Kailash Kher On Music, Childhood, Struggle, Success & Making Teri Deewani | FO 255 Raj Shamani
मुझे बताओ तेरी दीवानी का निर्माण कैसे. हुआ हम एक कंसर्ट कर रहे थे अचानक. बैठे-बैठे ये लाइन गाने लगा प्रीत की लत. मोहे ऐसी लागी हो गई मैं मतवारी ये ऐसे. बना गाना वहीं और मेरे म्यूजिशियंस हैं. उनको भी नहीं पता वो भी देख रहे हैं कभी. कुछ ऐसा हुआ कि किसी ने गलत रिएक्शन दिया. हां बहुतों ने कहा ये तो फटे बांस जैसी. आवाज है इंडिया के अलावा सबसे ज्यादा मजा. कहां आया कंसर्ट करने में वेस्ट में वहां. पर वो बड़े ऑर्गेनाइज्ड होते हैं जब उनको. ताली बजानी होती है वो तब बजाते हैं लेकिन.
यहां दिलबा जीी बहुत है बहुत ज्यादा तो. इसलिए ऑडियंस तो पूरी दुनिया में भारत में. ही तगड़ी है क्या होता है आपके टाइक राइडर. तो हमारा 24 पेज का हमारा टेक राइडर है तो. ट्रैवलिंग में हम कहीं बाहर का खाते नहीं. प्रेसिडेंशियल स्वीट उसी में हम ठहरते हैं. और सिक्योरिटी की वजह से भी क्योंकि बहुत. लोग मोब करते हैं हमको सटी लब्स है बीन. रिपोर्टेड एट सिंगर कैलाश े शो व्ट वा फो. सिंगर एक लड़के को मेरे पैर छूने थे और वो. जिद्दी लड़का था हमारे बाउंसर बोल रहे थे.
कि अब भाई आपका हाथ चोट लगेगी तोड़ दे भाई. मेरा हाथ तो वैसा कई बार होता है पद्मश्री. आपको मिला है सिंगर कैलाश खेर शत्र फे वि. द 2003 हिट ट्रैक अल्लाह के बंदे है टुडे. बन कंफर्ड इंडियास फोर्थ हास्ट सिविलयन. अवार्ड द पद्म श्री क्यों लगता है आपको. मिला जिन दिनों गाने चल रहे थे कभी मेरे. साथ एक रात गुजार तुझे सुबह तक क्या-क्या. मैं तेरे हालत कर दूंगा तो उन दिनों अचानक. एक गाना आया तुझे जीत जीत हारू ये प्राण. प्राण वारू तो हमारे जो संगीत में. पवित्रता जो थी तो शायद उस कारण.
से इस जोन में आने के लिए ऐसा कभी होता है. कि आपको ड्रिंक करनी पड़े गांजा करना. [हंसी]. पड़े हमारा पर्पस है कि हम इंडिया के हर. कोने तक इंडिया के टॉप लोगों का नॉलेज. पहुंचा सके उन्हें लाइफ में आगे बढ़ने में. हेल्प कर सके उन्हें एजुकेट करें और. इंस्पायर करें एंड उस मिशन में आप हमारी. हेल्प कर सकते हैं इस चैनल को सिर्फ. सब्सक्राइब करके क्योंकि आप जितना हमें.
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[संगीत]. यू नो मैं आपको एक बात बताता हूं मैं मैं. शायद एथ क्लास में था या नाइंथ क्लास में. था तब ना मैं तेरी दीवानी आया था उस टाइम. पे जी राइट और उस टाइम पे नया-नया ये सारे. रियलिटी टीवी शोज आते थे सिंगिंग शोज आते. थे तो हम लोग क्या करते थे इतना रूम में. गाना चला के जोर-जोर से तेरी दीवानी गा. रहे हैं तेरी दीवानी चल रहा है उसके साथ. साथ गा रहे हैं और ऐसा लगता था हम ही. सिंगर.
बकुल तो मैंने इतना गाया है इतना गाया है. मेरा पूरा चाइल्डहुड तेरी दीवानी. सया वो बाद में बड़े होक रिलाइज हुआ कि जब. म्यूजिक बंद होता है तो आवाज कैसी आती है. नहीं लेकिन जो भी खा सकता है वो गा सकता. है यह भगवान का वरदान है इस पृथ्वी पर स. तो आप बोल रहे हो क्योंकि आप बहुत अच्छा. गाते हो बाकी लोग थोड़ी गाते हैं अभी. अच्छा तो नहीं पता हां लेकिन क्या है जो. भी इंसान अच्छी संवेदनाओं से बना है अच्छी.
सेंसिटिव है जो सोल जिसकी वो गा सकता है. और कभी भी अच्छा और कम अच्छा कुछ होता. नहीं है बस जैसे प्रेम सबका होता है प्रेम. अच्छा या बुरा नहीं हो सकता वैसे गाना भी. सबका होता है गाना भी गाना प्रेम का ही. प्रतिरूप है ओके मैं आपकी एक क्लिप देख. रहा था कल परसों ही मुझे ऐसी रैंडम आ गई. शायद.
बिल्कुल जब वो आया उसमें एक आपने चीज बोली. कि मैं आप एक अलग तरीके से गाने की कोशिश. कर रहे थे फिर आप उसमें बोलते हो कि मैं. ये सब नहीं करता हूं क्योंकि अगर मैं ऐसे. हुआ हुआ करा तो ऑडियंस को अच्छा भी नहीं. लगेगा और शायद हंसी भी आएगी आपको पता है. कौन सी क्लिप की याद कर रहा जी जी जी वो. बहुत एक्चुअली वो 2008 का क्लिप है और उस. वक्त हमसे पूछ रहे थे बहुत सारी बातें. बॉलीवुड फिल्म प्लेबैक सिंगिंग तब मैंने. बोला था कि ये जू जू जू ू ह ह हे हे ल ल ल.
र रे रे ये सब हम नहीं करेंगे क्योंकि हम. करेंगे तो खुद को भी हंसी आएगी ऑडियंस भी. हसेंगे और क्लाउन लगेंगे गायक से ज्यादा. तो वो ठीक नहीं होगा तो क्या पहले सब यही. बोलते थे कि ऐसा करो नहीं सभी ऐसा कभी. नहीं बोल पाए लेकिन कुछ कुछ लोग बोलते हैं. कि जैसे एक मैं आपको बताता हूं एक बार हम. रिकॉर्ड कर रहे थे 2007 में किसना फिल्म. थी तो उसमें म्यूजिक कंपोजर हमसे बोल रहे. हैं मोहम्मद रफी को याद करके गाओ उनकी तरह.
थोड़ा यू नो सॉफ्ट करो तो मेरे मुख से एक. बात निकली कि मोहम्मद रफी को तो सिर्फ. मोहम्मद रफी ही गा सकते हैं मैं कैलाश खेर. हूं मैं कैलाश खेर की तरह गा सकता हूं हम. तो इस तरह से मतलब कई बार क्या होता है आप. अपनी बात को बड़े प्रेम से बता दें तो. शायद किसी के अहंकार को ठेस भी नहीं लगे. किसी की ईगो भी नहीं हर्ट हो और आपका. पर्पस भी सॉल्व होता है बट कभी किसी को. बुरा लगा ऐसा अगर आपने बोला लगता है धरती.
पर तो आप जानते हैं ज्यादातर मनुष्य कम है. अहंकार ज्यादा घूम रहे हैं मनुष्य की बॉडी. में ईगो जो है वो ज्यादा घूम रही है ट्र. और हर चवन्नी को 26 पैसे होने का भ्रम. है तो कभी जब आपने ऐसा बोला कि मैं कैलाश. खैर जैसे गा सकता हूं तो लोगों को बुरा. लगा तो कोई प्रोजेक्ट छीने कुछ बात करी. कभी अपॉर्चुनिटी ली आपसे कभी ऐसे किया. नहीं वो हमसे कभी नहीं हुआ और यदि हुआ भी. है तो क्योंकि हम उस फ्रीक्वेंसी पे है ही.
नहीं कि ये मुझे आना था या मेरे हाथ से. चला गया तो मैं आनंद में रहता हूं कहां पर. आप पैदा हुए मैं दिल्ली में जन्मा हूं और. मैं पला बड़ा हूं मेरठ हरिद्वार ऋषिकेश. उसी पट्टी पे मैं 121 वर्ष की आयु में घर. छोड़ के भाग गया था दिल्ली से क्यों मैं. दिल्ली में भी बहुत भटका और मैं जिद्दी. हूं मैं थोड़ा हट्टी हूं मैं शिव का उपासक. हूं मैं शिव अनुगामी हूं और जो शिव के. अनुयाई होते हैं सच्चे वो पागल होते हैं.
उन्मत होते हैं वो हट्टी होते हैं वो. जिद्दी होते हैं और जिद ही जुनून ही आपको. जिंदगी के लिए इंस्पायर करता है घर क्यों. छोड़ा था 12 साल में निकले क्यों थे कोई. ऐसी बात हुई होगी कि कोई ऐसा मनुष्य होगा. घर में जिसको हमने बोल दिया कि अरे आप. छोड़िए आप तो थूक के चाटते हो मैंने यह. शब्द बोल दिया तो ऐसी बात छोटे बालक के. मुख से मान लीजिए 10 12 वर्ष का कोई ऐसा. बोल दे तो कभी आप उस मनुष्य की तारीफ कर. हो और कभी आप उसको घर पर ला रहे हो और कभी.
उसकी बुराई कर रहे हो व्ट काइंड ऑफ पर्सन. आर यू उस वक्त जब ऐसी बात तो ऐसा लगा जैसे. कोई बहुत बड़ा किसी छोटे को बोल रहा हो तो. ऐसे ो से उन्होंने. थपेड़े तो हम किस बात पर गुस्सा करके भागे. घर से तो माता-पिता हमको बहुत लाड़ भी. करते थे और मानते भी थे कि कुछ इस बालक. में तो है तो तो लेकिन मैं उनसे भी माना. नहीं उनकी भी बात और फिर घर छोड़ के भागा.
ही और मेरी मां ने तब एक बात कही थी कि. तुझे तो मेरे हाथ की कलाकन तुझे तो मेरे. हाथ की गाजर का हलवा यह सब इतने पसंद है. अब तू कहां से इतने चश्नी खाएगा इतना. जिद्दी हो रहा है इतने तेवर है तेरे मां. आज जा तेरा ही हूं आज के बाद मीठा भी नहीं. खाऊंगा मिठाई छोड़ दे कुछ भी मीठा नहीं. खाऊंगा 12 साल की अवस्था से आज तक हम मीठा. ठंडा खट्टा यह नहीं खाते क्योंकि जब भी आप.
जिद्दी होते हैं तो आप लक्ष्य के लिए. जिद्द कीजिए मूर्खता के साथ जिद ना. कीजिए तो हम थोड़े खपत हैं थोड़े पगले हैं. लेकिन पगलो की एक अलग दुनिया होती है पगले. जो है वो अपनी एक अलग दुनिया बनाते हैं और. उस दुनिया में बहुत प्रेरणा एं छुपी होती. हैं और व केले में दवाई का कार्य करती है. वह प्रेरणा हम कभी प्रीच नहीं करते हम खुल. के कभी किसी को टीच नहीं करते जब भी हमसे. कोई पूछता है कि आने वाले म्यूजिशियंस के.
लिए एस्पायरिंग सिंगर्स के लिए आप क्या. सजेस्ट करना भाई मेरा सजेशन यही है कि कोई. सजेशन नहीं है तो 12 साल में अगर आप निकले. तो फिर करा क्या काम आपने घर से बाहर निकल. इतना आसान थोड़ी होता है आपने बोला एक. जिद्दी लोग की दुनिया बनाना जैसे ही आप घर. छोड़ते हैं तो आपको पता नहीं कि आप अनाथ. हो चुके होते हैं घर छोड़ने का मतलब है यू. आर ऑर्फेन ना हो और ऑर्फेन होते ही जो. आपके छोटे मोटे.
परिचित भी होते हैं परिवारों के तो उनका. नजरिया भी आपकी तरफ बदल चुका होता है समाज. का नजरिया बहुत अलग हो जाता है जब आप रन. अवे चाइल्ड दिखते हैं उनको क्या क्या अलग. हो जाता तो जैसे हमने बहुत सारे कार्य फिर. सर्वाइवल के लिए किए क्योंकि अब आप घर. छोड़ चुके हैं छत है नहीं तो उस वक्त आप. जीने के लिए जीने की जद्दोजहद में अब आप. लगे हैं उसमें सच्चाई संसार की दिखती है.
कि जो लोग थोड़े बहुत परिचित भी थे पिताजी. के गाहे बगाहे निकलते हुए पंडित जी को. प्रणाम भी करते थे उनकी मान लीजिए एक. प्रिंटिंग प्रेस थी और मैंने प्रिंटिंग. प्रेस में थोड़े दिन काम किया 00 पर मंथ. बोल के लेकिन एक साल तक मान लीजिए काम ही. करते रहे वह भी 2020 घंटा और उस वक्त समझ. लीजिए जैसे 203 साल पहले का भारत तो और भी. आप समझ सकते हैं और दिल्ली भारत में भी. दिल्ली जो की सबसे अलग ही यूनिक जगह है.
खंड ऐसा उसमें जब हमने यह देखा और एक साल. बाद उनसे मांगा यह पैसा कि अब इतना मुझे. किराया भी देना है मुझे यह भी करना बहुत. सपने होते हैं क्योंकि छोटा सा माइंड छोटी. सी एक विचार शक्ति होती है उतने के लिए. आपके बड़े-बड़े ख्याल होते हैं बड़े-बड़े. ख्वाब होते हैं और तब अचानक यदि आपको कोई. झटका मिले तो ऐसे झटकों से आप निर्मित. होते हैं तो फिर जब आप प्रिंटिंग प्रेस.
में थे जी सबसे पहली जॉब आपने प्रिंटिंग. प्रेस करी यस और फिर वहां पर आपको जो 7200. थे साल में वो नहीं मिले कितना मिला मिला. ही नहीं कुछ भी नहीं तो साल भर फिर क्या. प्रिंटिंग प्रेस में ही रहते थे सोते खाते. वही थे नहीं हमको एक जगह थी उस वक्त बहुत. सारी चीजें ऐसी होती हैं जो किसी तरह आपने. उस वक्त गुजारा और पता भी नहीं चलता वहां. पर एक स्लम कॉलोनी है त्रिलोकपुरी मैं. वहां रहता था मय से सटाई हुआ है तो तो.
वहां पे कैसे रहते थे कोई रेंट नहीं लगा. किसी दोस्त के साथ हां तो वहां पे कोई एक. इन्होंने प्रिंटिंग प्रेस वालों ने ही एक. बोला था कि यह हमारे जानकार का है और इनको. इतना रेंट देना तो वो बात उन तक सीमित थी. लेकिन वो बाद में हम मेरे सर पर चढ़ गया. कि इतने पैसे हो गए हैं अभी 000 पूरे. निकाल के दे ये कर वो कर अच्छा ये. प्रिंटिंग प्रेस वाले तो अभी सामने ही. नहीं है बल्कि हमारे भी पैसे लेके वो निकल. भी गए कहीं क्योंकि ये बोल के कि जब उनके.
बेटे से बात करें तो वो बोले कि पापा से. बात कर पापा से बात करें तो और आप ऐसी. अवस्था में हैं शरीर की भी और मानस की भी. अपने मन की भी ऐसी अवस्था में है तब ये सब. बातें उतनी फिर क्या किया आपने तो फिर. उसके बाद हमने हजारों ऑड जॉब्स किए हैं. मैंने सात आठ वर्ष में बहुत सारे काम किए. मैंने संगीत सीखा नहीं फिर भी मैं संगीत. सिखाने लगा फिर लास्ट में ऐसे बहुत सारे.
काम कर कर के हमने लास्ट में एक्सपोर्ट. करना शुरू कर दिया था तब मेरी आयु थी लगभग. 20 या 21 के करीब एक्सपोर्ट करना क्या. एक्सपोर्ट करते तो मैं एक्सपोर्ट करता था. हैंडीक्राफ्ट इंडिया से भारत से वो भी. राजस्थान के प्रिंटिंग ब्लॉक्स प्रिंटिंग. ब्लॉक्स को ऐसे सिमेट्री में सजाते थे कि. वह एक पूरा खुद का एक डिजाइन वॉल हैंगिंग. जैसा बन जाता था तो ऐसे बहुत सारे हम कहां. भारत से कहां एक्सपोर्ट कर जर्मन में. हैमबर्ग में मैं भेजता कैसे भेजने लगे ये.
स्टार्ट कैसे हु क्या हुआ कि मैं जहां. ट्यूशन पढ़ाता था तो एक बार मुझसे ऐसे ही. बात की जिनको मैं पढ़ाता था उन्होंने कि. मेरी फ्रेंड है एंड शी वांट्स दीस दीस दीस. टू थ्री थिंग्स कैन यू सोर्स दिस वैसे. कैजुअली तो हां हां मास्टर जी गुरुजी ऐसे. वर्ड्स बोलते थे तो बहुत ही छोटे से टाइनी. से प्यारे से गुरुजी हैं तो मन ही मन ये. हम समझते थे सब लेकिन चुप जैसे हो रहा है.
वैसे ही होने दो तो अचानक मेरे मुख से. निकला दिल्ली का. होना बहुत अलग होना होता है हम वैसे तो. देखिए सभी जगह भगवान गुणवंत पैदा कर सकते. हैं लेकिन दिल्ली एक विशेष जुगाड़ आपको. सिखा देता है वहां बिना सीखे आप बहुत कुछ. सीख जाते हैं उस टेक्नोलॉजी का नाम है. जुगाड़ हम अच्छा दज आर कॉल्ड जुगाड़ जैसे. आपके सामने ये एक कैजुअली एक बात आई कि आप. ये सोर्स कर सकते हैं क्या एक ये है मदर.
टेरेसा साड़ी है ये वुडन ब्लॉक्स हैं वॉल. हैंगिंग्स है थोड़ा डेकोरेटिव. यनो कॉर्नर्स है और कुछ कुछ ऐसे पसेस है. लकड़ी के वुडन तो मैंने बोला हां अच्छा. वहां हर चीज पर हां पहले निकाल देता है. मनुष्य आपको जहाज चाहिए हां हां मिल जाएगा. जी कीड़ा चाहिता है तो बड़े आराम से आप कह. सकते हैं पानी चाहि. हवा वो बाद में करेंगे यार ये मैंने बोल. क्या दिया करना क्या है लेकिन अभी बोल.
दिया तो भाई अभी तो हां है तो ये विशेषता. वहां पे हम सीख ही गए थे हम तो बहुत सारी. वाचाल चतुराई चपल गिरी हम सीख गए थे मैं. एक्सपोर्ट करते वक्त भी अंडरटेबल देना सीख. गया था ऑफिसर्स को और मेरा अपना शिपमेंट. रुके ना मतलब बाकियों की बड़े-बड़े. कंपनियों के रुके हुए हैं लेकिन मेरा. शिपमेंट ना रुके मैं वो शार्प हो गया था. बाद में यह हुआ कि हमारा ये एक्सपोर्ट का. थोड़ा.
कोलप्पन बारे में यह बोलते हैं कि कभी अगर. हमारे बायोग्राफी आएगी तो उसका नाम होना. चाहिए प्रॉडिजीज. प्रॉडिजीज. शिप मुश्किलों का पुत्र कैलाश खेर. विफलताओं की उत्पत्ति कैलाश खेर. प्रॉडिजीज. क्योंकि इतना ज्यादा पेन और फेलियर देखा. है उस वक्त तो जब ये अ.
कोलप्पन का तो तब मुझ पर कर्ज भी चढ़ गया. था एक तो आयु आपकी ऐसी होती है और वो आयु. उस अवस्था में राज अगर आप अच्छा अभी मैं. म्यूजिक गाता हूं बचपन से देखिए लेकिन इस. पूरी जर्नी में कहीं म्यूजिक नहीं झलका. आपको क्यों क्योंकि मेरे अंदर परमात्मा. म्यूजिक ठूंस रहे थे यह सब जितने भी. हार्डशिप है यह संगीत था मेरा आज जब मुझे. लोग कंप्लीमेंट देते हैं वाओ सो सोलफुल सो.
हार्ट टचिंग यू नो योर सोंग यू नो पियर्स. माय हार्ट लाइक एनीथिंग तब मैं मन में. सोचता हूं भाई शायद यही रोका होगा मेरे. परमात्मा ने वही अब बहता है तो उस वक्त. थोड़ा कर्ज भी हो गया तो मन इतना हताशा से. भरा था कि तब मैं एक प्रश्न परमात्मा से. करता था कि मेरे दाता शायद इतनी. असंवेदनशील. टाइम पे आपने ऐसा मन देकर क्यों भेजा है.
कि हमको दुनिया ही पहले तो उतनी गहरी नहीं. लगती मतलब जो गहरे बने हुए हैं वो हमको. बहुत ही शैलो लगते हैं और आपने परमात्मा. हमको भी यही जन्मया कितना मुश्किल है कि. अचानक इस तरह से तालमेल बिठाना और फिर हम. मैं क्योंकि अंततोगत्वा मैं ऋषिकेश में. मैं पिताजी वाला काम सीखने गया फिर क्या. पंडिता ओके तो पंडिताई सीखते हैं तो उसका.
भी एक आज कोर्स होते हैं तो उस 6 साल का. आचार्य कोर्स होता है स्नातक बोलते हैं. हमारे ग्रेजुएशन उसमें कर्मकांड में तो. मैं वही सीखने गया फिर अभी मैं 2021 का. हूं और मेरे अब जो साथी हैं वो कोई 12 साल. का है कोई 13 साल का है कोई ठ साल का है. वो मेरे साथी हैं जिनको आप क्लासमेट्स. कहेंगे तो मन में अब वो एक फ्रस्ट्रेशन. अलग कि मैं 22 साल का हूं अब मैं दाता यह. सब करूंगा मर ही जाऊं इससे तो अच्छा तो.
मैं गंगा जी में कूद गया तो मैं ये मेरा. पुनर्जन्म है राज गंगा जी ने हमको कैसे तो. बाहर फेंका कोई एक मनुष्य ने हमें निकाला. उसने फिर हमसे पूछा कि तुझे तो तैरना नहीं. आता फिर ू क्यों कूदा था मरने गया था. मैंने कहा हां उसने दिया मुझे कान पे एक. इतनी जुबान जोरी कर रहा है उस वकत ऐसी एक. टोन ऐसी लैंग्वेज इस तरह का तो मैं कक्ष.
से अपने आश्रम के कक्ष से 24 घंटे तक बाहर. इसलिए नहीं आया कि वहां भी मैं पश्चाताप. ये कर रहा था कि परमात्मा मैं यहां भी. विफल हुआ मैं विफलताओं का पिंड हूं मैं. विफलताओं की पहचान हो चुका हूं अब मतलब. सक्सेस आजूबाजू भी नहीं ठहरती जहां जाता. फेल हो जाता फेल फेलर्स ही फेलर्स है फ जब. आपने. कभी जब आपने यह खुद की जान लेने की कोशिश. करी यह पता चला घर वालों को बाद में पता.
लग गया था जी उस टाइम प नहीं पता चला उस. टाइम पर तो घर वाला आजूबाजू भी नहीं था हम. घर वाले थे आज भी हम ही घर वाले हैं आप. हंसोगे हमारी यह बात पहली बार मैं आपके. यहां बता रहा हूं मेरी शादी भी हुई है. मेरा बेटा भी है 14 ईयर का कबीर लेकिन. शादी के दो तीन साल में ही जो ग्रस्त में. होते हुए भी हम वानप्रस्थ में है हम. विच्छेदन जिसको सेपरेशन कहते हैं वो हो. गया तो सब कुछ ठीक ठाक उसमें है लेकिन.
परमात्मा को जाही विधि राखे राम ताही विधि. रहिए किस तरह से रखना होता है कुछ आत्माओं. को तो उसमें भी नहीं फसाया हमको और आनंद. में भी है कितने लोग तरस खाते हैं य बातन. आईम सॉरी टू हियर दिस अरे चुप कर तू तू. सॉरी बेटा तुझ पर सॉरी है हम तेरी हालत. देख सब कुछ होते हुए भी तोत कितना तन्हा. है और हम तन्हा होते हुए कितने ज्यादा. जुड़े हुए सबसे कभी लोनली फील नहीं हुआ.
नहीं हमारा जो जीवन है ना वह इतना ज्यादा. परमात्मा ने अपने कंट्रोल में लिया हुआ है. कि आप हसेंगे लोनली शब्द कभी आ ही नहीं. पाएगा आप दंग हो जाएंगे तीन दिन से हम. यात्रा में थे लगातार और रात भर हम सोए. नहीं उसके बाद आज हमारा यह पॉडकास्ट था. राज मानी के साथ तो हमारी टीम ने बोल रखा.
था कि सर टाइम पर पहुंचना है सर यह है सर. वो है सर यह सब चल रहा था तो सुबह दो घंटे. सोया और यह बोल के स्टाफ को कि भाई दो. घंटे पहले जगा देना क्योंकि इतना भी लेट. मुझे नहीं होना ये सब मतलब तो हम बहुत ही. हर चीज में यह सब होने के बाद भी बैक टू. बैक यह सब उसके बाद भी परमात्मा कैसे. मैनेज करते हैं मतलब हमको सब कुछ दे रखा. है बस टाइम थोड़ा सा टाइट रखा है इसलिए.
लोनली मतलब स्पेस ही नहीं दे रहे यह सोचने. को तो फिर उधर से उसके बाद आपने गाना. स्टार्ट किया 21 साल में गंगा जी के बाद. हां. मतलब तो तब भी थे बम्बे कैसे आए यहां की. कहानी कैसे हुई तो जब हम वहां गाते थे और. गाते बड़ी यूनिक चीजें थी जैसे पांच बरस. की मीरा लाड़ली हो. सखियों में खेलन जाए रिसन राणा भाई खेले.
तो पायरी मीरा कांगना. हो. जी काले काले नाग पीटा रे राणा मंदता हो. दिए मीरा जी के. हाथ हो दिए बैरागन के. हाथ ले खोल खुल या मीरा देखती होवा में.
बैठे हैं जहरी. ना मेरी लो लागी हर के ध्यान में. जी यह गाते थे और संत लोग नाचते थे वाह तो. कुछ यूनिक बात थी अलग शब्द थे अलग पागलपन. था अलग बहुत अच्छा आते हो सर आप तो साहेब. उसम यह हुआ कि इस का गाने का एल्बम निकले.
यह हमारे एक वहां पर महात्मा थे स्वामी. परिपूर्णानंद जी उन्होंने हमको कहा तो फिर. ये स्टार्ट कैसे हुआ तो मैं वहां से आया. उन स्वामी जी ने मुझे एक एड्रेस दिया था. एक जगह है यहां पर सन्यास आश्रम तो मुंबई. में मुंबई में विले पार्ले में तो. उन्होंने कहा किय इनसे मिलना महामंडलेश्वर. है वहां के मेरे मित्र हैं उनको पूछना और. मेरी चिट्ठी दिखा के व आपको रहने को देंगे.
जगह तो मैं आ गया और वहां पर रहकर अपना. एल्बम बनाओ जो भी गाते हो उसका एल्बम बनाओ. तो वो इंस्पिरेशन लेकर मैं आ गया और मैं. वो चिट्ठी दिखाई मैंने महामंडलेश्वर जी को. उन्होंने मना कर दिया मेरे पास तो प्लान. बी था ही नहीं ऑप्शन टू तो लेकर आया ही. नहीं उतना माइंड में हो ही नहीं बचपन से. तो वो सब हुआ अब जब धरती सरक गई यहां आकर. दोपहर को तोव मिले सारा दिन कॉर्नर में. बैठे रहे वहां सन्यास आश्रम के बैग बैग.
लेकर अपने उसके बाद जब मिले तो उन्होंने. मना कर दिया तो फिर भगवान से एक प्रश्न. किया परमात्मा अब फिर से झटके दे रहे हो. अब ये एक नया सिलसिला शुरू हुआ है तो अब. यहां पर नहीं बैक टू बेसिक में आ गए अब यह. क्या है भगवान कैसी दुनिया में आए हैं यह. है मुंबई कोई पता पूछो कि हरे रामा हरे. कृष्णा मंदिर किधर है आगे जाएगा तो एक. बिल्डिंग गिरेगा अब फिर उससे आगे जाएगा तो.
एक झाड़ गिरेगा तो इतना कुछ गिर रहा है. यार तो तुझे पहले ही पता है तू मुझे भेज. क्यों रहा है तो ये मन में आती थी सब. चीजें बहुत सारे कल्चर शॉक मिले यहां पर. और उसके बाद फिर वहां पीजी पता लगा कि. पीजी पीजी की फुल फॉर्म पता लगी पेइंग. गेस्ट यानी गेस्ट भी हो आप लेकिन पे भी. करो हम तो ऐसी कल्चर से आए नहीं थे तो मन. में सोच रं यार कैसे गेस्ट है जो पे कर. पे किया जा रहा है जिनको चारों को कितना.
जलील कर रहे हैं यार गेस्ट भी बोल रहे हैं. और पे भी बोल रहे हैं कि पे भी कर दो उस. वक्त पागलपन की बुद्धि थी समझ नहीं आता था. तो पीजी में हमको फिर एक जगह ज मिल गई. वहीं विल पार्ले में ही साहब मैंने वहां. आठन महीने काटे उस जगह 50 रोज देना था. पड़ता था फिर मेरी जर्नी वहां से शुरू हुई. शुरू में मैं यहां अपनी डेमो लेकर आया था. अब एक दो रेकेट का कंपनी के पास जाना होता. था क्योंकि आप एल्बम बना भी सकते हैं.
लेकिन दिखाएंगे कैसे उस जमाने में उस. जमाने में सोशल मीडिया भीता नहीं था कुछ य. तो था ही नहीं बेचारा था. तो उस वक्त एक दो कंपनियों के पास हम गए. तो उन्होंने जाके ज्यादातर वहां एमबीए. टाइप के लोग बैठे होते थे एक्सपर्ट्स. जिनको मैं दिमाग बाज जिनको कहूंगा वो. कन्फ्यूज्ड होते हैं दिमाग मतलब कंफ्यूज. क्योंकि वो क्लेरिटी में हो ही नहीं सकता. तभी वो दिमाग है दिल एकदम क्लेरिटी में. होता है तभी तो कहते हैं कि दिल में जो.
आती है बात तो देखिए साहब बिना ट्रेनिंग. के भी इश्क कैसे हो जाता है और किस-किसको. हो जाता है बिना लैंग्वेज के हो सकता है. क्यों क्योंकि वो दिमाग से होता ही नहीं. वो दिल से होता है हम तो वहां कंफ्यूजन. होता नहीं दिमाग वालों के पास बड़े. कंफ्यूजन है नो इट्स नॉट अ हीरो काइंड ऑफ. वॉइस दिस दिस काइंड ऑफ वर्ड्स आई थिंक. इट्स टू ओल्ड फैशन आई थिंक इट्स नॉट गोइंग. टू वर्क. यह कह के तीन-तीन महीने में तो किसने.
रिजेक्ट किया तो ऐसे कई रेकेट कंपनी यहां. पर थी तो ऐसे उन्होंने किसी ने रिजेक्ट. किया किसी ने बस कमेंट किया ना रिजेक्ट. किया ना सेलेक्ट किया तो वो सब होता गया. ऐसे में एक दो साल गुजर गया लेकिन हम तो. अब हैं हम यहां हैं और बस अपना अपना ट्राई. कर रहे हैं और तब तक मैं नरेश परेश को मिल. ही चुका था उनके साथ म्यूजिक बनाने पे तो. लग ही गया था कि चलो डेमो. अपना का चलता रहे धीरे धीरे चीटी चाल से.
कछवा चाल से ये चल रहा था अचानक हमको. जिंगल्स के लिए एक दिन कॉल आई हम आपसे. जिंगल गवाना है कैलाश खेर तो एक्टिंग तो. ऐसे करनी है कि या आई नो यू नो एवरीथिंग. आई एम फ्रॉम द सेम वर्ल्ड बट एकदम कुछ. नहीं पता पैदल हर बात में फिर धीरे से. पहले हां कर दी या आल कम टुमारो एंड आल सी. य दिस एंड ये जिंगल क्या होता है. तो उसने बोला अरे ये जो ऐड कमर्शियल्स.
होते हैं टीवी पे जो आते हैं रेडियो पे तो. उनमें जो गाते हैं उसको जिंगल कहते हैं. अच्छा अच्छा हां मैं कल आता हूं वो करके. आया तो साहेब हमने वहां गए और तो कुछ. सिखाया हमें है नहीं बस अंदर डबिंग रूम. में भेज दिया और बोला. कि सिंग. समथिंग तो मन ही मन में सोच रहा हूं भगवान. य पहली बार कुछ कमर्शियल रिकॉर्डिंग मिली. है. बिना सिखाए बोल रहे हैं सिं सम फिल्म चल.
रही है उस ऐश्वर्या रय थी. और एक डायमंड चमकता जा रहा है उस वक्त. इतनी अकल भी नहीं थी कि कौन है स्क्रीन पर. क्या चमक रहा है तो यह बताया बाद में. उन्होंने जब उस तरह से तो बोला या द फिल्म. इ ऑन सिंग समथिंग तो मैंने तब यह गा दिया. अचानक. तम.
नन यह कर दिया तो अचानक वहां से कोई. एक्सप्रेशन नहीं था कंट्रोल रूम से बस या. कम. आउ कोई रिटेक भी नहीं कुछ नहीं तो मन में. आया बात बनी नहीं है बाहर से बाहर निकल के. जाऊंगा पोपट होने की बजाय नहीं तो. बेइज्जती होएगी अच्छा वैसे तो अभी इतनी. बेइज्जती हो चुकी है कि अब पता भी बेज्जती. का मतलब क्या होता है अब तो यही इज्जत.
लगती है. बल्की तो जब उन्होंने मैंने जैसे दरवाजा. खोला तो बाहर ही खड़ा है कोई कम कम ऐसे कम. कम करके वो कंट्रोल रूम में लेकर गए तो बस. जैसे ही अंदर गए वाओ मैन व्ट्स योर नेम. वेर आर यू फ्रॉम व्ट वॉइस मैन वट टेक्सचर. व्ट कंपोज मैन एंड वन. ट सरप्राइज मैन वेर आर यू फ्रॉम यह सब.
करके मैं कुछ रिएक्शन ना दू मनही मन सोच. यार ये थोड़ी दूर ले जाकर मार रहे हैं. क्या क्योंकि कुछ समझ नहीं आ रहा भाई इनको. कैसे लू ऐसे लू या. वैसे थोड़ी देर के बाद पता लगा कि. उन्होंने बोला या सेंड मी र इनवॉइस. तो यह सुनके और मैं कंफ्यूज हुआ सेंड मी र. इनवॉइस मैंने तो यार अपने एक्सपोर्ट्स में.
सारे अपने गुड्स का इनवॉइस भेजता था ये. मुझे ही बोल रहा है अब मेरा इनवॉइस मांग. रहा है सेंड मी योर इनवॉइस क्या मैं सामान. हूं कुछ बिल्कुल पैदल अकल से तो फिर मैं. एक हमारे परिचित थे उन दिनों यहां पर उनसे. पूछा कि सर उन्होंने मुझसे बोला सेंड मी. योर इनवॉइस कि हां तो भाई अपनी सर्विस का. बिल तो आप लेंगे ना भ आपने जो कार्य किया. उसके लिए. बिल दीजिए अच्छा वो है वो मतलब जो हमने.
किया उसका भी अब बिल है मतलब सामान की. बजाय हमारी सर्विस का बिल है ये तो मन में. एकदम एक्ट लेकिन ऐसे करना कि ओ या. ट ऑफ कोर्स तो वो वाला एटीट्यूड से फिर. मैं मैंने वहा इनवॉइस भेजा उसी दरमियान. जहां जहां भी हमको जिंगल्स गवाने बुलाए तो. इंग्लिश में तारीफ करें हमारी ने इनवॉइस. भेजा फर्स्ट पाच 5000 का पहले भेजा आज तक.
मिला नहीं है लेकिन वेट करना होता है ना. इनवॉइस के बाद कि आएगा आएगा तब तक दूसरी. रिकॉर्डिंग कहीं और से मिल गई तो. धीरे-धीरे वाड वागनी की तरह बात फैल गई. जंगल की आग की तरह कि कोई नया वॉइस है. थोड़ा रॉ है थोड़ा हस्की सा है और थोड़ी. कंपैशन सी दिखती है हर उसके वॉइस में मतलब. ये बिल्कुल जो रोजमर्रा की तरह नहीं है. रॉनेस है एक एक रॉनेस है एक थोड़ा अलग. उसमें एक है तो बात तो वैसा करके दूसरी एक.
रिकॉर्डिंग मिली जब वहां गए तो वहां भी. इंग्लिश में पहले से बोल या आईव हर्ड मैन. हिज वॉइस इ दिस एंड दैट यू नो इट्स सो. वेरी आईव हर्ड द ट्रैक मैन व्हाट ही संग. तो ये मैं सुन रहा था ऐसे चुप उन दिनों. में हंसता भी कम था और चुप सुन रहा हूं. अंग्रेजी में मेरी ही तारीफ चल रही है तो. मैंने इस बार 2000 एक्स्ट्रा बढ़ा दिए. इनवॉइस में 7000 कर दिया 7 कर दिए तो ऐसे. धीरे धीरे हम करते करते एक बार उन्हीं.
दिनों में हमें तीन चार महीने के अंदर. अंदर बमबे डाइंग का एक जिंगल मिल गया और. वो जब खुश हो रहे थे ज्यादा ही तारीफ भी. चल रही थी तो मैंने भगवान का नाम लेकर 200. हज कर दिया यह कुछ बड़ा काम है लगता है. मेरे दाता बस डांटना पड़े काम हो जाए 200. हज का इनवॉइस बनाया साहब वो इन कैश हो गया. उसके बाद फिर पीजी से वन बीएच के में मूव.
हुआ वहां से हमारी जिंदगी चली इसी जिंगल. की ही दुनिया में अचानक हमको एक दिन कॉल. आया कि कैलाश खेर या मैं विशाल बोल रहा. हूं और मुझे आपसे गाना गावा आना है तो. मैंने नाम जितने सुने थे विशाल भारद्वाज. बोल रहे हैं आप कि नहीं नहीं हम विशाल. शेखर नाम से करते हैं और मैं उसमें से. विशाल बोल रहा हूं और आपसे हमें एक फिल्म. का गाना गवाना है. तो आप कल आ सकते हैं हां जी आ सकते हैं गए.
हम तो वो गाना था अल्लाह के बंदे हमने. डेमो सुना और उसके बाद अगले दिन उसका फोन. आया कि आप कितना फीस लेते हैं तो मेरे मुख. से निकला 500 तो एकदम डूड हैव यू एवर संग. एनी फिल्म सॉन्ग ने नहीं गाया तो नहीं है. डूड इवन एलस्टर सिंगर्स लाइक सोनू निगम. लाइक उदित नारायण दे चार्ज ओनली 10 ग्रांड. हां उतना ही दे देना तो ऐसे हम दिमाग बाज. हुए धीरे धीरे तो वो हुआ फिर फिर जब हमने.
पता किया किय फिल्म का नाम क्या है फिल्म. का नाम है वैसा भी होता है पार्ट टू हम तो. डाउट हुआ थोड़ा कि नहीं चूर दे रहे हैं. ऐसी कोई फिल्म होती है पार्ट टू पार्ट वन. कब आया है तो ऐसा मन में चल रहा था लेकिन. फिर अरे कोई नहीं जो मर्जी हो फिल्मी. दुनिया तो नकली दुनिया है तो क्या पता. फुद्दू बना रहे हो किसी को अपने को तो. 10000 मिलेंगे बस हो गया गाना गा के आ जाओ. बस यह हुआ वो गाना गाया गाना उन्हीं का.
था गाना सब उनका था आपने हां हमने गाया बस. लिखा हुआ और कंपोज करा हुआ पहले विशाल का. था जी विशाल शेखर का म्यूजिक विशाल ने. लिखा था और हमको गाना था बस 10000 चुपचाप. अंटी में लिए और ऐसा लगता था उन दिनों. भगवान मैं कमा सकता हूं म्यूजिक से भी कमा. सकता हूं और मतलब उन दिनों भी मन में ये. चलता था भगवान. यदि मैं खुश रहता हूं और खुश रहने से.
दुनिया भी खुश रहती है और आप उसके बदले. में पैसे भी भिजवा देते हो थोड़े य कितनी. प्यारी दुनिया में अचानक मुझे आपने एंट्री. दे दी और यही करने के लिए शायद मैं जन्मा. था क्योंकि यहां दिमागी कटिया फंसाने नहीं. दिमागी कसरत कुछ करनी नहीं होशियारी. दिखानी नहीं चालाकी कुछ दिखानी नहीं इसकी. यहां से कर दूं यहां से वो कर दूं कुछ. नहीं चालाकी कुछ नहीं चुपचाप गाना गाओ. पैसे लो घर आ जाओ हां गाना गाओ हंसो हंसाओ.
और पैसे लो तो ये कितनी प्यारी बात भगवान. ने की तो यह होते होते अचानक वो गाना जब. आया. बाहर तो जिन्होंने मेरी एल्बम उस वक्त. डेमो सुन सुन के रिजेक्ट की थी इट्स नॉट अ. हीरो काइंड ऑफ वॉइस उनका फिर फोन आया उस. कंपनी से कि वी आर रेडी टू रिलीज योर कौन. सी कंपनी से सोनी. [हंसी]. म्यूजिक तो ये गाना फट गया ते से कि बाद. में चला आते ही पागलपन का दूसरा नाम जैसे.
कोई द्वार कोई बांध. है और वोह बहने को तैयार है पानी रुका हुआ. है बहुत तगड़े से बस द्वार खुलते ही धध. बाढ़ आनी है बस बाढ़ आई अल्लाह के बंदे. सिर्फ आया नहीं बाढ़ लेक आया सीधा मतलब. कोई भी अवार्ड उस वक्त हमको मिला और हर. अखबार हर चैनल अचानक. जैसे कोई किसी चीज ने नया जन्म ले लिया हो.
रातो रात दुनिया चेंज हो गई हां सब कुछ. बदल गया और बहुत सारे इंटरव्यूज होने लगे. इंटरव्यूज होने लगे तो डिफरेंट वॉइस अच्छा. जब हमको अवार्ड्स मिले और तो उस वक्त के. जो नॉमिनी थे हमारे साथ वो हमारे सीनियर. और हमारे वरिष्ठ हमारे कंटेंपरेरी लेकिन. हमसे और अनुभवी बड़े लोग वो सब अचानक हिल. गए ये कौन ने भाई ये क्या आवाज है ये किस. तरह की उनके रिएक्शंस इतने ब्लंट इतने.
एकदम तीक्षण कि सब लोग हैरान थे अब उनके. रिएक्शंस के ऊपर इंटरव्यू होंगे हमारे भी. रिएक्शंस होंगे हमको पता नहीं कौन क्या. रिएक्शन दे रहा हम अपने में हैं हम बेबाकी. से अपने में ही शुरू से रहे ही हैं कभी. कुछ ऐसा हुआ कि किसी ने गलत रिएक्शन दिया. हां बहुतों ने कहा ये तो फटे बांस जैसी. आवाज है इस इस इसको कैसे अवार्ड मिला तो. इस तरह से कुछ-कुछ रिएक्शंस आए और वोह भी.
सब सीनियर्स के आए लेकिन इससे पहले. क्योंकि इतनी हम चीजें झेल चुके हैं ये तो. बहुत ही प्यारी लग रही है कि उनके मुख से. कुछ निंदा भी आई तो ये कितना मतलब उनकी. ब्लेसिंग है उनके मुख से आ यार और उस वक्त. एक अर्श दवार स उसमें एक्टर थे उनके घर पर. एक गेट टुगेदर था हम भी गए हुए थे शुरू के. दिन की बात है तो उन दिनों हमको पता नहीं. होता था गेट टुगेदर क्या होता है ये सब तो. हम बुलाया हुआ था हम भी चले गए क्योंकि जो.
डायरेक्टर थे शशांक घोष उनके यहां एक बार. गए थे तो खुशी के मारे अर्श दवार स ने. बोला कि ब्रदर यू आल्सो कम टू यू नो वी आर. आल्सो हैविंग गेट टुगेदर एंड वहां पे. अभिषेक बच्चन आए हुए थे तो वो बार-बार यह. गाना तब तक रिलीज नहीं हुआ था फिल्म रिलीज. नहीं हुई थी तब तक वो बार-बार यह रिपीट प. सुने अल्लाह के बंदे अल्लाह के बंदे तो ही. सेज यार ये फट वॉइस मैन व्ट अ सॉन्ग एंड. दिस एंड दैट ऐसे बोल के तो हर्षद वारसी ने.
बोला यू वा टू मीट द गाय हु संग दिस तो. फिर हमसे मिलवा दिया तो उन्होंने एकदम ऐसे. हंबली प्रणाम किया और बहुत अच्छे से तो तब. तक तो मैं नहीं समझ पा रहा था ये क्या हो. रहा है बहुत कुछ अलग सा हो रहा है बड़ा. इंटरेस्टिंग भी हो रहा है लेकिन चलो सर पे. नहीं लेना भाई ये सब क्योंकि इससे पहले. बहुत झटके पड़ चुके हैं इसलिए होश में रहो. बस. जिसको जैसा लग रहा है उसको खुश रहय सब.
होने लगा फिर यह सब होने लगा जैसे ये. रिलीज हुआ तो फिर यही रिएक्शन अब पूरी. दुनिया के आने लगे अवार्ड्स मिलने लगे. इंटरव्यूज होने लगे अभी टीवी पर इंटरव्यू. हो रहे हैं अच्छा तब हमने बोलना प्रारंभ. किया इससे पहले हम बोलते नहीं. थे मैं एक अपना अनुभव बांटना चाहता हूं. आपसे यदि आपको अच्छा बोलना है तो अच्छा. सुनना चाहिए जो अच्छे सुनक होते हैं बहुत. अच्छा बोलते हैं तो एक आयु तक मैं सुनता.
था. बस उसी का प्रभाव था कि. 30 30 32 वर्ष में हमको यह गाना अल्लाह के. बंदे आया उस वक्त उससे अगले वर्ष हमारा. 2006 में यह आ गया तेरी दीवानी गाना. जिसमें पहला बना कैलासा एल्बम कैलासा पहला. हमारा. 7थ मार्च 2006 को ए आर रहमान साहब जी के.
हाथों से रिलीज हुआ था यानी जो भी हुआ फिर. सब बड़े बड़े ढंग से हुआ ए आर रहमान सर. कैसे कैसे लच कर दिया उन्होने तब तक क्या. हुआ था कि अल्लाह के बंदे रिलीज भी नहीं. हुआ था लेकिन उसके चर्चे शुरू हो गए थे. विदन इंडस्ट्री तो लोग. बनया एक लड़का आया है एक अच्छा गाता है और. इस तरह का एक गाना हैय तब तक हमको ए आर. रहमान साहब ने बुलाकर गवाना भी शुरू कर.
दिया था तब तक हमने स्वदेश में गा लिया था. मंगल पांडे में गा लिया था तो यह सब. जैसे य चला चल वो सब हो गया जैसे हां य ये. ट्रक में लोड होने लगे हैं प्रोडक्ट सब अब. ये कब तक पहुंचेंगे शॉप तक स्टोर तक ये. होगा लेकिन इस दरमियान यह सब हो चुका था. और हमारे वेवलेंथ एर रहमान साहब के साथ. ऐसी बन भी चुकी थी कि सम हाउ वो जो एक. कोरा पन था वो जो एक रने थी उसका एक अपना. आकर्षण होता है तो हम ज्यादा फैशन बाजी और.
ज्यादा बनावटी पन के थे नहीं जैसे थे वैसे. जो एक्सेप्ट करे तो वो कुछ कुछ आत्माएं उस. वक्त थी उनमें से ए आर रहमान थे मुझे बताओ. तेरी दीवानी का निर्माण कैसे हुआ तो तेरी. दीवानी तो बहुत मिरेकल गाना है जी हम एक. कंसर्ट कर रहे थे पहला कंसर्ट और पहले. कंसर्ट में दिल्ली में प्रगति मैदान में. राहत फतेह अली खान शफकत अमानत खान यह. पाकिस्तान के दो बैंड हैं और इधर से.
इंडियन ओशन और कैलाश खेर तब तक कैलाशा. निर्मित नहीं हुआ था तो कैलाश खेर बैठ के. गा रहे हैं हम हारमोनियम लेके गा रहे हैं. और साथ में नरेश परेश खड़े हैं हंक हां तो. मैं ऐसे देख देख के आई कांटेक्ट बनाऊ और. गांव दिल्ली की ऑडियंस तो है बहुत ही वर्म. और बहुत ही कोजी तो बड़ा सुन रहे हैं बड़ा. अच्छा उस वक्त मेरा हिट गाना अल्लाह के. बंदे है रंग दीनी रिकॉर्ड हो चुका लेकिन.
फिर भी मेरी हिम्मत है मैं किसी नॉर्म्स. में गया ही नहीं कि रिलीज भी नहीं हुआ फिर. भी ना गाऊ गाऊंगा. [हंसी]. भाई और ये यूं ही चला चल रही वो भी निकल. गया था नहीं वो वो भी नहीं रिलीज हुए थे. ये 2004 की बात है ये तो मतलब सिर्फ गाना. अल्लाह के बंदे ही था एक जो रिलीज हुआ था. रिलीज हुआ था और फिर भी मैं पूरा कंसर्ट. करने जा रहा हूं देखिए तो कुछ अपनी. ओरिजिनल भी गा रहा हूं वहां और किसी को. कुछ नहीं पता लेकिन लोग तारीफ कर रहे हैं.
हा अचानक बैठे. बैठे मैं ये वहीं पे ये लाइन गाने लगा. प्रीत की लत मोहे ऐसी लागी हो गई मैं. मतवारी बल बल जाऊं अपने पिया को जाऊं वारी. वारी अरे री सखी मैं का से कहूं मेरे हृदय. उठे उड़ी तब वो यह बोला है और प्रेम. पियाला भर भर पिऊ हारी में दिल हारी ठीक. है. तेरे नाम से जी लूं तेरे नाम से मर जाऊं.
वही चल रहा है ये गाना एक्टेंपोर गाना. निर्माण हो रहा है सर तेरे नाम से जी लूं. तेरे नाम से मर जाऊं ऑडियंस सामने है तेरी. जान के सदके में कुछ ऐसा कर जाऊं तूने. क्या कर डाला मर गई मैं मिट गई मैं और फिर. अच्छा अटका दिया बाबा ने अचानक तो मैंने. वहां हो हो जी हां हां जी गा दिया देखिए. फिट इन द फिल इन द ब्लैंक को कैसे भगवान. फिट कर रहे हैं. तूने क्या कर डाला मर गई मैं मिट गई मैं.
हो हो जी हां हां जी इज अ फिल इन द ब्लैक. है सर फिलर है वो हो गई मैं बाबा ने एकदम. दिया हो गई मैं तेरी दीवानी ये ऐसे बना. गाना वही और मेरे जो म्यूजिशियंस है उनको. भी नहीं पता वो भी देख रहे हैं क्या कौन. सा नोट अभी लगाया कौन सा नोट अभी लगेगा तो. वो होते होते होते होते वहां पर ही देयर. एंड देन ये गाने का निर्माण हुआ मैं मेरे. लिए पहले दो गाने थे अल्लाह के बंदे मैंने.
पता नहीं क्यों बट बाद में सुनाद में सुना. मैंने पहले तेरी दीवानी सुना था बस और ये. मुझे पता था यही होना था अगर राज सुने तो. वो तेरी दीवानी पहले सुने ये मेरी जिद थी. सोचिए जबकि आप तो शरीर में हमारे बाद आए. हैं लेकिन ये वेवलेंथ होती है और सेकंड. मैंने सुना था आपका तौबा तौबा हा वो तो. इतना पसंद था ना गाना उस टाइम मतलब टाइम. पे लोग लिरिक्स निकाल के रट के आते थे घर.
से क्योंकि बीच में फास्ट हो जाता है तो. सब रट के आते थे तेन जे वेले रब ने बनाया. मेरे यारा दिलदारा जिसे रब दा नजारा उफ. तौबा. [हंसी]. तबा इंडिया के अलावा सबसे अच्छी सबसे. ज्यादा मजा कहां आया कंसर्ट करने में कभी. तो देखिए मजा जो है वो वेस्ट में जब भी हम. अमेरिका में यूरोप में नॉर्वे में हमने. ओस्लो में गाया तो वहां की जो ऑडियंस है. हालांकि आधे उसमें इंडियन ही है लेकिन.
वहां की जो ऑडियंस वो वाले इंडियन भी व. वहां कैसे बदल जाते हैं कैसे बिहेव करते. हैं वो बहुत यूनिक बात. हैल दरअसल वहां पर व बड़े ऑर्गेनाइज होते. हैं तो वहां के जो ऑडियंस है मतलब जब उनको. ताली बजानी होती है व तब बजाते हैं जब. उनको नाचना होता है तब नाचते हैं तो वो जो. आपके एक तरह से कंट्रोल में हो जाता है ना. जैसे कोई बालक हो सब इतने मोहित हो उससे.
कि उसी के कंट्रोल में चल रही है सब. एनर्जी कोई इधर उधर भटक ही नहीं रहा वैसा. होता है यह विदेशों में होता है लेकिन. अपने यहां थोड़ा केस होता है थोड़ा अनइवन. सी चीजें होती हैं थोड़ा अन ऑर्गेनाइज सा. होता है लेकिन यहां दिलबागी बहुत है बहुत. ज्यादा तो इसलिए ऑडियंस तो पूरी दुनिया. में भारत में ही तगड़ी है और भारत में भी. जो भी अपने हिंदी भाषी लोग हैं वह तो. डूबते हैं हमारे म्यूजिक पर मतलब वो तो.
पगला. हैं तो सबसे मेरे को एक सबसे बेस्ट. एक्सपीरियंस कंसर्ट का कहां रहा वो बताओ. और सबसे खराब कहां रहा वो बताओ तुम खराब. कहीं होता नहीं है हमको कभी तो हुआ होगा. कुछ खराब जो आपको बहुत बुरा लग हां बस. खराब कहीं होता है तो एक मेंटालिटी होती. है लोगों की कट कॉर्नर्स की वो भारत में. अभी भी है कहीं-कहीं पे जैसे हमने जो जो. हमारी रिक्वायरमेंट्स होती है टेक्निकल. अगर उसमें कंप्रोमाइज किसी ने किया और वह. चीज नहीं मंगाई जो हमें चाहिए होती है तो.
वो फिर क्या होता है कि हमारी परफॉर्मेंस. में हम जाहिर नहीं होने देते लेकिन हमारी. परफॉर्मेंस में अमंग द बैंड हमको पता लगता. है कि अरे यार इनको बोला था यह मिक्सर. लाना है यह माइक्स लाने हैं यह बॉडी पैक. लाने हैं ताकि इनियर में क्लेरिटी से. कभी-कभी क्या होता है यह कट कॉर्नर्स करने. से और जुगाड़ बाजी करने से वो आप के ऊपर. प्रॉब्लम आती है तो ऐसा दिल्ली में कई बार. हुआ लेकिन ऑडियंस जो है वो दिल्ली की बहुत.
तगड़ी होती है और हम लोगों की क्योंकि. ट्रेनिंग बड़ी अलग टाइप की है चाहे कुछ. माइक भी ना चले मैं तो भी गा सकता हूं और. तो भी नचा सकता हू इनियर तो छोड़ दीजिए. कुछ भी ना चले साउंड नहीं है बिना साउंड. के गाना चल सो आपका टेक्निकल राइडर कैसा. होता है तो हमारा टेक राइडर देखते ही लोग. डर जाते हैं ज्यादातर है बताओ माइकल. जैक्सन का सेटअप है क्या मैं कहां.
स्पिरिचुअल म्यूजिक का माइकल जैक्सन ही. समझ ले. बस उनको फिर ये बोलना पड़ता है क्या होता. है आपके टेक राइडर तो हमारा पिन टू प्लेन. इतना बड़ा होता है कि 24 पेज का हमारा टेक. राइडर है क्या क्या रिक्वायरमेंट्स हमारी. होंगी तो कई बार वो देख के सही में हिल. जाते हैं लोग क्या हाईलाइट बताओ मुझे पाछी. चीजें क्या होती है जो जिसको देख के लोग. डर जाते हैं टेक राइडर में तो टेक राइडर. में जैसे हमारी जो रिक्वायरमेंट होती हैं. क्या रिक्वायरमेंट है एक दो तो हमारी. रिक्वायरमेंट्स में टेक्निकल.
रिक्वायरमेंट्स में तो हमारा मिक्सर. माइक्स हमारे जितने भी इनियर और बहुत ही. हाई एंड होता है सब स्टेट ऑफ दी आर्ट होता. है मतलब यदि हम हॉलीवुड के लिए भी कोई कोई. कंसर्ट करेंगे तो वहां भी वही होगा और. यहां भी वही होगा यहां भी इनफैक्ट जो. रायपुर में भी करेंगे मान लीजिए इंदौर में. भी करेंगे तो रिक्वायरमेंट वही होंगी तो. हर जगह लोग क्योंकि और भारत में तो कैसा.
होता है वेंडर तो होंगे लेकिन वेंडर के. पास टेक्निकल स्टाफ उतने ट्रेन नहीं होंगे. उतने कंपट नहीं होते तो उनके पास होगी भी. चीज लेकिन वो फिर भी अरे यार ये क्या लिख. दिया इन्होंने जबक है उनके पास इन्वेंटरी. में है बट पता ही नहीं है लेकिन उनको पता. नहीं तो कई बार ये भी है तो ये बहुत सारे. चीजें अप एंड डाउन पता लगती है दूसरे हम. हमारा रहन र रहन सहन का क्योंकि हम बैक टू.
बैक ट्रेवल बहुत करते हैं तो ट्रेवलिंग. में हम कहीं बाहर का खाते नहीं होटलों का. हम खाते नहीं लेकिन प्रेसिडेंशियल स्वीट. या कोई बड़ा स्वीट स्वीट उसी में हम ठहरते. हैं क्यों ठहरते हैं उसकी भी एक बड़ी अलग. बात है क्योंकि हमारी मीटिंग्स बहुत होती. है लोगों से तो हमको थोड़ा स्पेशियस जगह. चाहिए होती है हाइजीनिक के लिए भी यू नो. हमको थोड़ा. जगह हो और ठीक से ब्रीदिंग हो बिकॉज अभी.
भारत ऐसे ढंग से गुजर रहा है अभी. धीरे-धीरे पनप रहा है भारत इतना लुट लुट. चुका है कि अब थोड़ा संभल रहा है तो ये. बेसिक चीजें अब पकड़ में आ रही है वरना. यहां तो लाइन भी नहीं पता कि लाइन भी. लगाना कैसे है तो धीरे-धीरे यह सब चीजें. हो रही है तो बड़ी जगह पर हम रहते हैं और. सिक्योरिटी की वजह से भी क्योंकि बहुत लोग. मोब करते हैं हमको अपने सिक्योरिटी आपको. चाहिए होती है 10 12 16 ऐसे आपका डिमांड.
होती होगी ना कुछ तो हमारी खुद की डिमांड. नहीं होती हमारा ऑफिस लेकिन कहीं कहीं. देखता है कैसी कैसी जगह होती है अगर. इंटीरियर में कहीं जाते हैं तो वहां तो हम. पुलिस कमांडोज भी मंगाने पड़ते हैं. कभी-कभी क्योंकि कई बार तो हमारी गाड़ियों. पर ही चढ़ गए एक बार मैं आपको दिल्ली. यूनिवर्सिटी का किस्सा बताता हूं तो वहां. पर एक लड़के को मेरे पैर छूने थे और वो. जिद्दी लड़का था तो बोल रहा है भाई महादेव. को तो मैंने नहीं देखा इनको देख लिया मुझे. इनके पैर छूने है अच्छा अब वो हमारे.
बाउंसर बोल रहे थे कि भाई आपका हाथ चोट. लगेगी तोड़ दे भाई मेरा हाथ वो खिड़की से. क्योंकि उसने ऐसे हाथ डाला हुआ था तो. मैंने इशारे में बोला आप दरवाजा खोल के. उसको करने दो ना कोई बात नहीं दो मिनट के. लिए उसका मन है तो वैसा कई बार होता है तो. तो ये सब इसकी वजह से आपको बहुत तो हमको. यह सब करना होता है घर का हम खाना खाते. हैं कहीं भी अब जैसे हम यूएस स्टोर कर रहे.
हैं घर का खाना कैसे बनाओगे तो हमारे बहुत. लोग ऐसे वाले भी जानकार हैं अब फैंस में. से ही अब इतने क्लोज हो गए हैं क्योंकि 18. साल की जर्नी है तो कुछ कुछ कुछ कुछ लोग. ऐसे बन गए हैं तो फिर वो खाना बना के ले आ. तो हां उनको फिर बोल दिया जाता है कि. शिकागो में आपके घर से भोजन बनेगा और यह. यह बनेगा और ज्यादा एक्साइट मत होना और आप. ज्यादा मत सोच कुना क्या ना कर दूं फैंसी. कुछ नहीं हमें सिंपल राइस होता है और.
अच्छे से सिकी हुई रोटी चाहिए वो भी. ऑर्गेनिक आटे की और सिंपल सब्जी और सिंपल. दाल वो पूरा हम एक्सप्लेन करके वो भी टेक. राइडर में ही एक तरह से हिस्सा है खाना का. घर का खाना ही घर का खाना तो पूरा हमारा. यूएस स्टोर है अभी सितंबर 10 से लेकर. 20. अक्टूबर वहां तक ये दो ब्रेक्स में दो. हिस्सों में है. तो ब्रेक्स में है ये हम एक हफ्ते बाद.
वापस आ जाएंगे भारत फिर हमारा यहां भी. प्रधानमंत्री जी के लिए एक शो है अहमदाबाद. में फिर हम दोबारा जाएंगे यहां के दो तीन. शो करके तो मतलब बैक टू बैक फिर बैक टू. बैक होके भी हमारे जीने का ढंग कभी बदलता. नहीं इस स्पीड प होके भी कभी किसी ने कभी. लोगों ने आप पर कोई गलत आरोप लगाए या गलत. चीजें बात करी कभी आप वो बहुत बार होता है. जब आप प्रगति करते हैं और प्रगति भी आप इस. लेवल पर करते हैं तो वो उसका हिस्सा है.
क्या हुआ कुछ हुआ ऐसा हां कई बार हुआ हैसे. जैसे बहुत बार आउट ऑफ जेलेसी भी बहुत सारी. चीजें होती है लेकिन उसको अटकना नहीं. देखिए यह सारे जो चीजें होती है अटकने के. लिए तो मनुष्य अगर इनको बड़ा मानेगा तो. अटके तो इनको बड़ा ना माने इनको माने हां. भाई आप ज्यादा से ज्यादा दुनिया से आप. क्या एक्सपेक्ट करेंगे अधिकांश दिल दुखना. एक्सपेक्ट करेंगे बस लोग जो है वो दिल. दुखाने के लिए कोई ऐसा नहीं कि आपको. संवारने के लिए बैठा है कि आओ यार मैं.
इनको संवार हूं थोड़ा तो यह धरती पर होता. है. ओके एक मैं बड़ा इंटरेस्टेड था जानने के. लिए पद्मश्री आपको मिला है क्यों लगता है. आपको मिला तो जैसे ही देखिए मैंने जब. बताया था कि प्रधानमंत्री जी ने जब मेरा. इंट्रोडक्शन किया अपने नवरत्न में तो. उन्होंने भी एक यूनिक बात बोली हमारे. सिर्फ सबके नाम लिए थे नौ रत्नों के श्री.
अमिताभ बच्चन श्री सचिन तेंडुलकर इनके नाम. लिए और नौवा रत्न जब आपका कैलाश खेर है तो. उन्होंने एक बात कही कि दिल्ली में जन्मा. एक ऐसा नौजवान गायक जिसकी गायकी नहीं. गायकी का स्वरूप. बदला जिन दिनों गाने चल रहे. थे कांटा लगा. और कभी मेरे साथ एक रात गुजार तुझे सुबह. तक क्या क्या मैं ते हालत कर दूंगा तो उन. दिनों अचानक एक गाना आया तुझे जीत जीत.
हारू यह प्राण प्राण वारू ऐसे मैं निहारू. तेरी आरती उतारूं वो भी इश्क है वो भी. इश्क है देखिए अपने अपने ढंग से एक्सप्रेस. किया हुआ है तो हमारे जो संगीत में ना. केवल गायकी थी बल्कि. लेखन धुन साउंड इसकी पवित्रता जो थी वो. स्पिरिचुअलिटी से ओत प्रोत थी हम और जब आप. अपनी क्रिएटिविटी में पवित्रता शुद्धता.
जोड़ते हैं तो आप ईश्वरीय तत्व को लाते. हैं सामने तो प्रेम भी फिर भगवान का प्रेम. दिखने लगता है तो शायद उस कारण से कुल 12. वर्ष के हमारी जर्नी तब तक हुई थी तब तक. आई एम द यंगेस्ट पद्मश्री रिसिपिएंट साहेब. अपने फील्ड में म्यूजिक में कि 12 साल की. कुल यात्रा में अच्छा फिल्मी गाने भी जबक. हमारे उतने बड़े ज्यादा नहीं थे उस वक्त. तक हमारे नॉन फिल्म गाने जो हैं बड़ उसी.
की वजह से यही मेरा मिशन है जिसकी वजह से. अब हम नॉन फिल्म संगीत के लिए एक बहुत. बड़ा विलुप्त होता हुआ आर्ट जो था फोक. म्यूजिक उसके ऊपर हम एक रियलिटी शो बना के. लेकर आए और पूरे भारत से तो क्या पूरे. विश्व से हमें उसके लिए प्रशंसा मिल रही. है तो हम रिस्क बहुत लेते हैं जी जीवन का. जबकि बहुत लोग बोल रहे थे यह तो पिटेगा का. फोक म्यूजिक कौन सुनता है ये तो फिलर होते.
हैं और ना फिलर ही हमारी स्ट्रेंथ थी. जिसको आज आप फिलर कह रहे हैं जिसको आप. बॉलीवुड या फिल्म का म्यूजिक कहते हो वो 2. प्रतिशत है वो भी खिचड़ी वो भी भेलपुरी. थोड़ा सा यहां से लो थोड़ा सा वहां से लो. उसके लिए कोई सर्वज्ञ होती नहीं ओके मेरे. को एक दो चीज बता जो आपको कभी बताते नहीं. हो पर मेरे को पूछना है जैसे आपका फेवरेट. सिंगर कौन है आज आपके अलावा. तो मेरे बहुत ही अतरंगी उत्तर.
होंगे तो मेरे फेवरेट सिंगर है प्रहलाद. सिंह टिपानिया यह भी पद्मश्री हैं य फोक. सिंगर है तो मैं इनको बहुत सुनता हूं कौन. ऐसे सिंगर है जिनसे आप इंस्पायर हुए हो. लाइफ में तो ऐसे बहुत गायक हुए हैं लेकिन. गायक से भी ज्यादा में मनुष्यों से बहुत. ही प्रभावित हुआ हूं जैसे कौन दो तीन लोग. जैसे एपीजे अब्दुल कलाम स्वामी विवेकानंद. यह कुछ जिंदगियां ऐसी हैं महात्मा बुद्ध.
इनके पास बहुत कुछ था और उसके बाद यह छोड़. के भागे कि अरे भाई यह तो बहुत गलत है जो. भी है यह जो है यही तो असली छोड़ना है. क्योंकि ये जोड़ जोड़ने से सब गड़बड़ हुआ. है इसको छोड़ना है पहले आपने एक आपके बारे. में ट्रेंड देखा था सया गाना का ट्रेंड. चला था जी वो अभी भी. चल सया चैलेंज देखा आपने बहुत देखा एक में. तो हम आए भी थे सिर्फ ये रिवील करने चलो.
मैं भी ओरिजिनल में ही हूं वही कोई आया था. ऐसे बोल के कि ये अभी. आपको यू हैव टू ब्रेक द आज करते. हैं आज तो मुझे आपसे रैप भी कराना है. थोड़ा एक गाने पे तो मैं बम लहरी करता हूं. और आप उसमें थोड़ा करेंगे बिल्कुल करते. हैं वो भी पर हां तो ये आपको क्यों लगा कि. क्यों वायरल हो गया क्या लगता है तो मुझे. देखिए यही बात है ना यहां दिमाग लगाने की.
मुझे कुछ पता नहीं यू नेवर नो कौन सी चीज. कब क्या हो जाए कब किसके दिल पे एक बात बस. एक सूत्र तो मैं बताना चाहता हूं यदि आप. दिल में रहे तो परमात्मा में रहेंगे और. यदि आप परमात्मा में रहेंगे तो आकर्षण. बहुत रहेगा कभी आप इस जोन में आने के लिए. ऐसा कभी होता है कि आपको ड्रिंक करनी पड़े. या गांजा करना पड़े या आई डोंट नो और भी. कुछ और सब्सटेंस लेना पड़े कभी ऐसा हुआ है. नहीं हमको यह हुआ नहीं हमको लगता है कि.
जैसे हम पिछले जन्म में इतना ज्यादा खींच. चुके हैं कि अब तक हम हैंग ओवर में हैं अब. तक मतलब होश में आया नहीं रहे हैं तो. कितने लोगों ने हमारे बारे में बहुत सारी. चीजें बोली भी है कि वो तो बिना खींचे तो. गाता ही नहीं है भाई कैलाश खेर तो सीधा. सूट लेता है बहुत तगड़ा वो तो प्योर मान. लेता है वो हिमालय में पला है ना वो तो. संतों में रहा है संतों के पास ही सबसे. तगड़ी बूटी होती है तो वह सब बातें बहुत.
सुनी है हमने अपने बारे में लेकिन अच्छी. बात है य भी सुन रहे तो क्योंकि अगर सच्ची. बात है तो आप जिंदगी के नशे में भी इतने. चूर हो सकते हैं वो हमारा सच नहीं कभी. नहीं करते आप नहीं वो सब हम नहीं कर. पाएंगे बल्कि जो करते भी हैं मैं उनको. सिर्फ एक ही चीज बताना चाहता हूं कोई भी. नशा कोई भी बुराई बुरा नहीं है लेकिन अगेन.
संतुलन बोलो चालो बको मत चलो फिरो थको मत. खाओ पियो छको मत हर चीज लिमिट में अगर आप. करेंगे तो वो तो सब बना रहेगा परफेक्ट. थैंक यू सो मच सर बताओ हम क्या रैप करें. ये बताओ च तो मैं अब गाऊंगा हम बम लहरी हा. तो उसमें कुछ लाइन आप सोचिए कुछ कर लीजिए. पहले तो कैसे करूंगा मैं ये तो कुछ देखो. ना कोई ऐसी कोई आपका बनी हुई चीजें हो उसी.
को देख लेना तो य तो मैं ऐसे बोल रहा हूं. अभी ऊपर टीम के साथ करते हैं और फिर मैं. करता हूं सबके सामने साथ में करते हैं उधर. ही टीम के साथ पूरा रिकॉर्डिंग होगा ये सब. जाएगा उसम बहुत अच्छे तीन चार लोग होंगे. थोड़ा माहौल होगा तो जाएगा निकल जाएगा. करेक्ट तेरे नाम से जीलू तेरे नाम से मर. जाऊ थैंक यू सो मच एपिसोड एंड तक देखने के. लिए प्लीज हमें कमेंट्स में बताइए कि और.
कौन से से गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते. हैं इस पॉडकास्ट पर ताकि हम उन्हें लाएं. और आप ही के सवाल उनसे पूछे ताकि आपको और. भी ज्यादा वैल्यू मिले जाने से पहले यह. एपिसोड किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर. करना जिसकी लाइफ में इससे एक पॉजिटिव चेंज. आएगा उन्हें कुछ लाइफ में सीखने को मिलेगा. और आगे बढ़ने का रास्ता दिखेगा क्योंकि एक. कन्वर्सेशन किसी की पूरी लाइफ चेंज कर. सकता है उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखा. सकता है एंड उन्हें बहुत सारे आइडियाज दे. सकता है सो प्लीज यह एपिसोड किसी एक इंसान.
के साथ शेयर कीजिए जिनको आपको लगता है कि. उनकी लाइफ में एक बेटर चेंज आएगा आई विल. सी यू नेक्स्ट टाइम. अंट्स क्राइब दिस चैनल. [संगीत].
