं वर्दी में हम तो प्रोबेबिलिटी बहुत कम. हो जाएगी ना तो ये जो 40000 पुलिस वाले. हैं इनके मल्टीपल रोल्स है एक तो है. पेट्रोलिंग पेट्रोलिंग का मतलब होता है. पुलिस की प्रेजेंस है मेरी वर्दी का इकबाल. है मैं खड़ा हूं यहां पे डंडा लेके लट. लेके गन लेके इक्विपमेंट लेके वायरलेस. लेके मैं खड़ा हूं वहां पर उससे आदा.
क्राइम नहीं होता और लोग सेफ फील करते हैं. तो ये जो सेक्टराइजेशन तो इसलिए ये जो. पेटी क्राइम है ये होगा बिल्कुल लेकिन. प्रोबेबिलिटी कम हो ग बहुत कम कर दी कर दी. गई देन वन बिग कंसर्न जो बहुत सारे. एनवायरमेंटल एक्सपर्ट्स बात करते हैं कि. एनवायरमेंट कंसर्न बहुत बढ़ेंगे बहुत. पोल्यूशन होगा बहुत हम ऑलरेडी हमारे. रिवर्स की बात कर रहे हैं कि रिवर्स इतनी. खराब हो रही है उम और ज्यादा अगर आप इतना. बड़ा फेस्टिवल ऑर्गना करते हो 40 करोड़. लोग हैं इतने लोग अगर नहाएंगे तो और. पोल्यूशन होगा वहां प उधर आएंगे वो कचरा.
करेंगे प्लास्टिक की चीजें यूज करेंगे सो. इट्स गो बी अ टेरिबल स्टेट ऐसा लोग बोलते. हैं ऐसा लोग बोलते हैं राइट तो हाउ विल वी. मैनेज दिस क्योंकि रिवर तो और गंदी हो. जाएगी और मेली हो जाएगी हां बिल्कुल मैं. इसे दो तीन लेवल प आंसर करूंगा एक तो जैसे. मैंने कहा कि वो लोग तो आएंगे ही आएंगे आप. कुछ नहीं कर सकते उसमें इनको एडवर्टाइज. करके जो 10 10 करोड़ पे हो सकता था वो 40. करोड़ 40 करोड़ में हो गया तो हम ये कह. रहे कि हम टाइज ना करें और कुछ लोगों को. नहीं आने देना एक ये तरीका हो सकता है. वर्सेस मैं 40 करोड़ लोगों को बुलाऊंगा और.
उसके लिए व्यवस्था करूंगा पूरे कुंभ को. प्लास्टिक फ्री डिक्लेयर कर दूंगा तो आप. कुम में प्लास्टिक की बोतल आसानी से नहीं. देख पाएंगे इतने बड़े कुमे को इन्फ्लेट कर. जाए लेकिन लार्जली आपको हर जो 10000 छावनी. उसमें वाटर के बड़े-बड़े इंस्टॉलेशंस है. लोग अपनी उनको इनकरेज करा जा रहा है कैसी. अपनी बोतल लेके घूमे तो पूरा कुंभ अगर ये. कितने डिग्री तो वो प्लास्टिक फ्री कर. पाएंगे लेकिन कुंभ के हर पोस्टर पे. प्लास्टिक फ्री का लोगो लगाया हर संस्था. जहां पे भी बहुत सारे लोग मेरे पहचान के. जा रहे हैं मैं भी जा रहा हूं वहां सरा. प्लास्टिक लेके नहीं आएंगे मतलब जो जो. थ्रो एबल प्लास्टिक होती है जो पेरिशेबल. प्रैक्टिस होती है जल्दी-जल्दी यूज होती.
है वो नहीं यूज वो नहीं यूज करेंगे एंड. रिवर पलूशन को कैसे रोकेंगे देखिए रिवर. पोलूशन मैंने बताया पहले तो आपने स्ट्रेच. कर दिया उसको लोगों को गाइडलाइंस दे दिए. किस तरह से आपको नहाना है क्या पानी में. नहीं छोड़ना है है ना फूलों को स्किम करने. के लिए मशीन लगा रखी है कोया लोग फूल दोना. डाल देते हैं उसके फोटोस भी डाले गए किस. तरह से मशीनें ऑपरेट कर रही है और पानी को. साफ करने के इंस्टॉलेशंस लगा रखे हैं. बीच-बीच में पानी को साफ करके उसमें जो जो. जो जो जो लार्ज प्रॉब्लम किसी के कपड़े बह. गए है ना किसी का कुछ और बह गया फूल बह गए. कुछ और चीजें इस तरह की गंदगी बह गई जो जो.
लार्ज पार्टिकल है उसको स्किम करने के लिए. और स्मॉल पार्टिकल को सिम कर दोनों के लिए. मशीने इंस्टॉल्ड है बड़े लेवल पे हर आधे. आधे हर एक एक किलोमीटर आपको आंखों से दिख. भी जाएंगी जब आप कुम में करेंगे तो आपको. रात को ऑपरेट होती हुई दिख जाएंगी तो लोग. तो आएंगे आई थिंक एक तरीका है कि मैं. लोगों को आने से रोक दूं एक लोगों को आने. दूं मैं मैनेजमेंट करूंगा आई थिंक दैट द. बेस्ट वे और जो सरकार करती हुई दिख रही है. अभी तक बट खैर इस पे तो तभी पता चलेगा जब. कुम एंड होगा देखिए पिछली बार ऐसा एंड. होने के बाद जो रिपोर्ट्स आएगी उसके बाद. बिल्कुल. बिल्कुल 2019 की कुंभ के बाद ऐसी कोई भी.
एडवर्स रिपोर्ट नहीं आई और वहां प बहुत. सारे इंस्टीट्यूशन स्टडी कर रहे थे कि कोई. पब्लिक हाइजीन और का कोई भी दिक्कत हुई हो. ऐसी कोई ऐसी ऐसी रिपोर्ट नहीं आई 2019 के. बाद ओके मुझे बताओ नाग साधु क्या होते हैं. एंड अघोरी क्या होते हैं यह लोग बहुत. ज्यादा होते हैं कुंभ हां मतलब ये ये. दिखते हैं बहुत सारे लेकि नागा. साधु शब्द बड़ा प्रचलित. है उनकी एक अपनी प्रथा है उनकी अपनी रीति. देख हमारे जितने सेक्ट है उनकी अपनी पूजा. प्रणाली शरीर को कैसे कठोर रखना है उसकी.
योग की परंपरा उसकी ध्यान की परंपरा उसकी. पूजा की परंपरा उसमें एक नागा साधु इसमें. महिला नागा साधु भी है नागा साधु एसोसिएट. के र जाते हैं कि वो लंगोट में रहते हैं. उनका शरीर इतना कठोर होता है कि वो गर्मी. सर्दी को भी पार पा चुके हैं है ना वो. आपको भस्म पहने हुए दिखेंगे और वो एक सबसे. बड़ा पब्लिक अट्रैक्शन बन जाते हैं कुंभ. का क्योंकि किसी की जटाए बहुत लंबी है. किसी के नाखून बहुत लंबे हैं किसी की बहुत. दाढ़ी लंबी है कुछ को बहुत हष्ट पुष्ट है. हाथ में भाला अ डमरू लेके घूम रहे हैं तो. वही है वो नागा साधु जूनियर अखाड़ा के साथ. अटैच है सबसे ज्यादा और एक बड़ी फौज है.
बल्कि ऐसे उदाहरण आते हैं कि ये नागा साधु. जब मुगल आए अक्रांता जो भी अक्रांता उनसे. वॉर करने के रेफरेंस आते हैं तो मतलब इट्स. आल्सो लाइक अ हिडन सेकंड आर्मी ऑफ इंडिया. जो इसकी अब तो जरूरत नहीं हैन मॉडर्न. वर्ल्ड में वी हैव आवर फॉर्मल आर्मीज तो. और इसका सबसे अच्छा दृश्य दो बार दिखता है. जब ये सारे अखाड़े अपनी अपनी छावनी में. प्रवेश करते हैं अपने टेंट में प्रवेश. करते हैं जिसको शाहिना जिसको पेशवाई कहा. जाता था पहले अब उसका नाम शाही छावनी. प्रवेश है पहले उसको पेशवाई कहा जाता था. अब उसको छावनी प्रवेश कहा जाता है मतलब.
पहली बार उनके महामंडलेश्वर मतलब द हेड ऑफ. हेड ऑफ द अखाड़ा उसके श्रीमंत उसके जो. बड़े बड़े साधु हैं वो रथों में बैठ के वो. हाथियों में बैठ के वो घोड़ों में बैठ के. वो डमरू करते हुए डांस करते हुए नृत्य. करते हुए उद्घोष करते हैं अपना गृह प्रवेश. करते हैं कि मैं छावनी में एंटर कर रहा. हूं हम 45 दिन रहेंगे इस दिन प्रवचन होगा. इस दिन खाना मिलेगा इस तरह से हम अपना. कंडक्ट करेंगे वो उद्घोष करते हुए जो. घुसते हैं वो देखने जैसा होता है वो देखने. जैसा होता है सर वो उनका एक डिक्लेरेशन है. कि मैं वहां पहुंच रहा हूं देखिए भारत. उत्सव का शहर है आप रैशनल ढूंढेंगे तो.
आपको ठीक है आप चुपचाप आ जाओ है ना हम तो. हम तो भाई हर चीज सड़क प लेके आते हैं ना. एंड अघोरी कौन होते हैं देखिए. अघोरी जो साधु आपको शमशान पर मिलेंगे जो. तांत्रिक है जो जो तंत्र की पूजा करते हैं. वो भी आपको यहां पर मिलेंगे वो आपको शमशान. के पास मिलेंगे वो आपको तंत्र विद्या करते. हुए मिलेंगे तंत्र की अपनी साधना है तंत्र. की अपनी साधना है जैसे आदिनाथ योगी है. उन्होंने योग सत्र दिए उन्होने तंत्र के. सूत्र भी दिए तो वो भी आपको मिलेंगे जैसे. ओो कहते भगवान को प्राप्त करने के दो.
तरीके आप अपना तरीका चुन कर लो तो अड़ी का. अपना तरीका है नागा साधु का अपना तरीका है. जो तप करता है उसका अपना सीका है चिन में. मिशन वाले का किताब पढ़ के मैंने किताब भी. लिखी इसी पर मास्टर क्लास विद योगीनाथ और. कुंभ मिला मतलब इसमें क्या हो रहा है योगी. नाथ ने कई जगह जाकर सेशन लिए कु से पहले. योगी नाथ से बच्चे पूछ रहे हैं कुंभ क्या. होता है जो आप प्रश्न पूछ रहे वो बच्चे. योगीनाथ से पूछ रहे हैं और योगीनाथ उसका. जवाब दे. रहे एंड हम अगर आगे बढ़ते हैं तो यहां पर. एक. अक्षयवट उसकी बहुत ज्यादा वैल्यू होती है.
क्या होता है अक्षय भट एक वृक्ष है वहां. पे अब वो अकबर फोर्ट के अंदर में आ अकबर. को बड़ा प्रेम था उसने नाम इसका अलाबाद कर. दिया योगी जीी ने उस नाम को रिट्रीव कर. लिया पुराना नाम हम प्रयागराज जी बोलते. हैं उसी के अंदर अक्षयवट आता है हम. बार-बार कहते हैं तीन नदियों का संगम है. सुना होगा आपने तीन नदियों का संगम तीसरी. नदी कौन है भाई गंगा है जमुना है तीसरी. नदी कौन है तीसरी सरस्वती की परिकल्पना है. और सरस्वती का तो सैटेलाइट इमेजिंग से. हाइड्रोलिक स्टडी से पता भी लग गया कि. सरस्वती हमारे भारत के लार्ज पार्ट में.
बहती थी जो हमारी सभ्यता बहुत सारी. सरस्वती के अराउंड बसी है और वो सरस्वती. ड्राप हो गई उसका जो उद्गम था वो अक्षयवट. से था तो अभी भी उ उस उस अकबर फोर्ट के. अंदर से होते हुए लोग अक्षयवट के दर्शन. करते हैं बल्कि अगर दर्शन वाली कोई सबसे. बड़ी चीज है दो चीज है व अक्षयवट और लेटे. हुए हनुमान लेटे हुए हनुमान क्योंकि. हनुमान जी को आप हर समय एक किसी एक पोज. में देखते हैं ना एक वॉर पोज में देखते. हैं वहां प वो लेटे हु रिलैक्स्ड है मतलब. वह भी वहां के रिलैक्स हो जाते हैं तो. लेटे हुए हनुमान और यह जो आपने अक्षय बड़. बोला यह यह ये यह य यह जो पेड़ है अकबर.
फोर्ट के अंदर इसको देखना वहां दर्शन जैसा. है इसकी डेट्स कैसे डिसाइड होती है हां ये. बहुत सुंदर बात पूछी आपने आपको याद है. मैंने आपको पौराणिक स्टोरी सुनाई हम कि वो. कुंभ का कलश वो वो वो अमृत का कलश लेके. देवताओं और असुरों के बीच में एक झगड़ा चल. रहा है उसको ग्रैब करने का यह 12 दिन तक. चला उनके उनके 12 दिन हमारे 12 साल ऐसी. परिकल्पना. अगर इनको मैं नक्षत्रों की पोजीशन से नापू. तो यह जुपिटर बृहस्पति की रिवोल्यूशन पर.
है वो सन के अराउंड वो सूर्य के अराउंड जब. रिवोल्यूशन करता है और उसमें भी जो चारों. कुंभ है उनकी अलग-अलग दशाओं में आता है तो. जब जुपिटर एरीज में एंटर होता है और सूरज. और चंद्रमा कैप्रीकॉर्न मतलब मकर में एंटर. होते हैं तब प्रयाग का कुंभ आता है वो कब. पड़ता है वो पड़ता है माग के महीने में. जनवरी फरवरी में जब जुपिटर मतलब बृहस्पति. की ये दशा सिंह में लगती है लियो में लगती. है तब उज्जैन और अ नासिक का कुंभ होता.
उनको हम सिंहस्थ कुंभ भी कहते हैं और सारे. कुंभ अलग-अलग समय प होते हैं जैसे. हरिद्वार का कुंभ चैत्र में होता है मार्च. अप्रैल में थोड़ी और ठंड से थोड़े और दूर. ते करोना के समय आया था 2020 में आया था. वो त्रिंबक नासिक का कुंभ होता है अगस्त. सितंबर के आसपास पड़ता है और उज्जैन का. कुंभ वैशाख में होता है वो अप्रैल में में. पड़ता है तो नक्षत्रों की वो स्थिति जब. होती है उन उन जगहों प तब ये चार कुंभ. पड़ते हैं और मैं बार-बार जब सोचता हूं. मैं अनिश होता हूं कि इतनी स्पेसिफिक डेट. पे बिना किसी इन्विटेशन पे लाखों करोड़ों. लोग इकट्ठे हो जाते थे पहले अब तो चलो सब.
कुछ कम्युनिकेटेड है सबको पता है लाखों. करोड़ इकट्ठे हो जाते थे अपने कैंप लगा. लेते थे और आपको पता है कुं उस दिन नहीं. आते हैं आप ऑलमोस्ट जो अखाड़े हैं तो दो. दो महीने पहले से आ जाते हैं आपको पूरी. छावनी बनानी होती है आपको अपना 45 डेज का. स्टे बनाना इतने सारे साधु रह रहे हैं. उसमें उसमें सरकार आपको पानी देगी बिजली. देगी फूड की आपको फूड सप्लाई होगा तो उनके. जो उनके जो सेवक हैं स्वयंसेवक हैं उनके. वो तो दो दो महीने पहले आते हैं उनके जो. महामंडलेश्वर है जो उनकी मेन टीम है वो. एंटर करती है और वो अपना छावनी प्रवेश. अपनी पेशवाई अंत के कुछ दिनों में करती है. तो ये तो एक बड़ा मैनेजमेंट पहले से शुरू.
हो जाता है इन तिथियों इन नक्षत्रों की. दशाओं के हिसाब से गट इट एंड लेकिन आज. जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ गई उसके बाद एक और. चीज हुई है कि कुंभ एक पॉलिटिकल इवेंट भी. बन चुका है तो कैसे कुंभ मेला रिलीजियस. इवेंट से पॉलिटिक्स में इवॉल्व हो गया. देखिए मेरे ख्याल से इस हा इ अ पॉलिटिकल. थिंग या इस समय की जो भी 24 बाय सेन. पॉलिटिक्स है मेरे ख्याल से कोई भी इवेंट. पॉलिटिकल नहीं है ऐसा नहीं बचा तो जैसे. अखिलेश याद ने क्या कमेंट करा कि भाई इतने. सारे साधु आ रहे हैं एक साधु को अपने साथ. ले जाए यहां के साधु को अपने साथ ले जाए.
योनाथ को अपने साथ ले जाए फिर उन्होंने. कहा कि अरे नदी की स्ट्रीम दो क्यों कर. दिए तीन क्यों कर द जो भी मैनेजमेंट है उस. पर वो टिप्पणी कर रहे है बल्क कल वो शायद. हरिद्वार में गंगा स्नान करा और उन्होने. ना डुब डाला लोगों ने सोचा कि वो महाकुंभ. में स्नान करने गए मुझे लगता नहीं बल्कि. ये भी मेरा प्रश्न है क्या राहुल गांधी. जाएंगे क्या अखिलेश यादव कुंभ में स्नान. करने जाएंगे क्या प्रका या मुझे नहीं लगता. जिस तरह वो राम मंदिर नहीं गया अभी तक एक. साल हो गया लखनऊ से अयोध्या जाने में दो. घंटा लगता है तो राम मंदिर नहीं गए आज तक. तो मुझे नहीं लगता वो कुंभ जाएंगे वो तो. और लखनऊ से चार घंटा लगता है जो दो घंटे.
वाली जगह नहीं गए तो चार घंटे ही जाएंगे. और वहां जाएंगे मतलब आपने योगी के आदित्य. को स्वीकार कर लिया जो मेरे ख्याल से गलत. बात है मेरे ख्याल से आपके पॉडकास्ट के. माध्यम से मेरा मतलब बिल्कुल हाथ जोड़ के. अखिलेश यादव काइंस ऑफ अखिलेश यादव डिंपल. यादव राहुल गांधी से विनती है वो सब उत्तर. प्रदेश के हैं इस समय पे एक होस्ट की तरह. बिहेव करें मतलब वो नाराज फूपा की तरह इस. सम बिहेव करें देखिए दो चीजें है नेशनल. सिक्योरिटी और इस तरह के लार्ज इवेंट्स. इसमें पॉलिटिक्स मेरे ख्याल से पाक कर. देनी चाहिए हम लोगों को ना इस समय जब. लास्ट टाइम जब इन्होंने ऑर्गेनाइज किया था.
तब योगी जी गए थे दे 2013 में वो तो वो तो. एज अ सन्यासी जा ही रहे हैं ना वो तो जाते. ही हैं योगी जी तो जाते ही हैं एज अ. सन्यासी वो जाते ही जाते हैं असम से और. वीएचपी नहीं 2013 में तो गए थे वो 2013. में तो गए थे उनका अपना कुं था उनको जाना. ही पड़ेगा ना ऐसे मतलब सीएम थे उस समय वो. गए थे उस समय उनके नहाते हुए चित्र कोई. मैंने नहीं देखे क्या पता वो नहाए नहीं. नहाए लेकिन वो एज एडमिनिस्ट्रेटर तो वहां. गए होंगे अपना हाथ पाथ हिलाने तो गए होंगे. और योगी जी भी गए थे योगी जी तो एज ए मट. अपने मठ की तरफ से गए थे ना क्योंकि वो तो. मैं कह रहा हूं वो तो जब 22 साल की उम्र. से कुंभ में जा रहे हैं सारे कुंभ में.
मल्टीपल बार गए हैं उनको तो और देख कुंभ. में ना एक बड़ी अच्छी चीज. है हमारे देश की बहुत सारी बड़ी चीजें. वहां से शुरू हुई है. जैसे स्वतंत्रता आंदोलन की फ्रीडम हमारी. जो फ्रीडम स्ट्रगल है उसकी जो बड़ी मीटिंग. है बड़ी बैठकें वो कुंभ से शुरू हुई किसी. ना किसी कुंभ से शुरू हुई है 1906 में. बीएचयू बनेगी ऐसे बनेगी वो मदन मोहन. मालविया उसको लीड करेंगे वो 1906 में. प्रयाग कुंभ में डिक्लेयर हो रहा है विश्व. हिंदू परिषद इसने बड़े-बड़े आंदोलन करे. विश्व हिंदू परिषद हरिद्वार कुंभ में 1964. में डिक्लेयर हुई कि ऐसे बनेगी ये संरचना. होगी बल्कि राम मंदिर राम मंदिर के जो.
बड़े भाषण है जो बड़ी प्लानिंग है वो सारी. कुंभ में होती है आपको दीदी मां रितंभरा. का भाषण देवरा बाबा का भाषण अशोक सिंघल जी. का भाषण महंता वेदनाथ जो योगी जी के गुरु. थे और कितनी सुंदर बात है कि राम मंदिर बन. चुका है जो यहीं से शुरू हुआ मतलब पूरा एक. सर्कल आ चुका है कि वो नरेंद्र मोदी. जिन्होंने राम मंदिर का मूवमेंट चला राम. मंदिर के मूवमेंट के मैनेजर थे एक तरह से. आडवाणी जी के लिए वो योगी तना जो शिष्य थे. महंता वेदनाथ के जो राम मंदिर की अधिकतर. हर कमेटी के हेड थे जो राम मंदिर उस कुंभ. में प्लान हुआ आज वो एक प्राइम मिनिस्टर.
है एक चीफ मिनिस्टर है और कुंभ महाकुंभ आ. रहा है राम मंदिर बनने के बाद मेरे ख्याल. से दिस इज नॉट अ कंस दिस इज नॉट अ संयोग. आई कॉल इट इज अ देवयोग तो हां ये भी है तो. कुंभ में ये सब चीजें भी हुई है ऑन अ. लिटिल लाइटर नोट टेल मी द क्रेजियस्ट थिंग. और द फनियस्ट थिंग व्हिच इज अबाउट कुंभ. मेला यहां कुछ विटनेस करिए है जो होती है. हां मतलब वो काफी क्रेजी है और थोड़ी सी. मतलब डेंजरस तो नहीं कहूंगा लेकिन हां. वर्ज ऑफ डेंजर क्या होता है मैं हर बार. वहां फेस्टिवल्स करता हूं मैं एक 10 से 12.
फोटोग्राफी फेस्टिवल कर रहा हूं तो सारे. फोटोग्राफ्स आते हैं तो हमने परमिशन मिशन. ले ली सरकार से कि जब वो ब्रह्म मुरत होगा. मनि अवस्था का तो हमारे फोटोग्राफर एक. पर्टिकुलर पोजीशन में आ जाएंगे जिससे वो. साधु को डायरेक्ट देख पाए सब अपनी अपनी वो. बड़ी-बड़ी गन लेके आ गए एक लड़के थोड़े और. आ गए वो उन्होने कहा बाबा थोड़ा ऐसे बाबा. जी जा रहे थे सारे हजारों लाखों बाबा आते. हैं तो बाबा जी ऐसे ने फोटो लिया बिल्कुल. यहां ये और वहां प नदी थोड़ी दूर ना बाबा. जीी थोड़ा सा बाबाजी से तो उ वो थोड़ा. इरिटेट हो ग बाबाजी मूर्ख और ऐसे धक्का.
दिया और उसका कैमरा के साथ गिरा हुआ छोटा. सा. बालक मतलब उन्होने कहा कि मैं फोटो देने. नहीं आया यहां एका कि आपने दे दिया बाबा. जी ऐसे और बाबा जी ऐसे बाबा जीी ऐसे तो हम. क्या करते हैं हम तो अपने सांसारिक फ्रेम. से जाते हैं ना वहां पे वो बेटे अपनी. साधना करने गया उसने एक आपको चलो गुड गुड. गुड जचर में गुड पोस्ट दे दिया उने ताकत. से मारा और वो पूरे दिन उसको चोट तो नहीं. लगी उस व्यक्ति को उस कैमरा पानी में चला. गया कई लाख का उसका वो था र हमने वहां प. निकल ने कैंप लगाया हु था उसका वहीं पर. ठीक भी हो गया.
लेकिन उन साधुओं से ना देखिए आपको उनके. लेवल पे उनके स्तर प बात करनी पड़ेगी वो. एक अलग आध्यात्मिक रल में आप अपनी. सांसारिक एक एक एक कंटेंट क्रिएटर की की. उससे गए हैं जैसे कल ही एक मैं एक. इंटरव्यू देख रहा था एक साधू बहुत अच्छे. से बात कर रहे थे उसने कहा था आप तो बड़े. पढ़े लिखे ल हां मैं आईटी मुंबई से. एरोस्मिथ. हम लोग है ना ये लोग कैसे हो सकते हैं. हमारे यहां जो ना कि बाबा डम तो ऐसी बेकार. सी चीज है ये योगत नाथ के साथ बेटा था ये. तो घंटी बजाने वाले बाबा है ये क्या ये.
स्टेट चलाएंगे वो सात आठ साल में पता लगा. कि भाई घंटी वाले बाबा ने कईयों के घंटे. बजा दिए तो वो हमारा जो है ना कि भाई. ऑरेंज पहना भगवा पहना ये तो मतलब कोई. इंटेलेक्चुअली हाई नहीं हो सकता ना तो कल. वो इंटरव्यू में था फिर एक बाबा से कल. इंटरव्यू देख रहा था मैं कि आपने कब. संन्यास लिया बचपन से बचपन से मतलब क्यों. नहीं ले सकते भाई आपको ओलंपिक में जाना है. तो आप बचपन से सीखते हो ना आपको तेंदुलकर. बनना है तो बचपन से सीखते हो आपको किसी. चीज की पराकाष्ठा में पहुंचना है तो जितना. जल्दी शुरू करोगे उतना अच्छा बनोगे तो ये. जो जो मटेरियल वर्ल्ड की हमारी सेट. प्रेजुड सेस है बासेस है वो जब इंटरेक्ट.
करती है सोशल वर्ड से स्पिरिचुअल वर्ड से. तो उसमें जो मिसमैच होता है वो बड़ा. क्रेजी है देखिए य मैं छोटे प्रिकॉशन और. बता दूं जो ट्रेवल कर रहे हो जो मान लिया. मुंबई महाराष्ट्र से कर रहा साउथ से करर. ठंड बहुत है भाई अगर आप लोगों को ठंड की. आदत ना हो तो बिल्कुल जाइए अच्छी से जैकेट. खरीद के जाइए पहली बात दूसरा जो मैंने. बताया ना आपको कि फिर से बता देता हूं एक. बार जो छह स्नान है 13 और 14 पौष पूर्णिमा. और मकर संक्रांति मोनी अमावस्या 29 जनवरी. बसंत पंचमी थर्ड फरवरी माघ पूर्णिमा 12.
फरवरी खत्म होता है महाशिवरात्रि 26 फरवरी. को उस दिन मत ट्रेवल करें देखो उस दिन भी. बहुत सारे लोग ट्रेवल करेंगे लेकिन अगर आप. थोड़े से सेफ प्लेयर हैं तो उस दिन मत. ट्रेवल करें उस दिन ट्रैफिक की. रिस्ट्रिक्शन ज्यादा हो जाएंगे आपको सामान. मतलब पहले आपको आधा किलोमीटर सामान चलना. पड़ता या बिल्कुल आपके होटल आपके कैंप के. पास गाड़ी रुकती अब वो 2 किलोमीटर दूर रुक. जाएगी न किमी दूर रु जाएगी तो उस दिन आप. बच सकते हैं बल्कि लोग तो उसका एक दिन. पहले और एक दिन बाद भी बचते हैं क्योंकि. इतने सारे लोग शहर में आते हैं ना तो एक. दिन में नहीं चले जाता उनको जाते जाते एक. डेट दो दिन लग जाते हैं तो ये दिन अवॉइड. कर सकते हैं तो ठंड को अवॉइड करें.
और वो डेट्स में ट्रेवल अवॉइड करें और. वेबसाइट का पूरा यूज करें cg.in उसका चैट. बट उसमें देखते रहे पुलिस वालों से बात. करें जानकारी लेते रहे बल्कि. में तो.
googleapis.com एक्स्ट्रा बैंड एक्स्ट्रा. पोल ले रखे थोड़ी दिक्कत आती है थोड़ी. दिक्कत आती है लेकिन मेरी रोज लोगों से. बात हो रही है मैं क्योंकि इवेंट्स कर रहा. हूं तो मेरे वॉलंटस ग्राउंड प है मेरी डल.
बात होती है एक फोन नहीं लगता अगले फोन. में लग जाता है कभी कॉल लग जाता है कभी. टेलीफोन कॉल लग जाता है तो वो दिक्कत नहीं. है बल्कि सरकार ने बहुत सारे वाईफाई जोनस. भी क्रिएट करे तो वहां जाके आपको वाईफाई. भी मिल जाएगा फ्री वाईफाई मिल जाएगा उसके. पासवर्ड भी कहीं डिक्लेयर लिखे हुए तो वो. व्यवस्था भी है परफेक्ट वेल दैट थम्स अप. ऑलमोस्ट ऑल माय क्वेश्चंस मज आया एंड में. आप क्या बोलना चाहोगे जो लोग इतना सुनने. के बाद भी कविस नहीं हुए कि नहीं जाना है. यार मैं तो कह रहा हूं जस्ट अगर आपको कोई. भी बहुत ही नई चीज देखनी है ऐसे कहते हैं.
ना व्हेन व द लास्ट टाइम यू डिड समथिंग. फॉर द फर्स्ट टाइम उस कैटेगरी में बहुत. बड़ी प्यारी बकेट लिस्ट आइटम है है ना और. अगर बिल्कुल फिर में नहीं जा रहे हो तो ये. पॉडकास्ट सुनो और किताब तो ऑथर बेच ही. सकता है अपने मास्टर क्लास वि योगी तना और. कुम एक और प्यारी चीज कर सकते हैं वो जो. चैट बट बताया ना मैंने ज आप वेबसाइट. खोलेंगे cg.in की उसके राइट साइड में. लैपटॉप में खोल अच्छी खिलेगी सुना चाइना. पाकिस्तान से बड़े अटैक हो रहे हैं. ऑफिसर्स बता रहे थे तो वेबसाइट को उनको. बहुत बार फिल्टर लगाने पड़ रहे हैं लेयर्स. लगानी पड़ रही है लैपटॉप पे खोलेंगे अच्छे. से खुलती है राइट साइड में चैट बॉट है उसे. खोलेंगे ना तो एक सेल्फी का है तो जैसे ही.
अपनी फोटो खींचें तो कुंभ के बैक ड्रॉप. में इंपोज करके आपकी फोटो दे देगा वो तो. देखने में बड़ी सुंदर लगती है आप घर. बैठे-बैठे कुंभ में अपनी फोटो खिंचा लेंगे. तो कम से कम वो फोटो खींच के तो इस महाकम. में अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर डाल ही. डाल परफेक्ट थैंक यू सो मच थैंक यू इट वा. प्लेजर हैविंग यू अगेन लेकिन आपको आना. पड़ेगा मजा आया आपको आना पड़गा ह बहुत बढ. थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के. लिए आप आपको अब तीन चीजें करनी हैं नंबर. वन प्लीज इस चैनल को इसी वक्त सब्सक्राइब. कर लीजिए नंबर टू हमें कमेंट्स में बताओ.
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