Khan Sir Podcast: India vs China, Pakistan, Bihar’s Reality & Geopolitics | FO343 Raj Shamani
अगर आपको प्राइम मिनिस्टर बना है. पाकिस्तान का। डूबते जहाज का कप्तान बना. रहे हो। फिर क्या करोगे? जल्दी डूबाए।. क्या चेंज करोगे? उसका देश चेंज करेंगे।. दो देश पाकिस्तान और इंडिया एक ही टाइम पे. अलग हुए. [संगीत]. थे। दो नहीं डेढ़ बोलिए। डेढ़।. वो आधा देश प्रगति क्यों नहीं कर पाया? उन. लोग की दुनिया ही अलग है। हम लोग को ना. बिल्डिंग चाहिए, फैक्ट्री चाहिए।. छोटा-मोटा चीज उन सब को थोड़ी चाहिए। ताज.
होटल में आएंगे और उसके बाद जन्नत में. जाएंगे। चाइना से हमें दुश्मनी करनी चाहिए. कि दोस्ती? दुश्मनी कर कहां रहे हैं हम. लोग चाइना से? कौन सा घर है जहां चाइनीस. सामान नहीं है? यूक्रेन और रशिया जो चल. रहा है।. इंडिया ने रशिया का साथ दिया। खुल के कहते. हैं रशिया के दिया था। कहा यूक्रेन का साथ. देंगे हम। रशिया ने भी हमारा साथ दिया है।. दुनिया उस लेवल पे है कि जहां पे वर्ल्ड. वॉर थ्री वगैरह नहीं होगा। थर्ड वर्ल्ड. वॉर कब होगा ये पता नहीं।. लेकिन फोर्थ वर्ल्ड वॉर हम लोग पत्थर और. लाठियों से लड़ेंगे।.
वॉर गलत है। लोग मरते हैं। कुछ लोग बात से. सुन भी नहीं करते। लात देना ही पड़ता है।. सेना में आपको भी जाना था ना। आज अगर मौका. मिल जाए आज चले जाए सब चीज छोड़ छोड़ के।. क्यों ऐसे? दिल लगा चुड़ैल से तो परी किस. काम? आज आप इतने बच्चों को पढ़ाते हो।. सबसे बड़े चैलेंजेस क्या दिखते हैं आपको? जो बच्चे आ रहे होते हैं ना वो ग्रेजुएशन. तो कर लिए बट स्टैंडर्ड ग्रेजुएशन का नहीं. है। कोचिंग माफिया है। तो मेरे भी लड़ाई. भी इसी बात की थी कि भाई आप क्यों फीस. बढ़ा रहे हो? डांटे वटे लड़ाई झगड़ा हुआ. और पिछवा में बम लगा के बुला दिया। प्यार. में क्या है आज तक? क्यों ऐसी कहानियां.
अभी भी आती है? एक हफ्ते पहले की बात बता. रहे हैं। 19 साल का बच्चा आइसक्रीम बेच. रहा था। एक आदमी आया आइसक्रीम दे। कहा. भैया पैसा दीजिए। तो हमरा से पैसा. मांगेगा। मुंह में गोली बंदूक घुसाया और. गोली मार दिया। आज बच्चा क्या करे? जिससे. वो पैसे कमा सकता है, आगे बढ़ सकता है।. लोग अपने सपने पूरे करने के लिए बहुत. सैक्रिफाइसेस करते हैं। अपना घर छोड़ के. एक नई सिटी में जाते हैं। पढ़ने के लिए या. बेटर अपोरर्चुनिटीज के लिए। बट नया घर सेट. करना ना इतना इजी नहीं होता। इसीलिए.
शिफ्टिंग के लिए सिर्फ लॉजिस्टिक्स नहीं. एक ट्रस्टेड पार्टनर चाहिए। पोर्टर देता. है 100% डैमेज फ्री शिफ्टिंग की गारंटी।. वरना ₹5 लाख तक वापस। उनकी मल्टी लेयर. पैकेजिंग और कन्वीनिएंट बुकिंग स्लॉट्स. शिफ्टिंग को इजी बना देते हैं। तो अब चाहे. आपको इंटरसिटी या इंट्रासिटी शिफ्ट करना. हो तो पोर्टल के साथ लगी सेफ्टी की शर्त।. और जब ट्रस्ट की बात हो रही हो तो एक ऐसे. टीचर का नाम जरूर आता है जिन पर लाखों. स्टूडेंट्स ट्रस्ट करते हैं। जिन्होंने.
स्टूडेंट्स को सिर्फ पढ़ाया नहीं बल्कि. लाइफ में एक डायरेक्शन दिए। हमारे आज के. गेस्ट हैं खान सर। आज के एपिसोड में हम. जानेंगे चाइना हमसे इतना आगे क्यों है? पाकिस्तान आज तक इतना पीछे क्यों है? यूएस. पाकिस्तान को सपोर्ट क्यों कर रहा है? इंडियन एजुकेशन में सुधार कैसे ला सकते. हैं? हमारे देश के किसान आगे कैसे बढ़. सकते हैं? और क्या इंग्लिश लैंग्वेज ने. हमें बैकवर्ड बना दिया है? इन सारे सवालों. के जवाब आज के पॉडकास्ट में मिलेंगे। सो. एंजॉय दिस एपिसोड एंड वॉच इट टिल द एंड।.
आजाद होने के बाद जब अपनी सिचुएशन थी 1950. के आसपास बात कर रहा हूं मैं 47 के बाद उस. टाइम पे चाइना की भी लगभग ऐसी सिचुएशन थी. और शायद और ही गया गुजरा था पर आज चाइना. हमसे बहुत आगे बहुत आगे दुनिया पे राज. करेगा आने वाला फ्यूचर फ्यूचर वर्ल्ड. फ्यूचर चाइना का है वो झूठा बात नहीं. बोलता है कि हम विश्व गुरु हैं ना हमारे. यहां कोई काम की यूनिवर्सिटी जो वर्ल्ड. लेवल में हम कह सके ना कोई इंजीनियरिंग. कॉलेज ड्रोन तो बना नहीं पा रहे हैं. दूल्हा का ड्रोन बनाने वाला चाइना से आ.
रहा है जबकि युद्ध ड्रोन पे चला जा चुका. है। तो हम लोग फ फाल्स ईगो में हम लोग. नहीं जी रहे हैं। हम लोग जी रहे हैं।. चाइना ऐसा नहीं करता है। आगे निकल क्यों. गया चाइना? एक होता है रियलिस्टिक सोच हम. एक होता है आपका आईडियोलॉजिकल काश ऐसा. होता दुनिया ऐसी होती। हम लोग उसमें जी. रहे हैं। और चाइना रियलिस्टिक है। भाई. सड़क बनेगी बनेगी काम खत्म। अब हम लोग को. क्या है कि इंग्लिश थोपिए। इंग्लिश थोपने. के चक्कर में 70% स्टूडेंट की जो नॉलेज है.
जो वर्क फ़ोर्स है जो उसका टाइमिंग है वो. इंग्लिश में चला गया। यूपी, बिहार, झारखंड. के बच्चे जो एक मेजर पापुलेशन को होल्ड. करते हैं। हरियाणा से लेके आप उस नॉर्थ. बेल्ट को ही पूरा पकड़ लीजिए। इतने. लेबोरियस बच्चे हैं। बट क्या प्रॉब्लम. क्या है कि उनके पास पैसे की प्रॉब्लम्स. है। पैसे की प्रॉब्लम होने की वजह से. अच्छे स्कूल नहीं है और अच्छे स्कूल ना. होने की वजह से उनका इंग्लिश पे कमांड. अच्छा नहीं है। अब वो अपने आप को लो फील. कर रहे हैं। बिना मतलब का हम लोग हम तो हम. भी इंग्लिश मीडियम में मेरे घर वाले.
पढ़ाएं। 12 13 साल इंग्लिश मीडियम में. पढ़ाए। हम एक ही चीज सीखे मे आई गो टू. ड्रिंक वाटर? उसके बाद कुछ बुझाया ही नहीं. हमको यहां। 1970 के आसपास में चाइना में. माओ जेड जब जेडोंग आए थे। उन्होंने कहा कि. भाड़ में जाए तुम्हारा अंग्रेजी मंडारिन. भाषा बोलो। उसी में सीखेंगे। आज आप देखिए. वहां का प्राइम मिनिस्टर को भी इंग्लिश. उतना अच्छा से नहीं आता है। प्रेसिडेंट को. भी नहीं आता है। तो क्या दिक्कत है? क्या. ब्राक ओबामा को हिंदी आती है? नहीं। तो. मोदी को इंग्लिश नहीं आएगी तो क्या दिक्कत. है? आप बोलिए तो एक ट्रांसलेटर रख लिया.
जाएगा आपको जहां जरूरत पड़ेगी उसकी तो जो. ब्रेन वर्क होना चाहिए था मेन काम पर वो. हट गया और ये चाइना में नहीं हुआ चाइना. में नहीं हुआ आपको चाइना में आप टॉप लेवल. की बात करें वो चाइनीज बोलेगा वहां उसने. टेक्नोलॉजी लगा ली रियल टाइम कन्व्टर लगा. दिया आपको वो तुरंत आप कान में लगाए रहिए. आप बोलिएगा तुरंत कन्वर्ट करके बता देगा. टेक्नोलॉजी है कि नहीं वहां पे तो एक. चाइना में ये दूसरा चाइना में एक चीज हम. देखें कि जो फैक्ट्रीज वगैरह रहा है। उसके.
अंदर जो वर्किंग हो रही है वो फीमेल देख. रही हैं। हम ज्यादातर फैक्ट्रीज में फीमेल. जब फैक्ट्रीज से सामान प्रोडक्ट बन के. बाहर आ रहा है तो उसकी मार्केटिंग उसका. सेल उसका बाहर एक्सपोर्ट उसकी ये चीज़ वो. मेल संभाल रहे हैं। मतलब मेल फीमेल दोनों. हैं। अगर एक इनडोर संभाल रहा है तो एक. आउटडोर संभाल रहा है। वो उनका अपना. म्यूचुअल है। क्या देख रहा है? कौन क्या. कर रहा है? हमारे यहां फीमेल को अजीब करके. रख दिया। उनको मतलब घर के अंदर रख दिया।. हमने कहां फीमेल को जिम्मेदारी दी. हॉस्पिटल में आज देखिए फीमेल डॉक्टर फीमेल.
नर्स पे पूरा मेडिकल इंडस्ट्री टिका हुआ. है उनको मौका दिए उन्होंने करके दिखाया. एिएशन दिए हम लोग ने फीमेल को आज पायलट हो. गए एयर होस्टेस हो गए फीमेल हमने दिया. उन्हें करके दिखाई वहां पे हमने उन्हें दे. जिम्मेदारी ही नहीं देते इंडिया में क्या. है ना कि पैसे कमाने की जिम्मेदारी थोप. दिया पुरुष के. ऊपर इससे बहुत अजीब गया है कि बच्चा बाहर. जाके कमा रहा है बस इससे मतलब है कैसे कमा. रहा है? मर रहा है, जी रहा है, सेफ्टी से.
है कि नहीं है? रहने लायक है कि नहीं। आप. मुंबई में देखिए घर वालों को पता नहीं. होगा कि यहां पे कोई कैसे का कमा रहा. होगा। आप बीच पे जाके देखिए कोई छोटी-मोटी. दुकानें लगा के बेच रहा है। रात-रात भर. बेचारा कुछ कस्टमर आ जाए यहां पर। घर. वालों को क्या चिंता है? पुरुष है, बेटा. है, कमा के लाएगा यहां पर। और घर की इज्जत. की जिम्मेदारी औरतों को दे दिया। भाई इस. दोनों की कॉमन जिम्मेदारी थी। यही वजह है. कि इंडिया में आप देखिएगा कि अगर किसी को. बद्दुआ देनी है शरापनी है तो वो घर की.
फाइनेंशियल स्थिति को संभालने वाले पुरुष. को बद्दुआ देगा तुम्हारे पिताजी को नौकरी. छूट जाए भाई ये हो जाए और अगर उसको इज्जत. डाउन करनी है यानी गाली देना है तो किसी. पुरुष को गाली नहीं देगा वो महिला को देगा. हम लोग महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं. और शर्म आनी चाहिए दो पुरुषों की लड़ाई. में भी गालियां एक औरत ही सुन रही है वो. कहां से सशक्तिकरण जिस लड़ाई में वो है भी. नहीं उसमें भी उसको गाली दे रहे हैं. तो चाइना में ये सब नहीं है। वहां पे. फीमेल पार्टिसिपेशन भी बहुत बहुत अच्छा. है। वहां के स्टूडेंट्स में कुछ अलग है।.
वहां पे स्टूडेंट्स तो यूनिवर्सिटीज या. एजुकेशन वहां कोचिंगचिंग नहीं है। वहां. कोचिंग वगैरह नहीं है। रियली हम वहां. गवर्नमेंट स्कूल स्कूलिंग सिस्टम एक वन. नेशन वन एजुकेशन। हमारे यहां वन नेशन वन. इलेक्शन बोला जा रहा है। कभी एजुकेशन पे. भी बात कर लो यार।. अच्छा हम लोग की क्या जरूरत है? हम लोग. खुद अपने आप से पूछते हैं कभी-कभी। हम लोग. की जरूरत क्या है कोचिंग वालों की क्योंकि. स्कूल ने अच्छा नहीं पढ़ाया है। अदरवाइज. तभी तो आया है मेरे पास। ऐसा भी तो हो. सकता है जैसे स्कूल में उसने पढ़ाई. कंप्लीट कर दी। कॉलेज कंप्लीट कर दिया तब.
हमारे पास आया। ऐसा भी तो हो सकता था कि. हमने पढ़ा दिया फिर वो स्कूल में जाए। हम. लोग पढ़ा देंगे ना तो स्कूल के वालों को. कहे कि निकलिए। अब आप लोग निकलिए बहुत. पीछे हैं लोग। ये तो स्कूलिंग सिस्टम अगर. अच्छी होती हम लोग की जरूरत ही नहीं. पड़ती। चाइना में एजुकेशन सिस्टम एक जैसा. है। इंडिया में भी अमीर हो या गरीब पढ़ाई. एक जैसी होनी चाहिए। मेडिकल एक जैसा होना. चाहिए। बट यही दुर्भाग्य है इंडिया में. अमीर की पढ़ाई अलग है। गरीब की पढ़ाई अलग. है। और उसके बाद दोनों पढ़ के समाज में. आएंगे तो अमीर लोग कहेंगे कि ये ऐसे किया.
वैसे किया। क्या बात किए? एक का पैर तोड़. दिए और एक को खिला पिला के अच्छा किए।. उसके बाद दोनों को सेम रेस में दौड़ा रहे. हैं। अमीर का हॉस्पिटल अलग है। गरीब का. हॉस्पिटल अलग है। अमीर अभी आएगा उसको. एमआरआई जांच ये सब सब हो जाएगी। गरीब के. लिए दो महीना का लाइन लगाना पड़ेगा। अगर. पहुंच है, पैसा है, लिंक है सुबह चाहिएगा. शाम में एम्स में नंबर आ जाएगा। कुछ पैरवी. नहीं है तो अगर आपको किसी पेशेंट को. फर्स्ट स्टेज में कैंसर पकड़ा गया और उसका.
अगर कोई पहुंच पैरवी नहीं है ना तो उसका. नंबर आते-आते वो फोर्थ स्टेज में चला. जाएगा। तो डॉक्टर कहेगा आप सेवा कीजिए। तो. हमने कहां भारत को कितने पार्टीशन में. बांट रखा है? गरीबी के आधार पर, जातियों. के आधार पर, स्टेट के आधार पर। समझ में. नहीं आता इसको मतलब कहां से इसको सुधारा. जाए। तो जैसे 2021 में चाइना के. प्रेसिडेंट ने मैं देख रहा था शायद. प्राइवेट ट्यूटरिंग बैन कर दी थी। इंडिया. में भी अगर ऐसा हो जाए तो फिर वहां पर एक. मजबूरी है कि वो वो यह सिस्टम वहां पर.
थोड़ा सा अलग है क्योंकि हम लोग. डेमोक्रेसी में हैं। वो लोग डेमोक्रेसी. नहीं है। वो साम्यवादी है, कम्युनिस्ट है।. वहां पे कम्युनिस्ट में क्या होता है ना. कि सब चीजें वहां देश का कांसेप्ट नहीं. होता है। वहां पार्टी का कांसेप्ट होता. है। तो अगर वहां हम राइट टू फ्रीडम ऑफ. स्पीच दे देंगे ना तो उनका वो वाला सिस्टम. खराब हो जाएगा। इस वजह से वो ये सब चीजों. को रोकता है और इंडिया में नरेटिव सेट. किया जाता है कि ऐसा चाइना में है बोलने. की आजादी नहीं है ये नहीं है वो नहीं है. जो चाइना एक बार घूम के आए वहां पता करके. आए उनका अपना सोशल मीडिया है.
लेकिन इस पे कंट्रोल भी जरूरी है ऐसा नहीं. कह रहे हैं कि एकदम खत्म कर देना या एकदम. इंडिया मतलब छूट दे देना इसका बहुत मिसयूज. भी है। बांग्लादेश में तख्ता पलट करके शेख. हसीना को छोड़ना पड़ा केवल सोशल मीडिया की. वजह से गया था। उसका पीछे श्रीलंका क्यों. बर्बाद हुआ? Facebook के वजह से मतलब. Facebook श्रीलंका जो क्राइसिस रही थी. उसमें सबसे बड़ा कारण Facebook है। कैसे. दोनों पहले बांग्लादेश बताओ फिर श्रीलंका. बताओ। पहले श्रीलंका था फिर उसमें क्या. हुआ ना कि किसी भी चीज को अगर आप नरेटिव.
सेट करना चाह रहे हैं तो धीरे-धीरे. धीरे-धीरे नैरेटिव वो सेट करते जाएगा। एक. माइंड एक कंट्रोल करने वाला चीज है। जैसे. एक सिंपल सी बात बताते हैं। YouTube, Facebook, Twitter ये हमारा है नहीं।. अब हमारा नहीं है तो अभी एक छोटा सा जो. ज्वलंत एग्जांपल देखिए आपने गाजा और. फिलिस्तीन में और हमारे यहां कश्मीर में. इशू देखिए हम कश्मीर में इतनी ज्यादा. इंसजेंसी है वहां पे एक टेररिस्ट मारा. जाएगा ना पूरे ग्लोबल मीडिया में दिखाया. जाएगा और गाजा में 60 हजार लोग मरे हैं.
जिसमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे आपको. वीडियो ढूंढने को मिलेगा नहीं मिलेगा. न्यूज़ देखने को मिलेगा नहीं मिलेगा केवल. टूटा हुआ घर देखने को मिलेगा रीजन क्या है. दे कंट्रोल देम और हम लोग अगर कश्मीर में. कर देते हैं तो ह्यूमन राइट का वायलेशन हो. जाता है। यह ह्यूमन राइट की पार्ट सिखाते. हैं सभी सब हमको। यह सफेद मुर्गा सब यूरोप. में बैठ के जलियांवाला बाग में गोली चला. के मारे थे सब। यह चोटा हम लोग को ह्यूमन. राइट सिखाते हैं सब। जिस समय ये लोग. जानवरों की तरह जिंदगी जी रहे थे ना।.
हमारे यहां वसुधैव कुटुंबकम चल रहा था।. जिस समय दुनिया में केवल लूटखसोट मची थी. ना पारसी लोगों को खुद ईरान से भगा दिया. गया था ना तो हमारे यहां गुजरात और. महाराष्ट्र में उन्हें रहने के लिए शरण. दिया गया था। तो हम लोग को ये ज्ञान दे. रहे हैं। तो सोशल मीडिया को हम लोग. अनकंट्रोल कर रहे हैं। वी आर नॉट डिजिटल. इंडिया। वी आर डिजिटल यूजर। हमारे पास. डिजिटल इंडिया हम लोग बोलते हैं उसको।. क्या है हमारा? YouTube हमारा है।. Facebook हमारा आज अगर YouTube Google कह. देता है कि आपको अपने Gmail बना रहे हैं. हर Gmail का एक साल का चलाने का। हमको ₹10.
चाहिए। हमें देना पड़ेगा। सब बंद हो. जाएगा। एंड्राइड उसका हो जाएगा। तो चाइना. ने कहा कि वी आर नॉट डिजिटल चाइना। वी आर. नॉट डिजिटल यूजर। उसने अपना बना लिया। तो. तो इसको अलग नरेटिव दिखा रहे हैं कि हम से. कोई सवाल ना पूछे। देखो चाइना का अपना. Twitter भाई ठीक किया उसने ये किया अपना. उसका अपना है ना उसने चलाने पे बैन नहीं. लगाया है अपना. चलाओ क्या उसके YouTube नहीं है उसका अपना. है बायडू है उसका वो वीchaat है उसका सब. कुछ है उसका अपना हम लोग का एक चीज डिजिटल.
में बहुत अच्छा हुआ पेमेंट सिस्टम यूपीआई. यूपीआई वो बहुत बेहतरीन है पूरी दुनिया. में वैसा नहीं है बाकी जगहों पे हम लोग का. उतना अच्छा नहीं है तो श्रीलंका में क्या. हुआ श्रीलंका में कम्युनल राइट्स को बहुत. बढ़ावा दिया गया Facebook ने हम बहुत. ज्यादा धार्मिक चीजों को बढ़ा-बढ़ा के. दिखाया। जिस वजह से अनस्टेबिलिटी आने लगी. थी वहां पे और एंटी गवर्नमेंट. एंटीस्टेब्लिश भावनाएं बहुत भड़कने लगी. थी। श्रीलंका को तबाह करने लगा और इसी बीच. में जब इकोनॉमिकल क्राइसिस आती है और पहले.
से एंटी एस्टेब्लिशमेंट माइंडसेट है तो. फिर अब पूरा सिस्टम कोलैप्स कर जाता है।. बांग्लादेश में भी यही हुआ था। अचानक से. लोग सड़कों पर 50,000 लोग कैसे आ गए? वह. Telegram पर चल रहा. था पहले से और Telegram पर कंट्रोल नहीं. है गवर्नमेंट का। आज देखिए किसी के. टेलीग्राम पे किसी के प्राइवेट वीडियोस को. भेज के उसे ब्लैकमेल कर सकता है कोई भी।. एआई आ गया है। अब तो किसी का कुछ भी बना. सकता सर हटाइए लगा दीजिए कुछ। हमारे आपकी. बात हो रही है। यहां किसी फेमस एक. सेलिब्रिटी का या किसी पॉलिटिशियन का.
चेहरा हटा के डब कर दीजिए। अच्छा एक बात. हम चाइना इंडिया की बात कर रहे थे। चाइना. से हमें दुश्मनी करनी चाहिए कि दोस्ती? दुश्मनी तो हो ही नहीं पा रहा. है। कौन दुश्मनी कर रहा है? जरा बताइए। तो. चाइना हमारे एरिया में घुस जा रहा है।. हमारे यहां के मिनिस्टर बोलते हैं कि. मार्किंग अच्छे से नहीं है ना इसलिए घुस. गया है। क्या बेवकूफी है? हां। दुश्मनी. कहां कर पा रहे हैं? हम लोग तो बस फेस वाश. कर रहे हैं। नहीं ऐसा नहीं होना चाहिए।. अक्साई चिन्ह हमारा है। हम लोग पीओके के.
मामले में हम लोग शेर हो जाते हैं। सीओके. जो चाइना को ऑक्यूपाई किया है। कभी उस पे. ठीक से चर्चा नहीं हो पाती है। हम सेला. टनल का उद्घाटन करने जाते हैं। चाइना. विरोध कर देता है। क्या मतलब बनता है? ताइवान को हम लोग एक्सेप्ट नहीं करते हैं. एज अ कंट्री। किसके डर से? चाइना के डर. से? क्यों डरते हैं? हम थोड़े डर रहे हैं।. जो बैठे हैं लोग डर रहे हैं लोग। हम तो कह. रहे हैं काहे डर रहे हो भाई? बट आपको क्या. लगता है क्यों डर रहे? कुछ तो रीजन होगा. तभी अब डिप्लोमेटिक है वहां पे शुरू से.
चला आया है ऐसा नहीं है कि मोदी जी डर रहे. हैं मनमोहन सिंह भी वही कर रहे थे हम तो. कई बार हम लोग ये कहते हैं ना तो लोगों को. लगता है कि नहीं ये कर रहे थे वो भी वही. कर रहे थे तिब्बत चाइना ने कब्जा कर लिया. था पंचशील समझौता लेके जवाहरलाल नेहरू घूम. रहे थे चाइना ने पीठ पे खंजर मार दिया अब. तिब्बत के मामले में हम लोग खुल के नहीं. बोल पाते हैं। दलाई लामा को लेके चाइना. हमेशा कुछ ना कुछ वो करते रहता है। तो हम. लोग कहां चाइना से लड़ ही रहे हैं? कहां. चाइना से दुश्मनी ही कर रहे हैं बट कर. सकते हैं हम क्यों नहीं कर सकते हैं उतना.
होना चाहिए ना हमारी इकोनमी उनकी इकॉनमी. में जमीन आसमान का अंतर है हम लोग ना. फेंकने में नीरज चोपड़ा से आगे. हैं क्या फेंकने में अगर ओलंपिक में. बहसबाजी में होता ना तो गोल्ड मेडल हम ही. लोग का. रहता वो कोई छीन ही नहीं सकता था आदमी. टेंशन फ्री होता चल भाई ओलंपिक में एक तो. अपना फिक्स है हमसे ज्यादा कौन फेंकेगा. अजीब अजीब हाल है। इकोनमी की हालत दुर्दशा.
है। इंडस्ट्रियलाइजेशन अब कहां चला गया. किसी को मतलब ही नहीं हो सकती है। जीएसटी. का कोई और छोड़ नहीं है। किस चीज पे लगा. दिया जाएगा जीएसटी का। अब अब देखिए मेडिकल. इंडस्ट्रीज की बात कीजिए। हमारे यहां पता. नहीं क्या कर रहा है सब इंजीनियर सब। इतना. पढ़ लिख के कहां खप जाता है तो पता ही. नहीं चलता है। एमआरआई मशीन सिटी स्कैन. मशीन जर्मनी से आ रही है। हम नहीं बनती. इंडिया में और आजादी के इतने साल बाद तो. चलिए हर चीज में हम आगे नहीं हो सकते हैं।.
बेशर्मी कहां होती है? अगर कोई हॉस्पिटल. वाला उस एमआरआई या सिटी स्कैन मशीन को. मंगा रहा है तो उस पे गवर्नमेंट चढ़ जाती. है। मंगाया क्या रे? इंपोर्ट ड्यूटी दे।. क्या बेशर्मी है? कोई एमआरआई किस लिए. मंगाएगा? बड़ी बीमारी के लिए। सिटी स्कैन, एमआरआई, खांसी, बुखार के लिए नहीं होता. है। कोई जा रहा है वहां पर तो मतलब इट. मींस उसको सस्पिशियन है, बड़ी बीमारी का. है। उसमें क्या जरूरत है भैया आपको. इंपोर्ट ड्यूटी लगाने की? वो तो आपको अपनी. बेशर्मी छुपा रहे हैं। आप इंडिया में बनाओ.
ना। स्टार्टअप इंडिया मतलब कौन गिलास और. चम्मच, छुरी का बनाएंगे। स्टार्टअप इंडिया. इसका मतलब होता है ये कहां बनेगा? उस पे. इंपोर्ट ड्यूटी कहीं से बनता है मतलब तो. बेशर्मी हो गई। ये तो बट इसलिए करते हैं. ना इंपोर्ट ड्यूटी कि अगर इंपोर्ट ड्यूटी. लगाएंगे तो लोग कम बुलवाएंगे। तो उसकी वजह. से ही कोई यहां का इंसान सस्ती चीज बनाने. की अच्छा कम आएगा कम आएगा एमआरआई मशीन तो. कम आने की वजह से चीजें कम होंगी नुकसान. ज्यादा है हमको बट प्रॉब्लम्स तो. बीमारियां तो बढ़ रही हैं तो जो एमआरआई. किसी को ₹1000 में होना चाहिए आज 5000.
7000 लगता है जिस वजह से एक बड़ा हिस्सा. जिसकी मंथली इनकम 8000 10000 है वो एमआरआई. कराएगा ही नहीं कराएगा अब उसके ब्रेन में. अगर कोई ट्यूमर था स्टेज वन में था तो. उसको दर्द तो होगा नहीं यहां पे अब एमआरआई. महंगा है नहीं कराएगा जब करा नहीं जाएगा. तो स्टेज फोर आ चुका रहेगा यहां पे सरकार. को सारा कमाई करना है इसी के वजह से और. अगर यही बात होना चाहिए था तो अब तक तो बन. जाना चाहिए था 70 साल वेट कर दिए 75 साल. वेट कर दिए अब क्या पूरा सात जन्म दे दे. इनको बट ये तो इनोवेशन सिर्फ सरकार की.
जिम्मेदारी नहीं है ना ये तो हम लोगों की. भी जिम्मेदारी तो उस हिसाब से एक. इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए उस हिसाब से. एजुकेशन होना चाहिए उस हिसाब से बड़े होना. चाहिए यहां पे सरकार इंसेंटिव दे क्यों. नहीं बनेगा. लेकिन बस वही है कि आपको हम कितना भी. सैलरी देंगे लेकिन आपके डिपार्टमेंट में. एक सरकारी अधिकारी बना बैठा रहेगा उससे. नीचे देंगे हम. आपको क्यों नहीं प्राइवेट को दे दे बनाने. के लिए आज आप बोलिए अडानी को अंबानी को 2. साल में खड़ा कर देंगे सर हमारा जाता क्या.
है वहां के इंजीनियर को पूछा कितना सैलरी. है तुम्हारा 25 लाख आ जाओ 30 लाख खत्म. इसमें कौन सा देना. इतना आसान थोड़ी होगा कुछ तो और नवासेस. होगा ऐसा नहीं है कि हर चीज़ इतनी आसान. होती है बट नामुमकिन नहीं है और इतना भी. मुश्किल नहीं है कि जो 70 75 साल लगा दिए।. अमेरिका के सामने हम क्या लैक करते हैं? अमेरिका के पास क्या है? बिजनेस इंटरनेशनल. अपॉर्चुनिटीज ज्यादा है। एंटरप्रेन्योर का. पूरा माहौल है वहां पर और गवर्नमेंट भी. उसी हिसाब से सपोर्टिव है। तो इस वजह से. हमारे यहां क्या है ना कि इलेक्शंस है तो.
इलेक्शंस में क्या है कि एक मेजॉरिटी. पब्लिक को ध्यान दिया जाता है और जो. एंटरप्रेन्योर हैं जो बड़े कॉरपोरेट हैं. उनको कोई ध्यान नहीं देता है और ना ही वो. लोग कभी इशू बने रहते हैं कभी किसी. इलेक्शन का। जैसे डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि. हम सरकारी नौकरी खत्म करेंगे। लोगों ने. इसको सपोर्ट में वोट देके जिताया। हमारे. यहां कोई बोल दे गवर्नमेंट नौकरी खत्म. करेंगे। क्योंकि आपने प्राइवेट में पहले. वैसी अपॉर्चुनिटी नहीं दी। हम तो आप कोई. एक पैर पे बैसाखी लेके चल रहा है तो उसका.
पहले पैर ठीक कर दीजिए। उसके बाद कहिए हम. तुम्हारी बैसाखी छीन लेंगे। आप उसका पैर. भी ठीक नहीं किए। कहेंगे तो बैसाखी छीन. लेंगे तो मारेगा ही ना वो। अभी आपने वो. पढ़ा टेरिफ लगा दिया। हां। रिसिप्रोकल. टेरिफ लगाया उसने। 26% हम लोग लगाए। चाइना. में भी तो और बेहतर लगाया उसने। हां। हमने. 52 लगाया उसने सब जो जितना लगाया ना उसका. हाफ करके लगा दिया रेसिप्रोकल उसने बोला. ही है तो ये अच्छा है गंदा है ये अब ये. उसके देश के हिसाब से है हर देश को अपना. हिसाब से राइट है करने का तो जब तेरी.
बढ़ाते घटाते हैं तो कभी इंपोर्ट पे फायदा. होता है तो एक्सपोर्ट पे तो डिपेंड करता. है कि हम कितनी चीजों का इंपोर्ट. एक्सपोर्ट कर रहे होते हैं और इंडिया का. है तो इंडिया में भी भाई हर देश के साथ. अलग-अलग टेरिफ है। इंडिया को तो चाइना पे. और लगाना चाहिए। कि हम लोग का ट्रेड. बैलेंस बहुत खराब है। चाइना के से डूब रहे. हैं हम लोग यहां पे। तो वही तो कहता है कि. दुश्मनी कर कहां रहे हैं हम लोग चाइना से? नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरी है क्योंकि. अगर आज कौन सा घर है जहां चाइनीस सामान. नहीं है? और बहुत बिनेसेस हैं इंडिया में.
जो चाइना की वजह से चल रहे हैं और यहां. पैसे कमा रहे हैं। बिल्कुल। तो चाइना से. जो चीजें चाइना में मिलती है ना एग्जैक्ट. वही चीज़ वियतनाम में भी मिलती है। हम. एग्जैक्ट सेम प्राइस पे सब कुछ सेम पे।. हमको ये नहीं समझ में आता है कि इंडिया. वियतनाम से प्रेफर करे। एटलीस्ट वियतनाम. चाइना के दुश्मन है। उसी को मजबूत कर दे।. नहीं यार इतनी टेक्नोलॉजी नहीं है वियतनाम. में इस लेवल की जो कुछ भी मटेरियल बुलवाना. हो तो तो ऐसा नहीं है कि हम लोग जैसे. चाइना को अगर हम लोग रिप्लेसमेंट के तौर. पे देखा जाए तो कुछ साउथ एशिया की कंट्रीज. हैं। बट क्या है ना कि हमने ऑप्शन ही नहीं. दिया किसी को। जब आप ऑप्शन नहीं देंगे तो.
अपडेट नहीं होगा, मार्केट नहीं होगी। किसी. होटल में कस्टमर ही कम आएंगे। तो कितनी. वैरायटीज रखेगा? तो कस्टमर पहले अब वो तो चिकन और एग वाली. मुर्गी पहले आया कि अंडा पहले आया थोड़ा. थोड़ा हां थोड़ा-थोड़ा हम लोग को उधर जाना. चाहिए उस एरिया में बट चाइना का कुछ जरूरत. से ज्यादा डिपेंडेंसी है बट चाइना का और. अमेरिका का अभी क्या 36 का आंकड़ा चल रहा. है देखा हां दोनों अपने-अपने वो एक सुपर. पावर बना हुआ है इसका कहना है हम बनेंगे. तो टसल पावर टसल है भयंकर और अभी अमेरिका.
ने जितना टाइफ लगाया चाइना ने उतना ही. वापस लगा दिया वो देखा वो चाइना का ये चीज. बहुत अच्छा लगता है वहां आप उसको कुछ भी. कीजिएगा वह दवा देगा। वह देश उसके यहां. पॉलिटिक्स नहीं है। उसके यहां देश है। हम. वह तुरंत लगा देगा। हम लोग नहीं लगा सकते।. मजबूरी भी है। हम लोग किसी को ब्लेम नहीं. कर सकते। किसके दम पे कूदिएगा? ना. इंडस्ट्रियलाइजेशन है ना इकॉनमी है उस. हिसाब से। क्योंकि अमेरिका को केवल. अमेरिका पावरफुल नहीं ना। हर जगह वो पावर. रखता है। वर्ल्ड बैंक से फंडिंग रोक देगा।. हमारे लोन रोक देगा। आईएमएफ हो गए या. वर्ल्ड बैंक हो गए। यूरोपीय यूनियन से.
दबाव बनवा देगा। कुछ नासा और इसरो के बीच. का कोई कॉन्ट्रैक्ट होगा उसको रुकवा देगा।. डिले करा देगा। हर जगह यूएन में चार पांच. ठो मुद्दा फंसा देगा। कुछ नहीं करेगा तो. अमेरिका को उठा के पाकिस्तान को एक. लेटेस्ट हथियार देगा। ले तुम F18 ले। हम. हम. तो हम लोग को बहुत बैलेंस करके चलना पड़ता. है। और चाइना जितने बड़े देश है ना उनकी. एक खासियत होती है। हर देश का एक दुश्मन. को वो पाल के रखते हैं। हम चाइना जो है. अमेरिका ज्यादा कूदेंगे ना। चाइना उठाएगा.
नॉर्थ कोरिया पगला को कुछ हथियार और पैसा. दे देगा। उधर चार पांच मिसाइल मार देगा।. उधर तुम उलझे रहो। उसको कुछ नहीं जाता है।. गिरेगा तो कहेगा ओ हो जापान भी गिर गया।. कोई बात नहीं जो करना है कर. लेना। उसको क्या जाता है? उसको अपना क्लोज. उसके यहां कोरोना के मरीज मिले थे सर।. सुबह में आठ शाम में सबको मार. दिया। उसका क्या जा रहा है? डिक्टेटरशिप. देखना है तो वहां देखिए। तो उसने अमेरिका. ने कहा कि क्या करें इस इंसान का इस पागल.
किया है। तो उसने क्या किया कि कहा कि. नॉर्थ कोरिया में ना डेमोक्रेसी नहीं है।. यहां इलेक्शन होना चाहिए। किंग जोंग कहा. कौन बोला ये? बाइडन बोला है। उसने कहा कि. अगले महीने इलेक्शन कराओ। 100% वोट पड़ा. उसको किंग जोंग को। 100% जो वोट नहीं देता. ना एब्सेंट भी होता उसको मार देता। ये. 100% वोट पड़ा। अब अमेरिका कह रहा है कि. ये इलेक्शन अच्छा नहीं हुआ है। कह रहा तू. अपने यहां का इलेक्शन दे। तुम्हारे यहां. के इलेक्शन कमीशन से कराएंगे अपना. इलेक्शन। तो हर बड़े देश यही करते हैं। अब.
जैसे सऊदी अरब है। ज्यादा कूदेंगे। ईरान. ज्यादा कूदेंगे। इजराइल को कहेगा दो चार. ठो पुराना बम है। एक्सपायरी डी डेट पास. आया मार दे। मार क्या करेंगे लोग? कुछ. नहीं। तो अरब को कंट्रोल करने के लिए. अमेरिका के पास इजराइल है। इंडिया को. कंट्रोल करने के लिए पाकिस्तान है। चाइना. को कंट्रोल करने के लिए इंडिया है। हम. रशिया को खुद डायरेक्ट कंट्रोल करता है।. तो हम लोग ज्यादा नहीं ना उड़ सकते हैं।. डिपेंडेंट नहीं है। चाइना क्या कर. लीजिएगा? अब चाइना को कैसे कंट्रोल करना.
पड़ेगा उसको? खूब से खूब करेगा। इंडिया को. क्या देगा? ज्यादा हथियार देने लगेगा।. चाइना कहता है दे ना उसको। इंडिया किसी का. नहीं सुनता है। हां। हां फिर उसको ये भी. देखना है ना कि चाइना के बाद हमें इंडिया. को ही कंट्रोल करना है क्योंकि थर्ड तो हम. ही है। थर्ड हम ही लोग हैं। तो अगर चाइना. और अमेरिका कभी लड़े लड़ेंगे ही ना बड़े. लोग नहीं ताइवान की ताइवान को लेके उनके. बीच में हो गई थी ना वह तो होते रहता है. धीरे धीरे धीरेधीरे उसको ऐसा कैप्चर करेगा. बढ़िया से माहौल देखता है जैसे 1962 में. जब हमारे यहां वार हुआ था रशिया हमें.
बचाने नहीं आया था हम बचा भी नहीं पाता. क्योंकि चाइना वो उस माहौल को तलाश रहा था. कि 1960 में हम लोग का पंचशील समझौता खत्म. हो गया था वो सोच रहा था कि ऐसा टाइम आए. ना जहां वर्ल्ड उलझी हुई हो। उसी समय. क्यूबन मिसाइल क्राइसिस हुआ था। ऐसा लग. रहा था कि अमेरिका और रशिया में परमाणु. युद्ध आज हो जाएगा कि शाम में होगा कि. सुबह होगा कुछ नहीं पता। मार दिया 62 में. आ जाओ। यहां पे अमेरिका कह रहा हमको क्या. पता भाई रशिया कह रहा हमको। तो ऐसा कहीं. ना कहीं जब टाइम आएगा तो चाइना और अमेरिका.
अमेरिका और रशिया एकदम आमने-सामने होंगे।. उसी समय ताइवान को लेके चला जाएगा। और. रशिया भी कहेगा लेके जा इधर लेके जा।. क्योंकि कुछ ना कुछ डायवर्जन अमेरिका. ताइवान को बचाने के लिए पक्का करेगा वहां।. अब इसीलिए चाइना को देखिएगा हमेशा कुछ ना. कुछ गड़बड़ सड़बड़ करते रहता है ताइवान. में वो वो पाथ तलाश रहा है कि कहां-कहां. से एंट्री करेंगे क्या करेंगे वो ड्रिल कर. रहा है ड्रिल और किसी दिन ड्रिल के नाम पे. अनाउंस करेगा दिस इज नॉट ड्रिल. नाउ दिस इज वो ले लेगा ताइवान हां दब लेगा. लेकिन जिस समय रशिया अमेरिका बिजी रहेंगे.
वो ताइवान की ओर जाएगा बट अगर हम मैप में. देखेंगे तो ताइवान एकदम फार ईस्ट है हम तो. इसे अपनी हैवी मिलिट्री एयर एयरफोर्स नेवी. को ताइवान की ओर धकेलना पड़ेगा। एग्जैक्ट. वही टाइम होगा हम लोग कश्मीर के लिए. अक्साई चीन पे चढ़ जाए। बट हम थोड़ी. करेंगे। अब ये तो मोदी जी बताएंगे।. पर हम नहीं करेंगे ना क्योंकि हम यही. खराबी लगती है। हम आपके पास है वहां पे।. हमारी सेना लड़ सकती है। पर इंडिया आगे. बढ़ के कभी भी ना लेता है ना अटैक करता. है। कुछ नहीं करता। हमारी फिलॉसफी नहीं.
है। 70 साल से देख लो आप कुछ भी नहीं।. हमारी ये फिलॉसफी मानते ही नहीं है। अभी. फिलॉसफी चेंज करने की जरूरत है। पब्लिक जब. प्रेशर लगाएगी तो पब्लिक को ये सब चीजों. से मतलब ही नहीं रहता है। वो सब लोग को. अपनी हमारा जात ठीक है। हमारा धर्म ठीक. है। हमारी राजनीतिक पार्टी ठीक है।. माइंडसेट बहुत खराब होता है। नेशनल. इंटरेस्ट देखना चाहिए। तो यही मौका है।. नहीं तो चुपचाप देखेंगे। ताइवान ले लिया. कि ताइवान ले लेगा। उसके बाद चाइना फिर. नहीं रुकेगा। हम ताइवान लेने के बाद तो. खत्म। बेलगाम घोड़ा हम क्योंकि वो.
सेमीकंडक्टर सेमी सिलिकॉन शील्ड उसको रोक. के रखा है और दूसरा उसके बाद क्या है ना. कि इसके अब इसका इंटरनल इशू खत्म हो जाएगा. चाइना का ताइवान लेने के बाद इंटरनल खत्म. हो जाएगा फिर वो केवल और केवल फोकस्ड हो. जाएगा एक्सटर्नल पे और कुछ भी कर ले चाइना. अमेरिका ताइवान को बचाने के लिए एटॉमिक. वार नहीं ना करेगा और चाइना का तो कोई. लिमिट नहीं है उसको तो हर हाल में वो. चाहिए ही चाहिए वहां पे ले ही जाएगा ले ही. जाएगा वहां पे तो ये फ्यूचर आपको लगता है. कि होना ही हां बस हम लोग बस यह देखना.
यूरोप कितना अनस्टेबल रहता है। जैसे बीच. में यह यह फिलिस्तीन और गाजा वाला ना उठ. गया। वरना यूक्रेन और रशिया ज्यादा उलझे. रहते तो निपटा देता इधर ही।. यूक्रेन और रशिया जो चल रहा है उसमें आपको. लगता है क्या कि इंडिया ने चुप रह के. रशिया का साथ दिया। तो हम तो हम खुल के. कहते हैं रशिया के दिया था। यूक्रेन का. साथ देंगे हम। क्या किया हमारे लिए? बिना. मतलब का आएंगे साथ कोई नहीं। सूरजमुखी का. पुल भेज दिए। दो चार को रिफाइंड तेल भेज. दिए तो हम आपका साथ दे देंगे। रखे रहो अपन. रिफाइंड तेल। हम ब्राजील से मंगा लेंगे.
यहां। खुल के बोलते हैं रशिया का साथ दिए. हैं। रशिया ने भी हमारा साथ दिया है। चाहे. यूएन में वीटो का मामला हो। इसमें खुल. छुपा के कौन सा बात करना। अब हम लोग कोई. डिप्लोमेटिक पोस्ट पे थोड़े बैठे हैं कि. लोग हमसे पूछेगा हां साथ दिए हैं।. अमेरिका खुल के कहता है ना कि वो इजराइल. का साथ दिया है। अमेरिका खुल के कहता है. कि वो यूक्रेन का साथ दिया है। हम क्यों. मुंह मोए करें? हम भी दिए हैं। बट बोलते. नहीं है ना हम खुल। नहीं हां नहीं बोलते. हैं हमारी कुछ मजबूरी क्योंकि यूरोपीय. यूनियन है सब और उधर अमेरिका है पूरा. वर्ल्ड एक और एक साइड से हो गए हैं सब.
यहां और हम लोग थोड़ा सा इसमें आपको लगता. है यूक्रेन और रशिया में कौन सही है. रशिया क्यों आप मेरे दुश्मन को मेरे. सिधाने ले आकर बैठाइएगा हम क्या. करेंगे विरोध करेगा कि नहीं करेगा ऑब्वियस. बात है नाटो का आर्टिकल फाइव कहता है कि. नाटो की कोई भी कंट्री रहेगी वहां नाटो की. आर्मी की पूरी डायरेक्ट एक्सेस बिलिटी. रहेगी। अब बैठा के वहां ले आएंगे रशिया. को। भाई तुम्हें डेवलप करना है करो।. यूरोपीय यूनियन में गया। कहां इसने अटैक.
किया? बिना मतलब का उसको कहां से जाएगा? और नाटो का मतलब क्या बनता है? आज के डेट. में जब वर्ल्ड यू एनओ हाई है। यूएओ कहता. है कि हम थर्ड वर्ल्ड वार होने नहीं. देंगे। ये 32 कंट्री मिलके कहते हैं अगर. हमारे पे किसी ने मारा हम सबको मिलके. मारेंगे। क्या मतलब बनता है? नाटो का तो. होना ही नहीं चाहिए दुनिया में।. 32 कंट्री अब हेल्प क्यों नहीं कर रही है? जब यह हो रहा है तो मारे हुआ पुतिन बैठा. हुआ है। उसको क्या जाता है? वह तो नॉर्थ. कोरिया से बुलाया है सैनिक को जानबूझ के. यूक्रेन में घुसाने के लिए क्योंकि नॉर्थ.
कोरिया के पास एक बहाना मिल जाएगा कि किसी. दिन अगर इसके दो चार सैनिक मारे गए हैं तो. कह देगा हमारे सैनिक मारे गए यानी हमारे. देश पे आया हुआ है। हमारे पास परमाणु बम. खाली है। वो जानबूझ के लाया ना कि उसके. पास एक और फ्रंट खुला रहे। हम और जब से. ट्रंप आए हैं तब से तो यूक्रेन और कमजोर. हो गया।. वो तो जो वीडियो आया उसमें भी उसने क्लियर. ही कर दिया दुनिया में हम जबकि अमेरिका तो. साथ दे रहा था यूक्रेन का बिल्कुल वो तो. सब यूरोप वाला सब साथ ही दे रहे थे सवाल. तो अब क्या अब समेट लेगा डॉन बास्को और ये.
वाला रीजन को उसने पहले फ्री इंडिपेंडेंट. स्टेट घोषित कराएगा उसके बाद से फिर करा. देगा कि भाई मेरी इकॉनमी उतनी अच्छी नहीं. है। हम यूक्रेन से टूट तो गए हैं लेकिन. फिर हम रशिया में मर्जर चाहते हैं। रशिया. में मर्जर हो जाएगा। जैसे क्रीमिया हुआ. वैसे डोनबास्क हो गया, डोनेस्क हो जाएगा, मर्जर हो जाएगा। और उस एरिया में रशिया ने. जितने भी फाइनेंसियल लॉसेस हुए, जितना. उसका पैसा खर्च हुआ है, उस एरिया में इतने. मिनरल्स हैं, उससे उसकी रिकवरी हो जाएगी।. मतलब फ्यूचर तो अब यही है। यूक्रेन गया।. दूसरा एक और रीज़न समझिए। पुतिन इतने दिन. से राष्ट्रपति है। हम 10 साल प्रधानमंत्री.
रहे और उस समय राष्ट्रपति तब इंडिया की. तरह रशिया का होता था कि राष्ट्रपति के. पास कोई पावर नहीं रहेगा। सारा पावर. प्राइम मिनिस्टर के पास रहेगा। तो पुतिन. 10 साल तक प्राइम मिनिस्टर थे। बट रशिया. का एक रूल है कि 10 साल से ज्यादा आप दो. टर्म से ज्यादा आप पूरा नहीं कर सकते। तो. उसका जब 10 साल कंप्लीट होने वाला ना तो. उसने अपने संविधान में संशोधन कर दिया हम. कि प्राइम मिनिस्टर के पास अब कोई पावर. नहीं रहेगा। अब सारा पावर राष्ट्रपति के. पास रहेगा और खुद राष्ट्रपति बन गया।. वीडियो गेम खेल रहा है। अब 10 साल उसका.
पूरा हो गया 2022 में। हां। अब क्या करें. भाई? यहां तो दो टर्म्स है। तो स्पेशल. अमेंडमेंट इन कॉन्स्टिट्यूशन 2036 तक. इसमें कोई चेंजिंग नहीं होगा। इंडिया में. भी ऐसा हुआ था। 2002 में हुआ था कि लोकसभा. की सीटें 2026 तक नहीं बढ़ाई जाएंगी। तो. उसने कहा कि 2036 तक मतलब अभी एज इट इज़. रहेगा यहां पर। अब इंटरनल बगावत होने लगा।. तो जब इंटरनल बगावत होती है ना तो इसको. कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका होता है. ना कोई वार कर दो। ऐसे ही माओ के टाइम पे. हुआ था 1960 में। चाइना में। चाइना में.
मार दी। इंडिया में लड़ गया यहां पे।. ऑब्वियस बात है। अभी आज चाहे महंगाई जितनी. भी हो चाहे जो भी हो हमें अपने. प्रधानमंत्री से या एट ए टाइम के. प्रधानमंत्री या पहले के कोई भी. प्रधानमंत्री लाख शिकायत होगी। लेकिन जब. वार के टाइम पे तो हम सब एक हैं। हम. कारगिल के टाइम पे कोई ये कह सकता है क्या. कि हम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ नहीं थे।. भले उन्हें वोट ना दिया हो। तो पुतिन के. लिए युद्ध लंबा खींचना अपने विरोधियों को. निपटाने का एक अच्छा रास्ता है। निपटा. दिया अंदर। वो क्या नाम थे उनको? Wagon R.
ग्रुप के रेगोजीन की क्या नाम था? उनको. जहाज से उड़वा दिया। जा रहे थे बेलारूस तो. तो रशिया का एक अलग है। वो लड़ाई को केवल. ये नहीं देखिए वहां पे वो चाहे तो खत्म. करके आज ही ले सकता है। आज ही ले सकता है।. वो लंबा कर रहा है। वो खुश रहा है उसको।. उसके उसकी पॉपुलरिटी उसका विश्वास उसकी. नेशनलिटी बढ़ रही है। हम कि ये रशियंस के. साथ है। हम रशिया को यही बचा रहा है। वो. दुनिया को अपने यहां दिखा रहा है। रशियन. भाषा में बोल के। उसकी न्यूज़ तो चल रही. है ना कि आज अगर पुतिन नहीं होता तो पूरी. दुनिया रशिया को समेट चुकी होती। ना र.
नाटो कहां तक चला गया रहता दिखाएगा वहां. पर कि ना क्रेमलिन बचा होता ना मास्को. बचता ना पीटर्सबर्ग बचता ना ब्लादीस्टक सब. यूरोप वाले कब्जा कर लेते लोगों का रहता. यही रहेगा पुति नहीं रहेगा 236 नहीं जी 50. तक रहेगा वॉर गलत है ना लोगों लोग मरते. हैं वॉर गलत रहता है ना बांसुरी बजाने. वाले कृष्ण कन्हैया महाभारत होने नहीं. देते कुछ लोग बात से सुन नहीं करते लात. देना ही पड़ता. है आप 32 देशों के ग्रुप जिसमें एटॉमिक. पावर तीनती के पास है ब्रिटेन के पास है, फ्रांस के पास है, अमेरिका के पास है।.
पावर में सबसे ज्यादा, लॉबी सबसे ज्यादा, टेक्नोलॉजी सबसे ज्यादा, हथियार सबसे. ज्यादा, यूएन में पहुंच सबसे ज्यादा। इसके. बावजूद ही 32ों मिलके एक साथ रहेंगे और. कहेंगे कि हमें कोई मारेगा हम 32ों मिलके. मारेंगे। सद्दाम हुसैन को पूरा उड़ा दिया. सब। लीबिया को पूरा उड़ा दिया, यमन को. पूरा उड़ा दिया, सीरिया को पूरा उड़ा. दिया, उड़ा दिया। हमारे पास ये जितने. देशों को उड़ाया कम से कम 2 से 3 लाख. इंडियंस वहां काम करते थे। हमें क्या. मिला? कुछ. नहीं। बीच मजधार में छोड़ के अफगानिस्तान.
को चला गया। अफगानिस्तान में हम लोग के. करोड़ों इन्वेस्टमेंट है। सब फंस के रह. गए। तो क्या मतलब बनता है आज के डेट में. नाटो का? हिम्मत नहीं है किसी देश के पास. ये कहने की कि नाटो गलत है वो अलग बात है।. बट गलत तो है ना। पर उनका मेन आईडिया तो. ये है ना कि कोई भी एक दूसरा पावरफुल देश. हम हम छोटे-छोटे देशों को अलग तरीके से. खत्म ना करें। इसीलिए हम सब साथ सब साथ. में जुड़ के रहेंगे। क्योंकि हम सब बहुत. पासपास में बहुत छोटे-छोटे देश हैं। कौन? यूरोप वाले कहते हैं ऐसा। हां। तो मेन. मतलब तो इसीलिए तो स्टार्ट हुआ था ना नेटो. किटो का एक छोटा देशो हुआ था इसको कंट्रोल.
करने के लिए उस समय रशिया बेलगाम था. यूएसएसआर था हम तो यूएसएसआर इधर रशिया था. हां तो ये बहुत बड़ा था बड़ा था ये था जब. ये खत्म हो गए जब आप कहें कि भाई हमको. रशिया से डर है इसलिए हम ग्रुप बना रहे. हैं रशिया टूट गया अब ये रहा तो फिर इसे. भी खत्म करो भैया तो फिर तो वही बात हुआ. इसके डर से आप बनाए और आप खुद बन गए हैं. तो आपके डर से भी तो कोई और बनाना चाहिए. फिर चाइना बना लिया तो क्या गलत किया? चाइना बना ले, नॉर्थ कोरिया बना ले, इराक. बना ले, ईरान बना ले, तालीबान मिलके बना.
ले सब कि हम पांचों पे कोई मारेगा तो हम. मार देंगे परमाणु बम। उधर चाइना संशोधन कर. दे कि हमारा ईरान एलआई है। हमारा नॉर्थ. कोरिया एलआई है। तालीबान हमारा एलआई है।. गाजा हमारा एलआई है। किसी पे अगर होगा तो. हम अपने एटॉमिक पावर का यूज़ कर सकते हैं।. तो हो गया काम खत्म। तो ये थर्ड देखिए. थर्ड वर्ल्ड वॉर किस चीज से होगा हमें पता. नहीं। लेकिन एक कहावत का एक विद्वान ने. कहा था कि थर्ड वर्ल्ड वॉर कब होगा यह पता. नहीं लेकिन फोर्थ वर्ल्ड वॉर हम लोग पत्थर. और लाठियों से लड़ेंगे क्योंकि थर्ड. वर्ल्ड वॉर में इतनी तबाही मचाएगा सब कि.
हम लोग स्टोन होज में चले जाएंगे. लगता है वॉर होगा कि होने नहीं देंगे नहीं. होने देंगे मतलब अब दुनिया उस लेवल पे है. कि जहां पे वर्ल्ड वॉर थ्री वगैरह नहीं. होगा सब हथियार हथियार बेचने वाले कंपनी. है सब अंधेरे कैडर दिखा के टॉर्च बेचते. हैं. थोड़ा बस मुनाफा होना चाहिए बस करोड़ों की. कमाई है। एक जहाज बेच देंगे सब एक अपाची. हेलीकॉप्टर 6000 करोड़ का। यहां यहां पता. चला 10 जिला मिलके खेती करेगा तो 6000. करोड़ कभी ना कमा पाए। वहां एक हेलीकॉप्टर. बेचा निकल गया। हम और उसके बाद उसके पास.
उसका मेंटेनेंस अलग, पायलट की ट्रेनिंग. अलग। फिर हथियार खत्म हो गया तो अलग। ये. मेरा ही हथियार लगा सकते हो। छोटे-छोटे. वॉर कराना फायदेमंद है। फायदेमंद होता है. उन लोग के लिए। और वो लोग अभी एक स्पेशल. फोर्स के ऑफिसर थे जो टेररिस्ट से लड़ते. हैं। इंडिया में वो बता रहे थे हमें कि. बहुत सारी बड़ी-बड़ी वेपन कंपनीज़ वो आती. है हमारे बॉर्डर एरिया में जो नक्सलाइट्स. हैं और जो हमारे ये मिलिटेंट्स हैं इनको. एडवांस एडवांस वेपन फ्री में बांट के जाती. है ताकि ये अटैक करें और फिर वो वेपन से.
क्योंकि वो एडवांस एडवांस वेपन के साथ. अटैक करती है। फिर आके वो देशों को जाके. बेचती है कि यार देखो उनके पास इतने. एडवांस है तो आपको भी एडवांस लेने चाहिए।. फिर डबल प्राइस में देशों को बेच दिया।. जिस कंपनी का हथियार किसी टेररिस्ट के पास. मिल गया उस कंपनी के ऊपर जांच होनी चाहिए. और उसे इंटरनेशनलली ब्लॉक करना चाहिए।. इंटरनेशनल ब्लॉक जब आतंकवादी इंटरनेशनल हो. सकते हैं तो उसके हथियार इंटरनेशनल कैसे. नहीं हो गया? तो ये तो कौन ब्लॉक करेगा? अमेरिका वगैरह। अब उन्हीं पे सारा हथियार.
है। वही तो बनाते हैं। तो इनके हिसाब से. ना ये किसको आतंकवादी बोलेंगे? किसी को ये. मुंबई को उड़ा के गया अजमल का साहब हम. इजराइल ने उसे आतंकवादी नहीं. बोला। क्या बेशर्मी है? क्यों? नहीं बोला. कहा कि हम अभी जांच कर रहे हैं। हमारे. हिसाब से नहीं हो रहा है। क्या बेशर्मी. है? इजराइल इतना पावरफुल क्यों है? सारे. देश डरते क्यों? आपने एक वीडियो बनाया. इसके ऊपर कि इजराइल से सारे देश डरते हैं।. वहां के देश डरते हैं। जहां खर नापतवारू. या रेण प्रधान कहावत का तो उनसे आता क्या.
है? अरब वालों को खजूर, ऊंट, तेल खत्म, खेल खत्म। वहां पे लड़ सकते हैं। वहां पे. क्या जा रहा है जिससे लड़ रहा है। अब. देखिए सीरिया में कोई राष्ट्रपति ही नहीं. है। हम उठ के गोलानहाइट कब्जा कर. लिया। तो वहां के हिसाब से टेक्नोलॉजी है. नो डाउट देश बहुत आगे है। हर चीज में. ठीक-ठाक है। बट समझिए विदाउट अमेरिका और. नाटो के सपोर्ट से वो भी नहीं लड़ा। छोटा. सा गाजा है जिसके पास ना अपनी एयरफोर्स. है। गाजा का शर्त क्या है? कि फिलिस्तीन.
ना एयरफोर्स रखेगा ना नेवी रखेगा ना ही थल. सेना रखेगा ना उसे देश की मान्यता दिया. जाएगा तो उनका कहना है भाई तुम वहां है. क्या कहा कि तुम. जानो उसको कुछ रखने ही नहीं देता है उससे. मारने के लिए उसको मारने के लिए इसे. फ्रांस से सपोर्ट लेना पड़ा अमेरिका से. सपोर्ट लेना पड़ा इससे तो दुनिया भर से. सपोर्ट लेना पड़ा क्यों उसके पास हथियार. खत्म हो गए ना तो ऐसा क्यों वो इतनी सी. बेल्ट ने इतना अगर इसको खत्म ही करना है. तो जरा से गाज़ा ने कैसे परेशान कर दिया. इनको एक बिल्डिंग को मारने के लिए आपके.
पास कम से कम 10 10 एक्सप्लोसिव उड़ानी. पड़ेगी। एक मोहल्ला उड़ाने के लिए आपके. पास एक तो डीपो उड़ जाएगा। पूरी कंप्लीट. हथियार किसी को कंप्लीट डेमोलिश करने के. लिए तो बनाया नहीं जाता। हथियार आपको आगे. एडवांटेज देने के लिए बनाया गया। अब आप. उसको कंप्लीट डिमोलिश करने के लिए जाएंगे. तो क्या होगा? अब जेसीबी है थोड़े-मोड़े. खोदने के लिए। आप कहिए पूरी शहर को खोदो।. पागल हो जाएगा यार। हमको इसलिए बनाया ही. नहीं यार। वो तो परमाणु बम बनाया गया था. कंप्लीट डेमोलिश करने के लिए। तो इनका. ग्रुप बहुत तगड़ा है। इजराइल इजराइल हो गए. या नाटो वाले इनका ग्रुप बहुत तगड़ा है। ये.
नाटो वाले आए थे सब वियतनाम में। वियतनाम. वाला इतना मार मारा था सब। इतना मार मारा. था सब कि जान बचा के भागे हैं अमेरिका. वहां से। 20 साल लड़े थे कुछ नहीं कर पाए।. भगा दिया सब वहां पे। क्यों नहीं हो पाया? ये इस वॉर के बारे में मुझे ज्यादा पता. नहीं है। बट वियतनाम में अमेरिका वॉर नहीं. जीत पाया। नहीं जीत पाया। कभी नहीं जीत. पाएंगे वहां पे। देखिए वी कैन नॉट फाइट वि. द ज्योग्राफी। ना वह वियतनाम जीत सकते हैं. और ना ही अफगानिस्तान जीत सकते हैं। केवल. अमेरिका नहीं रशिया भी तो हार के गया है।. कोई नहीं जीत सकता। इवन ब्रिटेन वाले जब. हमें गुलाम बनाए थे लेकिन अफगानिस्तान को.
आजाद कर दिए थे सब। हमारी आजादी से पहले. म्यांमार को साइड कर दिया सब। 1935 के. अधिनियम द्वारा 37 में जग्राफी ऐसी है ना. जैसे अमेरिकन वाले सब जो है ना जमीन पे. नहीं लड़ सकते हैं। वो जमीन पे कभी नहीं. लड़ पाएंगे। उनके पास टेक्नोलॉजी है। ऊपर. से ड्रोन मार देंगे, हेलीकॉप्टर उतार. देंगे, टैंक ले घुस जाएंगे। लेकिन जहां यह. काम नहीं आएगा वहां क्या करिएगा. अफगानिस्तान में पहाड़ है वो चुपचाप लेट. जाएगा ड्रोन को पता ही नहीं चलेगा साइड. में है और ड्रोन उड़ेंगे ना तो पास में. आके ले जा यहां से वियतनाम में जंगल है.
कुछ काम नहीं आने वाला है वहां वो अंदर. अंदर सुरंग खोद के चल दिए सब तो जमीन पे. वो नहीं लड़ सकता है यही है और जमीन पे. प्लेन अगर एरिया है तो लड़ लेगा इराक खाली. मिला था लड़ लिया अफगानिस्तान. 20 साल लड़े थे। वापस गए भी तो इज्जत से. नहीं गए। उसने कहा कि 10 दिन का नहीं हम. तुम्हें पांच ही दिन का टाइम देते हैं।. सोचिए सब छोड़ छुड़ा के चले। भागो। आज जिस. दिन जा रहा था ना उस दिन भी मार दिया सब।.
तालीबान वाले उस दिन भी हमारा अफगानिस्तान. से अच्छा रिलेशन है। बट तालीबान से नहीं।. तालीबान से तो रिलेशन ही नहीं है। बट नो. डाउट इंडिया और अफगानिस्तान बहुत बहुत. अच्छा रिलेशन है। हम लोग के मैच देखने पे. अफगानिस्तान वाले खुश हो जाते हैं। पर. तालीबान के साथ अभी क्या हो रहा है? रिलेशन अभी तो कोई रिलेशन ही स्टार्ट नहीं. है। बट. इंडिया को कुछ ना कुछ सोचना पड़ेगा। आपने. खुला मैदान छोड़ दिया वहां से चाइना घुस. जाएगा। इलेक्शन कराना चाहिए उन्हें। अगर. इलेक्शन के बाद अगर गवर्नमेंट जीत जाती है. तो एक बहाना रहता है कि भाई आई सपोर्ट द.
इेड गवर्नमेंट। हम क्योंकि अफगानिस्तान का. है ना यहां पे उसको उसका नाम चेंज कर. देंगे सब वो सब अपना। तो गवर्नमेंट को. सोचना चाहिए क्योंकि अफगानिस्तान हमारे. लिए बहुत अच्छा चीज है क्योंकि मेरे. दुश्मन का दुश्मन मेरा दोस्त हमारा दुश्मन. पाकिस्तान है उसका दुश्मन अफगानिस्तान है. उसको सपोर्ट करना हमें अफगानिस्तान खुला. नहीं छोड़ना चाहिए अफगानिस्तान से तो बहुत. लोग अभी भाग रहे हैं अभी करेंगे क्या. बेचारे वो लोग मरेंगे वहां तो वहां पर तभी. मैं एक मैं लंदन में था और जहां पर टैक्सी. ड्राइवर था मेरे साथ वो अफगानिस्तान.
अफगानी था और वो बता रहा था कि. अफगानिस्तान में कैसा रैकेट चलता है लंदन. आने के लिए तो अफगानी लोग पाकिस्तान. पाकिस्तान जाते हैं फर्जी डॉक्यूमेंट्स. बना के वहां पैसे खिला के बहुत आसान है. जाना। फिर पाकिस्तान से किसी ना किसी तरह. डॉक्यूमेंट बनाते हैं। पासपोर्ट बनवाते. हैं जिससे वो टूरिस्ट वीजा पर लंदन आते. हैं। क्योंकि पाकिस्तान से या स्टूडेंट. वीजा पे लंदन में इनकी ही एक एजेंसी है जो. इन लोगों को डॉक्यूमेंट देती है कि यहां. इनको पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं। पढ़ाई. के पेपर देके वो पहुंच जाते हैं जैसे उधर. वहां पहुंच के पासपोर्ट फाड़ के फेंक के.
घूम जाते हैं। फिर घूम के इधर-उधर जितना. टाइम घूम लिए घूमने के बाद जाके सरेंडर कर. देते हैं कि हम भाग के आए हैं। हम हमको. हमारे हमको असाइलम दे दो। हमको यहीं रहने. दो क्योंकि अगर हमको हमारे देश भेजा तो. वहां मार दिया जाएंगे। हम किसी भी देश के. नहीं है और ये बस बोलते हैं कि हम अफगानी. हैं। बताते नहीं कि पाकिस्तान के रूट से. हैं। बोलते हैं हम अफगानी है। हम किसी तरह. यहां पे भाग भुका के पहुंच गए। और पहुंच. गए तो फिर वहां पे एक रूल है जहां पे 5. साल तक तुम्हें फिर वो वीजा देते हैं रहने. के लिए। 5 साल तक तुम उधर रह लो। तो 5 साल. के बाद तुम्हें तुम उधर अपनी सिटीजनशिप के.
लिए अप्लाई कर सकते हो। ये लंदन वालों को. इस पर तकलीफ हो रहा होगा। इनको इन्हीं. गधों ने अफगानिस्तान को हमसे अलग किया है।. इन्हीं गधों ने पाकिस्तान को हमसे अलग. किया है। पाकिस्तान के लोगों जो पाकिस्तान. में पैदा हुआ एज ए ह्यूमन सोचिए उसकी. कितनी दुर्दशा होगी। हम लड़कियों की हालत. ऐसी खराब उसका हस्बैंड कब एक नया दुल्हन. लेके चलाएगा पता ही नहीं चलेगा. उसको। कितना खराब लगे। एक पर्सनल लिबर्टी. भी होती है ना। वहां पे एक आदमी चार पांच.
शादी कर लिया। अब आपने वैसा माहौल बना. दिया कि जिंदा रहने को ही लोग विकास समझे।. अलग बात है। अब देखिए सबसे बड़ी खराबी. क्या जब देश आजाद हुआ तो गांधी जी तो खैर. बंगाल में दंगा छिड़ा हुआ था। कोई पूछने. नहीं गया था। तो आजादी का लोग इधर दिल्ली. में जश्न मना रहे थे। वो बूढ़ा इंसान एक. टूटे हुए घर में था कि इसे उग्र भीड़ ने. तोड़ दिया है। मैं ये दिखाना चाह रहा हूं. कि हिंदुस्तान आज भी जिंदा है। तो वहां. लोग भले गाली देते हैं। जिसकी औकात अपने. गांव के मुखिया से लड़ने की नहीं है।. जिसकी औकात एक विधायक से लड़ने की नहीं.
है। वो उस गांधी पे आवाज उठाता है जो. गुलाम देश में इंग्लैंड की महारानी से. लड़ा था।. अब क्या बोलिएगा इसे? खैर वो अलग चीज है. क्योंकि गांधी को मानने वाले भी गांधी के. विचार वाले होते हैं। जब देश आजाद हुआ. सबसे बड़ी बेवकूफी हम लोगों से क्या हुआ? हमारा देश है। कोई ससुरा आया ऐसे लाइन. खींच दिया कि इसके इधर इंडिया, इसके इधर. पाकिस्तान हम मान. लिए। क्या बेवकूफी थी? चाहे उस समय सरदार. पटेल हो, जवाहरलाल नेहरू हो। हमारे देश. में क्या है ना कि आप एक नेता को गाली दो,
एक को मत बोलो। भाई दोनों लोगों ने क्या. किया? ये आपके ऊपर एक लाइन कोई खींच के. चला गया। आप क्या करेंगे? तुम जाना है. ब्रिटेन जाओ। उसने क्या किया? सेनापति कहा. कि हमारी सेनापति दो साल तक यही रहेंगे।. हम जनरल बूचर था वहां पे। तो वो वहीं रह. गया। आप दो साल बाद मिटा देते उसको।. जिन्ना मर चुका था। पाकिस्तान में जिन्ना. के अलावा कोई नेता ही नहीं था। अबुल कलाम. आजाद को यहां खड़ा कर. देते। क्या जाता था? कैसे एक्सेप्ट कर. लिया हम लोगों ने? कितना बेवकूफी? 1947. में देश आजाद हुआ। 10 साल पहले म्यांमार.
को 1937 में अलग किए। 35 का नियम बनाया सब. 37 में अलग कर आपको 10 साल पुराना लाइन. खींचने में मेहनत लग रहा था। क्या बेवकूफी. है ये सब. चीज खींच खींच के मिटाया कौन कौन है लाहौर. बोलता है यहां पर लाहौर को तुम्हारे बाबा. का लाहौर है हां बप्पा रावल का है कंधार. तुम्हारा गांधारी का कंधार है उनकी भी. नसीब अच्छी होती है हमारे यहां ना ऐसे कोई. रिलीजन को लेके लड़ाई झगड़ा नहीं है वो. पॉलिटिक्स का हिस्सा है ये एक पॉलिटिक्स. उनकी भी मजबूरी है अगर वो ये नहीं करेंगे.
तो जीत भी नहीं पाएंगे जैसे सांप नहीं. मारे तो फिर तो सी तो होता नहीं है सांप. को और कुछ. जिसके पास वही तो वो एक अदरवाइज में वो. लोग भी बड़ा सुकून से जीते। हमारे बप्पा. रावल का लाहौर था और पूरी दुनिया में एकता. की मिसाल थी लाहौर जहां जितनी बड़ी संख्या. में सिख रहते थे उतनी ही बड़ी संख्या में. मुस्लिम उतनी ही बड़ी संख्या में हिंदू. उतनी ही संख्या में ईसाई सारे लोग बौद्ध. सब लोग लाहौर क्या शहर हुआ करता था। आज. क्या हो गया है लाहौर किधर बम फटेगा पता.
ही नहीं बर्बाद कर दिया सर इसको तो ये एक. बहुत हमको सच में ये दुख होता है कि क्या. थिंकिंग थी उस टाइम के लोगों की मान लिया. एक कोई फिरंगी आया लाइन खींच दिया सेरियल. रेड क्लिप बैठा इसे टेबल पे नक्शा लेके. कहा कि कहां कहांहां पुलिस स्टेशन है. पुलिस स्टेशन से लाइन खींचते खींचते. खींचते खींचते खींच दिया लाहौर इंडिया में. दिया था तो लोगों ने कहा कि सर आपने तो. पाकिस्तान में तो कोई शहर ही नहीं बचा. कराची है बस कहा कि तो मैं क्या करूं कहा.
एक काम कीजिए लाहौर दे दीजिए ऐसे मिटा के. ना लाहौर दे दिया मिटा के दिया लाहौर और. हम लोग चुपचाप बर्दाश्त किए थे क्या. बेवकूफी थी अभी कोई खींच के देख ले बट. पहले इंटरनल फाइट थी इसकी वजह से ना धर्म. के नाम पे दो लोग अलग-अलग तरीके से लड़. रहे थे इसलिए कोई तो होना चाहिए जो धर्म. के खिलाफ बोले अब जैसे कोई धार्मिक मामला. हमको कह ना हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है. हिंदू मुसलमान साइड रोल बाद में नेशनल. मैटर का है तो साइड बंद अभी लाइन मिटाएंगे. पहले उसके बाद उस टाइम पे बोलते थे ना कि.
वीर सावरकर थे लेकिन उनकी आवाज सुनी नहीं. टॉप लेवल तक सुनाने लायक पोजीशन पे भी तो. मतलब अब देखिए वीर सावरकर ने लड़ाई लड़ी. थी बट एक जिस लेवल पे सुभाष चंद्र बोस गए. उस लेवल पे बात ले जाना चाहिए था सावरकर. जी ने पूरा प्रयास किया था अपने हिसाब से. सब लोग ने अपना-अपना योगदान दिया लेकिन. उसका क्या फायदा मिला हमको कि हमसे. म्यांमार तोड़ दिया हमसे बांग्लादेश तोड़. दिया हमसे पाकिस्तान तोड़ दिया। हमसे. अफगानिस्तान तोड़ दिया। यह वही हुआ कि हम.
अपने पथरी का इलाज कराने हॉस्पिटल में गए।. हमको बचा तो लिया लेकिन हमारा दोनों हाथ. पैर काट दिया। अरे भाई का करेंगे हम लेके. पथरी का इलाज करना था। कर तुम पथरी सही. कर। भाई तेरे को आजादी देनी था। आजाद कर. भाग यहां से। ब्रिटेन वहां पे. तो ये आपको लगता है ये ब्रिटेन की चाल थी. कि हमारी ब्रिटेन। ब्रिटेन क्योंकि इंटरनल. पॉलिटिक्स नहीं नहीं ब्रिटेन का था। 100%. ब्रिटेन का था। एक्चुअल में क्या होता है. ना कि जब हम किसी से आजादी मांगते हैं ना. उसके कुछ साल बाद जो नेशनलिस्ट होते हैं.
ना उस आजादी की कीमत वसूलते हैं कि तुमने. जलियांवाला बाग किया था तुमने हमसे इतना. सोना ले गए हमसे ये ले गए तो ब्रिटेन को. ये डर समा रहा था यार ये सब मांगेगा सब. हमसे और फिर ये महारानी का ताज ले जाएगा. सर नहीं देंगे ना तो महारानी साहित्य उठा. ले जाएगा सब उसने देखा कि भाई इसको क्या. करें हम तो सपोज कीजिए कि हम किसी के घर. से कोई चोरी करके ले जा रहे हैं मेरे पीछे. वो दौड़ गया है तो कुछ ना कुछ देर में तो. हमको पकड़ लेगा। उसका पैर तोड़ देते हैं. मार के। हम तू दौड़ेगा ही नहीं। आएगा ही.
नहीं। पैर तोड़ने के लिए उसने कहा ना कि. एक काम करते हैं। यहां लड़ाओ ऐसा ना होगा।. पहली बार जमीन का विभाजन धर्म के आधार पे. कर दिया। उधर म्यांमार में बौद्ध ज्यादा. रख दिया। इधर मुस्लिम ज्यादा रख. दिया। लड़ो तोड़ दिया पैर। अब हमें क्या. लगता है? पाकिस्तान दुश्मन है। है वो. फिलहाल 47 के बाद। लेकिन पाकिस्तान को. पैदा करने वाले दुश्मन का बाप ब्रिटेन।. ब्रिटेन हुए अब तो मिटाना बड़ा मुश्किल हो. गया ना उस समय नया-नया चीज था बंटवारा.
खत्म हो सकता था हम हमको एक चीज नहीं समझ. में आया था सरदार पटेल इतने बहादुर क्या. पर्सनालिटी थी सरदार पटेल की नो डाउट. अनमैचेबल. अवतार लिए हुए इंसान थे वो सरदार पटेल वो. हैदराबाद के नवाब को यूं झुका देते हैं. ऑपरेशन पोलो लाते हैं ये जूनागढ़ का नवाब. था वो कह रहा था हम इंडिया में मिलेंगे ही. नहीं उसको भगा दिए यहां से तो जिन्ना ने. कहा कि भाई तुम्हारे पास तो बहुत पैसा है।. आ जाओ यहां पे। तो कहा ठीक है आ जाते हैं।. जिन्ना ने जहाज भेजा पानी वाली जहाज।.
सरदार पटेल ने तुम्हारी संपत्ति कैसे. जाएगी बे? यहीं रहेगी। तुम्हारे बाप की. है। तो वो जूनागढ़ का नवाब केवल 1200. कुत्ता लेके गया था। उसको कुत्ता पालने का. शौक था। जिन्ना देखा माथा पीट. लिया। तो कुत्ता लेके आ रहा है यहां. पे। ना जमीन लाया ना पैसा लाया। कुत्ता. लेके आया वहां पे।. सरदार पटेल ने सरदार पटेल ने नॉर्थ इंडिया. पे उतना ध्यान नहीं दिया। कश्मीर इशू में.
सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू तो नेहरू. ज्यादा आगे इन फ्रंट पे थे और उसका सबसे. बड़ा कारण था जनरल बूचर जनरल बूचर ने कहा. कि सेनापति हमारा नहीं था। वो हमें. ब्रिटेन का था। उसने कहा कि जब तक हरी. सिंह साइन करके नहीं देंगे हम करेंगे. नहीं। हरी सिंह को नौटंकी पता नहीं किसने. दे दिया कि अपना स्विट्जरलैंड बनाएंगे।. पूरा खानदान लूट गया हर सिंह का। बता नहीं. सकते हैं इनके घर से किनको किनको उठा के. ले गए थे सब। अब हम लोग भी नहीं बोलते हैं. कि चलो भैया सबकी एक रेस्पेक्ट की बात. होती है। लास्ट में देखे ना कि कौन-कौन. रिश्तेदार तब साइन किए यहां पे सरदार पटेल.
ने तो वहां से ना भैया सरदार पटेल की बात. अलग थी। वो इंसान अगर चाह देते ना ये लाइन. मिटाने का मतलब क्या चाहिए? वो तो. पाकिस्तान वाला मिटाते अफगानिस्तान वाला. भी मिटा देते। देखते कोई नहीं देख रहा है।. नॉर्थ इंडिया और भी सेंट्रल एशिया में चल. चलते हैं। गलत हो गया उस टाइम हम लोग से।. आपको लगता है वो पीएम बनने थे। फर्स्ट. बनने तो चाहिए थे लेकिन जिंदा रहते तब ना।. यह बड़ा अजीब सी बात होती है। सरदार पटेल. जी की आकस्मिक मृत्यु 1950 में हो गई थी. और हमारे यहां पहला इलेक्शन ही हुआ 1951. में नहीं 47 के बाद ही वो तो प्रोविजनल. गवर्नमेंट थी वो तो प्रोविजनल गवर्नमेंट.
थी वो तो वायसराय के अंडर में काम कर रही. थी सेनापति मेरा नहीं वायसराय मेरा नहीं. तो हम क्या करेंगे ऐसा राजा बन के कि. जमीनें मेरे सेना नहीं है तो किसको बनना. था पहला प्रधानमंत्री जो चेंज कर देता है. इंडिया की ही उस समय जो कर सकते थे 47 में. प्रोविजनल गवर्नमेंट में उन्हीं के हाथ. में था होम मिनिस्टर के अंडर में नहीं. उसके बाद पहले इलेक्शन के टाइम पे उस. देखिए देखिए पहले इलेक्शन के टाइम पे तो. बहुत लेट हो जाता है। 47 में ही बात कर. रहे हैं क्योंकि आप बहुत लेट कर दीजिएगा. तब तो नहीं हो पाएगा। 47 में ही ये विभाजन. खत्म होना चाहिए था। हम अजीना को टीवी था.
मर गया। फिर उसके साथ ले लेते। हां वहां. पे अजीन्ना मरा था ना तो उसकी बॉडी को दो. घंटा बाद आया था सर ले जाने के लिए।. एम्बुलेंस में मर के सौड़ रहा था। मक्खी. भान बना रही थी। एम्बुलेंस का एसी नहीं चल. रहा था। और फ्यूल खत्म हो गया। सोचिए।. उसका उसका कारकेट जाना चाहिए ना तो फ्यूल. खत्म हो गया था। फिर मैसेज गया कि जिन्ना. यहां पड़ा हुआ है। ले जा भाई तू। ओके। आप. पाकिस्तान की बात कर रहे थे। मैंने आपका. एक वीडियो देखा। उसमें एक थंबनेल था।. पाकिस्तान के लोग ये वीडियो मत देखना। ये. वीडियो में क्या बताया आपने? ऐसा क्या. बताया? 1971 की वार की चर्चा थी इस वीडियो.
में और ये आई थिंक 5 साल पहले का वीडियो. 2020 के आसपास का है। हां। तो उसमें यही. बता रहे थे कि मतलब पाकिस्तान अपना किस. तरह मतलब दो साइड में लड़ाई चल रही थी। एक. थी बांग्लादेश साइड में। हम बांग्लादेश. साइड में हमारी आर्मी उसके ऊपर भारी पड़. रही थी और उसने सोचा कि भाई बांग्लादेश तो. गया मेरे हाथ से हम तो उसने पूरी अपनी. टैंक रेजीमेंट और पूरी इनफेंट्री बटालियन. लेके घुस गया राजस्थान में जिस पे. लोंगवाला की लड़ाई आपने बड़ा फेमस लड़ाई. थी मेजर कुलदीप सिंह कुलदीप सिंह चांदपुरी.
तो वो 120 जवान थे उनके सामने पूरी. इनफेंट्री बटालियन थी पूरी टैंक थी उनके. ऊपर से आर्डर थे छोड़ के हट जाओ भाई नहीं. लड़ पाओगे उनसे वो लोग नहीं हट हटे और रात. भर रोक दिया उन लोगों को। सुबह आई जहाज. मार गई। हमारी सेना के ऊपर ऑर्डर आई थी कि. हट जाओ। सुबह जो होगा देखा जाएगा।. उन्होंने कहा कि भैया सुबह तक ये तो पूरे. जोधपुर एयरवे से उड़ा देंगे सब। और उसी. लड़ाई में पाकिस्तान की सेना थी। उसको.
93,000 फौज को पाकिस्तान से मैसेज था।. हटना मत गधा कहीं का बहुत बिरयानी खिलाए. तुमको। हटना मत। वो 93,000 सरेंडर कर दिए।. 93,000 इन सब को ना चम्मच में थूक के डूब. जाना चाहिए।. तो क्यों सरेंडर कर दी? कुछ तो होगा।. लड़ने की औकात होनी चाहिए। यहां हम 120. में रोक दिए। यहां 120 में रोक दिए। सवा. लाख एक लड़ावा. क्यों इनकी नहीं है 93000 इतने बड़ी यही. तो हमें नहीं समझ में आता है। इतने कैसे. जाहिल हो सकते हैं? ये 93ाउ खत्म कर दिए।.
जबकि इनके पीछे बैक सपोर्ट था ब्रिटेन का, नाटो का, अमेरिका का सबका बैक सपोर्ट था।. हम अब ये क्या कर सकते हैं? और यह अपने यहां अभी भी कहते हैं सरेंडर. नहीं हुए थे। यही कह थे कि भाई तुम मानोगे. हो ही नहीं कि तुम्हारे यहां सरेंडर हुए. थे। तो यह बारात में घूमने आए थे 93000. इनको अमेरिका भी अपनी भेज रहा था ना शिप्स. सपोर्ट करने के लिए भेजने वाला था पहुंचने. से पहले। अमेरिका का तो आधा बेइज्जती. पाकिस्तान का करा है। उसने पैटर्न टैंक. भेजा अमेरिका ने पाकिस्तान को कि. अनविंसिबल टैंक है। इसे कोई नहीं उड़ा.
सकता है। आरसीएल गन से वीर अब्दुल भी उड़ा. दिए। अमेरिका का टैंक का ऑर्डर खत्म हो. गया। पाकिस्तान अमेरिका ने कहा कि चोट. तुमको हम नहीं देंगे। टैंक से ज्यादा. चलाने वाला मायने रखना चाहिए। अमेरिका ने. एक पनडुब्बी दिया पीएनएस गाजी नाम था।. उसका कहा कि इसको कोई नहीं डूबा सकता।. उसको हमारा एक जहाज डूबाया जो जहाज खराब. हो गया था। लंगर में था मेंटेनेंस चल रहा. था। आईएएस राजपूत मार के गिरा दिया गाजी. को। अमेरिका कहा कि तुमको हम हथियार नहीं. देंगे। तुम पूरा बेइज्जत करा के रखा है.
हमको। 1970 का जहाज था मिग 21। 1970 की. मोटरसाइकिल चलाने में डर लगेगा। उतनी. पुरानी मोटरसाइकिल चलेगा भी कि नहीं चलेगा. अजीब लगेगा। हम लोग का मिग 21 जहाज 1970. का उसमें ग्रीस मोबाइल सब खत्म है। झरझर. झरझर झरझर करता है ऐसे। दरवाजा बंद हो जाए. कि पायलट कहते भाई साहब बंद बंद हुआ कि. नहीं ऐसे नहीं भाड़ा पे टेम वो चलती है. ऐसे वहां पे वही जहाज से और पाकिस्तान का. एफ 16 मार के गिरा दिए। एफ 16 मार के गिरा. दिए। अब दुश्मन के एरिया से यूं टर्न लेके. भागना था। अब ये पुराना जहाज था। टर्न लिए.
बस वही क्रैश हो गया। अब पाकिस्तान पागल. हो गया भाई। अमेरिका ना अमेरिका को कहते. हैं भाई अच्छे लोगों को हथियार भेजो. तुम्हारी भी इज्जत बची रहेगी। एफ 16 मार. के गिरा दिया। अब पाकिस्तान कह रहा है कि. नहीं गिरा एफ 16 उसका जो विंग्स टूटा हुआ. था वो इंडिया में गिर गया। तो हमारे. एयरफोर्स वाले ये देख ये टेमो का दरवाजा. है रे। इनको ऐसा लगता है ना कि हमको लगता. है इन सब को ऐसा लगता है कि इनको फरिश्तों. से डायरेक्ट फोन नंबर रखे होंगे। सब ये. बात करते होंगे उस तरह.
से। हम लोग का चंद्रयान क्रैश कर गया। हम. होता है। हमारे वैज्ञानिकों ने पूरा कोशिश. किया था। वहां पहुंचा कि जमीन पे लैंडिंग. ठीक जगह पे नहीं हुई थी। लेकिन उसके बाद. तो हम लोग ने अच्छा कर दिया। जब क्रैश. किया था तो बहुत खुश थे सब। अरे गधों जो. पहुंच सकता है अगली बार अच्छे से पहुंच. जाएगा। अब वो पूछ रहा है सब कि क्या. करेंगे चांद पे जाके? मतलब किस किस स्कूल. कॉलेज में? हमको ना कभी-कभी लगता है कि. हमारे यहां स्कूल खराब है। कह रहा है कि.
चांद पे जाके क्या करेंगे? अरे कल को अगर. वहां यूरेनियम मिल जाता है वहां जाएंगे. यूरेनियम निकाल के लाएंगे दुनिया का सबसे. महंगा चीज रेनियम है सोना चांदी हीरा को. पूछता कौन है ये तो मतलब ये तो नॉर्मल. लोगों को लगता है कि सोना बहुत महंगा चीज. है अरे सोना मतलब क्या चीज मतलब टांग के. घूमो यहां पे यूरेनियम यूरेनियम कल को. वहां मिलेगा हम लेके आ जाएंगे और जब जब तक. इनकी टेक्नोलॉजी बनते बनते पूरा खदाड़ के. लेके आ चुके रहेंगे. दो देश एक ही टाइम पे अलग हुए थे हम एक ही. हिस्से से अलग हुए थे पाकिस्तान और इंडिया.
तो दो नहीं डेढ़ बोलिए बोलिए. दे आधा ही उसका आधा बांग्लादेश कट गया। वो. आधा देश प्रगति क्यों नहीं कर पाया? जब एक. ही टाइम पे अलग था उनमें दिक्कत क्या. है? उन सबको ना अजीब दुनिया में जा रहा है. सबको। उन लोग की दुनिया ही अलग है। हम लोग. को ना बिल्डिंग चाहिए, फैक्ट्री चाहिए, हॉस्पिटल चाहिए। ये छोटा-मोटा चीज उन सब. को थोड़ी चाहिए। सीधे ताज होटल में आएंगे, बम चलाएंगे और उसका जन्नत में जाएंगे। अरे. गधा कहीं का ऊपर वाले को सबसे ज्यादा अगर.
किसी ने बदनाम किया तो ये पाकिस्तान वालों. ने बदनाम किया। कोई इंसान कोई इंसान मेरा. नाम लेके किसी को दो तमाचा मार दे। खान सर. की जय खान सर की जय दो तमाचा मार दे। हम. फंस जाएंगे। ये अपने खुदा का नाम लेके बम. चलाते हैं। यार फंसा किसको रहे हो? तुम. बदतमीज हो। तुम बम मार रहे हो। किसी मासूम. को ले रहे हो तुम अच्छे चीज में नाम लो।. कहीं तुम परोपकार कर रहे हो। कोई हॉस्पिटल. खोल रहे हो। वहां खुदा का नाम लो। ये गलत. काम में क्यों खुदा का नाम लेते हो? फिर. क्या है कि कोई इंसान नॉर्मल नमाज़ पढ़ रहा.
है, खुदा का नाम ले रहा है। लोग उसको अंतर. नहीं समझ कर पाते हैं। अजीब हाल है ये।. कहीं 50 एंबुलेंस डोनेट कर रहे हो। तुम. नाम लो अपने भगवान का लो। अपने खुदा का. लो। सबको अच्छा काम में लो। पूरी. कम्युनिटी को नास के रखा है। क्या बोलिएगा. इसको? बट प्रॉब्लम क्या है ना? धार्मिक. चीजें बहुत ज्यादा आगे नहीं होनी चाहिए।. धार्मिक चीजों में एक चीज क्या है ना कि. वहां पर आपका धार्मिक चीजें में आप आप. उसमें ना आप लॉजिक नहीं लगाइए। जो बोला जा. रहा है चुपचाप एक्सेप्ट कर लीजिए। जो है.
वही मान लीजिए। अब जब यह बहुत ज्यादा हो. जाएगा ना समाज को इस चीज की आदत लग जाएगी. एक्सेप्ट करने की। एक पाकिस्तान के कोई. बहुत. फेमस इंटेलेक्चुअल थे वो हम तो उन्हें. उतना देखते नहीं है बट उनका एक क्लिप आया. था कोरोना के टाइम पे कि वैक्सीन मत. लगवाना। अमेरिका की वैक्सीन है। तो हमको. लगा कि भाई सुनना चाहिए भाई। पाकिस्तान का. स्कॉलर आदमी है। क्या बोल रहा है? तो हम. सुने कि क्यों? उस समय कोरोना सपोर्टर लग. रहा था। जो बोलता था आदमी क्या बोल रहा है. भाई सुन सुन सुन कह रहा है कि ये अमेरिका.
की चाल है वैक्सीन में कोई नैनो चिप रखे. हैं हम गौर वो इसके इसके हेल्प से इस. वैक्सीन के हेल्प से हमारी दिमाग को. कंट्रोल करेंगे हमारी दिमाग चुरा लेंगे हम. कह रहे हैं भाई अमेरिका को अगर दिमाग. चुराना है तुम गधों का दिमाग चुराएंगे. नाड़ा बांधने के अलावा आता क्या है तुम. लोग को क्या बेवकूफी चल रही है इन सब की. अलग टाइप का मतलब इनको देखते तो हमें भी. लगता लगता है हमारा एजुकेशन सिस्टम ठीक. है। चलो भाई कोई शिकायत नहीं है इंडिया. से। कोई बहुत अच्छा चल रहा है। इंडिया.
एकदम ठीक-ठाक चल रहा है। जिसने भी लाया है. अलग-अलग प्रधानंत्रियों का योगदान है। कम. से कम वो इसे तो भसड़ नहीं मचाया ऐसा जैसे. उन्होंने कर दिया। बट वहां पे लगता है कि. आर्मी की वजह से दिक्कत है। क्योंकि आर्मी. कंट्रोल करती है। आर्मी ही बनाती है. प्राइम मिनिस्टर। आर्मी ही हटा देती है।. जो प्राइम मिनिस्टर बनता है वो जेल चले. जाता है। पाकिस्तान के पास आर्मी नहीं है।. नहीं। पाकिस्तान के पाकिस्तान के पास. आर्मी नहीं है। आर्मी के पास पाकिस्तान. है। ईद के टाइम पर देख रहे थे ईद में उसका. जनरल जो था सेना का जनरल पूरे शहर में.
पोस्टर लगाया हुआ है। ईद मुबारक अब फोटो. लगा जैसे अपने यहां नेताओं का कैसे फोटो. लगता है? शुभकामना नव वर्ष की शुभकामना ईद मुबारक. होली की शुभकामना। वैसे सेनापति अपना पूरे. शहर में लगवाया हुआ है। क्या इंडिया में. लगा सकते हैं? क्या हाल है वहां पे. पाकिस्तान वाले? उसका सबसे बड़ा कारण क्या. था कि. जिन्ना ने देश लिया उससे ज्यादा खतरनाक था. कि जिस तरीके से उसने देश लिया हम और जब. देश आजाद हो गया मतलब विभाजन हो गया तो.
मुस्लिम लीग ने कहा कि हम हमें अपना मुल्क. मिल गया तो उसने डांटा था मुस्लिम लीग को. और कहा था कि इतिहास याद रखिएगा मुस्लिम. लीग ने देश अलग नहीं किया जिन्ना के ताकत. से देश अलग हुआ. ये उसकी ताकत और गुजरातियों को अंडर. एस्टीमेट नहीं करना चाहिए जिन्ना भी. गुजरात गुजरात के थे भाई बहुत तेज दिमाग. के होते जीना भाई ठक्कर मतलब वो ठक्कर. जाति से मुस्लिम नहीं था जिन्ना उसके. दादाजी मुस्लिम नहीं थे जेना भाई ठक्कर थे. ठक्कर जाति से तो उन्होंने ना मछली का.
व्यापार करते थे तो शाकाहारी लोगों ने. उन्हें बाहर कर दिया भागो यहां से तुम ये. मछली कराची में सिख तो मुंजा भाई ठक्कर. मुंजा भाई ठक्कर का बेटा हुआ जेना भाई. ठक्कर और जेना भाई ठक्कर का बेटा हुआ. मोहम्मद अली जिन्ना और यह इस्लाम धर्म. अपनाया था और उसके बाद से ये कांड कर दिया. तो अगर जिन्ना को हम लोग एलिमिनेट कर देते. ना तो पाकिस्तान बनता ही नहीं। नाथूराम. गोट से हमको लगता है इसने किसी ने गलत. सुपारी दे दी थी। फोटो दिखाने में गलत कर. दिया। मारना है इसको मार दिए उसको जाके।. भाई मारना था तो जिन्ना को मार देते यार।.
हम लोग तो बदनसीब थे भैया। हम लोग तो अभी. जन्म लिए हैं। आजादी के समय हम लोग नहीं. थे। बट इनफैक्ट एक कॉमन सेंस भी रहता। अगर. हमें ही मारना रहता तो भाई हम गांधी को. क्यों मारे? 80 साल का बूढा तेज धकेल. देंगे तो मर जाएगा इंसान। उसको मार दिया।. कितना बेशर्मी का बात है यहां पे। जिन्ना. को मार भाई सारा बवाल खत्म हो जाएगा यार. वही ना मचा रहा है यहां पे आप उस. आईडियोलॉजी के नहीं हो जहां पे लोग डिबेट. करते हैं ना कि गांधी जी ने ऐसा किया. गांधी जी ने ऐसा किया क्या कहां कौन से. प्रस्ताव में गांधी ने लाया देश का विभाजन.
हुआ सीआर फार्मूला चक्रवर्ती. राजगोपालाचारी लास्ट में थे सरदार पटेल ने. भी सहमति उस समय थी जवाहरलाल नेहरू की भी. सहमति थी सब की थी कारण क्या था जिन्ना था. सिंपल सा कारण उसका जिन्ना था जब जिन्ना. को लग गया और 1945 में शिमला सम्मेलन. उसमें जिन्ना की बात ही नहीं मानी गई 1945. में और वहां कांग्रेस में बोला गया तो. इसने मोहम्मद अबुल कलाम आजाद गए वहां पे. तो 1945 में शिमला सम्मेलन में जिन्ना को. लग गया कि ये लोग ना आजादी देने वाले हैं.
ना देश का विभाजन करने वाले हैं। ये लोग. बस आजादी देके चले जाएंगे। तो जिन्ना ने. उसके एक साल बाद 16 अगस्त 1946 को ओपन. बोला था डायरेक्ट एक्शन प्लान दंगा फैला. दिया। हर घर में दंगा हर शहर में होने. लगा। हर शहर में होने लगा। जिन्ना को मारो. खत्म कहानी। ये सिंपल सी बात बताते हैं।. जिन्ना को मार देते तो कौन इंसान आता. आजादी की मांग करने के लिए? कौन था? कोई. नहीं। जिन्ना को पूछता कौन है? विप्रो. कंपनी के मालिक है ना अजीम प्रेम जी। हम. विप्रो उन्हीं की है। हम अजीम प्रेम जी के.
पिताजी थे मोहम्मद प्रेम जी। उनको जिन्ना. ने ऑफर दिया कि आप क्या करें वो. हिंदुस्तान में? ये आपका मुल्क है. पाकिस्तान।. यहां आइए हम आपको वित्त मंत्री बना देते. हैं। हम फोन काट दिया रख देश बनाया यहां. पर इस इंसान ने ठुकरा दिया। ₹2 करोड़ दान. देते हैं विप्रो से हमारे रतन टाटा साहब. ये लोग देश के लिए हीरा हैं ये लोग तो अलग. टाइप का था। जिन्ना नहीं रहता तो विभाजन. कभी नहीं होता। अच्छा उसके बाद भी वो लोग.
क्या कर रहे थे जो विभाजन को स्वीकार कर. लिए? बाकी. लोग इसका मतलब आप यह मानते हैं कि वह 80. साल का बुड्ढा जो चल नहीं सकता था जिसको. दो इंसान उठा के ले जाते थे उसमें इतनी. ताकत थी और आपके नौजवानों में कोई ताकत. नहीं थी। दोनों बात आप एक साथ नहीं बोल. सकते तो आप इसको एक्सेप्ट कीजिए। एक और आप. कहते हैं कि सारे नेता का योगदान है। एक. और कहते हैं यही अकेले सब कुछ कर दिया।. आजादी की श्रेय में यहां एक कोई किसी को.
दान देता है 2 किलो अनाज केला फल देता है. ना तो चार ठो फोटो खिंचवाता है। एक कोई घर. बनवाता है तो 10 फोटो खिंचवाता है। इंडिया. मैच जीत जाती है तो लोग फोटो खिंचवाने के. लिए लाइन लग जाती है। देश जब आजाद हुआ ना. तो सारे लोग जश्न मनाने दिल्ली में थे।. गांधी उस समय नवाखली में एक दंगे को. कंट्रोल करने वाले थे। और उस तब लॉर्ड. माउंटबेटन ने देखा ना कहा कि दंगा कंट्रोल. नहीं हो सकता है। तब गांधी जी पहुंचे दंगा. कंट्रोल कर दिया। तो लॉर्ड माउंटबेटन ने. कहा एक अकेला आर्मी है वो वन मैन आर्मी.
क्या बात कर सकते हैं उसको गांधी को? और ये गांधी को गाली दे सकते हैं लोग ना।. इसीलिए कि देश गांधी का है। यह देश गांधी. का है। वरना पाकिस्तान में रह के जिन्ना. को गाली देंगे मार देता सब।. वो बोल भी पा रहे हैं और हमको एक चीज बड़ा. अब सत्य लगता है। उस समय नहीं लगता था।. आइंस्टीन ने कहा था कि आने वाले 100 200. सालों में कोई बिलीव भी नहीं करेगा कि ऐसे. हाड़ मांस का शरीर वाला इंसान भी भारत में. था। उसको पहले से आभास था आइंस्टीन को कि.
लोगों की मेंटालिटी अभी तो 100 साल भी. नहीं बीता है। लोग गालियां देना चालू कर. दिए। गांधी जी का फोटो नोट पे क्यों है? व्हाई डू यू थिंक? मतलब हर देश में जो. फोटो होती है वह एक ऐसे इंसान की होती है. जो एक लंबे समय तक देश को नेतृत्व संभाला. हो एक मुश्किल दौर में लंबे समय तक कई बार. आप देखिएगा ना मैच में कोई ऐसा इंसान मैच. जीताता है ना ज्यादा रन नहीं मारा है. लेकिन मुश्किल दौर पर विकेट को बचा के रखा. था तो गांधी वही खिलाड़ी था मुश्किल दौर.
में बचा के रखा था वर्ल्ड वॉर वन के बाद. उन्होंने जो संभाला यहां पे और गांधी. गांधी रहता तो मुस्लिम लीग बना कहीं नहीं. रहता। 1906 में ये क्या कर रहे थे? 1916. में जब कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच. लखनऊ में समझौता हुआ तो सरदार ये बाल. गंगाधर तिलक जी थे वहां पे। उनके उपस्थिति. में समझौता हुआ। वहां पे एनी बेसेंट थी. लखनऊ समझौता में। होने ही नहीं देना चाहिए. था। उसी समय अब जड़ मसल के खत्म कर देते।. मुस्लिम लीग बनता ही नहीं तो मांगता कौन. जिन्ना? अपने पैरेलल एक संगठन बना दिया।.
1909 में मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन. क्षेत्र घोषित कर दिए। कौन पागल था? उस. समय उसको नहीं पता था कि आप एक एरिया अलग. दे रहे हैं। कल को वो देश बना लेगा। यही. चीज जब 1932 में इंग्लैंड में रमजे. मैकडोनल करना चाहता था। महात्मा गांधी. वहां गए और टेबल पर मीटिंग चल रही थी।. राजा बैठा था। प्रधानमंत्री बैठे थे।. गांधी उठ के चले आए। और जब यहां आए तो. लोगों ने पूछा कि क्या आए हैं? तो. उन्होंने कहा कि मैं खाली हाथ आया हूं.
लेकिन देश के इज्जत पर बट्टा लगने नहीं. दिया हूं। और 1909 में जब पृथक निर्वाचन. दिया जा रहा था तो उस समय कौन गुनहगार. था? खैर जो ना गांधी को जान रहा है ना नेशनल. फ्रीडम स्ट्रगल पढ़ा नहीं वो भाषण देगा तो. उसको क्या सुन सकते हैं? और सवाल उठाने वाले बहुत लोग हैं बिना. पढ़े लिखे। सवाल तो लोग सीता मैया पे उठा. दिए थे। तो गांधी जी क्या है? तो गांधी और. हम और आप क्या चीज है? इस समाज का उसूल.
है। जो इस समाज को उठाएगा समाज उसको मार. देगा। चाहे महात्मा बुद्ध को जहर देना हुआ. हो, चाहे अब्राहम लिंकन को मारना हुआ हो, चाहे सुकरात को हो, चाहे ईसा मसीह को सूली. पर चढ़ाना हो या फिर इमाम हुसैन को का. कत्ल करना हो या फिर गांधी को गोली मारना. हो या सीता मैया को अग्नि परीक्षा पर. बैठाना हो। ये समाज उसी को उंगली उठाता है. जो इसे सहता है। ये सब मामले में कृष्ण जी. ठीक थे।. ये सब मामले में सबसे ठीकठाक है। दुर्योधन. ज्यादा.
नहीं। क्यों ठीक थे सबसे ऐसे ये सब एक. उनके लिए एक फिक्स था कि भाई एक लिमिट से. ज्यादा कूदोगे तो काम खत्म कर देंगे। इतना. नहीं यहां पे कि कर्ण रथ से नीचे उतर गया. था। मारिए इसको तो काहे भाई इंसानियत जब. द्रोपदी का चर चरहड़ हो रहा था तो इनका. इंसानियत मर गया था। टिट फॉर टाइट ये सब. चीजों में ठीक थे।. आप कौन से किसको फॉलो करते हैं? हम सबको. सबको सब यहां एक इंसान जिस मोहल्ले में. रहता है सबसे संपर्क बना के रखता है वो.
पुलिस वाला है पोस्ट ऑफिस में टीचर है ये. आईएएस है एक जज है और संपर्क बना के रखता. है बड़ा खुश होता है तो फिर इतने. बड़े-बड़े भगवान से क्यों बैर लेना भाई. सबसे मिलजुल के रहो कोई दिक्कत कभी आएगी. तो खुल के बोल सकते हो और क्या ये बताइए. अगर कोई क्रिश्चियन है वो वाहेगुरु से कहे. कि हमारी मुसीबत में आप मेरी मुसीबत है. हमें इस मुसीबत से निकालिए तो क्या कहेंगे. तुम क्रिश्चियन है। इंसानियत सबसे बड़ा. होना चाहिए। सर्वोपरि अभी देखा जो जो बिल. के ऊपर बात हो रही है व बोर्ड बिल वो क्या.
है? क्या है ना कि रिलीजियस चीजें जो होती. है ना अब जैसे सीए एनआरसी आया था ना हम. ऐसा लग रहा था कि दुनिया पलट जाएगा तो ये. हो जाएगा तो वो हो जाएगा देश के लिए ये वो. पता नहीं क्या हुआ पता ही नहीं चलता कुछ. आपको मतलब. कुछ जीएसटी आने वाला था तो इससे देश का. विकास हो जाएगा ये हो जाएगा वो मीडिया में. जो हवाबाजी चलती है उसको रियलिटी से बहुत. अंतर होता है नोट बदल देंगे तो आतंकवादी. का कमर टूट जाएगा सुसरा उसके बाद पुलवामा. हुआ.
था बताइए इतना भयानक चलती सड़क पे बम से. उड़ा दिया। पठानकोट हमला हो गया यहां पर।. तो जो मीडिया मीडिया बाजी एक अलग चीज है।. ऑन ग्राउंड रियलिटी अलग चीज है। यूसीसी. है, समान सिविल संहिता ऐसा लग रहा है कि. भारत सिंगापुर हो जाएगा। क्या हो जाएगा. उसमें? एक तो शादी ब्याह का रूल होगा कि. भाई आप डिवोर्स देने का तरीका बदलेगा।. डिवोर्स नहीं खत्म होने तरीका बदलने वाला. है कि आप कोर्ट से जाके डिवोर्स लीजिए।. सारे धर्मों के लिए एक जैसा हो जाएगा।. वसीयत का होगा कि भाई बेटा का अधिकार है. तो बेटी का भी अधिकार है। लेकिन ऐसा.
देखिएगा यूसीसी में ऐसा लगेगा कि नहीं अब. इंडिया में सबको सब लोग सिंगापुर हो. जाएंगे ये हो जाएंगे। ये रिलीजियस चीजें. मेन मुद्दों से काश अगर ये सब चीजें नहीं. होती तो आज हमारे मीडिया में क्या चल रहा. होता? हेल्थ सिस्टम अच्छा करो। लड़कियों. को एजुकेशन क्यों नहीं दे रहे हैं? फिल्मों में लड़कियों को क्या दिखा रहा है. कि उनकी जिंदगी किसी पुरुष पर डिपेंडेंट. है। पुष्पा मूवी में मस्त पुष्पा बेचारी. श्रीव्ली खाना बनाने के लिए है। एक. लड़कियों पे क्या इफेक्ट पड़ रहा है? किसी. भी फिल्म में लड़कियों की स्थिति हीरोइन. की स्थिति कौन ठीक कर रहा है? पुरुष चाहे.
केजीएफ हो बेचारी को गोली लग जा रहा है।. कुछ नहीं कर पा रही है। यही देखो सब कुछ।. कभी इस पे आवाज उठाएंगी ना कि भाई हम लोग. को क्या दिखा रहे हो? क्या हम लोग किसी. काम के नहीं? बस खाना बनाने के लिए डांस. करने के लिए है। फिल्मों में यही ना दिखा. रहा है। तो ये मुद्दों से भटकाने के लिए. अच्छी चीजें होती हैं। ये सब चीज़ आसान. रास्ता है। इन सब चीजों के अलावा भी. इंडिया में हमारे पास बहुत सारी दिक्कतें. हैं। बहुत सारे अभी तक फ्लॉ लाखों समस्या. हैं। पर एक चीज है जो बढ़ते जा रही है वो. है अपने देश का स्टेटस। देश की प्रगति तो. हो रही है। पिछले 10 सालों में देश काफी.
आगे बढ़ा है। तो आज आपको क्या लगता है. इंडिया की ग्लोबल लेवल पे स्टैंडिंग क्या. है? ये इसमें कोई दो राय नहीं है कि कई. लोग क्या होता है ना कि कई बार हम लोग ना. सिस्टम के खिलाफ बोलते बोलते समझ में नहीं. आता है। केवल चीजें खराब ही नहीं हुई।. बहुत सारी चीजें अच्छी हुई। स्पेस. टेक्नोलॉजी में हम बहुत आगे निकल गए। बहुत. मतलब वैसे अगर सबरीज सेक्टर में डिप. मिसाइल टेक्नोलॉजी में हम बहुत आ गए हैं।. एयरक्राफ्ट में चौपट हो गए यहां पे। लेकिन. उसी तरह से हम देखेंगे ग्लोबली हम बहुत. पावरफुल हो गए। यूरोप में अमेरिका में अब.
हम आंख में आंख मिला के देखते हैं। बट. पड़ोस में हम लोग गड़बड़ हो गए। इसका. उल्टा अटल बिहारी वाजपेयी के टाइम पर हम. पड़ोस में ताकतवर थे घुस के मारे थे. कारगिल में चिल्लाते रह गए थे अमेरिका तो. कई बार क्या होता है ना कि हम जब दूर. फोकस्ड करते हैं तो प्रॉब्लम ये है पास. वाली नहीं दिखती है पास फोकस करो तो दूर. वाली नहीं दिखती है इसके लिए क्या होना. चाहिए आपके बहुत सारे ऐसे ताकतवर होने. चाहिए कि जब आप दूर देख रहे हैं तो आपका. सहयोगी पास में दिखे तो इकोनॉमिकल उस तरह. नहीं है लेकिन नो डाउट फॉरेन पॉलिसी में. बहुत सुधार हुआ है बहुत लेकिन ये जो.
छोटकानंद देशवा है समझो जैसे श्रीलंका हो. गया बांग्लादेश हो गया इ बांग्लादेश. बांग्लादेश है ना हमारा चिकन नेक पतला है।. अरे भाई साहब 20 कि.मी. बस भारत को बढ़ने. की जरूरत है। 20 कि.मी. अगर त्रिपुरा को. नीचे आइएगा ना तो त्रिपुरा समुंदर से जुड़. जाएगा। काम खत्म। सेवन सिस्टर को बंदरगाह. मिल. गया। 20 कि.मी. बांग्लादेश से नहीं बढ़. सकते हैं तो क्या बढ़ सकते हैं? ऑप्शन है. हमारे पास। सरकार नहीं है। बढ़ गए। वापस. देंगे। जब सरकार आएगी तब वापस कब? शेख. हसीना आ गई तो वैसे भी पॉजिटिव हो गया।. नहीं आए तो भी पॉजिटिव हो गया। कुल.
पंचायती कलम खूटा गाड़ बम।. 20 कि.मी. घुस जाए श्रीलंका काम खत्म। वो. श्रीलंका कह रहे हैं त्रिपुरा हो गया।. कॉक्स बाजार सब हम लोग का हो जाएगा। अब. उसका बांग्लादेश चिल्लाएगा फिर समझौता. कराएंगे उस पे लिखो तभी देंगे जब तुम. हमारे किसी शत्रु देश को या किसी विदेशी. देश को यहां नौसेना का अड्डा नहीं दोगे. तब। ऐसे छोड़ देंगे तो कुछ भी कर देगा। जा. के मोहम्मद यूनुस बोलता है चाइना में कि. नॉर्थ ईस्ट के पास अपना समुंदर नहीं है।. अरे बाप रे बाप। काश ये धार्मिक मुद्दे.
भारत में नहीं होते ना। आज चिकन नेक जो 26. किलोमीटर हम कर रहे हैं उसमें क्या जाता. है उसको 50 किलोमीटर घुस जाए बांग्लादेश. में चाइना कैसे गया तिब्बत लेके सद्दाम. हुसैन पे कैसे अमेरिका ने हमला कर दिया. अफगानिस्तान में क्या किया पुतिन ने क्या. किया कहां गया पर हम कहते हैं भारत की. शुरू से कभी फिलॉसफी नहीं रही है दूसरी. जगह जाके दूसरा देश बांग्लादेश मेरा है. दूसरा कहां है फिलॉसफी को ये क्या मतलब.
बनता है फिलो हम अपनी फिलॉसफी भूल गए. हमारा है बांग्लादेश पूरा भी ले ले तो अप. कोई अपराध नहीं होगा ये बात तो हम हम लोग. मंदिर मस्जिद में कह सकते हैं कसम खा के. कह सकते हैं हमारा जमीन है हमारा पर्स गिर. गया है हमारी बस आगे निकल गई तो लौट के. आके हम नहीं उठाएंगे क्या कि हमारी. फिलॉसफी हम नहीं उठा बंगला मेरा है अब. अधिकार बनता है हमारा था अब तो एक. स्वतंत्र देश है वो अलग है अब थोड़ी अब. अलग पहले कर सकते थे दादा है हम लोग. बांग्लादेश के बाप हैं पाकिस्तान के तो.
दादा बूढ़ा हो जाता है तो क्या अपना अपना. हक खो देता. है। सब चलता है। इंटरनेशनल रिलेशन में कोई. मायने नहीं। सब चलता है। यहां पे अगर राजा. लड़ना छोड़ दे ना राजा का पतन हो जाता है।. अशोक सम्राट कलिंग की लड़ाई में के बाद. उसने लड़ना छोड़ दिया। जो हम जिस बिहार से. आ रहे हैं ना उसका नाम मगध था। वो. म्यांमार से शुरू होता था। तुर्की तक जाता. था। ये बीच में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, तुर्की सब अर्दगान, अर्दगान कूद रहा.
है। ये सब हम लोग के अंडर में कहीं कोई. ठेकेदार होगा। सब पुलिस बना रहे तुम यहां. पे रास्ता बना अशोक आने वाला यहां पे माला. वाला छिड़कना यहां पे यहां पे चंद्रगुप्त. मौर हमारे यहां का राजा था। हमारे कोचिंग. के बगल में उसका घर था। कुमरार एक जगह है।. वहीं रहता था। वो पाकिस्तान और. अफगानिस्तान का उस समय नाम एरिया. अराकोसिया, जेड्रोसिया और पेरिस पेनिमिया. ही था। उसको पाकिस्तान और अफगानिस्तान को. दहेज में लिया था। चंद्रगुप्त मौर्य।. लेकिन हुआ क्या? उसका पोता यानी. चंद्रगुप्त और बिंदुसार उसके अशोक लड़ना.
छोड़ दिया। वह मगध धीरे-धीरे छोटा होते. होते आज बिहार बचा है। जिस मगध यानी जिस. बिहार के आगे सिकंदर लौट के गया था ना जिस. बिहार को कोई जीत नहीं सका था मगध को ना. पूरे अखंड भारत को जिस पटना से संभाला. जाता था ना केवल उसके तलवार छोड़ने की वजह. से आज पटना ना मजदूरों की राजधानी हो गई।. पूरे बिहार से सबसे ज्यादा लेबर हमारे. यहां आते। भाई लड़ना नहीं छोड़ना चाहिए।. अमेरिका पागल है जो 800 अरब डॉलर अपने. इकॉनमी पर खर्च डिफेंस बजट पर खर्च कर रहा.
है। भाई हम कहां हम जबरदस्ती मार रहे हैं।. वो धमकी दे रहा है तुम्हारा चिकन नेक पतला. है। हम चौड़ा कर देंगे. इसे। उधर नेपाल नक्शा अलग दिखा रहा है।. नेपाल का हेल्थ सिस्टम हमारे दम पे चल रहा. है। तुम पॉलिटिक्स के चक्कर में कुछ भी. करोगे। कभी नहीं करेंगे। एक गांव में. देखिएगा ना चौराहे पे कोई शरीफ कुत्ता. होता है ना बेचारा टहलते हुए जाता है तो. कोई ईंटा चला देता है वही जब वही कुतवा जब. पागल हो जाता है ना तो लोग शटर बंद करे.
पागला है काट वट लेगा तो थोड़ा डर भी. जरूरी होना चाहिए खौफ होना चाहिए खौफ होना. चाहिए कुत्ते से याद आया आपने एक वीडियो. बनाया था पाकिस्तान और उसको कंपेयर करा था. कि कुत्ता जैसा दिखता ही है तो हम क्या. करें पाकिस्तान आप दिखाइएगा ना पाकिस्तान. का नक्शा कुत्ता जैसा दिखता ही है तो हम. क्या करें. देखिए दोनों का नक्शा एकदम उधर पाकिस्तान. का नक्शा इधर कुत्ता बना हुआ है एकदम. एग्जैक्ट दिखता है वो कुत्ते की बेइज्जती. है सच में कुत्ता की बेइज्जती है.
पाकिस्तान वफादार नहीं है देखिए उसको क्या. कहिएगा आप वहां पे जहां पर मलाला को केवल. इसलिए मार दिया गया कि वो पढ़ने के लिए. बोल रही थी अजब अजब पागल है सब वहां पे. कहता है सब ना कि महिला डॉक्टर से दिखाएगी. अगर महिला पुरुष उस डॉक्टर से दिखा दी तो. गोली मार देंगे। चल भाई तुम्हारा देश है।. अब महिला स्कूल में जाता है कि महिला पांच. तक पढ़ेगी। पांच से ज्यादा पढ़ना नहीं. चाहिए। पढ़ ली तो गोली मार देंगे। अरे बैल.
कहीं का तुम इधर पांच से ज्यादा उसको. पढ़ने नहीं दिया तो डॉक्टर कहां से बनेगी? इधर पुरुष के पास दिखाने जाएंगे तो मार. देंगे। क्या पागलपन? पाकिस्तान नहीं ये तो. अफगानिस्तान में है। दोनों में क्या अंतर. है? ट्रेन हाईजैक हो रही है उस देश में। आप. सोचिए ट्रेन हाईजैक हो रही है। कितने आए. होंगे सब ए बंदूक लेके कितना टहल रहा हो ए. दरवाजा बंद कर। ए तू खिड़की से मत देख. खिड़की बंद. कर। ट्रेन हाईजैक हो रही है सोच सकते हैं. आप। कितना बड़ा एरिया पे कब्जा किए होंगे.
सब। अगर आपको प्राइम मिनिस्टर बना है. पाकिस्तान का। अरे डूबते जहाज का कप्तान. बना रहे. हो। तो क्या करोगे? क्या? जल्दी डूबाएंगे।. जल्दी डूब जा।. फिर इसका मालिक भारत कहेंगे ले जा यार. दोबारा सही कर यार इसको दूसरा कोई रास्ता. नहीं है उसको सीधा करने का. क्या चेंज कर.
उसका देश ही चेंज. करेंगे पूरा देश चेंज वो सही नहीं हो सकता. है ना अब आप कहिएगा कि जैसे हमारा थोड़ा. कपड़ा फट गया तो हम सिल सकते हैं ना अब आप. हमको मच्छरदानी उठा के दीजिएगा. यार पूरा छेद है यार उसमें कहां से बंद. करेंगे यार वैसे जो प्रधानमंत्री बनता है. जेल चले आता. ये गया बेवकूफी के चक्कर में मेरा. चाचा मेरा चाचा.
इमरान इमरान. का इसको ना एक एक महिला मिली जिसको लोगों. ने कहा कि बड़ा अच्छा इसका लक्षण है मतलब. इसके जो मतलब ये बड़ा ज्ञानी टाइप. है और. एस्ट्रोलॉजिकल इससे तुम शादी दो देश गया. सब इसमें दो प्रधानमंत्री गया एक श्रीलंका. वाला भी गया था एक यह भी गया था तो इसको. कहा गया ना इससे शादी कर लो इलेक्शन जीत. जाओगे हम इसने शादी कर लिया बट ना शादी.
उसको वो पहले से शादीशुदा थी तो उसको. डिवोर्स दिया डिवोर्स देने के बाद ना लगभग. तीन मंथ के लिए छोड़ दिया मतलब दूसरी शादी. तब तक के लिए नहीं कर सकते हैं वहां पे. उसको एक टेक्निकल नाम होता है इदत टाइम. बोलते हैं उसका एग्जैक्टली लगभग तीन मंथ. नहीं शादी करना होता है। इसने क्या किया. ना वो इद्दत का टाइम नहीं छोड़ा। बीच में. ब्याह कर लिया 64 साल के ऐज में. इमरान खान हां उसीलिए जेल गया इस्लामिक. रूल के हिसाब से आपने टाइमिंग तो देना. चाहिए ना.
उस बुड्ढा हो के तीसरा की चौथा शादी किया।. क्या जरूरत थी बेवकूफी करने की इसको? और. उसको ना जब कोर्ट में पेश कर रहा था सब तो. उसको कोई गोली ना मार दे उसको बुलेट प्रूफ. पहनाया था सब और सर पे कोई गोली ना मार दे. तो बाल्टी उड़ा के ले गया था स्टील का. बाल्टी पहना के ले गया था कि इसको मार. दिया पाकिस्तान के जितने प्राइम मिनिस्टर. हुए ना उसमें ये थोड़ा सुलझा हुआ है. सेक्सुअल रीज़न भी क्या है ये क्रिकेटर रहा. है तो क्रिकेटर लोग क्या होता है ना कि. बहुत जगहों पे मिले होते हैं बहुत सारे.
देशों में मिले होते हैं इंडिया कई बार. खेलने आया इंडियन लोगों से मिला तो लगाव. है इस बंदे को लगा है कि इसको ये नहीं. बाकी सबको कुछ पता नहीं होता है उन सब को. उठते वहां का वो डिफेंस मिनिस्टर कह रहा. था पाकिस्तान का कि हम भारत के ऊपर. टैक्टिकल परमाणु बम मारेंगे और मुसलमानों. को बचा के मतलब परमाणु बम ये पता चलेगा वो. मुस्लिम हो तो नहीं फटेंगे हम अरे चोटा. कहीं का जब हम इस देश में जिसके साथ जिए. हैं जिसके साथ हम ईद मनाए हैं जिसके साथ. हमने होली खेली है जिसके यहां दिवाली में.
जाके मिठाई खिलाए हैं नहीं खिलाया है तो. आदमी टोक दिया है कि तुम्हारा मिठाई नहीं. खिलाएगा इस बार जिए किए हैं उसके साथ तो. मरेंगे भी उसी के साथ। तुम्हारे मेहरबानी. से नहीं रहे हैं। बम रही बात बम तो तुम. अपने यहां बचा लो। मस्जिद में तो छोड़ा सब. नहीं बम फोड़ने के लिए। मस्जिद बम फोड़ने. की जगह है। वहां भी फोड़ दिया सर। और कह. रहा है टैक्टिकल परमाणु बम मारेंगे।. टैक्टिकल बम उसे बोलते हैं जो ज्यादा दूर. नहीं जाता है। पास के लिए होता है। तो. मतलब अब तुम अपने देश में बैठ के टैक्टिकल. परमाणु बम मारोगे तो देश में तुम्हारे ही. देश में फटेगा। मतलब वो उसका उसका डिफेंस.
मिनिस्टर कह रहा है। हम अपने देश से अरे. परमाणु बम स्ट्रेटेजिक होता है जो दूर तक. मारता है। टैक्टिकल का बताया कि फंस गए हम. यहां पर और उसकी ना कोई सेना घुस गई है या. उसकी छावनी है तो मारा वहां पे थोड़ी दूर. के लिए तबाही कर दिया तो या तो उसको. टैक्टिकल का पता नहीं है या तो उसका. परमाणु बम भी टैक्टिकल ही. है परमाणु बम का ही बेइज्जती कर रहा है. सर परमाणु बम एक स्ट्रेटेजिक बम है हमारे. देश में उसको हेल्थ थल सेना नहीं उसका एक.
ब्रांच है स्ट्रेटेजिक कमांड वो संभालती. है उसको इसको भी टैक्टिकल कर रहा है।. बताइए इसको क्या बोला जाए? तो आप बने. कैसे? आपने कैसे स्टार्ट किया? आप ये सब. करना कब शुरू किया? हम लोग तो सब टीचर. बनना ही नहीं था। हम लोग को लोग 10थ पास. किए थे लोग तो घर की स्थिति समझ गए थे कि. इंटर कर लेंगे। उसके कुछ ना कुछ काम सीखना. पड़ेगा। जहां हम रहते थे उसका किराया था. ₹1500 और हमको हमेशा सोचना इसको ₹1500.
रेंट देना है। कहां से देंगे? और मेस में. जहां हम खाना खाते थे उसका रेंट था 1400. उसका मेस का चार्ज था 1400 और दो टाइम. खाना आता है टिफिन से तो ये बड़ा समस्या. रहता था क्या करें हम तो जिसके मकान में. रहते थे ना उनके. चार बाल बच्चे थे स्कूल वाले थे कोई सेवंथ. में था कोई नाइन 10थ में था ऐसे चार पांच. थे तो हम कहे कि देखिए ना बड़ा समस्या है. इनको दे दीजिए हम पढ़ाने हम हम पढ़ा देंगे. यहां पे तो उन चार बच्चों को पढ़ाए तो चार.
में से तीन को पढ़ाना था। एक नानी के यहां. कहीं रहता था हम तो उनको पढ़ाना चालू किए।. उनका रैंकिंग वंकिंग खराब आता था। हम. सुधरने लगा। तो तीन बच्चों को पढ़ाने के. लिए हम ये उम्मीद कर रहे थे कि वो ₹1500. देंगे ताकि मेरा रेंट क्योंकि उन्हीं के. मकान में रहता है। बट उन्होंने ₹800 दिया।. हम कहे याद क्या आदमी है यार। हम कहे कि. भाई एक और कोचिंग पकड़नी पड़ेगी। एक और. ट्यूशन पकड़ना पड़ेगा। तो ताकि निकल सके।. तो एक और ट्यूशन पकड़े। वहां से000 आ गए.
तब थोड़ा सा टेंशन फ्री हुआ कि बाप रे बाप. खाना पीना हो गया दिमाग काम करेगा तो ऐसे. चलता था छ महीना हुआ तो एक कोचिंग थी जहां. के एक टीचर थे बहुत अच्छे टीचर थे बट उनका. कहीं जॉब हो गया गवर्नमेंट जॉब केरला साइड. चले गए हम तो वहां के बच्चों ने हंगामा. किया कि हम दूसरे टीचर से नहीं पढ़ेंगे तो. उस उन्होंने कई टीचर्स को लगाया दो-तीन. दिन ट्रायल देते थे लोग फिर खत्म कर देते. थे कोचिंग भी बेचारी परेशान हो गई और वहां. पे भी जो बच्चे जहां वहां पे 200 300 थे.
चार पांच बच्चे बच गए सब क्योंकि कोई भी. अच्छा टीचर जाएगा तो अच्छे टीचर थे चले गए. मेरा एक दोस्त था हेमंत जो वहां ऑलरेडी. इंग्लिश पढ़ा रहा था हम और कहा कि भाई. वहां एक जीएस का टीचर की कमी है चलोगे. जीएस जीएस जनरल स्टडीज ओके हम कहा चलो भाई. हमको क्या जाता है तो कई कोचिंग थे साथ. में तो हम एक दो कोचिंग में पढ़ाने लगे तो. एक घंटे का. ₹20 तो एक घंटा पढ़ाएंगे तो ₹20 होते हैं।.
तो कोचिंग तीन तरह से होती है। या तो आपको. घंटे पे पढ़ाने को मिलेगा या तो आपको. कोर्स पढ़ाने को मिलेगा या मंथली मिलेगी।. तो जो अच्छे टीचर होते हैं उनको मंथली. मिलती थी। और जो मिडिल लेवल के थे उनको. कोर्स खत्म करने में पूरा खत्म कीजिए। अब. आप दो घंटे दो महीने में खत्म कीजिए या छ. महीने में खत्म कीजिए। से मतलब नहीं है और. जो नॉर्मल थे घंटे पे तो हम लोग घंटे पे. गए पढ़ाने के लिए तो पढ़ाए तो बच्चों सबको. ठीक लगा तो धीरे-धीरे चार से 10 20 50 100.
एक हफ्ते के अंदर-अंदर पूरा क्लास भर गया।. आपने कहां से पढ़ाई करी है? हम तो अलग-अलग. मतलब कभी मतलब बीएससी किए हैं। बीएससी. करने के बाद फिर एमए कर लिए ज्योग्राफी. से। उसके बाद से फिर आईएम अहमदाबाद से. मैनेजमेंट स्ट्रेटेजिक में। आई एम. अहमदाबाद से पढ़े। उसके बाद से फिर कहे कि. चलो वैसे चलते हैं। आई एम अहमदाबाद से कब. पढ़े? स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट किया हमने। तो. उसका तो इसमें कोई यूज़ नहीं है। इसमें कोई. जनरल स्ट्रेटजी में उसका क्या करें? उसका.
अलग सिस्टम है। इसका अलग सिस्टम है यहां. पे। तो हम लोग यहां पढ़ाने लगे। अब एक घंटे. का ₹20 मिलता था। तो हम सोचते थे 6 घंटा. पढ़ा दें। 100 150 हो जाए यहां पे। फिर. उन्होंने भी बढ़ा दिया। फिर. उन्होंने ₹100 कर दिया। घंटे का। हां। फिर. ठीक-ठाक होने लगा। बट प्रॉब्लम क्या आने. लगी ना कि हम हम कहते थे कि बच्चों से फीस. कम लीजिए। हम उसने बच्चों की फीस की कोई. लिमिट ही नहीं रखी।. मतलब जो चीज ₹1000 की थी भीड़ हो गई थी तो.
कहते थे देखो जगह नहीं है। सर के क्लास. में जगह नहीं है। हम 1000 का 2000 लेंगे।. हम कहे ये क्या तरीका है भाई? अब दूसरा क्लास दे तो वो नहीं देता था कि. दूसरा देगा तो फिर हमको दो बार पैसे देने. पड़ेंगे। और बच्चों के तो यही सब ठसल होने. लगा तो हमने छोड़ दिया कोचिंग फिर फिर. अपना पढ़ाना चालू किया 200 में आज भी. 200 आज भी जो ऑनलाइन पढ़ने आते हैं 200. देते हैं ₹200 महीना नहीं नहीं खत्म करके.
चले जाते हैं 200 में जैसे सपोज उसने उसका. हिस्ट्री पढ़ना है 200 या 250 देगा अभी. क्योंकि इधर तो जीएसटी होता है 18% ठोक के. रख देते. हैं 250 हिस्ट्री देगा पूरा हिस्ट्री पढ़. के चला गया का पूरा हिस्ट्री कंप्लीट पढ़. लेगा. वो वैसे अगर उसे मैप पढ़ना है मैपिंग ₹200. देगा पूरा मैपिंग पढ़ लेगा क्यों इतना कम. हमको किसको पढ़ाना है हम जो जैसे हम थे.
वैसे हमें पढ़ाना है हम लोग की पढ़ाई हम. लोग पढ़ने में खराब नहीं थे हम लोग मतलब. क्या ही बोला जाए हम जब हम लोग देखते थे. कि कोई बच्चा पीठ पे बस्ता ले जा रहा है. ट्यूशन पढ़ने हम लोग वहां पे वेल्डिंग सीख. रहे हैं बहुत खराब लगता. आप वेल्डिंग मारिएगा क्लास का कोई बच्चा. जाएगा कोई लड़की जाएगी तो आपको मुंह. छुपाना पड़ेगा उधर खराब लगता है वो दिन जब. बस्ता उठाने की जिम्मेदारी उम्र में ना घर. की जिम्मेदारी आ जाती है बहुत खराब लगता. है तो हमको पढ़ाना था वैसे लोगों को इसलिए.
हमने कहा नहीं हम नहीं छोड़ेंगे तो हम. वहां पढ़ाना चालू किए तो मेरे भी लड़ाई भी. इसी बात की थी कि भाई आप क्यों मतलब फीस. बढ़ा रहे हो आप लिमिट में रखो जिसमें एक. कोचिंग चल सके ऐसे ऐसे हुआ बहुत ऊपर नीचे. तो होते ही रहते हैं उस फीस में भी कई तो. धमकी देने में चले आते थे। कोई बंदूक लेके. चला आता था। इसको ऐसे ही पढ़ाओ। हम ₹200. यार इसमें क्या कारण? बंदूक लिया था। मतलब. हां वहां चलता है इधर। हां बंदूक ले के. लगा दिया। एक दो बार तो हम कहे कि यार. इससे ऐसे तो नहीं चलेगा। डांटे वटे लड़ाई.
झगड़ा हुआ। ऑफिसों में बम लगा के उड़ा. दिया। तो बम से उड़ा दिया। ऑफिस उड़ा. दिया। हां उड़ा दिया। बम से फिर दूसरा. बनाया। क्या बात कर रहे हो? तो बहुत बहुत. झमेला किया सब यहां। तो इरिटेट हो के हम. छोड़ दिए। हमको सो पटना नहीं रहेंगे। फिर. से हम सोचते हैं कि अपना काम सीख के सऊदी. चल जाते हैं। पर ये क्या तरीका है कि कोई. आपको आके बंदूक दिखा देता है, बम से उड़ा. देता है। ये सब बहुत नॉर्मल है उधर। आपको. आज से एक हफ्ते पहले की बात बता रहे हैं।. बिहार का एक जिला है भागलपुर। हम वहां एक.
19 साल का बच्चा आइसक्रीम बेच रहा था। हम. एक आदमी आया कहा आइसक्रीम दे। हम तो कहा. भैया पैसा दीजिए। कह तो हमरा से पैसा. मांगेगा। उसको ऐसे मुंह पकड़ा और मुंह में. गोली बंदूक घुसाया और गोली मार दिया। 19. साल का लड़का मर गया। गलती बस थी कि उसने. आइसक्रीम का पैसा मांगा था।. एंड पुलिस क्या कर रही है? सरकार क्या कर. रही है इसमें? इतना पुलिस मजबूत रहेगी। बिहार में क्या. है? आज तक क्यों ऐसी कहानी अभी भी आती है?
हम आपको एक हफ्ता पहले की बात बता रहे. हैं। हां तो आज तक ऐसी क्यों कहानी एक. हफ्ता पहले में वहां पर कोई पुलिस में. पहले हम लोग भी बहुत झेले हैं। पहले पुलिस. को बोलते थे अब हम लोग खुद सलट लेते हैं।. बम चलाओगे तुम्हारे ही पास एक्ट. हो क्या. करेंगे वो वहां सब आप क्यों नहीं हेल्प. करती उधर पुलिस वगैरह ये सब क्यों वहां. बाहुबल बहुत है ना हां आप किसको कहिएगा. वहां पे कोई हर पॉलिटिक्स में ऊपर तक. पहुंचे उसकी आप क्या करिएगा अरेस्ट. कराइएगा ना ऊपर से एक तो मंत्री का फोन आ. जाएगा हमारा आदमी है छोड़ दो छोड़ देगी.
पुलिस फिर आपका मुंह कुछ रहेगा नहीं फिर. आके आपको धमकाएगा हो गई लो पुलिस अब. बचाएंगे पुलिस अब आप कहां जाइएगा. वहां के लोगों का हालत बहुत बेकार है। ऐसा. भी नहीं है। हम हम लोग चाहे जैसे भी उसी. में जीना सीख गए हम लोग। एकदम कोई टेंशन. नहीं है। अभी भी कोई लंदन अमेरिका जन्नत. में बैठा देते। नहीं भैया हमको बिहार ठीक. लगेगा।. अब अब बिहार ये तो कुछ जान का खतरा है।. पढ़ा नहीं सकते। ₹90 नहीं देना, ₹200 नहीं.
देना। उसके चक्कर में लोग बम उड़ा दे। तो. हम लोग भी उसी में लड़ते-ड़ते जी गए हैं।. यहां पे फौजी सबको देखिए। फौजियों की. जिंदगी कैसी होती है? हम कौन सा उन्हें. सुख चैन मिलता है? लेकिन फिर भी कोई फौजी. को कहिएगा कि पोस्ट छोड़ के जाओगे कहेगा. हम मर जाएंगे हम फौज नहीं छोड़ेंगे हम लोग. भी ना भैया दुनिया में कुछ भी हो जाए. जन्नत एक और बिहार अपना एक. और बिहार से तो भैया मतलब वो मिट्टी नहीं. है वो लगाव है वहां जो जाता है ना अगर. गलती से कोई छ महीना बिहार में रह गया ना. चाहे जहां का भी है वहीं का बच जाएगा सेफ. फील होता है वहां पे हां अब तो सेफ एकदम.
अच्छा से सेफ रहते हैं लोग कैसे सेफ फील. होता है कोई बंदूक लगा देता है कोई बम्स. उड़ा देता है डर एक लेवल तक ही रहता है. उसके बात से तो बंदूक लगाओगे। कितना है. तुम्हारे पास? अब डर नहीं लगता। क्यों? अब एक लेवल तो उन. सबको भी समझ में आता है कि इसको मारने का. मतलब ये केस एफआईआर नहीं करने वाला है। ये. अच्छा आप भी बाहुबल हो। नहीं मतलब तुम. मतलब एक सीधी सी बात है कि भाई आप किस किस. हिसाब से पीटीए कुछ भी कीजिएगा। वापस. थोड़ी जा पाएंगे लोग। हम लड़ाई झगड़ा पहले.
क्या था? एक्सपीरियंस नहीं था। हम अभी. क्या है? तुम गोली चलाओ। गोली खत्म होगी।. अभी नहीं खत्म होगी। 10 मिनट बाद खत्म. होगी। 15 मिनट बाद खत्म। उसके बाद कहां. जाओगे? तो आप तो चले जाओगे। आपको तो खतरा. हो जाएगा। ऐसे कैसे हो जाएगा यहां पे? यही तो बोल रहा हूं खुद का सिस्टम बना. दिया। हां सब चीज। हमारे यहां जब लड़कियां. मार देती हैं सब। मतलब जब हुआ था एक बार. ऐसे आए थे सब। हमारे क्लास की उठ की. लड़कियां दौड़ा दौड़ा मारी थी सब। क्या तो. स्टोरी बताओगे। वो मतलब ऐसे लड़ाई झगड़ा आ.
के कर रहा था। ये कर देंगे तोड़फोड़ कर. लिया था। हां। तो लड़कियां थी सब जो बैच. से थोड़ा पहले आई रहती हूं। देख लीजिए वही. मारना चालू कर दीजिए भाग यहां से. तो स्टूडेंट ही मार हां स्टूडेंट ही हमारे. पास ब्लैक कमांडो से ज्यादा खतरनाक है वो. एजुकेशन में मतलब बहुत यूनिक है इसी वजह. से ना बिहार में जो प्रेम मिलेगा ना आपको. वो आपको देख के आप पागल हो जाएंगे कहेंगे. यार कैसे ये चीज है हम लोग को थोड़ा सा. सिस्टम के वजह से थोड़ा सा गड़बड़ी हो गई. जैसे सेना में आपको भी जाना था ना फौजी. बनना था हमको तो फौजी ही बनना था एजुकेशन.
में तो आना नहीं था फिर हम लोग एग्जाम दिए. फिर रिटेन हुआ। उसको पास करने के बाद से. फिर ये एसएसबी में बुलाया जाता है और उसके. बाद से फिर मतलब मेडिकल वगैरह होता है। तो. मेडिकल में हमको हाथ टेढ़ा वजह से साइड कर. दिया है। बहुत टेंशन हुआ क्योंकि फौज में. हम लोग को देखिए होता क्या है ना कि हम. लोग जब जिस समय से आए थे तो हम लोग को लगा. था कि फौज में जाके जल्दी सेटल भी हो. जाएंगे और घर वाले इतना तो पढ़ने का मौका.
नहीं देंगे। ऐसा लगता था यार बीटेक करेंगे. लोग चार साल फिर पढ़ना पड़ेगा। घर वाले. कहां से लाएंगे? फौज में क्या है? घुस गए. काम खत्म। टेंशन फ्री है। तो नहीं बन पाया. इंसान। तो फिर अब कभी सपना नहीं आता कभी. देख के लगता नहीं कि यार कभी तो होना था. मेरे को फौजी। हम आज अगर मौका मिल जाए आज. चले जाए हम सब चीज छोड़छाड़ के। क्यों ऐसे. दिल लगा चुड़ैल से तो परी किस काम की? बचपन से ही सपना था कि नहीं? बचपन से ही. एकदम। मेरा घर कॉलेज के सामने था। तो.
अक्सर जब भी कोई इलेक्शन होता था या कोई. भी गवर्नमेंट का प्रोग्राम होता था तो फौज. जो आती थी सीआरपीएफ या कभी मिलिट्री तो. उसी कॉलेज में कैंप करके रुकते थे लोग तो. वहां पे उनका खाना बनना पूरी ट्रक का ट्रक. आना तो बड़ा वो हर दो-ती महीने पे कभी ना. कभी कोई कैंप लग जाता था कभी एनसीसी का. कैंप लगता था तो पूरे आते थे तो. देखतेदेखते देखते वो आदत हो गई वो ड्रेस. वो चीजें सब चीज बड़ा अच्छा लगने लगा बस. बचपन से ही देख के अच्छा लगता था और कोई. भी चीज हम देखे रहते हैं तो अमूमन उसी चीज. से लगा होता है अब रेगिस्तान के आदमी को. क्या लगेगा समुंदर से लगा होगा। देखा ही.
नहीं तो कभी फौजी को देख के जलन होती है. कि यार यह फर्दी मेरे पास भी होनी चाहिए. थी। अब हमारे स्टूडेंट होते हैं हम तो. उनको हम मिठाई भी खिलाते हैं और फिर कहते. हैं तुम जहां हो ना वहां हमें जाना था। अब. हम जहां नहीं जा पाए वहां उनको ले जाते. हैं। अभी एक नीरज नाम का लड़का था। उसका. सिलेक्शन हो गया। वो एयरफोर्स में एनडीए. से पायलट बन गया। तो हम कह तू खुश नहीं. है। तो क्या सर एकदम खुश है। टेंशन इस बात. की है ना।.
ऐसा ना हो कि हमको राफेल मिल जाए। हमको. चाहिए सुखोई। हम कहे यार तो एक तो लोगों. का सिलेक्शन नहीं हो रहा है। तुम्हारा. सिलेक्शन हो गया। अब तुम इस पे डिपेंड. क्योंकि ना एक बार जो जहाज अलॉट हो गई. जिसके आप एक्सपोर्ट हो गए उसी को चलाएंगे।. एकदम वो उस वही फील्ड हो जाती है उनकी। तो. इस टाइप तो अब थोड़ा सा लगता है कि भाई. जिनका हम जहां जाना चाहते थे वहां लेकिन. खुशी होती है कि जब देखते हैं कि दाढ़ी. आने से पहले उनके पास गाड़ी आ गई। वाह। तो. ये अलग टाइप का लगता है। तो एक स्टूडेंट. था मुकेश नाम का। हम्। उसके भैया चाय.
बेचते हैं कोलकाता में। उसका जब रिटेन. निकल गया, प्री निकल गया, मेंस निकल गया, जब इंटरव्यू देना था ना तो क्या बोलता है. कि सर मेरे पास अच्छा कपड़ा नहीं है. इंटरव्यू में पहनने के लिए। किसी का सूट. वगैरह है तो दिला दीजिए ना। वो बच्चा जब. अधिकारी बना उसका अपना घर नहीं रहने के. लिए। मिट्टी का घर है। और टेबल नहीं था. पढ़ने के लिए ना तो ऐसे बांस वगैरह जोड़. के बनाया। आज वो अधिकारी है और वो. प्रधानमंत्री आवास योजना है ना वो जिस पर.
साइन करेगा उसी को घर मिलेगा। हमको आज आके. बोला जानते हैं सर 300 घर बनवाया हम जिसका. अपना घर नहीं था तो लगता है कि आदमी कमाया. है ये चीजें बड़ा अच्छी लगती है। इस हकीकत. मायने में हमको पढ़ाने में कोई इंटरेस्ट. नहीं है। लेकिन पढ़ाते बस हम इसीलिए हैं. कि जिन जो गरीब बच्चा है वो पढ़ सके।. दूसरा जो कमजोर बच्चे उन्हें यह ना लगने. लगे कि वजह वो नहीं पढ़ सकते। उन्हें हम. एक हिम्मत देना है। आज भी जो बैक बेंचर. होता है ना इंडिया के किसी बैक बेंचर से.
हम यही कहते हैं। उसको एक आखिरी उम्मीद. रहता है। हां सर है तो हमको क्या टेंशन हम. बैक बेंचर जो बैठे रहते हैं उनको एकदम. टेंशन नहीं। उनको लगता है कि उनका ब्रांड. एंबेसडर है। हमारे यहां आज भी हैंडीकैप को. पैसा नहीं लगता है। हम कोई हैंडीकैप आ जाए. पढ़ ले। उसका कोई पैसा नहीं लगता है अभी. भी और पैसे मतलब इतना मिनिमम फीस रख दिए. हैं कि अब तो किसी को कहना ही नहीं पड़ता. है कि मतलब फीस कम कर दीजिए। अब जहां ₹. लाख लगता था नीट और जेई का वहां हम लोग. ऑनलाइन उसको दो3000 में दे देते हैं और. ऑफलाइन आके पढ़ना रहता है तो उसको मान के.
चलिए मंथ का 2000 ढाई हजार लगेगा। तो जहां. 2 लाख वहां से इतना तो बहुत का डिफरेंस आ. जाता है और उसका एक रीजन भी है उतना भी. फीस रखने का कि रेंट इतना महंगा है बिजली. इतनी महंगी है कोचिंग माफिया है तो जो फीस. देखिए चिल्लाने से तो नहीं होगा जो फीस. ज्यादा ले रहा है माफिया मतलब क्या जिससे. लोगों को परेशानी हो महात्मा मतलब क्या. जिससे कोई परेशानी हो तो परेशानी का कारण. क्या है आप उससे मनमाना फीस ले रहे हो एक.
और उससे का आप रूल बना दो इससे ज्यादा फीस. नहीं ले सकते तो आपको परेशान नहीं करते. बाप रे बड़ी ये सब कोचिंग माफिया सब क्या. करेगा सब ना किसी किसी को खड़ा करके कुछ. से कुछ बोलने को बोलेगा ऐसा कि बोलो खान. सर के बारे में कुछ से कुछ तो बोलते रहते. हैं ऐसे तो बच्चों को कोई फर्क नहीं पड़ता. उल्टे सुना देता है ऐसा चाट ठो वो पैसा. लेके आता है ऐसा कुछ पैसा लेके कुछ तो हर. जगह ऐसे चलते रहता है इसमें कोई वो चीज. नहीं बच्चे प्लांट करते हैं आपके इधर वो. बच्चे कुछ बच्चे को भेजते हैं लोग जाके. डिस्टर्ब करो आता है पढ़ता है कहता है कि. सर अच्छा लग रहा है अब यही.
पढ़ेंगे बच्चा आया था हमसे यूपीएससी वाले. क्लास. कह रहा है सर हमको कोचिंग वाला अब नाम. नहीं लेंगे किसी एक होता है प्रोटोकॉल तो. उनकी फीस थी ₹ लाख तो तीन चार बच्चे आए थे. उनका कहना था कि इनका जब यूपीएससी का. क्लास चलेगा ना तो उसमें खड़े होकर तुम. डिस्टर्ब करना कुछ से कुछ क्वेश्चन पूछना. और उनको प्लांट किया गया और उन्होंने. हमारे यहां एडमिशन कराया उस बच्चे का हम. और पूरे प्रॉपर आई कार्ड वगैरह एडमिशन करा. के बनाया एक हफ्ते बाद वो बच्चे आए सर.
मिलने हम कहे बोलो कहा सर अकेले में दो. मिनट रुक के बोलना यार कौन सा तुम कहीं. लास्ट थोड़ी ना दफनाए हो कि हमको अकेले में. बताओगे पढ़ाइएगा ना बात बोल नहीं सर बताए. कि सर हमको कोचिंग वाला भेजा था डिस्टर्ब. करने लेकिन कसम से सर बहुत अच्छा लगा यहां. पर अब हम यहीं पढ़ेंगे. सर आवाज बस इस चीज पे उठना चाहिए कि. कोचिंग की फीस एक लिमिट में होनी चाहिए आप. इससे ज्यादा नहीं ले जा सकते और जो कम. लेते हैं उनप टैक्स वगैरह में थोड़ी सी. देनी चाहिए। अब एक बात बताइए जब लॉकडाउन. लगा था देश के पास पैसा नहीं था। पहली बार.
हुआ था। आपको बिलीव कीजिएगा कि हमने जो. पहला बैच लाया था पूरे कोर्स का ₹11 का. था। कल्पना नहीं कर सकते कोई ₹11 का और एक. बच्चा गुजरात या महाराष्ट्र से गुजरात. थोड़ी दूर पे मेरे क्लास में आया और वो. पूरे मतलब क्लास के सामने बड़ा अजीब उदास. हो गया।. ₹11 में पढ़ा था। उसके कंधे पे दो स्टार. लगे हैं। अभी बिहार पुलिस में इंस्पेक्टर. है। एसआई है वहां पे। वो गुजरात में. ₹1,000 पे ₹1,000 उसी में उसको रहना भी. है, खाना भी है। कहता था 67,000 बचता था।.
पेंट करता था पेंट और ना मोबाइल उसका नहीं. था ना तो उसने दोस्त के मोबाइल से बैच. खरीदा था ₹11 में उसके मोबाइल नहीं था।. ₹11 तो महंगा नहीं है बट वो वाला मोबाइल. था कीपैड वाला। तो उसमें क्लासेस नहीं. चलते थे। तो उसके मोबाइल में वो चलता था।. अब वो क्या है? वो उसका जो दोस्त था वो. गाना सुनता था तो जब वो सो जाता था तो. उसके मोबाइल से पढ़ता था ₹11 में पढ़ के. और वही कहा कि सर आप लोग नहीं रहते ना तो. हम लोग का गरीब का हिम्मत टूट जाता और उस. पे हम लोग 11 18% जीएसटी दिए हैं ₹11 में।.
आज आप इतने बच्चों को पढ़ाते हो। सबसे. बड़े चैलेंजेस क्या दिखते हैं आपको. स्टूडेंट्स के? अलग-अलग तरीके के क्या. चैलेंजेस होते हैं? दो बड़े चैलेंजेज यह देखते हैं ना कि जो. बच्चे आ रहे होते हैं ना वह ग्रेजुएशन तो. कर लिए हैं बट स्टैंडर्ड ग्रेजुएशन का. नहीं है। अब प्रॉब्लम ये आती है कि आप. ग्रेजुएशन के एग्जाम देने आए हो। आपका. स्टैंडर्ड ही नहीं है वहां पे। हम ये वैसे. ही है कि जैसे हमें कोई जमीन का टुकड़ा दे. दिया गया यहां मकान बनाने के लिए। बट वो. जमीन नहीं है। तालाब है। तो हमें तो कुछ.
टाइम यही लग जाएगा उसको बराबर करने में।. तब ना भैया बनाएंगे. उसको। एक यह खराबी है।. दो तरह का डिग्री है यूपी बिहार और नॉर्थ. इंडिया में पढ़ के ग्रेजुएशन करना है कि. नकल करके पढ़ के बीएड लेना है कि पैसा. देके पढ़ के आईआईटी करना है कि आईटीआई. आईआईटी नहीं आईटीआई डिग्री है वो. टेक्नशियन के लिए ठीक है वो क्या कर रहा. है वहां पे वो ग्रेजुएशन में उसको पता ही. नहीं कि उसका एचओडी कौन है तो एक ये. स्टैंडर्ड नहीं है.
दूसरा कुछ ऐसे बच्चे हैं ना जिनको बर्बाद. टीचरों ने. किया टीचर मतलब इन द सेंस क्या बर्बाद. कैसे किया कि टीचर की संख्या कम है।. स्टूडेंट हमेशा ज्यादा होते हैं। टीचरों. ने मिलके कहा स्टूडेंट्स अपना लेवल उठाओ. ताकि पढ़ाई समझ में आ जाए।. अरे भैया टीचर्स लिमिटेड है। इन्हें कहिए. कि आप जो बड़का स्टैंडर्ड में फेंक रहे. हैं ना अपना ही थोड़ा डाउन कीजिए उसके. बराबर आ जाएगा। इक्वल होना ही मतलब है।.
दोनों तरह से इक्वल हो सकता है। यहां पे. 50 लोग आ जाए। 50 चेयर नहीं है तो या तो. उन्हें हम खड़ा रखेंगे या तो हम लोग भी. अपनी कुर्सी छोड़ के सब बैठ जाते हैं या. सब नीचे बैठ जाते हैं। क्या जाता है? तो. एक ये बर्बाद कर दिया वहां पे और उसके बाद. और भयानक क्या लगता है? उसी क्लास में. दोनों बच्चे बैठे होते हैं जिनका जिन. जिनका एक स्टैंडर्ड नीचे एक स्टैंडर्ड हाई. है। एक हाई वाला क्वेश्चन पूछेगा ऐसा कि. बेचारा पूरा पीछे वाला दहल जाएंगे। इतना. हैवी कैसे पूछ दिया? इसलिए सबको डांट के. रखते हैं। एकदम एकदम शांति से रहो। हम. बताएंगे। हम लो लेवल से ले हाई लेवल तक.
चले जाएंगे। और हमें सबसे ज्यादा खुशी कब. होती है ना? सबसे ज्यादा खुशी एक बच्चा जब. उसको पढ़ने में कुछ समझ में नहीं आता है।. जैसे अभी हम जस्ट फिजिक्स पढ़ा रहे थे तो. एक चैप्टर खत्म किए। फिजिक्स में सबसे. ज्यादा टफ लगता है बच्चों को तो ऑप्टिक्स. लाइट चैप्टर और वो बच्चे एकदम सामने-सामे. से रहते हैं और जब खत्म हुआ चैप्टर ना तो. जो बच्चे जिनको कभी नहीं समझ में आया था. न्यूमेरिकल बनाना ये सब चीजें नहीं और जब. चैप्टर खत्म होने के बाद उनके ऊपर खुशी. देखते हैं और जब वो क्लास से निकलते हैं.
जो आगे बैठे रहते हैं जो अपने आप को तेज. बनते हैं उनको देख के तिरछा मुस्कुराते. हैं ऐसे ना तब लगता है भाई साहब क्या मतलब. वो दिल से फीलिंग आती है कि ये हो गया. बराबरी अब अब रेस लगाइए इंडिया में रोजगार. बोलते हैं की बहुत है लेकिन वो 2 4000. 5000 का बहुत है। 500 वालों के लिए बहुत. कम होता है। तो आज बच्चा क्या करें जिससे. वो अपने आप को इतना स्किल कर सकता है. जिससे वो पैसे कमा सकता है आगे बढ़ सकता. है। क्या करना चाहिए उसे? देखिए स्किल. अलग-अलग लेवल का जहां पे उसको जैसे हम. स्किल कब सीखने को बोलते हैं? जब उसको.
नौकरी की तलाश में आ जाता है। जब बर्डन हो. जाता है घर की में तब निकलता है। मतलब आप. समझिए किसी को आप तालाब में फेंक दिए उसके. बाद पूछ रहे हैं। तैरना नहीं जानते हो।. मरेगा वो तो आखिर उस इंसान को कमाना है।. कहीं ना कहीं अपने पैरों पर खड़ा होना है।. तो उसको 10थ ही 10थ से ही कुछ-कुछ चीजें. इंटरमीडिएट से ही कुछ-कुछ सिखाते चलिए. सिखाते चलिए ताकि ग्रेजुएशन खत्म. होते-होते वो उस लेवल तक हो सके। कम से कम. अपना निकाल सके। फिर आगे बढ़ेगा। हम लोग.
कब करते हैं? जब ग्रेजुएशन खत्म हो जाता. है तब। आज की तारीख में कौन सी ऐसी तीन. स्किल लगती है आपको जो बच्चों को सीखनी. चाहिए जिससे करियर सिक्योर होगा। अभी जैसे. डिजिटल में बहुत सारी चीजें आ गई हैं। एआई. है फिलहाल में इसका कोई फिक्स नहीं रहता. है कि कल को इससे ज्यादा कुछ आ जाएगा।. कहीं पे भी कोई काम कर सकते हैं। जैसे एक. सिंपल सी बात करते हैं कि अगर कोई नॉर्मल. बीएससी कर रहा है और एक कोई नर्सिंग के. साथ बीएससी कर रहा है। नर्सिंग वाले के. लिए टेंशन नहीं है। वो भी कहलाएगा बीएससी. वो भी कहलाएगा बीएससी। बट नॉर्मल बीएससी. वाला सड़क पे आ जाएगा। फिर उसे कोई. कंपटीशन निकालना पड़ेगा। और जो बीएससी.
नर्सिंग कर रहा है उसको फट से अभी उसकी. नर्सिंग कंप्लीट भी नहीं होगी ना लास्ट. ईयर भी इंटर्न पे रख लेंगे। सो कहीं ना. कहीं हेल्पिंग स्टार्टिंग मतलब उसको पूरी. कंप्लीट होने से पहले ही रख लेंगे। फिर वो. ना स्टार्टिंग में ही अगर दो साल भी. कंप्लीट कर लिया ना तो वो अपना हॉस्टल और. मेस का खर्चा निकाल लेगा। धीरे-धीरे धीरे. धीरे धीरे कोई हॉस्पिटल पकड़ लेगा। बट. प्रॉब्लम कहां आती है? नर्सिंग की फीस. कितनी है? 7 आठ. लाख। और एक्चुअल में ये फीस 7 आठ लाख रहती. तो समझ में आ देती। उसकी ₹8 लाख फीस नहीं. है। सरकार छूट दे दिया। जितना लेना है ले. लो आप। क्यों? क्योंकि नर्सिंग कॉलेजेस कम.
है। क्या मरीज कम है? नहीं। नहीं अब. फ्यूचर में अब इतना बड़ा काम कर लिया आपने. इतने लोगों को पढ़ा रहे हो अब क्या करोगे. आगे देखिए हम तो पढ़ा रहे हैं मजबूरी में. क्योंकि गरीब पढ़ सके और हिम्मत हो सके. मेरा इंटरेस्ट इसमें नहीं है इंटरेस्ट. मेरा फौज में था इच्छा क्या है हमारी कि. हम वो भारत देखना चाहते हैं ना कि जहां. पुराने से धोती कुर्ता में पहना हुआ एक. किसान शीशे का दरवाजा खोल के कहे कि ये. फोर व्हीलर कितने का है एक पहचान होनी.
चाहिए कि ये बड़का गढ़िया किसान लेके. घूमता है आज कैसे है कि नेता सब Fortuner. लेके घूम रहा है। Land Rover लेके घूम रहा. है। उसे किसानों की एक पहचान होनी चाहिए।. बैलगाड़ी से हटना चाहिए उनको। कैसे होगा? एक किसानों के पास उन्नत किस्म की फसल. नहीं है। उनके पास बीज नहीं है। हाई ईल्ड. वैरायटी का वो उनको प्रोवाइड कराइए। जब वो. फसल बोते हैं तो उन पे कीट का अटैक हो. जाता है। उनकी 50% फसल खराब हो जाती है।. उनके पास कोई टेक्नोलॉजी नहीं है। लर. टेक्नोलॉजी उनको भेजी है। वहां पे। वो. क्या होता एक एक बड़ा सुगंध होता है उससे.
वो ना मेल को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है।. उसकी वो दवा होती है। उसकी सुगंध फीमेल. कीट की तरह होती है। तो उसको ना सारे मेल. उसी को समझ के ना आ जाते हैं एक पास और. उसको एक बड़े से प्लेट में ऐसे रख दीजिए।. उसमें हल्का सा केमिकल डाल के उस पे जैसे. बैठेगा डूब जाएगा। पानी में डूब जाएगा वो. या फिर एक स्टिकी पेपर ले लीजिए। उसी पे. उस दवा को चिपका दीजिए। उसको लगेगा फीमेल. है। सारे मेल आ जाएंगे। तो ऐसे क्या है ना. कि आपको कम खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि जब. आप कीट को मेल को भी मारेंगे, फीमेल को भी. मारेंगे तो डबल मेहनत है और लर के मदद से.
केवल आके मेल मरेगा। जहां मेल मरेगा उनका. रिप्रोडक्शन साइकिल रुक जाएगा। जब. प्रोडक्शन स रुक जाएगा तो फिर धीरे-धीरे. कंट्रोल हो जाएगा। ये उनके पास है नहीं।. गवर्नमेंट सोई हुई है। अगर उसकी फसल हो गई. और वो जब बेचने जाएगा ना सब्जी फल तो समाज. में गिद्ध बैठे हैं। ऐसा उस किसान को. देखते हैं आराम से रुक शासनाम हो जाने दे।. शाम हो जाने दे। तुम ₹20 में ना बेच रहा. है। तुम ₹10 में नहीं बेच के जाएगा तो तुम. बताना। इतना अफसोस लगता है ना क्योंकि. वापस लाएगा तो उसको ₹10 भी नहीं मिलेगा।.
क्या गांव में एक कोल्ड स्टोर नहीं हो. सकता है? तो आप क्या कर रहे हो इसके लिए? आप अभी हम इसमें हमको वही काम करने से. पहले बड़ी गहन अध्ययन करना पड़ता है। तो. यही करना है। तो हमको एक चीज देखना है।. जैसे आज स्टूडेंट के लिए तो जिंदगी भर. करते रहेंगे। इनके लिए नो डाउट। हमको वो. देखना है किसानों के लिए। कभी उनका भी एक. ऐसा क्लास ले बैठा के ऐसा करना है और उनको. एक टारगेट दें कि देखो भैया तुमको 2 साल. का टाइम देते हैं 2 साल तक के बाद तुमको. हम फोर व्हीलर पे देखेंगे हमको उससे मतलब.
नहीं है तुम कैसे लाओगे हम जान निकाल. लेंगे काम करा के जैसे स्टूडेंट को कैसे. मतलब उनको तो मानते हैं पढ़ाते हैं लेकिन. उनसे हम टारगेट जो दिए वो करवा देते हैं. तो किसानों को भी थोड़ा ऐज में बड़े रहते. हैं लोग ज्यादा ऐज के किसान लोग लेकिन काम. तो करा लेंगे हमको तो हम अभी इसी चीजों पे. करना है कि भाई कैसे हो गए आप तो क्लास. स्टार्ट करोगे किसानों के लिए यही सोचते. हैं लेकिन उनके लिए एरिया बड़ा चाहिए. क्योंकि आप ऑन प्रैक्टिकल उसको तो दिखा. नहीं सकते एरिया बड़ा चाहिए गवर्नमेंट से. मांग नहीं सकते हैं क्योंकि गवर्नमेंट.
देगी नहीं गवर्नमेंट हेल्प करेगी तो अगर. कभी नहीं लेना चाहिए आपको एक गवर्नमेंट. हेल्प करेगी अगली गवर्नमेंट उड़ा उजाड़ के. चली जाएगी खुद खड़े हो जाओ पॉलिटिक्स में. जाओ पॉलिसी चेंज करो खड़े झूठ बोलना पड़ता. है उसमें हम लोग से होगा नहीं टीचर से तो. और ना होगा क्योंकि हम लोग को आदत होती है. मिक्स भाषा नहीं बोलते हैं भाई होगा तो. होगा नहीं होगा तो नहीं होगा बच्चों को. खड़ा बोल देते हैं कि भाई इतना ऐसा मेहनत. करेगा तो तुम्हारा रिजल्ट नहीं होगा. तुम्हें और करना पड़ेगा खड़ा बोल देते हैं. भाई उसे खराब लगेगा बट करेगा तो मेहनत. इसलिए पॉलिटिक्स नहीं हो पाएगा बड़ी. मुश्किल है हम जैसे लोगों के लिए मुश्किल.
है लोग भी हम जैसे लोगों को नहीं पसंद. करते हैं उनको वही नेता चाहिए जो उनको. अच्छा अच्छा बात बोले भाषण दे उल्टा सीधा. कुछ से कुछ बोले एक नेता तो कह रहा था 2. महीना में एयरपोर्ट चालू कर देंगे हम कह. भाई साहब 2 महीना में तू साइकिल स्टैंड. नहीं बना पाएगा एयरपोर्ट कहां से बना रहा. हिम्मत देखिए उसका कह रहा दो महीना में. चालू कर देंगे हम और एक साल बीत गया पिछला. इलेक्शन 204 का था ना उसमें बोला था हमारे. यहां छपरा एक डिस्ट्रिक्ट है सारा. डिस्ट्रिक्ट वहां एक एयरपोर्ट उसमें भैंस. घूमती है छोटा. सा उसमें पुलिस की ट्रेनिंग सेंटर है वहां.
पे एक भागलपुर में भी उसप भी ऐसे वो. अंग्रेजों के टाइम पे बनाएंगे उसको हर. इलेक्शन में कोई पॉलिटिशियन आएगा और क्या. कहेगा इसे हम इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाएंगे. एयरपोर्ट डोमेस्टिक भी नहीं डोमेस्टिक. मतलब छोटा मोटा बात थोड़ी होता है यहां पे. डोमेस्टिक मतलब क्या होता है? अभी ना भैंस. घूम रही है इस पे। एमरेट्स एयरलाइन उत रही. है। एयर बस. A3 इनको छोड़ दीजिएगा ना तो कहेगा कि. सुनीता विलियम फंस गई थी। इसी पे उतार. देंगे।.
आप केबीसी गए थे? हां हां। कैसा रहा. एक्सपीरियंस? बहुत बेहतर। बहुत बेहतर।. बताओ उधर क्या होता है? कैसे होता है? तो. केबीसी में? हां। क्या बिहाइंड द सीन्स. क्या होता है? बिहाइंड द सीन में कुछ खास. नहीं होता है। जैसे बुलाते हैं आपको। पहले. बुलाया जाता है तो दो चीज़ होती है। एक. होती है कि आपको कैसे मतलब बैठना उठना है. क्योंकि वहां जाके आप माइक सीधा करने लगे. तो नहीं ना होगा यहां पे और बताया जाता है. कि क्वेश्चन को सुनने देना है। पहले पूरा. प्रॉपर क्वेश्चन सुन लीजिएगा। वो हिंदी. में भी बोलेंगे इंग्लिश में भी बोलेंगे।. तो वहां पर प्रॉपर आपको बता दिया जाता है.
कि इंग्लिश हिंदी दोनों में आपको क्वेश्चन. क्वेश्चन क्या पूछेंगे ये किसी को नहीं. पता होता है। और यह बहुत गलत मिथ है। कभी. किसी को नहीं और भी कौन बनेगा करोड़पति. में? इतना बड़े लेवल में चीज इतना धांधली. नहीं होती है। तो बस आपको कुर्सीवर्सी. दिखा देंगे 5 मिनट का और वो नियम कानून. समझा देंगे कि कब ब्रेक लिया जाएगा। तो. आपको शांत रहना है कि ब्रेक के बीच में आप. चाय पानी पी सकते हैं। उसके बाद से फिर वो. एक. ठो बस में बैठा देता है लोग। वेनिटी बैन. बोला जाता है। उसको बस में बैठा देगा।. उसमें शीशा कंघी तेल सब चीज रहता है वहां.
पे। ऐसे झालमड़ी कैसे बेचता है ट्रेन. वगैरह में चना ये सब वैसे मेकअप वाला. सामान लेके आया था एक सर लगा दे हम कह ना. भैया ये सब मत लगाओ हमको और खराब लगने. लगे तो जिसको लगाना है वो लगा लिया अपना. यहां पे और उसके बाद से फिर नॉर्मल सा वो. शर्ट पहन के आए हैं तो कहे कि सर ये तो. शर्ट ठीक नहीं है आपका कौन बनेगा करोड़पति. में कोई आता है तो बड़ा सोच समझ के आता है.
कि मैं यहां जा रहा हूं वैसा कपड़ा. पहनूंगा वैसे हाय बात उनका भी सही था। हम. क्लास लिए और रक्षाबंधन था। राखी बंधवाए. और शाम 6:00 बजते बजते राखी कंप्लीट हुआ. और रात 9:00 बजे की फ्लाइट पकड़ के मुंबई. आ गए। अगले दिन शूट हो गया। तो हम तो. जल्दबाजी में आए थे। हम क्या यार जो कपड़ा. है इसी पे खींच दो ना यार। कौन मार हमको. शकल देख के यहां बुलाया। शकल देख के. बुलाना रहता तो कभी ना बुलाता। उन लोग को. तो यहां खुद हीरो हीरोइन की कमी है थोड़ी. फिर वैनिटी वैन में रहते हैं फिर अमिताभ. बच्चन साहब आते हैं वैनिटी वैन में आते.
हैं नहीं वैन में नहीं उनका वो पीछे एक. स्टूडियो रहता है पर्दे के पीछे तो वहां. वो दो मिनट के लिए सबसे मिलते हैं कि आज. हम लोग का वो शो है तो चलते हैं हम लोग. फिर बैठते हैं क्वेश्चन चालू हो जाता है. हम लोग के लिए बहुत नया क्या था ना कि वो. जिस स्टेज पे बैठते हैं ना उसके भी नीचे. लाइट लगी होती है और वो लाइट एक जगह वो. ऐसे घूमते रहती है ऐसे ऐसे ऐसे सामने भी. ऐसेसे घूमते रहता है और इधर से म्यूजिक. निकलते रहता है और सामने क्वेश्चन है और. क्वेश्चन पूछने वाला कौन है? अमिताभ. बच्चन। एक रिस्पेक्ट की फीलिंग आती है कि.
हम तो देखते रह गए उनको कोई क्वेश्चन बाद. में जाएंगे हम देखेंगे बाप रे बाप क्योंकि. एक बार हमको याद है कि उनकी एक फिल्म. देखने गए थे मर्द तो हम लोग के घर टीवी. नहीं थी तो दूर गए थे लोग देखने के लिए।. तो रात हो गया था आने के लिए। तो जब लौट. के आए ना तो घर दरवाजे पे सब लोग इंतजार. कर रहे थे अपना-अपना सामान लेके पीटने के. लिए। कोई कोई कोई झाड़ू कोई चप्पल जो. जिसको जो मिला धो दिए। मेरी बुआ मजाक करने. के लिए पूछे और जाएगा फिल्म देखने और. जाएगा अब मजा आ रहा है ना पिटाया है ना तो. हमको गुस्सा लगा हम कहे मर्द को दर्द नहीं.
होता है पीर. पिटाए उन्हीं का फीलिंग था ना मर्द भी पीर. पिटाए थे तो अमिताभ बच्चन थे सामने तो. लगता है भाई कौन है और हमको सबसे बड़ा. क्या डर लग रहा था हम है टीचर और सबसे. ज्यादा अगर कोई किसी का टांग खींचता है ना. तो एक टीचर दूसरी टीचर का टांग खींचता है।. ये सबसे ऊपर टांग खींच। देखिए कभी किसी. टीचर का यूनियन आप नहीं देखिएगा। उसको. सबसे ज्यादा टांग खींचेगा। एक दूसरे की.
बुराई उसको क्या आता है? अरे भाई पढ़ा ना. यार। एक टीचर को क्या होना चाहिए कि आप. कितने कम फीस में पढ़ाए बात इस पे होनी. चाहिए। कितना बेहतर ढंग से समझाए बात इस. पे होनी चाहिए। आपका क्वेश्चन कितना. एग्जाम में होना चाहिए आ गया। खत्म। तीन. चीज के बाद आपको क्या मतलब बनता है? हम तो. हम गए हमको इस बात का टेंशन था कि अगर एक. को क्वेश्चन छूटा तो हमारे ही लोग टीचिंग. के लोग क्लास में कहेंगे एक मास्टर गए थे. केबीसी में और हमको डर किस बात का था कि. फिल्म से क्वेश्चन ना पूछ दे हम क्योंकि.
हम फिल्म के बारे में कोई आईडिया नहीं है. यहां पे बहुत उटपटांग यहां पे तो वहां पे. तो हम बैठे थे फिल्म सिटी में तो खाली इधर. ही उधर रहते हैं लोग यहां पे तो एक एक कोई. लेडीज थी तो हमसे पूछने लगी कि सर ये ऐसे. हल्का बातचीत हो हो गया तो हम पूछे आप. क्या करती हैं? तो हमारे टीम वाला एक बोला. क्या करते हैं? वो हीरोइन है वो। हम तो. गप्पड़ हो गया। हमको क्या पता यार हम. फिल्मीव नहीं देखते हैं। हमको बहुत खराब. लगा। सॉरी मैडम कौन थे? हमको हीरोइन थी।.
अब फिल्म सिटी में तो खाली हीरो हीरोइन ही. रहते हैं। उसमें बाकी लोग रहता कौन है. यहां? हम नहीं देखते हैं फिल्म। हमको ना. मोबाइल और हीरोइन एक के जैसा लगती है सब।. अब तो मोबाइल सब एक ही डिजाइन का आ गया. है। कोई चेंजिंग ही नहीं रह गया। पहले बटन. वाला था तो समझ में आता था। ये दूसरा. मोबाइल ये दूसरा मोबाइल है एक ही जैसा. लगता है। तो फिर वही डर इसी बात का था कि. फिल्म से क्वेश्चन ना पूछ दे। फिल्म से. नहीं या दड़दड़ा दिए बाकी सब। बड़े से आप. करोड़पति बन गए रियल लाइफ में। रियल लाइफ. में मतलब पैसे से देखिए अमीर इंसान का हम.
एक परिभाषा बताते हैं जिसके बगल में बैठे. गरीब को एहसास ना हो कि वो गरीब है। हमारे. बगल में कि गरीब को कोई दिक्कत नहीं होगा।. कभी भी कोई चीज। अब थोड़ा सा भीड़भाड़. इतना हो जाता है ना हम पहले हम तो खुद. चाहते हैं। हमको सबसे अच्छी लगती है. मोटरसाइकिल। कहीं भी घुस जाओ ना जाम में. फंसना ना किसी गली में। बट होता क्या है. ना कि अभी अभी मोटरसाइकिल से जाएंगे तो. कोई रोक लेगा सर मेरा बेटा एंटर किया है।. इसको क्या कराना चाहिए? इनको क्या कराना. चाहिए? हम क्या बोलते बोलते फंस जाएंगे।. मेरा एक बार फ्लाइट छूट गई थी इसी चक्कर. में। भगा कर धकेलते नहीं ना भाग सकते आप।.
तो सर ये क्या. करें? 10थ में है। कई लोग तो पूछते ले. मेरा बेटा अभी फाइव में है। हम कह रहे यार. उसको तो फाइव में है तो आप अभी से क्या. उसको डिस्टर्ब करें? अभी तो उसको उसकी. खेलने कूदने की उम्र है। अभी तो स्कूल में. जा रहा है। उसको उतना 5 घंटा 6 घंटा उसको. रहने दीजिए यहां पे। तो थोड़ा सा हो जाता. है। तो आप कपिल शर्मा में भी गए थे? हां. हां। वहां का एक्सपीरियंस कैसा था? वो भी. बहुत बढ़िया। कपिल शर्मा ना रियली मतलब वो. ना कॉमेडियन टाइप के ही है। उनके बातें. में ही हंसी आती रहती है।.
मतलब 10 मिनट बाद भी करेंगे तो बहुत हंसी. आएगी। तो वो मिले फिर आपसे बिफोर शूट के. पहले मिलते हैं। बाद में मिलते हैं। क्या. था? एक्सपीरियंस कैसा था? हम शूट से पहले. हमको लगता है एकआध मिनट के लिए सब लोग. मिलते हैं ज्यादा के लिए नहीं बस वो गेट. टुगेदर के लिए नमस्ते हाय हेलो कैसे हो. गया लेकिन अमिताभ बच्चन को हम देख के ना. मतलब इंसान अपनी सफलता के मतलब उस मतलब. दादासाब फाल्के के बाद कोई फिल्म. इंडस्ट्री में है तो वही है इतना वहां पे. वो जो झुक के सबको नमस्ते प्रणाम करना ऐसे.
करना क्या. इंसान ये बहुत बड़ी चीज होती है यहां कोई. दो चार पैसा कमा लेता है तो अकड़ में. बैठता. Bro खरीद लेगा तो पूरा भर गांव नाचाएगा. Bरो वो ईएमआई पे अब आप भी आज इतना बढ़िया. काम कर रहे हो इतने बच्चे आपको देखते हैं. इंस्पिरेशन मांगते हैं और बहुत आपने अचीव. किया लाइफ आपको कोई कैसे याद. रखे हम बस ये चाहते हैं कि एक कोई असहाय. जैसे जैसे अभी स्टूडेंट्स की बात करते हैं.
किसान और स्टूडेंट्स हमको ऐसा लगता है कि. उनको जब मुसीबत पड़े ना तो आज भी वो याद. रखते हैं ना कि अगर हमारी पढ़ाई छूट रही. है ना तो एक इंसान है जो हमारी पढ़ाई नहीं. छूटने देगा। अभी एक खुशबू नाम की लड़की. थी। हम आपको अभी दो दिन तीन दिन पहले की. बात बताते हैं। वो 10थ एग्जाम में वो एक. ऐसे गांव में नदी के उस पार रहती थी। तो. जाने के लिए पुल भी नहीं था तो नाव से. जाना पड़ता था। बाढ़ आ जाएगी तो नाव से भी. नहीं जा सकते। उधर एक भी हॉस्पिटल भी नहीं. है। बीमार पड़ गए तो रात भर इंतजार करो. नहीं तो मर जाओ। और वो 10th में जब 10th.
का एग्जाम दे रही थी तो अपने मम्मी से कही. थी कि हमको इंटर में साइंस रखना है सो दैट. कि हम डॉक्टर बन सके। उस तो उसकी मम्मी ने. कहा कि साइंस में तब ज्यादा पैसा लगेगा।. तो बेचारी जिद करने लगी तो कही ठीक है. तुम्हारा 400 नंबर आएगा ना तब हम तुमको. साइंस दिलाएंगे। उस लड़की का 399. आया। 399 हद देखिए उसके घर वालों ने उसे. साइंस नहीं लेने दिया।. उसका डॉक्टर बनने का सपना तोड़ दिया गया.
और उस लड़की को आर्ट्स दिला दिया गया। वो. हिस्ट्री जग्राफी पिटी ले ली। उसके लिए. पढ़ाई बोझ हो गया। रोने लगी। एक साल तक. उसकी पढ़ाई बोझ हो गई। एक मीडिया वाला. उसके घर गया। तो उसने कही कि खान सर को. मेरी बात बस ये पहुंचा दीजिएगा कि मेरा. सपना है हम क्या बनना चाहते हैं कि हम. साइंस लेना चाहते हैं। डॉक्टर बनना चाहते. हैं। हमारे पास किसी ने भेज दिया।. डायरेक्ट हमारे पास हमारी टीम ने हमको. भेजा। हम कहे कि लड़की चाहे जहां भी रहती. होगी पता करो इसको लेके आओ यहां पे वो आई.
अब वो दोबारा एक साल जो 11th कर लिए ना वो. कैंसिल अब वो दोबारा फिर 11th में एडमिशन. हुआ दोबारा वो साइंस ली और शिक्षा मंत्री. भी इसमें इन्वॉल्व हुए उन्होंने भी स्कूल. अलॉट करा दिया और हमारे पास आई कि हमें. डॉक्टर बनना है तो उसकी मम्मी कहीं हम. मोबाइल नहीं रखने देंगे क्योंकि गांव के. लोगों में क्या है ना कि वो लड़कियों को. बढ़ने ही नहीं देना चाहते हैं। बढ़ने ही. नहीं देना चाहते। उसको बहाना है कि मोबाइल. से बिगड़ेगी। इसका मतलब जब मोबाइल नहीं था.
तो लोग नहीं बिगड़ते थे। अरे गधा कहीं का. लेकिन क्या करेगी? उसकी मां उनकी माता जी. समाज को देख के कर रही है ना कौन मां नहीं. चाहेगी मेरी डॉक्टर बने। हम कहे ये तो. बड़ा दुविधा है। कह रही कि पढ़ेगी तब रखने. देंगे नहीं तो नहीं रखने देंगे। तो भाई. उसमें क्या आप दिन भर तो मोबाइलम नहीं. देखते रहेंगे। अब हम क्या करें? तो हम. उसको कहेंगे एक काम करो तुम लैपटॉप लो। तो. कह मेरे भाई के पास मोबाइल है लेकिन हमारे. पास नहीं है। भाई ऑनलाइन क्लास करता है।. उसका भाई मेरे से ऑनलाइन क्लास करता है।. तो हम कहा ठीक है अब तुम्हारा भाई लैपटॉप.
तुम्हारे पास लैपटॉप रहेगा। तो कह रही कि. भैया को बोल दीजिए कि ऐसा ना हो कि फिर. बदल ले कि लैपटॉप मोबाइल हम बदलोगे तो अब. वो लड़की दोबारा पढ़ रही है। वो लड़की. चाहती तो किसी को बुला सकती थी कि मेरा. वीडियो आप मोदी जी तक पहुंचा दीजिए। मेरा. वीडियो हजारों बच्चे लोग टीचर. हैं। किसी तक जा सकती है। किसको बोली थी? खान सर अब कहेंगे वो गरीबों को पढ़ाना. चाहते हैं। गरीब इंसान को आज वो पढ़ेगी और. उसको शर्त रखे हैं कि तुम तुमसे इलाज. कराने हम आएंगे और फीस नहीं.
देंगे क्योंकि उसके लैपटॉप में हमने सारे. क्लास डाल दिए नीट के 11th नीट 12th नीट. ड्रॉपर नीट जिसमें अच्छा लगे उसको वो सारे. क्लास उसको ले दिए और उसको हमने. एक्सेसिबिलिटी है 24 से की एक्सेसिबिलिटी. दे दी है कि उसको जब चाहे जो बात है आके. कह सकती है टेस्ट दे सकती है उसे कोई नहीं. रोकने वाला है यहां पे अच्छा लगता है और. जब ये डॉक्टर बनेंगे लोग तो आपको क्या. लगता लगता है किसी मरीज से ये क्या कहेंगे. कि तुम ब्लड जांच करा के आओ आधा कमीशन. मेरा ऐसा कभी नहीं होगा ये चीज अच्छा लगता.
है कि लोग इस वजह से याद करें हमें जानने. के लिए सब जानते हैं लेकिन उम्मीद की नजर. से कोई देखता है तो गरीब लोग देखते हैं आज. भी पटना में जो लोग आते हैं तो हॉस्पिटल. में कहीं पे जब ब्लड नहीं मिलता है ना तो. हॉस्पिटल वाला चुपचाप बोलता है कि चल जाओ. खान सर के पास वो ब्लड दिला देंगे और हम. सैल्यूट करते हैं ऐसे गार्डियन को जिनके. बच्चों को हम पढ़ाते हैं क्या संस्कार. सिखा के भेजा. हम बोलते हैं कि बाबू यह आदमी है इन्हें. ब्लड चाहिए। अभी ये दो दिन पहले एक साल दो. साल की किसी की बेटी थी उसका ऑपरेशन होना.
था तो वो नेगेटिव ब्लड चाहिए। नेगेटिव. बड़ा मुश्किल से मिलता है। किसी के पास है. कोई ना कोई उसमें मिल जाएगा क्योंकि. हजारों बच्चे होते हैं और दिखा देंगे ना. हम उसे जान रहे हैं ना वो उसे जान रहा है।. मेरे कहने पर उस बच्चे की मां-बाप को हम. हम कहते हैं कभी इनके मां-बाप मिले तो हम. दंडवत प्रणाम करें जमीन पे लेट के भाई. क्या संस्कार सिखाए आज मतलब कि दुनिया में. कोई किसी को ब्लड नहीं देता है। मेरे कहने. पर वो जाके उसको ब्लड दे जाते हैं। तो ये. चीज बहुत अच्छा लगता है कि क्या ही बताया. जाए। ना हम जान रहे हैं ना कुछ। गजब लगता.
है। एक बहुत बूढ़े आदमी थे वहां पे। उनका. मतलब सात आठ यूनिट ब्लड चाहिए था। हम कहां. से लाएंगे? तो उनको जब दिलाए तो एकदम. बूढ़े तो झुक नहीं पा रहे थे। तो झुके लगे. मतलब पैर पकड़ने के लिए। हम कहा अरे. महाराज हमको नरक में भेजिएगा। आप यहां पे. मेरा फर्ज बनता है यहां। हम लोग हैं यहां. जरूरत ना पड़े किसी को हॉस्पिटल में।. लेकिन ऐसा भी नहीं है। इसीलिए कहते हैं कि. आप बिहार आइएगा ना तो बिहार से आपको प्रेम. भी आएगा। एकदम वो जमीन का टुकड़ा नहीं एक. लगाव है। बुद्ध की धरती है। हमें बुद्ध.
हमें युद्ध से पहले बुद्ध सिखाया गया।. लेकिन परिस्थितियों ने ऐसा हमें तोड़. दिया। सिस्टम ने ऐसा हमें निचोड़ दिया।. किसी ने हमारी सुनवाई ही नहीं की कि हमने. बुद्ध छोड़ के युद्ध अपनाना पड़ा। चलो. परफेक्ट सर। थैंक यू सो मच। थैंक यू। बहुत. अच्छा लगा आपसे बात करके। हां, बहुत अच्छा. लगा। बहुत ज्यादा देर बात कर ली हम लोग।. तो बढ़िया है ना? आपका फर्स्ट पडकास्ट था।. यादगार रहना चाहिए। भाई हम कह रहे थे बड़ा. मतलब स्पेसियस लग रहा है। ये बड़ा मतलब वो. कंफर्टेबल टाइप का लग रहा है। सर कैसे हो.
सर आप? बढ़िया सर। बहुत बढ़िया सर। बहुत. अच्छा लगा आपको देख के।. आई थिंक यू आर फर्स्ट। क्या बात कर रहे. हो? हां। अरे सर अब प्रेशर डाल दिया आपने. कुछ भी। और हमारा तो अपना YouTube चैनल के. लिए कोई एडिटर ही नहीं है। हम खुद ही एडिट. मार के कर देते हैं। सच में? आज भी। आज. भी। बस खुद ही निकालते डाल। हम लोग की. वीडियो में रहता क्या है? जय हिंद. बोलेंगे। सारा बात बताएंगे। अगले क्लास. में मिलेंगे जय हिंद। खत्म। एडिट क्या. करना है? इंटरनेट का पेनिट्रेशन हर जगह.
है। लोग हर चीज देख रहे. हैं। पाकिस्तान. वाले वो सब इंटरनेट पे किस चीज पे आ गए. हैं. सब? वो क्या सर्च करके पाकिस्तान वाले आगे. गए? इंटरनेट पे। सबको पता. है। वो गधों को इंटरनेट दिया गया। पढ़ाई. लिखाई सर्च. कर। तू सर्च करेगा तो कुछ और। थैंक यू सो. मच ये एपिसोड एंड तक देखने के लिए। अब.
आपको तीन चीजें करनी है। सबसे पहले इस. चैनल को सब्सक्राइब कर लो क्योंकि जितना. आप सब्सक्राइब करोगे उतने ही बेहतर और. वैलुएबल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए।. नंबर टू, मुझे कमेंट्स में बताओ इस एपिसोड. में आपको क्या अच्छा लगा और क्या गंदा लगा. ताकि हम वो मिस्टेक्स रिपीट ना कर पाए।. एंड कौन से ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना. चाहते हो वापस हमारे पडकास्ट पे ताकि हम. उन्हें लेके आं और आपको ज्यादा से ज्यादा. वैल्यू दे पाएं। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड. किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना. क्योंकि वन कॉन्वर्सेशन कैन चेंज समवनस.
लाइफ। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अनंटिल. देन कीप फिगरिंग अप।. [संगीत]. [संगीत].
