Investment Hacks, Vacations, Shopping & Personal Finance - Vikas Jain | Multipl | FO 257 Raj Shamani
व्हाई डू यू थिंक कि कुछ लोग गरीब ही रह. जाते हैं और कुछ लोग बहुत अमीर हो जाते. हैं आज आप फिक्स डिपॉजिट में सेव कर रहे. हो बहुत से लोग सोचते हैं हां ये तो बहुत. सेफ है लेकिन क्या आपकी कैपिटल लूज हो रही. है स्पेशली अगर आप 30 पर ब्रैकेट में है. तो शायद आपका पैसा उसमें लूज हो रहा है. करना क्या चाहिए तीनों चीजों को हमें. देखना है सेफ्टी को भी लिक्विडिटी को भी. और रिटर्न्स को भी और रिटर्न्स में किसको. देखना है पोस्ट टैक्स रिटर्न्स को सेफ्टी. ओबवियसली सबसे फर्स्ट है हम लेकिन अगर वो. दोनों भी नहीं है तो आपकी वेल्थ ग्रो नहीं. कर पाएगी तो वो भी एक कारण है कि लोग बढ़ा.
नहीं पाते हैं. पैसा क्या-क्या गलत चीजें हैं जो बहुत. आसानी से आजकल लोग कर पा रहे हैं और वो. बिल्कुल हार्ड हो जाना चाहिए एलन मस्क ने. किसी का कोट बताया द सोसाइटी शुड मेक राइट. थिंग्स इजियर टू डू एंड रंग थिंग्स शुड बी. हार्ड टू डू लेकिन हो रहा उल्टा है रंग. थिंग्स को हम इजी बना रहे हैं कि लोन लेके. आप घूमने चले जाओ चेंज ऑफ वर्ल्ड ऑर्डर की. जो बात कर रहे हैं क्या ये होने वाला है. दो चीजें जिस पे नजर रखनी है एक है मिडिल. ईस्ट में क्या चल रहा है दूसरा है यूएस के. इलेक्शन.
ड य थिंक की हमारे लिए मार्केट में बेटर. किसके साथ. होगा ही अंडरस्टैंड बिजनेस तो ट माइट बी. बेटर एंड मिडिल ईस्ट में क्यों नजर रखनी. चाहिए क्योंकि मिडिल ईस्ट का एक मेजर. इंपैक्ट होता ल प्राइस पर इन योर करियर. सबसे ज्यादा पैसे कहां बनते हुए देखि सबसे. ज्यादा हमारा पर्पस है कि हम इंडिया के हर. को ने तक इंडिया के टॉप लोगों का नॉलेज.
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क्लिप्स डालते हैं ताकि कम समय में आप एक. बेहतर इंसान बन सके एंड इस पूरे एपिसोड का. ऑडियो एक्सपीरियंस स्फ पर अवेलेबल है जहां. पर आप हमें फॉलो कर सकते हैं एंजॉय द. शो व्हाई डू यू थिंक लोग पैसे कमा नहीं. पाते हैं लोग अपनी लाइफ में जितने भी पैसे. कमाते हैं या तो गवा देते हैं या वो. सेविंग्स में ही रखते हैं और फिर बाद में. रिलाइज करते हैं कि हमने कमाया कमा ही.
नहीं पाए हम लोग ज्यादा कुछ य एक बहुत. बड़ा नोशन है कि गरीब लोग सिर्फ गरीब ही. रह जाते हैं और अमीर लोग और अमीर होते. जाते व्हाई डू यू थिंक की कुछ लोग गरीब ही. रह जाते हैं और कुछ लोग बहुत अमीर हो जाते. हैं देखिए हम अगर जनरलाइज करना चाहे तो कर. सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि गरीब. भी अमीर बनते हैं अमीर भी गरीब बनते हैं. 100% बट ऐसे लोग बोलते ज्यादा क्यों कहते. हैं कि ये तो बहुत यू नो ये कहा जाता है. कि तीन जनरेशन मैक्सिमम से मैक्सिमम फाइव.
जनरेशन में वेल्थ खत्म हो जाती है क्योंकि. एक जनरेशन मेहनत करती है दूसरी उसको. बढ़ाती है तीसरी उड़ा तीसरी उसको उड़ा. देती है और ये पर्सनल लाइफ में भी हम. देखते हैं राइट हमारे खुद के लाइफ में भी. है मेरे खुद के पर्सनल लाइफ में भी है. मेरे ग्रेट ग्रैंड फादर के टाइम पे वी र. वेरी रिच देन डिफिकल्टीज आई फाइनेंशियल. डिफिकल्टीज आई फॉर व्हाट एवर रीजंस एक. स्टेज आ गया जहां पे पापा को 19 इयर्स की. एज में जॉब करना पड़ा डिस्पाइना. लोगों की फैमिली को संभालना था वो सबसे.
बड़े थे तो वो भी स्टेज आया ठीक है वहां. से वापस है तो ऐसा नहीं है कि गरीब गरीब. रह जाता है अमीर अमीर हो जाता है ऑफकोर्स. इट टेक्स अ फ्यू जनरेशन कुछ समय लगता है. उसमें लेकिन जब आप बात करें तो इसमें बहुत. सारे अलग-अलग एस्पेक्ट्स हैं ओबवियसली आप. पैसा किस तरह से कमाते हैं उसको फिर किस. तरह से बढ़ाते हैं खर्चा कैसे करते हैं तो. वो जो बैलेंस है वो बैलेंस जो आज अमीर कौन. बन पाता है जो बचाता है.
है ना जो सिर्फ खर्चा ही करते रहेगा वो तो. अमीर बन ही नहीं सकता ओके तो बचत तो आपको. करनी है हां इसमें ज्यादा कैसे कमाना है. मेहनत करनी पड़ेगी आप लकी हो तो वो एक अलग. चीज हो गई नहीं तो मेहनत का तो कोई. सब्सीट्यूट नहीं है तो मेहनत करके आप. ज्यादा कमाएंगे फिर आप बचाएंगे तब और फिर. उसको बढ़ाना भी है तो अब इसमें मेहनत तो. बहुत सारे लोग कर रहे थे पहले भी ऐसा नहीं. है कि नहीं कर रहे थे लेकिन बचा भी रहे थे. लेकिन बढ़ा नहीं पा रहे थे क्योंकि जो.
इंस्ट्रूमेंट्स थे उनको अवेलेबल आज आप. फिक्स डिपॉजिट में सेव कर रहे. हो 20 साल की एफडी कोई बनाता नहीं है. लेकिन अगर हर साल आप उस एफडी को घुमाते. रहो बहुत से लोग सोचते हैं हा य तो बहुत. सेफ है एफडी तो बहुत सेफ है लेकिन क्या. आपकी कैपिटल लूज हो रही है स्पेशली अगर आप. 30 पर ब्रैकेट में है तो शायद आपका पैसा. उसम लूज हो रहा है इसमें एक मैं आपको.
दिखाना. चाहूंगा ये जो है बहुत लोग या तो रिटर्नस. पर फोकस करते हैं या तो सेफ्टी पर फोकस. करते हैं या सिर्फ रिटर्न्स प कुछ लोग. टैक्स के लिए भी कर देते कि मेरा टैक्स बच. जाएगा लेकिन टैक्स बचने के बाद क्या होगा. नहीं पता क्या 30 साल पैसा आपका लॉक हो. जाएगा 40 साल पता नहीं तो इन सब चीजों में. पहले जो फोकस था आज से मान लीजिए 30 40. साल पहले जब हमारे पेरेंट्स एक अपने.
वर्किंग लाइफ में थे तब फोकस बहुत ज्यादा. सेफ्टी पे था ओके क्योंकि भविष्य की बहुत. ज्यादा चिंता थी अनसर्टेनटीज बहुत थी एज अ. नेशन आल्सो कि कल क्या होगा काम रहेगा. नहीं रहेगा पैसा आएगा नहीं आएगा तो सेफ्टी. प हमें फोकस करना है और वो सेफ्टी के. चक्कर में ऐसा हो गया कि एफडी में सबसे. सेफेस्ट यही है रख दे लद सेफेस्ट नहीं है. जैसे मैंने आपको बताया क्योंकि अगर. इंफ्लेशन ज्यादा है और आपका रिटर्न एफडी. में बन रहा है 4 पर पोस्ट टैक्स या 5 पर. और इन्फ्लेशन अगर 5 6 पर है जो कि स्टेटेड.
डाटा है आपके लिए इंडिविजुअली ज्यादा भी. हो सकता है डिपेंडिंग ऑन आपकी लाइफ स्टाइल. क्या है आप क्या कर रहे हैं तो वहां पर आप. पैसा एक्चुअली खो रहे हैं तो करना क्या. चाहिए करना चाहिए कि तीनों चीजों को हमें. देखना है बैलेंस करना सेफ्टी को भी. लिक्विडिटी को भी और रिटर्न्स को भी और. रिटर्न्स में किसको देखना है पोस्ट टैक्स. रिटर्न्स. को इन तीनों को जब आप बैलेंस करेंगे एक. ऑर्डर में फॉलो करते हुए सेफ्टी ओबवियसली. सबसे फर्स्ट है लेकिन अगर वो दोनों भी. नहीं है तो आपकी वेल्थ ग्रो नहीं कर पाएगी.
मतलब स्पेशली रिटर्न नहीं है तो वेल्थ. आपकी ग्रो नहीं कर पाएगी तो वो भी एक कारण. है कि लोग बढ़ा नहीं पाते हैं पैसा कमा. लेते हैं बचा भी लेते हैं लेकिन बढ़ा नहीं. पाते हैं और पहले ऑप्शंस कम थे इंडिया में. ऑफकोर्स मार्केट में भी इंटीग्रिटी कम थी. हर्षद मेहता स्कैम हुआ उस कैम में सभी ने. हाथ जलाए हमारे पेरेंट्स ने भी जलाए तो. उसके बाद एक नेचुरल रिलक्टिविटी.
क्योंकि 2017 के बाद य पूरा एसआईपी का. मूमेंट शुरू हुआ और मार्केट में. पार्टिसिपेशन बढ़ी है एंड कोविड के बाद और. ज्यादा बढ़ी है 92 से लेकर 2017 25 साल. में इंडियन कंपनीज ने वेल्थ क्रिएट की. लेकिन उसका मैक्सिमम बेनिफिट या तो. प्रमोटर्स को मिला या फॉरेन इन्वेस्टर्स. को मिला रिटेल जनता उसका बेनिफिट नहीं ले. पाई नहीं ले पाई अगर वो बेनिफिट लेती तो. अल्टीमेटली तो रिलेटिव स्केल है गरीबी और. अमीरी हो सकता है वो अगर यहां पहुचे तो. यहां पहुच जाते हैं थोड़ा और अमीर हो जाते.
जितने हैं उससे ट्रू ओके सो यू आर टेलिंग. मी कि मैक्सिमम लोग अपना पैसा इसलिए नहीं. बढ़ा पाते क्योंकि वो इन तीनों चीजों. चीजों को साथ में बैलेंस नहीं कर पाते. बैलेंस नहीं कर पाते रिटर्न्स पे फोकस. लॉन्ग टर्म के लिए नहीं कर पाते बहुत ही. फनी चीज है ये इंडिया में आप जैसे मैंने. कहा कोई एफडी नहीं बनाता 20 साल की एक दो. साल की बनाते हैं उसको रोल ओवर करते जाते. हैं अ लेकिन इक्विटी जो कि सही. इंस्ट्रूमेंट है 20 साल के लिए उसमें 20. साल के लिए पैसा नहीं डालना है उसमें छ.
महीने के लिए डालेंगे छ महीने में डबल हो. जाना चाहिए वो डबल हो जाता है कभी फिर आधा. भी हो जाता है तो ये एक बड़ी विचित्र. स्थिति है कि जो शॉर्ट टर्म के लिए आपको. जिसमें डालना है पैसा उसमें आप नहीं डाल. रहे हैं जिस उसमें आप लॉन्ग टर्म के लिए. डाल रहे हैं और जिसमें लॉन्ग टर्म के लिए. डालना चाहिए उसमें आप शॉर्ट टर्म के लिए. डाल रहे हैं ओके व्हाई डू यू थिंक कि. इंडिया में जब हमारा सेविंग कल्चर इतना. स्ट्रांग है हम पैसे बचाते ज्यादा है. कंपैरेटिव टू लेट्स से अमेरिका उसके बाद. भी हमारा पर्सनल फाइनेंस इतना स्ट्रांग. नहीं है.
नहीं स्ट्रंग नहीं है क्योंकि जैसे मैंने. कहा एक तो इन्वेस्टमेंट का जो एस्पेक्ट है. वहां पर पहले ऑप्शन ही अवेलेबल नहीं थे आज. की तारीख में अवेलेबल है लेकिन लोगों को. पता नहीं है कि क्या करना है कैसे करना है. अच्छा रहा सवाल दूसरे एस्पेक्ट का भी तो. कल्चरल इंपैक्ट हो रहा है इंडिया पर भी हो. रहा है लिबर चीज बहुत चेंज हुई है क्योंकि. लिब के पहले हम तो लाइफ मैंने देखी है 10. साल तो बहुत चेंस आए है कंजूमर इंडिया में.
भी आ रहा है स्पेशली यंग जनरेशन. एस्पिरेशनल भी है वो खर्चा भी करना चाहती. है. तो उसमें बैलेंस ऑफकोर्स बिगड़ता है कहीं. ना कहीं लेकिन एट द सेम टाइम दोनों ही. चीजें क्या आप बेहतर कर सकते. हैं तो उसके बारे में भी मैं आपको जैसे. बताना चाहता हूं यहां पे अगर हम देखें तो. आज की तारीख में हो क्या रहा है देखिए. जरूरतें तो सबकी है नीड्स चाहते भी है. वांट्स भी है लेकिन आप उसको कैसे टैकल कर. रहे हैं आज की तारीख में आप या तो बैंक.
में पैसा रख रहे हैं सेविंग्स अकाउंट में. जिसमें आपको 3 पर मिल र है अब इसमें भी. मैं आपको बता दूं कि 100% जो वेल्थ है. इंडिया में लोगों की इंडिविजुअल्स की. हाउसहोल्ड की आरबीआई का भी डाटा है इसके. बारे में फासल इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में. लेकिन ओवरल अगर वेल्थ देखे हम तो लगभग 85. रियल एसेट्स में है प्रॉपर्टी में है. गोल्ड में है सिर्फ 15 पर फाइनेंशियल. इंस्ट्रूमेंट्स में है अब उस 15 पर में भी. उस 15 पर का 45 पर बैंक्स में पड़ा है.
सेविंग सेविंग्स और एफडी में 22 पर जो है. वो एलआईसी के पास है अनदर रफ 22 2 पर जो. है वो पीपीएफ और अदर स्मल सेविंग स्कीम्स. में है तो जब 90 पर पैसा. आपका उन इंस्ट्रूमेंट्स में पड़ा है जो. आपको बस एक इंफ्लेशन को मैच करे या उससे. कम रिटर्न दे रहे हैं तो आपका पैसा बढ़ेगा. कैसे सिर्फ 10 पर है आपका मार्केट या और.
अगर आप टोटल वेल्थ का देखें तो टोटल वेल्थ. का और भी कम है. तो 85 पर इंडिया में लोग फिजिकल एसेट्स. में ही इन्वेस्ट करते हैं गोल्ड हो गया या. रियल एट रियल एट में आज की तारीख में वो. चेंज हो रहा है ओके डेफिनेटली जैसे. म्यूचुअल फंड्स में आपने देखा होगा एसआईपी. फ्लोज आ रहे हैं हर महीने 200 हज करोड़ से. ज्यादा पैसा इन्वेस्ट हो रहा है तो चेंज. हो रहा है बिल्कुल ग्रो कर रहा है क्योंकि. कुछ सालों पहले जो मैं आपको बता रहा हूं. आज 10 पर है म्यूचुअल फंड्स वगैरह में वो.
कुछ सालों पहले 3 च पर भी था तो चेंज आ. रहा है बिल्कुल हो रहा है लोगों को. अवेयरनेस भी आ रही है लोग चाहते भी हैं. लेकिन हां इसको एक समय लगेगा क्योंकि सबके. पास उतनी अंडरस्टैंडिंग नहीं है उतना. नॉलेज नहीं है टाइम नहीं है प्लस डर भी. लगता है हां डर है क्योंकि वो रिस्क उनको. पता नहीं है कि कितनी रिस्क है इसमें क्या. हर एक म्यूचुअल फंड रिस्की है नहीं है. लेकिन उनको नहीं पता है कि डेट फंड अलग. होता है इक्विटी फंड अलग होता है तो ये सब. चीजें हैं तो जो गैप की अगर हम बात करें.
तो एक तो हो गया य बैंक वाला दूसरा जो. पर्सनल फाइनेंस को हिला रहा है वो क्रेडिट. का है क्यों हिला रहा है क्रेडिट अब देखिए. ऐसा हो रहा है आज ही मैंने सुबह देखा एक. ऐड और ये एक बैंक के होम पेज पे कि आप. पर्सनल लोन ले लो ट्रेवल करने के लिए. अब ठीक है मेरे को हम क्रेडिट के अगेंस्ट. नहीं है मैंने भी क्रेडिट यूज किया है जब. मैं आया मैं पढ़ने गया मैंने भी एजुकेशन. लोन लिया एसबीआई से हम तो प्रोडक्टिव. पर्पस के लिए आप लीजिए क्रेडिट बिल्कुल. लीजिए आप एजुकेशन के लिए लीजिए घर के लिए.
लीजिए अ कार के लिए भी मैं बोलता हूं चलो. आपके प्रोडक्टिविटी में ऐड करेगा आप वर्क. प्लेस पे जा रहे हो गैजेट भी आज की टाइम. में बोलूंगा चलो ले लो क्योंकि आप शायद. फोन और लैपटॉप आपके काम के लिए अगर यूज कर. रहे हो तो आप ले लो. लेकिन पूरे. कंजमेट ले लेता हूं और चले जाता हूं तो यह.
जो चीज है यह थोड़ी गड़बड़ है क्रेडिट. क्रेडिट यूज करना फॉर ट्रेवल हां तो. अनफॉर्चूनेटली क्या अभी कल ही एक. स्टेटमेंट आया लन मस्क ने किसी का कोट. बताया द. सोसाइटी शुड मेक राइट थिंग्स इजियर टू डू. एंड रंग थिंग्स शुड बी हार्ड टू डू लेकिन. हो रहा उल्टा है र थ को हम इजी बना रहे. हैं कि लोन लेके आप घूमने चले जाओ है ना. तो यह जो गैप है इसको फिल करने की बहुत.
जरूरत है ताकि पर्सनल फंसे जैसे आपने कहा. कि जो हिले हुए हैं वह सही हो जाए लेट्स. टॉक ऑन क्रेडिट थोड़ा बहुत पहले बिफोर वी. डू दैट टेल मी क्या गलत चीजें हो रही है. जो बहुत इजी है करना फाइनेंस में व्हाट डू. यू थिंक कि क्या-क्या गलत चीजें हैं जो. बहुत आसानी से आजकल लोग कर पा रहे हैं और. वह बिल्कुल हार्ड हो जाना चाहिए अ देखिए. मिस सेलिंग बहुत ज्यादा है फ्रड बहुत इजली.
होते हैं रेगुलेशन है हमारे पास ऐसा नहीं. है कि रेगुलेशन नहीं है लेकिन जो. एनफोर्समेंट और इंप्लीमेंटेशन है उसको. स्ट्रंग करने की बहुत जरूरत है माइंडसेट. और एजुकेशन भी चाहिए क्योंकि आज की तारीख. में कैसा कि इंडिया का जो मार्केट है. फाइनेंशियल मार्केट की आप बात कर रहे हैं. वो मार्केट पूरा प्रोडक्ट और सेल्स. ओरिएंटेड है कि मैं क्या प्रोडक्ट बेच. सकता हूं मैं ये नहीं देख रहा हूं कि. कस्टमर की क्या जरूरत है एडवाइस और सल टेड. नहीं है कि आपके लिए क्या सही सलूशन है.
आपके लिए क्या सही सलाह है वो ओरिएंटेशन. इंडस्ट्री में नहीं है काफी हद तक नहीं जो. शायद टॉप % है उनको एक्सेस होगा एक अच्छे. एडवाइस का सलूशन का लेकिन 99 पर जो है. उनको बस प्रोडक्ट पुश किए जा रहे हैं कि. आप ये प्रोडक्ट खरीद दोलो ये अच्छा है. इसमें ये रिटर्न है या इसमें ब्रांड्स की. बात करें तो वो कह रहे हैं कि चलो आप. एंजॉय कर लो आज यू लीव ओनली वनस यलो. जिंदगी ना मिलेगी दोबारा लेकिन लाइट बिल.
का बिल तो दोबारा आएगा पानी का बिल तो. दोबारा आएगा राशन तो दोबारा खरीदना पड़ेगा. तो वो चीज है सोट्स द प्रॉब्लम एक्चुअली. यू नो मैंने जब फर्स्ट टाइम लाइफ में. म्यूचुअल फंड खरीदा था तो मैंने भी कुछ. सालों के लिए फर्स्ट टाइम जो खरीदा मेरे. बैंक वाले ने बेच दिया था मुझे जो बेचा. मैं उसकी बातमा के कर दिया और कुछ सालों. बाद मेरे को पता चला जितना पैसा कमाया. नहीं जदा गवा दिया मैंने क्योंकि कमीशन. इतनी थी टैक्स इतना था सब हुआ एट द एंड ऑफ. द डे मेरे को प्रिंसिपल अमाउंट मिला मेरा.
वापस और शायद कुछ पैसे जुड़े बिकॉज सेम. काइंड ऑफ माइंडसेट कि वो जो एक बैंक. एंप्लॉई था उसको प्रोडक्ट बेचने में. ज्यादा इंटरेस्ट था कौन सा हाई कमीशन. प्रोडक्ट है इसको चिपका के चले जा अनफॉर्क. भी गलती नहीं है क्योंकि उनको भी पता नहीं. है मतलब जब मेरे आराम से मैं बात कर रहा. था वो भी एक बार प्रोडक्ट बेचने आया बोला. डेडलाइन है सर टारगेट कंप्लीट करना है हां. मेरे को भी ऐसे बेचते तो तो मैंने कहा कि. तेरे को पता है मैं तो नहीं खरीदने वाला. हूं लेकिन मैंने समझने की कोशिश की जब. उसको पूछा तो उसको भी नहीं पता था कि ये.
प्रोडक्ट में डाउन साइड क्या है उसको खुद. को लगा कि यह तो प्रोडक्ट अच्छा है मैंने. भी खरीद रखा है आप भी खरीद लो तो यह एक. दिक्कत है तो एजुकेशन एक तो इंडस्ट्री. लेवल पर भी इंडिविजुअल लेवल पर भी. अवेयरनेस और एजुकेशन की जरूरत है रेगुलेशन. में इंफोर्समेंट बेटर होने की जरूरत. है अब इसका भी एक चीज मैं आपको बताता हूं. जो इसमें. है होता क्या जैसे आपने. बताया अब आपको यह जो दिख रहा है नहीं मतलब. इधर कलर्स अलग कलर्स अलग है जब आप ध्यान.
से देख रहे हैं तो आपको दिख रहा है अलग है. लेकिन एक बार फर्स्ट ग्लांस में लगता तो. सेम मुझे टाइम लगा फिगर आउट करने फिगर आउट. करने में आपको टाइम लगा राइट तो सेम नहीं. है सिमिलर है लेकिन आज फाइनेंशियल. इंडस्ट्री में भी यही हो रहा है मतलब. एडवाइजर है रजिस्टर्ड एडवाइजर्स हज से कम. है हम जो सभी रजिस्टर्ड एडवाइजर्स है. जिनका ओरिएंटेशन एडवाइजर सलूशन वाला है. डिस्ट्रीब्यूटर एक लाख है बैंक एप्ल तो. मतलब मिलियन से ज्यादा है.
राइट अगर सभी बैंको को भी ना ले सिर्फ. प्राइवेट को ले लेकिन आज की तारीख में. नेशनलाइज बैंक में भी वो शुरू हो चुका है. प्रोडक्ट बेचने वाला कल्चर तो लाखों लोग. आपको एस डिस्ट्रीब्यूटर एक्ट कर रहे लेकिन. लेकिन जब आप जा रहे हैं तो आपको लग रहा है. ये मेरा एडवाइजर. है राइट तो यह जो डिफरेंस है यह आज की. तारीख में इंडिया की जनता को पता ही नहीं. है कि एडवाइजर क्या है डिस्ट्रीब्यूटर. क्या है बताओ तो वही डिफरेंस ये है जैसे. मैंने कहा कि एज एन एडवाइजर हमारी एक.
फिशरी ड्यूटी है एज पर लॉ कि वी हैव टू. एक्ट इन द बेस्ट इंटरेस्ट ऑफ द क्लाइंट हम. एज अ डिस्ट्रीब्यूटर कोई आपकी लीगल. रिक्वायरमेंट नहीं है आपको तो सिर्फ. प्रोडक्ट बेचना है अ जिसमें सबसे ज्यादा. कमीशन बनती है वो बेचो वो बेचो अ अब एज एन. एडवाइजर हमें फीस चार्ज करना है हम कमीशन. नहीं लेते हैं किसी से भी कोई भी. इन्वेस्टमेंट एडवाइजर जो है वो एज पर लॉ अ. कॉर्पोरेट एडवाइजर्स अगर डिफरेंट टीम्स. रखते हैं तो ले सकते हैं जो उनकी डि टीम. है उसके लिए लेकिन जो एडवाइजरी टीम है वो.
सिर्फ आपसे फीस चार्ज कर सकती है तो इससे. होता क्या है कि मेरा और आपका इंटरेस्ट. अलाइन है क्योंकि फीस मुझे सिर्फ आप दे. रहे हो और कोई नहीं दे रहा है सिर्फ. क्लाइंट दे रहा है तभी बनेगी जब मैं आपको. पैसे मनवा के दूंगा बिल्कुल जब मैं आपको. सही सलाह दूंगा तभी मुझे आप फीस दोगे. कमीशन में तो मैंने एक बार आपको प्रोडक्ट. दे दिया उसके बाद जब तक आपके पास वो. प्रोडक्ट है मुझे कमीशन मिलते रहेगा आप 4. साल रखोगे तो 4 साल भी मिलते रहेगा मैंने. आपको दे दिया उसके बाद 4 साल में मैं अपना. मुह भी ना दिखाऊ तो भी कोई फर्क नहीं.
पड़ता राट बट एस एन एडवाइजर इट मोर. रिलेशनशिप बेस्ड आज हमने काम करना शुरू. किया है तो हम चाहेंगे कि हम कंस लाइफ. लोंग य रिलेशनशिप बनी रहे आपके फाइनेंशियल. जर्नी में जहां जहां भी आपको हैंड. होल्डिंग की जरूरत है यह हैंड होल्डिंग हम. आपको प्रोवाइड कर सके तो यह एक अंतर. है अब ऐसा नहीं कहता हूं कि सभी. डिस्ट्रीब्यूटर खराब है कुछ. डिस्ट्रीब्यूटर जो है जिन्होने रिलाइज कर. लिया कि हमें क्लाइंट के इंटरेस्ट में.
एक्ट करना है वो सही है हमारे लिए भी वो. करते हैं तो कुछ अच्छे होंगे. डिस्ट्रीब्यूटर्स लेकिन मेजॉरिटी केसेस. में वो नहीं है क्योंकि इन्हेरेंट मॉडल. में ही कॉन्फ्लेट है क्योंकि पैसा कोई और. आपको दे रहा है ू तो वो एक चीज है वो एक. डिफरेंस है बड़ा अा एक चीज मैं कहना. चाहूंगा कि इसमें सिर्फ इंडस्ट्री को. ब्लेम नहीं कर सकते पूरी तरह से आई थिंक. कहीं ना. कहीं तीनों देखिए तीनों कंपोनेंट है. इंडस्ट्री के एक तो पार्टिसिपेंट जो. इंडस्ट्री है मैन्युफैक्चर प्रोडक्ट एंड. सर्विस प्रोवाइडर्स है इन्वेस्टर खुद भी.
है और तीसरा जो रेगुलेटर है तीनों को ही. कोशिश करके चीजों को बेहतर करना पड़ेगा तो. इसमें मैं ये नहीं कहूंगा कि हां एक रंग. दूसरा राइट वैसा नहीं है हां अलग-अलग. पार्टिसिपेंट्स कुछ गलत कर रहे हैं कुछ. सही कर रहे हैं कुछ ज्यादा गलत कर रहे हैं. कुछ ज्यादा सही कर रहे हैं कौन ज्यादा गलत. कर रहे हैं ये बताओ तो जैसे मैंने आपको. बताया राइट कि आज आप पर्सनल लोन बेच रहे. हो कि आप चलो दुनिया घूम के आ जाओ पर्सनल. लोन लेके ये क्या बात हुई ब वो तो एक.
कॉर्पोरेट है वो ट्राई कर रहे हैं कि अपना. बिजनेस बढ़ाए हां इट्स तो ठीक है. कॉर्पोरेट के लेवल पर बिजनेस बढ़ाना बोल. रहे मैं ना काउंटर करने की कोशिश कर रहा. हूं हा एंड एक आर्गुमेंट बनाने की कोशिश. कर रहा हूं कि फर फॉर सेक ऑफ हेल्दी डिबेट. बिल्कुल. हर बिजनेस का जॉब य होता है कि मैं मेरे. कस्टमर की जो भी प्रॉब्लम है हम वो नीड है.
वांट है या डिजायर है या एक ऐसी चीज जो मे. बी उसे चाहिए नहीं बट आउट ऑफ जेलस व फील. करता है कि मुझे कभी होना चाहिए राइट जो. भी उसको लग रहा है कि मेरी लाइफ में जो. कमी है हां उस कमी को एज अ बिजनेस मैं. पूरा करने का सलूशन दूं इजली जो वो आसानी. से ले पाए हम राइट अब उसका इफेक्ट अच्छा. होगा गंदा होगा अगली होगा वो मैं मान के. चलता हूं एस अ बिजनेस कि वह सामने वाला.
खुद जानेगा और खुद करेगा वह इतना सेंसिबल. होगा कि अपने डिसीजन खुद ले लेगा दिस इज. व्ट हाउ मोस्ट ऑफ द बिजनेसेस वर्क राइट कि. हमें जो लगता है एज अ बिजनेस कि सामने. वाले की जो भी कमी है मैं किस तरीके से. पूरे करूं तो अगर कमी है उनको कि यार मैं. ट्रैवल नहीं कर पा रहा इसीलिए मैंने कहा. कि इसमें एक यूजर को भी अवेयर बनने की. जरूरत है एजुकेशन की जरूरत है रेगुलेटर को. भी बैलेंस क्रिएट करने की जरूरत है बिटवीन. बिजनेस एंड द यूजर और द इन्वेस्टर राइट. अभी जैसे इन्वेस्टमेंट का मैंने कहा अब.
इसमें बिजनेस का भी एस्पेक्ट हो सकता है. अब देखिए इवन फॉर बिजनेस समथिंग च लुक्स. गुड इन द शॉर्ट टर्म मे नॉट नेसेस बी गुड. इन द लॉन्ग टर्म जैसे आज स्मल कैप फंड है. राइट अब स्मल कैप फंड आज की तारीख में. स्मल कैप वैल रिच है देख मार्केट कहा. जाएगा वो तो कोई बता नहीं सकता है लेकिन. आज की तारीख में रिच है क्या मैं छ महीने. या एक साल के लिए स्मल कैप फंड मुझे देना. चाहिए कस्टमर को म्यूचल फंड इंडस्ट्री को. खुद को पता है कुछ फंड्स है जो सही स्टेप. ले रहे हैं उन्होंने सब्सक्रिप्शन लेना.
बंद कर दिया क्योंकि उन्हें पता है ये सही. नहीं है ना तो यूजर के लिए सही नहीं उनके. लिए भी सही है क्योंकि एसेट फंड का साइज. इतना बढ़ गया है कि आपके पास उतनी. अपॉर्चुनिटी ही नहीं है इन्वेस्ट करने की. राइट तो दोनों ही चीजें बिजनेस के लिए सही. नहीं है लॉन्ग टर्म में तो आप आज बेच दोगे. क्योंकि आज बेचना इजी है जो आपका. डिस्ट्रीब्यूशन सेल्स वाला है वो तो. बोलेगा चलो बिक रहा है ये आसानी से ये मैं. बेच देता हूं टत कपनी के लिए तो अच्छा. नहीं है वो. बट आपने जो प्रश्न किया.
कि जो आपकी वांट्स. है नीड्स भी है सेविंग्स भी है और जैसे. मैंने कहा कि बिल्कुल. आज की जो जनरेशन है वो लाइफ भी एंजॉय करना. चाहती है या ऐसा नहीं है कि लाइफ एंजॉय. नहीं करना चाहती बट एट द सेम टाइम व ये भी. चाहती है यलो के साथ उनको फायर भी चाहिए. जल्दी रिटायर भी होना है तो उसके लिए पैसा. जल्दी बढ़ाना भी है तो सभी चीज को बैलेंस. करना है उनको यह भी नहीं खोना चाहते य भी.
नहीं खोना चाहते अब उसको कैसे कर सकते हैं. हम तो वांटस हो गए अब क्या सारी ंट्स जलसी. से होती है या देखा देखी से होती है नहीं. इनरेंट भी होती है राट आज ट्रेवल जो है. मुझे पसंद है मैं इसलिए ट्रेवल नहीं कर. रहा हूं कि सारी दुनिया कर रही है मुझे. अच्छा लगता है न जगहो पर जाना नए अनुभव. लेना नए लोगों से बातचीत करना आज एक मेरा. मित्र है उसको गैजेट बहुत पसंद है बहुत. समय से पसंद है मतलब जब 20 साल पहले हमको.
तो ज्यादा टेक्नोलॉजी इतनी हम यूज भी नहीं. करते तब से उसे पसंद है और वो नन चीज. टेक्नोलॉजी चाहे सॉफ्टवेयर हो हार्डवेयर. वो समझने की कोशिश करता है अब उस चीज के. लिए अगर वो कोई गैजेट ले रहा है जो. लेटेस्ट गैजेट है चाहे वो डेढ़ लाख का फोन. भी ले रहा है क्योंकि उसको उसम इंटरेस्ट. है उसको समझने में इंटरेस्ट है तो वो एक. अलग चीज हो गई राइट वो इसलिए नहीं ले रहे. कि मेरे बाजू वाला डेढ लाख का फोन ले रहा. है तो वांट्स इनरेंट भी होती है नीड्स तो. आपको मीट करनी है वो तो एसेंशियल है तो ये. जो सारी नी है वांट्स है सेविंग्स है इन.
सबको आप किस तरह से बेहतर मीट कर सकते हैं. तो दैट इज व्ट वी आर ट्राइट फोकस ऑन की एक. जो अब मैं कह रहा था कि राइट थिंग्स शुड. बी मेड इजी एंड ट इज व्ट वी आर ट्रांग टू. डू कि राइट थिंग्स को हम इजी कैसे करें अब. राइट थिंग इसमें क्या है कि आप जो य. बैलेंस है बजटिंग प्रिंसिपल है आमतौर पर. मुझे थम रूल्स अच्छे नहीं लगते जैसे मैंने. कहा पर्सनल फाइनेंस पर्सनल लेकिन थम रूल्स. के पीछे भी कुछ कहानी होती है कुछ रिसर्च. होती है राइट बहुत सारे लोगों के लिए वो.
कॉमन अप्लाई कर सकता है तो जो बजटिंग. प्रिंसिपल्स है इसमें प्रिंसिपल है कि 50. पर आप नीड्स के लिए रखिए 30 पर वांट्स के. लिए रखिए 20 पर आप सेविंग जो है लॉन्ग. टर्म के लिए उसके लिए आप रखिए अब वांट्स. जो है आप जो मीट कर सकते हैं इसमें वेकेशन. आपका आ गया एनिवर्सरी के लिए आपने ज्वेलरी. गिफ्ट करनी है वो आ गई बर्थडे गिफ्टिंग आ. गया कोई गैजेट अपग्रेड आप कर रहे हैं. रैंडम शॉपिंग जो भी कर रहे हैं नीट्स में. आपका कार इंश्योरेंस प्रीमियम हो गया.
स्कूल फीस हो गई ग्रोसरीज है फूड डाइनिंग. है मतलब डाइनिंग फूड अभी नॉर्मल हो गया वो. नीडी हो गई. है तो पहले तो हम बचपन में बहुत कम जाते. थे रेस्टोरेंट लेकिन अभी वो नॉर्मल हो गया. है सेविंग्स जो है लॉन्ग टर्म के लिए आपको. वेल्थ क्रिएट करनी है इमरजेंसी फंड भी. आपको रखना है रिटायरमेंट के लिए भी आपको. प्लान करना है तो इन सब चीजों को हम किस. तरह से बेहतर कर सकते हैं ताकि हम हमारे. एस्पिरेशंस भी मीट करें और हमारी जो लॉन्ग. टर्म रिक्वायरमेंट है उसको भी मीट करें बट.
क्या ये हर इंसान के लिए ऐसे ही होगा यही. रेशो मेंटेन करना चाहिए नहीं जैसे मैंने. कहा किसी के लिए अलग भी हो सकता है आपके. लिए शायद हो सकता है कि जो नीड्स है वो 20. है वांट्स 20 30 है सेविंग 60 है हो सकता. है बिल्कुल हो सकता हैली लेकिन लेकिन. लेकिन अगर. इसमें आपको पता ही नहीं है और आप अगर. सिर्फ वांट्स को देखते हुए जैसे आपने कहा. कि देखा देखी लोग कर रहे हैं जलसी से भी. लोग ले रहे हैं अब आपने बैलेंस नहीं किया.
तीनों चीजों को तो ओबवियसली आपके पर्सनल. फ्रें सेस गड़बड़ होने वाले हैं हम कुछ. समय में आपको स्ट्रेन आने ही वाला है वो. तो रेशो अलग-अलग आपके रिक्वायरमेंट के. हिसाब से हो सकता है लेकिन ब्रॉड थिंग इज. कि इन तीनों चीजों को किस तरह से हम बेहतर. कर सकें अब उसके लिए एक प्लेटफॉर्म जो. राइट थिंग्स टू बी मेड इजी तो उसके लिए. हमने ये प्लेटफॉर्म बनाया है क्योंकि. आमतौर पे क्या होगा कि आपको पता भी है. लेकिन आप करें कैसे हम क्या करना है पता. है पर कैसे करें अब इन्वेस्ट करके बेहतर.
रिटर्न कमाना है लेकिन कैसे करें हमें पता. ही नहीं है कौन से फंड में डालना है तो. उसमें हम डायरेक्ट प्लान म्यूचुअल फंड्स. प्रोवाइड कर रहे हैं जो इन्वेस्ट एडवाइजरी. टीम है हमारी जो उस परे रिसर्च करके बता. रही है कि आपका जो टाइम होराइजन है आपका. जो रिस्क प्रोफाइल है आज की जो करंट. मार्केट कंडीशंस है उसके हिसाब से ये आपके. लिए एक सही इंस्ट्रूमेंट है मतलब हम सिर्फ. एक स्मॉल कैप क्योंकि पिछले एक साल में. अच्छा किया वो हम आपको नहीं दे रहे राइट. आपकी जो जरूरत है उसके हिसाब से हम आपको. एक फंड दे रहे हैं और ताकि आप रिटर्न्स भी.
बेटर बना सको ऑप्टिमाइज कर सको और साथ-साथ. में रिस्क भी मैनेज हो प्लस जो वांट्स भी. है जैसे मैंने कहा इन्हेरेंट वांट्स भी. ऐसा तो नहीं है कि सब कुछ सिर्फ हम देखाद. देखी कर रहे हैं तो जो इन्हेरेंट वांट्स. है आमतौर पर अगर आप एक लाख खर्चा करने. वाले थे अगर उसमें आपको 5 हज का बेनिफिट. मिल जाए तो क्यों ना मिले तो वहां पर भी. आपको बेनिफिट मिल र है तो आप दोनों चीजें. करें इसमें जो बचत हो रही है वो सेविंग भी. बढ़ रही है आपकी तो एस्पिरेशंस भी मीट.
करना है ये भी करना है क्योंकि ये तो नहीं. कर सकते कि हां बस पैसे बचाते जाए जैसे. हमने पहले भी डिस्कस किया बस फिर वो कोई. और उड़ाए राइट आपकी भी तो एस्पिरेशंस है. आपको भी वो मीट करनी है लेकिन एट द सेम. टाइम आपके फ्यूचर के लिए भी आप प्रोवाइड. कर रहे हैं पर ये हर इंसान के लिए अलग. होगा बिल्कुल और उसकी जो करंट रिस्क. प्रोफाइल है या करंट एज है या करंट. रिस्पांसिबिलिटीज है उसके बेसिस प ये सब. मैथ अप एंड डाउन होगा हां राइट तो पर्सनल. फाइनेंस वेरी पर्सनल तो क्या आपका.
प्लेटफॉर्म यह करता है कि हर किसी को उसके. बेसिस पे सजेस्ट करता है क्या करना चाहिए. तो वो हम फीचर्स ऐड कर रहे हैं अभी जहां. पे उनके जो स्पेंड्स है खास करके जो. अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम आएगा वो. एडवाइजर्स के लिए बहुत ही अच्छा होगा. क्योंकि उससे हमें जो डाटा है वो यूजर के. कंसेंट से ऑफकोर्स इजली मिलेगा क्योंकि आज. की तारीख में बहुत से लोगों को पता भी. नहीं होता है कि उन्होंने पैसा कहां डाला. हुआ है कौन से इन्वेस्टमेंट्स उन्होंने कर. रखे हैं वो खर्चा कब कहां कर रहे उन्हे. पता ही नहीं है तो जब ये डाटा मिलेगा हमें.
आसानी से अकाउंट एग्रीगेटेड सिस्टम के. थ्रू तो हम उनको बता पाएंगे गाइड कर. पाएंगे अच्छे से आज भी हम कलेक्ट करते हैं. डाटा ऐसा नहीं कि नहीं करते तो आज जो हम. कर रहे हैं उससे भी हम बताते हैं उन्हें. क्योंकि ऑलरेडी जो मैंने बताया कि जो उनका. टाइम होराइजन है वो सब हम फैक्टर करके ही. उन्हे बता रहे हैं कि कहां आपको सही निवेश. करना है और जो डील्स भी है कोई कंपलशन. नहीं है मल्टीपल पर राइट आपकी एस्पिरेशन. है आप मीट करना चाहते हैं मैं नहीं बोल. रहा हूं कि आप जाकर ट्रेवल कीजिए लोन ले. लीजिए मुझसे मैं बोल रहा हूं आपको तो. ट्रेवल करना है आप चाहते हैं उसके लिए.
आपने पैसा बचाया है अब उसको मैं और कैसे. एनहांस करूं तो वहां पे मैं एक मेक माय. ट्रिप की डील प्रोवाइड कर रहा हूं आपको 10. 12 पर एक्स्ट्रा मिल रहा है और ये बिना. कैप के मिल रहा है ऐसा नहीं है कि 10 पर. अप टू 2000 राइट अगर आपने 2 लाख का ट्रेवल. गोल बनाया है आपको 00 मिल रहे हैं. एक्स्ट्रा तो आप क्यों ना ले अब हमन इस. प्रोडक्ट पे और डीप में बात करेंगे हां बट. आई वाना फिनिश ऑल द रंगस एंड देन स्टार्ट. राइट्स हां तो स् में जो हम इन्वेस्टमेंट. इंडस्ट्री की बात कर रहे थे कि जो.
प्रोडक्ट है वो सही नहीं दिया जा रहा है. क्योंकि वो सोल्यूशन अप्रोच से नहीं है वो. सिर्फ बेचने के अप्रोच से है तो वो एक. बहुत बड़ा रंग है जो चल रहा है इंडस्ट्री. में एंड यह जो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री है. इंडिया में जैसे मैंने बताया बहुत ही अंडर. पेनिट्रेटेड है अगर इसको. हमें जो पूरे वेल्थ का 2 पर है वहां से. अगर 20 पर प लेके जाना है तो इंडस्ट्री है. टू प्रोवाइड द राइट सोल्यूशन क्योंकि अगर. आज आपने स्मल कैप फंड ले लिया एक साल के. बाद में अगल 30 पर डाउन है आप तो बोलोगे. म्यूचुअल फंड तो सट्टा है बाजार तो सट्टा.
है चलो बाहर हो जाएंगे हम हमेशा जिंदगी से. इससे दूर रहेंगे जिंदगी भर 2007 सा आ में. वही. हुआ क्योंकि उस समय इंफ्रास्ट्रक्चर बूम. चल रहा था तो या तो लोगों ने. इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स खरीदे या फिर. इंफ्रास्ट्रक्चर म्यूचुअल फंड्स में पैसा. डाल दिया अच्छा बेचना तो बहुत इजी है फंड. उस समय क्योंकि सबको इंफ्रास्ट्रक्चर. चाहिए लेकिन हुआ क्या एक साल बाद में सभी. डाउन हो गए वो जो 10 में म्यूचुअल फंड. मिला था उसको आने में 10 साल लग गए है ना.
तो वो तो फिर इंडस्ट्री को भी हाम ही कर. रहा है क्योंकि फिर वो यूजर आपसे हमेशा के. लिए दूर हो गया तो सही सलूशन देना बहुत. जरूरी है जहां तक इन्वेस्टमेंट्स का सवाल. है यह मैं बोल रहा हूं जहां पर ओबवियसली. ब्रांड्स तो चाहेंगे कि उनका प्रोडक्ट बके. सर्विस बिके लेकिन उसको फैसिलिटेट करने. में जो फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस. है आज आरबीआई ने भी थोड़ा सा. इसको टाइटन किया है आपने भी देखा होगा बीच. में न्यूज़ आई थी राइट पर्सनल लोस क्रेडिट.
कार्ड्स पे रिस्क वेट्स उन्होंने बढ़ा दिए. क्योंकि एट अ सिस्टम लेवल भी वो चीज सही. नहीं है अगर एक्सेस कहीं पे हो रहा है तो. जब आप गोल्ड मैन में थे या आप पर्सनल लेवल. प जो रिसर्च करते हो स्टार्टअप के लिए. क्या रिसर्च करते हो व्हाट आर द पॉइंट्स. दैट यू लुक फॉर जो एक. नॉर्मल रिटेल इन्वेस्टर के लिए पॉसिबल. नहीं होता या डिफिकल्ट होता है एक्सेस टू. इंफॉर्मेशन. क्योंकि अगर आप इतने बड़े लेवल पे हज 100. 500 एक लाख करोड़ वाली कंपनियों को जिनको.
इन्वेस्ट करना है उनको अगर कुछ आप रिसर्च. देते डेप्थ में तो कुछ तो तीन चार चीज. एक्स्ट्रा देते होंगे जो शायद किसी और के. हाथ में नहीं आती तो वहां प देखिए वहा प. एक बेसिक अंडरस्टैंडिंग तो सारे. इन्वेस्टर्स को होती थी अब उनको हम अगर. इनपथ रिसर्च करेंगे तो ही कुछ वैल्यू ड हम. कर पाएंगे क्या डेप में एक एग्जांपल देता. हूं जैसे रिफाइनेंस. [संगीत]. अगर आ रही है दैट विल नेगेटिवली इंपैक्ट.
रिफाइनिशिव जा रही है तो उसका नेगेटिव. इंपैक्ट है अब वहां पे हम क्या करते थे कि. हम देखते थे कि ये कैपेसिटी जो अनाउंस हुई. है ठीक है अनाउंसमेंट तो हो गया दो साल. बाद यूएई में एक कैपेसिटी आने वाली है न. साल बाद चाइना में आने वाली है ये तो सबको. पता है पूरे मार्केट को पता है लेकिन हम.
उसके बियोंड जाएंगे हम देखेंगे कि क्या. वाकई में ये 3 साल में बन सकती है ये. कितने मिलियन टन की कैपेसिटी है इतने. मिलियन टन की कैपेसिटी क्या तीन साल में. बन सकती है अभी तक इस पे कितना काम हुआ है. ऑन द ग्राउंड क्या हुआ है कहां पे. प्रोग्रेस है हर चीज हम देखेंगे तो जब. हमने ये स्टडी की थी हमें रिलाइज हुआ कि. सारा मार्केट सोच रहा है कि इतनी सारी. कैपेसिटी आ रही है और इसकी वजह से. मार्जिंस पे बहुत ही नेगेटिव असर होगा. लेकिन जब हमने एक-एक रिफाइनरी के बारे में. जब हमारी क्योंकि ग्लोबल टीम थी में वो एक. एडवांटेज था मेरे पास कि मैं हर एक को रीच.
आउट कर सकता था पूछ सकता था कि आपके रीजन. में क्या हो रहा है आप कंपनी से बात कीजिए. ऑन द ग्राउंड मार्केट में देखिए कि क्या. हो रहा है तो उससे जब पता चला कि वो. कैपेसिटी जो 2 साल में एक्सपेक्टेड है वो. एक्चुअल में आने वाली 5 साल में है तो. उसका इंपैक्ट तो 5 साल बाद आने वाला है 2. साल बाद आ ही नहीं रहा है राइट तो ये एक. एग्जांपल हो गया वहां पे कि हम इन डेप्थ. एकदम उसमें जा रहे हैं अब रहा यहां पे जो. सवाल है तो हम यहां पे क्या कर रहे हैं कि. म्यूचुअल फंड में आमतौर पे लोग सिर्फ. पिछले एक साल का रिटर्न देख रहे हैं हम अब. मैं तो वो नहीं कर सकता ना मुझे तो पूरा.
देखना पड़ेगा कि पिछले 1020 साल जो भी. उनकी हिस्ट्री है उसमें कैसे फंड ने. परफॉर्म किया है उसके अलावा रिस्क. पैरामीटर्स प उन्होंने कैसे परफॉर्म किया. है क्योंकि रिटर्न तो जनरेट होना एक चीज. है रिस्क को कितना अच्छा उन्होंने मैनेज. किया है तो 1015 हम रिस्क पैरामीटर्स भी. देखते हैं उसके अलावा पोर्टफोलियो क्या है. क्या पोर्टफोलियो में कोई श्रेढी कंपनीज. है जिनका कुछ ठिकाना नहीं है या वाकई में. अच्छी क्वालिटी की कंपनीज है क्या स्टाइल. से ये मैनेज कर रहे हैं किस वैल्युएशन पर. इन्होंने खरीदा है स्टॉक्स को तो ये सभी.
चीजें हमें देखने पड़ती है फंड हाउस की. फिलॉसफी क्या है मैनेजर की फिलोसोफी क्या. है क्या वो उसी फिलोसोफी पर चल रहा है या. कुछ और कर रहा है बोल कुछ और कर जो मैंडेट. है उस पर जा रहे हैं कि कुछ और कर रहे हैं. तो सभी चीजों को हम ट्रैक करते रिसर्च. करते हैं एंड ये सब पब्लिक इंफॉर्मेशन में. अवेलेबल होता है क्योंकि पब्लिक केली मैं. दिखा तो कुछ भी सकता हूं और अंडर द रप में. कुछ भी करूं नहीं नहीं वही मैंने कहा. क्योंकि देखिए पब्लिक तो डाटा तो है. ऑफकोर्स कुछ डेटा इजली अवेलेबल नहीं होगा. हमें डेटाबेस प्रोवाइडर से डेटा बेस हमें.
लेना पड़ता है जो शायद एक रिटेल इन्वेस्टर. सब्सक्राइब ना करे बिकॉज देर इ सम चार्ज. टू इट लेकिन पब्लिक डाटा है वो ऐसा नहीं. है कि पब्लिक नहीं है बस उसके लिए कंपाइल. किया हुआ एक जगह पर अगर आपको चाहिए. डेटाबेस आपको लेना है सब्सक्रिप्शन और. दूसरी चीज जो मैंने कहा जो बिहेवियर वाला. एस्पेक्ट है कि जो कोई कह रहा है वो कर. रहा है कि नहीं राइट उसको तो आप जब फॉलो. करोगे तभी आप पता कर पाओगे और उतना समय. किसके पास है या तो इसीलिए आप फिर रिलाई.
करते हो एक्सटर्नल एडवाइजर पे एंडन. एडवाइजर का सही होना बहुत जरूरी है. बिल्कुल क्योंकि देखिए एक चीज जो मुझे कुछ. जो जब मैं पहले क्लाइंट्स को एडवाइस कर. रहा था जो एनई वगैरह को भी और इवन जो करंट. हमारे कुछ जो यूजर्स है जो जिन्होंने काफी. सारे गोल्स वगर प्लेटफार्म पर बनाए मेरा. इंटरेक्शन हुआ है एक चीज जो मुझे रिलाइज. हुई है कि जिसको पता चल जाता है जिसको य. हो जाता है कि ये एक फुल टाइम चीज है हम.
इसको मैं पार्ट टाइम नहीं कर. सकता राद देन दैट वो समय जो मैं व्यर्थ कर. रहा हूं दो-तीन घंटे अपने चार घंटे निकाल. के वीकेंड के कि कौन से किसम इन्वेस्ट कर. दूं या वीक डे में भी सुबह शाम के उसकी. जगह अगर वही दो चार घंटे मैं अपनी स्किल. बिल्डिंग में लगाऊं जो मेरे करियर में काम. आए या अपने फैमिली के साथ समय दूं जिससे. मेरा एक फैमिली एनवायरमेंट पॉजिटिव हो हम. वो करना बेहतर है राद देन दैट कि एक हाफ.
हार्टेड में कुछ रिसर्च अपनी करूं और फिर. गलत इन्वेस्टमेंट कर दूं और फिर ढूंढू कि. अब क्या करना है तो ये मुझे भी नहीं पता. था ये पर्सपेक्टिव मुझे इन लोगों से बात. करके समझ में आया जब इन्होंने बताया कि. हां ये चीज हमें लगता है कि बहुत सही है. लेकिन हां एडवाइजर अच्छा ढूंढना इजी नहीं. है क्योंकि जैसे मैंने बताया सिर्फ हजार. एडवाइजर्स है इंडिया में एक लाख. डिस्ट्रीब्यूटर्स है डिस्ट्रीब्यूटर्स. ज्यादा एक लाख बैंक वाले तो और बहुत. ज्यादा है मिलियंस है तो ये एक थोड़ी सी. दिक्कत है अब इस चीज को रेगुलेशंस भी बहुत.
टफ हो गए थे पिछले कुछ सालों में एडवाइजरी. लेकिन अभी एक कंसल्टेशन पेपर आया है सभी. का जिसमें उन्होंने कुछ इसको सिंपलीफाई. करने के लिए प्रपोजल्स प्रपोज किए हैं अगर. उनमें से कुछ चीजें होती है तो होप फुली. बेटर हो जाएगा बेटर हो जाएगा ज्यादा. एडवाइजर्स होंगे सेबी की बात कर रहे थे. रिसेंटली न्यूज पढ़ी अभी जो आई हा हाइड. बर्ग वाली. य ड आर यू फॉलोइंग दैट हां हां बताइए तो.
हाइडेन बर्ग की जो रिपोर्ट है कि सेबी की. चेयरमैन इवॉल्वड है इन अदानी की ऑफशोर. कंपनी में ड यू बिलीव ल ऑ दिस हां एक चीज. हो सकती है कि डिस्क्लोजरस वगैरह है तो. अगर सभी को उन्होंने किए हैं डिस्क्लोजरस. जो कि मुझे नहीं पता राइट क्योंकि मैं सभी. के अंदर नहीं हूं तो अगर उन्होंने. डिस्क्लोजर वगर सही किए हैं तो ठीक है. लेकिन हां ए जनरल पब्लिक परसेप्शन जो है. वो थोड़ा सा का नेगेटिव बन जाता है जब वो. न्यूज देखते क्योंकि वो परर टोटलिटी में.
नहीं देखते उसको वो सिर्फ देख रहे हैं. हेडलाइन देख रहे हैं या तो ऐसी जब. हेडलाइंस आती है तो दो पार्ट्स में. यूजुअली पब्लिक परसेप्शन बन जाता है एक. पार्ट है कि डन बर्ग डन बर्ग डन बर्ग हाउ. ड यू प्रोनाउंस इ हिंडन बर्ग हिंडन बर्ग. ओके सो जो हिडन बर्ग ने रिसर्च निकाली एक. मानते हैं लोग कि इंडिया में सब काम कुछ. बड़े कॉरपोरेटर्स है या कुछ बड़ी कंपनीज. है कुछ बड़े बिलिन है वो सब काम इलीगली या.
अलग-अलग तरीके से करते हैं और अपनी प्राइस. इन्फ्लेट करने की कोशिश करते हैं तो हमें. भरोसा कम हो गया ऑन स्टॉक मार्केट न. इंडिया ऑन सर्टेन कंपनीज लेट्स से इन दिस. केस अदानी के बारे में बात करी इन्होने. राइट तो दैट इज वन वन वेदर. केसेस और अदर साइड जो आप कमेंट्स देखते हो. वो है कि यार ये बाहर की कुछ फोर्सेस हैं. जो इंडिया को वीक करने की कोशिश कर रही है. और कुछ ना कुछ लोग साथ में मिलके अटैक. करने की कोशिश कर रहे हैं आज अधानी को. अटैक कर रहे हैं कल अंबानी को करेंगे. परसों बिरला को करेंगे आई डोंट नो फिर. टाटा को करेंगे बट किसी ना किसी को अटैक.
करते जाएंगे ताकि ये इंडिया की इकॉनमी और. स्टेबिलिटी वीक हो पॉलिटिक्स है उसको बाहर. रखते हैं मार्केट जो है हम अब देखिए ऐसे. तो बहुत सारे इवेंट्स मार्केट में होते. रहेंगे हमें अगर बिगर पिक्चर देखना है तो. आज हम 1991 में लिबरलाइजेशन जब हुआ 92 में. हर्षद महता स्कैम हुआ उससे आज हम कहां पर. है मार्केट के टर्म्स में अगर देखें क्या. वेल्थ क्रिएशन नहीं हुई मार्केट के थ्रू. क्या सिर्फ दो चार ही कंपनीज है जिसकी हम.
बात कर रहे हैं इंडिया में तो बहुत सारी. कंपनीज लिस्टेड है 5000 से ज्यादा है ठीक. है बहुत सारी छोटी कंपनीज भी है लेकिन 100. बड़ी कंपनियां भी तो है बट टॉप 20 कंपनीज. कंट्रोल्स 80 पर ऑफ द स्टॉक मार्केट. वेल्थ ये तो ये तो ऐसा नहीं है कि सिर्फ. इंडिया में है लेकिन पॉइंट मेरा जो है कि. वेल्थ क्रिएशन इंडिया में हुआ. है आगे भी होगा आज हमारी नॉमिनल जीडीपी जो. ग्रोथ हुई है उसके इन सिंक वेल्थ क्रिएशन. भी हुआ है मार्केट्स के थ्रू भी हुआ है.
मार्केट की इंटीग्रिटी बढ़ी भी है जो 92. में होता था क्योंकि मुझे एक चांस मिला था. एक ऑफिसर जो थे जिन्होंने काम किया था इस. पे 92 स्कैम के बाद में उनसे बातचीत करने. का मौका मिला था क्या बात है तो उन्होंने. बताया कि उस समय जो था कि कितनी. ज्यादा प्रॉब्लम्स थे उस समय क्योंकि इट. वास कंट्रोल्ड बाय जस्ट अ फ्यू ब्रोकर्स. इन बम्बे बम्बे स्टॉक एक्सचेंज के कुछ. ब्रोकर्स थे वो पूरा मार्केट कंट्रोल करते. थे काफी ज्यादा मैनिपुलेशन होता था देर.
वाज नो टेक्नोलॉजी बीइंग यूज्ड राइट तो सब. कुछ शेडी था थोड़ा. लेकिन और बहुत रेजिस्टेंस भी था जब ये. टेक्नोलॉजी लेकर आए एनएससी जब आया. एक्सचेंज चच वाज टोटली बेस्ड ऑन. टेक्नोलॉजी तो बहुत रेजिस्टेंस था शुरू. में एंड ट्स द रीजन कि आज एनएससी इतना. बड़ा बन गया और बीएससी कुछ समय लग गया. लेकिन हां आज की तारीख में बीएससी आल्सो. हैज कम अप उन्होंने भी टेक्नोलॉजी को अपना. लिया उन्होंने भी काफी सारे अपने चेंजेज. कर लिए हैं एंड नाउ दे आर आल्सो यू नो.
इक्वली गुड एस फार एस द टेक्निकल और. टेक्नोलॉजी पार्ट ऑफ इट इ कंसर्न लेकिन उस. समय बहुत रेजिस्टेंस था क्योंकि. टेक्नोलॉजी वड मेक थिंग्स मोर. ट्रांसपेरेंट राइट तो आज डीमेट में आपके. शेयर्स है उस समय तो पता ही नहीं होता था. शेयर सर्टिफिकेट होते थे उसमें कुछ भी. होता था तो बहुत सारी चीजें इंप्रूव हु है. तो हमें अगर बिगर पिक्चर हम देखें तो 91. से लेक आज तक थिंग्स हैव ओनली बीन. इंप्रूविंग बट ऐसे इन मेजर. च कंट्री ड यू फील की सबसे ज्यादा शेडी यह.
कंट्री और इनके मार्केट य ट्रांसपेरेंसी. नहीं हैय थ चाइना उनमें से एक. कंट्री. देखि चाइना के केस में ओबवियसली य हमेशा. से रहा है. लेकिन और यह भी रहा है की रिटर्न्स भी जो. है कई बार मार्केट रिटर्नस हैव नॉट बीन इन. सिंक विद द जीडीपी ग्रोथ ट. हैप लेकिन अन सेड देर चाइनी च हैव डन वेरी. वेल इन द मार्केट तो मैं जनरलाइज नहीं.
करना चाहता मैं क्योंकि बीइंग अ रिसर्च. पर्सन आई वुड वांट मैं चीजों को. ऑब्जेक्टिवली. देखू सिर्फ पोरली एक्सेस टू इंफॉर्मेशन की. बात कर रहा हूं जैसे लाइक व्ट व्ट यू हियर. वट यू रीड इन अलग अलग न्यूजपेपर्स में या. छोटे छोटे आर्टिकल में पढ़ते हो सो जापान. मतलब एयन कंट्रीज की बात कर रहा तो जापान. का नाम आता है कि इंटीग्रिटी और. ट्रांसपेरेंसी काफी हाई है वहां पे आप. बहुत क्लियर हो भले आपके अब नॉर्मल.
रिटर्न्स नहीं बनेंगे बट यू नो दैट यर मनी. इ सेफ राइट और ट्रांसपेरेंसी वहां प आपको. दिखेगा क्या है दूध का दूध पानी का पानी. चाइना में ट्रांसपेरेंसी की बहुत प्रॉब्लम. होती है बिकॉज पीपल आर नॉट एबल टू ट्रैक. कि यार जो एक्चुअल रिटर्न्स रिफ्लेक्ट हो. रहे हैं मार्केट पे वो वहीं पे जाके उनकी. कंपनी में भी दिख रहे हैं कि नहीं दिख रहे. वो कंपनी से बड़ी हो रही है कि नहीं हो. रही बट हैव यू हर्ड ऑफ चाइनीज हसल मुझे. ध्यान में नहीं आ रहा है सुना भी होगा तो. ओके सो चाइनीज हसल एक डॉक्यूमेंट्री थी या. मूवी थी या पेपर था आई डोंट रिमेंबर. एगजैक्टली मैंने मूवी में देखा व्हिच वाज.
कि कुछ चाइना के लोग थे जो यूएस में. कंपनीज खोलते थे उनके बैक उनके. ऑफिसेसूट के अकॉर्डिंग हम बाहर की कंट्री. सर्वे नहीं कर सकती उनकी कंट्री में जाके. इंफॉर्मेशन एक्सेस नहीं कर सकती बिकॉज आई. थिंक दे डोंट अलाउ अदर कंट्रीज टू. इंटरफेयर बिकॉज उनका नेशनल सिक्योरिटी. काता है जो भी रीजन है उसकी वजह से राइट. तो यूएस लिस्टेड कंपनीज जिन जो चाइनीज.
बैकग्राउंड के और उनका ऑफिस चाइना में वो. दिखा रही है कि वो गेन होते जा रहे हैं. गेन होते जाते हैं और वो यूएस के मार्केट. में बढ़ते जाते हैं बढ़ते जाते हैं बहुत. पैसे बढ़ाते जाते हैं एंड मल्टीफोल्ड होते. जाती है इन कपल ऑफ इयर्स बट बैक ऑफिस अगर. देखो तो वो पैसा सिर्फ घूमते जा रहा है. ऑफिसेसूट जस्ट अ स्मल ऑफिस जो कभी बड़ा. नहीं इसमें आई थिंक जेपी मोर्गन वाज आल्सो. इवॉल्वड बहुत सारे लोग र इवॉल्वड एंड काफी. बड़ी चीज थी देखिए जैसे मैंने कहा हर जगह. ह्यूमंस है हम तो कहीं ना कहीं बट यर्ड यू.
नो दिस राइट मतलब देखिए इंफॉर्मेशन एक्सेस. हैज बीन डिफिकल्ट वो तो पता है उसमें इट. वो क्लीयरली बताते नहीं है कि कंपनी में. हो क्या रहा है सो आपको एक्चुअल पता नहीं. है कि जो ये कंपनी स्टॉक मार्केट प दिख. रही है कि हजार गुना बढ़ गई 100 गुना बढ़. गई 20 गुना बढ़ गई वो रियलिटी में उनका. ऑफिस उतना सही है और कुछ भी बड़ा नहीं काम. भी नहीं हो रहा है वो सिर्फ स्टॉक मार्केट. प इन्फ्लेट हु सभी कंपनीज के केस में वो. नहीं होगा या नॉट एव कट ऑफ कंपनी हम भी जो. ऑयल एंड गैस कंपनीज कवर कर रहे थे तो. इंफॉर्मेशन कम मिलती थी कंपैरेटिव लेन ऐसा.
नहीं कि नहीं मिलती थी हा अब कितना वो. रिलायबल थी कि नहीं. थी जिस समय मैं कवर कर रहा था मुझे लग रहा. था कि एटलीस्ट जो कंपनी हम कवर कर रहे थे. फेरली रिलायबल इंफॉर्मेशन. थी लेकिन हां एट होल अगर देखे हम हो सकता. है कि ना हो कौन सी ऐसी इंडस्ट्री है वि. यू फील की सबसे ज्यादा गार्डेड इंडस्ट्री. लाइक यहां पे इंफॉर्मेशन ट्रांसपेरेंसी. बिल्कुल नहीं है वर्सेस कौन सीसी. इंडस्ट्री ें बहुत स्ट्रंग है इन इंडिया. और अराउंड द.
वर्ल्ड पोरली बाय द नेचर ऑफ बिजनेस यू कन. ल देखिए जो स्ट्रेटेजिक बिजनेसेस होंगे. वहां पर ओबवियसली थोड़ा डिफिकल्ट होगा. जैसे क्या होता है स्ट्रेटेजिक बिजने. डिफेंस भी है राइट क्योंकि उसमें. स्ट्रेटेजिक नेचर है एक तो डिफिकल्ट होगा. इंफॉर्मेशन आपको सभी मिलना अच्छा एंड यह. सिर्फ नहीं कि गार्डेड है कई बार होता है. कि कॉम्लेक्स टी क्या है इंफॉर्मेशन की. जैसे अभी फार्मा इंडस्ट्री है उसको समझना. थोड़ा ज्यादा.
[संगीत]. कॉम्प्लेक्टेड खा रहे हो बिस्किट बढ़ रहा. है कि नहीं बढ़ रहा है आसान है बेसिक मतलब. कंज्यूमर जो प्रोडक्ट्स है आपको समझना इजी. है लेकिन हां इसमें भी आपको क्या-क्या. चीजें देखनी है बहुत बार मैंने देखा है कि. फोकस लोगों का होता है सिर्फ स्टॉक पिक प. लेकिन मैटर क्या करता है सिर्फ स्टॉक.
पिकिन या फिर सिर्फ नॉइस पर फोकस होता है. लोगों का कि चलो कुछ टिप मिल जाए कुछ पता. चल जाए यहां से पता चल जाए वहां से पता चल. जाए क्या होने वाला है लेकिन इन दोनों. चीजों के अलावा आप किस तरह से इन्वेस्ट कर. रहे हो क्या वैल्युएशन पे कर रहे हो किस. तरह से आप अपने सारे इन्वेस्टमेंट्स का. पोर्टफोलियो जो बना रहे हो कितना वेटेज है. हर एक इन्वेस्टमेंट का यह सभी चीजें भी. मैटर करती है और स्टॉक पिकिन भी जो आप कर. रहे हो तो उसमें बिजनेस को समझना एक चीज. है लेकिन उसके लिए आप प्राइस क्या पे कर. रहे हो वो भी एक चीज इंपॉर्टेंट है.
क्योंकि कई बार आप बहुत अच्छे बिजनेस खरीद. लेते हो लेकिन आपने उसके लिए बहुत ज्यादा. प्राइस दे दी जैसे 99 2000 में क्या हुआ. था टेक्नोलॉजी स्टॉक्स बहुत ही क्रेजिली. बढ़ रहे थे अच्छी-अच्छी कंपनीज भी थी कुछ. डब्बा कंपनीज भी थी क्योंकि जैसे आपने कहा. ये सब जब चीजें होती है तो सभी लोग आ जाते. हैं भैती गंगा में हाथ धोने है ना तो बहुत. सारे कंपनीज यूएस में ps.com भी कोई हुआ. करती थी किसी जमाने में उस इंटरनेट बबल के. जमाने में क्या करती थी पता नहीं लेकिन. अपने इंडिया की बात करें तो फोसिस और.
विप्रो वगैरह जो थे अच्छी कंपनीज थी बाद. में भी अच्छा किया इन्होंने लेकिन उनकी जो. स्टॉक वैल्यूएशन इतनी ज्यादा थी कि जिन. लोगों ने उस समय उसमें इन्वेस्ट किया उनको. अगले 7त आ साल लग गए वही प्राइस जिन्होंने. पीक पे इन्वेस्ट किया उनको वही प्राइस. वापस मिलने में क्या कंपनियां ग्रो नहीं. कर रही थी उस समय बिल्कुल कर रही थी तेजी. से कर रही थी बिजनेस बहुत अच्छा कर रहा था. कंपनियां डिविडेंड्स भी दे रही थी लेकिन. क्योंकि वैल्युएशन पहले इतना ज्यादा था तो. उसको नॉर्मलाइज होने में समय लगा और एक तो.
हो गया कि वैल्युएशन उस कंपनी का दूसरा. अपॉर्चुनिटी कॉस्ट है क्योंकि उस सात आ. साल में क्या हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनीज. 40 गुना हो गई बैंक्स 30 40 गुना हो गए तो. अब अगर आप फोसिस लेके बैठे अच्छी कंपनी है. अगर आपने आज तक भी लेके रखी होती तो उस. समय के पीक से भी आपने एक बहुत ज्यादा कमा. लिया मिन रिटर्न्स बना लिया होगा लेकिन वो. सात आ साल की अपॉर्चुनिटी तो आपकी पूरी. चली. गई सो. टाइमिंग इज इंपॉर्टेंट वैल्यूएशन इज वेरी.
इंपॉर्टेंट एंड कुछ भी ऐसी चीजें होती है. कि इंफॉर्मेशन एक्सेस हो नहीं हो ओवरऑल. अगर कंट्री का स्टेबिलिटी एंड सेंटीमेंट. स्ट्रांग है तो आप पैसे बना सकते हो ट्स. व्ट आ ट्रांग टू से हां देखिए स्टेबिलिटी. कंट्री की भी इकोनॉमी की भी आज जैसे. इंडिया की हम इकोनॉमी देखें तो पेंडम के. बाद कई लोगों को लगा था कि शायद काफी. डिफिकल्टीज हम फेस करेंगे लेकिन वी हैव. मैनेज्ड फाइन. ग्रेट मतलब तब से से बढ़े ही जा रहे हैं.
तो ट्स अ गुड थिंग इंफ्लेशन इंफ्लेशन भी. कंट्रोल में रहा है फिस्कल डेफिसिट भी मोर. और लेस कंट्रोल में है तो काफी हद तक हमने. चीजें सही की है एज अ कंट्री एंड अगेन एज. आई सेड 1991 से लेके आज तक बहुत सारी. चीजें इंप्रूव हुई है जिसने 80 देखा है. जिसने 90 देखा है उसको पता है क्या चेंज. हुआ है कंट्री में राइट आसानी कितनी हो गई. है ऑ ग फास्टेस्ट ग्रोइंग इमर्जिंग. मार्केट्स में एगजैक्टली मुझे ध्यान में.
नहीं है इन टर्म्स ऑफ अगर आप. अ पूछ रहे हैं इन टर्म्स ऑफ दी राइजिंग. स्टॉक प्राइसेस रांग स्टॉक राइजिंग स्टॉक. प्राइसेस एंड इन टर्म्स ऑफ मनी मेकिंग. अपॉर्चुनिटी वेर डू यू सी द बिगेस्ट. बिगेस्ट अपॉर्चुनिटी डेफिनेटली एज आई सेड. क्योंकि मैं इंडिया के बाहर इसलिए फोकस. नहीं कर रहा क्योंकि मुझे लगता है अगले 20. साल में पैसे यही बनना है पूरे वर्ल्ड में. सबसे ज्यादा अरा जो 92 से 2017 में हमने. इंडियंस ने मिस किया वो हमें इस बार मिस. नहीं करना चाहिए और नहीं कर रहे हम राइट.
क्योंकि आज सभी एसआईपी में आ रहे हैं लोग. इन्वेस्ट कर रहे हैं और एक बड़ी जो. पॉजिटिव चीज इससे हुई है क्योंकि जैसे. मैंने बताया पहले क्या होता था आप पिक पे. आ गए अंदर मार्केट में 92 में आप पीक पे आ. गए फिर मार्केट क्रैश हो गया 50 पर आपको. लगा ये तो सट्टा है 2007 में आप पीक पे आ. गए आपको लगा अरे ये तो मेरे को किसी ने. ऐसे ही चिपका दिया प्रोडक्ट लेकिन अब जब. आप एसआईपी कर रहे हैं तो आप सिस्टमिकली. इन्वेस्ट कर रहे हैं वो एवरेज आउट हो रहा. है राइट आपको एकदम से वो झटका नहीं लग रहा. कि आप पीक पे आए और फिर क्रैश आ गया हम.
धीरे-धीरे आपका इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है. तो लोगों को वो चीज मेरे ख्याल से समझ में. आ रही है इसीलिए हमारे फ्लोज जो है हर. महीने दर महीने बढ़ते जा रहे हैं एसआईपी. में क्योंकि ये चीज लोगों को अब समझ में आ. गई कि हां एक सिस्टमिक तरीके से हम करें. आज पीक पे नहीं है मार्केट पीक पे है. लेकिन अगर आपने पिछले 6 सात साल में पैसा. बनाया है या तीन चार साल में एसआईपी करते. हुए पैसा बनाया है तो अगर मार्केट करेक्शन. आता भी है. राइट तो आपको वो उतना झटका नहीं लगेगा.
क्योंकि आपकी कैपिटल आपको नीचे होते हुई. नहीं दिखेगी आपका रिटर्न कम होते हुए. देखेगा पहले क्या होता था कि आपकी कैपिटल. आपको दिख रही आधी हो गई छ महीने में आपका. 50 हो. गया ड यू फील कि अभी वापस इतना करेक्शन. आएगा देखिए मार्केट को प्रिडिक्ट कोई नहीं. कर सकता है ट इ. र हा एस हॉबी प्रेडिक्शन अगर मैं बोलू तो. करेक्शन आएगा लेकिन मैसिव क्रैश आता हु. मुझे अभी कोई ऐसे संकेत मुझे दि % होते. हुए नहीं दिख रहा नहीं नहीं बिल्कुल नहीं.
10 20 30 पर इ मैक्स हां 10 15 पर हो सकता. है शायद एंड इन योर करियर इतने साल में. आपने 152 साल. में सबसे ज्यादा पैसे कहां बनते हुए देखिए. विच सेक्टर यू हैव सीन ओवर एंड ओवर बनते. ही है पैसे लोगों ने काफी बनाए और सबसे. ज्यादा दुबई के सेक्टर में लेट्स मेक इट. फन नहीं अगेन आई थिंक न बेस न व्ट य नो. एकली बहुत लोगों ने कुछ कुछ नोटिस किया. होगा बहुत लोगों ने नहीं क्योंकि जैसे.
मैंने कहा देखिए साइकल्स आती है अब मैं. बोल दूं आपको पिछले सात साल में इसने. अच्छा किया है उसे जैसे अभी 2000 से 2007. मैंने बताया आपको इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स. ने बहुत अच्छा किया बैंक्स ने बहुत अच्छा. किया लेकिन उसके बाद जो डिकेड था 2010 से. 20 वाला वो इन सबके लिए बहुत ही पेनफुल. डिकेड था राइट अब इसलिए जो पहले जिसने. बनाया वो इंपॉर्टेंट नहीं है आगे क्या. बनाएगा वो ज्यादा इंपॉर्टेंट है राइट. पिछले सात साल में किसी चीज ने अच्छा किया. कॉ बबल बस्ट के पहले टेक्नोलॉजी स्टॉक.
बहुत अच्छा कर रहे थे फोसिस का आईपीओ आया. वहां से वह 7 साल में कहां पहुंच गया. लेकिन उसके बाद क्या हुआ अगले साल साल तो. बिना पूरे कॉन्टेक्स्ट के अगर कोई चीज. बोली जाए तो वो सही नहीं है लेट्स मेक इट. इजियर फॉर यू आई विल शेयर माइन यू शेयर. योर्स बिगेस्ट सेक्टर जहां पे आपने सबसे. ज्यादा पैसा गवाया है आपने. पर्सनली मे बी आउट ऑफ मिस्टेक मे बी आउट. ऑफ टाइमिंग मे बी व्हाट एवर इट कैन बी और. इट कैन जस्ट भी की यार ठीक है उस टाइम पे. मेरा पोर्टफोलियो तो पॉजिटिव था 10 में से.
नाइन चीजें पॉजिटिव थी एक गिर गया लाइक. फॉर मी दैट वाज रिन्यूएबल एनर्जी हां मतलब. मेरा काफी पैसा लाइक आई लॉस्ट अ लॉट ऑफ. मनी मतलब आज मैं देखता हूं तो इट वाज वेरी. स्मल मनी बट उस टाइम के लिए बहुत मेरे लिए. वो बहुत पैसा था दैट वाज रिन्यूएबल एनर्जी. में बहुत जल्दी मैंने लगा दिया दिस वा. स्लन एनर्जी च आई इन्वेस्टेड लाइक वाइल. अगो एंड मैंने शायद उसके पीक पे इन्वेस्ट. किया था एंड उसके साथ और एक दो चीजों में. राइट एनर्जी सेक्टर में आ पोटेंट राइट एंड. आ एंड अप लूजिंग.
देखिए सेक्टर तो नहीं है लेकिन एक स्टॉक. है जिसमें थोड़ा मुझे लॉस हुआ था जो मैं. बोल सकता हूं कि थोड़ा पिंच हुआ कौन सा र. अ स बैंक था ओके तो वो एक मिस्टेक हुई थी. अ उसके रीजंस बहुत सारे थे उसमें मैं अभी. डेल नहीं करना चाहूंगा कि क्यों हुआ ब. उसके अलावा ऐसा कभी हुआ नहीं है कि कुछ. पैसा खोया मैंने. हम तो आमतौर पे वी वेरी कैलकुलेटेड एंड. हां मतलब टच रहा है अभी तक बाकी गुड एंड.
क्योंकि मैंने जैसे कहा किय बैंक से एक. चीज मैंने ये भी सीखी कि बिहेवियर जो है. क्योंकि उस समय फंडामेंटली मुझे समझ में आ. रहा था कि चीजें सही नहीं है लेकिन कहीं. ना कहीं बिहेवियर वाला रोल आ गया था एंड. वो बिहेवियर क्यों था उस सब कारण में मैं. नहीं जाना चाहूंगा लेकिन एक बिहेवियर वाला. एंगल आ गया था तो उसके बाद उस चीज प मेरा. फोकस और ज्यादा बढ़ गया कि बिहेवियर बहुत. ज्यादा इंपोर्टेंट है इन्वेस्टिंग में राद. देन सिर्फ नॉलेज होना हम एंड सबसे ज्यादा.
पैसे कहां बने विच सेक्टर या कु स्टॉक में. आपने कमाया था सबसे ज्यादा अ कंज्यूमर. कंपनीज है जैसे अगेन आई डोंट वांट. टू व यू कैन टॉक अबाउट योर बिगेस्ट विनस. ना कभी तो बना तो अ देखिए. इसमें स्टोरी मैं बता सकता हूं आपको. अ कि कैसे हुआ था हम टेल मी. तो जब मेरा बेटा ढाई साल का था हम तो उसको.
मैंने एक दिन बर्बन बिस्किट दिया खाने के. लिए अब उसके पहले तक वो कभी अ कुछ बोलता. नहीं था जो हम देते थे वही खाता था अब. अगले दिन फॉर द फर्स्ट टाइम ही सेड कि. मेरे को ये. चाहिए तो मैंने बोला ये तो एक दिन में. इसने टेस्ट एक्वायर कर लिया मैं तो 30 साल. से बर्बन खा रहा हूं मैं बैक हिस्ट्री में. चला गया कि हां मैं तो खा रहा हूं हम मैं. मैं बचपन से खा रहा हूं वही टेस्ट एक्वायर. कर लिया इट मे नॉट बी द बेस्ट बिस्किट इन. द वर्ल्ड लेकिन बचपन से खा रहा हूं वो.
टेस्ट एक्वायर कर लिया मैं आज तक खा रहा. हूं वहां से बस इंटरेस्ट मेरा जगा तो मैं. रिसर्च करने लगा फर्द ब्रिटानिया पे फिर. ब्रिटानिया प मैंने रिसर्च की उनकी. होल्डिंग कंपनी है पेरेंट कंपनी बीबीडीसी. करके या तो उस समय वो काफी डिस्काउंट प. ज्यादा ट्रेड कर रही थी. तो मैंने खरीद लिया था उस समय उसके बाद. कुछ डेढ़ दो साल में वो पांच गुना हो गई. नाइस तो वैसा है ब हा ठीक है. अगेन आप अगर कोई इवेस्टमेंट करते हैं तो.
आपको सभी चीजें देखनी चाहिए टेल मल्टीपल. क्या करता है तो मल्टीपल इ स्पेंड. वेस्टिंग. प्लेटफॉर्म च हेल्प्स पीपल टू इन्वेस्ट इन. म्यूचुअल फंड डायरेक्ट म्यूचल फंड्स में. निवेश करवाते हैं उनके नीड्स वांटस. सेविंग्स सभी के लिए कैसे करवाते हैं. स्पेंड वेस्टिंग क्या होता है स्पेंड. वेस्टिंग इ इन्वेस्ट टू स्पेंड तोय हमने. कॉइन किया है इन्वेस्ट टू स्पेंड हां.
क्योंकि जैसे मैंने आपको दिखाया था पहले. भी इस चार्ट में कि लोग आज की तारीख में. जो कर रहे. हैं वो. सिर्फ या तो बैंक में पैसा रख रहे हैं या. फिर क्रेडिट ले रहे हैं तो उसको और. एफिशिएंटली कैसे किया जा सकता है तो. इन्वेस्टमेंट्स के थ्रू किया जा सकता है. ऑफकोर्स सही इन्वेस्टमेंट होना चाहिए ऐसा. नहीं है कि सब कुछ स्मल कैप में डाल दिया. डेट फंड सही है वहां प डेट फंड होगा जहां. प लॉन्ग टर्म के लिए इक्विटी फंड सही है. वहां प इक्विटी फंड होगा वो हमारी.
जिम्मेदारी है बताना बेस्ड ऑन जो आप. इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करते हो तो यह जो और. किस तरह से कर सकते. हैं किस चीज के लिए कर सकते हैं अब सभी. चीज तो आप प्लान नहीं कर सकते लेकिन कुछ. चीजें आप प्लान कर सकते हो क्योंकि अगर. आपको समर में ट्रेवल करना है जो शादीशुदा. है बच्चे हैं स्कूल चल रही है वही समय. मिलता है दो महीने का विंडो तो उसके लिए. आपने एक ट्रेवल प्लान बनाया उसमें हमने. आपको एडवाइस किया कि कौन से फंड में आपको.
इन्वेस्ट करना चाहिए अभी के कंडीशंस के. हिसाब से आपके रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से. प्लस जो ब्रांड्स हैं हमारे साथ पार्टनर्स. हैं मेक माय ट्रिप है इज माय ट्रिप है. उनसे आपको बेनिफिट मिल रहा है हम अब जब. आपका इन्वेस्टमेंट शुरू हुआ एसआईपी शुरू. हुई हर महीने जा रही है उसके बाद में एट द. एंड ऑफ द पीरियड जब आपका गोल कंप्लीट हुआ. तो आपको ये रिटर्न तो मिल ही रहा है अब. रिटर्न कितना हो सकता है ये तो जैसे मैंने. बताया सारे फैक्टर्स पर डिपेंड करेगा कभी. 7 पर भी होगा क्योंकि सेफ्टी लिक्विडिटी.
रिटर्न्स इस तरह से हम. प्रायोजक तो आज वैल्युएशन जब रिच है तो आज. मैं 6 महीने के गोल के लिए डेट फंड दूंगा. आपको या एक साल के गोल के लिए भी डेट फंड. दूंगा लेकिन जब वैल्युएशन रीजनेबल थे. दो-तीन साल पहले उस समय हमने एक साल के. गोल के लिए हाइब्रिड फंड भी दिया होगा. मतलब नॉट 100% हाइब्रिड लेकिन कुछ एक. हाइब्रिड फंड एक डेड फंड दे दिया इफेक्टिव. आपका 15 20 पर इक्विटी एक्सपोजर है लोगों. का उन स्कीम्स में रिटर्न समय 161 पर. रिटर्न बना लोगों का स्कीम्स में आज 7 %.
डेट फंड में बनेगा तो रिटर्न आपका वुड. रेंज बिटवीन यू नो दिस परसेंटेजेस गट इट. तो इंस्टेड ऑफ कीपिंग मनी इन द बैंक आपको. 3 पर की जगह बेहतर रिटर्न मिल रहा है. सेफ्टी लिक्विडिटी को ध्यान में रखते हुए. प्लस जब आपका गोल कंप्लीट हो रहा है तो उस. समय आपको ऑफर मिल रहा है विदाउट एनी कैप. राइट किससे ऑफर मिल रहा ब्रांड पार्टनर से. जैसे अगर आपने अभी लाख र का माल ड्यूस. जाने का गोल बनाया आपको 00 % आपको मिल रहा.
है होटल्स. पर हॉलिडे पैकेज प होटल्स आप बुक कर उस %. मिल रहा है 000 आपको मिल रहे हैं. डिस्काउंट ये सिर्फ ट्रेवल के लिए ट्रेवल. के लिए है कि और भी कहीं नहीं नहीं मैं. खुद यूज करता हूं मेरे बेटे के लिए थलन के. लिए क्योंकि वो फुटबॉल खेलता है तो कुछ ना. कुछ उसे चाहिए होता है कभी जूते कभी. फुटबॉल कभी कुछ और कैसे बनाते हो मतलब यूर. टेलिंग मी कि मैं आज अगर मुझे ट्रेवल करना.
है हां तो मैं ओबवियसली ट्रेवल ऐसा एक. एक्सपेंस है जो में मैक्सिमम लोग ऐसा नहीं. करते कि चलो आज करना है तो कल ही उड़ के. चल लिए राइट यूजुअली लोग छ महीने साल भर. प्लान करते हैं अगर बड़ा ट्रेवल हो लोगों. को पता होता है कि मैं आने वाले एटलीस्ट. सिक्स मंथ्स का तो रहता है अगर इंटरनेशनल. ट्रिप हो. राइट तो आप बोल रहे हो कि इंस्टेड ऑफ मी. वेटिंग की जब वो दिसंबर आएगा मैं तब ही. लेके पैसे निकल जाऊं मैं आज से हर महीने.
कुछ पैसे इन्वेस्ट करने लग जाऊं उस. पर्टिकुलर गोल के लिए तो अगर नेक्स्ट ईयर. मुझे जुलाई में मेरे बर्थडे पर अगर ट्रिप. लेनी है तो मैं उसके लिए आज से प्लान करूं. कि र अगले साल मुझे हो सकता है ती लाख. खर्चा करना पड़े मुझे क्योंकि बिल्कुल. लेट्स से आई डों नो ब्राजील जाना है. एग्जांपल तो ₹ लाख मुझे सेव करने पड़ेंगे. और मैं वो आपको बता दूं कि ट्रैवल के लिए. कर रहा तो क्या मुझे सी टाइम प चूज करना. पड़ेगा मेरा ट्रेवल पार्टनर भी आप टैग कर.
सकते हैं लेकिन आपको कोई कंपल्शन नहीं है. क्योंकि जैसे मैंने कहा मल्टीपल फ्रीडम के. बारे में है आपको फाइनेंशियल फ्रीडम भी. मिले और आपकी स्पेंडिंग में भी आपके पास. चॉइस रहे मैं आपको ट्रैप में नहीं फंसा. रहा हूं कि चलो आपके पास इतने पॉइंट है अब. आपको इसको इसके लिए ही यूज करना है वैसा. नहीं है उस आप पार्टनर को टैग कीजिए आप. इंटरेस्ट एक्सप्रेस कीजिए क्योंकि हो सकता. है कि उससे रिलेटेड कुछ कल को और अच्छा. ऑफर आए तो हम आपको वो हां तो पार्टनर को. हम डाटा नहीं प्रोवाइड कर रहे आपका ओके.
लेकिन हां अगर हम बोलेंगे कि 30 लोग हैं. जिनको इंटरेस्ट है मलज में आप कुछ अच्छा. ऑफर दे सकते हैं तो विच इज एंड ये किन-किन. चीजों के लिए यूज कर सकता हूं एक ट्रैवल प. मैं पैसे बचा सकता हूं यूज करके ट्रेवल है. शॉपिंग मैंने जैसे बताया तो शॉपिंग में. अगेन हमारे पास अलग-अलग ब्रांड्स के ऑफर्स. हैं डिथ लन है लाइफस्टाइल है वेस्ट साइड. है amazononline.in. ऑप्शंस है शॉपिंग यूजुअली बहुत प्लान नहीं.
होती मतलब एटलीस्ट इन मा बकुल बिल्कुल. नहीं सिर्फ शॉपिंग नहीं बहुत सारी चीजें. जो प्लान हो सकती है वो भी लोग प्लान नहीं. करते और ये चीज हमें रिलाइज हुई और इसीलिए. हमने एक एडिशन किया ओपन स्पिड वेस्टिंग. गोल कई लोग सेव करना चाहते हैं ऐसा नहीं. है कि वो सभी लोग क्रेडिट लेके तो नहीं जा. रहे आज जो खर्चा इंडिया के लोग कर रहे हैं. सभी चीजों पे नीड्स पे भी वांट्स पे भी. उसमें से 10 पर क्रेडिट कार्ड से हो रहा. है 90 पर तो अभी भी बिना क्रेडिट करके हो. रहा है तो सेव तो कर रहे हैं लोग पर वो. पैसा कहां रख रहे हैं बैंक में पड़ा है.
राइट तो गोल्स है लोगों के कुछ ना कुछ सेव. भी कर रहे हैं अपो नहीं किया होगा कि हा. मेरे को इसको ट्रेवल के लिए करना है वैसा. नहीं किया होगा लेकिन सेव कर रहे है तो. क्यों ना वो सेविंग आप मल्टीपल पे करो. हमारे ओपन वेस्टिंग गोल में करो तो आपको. बैंक से बेहतर रिटर्न मिल रहा है और. साथ-साथ में आपको ब्रांड बेनिफिट भी मिल. रहा है जब आप यूज करना चाहते हैं अच्छा अब. ये ओपन स्प वेस्टिंग गोल में क्या है क्या. आपको कोई पर्टिकुलर कैटेगरी में करना है.
नहीं आप किसी भी कैटेगरी के लिए यूज कर. सकते हैं ट्रेवल के लिए भी कर सकते हैं. शॉपिंग के लिए भी कर सकते हैं गैजेट के. लिए भी कर सकते हैं तो जब आपको उस समय जब. खर्चा करना है तो आप उसमें डिप कर लीजिए. इंस्टेड ऑफ सेविंग्स अकाउंट और प्लस. ब्रांड बेनिफिट भी ले लीजिए जो उस समय. अवेलेबल है तो ये चीज हमें रिलाइज हुई कि. बहुत से लोग प्लान नहीं करना चाहते या. नहीं कर पाते फॉर वेरियस रीजंस तो उसके. लिए कि चलो कम से कम आप सेविंग तो बेहतर. करो और उसके बाद जब जरूरत हो तो ब्रांड. ऑफर भी ले लो गट इट और सबसे ज्यादा अभी. आपके प्लेटफॉर्म पर लोग किस चीज के लिए.
यूज करते हैं सो ट्रेवल शॉपिंग गैजेट्स. ज्वेलरी ये चार है इंश्योरेंस के लिए भी. लोग करते हैं. सेव बा इन सब के लिए नहीं होता गोल्स होते. हैं लेकिन मैक्सिमम जो हम देख रहे हैं इन. चार पांच कैटेगरी में लोग कक बहुत. इंस्टेंट भी है मतलब नॉट लाइक इंस्टेंट. नहीं बोलूंगा बट वेरी शॉर्ट टर्म हां मतलब. छ महीने आ महीने 10 महीने में लोग. करना चाहते हैं शॉपिंग के गोल और थोड़े. शॉर्ट टर्म होते हैं तीन चार महीने के ही.
होते हैं अभी जैसे दिवाली आ रही है तो कई. लोगों ने दिवाली के लिए फेस्टिवल के लिए. अपनी शॉपिंग के लिए सेविंग कर रखी. है स ट्रेवल एंड शॉपिंग आर द मेजर वनस. ट्रेवल एंड शॉपिंग एंड ज्वेलरी भी है. क्योंकि ज्वेलरी भी लोग लेना चाहते हैं और. ज्वेलरी में तो वो बिहेवियर पहले से है भी. कई सारे ज्वेलर्स वो ऑप्शन प्रोवाइड करते. हैं कि आप 10 महीने तक सेव करो फिर 11. महीने में आपको एक ज्वेलरी लेनी है तो 10. महीने की इंस्टॉलमेंट पे करके 11 महीने के. इंस्टॉलमेंट के बराबर आप ले लो तो ये सब. चीजें स्कीम्स पहले से चल रही है ज्वेलरी.
सेक्टर में ओके मैं जब पडी से बात कर रहा. था लास्ट टाइम हां उन्होंने बोला क्रेडिट. कार्ड भी इज समथिंग जो गलत हो रहा है हम. लोगों के साथ हां सो व्हाट डू यू मीन बायट. लाइक आई लव क्रेडिट कार्ड्स मेरे को बहुत. पसंद है पर्सनली आई लव इट हां तो आप बताइए. आप क्यों लव करते हैं फिर मैं बताता हूं. हा मतलब मुझे मुझे लगता है बहुत ही अच्छी. चीज है अगर आप उसे ढंग से मैनेज करो एंड. स्पेशली अब सारी एप्स वगैरह आ गई जो एक मि. आपको इंटरप्ट करूंगा मैं आपने कहा ढंग से. मैनेज करो राइट ढंग से बिल सही पे टाइम पे.
भरो और अपना जितनी क्रेडिट लिमिट है उसका. आधा ही खर्चा कर ो तो बढ़िया काम तो राज. आप और मैं और हमारे जैसे कई लोग शायद आउट. लायर्स होंगे हम जो डिसिप्लिन मेंटेन कर. पाए मैक्सिमम लोग डिसिप्लिन मेंटेन नहीं. कर पाते हैं तो ये जो ढंग से आपने कहा ना. ये एक बहुत बड़ा ऑपरेटिव वर्ड है इस पूरे. इसमें तो देखिए क्रेडिट कार्ड एक पेमेंट. इंस्ट्रूमेंट के लिए अच्छा है कन्वीनियंस. प्रोवाइड करता है ऑफकोर्स आज तो बहुत.
ज्यादा और भी कन्वीनियंस है डेबिट कार्ड. भी है यूपीआई भी है तो कन्वीनियंस का जो. प्रॉब्लम एक ओरिजनली क्रेडिट कार्ड सॉल्व. कर रहा था वो कई और तरीके से भी हो रहा है. तो फिर भी क्यों लोग अट्रैक्ट हो रहे हैं. फिर भी आप क्यों अट्रैक्ट हो रहे हैं आप. बताइए क्यों अट्रैक्ट हो रहे रिवा. रिवार्ड्स के लिए एटली राइट क्योंकि. पॉइंट्स बनते हैं रिवार्ड्स बनते हैं कुछ. तो एंड में कहीं ना कहीं मुझे मिल ही जाता. है उससे राइट तो जो रिवार्ड्स है उसके लिए. लोग अट्रैक्ट होते हैं अब वही मैं बता रहा. था कि वो रिवार्ड्स क्या आपको फ्रीडम. प्रोवाइड कर रहे हैं या आपको एक ट्रैप में. ले जा रहे हैं कि वो जो रिवार्ड्स मिल रहे.
हैं रिवॉर्ड पॉइंट्स मिल रहे हैं उससे. मुझे यूज करना है क्या उसके वजह से मैं. एक्स्ट्रा खर्चा कर रहा हूं मैं अपना. एग्जांपल बताता हूं जो कि मैं कह रहा हूं. कि मैं हाईली डिसिप्लिन हूं मैंने भी कि. है ये चीज राइट कि रिवॉर्ड पॉइंट्स थे जो. मुझे क्रेडिट कार्ड से मिले थे तो 10000. की जगह मैंने 25000 का होटल बुक कर लिया. ठीक है 25000 वाला मुझे 125 में मिला हम. कम में मिला तो तो मैंने एक्स्ट्रा स्पेंड. किए राइट अच्छा अब सा स्पेंड करके मैं उस.
होटल में जब जा रहा हूं 25000 वाले में. खाना तो खाऊंगा वहां प कुछ तो एक्स्ट्रा. स्पेंड करूंगा कुछ तो एक्स्ट्रा चीज वहां. पर करूंगा तो अब सर जब मुंडवाना है तो. पूरा मुंडवा थोड़ी करेंगे. तो का 5000 हो गया तो बिल्कुल तो ये प्लस. क्या है कि देखिए जब आप कैश में वापस लेते. हैं वो रिवर्ड पॉइंट तो आपको मिलता है 25. पैसा लेकिन अगर आप वही किसी और स्पेंड के. लिए यूज कर रहे हैं तो आपको एक रुप मिल. रहा है अब वो स्पेंड आपको करना था तो.
अच्छी बात है जैसे मैंने कहा कि इन्हेरेंट. वांट्स भी होती है लेकिन क्या उसकी वजह से. आप ज्यादा कर रहे हैं अब ये सब चीजें क्या. साइकोलॉजिकली सबकॉन्शियसली होती है ठीक है. जब तक आप डीप सोचोगे नहीं आप शायद रिलाइज. भी नहीं करोगे कि शायद आप ज्यादा कर रहे. हो क्या शायद मैं एक वीकेंड ट्रिप प जाने. वाला था उसकी जगह क्योंकि मेरे पास. रिवॉर्ड पॉइंट है तो मैंने दो तो नहीं कर. ली अभी एक और एग्जांपल मैं बताता हूं कि. अभी कार्ड है एंड ये कैसे नेक्स्ट जनरेशन. में भी इस का इंपैक्ट आप देख सकते हैं अब. जब हम छोटे थे तो कुछ चीजें अगर लेनी है.
स्पेशली अगर इंपल्सिव बाय है राइट तो. पेरेंट्स बोल सकते थे कि चलो अभी मंथ एंड. पे यू नो हम देखेंगे अभी तो फिलहाल नहीं. है कैश वगैरह नहीं है अब हमारे बच्चों को. तो पता है कार्ड है ठीक है वो बोलेगा अभी. चलना है अभी ये लेना है अब मुझे पता है वो. इंपल्सिव बाय है ठीक है लेकिन मैं उसको वो. सब रीजन नहीं दे सकता फाइनेंशियल रीजन तो. बिल्कुल नहीं दे सकता उसको पता कार्ड से. हो जाएगा उसको पता है कार्ड से हो जाएगा. मैं उसको बोलूंगा कि नहीं मैं ठीक है. आऊंगा बाद में आऊंगा करूंगा य नहीं नहीं.
ठीक है मैं मम्मी के साथ चले जाता हूं. मम्मी के पास भी कार्ड है तो वो इंपल्सिव. परचेसेस जो है वो. डेफिनेटली बहुत से लोग करते हैं बाद में. रिग्रेट भी करते हैं ये हमारे यूजर्स ने. भी हमें बताया है कुछ यूजर्स ने जो. इंपल्सिवली पहले स्पेंड कर रहे थे. उन्होंने बताया कि जब हम इस तरीके से करने. लग गए सेविंग करके तो कई सारे हमारे जो. इंपल्सिवली हम पहले करते थे चीजें वह कम. हो गई है हम सो डेफिनेटली एक ड्रॉ बैक यह.
है कि कभी कभार क्योंकि आपके पास कार्ड है. और आपको पता है कि लिमिट है और आपको खर्चा. नहीं करना है तो ला चलो देख लेंगे देखले. वाला एटीट्यूड की वजह से आप काट देते हो. कि अगर कैश नहीं है आपके जेब में पैसे. नहीं है आपके अकाउंट में पैसे नहीं है तो. भी आप कर देते हो कि भाई अगले महीने तो आ. तो यही तो ये जो मैं दो आपको इश्यूज बता. रहा हूं यही है एक तरफ है हमारे ये खतरों. के खिलाड़ी जो कहते हैं देख लेंगे जो होगा. बाद में राइट ंग वाला हो गया दूसरा है कि. इंपल्सिव परचेसेस वाला हो गया तीसरा है कि.
आप जब रिवॉल्वर बन जाते हो कोई भी कारण से. तो इंटरेस्ट पेमेंट आप बहुत हाई कर रहे हो. हां मिस पेमेंट्स भी कभी-कभी होते हैं अब. जैसे मेरे साथ भी हुआ एक बार पेमेंट मिस. हो गया तो अब जो मिस पेमेंट चार्जेस लगे. लगा कि जो बेनिफिट मिलना था फ्री क्रेडिट. पीरियड से पूरे साल का फ्री क्रेडिट. पीरियड का बेनिफिट तो एक साथ चला. गया अब उसका भी कुछ लोग बोलेंगे सलूशन है. ऑटो डेबिट आप लगा दो अब ऑटो डेबिट में एक. बार मेरे साथ क्या हुआ कि फ्रॉड हो गया.
मेरे कार्ड पे किसी ने पेमेंट कर दी कैसे. क्लोन किया क्या किया भगवान जाने है और. आपके ऑटो डेबिट में भर ऑटो डेबिट में चला. गया वो अब फिर मुझे बैंक से झगड़ना पड़ा. ठीक है मतलब हर चीज के दोनों पहलू होते. हैं तो जैसे मैंने कहा पेमेंट के लिए आप. मल्टीपल पे भी क्रेडिट कार्ड यूज कर सकते. हैं आप सेविंग कीजिए बेनिफिट लीजिए बेटर. डिस्काउंट लीजिए फिर जब पेमेंट करना है. ब्रांड से परचेस के लिए उस समय आप क्रेडिट. कार्ड यूज कर लीजिए ए पेमेंट इंस्ट्रूमेंट.
तो आपको जो रिवर्ड पॉइंट्स मिल ने हैं वो. आपको मिल जाएंगे एक एग्जांपल मैं बताता. हूं कि कैसे ये बेटर कैसे है गणित क्या है. इसमें जो है कि क्रेडिट कार्ड में जो लोग. कर रहे हैं जैसे मैंने कहा कि क्रेडिट. कार्ड का पैसा कहां से दे रहे हैं. सेविंग्स अकाउंट में रख रहे हैं उसमें. आपको 4 पर मिल रहा है आप मल्टीपल में. मैंने जो एस इलस्ट्रेशन लिया है 8 पर लिया. है जैसे मैंने बताया रेंज अलग-अलग स्कीम. के हिसाब से जो भी एलोकेशन है उसके हिसाब. से स्कीम्स का जो परफॉर्मेंस है वो कम. ज्यादा होता है लेकिन एक रीजनेबल अगर हम.
इलस्ट्रेशन के लिए ले रहे हैं अब पीरियड. है वो 10 महीने का है अब क्रेडिट कार्ड. में भी आपको ऑफर मिल रहा है राइट जैसे. मैंने बताया आप हॉलिडे ले रहे हैं कश्मीर. की 1 लाख की हम आपको 000 का डिस्काउंट मिल. रहा है ठीक है हो सकता है वो प्रेजेंट. किया जा रहा हो कि आपको 15 पर मिल रहा है. लेकिन कहीं ना कहीं मोस्ट ऑफ द केसेस में. 000 मिले 000 पे कैपिंग आ जाती है ठीक अभी. अगर आप सुपर प्रीमियम कार्ड्स की बात कर. रहे हैं जो शायद आपके पास होगा तो वो. थोड़ा सा एक्सेप्शन हो सकता है लेकिन.
मेजॉरिटी ऑफ जो कार्ड्स हैं क्रेडिट. कार्ड्स उसमें ये दिस विल होल्ड. ट्रू अब मैं फ्री क्रेडिट पीरियड भी 50. दिन का ले रहा हूं ऑन एन एवरेज 50 दिन. नहीं होगा राइट हो सकता है आपने वो परचेज. पा दिन पहले भी किया हो आपके बिल साइकिल. के पर मैं 50 दिन का ले रहा हूं तो जो. मेरा रिटर्न बनके आ रहा है वो 23 पर आ रहा. है हम अब मल्टीपल में जैसे मैंने आपको. बताया सेम हॉलिडे आप एक लाख रुप आप करने. हैं आपने जमा किए 10 महीने तक आपको एक.
सर्टन रिटर्न मिला उसके अलावा ब्रांड से. आपको 12 पर मिल रहा है डिस्काउंट स्ट्रेट. अवे विदाउट एनी कैपिंग एनलाइज जो आपका. रिटर्न बन रहा है व 40 पर बन रहा. है ये सिर्फ ट्रेवल के लिए ट्रू है ना हर. स्पें हो अलग अलग नहीं हर स्पेंड में ये. हमने कैलकुलेशन करके देखे हैं यहां पर मैं. लाया एक एग्जांपल हूं हर में कैटेगरी में. कहीं पर कम बेनिफिट होगा कहीं पे ज्यादा. होगा लेकिन मल्टीपल विल ट्रंप दैट बिकॉज. ऑफ द टू रीजंस जो मैंने बताया आपको कि एक.
तो सेविंग्स की जगह आप उसको बेटर इन्वेस्ट. कर रहे हो राइट दूसरा जो ऑफर भी मिल रहा. है मल्टीपल में एक तो आपके पास कंपल्शन. नहीं है दूसरा जो ऑफर मिल रहा है वो ऑफर. अच्छा है इसलिए लोग ले रहे हैं राइट आज हम. तो फोर्स नहीं कर रहे किसी को लेकिन फिर. भी लोग क्यों ले रहे हैं क्योंकि ऑफर. अच्छा मिल रहा है उन्हें तो जब आप दोनों. बेनिफिट को ऐड कर दो जो रिटर्न प्लस जो. ब्रांड बेनिफिट है हम तो देन इट वर्क्स. आउट मॉनिटरिली आल्सो बेटर फॉर यू अपार्ट.
फ्रॉम द साइकोलॉजिकल एस्पेक्ट्स ऑफ नॉट. फॉलिंग इन अ यू नो इंस्टेंट ग्रिफिन ट्रैप. और इंपल्सिव बाइंग ट्रैप वो तो एक. साइकोलॉजिकल एस्पेक्ट है व्हिच ऑफकोर्स एक. इंपैक्ट उसका आपके फाइनेंस पे भी होगा ही. इवेंचर अगर मैं मल्टीपल पे आता हूं तो. मेरे लिए बेनिफिट इज गो बी कि ओके जो मैं. मेरा अगर मैं हर महीने ₹1 कमाता हूं और ₹. में ₹ अगर मैं इन्वेस्ट कर रहा हूं तो वो. 0 किस तरीके से इन्वेस्ट हो रहे हैं कहां. इन्वेस्ट हो रहे हैं और वो अगर मेरा कोई.
गोल बनता है कभी भी या ओपन भी रहता है तो. उसको आप सही तरीके से कैसे यूज कर रहे हो. और मेरे को जब भी गोल चाहिए मेरे को ओपन. से किसी एक स्पेसिफिक गोल पे जाना है मैं. शिफ्ट कर देता हूं तो यू विल मेक श्यर कि. मेरी प्रोबेबिलिटी वो गोल अचीव करने की. एकदम 100% 100% क ओके आई वाना टेक दिस ट द. लास्ट सेगमेंट एंड कपल ऑफ थिंग्स मेरे को. पूछनी है मैंने जब आपके बारे में पढ़ रहा. था मैंने पढ़ा कि आप मैक्रो इकोनॉमिक. एनवायरमेंट काफी पढ़ते हो रिसेंटली कहां.
पर आपका सबसे ज्यादा टाइम जा रहा है व्हाट. आर यू रीडिंग व्हाट आर यू सीइंग अराउंड द. वर्ल्ड क्या चल रहा है कैन यू सी किय चेंज. ऑफ वर्ल्ड ऑर्डर की जो बात कर रहे हैं. क्या ये होने वाला है देखिए मुझे लगता है. अपने लाइफ टाइम में होगा अब कब होगा किस. तरह से. होगा वो टाइमलाइन और क्वांटम जज करना. मुश्किल है जैसे मिडिल ईस्ट है राइट अब दो. मेजर अगर चीजें इस साल के लिए अगर देखना. है हमें दो चीजें जिस पे नजर रखनी है एक.
है मिडिल ईस्ट में क्या चल रहा है दूसरा. है यूएस के इलेक्शंस हम क्योंकि यूएस. इलेक्शंस में कौन जीतेगा उसके हिसाब से. देयर कुड बी रिपर कशंस राइट जैसे जैसे. क्या अगर दो जैसे मैं एग्जांपल देता हूं. पिछले पिछले बार हु अभी कौन दो कैंडिडेट्स. हैं हां ट्रंप ट्रंप कमला हैरिस एंड हैरिस. राट तो जैसे पिछली बार जब ट्रंप जीते थे. मैं बताता हूं आपको क्या हुआ था मार्केट. में क्या हुआ था अ पिछली बार ट्रंप जीते. हैं तो लाक तो अच्छा आउटसोर्सिंग के खिलाफ. है बहुत ज्यादा इसका इंपैक्ट नेगेटिव होगा.
इंडियन आईटी सर्विसेस सेक्टर पे. लेकिन ठीक है मार्केट फिर उसको मैग्नीफाई. भी कर देता है बहुत ज्यादा लेकिन उस समय. सारे आईटी स्टॉक करेक्ट हुए थे ठीक है वो. बाद में रिकवर भी हो गए क्योंकि आज यूएस. के लिए भी इतना इजी नहीं था कि सभी आईटी. सर्विसेस कंपनीज जो काम कर रही है इंडिया. में उनको ओवरनाइट रिप्लेस कर दें लेकिन. डायरेक्शनली क्या वो वो डायरेक्शन लेंगे. अगर लेंगे तो उसका अगले पाच 10 15 साल में. क्या इंपैक्ट होगा तो यह चीजें हैं जो फिर. बाद में अगर हमें डीप में अगर रिसर्च करना.
है बट दिस ईयर तो पीपल आर सेइंग ट्रंप इज. वेरी फॉर इंडिया नॉट अगेंस्ट लाइक दिस इज. रिलेशनशिप एंड स्टंस बहुत काफी डिफरेंट. नजर आ रहा है क्योंकि उसको इंडियन वोट्स. भी काफी. चाहिए ये तो देखिए डेमोक्रेट्स भी करते. हैं डेमोक्रेट्स को भी चाहिए होते है तो. पॉलिटिशियन तो अपने हिसाब से वो. प्रोपेगेंडा बिल्कुल करेंगे जब उनको वोट. चाहिए इंपोर्टेंट ये है कि जितने के बाद. क्या करते हैं पर हु डू यू थिंक कि हमारे. लिए मार्केट में बेटर किसके साथ होगा.
ज्यादा कौन जीतेगा तो हमारे लिए बेटर. [संगीत]. होगा देखिए. ट्रंप हैज बीन प्रो. मार्केट ही अंडरस्टैंड बिजनेस कैपिट ठीक. है वो इलेक्शंस के लिए जो रिटोरिक करें. करें लेकिन ही डज अंडरस्टैंड बिजनेस ही इ. फ्रॉम अ बिजनेस बैकग्राउंड तो मुझे लगता. है कि दैट माइट बी बेटर फर फॉर अस फॉर. मेकिंग इंडिया के लिए भी बाहर के लिए भी. हर किसी के लिए इंडिया के लिए एंड मिडिल.
ईस्ट में क्यों नजर रखनी चाहिए मिडिल ईस्ट. में जो देखिए क्राइसिस तो चल रही है पिछले. आ 10 महीने से जब से हमास का अटैक हुआ था. तब से अब रिसेंटली भी वापस जो. उनके चीफ थे उनको एसिनेट किया गया था. रिसेंटली अगर मिडिल ईस्ट पर इसलिए हमें. नजर रखनी चाहिए क्योंकि मिडिल ईस्ट का एक. इंपैक्ट होता है ऑयल प्राइस पर और ऑयल. प्राइस हमारे लिए इंडिया के लिए आज भी.
इंपोर्टेंट है क्योंकि आज भी हम काफी हद. तक तेल बाहर से लेते आयात कर रहे हैं. इंपोर्ट कर रहे हैं तो वो एक कारण है. दूसरा है कि पॉलिटिकली उसके वजह से क्या. चेंजेज आएंगे वो आज मैंने अभी तक डीप में. स्टडी नहीं किया है कि पॉलिटिकली उसकी वजह. से क्या चेंज आ सकते है अगर कुछ रपट होता. है लेकिन हां अगर कुछ ज्यादा बढ़ता है. मामला जैसे अभी एसिनेट के बाद में कुछ और. काउंटर अटैक्स होते हैं या यूएस ने भी. जैसे कुछ वरशिप्स भेजे हैं कुछ ही. एस्केलेट होता है ईरान भी अगर आता है. इसमें तो उसका क्या इंप्लीकेशंस हो सकता.
है वो फिर समझना पड़ेगा फेर वेल दैट सम्स. अप लाइक ऑलमोस्ट ऑल क्वेश्चन फॉर मी थैंक. यू सो मच फॉर स्पेंडिंग सो मच टाइम विद मी. थैंक यू सो मच थैंक यू थैंक यू राज सब. बताने के लिए डिफरेंस बताने के लिए अपने. ओपिनियन बताने के लिए लवली टॉकिंग टू यू. थैंक यू डन थैंक यू वेरी मच थैंक यू सो. मचय एपिसोड एंड तक देखने के लिए प्लीज. हमें कमेंट्स में बताइए कि और कौन से से. गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते आते हैं इस. पॉडकास्ट पर ताकि हम उन्हें लाएं और आप ही. के सवाल उनसे पूछे ताकि आपको और भी ज्यादा.
वैल्यू मिले जाने से पहले यह एपिसोड किसी. एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना जिसकी. लाइफ में इससे एक पॉजिटिव चेंज आएगा. उन्हें कुछ लाइफ में सीखने को मिलेगा और. आगे बढ़ने का रास्ता दिखेगा क्योंकि एक. कन्वर्सेशन किसी की पूरी लाइफ चेंज कर. सकता है उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखा. सकता है एंड उन्हें बहुत सारे आइडियाज दे. सकता है सो प्लीज ये एपिसोड किसी एक इंसान. के साथ शेयर कीजिए जिनको आपको लगता है कि. उनकी लाइफ में एक बेटर चेंज आएगा आई विल. सी यू नेक्स्ट टाइम.
अंट्स क्राइब दिस चैनल. [संगीत].
