Lung Health Expert: Air Pollution, Vape, Lung Cancer, Passive Smoking & Exercise | FO289 Raj Shamani
दिल्ली में जो लोग रह रहे हैं वो हर साल. अपनी लाइफ 5.3 इयर्स से कम करते जा रहे. हैं बिकॉज ऑफ एयर पोल्यूशन इज दैट ट्रू या. एयर क्वालिटी इन इंडिया कैपिटल ली है. टेटेड टू डेंजरस लेवल्स सर से लेकर पैर तक. कोई अंग ऐसा नहीं है जो इससे इफेक्ट नहीं. होता 30 इंडियंस आर डाइंग एवरी डे जस्ट. बिकॉज ऑफ एयर पोल्यूशन आने वाले 20 सालों. में लंग्स की बीमारियां डेथ का नंबर वन. कॉज होने जा रहा है वेपिंग उससे कुछ फर्क. पड़ता है इससे ब्रेन डैमेज हो रहा है.
हार्ट डैमेज हो रहा है एंडोक्राइन ऑर्गन्स. डैमेज हो रहे हैं इससे डेथ्स हो रही है. पैसे स्मोकिंग से क्या होता है जो सेकंड. हैंड स्मोक लेते हैं वो आपने जो स्मोक. लिया उससे वर्स होता. है अगर कोई वमन स्मोक करती है एट द टाइम. ऑफ प्रेगनेंसी तो क्या उनके बच्चे पे. अफेक्ट करता है यस कौन सी एक्सरसाइज करनी. चाहिए लंग्स को बेटर करने के लिए पोचर. करेक्शन कि ब्रेथ होल्डिंग कार्डियो n95. मास्क पहन के बाहर निकलना चाहिए उससे कुछ. होता है यस मास्क कैन हेल्प यू.
पार्टिकुलेट मैटर से आपको छुटकारा मिलता. है. ऑफिसेसूट अपरी होती है वहां पर लोग. स्मोकिंग करते हैं वहां पर जो नॉन. स्मोकर्स उन्हें होना चाहिए नहीं होना. चाहिए उसको नुकसान होगा इंडोर एयर. पोल्यूशन एंड कुकिंग से जो गैसेस आती है. उसकी वजह से 7 मिलियन डेथ वर रिकॉर्डेड. क्या सलूशन है. [संगीत]. इसका बहुत लोग घर बैठ के यह सोचते हैं कि. एक अपॉर्चुनिटी मिल जाए कहीं से भी बस. स्टार्ट करने की फिर मैं एकदम मेहनत. करूंगा और बहुत सारे पैसे कमाऊं तो आदित्य.
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उतने ही काले उतने ही डेंजरस एंड उतने ही. ज्यादा बीमारियों के प्रोन नॉन स्मोकर के. लंग्स भी हो चुके हैं तो ऐसा क्यों हो रहा. है हमारे आसपास जो हम एयर ब्रीद कर रहे. हैं वो बहुत ज्यादा पोल्यूटेड हो गई है हम. जो खाना खाते हैं हम जो प्लास्टिक्स. कंज्यूम करते हैं हमारे आसपास जो स्मोकर्स. हैं इन सब छोटी-छोटी चीजों की वजह से आज. भले आप स्मोकर हो या नॉन स्मोकर हो आपको. बहुत सारी सांस से रिलेटेड बीमारियां लंग. कैंसर होने के चांसेस एंड बहुत सारी ऐसी.
बीमारियां जो आपको पता भी नहीं है आज होते. जा रही है जो बाद में रिएक्ट करेगी आज के. हमारे गेस्ट है डॉक्टर अरविंद कुमार जो एक. लंग हेल्थ एक्सपर्ट है एंड लंग. ट्रांसप्लांट सर्जन है उन्होंने हमें यह. बताया कि 70 पर न्यू केसेस लंग डिसीसेस के. जो आ रहे हैं व नॉन स्मोकर्स के हैं तो. भले आप स्मोकर हो या नॉन स्मोकर हो फर्क. नहीं पड़ता आपके लंग्स उतने ही बुरी तरह. से डैमेज होते जा रहे हैं एंड एक स्मोकर. आपकी पूरी फैमिली खराब कर सकता है एंड.
उन्होंने यह भी बोला कि अगर आप बाहर जाके. सिर्फ ब्रीद कर रहे हो नॉर्मल एयर तो. प्रोबेबली आप स्मोक कर रहे हो प्लीज वच. दिस पॉडकास्ट टिल दी एंड क्योंकि ये बहुत. इंपॉर्टेंट पॉडकास्ट है जिस तरीके से. पोल्यूशन हमारे आसपास बढ़ते जा रहा है एंड. बिफोर यू स्टार्ट दिस पॉडकास्ट राज चमारी. क्लिप्स एंड राज समानी शॉर्ट्स को जाके. सब्सक्राइब कर लो क्योंकि वहां पर हम इस. बड़े एपिसोड की छोटी छोटी क्लिप्स डालते. हैं ताकि कम समय में आप ज्यादा से ज्यादा. इनसाइटफुल इंसान बन सके और इस पूरे. पॉडकास्ट का ऑडियो एक्सपीरियंस.
spotify.com. [संगीत]. जस्ट बिकॉज दे आर ब्रीदिंग एंड बिकॉज ऑफ.
एयर. पोलूशन एंड आई थॉट कि बहुत इंपोर्टेंट चीज. है एंड देर इ नो बेटर पर्सन टू टॉक अबाउट. इट देन यू व्हाट डू यू थिंक व्हाई इज दिस. हैपनिंग क्या हो गया अभी तो राज सबसे पहले. तो मैं य कहूंगा कि आपका. चैनल बहुत सारे टॉपिक्स और हेल्थ टॉपिक्स. इंक्लूडेड को देशवासियों तक पहुंचाने का. एक बहुत सशक्त माध्यम है ऐसा मैंने देखा. है ऐसा मैं मानता हूं और उस माध्यम पर.
मुझे बुलाने के लिए आपके सभी लोगों का. पहले तो बहुत-बहुत धन्यवाद शुक्रिया एंड. आई एम वेरी हैप्पी एंड एक्साइटेड टू बी. हियर क्यों क्योंकि मुझे लगता है कि जो भी. हम अगले एक डेढ़ घंटे में बात करेंगे वह. बहुत रेलीवेंट बात है देशवासियों के लिए. क्योंकि आने वाले 20 सालों में लंग्स की. बीमारियां यह हमारे देश में मोर्टालिटी.
यानी डेथ का नंबर वन कॉज होने जा रहा है. पिछले 20 साल हार्ट को बिलोंग करे थे हर. व्यक्ति हार्ट डिजीज हार्ट डिजीज की बात. करता था कोविड ने उसको चेंज किया इससे. पहले कोई लंग की बात नहीं करता था कोविड. ने सडन फोकस हार्ट से लंग पे शिफ्ट कर. दिया ऐसा नहीं कि कोविड में पहली बार. लंग्स इफेक्ट हुए थे लंग्स उससे पहले भी. इफेक्ट हो रहे थे लेकिन शायद उसको वो.
अटेंशन नहीं मिल रहा था जितना हार्ट को. मिल रहा था ब कोविड ने वो फोकस ला दिया और. उसके साथ ही जो और चीजें शुरू हुई है अगले. 20 साल लंग्स लंग्स लंग्स यही बीमारियां. 24 घंटे हमें तंग करेंगी क्यों ऐसा बोल. रहे हो आप इसके बहुत सारे कारण. है हमारी उम्र बढ़ रही है लोगों की पूरे. देश में वायु प्रदूषण एक मेजर हेल्थ.
प्रॉब्लम के रूप में उभर रहा है और भी कई. चीजें हैं जो हमारे लंग्स को बुरी तरह से. हार्म करती है जो बढ़ रही हैं जिनके बारे. में हम बात करेंगे तो बढ़ती हुई उम्र. बढ़ता हुआ प्रदूषण बढ़ते हुए दूसरे कारण. तरह-तरह के इंफेक्शन जैसे कोविड था और. इंफेक्शन ये सब मिलाकर के लंग्स को बुरी. तरह से डैमेज.
लंग्स में और बाकी अंगों में एक मूलभूत. फर्क है बाकी सारे अंग ब्रेन हार्ट लिवर. किडनीज इंटेस्टाइन यह सब शरीर के अंदर. छुपे हुए हैं उन तक अगर कोई इंफेक्शन. पहुंचेगा तो सिर्फ ब्लड से पहुंच सकता है. यही एक मात्र एक ऐसा अंग है जहां ब्लड भी. आता है और हवा भी जाती है सो फर्स्ट एकएक. करके सब पर बात करते हैं हर टॉपिक प कि. क्याक लंग को डैमेज कर रहा है फर्स्ट एयर.
पोल्यूशन पर बात करते हैं जी एयर पोल्यूशन. अभी वर्ल्ड में वन ऑफ द लीडिंग कॉज बन. चुका है लंग डैमेज करने के राइट एंड. इनफैक्ट दे स्ट डूओ की 2018 की है वो आई. एम श्यर कि अभी तो और नंबर्स बढ़ चुके. होंगे व्हिच इज एयर पोल्यूशन की वजह से. जितनी डेथ हो रही है वो वर्ल्ड में जितने. वॉर्स हैं मलेरिया है एचआईवी है एड्स है. इन चारों को कंबाइन कर दो तो भी एयर. पोल्यूशन जितनी डेथ नहीं होती आपने.
बिल्कुल ठीक कहा और इसमें एक चीज और ऐड कर. दीजिए एयर पोल्यूशन हर. साल कोविड ने पूरे एपिडेमिक में जितने लोग. मारे थे उससे ज्यादा एयर पोल्यूशन हर साल. एवरी ईयर इट इज किलिंग मोर पीपल देन कोविड. किल्ड इन इट्स एंटायस बट कोविड को वजह से. दुनिया रुक गई थी पोल्यूशन पर कोई ध्यान. ही नहीं देता तो क्या कर सकते हैं इसमें.
देखिए पोल्यूशन के कारण हैं हम अ कारण तो. बहुत सारे हैं बट अगर मैं उसको समरा इज. करूं दो मूल कारण है. धूल और धुआं धूल यानी कि डस्ट डस्ट कहीं. से भी आए रोड से आए खेतों से आए. कंस्ट्रक्शन साइट से आए या और तरह-तरह की. इंडस्ट्री और माइंस वगैरह से आए सो डस्ट. फ्रॉम एनी सोर्स दिस एड्स लॉट ऑफ. पार्टिकुलेट मैटर इन दी एयर और दूसरा है.
धुआं दोनों से दो तरह के पोल्यूटेंट्स आते. हैं एक तो पार्टिकुलेट मैटर आता है जिसको. पीएम 10 पीएम 2 आपने अक्सर सुना होगा आजकल. 2.5 हर जगह 2.5 2.5 वो होता रहता है और. दूसरी होती है गैसेस कार्बन मोनोऑक्साइड. हो सल्फर के ऑक्साइडस हैं नाइट्रोजन के. ऑक्साइडस हैं अमोनिया है ओजोन है कार्बन. मोनोऑक्साइड बहुत सारे और सैकड़ों. केमिकल्स हैं जो हमारे पेट्रोलियम. प्रोडक्ट्स हैं इनके बाय प्रोडक्ट. वो यह सब मिलाकर के एक बहुत ही टॉक्सिक.
मिक्स बनाते हैं जो. 25000 बार. प्रतिदिन हमारे फेफड़ों में जाता है एक. एवरेज पर्सन 25000 बार मैं और आप 25000. बार सांस लेते हैं और हर सांस में यह जहर. जा रहा है इसीलिए मैं जगह-जगह लिखता हूं. इन पोल्यूटेड सिटी ब्रीदिंग किल्स लोग पूछ. ब्रीदिंग की वजह से तो हम जिंदा है बट.
इट्स किलिंग यू आल्सो बिकॉज इससे. बीमारियां होती हैं इससे अपंगता होती है. इससे डेथ्स होती है एंड ऑलमोस्ट 30. इंडियंस आर डाइंग बिकॉज ऑफ ब्रीदिंग एवरी. डे बिकॉज ऑफ पोल्यूशन सर जैसे सबको पता है. पोल्यूशन बढ़ रहा है हर कोई इसके बारे में. बात कर रहा है या कहीं ना कहीं उन्होंने. देखा होगा और अब जैसे आप अवेयरनेस क्रिएट. कर रहे हैं एंड आप पॉडकास्ट प आए हो वो. इतने लोग देख रहे होंगे राइट वो सबको अब. समझ में आ गया लेट्स से बेस लेवल की. पोल्यूशन हमें मार रहा है बट इसका करें.
क्या व्हाट शुड वी डू अबाउट इट कि हमारे. लंग्स इतने अफेक्ट नहीं हो क्योंकि ये तो. रियलिटी है हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं. होगा कि ये देश छोड़ के कहीं और चले जाए. हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं होगा कि अपना. शहर छोड़ के भी कहीं और चले जाए स्पेशली. लेट्स से दिल्ली अगर हम बात करते हैं कि. सबसे ज्यादा पोल्यूटेड है राइट तो क्या. करे कोई आपने मेंशन किया कि हमारे लंग्स. इफेक्ट होते हैं हां तो मैं चूंकि इस. टॉपिक पे पूरे देश में बात करता.
मेरा काफी समय इस टॉपिक प जाता है तो. मैंने ये रिलाइज किया है कि हां इसके बारे. में पिछले 10 साल से मीडिया में यहां वहां. बहुत कुछ बात हो रही है बट फिर भी इसकी. सीरियसनेस इसकी जो डेप्थ है वो अभी लोगों. तक नहीं पहुंची है आज भी लोग इसको. एनवायरमेंटल इशू केमिकल इशू हां भाई वो. 2.5 कितना हो गया आज अच्छा 400 ओ हो हो आज. तो ज्यादा बढ़ गया दे डोंट रिलाइज दैट. इट्स नॉट एन एनवायरमेंटल और केमिकल इशू.
इट्स अ प्योर हेल्थ इशू वन टू कितने अंग. डैमेज होते हैं और किस एक्सटेंट तक डैमेज. होते हैं यह कोई रिलाइज नहीं करता सब लोग. आपने भी राज बोला कि लंग्स इफेक्ट होते. हैं लंग्स आर जस्ट वन ऑफ द ऑर्गन अफेक्टेड. सर से लेकर पैर तक कोई अंग राज ऐसा नहीं. है जो इससे इफेक्ट नहीं होता माता के पेट. में जो जात शिशु पल रहा है वहां से लेकर.
वृद्ध तक कोई एज जो है इफेक्ट होता ऐसी. नहीं है जो इफेक्ट नहीं होती और मेल फीमेल. सब इफेक्ट होते हैं अगर आज हमने करेक्टिव. मेजर्स नहीं लिए तो कल हमें इसकी भारी. कीमत चुकानी पड़ेगी इट्स एन एसिस्टेंसिया. बताओ जो हर इंसान छोटे-छोटे मेजर्स ले. सकता है जिससे पोल्यूशन पे कंट्रोल आना. स्टार्ट होगा जरूर बहुत इंपोर्टेंट.
क्वेश्चन है और मैं इसका जो प्रैक्टिकली. रेलीवेंट आंसर है वो दूंगा कि सबसे पहले. तो हम धुएं को जहां से भी धुआं आ रहा है. उसको कंट्रोल करें कि हमें धुएं को. कंट्रोल करना है हम डस्ट अब देखिए छोटी सी. चीज है जिसमें म्युनिसिपल कॉरपोरेशंस का. बड़ा रोल जगह-जगह हमारी सड़कें रिपेयर. होने के लिए खुदी हैं इलेक्ट्रिकल केबल. सीवर केबल्स ले डाउन करने के लिए खुदी हैं. उसका पार्ट होता है कांट्रैक्ट का कि ये.
इमीडिएट इसका वो होगा जो उसको पक्का करना. है मगर वो नहीं होता दो दो तीन-तीन महीने. वो पड़ा रहता है उस परे गाड़ियां गुजरती. है धूल उड़ती है कोई ना कोई तो इसको सेट. कर सकता है ना मे बी एन इंडिविजुअल और ए. म्युनिसिपालिटी अगर हम यह निर्णय कर ले कि. आज के बाद हम कहीं भी इस तरह की कच्ची. सड़कें नहीं रहने देंगे मैं कहता हूं. शहरों का तुरंत आप देखिएगा पार्टिकुलेट. मैटर 10 से 20 20 पर इमीडिएट कम आ जाएगा.
पर ये कैसे करें जैसे मान लो इधर अब बाहर. रोड प कच्चा रोड है यहां पे धूल उड़ती है. हम क्या कर सकते हैं हम लेटर लिखेंगे हां. तो मैंने इसलिए कहा ये एक कोऑर्डिनेटेड. एफर्ट होगा आप ये बताइए कि जो किसी को तो. उसको करने की अथॉरिटी है ना. म्युनिसिपालिटी है तो म्युनिसिपल का कोई. तो इंचार्ज होगा वो भी तो इसी का इसी से. का शिकार हो रहा है उसके बच्चे भी तो इसी. का शिकार हो रहे हैं पर बहुत जगह बहुत. सारे लोगों को फर्क नहीं पड़ता तो आप. पड़ता है फ. वो सोचते हैं कि फर्क नहीं पड़ता बट.
एक्चुअली फर्क पड़ता है नहीं मेरा मतलब है. कि जो रिस्पांसिबल यहां पे अगर एक अधिकारी. होगा जिसका जॉब है कि ये वाला रोड मैं सही. करूं मुंबई जैसा इतना डेवलप्ड शहर वहां पर. बाहर कच्चा रोड है हम वो करेक्ट नहीं होता. सालों से लोगों ने ट्राई कर लिया आप. प्रिज्यूम कर रहे हैं कि ट्राई किया होगा. मैं एक छोटी सी मैं नेम नहीं कर सकता बट. मैं एक एक सिटी की मुसिपालिटी के बताता. हूं जहां मैंने जाके उनके जो इंचार्ज थे. मेयर साहब उनसे बात की और उनको यह अपनी जो.
फोटोस वगैरह थी सब समझाया और उनसे विनती. की सर इसका असर सब पर हो रहा है आप पर भी. हो रहा है आपके परिवार पर भी हो रहा है. आपके बच्चों पर भी हो रहा है आपके. पेरेंट्स पर भी हो रहा है राज फर्क पड़ा. और वहां पर मैं नहीं कहूंगा कि वो उस शहर. की शक्ल बदल गई लेकिन वहां एक चेंज अगली. बार जब मैं गया तो मैंने देखा तो अगर यह. हो गई गवर्नमेंट की बात लेट्स से कि हम सब. मिलके एप्लीकेशंस डाले या बात करें तो कुछ. चेंज आएगा और और हम पर्सनल एफर्ट्स पे आते.
हैं बहुत बड़ा कंट्रीब्यूटर है प्लास्टिक. हमारा प्लास्टिक जो घरों से निकलता है वो. जाकर के डंपिंग ग्राउंड्स देखिए दिल्ली के. अंदर चार ह्यूज माउंटेंस हैं जहां हमारा. मलबा डंप होता है और वो मतलब एक शर्मनाक. चीज है इस शहर के लिए अगले 10 साल में राज. बहुत सारे शहरों के बाहर इसी तरह के. माउंटेंस बनने वाले हैं जिसमें ह्यूज.
अमाउंट ऑफ प्लास्टिक होता है और वह. प्लास्टिक जब जलता है तो उससे जो धुआं. निकलता है वह सबसे टॉक्सिक धुआ में होता. है तो हम प्लास्टिक का यूज बंद करें हमारी. एक एनजीओ है लंग केयर फाउंडेशन हम लोगों. ने एक कपड़े का बैग बनवाया है और उसको हम. बांट रहे हैं हजारों में कंट्री में कि. लेट्स शिफ्ट फ्रॉम द प्लास्टिक बैग्स टू अ. दी क्लॉथ बैग दूसरा घरों के अंदर वेस्ट. सेग केशन जो रिसाइकल बल नॉन रिसाइकल बल.
ड्राई वेस्ट वेट वेस्ट यह अलग करना एक. बहुत छोटा सा काम है लेकिन अगर यह हो जाए. और आप वो वेस्ट जो एक्चुअली वहां नहीं. जाना चाहिए वह ना जाए तो एक तो वेस्ट का. अमाउंट कम होगा और यह जो जलना है यह कम. होगा या तीसरा ऑटोमोबाइल्स का जो नंबर. इतनी बुरी तरह से बढ़ रहा है वो नंबर हमें. कहीं ना कहीं कंट्रोल करना पड़ेगा अब आप. कहेंगे कि यह तो इज सेट दन डन है हां मैं.
मानता हूं कि ये इजियर सेट देन डन है उसके. लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंप्रूव करना. चाहिए बट मेरा एज ए डॉक्टर यह मानना है कि. अगर वो पिक्चर लंग की जिसमें हमारे लंग्स. अफेक्ट हो रहे हैं वह सब लोगों के घर में. पहुंच जाए और शायद आपके शो के माध्यम से. यह लाखों करोड़ों लोगों के घर में. पहुंचेगी तो कहीं ना कहीं लोग कहेंगे नहीं. यार अगर थोड़ा सा इनकन्वीनियंस भी होती है. तो हम उसको सहेंगे बट हम अपने लंग्स को. क्लीन करेंगे कि ये तो है जो पर्सनल. लेवल्स पर लोगों के साथ होने हैं उसके.
साथ-साथ कुछ और है जो पॉलिसी लेवल्स की. चीजें होनी है और मैं चाहता हूं कि आपके. इस बहुत ही सशक्त माध्यम के थ्रू मैं इसकी. भी एक अपील करूं बहुत सारा पोल्यूशन हमारा. आ रहा है इंडस्ट्रीज से हम और उसमें सबसे. बड़े कल्प्रिट्स हैं कोल. फायर्स जब कोल जलता है और खास कर से वो. सस्ती वैराइटी का तो वहां से सल्फर से भरा.
हुआ सल्फर के डिफरेंट डिफरेंट ऑक्साइडस का. टॉक्सिक धुआं निकलता है वो एक बहुत बड़ा. सोर्स है आई थिंक इस पे तो अब काफी काफी. तेजी से काम होना स्टार्ट हो गया है कि. किस तरीके से कोल एनर्जी को चेंज करें और. हम लोग रिन्यूएबल एनर्जी वाले सोर्सेस प. जाने लगे सो रिन्यू एनर्जी पे चेंज होना. एक बहुत बड़ा वो है जो प्रधानमंत्री की वो. सोलर एनर्जी योजना है जिसमें घड़ों पे लगा. रहे हैं घरों के रूफ टॉप पे वो बहुत.
जबरदस्त चीज है इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जो आ. रही हैं वो एक बहुत अच्छी चीज है लेकिन. उसके साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की. चार्ज करने के लिए जो इलेक्ट्रिसिटी आएगी. वो भी क्लीन सोर्स से आना चाहिए ना कि कोल. फाइड पावर प्लांटस वो भी चेंज हो रहा है. धीरे-धीरे पीपल आर डाइंग और तेजी से बढ़ते. जा र मेरी रिक्वेस्ट यह है कि यह इतनी. सीरियस प्रॉब्लम है कि इसमें हमें डिकेड्स. में सॉल्यूशन नहीं चाहिए क्योंकि वो की. जगह साल राज वो बहुत लेट हो जाएगा हमें.
इसको उसी अर्जेंसी के साथ ट्रीट करना है. जैसा कि हमने कोविड को रिस्प किया था. क्योंकि ये कोविड से ज्यादा हर साल मार. रहे है सो दिस इज ऑन द एक्शन लेवल देन अब. आते हैं जो पर्सनल लेवल पर लोग लोग करते. हैं चीजें जैसे एर प्यूरीफायर्स एयर. प्यूरीफायर से फर्क नहीं पड़ता एयर. प्यूरीफायर क्या है एयर प्यूरीफायर एक. मशीन है मोटर है जो हवा को सक करती है.
अंदर एयर उसके हिप फिल्टर्स होते हैं. मल्टीपल लेयर्स उसके थ्रू पास होती है और. वह वापस कर देता है तो इसमें तीन मुद्दे. हैं एक जो उसकी हैंडलिंग कैपेसिटी है वह. आपके रूम साइज के अनुसार होना चाहिए अब. जैसे आपका ये स्टूडियो है तो इसमें मैं. अगर छोटा सा वो रखा है उसमें मैं छोटा सा. अगर रख दूं उसकी एयर हैंडलिंग कैपेसिटी. आपके वॉल्यूम से कम है तो वह कुछ नहीं. करेगा एक नंबर टू जितने जितने भी विंडोज. एंड डोर्स है वो बंद होने चाहिए जस्ट लाइक.
एसी अगर आपने ऑन एसी ऑन करके विंडो और डोर. खोल दिए तो वो बेकार हो जाएगा एयर. प्यूरीफायर भी तभी काम करेगा जब आपके. विंडोज और ससी बंद है तीसरा यह है उसी. व्यक्ति को मदद करेगा और उतनी देर मदद. करेगा जितनी देर आप इस कमरे के अंदर. हैं आप और मैं इस समय यहां बैठे हैं ठीक. है वो एयरर फेर लगा है राज अभी आप ये खत्म. करके रिकॉर्डिंग हम बाहर जाएंगे तो क्या. ये एयर पफर हमें वहां प्रोटेक्ट करेगा.
नहीं मेरा सवाल है कि क्या 140 करोड़ जनता. अगले 40 साल के लिए अपने आप को एयर. प्यूरीफाइड रूम्स में बंद कर सकती है नहीं. क्या 140 करोड़ जनता इसको खरीदना अफोर्ड. कर सकती है नहीं क्या एक बार खरीद के रख. देने से यह हमेशा के लिए इफेक्ट रहता है. नहीं इसका फिल्टर चोक होता है कितना चोक.
होता है कितने दिनों में चोक होता है यह. लेवल पर डिपेंड करता है जो दिल्ली में. आजकल लेवल है उसमें शायद तीन या चार महीने. में वह काला हो जाएगा आपको चेंज करना. पड़ेगा क्या हम उतना इन्वेस्टमेंट कर सकते. हैं 99 पर लोग इसको लगा के भूल जाते हैं. और जब यह चोक ड हो जाता है ना तो. प्यूरीफायर की जगह डर्टी फायर हो जाता है. क्योंकि अंदर आप खोल के देखेंगे तो उसमें. इतना का कार्बन होता है कि वह सफाई तो कर.
ही नहीं सकता तो कॉस्ट इश्यूज इफेक्टिव बस. इश्यूज ओनली विदन कन्फाइंड स्पेसेस सो. मुझसे अक्सर पूछते हैं आप कभी रिकमेंड. करते हो हां मैं रिकमेंड करता हूं मैं लंग. ट्रांसप्लांट सर्जन हूं मैं लंग. ट्रांसप्लांट्स करता हूं मेरे पेशेंट जब. ट्रांसप्लांट्स करा के घर जाते हैं तो. मेरी टीम जहां पर वह रहने जा रहे हैं वहां. पेशेंट के डिस्चार्ज होने से पहले जा कर. के घर में पूरी सफाई करती है कहीं फंगस. फंगस तो नहीं है देखती है और और एयर. प्यूरीफायर्स इंस्टॉल कराती है क्योंकि.
मैं अफोर्ड नहीं कर सकता कि वह इम्यूनो. सुप्रेस पेशेंट जाके यह गंदी हवा करें उसी. तरह से जब लंग सर्जरी करा के मेरे. पेशेंट्स घर जाते हैं तो मैं उनको बोलता. हूं जिन पेशेंट्स को सीओपीडी ब्रक अस्थमा. दूसरी बीमारियां हैं या जो ओल्ड एज के लोग. हैं जिनको सीओपीडी है जिनको न्यूमोनिया. वगैरह का एयर बर्न डिजीज का हाई चांस है. मैं ये जो सिलेक्टेड पॉपुलेशन है जो हाई. रिस्क है जिसको अगर इस गंदी हवा से.
इंफेक्शन हो गया तो नुकसान होगा मैं उनको. रे कमेंड करता हूं बट इफ यू आस्क मी डॉक्ट. अरविंद इज एयर प्यूरीफायर अ सॉल्यूशन फॉर. एयर पोल्यूशन माय आंसर इज अ बिग नो एयर. पोल्यूशन राज इज अ पब्लिक प्रॉब्लम वो देश. के इस कोने से उस कोने तक अक्रॉस द कंट्री. है एयर इज अ कंटीन्यूअस शेड इस पब्लिक. प्रॉब्लम का एयर प्यूरीफायर जैसा प्राइवेट. सलूशन कोई सलूशन नहीं हो स बट ये सलूशन एट.
लार्ज नहीं है लेकिन जो लोग कुछ गिने चुने. लोग अगर अफोर्ड कर सकते घर पे लगाते हैं. तो दे शुड राइट मतलब ये उस ना लगाने से तो. बेटर है अगर आप अफोर्ड कर सकते हैं तो आप. जरूर लगाइए मैं भी इनफैक्ट जो लोग थोड़ा. सा. हेसिटेशन का एक एक्सटेंशन है क्योंकि आप. नहीं लगाएंगे और कुछ दिन के बाद आप. तो उसके टमेंट की कॉस्ट ज्यादा होगी फेर.
ऐसे कोई एयर प्यूरीफायर्स है जो आप बोलते. हो कि अच्छे होते हैं या गंदे होते हैं कि. सब ऑलमोस्ट सेम है देखिए मैं बिक कुछ एयर. प्यूरीफायर्स मैं आज. amazon2 का एयर प्यूरीफायर आता है और एक. 500 का एयर प्यूरीफायर आता है ₹ लाख का. एयर प्यूरीफायर तो 000 वाले में और ढ लाख. रप वाले में कुछ फर्क होता जर फर्क होगा. इसमें तीन चीजों में फर्क होता है एक तो. जो मोटर है. जो उसकी कैपेसिटी एयर हैंडलिंग कैपेसिटी.
वह कितना शोर मचा रही है आप अगर वह 2000. वाला लेंगे तो वह शायद ऐसा लगेगा कि घर. में कोई मोटर चल रही है जबकि जो बहुत. एक्सपेंसिव वाले हैं वो बिल्कुल जैसे आपका. ये लगा हुआ है बिल्कुल शोर नहीं हो रहा है. एक दूसरा जो उसके अंदर फिल्टर्स लगे देखिए. हिपा फिल्टर एक. बहुत अल्ट्रा सेंसिटिव और एक बहुत ही फाइन. मैकेनिज्म से तैयार की गई चीज है जिसमें. बहुत ही माइक्रो स्कोपिक साइज के पोर्स. होते हैं जो एयर को पास होने देते हैं बट.
मोस्टली सारा पार्टिकुलेट मैटर लॉट ऑफ. बैक्टीरिया एंड अदर चीजों को ट्रैप कर. लेते हैं तो उसकी क्वालिटी तो उसके बनने. के प्रोसेस प निर्भर करेगी ना और वही उसका. हार्ट है वही उसका सब कुछ है अगर फिल्टर. उसमें पुअर क्वालिटी का है तो फिर वो देगा. नहीं अच्छा इनमें क्या होता है जो ये. सस्ते वाले हैं इनमें कोई अपना मीटर नहीं. होता तो आपने लगा लिया आपको दिली संतुष्टि. हो गई कि भाई मेरे कमरे में लगा हुआ है बट. यू हैव नो वे ऑफ प्रूफंग कि एक्चुअली उसने.
कुछ किया और जो एक्सपेंसिव वाले हैं इनमें. अपना मीटर होता है आपने लगाया शुरू में. 300 दिखाया आपने चलाया एक घंटे के बाद वो. 50 आ गया यू नो दैट इट हैज वर्क तो ऐसे तो. हम बोल नहीं सकते कि महंगाई तो अच्छा होगा. बिकॉज ये स्टेटमेंट सही नहीं होगा गलत है. ये सो अगर कोई एयर प्यूरीफायर ले रहा है. तो उसको क्या चीजें देखनी चाहिए फर्स्ट इज. हेपा फिल्टर होना चाहिए कि नहीं उसको एक. देखिए कि एयर हैंडलिंग कैपेसिटी उस मोटर. की कितनी है और. नहीं उसकी एक वॉल्यूम के हिसाब से होता है.
तो जो आपके रूम का वॉल्यूम है उसकी एयर. हैंडलिंग कैपेसिटी आपके वॉल्यूम के हिसाब. से होनी चाहिए तो उसपे लिखा होता है यूली. उन सब लिखा होता है ये 200 स्क्वायर फीट. के रूम में सही हैय 1000 स्क्वा फीट 50 स्. फीट तो पहली चीज तो मोटर की एयर हैंडलिंग. कैपेसिटी दूसरा उसका हिपा फिल्टर कैसा है. कहां बना है उसकी अब कहीं बिल्कुल लोकल. किसी ने आपके कॉलोनी के पीछे वाले किसी. मार्केट में बनाकर बेचा चाहे तो कहीं तो. ना कहीं तो वो उसमें टॉप क्लास क्वालिटी.
नहीं होगा तो हमें हिपा फिल्टर की. क्वालिटी देखनी है और कौन-कौन सी. टेक्नोलॉजीज उसमें इनकॉरपोरेटेड है जैसा. मैंने कहा उसमें मीटर है कि नहीं मैं. रिकमेंड करूंगा कि आप मीटर के साथ वाला ले. और दूसरी टेक्नोलॉजी है उसका बैकअप. मैकेनिज्म कल को अगर वो फिल्टर चेंज करना. होगा तो उसकी सप्लाईज उसकी कॉस्ट यू नो. इट्स लाइक प्रिंटर आप पहले लेते हैं. प्रिंटर बड़ा सस्ता होता है कार्टेज में. पैसे निकल जाते हैं और फिर अगर आपने पैसे. की वजह से उसका फिल्टर नहीं चेंज किया तो.
सारा खराब हो जाता खेल खराब हो जा ये सब. चीजें आपको देखनी हो सो इसके बाद लेट्स से. एक इसका सस्ता वर्जन पर जाते हैं जो बहुत. लोग बात करते हैं और यूजुअली मेरे जो. अमेरिकन फ्रेंड्स है वो जब इंडिया में आते. हैं क्योंकि वो लोग बहुत ज्यादा आजकल. सोचने लग गए हैं पोलूशन के बारे में ट वो. लोग करते हैं मास्क पहन के घूमते हैं और. इंडिया में भी लोग करने लग गए कि पोल्यूशन. इतना ज्यादा है हमें n95 मास्क पहन के. बाहर निकलना चाहिए उससे कुछ होता है मुझे. मालूम था कि अब एयर प्यूरीफायर के बाद.
अगला यही टॉपिक आ रहा है तो मास्क राज तीन. तरह के होते हैं एक क्लॉथ मास्क जो लोग. अक्सर घर में कपड़े से बना लेते हैं दूसरा. जो सर्जिकल मास्क हम लोगों का आता है. सिंगल प्लाई थ्री प्लाई जो हम लोग सर्जरी. में यूज़ करते हैं और तीसरा. n95 तो क्लॉथ और सर्जिकल मास्क का. पोल्यूशन के कंट्रोल में कोई रोल नहीं है. क्योंकि जो पार्टिकुलेट मैटर है और जो. गैसियस मैटर है वह सब उसमें से निकल जाता. है जो रोकता है मदद करता है वह n95 उसका.
नाम ही है n95 क्योंकि वो 95 पर ऑफ द. पार्टिकुलेट मैटर को रोक लेता है उसका जो. पोर साइज होता है लेकिन उसके लिए कुछ कैच. हैं और कैच ये है कि वो जो मास्क है वह. आपके नोज के ऊपर यहां लगेगा और यहां से. होता हुआ आपके पूरे मुंह को कवर करते हुआ. इस पूरे एरिया पे टाइटली फिट होगा. ताकि आपने जो सांस ली और सांस बाहर की वो. सब उस मास्क के थ्रू पास हो रहा है आपने.
मास्क लगाया लेकिन ऊपर यह खोला हुआ है. आपने सांस ली तो 50 पर हवा उसमें से गई और. 50 पर हवा साइड में से हो गई तो वो तो. हेल्प नहीं करेगा तो यस मास्क कैन हेल्प. यू इफ इट्स ए प्रॉपर मास्क डैमेज नहीं. होना चाहिए प्रॉपर्ली फिटिंग एंड. प्रॉपर्ली अप्लाइड जिससे आप सारा ब्रेथ. उससे पार्ट हो रहा है तो पार्टिकुलेट मैटर. से आपको छुटकारा मिलता है तो अगर कोई एक. इंसान रोज मान लो मेट्रो में ट्रेवल करता.
है या रोज उसको कम्यूटर पड़ता है. ट्रांसपोर्ट में एंड उन्हें पता है कि कोई. एक एरिया आता है जहां से बहुत धूल होती है. या पोल्यूशन है जहां पर स्पेसिफिक उनको. बहुत ज्यादा अनकंफर्ट होती है या स्मेल. बेकार आती है अगर वो मास्क लगा के उधर से. जाते हैं तो अगर 100% डैमेज नहीं होगा तो. एटलीस्ट 20 30 पर वो बच जाएंगे बिल्कुल. 100% करेक्ट कहा आपने लेकिन एक कैविएट है. कि वो मास्क लगा के कृपया एक्सरसाइज ना. करें मैंने बहुत लोगों को दे देखा है कि. सुबह मास लगा के वो साइकलिंग और दौड़ने.
चले जाते हैं वो एक आ बेल मुझे बर वाली. चीज है क्योंकि इतना रेजिस्टेंस होता है. कि जब आप एक्सरसाइज करेंगे और आपको ज्यादा. सांस लेनी होगी वो सांस आप नहीं ले पाएंगे. और हो सकता है आपको ऑक्सीजन कम हो जाए और. उससे आपको नुकसान हो जाए लॉन्ग वॉक्स प जा. सकते हैं लोग नहीं अगर कोई भी चीज जिसमें. आपकी ब्रीदिंग रेट नॉर्मल से बढ़ रही है. तो n95 पे ना करें प्लीज ओके अनदर थिंग जब.
हम पोल्यूशन की बात करते हैं च इज इंडिया. में बहुत ज्यादा होता है और बाहर में भी. कम होता है कि इनडोर कुकिंग से जो. पोल्यूशन होता है वह बहुत हार्मफुल होता. है इनफैक्ट अराउंड द वर्ल्ड इनोर एयर. पोल्यूशन एंड कुकिंग से जो गैसेस आती है. उसकी वजह से 7 मिलियन डेथ र रिकॉर्डेड. मतलब घर के अंदर खाना नहीं बनाए अब क्या स. इसका मैं आपको बधाई देता हूं यह सवाल.
पूछने के लिए बहुत रेलीवेंट सवाल है राज. और यह शो करता है कि आपका शो इतना. सक्सेसफुल और इफेक्टिव क्यों है क्योंकि. आप वह सवाल पूछते हैं जो जनमानस के यूज का. है हमारे देश का बड़ा तबका रूरल एरियाज. में रहता है ये जो हम गैस और ये सब चीजें. देखते हैं यह पहुंची है बट सब जगह नहीं. पहुंची है और आज भी 50 60 पर से ज्यादा. रूरल हाउसहोल्ड. बायोमस फ्यूल को यूज कर रहे हैं इनडोर.
टिपिकली क्या होता है एक कमरा होता है. जिसके कोने में एक चूल्हा होता है और. गृहिणी उस चूल्हे पर उपला कोयला लकड़ी कोई. ना कोई चीज यूज करके बनाती है उसी कमरे. में उसी के बगल में उसका बच्चा बैठा होता. है वृद्ध भी उसी कमरे में होते हैं और वह. धुआ सारा कमरे में होता है और अक्सर कोई. एग्जॉस्ट का मींस नहीं होता और हमारे कुछ. कलीग्स ने इसमें एक स्टडी की है कि वह. बिल्कुल जो चूल्हे से निकल रहा होता है. कालाकाला धुआ उसमें पीएम 2.5 का लेवल.
25000 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब तक होता. है मतलब कितना टॉक्सिक है वह धुआ आप. इमेजिन नहीं कर सकते और वह छोटा सा बालक. वह गृहिणी व वृद्ध वह सब उसी एयर को ब्रीद. करते हैं और यह हमारे देश में रूरल लोगों. में एयर पोल्यूशन से होने वाली प्रॉब्लम्स. का कॉमनेस्ट कॉज है तो गैस से नहीं होता. जैसे घर पे गैस पे आपको करते उसमें से भी. स्टीम निकलता है ु निकल निकलता है लेकिन.
उसका जो अमाउंट है वो बहुत कम होता है. कंपेरटिवली और उसके लिए भी अगर आप कोई. एग्जॉस्ट लगा दें जिससे व निकल जाए तो वो. फिर बहुत और ज्यादा कम हो जा तो हर बार जब. धुआ निकलता है घर में तड़का लगता है और. बहुत धुआ होता है पूरे घर में तड़के का जो. धुआ है राज वो अलग होता है उसमें. पार्टिकुलेट मैटर और पूछने वाला था उससे. कुछ होता है नहीं होता है उसको भी होता है. आईडियली तो किसी भी तरह का जो धुआ और चाहे. वो वो तड़का लगने का हो या गैस से हो जो.
इनविजिबल होता है जो हमारे घर में जो गैस. आती है सिलेंडर से या पाइप से उससे ऐसा. नहीं है कि धुआ नहीं निकलता है निकलता है. लेकिन वो इनविजिबल होता है और इसीलिए हम. अगेन मैं अपने पेशेंट जब जाते हैं तो उनको. बोलता हूं कि घर में एग्जॉस्ट लगवा हो. किचन में चिमनी ल उसके ऊपर चिमनी भी लगाओ. और एक उनके हस्बैंड को या वाइफ्स को बोलता. हूं कि आप चिमनी भी लगाओ एग्जॉस्ट भी लगाओ. गैस ऑन करने से पहले चिमनी और एग्जॉस्ट को. ऑन करो और गैस ऑफ करने के 10 मिनट तक उसको.
ऑन रखो ताकि सारा धुआं बाहर निकल जाए इससे. ऐसा नहीं है कि आप बिल्कुल जी0 पर हो गए. बट आपका एक्सपोजर लेवल रिड्यूस हो जाता है. अनदर थिंग पैसिव स्मोकिंग मुझे उस परे. बहुत बात करनी थी मैंने ट्राई किया डाटा. ढूंढने का मुझे ज्यादा कुछ मिला नहीं उसपे. क्योंकि शायद बड़ी-बड़ी स्मोकिंग कंपनी. उसे दबा देती है तो पैसिव स्मोकिंग से. क्या होता है जैसे हमको यह तो पता है कि. स्मोकिंग इज बैड हम उसके ऊपर बहुत सारी.
बातें हो चुकी है कि स्मोकिंग से लंग्स. अफेक्ट होते हैं पैसे स्मोकिंग से क्या. होता है तो मैं एक्चुअली आपसे यह चाहता. हूं कि पहले आप स्मोकिंग के बारे में बताओ. फिर पैसे स्मोकिंग के बारे में बता तो. स्मोकिंग में हम जब पीते हैं चाहे वह. बीड़ी हो सिगरेट हो हुक्का हो सिगार हो या. और कोई भी आजकल वेप आ गया है उसपे हम अलग. से बात करेंगे बहुत आई एम वेरी पैशनेट एंड. मैं उसमें बहुत सारी इंफॉर्मेशन आपको दे. ठीक है उस ये जितनी भी ये सिगरेट ये तो.
तंबाकू के यूज से रिलेटेड जितनी भी है इन. सब में जब आप स्मोक करते हैं तो इसमें. निकोटिन होता है हम जब निकोटिन हमारे. लंग्स के थ्रू एब्जॉर्ब होके ब्लड में. जाता है ब्लड से वो ब्रेन में जाता है एक. ब्लड ब्रेन बैरियर को क्रॉस करके ब्रेन. में जाता है तो इट्स एन इंस्टेंट. स्टिमुलेटिंग फैक्टर तुरंत देता है ब्रेन. को बड़ा अच्छा लगता है. तो और इतना हाईली एडिक्टिव है कि अगर वह.
कपल ऑफ टाइम्स चला जाए तो ब्रेन स्टार्टस. आस्किंग फॉर इट मुझे वह चाहिए मुझे वह. चाहिए और क्रेविंग होती है और उसकी वजह से. व्यक्ति उसका एडिक्ट हो जाता है तो जो. एडिक्शन उसको हुआ वो निकोटिन से हुआ लेकिन. जब हम सिगरेट या बीड़ी किसी भी तरह से जब. ये टोबैको जलता है तो निकोटिन तो एक चीज. है बट उसके साथ-साथ जो वो जलने में. दर्जनों मतलब मोर 70 ऐसे केमिकल्स होते.
हैं जो अंदर जाकर के लंग्स को और फिर. एब्जॉर्ब होके हेड टू टो सारे ऑर्गन्स को. डैमेज करते हैं और वह कैंसर कॉजिंग भी है. मोर देन 70 कैंसर कॉजिंग एजेंट सर्टिफाइड. बाय डब्लू एओ आर प्रेजेंट इन सिगरेट बीड़ी. हुक्का सिगार स्मोक यह कहीं से भी आए जो. व्यक्ति डायरेक्टली इन्हेल करता है दिस इज. कॉल्ड प्राइमरी स्मोकिंग जब आप हाथ में. उसको लिए बैठे हो और वो धुआं उड़ रहा है. जो धुआं कमरे में बैठ बढ़ रहा है और वहां.
कमरे के सब लोग पी रहे हैं उसको कहते हैं. सेकेंडरी स्मोकिंग और कई बार वो धुआं जम. जाता है कारपेट्स पे कर्टंस पे दूसरे. आइटम्स पे वहां जाके जम जाता है उसके. पार्टिकल्स उसमें अब्जॉर्ब हो जाते हैं और. छोटे-छोटे टॉडलर्स जब उसके ऊपर खेलते हैं. तो वो वहां से वो धुआं या पार्टिकल्स. उड़ते हैं और वो बच्चे उसको इन्हेल करते. हैं उसको कहते हैं टर्श स्मोकिंग प्राइमरी. स्मोकिंग सेकेंडरी टरी. स्मोकिंग अगर आपने सिगरेट पी है और फिल्टर.
लगा हुआ है तो आप जो धुआ इन्हेल कर रहे हो. उसमें काफी कुछ चीजें फिल्टर से रुक जाती. हैं लेकिन जो उसके एंड से जो धुआ उड़ रहा. है वो तो फिल्टर से नहीं गया तो जो पैसिव. स्मोकिंग करते हैं जो कमरे में लोग बैठे. हैं जो यूजुअली पत्नी होती है और बच्चे. होते हैं या वृद्ध लोग होते हैं वो जो. सेकंड हैंड स्मोक लेते हैं वो आपने जो. स्मोक लिया उससे वर्स होता है क्योंकि.
आपने तो उसको फिल्टर के थ्रू लिया यूजुअली. बीडी में नहीं होता बट सिगरेट अगर फिल्टर. सिगरेट है और आजकल मोस्टली फिल्टर सिगरेट. ही है तो वो फिल्टर के थ्रू पास हो रहा है. लेकिन जो आपने उसमें से जाने दिया वो तो. अनफिल्टर्ड है और वह वही नुकसान करेगा. उनको जो आपको कर रहा है इसीलिए जो. स्मोकिंग मेल्स वाले हाउसेस होते हैं. उसमें जो छोटे-छोटे बच्चे होते हैं ना. उनको हमेशा चेस्ट डिजीज का प्रॉ प्रॉब्लम. बाकी बच्चों के मुकाबले ज्यादा होता है.
क्योंकि वो घर से वो टर्श स्मोक वो इन्हेल. करते रहते हैं एंड यूजुअली जैसे आप. ऑफिसेसूट अपरी होती है हम वहां पर लोग. स्मोकिंग करते हैं हम राइट एंड वहां पर. कुछ लोग चाय पीने जाते हैं कुछ लोग स्मोक. करने जाते हैं तो वहां पर जो नॉन स्मोकर्स. है उन्हें होना चाहिए नहीं होना चाहिए. उनके साथ क्या होता है लाइक आर दे तो कुछ. ज्यादा खराब कर रहे हैं कि ठीक है थोड़ा. बहुत इट्स फाइन एक दो बार कि इट्स रियली. वर्स उस इंसान जा अगर सिगरेट पी रहे हो. मान लीजिए किसी क्लोज्ड एरिया में सिगरेट.
पी रहे हो तो आसपास जो आपके लोग खड़े हैं. जैसे अक्सर होता है लोग मीटिंग कर रहे हैं. और आपने फू करके धुआ छोड़ा वो दूसरे के. ऊपर चला गया हालांकि ये गलत है लेकिन लोग. करते हैं तो वो जिसने वो इन्हेल किया उसको. नुकसान होगा और इसीलिए जब मैं अपने. पेशेंट्स को डिस्चार्ज करता हूं मैं उनको. एक और वार्निंग देता हूं कि अगर आप कभी. किसी क्लब में जाएं तो प्लीज जो वह बार. वाला रूम है उसमें मत जाइएगा क्योंकि वह. रूम यूजुअली मट्टी जैसा होता है क्योंकि. वहां सब बैठ के ड्रिंकिंग के साथ यूजुअली.
स्मोकिंग होता है तो वो रूम फर्नेस जैसा. मैं उनको स्पेसिफिकली मना करता हूं कि. वैसे आप जाओ आपके घर में अगर गलती से कोई. स्मोक करने लगे हाथ जोड़ के विनम्र विनती. करके उससे कहना प्लीज बाहर जाके पी लीजिए. और अगर कहीं किसी के घर जाओ वो पिए तो तुम. घर से बाहर निकल जाना और क्लब में जाओ तो. बार रूम में कभी मत जाना यह सब एडवाइस. देते हैं क्योंकि ये हैवली नुकसान पता है. टेलिंग कि अगर एक इंसान स्मोक कर रहा है.
घर में एंड उन्हे चांसेस है कि स्मोकिंग. की वजह से लंग कैंसर उनको हो जाएगा उतने. ही चांसेस उनकी बीवी और उनके बच्चे के भी. है सो वो खुद को तो अफेक्ट कर ही रहे हैं. उनके साथ-साथ बीवी और बच्चों को भी अफेक्ट. कर रहे हैं और सबके इक्वल चांसेस हो जाते. हैं लंग कैंसर होने के जितना अमाउंट ऑफ. एक्सपोजर हो रहा है उसके हिसाब से हो जाते. हैं मान लीजिए उ घर में घर में बैठ के कोई. करता है अब सामने आप उनके साथ बैठे हो तो. आपके भी चां वो डिपेंड करता है ना हां. कितना एक्सपोजर हुआ अगर उनका एक्सपोजर. उतना है तो उनका चांसेस इतना होगा और हम. अभी ड्यूरिंग द कोर्स लंग कैंसर पे आएंगे.
जो पूरे देश को जानना बहुत जरूरी है ल वी. विल गो देयर इन डीप बिफोर दैट अगर कोई वमन. स्मोक करती है तो क्या उनके बच्चे पे. अफेक्ट करता है वो एट द टाइम ऑफ. प्रेगनेंसी. यस वंस अगेन आप बहुत सुंदर सवाल पूछ रहे. हैं राज ये वाकई ये एपिसोड लोगों को बहुत. मदद करेगा आपने बहुत अच्छा सवाल पूछा अगर. एक प्रेग्नेंट महिला ने स्मोक किया तो वो. सारे केमिकल्स जो एब्जॉर्ब हुए वो.
प्लेसेंटा के थ्रू फिटस में भी जाते हैं. और अगर पहले ट्राइमेकर में हैवी एक्सपोजर. हुआ तो कंजना इटल डिफेक्ट्स. जिसमें मतलब बच्चे में जन्म जात वो. डिफॉर्मिंग और थर्ड ट्राइमेकर में ग्रोथ. रिटारडेड के अंदर डेथ हो जाना प्रीमेच्योर. डिलीवरी और यह बच्चे जब पैदा होते हैं तो. पेरिनेटल मतलब पैदा होने के वक्त के आसपास. के पेरी में जो प्रॉब्लम होती है उसका. इंसीडेंस कहीं ज्यादा होता है तो गर्भवती.
महिला अगर स्मोक कर रही है तो वह अपने. बच्चे को भारी नुकसान पहुंचा रही है और. यही चीज जब एक गर्भवती महिला पोल्यूटेड. शहर में सांस लेती है तब भी यही होता है. क्योंकि पोल्यूटेड एयर में भी वही कैंसर. कॉजिंग एजेंट्स होते हैं मुझे ऐसी टॉप. फाइव सिटीज बताओ इंडिया में जिनमें. पोल्यूशन सबसे कम है गैंग टॉक अभी मैंने. स्ट स् पढी थी इंडिया में सबसे कम. पोल्यूशन जिस सिटी में है वो है गैंग टॉक.
टॉप पे है ओके फिर नॉर्थईस्ट के जो सिटीज. है खास कर के जो हिलीज एरिया शिलोंग है और. बाकी जो नॉर्थ ईस्ट के सिटीज है वो साफ है. ठीक है उसके बाद फिर जब आप आते हो तो. जो साउथ में छोटे सिटीज हैं जो शहर से दूर. है उनमें पोल्यूशन नॉर्थ से कम है अब हम. दिल्ली की बात करते हैं. दिल्ली में जो लोग रह रहे हैं वह हर साल.
अपनी लाइफ 5.3 यर्स से कम करते जा रहे हैं. जी बिकॉज ऑफ एयर पोल्यूशन इज दैट ट्रू या. सो यह एक यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की एक. वहां बहुत एक फेमस साइंटिस्ट है अ ड मतलब. वहां फैकल्टी मेंबर है यूनिवर्सिटी ऑफ. शिकागो में जिन्होंने यह स्टडी की थी इसको. ए क्यूएल आई कहते हैं एयर क्वालिटी लाइफ. इंडेक्स तो उन्होंने पूरे देश की पिछले. 25-30 साल की एयर क्वालिटी की जो मॉडलिंग.
जो वैल्यूज थी उन्होंने बहुत सारे सोर्सेस. को यूज किया है नासा से और यहां वहां से. उसको उस शहर के मोर्टालिटी डाटा के साथ को. रिलेट किया और फिर उन्होंने फिर से उस परे. मॉडलिंग की कि अगर उस शहर की एयर क्वालिटी. जो थी उसकी जगह डब्ल्यू एओ के मानकों के. हिसाब से होती तो उस मोर्टालिटी पे क्या. फर्क पड़ता और फिर वह एक कंक्लूजन पर.
पहुंचे कि एयर क्वालिटी डब्ल्यू एओ. स्टैंडर्ड की जगह दूसरी होने की वजह से. एक्स्ट्रा डेथ्स कितनी हुई तो उस पर. उन्होंने यह कंक्लूजन. के लिए एक वैल्यू थी और वह वैल्यू नॉर्थ. इंडिया में करीब 3 साल ज्यादा थी कि अगर. नॉर्थ इंडिया की एयर डब्ल्यू एओ मानकों के. हिसाब से हो जाए तो हर व्यक्ति साढ़े या. साढ़े साल पहले जब यह फर्स्ट टाइम डटा आया.
था तब पूरे देश के लिए 52 साल था और नॉर्थ. के लिए ठ ढ़ साल था अभी मैंने कुछ हफ्ते. पहले उसका एक लेटेस्ट वर्जन पढ़ा है उसमें. उन्होंने उसको वैल्यूज को थोड़ा कम कर. दिया है बट आज भी उनकी वैल्यूज 55 साल से. ज्यादा यानी अगर दिल्ली की एयर क्वालिटी. डब्ल्यू एओ स्टैंडर्ड्स पे हो जाए तो मैं. और बाकी सारे दिल्लीवासी 55 साल ज्यादा. जिएंगे अभी दिल्ली में हाई सोसाइटीज में अ.
एक चीज चल रही है व्हिच इज मुझे पूछना है. उससे कुछ फर्क पड़ता है क्या सो कनाडा से. कुछ लोग इंपोर्ट कर रहे हैं फ्रेश एयर. कैंस में आपने सुना है इसके बारे में हां. प्योर फ्रेश एयर कैन से आ रही है हम फ्रॉम. डिफरेंट कंट्रीज और इंडिया में बहुत. इंपोर्ट हो रही है और काफी लोग हाई. सोसाइटीज में यूज़ कर रहे हैं इससे कुछ. फर्क पड़ता है अ फ्रेश एयर इंपोर्ट कर रहे. हैं बट इससे पहले कई सालों से मैंने लोगों.
को ऑक्सीजन कैंस यूज करते हुए देखा था हम. मैंने लोगों को ऑक्सीजन स्पाज में जाते. हुए देखा था जहां लोग कहते थे कि प्लीज कम. एंड टेक 100% ऑक्सीजन और ऑक्सीजन फॉर हाफ. एन आर एंड डिटॉक्स योर लंग्स यस तो मैं. उनको सबको यह बताना चाहता हूं कि सांस. लेना एक. 24/7 कंटीन्यूअस प्रोसेस है जो जन्म से. शुरू होता है और मृत्यु तक अनवरत.
कंटीन्यूअस 25000 टाइम्स पर डे चलता रहता. है 25000 सांसों में से अगर आपने दो ढाई. हजार सांसों में एक दिन दो दिन तीन दिन. चार दिन थोड़ी सी साफ हवा या ऑक्सीजन दे. दी तो वह एक सागर में बूंद के जैसा नहीं. होगा और उससे क्या फर्क पड़ जाएगा तो लंग. डिटॉक्स कुछ नहीं होता लंग डिटॉक्स हम रोज. सुनते हैं मेरे हिसाब से.
अगर डिटॉक्स की डेफिनेशन उस डिपॉजिटेड. पॉइजन को रिमूव करना है जो मेरे ख्याल से. डिटॉक्स का मतलब होना चाहिए तो वो संभव. नहीं है लेकिन जब आप डिटॉक्स प्रोग्राम्स. पर जाते हैं तो बहुत सारी चीजें आपको कराई. जाती हैं आपको एक्सरसाइजस सिखाया जाता है. आपको एक लाइफ स्टाइल को रेगुलेट करना बहुत. सारी इट्स अ पैकेज तो जब आप वो सब चीजें. करते हो मान लीजिए आप आपका पोस्चर ऐसा. रहता था हमेशा आप अपने लंग्स को दबा के.
रखते थे उन्होंने आपको पोस्चर ऐसे कर दिया. आपको डीप ब्रीदिंग सिखा दी तो आपने कुछ तो. अपने को इंप्रूवमेंट कर लिया तो यह चीजें. योगा किया आपने योगा मैं आई एम ए बिलीवर. इन योगा योगा एक जबरदस्त साइंस है उससे आप. लंग की कैपेसिटी को बढ़ाते हो लंग की पूरी. कैपेसिटी को रियलाइफ करते हो क्योंकि. नॉर्मली लंग के जो पेरिफेरल एरियाज होते. हैं वो शायद एक्सपेंडेड नहीं होते आप उनको. एक्सपेंड करके पूरी कैपेसिटी को रिक्रूट. करते हो लेकिन अगर यह कहे कि उससे आप.
पॉइजन से लंग को होने वाले नुकसान को बचा. सकते हो तो एज ए साइंटिस्ट मैं उसको. चैलेंज करता हूं कि पॉइजन इज अ पॉइजन आप. अगर यह कहे कि योगा से आप बॉडी पे पॉइजन. के इफेक्ट को हटा सकते हैं तो मेरा जो. साइंटिस्ट का डॉक्टर का माइंड है वो उसको. एक्सेप्ट नहीं करता एक थेरेपी होती है. एचबी ओटी हाइपर बारीक बारक ऑक्सीजन थेरेपी.
ये लोग लेते हैं हफ्ते में एक बार 15 दिन. में एक बार महीने में एक बार टू सी कि 45. मिनट का मैं एकदम प्योर ऑक्सीजन ले लूंगा. एंड देन उससे मेरा ब्रेन मेरे लंग्स मेरे. ओवरऑल वर्किंग कैपेसिटी वो सब बहुत बेटर. होगा इससे कुछ होता है हाइपर बारीक का. मतलब होता है बारीक बार मींस प्रेशर. एटमॉस्फेरिक प्रेशर स वन बार मींस वन. एटमॉस्फेरिक प्रेशर हाइपर बारिक मींस कि. जो नॉर्मल एटमॉस िक प्रेशर होता है उससे. हाई प्रेशर पे तो इट्स एक ये बड़ा सा टैंक.
होता है जिसके अंदर आपको लिटा या बिठा. दिया जाता है और उसके अंदर प्योर ऑक्सीजन. होती है और उसका प्रेशर बहुत हाई बिल्ड कर. देते हैं यह चीज मेडिकल साइंस में यूज. होती है जैसे टिटनस का ट्रीटमेंट होता था. एक टाइम पे उसमें यह हाइपर बारिक ऑक्सीजन. का और भी कुछ इसके मेडिकल इंडिकेशंस हैं. बट अगर उस चीज को कोई एक्सटेंड करें कि. उससे आपके लंग्स के अंदर जमा यह जो काले. पार्टिकल्स हैं ये हड जाएंगे या आप हां उस. दौरान आप अपने बॉडी में ऑक्सीजन लेवल्स को.
बढ़ा दोगे लेकिन ऑक्सीजन लेवल्स का अपर. सीमा 100 होती है 100% से ऊपर तो आप नहीं. कर सकते सुपर सैचुरेटेड तो नहीं कर सकते. तो किसी भी अंक को पहली बात मेडिकल साइंस. जो हमारी मॉडर्न साइंस है उसमें एक क्लियर. है कि किसी भी अंग को जो डैमेज हो चुका है. उसको अनू करके नॉर्मल ऑर्गन ला दे ऐसी. कहीं कोई. कोई पद्धति नहीं है तो कोई यह कहे कि किसी.
को ब्रेन में या हार्ट में डैमेज हो चुका. है और आप हाइपर बारीक ऑक्सीजन आधे घंटे का. कोर्स देकर के उसको अनू करके उसको 18 साल. का हार्ट बना देंगे तो यह गलत है हम. वेपिंग पर बात करना स्टार्ट कर रहे थे. वेपिंग आजकल बहुत कूल बन गया है हर. नेक्स्ट पर्सन और नेक्स्ट टीनेजर और. नेक्स्ट किड इज डूइंग इट या उससे कुछ फर्क. पड़ता है लोग बोलते हैं वेपिंग इज नॉट बैड. ए स्मोकिंग वेपिंग को हम ई सिगरेट भी कहते. हैं तो हम एक ई सिगरेट या कोई भी शेप में.
आए उसमें क्या होता है उसमें तीन चीजें. होती हैं सबसे पहले तो जो स्मोकिंग में. धुआ आता है हम उस धुएं को मिमिक कर रहे. हैं तो धुआं स्मोकिंग में तो धुआ होता है. वेपिंग में एरोसोल बनता है वो एरोसोल कहां. से बनता है हम कुछ थर्स को यूज करते हैं. जो हाईली वोलेटाइल होते हैं जब वो थर्स. किसी भी हीटेड चीज के कांटेक्ट में आते. हैं तो व इवेपरेट होकर एरोसॉल बन जाते हैं. जिसको हम इन्हेल करके नाक मुंह से निकाल. देते हैं और हम स्मोकिंग को मिमिक करते.
हैं हम फील करते हैं कि हम वैसा ही कर रहे. हैं और तीसरी चीज उसमें होती है एक. एटमाइजर जहां पर यह होता है तो एक. बैटरी एक एटमाइजर और एक टैंक जिसमें ये ई. लिक्विड स्टोर्ड होता है ये तीन. कंपोनेंट्स होते हैं ई सिगरेट के इसके. बहुत सारे टाइप्स हैं शेप्स हैं और इसको ई. एंड डी एस एंड्स भी कहते हैं एंड्स क्या. हुआ इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन अ डिलीवरी.
सिस्टम्स तो ये पूरा एक एक इको सिस्टम है. ये जब इसको प्रोपेगेटर प्रमोट किया गया सो. इट वाज प्रमोटेड एज अ सेफ अल्टरनेटिव टू. स्मोकिंग कि भाई आपको सिगरेट छोड़नी है तो. आप इसको ले लीजिए आपको सिगरेट नहीं पीनी. है तो इसको ले लीजिए आप सिगरेट नहीं भी. पीते हो बट बिना नुकसान सहे हुए सिगरेट. पीने का मजा लेना है तो इसको तो तरह-तरह. से इसको प्रमोट किया गया लोगों ने कहा. नहीं नहीं इसको पीने से कोई प्रॉब्लम नहीं.
है यह तो पी लो जब तक मन करे और इससे उसके. कोई रिलेशन नहीं है तो यह भी दिखाया गया. कि जो लोग इसके आदि हो जाते हैं वह. धीरे-धीरे उस परे भी चले जाते हैं और वह. फिर दोनों ले लेते हैं तो ना तो ये उधर से. इधर लाने में मदद करता है ना ये इधर सेफ. है और ये इधर से उधर जाने में लीड करता है. अब आए हम डैमेज पे डैमेज क्या-क्या होता. है क्यों होता है और कितना होता है डैमेज. कई टाइप्स के हैं वेपिंग से वेपिंग से एक.
तो आप वह इन्हेल कर रहे हैं इसमें क्या. होता है ईथर है पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल. ग्लिसरीन ये मेन कंपोनेंट्स होते हैं. लेकिन सबसे बड़ा जो डिफरेंस स्मोकिंग और. इसमें है वो यह है कि. स्मोकिंग फिर भी एक रेगुलेटेड इंडस्ट्री. है वहां पर स्टैंडर्ड्स हैं जी फिल्टर. होना चाहिए फिल्टर ऐसा होना चाहिए यह. टोटली अनरेगुलेटेड. रिलेटेड घर-घर में चलने वाली इंडस्ट्री है.
इसके कोई स्टैंडर्ड्स नहीं है अच्छा एक और. कैच है उसमें लिखा होता है दिस प्रोडक्ट. इज सेफ फॉर ह्यूमन. कंजंक्शन उसमें. कंजमेशन है लेकिन मुंह से कोई चीज लो तो. उतना नुकसान नहीं होता जितना उसी चीज को. आप अपने फेफड़े के अंदर डाल लो किसी के. ऊपर यह नहीं लिखा होता है दिस इज फिट फॉर. ह्यूमन. इनहेलेशन बहुत सारी चीजें हैं जिनको आप.
मुंह से खा सकते हो लेकिन उनको वेपराइज. करके अगर आप लंग में डालोगे तो कहर ढा. दोगे यही चीज ई वेपिंग के साथ है दूसरा. डैमेज जो हो रहा है इसमें बैटरी होती है. वो दर्जनों सैकड़ों इंसिडेंट है जहां वह. बैटरी ओवरहीट हो गई और ब्लास्ट हो गया और. लोगों को बर्न इंजरी हुई है सो इसमें. पैसिव भी प्रॉब्लम है सेम 100% सेम जो. स्मोकिंग है वो है जो आपने जो इन एक्सल. किया वह पैसिव वालों को भी हो रहा है और.
यह कहना कि लंग्स खाली हो रहे हैं नहीं. इससे ब्रेन डैमेज हो रहा है हार्ट डैमेज. हो रहा है एंडोक्राइन ऑर्गन्स डैमेज हो. रहे हैं इससे हॉस्पिटल एडमिशंस हो रहे हैं. इससे डेथ्स हो रही है और यह सब लिटरेचर. में है कोई मेरे माइंड का इमेजिनेशन नहीं. पोल्यूशन से ब्रेन डैमेज कैसे होता है हां. पोल्यूशन से ब्रेन डैमेज ऐसे होता है कि. जब पोल्यूशन के जितने भी केमिकल्स हैं वो. सब लंग से अब्जॉर्ब होकर ब्लड में जाते. हैं तो तो वो ब्रेन में हार्ट में लिवर. में लंग्स में बोनस में किडनीज में.
इंटेस्टाइंस में हर ऑर्गन में जाते हैं तो. ब्रेन में वो सबसे पहले तो इंफ्लेमेशन कॉज. करते हैं जो बच्चों को इफेक्ट करता है. आपने चूंकि ये पूछा तो आजकल प्रायः लोग. कहते हैं कि आजकल के बच्चे बड़े चंचल हैं. बड़े हाइपर एक्टिव हैं और उसके लिए लोग. खाने पीने को दोष देते हैं कि शायद आजकल. का खाना या बच्चे चंचल एक्चुअली वो. पोल्यूशन का इफेक्ट है उनको जो न्यूरो. इन्फ्लेमेशन हो रहा है वो वो उनकी चंचलता. के लिए रिस्पांसिबल है स्टडीज आई है चाइना.
से जहां उन्होंने कहा है कि अ चाइल्ड. बोर्न एंड ब्रॉट अप इन ए हाईली पोल्यूटेड. सिटी यूजुअली लूजस आईक्यू बाय ए फिगर ऑफ. 10 मतलब अगर व नॉर्मल शहर में होता तो. जितनी उसकी होनी थी उससे 10 से कम हो जाती. है बड़े होकर के ब्रेन अटैक जिसको हम. पैरालिसिस स्ट्रोक कहते हैं उसका इंसीडेंस. कई गुना बढ़ जाता है अल्जाइमर्स. डिमेंशिया स्लीप डिसऑर्डर्स हम जो. पोल्यूटेड शहरों में बच्चे पढ़ते हैं रहते.
हैं उनमें ब्रेन के इफेक्ट होने की वजह से. स्लीप डिसऑर्डर्स भी आ रहे हैं जिससे उनकी. परफॉर्मेंस स्कूल में इफेक्ट होती है तो. यह ब्रेन सिस्टम को बुरी तरह से इफेक्ट. करता है ये लंग्स के डेवलपमेंट को इफेक्ट. करता है और वहां भी आपको ऑप्टिमम कैपेसिटी. नहीं आने देता है हार्ट को इफेक्ट करता है. बच्चों में आजकल प्रीमेच्योर हाइपरटेंशन. हो रहा है एडल्ट्स में हार्ट अटैक्स हो. रहे हैं एरिम हो रहे हैं यह सब इसकी वजह. से है लेटेस्ट रि सर्च डायबिटीज हम इंडिया. को डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड कहते हैं.
अभी आईसीएमआर की स्टडी आई है जिसमें जो. डायबिटिक और प्री डायबिटिक को मिलाएं तो. नियर 20 पर ऑफ द पॉपुलेशन इज अफेक्टेड. यानी पांच इंडियंस अगर यहां बैठे हैं तो. उसमें से एक डायबिटिक होगा वहां भी अब. पोल्यूशन का रोल आ रहा है दैट यू आर. डायबिटिक बिकॉज यू आर एक्सपोज टू पोल्यूशन. वो पैंक्रियास में पार्टिकल्स जाते हैं और. लेटेस्ट ओबेसिटी अगेन ओबेसिटी भी हमारे. यहां बढ़ रही है हमें लंग केयर फाउंडेशन. ने दिल्ली के बच्च में एक स्टडी की थी. हमने 40 पर बच्चों को ओबेज या ओवरवेट पाया.
था तो वो भी अब आ रहा है कि वो आपके फैट. में जो टॉक्सिंस डिपॉजिट होते हैं उसकी. वजह से फैट मेटाबॉलिज्म इफेक्ट होता है और. उसकी वजह से होता है तो यू आर ओबी नॉट. बिकॉज ऑफ व्हाट यू ईट बट बिकॉज ऑफ व्हाट. यू ब्रीद. आपने वो वीडियोस देखे हैं जो. कोविड के टाइम में. जब खासकर से सेकंड वेव में जब यह हुआ था.
कि लंग इवॉल्वमेंट लंग इव हु था लोग थोक. में सीटी स्कैन कराने जा रहे थे क्योंकि. सबको डर था कि कहीं मेरे को लंग. इवॉल्वमेंट ना हो गया हो तो मैं चूंकि. चेस्ट सर्जन हूं 30 साल से चेस्ट सर्जरी. करता हूं तो हम लोग अपने पेशेंट्स को. सर्जरी से पहले प्रीऑपरेटिवली ट्रेन करते. हैं एक्सरसाइज ट्रेनिंग कराते हैं जिसमें. उनको फिजियोथेरेपी सिखाते हैं कि गहरा. सांस खींचो खींचो खींचो और खींच के रोक लो. तो 45 सेकंड्स जो है वो एक गुड मार्क है.
कि अगर आप 45 सेकंड से ऊपर रोक पा रहे हो. दैट मींस योर लंग्स आर हेल्दी क्योंकि उस. 45 सेकंड्स तक बिना किसी ऑक्सीजन के आप चल. रहे हो क्योंकि आपने सांस रोकी हुई है तो. यह लंग्स को हेल्दी शो करता है लंग को. अच्छा कैसे कर सकते हैं एक्सरसाइज एक् से. कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए लंग्स को. बेटर करने के लिए ताकि एक तो यही है. पोल्यूशन होने के बाद भी थोड़ थ मेहनत मिल. थोड़ी हमें राहत मिल तीन चार चीजें हम कर. सकते हैं एक तो सबसे पहला होता है पोचर.
करेक्शन जैसे बहुत से लोगों की ऐसे बैठने. की आदत है तो आप अपने लंग को दबा रहे हैं. तो जो आपकी गॉड ने आपको हाइट और चेस्ट. कैपेसिटी दी है तो आपका स्पाइन सीधा होना. चाहिए और ये जो शोल्डर्स है ये पीछे की. तरफ होना चाहिए इससे आपके लंग्स को पूरा. फैलने का मौका मिल रहा है एक दूसरा आप जो. ये ब्रेथ होल्डिंग मैंने बोला आप ऐसे. खींचिए तो आपका चेस्ट फैलता है लंग भी. फैलते हैं और लंग में अगर किसी भी तरह की. किसी कारण की वजह से कोई. स्टिफ्ट च कर रहे हैं तो इससे आप ना उसकी.
कंप्लायंस उसकी प्लायबिलिटी बढ़ा रहे हैं. और जब आप खींचते हैं फिर छोड़ते हैं तो. उसकी उसकी प्लायबिलिटी लंग्स बिकम मोर. इलास्टिक तो वो होता है तीसरी है कार्डियो. एक्सरसाइज हम कहते हैं कि 30 से 40 मिनट. कम से कम 5 दिन और हो सके तो 6 दिन आप कोई. ऐसी एक्सरसाइज करो जिसमें आपकी सांस फूले. अब अब आप ट्रेडमिल पर चलो क्रॉस ट्रेनर प. चलो या स्किप वो रोप स्किपिंग करो या.
पार्क वगैरह में चले जाओ आजकल बड़े शहरों. में कहीं पार्क वार्क रह ही नहीं गए हैं. और प्लस बाहर की हवा पोल्यूटेड है तो वो. उतना नहीं होता पाता कोई भी या अब आजकल. मैं जो लोगों को बोल रहा हूं स्टैटिक. साइकिल क्योंकि ट्रेडमिल से कुछ लोग नी का. कहते हैं जी हमारे को नी में दर्द तो. स्टैटिक साइकिल एक बहुत अच्छी चीज है. उसमें थोड़ा सा रेजिस्टेंस लगा के अगर आप. चलाएं आधा घंटे तक जिसमें आपका तो हम कहते. हैं कि आप शुरू में 5 मिनट स्लोली वार्म. अप होइए फिर 202 मिनट तक आप इस स्पीड से. चलाइए कि आपकी थोड़ी सी सांस.
फूले और उसको मेंटेन करिए ये नहीं कि आपने. इतना किया कि 5 मिनट में आप गिर गए उसका. नहीं सो में सो राइज सस्टेन एंड देन. स्लोली यू कूल डाउन सो अबाउट 30 टू 35. मिनट्स अगर आपने कर लिया तो यह तीन चीजें. पोस्चर करेक्शन ये वाला आपकी ब्रेथ. होल्डिंग कार्डियो और फोर्थ कोई ऐसा कार्य. ना करें जिससे लंग्स को डैमेज हो तो धूल. और धुआं जिसमें स्मोकिंग वेपिंग ये सब कुछ.
शामिल है इन सब टॉक्सिन से लंग को बचा के. रखें ये सारी चीजें जो हमने बात करी हम. अपने लंग्स की टेक केयर नहीं करेंगे हम हर. चीज को अवॉइड करते जाएंगे पोल्यूशन. स्मोकिंग वेपिंग इतनी सारी चीजें जो चल. रही है हम ध्यान नहीं देंगे तो इन सबका. अल्टीमेट जो आपने बोला कि अगले 20 सालों. में जो आप देखोगे वो लंग रिलेटेड चीजें. देखोगे एंड वन ऑफ द बिगेस्ट वरीज इज लंग. कैंसर जो हमारी कंट्री बढ़ते जा रहा है सो. लंग. कैंसर कितना बढ़ते जा रहा है कितनी बड़ी.
प्रॉब्लम है ये आज पहले लोग स्मोकिंग से. लंग कैंसर होता था टिपिकली 1820 की एज पर. लोग स्मोकिंग शुरू करते थे बाकी तो एयर. साफ होती थी तो 20 साल पर उसका एक्सपोजर. शुरू हुआ हमें मालूम है कि किसी भी टिशू. को कैंसरस होने के लिए 25 से 30 साल का. एक्सपोजर चाहिए होता है तो 20 प् 30 50 की. उम्र तक आपके टिशूज कैंसर के लिए रेडी है. इसीलिए 50 एंड 60 वास द पीकज स्मोकिंग मेन.
करते थे मेमन उस समय नहीं करती थी इसीलिए. वह मेन में होता था और मेमन में नहीं होता. था और स्मोकिंग का डैमेज स्मोकर्स तक ही. सीमित रहता था तो वो बाकी पॉपुलेशन को. नहीं होता था ठीक है अब हम आज पर आते हैं. आज एक क्यूआई 300 वाले सिटी में जो बच्चा. जन्म लेता है एक कन्वर्जन फिगर है कि. डैमेज के मामले में 22 माइक्रोग्राम पीएम. 2.5 इ इक्वल टू वन सिगरेट यानी अगर आपने.
22 माइक्रोग्राम वाले शहर में 24 घंटे. सांस ली तो ऐसा ही हुआ कि जैसे आपने एक. सिगरेट पी ली अब अगर मान लीजिए 300 एक. क्यूआई है तो वो हुआ करीब-करीब 15. सिगरेट्स के बराबर तो वो जो बच्चा नया जब. नवजात शिशु है वो 15 सिगरेट पी रहा है और. वो रोज पी रहा है और पूरे चाइल्डहुड में. पी रहा है और वो एडल्टहुड तक पी रहा है. ठीक है तो जब तक वो 30 साल तक का हुआ या. 35 का हुआ या 40 का हुआ उसका शरीर तो 3040.
साल तक एक्सपोज हो चुका ना और पोल्यूटेड. एयर में वही कैंसर कॉजिंग एजेंट्स होते. हैं जो सिगरेट स्मोक में होते हैं तो अगर. मैं 26 साल की व लड़की जो एक किसी डंपिंग. ग्राउंड के पास रही थी उसको कैंसर हो गया. या 30 में देख रहा हूं मैं या महिलाओं में. देख रहा हूं तो सब कुछ तो एक्सप्लेन हो. गया क्योंकि स्मोकिंग तो आपकी चॉइस है. आपने स्मोक किया तो आपको डैमेज हुआ बट. ब्रीदिंग तो आपकी चॉइस नहीं है तो एयर.
पोल्यूशन इज रिमूविंग द डिफरेंस व्हिच यूज. टू एजिस्ट बिकॉज ऑफ स्मोकिंग यंगर एज में. हो रहा है ज्यादा हो रहा है क्योंकि सारी. 140 करोड़ जनता पोल्यूटेड एयर में सांस ले. रही है विमेन में हो रहा है और यंगर एज. में हो रहा है और एक और बड़ी सैड स्टोरी. है इसके साथ कि लंग कैंसर प्रेजेंट कैसे. करता है लंग कैंसर में दो सिमम प्रिडो. मिनें होते हैं अर्ली लंग कैंसर के खा आना. कॉफ दैट डज नॉट गो अवे और खांसी में खून.
आना यह दो अर्ली लंग कैंसर जो लंग तक. सीमित है उसके यह दो मेन सिमम है. अनफॉर्चूनेटली यही सिम्मन की टीवी में भी. होते हैं और टीबी कहीं ज्यादा कॉमन थी है. भी इन टर्म्स ऑफ वॉल्यूम्स और टीबी की. अवेयरनेस पूरे देश में है और लंग कैंसर अब. यंगर एज ग्रुप में हो रहा है इसकी. अवेयरनेस अभी है नहीं डॉक्टर में नहीं है. तो अगर एक 35 साल का की महिला खांसी और.
खांसी में खून आना की सिटम लेकर किसी के. पास गई पहला डायग्नोसिस ट्यूबरकुलोसिस. उसको टीबी की दवा शुरू कर दो दो महीने तीन. महीने वो दवा लेती है उसके सिमटम्स नहीं. ठीक होते फिर वह किसी दूसरे अस्पताल में. जाती है इस प्रोसेस में तीन से छ महीने. वेस्ट हो जाते हैं और वो जो अर्ली लंग. कैंसर था वो स्टेज फोर लंग कैंसर में. कन्वर्ट हो जाता तो मैं क्या बोल रहा हूं. कि वी आर सी. मोर ए मोर लंग कैंसर इन स्टेज फो अगर सब.
लोगों से आप एक रिक्वेस्ट कर सकते हो कि. इस चीज को कैसे रोका जाए या घर पर क्या कर. सकते हैं लोग या अपने लंग्स को कैसे. हेल्दी बनाए अबाउट एनी मैसेज क्या बोलना. चाहोगे व्ट वुड बी र लास्ट मैसेज सो माय. लास्ट मैसेज वुड बी कि जो भी चीजें हम लो. हैंगिंग फ्रूट से शुरू करते हैं वो सारे. लोग जो स्मोक करते हैं वो हर वो तरीका. जिससे वो स्मोकिंग से बच सकते हैं वो ट्र. करें ये लो हैंगिंग फ्रूट है उसमें कोई. डाउट नहीं है आपको दूसरे शहर रीलोकेट करने.
की जरूरत नहीं है आजकल निकोटिन. रिप्लेसमेंट थेरेपी इज अवेलेबल है. साइकोलॉजिकल काउंसलिंग अवेलेबल है इस तरह. के क्लिनिक्स हैं आप किसी डॉक्टर की सला. ले और डॉक्टर से ज्यादा इसमें यह पता लगा. है कि फैमिली सपोर्ट सबसे इंपॉर्टेंट होती. है अगर पूरी मान लो हस्बैंड स्मोक करता है. अगर वाइफ फैसला कर ले मैं तुम्हारा. स्मोकिंग छुड़वा के रहूंगी तो वो छोड़. पाएगा तो पहली बात स्मोकिंग अगर करते हैं. तो उसको छोड़े एक दूसरा मेरी जो मेरे. नवयुवक युवा दर्शकों हैं उनसे फर्वेंट.
अपील है कि आप प्लीज ई सिगरेट और वेपिंग. से दूर रह यह बहुत बड़ा एक राक्षस है जो. एक बहुत ही छोटे से बच्चे के रूप में आपके. पास आ रहा है आप उसके साथ खेलने में बड़ी. खुशी महसूस करते हैं लेकिन यह अंदर ही. अंदर आपको खा जाता है तो अगर आपने आदत डाल. ली है तो छोड़ दें नहीं आदत डाली है तो मत. छोड़ें और सब एक दूसरे को रोकें अगर आप. मान लीजिए गए और कोई और कर रहा है तो आप. उसको मना करो वो आपको दे तो आप खुद ही.
रिफ्यूज मत करो उसको भी करने से रोक तीसरी. सलाह कि एयर पोल्यूशन इज अ ह्यूज हेल्थ. इशू इट्स अ हेल्थ इमरजेंसी इट्स अ सीरियस. थ्रेट टू योर हेल्थ योर पेरेंट्स हेल्थ. योर चिल्ड्रेंस हेल्थ इसको हमें. उसी सतर्कता और उसी अर्जेंसी के साथ ट्रीट. करना है जैसा हमने कोविड को रिस्पांस किया. था छोटे-छोटे उपाय जो मैंने बताए हैं सब. लोग जब मैं कहता हूं कहते हैं अरे डॉक्टर.
साहब ये क्या है इसमें करने में क्या होगा. बट करके तो देखिए उसको डिटरमिनेशन के साथ. ये नहीं कि चलो ठीक है कर लेंगे यह करके. कि इसके अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं. है नहीं तो हम सब कल को लंग कैंसर सीओपीडी. इन सब बीमारियों से ग्रसित होंगे एक. डिटरमिनेशन के साथ अगर 140 करोड़ लोग इस. रास्ते पर चलेंगे तो मेरा पक्का मानना है. कि हम कहीं ना कहीं पॉजिटिव रिजल्ट देंगे. परफेक्ट थैंक यू सो मच सर थैंक यू सो मच.
इतनी सारी इंफॉर्मेशन हमें देने के लिए. एंड इतने ओपनली और इतने पैशनेटली एक बहुत. ही इंपॉर्टेंट टॉपिक पर अवेयरनेस क्रिएट. करने के लिए इस पॉडकास्ट के थ्रू थैंक यू. फॉर योर टाइम अ इट वाज माय प्लेजर टू हैव. यू हियर एंड आई होप कि आपके पेशेंस कम हो. एंड ज्यादा से ज्यादा आपको केसेस कम देखने. मिले एंड वी ऑल डू समथिंग अबाउट इट थैंक. यू थैंक यू सो मच ये पॉडकास्ट एंड तक देख. ने के लिए मुझे कमेंट्स में बताओ कि कौन. से ऐसे और गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते हो.
कौन से टॉपिक्स है जिस परे आप चाहते हो कि. हम पॉडकास्ट बनाएं एंड आपको वैल्यू. प्रोवाइड करें बिकॉज आप जितना हमें हेल्प. करेंगे बताने में उतने ही बेहतर और. इनसाइटफुल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए. एंड ये एपिसोड किसी एक इंसान के साथ जरूर. शेयर करना क्योंकि वन कन्वर्सेशन इज इनफ. टू चेंज समवनस लाइफ एक कन्वर्सेशन से किसी. की पूरी लाइफ चेंज हो सकती है किसी की. लाइफ बच सकती है तो ये बहुत इंपोर्टेंट. चीज है एंड आई सी यू नेक्स्ट टाइम.
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