Human Trafficking, Child Crime, CBI Raid, S*xual Exploitation - Ex DIG In CBI | FO 221 Raj Shamani
हिंदुस्तान के 100 शहरों से 50 लाख लोग. इंटरनेट चले गए थे चाइल्ड पोनोग्राफी. खोजने के लिए। क्या ऑब्सेशन है चाइल्ड. पोर्नोग्राफी से लोगों को? 90% ऑफ दिस. पीपल जो इसमें एक्यूज़ बन जाते हैं उनका. बचपन में ही पैरेंटल केयर नहीं होगा या. पेरेंट्स भी इसमें इन्वॉल्व्ड होंगे या. कम्युनिटी क्या गलती है? बहुत सारे. कम्युनिटी में बच्ची को ऑक्शन करते हैं।. बच्ची को फलाना आदमी को दे दिया ₹25,000. में। वो क्या करेंगे? एक दिन, दो दिन उसको. रेप करेंगे। उसके बाद दूसरे को बेचेंगे वो. ₹30,000 में। जो नेक्सेस है पूरा ह्यूमन. ट्रैफिकिंग का स्पेशली सेक्सुअल.
एक्सप्लॉयटेशन कितना बड़ा रैकेट है। मेरा. एंटी ट्रैफिकिंग काम हुआ है। 133 बच्चों. को रेस्क्यू कराया जिसमें 95% बच्चों के. साथ सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन हो चुका था। ओल. सेक्स एंड एनल सेक्स ऑल सॉ थिंग्स।. तो ये अभी भी होता है कि दिस इज ओल्ड।. आगरा में हम आठ साल के सात साल के ऑफन. बच्चों को लाते थे। हार्मोन इंजेक्शन देते. थे। छ महीने के बाद वो सात साल की बच्ची. जो है ले थी 11 साल की होगी। फिर एक. हार्मोन इंजेक्शन देंगे उसको 12 साल 13. साल बना देगा। हार्मोन इंजेक्शन देकर उनको. ट्रैफिक ही मिला है। कई स्टेट्स जो है अभी. भी हाई लेवल ऑफ सोर्स है। देखिए आंध्र.
प्रदेश, तेलंगाना, वेस्ट बंगाल, आसाम तो. फिर पुलिस क्यों नहीं पकड़ सकती? आज का यह एपिसोड स्टार्ट करने से पहले. मेरी एक रिक्वेस्ट है। हमारा चैनल जितने. लोग देखते हैं उसमें से 78% लोग हमें. सब्सक्राइब नहीं करते। सो प्लीज अगर हमने. कभी भी आपको थोड़ी भी वैल्यू दी है, तो इस. चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लो। स्टार्ट. करने से पहले यह एपिसोड। क्योंकि आप जितना. हमें सब्सक्राइब करेंगे, उतना ही यह बड़ा. चैनल होगा। एंड जितना बड़ा यह चैनल होगा, उतने बेहतर एंड इंसाइटफुल गेस्ट हम आपके.
लिए ला पाएंगे। सो प्लीज डू दैट। हर साल. हजारों लोग ह्यूमन ट्रैफिकिंग के शिकार. बनते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि. कैसे ह्यूमन ट्रैफिकिंग के रैकेट्स चलते. हैं? कैसे वो ऑनलाइन इनोसेंट बच्चों को. फंसा देते हैं? क्यों पुलिस अब तक ये. रैकेट स्टॉप भी नहीं कर पाई है? यह सारी. बातें हमने आज के पडकास्ट में डिस्कस करी. है विद आवर गेस्ट डॉक्टर पीएम नायर जो एक. आईपीएस ऑफिसर रह चुके हैं। हमने इसके. अलावा उनसे बात करी कि क्यों इंडिया में.
लोग पुलिस से इतना डरते हैं और कैसे एक. सीबीआई रेड प्लान करती है फिर उसे. एग्जीक्यूट करती है और यह पूरा प्रोसेस. स्टेप बाय स्टेप होता कैसे है। तो यह. एपिसोड एंड तक देखना बहुत ही इंपॉर्टेंट. एपिसोड है। जिधर आपको पता चलेगा कि कैसे. प्लानिंग, प्लॉटिंग, रैकेट्स हर चीज बनती. है। कहां पर हम सक्सेसफुल होते हैं, कहां. पे नहीं होते और पुलिस का एंड सीबीआई का. इसमें रोल क्या होता है। पर यह एपिसोड. स्टार्ट करने से पहले हमारे इस चैनल को.
सब्सक्राइब जरूर कर लेना क्योंकि ऐसी और. इंटरेस्टिंग एपिसोड्स हम आपके लिए लाते. रहेंगे। आप हमें जितना सब्सक्राइब करेंगे, उतना यह बड़ा चैनल होगा और उतने ही बड़े. गेस्ट आते जाएंगे। बिफोर यू स्टार्ट दिस. शो राजमानी क्लिप्स एंड राजशानी श्स को भी. सब्सक्राइब कर लो क्योंकि वहां पर हम इस. बड़े एपिसोड की छोटी-छोटी क्लिप्स डालते. हैं ताकि कम समय में आपको ज्यादा से. ज्यादा नॉलेज मिल पाए एंड इस पूरे एपिसोड. का ऑडियो एक्सपीरियंस स्पॉटिफाई पे. अवेलेबल है। आप हमें वहां भी फॉलो कर सकते. हैं। एंजॉय द शो। [संगीत].
इंडिया में ऐसा क्यों है कि पुलिस से डरती. है नॉर्मल ऑडियंस। जनता को डर लगता है. पुलिस से। या इनफैक्ट अगर आप देखो तो बहुत. सारी वर्ल्ड में जो कंट्रीज हैं मुझे नहीं. पता रियलिटी कितनी है क्योंकि मैं उधर. रहता नहीं हूं। तो आप जब भी इनके वीडियोस. देखोगे तो ऐसा लगता है कि जब भी इमरजेंसी. होती है सबसे पहले लोग यू नो पुलिस को फोन. करते हैं और ऐसा समझते हैं हमारा हक है ये. हमें आके बचाएंगे। ये है तो हमें क्या डर.
है? राइट? वर्सेस इंडिया में हर जगह जो. हमारी मूवीज होती हैं या हमारी चीजें होती. है वहां पर थोड़ा सा एक एक नेगेटिव लाइट. में दिखाया जाता है।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब नेगेटिव. लाइट में दिखाया जाता है या तो वो मूवी से. आ रहा है या रियलिटी है इसकी वजह से. रिफ्लेक्शन होता है। तो ऐसा क्यों है कि. पुलिस से डरते हैं लोग। व्हाई डू यू थिंक. इनफैक्ट मैं आपको बताता हूं एक मूवी देख. रहा था रिसेंटली मैं लापता लेडीज हम. उसमें स्टार्टिंग सीन में फर्स्ट सीन में. ही वो बोलता है कि यार जो अपनी ज्वेलरी है. ना सारे जेवर है वो संभाल के रख ले. क्योंकि चोरी नहीं हो जाना चाहिए क्योंकि.
हमारे गांव में एक कहावत है कि अगर. क्या था कि जब भी जब भी चोरी होए तब दो ही. दुख पाना छोटा दुख चोरी बड़ा दुख थाना. [हंसी]. राइट? तो ऐसे बहुत सारी मूवीज में ऐसे. डायलॉग्स होते हैं। रियलिटी में आप लोगों. से पूछो। मैक्सिमम सेंटीमेंट ये होता है. कि यार दूर रहना चाहिए। ना दोस्ती अच्छी. ना दुश्मनी अच्छी। ना दोस्ती अच्छी नहीं. ना अच्छी ना दुश्मनी अच्छी। ये तो सही बात. है। ये तो आई आल्सो फील सही वे।.
ओके।. सही बता रहा हूं। तो अगर पुलिस स्टेशन. मेरे को जाना है तो आई थिंक लास्ट। क्यों? [नाक से की जाने वाली आवाज़]. ये हर इंसान. पुलिस के लायक नहीं है और हर पुलिस इंसान. भी नहीं है। पुलिस आने आते समय नॉर्मली. रहता है वो। उसके बाद एक पुलिस कल्चर में. आ जाता है। पुलिस कल्चर क्या होता है? डेली क्राइम देखते हैं। आप ब्लड देखते. हैं, खून देखते हैं, मारपीट देखते हैं।. झगड़ा देखते हैं। उसको सॉल्व करतेकराते.
उनका दिमाग ही ऐसी उसी में उसी उस लाइन. में पकड़ लेता है। जैसे कॉफी पीने वाला. आदमी कॉफी पीते रहेंगे कॉफी का एडिक्ट हो. जाता है। नशा लेने वाला आदमी नशा लेने के. बाद छोटा ली शुरू करते करते एडिक्ट हो. जाता है।. तो इसमें एक एडिक्शन हो जाता है।. उस वक्त चाहिए क्या? उनको नंबर वन अपने को. चेंज करना चाहिए। को रिफॉर्म करना चाहिए।. उस आदमी को फील करना चाहिए। नंबर टू उनके. जो ट्रेन उनका बॉस लोग हैं उनका भी. दायित्व बढ़ता है। मैं जिला के एसपी एसपी.
है। [गला साफ़ करने की आवाज़] मेरे पास. मान लीजिए 100 सब इंस्पेक्टर है और 20. इंस्पेक्टर है और 15 डीवाई एसपी है। और. मेरे को दे थिंक आई एम द लीडर। आई एम मैं. तो लीडर है ही।. तो उस लीडरशिप का मेरा रेस्पोंसिबिलिटी. पड़ता है कि उनका मानसिक संतुलन ठीक से. रहे। हम्।. तो यह अगर सबसे पहले मेरे को अपना संतुलन. ठीक रखना है। अब उसके बाद उनका भी रखना. है। अब बहुत कम लीडर्स होते हैं पुलिस में. या कोई गवर्नमेंट सर्विस में जो अपने.
कोलीग्स के वेलफेयर के और उनका ओरिएंटेशन. के बारे में ज्यादा सोचते हैं।. ओके।. और सोचना के बाद काम कोई करते हैं। मैं. सीबीआई में था। सीबीआई. [गला साफ़ करने की आवाज़] में 10 साल रह. गया। सीबीआई. चेन्नई में सीबीआई में था। सॉरी. [गला साफ़ करने की आवाज़] राजीव गांधी केस. का हथियार से शुरू करके कई केस किया। एक. दिन तीन चार साल के बाद एक इंसिडेंट हुआ. कि मेरा एक खास इंस्पेक्टर है असिस्टेंट. सब इंस्पेक्टर। वो बोला कि मेरी वाइफ का. डेथ हो गई। कब हुआ? तो कल सुबह हुआ। मैंने.
कहा आप अभी क्या कर रहे हो साहब? अभी तो. आपने ड्यूटी दिया। मैं कल के आऊंगा। अरे. आपकी वाइफ डेथ हो गई। आप यहीं पर आए प्लीज. आप जाओ। देन आई वास ट्राइंग टू. अंडरस्टैंड। मैंने क्या इनका दिमाग क्या. है कि बेचारा वाइफ का डेथ हुआ। वहीं पर. उनको इमीडिएटली जाना चाहिए। मैसेज उनको आ. गया था। एक दो घंटे के बाद बोलता है कि ये. काम खत्म हो रहा है सर। हमने कहा आपको घर. जाना है उसके बाद। हमने कहा जाओ अभी जाओ. सब काम छोड़ दो जाओ।. हम. तो एक तो है पुलिस में ये जो मानसिक. संतुलन खो बैठता है बिकॉज़ इनका इतना. प्रेशर टेंशन होता है ना। सो ये अपने को.
भी हम लोगों को भी चाहिए। यू लुक आफ्टर. फैमिली यू कैन लुक आफ्टर दे वेलफेयर। उसी. में थोड़ा चेंज होने से जो पुलिस माइंड है. हम. व्हिच इज अ नेगेटिव माइंड उसको पॉजिटिव. माइंड करने का प्रयास स्वयं भी करना चाहिए. और अपने समाज उनके यंग लीडर्स को भी करना. चाहिए ये सुधार होगा तभी पुलिस माइंडसेट. जो है चेंज होगा [गला साफ़ करने की आवाज़]. नंबर टू मीडिया आप देखिए ना आपके ऐसा. मीडिया कितना आ गया अच्छा काम करने वालों. को बाहर लाने के लिए उनका पुलिस में क्या.
परेशानी है लोगों को बताने के लिए बहुत कम. बहुत कम 10% से कम अमीर वो है जो अच्छे. काम को हाईलाइट करते हैं। ट्रू. 90% फायदा उनको ये था पुलिस को बना दिया. पुलिस आफ्टर क्रिमिनल्स क्राइम होने के. बाद आ गया बहुत सारे फिल्म नाम नहीं लेना. चाहूंगा क्या-क्या कमेंट पास करते हैं। ये. कमेंट लोगों के दिमाग में दिमाग में बैठ. जाता है। आज छोटे बचपन में भी बचपन को. बोलता है कि खाना खाओगे नहीं तो पुलिस से. पकड़ा देंगे। तो खाना खाओगे तो पुलिस से. पकड़ा देंगे। तो बच्चे के दिमाग में बैठ. गया है कि पुलिस पकड़ने वाला आदमी है।.
हमको पकड़ के जेल भेजने वाला आदमी है। तो. एंड आपको लगता है कि अभी. ज्यादा चेंजेस इसलिए चाहिए क्योंकि प्रेशर. बहुत ज्यादा होता है पुलिस पे। इसकी वजह. से वो रोज-रोज उस एनवायरमेंट में देख के. उस प्रेशर में रह के वो एक सर्टेन. माइंडसेट के हो जाते हैं जिसकी वजह से वो. प्रॉपर्ली या तो फंक्शन नहीं कर पाते हैं. या थोड़े से एंग्री हो जाते हैं या बहुत. जल्दी चीजें उनको निपटाने की लगती है। डू. यू थिंक दैट इज द रीज़न कि और भी कुछ बहुत. सारे रीज़ंस होते हैं जिसकी वजह से. पब्लिक जब जाती है पुलिस के पास तो डर.
लगता है।. सी पुलिस का प्रेशर के बारे में आप. देखेंगे तो पुलिस प्रेशर पड़ती है। जिला. में जहां पोस्टेड है. या उसके सुपरवाइजरी लेवल में जहां पर है. साइड लाइन पोस्ट में कोई प्रेशर नहीं है।. इसलिए 50% पुलिस काम में कोई प्रेशर बोलने. का स्कोप है नहीं। हम्। अब आइए 50% जहां. पे प्रश की बात करते हैं। हमने यह पुलिस. नौकरी एक्सेप्ट इसलिए किया कि हम पब्लिक. सर्विस में काम करना चाहते हैं। जनता की. सेवा करना चाहते हैं।. जनता की सेवा मेरे दिल में दिमाग में है. तो ये प्रेशर नहीं पड़ता है। इनफ आई फाउंड.
अदर वे मेरे को काम से आई फील वेरी. हैप्पी। वर्क इज प्लेशर नॉट प्लेशर।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. वर्क इज प्लेशर नॉट प्लेशर। आप वर्क को आप. प्लशर समझिए ना। आपके पास महिला आ गई है।. महिला को परेशानी है। मैं फर्स्ट से महिला. आके एसपी एसपी था मेरे ऑफिस में आकर के. सारा भाई बोल मेरा बेटा परेशान है।. हम. भोस में बोल थे रवा मेरी बेटी परेशान मेरा. बेटा परेशान है।. बेटा परेशान है। हां.
तो नॉर्मली रिएक्शन होगा। गलत जगह पर आ. गया। चले आओ पुलिस। अब थाना हॉस्पिटल जाओ. अस्पताल जाओ। यही तो बोलेगा ना। मैंने. पूछा बेटा कहां है? घर पर है तो उनके घर. पर चले गए गाड़ी लेकर के तो झोपड़ी है. जैसे झोपड़ी के अंदर गया तो एक कोने में. खाना पकाने का कुछ पड़ा हुआ है एक लड़का. थोड़ा हमटी डमटी चल रहा है मैंने उसको. सलूट किया बच्चे प्रणाम यूनिफार्म में था. वो ख्याल नहीं किया दोबारा बच्चे पुलिस. चाचा का प्रणाम वो 20 सेकंड सलूट करता रहा.
पुलिस चाचा का प्रणाम. देख लिया फिर मैंने पूछा बेटा आपको ए. पुलिस चाचा आपको परेशानी है हम अच्छा वो. परेशानी अंदर है बाहर तो कुछ दिखाई नहीं. पड़ रहा था अंदर है. [गला साफ़ करने की आवाज़] पुलिस चाचा को. देखने दो ठीक है ओके ठीक है हम तो मां के. मुंह में देख रहा था तो मां को मैंने बोला. दीदी आप आ जाओ इसका पट उतार के देखा कि. वहां पूरा बस है घाव है उसके बाद वहां से. मेरा एंटी ट्रैफिकिंग काम व शुरू हुआ.
बच्चे को का ले गए थे कारपेट फैक्ट्री में. वहां मैं 27 बच्चों को ले गया था उनके साथ. इतना बेरहमी से काम करा करके रात में हर. बच्चों के साथ सेक्सुअल एक्सप्लाटेशन होता. था। ये बच्चे का कहानी सुनकर के फिर मैंने. बच्चों को इलाज करा करके ये बच्चे के कहने. के मुताबिक वहां मिपुर जाके उन लोगों को. रेस्क्यू कराया। 133 बच्चों को रेस्क्यू. कराया जिसमें 95 परसेंट बच्चों के साथ. सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन हो चुका था। ओल. सेक्शन एनल सेक्शन ऑल सॉर्ट ऑफ़ थिंग्स।. नाउ ये बच्चे के पास मेन जा नहीं जाते तो.
ये मेरे को पता नहीं चलता। इतना रेस्क्यू. नहीं होता। उनका उनका आगे कारवाई नहीं. होता। कारवाई कब हुआ? जब बच्चे की मां ने. मेल को बोला कि बेटा परेशान है। यह मां ने. नहीं बताया कि मेरे साथ बच्चों के साथ. सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन हुआ। मां को भी. नहीं पता है। आपको आप सेंसिटिविटी की बात. है। आप जब आप कोई पब्लिक आते हैं ना तो यू. अंडरस्टैंड देर पल्स। आपको उनका संवेदनशील. आपको चाहिए उनका पल्ल समझने के लिए। ओके? कमिंग टू योर मैं इस पे वापस आऊंगा। एंड. हम लोग ट्रैफिकिंग की भी बात करेंगे।.
बिहार की बात भी करेंगे। आप हर जगह की बात. करेंगे। बट फर्स्ट आपने ना मुझे बताया कि. आप सीबीआई में थे अ एक केस के लिए राजीव. गांधी के टाइम पे राइट मर्डर अससिनेशन केस. पे तो सीबीआई एक सिंपल वर्ड्स में हमें. समझाओ कि सीबीआई करता क्या है? इतनी बार. हमने सुना है मूवीज में और हर जगह. न्यूज़पेपर्स में हर इंटरनेट पे सीबीआई. सीबीआई सीबीआई सबको लगता है कि इंडिया का. बहुत ही स्ट्रांग कुछ भी केस अगर कहीं से. नहीं हो रहा है तो सीबीआई कैसे चल रहा है?
एक नॉर्मल पब्लिक को सिर्फ उतना पता है।. तो सीबीआई क्या करता है? सीबीआई का मेन. फंक्शन क्या होता है? सीबीआई माने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़. इन्वेस्टिगेशन। भारत सरकार का एक. क्राइम इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी है। अब. एनआईए भी आ गया। एनआईए ऑर्गेनाइज्ड क्राइम. में टेररिस्ट क्राइम में देखते हैं। एनआईए. एनआईए नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी अभी आ. गई। पांच छ साल हो गया। वो भी करते हैं।. तो सीबीआई का मेन रोल एंटी करप्शन में है।. उसके अलावा स्पेशल क्राइम दो विंग उनका. है। ये स्पेशल क्राइम क्या होते हैं?
किताब राजीव गांधी अससनेशन इस तरह का जो. संजय घोष अबेक्शन आसाम का था उस तरह का जो. स्पेशल क्राइम करते हैं वो मर्डर भी हो. सकता है रेप भी हो सकता है उस तरह क्राइम. भी करते हैं। उसके अलावा थर्ड है इकोनमिक. ऑफेंसेस भी देखते हैं। नाउ सीबीआई को केस. लेने के लिए एक तो है भारत सरकार के पैसा. जहां इनवॉल्वड है वहां सीबीआई को जरिस है।. अगर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का पैसा किसी ने. महाराष्ट्र में ले लिया या नागालैंड में.
ले लिया उसने पैसा को गवर्न कर दिया मिसय. कर दिया अब्यूज कर दिया कुछ कर दिया. सीबीआई को वहां केस कर सकते हैं दोनों. स्टेट में नंबर टू जहां पर भारत सरकार के. एम्प्लई है रेलवे एंप्लई बैंक एम्प्लई. वर्सेस गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का है उनके. ऊपर ओरिजिनल जुरिसिक्शन है मगर कोई स्टेट. गवर्नमेंट के एम्प्लई के खिलाफ सीबीआई को. जरिसिक्शन नहीं है महाराष्ट्र के डिप्टी. सेक्रेटरी है महाराष्ट्र के डिप्टी. कलेक्टर है महाराष्ट्र के डीवाईएसपी है उस. सीबीए को जरिस नहीं है। हम. उन पर कुछ केस केस का लेना है तो स्टेट. गवर्नमेंट हैंड ओवर करेगा और जो क्राइम.
नॉर्मली स्टेट में होता है उसका जरिस. स्टेट पुलिस को ही है। इसलिए कि लॉ एंड. ऑर्डर कॉन्स्टिट्यूशन के मुताबिक स्टेट का. स्टेट का है। राजीव गांधी की हत्या हुआ. तमिलनाडु में। तो तमिलनाडु पुलिस ने केस. रजिस्टर किया।. तमिलनाडु पुलिस 21 मई 1991 को राजीव गांधी. की हत्या हुई। तो 21 मई 91 को तमिलनाडु. पुलिस ने केस रजिस्टर कराया इन्वेस्टिगेट. कराया 2 मई को उन्होंने सोचा कि ये सीबीआई. को हैंड ओवर करें 23 दिन में हां जी. एक ही दिन में उन्होंने. हां एक्चुअली क्राइम था एक्सप्लाई देना ही.
इनवॉल्वमेंट फॉरेन एजेंसी का तो है ही तो. 2 उन्होंने फैसला किया उन्होंने. नोटिफिकेशन निकाला 23. [नाक से की जाने वाली आवाज़] को भारत. सरकार ने नोटिफिकेशन ऑथराइज किया सीबीआई. को लेने के लिए ये दोनों नोटिफिकेशन एक. एक्ट है डीएसवी एक्ट बोलते हैं उसके. मुताबिक होता है सेक्शन सिक्स एंड फाइव. में. यह नोटिफिकेशन के बाद ही सीबीआई का हो. सकता है। इस तरह का केस में हम. एक और केस चेन्नई में हुआ था। आरएसएस. बिल्डिंग हिंदू मुनी बिल्डिंग का ब्लास्ट. हुआ था। 94 की बात है। आरएसएस का बहुत.
बड़ा बिल्डिंग है। तीन स्टोरी मकान है।. बहुत बड़ा मकान है। वहां पर उस एंटर. बिल्डिंग को नीचे लाया ब्लास्ट करा के और. 11 आदमी मरे। उसमें 94 में आरएसएस. बिल्डिंग ब्लास्ट उसको हिंदू मुनी बोलते. हैं तमिल में। वहां पर 11 आदमी मरे। हम. तो उस केस का इन्वेस्टिगेशन तमिलनाडु. पुलिस करना था। उन्होंने शुरू कराया। उनको. परेशानियां थी करने के लिए कहता है कि. उसमें हम एक पर्टिकुलर कम्युनिटी के. क्रिमिनल्स है। इनफैक्ट हिंदुस्तान के. सबसे पहला. इस्लामिक टेररिस्ट क्राइम वही है। वही है।.
उस केस को उन्होंने देखा कि उनको परेशानी. है। इलेक्शन जितनातना है। ऑल व्हाट आर. पॉलिटिकल आइडियाज दे हैड। इन्होंने दे. दिया सीबीआई को हैंड ओवर कर दिया। मैं गया. सीबीआई के डीआईजी के रूप में काम करने के. लिए। तो उस तरह के केस में लेने में स्टेट. गवर्नमेंट को हैंड ओवर करना पड़ता है। तो. सीबीआई मतलब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ. इन्वेस्टिगेशन वो केसेस लेता है जिसमें. सेंट्रल गवर्नमेंट का इनवॉल्वमेंट हो या. उनका पैसा इन्वॉल्वमेंट हो या. एम्प्लई. या उनके एंप्लई इन्वॉल्वमेंट हो या इन.
सबके अलावा जो करप्शन से रिलेटेड हो या. स्पेशल क्राइम हो. नहीं ये सेट गवर्नमेंट. [नाक से की जाने वाली आवाज़] हैंड ओवर. करें. और आपको वन ऑफ द मोस्टेंट केसेस इन द. कंट्री आपको मिला था दैट वास राजीव गांधी. अससिनेशन केस राइट वो कैसा क्या केस था. ऐसा कैन यू एक्सप्लेन कि क्या हुआ था. उसमें इतनी बड़ी कंट्री वर्ल्ड की इतनी. बड़ी डेमोक्रेसी उस टाइम पे भी हम मे बी. इफ नॉट वन ऑफ द मोस्ट पावरफुल बट एटलीस्ट. हम लोग ये कंसीडरेबल बड़ी इकॉनमी थे. प्रधानमंत्री जो जहां जो काबिलियत.
प्रधानमंत्री है कमिटेड कमिटेंट केपेबल. प्राइम मिनिस्टर जो डिसिशन लेते हैं एक्स. व डिफरेंट इशू है सही गलत है वो दूसरा. कैंड डिसाइड जो डिसिशन लेते हैं उनको. कभी-कभी लोगों से दुश्मनी लेना पड़ता है. निपटना पड़ता ही तो हर प्राइम मिनिस्टर इस. तरह के जो काबिल प्राइम मिनिस्टर को कुछ. ना कुछ दुश्मनी होते रहते हैं। अभी इसे. पूरा देखिए वर्ल्ड ओवर वर्ल्ड ओवर उस. दुश्मनी को आते समय उनको सिक्योरिटी के. लिए स्पेशल फोर्स बना हुआ है। एसपी जी. उनका सिक्योरिटी के लिए ही बना रखा हुआ. है। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]. तो एसवी जी को अगर काम करने के लिए आप.
देंगे तो एसपी जी अपना काम करेंगे ही।. कभी-कभी ऐसा होता है कि साहब एसपी जी को. भी काम करने नहीं देंगे वाला। नहीं अभी. छोड़ दो मेरा सिक्योरिटी कुछ नहीं होता. है। मैं निकल जाऊंगा। उस वक्त कभी परेशानी. होते होता है। उसमें राजीव गांधी को थट. परसेप्शन ज्यादा ही था। वो थट परसेप्शन. इतना ज्यादा था एलटीटी से क्योंकि. उन्होंने आईपी आईपीएफ केएफ को उन्होंने ही. भेजा है। इंडियन पीस कीपिंग फोर्स को. श्रीलंका उन्होंने ही भेजा है। और इंडियन. पीस कीपिंग फोर्स की तरफ से अच्छा काम भी. हुआ और कुछ गलत काम भी हुआ। कभी सारे.
अट्रोसिटीज हुआ। ये अट्रोसिटीज के बारे. में डॉक्यूमेंटेशन हुआ। तो लोगों को सबको. मालूम हो गया कि अट्रोसिटीज किया। इसलिए. उन्होंने फैसला किया कि अट्रोसिटी वाला. फोर्स को यहां से हटाना है।. तो उन्होंने उनका दुश्मन समझा राजीव गांधी. को। तो एसेंशियली वही बात है। उन्होंने. ट्रेनिंग करा करके लोगों को भेज के काफी. प्लानिंग कराए। एक से डेढ़ साल से हम काफी. काम करतेकराते फाइनली उन्होंने सक्सीड भी. कर दिया।. हम. तो नेचुरली हमारे सिस्टम का वीकनेस था।. उन्होंने यूटिलाइज कराया। तो आपको आप. वीआईपी है। आपका सिक्योरिटी करने के लिए.
हमारे लिए 100 आदमी लगा हुआ है। ये 100. आदमी में हर आदमी हमेशा अलर्ट नहीं रहता. है।. उसको क्या करना है? उसको उसी मौका चाहिए. जो आप में से 10 आदमी अलर्ट नहीं होता है।. वही मौका उसको चाहिए। हम. आप आपका वीकनेस का मौका उठा लिया उसने। तो. यही सिस्टम हुआ हमारे सिस्टम का जो लूप. होल्ड है उसको उन्होंने फायदा उठाए। वहां. पहुंच गया एक शिवरासन एक पास्टर के रूप. में बाइबल लेके बाइबल रखा हुआ है। बाइबल. के अंदर काट करके बाइबल के अंदर पिस्तल.
रखा हुआ है। तो ये बाइबल के अंदर पिस्तल आ. के एक पास पहुंच जाता है। तो बाइबल को. क्यों नहीं चेक किया उस वक्त? बहुत सारे सवाल आपसे कर सकते हैं। ये धानु. आ गई माला पहनाने के लिए। धानु माला लेके. आई थी। धानु का बॉडी को सच नहीं किया।. बॉडी को टच भी करते हुए पता चलता है कि. वहां पूरा बम एक्सप्लोसिव लगा हुआ है। तो. उस तरह का फ्लिस्किंग होना चाहिए था। नहीं. हुआ। तो थोड़ियां बहुत हुई, गलतियां बहुत. हुई इसलिए उनका डेथ हो गया। तो पॉइंट यही. है कि साहब इसमें नेता कई ले लोगों को कई.
प्राइम मिनिस्टर्स को ऑलमोस्ट एव्री. प्राइम मिनिस्टर एक्सेप्ट वेरी फ्यू उनको. बहुत बहुत सीरियस खतरा है। अभी भी है. सीरियस थड परसेप्शन है हमारे प्रधानमंत्री. एंड उसको ऑल ऑफ़ अस है टू बी अलर्ट कि. प्रधानमंत्री अपना है। पार्टी जिसका भी हो. ही प्राइम मिनिस्टर। सो हम लोगों का. पब्लिक का रेस्पोंसिबिलिटी है कि उनका. सिक्योरिटी रख रहे। अब हम लोग भी हमारे. कंट्री में विलेज में प्रधानमंत्री आएंगे. तो हम भी वाश रखें भाई कौन अच्छा आदमी है. कौन बुरा आदमी है कौन गलत करता है कौन. नहीं करता है इमीडिएटली पुलिस को पास ऑन.
करें मैं पब्लिक से यही चाहूंगा कि. [नाक से की जाने वाली आवाज़] प्रधानमंत्री. और इस तरह के जो वीआईपी जाते हैं जो इनका. सिक्योरिटी थ्रट है हर आदमी का इंसान एक. पुलिस बन जाए. हम. एवरी एव्री सिविलियन इज अ पुलिस ऑफिस. विदाउट यूनिफार्म. हम. एव्री पुलिस ऑफिस सिविलियन वि यूनिफार्म. है ना तो हर आदमी को यूनिफार्म नहीं है तो. आप पुलिस ऑफिसर है ही पुलिस है ही आप. पुलिस िंग करें। हम पता लगाएंगे कौन यहां. करता है तो बहुत कुछ फायदा होगा। बट मेरे. एक क्वेश्चन है इसी पे कि जो इतने वीआईपीस. होते हैं मतलब प्राइम मिनिस्टर्स,
प्रेसिडेंट्स, मिनिस्टर्स या बड़े-बड़े बिजनेसमैन जिनके. पास इतनी सिक्योरिटी होती है और आज के. जमाने में तो बहुत टेक्नोलॉजी भी बहुत आगे. बढ़ गई है। रिसेंटली मेरा एक इंटरेक्शन. हुआ था विथ अ वि समवन वेरी वेरीेंट इन द. कंट्री। एंड मैं उनके आसपास था तो मैंने. देखी सिक्योरिटी इतनी ज्यादा थी कि मतलब. एक-एक का बैकग्राउंड चेक होता है। पिछले. एक-ए हफ्ते पहले से सब चेक हो जाता है कि. प्रॉक्सिमिटी पास बनता है तभी आप जा सकते. हो। बहुत चेकिंग होती है। बहुत ज्यादा हर. आदमी एक मतलब पहुंचना उधर पास में बहुत.
डिफिकल्ट होता है फॉर एनीवन एक नॉर्मल. सिविलियन के लिए भी। तो इतनी जब. सिक्योरिटी होती है उसके बाद भी ऐसी चीजें. आज के जमाने में पॉसिबल है जहां पे कहां. पर लूप होल्ड मिल सकता है कोई भी कहीं से. टेक डाउन कर सकता है कोई भी कहीं से ऐसे. अससन कर सकता है या हार्म पहुंचा सकता है. हमारे किसी भी इंपॉर्टेंट इंसान के ऊपर या. किसी भी मिनिस्टर के ऊपर तो मैं बोलूंगा. कि नथिंग इज इंपॉसिबल अगर. इवन टुडे लाइक विस ऑल टेक्नोलॉजी.
सी टेक्नोलॉजी कैन बी ओवरकम बाय. टेक्नोलॉजी अगर उनके पास भी टेक्नोलॉजी है. ना वो भी टेक्नोलॉजी रखते हैं तो इसलिए. इसलिए कि जितना टेक्नोलॉजी एडवांस. टेक्नोलॉजी है उसका काउंटर टेक्नोलॉजी भी. डेवलप हुआ है। अंडर वर्ल्ड में हर हर. टेक्नोलॉजी के एंटी टेक्नोलॉजी भी एंटी भी. आ रखा है।. इसलिए कोई प्रॉब्लम नहीं है। इसलिए. जागरूकता 24 * 7 अलर्टनेस और टेक्नोलॉजी. के लिए इनोवेशंस तो तभी काम बनेगा। बट. टेक्नोलॉजी के लिए एंटी रोड बनने के. चलते-चलते हमारा टेक्नोलॉजी को भी हमको.
एडवांस करना चाहिए। दिस इज़ अ कॉन्सेंट. एफर्ट। एक दिन में ही कैन नॉट मेक इट।. कंटीन्यूअसली अपग्रेड करते रहना चाहिए। एट. द सेम एट द सेम टाइम ह्यूमन अलर्टनेस का. कोई जवाब नहीं है। देयर इज नो. सब्स्टट्यूट। ह्यूमन अलर्ट के अलर्टनेस का. कोई सब्सिट्यूट है नहीं। जहां पर आदमी. जहां पर सिक्योरिटी लॉ अलर्ट है। जहां पर. सिक्योरिटी वाले कैंडिडेट वो भी खुद अलर्ट. है। बहुत कुछ हो सकता है। मैं समझता हूं. कि 90% राजीव गांधी गए थे श्रीलंका. श्रीलंका में वहां पर जो ड्यूटी में खड़ा.
था नेवल पुलिस गाड़फाना दे रहे थे। हां. जैसे राजीव गांधी निकल रहा तो उसने ले गन. ले बट से मारा बट लग जाते राजीव गांधी से. वही मर जाते वो. बट राजीव गांधी इतना अलर्ट था कि वो बट. उठाते ही अपना डक किया और बच गया उनको बाद. मैं लोगों ने पकड़ लिया एक स्प्लिट सेकंड. की बात है नॉट इन वन सेकंड लेस देन अ. सेकंड अगर नहीं होता वही वही मर जाता हूं. तो ये कैंडिडेट को अलर्ट होना चाहिए.
हम एंड डू यू थिंक कि जो हमारी सारी. इंटेलिजेंस ब्यूरो है एंड जितने. सिक्योरिटी है यह लोग बहुत एडवांस है और. यह लोग कहीं ना कहीं पहले इनफॉर्म कर देते. हैं कि मे बी देयर इज़ अ थ्रेट सो बी आप. थोड़ा अलर्ट रहिए क्योंकि जितनी इंडिया. में जैसे दो-तीन असासिंस जो हैं सब में. कॉनस्परेसी एक आती है कि इन्हें पहले. बताया गया था इनफॉर्म किया गया था उसके. बाद भी दे सेड कि हम जाएंगे जैसे राजीव. गांधी केस में सेम हुआ था राइट दैट्स. दैट्स वन साइड ऑफ इट कि उन्हें पहले. इनफॉर्म कर दिया था सर मे बी आपका थ्रेट.
परसेप्शन बहुत ज्यादा है तो मत करो यह. रैली सेम वास विद इंदिरा गांधी। सो डू यू. थिंक कि पहले इनफॉर्म कर देते हैं बेस्ड. ऑन थ्रेट परसेप्शन बट फिर भी लोग गट. फीलिंग से आगे जाते हैं तो उन्हें नहीं. करना चाहिए। सी एक्सपीरियंस से आदमी बिकम. बिकम मोर अवेयर एंड मोर क्लबर एंड मोर. एजुकेटेड ये बात सही है कि साहब इंसिडेंट. जो हुआ उसमें बहुत सारे टोटियाम थे उस. वक्त बट नाउ पीपल आर जनरली अवेयर ए्री. वीआईपी इस अवेयर एटलीस्ट वीवीआईपी जिसका. सिक्योरिटी परसेप्शन है दे आर वेल अवेयर.
और हमारे इंटेलिजेंस एजेंसी टॉप क्लास है. इंडिया के इंटेलिजेंस एजेंसी इंडिया के. इंडिया [गला साफ़ करने की आवाज़] के. वर्ल्ड में टॉप क्लास है दे हैव द बेस्ट. ऑफ़ टेक्नोलॉजी बेस्ट ऑफ़ इक्विपमेंट्स. बेस्ट ऑफ़ नॉलेज बेस्ट ऑफ़ अवेयरनेस बेस्ट. ऑफ़. का एफिशिएंसी भी है. रियली. अब्सोलुटली. हाउ वुड यू रैंक इंडिया की. आई विल पुट द टॉप टॉप ऑफ़ द वर्ल्ड बेटर. [गला साफ़ करने की आवाज़] देन यूएस नो. क्वेश्चन सी यूएस में कनेडी का हत्या हुआ. कनेडी. हम. अभी भी लोगों को क्लियर नहीं है कौन मारा. कैसे मारा. हां. स्वीडन में वार्मे का हत्या हुआ कौन मारा.
कैसे मारा अभी भी दे आर ग्रोपिंग इन द. डार्क तो अगर इंटेलिजेंस एजेंसी उतना तगड़ा. है दे क्लियर प्रूफ एविडेंस यही है देखो. तो हमारे हिंदुस्तान में ऐसा नहीं है वी. हैड अ वी हैड टॉप क्लास इंटेलिजेंस. एजेंसीज हमारे ऑफिसर जो है ना ये सब दे आर. ऑल सुपीरियर क्वालिटी. हम. वी आर ग्राउंडेड दैट्स अ फैक्ट वी आर नॉट. हवा में नहीं दे आर कॉल वेल ग्राउंडेड ये. जो इंटेलिजेंस ऑफिसिस और इन्वेस्टर्स. ऑफिसेस आते हैं ना वो नीचे से ही ऊपर आते. हैं दे कम दे फंक्शन द ग्राउंड वेरी वेल. देन दे गो आप.
नाइस सीबीआई रेट कैसे प्लान करता है. सीबीआई गाइड आपको इंफॉर्मेशन पहले से. डेवलप करना पड़ता है. कैसे गाइड मी द प्रोसेस. लाइक एक बैंक एंप्लई के बारे में बैंक. एंप्लई के बारे में उसने जैसे कि उसने. किसी को पैसा 200 करोड़ पैसा जो देना नहीं. चाहिए था दे दिया और बैंक को लूट लिया और. उनको उनको फायदा पहुंचाया बैंक को नुकसान. पहुंचाया मान [गला साफ़ करने की आवाज़]. लीजिए ये एलगेशन है ये आदमी मान लीजिए ये.
आदमी पोस्टेड था पंजाब में. और ये अभी पोस्टेड है कि वाराणसी में या. अभी पोस्टेड है हैदराबाद में हम. पहले पंजाब में पोस्टेड है वाराणसी में. अभी हैदराबाद में पोस्ट है तो हम लोग पूरा. इंफॉर्मेशन लेंगे वाराणसी का सॉरी पंजाब. का कहां थे क्या थे क्या पोस्ट थे कहां. रहते थे अब उसके घर में अभी कौन रहता है. अभी हैदराबाद में कौन रहता है उनके घर में. और ये दिल्ली में उनका मकान है कि नहीं. उनका मकान वकान कहां है पूरा तो हो सकता. है मकान होगा हैदराबाद में मकान दिल्ली. में होगा मकान अभी भी वहां पंजाब में रखा.
होगा तीन जगह मकान आ गया और फिलहाल ऑफिस. कहां-कहां है ये पूरा एड्रेस लेने के बाद. भी जाते हैं कोर्ट में. हम. सोनीमल होगा कोर्ट से उसका वार निकालते. हैं सर्च के लिए। उसके बाद प्लान बनाते. हैं। टीम बनाते हैं। टीम को ब्रीफिंग करते. हैं। हम. ब्रीफिंग करके अचानक वहां पर रेड करने. जाते हैं। विटनेस को लेते हैं। विटनेस को. लेने के बाद रेड करके प्लानिंग करते हैं।. तो ये काफी कॉम्प्लिकेटेड है। कभी-कभी. मैंने ऑपरेशन कराया हिंदुस्तान में करीब. 100 जगह एक साथ ऑपरेशन करना पड़ा। 100 जगह.
एक साथ सर्च करना पड़ा। 100 जगह सर्च करना. पड़ा किसी किसी क्राइम में। तो बहुत. प्लानिंग करना पड़ता है। अच्छा लगता है।. कोई खराब नहीं है। प्लानिंग करता है।. प्लानिंग करके सही तरीके से. हर हर जगह ऐसा ही सेम टाइम है।. तो पर ऐसे कैसे डिसाइड कर सकते हो कि इस. पे रीट माननी चाहिए, इस पे नहीं माननी. चाहिए।. एविडेंस के बेसिस पर. हम. एफआर के बेसिस पे नहीं है। एफआर किसी को. कोई एफआर इज़ एन इनफार्मेशन। वो सही हो. सकता है, गलत हो सकता है। तो इनफेशन में. एविडेंस आने के बाद उसको डिसाइड करते हैं।. गॉट इट। [नाक से की जाने वाली आवाज़] ओके।.
हम [गला साफ़ करने की आवाज़] एक चीज थी. आपने ना आपने बोला बिहार में थे वहां पे. आप सॉल्व कर रहे थे केसेस व्हाट पोजीशन पे. थे आप बिहार में पोस्टेड. बिहार में जॉइ किया उस वक्त एएसपी थे. एएसपी जामतारा आजकल आप सुनो. [गला साफ़ करने की आवाज़] जामतारा [हंसी]. उस प्लीज बताओ उस टाइम. उस वक्त जामतारा इतना स्लीपी विलेज था. पूरे गरीब लोग हैं ज्यादा बंगाली बोलते थे. बिकॉज़ आसनसोल सड है मिजाम एरिया और वहां.
पर किसी को कोई इंटेलेक्चुअल काम था ही. नहीं। वहां पर सब गरीब लोग हैं। स्कूल. पढ़ाई बढ़ाई मुश्किल से होता था।. क्राइम डकैती व थे वहां पर रेप होते थे।. तो मेरा काम फोकस ऑन रेप क्राइम्स एंड. डकैती में होते रहता था। बट अब जमाना बदल. गया कि जामतारा बिकम अ इंटेलेक्चुअल हब ऑल. इंटेलेक्चुअल फ्रॉड वहां हो रहा है। तो. दैट्स अ रिफंड फैक्ट। तो वेल जामतारा से. फिर दुमका चले गए। हम जानता है ना व्हाट. डू यू यू यू यू यू यू यू व्हाट चेंज्ड ऑल.
ओवर सडन किसी ने ट्रेन किया कौन ट्रेनिंग. करा यू हैव एनी आईडिया कि एकदम से ये जो. जिधर सिर्फ डकैती होती थी छोटे-मोटे. क्राइम होते थे वहां से इतना बड़ा. ऑर्गेनाइज रैकेट कैसे बन गया तो वही. जामतारा के लोगों से भी मैंने पूछा उनको. भी समझ नहीं पा रहा कहां से नेचुरली. माइग्रेंट्स आए उनका पॉइंट था कि वहां पर. जो ट्राइबल्स रहते थे नाउ माइग्रेंट्स हैव. कम आउटसाइड ये माइग्रेंट ने ही क्राइम भी. लाया. अब वहां पे ये एक स्कोप मिल जाती है ना. देन द होल थिंग डेवलप कोडगमा में पहले. होते थे टीवी में रेडियो में गाना सुनाते.
कोमा से आता था आई डोंट नो हर अबाउट दैट. जगह है हजारीवा के पास कोडमा हर आदमी. इंसान वहां से कोमा से ये रिक्वेस्ट है ये. गाना सुनाओ वो गाना सुनाओ कोमा ही बन गया. तो सभी जगह अब जामदारा बन गया तो हर प्लेस. का अपना कुछ भी वी हैव समथिंग. अनफॉर्चुनेटली हैपेंड था माइग्रेंट से ही. कुछ काम हो गया तो जामदारा से दुमका चले. गए और दुमका से फिर चले गए वहां से. प्रमोशन हो के गवर्नर साहब के एडीसी बन गए. बिहार गवर्नर के एडीसी में और फिर चले गए.
डिस्ट्रिक्ट में पलामू डिस्ट्रिक्ट में. पलामू में कोई मिनिस्टर का बेटा को मैंने. बंद कर दिया क्योंकि उसने बदमाश नहीं किया. और जाके. प्लीज समझाओ केस. वो मिनिस्टर का बेटा वहां के से नामी. क्रिमिनल था मेरा गुंडा था. हम. उनका. वाइन वेयर हाउस होता है वाइन वेयर हाउस. ओके. और वहां के इंस्पेक्टर ने फैसला किया कि. वाइन वेयर हाउस का वो इंस्पेक्शन करेंगे. अंडर द लॉ. हम. उसको बोला बोला कि तुमको मंथली इतना पैसा. देते हैं। ठीक है ₹500 और देंगे। मैं. इंस्पेक्शन होता नहीं है। साइन करके जाओ.
हो गया। इसने बोला कि नहीं मैं करूंगा। वो. फैसला लिया कि इंस्पेक्ट करेंगे। तो इसलिए. ये चले गए मंत्री साहब के बेटा जो है अपने. गुंडों के साथ पांच छह आदमी के साथ चले. गया ऑफिस में। ऑफिस जाके वो बोला साले. तुमको हिम्मत है कि मेरा इंस्पेक्शन करने. के लिए हां। और बट से मारा उसका फेस पर. राइफल के बट से। अब उसका ग्लास टूट गया और. यहां पर लग गया खून निकला. पुलिस ऑफिसर को. नहीं एक्साइज इंस्पेक्टर. ओके. एक्साइज वाले भी वहां पुलिस यूनिफार्म. पहनते हैं. हम.
ये मेरे लिए डाल गया उसी कैंपस में ही. कलेक्टेट कैंपस में मेरा भी ऑफिस था. हम. मैं यूनिफार्म [गला साफ़ करने की आवाज़]. बैठे हुए थे तो ये दौड़ के आए बोला कि. यूनिफार्म में ब्लड आ रहा है। मैंने कहा. भाई ये कहां कौन सी थाना में है? मेरे को. समझ नहीं पा रहा कि पुलिस सही है क्या? मैंने कहा हम तो एक्स इंस्पेक्टर है। क्या. हो गया? वो आईसीआईसी मंद का बेटा आए थे।. उसने मार दिया सही है। हां सही है। गलत. नहीं बोला। नहीं है। अच्छी बात है। तो ये. लिखो कागज में कागज पूरा सही लिखना है।. बोला जो सही है लिखने के लिए लिख दिया।. नेचुरली वो टेमो में सही लिखेगा।. उसने लिख दिया एसएओ को बोला कि एफआईआर. कराओ। एसएओ बोला सर इसके खिलाफ एफआर हम.
कैसे करेंगे? एफआर करके लाइए कर के लाया।. मैं इमीडिएटली घटनास्थल पर गए। मेरा काम. है एसपी का काम है केस को सुपरवाइज करें. और दिशा निर्देश दे रहे हैं उनको।. सुपरवाइज किया। अब सब लोगों से बातचीत. किया। फ्रेश हर आदमी बोले हां हां आया था।. ऐसे कर दिया वैसे कर दिया। सबका नाम नोट. किया। बेटा क्या हुआ? क्या नाम है आपका? क्या नाम है? लेडी है, क्लर्क है, असिस्टेंट है, ऑफिस है। सब हर आदमी का सेट. मैंने ले लिया। मैं लिख दिया कि इन्होंने. सब देखा बात सही है। और शाम को मैंने आदेश. दिया कि इसको गिरफ्तार करके इंटोगेट करना.
है। गिरफ्तारी जरूरी नहीं है कि हर केस. में।. हम. इंटेरोगेशन जरूरी है ताकि उनका डिफेंस. समझने के लिए। गिरफ्तारी और इंटोगेशन कसो. इंटोगेशन तब पढ़ती है जब आप समझेंगे वो कल. जाके अब उनको तंग करेगा।. उसको मालूम हो गया कि मैंने इन्वेस्टिगेट. कर दिया तो मालूम होगा कि कल सबको गंगा. जाएगा। उनको बोलेगा देखो मुंह खोलेगा तो. मैं सफाई कर दूंगा। मेरे को पता है वो. करेगा। और दूसरा एविडेंस को डिस्ट्रॉय. करेगा। और तीसरा और कोई क्राइम करेगा।. तो इस तरह का वातावरण में उनको अरेस्ट. करना पड़ता है। अदरवाइज गिरफ्तारी नहीं.
करना चाहिए। ये कहते हैं कि जाके पकड़ के. लाओ गलत है।. पकड़ने के लिए आपको एविडेंस चाहिए। नंबर. वन और दूसरा एविडेंस होने के बावजूद भी वो. आदमी दूसरा कायम कर सकता है या विटनेस को. तंग कर सकता है या एविडेंस को डिस्ट्रॉय. कर सकता है तभी करना है हम. ना मैंने फैसला किया कि इसको गिरफ्तार. करना है क्योंकि कल जाके सबको तंग करेगा. अब रात में इंस्पेक्टर साहब गए बोला कि. एसपी साहब बुला रहे हैं क्या हो गया वो. मंत्री जी का कोई फोन आया है इमरजेंसी है. तो आप चलिए. लेकर थाने के पास आए उस वक्त सेलफोन था ही.
नहीं लैंडाइन फोन है मेरे को फोन किया. थाने से मैंने कहा उसको थाने पे रखे. इंटोगेट करिए मैं आ रहा हूं इंट्रोगेट की. इंट्रोगेशन उन्होंने किया क्या किया नहीं. किया तो आधा घंटे के बाद बोला क्या करना. उसको रखो हालत में रखो लॉकअप वही उसी के. लिए रखा हुआ है जैसे लॉकअप चला गया हला. हंगामा हो गया कि साहब मंत्री का बेटा को. पकड़ के बंद कर दिया हमसे कई लोगों ने. सीनियर लेवल पर मेरे फोर्स का भी हेड होता. है ना उन्होंने चीफ सेक्रेटरी है वो. कौन-कौन है हर आदमी फोन किया भाई तुमने. क्या कर दिया साला मद्रासी आकर कानून. सिखाता है तो आर्म साइड क्या होता है हर.
तरह का पूछ हुआ तो मेरे को भी डर लग गया. कुछ होगा मेरा हमारा ना घर है ना ससुराल. है ब्याह में. तो मैंने कहा तो अब ये तो फस गया ठीक है. मैंने कहा एक ही रास्ता है कि कानून है. मैंने अपना डॉक्यूमेंट सब सही रखा मैंने. कहा एक एक पैसा भी आगे पीछे मैं नहीं. करूंगा सबको बुलाया और हमको विश्वास था कि. मेरा इंस्पेक्टर सही करेगा तो भी मैंने. कहा बैठिए डायरी लिखिए केस डायरी मेरे. सामने लिखिए जो लिखना है लिखिए सही में. लिखिए और पूरा डायरी केस डायरी जो होता है. केस डॉक्यूमेंट जो होते हैं कंप्लीट.
लिखाया एंटायर सही करा के मेरे सामने रखा. हुआ कॉपी मैंने ले भी रखा ताकि मेरा. डॉक्यूमेंट सही रहे। उससे हम लोग बचाते. हैं। तो उसके बाद ये हलाहगम हो गया। मेरे. से पूछा ये करो वो करो। मैंने कहा उसको. मैं तरीके से इंट्रोवर करूंगा। मैं उनके. पास गए यूनिफार्म में था तो उन्होंने उनको. बाहर निकाला। बोला कि बैठो। तो बैठने के. बोला कि देखिए गलती हुआ कि आप आपको मैंने. घर पर निमंत्रण नहीं दिया। आप आते पुराने. लोग भी आते थे हमारे यहां चाय पीने के. लिए। शाम को आपको खाने पर नहीं बुलाया।.
गलती मेरा है। गलती तो कोई गलती में नहीं।. आप हमको आपको चाय बुलाते भी नहीं चाय पीने. नहीं आता। मैं किसी के जाता नहीं हूं।. इसके बारे में बोलो ना क्या हुआ? तो इसके. बारे में देखिए ये है वो बोला बोलो क्या. हुआ? आपने क्यों मारा? कहता है कि हम. फलाना जात के हैं। मेरा खून गर्म हो जाता. है और गर्म हो गया। मैंने मार दिया उसको।. तुम्हारा कंफस हुआ एडमिशन हुआ। ये कंफेस. करे। एडमिट करें लॉ में मान्यता नहीं है।. हम. अनफॉर्चुनेटली हां अनफॉर्चुनेटली इंडियन. पुलिस लॉ में इंडियन एविडेंस एक्ट में. पुलिस ऑफिसर के समक्ष जो कन्फेशन होता है.
उसका वैल्यू नहीं है।. ओके हां. आपके सामने कन्फेशन उसका वैल्यू है।. एक्स्ट्रा जुडिशियल कन्फेशन बोलते हैं। जज. साहब के सामने है उसका वैल्यू है। मगर. आपके आपके ऑफिस में जो चपरासी है उसके. सामने कन्फेशन उसका भी वैल्यू है। मेरे. पुलिस होगा तो उनके सामने कन्फ वो कानून. ब्रिटिश ने बनाया। अभी भी वही है। तो. इसलिए मेरे सामने कन्फेस करने से वैल्यू. नहीं है। मगर हमको सच्चाई चाहिए था कि. इन्होंने मारा कि नहीं मारा।. कन्विंस हो गया। अब बाकी तो एविडेंस बनाना. मेरा। उसका डिफेंस क्या है मेरा ये भी. मालूम हो गया। पूरा एविडेंस करा के उसको.
जेल भेज दिया। उसको कोर्ट भेज दिया। कोर्ट. ने उसको जेल भेज दिया। उसके बाद आला. हंगामा हुआ। तो कुछ दिन के बाद लोग. नेचुरली गवर्नमेंट सीएम का बदली हुआ तो. उनके ही कम्युनिटी के सीएम आए। उन्होंने. सबसे पहला काम किया मेरे को यहां से बदली. कर दिया।. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. ट्रांसफर कर दिया। ट्रांसफर क्या किया? एक. जगह पोस्टिंग किया जहां एक ट्रेनिंग सेंटर. है। वहां कोई पोस्ट नहीं था ताकि हमको. तनख्वाह नहीं मिलेगा।. हम. तो मैंने कहा [गला साफ़ करने की आवाज़]. मेरे को ये परेशानी मालूम था। फॉर्चूनेटली. मेरी वाइफ वहां बस सर्विस में आईएएस में.
थी। उनका तो सैलरी तो होगा पतंग किया।. उनका भी पोस्टिंग वहां से बलामो जिला से. जहां मेरा हुआ वहीं नहीं किया। तो आठ. महीना नौ महीना लड़का रहा ताकि हम लोग अलग. रह परेशानी होते रहे। जैसे आप बिहार में. थे तो वहां पे कास्टिज्म का बहुत ज्यादा. बहुत ज्यादा ही इनवॉल्वमेंट है। राइट? एंड. आपने एक चीज बोली कि जब आप एक पुलिस ऑफिसर. हो तब आप ना हिंदू हो, ना मुस्लिम हो, ना. क्रिश्चियन हो, ना सिख हो, हो ना, कुछ भी. नहीं हो। आप एक पुलिस ऑफिसर हो। आप एक. पब्लिक सर्वेंट हो उससे हेल्प करने की.
कोशिश कर रहे हो। बट बहुत सारे केसेस में. और मीडिया में देखने को मिलता है कि एक. स्पेसिफिक कास्ट के रिलीजन के पुलिस ऑफिसर. ने उनकी कास्ट एंड रिलजन के चीजों में. फेवर में जवाब ज्यादा दिया या वो ज्यादा. करते हैं या एटलीस्ट नहीं भी करते हैं तो. एक परसेप्शन बन जाता है कि वो ऐसा करते. हैं। तो आपने देखा ये वहां पर कि आपके. आसपास जो ऑफिसर्स थे वो प्रोबेबबली. क्योंकि हर टाइप के ऑफिसर्स आपके साथ. होंगे। तो इसमें आपने ये कभी नोटिस किया. कि हां कास्ट फेवरेटिज्म होता है? आपने एक शब्द यूज़ किया परसेप्शन. मैनेजमेंट। हम. इसमें एक्चुअली परसेप्शन मैनेजमेंट ही.
होता है। गया में थे वहां. [गला साफ़ करने की आवाज़]. रामनवमी और मुहर्रम एक साथ आते हैं. नॉर्मली।. हम. दो-तीन दिन पीछे है तो कोई प्रॉब्लम नहीं. है। कभी-कभी एक साथ आ जाता है। तो रामनवमी. उनका जुलूस निकलेगा। मुहर्रम में भी जुलूस. निकलेगा। एज एसपी मैं ऑर्डर करूंगा कि इस. लाइन से रामनवमी जाएगा। उस लाइन से. मुहर्रम जाएगा। और रामनवमी का रास्ते में. ही एक मास्क पड़ता है। वहां सामने आपको. रुकना नहीं चाहिए। आपको सीधा निकल जाना. चाहिए। मुहर्रम का जुलूस जाते समय वहां भी. मंदिर होगा। वहां रुकना नहीं चाहिए। ऐसा. तो ऑन रिकॉर्ड है। मगर होता कुछ है। बदमाश.
वहां पर भी है। बदमाश इधर भी है। वो कोशिश. करा है कि रामनवमी का जुलूस मंदिर के. सामने मस्जिद के सामने रुके। हल्ला करें, हंगामा करें, प्रोवोकेट करें।. मगरम का जुलूस वहां जाके रुके वहां भी. अल्लाह करे ये करता ही है तो मैंने सोचा. स्टडी कराने के बाद मैंने कहा अपना जो एक. प्रोएक्टिव एक मीटिंग होती है दोनों. कम्युनिटी के लोगों का नेता लोग उनके. मौलवी आते हैं पंडित जी आते हैं बातचीत. होती है हम ठीक रहेंगे हम अच्छा करेंगे. नहीं करेंगे सब बाकी चला जाता है ये. बातचीत से का काम नहीं बनता है मैंने कहा.
एक दूसरा सही तरीका सोचा क्या किया ये. कलेक्टर को प है स्पेशल पुलिस ऑफिसर. नियुक्त करने के लिए स्पेशल पुलिस ऑफिसर. फॉर एनी पर्टिकुलर वर्क तो मेरा. रिकमेंडेशन पे करता है। मैंने कलेक्टर को. बोला इसमें से पांच मुल्ला को हम लोग. स्पेशल पुलिस ऑफिसर बना दिया और पांच. पंडित जी को स्पेशल पुलिस ऑफिसर बना दिया।. अब ये पांच पुलिस ऑफिसर जो स्पेशल पुलिस. ऑफिस बनाया उनका ड्यूटी मस्जिद में होगा।. अब पांच मुल्ला जो बन गया स्पेशल पुलिस. ऑफिसर इनका ड्यूटी मस्जिद में होगा। मंदिर. में होगा।. ड्यूटी लगाए बोला कि आपका काम यही है।.
बैंड लगा दिया स्पेशल पुलिस ऑफिसर और खड़े. रहते हैं वहां पर। उनका काम है कि उनके. कम्युनिटी के लोग आते हैं तमाशा नहीं. करें। कैन यू ही बिलीव उसे इतना इंपैक्ट. पड़ गया। इतना इंपैक्ट पड़ गया कि शांत हो. गया। नंबर टू ये तो एक गॉड गिवन. अपोरर्चुनिटी था। मेरा एक सब इंस्पेक्टर. है 12 चट्टी में मिस्टर खान अच्छा आदमी. है। काम करता है। रात में भी चेकिंग करता. रहता है। रात में जीटी रोड में 12 चट्टी. मतलब ये जो वाराणसी लेके गयाक जाती है ना. उस रोड में।. ओके. वहीं 12 चट्टी पड़ती है। तो 12 चट्टी का.
एसएओ रात में कोई चेकिंग कर रहा था। कोई. गाड़ी अचानक आए तेजी से उनको ऊपर चढ़ गया. और उनको सीरियस इंजरी हुआ। उनका एक पैर. शायद गाड़ी के पैर के नीचे चला गया। ये. वायरलेस में हमको खबर मिल गई कि ऐसेसे. सीरियस इंजरी हुआ। मैंने उसको ले गया में. मेडिकल कॉलेज है। वहां से दो घंटे का. रास्ता है गया मेडिकल कॉलेज। मैं गया में. था। वायरलेस में खबर मिल गया। रात में. करीब 11 12:00 बजे होगा।. [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं पड़ोसी. में था गया मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल। वहीं. चले गए। उस वक्त सेलफोन था ही नहीं। चले. गए। उनको जगह आया। बोला कि अभी चलना है.
मेडिकल कॉलेज में। ये सीरियस में आया था।. मेरा सब इंस्पेक्टर मर जाएगा। नहीं चलिए. प्रिंसिपल को लेके मेडिकल कॉलेज पहुंचे।. हम लोग इंदरी में था आ रहा तो जैसे आया तो. बोला देखने के बाद मेडिकल कॉलेज के. प्रिंसिपल ने बताया कि इसमें तो खून चाहिए. और खून है वो वो वो पॉजिटिव खून चाहिए।. मैंने कहा मैं तो वो पॉजिटिव दे सकता हूं।. तो सबसे पहले मैंने अपना खून दे दिया। अब. बाकी पुलिस है इनके पब्लिक में जो चार. आदमी का खून निकल गया। दे दिया उनको और. खून देने के बाद ये आदमी उसका ठीक-ठाक हो. गया। उसमें जरा प्लास्टर ऐसा था और उसके.
एक महीने के बाद ये रामनवमी का प्रोसेशन. जुलूस आ रहा है। उसमें पब्लिक में बोलने. के लिए मैं इनको भी ले गया। मैंने कहा खान. साहब आपका ड्यूटी वहीं पर है। आज यहां. बोलने के लिए आ जाओ। खान साहब को खड़ा. करके मैंने बोला खान साहब आप बोलो आपके. शरीर में जो ब्लड है ये हिंदू ब्लड है कि. मुस्लिम ब्लड है? तो मैंने अपना कहा नहीं सुनाया। तो मैंने. मौलवी साहब से पूछा इनके इनके बदन में ये. नाम तो खान है। इनके शरीर में खून है। वो. हिंदू का है कि मुसलमान का है? पंडित.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] जी आप बोलो।. क्रिश्चियन भी ले उनको भी बोला आप भी. बोलो। कोई बोल नहीं पाता। हमने कहा खून. हिंदू खून में ना हिंदू है मुसलमान है।. खून खूनी है।. वो ओ पॉजिटिव हो सकता है। ये पॉजिटिव हो. सकता है। बी पॉजिटिव हो सकता है। नेगेटिव. हो सकता है।. हम. ना हिंदू [नाक से की जाने वाली आवाज़] है. मुसलमान है। ये बहुत अच्छा मैसेज रहा। खान. साहब बोला कि देखिए हम सलाम करते हैं खुदा. को और भगवान को सेम से दोनों सलीम सेम है. मेरे को मेरे को खून नहीं मिलता इंस्टली. उसने लिस्ट पढ़ाई एक राज किरण सिंह है. पहले पीएम नायब है राज किशोर सिंह है फिर. दूसरा यादव है दूसरा सो है सब हिंदू ही था.
अच्छा भाई बाय कॉन्फिडेंस बाय बाय बाय. कोइंसिडेंस कोइंसिडेंस. तो ये मैसेज सी हाउ यू हाउ यू हाउ यू टेक. इट फॉरवर्ड आपको एक्यूमन चाहिए. एडमिनिस्ट्रेटिव एक्यूमन उसका लीडरशिप का. क्वालिटी भी चाहिए। उसको सही तरीके से. दिखाने का मौका भी मिलेगा। एंड यूज़ करने. से गया मैं बिल्कुल शांत हो गया।. कमिंग बैक टू एक बिकॉज़ यू सेड योर वाइफ इज़. आईएएस ऑफिसर एंड योर आईपीएस।.
क्या चूज़ करना चाहिए? किसी कोई अगर ये देख. रहा है जिसको बनना हो पब्लिक सर्वेंट एंड. उसे पब्लिक सर्विस सेक्टर में जाना हो तो. आईएएस ऑफिसर बनना चाहिए या आईपीएस ऑफिसर. बनना चाहिए? व्हाट इज बेटर एंड व्हाई? दैट आई आई वुड नॉट लाइक टू कंपेयर आईएएस. आईपीएस फ्रॉम वेरियस [हंसी] वेरियस रीज़ंस. बट आई वुड सजेस्ट एवरीबडी इफ यू कैन बिकम. आईपीएस ऑफिसर बी बी वन. हम. पब्लिक सर्विस में अनलिमिटेड स्कोप है. आपको आईपीएस में. तो बट किस में ज्यादा अच्छी पब्लिक सर्विस.
हो सकती है आईएएस में कि आईपीएस में. ज्यादा पब्लिक. ज्यादा पब्लिक सर्विस किसमें हो सकती है. एज एन आईएएस ऑफिसर और एज आई. पब्लिक आईएएस में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर में. उनको जो जो स्कोप है डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर. में उतना ही उनका स्कोप रहता है। उस वक्त. उसका सेक्रेटरी बन जाने पर थोड़ा कट ऑफ हो. जाता है ना पब्लिक से तो है पब्लिक सर्विस. बहुत फीस करने का मौका मिलता ही है। मगर. पुलिस में अगर फील्ड में आप रहेंगे चाहे. एसपी में हो चाहे डीआईजी में हो चाहे आईजी. में हो आप फील्ड में है। फील्ड में नहीं. है तब तो उनका भी स्कोप नहीं है।.
उनका भी स्कोप नहीं है।. गॉट इट।. हां। तो डिपेंडिंग ऑन कि पोस्टिंग दोनों. में पोस्टिंग डिपेंड करता है पब्लिक. सर्विस को करने का स्कोप।. ओके। टॉकिंग अबाउट ह्यूमन ट्रैफिकिंग अ. लिटिल बिट। ओके? मुझे यह बताओ कि. ग्लोबली ह्यूमन ऑर्गन्स को जो इललीगली. ट्रेड करते हैं और ह्यूमन ट्रैफिकिंग की. जो पूरी एक इंडस्ट्री बन गई है। बहुत बड़ा. अब एक तरीके का ऑर्गेनाइज्ड क्राइम बन गया. है। बट ये मेजॉरिटी ना एशियन एंड अफ्रीकन. कंट्रीज में ज्यादा देखने को मिलता है। जो.
या तो स्लेवरी बेस्ड कंट्रीज थी पहले या. अब अभी भी इमर्जिंग इकॉनमीज़ हैं जिधर. ज्यादा पैसा नहीं है वहां पे देखने को. मिलता है। व्हाई डू यू थिंक सो कि इन. कंट्रीज में ऐसे रूट्स क्यों हैं जहां पर. ह्यूमन ट्रैफिकिंग इतनी ज्यादा होती है? ह्यूमन ट्रैफिकिंग मानव व्यापार है। ये. हमको लगता है कि मेरी जानकारी में मेरी. समझ में दुनिया के ऐसा कोई कंट्री नहीं है. जहां पर मानव व्यापार नहीं है।. ओके।. या तो सोर्स स्टेट होगा जहां से लोगों को.
ट्रैफिकिंग किया जाता है। या डिमांड स्टेट. होती है जहां उनकी डिमांड होती है। या. ट्रांजिट स्टेट होगा। ट्रांसिट. अब नेपाल से लड़कियों को ले आ के मणिपुर. आए। मणिपुर में मोरे में रखा मोरे बॉर्डर. में. हम. वहां पे एक महीना इसलिए रखा है कि उनको. गलत पासपोर्ट बनाना है। उनको थोड़ा बहुत. म्यांमार [गला साफ़ करने की आवाज़] इस. लैंग्वेज सिखाना है। म्यांमार इस पासपोर्ट. गलत पासपोर्ट बना करके वहां से म्यांमार. ले जाएंगे। म्यांमार में एक महीना रखेंगे।. वहां से भेजेंगे सिंगापुर, मलेशिया,
थाईलैंड राज्यों में सेक्सुअल एक्सप्लेशन. के लिए डोमेस्टिक लेवल के नाम पर तो. इंडिया ट्रांसिट हुआ हम. नेपाल सोर्स हुआ।. जहां ले गया वो डिमस्टेट हो गया। अब आप. ऑर्गन ट्राइड के बारे में ये तो ये तो. सेक्सुअल एक्सपाइटेशन हुआ।. [गला साफ़ करने की आवाज़] इसी तरह इसी तरह. लेबर के लिए फिजिकल लेबर के लिए ले आते. हैं। सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन के लिए भी ले. आते हैं। ऑर्गन ट्रेड के भी ले आते हैं।. [गला साफ़ करने की आवाज़] ऑर्गन ट्रेड का. रिसेंटली केस हुआ था हैदराबाद में. सिकंदराबाद में। कुवैत ले आते थे कुवैत।.
कुवैत में एक हॉस्पिटल है। वहां पर ऑर्गन. डोनेशन ऑर्गन ट्रांसफर के लिए कोई पाबंदी. नहीं है। आप अप्लाई कर दो। ऑर्गन मिल गया. ट्रांसफर कर देंगे।. आप कस्टमर लाओ कर देंगे। मैच होना चाहिए।. ब्लड ब्लड जो जो भी मैचिंग है हिंदुस्तान. में नियम है कि आपको ब्लड रिलेशन होना. चाहिए और डोनर बिलिंगली देना चाहिए। डोन. का एग्रीमेंट होना चाहिए। हमारे यहां तो. कानून सिस्टम बना हुआ है। उसका. इंप्लीमेंटेशन भी होता है।. [गला साफ़ करने की आवाज़] वायलेशन होता. होगा बट नॉर्मली इंप्लीमेंटेशन होता है।. ये हमारा कानून सख्त होने के चलते जिसको.
जरूरत है ऑर्गन की वो सोचते हैं कि. शॉर्टकट कर ले और वहां पर कुवैत हॉस्पिटल. को बुक कर दिया। तो डोन यहां से जा रहा. है। लेट्स से डोन जा रहा है राजस्थान से. और डोनर नहीं पेशेंट जा रहा है राजस्थान. से पैसा वाला आदमी कोई है चला गया उनको. वहां पर मालूम है कि इनका डोनर का ये जो. रेसिपिएंट है उनका ब्लड ग्रुप है ये हम. वो ढूंढ निकालेंगे कहांहां से रेिपिएंट आ. डोन खा सकता है झारखंड से मान लिया 10. लड़कों को पकड़ लिया लड़कियों को पकड़. लिया उनको कन्वस कराया कि तब आपको अच्छा.
नौकरी मिलेगा आपको इतना पैसा मिलेगा एक. महीने में आपको सर्टिफिकेट मिलेगा कुछ ना. कुछ कन्वस करा के फसला के ले गया वहां. जाके एक हफ्ते बाद बोला कि आपको तबीयत ठीक. नहीं खांसी है, आपको सर्दी है, पेट में. जुकाम है। जुकाम है या पेट में दर्द है।. उनको कहीं हॉस्पिटल में एडमिट कराए। करा. करके किडनी को निकाल दिया। अब उसी दिन. इनका किडनी भी ट्रांसफर हो गया। ट्रांसफर. होने के बाद ये पेशेंट को दो दिन में वापस. आ सकता है। ये पेशेंट अपना एस रेिपिएंट. चले आए। डोंट गो एक हफ्ता और रखेगा इलाज.
के लिए। इलाज का बोला कि नौकरी अभी आना. मुश्किल है। तुम्हारा टिकट बुक किया हुआ. है। तुम ऐसा क्या तुम आ गया इसलिए ₹00. एक्स्ट्रा रखो। बड़ा खुश हो गया। कभी इनका. ₹00 देखा नहीं। ₹00 ₹1 लाख उनको दे के. उनको वापस कर दिया। यहां आने के बाद उनको. पता चलता है कि साहब उनका किडनी मिसिंग. है। पर डर ताके वाके तो. वो तो होगा ही वो तो होगा ही उसको उसको. पता है कुछ किया है। बोले एक तो मेरा. जुखाम था ना पेट में दर्द थाना ठीक हो. गया। तो बच्चों को कन्विंस कराते हैं।. बच्चे माने कि एडल्ट को भी एडल्ट को भी.
कन्विंस कराते हैं। दे आर वलनेरेबल पीपल।. वलनेरेबिलिटी को इन्होंने मिसयज करते हैं, अब्यूज करते हैं। तो ऑर्गन ट्रेड का एक. बहुत बड़ा इंटरनेशनल रैकेट है। ये कई. राज्यों में अभी हो रहा है। ऑर्गन ट्रेड. का सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन का, फिजिकल. एक्सप्लइटेशन का, एक्सप्लइट लेबर का पूरे. दुनिया में है।. लेबर एक सबसे बड़ा रैकेट क्या है? लेबर. एक्सप्लॉयटेशन सेक्सुअल एक्सप्लॉयटेशन के. ऑर्गन. ज्यादातर लड़कियों का सेक्सुअल. एक्सप्लइटेशन है। ज्यादातर लड़कों का. एक्सप्लइटेटिव लेबर है। एडल्ट का ज्यादातर. एडल्ट अडलेसेंस का ज्यादातर ऑर्गन ट्रेड.
के लिए है।. ओके। एंड कौन सी सबसे बड़ी कंट्री. सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन में डिमांड में कौन. सी है? कौन सी कंट्री सबसे ज्यादा बाय. करती है? ये बोलना प्रॉपर नहीं होगा। बिकॉज़ डिमांड. सभी जगह है। अब आप सोचेंगे कि हमारे. हिंदुस्तान में भी आप देखेंगे फलाना स्टेट. अंडर डेवलप्ड है। अंडर डेवलप्ड है। जैसे. झारखंड मान लिया अंडर डेवलप्ड है। वहां पर. काटी कुंड में या जामतारा में क्या होगा? वहां कोई सेक्सुअल एक्सपेशन हो ही नहीं.
सकता। आप सोचेंगे मगर वहां बिजनेस. प्रोस्पेक्ट आ गया ना तो बिजनेस प्रमोशन. के नाम पर अब सेक्सुअल एक्सपाइटेशन हो रहा. है।. मतलब कैसे? जैसे तीन दिन उनका बिजनेस मीटिंग कर दिया।. बुधवार को बृहस्पत को और फ्राइडे को हम. सैटरडे को आपको सैटरडे संडे को आपको बिनेस. प्रमोशन के नाम पर आपको सइंग करा दिया. साइड सी सिंग या लोकल सन करा दिया साइड सी. सिंह आपको मिलेगा एस्कॉट सर्विस मिलेगा. आपके साथ एक लड़का लड़कियों को एस्कॉट.
सर्विस में लगा देंगे एस्कॉट सर्विस तो. वही है कोई बोलेगा हमको मेल चाहिए कोई. बोलेगा फीमेल चाहिए उस हिसाब से लगाएंगे. एस्कॉट तो बिनेस प्रमोशन के नाम पर ये जो. ये जो नया शुरू कराया कई जगहों इसका. प्रमोशन ये सेक्सुअल पार्टेशन हो रहा है।. नंबर वन अभी एस्कॉट सर्विस का आप देखें ना. नेट में जाके एस्कॉट सर्विज का आप वेबसाइट. देखें बहुत सारे एस्कॉट सर्विज हिंदुस्तान. में रजिस्टर्ड नहीं है। वो कहीं कैको. साइलेंट में है कहीं इधर उधर रजिस्टर्ड. है। उनका एस्कॉट सर्विस का यहां भी काम चल. रहा है। तो आपको एस्कॉर्ड मिल जाएगा। ऑन.
रिकॉर्ड रहेगा कि 20 साल से ज्यादा ही. मिलेगा। ऑन रिकॉर्ड रहेगा कि इसमें. सेक्सुअल एक्सपाइटेशन हो ही नहीं सकता है।. ये सब फसाड है। आप डीप जाओगे डीप ड्राइव. करोगे देन दे विल आस्क यू आपको ₹000. नॉर्मल स्कॉट में ₹00 सेक्सुअल स्कॉट में. देने वाला बहुत है यहां पर। तो डिमांड से. ही प्रॉब्लम हो रहा है। ये सब में सभी. ट्रैफिकिंग गिवन ट्रैफिकिंग चाहे जो भी हो. [नाक से की जाने वाली आवाज़] डिमांड. ड्रिवन है।. डिमांड जहां नहीं है वहां पर ट्रैफिक ही.
नहीं है। डिमांड ज्यादा है वहां. ट्रैफिकिंग ज्यादा हुआ। अब आपके रिसेंटली. एक स्टडी हुआ आईसीपीएफ की तरफ से. हिंदुस्तान के 100 शहरों से. दो महीने में 50 लाख लोग इंटरनेट में चले।. इंटरनेट चले गए थे। चाइल्ड पोनोग्राफी. खोजने के लिए. चाइल्ड पोग्राफी एडल्ट नहीं चाइल्ड. पोर्नोग्राफी के लिए. 50 लाख लोग इन टू मंथ. 100 सिटी 100 शहरों से अभी ये इसका मतलब.
हाई डिमांड हाई सप्लाई ये सप्लाई कहां है. बच्चों का एक्सप्लइटेशन अपने घर पे हो रहा. है पहले था कोई पूरी में हुआ या गोवा में. हुआ अभी वो सब बदल गया वहां भी होता होगा. बट अब घर के अंदर ही लड़की का. एक्सप्लइटेशन पापा को दे दिया ₹500 ₹000. उसका फोटो ले लिया यह कर दिया वो कर दिया. भी करना है केरला में रेड हुआ साइबर डोम. उनका से एक अच्छा नेटवर्क है साइबर डोम ने. रेड कराए 450. टेकीस के यहां रेड हुआ टेकी माने आईआईटी.
या इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ के हाईटेक. जॉब में काम करने वाले टेकी का इंटर रेड. हुआ केरला में और उसमें से 60 लोगों को. गिरफ्तार भी कर दिया क्योंकि उनके पास. उनके उनका कंप्यूटर में चाइल्ड पोनोग्राफी. रखा हुआ है और ट्रांसफर भी किया हुआ है. तो हाई हाईटेक पढ़ने के बाद भी हमारे. दिमाग हमारे माइंडसेट वही है। इसलिए हम. लोगों को इसको अटैक करना चाहिए। वहीं पर. डिमांड. क्यों ऐसा माइंडसेट? व्हाई डू यू थिंक. बेटा इसमें दिस इज अ बिकॉज़ यू हैव रेड.
क्रिमिनल साइकोलॉजी एंड आपको पता है आप. डील भी करते हो इन सब से। क्या ऑब्सेशन है. चाइल्ड पोर्नोग्राफी से लोगों का जो 100. शहरों में 50 लाख लोग दो महीने में कर रहे. हैं। या 450 टेकीस जो इतने पढ़े लिखे लोग. हैं वो भी यह सर्च कर रहे हैं। ऐसा क्या. है? एक्सक्टली द वेरीेंट क्वेश्चन फर्स्ट एंड. फॉरमोस्ट फर्स्ट एंड फॉरमोस्ट इनका बचपन. से ही कोई कुछ ना कुछ कॉम्प्लिकेशन है।. 90% ऑफ दिस पीपल हु आर जो जो इसमें एक्यूज़.
बन जाते हैं या इसमें इन्वॉल्वड है उनका. बचपन में ही पैरेंटल केयर नहीं होगा या. पेरेंट्स भी इसमें इन्वॉल्वड होंगे या. पैरेंट का ही गलती है या कम्युनिटी का. गलती है। कम्युनिटी में भी कुछ ना कुछ. करते होंगे। बहुत सारे कम्युनिटी में. कम्युनिटी मिलकर के एक्सप्लइटेशन करते. हैं। अभी तो कम हुआ है। वहां पर कम्युनिटी. में ही बच्ची सया नहीं हो गई। एडल्ट हो गई. बच्ची के वहां गांव में पहुंची बोला कि. बच्ची सया नहीं हो गई। बोलो बोलो मैंने. क्या? अच्छा ₹00 अच्छा ₹2,000 ₹2 बच्ची को.
ऑक्शन करते हैं। अभी भी है। ऑक्शन करते. हैं। हां बच्ची को फलाना आदमी को दे दिया।. किसी ने ले लिया ₹2,000 में वो क्या. करेंगे? एक दिन, दो दिन, तीन दिन, पांच. दिन उसको रेप करेंगे। उसके बाद दूसरे को. बेचेंगे वो ₹00 में फिर वो बेचेगा ₹00 में. तो इस तरह के हर बच्ची को कई बच्चियों को. इस तरह का एक्सप्लइटेशन होता है। ये. कम्युनिटी सेंश है। तो उसको ब्लेम हमको. हां. कहां पे सबसे ज्यादा होता है? राजस्थान में गई एक जगह है। मध्य प्रदेश. में जगह है।. क्या मध्य प्रदेश में कौन सी जगह?
ट्राइबल एरिया में कई जगह था। आई डोंट. वांट टू ब्लेम ट्राइबल्स आल्सो। ये. ट्राइबल. वेयर बेस्ड ऑन कुछ तो डाटा होगा। कौन-कौन. से शहर हैं? कौन-कौन से गांव हैं? कौन सी. जगह हैं जहां पे होता है? ये तो ऑन रिकॉर्ड है। अभी बेल कम्युनिटी. एक्सप्लइट करते हैं. प्रदेश में।. जंबिया कम्युनिटी एक्सप्लॉयट करते हैं। वो. जहांजहां है वहीं पर है। इस पार् में. कम्युनिटी की गलती नहीं है। कम्युनिटी. कम्युनिटी गलती नहीं है।. उनका उनके जो वनरेबिलिटी को ट्रैफिक के. वहां बैठा हुआ है। ये बहुत क्लियर है उनको. कि जैसे बची साइन नहीं हुआ तो होना ही है।.
तो ट्रैफिक के उसको इंस करके करा के चलाते. हैं। तो इसमें डिमांड ड्रिवन और स्कोप. एक्सप्लइटेशन ज्यादा है। इसलिए इस तरह का. या तो फैमिली ओरिएंटेड प्रॉब्लम है या. कम्युनिटी ओरिएंटेड प्रॉब्लम है। ये जो. टेक्निक के बारे में कहेंगे तो कम्युनिटी. ओरिएंटेड नहीं फैमिली ओरिएंटेड ही. प्रॉब्लम है। नंबर वन नंबर टू. [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] बच्चे. बच्चों को ट्रैप करते हैं। अलेसेंट एज में. अलेसेंट एज में आप बच्चे पूछिए ना. हां ए स्टैंडर्ड नाइंथ स्टैंडर्ड 10थ. स्टैंडर्ड बच्चे को आजकल आप सब तो.
कंप्यूटर में ही काम करते हैं। सेलफोन से. पढ़ा ही होता है। सेलफोन में जितना सेलफोन. का यूज़ जितना होता है उतना अब्यूज ही. होता है। ट्रैफिक का बैठा रहता है वहां. ट्रैफिक सेलफोन के अंदर आ गया अभी वो क्या. करते हैं अभी सेलफोन में बहुत सारे बच्चों. का एक एग्जांपल बता रहा हूं आपको रीसेंट. एग्जांपल उनको सेलफोन में पिक्चर आता है. कोई अचानक पिक्चर आया देखा क्लिक किया. ताजमहल का पिक्चर आया बहुत अच्छा लगा फिर. क्लिक किया रेडफोर्ड का पिक्चर आ गया फिर. क्लिक किया विवेकानंद का कन्याकुमारी का. आया पिक्चर फिर क्लिक किया आसाम के कोई.
जगह पिक्चर आया काजीरंगा फॉरेस्ट का आ गया. करते हैं चार पांच छह क्लिक करेंगे देन यह. फोटो आती है अश्लील फोटो फोटो उसने क्या. किया डिलीट कर दिया मगर इसने ये बच्ची ने. क्या किया या लड़का ने क्या किया चार पांच. बार क्लिक किया ना वो क्लिक में ही. रजिस्टर हो गया उसका प्रोग्रामिंग ऐसा है. उसका चार पांच छ क्लिक होगा तो कंप्यूटर. में रजिस्टर हो गया और फिर क्या. प्रोग्रामिंग के मुताबिक तीन मिनट में या. तीन घंटे में या तीन हफ्ता में तीन वीक. महीने में फिर वही फोटो आ जाएगा अगले वक्त. आएंगे तो ताजमहल नहीं होगा उसके बदले में.
जो जम्मू कश्मीर का डाल या बच्चों का. इंटरप्ट करता है इसको बोलते हैं ग्रूमिंग. तो ट्रैफिक का बच्चों को ग्रूमिंग करते. हैं। एन ट्रैप करके ग्रूमिंग करते हैं। ये. बच्चे उसी में उस चाल में फंस जाते हैं।. और तीन बार. कैसे फंसते हैं? बता रहा हूं। तीन बार, चार बार, पांच बार, छह बार मेरे फोन में. एक नेक फोटो आया। तो हमको भी लगा कि भाई. क्या चीज़ है देख ही लेते हैं। क्या चीज़ है. देख ही लेते हैं। यह बच्चों का दिमाग टेढ़ा. करने के लिए उनका ट्रैप है। आप मेन रोड पर.
एक एक बहुत बड़ा पुलिया पाइप पड़ा हुआ पाइप. मेन रोड पर। मैं जाके पाइप में ऐसे ही. देखता रहा। दो मिनट और चल दिया। मेरे पीछे. आने वाला आदमी क्या करेगा? वो भी जाके. देखेगा। पीछे आने वाला आदमी देखेगा तो आप. 5 मिनट के बाद देखेंगे 50 आदमी पाइप के. अंदर देख रहा है वहां कुछ है नहीं ये. ह्यूमन साइकोलॉजी है ह्यूमन नेचर है. तो इ बच्चों को उसी साइकोलॉजी को यूज़. कराते हैं ट्रैप करते हैं एक बार ट्रैप हो.
गया फिर उसको पकड़ लिया उसके बाद उसको. फुसलाते हैं उसको घुमा के पकड़ के उसको. ग्रूमिंग कराते हैं ग्रूमिंग करते हैं. उसमें एन ट्रैप करते हैं और. [गला साफ़ करने की आवाज़] बहुत सारे. बच्चियां बहुत सारे इनोसेंट बच्चियां हाई. फैमिली के एजुकेटेड फैमिली से बच्चे भी. इसमें एंट्रप होता है तो इससे ट्रैफिक. ट्रैफिकिंग कैसे होती है? किसी ने एक मतलब. मुझे अगर कोई एक फोटो भेजा एंड फिर मैं. क्यूरियस हो गया, फोटो देखने लग गया। अब. इससे मैं ट्रैफिकिंग का शिकार कैसे बन रहा. हूं? वही एक्चुअली उसके बाद उनको बोला कि. ये लड़की अवेलेबल है आपको? ये लड़की जो.
टेकी जो देखते हैं ना उनको पोनोग्राफी. देखतेदेखते एड्रेस मिल जाएगा। ये लड़की. अवेलेबल है। ये लड़की अपने नहीं बोलती है।. ट्रैफिक का मैसेज दे रहा है। ये लड़की. अवेलेबल है।. केरला में एंटी केरला में एक एग्जांपल था. एंटी ह्यूमन ट्रैफिक क्लब क्लब सेटअप कराए. अर्ना लॉ कॉलेज में। वहां एक लड़का. राजस्थान का बच्चा है। सेटल कोचिन में है।. उनका पापा वहां काम करते हैं। वो तैयार हो. गया कि हम इसको कुछ करेंगे।. मैंने कहा एस्कॉट सर्विस में आप जाको ये. पर्टिकुलर एस्कॉट सर्विस में जाके. उन्होंने बोला कि हमको लड़की चाहिए।.
बंगाली लड़की चाहिए। 15 साल की लड़की. चाहिए। कोचिनमैन चाहिए। ए करना में मैसेज. आया कि इतना पैसा दे दो। रजिस्टर करो। सेल. फोन सेलफोन दे दो। सेलफोन दे दिया। ₹200. ₹300 कुछ रजिस्टर कराया। मैसेज आया कि. साहब सब कोई बोलता नहीं है। मैसेज आता है. कि नहीं वी डोंट सप्लाई 15 साल के नहीं. मिलेगा। आपको 20 साल के कम नहीं मिलेगा।. आप सेकंडली सेक्सुअल वाइटेशन वही नहीं थे।. यू ऑल डिसेंट पीपल। आप मैसेज नो मेरे को. चाहिए 15 साल और मेरे साथ एस्कॉट में. जाएगा। मैं जो बोलूंगा वही करना है। इतना. ही है गॉड लैंग्वेज। फिर आपका एक फोन.
आएगा। फोन में आपको एसएमएस आएगा कि साहब. आपको डिमांड है बट वी डोंट सप्लाई. वुमेन वी सप्लाई ओनली मैन आप बोले नहीं. हमको मनी ही चाहिए लड़का ने किया फिर हम. ऐसे आया कि साहब हम 15 साल के नहीं देते. हैं 19 साल के देते हैं बोलो हमको 15 साल. के ही चाहिए फिर मैसेज आया कि आपके पास 15. साल की होगा मगर वो अनाउंस करेंगे 19 साल. का है तो 15 साल का ओके एग्रीड आई वांट अ. बंगाली लर्न ठीक है बंगाली लर्न मिल जाएगा. नाउ बट अमाउंट इज़ इंसरा ₹000 के बदले में.
₹00 लगेगा। ₹00 का आपका टोकन में ₹000 अभी. जमा करो। ₹00 आपने जीए पे या जो भी पे जमा. कर दिया। इन्होंने क्या किया? ये पुलिस के. साथ मिलकर के पुलिस कमिश्नर के साथ मिलकर. के काम कर रहा है। पुलिस कमिश्नर भी इसमें. साथ था। उन्होंने भी सब देखा पूरा. ट्रेनिंग कराया। पूरा कराया। बोला कि तुम. जाओ बैठे। तुम फलाना जगह पर जाना है। उनको. बोल दिया कि फलाना जगह एक वाइट एंबेसडर. गाड़ी है। कोई गाड़ी रहेगी। गाड़ी में. ड्राइवर रहेगा। तुम गाड़ी के ड्राइवर के. पास आप बैठ जाना। और इन नंबर वन पुलिस को. कोई खबर मिल गई तो तो होशियार तुम्हारा.
गर्दन कट जाएगा। नंबर टू पैसा कैश लेना. लेके आना चाहिए। पैसा में कोई ट्रैप नहीं. होना चाहिए। नंबर थ्री जहां पैसा देना. देना है का नहीं देना है। जिसको देना है. वो बताएंगे वही पैसा देना है और एक घंटे. में वापस निकल जाना है। किसी को इन देना. चाहिए। ये सब इनफार्मेशन आ जाता है। ये. वहां पहुंच गए। इन्होंने पुलिस को कवर. किया। पुलिस ने एक मोटरसाइकिल आदमी को. पीछे लगाया। इनको एक एक कम्युनिकेशन. सिस्टम दे दिया। उसके पास कम्युनिकेशन.
डिवाइस है। ये जो बोलेगा वो पुलिस सुनेगा।. गाड़ी आगे बढ़ी स्टेशन के पास गाड़ी खड़ी. है जो ट्रैफिक की गाड़ी का हाथ दिखाया कि. अंदर बैठ जाओ। बैठ गए। बोला कि पुलिस को. खबर नहीं कोई पुलिस नहीं। हम तो पुलिस से. मतलब है नहीं। हम तो स्टूडेंट हैं। तो. तुमको लड़की क्यों चाहिए? बोला कि हमको. लड़की ही चाहिए।. बंगाली क्यों? बोला बंगाली बोला उनके बारे. में समथिंग ही सेड ठीक है ठीक है चलो ₹00. दिखाओ उन्होंने पैसा दिखाया बोला कि रखो. नहीं मैंने रखा पैसा तुम अपने पास रखो.
उसको डर ला के कहीं ट्रैप होगा पैसा अपने. पास रखो पैसा जहां पहुंचे वहीं पर पैसा. देना है 18 जावा का बाकी भी पैसा है अब. इनको जाना था 1 किलोमीटर आगे ये गाड़ी को. बाएं घुमाया फिर पीछे घुमाया फिर दाहिने. घुमाया घुमाते घुमाते करीब 34 किमी दूर. आपको तो वही जाना है आप कहां जाना है नहीं. चलो बैठते हैं देखते हैं ये ग्लास से वाच. कर रहा है कुछ पीछे आ रहा है कि नहीं आ. रहा है. स्मार्ट बनता है ना क्रिमिनल तो स्मार्ट. होता ही है थोड़ा कि एक मोटरसाइकिल पीछे आ. रहा है तुमने साला पुलिस को खड़ा किया.
नहीं हम तो कोई पुलिस को नहीं खड़ा किया. नहीं ये मोटरसाइकिल पीछे आ रहा है फिर. मोटरसाइकिल को वॉच किया क्लोज किया अरे. मोटरसाइकिल वाला देखो यूनिफार्म उसका जूता. जो है ब्राउन जूता है और मोजा जो है खाकी. है तो ये 100% पुलिस वाला है तुम पुलिस का. सपाई है तू मेरे को ट्रैप करने आया है. क्या तुमको हम मार देंगे तुम्हारा एड्रेस. मेरा पास है हम छोड़ेंगे तुमको नहीं मैं. गाड़ी गाड़ी अभी रोक रहा हूं उतर जाओ साले. काफी उनको गाड़ी रोक दिया उनको निकाल दिया. अब मोटरसाइकिल क्या किया देखा कि उसको.
छोड़ दिया मजाक का मोटरसाइकिल पीछे बैठ. गया फिर उसका फोन आया तुमने मैंने देखा कि. तुम मोटरसाइकिल के पीछे बैठ गया तो सही. में पुलिस का आदमी है तुम्हारा जिंदगी. बर्बाद कर देंगे उसने बोला कि आपने तो. वहां ड्रॉप कर दिया कोई पुलिस वाला जा रहा. था पता नहीं कौन जा रहा था वो पुलिस वाला. है वो मेरे को पकड़ लिया अब हमको जेल ले. जा रहा है ले जा रहा है वो अपना डिफेंड कर. दिया मगर पुलिस सदक पुलिस ने उसको पकड़ा. गाड़ी को रेड कराए 13 आदमी को गिरफ्तार. कराए पांच छह लड़कियों को भी रेस्क्यू. कराए जिससे बंगाली लड़की भी थे ये बड़ा.
बड़ा ऑपरेशन केरला में चला तो मैं इसलिए. ये कहानी सुना रहे थे कि इंफॉर्मेशन कैसे. चलता है और कैसे गार्डन रहता है कैसे कोड. रहता है और ऑफिशली बोलेंगे कि साहब हम 20. 20 से कम उम्र वाले किसी को नहीं देंगे और. लड़की नहीं मिलेगा सेक्सुअलाइज हो ही नहीं. सकता बट दिस इज ट्रैफिकिंग। इसका कितना. पहलू है और कई बच्चे कई बच्चे बच्चियां. इसमें ट्रैप हो जाते हैं एवरीडे।. बट एक चीज बताओ इंडिया में.
प्रॉन्स्टिट्यूशन इललीगल है कि लीगल है? प्रॉन्स्टिट्यूशन पर से इललीगल मैं. पर से प्रॉन्स्टिट्यूशन पर से. प्रॉन्स्टिट्यूशन बाय इटसेल्फ. हम. मैं 23. इयर्स का महिला हूं। 30 ईयर ओल्ड वुमन। आई. आई एम इन माय हाउस। आई इनवाइट यू एंड हैव. सेक्सी विथ यू एंड पे टेक मनी फ्रॉम यू. एंड यू गो अवे। दैट इज़ नॉट इललीगल इन. इंडिया टुडे।. दैट इज इललीगल।. दैट इज नॉट इललीगल।. दैट इज नॉट इललीगल।. नॉट इललीगल।.
तो अगर कोई इंसान है वो लड़का या लड़की वो. अपनी विल से किसी के साथ सेक्स करता है और. उस बात में पैसे ले लेता है तो दैट इज़. लीगल।. इललीगल। दैट इज़ नॉट इलग। दैट इज़ लीगल।. दैट इज़ लीगल।. राइट? दैट इज़ नॉट इललीगल। आई वोंट से लीगल. वेट इज़ नॉट इललीगल इलीगल. इट्स ग्रे लाइन मतलब वो लीगल भी नहीं है. इललीगल भी नहीं है बट दिस नहीं दे नो लॉ. लॉ में है कॉन्स्टिट्यूशन पर से इज़ नॉट. इललीगल आई वुड गो बाय दैट लैंग्वेज तो मैं. इसको लीगलाइज़ नहीं करना चाहता हूं बिकॉज़. फ्रॉम मी लीगलाइज़ करने से वो एवरीथिंग. लीगल इसलिए. ये इट्स नॉट इललीगल. नॉट इललीगल.
ओके तो बट समबडी मेक्स मनी आउट ऑफ़ दैट अगर. मेरे को किसी ने ए्प्लॉय कर दिया और ही. मेक्स ही और शी मेक्स मनी आउट ऑफ़ दैट देन. इट बिकम्स कमर्शियल देन इज़ इलीगल ये. कमर्शियल हो जाता है मेरे को एक्सप्लइट. करा के मेरे को सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन में. या लेबर एक्सप्लइटेशन लाल करके किसी ने. पैसा कमा लिया कोई भी पैसा लिवर से लालच. से प्रोबेंस से धमकी से मेरे को पैसा मेरे. से ले लेता है या कस्टमर से ले लेता है. वही वो दैट बिकम्स. दैट एक्टिविटी इज़ इललीगल अगर थर्ड पार्टी.
इनवॉल्वड है तो इट्स इललीगल अगर कोई. कमर्शियल बेनिफिट इनवॉल्व है थर्ड पार्टी. का तो इट्स इललीगल नहीं तो इट्स नॉट. इललीगल. जो आपने बोला इललीगल है अगर अगर कोई बीच. में इंसान इनवॉल्वड होता है जो कमर्शियल. बेनिफिट बना रहा है इससे जो एजेंसीज चला. रहा है जो ब्रोकर है जो पिंप पहले बोलते. हैं व्हाटएवर द वर्ड्स आर देयर राइट अगर. वो है तो वो क्रिमिनल हुआ इसमें क्योंकि. अगर ये इललीगल है कि जो सेक्सुअल. ट्रैफिकिंग प्रोवाइड कर रहा है या कर रही.
है जो प्रॉस्टिट्यूट है वो इललीगल हुआ वो. क्रिमिनल हुआ कि जो एक्चुअली पे कर रहा है. फॉर दिस कि वो हुआ कि तीनों के तीनों. क्रिमिनल हुए। एक्सक्ट्ली वही मैं बता रहे. थे सोर्स एरिया में भी हर व्यक्ति को. ट्रैफिक नहीं हो सकता तो उसको आइडेंटिफाई. करने वाला सबसे पहला आइडेंटिफाई करने वाला. उसका उसको खरीदने वाला उसका उसको बेचने. वाला उसके बाद उसको ट्रांसपोर्ट करने वाला. उसको कहीं रखा है हारबर करने वाला उसको. फाइनेंस करने वाला उसको उसके साथ जो.
कॉनस्परेटर है जो षड्यंत्र करने वाला सब. कोई उसके बाद उसको एक्सप्लइट करने वाला. एक्सप्लइटेशन में पैसा बनाने वाला हर आदमी. इस लिंक इस अ मैसिव रैकेट एंड देन एंड. कस्टमर वो भी. अब्सोलुटली।. सो एवरीबॉडी फ्रॉम द सोर्स आइडेंटिटी जिस. आदमी ने आइडेंटिफाई किया कि इस घर में. मां-बाप की लड़ाई चलती है तो ये बच्ची. वनरेबल है। इधर पकड़ सकते हैं हम।. वो भी क्रिमिनल है। वहां से लेके जो एंड. में इतने रैकेट के बाद पहुंच के कस्टमर के. पास जा रहे हैं वो भी क्रिमिनल है।. सब एंड टू एंड क्रिमिनल्स हैं। ये इंडिया.
का है।. यार. ओके। डू यू कितना बड़ा रैकेट होगा ये. इंडिया में? बहुत बड़ा रैकेट है। मैसिव रैकेट अभी हाउ. डू यू ऑपरेट लाइक टेल मी ये जो नेक्सेस है. पूरा ह्यूमन ट्रैफिकिंग का स्पेशली. सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन एंड देन हम लोग. ऑर्गन पे बात करेंगे तो कितना बड़ा रैकेट. है और ये कैसे ये नेक्सेस ऑपरेट होता है. नहीं एग्जांपल देने से आपको समझ पाएंगे. हां आप प्लीज. अब. दिल्ली में दिल्ली में 2002 में एक रैकेट. पकड़ा गया.
नेपाल से लड़कियों को लाते थे दिल्ली में. 10 साल उसने लाया. उसका मैंने इंटरव्यू भी किया था. एज अ रिस्चर कहता है कि हमने 500 बच्चियों. को हर महीना हर साल लाते थे उनको नौकरी. देते थे हम. और उसका 10 साल उन्होंने नेपाली बच्चियों. को दिल्ली में कमला मार्केट में जाकर ले. छोड़ते थे पुलिस उनको पकड़ करके वेश्या. बना के जेल भेजते थे उसको मौका आया कि. साहब वेशिया बनने से उसको नौकरी उसका इनकम. बढ़ गया पुलिस पुलिस जाके उनको पकड़ लिया.
और पकड़ करके उनको वेश्या बना करके. चार्जशीट करते थे और कोर्ट उसको कन्वीट भी. करते. अब अब ये बंद सिस्टम बंद हो गया अंडर द लॉ. वेश्यावक्ति. वेश्या मतलब प्रोस्टट्यूट. प्रोस्टट्यूट. ओके तो पुलिस पकड़ती थी क्यों. वही तो बोल रहा अंडर अंडर द लॉ में सेक्शन. एट आईपी आईटीपी होता हुआ था उसका अभी भी. है उसके मुताबिक ओपन प्रॉस्टिट्यूशन. करेंगे ओपनली आप सॉलिसिट करेंगे आप ऑफेंडर. बन जाता है इस लड़की जो नेपाल के बच्चे को.
ट्रैफिक ला के रखते थे उसको ओपन. सॉलिसिटिंग करने के नाम पर पुलिस पकड़ते. प्रोसक्यूट बना करके प्रोसक्यूट करते थे।. कोर्ट उसको कन्विक्ट भी करते थे और उसको. सजा देते थे। वो ट्रैफिक है उसको वापस ले. भी जाते थे पैसा देकर के तो फिर. एक्सप्लइटेशन होगा। तो ये नेपाल का आदमी. क्या कर रहा था? उसको कई लोगों को दिल्ली. में आए थे। उसके ही स्टेटमेंट के मुताबिक. 500 बच्चियों को हर महीना हर साल लाते थे. और एक साल में 10 साल में कम से कम 5000. से ज्यादा लोगों को उसने ट्रैफिकिंग.
कराया। उसका इन्वेस्टिगेशन में ये निकला. कि उसको साउथ एक्सटेंशन में दो मकान है।. नेपालगंज में एक होटल है। इतना पैसा उसने. कमाया 10 साल में। हमको लगता है. हिंदुस्तान के कई राज्यों में ये रैकेट. बहुत बड़े पैमाने पर चल रहा है। अभी बहुत. राज्यों में बहुत स्टेट्स में पुलिस और. गवर्नमेंट की तरफ से अच्छा काम हुआ भी है।. बहुत अच्छा इंपैक्ट भी हुआ है। मगर मगर. इशू बहुत सीरियस अभी भी। चाहे सेक्सुअल. एक्सपाइटेशन में हो, चाहे एक्सट्री लेवल. के लिए हो, चाहे ऑर्गन ट्रेड में हो, चाहे.
और भी कई तरह के एक्सवाइटेशन में हो।. मैंने एक मूवी देखी थी लव सोनिया। आपने. देखी मूवी. जी।. उस मूवी में दिखाते हैं कि एक गांव में. छोटे से गांव में वो लड़की के शायद मामा. या कोई रिश्तेदार ही वो लड़की को बोलते. हैं बहुत छोटी होती है। जभी शायद 13 14. साल की होती है तभी। उसे बोलते हैं कि. तुझे मैं मुंबई ले चलता हूं। वहां पर तुझे. यहां पढ़ाऊंगा। पढ़ाई करने के लिए तुझे बड़े. शहर लेके जाता हूं। यहां पे या तो ऐसा.
बोलती है कि वहां जाके तुझे काम दिलाऊंगा।. एक्टर बनाऊंगा। व्हाटएवर किसी ना किसी की. तरह उसको फिसला फुसला के इधर लेके आ जाते. हैं वो। एंड फिर मुंबई आके उसे बेच देते. हैं। एंड फिर मुंबई में बेचने के बाद. एक्चुअल एक्सप्लइटेशन स्टार्ट होता है. उसके साथ। राइट? कि उसे किसी एक पर्टिकुलर. एरिया में रख देंगे। फिर उस एरिया के बाद. देखा कि इललीगली यहां से उसे दूसरी कंट्री. में भेजा बाहर टू गेट सम ऑपरेशन डन एंड. फिर उसके बाद बहुत सेक्सुअली एक्सप्लइटेशन. हुआ। फिर उन्हें वहां से एक दूसरी कंट्री.
में भेजा ताकि उनके कोई ऑपरेशन हो जिससे. शी कैन बिकम वर्जिन अगेन। एंड देन फिर उसे. वापस कहीं दूसरी कंट्री में इललीगली. इमीग्रेंट के जैसे कहीं भेज दिया और वहां. पे भेज दिया किसी एक लास्ट सोर्स को। एंड. ऐसे करके हजारों लाखों लोगों के साथ होता. रहता है। सो ये अभी भी होता है कि दिस इज. ओल्ड. ये फिल्म जो कर रहा है ना फिल्म में बहुत. से बहुत से लिमिट तक सही सही है। आगरा में. हम बच्चों को लाते थे ऑर्फन एज में.
आठ साल के सात साल के ऑर्फन बच्चों को. लाते थे। हार्मोन इंजेक्शन देते थे और छ. महीने के बाद वो सात साल के बच्ची जो है. ले थी 11 साल की हो गई या नौ साल की हो. गई। फिर एक हार्मोन इंजेक्शन देंगे उसको. 12 साल 13 साल बना देगा तो बच्ची है सात. साल की मगर लगेगा 13 साल 14 साल की. हार्मोन इंजेक्शन देकर उनको उनको ट्रैफिक. ही में लाया. व्हाट डू यू थिंक सबसे ज्यादा वनरेबल. कंट्री कौन सी होगी जहां से सबसे ज्यादा.
लड़कियों को. गुमराह करके एक्सप्लइट किया जा रहा है. विद इन इंडिया आप देखेंगे आई एम नॉट. टॉकिंग ट्रांस बॉर्डर नहीं है विथ इन. इंडिया आप देखेंगे इंडिया के कई राज्यों. में से कई स्टेट्स में से ट्रैफिकिंग का. बहुत बड़ा सोर्स था। नेशनल कमीशन नेशनल. ह्यूमन राइट्स कमीशन एनएचआरसी ने एक स्टडी. किया था 2002 2004 में। आई वास ए. प्रिंसिपल रिस्चर पब्लिश्ड बुक ओरियन. लॉन्ग मैन का। फिर 2014 से ले 19 तक टाटा. इंस्टट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेस ने भी रिसर्च.
कराया ऑल इंडिया स्टडी ऑन ह्यूमन. ट्रैफिकिंग। उसमें देखा गया कि साहब. इंडिया के कई स्टेट्स जो है अभी भी हाई. लेवल ऑफ सोर्स है। देखिए आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, वेस्ट बंगाल, आसाम, झारखंड, उड़ीसा, बिहार. ये हाई लेवल ऑफ़ सोर्स. हाई लेवल हाई राजस्थान ये हाई सोर्स एरिया. है।. हाई डिमांड एरिया जहां पर बिनेस. प्रोस्पेक्ट ज्यादा है, टूरिस्ट. प्रोस्पेक्ट ज्यादा है, वहां पर हाई.
डिमांड है। जैसे एरिया इन इंडिया. हां ओसा में टूरिज्म ज्यादा है। केरला में. टूरिज्म ज्यादा है। तमिलनाडु में टूरिज्म. ज्यादा है। गोवा में टूरिज्म ज्यादा है।. महाराष्ट्र में है। राजस्थान में है।. दिल्ली. दिल्ली दिल्ली है। तो जहां पर टूरिज्म. प्रोस्पेट एंड बिज़नेस प्रॉस्पेट ज्यादा. है। तो बिनेस प्रमोशन और टूरिज्म प्रमोशन. के नाम पर गलत काम करते हैं। बट टेल मी कि. अगर आप बोल रहे हो इतना इजी है कि इंटरनेट. पे कोई भी एस्कॉट सर्विस वगैरह बुक कर. सकता है और यह सब बहुत नॉर्मल हो चुका है.
तो फिर पुलिस क्यों नहीं पकड़ सकती. डायरेक्ट वैरी गुड क्वेश्चन वेरी गुड. क्वेश्चन एक्सीलेंट क्वेश्चन बहुत अच्छा. काम हुआ पुलिस की तरफ से मगर ये इतने. पैमाने पर है कि आप ज्यादा लेवल पर है तो. पुलिस एक एक पॉइंट तक जाते हैं. इन्वेस्टिगेट करने के लिए उसके बाद पुलिस. के नजर में आता भी नहीं है या आते तो जाते. भी नहीं है क्यों. इसमें पैसा बहुत है।. पैसा बहुत है। एक नेक्सेस है ना आदमी का. नेक्सेस में है. तो वो पैसा खिला देते हैं। या तो नेक्सेस.
है या पैसा कमाते हैं। खिलाते हैं। और. तीसरा पॉइंट पुलिस का ये है कि साहब पुलिस. कहते हैं कि साहब मेरे सामने जो क्राइम है. उसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए मेरे को. टाइम नहीं है। अभी कहां से दिल्ली जाके. राजस्थान जाके मध्य प्रदेश जाके मैं क्या. इन्वेस्टिगेट करूंगा? मेरे को टाइम नहीं. है। तो ये अवॉयड करता है इंडस्टेट. इन्वेस्टिगेशन का जो है मेनी पुलिस. स्टेशंस मेनी पुलिस स्टेशनंस अक्रॉस अ. कंट्री अवॉयड करता है कि स्टेट से बाहर. वाला क्राइम वो अपना निपट नहीं लेंगे। तो. उनका सीआईडी विंग बना हुआ है। सीआईडी विंग.
में कई तरह का इश्यूज है कि साहब उनको भी. स्कोप नहीं है या अपोरर्चुनिटी नहीं है या. इन्वेस्ट इन आता नहीं है। कॉम्प्लिकेशन. बहुत है। हर आदमी अपने को अपना टेरिटरी. मैनेज करते हैं और जो टेरिटरी से वन स्टेप. फॉरवर्ड अप्रोच ये हम लोगों को करना क्या. होगा? क्राइम आपके पास नहीं आएंगे। आपको. क्राइम के पास जाना पड़ेगा। ये हमारे. हिंदुस्तान के हक पुलिस आपसे ये सीख लें. कि क्राइम आपके पास नहीं आएंगे। आपको. क्राइम के पास जाना पड़ेगा।. जो किसी अगर किसी लड़की या लड़के को.
एक्सप्लइट किया जा रहा है वो पुलिस के पास. क्यों नहीं जाते हैं बोलने के लिए? डरते हैं क्या? रेप केस इन्वेस्टिगेट होता है। ये तो. मल्टीपल रेप है। मल्टीपल क्राइम्स है। तो. रेप केस इन्वेस्टिगेट के लिए एक आदमी ने. दूसरा आदमी वुमेन को रेप कर दिया। तो. एविडेंस बहुत सिंपल है। उसका एविडेंस इसका. एविडेंस बना के प्रोसक्यूट कर दो। वो वो. इंस्पेक्टर साहब बड़ा हैप्पी. [गला साफ़ करने की आवाज़] है कि साहब. उसमें केस खत्म हुआ है। सिंपल केस है। है. तो सीरियस बट सिंपल केस है। मगर. ट्रैफिकिंग केस में क्या हुआ? एक. इन्वेस्टिगेशन कराओगे तो पांच लड़कियां और.
मिल जाएगी। पांच एक्यूस और मिल जाएगी। अब. वहां से फिर पांच जगह आपको जाना पड़ेगा।. तो ऑर्गेनाइज्ड क्राइम है। तो ऑर्गेनाइज्ड. क्राइम का इन्वेस्टिगेशन के लिए चाहिए एक. टीम चाहिए। ये एक आदमी से हो ही नहीं सकता. है। वो मैं मान गया। पर अगर मैं एक इंसान. हूं या जो भी कोई देख रहा है और कोई इसमें. से अनफॉर्चूनेटली अगर वो किसी ना किसी तरह. सेक्सुअल ट्रैफिक में फंस चुका है। आई. डोंट नो इट शुड नेवर हैपन। पर अगर कोई देख. रहा है और उस इंसान को उस लड़की को या.
लड़के को पुलिस के पास जाना हो और वो जाके. बताए कि मेरे साथ यह हुआ है तो वो कैसे. रिपोर्ट करें और वो करें क्यों नहीं है. लोग ऑलरेडी? क्योंकि क्या डरते हैं वो कि. पुलिस हेल्प नहीं करेगी क्योंकि. ऑर्गेनाइज्ड क्राइम है। किस लिए डरते हैं. कि अगर बता दिया तो फोर्सेस जिन्होंने. उनको ट्रैफिक में डाला है वो ज्यादा. पावरफुल है देन पुलिस।. व्हाट इज द रीज़न? रीस सबसे पहले कि पुलिस. और पब्लिक के बीच में जो गैप है हम. डिसट्रस्ट. डिसबिलीफ ये जो ट्रस्ट की ट्रस्ट डेफिट है.
तो यू आर टेलिंग कि जो जो विक्टिम है उसको. भी पुलिस पे भरोसा नहीं है।. वही तो बोल रहे हैं ट्रस्ट डेफिसिट है।. जहां ट्रस्ट डेफिसिट नहीं है। अब गोवा में. रिसेंटली केस नाइजीरिया का लड़की है।. नाइजीरिया की बच्ची है। ये नाइजीरिया के. बच्ची को ट्रैप कराया गया। नाइजीरिया का. बची ने ही टेलीफोन से 112 को फोन कर दिया।. गोवा पुलिस को खबर मिल गई। युवा पुलिस. रेस्क्यू कराया उसको। तो मैंने गोवा पुलिस. से पूछा आपको मिली कैसे? बोला सर ये तो. बच्ची ने फोन किया। कैसे फोन किया? 112. में फोन किया। तो अवेयरनेस अगर लोगों को.
मिल जाती है ना 112 आपके पास है। आपको अगर. रेस्क्यू आपको रेस्क्यू हो सकता है। आपका. आइडेंटिटी रहेगा। ये कितने लोगों को मालूम. है? विक्टिम को यह जानकारी भी नहीं है।. विक्टिम का राइट्स क्या है? इसलिए. डिस्ट्रेस ज्यादा होता है। पुलिस डालते ही. नंबर वन बट भरोसा नहीं है। नंबर टू बट. तीसरी पॉइंट है कि विक्टिम को भी अवेयरनेस. नहीं है कि रिपोर्ट करना है, कैसे करना. है।. एंड इंडिया में डू यू थिंक कि ऐसा होता है. हां. कि जो ऑफेंडर है कोई भी ऑफेंडर वो कितना.
भी हीनियस क्राइम करे अगर वो. इन्फ्लुएंशियल और पैसे वाला है तो उसे कुछ. नहीं होगा। कई जगह होता है। कई जगह होता. ही है। कई जगह होता ही है। वो चार्जशीट के. बावजूद भी बेल मिल जाता है। बेल के बावजूद. भी उसका एक्यूट हो जाता है। कुछ ना कुछ तो. एविडेंस निकाल के इधर-उधर कर देता है। डू. यू थिंक कि जिन कंट्रीज में. प्रॉस्टिट्यूशन लीगल होता है या जिन. कंट्री में सेक्सुअल. आई डोंट नो।. सेक्सुअल प्लेजर के लिए जो भी मल्टीपल.
वेरियस एक्टिविटीज होती है वो लीगल होता. है। उन कंट्रीज में रेप्स एंड सेक्स. ट्रैफिकिंग कम होती है। वेरी वेरी गुड. क्वेश्चन वेरी गुड क्वेश्चन। ये आम जनता. में एक फीलिंग है कि इसको लीगलाइज कर दो. सब समाप्त हो जाएगा। देयर आर मेनी. एडवोकेट्स हुव गॉन टू सुप्रीम कोर्ट आल्सो. सुप्रीम कोर्ट जजेस आल्सो फेल इनू द. ट्रैप। मैं बता रहा हूं आपको कि अरे. लीगलाइज क्यों नहीं करते हो? द पॉइंट इज़. व्हेन यू आर लीगलाइजिंग अ कॉन्स्टिट्यूशन. आप एक एज फिक्स करते हो। ओके। 19 साल से. ज्यादा आप करेंगे तो आप बिलिंग नहीं करते.
हो। तो 18 साल है कि 19 साल है। कौन. डिसाइड करेगा? 17 साल को आप 19 कराओगे तो क्या कौन. डिसाइड करेगा? 15 साल को 19 कराओगे तो कौन. डिसाइड करेगा? तो ऑल द चिल्ड्रन ऑफ द. अडोलेसेंट ग्रुप विल बी डिक्लेयर्ड। उनको. डिक्लेअ किया जाएगा कि एडल्ट है। और. डिक्लेअ करने वाला कौन है? अब्यूसर पुलिस. ऑफिसर उसमें जो इनवॉल्व है एजेंसी एनजीओ. भी है। कई एनजीओ भी इसमें इनवॉल्व इस तरह. का कई एनजीओ अच्छे हैं। कई एनजीओ गलत भी.
है। तो हमारे सिस्टम में फुल प्रूफ सिस्टम. है ही नहीं उसको डिक्लेअर करने के लिए।. इसलिए हमारे सिस्टम डेवलप नहीं है कि साहब. इसको लीगलाइज करें। जहां लीगलाइज हुआ वहां. पर क्राइम कम नहीं हुआ है। कहीं रेप केस. कम नहीं हुआ है। तो ये सशन नहीं है रेप को. कम करने के लिए। आज दोनों अलग-अलग इशू है।. अगर आप मुंबई जाओगे, मुंबई में आप. निकलोगे, रात को 10 11 12:00 बजे के बाद. बहुत सारे अ लोग रास्ते पे खड़े होते हैं।.
आप कहीं भी चले जाओ ऑल फेमस एरियाज जोहू, बैंड्रा, मरीन ड्राइव वेयरवर यू गो। वहां. पे लोग खड़े होते हैं जहां पे एंड दे कीप. अगर आप सिग्नल के पास में खड़े हो तो दे. कीप कॉलिंग यू और वो पैसे चिल्लाते रहते. हैं, पूछते रहते हैं। दे आर इट्स अ क्लियर. साइन दैट देर मोस्ट ऑफ देम आर. प्रॉस्टिट्यूट्स। राइट? यह इतने ओपनली. सामने हो रहा है। डू यू थिंक पुलिस डोंट. नो अबाउट इट? नो इसमें ओपनली सॉलसिट करने. के लिए इंडियन लॉ में सेक्शन एट ऑफ़.
आईटीपीए इमोल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट में. सेक्शन एट कहता है सॉलिसिटिंग इज एन. ऑफेंस। तो पुलिस को काम है कि इनको. सोलसिटिंग ओपनली करने वाले को जेल करें।. गिरफ्तार करें जेल भेजें। मगर एक कॉशन. उसमें है। मैंने आपको डाल लिया सोलसिटिंग. के लिए। मैं पीछे खड़ा हूं।. आपको बोला है कि आपको यही करना है तो. इन्वेस्टिगेट करना चाहिए पुलिस को उस. व्यक्ति को महिला को पकड़ करके ले आना है. उनको इंटरव्यू करना है कि आपने मन से आए. हो कि कौन डाला है कैसे है इंटरव्यू के.
बाद अगर पता चल कि महिला अपने मन से नहीं. करना चाहती है किसी ने डाल के रखा है उसका. फंडा बनाइए इसको विक्टिम बनाइए वो. ट्रैफिकिंग है. बड़ी कितने सारे खड़े रहते हैं रोज. गलत है पुलिस का काम है लॉ तो बहुत क्लियर. है ये सब ओपन सोसिटिंग हो ही नहीं सकता है. ओपन होता है मैं बोल रहा हूं वेल दैट्स अ. पॉइंट इसको सीनियर पुलिस ऑफिसर्स का ये. सुनते होंगे सीनियर पुलिस ऑफिस की. रेस्पोंसिबिलिटी जहां चाहे जो भी पुलिस. कमिश्नर हो चाहे जॉइंट पुलिस. मेरा ऑब्जेक्टिव किसी को अटैक करना नहीं.
है मैं तो क्वेश्चन पूछ रहा हूं आपसे कि. ये अगर ओपन होता है तो आई एम श्योर सबको. पता होगा. कहीं ना कहीं कुछ इन्वॉल्वमेंट होगा और. क्या इन्वॉल्वमेंट है व्हाट इज प्रोसेस. बिकॉज़ अगर ये लीगल है तो देन लेट्स नॉट. हैव अ कन्वर्सेशन ये सॉलिसिटिंग करना. इललीगल है और आपको रोक करके आपको. सोलिसिटिंग करना बिकम हाईली इललीगल आज ये. जो आपने ठीक बताया ना कि पुलिस को जानकारी. नहीं है गलत है जानकारी नहीं होगा जानकारी. है जानकारी जरूर है जानकारी नहीं है तो. पुलिस आपसे लायक नहीं है वो.
[नाक से की जाने वाली आवाज़] ओके आई हैव अ. क्वेश्चन एक रीसेंट केस हुआ था मुझे उसके. समझना मेरा बड़ा एक क्यूरियोसिटी थी. क्योंकि मैंने किसी मूवी में सुना था ये. डायलॉग एंड दिस वास अगेंस्ट केस अगेंस्ट. एक्सीडेंट ओके अगर आप कार चला रहे हो एंड. आप बाइक चला रहे हो, कार चला रहे हो, कुछ. भी जा रहे हो। आपने हेलमेट पहना है या सीट. बेल्ट पहना है। लेट्स पिक अप कार। लेट्स. मेक इट इजी। आप एक कार चला रहे हो। आपने. सीट बेल्ट लगा रखा है। आप एक स्पीड लिमिट. अगर 40 है या 50 है, 50 पे ही चला रहे हो.
और सही लेन पे जा रहे हो। एंड उसके बाद भी. अगर आप एक्सीडेंट करते हो तो सामने वाला. जो इंसान आता है उसे लग जाती है। डू दी डू. यू थिंक दिस पर्सन शुड बी पनिश्ड? और नो।. सी लॉ इज़ वेरी क्लियर। लॉ इज़ वेरी क्लियर।. हर क्राइम में एक इंटेंशन है, एक एक्शन. है। हम [नाक से की जाने वाली आवाज़]. नेगिजेंट एक्ट में ही ये क्राइम है जहां. भाई इंटेंशन नहीं पूछता है।. क्या. इंटेंशन हम. तो किसी ने किसी का पॉकेटमारी किया उसको. इंटेंशन है कि पैसा लेना है।. हां.
तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] एक्शन हुआ. पैसा लिया।. इंटेंशन है कि पैसा लेना है। किसी ने किसी. को मार दिया, मर्डर कर दिया।. तो उसमें इंटेंशन है इसको मारना है और. एक्शन भी हुआ।. तो ये जो एक्सीडेंट केस है दैट्स ओनली केस. हुआ है जहां पर इंटेंशन इज नॉट रेलेवेंट।. हम. एक्शन आपने एक्शन रैश एंड नेगिज एक्ट आप. रैश थे नेगिजेंट थे तो भी आपका खिलाफ. एक्शन बढ़ेगा. तो नेग्लिजेंस प्रूव करने के लिए कोर्ट. में ये कि आपको 60 स्पीड में जाना था आपने. चला गया 70 स्पीड में आपको दारू नहीं पीना.
चाहिए था आप दारू पी के चले गए आप 15 साल. के बच्चे आप चला नहीं सकते थे आपने चला. दिया तो ये सब जो है नेग्लिजेंट एक्ट में. आता है. तो अगर नेग्लिजेंट एक्ट था आपके पास देन. यू आर लायबल और नेगिजेंट एक्ट आपके पास. नहीं था देन यू आर नॉट लायबल एट ऑल. तो अगर किसी के साथ ऐसा हो जाए क्योंकि आई. सॉ दिस दिस हैपेंड वि वन ऑफ़ माय फ्रेंड्स. एंड. उस वो इंदौर में गाड़ी चला रही थी जहां पे. एक बीच में से चलते रोड में आई थिंक वो.
30- 40 की स्पीड पे होगी। ज्यादा स्पीड पे. भी नहीं होगी। एंड बीच में चलते से कूद के. एक इंसान आ गया। फोन पे बात कर रहा था।. उसने वो जो डिवाइडर होता है वो जंप मार के. उसने क्रॉस करा वैरी कॉमन साइड. करेक्ट राइट. उसने फोन पे बात कर रहा था वो और वो एकदम. से और इंडिया में ऐसे रोकते हैं सामने. वाला जो [गला साफ़ करने की आवाज़] हो रहा. होता है वो रोक रहा होता है तो उसने उसकी. गाड़ी रोकी उसने जब तक वो रोकती है तब तक. वो टकरा गया और वो गिर गया और उसको पैर पे. चोट लग गई काफी उसपे थोड़ा सा टायर वायर आ. गया और उसपे चोट लग गई आई थिंक स्प्रेन.
आया होगा. गलती उसका है ड्राइवर का नहीं है. हां किसी का भी ड्राइवर का नहीं है. ना बिल्कुल नहीं. लेकिन उस टाइम पे ये होने की वजह से वो. सामने वाले इंसान ने चिल्लाना स्टार्ट. किया और कम से कम 50 लोगों ने उसे घेर. लिया रोड पे। दैट्स अ ह्यूमन रिएक्शन एंड. शी गॉट स्केर्ड। अब उसे नहीं पता ना उसका. कोई हिट एंड रन का ऑब्जेक्शन था, ना उसका. हिट करने का ऑब्जेक्शन था। कुछ भी नहीं था. और 50 लोगों ने घेर लिया। तो एट दिस पॉइंट. उसे यह नहीं समझ आ रहा कि अब वो गाड़ी चला. के भागे 50 लोगों से। अगर वो भाग जाती है. तो हिट एंड रन का केस हो सकता है। अगर वो. नहीं भागती है तो ये 50 लोगों से बहुत.
मारेंगे। पब्लिक रे में जाएगी। व्हाट शुड. दैट पर्सन डू? नहीं दैट डिपेंडिंग ऑन सिचुएशन। राम भाई. इंसान अच्छे इंसान भी होंगे ना तो शी कैन. सैन अप इन एंड से गिल्टी मेरा कुछ नहीं है. आप देख लो शी कैन टॉक बट फियर फियर से काम. नहीं बनेगा शी है ओवरकम फियर इस सिचुएशन. में आगे रुकना ही पड़ेगा. हां इस हां रुकना ही अच्छा है इस सिचुएशन. में आप जो कर रहे हैं कि उसमें शी इज़. इनोसेंट एंड शी शुड स्टॉप एंड शी शुड कम. आउट एंड से [गला साफ़ करने की आवाज़] गलती. मेरा है तो आई विल टेक केयर आप बोलो बट. गलती उनका मेरा नहीं है आप देख लो तो.
इंस्टेड ऑफ़ प्लीडिंग इनोसेंस शी प्लीज कम. एंड टेल मी व्हाट. व्हेन यू पुट द ओनर्स दूसरे को ओनर्स. करेंगे ना तब क्या करें पब्लिक में सोचेगा. अरे देखो महिला ठीक बोल रही है दैट सपोर्ट. विल कम. बट यूजुअली सपोर्ट ऐसा होता है कि अरे ये. तो गाड़ी वाले हैं ये तो रईस है रईस लोग. तो एक्सप्लइट करते हैं रिच पीपल वो. माइंडसेट है हमारा इतने में मारना स्टार्ट. करते हैं लोग मानने को रेडी नहीं होते कि. अगर उस इंसान के पास गाड़ी है या वो रहीस.
है तो उसकी गलती नहीं होगी. उस सिचुएशन में हम मान लिए उनको मारपीट की. नौबत आती है शी हैज़ टू ट्राई द कार शी. ट्राइव स्ट्रेट एंड गो टू द पुलिस स्टेशन।. उनको इतना ही करना है कि सीधे पुलिस. स्टेशन जाए।. तो वो भागती नहीं है। शी इज़ कमिंग फॉर. सिक्योरिटी ओनली। शी इज़ रिपोर्ट। शी इज़ ऑन. रिपोर्टिंग द पुलिस। सीधे आया पुलिस. स्टेशन में।. तो एफआई तो कोई भी इंसान से कभी भी अगर. अननोइंगली विदाउट इंटेंशन एंड नेग्लिजेंस. नहीं है। उसप अगर एक्सीडेंट हो जाता है जो. भी लोग सुन रहे हैं। दे शुड डायरेक्टली गो. टू पुलिस स्टेशन एंड कि सर ये हुआ है. इधर-उधर हुआ है और ऐसे हुआ है।. हां उनके सेहत में पुलिस केस भी करेंगे।.
उन्होंने पुलिस कराया कि आदमी मेरे सामने. अंदर कूद गया। हम. तो उनके स्टेटमेंट पे भी केस होगा तो वह. वो विक्टिम बनेगा वह वादी बनेंगे एक्यूज़. दूसरा आदमी बनेगा. हम. तो पुलिस का यह ड्यूटी है कि इन्वेस्टिगेट. करना है. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. ओके आई हैव अ क्वेश्चन इंटरनेशनल पुलिस का. आपस में लिंकेज होना चाहिए ताकि वर्ल्ड के. केसेस वो आपस में मिलके सॉल्व करें. या. राइट एंड ये सब आपस में कनेक्शन होना. चाहिए जो यूजुअली नहीं होता है एक कंट्री. की दूसरी कंट्री की पुलिस मोस्ट केसेस में. हेल्प नहीं करती राइट. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. टेल मी वन एग्जांपल. [गला साफ़ करने की आवाज़].
कि जैसे विजय मालिया. केस है। नीरव मोदी केस है। यह इंडिया में. इनके ऊपर क्लियर है कि कुछ ना कुछ चार्जेस. लगे हुए हैं या क्रिमिनल चार्जेस लगे हुए. हैं। राइट? लेकिन ये दूसरी कंट्री में चले. गए यूके में। तो ऐसा क्यों हो रहा है कि. वहां की पुलिस या वहां की गवर्नमेंट. इंडिया के साथ कोपरेट नहीं कर रही और उनको. इधर भेज नहीं रही है।. सी सबसे पहले इंटरनेशनल कॉरपोरेशन में. इंटरनेशनल कॉपोरेशन में दो चीज जरूरी है।. नंबर वन जो क्राइम यहां बोलते हैं वो. क्राइम वहां भी होना चाहिए। इसको बोलते.
हैं ड्यूल क्रिमिनालिटी। हम. यहां जो क्राइम है वहां भी क्राइम होना. चाहिए। अगर यहां ट्रैफिकिंग क्राइम है. नेदरलैंड में ट्रैफिकिंग क्राइम नहीं है. तो आप जितना भी बोले बोला कि हमारे यहां. क्राइम नहीं है।. ओके।. तो अगर वहां का सिटीजन है तो उसको कुछ. नहीं करेंगे।. इंडिया के सिटीजन भी वहां बैठेगा तो भी. नहीं करेंगे। वहां इंप्लीमेंट नहीं करेगा. वो। तो ड्यूल कमिटी होना चाहिए। नंबर टू. हम लोगों को कंट्री के साथ जो है पुलिस टू. पुलिस एग्रीमेंट होना चाहिए। कोई एक्सलेशन. ट्रीटी होगा पुलिस गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट.
एक्सलेशन ट्रीटी होगा या कोई एमओई होगा. अंडरस्टैंडिंग होगा बटरल ट्रीटी होगा तो. इस तरह का ट्रीटी कुछ होना चाहिए तो ये जब. तक ये दोनों में एक चीज नहीं है तो हम. लोगों को ये इस तरह काम में करने में. परेशानी होगा और तीसरा पॉइंट ये साहब जब. हम हिंदुस्तान से बाहर निकल गए तो हमारा. कानून यहीं पर है हिंदुस्तान के टेरिटरी. के अंदर है. हम. इंडियन पीनल कोड क्रिमिनल प्रोसीजर कोड सब. इसी में ही है हिंदुस्तान से बाहर गया तो. वहां का अपना लॉ लागू नहीं है। एक्सेप्ट.
इंडियन टेरिटरी में इंडियन एंबेसी के अंदर. इंडियन एंबेसी में क्राइम हुआ तो यहां. आईपीसी में होता है क्राइम वहां भी होगा. यहां भी होगा कर सकता है। मगर वहां पर. वहां का पुलिस जो काम करेगा तब उनका कानून. के मुताबिक उनका लॉ के मुताबिक ऑफेंस. बनेगा तब ओके तो अगर इंडिया में कोई. क्राइम करता है और वह उस कंट्री के. अकॉर्डिंग क्राइम नहीं है तो कुछ नहीं. होगा।. नहीं होगा। ओके टेल मी एज अ एक सीबीआई. एक सीबीआई ऑफिसर की या सीबीआई डीआईजी के.
क्या पर्क्स होते हैं? सैलरी कितनी होती. है एक सीबीआई ऑफिसर की? अभी तो सैलरी काफी रिवाइज हुआ है। हमको. लगता है डीआईजी लेवल ऑफिसर को कम से कम 2. लाख सैलरी मिलेगा पर मंथ।. हम. एंड पक्स क्या होता है? पक्स में. गवर्नमेंट गाड़ी देती है और पेट्रोल देती. है और उसके बाद ड्राइवर देते हैं। ड्राइवर. शायद दो होता है। फिर. [नाक से की जाने वाली आवाज़]. हेल्पर के सिक्योरिटी में मिल जाती है।. सिक्योरिटी को कई लोगों में कई जगह हेल्पर.
भी मिलता है। असिस्टेंट कुक करने के लिए. घर वही घर पर घर में जाती है। गवर्नमेंट. क्वार्टर्स मिल जाती है। छोटा अमाउंट देना. पड़ता है। ₹1 लाख या ₹ लाख का नॉर्मल होता. है आउटसाइड तो. 12 ₹1000 ₹1000 देना पड़ता है पर मंथ पक्स. बहुत है उसमें कंफर्ट भी बहुत है. [गला साफ़ करने की आवाज़]. और क्या. कुछ पावर्स होते हैं. पावर्स में इंडिविजुअल लेवल. हां उनको हर रैंक में अपना डिस्पोजल का.
कंट्रोल का एडमिनिस्ट्रेटिव पावर हर रैंक. में अलग-अलग होता है. जैसे अ एक थोड़ी थोड़े दिन पहले हम. पडकास्ट ही बना रहे थे और उन्होंने मुझे. बताया था आईएएस ऑफिसर थे। उन्होंने मुझे. बताया था कि आईएएस ऑफिसर्स पे सबसे खराब. और सबसे अच्छी चीज ये होती है यूजुअली वो. अपना काम पूरी शिद्दत से करें 247 करें तो. भी उन्हें कोई मतलब निकाल नहीं सकता. सर्विस से और अगर वह कम करें दिन में 4.
घंटे या 5 घंटे तो भी उन्हें निकाल नहीं. सकता कोई। सो ऐसा कुछ आईपीएस के साथ भी. होता है।. दैट्स व्हाट आई टोल्ड आई मैंने आपको बताया. ना अकाउंटेबिलिटी फैक्टर कम है इसलिए काम. नहीं. आईपीएस एंड आई थिंक आईपीएस ऑफिसर्स के. अगेंस्ट कोई पुलिस कंप्लेंट भी नहीं हो. सकती। राइट. नो नो नो क्या क्यों नहीं हो सकता है? आईपीएस ऑफिसर के खिलाफ ही काफी कंप्लेंट. हुआ। अभी तमिलनाडु में मेरे डीजी है जेल. में है वो किसी लड़की के साथ बदतमीजी किया. कुछ किया। अभी खड़ा बेल हुआ तो बहुत सारे. जगह. तो कैसे कंप्लेंट होगी किसी आईपीएस ऑफिसर. के. क्यों नहीं तो पुलिस थाना ही इन्वेस्टिगेट.
करते हैं। उनका तमिलनाडु का डीजी था।. उन्होंने पुलिस इन्वेस्टिगेट किया। पर आप. बताओ कि अगर कोई डीजीपी हुआ, कोई डीजी हुआ. जिसने कुछ क्राइम किया तो कोई एक नॉर्मल. इंसान थाने में जाके थोड़ी बोलेगा कि आपके. ही सीनियर के ऊपर हम कंप्लेंट लिखाने. थाना बड़ा जरूरी थाना जाना जरूरी नहीं है।. सीनियर आपसे कोई जानकारी मिल गई सीआईडी. में इन्वेस्टिगेट होता है। सीआईडी स्टेट. सीआईडी होता है। हर स्टेट में वो. सेंट्रलाइज इन्वेस्टिगेशन करते हैं। तो. किसी को किसी पुलिस के ऊपर. क्राइम हो रहा है। कोई पुलिस वाला अगर.
क्राइम कर रहा है। पुलिस लेडी या पुलिसमैन. तो एक सिटीजन उनप कैसे कंप्लेंट लिखा सकता. है और कहां लिखाना चाहिए ऑनलाइन कुछ होता. है या सीआईडी कुछ. साहब साहब अगर मान लीजिए पुलिस थाना लेवल. पे है तो आप डीसीपी को लिखिए डिप्टी. कमिश्नर पुलिस आईएसपी को लिखिए आई एसपी के. खिलाफ कंप्लेंट है तो आप डीजीपी को लिखिए. तो लेवल बना हुआ है ना तो हायर लेवल पर अब. अभी तो सब ईमेल में है ही. ईमेल में. डीजीपी अगर कंप्लेंट करनी हो. तो आप स्टेट हो चीफ सेक्रेटरी को लिखें. एंड एक्शन होता है नहीं होता।.
आई थिंक इन्वेस्टिगेशन तो होता ही होगा. ही। इन्वेस्टिगेशन जरूर होगा।. कुछ होता है। डू यू थिंक इट्स इजी? मैंने आपको बताया ना ये तमिलनाडु में डीजी. को अभी लोकल पुलिस ने ही जांच करा के लोकल. पुलिस ने थाना ने इन्वेस्टिगेट करा के. चार्जशीट लगाया। ट्रायल हो गया। कन्विक्ट. हो गया वो। बहुत केसेस इस तरह का कई कई. जगह इसमें मैं पेपर. पुलिस पुलिसमैन को अरेस्ट करा किया जा. सकता है।. हां [गला साफ़ करने की आवाज़]. अगर अरेस्ट करने का सिचुएशन है, जरूरत है. तो अरेस्ट किया जाएगा। मेल नहीं होगा।. मतलब पुलिस मैन इज़ एज द इक्वल एज नॉर्मल.
लॉ डिफिकल्ट होगा क्योंकि बट लेकिन बिकॉज़. ऑफ़ देयर नेचुरल पोजीशन एंड पावर. पर लॉ इक्वल है। लॉ अप्लाई इक्वली टू देम. कोई लॉ डिफरेंट नहीं है।. नहीं बिल्कुल नहीं है। बिल्कुल नहीं है।. परफेक्ट।. थैंक यू।. थैंक यू सर। थैंक यू सो मच। इट वास प्लेजर. हैविंग यू। काफी मजा आया। बहुत सारी बातें. हो गई। इतनी सारी मुझे ऐसा लगता है वहां. से बात करते जाऊंगा। हमारे पास बहुत सारी. चीजें हैं। पर हम फिर ये नेक्स्ट पॉडकास्ट. करेंगे और अगले पडकास्ट में और बातें. करेंगे। पब्लिक सर्विस है ना एक मेरे.
मैंने देखा साईं बाबा से. हम में साईं बाबा थे हम. ये है कि लव ऑल सर्व ऑल लव ऑल ऑल. सर्व ऑल. वो जिंदगी में वही प्रैक्टिस करते रहा एंड. इवन आई एम प्रैक्टिसिंग दैट. नाइस. अ ग्रेट थिंग थैंक यू नमस्ते. थैंक यू सर. जय हिंद. थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के. लिए मुझे प्लीज कमेंट में फीडबैक दो कि. कैसे हम इस एपिसोड को इस पॉडकास्ट को और. इस YouTube चैनल को इंप्रूव कर सकते हैं. क्योंकि आपका फीड फीडबैक ही हमें बेहतर.
बनाएगा। मैं हर कमेंट पढ़ता हूं एंड उससे. यह सीखने की कोशिश करता हूं कि अगले. एपिसोड में हम क्या चीज और बेहतर कर सकें. ताकि आपके लिए एक बेहतर एक्सपीरियंस बना. सके। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। यह. एपिसोड एंड करने से पहले किसी एक इंसान के. साथ जरूर शेयर करना क्योंकि वन. कॉन्वर्सेशन इज इनफ टू चेंज समवनस लाइफ।. आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अंटिल दैट. टाइम कीप फिकिंग आउट। [संगीत].
[संगीत]. [संगीत].
