How Is China CRUSHING India? Harsh Pant Explains | Raj Shamani FO 119
इंडिया क्यों चाहता है की चीन के साथ. हमारे रिलेशनशिप स्ट्रांग हो हम कोशिश. क्यों कर रहे हैं और चीन क्यों नहीं चाहता. की इंडिया से रिलेशनशिप अच्छी है देखिए हम. तो बहुत पुराने प्रेमी हैं चीन के हिंदी. चीनी भाई भाई 1962 से नारे लगा रहे हैं तो. बाकी सारे देश भारत के बड़े में बड़ी-बड़ी. बातें करते हैं भारत से भारत ग्लोबल पावर. है चीन इंडिया इसे एन साउथ एशिया कंट्री. ऐसा ही जिक्र करता है क्योंकि उसका जो. नॉरेटिव है वो ये है की भारत एक इंडियन. ओसियन साउथ एशिया से रिलेटेड कंट्री हमको. उसको वहीं पर दाल देना है तो पाकिस्तान को. सपोर्ट दे दिया श्रीलंका में बहुत दी उसका. नतीजा भी हुआ भूटान को परेशान किया तो वो.
जो एक ये बता दिया की भाई हम हम वे आर. पावरफुल वे बिल डिक्टेट डी टर्म्स यू हैव. तू डील विथ आईटी इंडिया में ये एक. आर्गुमेंट था की 62 के बाद की चीनी कई. सैनिक अगर वो ए गए तो वो जल्दी से हमारी. तरफ ए जाएंगे हम अपनी साइकिल टूटी फटी रखो. तो वो जो एक बैलेंस और पावर था बॉर्डर में. वो चीन के फीवर में बढ़ता जा रहा था तेल. मी. इंडिया के लिए. आज का एपिसोड हमारा इस बड़े में है की.
इंडिया को अपनी लीडरशिप कैसे मिलेगी. 1947 के बाद से इंडिया ने दूसरी कंट्रीज. के साथ क्या-क्या टाइप करें इन ऑर्डर तू. गेट हेड इंडिया के चीन के साथ रिलेशन कैसे. हैं अमेरिका के साथ रिलेशन कैसे हैं दूसरी. कंट्रीज हम पे क्यों हैवी होती है या हम. दूसरी कंट्रीज पे क्यों हैवी हो जाते हैं. इन सब रिलेशनशिप को समझना की हमने कोशिश. कारी है क्योंकि अगर आपको और मुझे इंडिया. की ग्रोथ स्टोरी का पार्ट बन्ना है तो.
इंडिया ऑलरेडी कहां कहां पर गो हो रहा है. और कितनी जल्दी गो है और गवर्नमेंट के. क्या फॉक्स है उसको समझना बहुत जरूरी है. इसके बड़े में हमने बात करिए हर्ष पान से. पहले वो प्रोफेसर थे जहां पे वो इंटरनेशनल. रिलेशंस पढ़ते थे लंदन में इंडिया के और. उनसे हमने समझना की कोशिश कारी की आप और. मैं इन बटर होते इंटरनेशनल रिलेशंस का. अपॉर्चुनिटी में कन्वर्ट करके एडवांटेज. कैसे ले सकते हैं सो डेट हम कंट्री को आगे. ले जा पे इंजॉय टुडे.
इनफॉरमेशन देते हैं जो आपको एक बटर लीडर. बने में हेल्प करती है. रिसेंटली एक स्टडी पढ़ रहा था की इंडिया. में तो है है नेटवर्क इंडिविजुअल्स वनडे. और उनका परसेंटेज पिछले 5 सालों में बहुत.
बाढ़ गया है और हर साल बढ़नी जा रहा है की. ज्यादा लोग इंडिया से बहुत पैसे काम रहे. हो और फिर इंडिया छोड़ के चले जाते हैं और. एक्साइज ही नंबर ऑफ रीजंस के लिए कोई कुछ. भी बहन दे कुछ भी बोले बट डी फैक्टर्स ये. बढ़ते जा रहा है माइग्रेशन सो वही डू यू. फूल की क्यों हो रहा है ऐसा क्यों इंडिया. के लोग बाहर जा के सेटल होना प्रेफर. ज्यादा कर रहे हैं यहां पे पैसे कमाते हैं. फिर बाहर चले जाते हैं इनफैक्ट नंबर ऑफ. पीपल जिनको इंडिया के बाद जब करनी है. जिनको इंडिया के बाहर जाके पढ़ना है और. इंडिया के बाहर जाके सेट होना है इन तीनों.
के नंबर्स इंक्रीमेंटली इंक्रीस होते जा. रहा है मुझे ऐसा लगता है की कंट्री. डिफिकल्ट पर अन्य यू नो पर अन्य कंट्री तू. फूल. तो उसमें आपको इस तरह की जो पेटर्न्स हैं.
कोई एविडेंस होंगे की अगर हमको यू नो आईएफ. यू हैव पीपल हूं पर हॉप्स आर नोट. मिडिल क्लासेस इन इंडिया जिनको अच्छी. एजुकेशन अपने बच्चों को देनी है तो हमारे. एजुकेशन सिस्टम की खामियां तो काफी समय से. एविडेंस थी न्यू एजुकेशन पॉलिसी तो अभी आई. है उसमें कुछ चीज ठीक करने की कोशिश करिए. पर वो इट्स एन वर्किंग प्रोग्रेस तो अगर. आपको बच्चों को पटना है तो आईएफ यू आर. चाइल्ड इस रीजनेबल टैलेंटेड आप क्या सोचती. हो पहले चीज अगर आईटी आई एम नहीं हुआ उसका. यूपीएससी उसने क्रैक नहीं किया तो उसको. बाहर चले जाना चाहिए.
मास्टर्स करने के लिए आप तो अंडरग्रैड के. लिए भी लोग बच्चे हैं तो डेट आई थिंक डेट. पैटर्न इस वेरी टिपिकल ऑफ एन कंट्री लाइक. इंडिया आई वुड थिंक जहां पर एस्पिरेशन सर. राइजिंग मोर दें डी कैपेसिटी ऑफ डी स्टेट. तू डिलीवर वो दोनों के बीच में एक डिफरेंस. है स्टेट के पास उतनी कैपेसिटी नहीं है. अभी जो जो सबकी. कर पे तो आई थिंक. जब इनमें इसको लिंक करोगे इंडिया की.
ग्लोबल प्रोफाइल से प्राइम मिनिस्टर मोदी. को एवरिवेणी टैब इन डेट आई थिंक थॉट्स. रियल पॉजिटिव पर इंडिया की आपके पास आपकी. यू नो दुनिया भर में आज लोग हैं आई मीन. किस सोचा था की डेनमार्क में यूरोप में. सबसे ज्यादा पापुलेशन है इंडियन माइग्रेंट. और एवं. आपके आपके जो लोग हैं वो. इकोनॉमिकली अच्छा कर रहे हैं इकोनॉमिक्स. के लिए वो बाहर अच्छा करते हैं तो उनको. पॉलीटिकल हैव मिलता है जैसे उस में हुआ है. तो आई थिंक इन इनडायरेक्ट विद आते अलसो.
हेल्प्स इंडिया सो आई थिंक मुझे ऐसा लगता. है की रात दिन बी मॉर्निंग दिस फैक्ट ऐसा. हो रहा है वे हैव तू बी क्लेवर अबाउट आईटी. वे शुड बी क्लेवर अबाउट आईटी की अच्छा हो. रहा है चाहे लोग बाहर जैन मैं तो पापुलेशन. ज्यादा है अगर स्टेट के पास कैपेसिटी नहीं. है असिस्टेंट करने की तो आपके पास तो. प्रॉब्लम है और हम तो वे आर सेइंग की ये. डेमोग्राफिक डिविडेंड है और वो. डेमोग्राफिक डिविडेंड तो तब होगा ना जब. आपके पास कैपेसिटी होगी उसको उसे करने की. अगर आपके पास नहीं है उसको पुरी तरह से. यूटिलाइज. और इंडिया में जनरली हमेशा से ऐसा हुआ है.
की इंडिया हस ग्रोन इंडियन इकोनामी इन. पर्टिकुलर हेस ग्रोन डिस्पाइट इंडियन. स्टेट इंडियन स्टेट का इंवॉल्वमेंट सिर्फ. परेशानियां ज्यादा हुई हैं जहां लोगों को. छोड़ दिया गया है उन्होंने अपनी एनर्जी को. क्रिएटिव इसको अच्छे से इस्तेमाल. देते हो जहां पर ज्यादा पावर स्टेट के पास. चली जाति है तो वहां पर हमने देखा की पहले. 50 साल कितना वेस्टेज हुआ तो आई थिंक. ये जो फिनोफेना है ये मुझे ऐसा लगता है.
बड़ा नेचुरल है प्रोडक्टिव भी इंडिया के. लिए आई थिंक ये होना चाहिए इसको इसको. इंडिया को उसे करना चाहिए मोर अफेक्टिवेली. आई थिंक. मोदी और मोदी गवर्नमेंट अंडरस्टैंड डियर. टाइपिंग इन आईटी आई थिंक ओके एवरेज इन डी. की हमारे डायसपोरेटिव है उसको क्यों नहीं. उसे किया जाए उसको आप इंडियन प्रोजेक्ट्स. मिलिया. पैसा दाल ले. उनको लगता था की हमको पूछता नहीं है सदा. नो यू दिस गवर्नमेंट आते लिस्ट इस ट्रिंग.
तू तप इन आईटी ए वेदर दे आर डूइंग आईटी. इफेक्टिवली आर वेरी इफेक्टिवली और. हाऊंफेक्टिवेली डेट्स और अदर क्वेश्चन बट. आई थिंक ये ट्रेड तो चलेगा अभी क्योंकि. अगर आप अगर हम इतनी. हम अगले 10 साल में का रहे हैं की हम. ट्रेड ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी बन्ना. चाहते हैं 10 साल से भी कम में का रहे हैं. तो अगर वो एस्पिरेशन है तो आपके पास मुझे. तो नहीं लगता की आपकी स्टेट कैपेसिटी इतनी. है की आप उसको अच्छे से यूटिलाइज कर सकते. हो तो आपको तो इस इसकी जरूर पड़ेगी और आई. थिंक थॉट्स रीजन वही वे आर विटनेस और.
एजुकेशन इन इकोनॉमिक्स. सेक्टर इंडिया में इतना इफेक्टिव नहीं है. जो जो आपके जो बेस्ट एबिलिटीज हैं उनको. टाइप कर पे तो ये तो आपको मिलेगा की बच्चे. चले जाएंगे बाहर पढ़ने के लिए अब हम इसे. कुछ बच्चे अगर आप बाद में पांच साल बाद छह. साल बाद 10 साल बाद इतनी आपकी कल में. अट्रैक्टिव बन जाति है तो कुछ लोग वापस ए. जाएंगे वो हमने कुछ देखा था जब आईटी का. सेट मैंने देखा.
फिनोफेना डेट इंडिया बिल फेस और दूसरी चीज. ये है की अगर दूसरी इक्नॉमीज में ग्रोथ. नहीं हो रही है जैसे अभी अगर आप लोगों. इकोनॉमिक्स देखें तो. इंडियन दी ओनली मेजर इकोनामी डेट इस गोइंग. तू हालात खराब है जो जहां लोग जाते. ट्रेडिशनल जाते हैं वेस्ट में. तो अगर वहां की हालात खराब है तो इंडिया. में इंडिया गेट है नेचुरल एडवांटेज हर तू. तप इन देवर राइट थिंक.
ऑफ दिस इस नेचुरल सम ऑफ दिस इस क्रीटेड. बाय डी स्टेट बट ऐवेंंचुअली आई थिंक इट्स. अबाउट आईटी हैपन इट्स क्वेश्चन तू आईटी. ऐसे नहीं होता. अगर किसी भी कंट्री को गो करना होता है तो. यूजुअली बाहर की कंट्री का इंडिया पैसा. आता है यहां कहानी उसको गो करना होता है. तो बाहर का पैसा वो लेक आते हैं फिर उसे. पैसे से वो इधर ही ऑपच्यरुनिटीज बनाते हैं. यही पे पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो.
एंप्लॉयमेंट जेनरेट होता है एंप्लॉयमेंट. जेनरेशन से और ज्यादा कंजप्शन पावर बढ़ता. है कंजप्शन पावर होता है तो पुरी कंट्री. फ्लोरिश करती है ओवर जो ऐसे ही होता है. राइट पर अब जैसे हमारे इधर इन्वेस्टमेंट ए. रही है और इन्वेस्टमेंट ए रही है तो जो. लोग इन्वेस्टमेंट की वजह से एक्चुअली टाइप. कर रहे हैं जो लोग पैसा काम का रहे हैं वो. लोग वापस उसे पैसे को खर्चा करने के लिए. एक कंट्री के बाहर आई जी.
पैसे वाले हैं उनको इधर पैसे इधर खर्चा. करना चाहिए. लेकिन वापस आगे चीन में खर्चा किया. उन्होंने. है जिसमें मुझे लगता है ना दें तू भेज वन. इस की आप यू नो आपका जो डोमेस्टिक मार्केट. है वो कितना बड़ा है और उसे वो कितना. उसमें कंजप्शन की कितनी कितना फैसिलिटी. कैपेसिटी आप उसको कर सकते हैं अब उसमें. जिसे चीन में बिकॉज़ लोट ऑफ आईटी इस.
एक्सटर्नल्ली ड्रिवन वो जो उन्होंने. बैलेंसिंग की बात कारी की अब हमको बैलेंस. करना है हमको बाहर से निकाल कर देखना है. की इंटरनल कंजप्शन कैसे हम बड़ा पाएं जो. चीन हेज बिन डूइंग दिस नो. रिस्ट्रेक्शन करने की कोशिश को कर रहे हैं. उसके उसके चक्कर में काफी प्रॉब्लम्स भी. यही चैनल मैं वे हैव सीन स्लो डॉ थे. थिंग्स इंडिया में कंजप्शन यू नो हेस. ऑलवेज बिन एन. पर एन वेरी लॉन्ग टाइम वैसे अलसो ड्रिवन.
डोमेस्टिक क्या आपका डोमेस्टिक मार्केट का. कंजप्शन जो था वो बहुत ज्यादा था और वो. आपको वो किसी एक्टर. इंडिया को मिला की जब. आप तो आप इंसुलेटेड रहे क्योंकि आप उतना. इफेक्ट नहीं किया ग्लोबल इकोनामी. एनवायरनमेंट मैं आपको जितना हो सकता था तो. मुझे लगता है की इंडिया में उतनी प्रॉब्लम. अभी उतनी सीरियस नहीं है की आप इंटरनल जो.
आपके. कंजप्शन पेटर्न्स हैं वो इतने ज्यादा एक. एक्स्ट्रा ड्रिवन हो गए हैं की आप आपको. चिंता करनी चाहिए आई थिंक. सामग्र. और दे हैव ऑलवेज मूव इंडिया यू नो स्पेशली. परटेनिंग तू इंडिया बट आई थिंक आईटी इस. अलसो क्वेश्चन ऑफ आ अल्टीमेटली वेदर. इंडिया कैन. इमेजिन इस एन कंट्री ऑफ फ्यूचर की अगर हम. 10 साल का आउटलुक ले किस किस देश के लिए.
ऑप्टिमाइज्म ज्यादा है और आते डी मोमेंट. इसमें भी ये टेंपरेरी फिनोफेना बट आईटी डी. मोमेंट इंडिया के लिए ऑप्टिमाइज्म मौत है. एवरीवन इसे टॉकिंग अबाउट एवरीथिंग दिस इसे. इंडिया मूवमेंट इंडिया टाइम ये वो पूरा. वर्ल्ड आपको जरूर इसमें भी देखिएगा की कुछ. लोग जो पैरहैप्स चले गए हैं या जो लोग. वहां पर उतना पैसा नहीं बना का रहे हैं या. उतना इफेक्टिवली उनको ग रहा है की उनका. रिटर्न नहीं ए रहे हैं वो सब ऑफ डेम बिल. रिटर्न बैक तू इंडिया और आई थिंक सम ऑफ. डेन आईएफ यू लुक आते इंडिया शॉर्ट टर्म.
इन्वेस्टमेंट पेटर्न्स स्टॉक एक्सचेंज. होगी दरस बिन रिलेटिवली पॉजिटिव. वेदर डेट लास्ट कितना लंबा चलेगी ये ये ये. मुझे लगता है की तो हमारे पॉलिसी मीटर के. ऊपर है प्लस डर हो एन गवर्नमेंट इस डूइंग. लोट ऑफ थिंग्स तू अट्रैक्ट एन लोट ऑफ पीपल.
विकिस लाइक व्हाट एल्स व्हाट इस हैपनिंग. इन गिफ्ट सिटी व्हाट इस हैपनिंग इन डी. पॉलिसी वेयर देवर लिटरली गोइंग एवरीव्हेयर. और सेइंग के जितने इंडियन है भाई वापस आओ. पैसे लगाओ हां हां वो और मुझे लगता है की. वो. समय जब आप ये कहते हैं यू नो कई बार हम ये. जब जिसकी हम जिक्र कर रहे थे की. प्राइम मिनिस्टर जाते हैं बाहर और ऐसी बात. करते हैं वन थिंक. डेट इस पार्ट ऑफ हज लीडरशिप स्टाइल विच वे.
हैव नोट सीन इन डी पेस्ट. ही ब्रांडिंग इंडिया इसे टेलिंग इंडियन. स्टोरी. 50 लोगों के रूम में हो या हजार लोगों के. रूम में हो मुझे एक स्टोरी है जो. पॉजिटिविटी है अबाउट इंडिया. यू सिलेक्ट यू तेल डेट स्टोरी की इंडिया. से अच्छा कोई अच्छी कोई जगह नहीं है. इंडिया में इतने रिफॉर्म्स आए अब उसमें. चैलेंज मतलब आप को क्रिटिसाइज भी किया जा. सकता है फॉरेन लीडर ऑफ एन कंट्री थॉट्स.
इट्स जब. [संगीत]. टोल्ड एन स्टोरी अबाउट डेट कंट्री की वही. शुड और इन्वेस्टर और वही शुड आईटी आम. परसों कम इन वेस्ट इन इन डेट कंट्री और आई. थिंक इंडिया इसे रिसेंटली स्टार्टड डूइंग. डेट आई थिंक इट्स एन गुड थिंक और स्पेशली. इन डी कांटेक्ट. वाइब्रें डायसपोरा सच ए पावरफुल. इकोनॉमिकली पावरफुल तो उसको अगर आप उसमें.
से अगर 50% भी लोग इस बात को सीरियसली. लेकर दे स्टार्ट लुकिंग एट इंडिया सीरीज. डेट आई थिंक इट्स ओवर ऑल गुड थिंक सो आई. थिंक आईटी इस अलसो अबाउट टेलिंग इंडिया. स्टोरी इन वे डेट इस नोट जो नेगेटिव यू नो. डेट इस डेट क्योंकि कभी-कभी क्या होता है. की जो वेस्टर्न मीडिया है उसमें तो सब. डोमेन ब्लूम होता है इंडिया के बड़े में. अब वो ही कास्ट है रिलिजन है और हम एक. दूसरे से लाड रहे हैं और. [संगीत]. उसमें उसे माइंडसेट को चेंज करके अगर आप. यह बता पे की भाई वो तो चैलेंज किसी भी.
ऐसी कॉम्प्लिकेटेड कंट्री में रहेंगे. लेकिन अगर आप अपनी स्टोरी बता का रहे हो. वैसे लीडर आप लोगों को मोबिलाइज कर का रहे. हो आई थिंक था थॉट्स वन ऑफ इस मोदी. स्ट्रैंथ अगेन आईटी इस हज स्ट्रैंथ आईटी. बिल नोट बी दिस स्ट्रैंथ टुमारो इस प्राइम. मिनिस्टर सो हो आर यू हो आर यू गोइंग तू. इंस्टीट्यूशनलाइज्ड यू नो कैन वे मेक आईटी. इन इंस्टीट्यूशन थिंक डेट थर्ड परसों थिंक. बट आते डी मोमेंट मोदी जी कर रहे हैं तो. उसका फायदा मेरे ख्याल से उसे नॉरेटिव का. फायदा आ किसी एक्टर की इंडियन इकोनामी को. भी होगा क्योंकि वो जो एक पॉजिटिविटी है.
इंडियन इकोनामी के बड़े में वो तो एविडेंस. हो आप चाहे आईएमएफ की रिपोर्ट देख लेने या. इकोनामिक जो. इन्वेस्टर्स हैं जी तरह से वो देख रहे हैं. क्योंकि बाकी तो कहानी ग्रोथ हो ही नहीं. रही ना और चीन जो एक समय बड़ी पॉजिटिव. स्टोरी हुआ करता था वो वेस्टर्न कंट्रीज. के मुकाबला जो इंटेल ऑपुटेटर से उनके सेंस. में नेगेटिव स्टोरी बनी है तो वो जो चेंज. आया है फ्रॉम फ्रॉम पॉजिटिव तू नेगेटिव आई. थिंक उसका भी फायदा इंडिया को मिला है की. इंडिया की स्टोरी आप बहुत पॉजिटिव लगे.
लगेंगे अब जब मैंने पहले ही होता था. इंडिया में तो कुछ होता ही नहीं है बड़ा. स्लो है डेमोक्रेसी को प्रॉब्लम कहते थे. लोग आप सडनली वे हैव सीन की नई नई. डेमोक्रेसी भी है क्योंकि आपको 10 साल से. एक सरकार है आपके पास टेबल गवर्नमेंट है. स्ट्रांग लीडरशिप है तो उसका इंपैक्ट तो. होता है. बट व्हेन यू व्हेन आईटी कॉम तू इकोनामिक. इन्वेस्टर्स दे लुक आते सर्टेन स्टेबल. पैटर्न सो उनके लिए तो स्टेबिलिटी इस एन. गुड डॉटेड ओके लेट लेट टॉक ऑन डी ट्रेड 10. ट्रिलियन डॉलर इकोनामी थॉट्स मी फेवरेट.
टॉपिक और आई वांट तू नो मोर अबाउट आईटी और. सो व्हाट अबाउट. से की वैसे ही किया एटलिस्ट वे हैव. एंबिशियस हम सपना देख रहे हैं हम सोच रहे. हैं की यार हम 10 साल में 10 ट्रिलियन. डॉलर इकोनामी बनेंगे राइट और मैंने 2019. में एक थी आई थिंक बीसीजी के कुछ बैंड. होने लगी थी डेट वज 10 ट्रिलियन डॉलर. इकोनामी और वह था की इंडिया और चीन की. मिलकर 2013.
[संगीत]. [संगीत]. ऐसा क्या. [संगीत]. करना होगा इन ऑर्डर तू अचीव डी अटैंटिव.
इंडियन डॉलर इकोनामी बिकॉज़ आई एम. ऑप्टिमिस्ट आई वांट दिस तू हैपन आई एम इन. इंडियन पैट्रियोटिज्म मंदिर इन नेशनलिज्म. है नौकर ना ये राइट्स डेट्स देवर तो व्हाट. शुड इंडिया डुएट स्केल डेट वे कैन अचीव. डिसइंटरलैंड और इकोनामी गुड आई थिंक पार्ट. ऑफ आईटी इस एन. जहां तक मुझे समझ में आता है की पार्ट ऑफ. आईटी इस अबाउट जस्ट लुकिंग आते.
डी ट्रेन लाइंस और अगर हम कुछ भी ना करें. अगर सरकार कुछ भी ना करें और इसको ऑटो. पायलट को छोड़ दे कंडोम.
[संगीत]. इन डी सेंस की ग्लोबल अकादमी की हालात. काफी समय से खराब चल रही है और. है उसके बाद तो पेंद्र ए गया और उसे अभी. भी चीन की सबसे बड़ी इकोनामी की सिचुएशन. खराब है यूक्रेन वार हो गया. क्राइसिस की कोई कमी नहीं है. जो जो काफी सारे जो फंडामेंटल्स थे जींस. जिनकी टाइम नंबर अभी हम बड़े हुए उनको.
देखने ग्लोबलाइजेशन उसके ऊपर सवाल उठ रहे. हैं उसके बावजूद इंडिया हज अचीव्ड सर्टेन. पैरामीटर जो की काफी पॉजिटिव है तो अगर हम. उसमें थोड़ा सा भी एफर्ट डालेंगे तो मैं. भी वे बिल क्रॉस अप फ्रेश हो ऐसा मुझे ऐसा. लगता है की डेट में भी आईटी इस अबाउट. पोजिशनिंग इंडिया अगेन आज एन कंट्री ऑफ डी. फ्यूचर की भाई एन ये ये एंबीशन है इंडिया. में की हम इस तरफ बढ़ाना चाहते हैं और.
देखिए यह भी सही है की पहले बार हम देख. रहे हैं की गवर्नेंस में कुछ टाइम लाइंस. बनाई जा रही है. मुझे नहीं लगता कम से कम मैंने तो नहीं. देखा इससे पहले की किसी सरकार ने ऐसा कहा. हो की आप इस समय तक हम आपको डेवलप कंट्री. बना देंगे इस समय तक हम इतनी ट्रिलियन की. इकोनामी बना दे ऐसा कभी किसी ने नहीं कहा. तो आई थिंक था पॉजिटिव ये सरकार के लिए आ. अपने आप को कंस्ट्रेंट करने का तरीका हो. सकता है क्योंकि वो तो फिर अब एक्चुअली.
अगर नहीं होगा तो पूछा जाएगा की आपने क्या. किया और आज भी जैसा आप का रहे हैं की बहुत. लोट कैप्टिज्म है की भाई होगा की नहीं. होगा पर मुझे लगता है की ये इंपॉर्टेंट. इसलिए एक तरह से बेंचमार्क है आपके लिए. क्या आपको कुछ ना कुछ इफेक्टिव करना है इस. तरफ तो सरकार को एक का जो इंटरवेंशन है वो. कैसा हो और उसे कितनी पोटेंसी हो वो मुझे. लगता है इसके इसमें इन्हेरेंट है ओके तो. डेट इसे डेट पॉजिटिव बट जैसा.
की हमको करना बहुत कुछ है और अनलेस यू. एनर्जी यू आर नोट गोइंग तू रिच डी. टेंपरेचर. में इंडिया में तो बहुत समस्या है की आप. आप लेबर को टच नहीं कर सकते आप लैंड को टच. नहीं कर सकते तो आप कहां से लगे एनर्जी तो. वो क्वेश्चंस जो है वो आई थिंक.
स्वर्ग गण तू पट सेल्फ इन दिस किड ऑफ टाइप. सिचुएशन बाय सेइंग दिस अब देखिए. 47 तक आपको डेवलप कंट्री बनाया अभी दिस इस. एन यू हैव एन. एंटरेबल अगर हम यहां पे बैठ के आंकड़े भी. देखेंगे ये भी देखें तो बड़ा मुश्किल लगता. है स्पेशली देखिए जीडीपी तो बड़ा है पर. कैपिटा जीडीपी तो बहुत कम है अभी भी हम. अभी. अंडरस्टैंड दिस पॉलिटिकल पॉलीटिकल.
बट यू हैव डेट किड ऑफ बेंचमार्क इस गुड. अदर कंट्री. [संगीत]. फर्स्ट टाइम हो रहा है तो ये भी. एक्सपेरिमेंट है लेट सी हो दिस. एक्सपेरिमेंट एन बट एक एन एस एन इंडिया ऑफ. इंडिया ऑप्टिमस दी वुड से डेट देवर इस. नथिंग डेट प्रीवेंट्स फ्रॉम इवनिंग पर. आईटी और डेट शुड प्रीवेंट स हर. बट अल्टीमेटली इट्स एन क्वेश्चन की वेदर. देवर इस अलसो इनफ.
कंसेंसस इन डी ब्रोडर पॉलीटिकल. और सोशल कम्युनिटी क्योंकि अल्टीमेटली. देखिए एग्रीकल्चर रिफॉर्म्स में जो हुआ. था वास डेट हज नोट बिन एन वेरी प्रोडक्टिव. एन सर्टेन एक्सपेरिमेंट आ वह जरूरी है वो. काफी हद तक उसकी इंर्पोटेंस है और वो. अनलेस यू अनलिमिटेड एनर्जी इन दी. एग्रीकल्चर सेक्टर यू कांत यू कैन नोट. सिंपली टेक ऑन विकम 10 ट्रिलियन डॉलर. इकोनामी फ्रॉम सर्विसेज और इंडस्ट्री तो.
हमारी क्या है वो हम जानते हैं. मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी तो आई थिंक. वो जो एक चैलेंज है की आप. पॉलिटिकल इसको कैसे मैनेज करेंगे आपको. बहुत टू डिसीजंस लेने होंगे वो टू डिसीजंस. ले पाएंगे वो उसे तरह के जो क्रिटिकल और. कंट्रोल कंट्रोवर्शियल डिसीजंस हैं. कंसेंसस नहीं है वो सब कैसे मैप आउट होगा. चैलेंज तो बट आई थिंक दिस इस आई लाइक दिस. आइडिया ऑफ हेविंग समथिंग ऑन डी टेबल और. वर्किंग टुवर्ड्स आईटी फेयर.
लाइक आईटी वो बोलते है ना की ड्रीम्स. विक्रम गोल अन्य प्रोडक्ट डेडलाइंट तू. आईटी सो प्रोबेबली था लाइन. फंडामेंटल पिछले. आ 10 सालों में अगर हम देखेंगे 9 सालों. में स्पेसिफिकली आफ्टर दिस गवर्नमेंट बहुत. फंडामेंटल कुछ चीज आई है डेट इस डी होल. कंट्री टुगेदर वो पुरी कंट्री क कर रही है. तू प्रोवाइड डी बेसिक इन इंफ्रास्ट्रक्चर. [संगीत].
कनेक्ट होना बहुत जरूरी है टेलीकॉम पर. बहुत ही इसे कम हुआ आप डेट बाज प्राइवेट. प्ले आज गवर्नमेंट और एनीथिंग लेकिन वे. कैन जो जस्ट टॉक अबाउट आईटी बट वो हुआ की. जो ये 2015-16 के बाद जो जिओ मूवमेंट है. तो कंट्री है टेलीकॉम एकदम से बहुत बढ़िया. फिर उन्होंने बात कारी की हमारा एयरपोर्ट. हमारे जो शिपिंग वगैरा सब बढ़ाने थी तो. उसे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी कम हो रहा है. दें. अब हमें फाइनेंस कनेक्ट करना है बैंकिंग. स्ट्रक्चर इंडिया में खराब है तो वो अप है.
थ्रू कनेक्ट कर रहे हैं नो डी आधार के. थ्रू दे आर गेटिंग इन हेल्थ केयर और हेल्थ. राइट सो आई थिंक जो इंफ्रास्ट्रक्चर कभी. नहीं था वो एकदम से बहुत जल्दी बहुत. ज्यादा और बहुत बटर तरीके से ए रहा है. दूसरे देश के कंपैक्ट बिल्कुल. [संगीत]. आप बहुत ज्यादा इस चीज की. राजनीतिक आलोचना नहीं कर सकते. ग्राउंड रियलिटी भी है और वो आप आप महसूस.
करते हो अगर आप हिंदुस्तान में रहते हो. जैमिनी तोर पर और जी तरह से आपका यह. हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर जिसके अपने डिजिटल. और पब्लिक इंटरेस्ट स्ट्रक्चर में अगर आप. देखें आ आई थिंक दिस इस बीइंग एन. इंटीरियर्टेबल स्टोरी जो पहले मजा अगर आप. कोई कहता है आपसे तो आप मजाक हो रहा था तब. भी आपको ग रहा था नहीं हो पाएगा जब इसकी. बात हो रही थी कैसे. पेमेंट आई पेमेंट सिस्टम की बात हो रही थी.
तो क्या बात हो रही है. आज जब आप कहानी जो कहानी नुक्कड़ में जो. थेली वाले थेली वाले के पास पेटीएम. दिस इस नथिंग तू डू. इकोनॉमिक्स क्रेटा एवरीवन इस अब्जॉर्ब्ड. यस फ्रॉम स्मॉल टाउन स्मॉल विलेज तू. मेट्रो एवरीवन.
जब एफिशिएंसी आपको दिखाई देती है उसके. रिजल्ट दिखाई देते हैं दें यू स्टार्ट इन. कॉरपोरेट डेट इन योर सिस्टम और ऑफ कोर्स. दिस दिस इसे अलसो बी एवरेज एक्स्ट्रा की. आपके इतनी साड़ी कंट्रीज हैं जो इंडिया से. यूपीआई सिस्टम लेना चाहती है उसको उसके. एम्युलेट करना चाहती है डिजिटल पब्लिक. इंफ्रास्ट्रक्चर में इंडिया की जो लीडरशिप. है वो बहुत स्ट्रांग है तो बहुत सारे. एरिया जैसे हैं और वो जो हम डिस्कशन कर. रहे थे की ऑप्टिमाइज्म अबाउट इंडिया.
उसे उसके देवर इसे एन बेसिक. इंडिया में पहले कभी नहीं हुई तो देखिए जब. सरकारें होती हैं भारतीय विदेश. के हमारे जो मित्र हैं जो हमारे मित्र. नहीं है जब वो आपसे इंटरेक्ट करते हैं तो. वो. ज्यादा अच्छे से एसेस करते हैं की कहां पर. हमको जहाज डालना चाहिए कहां पर नहीं देवर. इसे एन रीजन की. कंपलीटली. मोदी साहब से अमेरिका की तो बहुत अच्छी.
संबंध नहीं थे जब मोदी जी प्रधानमंत्री. बने थे वीजा भी नहीं दे रहे थे उसे समय. इनको उसके बाद से अगर आप आज देखें स्टेट. विजिट हो गई स्टेट ओनर आपको मिल गया आपको. इस तरह से वहां ट्वीट किया गया तो वो जो. सवाल की. इंडियन डेमोक्रेसी में क्या हो रहा है. मोदी जी कैसे. माइनॉरिटी के साथ वो सारे एक तरह से. बेईमानी हो गए हैं क्योंकि उनको. ऑप्टिमाइज्म लगता है इंडिया में देखकर वो. देख रहे हैं की कम जो हो रहा है वो कभी.
नहीं हुआ तो वो जो वो ऑप्टिमाइज्म वहां से. भी ए रहा है तो वो मुझे लगता है की सरकार. [संगीत]. की इंडिया और उस की रिलेशनशिप जो स्ट्रांग. हो रही है और उसकी वैसे इंडिया और रसिया. की रिलेशनशिप खराब होगी थोड़ी सी क्योंकि. इंडिया बहुत हैवी डिपेंडेंट दे रसिया पर. डिफेंस इक्विपमेंट्स वेपंस पर लॉर्ड ऑफ. थिंग्स तो अगर हम लोग बहुत ज्यादा. स्ट्रांग. है देखिए ऐसा है की.
जो समस्या है वो अमेरिका अमेरिका भारत. अमेरिका के रिश्तों की नहीं वो मुझे लगता. है समस्या यह है की रूस की अपनी चॉइस क्या. है. रूस को यह डिसाइड करना है की उसको. किस तरह से. अपने संबंधों को भारत के साथ आगे ले जाना. है. [संगीत]. नहीं रूस के पास ना इकोनामिक पावर है.
उसकी मिलिट्री पावर भी काफी एक्सपोज हुई. है और. जी तरह से चीज हो रही हैं रूस में उससे. कोई बहुत बड़ा आपको कॉन्फिडेंस नहीं मिलता. की यह देश. [संगीत]. आपके साथ खड़ा हो पाएगा और जी तरह से चीन. के साथ उसके संबंध बाढ़ रहे हैं वो भी. आपको शंका में डालता है की करेगा क्या तो. सवाल ये की रूस की अपनी चॉइस इसके लिए. देखिए हर प्रधानमंत्री ने अगर आप 1990 में.
तो सोवियत यूनियन खत्म हो के रूस ए गया. उसके बाद से लेकर अगर आप आज तक देखिए तो. हर प्रधानमंत्री ने रूस के साथ संबंधों को. स्टेबल रखना की कोशिश करें लेकिन संबंधों. को ग्राफ नीचे ही गया है. हमारी इकोनामिक कोई रिलेशनशिप नहीं है अभी. पिछले 1 साल में यूक्रेन की वजह से आपने. तेल खरीदना शुरू किया नहीं तो पहले तो तेल. भी नहीं खरीद रहे थे आप पहले तो आप. 1% से भी कम तेल दूध से आता था डिफेंस में.
1990 के बाद आपने डायवर्सिफाई करना शुरू. किया आपने अमेरिका के पास इजरायल के पास. फ्रांस के पास आप जान लगी क्योंकि आपकी जो. सीन थी वो का रही थी की हमको कटिंग के. टेक्नोलॉजी चाहिए और उसके पास काटेंगे. नहीं है. हमारा बहुत मदद किया है लेकिन रूस तो. पुराना हो गया ना मतलब आप उसके पास इतना. इन्वेस्टमेंट ही नहीं है करने के लिए. डिफेंस में हमने फिर भी कोशिश कारी आ मोदी. जी तो आए पिछले. उन्होंने जो डायरेक्ट कम्युनिकेशन के साथ. रखा हुआ है हर जगह वो अभी भी आज भी उनकी.
बात हुई है पुतिन के साथ तो हम भारत को. अगर आप अगर. भारत की फॉरेन पॉलिसी की विदेश नीति की एक. कंटिन्यूटी नहीं है तो वो हम रूस के साथ. अच्छे संबंध चाहते हैं ये हमारे अच्छा है. लेकिन रूस को डिसाइड करना है की उसके लिए. क्या अच्छा है रूस को मुझे नहीं लगता की. आज जी तरह के डिसीजन पुत्र ने पिछले कुछ. सालों से लिए हैं वो रूस के लिए अच्छे हुए. हैं उसके चक्कर में हमारे संबंध रूप से. आगे नहीं बाढ़ का रहे हैं अब आप डिफेंस की.
आवाज हमारी एयरफोर्स ने कहा की रूस तो दे. नहीं पाएगा हम को. जो कमिटेड जो कमिटमेंट किया है रूस ने वो. पूरा नहीं कर पे क्योंकि वो यूक्रेन में. लाड रहा है दूसरा तो हम कहां जाएंगे हम तो. चीन के साथ हमको लड़ना है रूस को चीन के. सपोर्ट चाहिए चीन का सपोर्ट चाहिए तो. दूसरा चीन की जो बातें. की बात है तो रूस चीन के अलावा ऋषि एक ऐसा. देश है जिसे हिंद प्रशांत को एक्सेप्ट. नहीं किया है बाकी साड़ी दुनिया ने कर. दिया की इंडो पर सिर्फ है और इंडो पेसिफिक.
फेमबॉक्स हमको देखना चाहिए हिंद प्रशांत. ये एशिया पेसिफिक है और हम तो एशिया के. पार्ट है और आपको ये इंडो पर सिर्फ एक. क्वॉड ये सब चीन को कंटेन करने के लिए तो. ये चीन भी कहता है रूस भी कहता है लेकिन. हम तो कोर्ट में भी बैठे हैं हमारे तो. सबसे इंपॉर्टेंट एक तरफ से प्लेटफॉर्म बन. रहा है उस जापान ऑस्ट्रेलिया और इंडिया का. तो. जो एक चैलेंज ए रहा है वो ये है की जो एक. रिलेशनशिप जो डिक्लिन हो रही थी आप उसको. कैसे मैनेज कर सकते हैं.
मैनेज करने की लेकिन बहुत तकलीफ हो रही है. भारत को मैनेज करने में और वो एविडेंस है. की आप. अब देखिए ना जैसे आप अमेरिका की हम बात कर. रहे थे. अमेरिका के साथ कितनी साड़ी स्टेट होल्डर. इन वर्ल्ड है आपकी कम प्राइवेट सेक्टर है. आपके स्टूडेंट कम्युनिटी h1b वीजा होल्डर. प्रोफेशनल क्लास है मीडिया है पॉलीटिकल. वहां पर जो आपके भारतीय मूल के लोग बैठे. हैं वो हैं आप कंपेयर करिए आप रूस के साथ.
कल को अगर. भारत के प्रधानमंत्री जब रूस जाते हैं. उनकी किस मुलाकात होती है सिर्फ व्लादिमीर. पुतिन से कोई और सटीक होल्डर है ही नहीं. रिलेशनशिप में. प्रधानमंत्री ने कहा था की हमरेशन सबमिट. में गई थी की हमारे जो कंपनी हैं उनको. जरूर कहता है साइबेरिया के साइड में वहां. पर बहुत कम लोग हैं और रूस को डर है की. वहां से चीनी ए जाएंगे और वो बस जाएंगे.
इन्वेस्ट करेंगे इंडियन कंपनी इंडियन. ज्यादा जाएंगे तो वो रूस के लिए भी अच्छा. इंडिया के जान को प्रधानमंत्री ने कर साल. पहले इसकी घोषणा कारी थी आज तक कुछ नहीं. हुआ है. तो कोशिश तो जा रही है क्योंकि हम चाहते. हैं की रूस के साथ हमारे संबंध अच्छे रहे. हमारा तो रूस के साथ अफगानिस्तान सेंट्रल. एशिया वाला इंपॉर्टेंट हमारे लिए प्लेयर. है लेकिन रूस की चॉइस भी तो इंपोर्टेंट है. फौरन विदेश नीति में आपका आ सोचना ही. इंपॉर्टेंट नहीं होता दूसरी साइड भी क्या. सोच रही है अभी तो हम तो चीन के साथ भी. चाहते हैं हमारे संबंध अच्छे हो.
तो नहीं चाहता है ऐसा तो वो जो दूसरी तरफ. वाली बात है रूस के लिए भी लागू होती है. की क्या रूस रूस इस तरह से सोच रहा है. भारत के बड़े में और अपने बड़े में सबसे. बड़ी चीज है की वो अपना ही जब घर नहीं. संभल का रहा है. क्या हुआ सब ने देखा तो उसे बड़े सवाल ये. निशान है रूस के साथ तो मुझे नहीं लगता की. वो ये पैरेलल है की अगर हिंदुस्तान के. अमेरिका के साथ संबंध अच्छे होंगे तो. दोस्तों साथ खराब हो जाएंगे लेकिन रूस. क्या डिसीजन ले रहा है रूस अपने रूस क्या.
चाहता है अपनी विदेश नीति में वो मुझे. लगता है ज्यादा जरूरी है. ये साइड वन लाइन की इंडिया चाहता है की. चीन के साथ हमारे रिलेशनशिप. मुझे ज्यादा नहीं पता इस बड़े में इंडिया. क्यों चाहता है की चीन के साथ हमारे. रिलेशनशिप स्ट्रांग हो हम कोशिश क्यों कर. रहे हैं और उससे हमारा क्या-क्या फायदा. होगा और क्यों हम ट्राई कर रहे हैं और. कैसे कोशिश कर रहे हैं और चीन क्यों नहीं. चाहता की इंडिया इसे रिलेशनशिप अच्छी है. और चीन क्यों रिपल करता है इसको और उसकी. वजह से फिर इंडिया को भी ठीक-ठाक एक्शन.
लेना पड़ता है देखिए हम तो बहुत पुराने. प्रेमी हैं चीन की भारत हिंदी चीनी भाई. भाई 1962 से नारे लगा रहे हैं तो उसमें. ऐसा नहीं है की आपका पड़ोसी देश है इतना. बड़ा देश है और खासकर आज के कॉन्टेक्स्ट. में तो इतनी बड़ी इकोनामिक पावर है यस तो. आप हम तो बात करना की अगर आपको अपनी. इकोनामी को गो करना है सारे देश दुनिया भर. के देश चाहते हैं की उनके चीन के साथ. संबंध अच्छे हो आप समस्या ये है की चीन की. अपनी प्रायोरिटी क्या है पहले तो अगर आप.
पिछले 12 साल छोड़ के उससे पहले चीन ठीक. था रिलेटिवली ठीक था हालांकि हम हमारे. हमको तो परेशान करता राहत था वो बॉर्डर पर. लेकिन ब्रॉडली. ये उसका एजेंडा था की हम फॉक्स करें. इकोनामिक डेवलपमेंट पर और कैसे हम आर्थिक. संबंधों को सुधरे दूसरे देश के साथ तो चला. रहा तो देखिए हमारा क्या हुआ 1962 में. लड़ाई हुई उसके बाद से हमने बिल्कुल संबंध. खत्म हो गए उसके बाद राजीव गांधी के टाइम.
से हमने एक फ्रेमवर्क बनाया जिसमें की ये. डिसाइड हुआ की क्योंकि ये जो बॉर्डर है. इतना बड़ा बॉर्डर है. वह रिजॉर्ट नहीं हुआ. [संगीत]. एक फ्रेमवर्क बना लेते हैं की. बॉर्डर पर हम डायलॉग करते रहेंगे एक दूसरे. के साथ. लेकिन और मुद्दों को इफेक्ट नहीं होने. देंगे. हमारे स्कॉलर्स भी जाएंगे आप स्कॉलरशिप भी.
दो वो भी आए हैं हम भी पढ़े मीडिया. एक्सचेंज जो हाय लेवल डिप्लोमेटिक. एक्सचेंज है. [संगीत]. ना सबमिट होने ग गए. संकेत नहीं दिया की वह बॉर्डर इशू के बड़े.
में सीरियस है लेकिन हमने यह कोशिश जरूर. कारी की इतनी बड़ा देश है और इतनी बड़ी. समस्या है हमको तो उसे करना चाहिए उसके. साथ जो उसका जो इकोनामिक डायनामाइज्म है. उसको अपने लिए हमने उसको इंगेज किया चीन. को कुछ सालों. जब सी जिनपिंग आए और उसके बाद उनका जो. रवैया बदला उन्होंने उनको ऐसा लगा की जो. फाइनेंशियल क्राइसिस आया था 2008 2009 में.
उसमें उनको ऐसा लगा की हमारा जो. ग्लोबल बैलेंस ऑफ पावर है वो बादल गया है. की पश्चिम देश का डिक्लिन हो गया है शुरू. हो गया है और हम चीन का जो है वो राइस रेल. सेंस में हो गया है तो वह जो शिफ्ट आया. उससे उनकी भी मानसिकता बाद भी उन्होंने. कहा आप तो मैं दिखाऊंगा की मैं कितना बड़ा. है पावरफुल हूं तो जगह-जगह प्रॉब्लम शुरू. हो गई. आसियान के देश को दबाया उसके बाद इस चीन.
को दिखाए की क्या कर सकते हैं उसके बाद. ऑस्ट्रेलिया के साथ उन्होंने पंगा ले लिया. [संगीत]. पर पश्चिम देश के साथ उन्होंने कहा उनको. दिखाने लगे की कैसे. चीन जो है वो बड़ा देश है तो वो जो एक. चेंज आया है उसका इंपैक्ट इंडिया पर भी. पड़ा वो हिमालय और बॉर्डर्स पर हमारे. ज्यादा प्रेशर बने लगा अब वो कोशिश इंडिया. की फिर भी यही रहेगी की वो मैनेज होता रहे.
क्योंकि आपके पास जब इतना बड़ा देश आपके. सर पर बैठा है और कैपेबिलिटी डिफरेंशियल. बहुत ज्यादा है. क्योंकि उनका तो आप देखिए उनकी इकोनामी. तीन गुना बाढ़ गई आगे आपसे और उनकी डिफेंस. इतनी बाढ़ गई आगे उनका बॉर्डर. इंफ्रास्ट्रक्चर आज भी अगर आप बॉर्डर पर. चले जैन तो बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर. हालांकि हमने पिछले एक दशक में बहुत. इंप्रूवमेंट आया है लेकिन वो मॉडर्न. इंफ्रास्ट्रक्चर तो हम बहुत हम और ये उनकी. गलती नहीं है ये हमारी गलती. अगर आप जैसे हम पहले बात कर रही थी अगर आप.
ही अपने. फॉरेन पॉलिसी नेशनल सिक्योरिटी प्रायोरिटी. के प्रति सजग नहीं है तो दूसरा देश को. थोड़ी पड़ी है वो तो अपना बनाएगी बॉर्डर. जहां तक उसको बनाना है आपने अपनी इंटरनल. कंसोलिडेशन के आप इंडिया में ये एक. आर्गुमेंट था की 62 के बाद की हम अपनी तरफ. की सड़केंस्टीन नहीं बनाएंगे की चीनी कई. सैनिक अगर वो ए गए तो वो जल्दी से हमारी. तरफ ए जाएंगे. टूटी-फूटी रखो. तो वह जो वही उसको बदलने में इतनी अभी अगर.
आप देखें तो पिछले 10 साल में ही हुआ है. कम उससे पहले बॉर्डर की इंफ्रास्ट्रक्चर. की हालात इतनी. तो वो जो एक बैलेंस ऑफ पावर था बॉर्डर में. वो चीन के फीवर में बढ़ता जा रहा था. तो अगर आप कमजोर देश है तो आपके पास क्या. अल्टरनेटिव होता है क्या आप उसको मैनेज. करें. [संगीत]. कोशिश करें.
वहां में प्रधानमंत्री मोदी गए उन्होंने. चीन के राष्ट्रपति से बात कारी फिर ये हुआ. की अब वो ये हाय लेवल कॉन्टैक्ट्स होंगे. हर साल मिलेंगे फिर वो चीन के राष्ट्रपति. मामला पुरम आए चेन्नई के पास वहां पर ये. बात हुई थी मतलब जो डायरेक्ट लाइन ऑफ.
कम्युनिकेशन ओपन रहेगा लेकिन उसे जगह चला. नहीं. क्राइसिस हो गया 2020 में. एक जरूर एक तरह से स्ट्रेटजी क्लेरिटी आई. है. की इसमें. आपको इसको डिफरेंटली मैनेज करना है आपको. इसमें चीन की जो प्रायोरिटी हैं चीन की जो. प्रेफरेंसेस हैं वो काफी क्लियर है की चीन.
आपको वो स्पेस देने को तैयार नहीं है. है और चीन को भी किसी हद तक मुझे लगता है. ऐसा लगता है की भारत देखिए अगर आप हिंद. प्रशांत में अपना. परचम लहराना चाहते हैं आईएफ यू वांट तू बी. डी टॉप डॉग इन डी इन डी इंडो पेसिफिक तो. अगर चीन आप चीन में बैठे हैं तो आपको कौन. से देश लगेंगे आपको जापान ऑस्ट्रेलिया. साउथ कोरिया. तो ये देखिए ये सारे देश जो हैं इनके अपनी. कमजोरी काफी एविडेंस है ये एक तो दे आर. डिपेंडेंट ऑन अमेरिका दूसरा इनके पास वो.
स्केल नहीं है जो हिंदुस्तान के पास तो. अल्टीमेटली अगर आप हिंदू प्रशांत की बात. कर रहे हैं उसमें भारतीय एक ऐसा देश बैक. जाता है जिसके पास पापुलेशन वाइस टेरिटरी. वाइस पोटेंशियल विजय ये कैपेबिलिटी है की. वो आपको चैलेंज कर सकता है और खासकर अगर. वो अपनी पार्टनरशिप को साथ लेट है तो वो. जो चैलेंज चीन के वो जो एक तरह से चीन को. ये लगता है की भारत वो हमको किसी तरह से. उड़ना है तो वो साउथ एशिया अभी भी देखिए.
चीन जो है बाकी सारे देश भारत के बड़े में. बड़ी-बड़ी बातें करते हैं भारत ग्लोबल. पावर है. साउथ एशिया कंट्री करता है. ठीक है उसका जो नेगेटिव है वह यह की भारत. एक इंडियन ओसियन साउथ एशिया से रिलेटेड. कंट्री हमको उसको वहीं पर दाल देना है तो. पाकिस्तान को सपोर्ट दे दिया भारत के और. देश के पास भारत के पड़ोसी देश के पास चले. गए उनको ज्यादा इकोनामिक एड दे दी.
श्रीलंका में बहुत तेज दी उसका नतीजा भी. हुआ बांग्लादेश के साथ नेपाल के साथ भूटान. को परेशान किया तो वो जो एक यह बता दिया. की भाई हम हम बियर पावरफुल वे बिल डिक्टेट. डी टर्म्स यू हैव तू डील विद आईटी तो वो. जो समस्या है वो बनी हुई है वो भारत 2020. के बाद काफी सारे डिसीजंस भारत में लिए. हैं की जो काफी एविडेंस है हमने हमारी. रिलेशनशिप अमेरिका किसान जो बाढ़ रही है. उसका करण बहुत बड़ा ये भी है की चीन के. साथ जी तरह से हालात बनते जा रहे हैं आपके.
पास कोई चार नहीं आपको आपको पार्टनरशिप. बनानी है तो वो पार्टनर बना रहे हैं कोर्ट. में आप बैठे हैं क्वॉड्रिलैटरल में उस. जापान ये भी बड़ा इंटरेस्टिंग है 2007 में. जब भी क्वॉड पहले बार जिसका जिक्र किया. गया है. माना कर दिया. [संगीत]. उनका आइडिया था की ये जो डेमोक्रेसी है ये. साथ है.
अब. अमेरिका ने भी सपोर्ट किया उसको पर इंडिया. और ऑस्ट्रेलिया तो ऐसी कंट्री 2007 में. जिन्होंने कहा नैनी ऐसा लगेगा की हम चीन. के खिलाफ गैंग अप हो रहे हैं. और चीन भी यही चाहता था अब 2007 से 2017. में ए जाइए 2017.
हो रहे हैं चीन के खिलाफ खास कर बड़े देश. इंद्र प्रसाद में उसका बहुत बड़ा करण चीन. है अगर चीन जरा सा भी लचीला होता अपने. रवैया उसका भारत के प्रति तो भारत में तो. बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो चीन इंडिया की. बात करते हैं जिन्होंने बड़ी-बड़ी बातें. कहीं है की मतलब ये तो अभी तक होता था कुछ. साल पहले तक की हम कर सकते हैं हम चीन के.
साथ भी लोग हैं इन इस देश में ए काफी. सीनरी पोजीशंस पर जो रहे हुए हैं वो इसी. बात करते हैं की चीन और भारत अभी भी कम कर. सकते हैं भारत को अमेरिका के साथ ज्यादा. करीबी नहीं जाना चाहिए लेकिन सवाल ये. उठाता है की आप अगर नहीं भी जानना चाहेंगे. तो चीन का. चिन्ह क्या चाहता है. और मेरी अंडरस्टैंडिंग इसमें ज्यादा नहीं.
है. [संगीत]. की जब आप कंट्रीज देखते हो राइट कुछ टाइम. तक कंट्रीज बड़ी-बड़ी कंट्री हमने बात कर. ली अब छोटी कंट्रीज की बात करते हैं तो. बड़ी कंट्रीज मैं हर थर्ड टाइम में हमने. देखा है की वहां पे एक मूवमेंट चला था. आपको कंट्री टूटने की बात होती है जैसे. पहले पाकिस्तान में हुआ वो बांग्लादेश हो. गया फिर उसके बाद अभी पाकिस्तान में वापस. बलूचिस्तान के ऊपर कुछ होने लगा फिर.
इंडिया के ऊपर इंडिया में अभी खाली स्थान. के ऊपर वो बांदा डीज आर वेरी सेंसेटिव. टॉपिक तो मुझे समझना है की ऐसा क्यों होता. है की कंट्री के अंदर एक दूसरी कंट्री. बन्ना स्टार्ट होती है और जहां पर एक टाइप. के लोग मिल जाते हैं डू यू थिंक डेट यह. बहुत पर्सनल एजेंडा होता है की क्या होता. है. कंट्रीज बंटी क्यों है क्या उनका रीजन. होता है और क्या सकसीड होती है और क्या. बड़ी कंट्रीज.
देश के अपने लोकल कॉन्टैक्ट्स होते हैं और. उसे कॉन्टेक्स्ट में उसको किस तरह से समझा. जाए. आर्टिफिशियल कंट्री अगर आपके पास दो धड़. हैं आपके जो अलग-अलग हैं वो कैसे आप उसको. संजो के रख सकते हैं ये सवाल जब से पैदा. हुआ था पाकिस्तान जब से किया जा रहा था. फिर. जी तरह से ट्रीटमेंट. उसको लेकर जो एक धरना बनी है तो उसमें.
देखिए स्टेट बिल्डिंग जो एक्सरसाइज. [संगीत]. बनते बने एन उसमें कई कई बार. ऐसी समस्याएं हैं जिसमें की. सारे स्टेट होल्डर उसे नेशन बिल्डिंग. एक्सरसाइज में उतनी पुरी तरह इंवॉल्वड. नहीं रहे तो उनको ऐसा लगता कई बार ऐसा हुआ. की उन्होंने कहा की भाई हमको तो आप अलग. बना दीजिए जैसे हम कश्मीर की भी बात करें.
तो कश्मीर में जब मूवमेंट शुरू हुआ तो. उसमें बाहर से उसको सपोर्ट मिला और इंटरनल. उसमें ये लगा की भाई हम तो अलग है हमारी. आईडेंटिटी अलग है तो हम यहां क्यों हैं तो. वो जो एक नेशन बिल्डिंग की एक्सरसाइज होती. है वह काफी डर तक बड़ी लंबी. उसमें चैलेंज होते हैं ये चैलेंज कॉलोनियल. में अगर आप कनाडा में पर एग्जांपल. वहां पर भी बड़ा चैलेंज है की वो वो अलग.
होना चाहते हैं ब्रिटेन में स्कॉटलैंड है. वो अलग होना चाहता है इंडिपेंडेंस वो. बन्ना चाहता है सबके अपने-अपने अलग-अलग. रीजंस हैं कुछ आईडेंटिटी की वजह से होना. चाहते हैं स्कॉटलैंड को ऐसा कभी-कभी ऐसा. लगता है स्कॉटिश. यहां पर जो निवासी हैं उन लोगों को खासकर. स्कॉटिश जो इंडिपेंडेंस चाहते हैं उनको. लगता है की. जो रिसोर्सेस हैं उनका फैट डिस्ट्रीब्यूशन. नहीं होता है हम कंट्रीब्यूट करते हैं. उनको मिलता नहीं उतना सेंटर से लंदन से. उतना नहीं मिलता तो लिखा हमारी आईडेंटिटी.
अलग है हम स्कॉटिश हैं वो इंग्लिश है तो. वो जो मतलब ये ये हर देश में एन बहुत सारे. देश में इस तरह के डिवीजन चलते रहते हैं. और ये. आज भी. दिस इस सूडान साउथ सूडान बन्ना आ. और ये आईडियोलॉजी. से अलग हुआ तो यह साड़ी जो. चैलेंज है ये. अलग-अलग वजह कोई आईडियोलॉजिकल होते हैं की.
आपने आपको आईडियोलॉजी के लिए स्टेट की. एडोलॉजी जी तरह से प्रोपागेट की जा रही है. आप उसके अगेंस्ट में कुछ. रिसोर्स डिबेट होती है की आपने रिसोर्स. आपको नहीं मिल रहा है कोई कोई. किसी देश का एक हिस्सा यह सोचिए की भाई. मुझे आ सेंटर से उतना रिसोर्स नहीं मिलता. जितना मिलन चाहिए जितना मैं कंट्रीब्यूट. करता हूं तो उसमें एक तरह की वो सेशंस. टेंडेंसी ए जाति है कहानी पर ये. इंस्ट्रुमेंटल हो जाता है जहां पर जहां पर. बाहर की बाहरी ताकत इसका इस्तेमाल करती.
हैं तो जैसे हमने कश्मीर में देखा पंजाब. में देखा बहुत सर इंवॉल्वमेंट भारी टैक्टर. का रहा जिन जिन्होंने कोशिश कारी आ किसको. बड़ा मूवमेंट बनाया जाए वायलिन बनाया जाए. तो ये. क्योंकि नेशन एक एक अथॉरिटी टेंडर सन. उन्होंने किताब लिखी थी उसमें कहा था की. नेशन इस एन इमेजिन कम्युनिटी की वह एक. इमेजिनेशन है जो लोग उसे देश में रहते हैं.
वह किसी कारणवश उसे देश. को या उसकी आईडेंटिटी को अब्जॉर्ब करते. हैं तो वह करण को डिफाइन करने के लिए कई. मेंस हो सकते हैं टेक्नोलॉजी एक रीजन हो. सकता है की आप जो उन्होंने एक एग्जांपल. दिया था जो अपनी किताब में उन्होंने. न्यूज़ पेपर की टेक्नोलॉजी आई तो किस तरह. से एक आईडेंटिटी बनी लोगों के बीच में. एक-एक पर्टिकुलर मिशन को लेकर तो वो.
और वो अलग-अलग त्रिकोण से आप समझ सकते हैं. इंडिया में अगर नेशनल मूवमेंट को देखें तो. उसमें नेशनल मूवमेंट के टाइम में एक. आईडेंटिटी बनेगी हम सब ब्रिटिश के खिलाफ. लाड रहे हैं पहले वो आईडेंटिटी थी फिर. आईडी वो जब आपको आजादी मिलने की आपकागर पर. आए तब वो आईडेंटिटी का क्वेश्चन टूट गया. था ये हुआ की अब हम रिलिजियस आइटम. हो गई तो उससे डिवीजन हो गया तो मुझे एक. सेंस है की नेशनल आईडेंटिटी क्या है और वो.
आईडेंटिटी में जो बाकी स्टेट होल्डर हैं. वो सारे पुरी तरह से सामने है या नहीं इस. पर काफी इंपैक्ट पड़ता है तो वो मुझे लगता. है ये तो बहुत लंबा इसमें चैलेंज राहत है. हर देश के लिए खासकर हिंदुस्तान जैसे देश. के लिए जिसमें की इतनी ज्यादा डाइवर्सिटी. है की इसको मैनेज करना ही अपने आप में एक. बड़ा टास्क है तो आप उसकी आप कैसे एक. नेशनल आईडेंटिटी क्रिएट कर पाएंगे जिसमें. की सभी लोगों को लगे की वो उसमें साथ हैं. और जब भी वो नहीं होता है तब आप उसमें.
प्रॉब्लम्स देखते हैं चाहे वो नॉर्थ ईस्ट. में हो या या कश्मीर में हो या पंजाब में. हो जो हमने और सो यू टॉकिंग व्हाट पावर. इन्फ्लुएंस और आईडियोलॉजी डिफरेंस राइट. तेल मी. की टेररिज्म कितना बड़ा इंडिया के लिए. क्योंकि जो आईएसआईएस हो रहा है था मोमेंट. को बढ़नी जा रहा है उनकी बॉर्डर्स बढ़ते. जा रही है वह बड़ा बनते जा रहे हैं.
राइट तो यह सर यह आईडियोलॉजी इन्फ्लुएंस. रिलिजन 50 चीजों को मिल मिल्क इमेजिनेशन. खुद में बनते जा रहे हैं इन वन ऑफ एन किड. यू थिंक ग्लोबल थ्रेट है अब की अब ये कम. होता जा रहा है की और बढ़ते जा रहा है की. व्हाट इसे योर टेक आईटी दिस किड ऑफ थिंक. व्हाट जो तालिबान ने भी अफगानिस्तान पे. किया. [संगीत]. स्ट आवे और हम इसे दूर से देखना चाहिए ठीक. है जो हुआ उनके साथ हो रहा है हमारे साथ.
नहीं हो रहा है. और अगर स्ट्रांग होते जाएंगे. आईकॉनिक चैलेंज आया था वो था.
[संगीत]. सितंबर. तो उसके बाद. क्योंकि वह अमेरिका में अटैक था पैसा लगा. की वह एक एक वैश्विक स्टार पर प्रॉब्लम है. और उसके बाद अमेरिका ने दो बड़ी-बड़ी और. लॉन्च करेंगे पाकिस्तान मेरा. हिंदुस्तान में टेररिस्ट टेररिज्म उससे. पहले भी था और हमारा तो इतिहास शुरू से. रहा है टेररिज्म इंडिपेंडेंस के बाद से ही.
पाकिस्तान ने टेररिज्म इंस्ट्रूमेंट ऑफ. स्टेट पॉलिसी की तोर पर उसे किया तो. टेररिज्म तो इंडिया में मतलब जैसा लगता है. की. पश्चिम देश. को तो अब समझ में ए रहा है हमको तो काफी. समय से इसका. टेररिज्म हमने झेला है मुंबई में अटैक हुआ. लेकिन जब अमेरिका में क्योंकि वो ग्लोबल. पावर है और सबसे बड़ी शक्ति है उसे पर. अटैक हुआ तब कहानी पर यह जो कॉन्सेप्ट था.
की टेररिज्म. उससे पहले. ही आपकी ह्यूमन राइट्स की प्रॉब्लम है. यहां पर अच्छे से ह्यूमन राइट्स को कश्मीर. में हैंडल नहीं करते हो पंजाब में हैंडल. नहीं करते इसलिए प्रॉब्लम होता है की. [संगीत]. दिस इस एन बिग इशू नोट सिंपली एन क्वेश्चन. ऑफ मैनेजिंग डोमेस्टिक कांस्टीट्यूएंसीज. आर इन एन वे डेट गिव्स. [संगीत].
डेट बैलेंस राइट सम रिस्पांसिबिलिटी दिस. इस एन बड़े इशू वो जब लग्जरी जब सामने आने. जब बड़ा और उसके बाद जब बड़े-बड़े. लड़ाइयां लड़ी गई. उसे समय देखिए दो कम से कम 2011 से 2001. से लेकर 2015-16 तक बड़ा बहुत बड़ा इशू. लगता था क्योंकि अमेरिका उसके पीछे था और. और उसके बाद अटैक्स भी बहुत हुए पश्चिम. देश में छोटे-छोटे टैक्स भी हुए कई. ब्रुसेल्स में फ्रांस जी तरह के टैक्स हुए.
अभी मुझे ऐसा लगता है की हालांकि तालिबान. की विक्ट्री जो है वो काफी शॉकिंग थी. लेकिन. ग्लोबल एजेंडा में टेररिज्म एक बार फिर. उसे लेवल का इशू नहीं र गया है. की जो इस समय. वैश्विक स्टार पर सबसे बड़ा मुद्दा है. चीन के बीच में क्या चल रहा है तो जब भी.
कोई ग्रेट पावर पॉलिटिक्स ए जाति है तो. टेररिज्म. एक तो इसका करण यह है. इसीलिए भारत बार-बार याद दिलाता राहत है. की टेररिज्म भी मुद्दा है टेररिज्म अभी. गया नहीं है और अभी भी है जब मोदी उस गए. थे तो जो अगर आप जॉइंट स्टेटमेंट पर देखें. तो उसमें टेररिज्म बड़ा मुद्दा के तोर पर. मेंशन किया गया है और पाकिस्तान को किस. तरह से इसको डील करना चाहिए इस बड़े में.
पाकिस्तान में भी बड़ी चर्चा हुई उसके. बड़े में की हमारा तो नाम इसलिए आया की आ. टेररिज्म कैसे रिलेटेड बाकी तो कोई पूछ. नहीं रहा हमको तो कहानी पर. इंडिया ने. उसका फॉक्स बनाए रखा इंडिया ने ये कहा है. कोशिश करिए. ह्यूमैनिज्म वर्सेस टेररिज्म इस तरह से.
उसको फ्रेम किया है. उसका एक करण यह है की भारत को अभी हालांकि. अगर आप देखें तो नंबर ऑफ. इनसीडियस इन इंडिया. [संगीत]. जब शेरों में भी बम ब्लास्ट हुए हो जाएगा. करते थे अब पिछले एक दशक से कम हुआ है 10. साल से कम हुआ है ये ऐसा नहीं होता कोई. बड़ा टेरर इंसिडेंट इंडिया में नहीं हुआ. है टच में लेकिन. जो चैलेंज है वो बना हुआ है की पाकिस्तान.
में जो समस्या वो बनी हुई है दूसरा जो. बड़ा उससे भी बड़ा चैलेंज है की चीन का. रवैया जो है वो बड़ा प्रॉब्लम है ठीक है. जैसे अभी भी कुछ दिन पहले जब किसी का नाम. सेंसर करने वाला था. पाकिस्तान के साथ जो रिलेशनशिप है उसमें. जब भी इस तरह की मुद्दे उठा जाते हैं और. किसी को आप पोस्टिक करना है किसी पर. सैंक्शन लगाना है की अगर वो भारत से. रिलेटेड है तो उसको वहां पर नहीं.
मेंबरशिप है वो ऐसा कर सकता है कभी वीडियो. कर देता है कभी कहता ज्यादा इनफॉरमेशन दे. दो. अपना खेल खेलते राहत है तो वो जो भारत के. लिए वो भी वो भी समस्या इसलिए बनी हुई है. की हालांकि. पाकिस्तान तो इस समय खुद ही अपने आप से. जूझ रहा है पाकिस्तान इस नोट डेट वे ऑफ एन. प्रॉब्लम विद डी मूवमेंट क्योंकि. पाकिस्तान की तो इकोनामिक इतनी बुरी है हम. जानते हैं तो उससे तो कोई कंपैरिजन हमारा. है नहीं लेकिन वैश्विक स्टार पर यह मुद्दा.
भारत बनाए रखना चाहता है क्योंकि इसके. ग्लोबल इंप्लीकेशंस हैं. हालांकि जो ग्लोबल. कर रहा था उसमें टेररिज्म अब उसे. पोटेंशियल के साथ फिगर नहीं करता जी जी. जैसा एक समय किया करता था क्योंकि एक बार. फिर लोगों को यह ग रहा है की बाकी मुद्दे. बड़े हेवी हो रहे हैं की ग्रेट पावर. पॉलिटिक्स बाढ़ गई है. इंस्टीट्यूशन रिफॉर्म्स मल्टीलेटरल. इंस्टीट्यूशन रिफॉर्म्स की बात ज्यादा. करनी है क्लाइमेट चेंज बड़ा मुद्दा है ये.
सारे मुद्दे जो ग्लोबल एजेंडा में ऊपर ए. गए हैं टेररिज्म कहानी पर नीचे चला गया है. तो टेररिज्म हालांकि अभी भी अफ्रीका के कई. देश में आप सुनते रहते हैं मिडिल ईस्ट में. कब बीच में टेररिज्म. तरह से इसका जिक्र नहीं होता जी तरह से. जैसे एक समय हुआ करता था. ये एपिसोड और तक देखने के लिए थैंक यू सो. मैच मेरी आपसे रिक्वेस्ट है की प्लीज मुझे. कमेंट्स में बताओ की मैं और बटर कैसे बन.
सकता हूं क्या बेहतर क्वेश्चंस पूछ सकता. हूं क्या मैं सही करूं और क्या मैं गलत कर. रहा हूं ताकि मैं खुद बटर हो के गैस से. बटर क्वेश्चंस पूछो और आप लोगों को बटर. तरीके से सर्व कर पाऊं क्योंकि अल्टीमेटली. आइडिया इस की फिगरिंग आउट ऐसी एक. यूनिवर्सिटी हम कैसे बनाएं जिससे आप और. मुझे इतनी हेल्प मिलती है की हम हमारे जो. सपना हैं इंडिया को लेकर और हमारे खुद के. वो पूरा जल्दी कैसे कर पे इसी की वजह से.
हमने चैनल स्टार्ट किया ताकि आपके मेरे हम. सबके सपना पूरे हो जाए आप यह चैनल छोड़ो. उससे पहले प्लीज जाकर लाइक करो कमेंट करो. सब्सक्राइब करो और एटलिस्ट किसी एक इंसान. के साथ शेर करो जिसकी लाइफ में इस. कन्वर्सेशन से उसको आइडिया जान वाले हैं. क्योंकि एक कन्वर्सेशन आपको बहुत सारे इड. दे सकता है अरुण सारे इतिहास में से अगर. आपने एक को भी इंप्लीमेंट कर दिया तो आपकी. लाइफ और आपका इंडियन ड्रीम बहुत जल्दी.
अजीब हो सकता है जो हमारी पुरी कंट्री को. बहुत आगे लेकर जाएगा अंटील डी नेक्स्ट. एपिसोड की फीलिंग आउट. [संगीत].
