Is MBA Worth In 2025? Harvard vs IIM, CAT Exam & Public Speaking | Sandeep Gupta | FO340 Raj Shamani
कितना पैसा लगता है एमबीए करने पे? वॉटन. की फीस मान लो डा. लाख तो फ्यूशन ही है 2. साल। 10% लोगों की हावर्ड से भी जॉब नहीं. लगती। नो एमबीए इज़ इन एंटाइटलमेंट, नो. डिग्री इन एंटाइटल। आपका भी आईएम में. सिलेक्शन हो गया था। हावर्ड में सिलेक्शन. हो गया था। बट आपने रिजेक्ट कर दिया। तो. आप क्यों नहीं कन्विंस हुए? कौन से ऐसे. एरियाज है जो थोड़े अनएक्सप्ललोर्ड रहे? कोई अगर ब्रेन साइंस पढ़ ले तो वो बहुत. सॉलिड मार्केटर बन सकता है। ओबामा ने. सेकंड इलेक्शन जब जीता था तो 0% चांस था।. उसने न्यूरोसाइंटिस्ट्स के साथ पांच-छ. महीने बिताए हैं। एंड ही अंडरस्टुड कि.
कैंपेन कैसे करनी है। सेकंड टर्म ही कुड. नॉट हैव वन। कंपेयर हावर्ड एमबीए, आई एम. एमबीए। कौन सा बेटर? द प्रॉब्लम इज. सिलेक्शन एंड दे टेक अ पर्सन हु हैज़ फेल्ड. अ लॉट। यहां पे ऐसा कोई सीन ही नहीं है।. बचपन में आपकी बहुत बेइज्जती हुई है।. एनुअल फंक्शन पे मैं गया। गुड आफ्टरनून टू. ऑल ऑफ यू टाइप। और उसी मोमेंट पे ना पूरा. माइंड स्क्रिप्ट से ऑफ हो गया। और यह बंदा. स्टेज पे आया। क्या हुआ? क्यों नहीं बोल. रहे हो तुम? एंड ही स्लैप्स मी सो हार्ड. दैट आई फॉल ऑन वन साइड ऑफ़ द स्टेज। वो. इंसल्ट तो मतलब मुझे ऐसा हो गया कि.
नहीं। बट आज जो लोगों का ऑब्सेशन है कि. मैं कैट की एग्जाम देके एमबीए करूंगा।. एवरीथिंग इट्स. [संगीत]. वर्थ? एमबीए का हमारी कंट्री में बहुत. क्रेज़ है। एमबीए कर लो। अच्छी हाई पेइंग. जॉब लग जाएगी। लाइफ सेट हो जाएगी। हम ये. सब बातें ना बहुत सुनते हैं। पर क्या यह. सच है? एमबीए ग्रेजुएट्स को नॉट जस्ट इन. इंडिया पर अब्रॉड में भी जॉब नहीं मिल रही. है। ऐसा क्यों? हारवर्ड और आईएम के एमबीए. में क्या डिफरेंस होता है? इन बिजनेस.
स्कूल में एडमिशन किस बेसिस पे होता है? अब्रॉड से एमबीए करने का कॉस्ट कितना होता. है? और सबसे इंपॉर्टेंट बात क्या एमबीए आज. की डेट में वर्थ इट भी है या नहीं? इन सब. क्वेश्चंस का आंसर जानने के लिए देखिए आज. का एपिसोड जिसमें हमारे गेस्ट हैं संदीप. गुप्ता एशियास लीडिंग जीमैट ट्रेनर एंड. फाउंडर ऑफ टॉप 1% जीमैट। इस एपिसोड को उन. सबके साथ शेयर करना जो एमबीए करना चाहते. हैं और जो आपको एमबीए करने के लिए एडवाइस. करते हैं और कमेंट्स में मुझे बताओ कि.
आपको इस एपिसोड में सबसे अच्छी बात कौन सी. लगी। एंजॉय द. शो। आप बता रहे थे कि बचपन में आपकी बहुत. बेइज्जती हुई है। बेइज्जती मतलब क्या? तो. बहुत ही बड़ा एक शॉकिंग लगता है लोगों को. जब दिल्ली का मैं कल्चर हूं उस जमाने का।. वो उस जमाना का बोलना जरूरी है क्योंकि वो. नहीं समझ आता लोगों को अदरवाइज। तो आई वास. बोर्न इन 1974 एंटिल 1984 आई वास इन फिफ्थ.
स्टैंडर्ड। 10 साल की ऐज में हो जाता है।. उस टाइम पे ये केजी नर्सरी बहुत सारा ये. सब नहीं होता था। पांचवी क्लास मतलब. फर्स्ट से फिफ्थ तो फिफ्थ स्टैंडर्ड में. पर्टिकुलरली पता नहीं क्या हुआ स्कूल वही. था लेकिन टीचर्स चेंज हुए तो हमारे एक. फाइन आर्ट्स एंड ड्रामेटिक्स के टीचर थे. तो वो होता है ना कि एक एनुअल फंक्शन पे. बच्चे आ रहे हैं और आपको प्रेजेंट करना है. तो एक ड्रामा हो रहा था कुछ तो मेरी आवाज. बहुत साफ थी मतलब शुरू से मेरी एक चीज है. कि आवाज बहुत साफ थी तो मुझे नैरेटर बनाया.
उस ड्रामा का कि क्या हो रहा है समझाओगे. आप तो 15 दिन हमारे हमारे एक टीचर थे. मिस्टर भट्टी उन्होंने ट्रेनिंग दिया और. बहुत ही स्ट्रिक्ट आदमी था मारता था बहुत. मारता था मतलब एकदम वो लात से भी मार देता. था बच्चों को 9 10 साल के बच्चों को तो तब. तो आदत है तब तो ठीक है कि मारते थे और. कॉपरल वाज़ नॉर्मल फॉर अस व्हिच वाज़ द केस. बट अब स्टेज पे गए और मुझे स्टार्ट करना. था जैसे बच्चे स्टार्ट करते हैं करीब 2:10. का टाइम था मैं गया गुड गुड आफ्टरनून टू.
ऑल ऑफ यू टाइप वो जो बिल्कुल बच्चों से और. उसी मोमेंट पर मैं सब रट रटा के सब करके. क्योंकि इतनी 15 दिन की ट्रेनिंग और उसी. मोमेंट पर ना पीछे की जो वॉल थी उसमें एक. फ्यूज हुआ बहुत तेज लाइट आवाज आई बम हम तो. मैंने जैसे ही वो सुना मेरा पूरा माइंड. स्क्रिप्ट से ऑफ हो गया पूरा और वो बंदा. इतना स्ट्रिक्ट था वो स्टेज पे ही आ गया. मैं 10 सेकंड 20 सेकंड और वहां बहुत बड़ा. टाइम होता है स्टेज पे वो भी बच्चों के.
लिए और सारे पेरेंट्स बैठे हैं और बच्चे. बैठे हैं और खुसफुसर चालू हो गई सब। क्या. हुआ? क्या हुआ? क्या हुआ? और ये बंदा. स्टेज पे आया। क्या. हुआ? सॉरी। बट दैट्स हाउ इट। क्यों नहीं. बोल रहे हो. तुम? आई कुड जस्ट लुक एट हिम। आई कुड जस्ट. लुक एट। बेकार है ऐसा सिखाना तुमको। अगर. मैं अपने कुत्ते को भी सिखाता ना, तो. तुमसे बेहतर सीख जाता। एंड ही स्लैप्स मी. हार्ड ऑन एंड आई फॉरवर्ड। ही इज़ अ वेरी.
वेल बिल्ट मैन। मिस्टर भट्टी पंजाबी बंदा. था सिक एंड ही स्लैप्स मी सो हार्ड दैट आई. फॉल ऑन वन साइड ऑफ़ द स्टेज। ही गोज़ टू दैट. साइड पिक्स मी बाय द कॉलर ब्रिंग्स मी टू. द सेंटर एंड स्लैप्स अगेन। आई फॉल ऑन द. अदर साइड ऑफ़ द. स्टेज। कोई फायदा नहीं। सड़क का कुत्ता भी. उठा के ले आऊं। तुमसे बेहतर सीख जाएगा।. कभी जिंदगी में अपना मुंह मत खोलना। और. इंग्लिश तो बोलना ही मत। वो इंसल्ट तो. मतलब मुझे ऐसा हो गया कि नहीं।.
तो एकदम से प्रिंसिपल भी बैठे हुए थे। चीफ. गेस्ट कोई आते हैं हर फंक्शन में ऐसा अजीब. सा। तो प्रिंसिपल आए। उन्होंने अपोलजाइज. किया। उसको बोला भट्टी तुम जाओ जाओ यहां. से जाओ। भट्टी वेंट एंड माय डैड वेंट अप. टू द स्टेज एंड ही वास सो फ्यूरियस। इतना. गुस्सा, इतना गुस्सा वो प्रिंसिपल को जाके. कि मुझे भट्टी चाहिए अभी के अभी। मैं उसका. सर फोड़ के जाऊंगा आज। भले ही मुझे जेल हो. जाए। एंड ये जो पागलपन हुआ ऑब्वियसली जेल.
भी नहीं हुई भट्टी को मारा भी नहीं है बट. द प्रिंसिपल सेड सॉरी द इवेंट इज कॉल्ड ऑफ. एंड वी आर वेरी सॉरी पेरेंट्स एंड सॉरी. गेट ऑन विद योर लाइफ टाइप्स खत्म हुआ आ. रहे थे हम मतलब वो ऑटो में आ रहे थे घर तो. मम्मी पापा और. मैं रोए जा रहा हूं रोए जा रहा हूं. अनकंट्रोलबली और मुझे एक ही सेंटेंस कि. मैं कभी स्कूल नहीं जाऊंगा कहूंगा टीचर से. खराब कोई नहीं होता। घर आए फब था तो जनरली.
बोर्ड की जो एग्जाम होती है दूसरे स्कूल. में होती है। तो उस स्कूल में तो गए नहीं. तो वो एग्जाम तो दी। उन्होंने बहुत कोशिश. करके कि बेटा एग्जाम तो दो। ठीक है बाद. में देखेंगे। उन्होंने फिर क्या किया? जुलाई आए फिर मैंने फैल गया कि नहीं मैं. नहीं जाऊंगा स्कूल चाहे कुछ भी हो जाए। और. घर में फिर उन्होंने ट्रेनिंग शुरुआई. टटर्स लगा दिए सब कुछ कि होम स्कूलिंग. कराएंगे। तो मेरे पेरेंट्स को यह आदत थी. कि रीडिंग करनी चाहिए। यह उनको पता नहीं. था शुरू से मैथ आनी चाहिए। वही बताया.
इंग्लिश, कम्युनिकेशन, रीजनिंग, जनरल. नॉलेज ये जो ऐपटीट्यूड टेस्टिंग टाइप की. वो तो समझते नहीं थे कि ऐपटीट्यूड. टेस्टिंग बट सम हाउ दे थिंक कि आनी ही. चाहिए और अच्छे से आनी चाहिए। ऐसा नहीं कि. मैथ आनी चाहिए। मतलब मैथ ओलंपियाार्ड तक. चले जाओ तुम। तो उन्होंने क्या किया कि वह. वर्किंग तो थे बट बाकी जो टाइम था शामवाम. का दे यूज टू स वि मी एंड दे थॉट कि आई. वास अ प्रोजेक्ट नाउ ऑलमोस्ट लाइक दैट तो. रीडिंग की मुझे बहुत आदत लगा दी मेरे फादर.
मदर दोनों को रीडिंग की आदत थी अब रीडिंग. की उनका भी एक तरीका था कि ऐसी. क्यूरियोसिटी जगाते थे किताब के बारे में. और वहां क्लिफ हैंगर बना के छोड़ देते थे. कि अब तो पढ़ोगे तुम हम और शाम को आते थे. तो फिर वो एक्स्ट्रा जो गैप होता है कि. तुमको इतना क्या समझ समझ में आएगा 10 11. साल की उम्र में तो गैप को फिल कर देते. थे। तो धीरे-धीरे थोड़ी टफ बुक्स देना. शुरू की क्योंकि लैंग्वेज लर्निंग भी. करानी थी तो उन्होंने पहले इजी बुक्स थी।. टफ बुक्स देना शुरू अब टफ बुक्स में तो.
वोकैब का बहुत बड़ा प्रॉब्लम। मैं तो कभी. ऐसे ग्रो ही नहीं हुआ कि बहुत इंग्लिश आनी. चाहिए। मतलब ठीक है। स्पोकन इंग्लिश ठीक. है थोड़ा बहुत तो सीख ही जाते हो। बहुत. ज्यादा वोकैब की प्रॉब्लम आए। बहुत ज्यादा. और हर बार दो-द मिनट में डिक्शनरी देख रहे. हो। दो-द मिनट में डिक्शनरी देख रहे हो।. एक बार मैं बहुत फ्रस्ट्रेट हो गया। मैंने. सोचा कि मैं ये डिक्शनरी उठा के इसको ही. रट डालता हूं पहले। फिर मैं रीडिंग करूंगा. क्योंकि इसके बगैर तो मैं रीडिंग नहीं कर. पाऊंगा। और मुझे इंटरेस्ट बहुत आता था।. मैं बोर नहीं हुआ कोई भी चीज। उनका तरीका. था। उन्होंने जिस तरह से पढ़ाया पूरी.
क्रेडिट उनको जाती है। पता नहीं कैसे. टीचर्स थे। वो तो टीचर्स भी नहीं थे स्कूल. के। लेकिन बच्चे को इंटरेस्ट लगा दो। किसी. बच्चे को आप सोचो इंग्लिश ग्रामर की बुक्स. में इंटरेस्ट आ जाए। 250 किताबें पढ़ी. मैंने इंग्लिश ग्रामर की एडल्ट होते-होते. 250 क्योंकि मम्मी को पता नहीं क्या वो. ग्रामर वाला डिपार्टमेंट उनका था। किसी. तरीके से वो इस तरह से छोड़ देते थे ना कि. नहीं तुम नहीं कर पाओगे। तुमसे नहीं होगा।. ये ये गलत है। तो बचपन में जैसे आज तक भी.
इंडिया में है। हम बोलते हैं नेक टू नेक. कंपटीशन है। वो फ्रेज ही गलत है। वो नेक. एंड नेक होता है। नेक टू नेक नहीं होता।. फॉर एग्जांपल मतलब एक्चुअल फ्रेज़ ही नहीं. है। तो मतलब ऐसे करके कि तुम्हें गलत आता. है कि हम बोलते हैं कंप्राइज़ ऑफ कि दिस. दिस बुक कंप्राइज़ ऑफ़ 10 चैप्टर्स। तो वो. गलत है। वो एक्चुअली कंप्राइज़ज़ ही होता. है। कंप्राइज़ज़ ऑफ नहीं। कई लोग बोलेंगे आई. कांट कोप अप विद दिस। तो कोप अप विद. इंग्लिश ही में नहीं है। कोप विद कोप अप. विद होता ही नहीं है। और मैं आपको कितने. सारे बता सकता हूं जैसे पिनड्रॉप साइलेंस।.
पिनड्रॉप साइलेंस फ्रेज़ ही नहीं है. इंग्लिश में। मतलब इट इट्स नॉट देयर। द. फ्रेज इज इट वाज सो क्वाइट दैट यू कुड. हियर अ पेन ड्रॉप। मेरे को कोई तीन ऐसे. वर्ड सिखाओ जो मैं और मेरी पूरी ऑडियंस. अभी सीखें जो हमारी डे टू डे लैंग्वेज में. यूज कर सकते हैं और फिर हम जब बोलेंगे. उसको तो ऐसा लगेगा वाह यार क्या सही बात. बता दी। तीन वर्ड्स बताओ। चलो. प्रीपॉस्टरस। प्रीपॉस्टेरिस। क्या होता. है? प्रिपोस्टरस। नॉनसेंसिकल। जब आपको. बोलना हो भाई क्या बात कर रहा है यार? हट. यार। ये थोड़ी होता है यार। प्रीपॉस्टरस।.
कैसे यूज़ करेंगे इसको सेंटेंस में? व्हाट. अ प्रपोस्टरस आईडिया ये शशि थरू टाइप. लगेगा बहुत लगेगा स्ट्रांग प्रपोस्टरस. प्रपोस्टरस नॉट ए आर ई एस नहीं आर ओ यू एस. प्रपोस्टरस ओके दैट्स वन वर्ड किसी को. नॉनसेंस बोलना हो तो प्रपोस्टरस एक है जब. स्टोरी टेलिंग में बोला जाता है कि कौन से. सीन से स्टोरी शुरू होना चाहिए कोई विजुअल. या मूवी तो ऑब्वियसली क्लिकबेट वाला बट कि. उसमें होता है एक मैंने हॉलीवुड के एक.
स्क्रीन राइटर से भी सीखा है कुछ तो कि. चेयर थ्रू टू द विंडो अप्रोच चेयर थ्रू द. विंडो कि एक लेडी बैठी है आदमी बैठा है और. सीधे उसने चेयर फेंक दी ग्लास विंडो से. वहां से मूवी शुरू हो रही है तो आप हुक्क. तो हो तो उस एक्शन को बोलते हैं. डिफेनस्ट्रेट. थ्रो आउट ऑफ द विंडो डिफेनस्ट्रेट. डिफेनस्ट्रेट. इसको के सेंटेंस में यूज़ करो डिफेनस्ट्रेट. हां मतलब उसका फिगरेटिव मीनिंग भी है. लिटरली ही वास डिफेनस्ट्रेटेड फ्रॉम ह जॉब. भी हो सकता है मतलब वो भी है इसको बाहर.
निकाल दिया फेंक दिया बाहर फेंक दिया बाहर. एकदम डीफस्ट्रेट. वाह ओके और थर्ड थर्ड इज लेट्स से. रेपुडिएट रेप्यूडिएट क्या मतलब रिजेक्ट. समथिंग व्हिच इज जनरली रिजेक्ट किसी को. अगर. अच्छी लैंग्वेज में बोलना हो यू आर. स्टूपिड हां तो तो टॉप इज अ वेरी टी. डब्ल्यू ई आर पी इज अ वेरी टॉप वो क्योंकि. समझ में नहीं आएगा तो काम भी होता है.
तो कैसे वो यूज करेंगे सेंटेंस में यू आर. टू अप मतलब यू आर अ हां बट वो यू स्टुपिड. मतलब यू आर टू अप बहुत ही पिन पॉइंटेड. मीनिंग है उसका यू कैन से डंस हेड और नो. वो भी एक है वर्ड सोचेगा ही नहीं कोई कि. अरे डंस हेड तो हां मतलब ये है कुछ एक. अजीब अजीब से वर्ड्स आपने पूरी डिक्शनरी. पढ़ी डू यू फील कि सेम वर्ड्स भी अलग-अलग. तरीके से यूज़ करने चाहिए और उनका मीनिंग. अलग-अलग होता है हां कॉन्टेक्स्ट तो बहुत. मैटर करता है सेम वर्ड तो 50ों तरह से यूज़.
होते ही हैं। बट उसके अलावा उल्टा भी होता. है कि जो बहुत सिमिलर वर्ड्स हैं मीनिंग. वाइज उनका यूसेज बिल्कुल अलग हो सकता है।. बट क्या सिनोनियम आर रिप्लेसेबल? नो दैट्स. व्हाट आई एम सेइंग। बिल्कुल यही मैं कह. रहा था कि सिमिलर वर्ड्स हैं मीनिंग में. बट आप एक दूसरे को नहीं कर सकते कि इंडिया. मेड अ जगटिक टोटल तो वो नहीं चल पाएगा. वहां पर। मैमथ चल जाएगा वहां पर। बट. गागटोन नहीं चलेगा वहां पर कि यार वी. क्रिएटेड अ गार्गटन स्कोर। द अपोजिशन कुड.
नॉट डिफेंड। वो नहीं हो सकता। तो दैट वे. आई थिंक मैमथ विल बी सो एवरीवेयर यू विल. हैव दैट थिंग ही अर्न्स अ वपिंग सैलरी इज़. फाइन बट ही डजंट अर्न थंपिंग सैलरी।. थंपिंग मेजॉरिटी हो सकता है कि द प्राइम. मिनिस्टर वन बाय थंपिंग मेजॉरिटी नॉट. वपिंग। तो एवरीवेयर देयर इज़ मीनिंग. बिल्कुल सेम है। लेकिन वो यूसेज अलग-अलग. और यूसेज तो अलग हो ही जाता है। डू यू यू. यू यू यू यू यू थिंक आज के जमाने में. पेरेंट्स को होम स्कूल करना चाहिए बच्चों. को? करना चाहिए या नहीं? मैं बोलूंगा काफी.
हद तक पर्सनल चॉइस है। लेकिन होम स्कूल यह. नहीं हो सकता कि घर पे छोड़ दिया बच्चे. को। आप रिस्पांसिबिलिटी ले रहे हो क्या वो. 810 साल की या छ साल की मां आप कर क्या. रहे हो? क्या ट्यूटर लगा दिए क्योंकि आप. बहुत रईस हो तो चलो बाकी हम तो बिजी हैं।. हम तो अपनी पार्टी में बिजी हैं। हम तो. अपने शाम में बिजी हैं। जॉब में तो बिजी. हैं ही। तो आर यू देयर? मतलब एक स्कूल में. भले ही वो लोग का पर्सनल इन्वेस्टमेंट. नहीं हो। इमोशनल इन्वेस्ट बट दे आर देयर. फॉर द चाइल्ड फॉर सो मेनी इयर्स एज अ टीम.
ऑफ़ टीचर्स एस द एंटायर. सिस्टम आप वो सिर्फ पैसे के और टटर्स के. भरोसे नहीं छोड़ सकते तो अगर आप उतना. इन्वेस्टेड हो जैसे कुछ-कुछ स्टोरीज आती. हैं कि मेरी मम्मी ने मुझे 10 साल पढ़ाया. तो मैं डॉक्टर बन गया। ऐसे है कुछ-कुछ तो. तब तो ठीक है। मतलब आपको उसका फ्रेंड, उसका कोच, उसका सब कुछ बनना पड़ेगा यार।. हम्। तो अगर आप उतना टाइम और मनी तो नहीं. है इसके अंदर बट वह इन एंड टाइम भी नहीं. है। टाइम तो निकाल सकते हो या.
इन्वेस्टमेंट और बच्चे को एक बच्चा. प्रोजेक्ट नहीं है। मतलब कि उसको ठीक करना. है आपको या कुछ। बट इफ यू सी कि स्कूल. सिस्टम की क्या कुछ डीमेरिट्स है तो बहुत. हैं। वो तो फिर उसका तो एक शुरू हो सकता. है कि हां प्रैक्टिकल स्किल्स नहीं. सिखाते। बहुत कुछ है उसके अंदर कि बहुत. कुछ यूज़लेस होता है सब कुछ। बट क्या आप वो. बन पा रहे हो जो सिस्टम भी दे पा रहा था. उसको हम वो इंपॉर्टेंट चीज एंड यू सेड कि. लेकिन आप होम स्कूल थे उसकी वजह से कुछ. सोशल चैलेंजेस आए बहुत ज्यादा तो क्या.
सोशल चैलेंजेस आए क्या हुआ कॉलेज में. स्टोरी आगे बढ़ाओ आप देखो ऐसा है कि अब. स्कूल से निकल के इंजीनियरिंग मेडिकल के. अलावा तो कुछ दुनिया ही नहीं होती थी उस. जमाने में तो मतलब होता ही नहीं था कुछ भी. तो क्योंकि मेरा मैथ इतना स्ट्रांग हो गया. था ओलंपियाार्ड और यह सब करने के चक्कर. में तो बायोलॉजी वाज़ वाज़ ओके एज अ. सब्जेक्ट बट वो ऑप्शन ही नहीं था तो मैथ. ही तो मैथ का तो नेचुरल है कि इंजीनियरिंग. उस टाइम पे ये कॉमर्स को पता नहीं क्या. अच्छा ही नहीं समझाता था मतलब बीकॉम वगैरह.
कि ये तो अच्छी डिग्रीज़ है ही नहीं सोचने. ही नहीं मतलब जो लोग सब में फेल हो जाएंगे. वो बीए बीकॉम करेंगे आज ये बिल्कुल नहीं. है यू हैव एन एसआरसीसी इन इंडिया यू हैव अ. जेवियर्स जो कि बहुत गजब का काम कर रहे. हैं एंड आई सी दोज़ पीपल आर वे ब्राइटर देन. मेनी इंजीनियर्स वेब ब्राइट बट इट वाज़. लाइक दैट तो माय डैड सेड एक ही फ्रंटियर. रह गया है तुम्हारा. कि तुम बोल नहीं सकते। अब मैं उसकी भी. मैंने तुम्हें मैथ सिखवा दी और रीडिंग. बढ़वा दी तुम्हारी। रीडिंग में तो मैं. क्या-क्या नहीं पढ़ चुका था। मतलब तब तक. मैंने हजार के ऊपर नॉन फिक्शन बुक्स पढ़. ली होंगी। तब तक क्रेजी क्रेजी टाइप.
इंग्लिश हो गया, वोकैब हो गया, ग्रामर हो. गया, नॉलेज तो तुम्हारी है ही क्योंकि तुम. रीडिंग करते हो। बचा एक चीज है और वो है. स्पीकिंग। और स्पीकिंग मतलब स्टेज वाला तो. है ही नहीं। एक पर्सन से भी नहीं बात कर. सकते। तो ही गॉट मी इंटू कि पहली बात तो. जो तुम्हें आता है तुम एक महीना मैं ट्राई. कराता हूं लोकल कोचिंग क्लासेस में जाकर. पढ़ाओगे बच्चों को मैंने पढ़ाऊंगा कहां से. मैं कैसे तो वो उन्होंने करवाया और मैंने. थोड़ा-थोड़ा करना शुरू किया उन्होंने मुझे.
बोला हर हफ्ते तुम नई सेल्समैन की जॉब. करोगे हर हफ्ते कोई पैसा नहीं चाहिए हमें. और वो कोई दुकान पे जूते की दुकान पे. मैंने जूते भी बनाए लोगों को सब कराया. मैंने फ्रिज बेचा है टीवी बेचा है इवन. क्रेडिट कार्ड प्री इंटरनेट डेज के. क्रेडिट कार्ड हाथ से साइन कराते थे। 30. दिन बाद कुछ ऐसा होता था। ट्रेवलर्स चेक. बैंक में काम किया। मैंने कुछ नहीं छोड़ा. कुछ भी और थोड़ा-थोड़ा क्योंकि अब तो बोली. तो वो पर उतना नहीं खुला उससे भी उतना. नहीं हुआ कि बहुत ही तो मैंने छ महीने खूब.
सारे सेल्स के जॉब्स किए और जीरो पेमेंट. उनको बस जाते थे शॉप पे कि भैया सात दिन. इसको रख लो आप जो कराना है कराओ आप बस. झाड़ू लगवाओ कोई बात नहीं सब कराओ तो दैट. इज हाउ इट हैपेंड एंड मैंने टीचिंग शुरू. की कुछ कोचिंग सेंटर्स क्योंकि मेरी नॉलेज. बहुत थी सब्जेक्ट्स कि बहुत अच्छा था। तो. समऊ टीचिंग में अच्छा मैं बोल भी नहीं रहा. हूं। पर मैं समहऊ स्टूडेंट को पकड़ पा रहा. था कि क्या सिखाना है। बहुत अप्रिसिएशन. मिली उस चीज की कि बहुत ही अप्रिसिएशन.
मिली और पहली बार लाइफ में बोलने पे. अप्रिसिएशन भी मिलती है। बोलते ही नहीं हो. तो ये अच्छा हो गया कि अच्छा शायद टीचिंग. एक करियर हो सकता है या कुछ आ गया। आप. सोचने ही लगते हो इंजीनियरिंग के बाद क्या. तो टीचिंग पर हम सोशल स्किल्स जैसे ह्यूमन. टू ह्यूमन कनेक्शन वो डेवलप कैसे हो गया. अपने आप ही हुआ वो नहीं हुआ दोस्ती यारी. कैसे कर क्योंकि मैं बस वही स्टेज पे. स्पीच देना इज वन थिंग राइट बट अब एक आपकी. क्लासमेट एक दूसरी लड़की ऑोजिट जेंडर और.
डिफिकल्ट होता है तो आप उससे जाके बात कर. रहे हो आप 8 साल सात साल घर में बैठे हुए. हो और आपको पता ही नहीं है बात कैसे करते. हैं तो वो तब भी नहीं आया मुझे राज मैं. झूठ नहीं बोलूंगा। वो बहुत डिफिकल्ट था।. पर मैंने अपनी एक थ्योरी बना ली कि व्हाई. डस इट मैटर्स? मैं तो आई एम बोर्न फॉर. स्टेज। मतलब वन ऑन वन क्यों चाहिए? आई एम. सो रोंग। आई एम सो रॉन्ग बट फॉर द फर्स्ट. इवन 10 15 इयर्स ऑफ़ माय करियर। आई वाज़. एनब्सोल्यूट लोनर कि हां लोग हैं। काम. करना है। मतलब बात क्यों करना है? टीम.
वर्क क्या होता है? मतलब आई वाज़ अ आई वाज़. अ कंप्लीट वेस्टेड फेलियर इन दैट सेंस।. एंड मेरी बुक है वैसे मैं Amazon बेस्ट. सेलर लिखी थी मैंने। 2014 में आज नहीं. उसका नाम है मिलियन डॉलर सोलोप्रेन्योर. ओके कि धंधा तो लोगों की क्या जरूरत है. मतलब रॉन्ग ही अप्रोच क्योंकि आपको नहीं. आता वो काम टीम वर्क मैनेजमेंट पीपल पीपल. स्किल्स और ये सब मुझे बहुत ही गंदा सा. चीजें लगती थी स्टोरी टेलिंग ये सब क्या.
है इस सॉफ्ट स्किल्स का क्या है मैं तो. मैथ मतलब मैं तो लैंग्वेज मैं तो रीडिंग. मैं तो लॉजिक वाली बात तो आई यूज्ड टू. रियली रियली रली लुक डाउन अपॉन इट। इट्स अ. वै डार्क साइड ऑफ़ माय पर्सनालिटी व्हिच आई. ओवरकम। आई डोंट। आई बिलीव एमथ डार्क साइड. मतलब क्यों देखते थे? क्यों ऐसे लो देखते. थे? लो नहीं। एक तो शायद यह है कि मैं कर. नहीं पाता था। तो हाउ डू यू जैसे कॉमेडियन. को बुलाया था ना उसका एक ट्रेजिक पास्ट. होता है कुछ लोगों का। मैं तो कॉमेडियन. नहीं हूं ना था। वो तो मैंने किया। बट. बोलते हैं ना ट्रेजडी से कॉमेडी आती है. शायद वो कि अब आपके पास कोई स्किल नहीं है.
बट आपको स्टिल सक्स तो मेरे लिए सॉफ्ट. स्किल्स का मतलब ही जीरो हो गया क्योंकि. कोपिंग मैकेनिज्म है हार्ड स्किल्स तो. बहुत आ गए अब सब आ गया अब तो मेरे से तुम. कुछ भी पढ़वा लो कैट पढ़वा लो तुम कुछ. पढ़वा लो सब आता है मैं बिलीव करता हूं. स्टोरीज आर वेरी वेरीेंट. और पर पहले ना ऐसा होता था कि यार हार्ड. बातें करो हार्ड फैक्ट्स पे बातें करो. मैटर्स का वो होना चाहिए। स्टैटिस्टिक्स.
बताओ, नंबर्स बताओ, लॉजिक बताओ, प्योर. लॉजिक मतलब स्टैट्स तो क्या ही क्या होते. हैं? बट हां प्योर लॉजिक कि डोंट डोंट बोर. मी विद ऑल दिस। दिस इज़ यूज़लेस और व्हिच इज. सो मच मोर यूज़फुल कि लेफ्ट ब्रेन स्किल्स. एक ही है। और उसके बाद जब एक्सप्लोजन करना. है आपको आगे क्योंकि वो आईटी में भी जो. जॉब करता है उसको 3 साल में जितना तेरा. टेक्निकल हो गया हो गया। इसके बाद अगर आगे. बढ़ना है तो 30 साल आपको ह्यूमन तो वो. मैंने बाद में डेवलप किया। फिर मैंने. एक-एक कोर्स लिया। मैंने हॉलीवुड के एक से.
एक मतलब ऐसेसे स्क्रिप्ट राइटर्स के. कोर्सर्सेस किए। सेल्स मार्केटिंग, सिडक्शन, एनएलपी मैंने क्या नहीं सीखा।. फिर तो मैंने लाइन लगा दी सीखने की। एंड. आई आई लर्न पब्लिक स्पीकिंग का भी मेजर. चीज इज़ नॉट जस्ट गो एंड टॉक। इट इज़ अबाउट. कनेक्शन, इट इज़ अबाउट सॉफ्ट स्किल्स। मान. लो हम लोग सब हम जो सब देख रहे हैं. वीडियो हम लोग सबकी थिंकिंग आज नॉर्मल है.
और हम एक्सियोमेटिक थिंकिंग में बिलीव. करते हैं कि भाई ऐसे ही चलती दुनिया ऐसे. ही है। तो अब हम ऐसे डेवलप कैसे करें कि. हम स्टैंडिंग आउट वी आर स्टैंडिंग आउट ऑफ़. द क्राउड। व्हाट शुड वी तीन चार चीजें आप. कर सकते हो। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि. करना चाहिए। मैं बता रहा हूं कैसे करना. है। एक तो रीच रीड वेरी ओरिजिनल कंटेंट जो. किसी ये नहीं कि ये बुक के इतने हजार. रिव्यूज हैं तो वही बुक अच्छी है। रिव्यूज. के हिसाब से हर चीज अच्छी नहीं है। कई. ऑथर्स हैं जो अननोन है। ये ग्रीक जो.
सेनेका टाइप के लोग हैं क्या ये कभी नोन. थे? 50 साल पहले 10 साल मेरे पापा को तो. नहीं पता होंगे ये। लेकिन आज की डेट में. स्टॉइसिज्म तो उसने कहां पहुंचा दी. दुनिया? तो रीड वेरी ओरिजिनल स्टफ सम. थिंग्स दैट हैव नेवर चेंज्ड। मतलब आप. सिर्फ भागवत गीता से ही मैनेजमेंट लेसन. निकालो क्यों जरूरी है जो हर कोई कर रहा. है मतलब पूरी इंडिया में बीमारी है एक और. गलत नहीं है मैं नहीं कह रहा बट आपको 100. फर्स्ट क्यों बनना है भागवत गीता का. मैनेजमेंट प्रिंसिपल से आप कुछ और निकालो. तो एक तो रीड वेरी ओरिजिनल स्टफ एंड फॉलो.
पीपल हु थिंक लाइक आप नासिम निकोलस तालिब. को अगर आप फॉलो करोगे उसकी बुक पढ़ोगे तो. आप नॉर्मल सोच ही नहीं सकते वो तो बोलता. है सब चीजें गलत है मतलब दुनिया में ब्लैक. सोन का मतलब ही है ना कि बाकी दुनिया में. कुछ नहीं। कुछ भी नहीं। अब उस तरह का. कंटेंट और ऐसे बहुत लोग हैं। ऐसा नहीं है।. हावर्ड के कुछ प्रोफ्स हैं जिन्होंने कुछ. ऐसा बट वो फेमस नहीं है। मतलब मेन स्ट्रीम. फेमस नहीं है। इज़ नासिम तालिब द मेन. स्ट्रीम फेमस ऑथर नो इज़ नॉट आई मीन आई. लाइक हज़ बुक ऑल एंटी फ्रिजाइल। ओ.
अब्सोलुटली। एवरीथिंग जो भी बुक है उसने. जो लिखा है मतलब ए टू जेड ऐसे आयरन रैंड. जो फाउंटेन हेड और इसकी ऑथर थी। भले ही वो. फिक्शन था एक टाइप। स्टीव जॉब्स की फेवरेट. बुक थी आयरन रैंड की बुक उसका नाम है. एटलाश उसके फ स्टीव जॉब्स कैसे बनाया ऐसे. थैंकर मान लो इतना रेडिकल इतना अलग कि भ. बात तो तुम भी वही बेच रहे हो जो Samsung. बेच रहा है तो डिवाइस ही या जो डेल बेच. रहा है तुम इतना इतना अलग कैसे और वो आता.
है यह एक तो रीडिंग से दूसरा डोंट. एक्सपीरियंस एवरीथिंग दैट एवरीबॉडी इज़. एक्सपीरियंसिंग कि हर कोई जा रहा है. मेडिटेशन रिट्रीट पे तो मैं भी जा रहा हूं. हर कोई कॉन्सर्ट में जा रहा है तो मैं नॉट. दैट दोज़ आर बैड एक्सपीर क्रिकेट का मैच हो. रहा है तो मैं भी आईपीएल देखूंगा क्योंकि. सब लोग देख रहे हैं। आप अपना ढूंढो ना कि. आपका किस चीज में किक आती है आपको और मैं. जैसे किसी स्टूडेंट से बात करता हूं ना तो. 30 मिनट जो वो कहानी सुनाता है। मैं बोलता.
हूं चलो ये एडवर्टाइजमेंट खत्म। अब बताओ. 30 मिनट्स कट। मैं बात ही नहीं सुनता। मैं. सुनता हूं। बट आई से ये सब तो झूठ है। ये. बकवास है। ये सब मेन स्ट्रीम बात हो गई. तुम्हारी। अब एडवर्टाइजमेंट खत्म हो गई।. प्रोग्राम अब शुरू है। अब देन वी डेलप. डीपर देन वी फाइंड द रियल इशूज़। लोग ये. ढूंढना ही नहीं चाहते कि मैं हूं कौन? मेरा रियल इशू क्या है? दुनिया के बारे. में क्यूरियोसिटी है। अपने बारे में नहीं. है। अपने से डर है। अपने से बहुत डर है। 5.
मिनट नहीं बैठ सकते। किसी का फोन छीन लो. ना पांच मिनट। एक्सपेरिमेंट्स हैं दुनिया. में कि 10 मिनट फोन छीना स्टैनफोर्ड्स के. कुछ स्टूडेंट स्टैनफोर्ड के कुछ स्टूडेंट. वो नहीं रह पाए 10 मिनट भी वो बीच में ही. मांग लिया वो स्टैनफोर्ड के स्टूडेंट है. मतलब इंटेलेक्ट तो दुनिया में गजब पर है. अब तो वही है मेन स्ट्रीम की बात है हर. चीज मेन स्ट्रीम नहीं हो सकती फैशन. ट्रेंड्स हम फैशन ट्रेंड्स मेन स्ट्रीम. फैशन ट्रेंड्स अब कोई जो लाता है फैशन आप. वो सोचो मैं हमेशा एक लाइन बोलता हूं हम.
iPhone देख के और यूज करके इतना खुश होते. थिंक अबाउट द जॉय ऑफ़ द पर्सन हु क्रिएटेड. इट। डोंट थिंक अबाउट द जॉय द पर्सन हु. बायस इट। बिकॉज़ बाय करने में आप पैसा दे. रहे हो और खुश हो। यह फिलॉसफी कैसी है कि. ले मेरे पैसे बट मैं खुश हूं। स्टीव जॉब्स. भाई तू सारे पैसे मुझे दे रहा है। मैं खुश. हूं क्योंकि मैंने बनाया इसलिए नहीं कि तू. पैसे दे रहा है। वो तो मुझे पता है कि. देगा। झक मार के तू मुझे ही पैसे देगा। बस. पैसा मिलना इस तो वो जॉय की बात है। आई. थिंक एंड यू हैव टू फाइंड इट यार। आपकी.
इंटेलेक्चुअल क्यूरोसिटी से ही तो आएगा. ना। आपने वही से सेमनेस की बात सेमनेस से. नहीं आती सब चीज़। सो गिव मी वन वन. एग्जांपल। एक जैसे आपने बोला कि. कुछ मैनेजमेंट सिर्फ इसी ऐसे तरीके से. क्यों सीखना जरूरी है? या ये करना कुछ. इससे क्यों जरूरी है? बहुत जो बेसिक्स है. जो फेमस है व्हाट डू यू थिंक कौन से ऐसे. एरियाज हैं जो थोड़े अनएक्सप्लर्ड रहे हैं. या एक या दो कुछ आपके दिमाग में आ रहा है. कि जिसमें अभी स्कोप आपको लगता है कि यार. ये वाला एरिया ना मे बी टीचिंग के पॉइंट.
ऑफ व्यू से मे बी ओपोरर्चुनिटी के पॉइंट. ऑफ व्यू से मे बी एक्सपर्टीज के पॉइंट ऑफ. व्यू से कहीं कोई लोग डेवलप कर सकते हैं. जो आपको लगता है किसी ने एक्सप्लोर ज्यादा. किया ही नहीं उधर बहुत है बिल्कुल एक है. ब्रेन साइंस एंड कनेक्टिंग इट टू. मार्केटिंग एंड द बिहेवियर एंड एवरीथिंग. सक्सेस तो हम ब्रेन साइंस को न्यूरो. मार्केटिंग और एमआरआई तक ही छोड़ न्यूरो. न्यूरोलॉजी मतलब न्यूरो साइंस और एमआरआई. बट कोई अगर ब्रेन साइंस पढ़ ले तो वो बहुत.
सॉलिड मार्केटर बन सकता है। बहुत सॉलिड. व्हाटएवर कम्युनिकेटर बन सकता है. पॉडकास्टर क्योंकि उसको समझ आ जाता है कि. यार हैक कैसे करना है दुनिया को? फाइनली. कौन सक्सेसफुल है? अगर मैं देखूं एक लाइन. में अगर बोलूं एक दो वर्ड्स में सक्सेस. मींस इन्फ्लुएंसिंग. डिसिशनंस। बस यह अगर आपको आ गया भाई आपका. डिसीजन है कि मैं राज की पॉडकास्ट देखूं. कि नहीं देखूं। अगर उसने इन्फ्लुएंस कर. दिया मुझे भी इन्फ्लुएंस किया उसने कि मैं. देख लेता हूं 2 घंटे का एपिसोड। यू आर.
सक्सेसफुल एट दैट ना मतलब व्हाट इज. सक्सेस? मेरे को नहीं खरीदना है iPhone।. आधे घंटे शोरूम में जाने के बाद यार ले. लेता हूं। क्रेडिट कार्ड भी मैक्स आउट हो. गए हैं। पापा का यूज़ कर लेता हूं। नहीं. यार चाहिए मेरे को। इन्फ्लुएंसिंग डिसीजन।. कोई मैरिज हो, वेडिंग की बात नहीं कर रहा।. डेट हो, कोई स्टार्टअप पिच हो, इन्वेस्टर. नहीं बोल रहा है। शायद मैं नहीं करूंगा।. फिर 5 मिनट बाद इन्वेस्टर बोलता है नहीं. आई मैं 1 करोड़ तो दे सकता हूं।.
इन्फ्लुएंसिंग डिसीजंस। लेकिन उसमें. इन्फ्लुएंसिंग अदर पीपल्स डिसीजन तो बाद. में आता है। मैं एज़ अ स्पीकर जाऊंगा स्टेज. पे। तो आई हैव टू इन्फ्लुएंस दैट डिसीजंस।. इदर आई एम सेलिंग समथिंग और व्हाटएवर। और. आई एम टीचिंग देम समथिंग। बट पीपल फॉरगेट. देयर इज वन मोर यू हैव टू इन्फ्लुएंस योर. ओन डिसिजंस फर्स्ट कि आज से मैं टाइम. वेस्ट नहीं करूंगा या आज से किसी को जो. सुबह उठने में बिलीव करता है मैं 5:00 बजे. जो भी है आज से मैं एक बुक पढूंगा 100 पेज.
पढूंगा आज से मैं कुछ तो सक्सेस कहां से. शुरू होती है इन्फ्लुएंसिंग डिसीजन जैसे. ही मैंने बोला तो लोग बोलेंगे अच्छा किसका. डिसीजन मतलब डेटिंग पार्टनर का डिसीजन है. कि यार नहीं यू हैव टू गो विथ मी तो दैट. इज़ दैट यू दैट इज़. सेपरेट खुद का जो डिसीजन उसके बाद दुनिया. का तो वेयर वाज़ आई? आई डोंट नो मैं क्या. साइंस हां तो ब्रेन साइंस अगर आपने हैक. किया उसको ओबामा ने सेकंड इलेक्शन जब जीता. था तो 0% चांस था। उसके पिक्चर्स हैं।.
उसने न्यूरोसाइंटिस्ट्स के साथ पांच छ. महीने बिताए हैं। ब्लूटूथ का हेड वो पहन. के पूरा 300 300 एंड ही अंडरस्टुड कि. कैंपेन कैसे करनी है। सेकंड टर्म ही कुड. नॉट हैव वन बट पूरे जो इलेक्शन कैंपेन थे. वो पूरे ब्रेन साइंस के तो न्यूरो. मार्केटिंग न्यूर। तो एक है एवववोल्यूशनरी. न्यूरोबायोलॉजी। जैसे लोग पूछते हैं कि. Facebook, Instagram के सक्सेस का रीज़न. क्या है? तो मैं बोलता हूं प्रमेच्योर. बर्थ ऑफ ह्यूमन बीइंग्स। प्रमेच्योर बर्थ. ऑफ़ ह्यूमन बीइंग्स व्हाई आर वी सोशल और.
सोशल को कैसे टैप किया वो बताता हूं। तो. ह्यूमन बीइंग्स वर नेवर बोर्न विद न मंथ. प्रेगनेंसी और जेस्टेशन और मैच्योरिटी ये. एक इवोल्यूशन है। ठीक है? तो जब ये होता. था 18 मंथ्स का होता था। आपने कभी गौर करो. कि जब कोई भी डियर का बच्चा 5 मिनट में रन. कर सकता है। सारे एनिमल्स को ज्यादा से. ज्यादा एक-द दिन लगते हैं। पंछी भी मतलब. तीन-चार दिन बाद उड़ थोड़ा बहुत उड़ने. लगते हैं। हमें एक साल क्यों लगता है? सिर्फ पहला कदम रखने में। हम भी तो उस.
एवोल्यूशनरी ट्री का पार्ट हैं। भाई बंदर. का बच्चा उसको एक साल नहीं लगता कि उसको. चलाना सिखा रहे हैं। उसके लिए वो ला रहे. हैं। ट्रॉली ला रहे हैं। हमें क्यों लगता. है? उसका रीज़न है कि वी स्टार्टेड बीइंग. बोर्न ऐज़. स्पीशीज़ इन हाफ द प्रेगनेंसी टाइम दैट. यूज़्ड टू बी 18 मंथ्स। और उसका रीज़न यह है. कि जब फायर आया फायर नॉट फायर तो नेचर में. ही होता है। जब हमने फायर की टेमिंग सीखी.
तो पहले हमारे पास कुक्ड फूड का कांसेप्ट. नहीं है। चिंपांजी तो कुक करके नहीं खाता. खाना। शेर तो नहीं खाता। मांस को कुक करते. हुए तो वी ऑब्वियसली वर ईटिंग रॉ फूड एंड. रॉ बेरीज रॉ वाइल्ड फ्रूट्स एंड रॉ मीटिंग. अब जब हमने फूड को कुक करना फायर की. कंट्रोलोल्ड यूज़ ऑफ़ फायर टेमिंग द फायर इज़. मोरेंट देन द फायर फायर हैज़ ऑलवेज बीन. देयर नेचर में द वाइल्ड फायर्स तो वी. स्टार्टेड ग्रेजुअली ऑब्वियसली एज़ ह्यूमन. स्पीशीज़. कुकिंग अब जब आप किसी को भी देखोगे बफेलो.
का देखो जो पीछे का पोर्शन होता है. पेल्विक रीजन वो इतना बड़ा होता है इतना. इतना बड़ा सब बड़े-बड़े एनिमल्स को किसी को. भी देखो देयर पेल्विक रीजन इज़ ह्यूज।. व्हाई? बिकॉज़ द इंटेस्टिन साइज रिक्वायर्ड. इज़ ह्यूज टू चर्न दैट रॉ फूड फाइनली। मतलब. आप इंटेस्टिन निकाल के देखो किसी एनिमल की. तो बोला जाता है कि मतलब वो खत्म ही नहीं. होती। इतनी होती हैं। पर हमें अब कुक्ड. फूड आ गया। तो उतनी बड़ी इंटेस्टिन की. जरूरत नहीं है। और एवोल्यूशन ऑलवेज ऑटो.
एडजस्ट सेल्फ करेक्टिंग. मैकेनिज्म उस टाइम पर तो इंटेस्टिन. धीरे-धीरे छोटा होने लग गया हमारा। अब इस. चक्कर में जो फायर है तो पहले तो 5:00. बजता होगा जो भी और दिन खत्म सो जाते. होंगे लोग 5:00 बजे क्योंकि कुछ नहीं है. वाइल्ड आप बोर्न फायर भी नहीं लगा के बैठ. सकते। अब फायर आया है तो द डे गेट्स लेंथ।. लोग 5 का 8 9:00 बजे तक लोग फायर के जला. के बैठे हैं। तो यू टॉक यू थिंक यू हैव टू.
थिंक। सो यू नीड अ बिगर ब्रेन बिकॉज़. चिंपैंजी ब्रेन से यू कांट थिंक तो देयर. आर टू पैरेलल रिक्वायरमेंट्स गोइंग ऑन इन. द बॉडी। यू नीड अ बिगर ब्रेन एंड बट. स्मॉलर द इंटेस्टिन। सो उसकी जो एनर्जी. बची उससे हमारा ब्रेन बढ़ गया। क्योंकि चिम. ब्रेन से वी आर थ्री टाइम्स।. है ना? ये शॉकिंग है क्योंकि चिम का और. हमारा डीएनए ऑलमोस्ट. 99.993% सेम है। तो इतना सेम डीएनए है और. आपको दिखता है कि वी आर मतलब प्रोबब्ली ये.
इवॉल्वड ह्यूमन नहीं है। बट ह्यूमन रहा. होगा। हम ऐसे रहे होंगे। मतलब हम तो उसका. उसका अभी भी ब्रेन 1/3 है लेकिन चिम का जो. पेल्विक रीजन जब वो खड़ा होता है तो समझ. आता है कि हां. काफी तो उसके चक्कर में क्या हुआ कि ब्रेन. क्योंकि थिंकिंग बढ़ गई आप बात कर रहे हो. बात कर रहे हो तो आपको थॉट्स वेव. एक्सप्रेशनंस तो योर ब्रेन इज़ इंक्रीजिंग. इन साइज बट योर पेल्विक रीजन इज़. डिक्रीजिंग इन साइज। अब चाइल्ड बर्थ के.
टाइम क्या होता है? ब्रेन इज़ द हेड इज़ द. बिगेस्ट प्रॉब्लम जो सिज़ेरियन भी करना. पड़ता है। ब्रेन मतलब हेड की वजह से जनरली. करना पड़ता है। हेड ही प्रॉब्लम होता है।. अब मदर्स के साथ सोचो पेल्विक रीजन इतना. श्रिंक हो गया और हेड की साइज बढ़ती जा रही. है। तो वी स्टार्टेड डाइंग इन वेरी लार्ज. नंबर्स। मतलब मदर्स स्टार्टेड डाइंग. व्हाइल गिविंग बर्थ। चाइल्ड एनीवे. स्टार्टेड डाइंग इफ मदर्स एंड चिल्ड्रन. बोथ डाई इट वुड टेक 30 40 इयर्स फॉर अस टू.
वैनिश फ्रॉम द प्लनेट एट दैट टाइम लाइफ. वास दैट शॉट तो ह्यूमन स्पीशीज ही नहीं. बची थी ना कैसे एववोल्यूशन है ऑलवेज. इंटरवींस टू एडजस्ट तो एवोल्यूशन ने क्या. किया कि और. एववोल्यूशन हमारी. जो प्रेगनेंसी पीरियड है उसको छोटा कर. दिया धीरे-धीरे ऑब्वियसली ओवर मे बी लैक्स. ऑफ इयर्स और व्हाटएवर तो वो 18 मंथ्स का. नाइन मंथ्स को बच्चा बच्चा इतना छोटा हो. कि बर्थ में निकल जाए बाहर। व्हेन द. चाइल्ड इज़ बोर्न, द चाइल्ड नीड्स केयर फॉर. अ वेरी लॉन्ग टाइम। वी नीड केयर फॉर नॉट.
वन ईयर बट 20 इयर्स। मतलब पापा पैसे दो आज. खत्म हो गए। वो 20 साल तक तो चलता ही है।. तो केयर वो फाइनशियल तो बाद में आया।. सिस्टम ही नहीं था। तो उसमें क्या है? नाउ. फॉर अ प्रेडोर एनिमल व्हाट इज द इज़िएस्ट. टारगेट? किड्स किड्स एंड मदर्स।. प्रेग्नेंट मदर्स हु कांट रन हां।. प्रेग्नेंट लेडी एंड चिल्ड्रन. तो अगर हम बोले कि पूरा हंटर गैदर ही था. तो प्रेडिटर्स वुड ऑलवेज अटैक दी टू ऑलवेज.
दे कांटर बट बाय दैट लॉजिक आल्सो आवर. पपुलेशन वुड बिकम जीरो मेल्स अलोन क्या. करेंगे और मेल्स कितने दिन रहेंगे वो तो. अगेन एवोल्यूशन एडजस्टेड और उसके अंदर ये. आया एक थ्यरिटिकल एक सोशल कॉन्ट्रैक्ट. थ्योरी बोलता हूं मैं इसको कोई प्रॉपर. इनेशन नहीं है बट कि एक आपने हमेशा सुना. होगा इट टेक्स अ विलेज टू रेज अ चाइल्ड और. इट टेक्स ट्राइब टू रेज अ चाइल्ड। वो उसका. थॉट कहां से है कि अकेले तो हम इस बच्चे. को बचा नहीं पाएंगे। पर हमें बचाना है। तो. व्हेन माय चाइल्ड इज बोर्न ऑल ऑफ़ अस.
टुगेदर विल कम आई विल सेव द चाइल्ड सेव और. रेज द चाइल्ड व्हेन योर चाइल्ड इज़ बोर्न. ऑल ऑफ़ अस वंस अगेन। सो इट टेक्स अ विलेज. टू रेज़ द चाइल्ड। बहुत फेमस है। या या तो. दैट वे वी बिकम एक्सट्रीमली सोशल। वी वर. नॉट क्योंकि मदर्स इंस्टिंक्ट टू सेव द. चाइल्ड इज स्ट्रंगर देन इवन द सेक्सुअल. इंस्टिंक्ट। मदर्स की अगर बच्चा मरने वाला. हो तो मां कुछ भी कर जाएगी उसके लिए। तो. दैट इंस्टिंक्ट टू सेव द चाइल्ड मेड अस. इवन मोर सोशल बिकॉज़ वी हैव टू कम टुगेदर.
वी हैव टू फॉर्म बॉन्ड्स। एंड देन व्हेन. यू कम टुगेदर एस सोशल बीइंग्स एंड वी वर. नॉट सोशल बिकॉज़ एनिमल्स आर नॉट सोशल। आप. कोई भी एनिमल को देखोगे ऐसे कोई नहीं. मिलेगा कि मतलब इक्विवेलेंट ऑफ गप्पे. मारना तो वहां होता नहीं है कुछ भी नहीं. है मतलब बट कुछ एनिमल साथ में घूमते हैं. ना दे दे बायोलॉजिकल अब बीज़ हैं तो हनी. बीज़ अगर तो दे दे डोंट डिसाइड दे डोंट. डिसाइड टू बी सोशल वी हैव द पावर ना आज तो. Amazon है मेरे घर में सब आ जाएगा स्विगी.
से आ जाएगा मैं क्यों जाऊं किसी से भी. क्यों बात करूं नाउ वी हैव टू बी सोशल इट. इज़ इनकोडेड इन आवर डीएनए ओवर मिलियंस ऑफ़. इयर्स ऑफ़ एवोल्यूशन सिंस द टाइम टाइम. टेमिंग ऑफ़ द फायर हैज़ बीन इन्वेंटेड। अब. मार्क सकरबर्ग ने आपको पता नहीं होगा 200. Facebook ने बहुत स्ट्रगल किया है पहले 10. साल। मतलब इतना स्ट्रगल किया Facebook का. रेवेन्यू वाज़ 3.87 बिलियन एंड प्रॉफिट्स. वर नन टिल 2015 दे वर अ लॉस मेकिंग कंपनी।. तो 10 साल में क्या हो गया? Instagram तो. रीसेंटली उन्होंने बाय किया था। वो भी.
इसलिए कि कुछ हुआ। उन्होंने एक बंदे को यह. ज़करबर्ग ने एक साल की छुट्टी ली। आप देखना. कभी ईयर ऑफ़ बुक्स और उसने 23 बुक्स पढ़ी उस. पूरे साल में। द सेकंड बुक दैट ही रेड वाज़. गैंग लीडर फॉर ए डे बाय सुधीर वेंकटेश वाज़. अ प्रोफेसर ऑफ़ साइकोलॉजी एट कोलंबिया. यूनिवर्सिटी। मार्क गॉट सो एक्साइटेड. रीडिंग हाफ वे थ्रू द बुक। डंपिंग द बुक. मार्क कॉल्ड दिस गाय। यू आर अ प्रोफ। आई. डोंट केयर। ये फ्री इकोनॉमिक्स सॉरी उसमें. आता है। इसका रेफरेंस मैंने भूल गया। फ्री.
इकोनॉमिक्स बहुत फेमस बुक्स हैं। उसमें. इसका रेफरेंस गैंगफ लीडर फॉर अ डे।. और मार्क ने बोला कि बॉस आई वांट यू एट. Facebook टेल मी योर प्राइस आप प्रॉफ हो. क्या मतलब $0000 $2000 से ज्यादा कौन. कमाता है यू टेल द प्राइस वी डोंट केयर आई. वांट यू एट Facebook इसने जब पहली बार. सुधीर वेंकटेश नाम है कभी आप देख पहली बार. इसने एक्सेप्ट कर लिया वो ऑफर वो Facebook. पे था 7 आठ साल वो रहा फिर छोड़ भी दिया. भी नहीं है पहली बार आने के बाद उसने यह.
बताया कि ह्यूमन बीइंग सोशल है तुम सोशल. मीडिया चला रहे हो पर तुम्हें पता है सोशल. क्यों है उसने बोला Google ने 10 अटेम्प्ट. किए हैं सोशल पे और से लेके आज तक मतलब. Google Do कोई भी चीज Google Ma मीट चैट. हैंग आउट Google आलो प्लस सब कुछ फेल हो. गया तो उसने बोला Google जैसी कंपनी जो. तुमसे बहुत बड़ी हो और इतनी प्रॉफिटेबल. कंपनी व्हाई हैज़ इट फेल एट सोशल मीडिया सो. मेनी टाइम्स एंड व्हाई आर यू फेलिंग बिकॉज़.
यू आर नॉट टैपिंग इंटू दिस. एक्सट्रीमली इमोशनल डिजायर्ड टू बी सोशल।. और सोशल में आप बनाते हो जब आप स्टोरी. बताते हो जो विजुअल होती है। मतलब स्टोरी. टेलिंग में कुछ लोग लाइफ की स्टोरी को. इतना विजुअल बनाते हो आपको लगता है मैं. वहीं पे था। सो दैट्स व्हाई Instagram को. सिर्फ विजुअल मीडियम बनाया जाएगा। इसको. टेक्स्ट मीडियम मत बनाओ। अलाउ पीपल टू. शेयर। उन्होंने बोला बट हमारे पास पैसा. नहीं है। कहां से क्लाउड स्टोरेज लाए? कुछ.
भी करो। टेक्स्ट और वीडियो टेक्स्ट नहीं. पिक्चर्स एंड वीडियोस टेक्स्ट को भूल जाओ. आप। Facebook यूज़्ड टू बी अ लॉट ऑफ़. टेक्स्ट बेरली एनी पिक्चर्स कुड बी पुट. इतना इनट ही इतने स्लो होते थे उस टाइम पे. सब कनेक्शन ही सेड डू व्हाटएवर द वर्ल्ड. इज़ टर्निंग वेरी हाइली ब्रॉड बैंड राइट. नाउ एंड टैप इंटू दिस ह्यूज इमोशन ऑफ़ पीपल. वांट इन टू एक्सप्रेस। पीपल वांट इन टू. शेयर। बिकॉज़ तीन वर्ड्स में उसने पूरी. कहानी सुना दी। सोशल शेयरिंग एंड स्टोरीज।.
हम सोशल हैं तो हम सोशल होकर क्या करते. हैं? शेयर करते हैं। क्या शेयर करते? कहानी स्टोरी और स्टोरीज का मीडियम है. विजुअल। हां। तो उसने जो ये चेंज किया. उसके बाद से तो दे टूक ऑफ। फिर तो इंस्टा. ने जो टेक ऑफ इंस्टा वाज़ नॉट पॉपुलर फॉर. वन ईयर एट ऑल। उसके बाद तो अब क्या ही. बोलूं। तो यह है कि द प्रमेच्योर बर्थ इज़. रिस्पांसिबल फॉर द सक्सेस ऑफ़ Facebook।. द नीड फॉर सोशल.
इंटरेक्शन इज द रीज़न व्हाई दे आर कंपनीज़. लाइक Facebook दैट एक्सिस्टेड इन. एक्सक्टली। सो एवरीथिंग दैट इज स्टिकी दैट. विल हैव टू बी कनेक्ट द डॉट्स एंड स्टोरीज. आर द बेस्ट मीडियम टू कनेक्ट। नाइस दैट्स।. सो ब्रेन साइंस इज़ वन। ब्रेन। तो ब्रेन. साइंस अगर किसी को पढ़ना हो और किसी को आज. यह पॉडकास्ट देख के इंस्पिरेशन मिलेगी।. मैं तो इसमें एक्सपर्ट बनूंगा और मेरी कोई. भी फील्ड हो उसको कनेक्ट करूंगा इससे।. राइट? तो कौन सी बुक पढ़नी चाहिए? न्यूरो. मार्केटिंग एक बहुत अच्छी बुक है।. स्टार्टिंग बुक उसके बाद सेल्स सिडक्शन एक.
बहुत बहुत गजब की। सेल्स रिडक्शन चेस्ट. सिडक्शन। सेल्स सिडक्शन। ओके। क्योंकि एक. सिडक्शन भी है बाय रॉबर्ट ग्रीन। हां वो. तो वो वो उतना उसमें ब्रेन साइंस की बात. नहीं है। वो साइकोलॉजी सोशलॉजी। हां। फिर. उसके कुछ टेक टॉक्स वगैरह हैं। वो सब और. उसके बाद तो यू विल गेट अ ह्यूज लिस्ट टू. फॉलो आफ्टर दैट। बट ब्रेन साइंस एज अपाइड. टू विनिंग इन लाइफ। ब्रेन साइंस इज नॉट कि. मैं एमआरआई रिपोर्ट मैं कोई डॉक्टर थोड़ी. बन रहा हूं।. टू विन इन लाइफ ब्रेन साइंस इज वन.
फ्रंटियर दैट इज सब समथिंग दैट हैज़ नॉट. बीन एक्सप्ललोड द टू द लेवल इट शुड हैव. बीन एक्सप्लोर बट टेल मी अबाउट पब्लिक. स्पीकिंग मुझे बताओ तीन प्रिंसिपल्स या. तीन हैक कोई कैसे बेटर पब्लिक स्पीकर बन. सकता है एंड ये हैक बताना प्रॉपर मैं. लैंग्वेज को दूर रख रहा हूं क्योंकि. लैंग्वेज की बात ही नहीं है लैंग्वेज नहीं. कई लोगों के लिए पब्लिक स्पीकिंग इज लाइक. मैं तो वही जर्मन है तो जर्मनी में जर्मनी. में जर्मन है तो उसका क्या फर्क पड़ता है. इंग्लिश तो सम पीपल बिलीव लैंग्वेज इन. इंग्लिश। मैं उसको बिल्कुल ही सेपरेट.
रखूंगा। इंग्लिश एक भाषा है। पब्लिक. स्पीकिंग एक कला है। हां। तो मैं अब इस. कला की बात करते हैं।. आई थिंक आई ऑलवेज बिलीव इन फाइंडिंग अ. कॉमन. स्ट्रगल। तो सबसे जो पब्लिक स्पीकिंग में. है कि इट्स नॉट लाइक ओ डोंट टेल योर. अचीवमेंट्स, टेल योर स्ट्रगल? वैसा वाला. नहीं कि हैव यू आल्सो फेस्ड अ पब्लिक. इंसल्ट? इफ आई स्टार्ट लाइक दिस। और हैव. यू आल्सो लॉस्ट इन. स्पोर्ट्स और हैव ए सेल्समैन की हैव यू.
फ़ल्ड एट अगर मैं सेल्समैन को एड्रेस करूं. कि हैव यू फेल्ड एट अ डील और एट अ सेल. इमीडिएटली ओपन हो गई और मतलब मैं तो हुआ. ही हूं तभी और वो जो सबसे पहले कॉमन. ग्राउंड नहीं कॉमन स्ट्रगल एंड अगर हजार. लोग बैठे हैं तो हजार के हजार लोगों को वो. ये इफ आई आस्क यू डू यू वांट टू अर्न मोर. मनी यू विल फील सेल्स सी मोटिवेशनल बाय. हैव यू एवर स्ट्रगल्ड एटलीस्ट फॉर अ मंथ. व्हेन यू थॉट यू कुड मेक दिस मच मनी बट यू.
कुडंट और इट लाइक समटाइम्स तो यू आर ब्रोक. एंड यू आर लाइक रियली स्ट्रगल कॉमन. ग्राउंड ये जो कॉमन स्ट्रगल नॉट कॉमन. ग्राउंड तो एक तो वो है दूसरा चीज एक मॉडल. की ही तरह कि वो स्ट्रगल समिट पे पहुंच. जाए आपकी लाइफ जब आप बताना शुरू करो कि. भाई मैं भी कोई स्पेशल नहीं था मैं भी ऐसे. ही था स्ट्रगल टू. समिट एंड समिट मतलब इससे खराब नहीं हो. सकती. जिंदगी। उसके बाद कोई सेज मिलता है आपको।.
वो सेज एक पर्सन हो सकता है, एक मूवी हो. सकती है, एक बुक हो सकता है, एक कोटेशन हो. सकता है। दैट गिव्स योर स्यूशन। नेवर बी द. प्रॉब्लम सॉल्व ऑफ योर ओन स्टोरी। नेवर. मतलब आप कोई इनसाइक्लोपीड ट्रक से नहीं. गिरे थे जब बचपन में। मतलब कि आपको सब आता. नहीं। आप नहीं फिगर आउट कर रहे हो।. स्ट्रगल स्ट्रगल दैट सेज गिव्स यू अ. स्यूशन एंड दैट सॉल्यूशन स्टेज़ एज अ सीड. इन योर लाइफ। सीड इज़ एक लाइन कि नहीं ये.
इंपॉर्टेंट है या नहीं है। व्हाटएवर नेवर. सेल द फीचर ऑलवेज सेल द फ्यूचर लेट्स से. या जो भी है एक छोटा एक लाइन में। तो. बेसिकली यही है कि स्ट्रगल रीचिंग समिट. फाइंडिंग अ सेज गिविंग यू अ सलूशन लिविंग. विथ द सीड ऑलवेज। तो S5S मॉडल हो गया. स्टोरी टेलिंग का। तो अगर आपने 510 मिनट. में पहले ये कर लिया पब्लिक स्पीकिंग। फिर. आप बोलो कि टुडे आई वांट टू टीच यू. इन्वेस्टिंग कोई बात नहीं। टुडे आई वांट. टू टॉक अबाउट समथिंग एल्स। आई वांट टॉक.
अबाउट वर्ल्ड अफेयर्स इट्स ओके। बट डोंट. फाइंड कॉमन ग्राउंड कि तुमको भी दारू पीना. पसंद है क्या? मतलब वो वो कॉमन ग्राउंड. है। कॉमन दिल से नेगेटिव इमोशन टच करो।. हां बहुत ज्यादा। और ऐसा नहीं होना चाहिए. कि आधे लोग बोले नहीं नहीं मेरे साथ नहीं. हुआ आपको वो ढूंढना पड़ेगा एक ऐसा सवाल एक. ऐसी कॉमन फीलिंग इमोशन तो आई थिंक ये है. और बाकी तो फिर आप अटैच कर दो फिर तो. स्किल है कि जो लोग थिएटर देखते हैं सीन. हो सकता है कि यू क्रिएट मेरे ड्राइंग रूम. में चार बुकशेल थी तो आप मेरा ही ड्राइंग.
रूम देख पा रहे हो तो इट इज़ सीन यू कैन. क्रिएट स्पीच डायलॉग्स उसके अंदर कि जब. भट्टी की स्टोरी मैं बता रहा था तो वो. पूरे डायलॉग्स अपने आप ही आ गए तो सिंपल. स्टोरी टेलिंग पब्लिक स्पीकिंग का एक बहुत. बहुत सारे प्रिंसिपल्स हैं, बहुत सारी. चीजें हैं। बट अगर कभी ऐसा होता है मुझे. कि मुझे एकदम 5 मिनट में कुछ स्पीच देनी. है और मुझे जाके बताना ही है। तो हाउ आई. पुट इट द इज़िएस्ट वे टू पब्लिक स्पीकिंग. इज और पब्लिक को तुम्हें अच्छी स्पीच देनी.
है। सबसे ईजी प्रिंसिपल है अटैक डाउन डाउन. अप।. अब्सोलुटली सबसे इजी तरीका है। सबसे पहले. खुद को अटैक कर दो या कोई ऐसे प्रिंसिपल. पे ऐसे कोई ग्राउंड लेवल पर जहां पे सब. लोग कनेक्ट कर जाएं कि यार मेरे तो लग गए. थे। यहां पे ऐसा हुआ था समथिंग जो चेयर. आउट ऑफ द विंडो वाला मोमेंट अटैक देन वहां. से मेरा डाउन मोमेंट क्या था। फिर मेरा और. एकदम और डाउन उससे भी मतलब पैथेटिक मोमेंट. तो स्ट्रगल समेट स्ट्रगल कि एक और नीचे. गिर गया मैं कि अब तो तुमने सोचा था यही.
है इधर से स्टोरी अप हो जाए और नीचे गिर. गया। सो दैट पीपल आर नॉट एक्सपेक्टिंग. पीपल क्योंकि एक डाउन लोग एक्सपेक्ट करते. हैं कि तुम एक लेवल और चले जाओ एंड देन यू. गो अप और खत्म हो जाती है स्टोरी मॉडल को. बोलता हूं ट्राई समिट स्टोरी टेलिंग. सिस्टम समिट तीन होने चाहिए तीन माउंटेन. होने चाहिए आपके एक नहीं ओ ट्राई समिट. स्टोरी टेलिंग सिस्टम मेरा विजुअल भी वही. है उसमें तो आई रियली कनेक्टेड वंस अगेन. कि एक बार से नहीं होगा वो और गिर जाएगा. और ऑडियंस को बहुत मजा आता है जब आप. बिल्कुल रॉक बॉटम पहुंचते हो फिर उससे से.
उठते भी हो फिर वो तो है ही एंड इट्स. आल्सो इमोशंस तो मुझे लगता है कि ये अटैक. जब करते हो तब हंसते हैं सब फिर डाउन जाते. हो थोड़ा लगता है ओ ठीक है चलो कोई फिर और. डाउन होते हैं तब आप इमोशंस के साथ टच कर. जाते हो कि भाई यहां तो क्योंकि वो बहुत. बार बहुत सारे स्पीकर्स बहुत अच्छे भी. होते हैं ना लाइक लुक एट आप शाहरुख खान. देखो बिल गेट्स देखो या कोई भी देखो हु. एवर जिन्होंने जो भी डाउन की बात करते हैं. तब भी उस मोमेंट पे भले वो आपके साथ नहीं.
हुआ पर वो इमेजिन करा देते हैं कि ये कभी. होना भी नहीं चाहिए। सो दे गिव यू फियर ऑफ़. लॉस हां कि भाई ये हो तुम्हारे साथ तो सब. सोचने लग जाते हैं भाई मेरे साथ तो नहीं. होना चाहिए। पता नहीं कैसे किया कैसे हुआ।. लाइक एंड दैट मोमेंट इज आपकी पब्लिक. स्पीकिंग स्किल्स 100% एंड आई डू दैट. ऑब्वियसली मैं तो इमोशन तो बहुत ही ज्यादा. मैं तो बिलीव ही नहीं करता था जब मैं पूरी. लाइफ टर्न अराउंड हुई। तो हर जगह पे मैं. तो जो भी स्टोरी सुनाता हूं मतलब उसके. अंदर ये पूरे प्रिंसिपल्स इनकोड हो गए. हैं। लेकिन अब अब मैं उसको फार्मूला की.
तरफ मतलब किसी और को सिखाना हो तो वो. फार्मूला मैं सिखा सकता हूं। बट हां कि. इतना खराब इतना खराब इतना खराब इससे क्या. खराब? फिर हु डू यू थिंक सबसे बेस्ट. पब्लिक स्पीकर कौन है आपके अकॉर्डिंग? जिनको सिर्फ देखने में ही मास्टर क्लास. है।. हिटलर हिटलर। व्हाई? आप कभी उसके जर्मन. में भी बोले हैं सारे जर्मन वीडियोस देखे. हैं आपने हिटलर के देखना कभी एक बंदा जो. अपने नेशन के लोगों को अपने आसपोस के.
लोगों के अगेंस्ट जूस तो साथ ही रहते थे. भाई ही थे जर्मंस के मारने पे जेनोसाइड तक. के लिए मजबूर कर दे और लोग आर्म्स उठा लें. भाई जरूरी तो नहीं था कि फ्यूरन ने बोला. तो करना ही है ऐसा नहीं था जो इस लेवल पर. किसी को बोल सकता है कि जर्मन प्राइड के. लिए जूस का मरना जरूर जरूरी है और उनको हम. आग में कैंप इस चीज को कोई पॉजिटिव सेंस. में लगा. ले। अगर मैं अगर एक लीडर हूं अगर मैं वो.
लॉयल्टी ला सकूं चार लोगों की टीम में. स्टीव जॉब्स वाज़ अनदर वेरी वेरी वेरी. पावरफुल मतलब. अनबिलीवेबल मतलब इनिशियल पार्ट ऑफ़ लेट्स. से अ फ्यू इयर्स ऑफ़ नरेंद्र मोदी। बराक. ओबामा इज अ एन अकंप्लिशनर पॉलिश स्पीकर बट. ही इज़ नॉट एट ऑल इन द लीग्स ऑफ दिस बट. मुझे नहीं लगता कि हिटलर या स्टीव जॉब्स. के बिय्ड कोई इतना सॉलिड और हिटलर का तो. मतलब क्या करवाया उसने वो तो जिहादी लीडर.
भी नहीं था कि 100 टेररिस्ट को जाके पूरे. कंट्री के लोगों को कि नहीं इनको और वो जो. आपके दोस्त हैं आपके भाई एक तरह से हैं उन. लोगों को अपने गैस चेंबर में जाके मरवा. दिया और उसके वर्ड्स ने ही तो करवाया सब. कुछ वो वो जब बोलता था उसके वीडियोस आप. देखना जर्मन में है लेकिन आपको लगेगा यार. मैं ही लाइफ में कुछ फोड़ दूंगा आज से ही. मतलब जबकि आपसे कोई कनेक्शन आप यूज़ दैट. फॉर अ पॉजिटिव वर्ब आई एम नॉट प्रेजिंग. हिटलर एट ऑल मतलब नोबडी इन द वर्ल्ड शुड.
एंड कैन बट वही स्किल स्किल ऑफ़ पब्लिक. स्पीकिंग है ना अगर आप उसको किसी पॉजिटिव. चीज के लिए अब लोग एनजीओ है फंड रेज कर. रहे हैं मर रहे हैं लोग अफ्रीका में उस पर. पैसा कमा नहीं पा रहे हैं दे नहीं पा रहे. हैं क्योंकि कोई सुनना ही नहीं चाहता. बट अगर मैं हिटलर की पब्लिक स्पीकिंग से. फंड रेिंग करूं लोग पूरा अपने हार्ट्स एंड. वॉलेट्स खोल देंगे। तो क्या मैं डारकेस्ट. पर्सन इन हिस्ट्री जो हमें जान हमारी. रीसेंट हिस्ट्री में तो उससे डार्क कोई. नहीं है। मतलब 60 लाख जूस को गैस चेंबर.
में जाके मरवा दिया। ट्रेन में जा रहे हैं. मरने के लिए लोग। ट्रेन जा रही है अंदर. गैस चेंबर में या वह जो भी कंसंट्रेशन पर. उसने करवाया उसके वर्ड्स से तो आई थिंक. इससे बेटर तो कोई हो ही नहीं सकता।. नेगेटिव कॉज पॉजिटिव कॉज डजंट मैटर। मैं. हिटलर को अप्रिशिएट नहीं कर रहा हूं। बट. स्किल तो स्किल है यार। टॉकिंग अबाउट. कन्विंसिंग स्किल्स। दुनिया में आज भी लोग. कन्विंस्ड हैं कि एमबीए करना चाहिए।.
बिल्कुल बिल्कुल कन्विंस्ड है। राइट? और. आईएम्स जाना चाहिए, हावर्ड जाना चाहिए, स्टैनफोर्ड जाना चाहिए, दे आर कन्विंस एंड. दे वांट टू डू दिस। राइट? एक तरीके से. एक आज भी उसकी बहुत बड़ी वैल्यू है बहुत. लोगों की नजरों में। राइट? नाउ आपका भी. आईएम में सिलेक्शन हो गया था। हावर्ड में. सिलेक्शन हो गया था। बट आपने रिजेक्ट कर. दिया। तो आप क्यों नहीं कन्विंस हुए? आप. तो करते ही हो। बच्चों को तैयार करते हो।. बिल्कुल। मैं देखो एक चीज हो जाती है ना. एक कहावत सुनी है मैंने।.
दोज़ हु कैन डू दोज़ हु कांट. टीच. ये फिर उसमें नया भी दोज़ हु कांट कोच और. कंसल्ट तो मैकिंजी पे भी वो अप्लाई हो. सकता है कहीं पे भी। तो ये तो हो गई मस्ती. वाली बात लेकिन जब मैंने अपनी लाइफ का. इतना ट्रोैटिक पीरियड देखने के बाद सबसे. ज्यादा जॉय महसूस किया वो पढ़ाने में। हम. तो तब तो मैं 11 12th के बच्चों को मैथ. फिजिक्स पढ़ाया करता था क्योंकि उतना ही. आता था। इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर में आपको.
क्या आता है? जो आता है वही और मुझे जो. सबसे ज्यादा जॉय मिला जबकि मैं बहुत. इंपरफेक्ट टीचर था इन द सेंस ऑफ नॉट. सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट बट टीचिंग तो नहीं. आती थी स्किल तो नहीं थी एम्पैथी भी नहीं. थी बट मुझे लगा कि यार इसके अलावा मुझे. कुछ नहीं करना और दिस वाज़ आफ्टर फर्स्ट. इयर्स ड्रॉप ड्रॉप ईयर जो था मेरा बट आई. डिड नॉट फाइंड कि मैं यह सब्जेक्ट. पढ़ाऊंगा या कुछ भी पर जब मैंने कैट की.
तैयारी शुरू की ना तो कैट का सिलेबस. एवरीथिंग वाज़ एक्सजेक्टली व्हाट आई हैड डन. फॉर सेवन इयर्स विदाउट रियलाइजिंग रीडिंग. तो रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन लैंग्वेज. वोकैबलरी ग्रामर वो सब कर लिया सब कुछ आता. था और मैथ सब कुछ वही. तो आई बिकम लाइक लोग 5% सवाल सॉल्व नहीं. कर पाते हैं शुरू में तो आई कुड सॉल्व 95%. 5% वा स्टिल अ चैलेंज तो गेमिफिकेशन में. मजा आता है जब आप नहीं कर पाते हो यार एक.
लेवल ऊपर करना मुझे लगा मुझे फील्ड भी मिल. गई है कि यह हो गया टीचर ही बनना है ये तो. पक्का था कि टीचर ही बनना है आई एम जाके. भी आवर्ड जाके भी बनना तो टीचर ही तो दैट. वाज़ माय वेरी स्ट्रांग थिंग कि मुझे वो. मिल. गया तो उसके बाद टैग्स ने तो मुझे कभी कभी. भी नहीं किया हां मतलब ये सब तो ठीक है बट. अगर लोग जाना चाहते हैं तो मुझे क्या. चाहिए मुझे यह चाहिए कि मैंने कैट क्लियर. क्या था उसके लिए मुझे हो गया कि कर लिया।.
मेरा कॉल आया था और मैंने फाइनल इंटरव्यू. क्लियर किया। अब मैं जाऊं चाहे नहीं जाऊं? क्या एम आई कैपेबल ऑफ टीचिंग यू फॉर द. कैट? टीचिंग यू फॉर द ग्रुप डिस्कशन. इंटरव्यू? आई एम बिकॉज़ आई हैव डन द. हाईएस्ट। आपकी क्या एंबिशन हो सकती है? आई. एम अहमदाबाद। उससे ऊपर तो हो नहीं सकती।. अगर ग्लोबल एमबीए जो बाद में आया मेरी. लाइफ में एक सीन कि उसका क्या हाईएस्ट. एंबिशन है? हावर्ड और मुझे हावर्ड नहीं. जाना था। यह मुझे बहुत क्लियरली पता था कि.
मेरा होगा तो मुझे हावर्ड नहीं जाना। मुझे. और यह भी नहीं था कि इसका बिनेस बनाना है. तो इसलिए मुझे टीचर बनना था। तो मैं बगैर. पैसे के पढ़ाने को तैयार था। आज भी मुझे. स्टेज पर खुला छोड़ दो। मैं 12 घंटे अगर. इंटरेस्टेड ऑडियंस है आई कैन जस्ट टीच देम. फॉर 12 आवर्स समथिंग आउटस्टैंडिंग फॉर नो।. तो वो जब मिल गया प्रोडक्ट भी मिल गया. पैशन तो था ही कि ये और समझ आ गया कि यही. पर्पस नहीं था उसमें। में देयर वाज़ नो. पर्पस टू चेंज लाइफ्स। आई जस्ट वांटेड टू. टीच। दैट्स इट। आई डिडट केयर कि यह मेरी.
टीचिंग से इनका कुछ लाइफ बदलेगी या नहीं।. यह जबरदस्ती मैं ब्रैक करूं। कुछ नहीं था. ऐसा। ना पैसे का दिमाग में था पर प्रोडक्ट. मिल गया। प्रोडक्ट मतलब रोज करोगे क्या? टीच करोगे क्या आप? तो दो चीजें मिल गई।. पैसा तो अब जो झाड़ू लगाता है सड़क पे वो. भी कमाता ही है। कुछ तो कमाता ही है। तो. पैसा तो कमा ही लोगे आप। एक सॉफ्टवेयर. इंजीनियर भी पैसा कमाता है तो कैट ट्रेनर. तो कमा ही सकता है। इंडिया में तो वो बोरे. में कमा सकता है। भरभर के वैसी हालत है।. तो पर वो कभी ड्राइवर नहीं था। बट वन थिंग.
आई डिड नॉट हैव वाज़ पर्पस। आई डिड नॉट वेक. अप इन द मॉर्निंग टू सेंड समवन टू आई एम. अहमदाबाद और हावर्ड एंड चेंज देर लाइफ इन. द इनिशियल इज। आई जस्ट वांटेड टू स्टैंड. ऑन स्टेज एंड ब्लो देयर माइंड्स। मतलब. ब्लो देर माइंड वाज़ द एंड ऑफ़ द गोल। हां।. हां बट वो चेंज हुआ धीरे-धीरे फिर किसी. दिन ये रियलाइजेशन हुआ कि ऐसे तो चल ही. नहीं सकता। एंड व्हाई डू आई डू जब आपके. पास पैसा आ जाए फिर लगता है कि अगले दिन. क्या करना होगा? तो वो थोड़ा बाद में हुआ।.
बहुत क्लियरली वो बाद में ही हुआ। बट. व्हेन आई फाउंड दैट देन द जर्नी सस्टेंड. फॉर सोलो। 29 इयर्स से कोई आप काम कर रहे. हो और आज भी कर रहे हो। बाकी भी बहुत कुछ. करते हो आप। लेकिन कोर काम कर रहे हो तो. सस्टेन नहीं होता। तो यू हैड दैट पर्पस. इंजन लेटर। सो मनी आई अर्न अ लॉट कंपेयर. टू नॉर्मल स्टैंडर्ड्स तो आई वास लाइक अ. वेरी रिच पर्सन वेरी सून एंड इट वास नॉट. इवन वंस माय ड्राइवर कि यार पैसे कमाने के. लिए कैटरीन बन जाओ मुझे तो टीचर बनना था.
स्टेज पे होना था और माइंड ब्लो करना था. बस बात खत्म बट फिर रिजेक्ट क्यों किया. मतलब जाके पढ़ाई क्यों नहीं करी तो दो साल. क्या करोगे मतलब आपको जो टैग्स चाहिए मिल. गए ना आपको अच्छा आपको ये था कि बस. क्योंकि मुझे पढ़ाना है मैंने एक्चुअली. कुछ दिनों के लिए जॉइ किया था आई एम. अहमदाबाद आई जस्ट शेयर शेयरिंग दैट विथ यू. बट वो नॉट फॉर एनी अदर रीज़न। पर ये था कि. एमबीए के बाद भी टीचर बनना है। चलो एमबीए. बन के टीचर बन जाते हैं। कोई एग्जांपल. नहीं था हमारे टाइम पे उस टाइम। बट आई सेड. चलो ठीक है कि क्या प्रॉब्लम है। तो आई.
जॉइ एंड आई रियलाइज्ड दो-तीन दिन के बाद. कि यार ये सब क्लास और असाइनमेंट और क्विज. और ये और वो और केस स्टडी और ये मुझे तो. कोई किक नहीं दे रहा है। मतलब इट्स नॉट. बैड।. मेरे लिए नहीं है। हां, मुझे लगा मेरी जो. एम है लाइफ में 2 साल बाद उससे कोई. रेजोनेंस नहीं है। अगर टैग भी चाहिए तो. मैं बोल दूंगा आई एम ड्रॉप आउट टीचिंग यू. फॉर कैडिक डील हो गया. टैग। तो आई सम हाउ जस्ट डिड नॉट। बट फिर. हावर्ड रिजेक्ट क्यों किया? तो हावर्ड ये. हुआ कि भाई मैं जब बड़ा हो रहा था तो वी.
ग्रो अप वि द ड्रीम ऑफ़ हावर्ड ओनली। मतलब. देयर वाज़ ओनली वन ड्रीम इन द वर्ल्ड।. बिकॉज़ हावर्ड बिज़नेस रिव्यु घर में आती थी. मैगज़ीन और वो पेरेंट्स का भी थोड़ा था वो. कि इंडिया से ज्यादा मतलब वो हावर्ड. स्टोरी हावर्ड स्टोरी तो आई वाज़ काइंड ऑफ़. रेडी। तो 1995 में आई वाज़ इन माय फाइनल. ईयर ऑफ इंजीनियरिंग। और उस टाइम पे कैट भी. लिखवाया, जीमैट भी लिखवाया और कि भाई. कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग भी कर रहे हो. आप। तो चलो जीआरई भी लिखी दो। तो जीैट में.
मेरा 800 स्कोर आ गया। और इतनी. इंटर्नशिप्स कर ली थी मैंने। इतने गंदे. गंदे काम, अच्छे-अच्छे काम सब कर लिया था।. तो आई हैड अ वेरी सॉलिड. रिज्यूुमे। आपको यह जान के बहुत हैरानी. होगी कि हावर्ड में. 1996 वाज़ द फर्स्ट ईयर व्हेन दे चेंज द. रूल्स कि विदाउट वर्क एक्स वी विल नॉट. एक्सेप्ट यू। यू हैव टू हैव वर्क एक्स। और. यह रूल चेंज हुआ था एप्लीकेशन डेडलाइन के. एक महीना पहले। तो अगस्त में आप सबमिट.
करते हो। जैसे अगर आप मैं क्योंकि फ्रेश. अभी तो आईएम में फ्रेशर किधर जा सकते हो. ना बिल्कुल जा सकते हो वो तब भी ऐसा होता. था तो 1995 में मैं अपने सेवंथ सेमेस्टर. पढ़ रहा हूं और सेवंथ सेमेस्टर में अगस्त. में एप्लीकेशन सबमिट करनी है तो जुलाई तक. आपने GMAT एप्लीकेशन तो वो मेरी एप्लीकेशन. रेडी मुझे तो लगा इससे अच्छी क्या. एप्लीकेशन होगी मेरे पास तो बेस्ट स्कोर. है और सारे रिज्यूुमे बहुत सॉलिड है एंड. आई अप्लाइड लिटिल डिड आई नो दैट जस्ट वन. मंथ बैक द रूल्स हैड चेंज दैट यू हैड टू.
हैव टू इयर्स ऑफ़ वर्क एंड आई हैड नो. आईडिया आई मीन इन इग्नोर एंड सप्लाई एंड. देयर वाज़ नो इंटरनेट देयर वाज़ नो ईमेल वी. हैड टू सेंड द एप्लीकेशन आल्सो बाय फिजिकल. मेल या और वो हारवर्ड बिज़नेस रिव्यु में. न्यूज़ आतेआते दो-ती महीने लग गए वो जब बाद. में आई तो मैंने तो लगा कि मेरे अगर. इंडिया से मेरा हावर्ड नहीं होगा तो किसी. का नहीं होगा। मतलब वो एोगेंस थोड़ी सी चल. ही रही थी हम और वो पता ही नहीं था रूल तो. वहां पे होता था कि अगर इंटरव्यू में. सिलेक्शन हो जाए तो एक ट्रेनर है इंडिया. में उससे बात कर लो करण गुप्ता कोई बॉम्बे.
में ट्रेनर होता था उस टाइम पे जो भी अब. वो क्या है पता नहीं तो मैंने बोला अगर. इंटरव्यू का कॉल आया तो एटलीस्ट आई नीड टू. नो तो माय पेरेंट्स सेंट मी कि उससे मिलके. आओ पूरा प्रिंट आउट वगैरह लेके अपॉइंटमेंट. ली 45 मिनट्स मिलूंगा उसने मेरी एप्लीकेशन. देखी. यह भेजा है तुमने? मैंने कहा हां यह भेजा. है। क्या सोच के भेजा? मतलब. क्या? मेरा बेटा होता ना तुम्हारी जगह.
खड़ा उसको जूते मार देता मैं अभी के. अभी। मेरा टाइम वेस्ट किया। हावर्ड का. टाइम वेस्ट किया। क्यों? तो मैंने बोला सर. हुआ क्या? मेरा तो स्कोर भी है। सब मैंने. यही पूछा। तुमको नहीं पता। एक महीना पहले. रूल चेंज हुए। कौन सा रूल चेंज हो गया? नहीं यह वर्क एक्स कंपाउंड उसने तो जो. गालियां सुनाई है मुझे उस दिन तो बोले चलो. वेट करो रिजेक्शन लेटर का। कोई बात नहीं. खाएगा घर में इंडिया में अगर कोई हावर्ड.
अप्लाई कर रहा है तो मुझसे पूछे बगैर करता. नहीं। पहली तो तुम्हारी ये मिस्टेक कि. तुमने कैसे कर दी? मतलब ही मेड मी रियलाइज. दैट कि मुझसे पूछे बगैर तुमने कैसे कर दी? और वो रूल चेंज हो गया और आ गया मेरे पास. रिजेक्शन लेटर कि सॉरी यू डू नॉट हैव वर्क. एक्सपीरियंस एंड वो कुछ नहीं कोई अपोलॉजी. कुछ वो क्यों क्या मतलब है पर लेटर आया. प्रॉपर. दैट डे यू कुड हैव टोटली नॉक मी आउट विथ अ. स्ट्रॉ मतलब यू कुड जस्ट एक फदर से कि बस.
बंदा लेट जाए कुछ नहीं तो दैट वाज़ द ड्रीम. एंड देन द सेकंड बेस्ट थिंग वाज़ कैट वो. अच्छे से निकल गया तो आई एम ए वाज़ द थिंग. बट उस दौरान यह समझ आ गया था कि बनना तो. टीचर ही है। बट हावर्ड वुड हैव बीन माय. ड्रीम टु स्टडी आल्सो क्योंकि वह केस मेथड. और यह और वह था तो उसका चाम ही अलग था आगे. बट दैट डिडट हैपन तो बाद में जब मेरे पास. वर्क एक्स आ गया अच्छा एंटरप्रेन्योरशिप. भी और एक मैंने पार्ट टाइम जॉब ऑफर भी. लेके एक बीसीजी में कंसलटेंट का भी रोल कर.
लिया था बीच में सब वो भी नॉर्थ अमेरिका. सब तो वो सारा सॉलिड तो मुझे लगा यार एक. बार निकालना है मेरे दिल में है कि मैं. हावर्ड क्रैक करना चाहता हूं उसके बाद कुछ. हो नहीं हो तो मैंने मैंने 2003 में. अप्लाई किया हम तो अच्छा खासा वर्क. एक्सक्स था तो उस टाइम तो सभी था मेरे पास. जीमैट दिया फिर से हां तो मेरे 5 साल बाद. जीमैट का स्कोर एक्सपायर हो गया तो वापस. से लिखना पड़ा आई गॉट अ डिसेंट स्कोर दिस. टाइम आई डिड गेट अ परफेक्ट स्कोर बट वेरी. गुड स्कोर अप्लाइड बड़े आराम से सब क्लियर. हो गया इस बार तो इंटरव्यू में भी बस.
मस्ती टाइप की इंटरव्यू हुई अरे एवरीथिंग. इज़ ग्रेट अबाउट दिस एंड दैट आई गॉट. थ्रू बट आई देन थॉट कि यार अब तो मैं 7. साल में क्या सीख गया जितने इतनी. मैनेजमेंट की दुनिया थी। मैं तो खुद धंधा. चला रहा हूं दिन भर ही और मैनेजमेंट की ही. लेसन दे रहा हूं लोगों को। तो पता नहीं अब. मैं दो साल लगाऊंगा कि नहीं। तो आई थॉट. यार इसको पार्क कर देते हैं आईडिया को। तो. आई डिड नॉट गो फाइनली बट आई क्रैक्ड। फिर. धीरे-धीरे होता है कि कैट के ही स्टूडेंट. आते हैं या कोई और आता है। आप जीमैट नहीं.
कराते क्या? आप जीआर ही नहीं कराते क्या? तो पहले तो जब मैंने शुरू किया था तो. जीमैट जेआर ही कैट के स्टूडेंट एक साथ. बैठते थे। आई डिड नॉट इवन नो कौन मतलब. क्योंकि कोई ट्रेनर ही नहीं होता था।. तो मैंने अहमदाबाद में शुरू किया था। बाय. द वे भी है क्योंकि आई वास लिविंग एंड आई. एम ए कैंपस। तो कुछ दिनों बाद मैं गया. अपने डीन के पास कि सर मुझे तो ड्रॉप आउट. करना है। उसने बोला लास्ट टाइम समबडी. ड्रॉप्ड आउट वाज़ व्हेन ही व्हेन वी आस्क्ड. हिम टू लीव बिकॉज़ ही हैड बीन मेडिकलली. अनफिट। आई एम ए को कौन ड्रॉप करता है? मैंने कहा सर मुझे जम नहीं रहा है। तो.
बोले नहीं देखो तुम्हें अटेंडेंस नहीं. करना क्लास अटेंड नहीं करना कोई बात नहीं।. यह न्यूज़ बाहर नहीं जाना चाहिए कि कोई. आईएम अहमदाबाद से ड्रॉप आउट करना चाहता. है। मिनिस्ट्री ऑफ़ एचआरडी और मीडिया दोनों. मुझे जला देंगे। मतलब बोले कैसे आप क्या. स्टैंडर्ड मेंटेन कर रहे हो? क्या इतना. बोरिंग है? क्या घटिया है? क्या है? तो. उसने बोला ठीक है डोंट अटेंड द क्लासेस।. यू मे लिव समवेयर वेयरवर बट ऑफिशियली यू. विल रिमेन अ स्टूडेंट। तो मेरे को लगा ठीक. है। मैं क्या ही कर सकता हूं? नहीं दे। तो.
आई गव एन ऐड मेरे को मैंने एडवरटाइजमेंट. कैसे देते हैं न्यूज़पेपर। वंस अगेन नो. डिजिटल। देयर वाज़ नो इंटरनेट। ओके। सो. इंटरनेट हैड जस्ट कम व्हेन आई एंटर्ड आई. एम इंटरनेट हैड जस्ट कम टेक्स्ट बेस्ड. डायल अप वो वाला इंटरनेट। तो मैंने एक. दिव्य भास्कर पेपर आता था। वहां पे टाइम्स. ऑफ इंडिया की रीडरशिप्स थी 800 दिव्य. भास्कर 5.4 लैक्स 800 वो बॉम्बे एडिशन वो. आता था थे। अगले दिन आता था वो वाला। तो. मैंने दिया और मैंने सोचा एक क्लासिफाइड.
डाटा आते हैं। तो वर्टिकल स्ट्रिप तो कोई. आती ही रहती हैं। तो कोई नहीं पढ़ता। तो. मैंने डायगोनल स्ट्रिप लिया। तीन गुना. पैसा दिया। मैंने कहा मुझे डायगोनल ऐड. चाहिए। ऐड में वर्टिकल की बजाय डायगोनल. स्ट्रिप में इतना लंबा डायगोनल स्ट्रिप. में सिर्फ यह लिखा है कैट ट्रेनिंग बाय एन. आई एम अहमदाबाद स्टूडेंट। बस कुछ नहीं। और. एक मैंने एक दिन पहले मोबाइल खरीदा था. क्योंकि तब मोबाइल में इनकमिंग का भी ₹10. पर मिनट लगता था और तब भी तभी उसी साल. मोबाइल भी आया था। नंबर दे दिया। मुझे लगा. कि यार क्या ही इससे क्या ही होगा। दो चार.
लोग आएंगे शायद पॉकेट मनी निकल जाए। नहीं. तो देखेंगे। नहीं चला तो क्या फर्क पड़ता. है? दो-3000 का ऐड है। चलो हो. गया। आप भरोसा नहीं करोगे। मेरे पास 3000. फोन आए शायद चारप दिन के अंदर। मैं एक फोन. पे हूं और पीछे से 17 मिस कॉल। एक कॉल पे. हूं। कोई स्टाफ नहीं, कुछ नहीं। मेरे पास. तो जगह नहीं, कुछ नहीं। मैं तो मस्ती में. कर दिया आज। एंड आई हैड फ्लड ऑफ़. स्टूडेंट्स। आई हैड टू हायर एन ऑडिटोरियम।. आई हैड टू रन थ्री बैचेस। 1000 पीपल ईच.
मॉर्निंग बैच 1000 आफ्टरनून बैच 1000 ईच. आई डिड नॉट नो व्हेन आई बेड व्हेन आई एट. व्हाट आई डिड मतलब शुरू में एक छोटा सा. ऑफिस लिया था उसकी झाड़ू भी मैं लगाता था. और मैं उसके सोफे पे वहीं सो जाता था कि. 2:00 बज गए रात को 7:00 बजे तो आना ही है. कौन जाए क्या करें एड्रिनलिन कुछ अलग ही. लेवल का था कोई छुट्टी-वुट्टी नहीं कोई. टॉक्सिक वर्क कल्चर नहीं कि मैं तो 20. घंटे करता था काम मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं. थी आज का जो नाटक है कि ये नहीं वो नहीं. बर्न आउट आई डोंट नो आई जस्ट डिडट गेट इट.
एंड क्योंकि मैंने जुलाई एंड में शुरू. किया था और कैट होती थी दिसंबर में तो. टाइम बहुत कम और उसमें आप भरोसा करोगे. ज्यादातर जो कॉल्स आए उनको कैट पढ़ना ही. नहीं है उनको जीमैट या जेआर ही पढ़ना है. और कोई टीचर नहीं है तो मैंने तो बोला कि. बस वो तो हम नहीं पढ़ाते अरे कुछ नहीं. बराबर ही छे मतलब सिलेबस सेम ही है तो. पढ़ाओ उनको सिर्फ यूएस जाना था हां पढ़ाओ. पढ़ो तुम्हें कुछ जो भी मेरे को तो आता.
नहीं बोलना बट थोड़ा बहुत मैं समझा दिख. रहा बैठेगा क्लास में सीख जाएगा कुछ तो. सीख ही जाएगा बराबर ही है सेम भी नहीं वो. बराबर वर्ड है उसके लिए तो मैंने पता किया. था कुछ दिनों पहले कि क्यों क्रेज है तो. मेरे कोई रहते थे रिलेटिव उन्होंने बताया. कि न्यूयॉर्क की टेलीफोन डायरेक्टरी इतनी. मोटी बिनेस पेजेस नहीं एक टेलीफोन. डायरेक्टरी आती थी पहले बहुत पहले की. न्यूयॉर्क की टेलीफोन डायरेक्टरी में द. लार्जेस्ट अकरिंग सरनेम वास पटेल.
टेलीपोट तब मुझे समझ आया कि हां इनको तो. अमेरिका जाना है। गुजरात स्टेट की. हिस्ट्री से पिछले 12 से 14 साल में कोई. कभी आईएम अहमदाबाद नहीं गया था। ये तो. उनका क्रेज ही नहीं जाना। मतलब आईएमआईएम. तो है ये भी नहीं पता। सम हाउ मैं पूरे. स्टेट से 12 से 14 साल की हिस्ट्री में. कोई कभी आईएम अहमदाबाद नहीं गया। मतलब. एवरीबॉडी वाज़ नॉन गुजराती। दे नॉन फ्रॉम. गुजरात और समथिंग तो ट्रेन किया 3-3000. लोग और वो बात भी करना चाहते हैं आपसे।.
मैं तो सोचा था ₹ ₹100 कमाएंगे थोड़ा यहां. तो मतलब इक्विवेलेंट हुआ डॉलर मिलियर बाद. में शुरू तो खत्म हुआ और पहले बार 14 साल. की हिस्ट्री या 12 साल की अब तो याद नहीं. नौ लोगों का आईएम अहमदाबाद भी सिलेक्शन. हुआ गुजरात स्टेट से बाहर तो हुआ ही होगा. जो मेरे स्टूडेंट नहीं थे क्योंकि डिजिटल. नहीं था और दूसरा एक हावर्ड सिलेक्शन एक. एमआईटी और एक स्टैनफोर्ड सिलेक्शन पहले. साल में पहली बैच में आपकी पहली बैच तो.
नहीं बोलूंगा ूंगा क्योंकि बैच तो तीन. होते थे बट पहले साल में एंड इट वाज़ नॉट. वन ईयर ऑफ़ एफर्ट। इट वाज़ एन एफर्ट ऑफ़. व्हाट अगस्त, सितंबर, अक्टूबर ही पढ़ाया और. नवंबर में तो कुछ टेस्ट सीरीज टाइप का करा. और दिसंबर में तो एग्जाम है। तीन चार. महीने में। तीन चार महीने के तो मुझे लग. गया कि तीन महीने में हो सकता है। फिर ये. जो बकवास चलती है कि 2 साल पढ़ो, डेढ़ साल. पढ़ो। मैं समझ गया कि ये है पॉसिबल इट। तो. सम हाउ आई नेवर एडवोकेटेड दैट यू हैव टू. स्टडी फॉर इयर्स टुगेदर एंड यू विल फेल. एंड दिस। इट डजंट मीन एवरीबडी गॉट इनू.
आईएम्स बट मेनी मेनी स्टूडेंट्स गॉट इनू. सम ऑफ द रियली गुड स्कूल्स अब्रॉड यस कहीं. ना कहीं तो हो ही गया नहीं तो लोअर रंग जो. एमबीए है स्टार्ट तो ऐसे ही हुआ बट दैट. वास द कंपेयर हारवर्ड एमबीए आईएम एमबीए. कौन सा बेटर आईवी लीग एमबीए और इंडियन. एमबीए टॉप कॉलेजेस अगर आपको कंपेयर करना. हो तो आज तो करिकुलम तो ऑलमोस्ट सेम है. एकदम ही सेम है क्योंकि वो पूरा का पूरा. ही उठा लेते हैं और जैसे आईएसबी है उसका. पार्टनर स्कूल कैलगन ये सब है तो उसमें.
डायरेक्टली जो वहां चल रहा है अगले दिन. यहां हो रहा है। प्रोफेसर्स भी सेम है. उसके तो बहुत सारे फॉरेन प्रोफेसर द. प्रॉब्लम इज़. सिलेक्शन। आप अगर प्योर एकेडमिक रिगर पे. ही सिलेलेक्ट करते हो कि नहीं मैथ इतना टफ. आएगा और इतना फायदा होगा और तो जो लोग कैट. क्रैक करते हैं अब तो बदला है चारप साल. में प्रोफाइल पे भी मैटर करने लगा है। कैट. वाज़ द ओनली थिंग। उसके बाद इंटरव्यू वाज़. अनदर रिजेक्शन। वो लोग जब सिलेलेक्ट करते. हैं एक अंडरग्राड लेवल पर भी और ग्रेजुएट.
लेवल पे भी। इट इज़ जीैट और जीआर इज़ वन ऑफ. द कॉमोनेंट्स बट देयर इज़ अ लॉट मोर। द वे. यू एक्सप्रेस योरसेल्फ इन स्टेटमेंट ऑफ़. पर्पस। द वे यू राइट योर रिज्यूुमे द वे. यू गेट योर रेकमेंडेशंस द वर्क यू डू. एक्स्ट्रा करिकुलर्स फंड रेज़ चीज़. स्टार्टअप यू। तो स्पोर्ट्स इसमें सब कुछ. मैटर करता है उनके लिए। एंड दे टेक अ. पर्सन हु हैज़ फेल्ड अ लॉट। दे डोंट टेक ए. पर्सन वाज़ ओनली सक्सीडेड ऑलवेज अ 10. पॉइंटर सॉरी वी डोंट वांट यू वी डोंट वांट.
यू मतलब नहीं चाहिए तो फेल कहां होगे आप. अगर एकेडमिकली फेल नहीं होगे तो कहां आप. स्पोर्ट्स फील्ड पे फेल हो सकते हो आप फंड. रेिंग में तो हर स्टूडेंट अमेरिका में वो. कोई पॉलिटिकल कैंपेन कर रहा है फंड रे कर. रहा है कोई चैरिटी मिशन कुछ कर रहा है कोई. हेल्थ ड्राइव में इनवॉल्वड है कोई कुछ ना. कुछ वो ऑन ग्राउंड 10 चीजें होती हैं एंड. दे वांट टू सी एंड देयर इज़ अ मेजर. क्वेश्चन टेल अस अबाउट योर फेलियर व्हाट. यू लर्न फ्रॉम एंड कोई ना कोई तरीके से आ. ही जाता है कोई ना कोई तरीके से यहां पे.
ऐसा कोई सीन ही नहीं ऐसे होते ही नहीं कुछ. स्टेटमेंट ऑफ़ पर्पस अभी शुरू हुआ है तो यू. आर टेकिंग वेरी डिफरेंट पीपल द करिकुलम इज़. द सेम बट इंटेक अलग होगा तो. हां तो दैट इज़ वन सेकंड इफ यू वांट टू. सक्सीड इन इंडिया टुडे आईएम्स एंड आईएसबी. आर वेरी गुड बेट्स लाइक आपको अगर लेकिन. ग्लोबल सीईओ बनना है किसी की एंबिशन है कि. मुझे नेक सत्य नडला या सुंदर पिचाई है तो. वो लोगों ने इंडिया से टेक एजुकेशन किया. आईआईटी से किया किसी ने एमआईटी मणिपाल से. किया लेकिन उसके बाद उन्होंने एमबीए किया.
प्रॉपर दो साल का 5 साल बाद जॉबव छोड़ के. लोन लेके जीमैट दे वन ऑफ़ देम वेंट टू वॉटन. वन वेंट टू बूथ सुंदर पिचाई इस फ्रॉम वाटन. एंड सत्य नडला इस फ्रॉम बूथ एंड दे टू. शिकागो शिकागो दे एट्रिब्यूट देर सक्सेस. टू देयर बिनेस एजुकेशनल अ लॉट बहुत जगहों. पे बोला है उन्होंने बहुत सारे तो जो ये. है कि आपको वहां जाके अगर कुछ करना है यू. वांट टू बिकम अ फॉर्च्यून 100 सीईओ लेट्स. से अब होते हैं इंडिया के बने हैं लोग.
बहुत सारे तो आप आईएम से नहीं हो सकते फिर. लेकिन अगर आपको इंडिया में करियर चाहिए तो. आप बिल्कुल आईएम इज अ ग्रेट बेट सो. डिपेंडिंग ऑन द एंबिशन आरओआई कहां पे. जल्दी मिलता है. आरओआई मतलब डिपेंड करता है आप उसको कैसे. देखते हो पहली सैलरी से या पहले 5 साल. में मेरे को पैसे जितने मैंने लगाए उतना. जल्दी चाहिए कौन देगा. हां अगर वैसे आप देख रहे हो तो आई थिंक. आईवी लीक्स थोड़ा आगे हैं उससे। अभी जो. रीसेंट न्यूज़ है उसमें तो चलता रहता है कि. हावर्ड को भी जॉब नहीं मिल रही। वो तो.
ब्लो अप होती है हर चीज जरा सी भी बट. ओवरऑल ये है कि पैसा भी वो ज्यादा लेते. हैं लेकिन जॉब्स भी अब $.5 लाख की एवरेज. सैलरी है वॉटन की एवरेज। तो आपने अगर $.5. लाख दिया भी तो एक साल में आपका रिटर्न हो. गया। अब आईएम अहमदाबाद की सैलरी है 26 लाख. करीब-करीब सपोज़ और कुछ 34 लाख का पैकेज. मिल रहा है तो वहां से भी हो गया एक तरह. से लेकिन मैं इसको ऐसे देखता नहीं हूं।. मैं इसको देखता हूं। आरओआई इज ऑलवेज लॉन्ग. टर्म। पहली सैलरी आपकी हो सकता है ठीक-ठाक.
हो। लेकिन फाइव ईयर अगर देखा जाए या 20. साल की ट्रेजजेक्टरी में करियर तो चलेगा. ना आपका 15 20 देन द ग्रोथ इज़ वे हायर इन. एमबीए इज़ अब्रॉड। बट व्हिच इज़ नॉट टू से. इंडिया एमबीए की नहीं है। वो स्केल ही अलग. है ना। अब कोई स्टार्ट कर रहा है $3 लाख. पे और कोई स्टार्ट कर रहा है $30 लाख पे।. तो वो अलग ही वहां से बोलते हैं ना कि एक. दो एरोस छोड़ो 1 डिग्री भी डिफरेंस होगा. तो 400 कि.मी. जाके वो इतना बड़ा हो जाएगा.
कि दो सिटीज में लैंड कर सकते। तो. स्टार्टिंग डिफरेंस मे नॉट लुक वेरी बिग. बट 20 इयर्स होराइजन 15 इयर्स ये है। बट. आई स्टिल से इफ यू वांट टू हैव अ करियर इन. इंडिया डोंट गो अब्रॉड एंड देन कम बैक एंड. देन डू समथिंग। नो दैट शुड नॉट बी योर एम।. इंडिया में बहुत अच्छा करा। आईएम्स के. कितने लोगों ने सीईओस बने हैं टॉप। बट वो. कॉर्पोरेट्स के ही लिए है। यह एक और चीज. है। स्टार्टअप एंड ऑल अगर आपको यह है कि. मुझे स्टार्टअप में काम करना है, यू डोंट. नीड एनीथिंग। यू वांट टू बी अ फाउंडर. योरसेल्फ, ही डोंट नीड। तो एमबीए नहीं.
चाहिए आपको। मैं एमबीए कोच होने के बाद भी. यह बोल रहा हूं। इफ यू वांट टू बी अ टेक. फाउंडर और समथिंग। बाद में कर लो। जाके. टैग लगा लो। बट चाहिए नहीं आपको। कितना. पैसा लगता है एमबीए करने में? और कितने. टाइम में मिल जाएगा मुझे रिटर्न वापस? सवाल वो नहीं है ना। सवाल ये है कहां से. एमबीए कर रहे हो आप? तो उस पे डिपेंड टॉप. तो आपने बोला वॉटन हावर्ड यूएसए जाके मुझे. सबसे बेस्ट वन की फीस मान लो ₹1.5 लाख तो. ट्यूशन ₹1.5 लाख तो ट्यूशन ही है दो साल. की $00 तो आप खर्च करोगे तो $2 लाख तो आप.
दे ही रहे हो अप्रट इसमें स्कॉलरशिप वगैरह. मिल जाती है बट $2 लाख $5 करोड़ के आसपास. और ज्यादा हां आराम से आप दे रहे हो और. ऐसा नहीं कि हर किसी को मिलती है 10%. लोगों की कहीं जॉब नहीं लगती ये कोई जेल. नहीं है कि मैं आ गया तो मेरे को तो खाना. मिलेगा ही मिलेगा मतलब वो नहीं है इट्स. नॉट एंटाइटलमेंट नो एमबीए इज़ एन. एंटाइटलमेंट नो डिग्री इज़ इन एंटाइटलमेंट. 10% लोगों की हवर्ड से भी जॉब नहीं लगती. ये गारंटी है और मैं तब से सुन रहा हूं और. आईएमए की भी नहीं लगती आईएसबी की भी नहीं. लगती 10% की अभी जैसे सुना कि 23% पीपल.
डिड नॉट गेट प्लेसमेंट फ्रॉम हावर्ड अभी. रिसेंटली न्यूज़ थी इसका मतलब मैं इसको. ऐसे देखता ही नहीं मैं ये सोचता हूं मैं. अगर जाता तो क्या मैं बॉटम 23 पे बिलोंग. करता मैं तो नहीं करना चाहता यार फिर तो. मैं नहीं जा रहा कहीं पे भी आई वांट टू. बिलोंग टू टॉप 10% % इफ नॉट टॉप 1% तो. मेरे लिए क्या रिस्क है? यह नहीं सोचते वो. एक हेडलाइन आएगी और अब तो नहीं जाना यूएस. अब तो है थोड़ा सा बट क्यों नहीं लगती इतने. टॉप कॉलेजेस के बाद भी एंटाइटलमेंट का. फीलिंग आ जाता है लोगों को कि अब तो वहां.
जाके आपको डेली इतना एफर्ट लगाना पड़ता है. इतना सारा पिचिंग योरसेल्फ टू ऑल अननोन. एंप्लयर्स बिकॉज़ टू दोज़ एंप्लयर्स अ. हावर्ड इज़ नॉट यूनिक ना आप कर रहे हो आपके. जैसे हर बैचमेट आपका पांच ही लोगों को. करेगा मैकजी करेगा या ये पांच फंड्स हैं. पांच बैंक्स हैं जो भी. तो मतलब यू बीइंग फ्रॉम हावर्ड इज़ नो बिग. डील फॉर देम। मतलब दैट्स द एंटायर फर्म इज़. ऑफ़ हावर्ड जो सूट्स का जो कि कोई हावर्ड. के अलावा है ही नहीं। अब तुम बोलो मैं. हावर्ड हूं। बोला अरे तू जा सारे यहां तो.
ये नहीं चलता ना वहां पर। तो यू हैव टू. डेली कॉफी डेट्स बोलते हैं। हर अननोन. इंटरव्यू करो। रोज रोज रोज रोज नेटवर्किंग. करो। मतलब आपको लाइफ के लिए तैयार तो कर. देते हैं बहुत सॉलिड तरीके से। तो जो ये. नहीं करेगा। सम हां देयर इज़ नो प्लेसमेंट. सीजन इन टॉप स्कूल्स अब्रॉड कंपनी नहीं. आती है कैंपस में जैसे यहां आती है ना. कंपनीज़ आती हैं और उठाती हैं देयर इज़ नो. डे ज़ीरो डे वन डे टू कुछ भी होता ही नहीं. नो कंपनी विजिट्स योर कैंपस यू डू ऑल द.
फील्डिंग योरसेल्फ यू डू ऑल ऑफ़ दैट और. आपने अगर उसका इंटर्नशिप क्रैक किया तो. वहां जाके भी क्या है आठ हफ्ते में क्या. ही कर लेंगे पर नहीं आप आठ हफ्ते में किसी. ऑर्गेनाइजेशन में बहुत बड़ा स्ट्रेटेजिक. चेंज तो ला ही सकते हो ऑपरेशन ना भी ला. पाओ। फिनिश नहीं करो। स्टार्ट तो कर सकते. हो। तो वो आठ हफ्ते भी आपकी विज़िबिलिटी. बहुत स्ट्रांग है। सिर्फ आईडिया देने वाले. लोग को कोई नहीं पसंद करता। गेट थिंग्स. डन। डोंट टेल मी दिस इज़ रोंग। फिक्स इट।. डोंट टेल मी एनीथिंग। मतलब मुझे सजेशन मत.
दो। मैं जानता हूं। ये जो सीईओस का सबसे. बड़ी बीमारी है जो लोग आके बड़ी-बड़ी बातें. करते हैं। एंड इट्स इट्स द बिगेस्ट टर्न. ऑफ टू एनी एनी टॉप मैनेजर। एक 10 मेरे को. पता है 10 गलतियां है मेरी कंपनी में। तू. एक उठा और एक महीने में पूरी ओन अप करके. फिक्स कर गेट शिट डन दैट्स इट वो नहीं. होता तो फिर आप नहीं करते तो फिर 10% लोग. होते हैं थोड़े से रिलैक्स टाइप के कि ठीक. है कुछ लोग तो एंटाइटलमेंट में जाते भी. इसलिए कि घर में ट्रेडिशन है कि पैसा बहुत.
है और उस तरह का भी होता है। आप आरओआई की. बात बता रहे थे कि अगर ₹5 करोड़ खर्चा करे. किसी ने हां तो अगर मैं अगर मैं ये. रिलैक्स्ड क्राउड हटा दूं तो फॉर मोस्ट ऑफ़. द पीपल बिकॉज़ यू हैव टू लिव आल्सो यू हैव. टू पे टैक्सेस आल्सो बड़ी सैलरी दिखती है. $5 लाख सबको मिलती नहीं है मीडियन इज़ 1.8. 180 190 मान लो किसी की 1.8 10000 की जॉब. लग गई या 200 चलो 20000 में पहले तो $0000.
आपने दे दिए सरकार को बगैर बगैर आपके. दर्शन भी नहीं हो रहे आपको। उसके बाद. लिविंग कॉस्ट और बहुत सारे एक्सपेंसेस. होंगे। कहीं पे आप नई जगह जाओगे।. न्यूयॉर्क में रहना कोई आसान नहीं है। कोई. बड़ी जगह रहना वैली में रहना, बॉस्टन में. रहना कोई छोटा-मोटा काम नहीं है। बहुत. महंगा यार। हां। तो उसके बाद जो आपको. बचेगा वो उतना नहीं होगा। तो 2000 सॉरी $2. लाख का कोर्स और $ लाख की सैलरी भी 5 साल. में ही पे अप करवा पाएगी। टैक्सेशन भी है,
इंटरेस्ट रेट में फिर आपको ये डर है कि. यार वीजा मिले परमानेंट वीजा तो उसके अलग. है टेंशनंस बट ओवर द लॉन्ग टर्म पीपल. जेनुइनली मेक अ ह्यूज रिलीफ यू गो टू. एनआईवी लीग शॉर्ट टर्म में तो इट इज़. पेनफुल और वही है शॉर्ट टर्म में व्हाट इज. नॉट पेनफुल 5 साल लग जाते हैं खर्चा. निकालने में। हां, आईएम में भी अगर आपको. पूरा पे अप करना है। मेरी एवरेज सैलरी ऑफ़. अ टॉप आईएम इज़ 34 लैक्स। मेरी थोड़ी एवरेज. से कम भी जॉब लग सकती है। एवरेज से 40 की. भी लग गई। 40 पे तो 30% टैक्स है। सीधा 12.
लाख तो आपका टैक्स हो गया। आई एम में. सिर्फ 30 लाख सैलरी है। एवरेज एवरेज ना 34. लाख एवरेज। हां तो बहुत खराब हालत है उस. सेंस में। उन लोगों के लिए सिर्फ 30 लाख. नहीं जो 4 लाख की जॉब कर रहा होता है ना. उसके लिए 30 लाख तो पता नहीं क्या होता. है। इंडिया में सीए सीएफए दोनों करने के. बाद। 7 लाख और ₹1 लाख सैलरी है। सीएफए. लेवल थ्री के बाद भी एवरेज सैलरी सीए की. एवरेज सैलरी 8 लाख है। सोचते हैं सीए मतलब.
पता नहीं क्या 8 लाख साल के साल का. ऑब्वियसली साल के यार नहीं तो फिर क्या. साल के 8 लाख सैलरी है सीएस की फिर आप. सोचो क्या मिलेगा उसको बचेगा क्या अगर वो. कोई जगह रह रहा है बोर बॉम्बे जैसी उसको. एक रुपया नहीं बचता घर से पैसे मंगाने के. लिए सो वही सीएफए का है जो 34 लाख वो जो 8. लाख कमा रहा है सीए करके उसके लिए तो पागल. बहुत ही बड़ा हां वो दिखता बहुत बड़ा है. ना है भी और दिखता भी है तो उसको तो. टैक्सेसवैक्सेस भरने हैं यहां पे भी. टैक्सेस भरने हैं तो वो वन थर्ड तो यहां. भी चला जाएगा वन थर्ड फिर लोगों की एंबिशन.
होती है कि अब तो मेरे को इंडिपेंडेंट घर. ही चाहिए। अब मैं लौंडो के साथ नहीं. रहूंगा। मैं नहीं मतलब होता है कि नहीं. एंबिशन होता है। अब मैं नहीं बैचलर्स के. साथ रहना फिर आप चार पांच साल इसमें भी लग. जाते हैं यहां भी। हां फिर एंबिशन बढ़. जाता है ना कि घर अच्छा हो, गाड़ी हो।. मतलब गाड़ी घर अगर मैं लग गया अब तो फिर. तो पूरी लाइफ में फिर 40 साल तक तो आप. आईएम के होने के बाद भी कुछ ऐसा नहीं कि. बहुत ही कुछ मैसिव हो। हां, यू विल हैव अ. डिसेंटली गुड लाइफ कंपेयर टू द रेस्ट। वंस. अगेन व्हाट डू यू कंपेयर योरसेल्फ टू? अगर.
आप बिल्कुल ही बॉटम ऑफ द पिरामिड से. कंपेयर कर रहे हो तो यू आर वे बेटर ऑफ बट. नॉट इन द रियल सेंस ऑफ़ एन अचीवर। फिर टेल. मी आज की तारीख में एमबीए वर्थ है जब जैसे. आप अगर बता रहे हो तो। वर्थ इसलिए है. क्योंकि अगर आपको कॉर्पोरेट में ही काम. करना है। मान लो मैकेंजी में है। आप बीकॉम. ग्रेजुएट हो तो भी मैकजी आपको ले लेगी।. 14-15,000 से लेके ₹25,000 की सैलरी शुरू. में तीन साल भी आप काम कर लोगे बॉस के पास. जाओगे प्रमोशन चाहिए वो बोलेगा एमबीए कहां. है? कॉर्पोरेट में तो बहुत बिटर ट्रुथ है।.
हारश रियलिटी है कि एमबीए के बगैर नेक्स्ट. प्रमोशन तो होता ही नहीं। कोई. इन्वेस्टमेंट बैंक में नहीं होता। कोई. कंसल्टिंग में नहीं होता। रियली आज भी हां. नहीं होता। स्किल पे परफॉर्मेंस पे क्यों. स्किल अगर बहुत अच्छी हो जैसे टॉप कंपनीज़. हैव हर्ड कि दे आर हायरिंग बिकॉज़ ऑफ़. स्किल्स। दे आर हायरिंग एमबीएस बिकॉज़ ऑफ़. स्किल्स आल्सो ना। दे आर नॉट हायरिंग. बिकॉज़ ऑफ़ स्किल्स। नो अगर आप Google में. हो या Facebook में हो ये जो न्यू टेक. कंपनीज़ हैं इनमें थोड़ी आपको सिर्फ बिज़नेस. रोल Amazon बिज़नेस रोल नहीं मिलेगा फिर.
आपको। Amazon कितने एमबीएस हायर करता है? Google Facebook कितने एमबीएस हायर करते. हैं। क्या बट इसमें अगर आप नॉन एमबीए और. फोड़ू स्किल्स है। आपके पास कुछ न्यू वे. स्किल्स हैं तो आप नहीं आगे बढ़ सकते। यू. यू विल नॉट बिकम पार्ट ऑफ़ बिज़नेस एंड. व्हाट ड्राइव्स योर सैलरी इज़ इवेंचुअली. कंट्रीब्यूटिंग टू बिज़नेस ग्रोथ नॉट योर. प्रोडक्ट ग्रोथ। कुछ भी नहीं बट गिव लेट. मी गिव यू एन एग्जांपल। लेट्स से ग्रोथ. मार्केटिंग एक काफी लुकटिव रोल है। तो वो. बिज़नेस रोल ही है टेक्निकली। तो आप अगर. ग्रोथ मार्केटर हो आप में स्किल्स वो.
ग्रोथ मार्केटिंग की बहुत स्मार्ट है और. आप कोई बड़ी कंपनी जॉइन करते हो और वहां पे. रिजल्ट्स दिखाते हैं। डिसिशन मेकिंग देन द. प्रॉब्लम इज़ व्हाट इज़ माय एंबिशन? मैं मैं. डिसिशन लेना चाहता हूं। मैं हमेशा. एग्जांपल देता हूं कि सुंदर पिचाई को तुम. सीईओ की तरह मत देखो और वो नहीं कि बिलियन. डॉलर साल ये मत देखो तुम देखो बंदे की. पावर आज वो सोच ले कि Google maps को पेड. करना है उसके हाथ में है भले उसका. कॉन्सक्वेंस खराब हो अच्छा मैं Google. Maps पे हर पर्सन से $1 पर मंथ चार्ज. करूंगा 400 करोड़ लोगों से वह पैसा ले रहा.
है 4 और पैसे की बात नहीं है इट्स नॉट. अबाउट द मैन ही हैज़ द पावर टू डिसाइड द. फेथ इन सम वे ऑफ़ 400 करोड़ पीपल और वो. एमबीए के बाद ही आएगा। हां वो ये नॉन. एमबीए लोग नहीं पहुंच सकते उस लेवल पे।. डिसीजन मेकिंग मिलती नहीं है। अनफॉर्चूनेट. है ना सीएस लोग सिर्फ फाइनशियल शीट्स बना. के और ये चेंज नहीं हो रहा बिल्कुल भी. नहीं हो रहा। नहीं एक बात बताओ ना आज मेरे. इतने स्टूडेंट्स हैं जो सीए सीएफए फुल. करके आते हैं। आईआईटी ग्रेजुएट्स हैं।. एमबीए क्यों कर रहे हैं? क्योंकि आपको.
बिजनेस रोल्स नहीं मिलते। एक तो जहां पे. सबसे बड़ी ग्रोथ होती है और डिसीजन मेकिंग. नहीं मिलता। वो सुंदर पिचाई जो Google. मैप्स के लिए कर सकता है उसको तो छोड़ ही. दो। बेसिक अप्रूवल नहीं आपको नहीं मिलता. यार। इंडिया सीईओ भी हो तो वो जो बाहर से. आएगा उसको इंप्लीमेंट कर इंप्लीमेंटेशन आप. करा रहे हो। बहुत हाई लेवल डिसीजन मेकिंग. जो होती है जो शेप करती है कंपनी की ग्रोथ. को अगले 5 साल को ये सब स्ट्रेटेजिक लेवल. पे। आई डोंट थिंक यू कैन बी पार्ट ऑफ़ दैट.
थिंक टैंक। न्यू आई हैव फ्रेंड्स जो. बड़े-बड़े स्टार्टअप्स चलाते हैं। इंडिया. में मल्टी बिलियन डॉलर कंपनीज़ चला रहे. हैं। हां बिल्कुल। राइट? बहुत सारे दे. फाड़ू स्टार्टअप्स हैं जॉब इंडिया में टॉप. 10, टॉप 20 एंड आई स्पीक टू देम ऑन द सेम. टॉपिक। वो लोग तो हायर करते हैं और काफी. स्ट्रेटेजिक पोजीशंस पे भी रखा है. उन्होंने टॉप लेवल लोगों। स्टार्टअप से. मैंने वर्ड यूज़ किया कॉर्पोरेट. पर्टिकुलरली वो कई लोगों की एंबिशन होती. है ना कि टैग जो बड़ा होता है भाई बट बड़ा. स्टार्टअप भी अगर कोई 10,000 करोड़ की. वैल्यू्यूएशन है 50 करोड़ 20000 करोड़ की.
वैल्यू्यूएशन है तो बड़ा ही है ना मतलब. छोटा थोड़ी लोग कितने हैं यार सारे एवरेज. लोग हैं मतलब मिडक्रेटी तो रेंज सुप्रीम. इनर कंट्री है मतलब 95% इंजीनियर्स मैथ्स. से स्ट्रगल करते हैं तो फायदा क्या है तुम. इंडियन हां पर मेरे ख्याल से जो कॉर्पोरेट. में भी पहुंचेगा और एमबीए करके वो भी. फाड़ू ही होगा माना मैंने नहीं तो मतलब. नॉर्मल इंसान पहले तो आई एम नहीं पहुंच. पाएगा। फिर आईएम से टॉप ऑफ द क्लास नहीं. होगा। टॉप ऑफ़ द क्लास से टॉप ऑफ द कंपनी. नहीं जाएगा। टॉप ऑफ द कंपनी में इतना. बढ़िया प्रमोशन नहीं मिलेगा। तो वो भी यू. आर टोटली एक्सेप्शन है कि वो बहुत इट्स अ. स्टार्टअप किलर है। देयर इज नो नीड फॉर एन. एमबीए। आई टोल्ड यू वेरी बिगिनिंग। आप टॉप.
मोस्ट भी आप आप चीफ ऑफ स्टाफ या ईए भी बन. सकते हो। हां मतलब खुद फाउंडर्स नहीं. होते। फाउंडर्स तो होते ही हैं ना। ईलॉन. मस्क ने कौन सी एमबीए की है। स्टीव जॉब्स. बिल गेट्स ने कौन सी? इंडिया में कितने. लोग हैं जिन्होंने कुछ नहीं किया। कोई. नहीं किया। बिल्कुल 100% बात सही है। बट. आप उसको या तो स्टार्टअप में उस टीम में. आप का पार्ट बनो जो बहुत ही कोर टीम थी. पांच छ सात लोगों की उस लेवल पे पांच छह. सात ही होंगे ना अगर मान लो आप स्टार्टअप. में 1500 या 15000 लोग हो गए तो आप नहीं. हो कोर और आप डिसीजन मेकिंग तो आठ लोग ही.
करेंगे इवन आफ्टर 20 इयर्स 15 इयर्स मतलब. आप Flipkart में कोई हर कोई डिसीजन मेकिंग. नहीं कर रहा आज Flipkart वाज़ अ स्टार्टअप. इज़ अ काइंड ऑफ़ स्टार्टअप इवन टुडे मतलब. नाम से लग Paytm है या कोई भी Ola Uber है. कोई भी है Uber तो चलो बाहर का बट कोई सा. भी उनमें थिंक टैंक तो वही 10 लोग होंगे. जो सबसे शुरू में आए थे। वो नहीं बन पाओगे. आप। एमबीए आपको वो चांस देता है कि आप एक. वो डेमोक्रेटिक टाइप का है कि यार यू आर.
नॉट पार्ट ऑफ़ द फाउंडिंग टीम बिकॉज़ एनीवे. यू वर नॉट पार्ट ऑफ़ द द. फाउंडर। क्योंकि एमबीए के बाद जो सीईओस. बने हैं लोग पूरी दुनिया में आईबीएम का. सीईओ। वो लोग कभी भी फाउंडर्स नहीं थे या. वो फाउंडिंग मेंबर्स की टीम से नहीं थे।. वो बहुत बाद में भी बने हैं। तो ये. अनफॉर्चूनेट रियलिटी है। आई डोंट रेट कि. बहुत ही कुछ ऐसा हो जाता है। बट रियलिटी. है कि अब वो तो आईएएस ऑफिसर भी किसी को. बनना चाहिए कि नहीं। वो तो एक डिबेटेबल है. कि क्या ही है यार। सैलरी भी कुछ नहीं है।. और कौन सा तुम गांव में कोई जाके कलेक्टर.
भी बनके क्या ही कर लोगे? 15 साल तो. तुम्हारे वो गांव में ही निकलना है। ये. उसका भी दूसरा एग्जांपल है। आईएएस बनते. कितने लोग हैं इंडिया से? 15 लाख लोग. प्रीलिम्स का एग्जाम देते हैं। 15 लाख।. जनरल कैटेगरीज की आईएएस की सीट्स आर लेस. देन 100। 92 थी एक 15 लाख लोगों को लेकिन. ड्रीम क्या दिखा रहे हो आईएएस होने का. क्योंकि दृष्टि आईएएस राव आईएएस उनमें. आईएफएस आईपीएस नहीं लिखा तो दृष्टि आईपीएस. क्यों नहीं चलाता भाई तू क्योंकि बनेगा. कोई आईपीएस बनेगा क्योंकि वो बना नहीं.
आईएस उसका ड्रीम नहीं है तो वही है ना ये. बड़ी छोटी सी चीज है कि जितना डिफिकल्ट. होगा उतनी एंबिशन बढ़ती है लोगों की और. इजी में नहीं बढ़ती आई सबको पता है 92 लोग. बनते हैं साल के जनरल कैटेगरी के फिर भी. 15 लाख लोग पढ़ रहे वही एमबीएस का भी है. मालूम है कि आईएम में कितने लोग जाते हैं. यार आईएम एबीसी के साल की 620 सीट हैं. तीनों कंबाइन जनरल कैटेगरी की 620 दे रहे.
हैं 35 लाख लोग 3 लाख लोग हर साल इस साल. 2.9 लाख लोगों ने दिया कैट 3 लाख के आसपास. रजिस्टर किया तो हर जगह ये है और ये बहुत. ब्रिलियंटली एक दो और बुक्स में भी बड़ा. अच्छा सा ये चीज फ्री इकोनॉमिक्स में भी. है कि ड्रग लीडर्स ड्रग लॉर्ड्स जो होते. हैं यूएस में पर्टिकुलरली न्यूयॉर्क के. गैंग जो बंदे $ पर डे या पर आवर का जो फुट. सोल्जर बोलते हैं जो ड्रग डीलिंग कर रहे. हैं और सारे रिस्क वो छोटे लेवल पर ले रहे.
हैं। जो बंदा बैठा है ऊपर वो सिर्फ पैसे. गिन रहे हैं। फिर भी लोग क्यों बनना चाहते. हैं कि कोई ड्रग डीलर्स और क्योंकि उनका. एंबिशन है शायद बहुत शायद बहुत ही शायद. कभी मैं वो बन पाऊंगा द लोअर द पॉसिबिलिटी. ऑफ़ एक्सट्रीम एंबिशन द हायर द नंबर्स. ऑलवेज और मैं किस कितने एग्जांपल ले लो. यार कितने लोग एम्स के डॉक्टर बनते हैं पर. बनता माइंड में तो एम्स का डॉक्टर ही बनना.
चाहता है जब डॉक्टर बनना तो हर जगह पे आई. थिंक द लोएस्ट लेवल ऑफ सक्सेस पॉसिबिलिटी. लीड्स टू द हाईएस्ट एंबिशन। डू यू थिंक. इट्स वर्थ इट? नॉट नेसेसरीली आई विल नॉट. से बट आज जो लोगों का ऑब्सेशन है कि मैं. एक कैट की एग्जाम देके एमबीए करूंगा। डू. थिंक इट्स वर्थ? इट इज सी इट डिपेंड्स ऑन. हाउ यू लुक एट? इट डू यू थिंक इट्स वर्थ. इट फॉर अ वेरी टैलेंटेड पर्सन हु वांट्स. टू डू समथिंग वै डिफरेंट? नो बट हाउ मेनी. पीपल वांट टू आज भी गवर्नमेंट जॉब लेना. चाहते हैं ना बिहार के लोग। तो पर डू यू.
थिंक इट्स वर्थ इट? क्या ₹40,000 का. क्लर्क बनके क्या मिल जाएगा उसको? पर उसकी. लाइफ का मिशन गोल सब जब से पैदा हुआ उसको. ठप्पा लगा कि तू सरकारी नौकरी बनेगा। पर. क्यों है वो? मैं नहीं मानता कि वो सही. है। एमबीए भी मैं नहीं मानता कि कोई बहुत. जरूरी चीज है। बिल्कुल नहीं है। बिल्कुल. नहीं है। सीए भी जरूरी नहीं है उस हिसाब. से। तो चलो एटलीस्ट सीए तो जरूरी है. क्योंकि वो काम बहुत स्पेशलाइज्ड है। आई. डोंट थिंक इट इज़ बट आल्सो इट आल्सो गिव्स. यू अ वेरी डिफरेंट पर्सेक्टिव। जैसे एक. बिजनेस को आप हमेशा एक बहुत बड़े स्केल पे.
देखते हो। वह एमबीए सिखाता है कि एक छोटी. सी चाय की दुकान को भी आप बिलियन डॉलर. एंटरप्राइज की तरह देख सकते हो। उसको. स्ट्रेटेजिक सोच सकते हो। स्केल देता है. आपके दिमाग में जो छोटा छोटाछोटा छोटा हर. चीज एमबीएस गिव यू स्केल। रोज अगर आप केस. स्टडी कर रहे हो। पॉजिटिव्स हैं लेकिन एक. तो बहुत ही अच्छी जगह से हो और आपको यह. क्लियर हो कि मुझे कॉर्पोरेट में जाना है।. मुझे बड़े सेम लेवल ऑफ थिंकिंग एंड. लर्निंग्स बुक्स पडकास्ट नॉलेज.
कॉन्फ्रेंसेस इन सब से नहीं आ सकती। लोगों. को टैग नहीं है तो क्या फायदा उनका? यह. है। नॉलेज है पर उसको हायर कौन करेगा है. ना? अगर रूल ये है कि मैकिंजी का सेकंड. प्लेसमेंट नहीं होगा और उसको काम ही. मैकिंजी में करना है और कभी उसका ड्रीम है. शायद मैं कभी पार्टनर बन जाऊं शायद तो. कैसे बनेगा ना वो प्रॉब्लम वहां है कि. उसकी एंबिशन गलत है फिर उसको बिग फोर में. क्यों काम करना है मत कर वही तो आपको एक. एक्सक्लूसिव मेंबरशिप क्लब का मेंबर. मेंबरशिप चाहिए एक्सक्लूसिव मेंबर क्लब का.
आपको मेंबरशिप चाहिए एंड वहां पे एंट्री. इज द डिग्री अब्सोलुटली वो प्रॉब्लम है और. वो मेंबरशिप इज द राइट थिंग टू डू आई कांट. कांट डिबेट हां वो हर किसी का टू ईच देयर. ओन हां टू ईच देयर ओन बिकॉज़ मैं क्या कर. सकता हूं टेल मी एमबीए इज अबाउट बिनेस. राइट अंडरस्टैंडिंग दुनिया में बिनेस कैसे. चलता है और उसको बड़ा कैसे बनाते हैं ठीक. है एमबीए टू द वर्ल्ड इज़ नॉट बिज़नेस. एजुकेशन एमबीए इज़ अ पासपोर्ट टू गुड लाइफ. ये नहीं कोई बिनेस सीखने एमबीए जाता ही.
नहीं है इंडिया में और बाहर भी बहुत सारे. लोग 90% पीपल डोंट डू एन एमबीए टू लर्न. बिज़नेस स्किल्स नहीं तो करेगा ही नहीं. उसकी जरूरत ही नहीं है YouTube YouTube इज. इनफ फॉर. इट। इसलिए एमबीए नो इट्स ग्रेट। मतलब मेरा. क्वेश्चन ही ये था कि एमबीए में जब बिनेस. सीखते हैं तो बिज़नेस क्यों नहीं करते उसके. बाद लोग ज्यादा? हां। तो वो रीज़न है कि. जाते ही इसलिए नहीं है ना। अगर मुझे बिग. फोर में ही काम करना है यही मेरी ए्बिशन. है कि बीसीजी मैकिंजी बेन और ज्यादा सा. करनी और या फिर डेलइट और ये सब जो भी चार.
नाम है यही अगर मेरा ऐ है या मुझे इसके. बाद टेक अगर मैं कर रहा हूं टेक मतलब. हार्ड कोर टेक किया है मैंने और मुझे. प्रोडक्ट मैनेजर ही बनना है Google में या. Amazon में C Airtel में ही जाके उन्हीं. की कमी तो और एमबीए के बगैर आप बन नहीं. सकते तो जब आपको दायरा ही इतना खराब है. आपका जो मैं मानता हूं बहुत खराब है यह. सोच. लेकिन उस दायरे में अगर किसी की सच में. एंबिशन है तो मेरे एज अ टीचर शुड आई चेंज. देर एंबिशन फर्स्ट कि तुम गलत ही कर रहे. हो करो ही मत और शुड आई इनेबल दैट जर्नी.
आई बिलीव आई कांट चेंज समबडीस एंबिशन. इटसेल्फ इट्स नॉट राइट बिकॉज़ आपको कोई. बोले पॉडकास्टिंग की क्या जरूरत है कुछ और. करो बड़ा हां मतलब तुम सर्जन बनेगा तुमने. कोई कभी पायलट हो गए तुम जो लाइफ बच मतलब. वो तो कुछ हां हर किसी की अपनी एंबिशन है. अपनी-अपनी चॉइससेस एक्सपीरियंस के हिसाब. से और वो अपने हिसाब से वही बड़ा काम है. आपको मान लो कोई बोल बोल दे कि नहीं. पडकास्टिंग सिखाओ मुझे। आप पॉडकास्टिंग. स्कूल चलाओ। आप तो चला सकते हो। आपके पास. सारे क्रेडेंशियल्स हैं। कोई अब आपको बोले. कि यार पडकास्टिंग क्यों सिखा रहे हो? इसमें क्या फायदा है किसी का? तो आप.
बोलोगे भाई वो सीखना ही वो चाहता है। मेरी. स्किल भी है। आई कैन इनेबल दैट जर्नी। तो. व्हाई नॉट? तो हां ये बात आ जाती है। शुड. यू डू और नॉट इज यू डिसाइड। भाई शुड यू डू. मैं नहीं हूं उसके लिए। ट्रू इट्स एंड. इट्स अ फेयर आंसर। हर किसी की एंबिशन ना. उसके एक्सपीरियंसेस और उसके आसपास जैसी. कंडीशनिंग हुई रखी होती है उसकी सोशल लाइफ. में उसके हिसाब से होती है। एंड यू मी या. कोई भी दुनिया में कोई नहीं होता जो. एंबिशन चेंज करे लोगों का। लेट देम एज.
लॉन्ग एज रोंग एंबिशन नहीं है। लेट पीपल. हैव मान लो आईएस का हमको लगता है कि क्या. ही फायदा पर 15 लाख लोग जो हर साल करना. चाहते हैं और वो सच्ची रूटेड है कि करना. ही है। तो उसको करवाने के लिए कोई नेबलर. तो चाहिए तो क्या वो ट्रेनिंग इंस्टट्यूट. गलत है नहीं। वो ये क्यों बोले कि तू गलत. ही कर रहा है। तू करे ही मत। तेरे को करना. है मेरा काम है तेरे पास करा दूंगा। तू. देख बट वो उस लेवल पे हम नहीं प्ले कर. सकते ना। कर ही नहीं सकते। अफेयर एंड आज. तक की लाइफ में अभी तक इतने पडकास्ट बनाने.
के बाद इतनी बार क्वेश्चन करने के बाद. डिमीन करने के बाद लोगों को जिनको. फैसिनेशन है चज़ करना कि डिग्री डिग्री रोल. और क्यों करना है यार मतलब क्या है जस्ट. गेट गेट ओवर विद दिस राइट ये सब सोचने के. बाद समझने के बाद पूछने के बाद आपका आंसर. मेरे को सबसे अच्छा लगा व्हिच इज वन ऑफ़ द. बेस्ट चांस व्हिच इज़ ट्रू हर किसी का. एंबिशन अलग है यार हां मतलब एंड उस एंबिशन. मैं कोई नहीं होता उस एंबिशन को चेंज करने. वाला आई लव्ड दिस लाइन। क्योंकि मैं अगर. किसी को स्पोर्ट्स पर्सन बनना है तो. एटलीस्ट एज अ ट्रेनर कोच भाई पेरेंट्स जो.
करते हैं वो तो मर्डर ऑफ़ एंबिशन वो बहुत. बार होता है वो नॉर्मल फैमिली में। बट हु. एम आई एज एन एक्सटर्नल एंटिटी टू दैट. पर्सन्स वर्ल्ड। ट्रू टू आई वोंट यूज़ दिस. लाइन। गोइंग फॉरवर्ड। क्योंकि मैं सबको. बोलता था क्यों कर रहे हो? क्या कर रहे. हो। आई वुड स्टिल बी लिटिल बायस। मैं थोड़ा. बोलूंगा कि देर आर इज़ वेज़ टू डु इट। बट आई. थिंक अगर एम्बिशन है तो डू मैं खुद कह रहा. हूं ना। आई एम नॉट अ प्रोपोनेंट ऑफ़ दैट. एजुकेशन अलोन। आप बहुत तरह से दुनिया में. बहुत कुछ कर सकते हो। एक्सक्टली। इफ किसी. को एमबीए करना है क्योंकि उसे लगता है कि.
लाइफ में और कोई तरीका नहीं है पैसे बनाने. का तो दैट्स रोंग। वेरी रोंग। अगर किसी को. ऐसा लगता है कि मुझे एमबीए करना है. क्योंकि मैं बहुत बिनेस सीख जाऊंगा उसके. अलावा कोई तरीका नहीं है। तो दैट्स वेरी. रॉन्ग। बट अगर किसी को एमबीए करना है कि. उसके बाद जो लाइफ मिलती है और जिस जगह पे. उसको एंट्री चाहिए वो उसका एंबिशन ही वो. है। एंड उन्हीं क्लब्स और उन्हीं कंपनीज़. में काम करना है। उन्हीं के साथ रहना है. 100% यस। सो आई लाइक दिस आंसर। मेरे को. मैं समराइज कर रहा हूं आंसर। बट ये. बिल्कुल लव्ड इट। मजा आया मुझे सुनके।.
बिकॉज़ इट्स ट्रू। दिस इज द दिस इज हाउ इट. शुड बी। क्योंकि अगर आप देखो जो मैं करता. हूं बिल्कुल इलॉजिकल है। मतलब एज लॉजिक वे. में किसी को तुम बोलो फाउंडर बनना है तो. स्टैट्स आर बिल्कुल ही जीरो टू नन चांसेस. हैं तुम्हारे कि तुम कभी एक अच्छे फाउंडर. बनके पैसे कमा पाओगे इतने कमा पाओगे कि. तुम घर पे ले जा पाओगे और घर वालों की. लाइफ अपग्रेड कर पाओगे दैट्स द अल्टीमेट. गोल राइट सर्वाइव तुम कहीं भी कर लोगे बट.
क्या तुम थ्राइव करोगे दैट्स अ क्वेश्चन. तो उसके लिए क्या तुम्हें फाउंडर बनना. चाहिए लॉजिक आंसर इज़ नो इमोशनल आंसर इज़ यस. सेम गोज विद एमबीए सेम गोज विद क्रिएटर. सेम गोज विद सीए सीएफए एवरीथिंग सो यू नीड. टू मेक इट बिग इन एनी फील्ड यार ये तो. पक्की बात है बाकी तो दे आर फाइटिंग फॉर. स्क्रैप्स ऑल द और आई मीन दिस इज़ ट्रू फॉर. एवरीवन हर जगह फॉर क्रिएटर्स दिस इज़ ट्रू. फॉर यूट्यूबर्स दिस इज़ ट्रू फॉर डॉक्टर्स. दिस इज़ ट्रू फॉर एवरीवन तो ये तो स्ट्रगल. है ये तो अलग है। आप प्रोफेशन वो चूज़. करेंगे फील्ड वो चूज़ करेंगे। इफ आई कैन.
इनेबल इट बिकॉज़ ऑफ़ माय स्किल बिकॉज़ ऑफ़ माय. जर्नी आई एम देयर। बात तो कोई स्पोर्ट्स. कोच है उसको बोले कि यार तू क्यों नहीं. बोलता कि स्पोर्ट्स पर्सन मत बने। यार वो. स्पोर्ट्स पर्सन बनना चाहता है। मैं. स्पोर्ट्स कोच हूं। मैं ये नहीं बोल रहा. तू बन। मैं किसी को जो सो रहा है उसको जगा. के नहीं बोल रहा। बट किसी को बनना है तो. आई एम द राइट। आई एम द राइट पर्सन टू डू. दैट। दैट्स व्हाट या परफेक्ट। थैंक यू सो. मच सर। बहुत मजा आया बात करी आज से। आज. मेरे को मतलब पता ही नहीं चला कितने घंटे. हो गए और कहां टाइम चला गया। वही ना टोटल. लॉस्ट इन द कन्वर्सेशन प्रेजेंस। बट आई.
जेनुइनली लव्ड इट। मेरे को बहुत सारी. चीजें सीखने मिली। आई हेट दिस द मोस्ट।. हां। लाइक मुझे ब्रेक नहीं दिस डोंट लाइक. एट ऑल। मतलब ठीक है। क्या इसको मतलब क्या. सोचना हो रहा है तो इसका एंड मेरे को ना. बड़ा मैं उनमें बिलीव करता हूं। देयर इज़ अ. सर्टेन लेवल ऑफ़ एनर्जी एंड वाइब्रेशन दैट. वी क्रिएट। जब बात करते हैं ना एक कनेक्ट. होता है। तो अगर हम उस कनेक्ट पे पहुंच गए. फिर मेरे को ब्रेक करना नहीं पसंद है।. पॉडकास्ट में ना एक एक पॉइंट आता है व्हिच. आई फील। मे बी वो कभी 30 मिनट्स में आता. है कभी 2 घंटे में आता है। व्हेयर गेस्ट.
एंड मी वी बोथ हैव फॉरगॉटन दैट दिस इज़ अ. पॉडकास्ट। और हम दोनों वैसे वो सोच रहे. हैं कि चलो अब गेम मजा आ रहा है। तो वो हो. गया एक दो बार तो मुझे लगा और भी आएंगे।. थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस पडकास्ट टिल. दी एंड। अब आपको तीन चीजें करनी है। सबसे. पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो। नंबर. टू कमेंट्स में हमें बताओ कि और कौन से. गेस्ट हैं एंड और ऐसे कौन से टॉपिक्स हैं. जिनमें आप चाहते हो कि हम पडकास्ट बनाएं. और आपकी उससे ज्यादा बेटर हेल्प होगी एंड. आपको ज्यादा वैल्यू मिलेगी। एंड नंबर थ्री.
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