Heal Painful Memories, Increase Willpower, Superfoods & Liver Disease – Ram Verma |FO325 Raj Shamani
अब आपने बताया थायराइड अर्थराइटिस. सोरायसिस टाइप वन डायबिटीज लपस आप बोल रहे. हो कि ऑटो इम्यून डिसीसेस एनएलपी की. टेक्निक से ठीक हो सकती हैं जब भी आपको ये. डिजीज शुरू हुई है उस समय आप अन हैंडलेस. से गुजर रहे हैं हमारे पास जितनी भी. पेनफुल मेमोरी पड़ी है ब्रेकअप है फेलर. हैं एब्यूजेस हैं उनको हमें डिलीट करना. चाहिए दूसरा है हमारे पास इंटरनल साउंड्स. पड़ी होती हैं तुमसे ये नहीं होगा इनको. आपको म्यूट करना आना चाहिए आज के हमारे. गेस्ट हैं राम वर्मा जो एक एनएलपी ट्रेनर. है आज के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि. हम कैसे कई तरह की बीमारियां ठीक कर सकते.
हैं पेनफुल मेमोरीज और ट्रामा को खत्म. करके क्या होता है गट से जिसकी वजह से लोग. बीमार रहते हैं आपने जंक फूड खाया जैसे ही. आपके गठ के अंदर कोई भी चीज गलत पहुंच गई. या तो कॉन्स्टिपेशन होगा या डायरिया होगा. आपके गठ के अंदर 100 हज तरह की स्पेसस. होनी चाहिए वो घटकर 1600 रह गई है तो ये. इतनी सारी कम क्यों ई पिछले 70 सालों में. आपने जेमज को खाना शुरू कर दिया कॉल्ड वीट. आप जिस साबुन को लगा रहे हैं वो अलाउड. नहीं थी एक साल और नौ दिन मुझे हो गए. मैंने सोप का यूज नहीं किया मुझे कोई. वायरल नहीं आया हमारे गट को हम सही कैसे.
कर सकते हैं रिफाइंड वेज ऑयल उसे छोड़ दें. सेकंड थिंग इ रिफाइंड शुगर तीसरी चीज है. सर मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट एक चीज और बस. वाइट सॉल्ट कौन से ऐसे फूड्स है जो सुपर. फूड्स है खाने चाहिए सीजनल फ्रूट्स खाने. चाहिए दूसरा है प्री बायोटिक केसिया पाउडर. कहा जाता है इट इज द मैजिकल प्रोडक्ट आप. बोल रहे हो मुझे जो भी लोग लाइफ में खराब. चल र है वो सिर्फ पेनफुल मेमोरीज और. ट्रामा को खत्म करने से हट जाएंगे एटली. दुनिया भर के डॉक्टर्स क्यों दवाइयां बेच. रहे हैं ये क्यों नहीं सखा के हटवा देते.
वच दिस एपिसोड टिल द एंड बट बिफोर यू डू. दैट राजुमानी क्लिप्स एंड राजुमानी. शॉर्ट्स को जाक सब्सक्राइब कर लो क्योंकि. वहां पर हम इस बड़े एपिसोड की छोटी-छोटी. क्लिप्स डालते हैं ताकि कम समय में आपको. ज्यादा से ज्यादा इनसाइट्स मिले एंड कुछ. नया सीखने को और सुनने को मिले इस पूरे. एपिसोड का ऑडियो एक्सपीरियंस स्फाई पर. अवेलेबल है आप हमें वहां जाकर फॉलो कर. सकते. हैं यह बताओ कि आप.
करते क्या हो बेसिकली एंड आपका काम क्यों. इंपॉर्टेंट है मैं देखिए सबसे पहले. इंपॉर्टेंट है मैं क्या कर रहा हूं इसकी. जर्नी से थोड़ा सा इसका पहले जाता हूं कि. मेरी जर्नी शुरू होती है बचपन से व्हेन आई. लस्ट द द प्राइम मेंबर ऑफ माय फैमिली माय. फादर व्हेन आई वाज 11 ईयर ओल्ड और वहां से. मुझे माइग्रेन हो गया माइग्रेन का मतलब है. कि जब आप एक ग्रीफ को लेकर जीते हैं बहुत. दिनों तक तो आप कोई ना कोई आपके अंदर. पैटर्न बनता है जहां पर आपके जो खूबसूरत.
आई मीन आपके न्यूरॉन्स हैं वह अपना काम. नहीं करते तो अब मुझे माइग्रेन हो गया. माइग्रेन की मैं बहुत दवाई खाता रहा उसके. बाद यह माइग्रेन बढ़ते बढ़ते आई आई सफर्ड. फ्रॉम पेप्ट कलसर और उसकी वजह से मुझे. एमएससी छोड़नी पड़ी जोधपुर यूनिवर्सिटी से. बीच में ही क्योंकि डॉक्टर ने कहा कि अब. आपका सरवाइव करना तभी पॉसिबल है जब आप. स्ट्रेस फ्री हो जाए और आप इस चीज को छोड़. दें लेकिन वो और भी मुश्किल पड़ गया कि अब. मैं करूं क्या एक सेकंड डिवीजन और बीएससी. पास करके आप बड़ी मुश्किल से वहां तक. पहुंचे थे आई कन्विंस्ड द अथॉरिटीज के मैं.
डिजर्व करता हूं इस एडमिशन को 16 बच्चों. में ठीक है ना एंड मुझे वो छोड़ना पड़ा. उसके बाद फिर पता चला कि मुझे एलपीसी हो. गया यानी कि जिसको हम ऑटो इम्यून डिजीज. कहते हैं बालों का गिरना और यह ऑटो इम्यून. डिजीज यहां तक बढ़ गई कि 9293 में आई. सफर्ड फ्रॉम दिस रूमेटाइड अर्थराइटिस और. बड़े डॉक्टर ने मुझसे कहा कि तुम खड़े. नहीं हो पाओगे मुझे फर नगर के एक बड़े. डॉक्टर थे ऑर्थोपेडिक सर्जन एंड फ्रॉम. देयर आई वाज कंपलीटली इन डिवा सिचुएशन कि.
अब मैं क्या करूं एंड फ्रॉम देयर सडन आ आई. गट यूनिवर्सल कॉल के कोई किताब मुझे मिल. गई और मैंने उसे पढ़ना शुरू किया और उसमें. यह पता चला कि जितने भी हमारे पैटर्न. स्ट्रेस के वह हमारे माइंड में पड़े हैं. और उन्हें हम कभी भी डिस एंपावर कर सकते. हैं यानी कि आप पेनफुल मेमोरी से किसी. ग्रीफ से किसी फोबिया से किसी एब्यूज से. किसी आई मीन रंजिश से बाहर आ सकते हैं एंड. आई स्टार्टेड आई मीन रीडिंग दैट बुक एंड. अपलाइट ऑन माइसेल्फ और आप यकीन नहीं. करेंगे कि 9495 में मैं उससे बाहर आ.
गया और मुझे ऐसा लगा कि यार वो माइग्रेन. कहां गया आई गट अ गिफ्ट देन मुझे लगा कि. आई मस्ट टेल दिस स्किल टू द पीपल यह मुझे. सिखानी चाहिए तो मैंने लोगों को कहना शुरू. किया यार तुम्हें यह दवाई बीमारी है चलो. मैं तुम्हारे अंदर की कुछ बातें करता हूं. तुम कभी कॉफी पर बुला लिया मैं ही अपने आप. कभी रूम ले लेता था एंड फ्रॉम देयर आई. स्टार्टेड गेटिंग द रिजल्ट्स फिर मैंने. सोचा कि यार कुछ यूनिट कुछ करना है.
सोसाइटी के लिए तो राज मैंने 95 में इसी. स्किल को यूज करते हुए कि कैसे आप माइंड. को यूटिलाइज कर सकते हैं और मुझे उस टाइम. रेटिकुलर एक्टिवेट सिस्टम यानी कि माइंड. का गहरा पार्ट जो आपके सभी सपनों को पूरा. कर सकता है जिसको हम लॉ ऑफ अट्रैक्शन कहते. हैं यूजुअली साइंटिफिक है वो मैंने उससे. सोचा कि मैं एक सोसाइटी को कुछ देता हूं. आई वाज इन मुझे तो गिफ्ट मिली थी मुझे. लाइफ मिली है तो गिफ्ट मिल गई ओके हेल्प. मी एक्सप्लेन आपने बोला कि आपको एलोपेसिया.
हो गया था एलोपेसिया मतलब बाल जले जाते. हैं हां बाल तो बहुत अच्छे हैं आपके आपने. हेयर ट्रांसप्लांट कराया नहीं बिल्कुल भी. नहीं और यह नेचुरल है सिर्फ इसमें से 25. पर ग्रे हो गए हैं जिसके लिए मुझे केमिकल. आई मीन कलर लगाना पड़ता है इसके अलावा कोई. केमिकल नहीं है और ये नेचुरल है तो फिर. एलोपेसिया का क्या मतलब ये डायग्नोज था कि. आपने मन से बोला नहीं मतलब ड मुझे ट. अर्थराइटिस भी ऑटो इम्यून है याद रखिएगा. तो डॉक्टर ने बोला कि हां ये हो चुका है. आपको चुका जी हां जी हां बाल उसी तरह से.
गिर रहे थे और फिर इसको आपने कोई मेडिसिंस. नहीं ली इसमें मेडिसिन होती ही नहीं अगर. आप ऑटो इम्यून को समझे तो मैं एक मिनट में. बता सकता हूं सब लोगों को ऑटोइम्यून का. मतलब है कि जब भी हम किसी गहरे स्ट्रेस. में होते हैं स्पेशली ग्रीफ में होते हैं. अनसर्टेनटीज हैं हम किसी आई मीन एंजाइटी. में जीते हैं उस समय हमारे माइंड की जो. पार्ट है हाइपोथैलेमस वो हमारी ग्लैड्स को. कहता है कि वी आर इन फाइट और फ्लाइट मोड. और जो हमारा इम्यून सिस्टम है जिसको हम. इम्युनिटी भी कहते हैं जिसको हम वाइट ब्लड. सेल्स कहते हैं यूजुअली.
ये इम्यून सिस्टम हमेशा तीन तरह से काम. करेगा ये मैं नहीं कह रहा हूं मेडिकल आई. मीन बुक्स कहते हैं या तो आपका इम्यून. सिस्टम सप्रे हो जाएगा जब वो सप्रे होगा. तो निश्चित रूप से या तो आपको बैक्टीरियल. अटैक होना शुरू होगा और लंबे समय तक अगर. आप किसी का और आई मीन इम्यून सिस्टम डाउन. रहता है तो कैंसर नाम की डिजीज यही है. दूसरा है कि अगर वह यह रूट ना ले तो आपका. जो इम्यून सिस्टम है वो क्या करेगा कि वो. ओवर रिएक्ट करेगा ओवर रिएक्ट का मतलब है. कि आपको डिफरेंट एलर्जी होनी शुरू हो.
जाएंगी तो जितनी भी एलर्जी है वो ओवर. रिएक्शन ऑफ योर इम्यून सिस्टम है इसलिए. इम्यून सप्रे सर दिया जाता है और तीसरा है. कि वो ओवर रिएक्शन करते-करते कंफ्यूज हो. जाए इम्यून सिस्टम एंड इट स्टार्टस किलिंग. योर ओन बॉडी यानी कि आपकी होस्ट को मारना. शुरू कर दे हम अगर उस समय आप कुछ ना करें. उस समय आप उस बीज को हटा दें हम क्या करते. हैं कि उसमें हमें स्टेरॉइड लेने होते हैं. कि भाई इम्यून सुप्रेस को मार दो उसे काम. ही ना करने दो ये तो आप एक गलत रूट ले रहे. हैं ऐसे में इम्यून सिस्टम अगर कंडीशन हो.
गया ना काम करने के लिए तो आपको बहुत सारी. दूसरी बीमारियां आ जाएंगी दूसरी चीज आपको. यह समझनी होगी एक चीज मैं आपको आज बताता. हूं वो यह है कि हमें अगर मॉडर्न साइंस को. समझना है तो उसमें एक वर्ड आता है. न्यूरोप्लास्टिसिटी हम न्यूरोप्लास्टिसिटी. में राज ये होता है कि हम तीन तरह की. न्यूरोप्लास्टिसिटी होती है एक है केमिकल. न्यूरोप्लास्टिसिटी मैंने किसी को देखा. प्यार हो गया हल्का सा केमिकल लोचा था तो. इसको हम कहते हैं कि केमिकल बदले हैं. थोड़ी देर के लिए तो तो हम जितने भी कई.
बार किताबें पढ़ते हैं मैं आज से यह. करूंगा नया रेजोल्यूशन बनाऊंगा िकल चेंज. हां तो सिर्फ एक थोड़ी देर के लिए. मोटिवेशन आ गया वो और केमिकल जैसे ही सेटल. डाउन हुए आप जैसे थे वैसे ही रह गए दूसरा. है स्ट्रक्चरल न्यूरोप्लास्टिसिटी जैसे आप. गाड़ी चलाते हैं तो आपका व स्ट्रक्चर पूरा. तरह से बन जाता है आपके ब्रेन के अंदर. यानी कि आपका ब्रेन बदल चुका है यह बहुत. इंपोर्टेंट चीज है कई बार ये होता है कि. ये नेगेटिव चीजों के लिए हमारे स्ट्रक्चरल. न्यूरोप्लास्टिसिटी बन जाते है किसी किसी. को खाने की एडिक्शन आ गया किसी को शराब का.
किसी को काम ना करने का किसी को अपना मूड. स्विंग बहुत तेजी से होने लगा लेकिन तीसरी. चीज एक बड़ी इंपोर्टेंट है इसमें वो है. फंक्शनल न्यूरोप्लास्टिसिटी क्या होता है. अगर इसको हम समझ जाए तो हम अपनी लाइफ को. एक नए तरीके से बदल सकते हैं फंक्शनल. न्यूरोप्लास्टिसिटी को समझने के लिए आम. आदमी को ये समझना होगा कि जब कभी किसी को. पैरालिसिस हो जाती है अदरंग मार जाता है. तो उसका राइट साइड पूरी तरह से कई बार मर. जाती है और उस इसलिए मर जाती है कि जो. राइट साइड को कंट्रोल करने वाला हमारा. सेंटर था हम हमारे ब्रेन के अंदर बेसिकली.
वो फट गया वो खराब हो गया वो बस्ट हो गया. या वो डैमेज हो गया अब वहां से वो अपने. नर्वस सिस्टम के द्वारा ये जो वेगस नर्व. है उसके द्वारा हमारे हाथ को या पैरों को. वह इस इन ऑर्गन्स को कोई भी मैसेज नहीं. भेज रहा है यस उसके बाद हमारा जो. फिजियोथेरेपिस्ट होता है वो क्या करता है. हमारे हाथों को हमारे पैरों को खूब मूव. करता है और एक तरीके से रोजाना प्रैक्टिस. करता है एक महीना दो महीना तीन महीने ऐसे. में हमारा माइंड यह मान लेता है कि यह. मूवमेंट हमारे लिए जरूरी है.
यह गति लाना हमारे लिए जरूरी है इस तरह से. इस हाथ को चलाना जरूरी है क्योंकि य आदमी. रेगुलरली इस काम को कर रहा है तो वो क्या. करता है कि वह एक नया डिपार्टमेंट इसके. लिए अलट कर देता है यानी कि नई ब्रेन. सेल्स इसके लिए अलट कर देता है और उसकी. कंट्रोल इस नए पार्ट को दे देता है पुराना. पार्ट भले ही मर गया हो याद रखिएगा यह काम. आप फिजिकली तो कर ही रहे हैं लेकिन इसे आप. प्रॉपर्ली अगर विजुलाइजेशन को करना जानते. हैं तो आप इसे विजुलाइज कर सकते हैं ट योर.
बॉडी इ जो उसका काम है उसे पूरा कर. ले और आपकी बॉडी में जो भी आपका थॉट है वह. इमीडिएट आपकी ग्लैंड सुनती है ओके फॉर. एग्जांपल कभी इस चीज को नहीं पढ़ाया गया. जब मैं लोगों को एनएलपी से वेलनेस देता. हूं मैं एी से वेलनेस नहीं देता हं मैं. सिर्फ एक मैसेज क्रिएट करता हूं उसके अंदर. कभी हमने एक चीज को नहीं समझा जो मेडिकल. साइंस ने पूरी तरह से नेगलेक्ट किया हुआ. एक पार्ट वो है हमारी ग्लैड्स जिसको हम. एनर्जी चक्रा कहते हैं सो कमिंग बैक आप. बोल रहे थे कि एनएलपी के थ्रू और जो आपके.
वेलनेस के टूल्स है और जो इंप्लीमेंटेशन. है उसके थ्रू आपने बीमारियां सही करी खुद. की हां ठीक है और फिर अब बहुत लोगों को. उसमें हेल्प करते बत को राट तो क्या करते. हो एनएलपी होता क्या है बेसिकली एनएलपी को. आप यूं समझिए कि आपके पास जब हम पैदा होते. हैं हम 86 बिलियन हमारे पास ब्रेन सेल्स. होती हैं जिनमें कहते हैं कि एक ब्रेन. सेल्स की आई मीन एक ब्रेन सेल की जो. मेमोरी है वो 82 जीब होती है ऐसा बोलते. हैं.
और उसके साथ हमारा एक बॉडी हमें मिलती है. हमें दो चीज मिलती है जब पैदा होते हैं 86. बिलियन न्यूरॉन है यहां पर और हमारे पास. 60 लियन सेल्स हैं जिनको हम शरीर कहते हैं. इनमें से कुछ सेल के अंदर हमारी ऑलरेडी एक. तरह से प्रोग्रामिंग भरी पड़ी है कि हमारा. डीएनए कैसे बनेगा हमारी ऊंचाई कैसी रहेगी. हमारी नाक कैसे जाएगी उस पर हम दखल नहीं. देते लेकिन हमारे पास बहुत सारा और खाली. स्पेस है उसी तरह से जैसे कंप्यूटर में सी. ड्राइव आपको मिलती है और डीई एफ खाली मिल. जाती है तो इसमें खाली जो है ना यह गड़बड़. हो जाती है जिस दिन आप पैदा होते हैं.
इमीडिएट उसी मोमेंट से आपके पास इवेंट आनी. शुरू हो जाती है हम पहली इवेंट तो यही आती. है कि हमें लटकाकर उल्टा थप्पड़ मारा जाता. है डॉक्टर के द्वारा नर्स के द्वारा के रो. हम फिर कोई हमें गले लगाता है कोई हमारा. प्यार करता है कभी शोषण होता है कभी. एब्यूज होता है कभी हमारे रिश्ते टूटते. हैं कभी दिल टूटता है कभी अकेलेपन के. शिकार होते हैं तो यह सारी मेमोरी हमारे. पास रखी हुई है और अब यह जो डी ड्राइव है. हमारी ई ड्राइव है यह दखल दे रही है अब.
हमारे इस पूरे के पूरे सिस्टम में यानी कि. अब हमारे पास ऐसे बहुत सारे रेफरेंसेस या. मेमोरीज भरी पड़ी है जो हमारे बिहेवियर को. बदल रही है हमारी टोन को बदल रही है हमारे. फोकस को बदल रही है हमारे खाने पीने की. आदतों को बदल रही है और सबसे बड़ी बात है. कि हमारे इंटरनल वर्ल्ड को भी बदल रही है. हर थोट आपकी जीन को बदल देता है जीन को. नहीं जीन एक्सप्रेशन को बदल देता है. एपीजेनेटिक्स में लिखा हुआ है हां है ना. तो इसका मतलब यह है कि अगर हम इस टूल को. जो हमारे पास दिया है. 86 बिलियन न्यूरॉन को अगर हम इनको चलाना.
नहीं सीखेंगे तो हम बिना मतलब की चीजों को. इकट्ठा करे बैठे हैं और वह हमारी पूरी. बॉडी को और हमारे बिहेवियर को बर्बाद कर. रही है यही मेरे साथ हो रहा था और जैसे ही. मैंने ढूंढा कि यार मैं कर क्या रहा हूं. मेरे पास कितनी बेकार की मेमोरी पड़ी है. बचपन की मैं आपको फैक्ट बताता हूं मैंने. कुछ एक मेमोरीज को अपनी लाइफ से हटाया था. कुछ एक ट्रिगर्स को हटाया था जिसको. एंकरिंग कहते हैं कुछ एक इंटरनल कंफ्लेक्स. आई फाउंड कि मैं दिनोंदिन यंग होता चला.
गया अब इससे करते क्या है टूल भी बता देता. हूं सर अगर कोई भी आदमी अपने आप को एक बार. फिर हील करना चाहता है खाने की आदतों को. थोड़ी देर के लिए हम हटा देते हैं माइंड. में सर चार पांच चीजें कर ले कोई भी आदमी. और वो सारी मैं डिस्क्लोज करने को तैयार. हूं हम बिकॉज जिस पेन से प्लेजर मुझे मिला. है आई वांट टू शेयर इट टू एवरीवन पहली चीज. सर हमारे पास जितनी भी पेनफुल मेमोरी पड़ी. है उनको फटाफट हमें डिलीट करना चाहिए वह. एनएलपी और न्यूरोप्लास्टिसिटी की टेक्निक.
से आप इजली कर सकते हैं कोई भी ट्रेनर. आपको करा सकता है क्योंकि ये वो गार्बेज. है जो आपके बर्तन में पड़े हुए कीचड़ की. तरह है जितना आप दूध डालोगे इस बर्तन में. उतना ही ये कीचड़ बढ़ता रहेगा दूध नहीं. होगा तो ये है पेनफुल मेमोरी पेनफुल. मेमोरी में ब्रेकअप है फेलर है एब्यूजेस. है इमोशनल फिजिकल मेंटल और सोशल एब्यूज हो. जाते है हमारे साथ टूटे हुए रिश्ते हैं. ठीक है ना रिजेक्शंस है ठीक है ना लॉस है. ग्रीफ है हर्ट है ग्रीफ है तो इनको आपको.
हटाना होगा दूसरा है हमारे पास हमारे पास. इंटरनल साउंड्स पड़ी होती है तुमसे यह. नहीं होगा कई बार ये साउंड हमारे आई मीन. टीचर्स की होती है फैमिली में क्रिटिक हम. फिर क्रिटिक बन जाते हैं दूसरों की आवाज. से खुद की खुद को क्रिटिक करने लगते. इंटरनल क्रिटिकल साउंड आई कॉल देम इंटरनल. क्रिटिकल वॉइसे इनको आपको म्यूट करना आना. चाहिए और ये म्यूट हो जाती है और तीसरी. चीज है कि आपके अंदर जो यहां पर चीजें भरी. पड़ी है वो शिफ्ट हो जाती है आपकी बॉडी. में जिसको आप डिस्कंफर्ट या एंजाइटी कहते.
हैं एंजाइटी ही प्री डिजीज सिमट सम है एक. समय तक आपकी बॉडी से एंजाइटी को हैंडल. करती है और उसके बाद वो घुटने टेक देती है. तो इस एंग्जाइटी को हटाना आपको तीन चीजें. ये हो गई और चीज चौथी चीज बड़ी इंपोर्टेंट. ये है सिर्फ चौथी चीज तक ही अगर हम कर ले. तो आप मैजिक कर सकते हैं और चौथी चीज ये. है कि जो आपको आउटकम चाहिए जो आपने भी. बोला है कि मैं आउटकम देख रहा था कि स्टेज. पर मैं ऐसे बोल रहा हूं मेरा पैर ऐसे जा. रहा है ये वर्ड्स ऐसे जा रहे हैं ताली ऐसे. बज रही है तो आपने आउटकम इमेज बता दी.
जिसको मैं बार-बार लोगों से कहता हूं आप. अपनी आउटकम इमेजेस को इंप्लांट कर ले. फ्रंटल लोब पर तो अब यह चार पांच काम करने. से आपने आपकी बीमारी ठीक करी मुझे बताओ. करा क्या आपने खुद ने क्या किया जैसे आपने. बताया पहले तो ऑटोइम्यून डिसीसेस के बारे. में बात कर रहे थे कौन-कौन सी ऑटोइम्यून. डिसीज होती है टॉप फाइव कौन सी होती है. नंबर वन है थायराइड हम ये ऑटो इम्यून है. व्हेन योर इम्युनिटी इज किलिंग योर. थायराइड गलैंड्स हर एक को होता जा रहा है. ये और याद रखिएगा इसमें भी मैं सीक्रेट दे.
रहा हूं जो मैंने पढ़ा है हम एक बहुत. अच्छी साइकोलॉजी की किताब में जब भी आपकी. लाइफ में कोई भी चेंज आता है आपकी मैरिज. हो रही है या फिर आप प्रेग्नेंट हो रही है. या आपने कोई जगह बदली है या आपने रिश्ते. से बाहर आए हो या क नए रिश्ते में गए हो. कई बार या जॉब बदला है उस समय माइंड. कंफ्यूज हो जाता है थोड़ी देर के लिए या. कभी आपका सीजन बदला है सीजन में छींक आती. है उस समय याद रखिएगा आपकी इम्युनिटी. रिएक्ट कर जाती है ये पहली है दूसरी है. रूमेटाइड अर्थराइटिस. जब हमारी इम्यून सेल्स हमारे जोड़ों को.
मारने लगती है यह हमारे देश में बढ़ती जा. रही है यंग लड़के लड़कियों को हो रही है. यंग यूथ को हो रही है तीसरा है सर सबसे. इंपॉर्टेंट जिसमें सेल्फ इमेज खराब हो. जाती है हमारे यूथ की एंड ट इ कॉल्ड. सोराइसिस या ंड इट इ दे नो कि जब भी उनको. स्ट्रेस आती है तो व एकदम से उनकी स्किन. परेशान करने लगती है चौथी है डायबिटीज वन. जिसमें हमारी बीटा सेल को मार देती है. हमारी इम्युनिटी. और पांचवी है बड़ी इंपॉर्टेंट जो जानलेवा.
हो जाती है लपस जब आपके इंटरनल ऑर्गन्स को. अटैक करने लगती है आपकी इम्युनिटी गलती से. ये क्या होता है लपस एल यू पी यू एस बस. यही है कि वो सिस्टम इंटरनल सिस्टम को. मारने लगती है तो अब आपने बताया थायराइड. अर्थराइटिस सोरोसिस टाइप वन डायबिटीज लपस. ये बहुत बड़ी-बड़ी बीमारिया है आप बोल रहे. हो कि ऑटो इम्यून डिसीसेस एनएलपी की. टेक्नीक से ठीक हो सकती है देखिए सिंपल सी. बात है आपको अगर सीड पर आना है तो तो बहुत. सिंपल समझना होगा अगर आपका ऑटो इम्यून.
डिजीज आ रही है तो पहली बात यह है कि आप. इस समय फाइट एंड फ्लाइट आई मीन सिचुएशन से. गुजर बड़ी सारी और भी तो पता नहीं कितने. रीजन से होती होंगी हां दो ही रीजन है सर. मैं दूसरा रीजन भी बता दूंगा सिर्फ तीन. नहीं है दो ही है पहला रीजन है माइंड इस. समय अगर इस समय जितने भी हमारे दर्शक सुन. रहे हैं मैं उनको एक चैलेंज देता हूं वो. चैलेंज ये है एक पॉजिटिव चैलेंज है कि जब. भी आपको ये ऑटो इम्यून डिजीज शुरू हुई है. आपको रूमेटाइड अर्थराइटिस हुआ है आपको.
सोराइसिस आई मीन एलोपेसिया हुआ है या टाइप. वन डायबिटीज हुई डायबिटीज टाइप वन. डायबिटीज हुई है उस समय आप सिर्फ उस समय. में जाइए और ढूंढिए वहां पर क्या हो रहा. है एंड यू विल फाइंड कि उस समय आप अन. हैंडलेस से गुजर रहे हैं एंजाइटी से गुजर. रहे हैं आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है जो. आपको बार-बार हर्ट किया जा रहा है आप घुटन. में जी रहे हैं और उस समय जब आप इस. सिचुएशन में जी रहे हैं तो आपका जो इम्यून. सिस्टम है वो रिएक्ट कर रहा है इम्यून. सिस्टम इमीडिएट रिएक्ट करता है हमारा और. उससे और रिएक्शन में ही या तो एलर्जी कर.
आपको हुई है उस समय या उस समय आप किसी. बैक्टीरियल इंफेक्शन के शिकार हुए और सबसे. इंपॉर्टेंट है वह है ऑटो इम्यून तो अगर. ऑटो इम्यून को ठीक करना है तो सबसे. इंपॉर्टेंट है कि आप अपनी इम्युनिटी को एक. बार फिर शांत करें और इम्युनिटी शांत तब. होगी जब उसे जो मैसेज मिल रहा है आपको. हाइपोथैलेमस से आपके ब्रेन से वह शांत हो. जाए यानी कि आप फाइट और फ्लाइट मोड से. बाहर ही आ जाए जब तक ये फाइट और फ्लाइट. मोड चलती रहेगी तब तक यह काम होता रहेगा. और दूसरा काम अभी मैं बता देता हूं दूसरा.
है आपका गठ हमने गठ को सबसे ज्यादा एब्यूज. किया हुआ है हर आदमी सिर्फ चार बीमारियों. के नाम लेता है सर मुझे कॉन्स्टिपेशन हो. गया मुझे एसीडीटी हो गई मुझे पेट फूलता है. मे जो डायरिया है और मुझे क्या कहते हैं. फ्लेच उलें से और मैं कहता हूं यार इनमें. तो कोई भी बीमारी नहीं तो लक्षण बता रहे. हो गट की तो बीमारियों का ही अभी हम आम. आदमी को पता नहीं सिर्फ कब्ज को दस्त को. एसिडिटी को फ्ले पार्ट है इसको यही मान. लेते हैं याद रखिएगा आपके गट में.
सर जितनी आपके पास ग्लैड्स आपकी पूरी बॉडी. में है अगर उनको इकट्ठा करके तोला जाए. उससे ज्यादा वेट आपके गट में यानी कि आपकी. जो आते हैं उनमें वो ग्लैड्स है जो 25 तरह. का हार्मोन निकालती है उस समय मान लेते. हैं आपके डाइटिशियन ने लिख दिया कि यह. तुम्हें खाना चाहिए लेकिन वह खाना आपके गट. के सेंसर्स को पसंद ही नहीं है तो बेसिकली. जब भी आप ऐसा कुछ कर रहे हैं तो आप अपने. गट सल्स को परेशान कर रहे हैं और वहां से.
इमीडिएट गट सेंसेशन आपके माइंड पर जाती है. और माइंड उससे कहता है कि नाउ रिएक्ट इट. और इमीडिएट जैसे ही गट के रिएक्शन खराब. होगी तो हमारा 70 पर इम्यून सिस्टम हमारे. गट में है तो अब जैसे आपने जो डिसीसेस के. नाम लिए तो अगर कोई ये देख रहा है उसको. अर्थराइटिस है बहुत हाथ पैरों में घुटनों. में जोड़ों में बहुत दर्द हो रहा है याय. एलोपेसिया है बाल चले जा रहे है उसे. कॉन्फिडेंस पूरा नहीं सोरोसिस है. डर्मेटाइटिस है डंड हो जाता है लोगों को. स्ट्रेस की वजह से माइंड की वजह से राइट.
और डायबिटीज टाइप वन है तो वो इंसान अगर. जिसको इतनी बीमारी है वो कैसे सही करे हां. तो और अगर यह इतनी इजली आपकी टेक्निक्स के. थ्रू सही हो जाती तो हर किसी को करनी. चाहिए बिल्कुल मैं आपको कह रहा हूं कि. यहीं से करना शुरू करिए और हमारा कमेंट. बॉक्स खुला है कुछ दिन के नहीं कुछ एक. हफ्तों में आपको रिजल्ट आ जाएगा बताओ मुझे. कैसे कर सकते पहली चीज आप यह करें कि. जितनी भी आपके पास पेनफुल मेमोरी है आप. उनको एक बार रिलीज कर यानी कि उनको हील कर. ले और वो कैसे होता है उनको हील करने के.
लिए आपको मैं छोटी सी टेक्निक बता देता. हूं जो सभी कर सकते हैं पूरी लंबी टेक्निक. होगी तो वो एक तरह से एक अलग सेशन चाहिए. तो सबसे पहले एक काम करें जो भी आपके पास. मेमोरी पड़ी है छोटी सी एक्सरसाइज में. सिखा देता हूं सभी को क्योंकि अगर उनके. पास कोई भी बीमारी आई है कोई भी बीमारी आई. है इवन बॉडी पेन बढ़ गया है आपको नींद. नहीं आ रही है आपको डायबिटीज हो गई है. आपको मोटापा आ रहा है आपको कोई और डिजीज आ. गई है याद रखिएगा उस सम में जाइए जब ये. बीमारी शुरू हो रही है आप किसी ना किसी.
पेनफुल मेमोरी से गुजर रहे हैं आपको या तो. किसी ने हर्ट किया है किसी ने एब्यूज किया. है किसी आई मीन किसी अनबल स्ट्रेस सिचुएशन. एटली आप एक काम करें इमेजिन करें कि इसको. हम टीवी टेक्नीक कहते हैं ये मैंने करीब. करीब 10 15 लाख लोगों को सिखाई है इमेजिन. करें कि आपके सामने गिलास वॉल है. ट्रांसपेरेंट और उसके पर एक टीवी रखा हुआ. है और इमेजिन करें कि आपके पास एक रिमोट. कंट्रोल ऐसे और इमेजिन करें कि एक बटन. दबाकर उस मेमोरी को आप उस टीवी में देखें. दूस दूसरा बटन दबाकर उसकी सारी आवाजों को.
तीन चार पांच बार म्यूट करें मानो वहां. सन्नाटा हो गया है एक काम और करें कि उन. इमेजेस को आप ब्लैक एंड वाइट करने की सोचे. या फिर इमेजिन करें आपने काला चश्मा पहन. लिया है उनके कलर्स को ब्लर्ड कर दें और. चौथा काम एक काम करें कि अब उन इमेजेस को. आप फ्रीज कर दें उनमें कोई मार रहा है कोई. भाग रहा है कोई पीछे चिल्ला रहा है तो. इमेजिन करोगे एक एक सीन को आपने फ्रीज कर. दिया जैसे आप कई बार जूम के पिक्चर को. खींच देते हैं आई मीन क्लिक कर देते हैं. इतना काम कर दीजिएगा दो तीन बार और एक बार.
और इमेजिन करिएगा उसके उन इमेजेस को आप. रबर से मिटा रहे हैं जिसे हम इरेजर कहते. हैं दो बार कर लीजिएगा सडन आप पाएंगे कि. जो आपकी इंटेंसिटी थी अचानक व 10 में से. चार या पांच रह गई है फिर आपको यह परेशान. नहीं करेगी अभी ऐसा करते ही आपको दो तीन. इमेजेस और याद आएंगे क्योंकि माइंड एक गेम. को खेलता है इफ इट इज गुड लेट इट बी मोर. या ऐसे ही हम शराब भी पीते हैं इ इट गुड. यार एक और बाना ऐसे हम योगा भी करते बड़ा. मजा आया कल भी करूंगा. माइंड बताता है एनीथिंग वर्थ डूइंग इ वर्थ.
ओवर डूइंग यस वेरी ट्रू तो इसी एक दो दिन. में फिर आपको ऐसी इमेजेस आएंगी उनको भी. हटा ले तीन चार दिन में आपको पेन से आई. मीन पेनफुल मेमोरी से पीछे छुड़ जाएगा ठीक. है ना इतना आप काम कर ले और इसे बार-बार. करते रहे आप बोल रहे हो मुझे कि यह जो. सारी ऑटो इम्यून डिसीज है या जो भी लोग. लाइफ में खराब चल र है वो सिर्फ पेनफुल. मेमोरीज और ट्रामा को खत्म करने से हट. जाएंगे एगजैक्टली आप रियली तो अगर ये हट. जाते हैं तो दुनिया भर के डॉक्टर्स क्यों.
दवाइयां बेच रहे हैं और वो क्यों कर रहे. हैं ये क्यों नहीं सखा के हटवा देते हैं. सर माइंड को पढ़ाया कहां जाता है मेडिसिन. में आपको अगर 1700 शताब्दी के बाद की बात. करें आप मुझे यहां तक लेकर जा रहे हैं. 16वीं शताब्दी तक माइंड को और बॉडी को एक. माना जाता था 17वीं शताब्दी में एक बहुत. बड़े वैज्ञानिक हुए आई मीन मैथमेटिशियन. हुए हैं उनका नाम था रेने डि कार्टिस रेने. डि कार्टी बोला जाता है उनको ठीक है ना और. उनकी थ्योरी ऑफ रिडक्शन थी कि यह प्रॉब्लम.
है तो और रिड्यूस करते करते लास्ट में आ. जाओ उन्होंने एक थ्योरी दे दी थी जिसको कई. किताबों ने लिखा कि दैट वाज द आई मीन रंग. इंटरप्रिटेशन और यहीं से सबसे गड़बड़ हो. गया उन्होंने कहा कि बीमारी के लिए बॉडी. जिम्मेदार है और माइंड को हम अलग कर देते. हैं तो माइंड को दे दिया चर्च को और बॉडी. को दे दिया डॉक्टर. को लेकिन सर 1950 के बाद डॉक्टर्स ने यह. मान लिया कि माइंड भी उतना ही अब आई मीन. रिस्पांसिबल है और अब आपको स्ट्रेस की. गोलियां लिखी जाने लगी एंजाइटी की नींद की. गोली लिखे जाने लगी आपको बीडीएनएफ यानी कि.
ब्रेन राइड न्यूरोट्रॉपिक यानी कि आपके. खुशी के हार्मोन लिखे जाने. लगे मैंने पूरी तरह से नहीं कहा मैंने कहा. गट आप खाना जो खा रहे हैं उसके ऊपर भी. ध्यान देना पड़ेगा वो सिर्फ 5 पर है एंड. इसमें विल पावर का कितना लेना देना है कि. अगर किसी पेशेंट की या कोई इंसान ग्रीफ के. थ्रू जा रहा है किसी पेन के थ्रू गुजर रहा. है किसी बीमारी के थ्रू गुजर रहा है वो. चाहता ही नहीं है कि मैं खुद से ठीक हो.
जाऊं वो बोलता है अरे दवाई लो रे बंद करो. मेरे को नहीं मानना ये सब फालतू बातें. होगा ये साइंस साइको व्ट एवर व्ट एवर. होंगे राम वर्मा सर होंगे दुनिया में कोई. भी बड़े-बड़े डॉक्टर्स मेरे को मतलब नहीं. है अभी मेरा डॉक्टर जो है जो मेरे शहर में. सबसे बढ़िया डॉक्टर था उसने बोला दो दवाई. खाओ और घर में बढ़िया बैठो तो मैं सि उसी. में मानता हूं मैं मानता ही नहीं हूं कि. विल पावर से मैं चेंज कर लूंगा खुद को वो. चेंज हो सकते हैं नहीं बिल्कुल डिफरेंट. तरह के लोग हैं लेकिन क्या वो चेंज हो. सकते. आई मीन ये उनके ऊपर डिपेंड करता है कि वो.
कितना उस इशू को रिजॉल्व कर सकते हैं उस. दवाई से या उस उनकी सोच से कर भी सकते हैं. पर जरूरी नहीं है कि हर आदमी ठीक होना भी. चाहता है कई बार पीपल आर एंजॉयिंग देर मिज. लोग अपनी मिज कोही एंजॉय करने लगते हैं. बिकॉज हम अपने नर्क को अपने आप ही तो. बनाते हैं हम उससे बाहर नहीं आना चाहते. लेकिन दूसरी बात मैं यह भी बताना चाहता. हूं कि कोई भी बीमारी अगर आपकी लंबे समय. तक चल रही है तो य वो दवाइयां सिर्फ आपकी. मिजी को एक्सटेंड कर रही है वो आपको. हीलिंग नहीं दे रही है आपकी मिज को. एक्सटेंड कर रही है और एक्सटेंशन ऑफ मिज.
का मतलब यह नहीं कि आप हील्ड हो चुके हैं. पर किसी कोई कोई लोग बोलते हैं कि मेरा. विल विल पावर इतना स्ट्रंग नहीं है मैं तो. गिव अप कर देता हूं मेरे जो एडिक्शन है. मेरे जो पैटर्न है मैं उन पर गिव अप करता. हूं वो अपना विल पावर कैसे बढ़ा सकते. सिंपल सी बात है विल पावर की बात जहां तक. मैं करता हूं तो मैं बहुत सारे पॉडकास्ट. में विल पावर के बारे में एक ही बात कहता. हूं विल पावर तो होती ही. नहीं बेसिकली और इसे मैं प्रूव भी करता. हूं मान लेते मैं सिगरेट नहीं पीता हूं और. मुझे कोई भी आदमी कह रहा है कि राम सर ये. आप सिगरेट पियो मजा आ जाएगा तो मैं मना.
करने की चॉइस रखता हूं लेकिन अगर मैं 40. सिगरेट रोजाना पीने का आदि हो गया हूं और. अब आप मुझे कह रहे हैं कि राम सर आप. सिगरेट नहीं पिएंगे तो मैं इस समय विल. पावर से जब सिगरेट नहीं पी रहा हूं तो मैं. अपने आपको को पेन दे रहा हूं कि प्लेजर दे. रहा हूं पेन दे रहा हूं और हमारा माइंड इस. तरह से रिवाय रिवायर्ड है या वायर्ड है कि. हम हमेशा पेन से बचना चाहते हैं इसलिए विल. पावर टूट जाती है दो हफ्तों से दो साल के. बीच में जेनेटिक्स का क्या रोल होता है इस. विल पावर में ओवरथिंकिंग में थॉट्स में. क्योंकि ऐसा बोलते हैं ना कि अगर पेरेंट्स.
ओवरथिंकर्स हैं तो बच्चे भी ओवरथिंकर. होंगे पेरेंट्स की अगर विल पावर स्ट्रंग. नहीं है तो बच्चों की भी स्ट्रांग नहीं. होगी अगर पेरेंट्स बहुत स्टब है स्ट्रांग. है और उनकी विल पावर खतरनाक है जिस पर. ध्यान लेते हैं वही करते हैं वो तो बच्चे. भी वैसे निकलते हैं डू यू थिंक इसमें कोई. ट्रुथ है इसमें तब तक ट्रुथ है जब तक कि. आप अपने जेनेटिक एक्सप्रेशन को नहीं समझते. और इपी जेनेटिक्स को नहीं समझते इस मोमेंट. तक बिल्कुल जिसने अभी तक ये पॉडकास्ट अब. तक नहीं सुना या जीनस के बारे में नहीं. पढ़ा उसके लिए सच हो सकता है लेकिन. जेनेटिक्स ये कहती है कि वो मात्र एक.
मॉडलिंग थी जब आप पेरेंट्स को देखते हैं. तो पहला बिहेवियर हम पेरेंट्स से या टीचर. से सीखते हैं रिश्तेदारों से रिलेटिव से. सीखते हैं मान लेते मेरे फादर लेट आ रहे. हैं तो मेरी मदर ने क्या बिहेवियर किया है. वह गुस्सा कैसे करती है या वो समझती कैसे. व समझाती कैसे तो वो मैं मॉडल करूंगा इसे. हम मॉडलिंग कहते हैं अनकांशस मॉडलिंग तो. जब हमारे पेरेंट्स जो भी करते हैं हम उनको. अनकस मॉडलिंग कर लेते हैं निश्चित रूप से. वो हमारे जेनेटिक एक्सप्रेशन बन जाते हैं. पर यह बदलने लायक है और यह बदलने योग्य है.
और इनको बदला जा सकता है यानी कि यू कैन. चेंज एनएलपी में एक खास बात यह है कि वहां. पर एक प्री सपोजिशन है यू हैव ऑल द. रिसोर्सेस आपके पास य रिसोर्स है कि आप इस. थिंकिंग को इस पैटर्न को तोड़ सकते हैं और. पैटर्न ब्रेकिंग हमारी पहली टेक्नीक होती. है कि अगर आपके पास कोई ओवर थिंकिंग का. पैटर्न चल रहा है बार-बार आप फेल हो रहे. हैं या हमारे जो बिजनेस पर्सन है पैसा. कमाते हैं उनको एक सीसी फस. और जैसे ही आप ऊंचाई की आनंद को लेने शुरू.
करते हैं आप ऐसे गलती करते हैं कि आप जीरो. हो जाते हैं फिर आप शुरू करते हैं एंड ये. कॉम्प्लेक्टेड कैसी होगी ठीक है ना लेकिन. आपकी बीमारी जेनेटिक नहीं है अगर है तो. उनकी परसेंट अब उनकी जो परसेंटेज है वो 1. पर से भी कम है यह मैं नहीं कह रहा हूं आप. कभी भी एपीजेनेटिक्स पढ़ ले यह अवेलेबल है.
और सिंपल भाषा में. है तो आप बोल रहे हो सब ये सब चेंज हुआ जा. सकता है एक्जेक्टली सिंपल सी बात यह है कि. पहले आपका आउटकम क्या है और उसे पूरा करने. के लिए आपके पास वाई कितने स्ट्रांग है. कारण क्या है आपका एंड क्या जिन लोगों के. पास वाई नहीं है स्ट्रांग उन लोगों के वाई. बनाया जा सकता है वाई बिल्कुल बनाया जा. सकता है सर कि मैं ये काम क्यों करना. चाहता हूं मेरा ये गोल क्यों है मुझे पैसे. क्यों कमाने मुझे ठीक क्यों होना है मुझे. अच्छा क्यों दिखना है मुझे बॉडी क्यों. बनानी है ये क्यों ये कुछ-कुछ लोग बोलते.
हैं बस क्योंकि दुनिया कमाती है पैसे. कमाने बि गाड़ी चाहिए इसलिए गाड़ी चाहिए. पर मैं जितने मेरे दोस्तों से मिलता हूं. या कुछ लोग हैं जो अभी अटके हुए हैं कहीं. पे स्टक फील कर रहे हैं वो ये बात करते. हैं कि उनका कोई स्ट्रांग वाय ही नहीं है. मतलब उनकी लाइफ में उनको ऐसा लगता है कुछ. ऐसा हुआ ही नहीं है जिसकी वजह से उनको. दुनिया चेंज करनी है उनको तो बस ये कि यार. आज मैं मिडिल क्लास फैमिली में पैदा हुआ. हूं अब बढ़िया पैसे कमाने हैं यार ताकि. मैं बढ़िया कार में रहूं बढ़िया घर में. रहूं और अच्छी लाइफ जिऊ इसके अलावा कुई.
वाय नहीं होता डू यू थिंक स्ट्रांग इनफ. वाय होता है नहीं बिल्कुल इससे ये मैं तो. कोई वाय नहीं है सर हम तो कार तो आ गई कार. को आने के बाद जो एकदम से आपको तीन महीने. मजा आएगा उसके बाद तो कपड़ा भी नहीं लगाते. एगजैक्टली एकट तो मैक्सिमम लोग तो इसी की. तरफ भागते हैं आपने भी सुना होगा आपके लिए. लोग जो आपके पास आते होंगे वो ऐसी बातें. करते होंगे गाड़ी चाहिए घर चाहिए नौकरी. चाहिए प्रमोशन चाहिए बिजनेस चाहिए करोड़ों. रुपए चाहिए क्यों चाहिए पता नहीं बस चाहिए. क्योंकि सब सबको लेना है हां तो ये तो. मात्र एक सनक है ये तो विम्स के बात है. लेकिन अगर आप वाई की बात करें तो ओके गुड.
क्वेश्चन सॉरी विम्स और वाई में क्या. डिफरेंस. है देखिए सिंपल सी बात है भीम वो है एक. सनक वो है कि जिसको मैंने किया थोड़ी देर. के लिए और फिर मुझे उसको छोड़ना भी है ठीक. है ना कर लिया ठीक है मैं शुरू में होता. है ना कि लाइफ ऑफ अटैचमेंट में हम जीते. हैं जब तक मुझे का बाइक नहीं मिलेग मैं. लडूंगा पापा से पापा मुझे बाइक दोल बाइक. दिलवा हो बाइक दिलवा दिलवा दी अब तीन. महीने बाद वो कहां खड़ी है उसके ऊपर आपका. ध्यान भी नहीं जाएगा कपड़ा भी नहीं. लगाएंगे सो ये लाइफ ऑफ अटैचमेंट य आपकी. विम्स थी जो एक मोमेंट में आई थी और वह.
चली गई है एक है आपका भाई भाई बेसिकली अगर. यह नहीं है तो आप कोई भी लंग लास्टिंग. चेंज नहीं करेंगे और लंबे समय के घोड़े. नहीं. बनेंगे और वाई याद रखिएगा कभी भी माइंड से. नहीं आता सर हार्ट से आता है अगर कोई चीज. हार्ट पर टच हो गई तो आप उस वाई को जरूर. पूरा करेंगे तो अगर कोई ये पॉडकास्ट देख. रहा है है एंड उसे अपना वाय जानना हो तो.
अभी वो खुद से क्या सवाल पूछेगा जिससे. उसको एक बेटर वाय मिलेगा क्योंकि जैसे ही. वो फर्स्ट टाइम ये सोचेगा कि मुझे लाइफ. में क्या चाहिए सबसे पहले यंग लोगों के. दिमाग में बस य आएगा प्रमोशन गाड़ी घर. मम्मी पापा को थोड़ा बढ़िया ट्रेवल करा. दूं मैं बस ये तीन चार चीजें आती है जो. एकदम बेसिक होती है और अगर कोई अपना घर. छोड़ के आया है जो मिडिल क्लास फैमिली से. आया उसको ये लगता है कि यार मेरे परिवार. वालों ने मुझ पर बहुत भरोसा किया है तो. मुझे मेरे परिवार वालों को आगे लेकर जाना. है और उनको इतने पैसे देने है कि ताकि वो. जिंदगी में कभी पैसे लिए दूसरों के सामने. हाथ ना फैला ये स्ट्रंग वाय या बट इसके.
पहले जो दूसरी दो चार चीजें एकदम दिमाग. में आती है वो ऐसे क्या क्वेश्चन पूछे. जिससे ये सरफेस लेवल वाई से वो एक लेवल. ऊपर चले जाए सिंपल सी बात है चार क्वेश्चन. है सर दो वाई के हैं और दो वाई नोट के हैं. ओके हां ये चार क्वेश्चन ही हमारे माइंड. को डायरेक्शन देते हैं और यही मिस. डायरेक्शन भी देते हैं पहला सवाल है कि जो. भी मेरे गोल्स है लाइफ में हा 2025 के या. नए साल के हम गोल बना रहे हैं यह मेरा गोल.
है कि मैं अपने आप को पूरी तरह से हील कर. लूं पैसा कमा लू रिश्तों को बढ़िया कर लू. फैमिली को बढ़िया लेवल पर ले जाऊं पहला. सवाल है इफ आई अचीव दिस गोल अगर मैं इस. लक्ष्य को पूरा कर रहा हूं तो मेरे आने. वाले गेंस यानी के प्लेजरस क्या होंगे और. उन प्लेजरस में सिर्फ गाड़ी बंगला तो लिख. लो लेकिन इसके पास इसके परे इमोशन पर आओ. हाउ माय मदर विल से इन माय इयर्स यू आर द. हीरो ऑफ माय लाइफ बेटा क्या ये शब्द आपके. लिए इंपोर्टेंट नहीं याद रखिएगा अब यह. गाड़ी भी कमा लेंगे और उन वर्ड्स के लिए.
आप हमेशा जिंदगी में तैयार रहेंगे दूसरा. सवाल होगा और इसमें आप और देखें कि आपके. लिए और क्या वैल्यूएबल्स हैं देयर माइट बी. कि आप किसी को इंप्रेस करना चाहते हो वो. इंसान इंप्रेस होकर आपको क्या कह रहा आई. लव यू यू आर माय हीरो जो भी कहना है कौन. सा टच महसूस करना चाहते. हैं क्या सुनना चाहते हैं आप इसमें. खोइया माइंड इमीडिएट उस वाय को ढूंढेगा. दूसरा है कि अगर ये पूरा नहीं हुआ तो. व्हाट पेनस आई मे फेस कौन से पेनस और इन्ह.
अगले 20 सालों में लाइए 30 सालों में लाइए. अगर मैं मेरे पास आज पैसा नहीं है तो. मैंने बहुत सारे लोगों को देखा जब पैसा. नहीं होता कि वह किस तरह से अपनी लाइफ को. चलाते हैं क्या यह पेन मेरे सामने नहीं आ. सकते याद रखिएगा यह पेन ही हमें एक नई. डायरेक्शन और नई मीनिंग देते हैं कि आपको. अब कहां पर एक्सीलरेशन देना और कहां ब्रेक. लगाना लाइफ में लेकिन इन दो सवालों से बात. नहीं बनेगी गड़बड़ यह हो जाती है कि दो.
सवाल इसके जस्ट अपोजिट है अगर मेरा गोल. पूरा हो जाए तो मुझे क्या पेनस आएंगे कई. बार हम बड़े पैसे को इसलिए नहीं कमा पाते. क्योंकि हम यह मानते हैं कि बड़ा पैसा. कमाकर नई रिस्पांसिबिलिटी ना आ जाए नए डर. ना पैदा हो जाए इसीलिए कई बार आप देखेंगे. कि लोग इसलिए सक्सेसफुल नहीं होते क्योंकि. उन्हें सक्सेस का डर लगता है रियली रियली. कई बार लोग इसलिए ठीक नहीं होना चाहते कि. उन्हें बहुत सारी रिस्पांसिबिलिटी लेनी. पड़ेगी कई बार लोग इसलिए डिप्रेशन से बाहर. नहीं आते क्योंकि डिलाइटफुल रहकर उन्हें.
बहुत सारी चीजों को अपनी रिस्पांसिबिलिटी. निभानी होगी और हमारे अंदर हमेशा एक आदमी. छुपा पड़ता छुपा रहता है जो हमें कहता है. स्टेटस को में रहो यहां पर आनंद मिल रहा. है. ना कई बार आप देखेंगे कि को कोई क्यों. अपनी मिजी में रहना चाहेगा एक्जेक्टली. बिकॉज मजरी बिकम आर पजेशन ये ह्यूमन नेचर. में आप पढ़ेंगे कोई आदमी जो एडिक्ट हो. चुका है शराब का उसके पास सारी रिसोर्सेस. है कि वो छोड़ दे लेकिन वो छोड़ने में पेन. देख रहा है और ना छोड़ने में प्लेजर देख.
रहा है तो आप बता रहे थे कि. गट पहला इंसान लाइफ में पहली चीज जिसकी. वजह से लोगों को बीमारियां होती है या वो. अचीवर नहीं बन पाते या वर्ल्ड में. सक्सेसफुल नहीं बन पाते या हेल्दी लाइफ. नहीं जी पाते उसका सबसे बड़ा रीजन है. माइंड ब्रेन सेकंड रीजन है गट और वहां पर. मैंने बो था हम गट प आएंगे राट तो गट का. क्या कनेक्शन है आई नो देर इ अ गट ब्रेन. कनेक्शन और मेरी स्टडी जितना मैंने पढ़ा. है गट ब्रेन कनेक्शन के बारे में बस मैंने. नएस के बारे में सुने कि नएस एक सेकंड.
ब्रेन जैसा होता है कि आपके कुछ न्यूरॉन्स. है जो गट से और आपके गट से रिलेटेड होते. हैं कनेक्टेड होते हैं और वो न्यूरॉन सारे. मिलके एक डिसीजन देते हैं जो आपको घट को. एक फीलिंग दे देते हैं एंड दैट घट. एक्चुअली मेक्स यू डिसाइड कि ओ मे बी. स्ट्रेस हो रहा है मे भी अनकंफर्ट बल लग. रहा है मे बी ये सही है मे भी एक वो इंटू. देते हैं तो नएस को यूजुअली सेकंड ब्रेन. बोला जा है तभी बोलते हैं गट फीलिंग पे. जाओ गट फीलिंग बहुत स्ट्रांग है क्योंकि. जब माइंड ऑक्यूपाइड होता है ना 50000. चीजों से यस तब गट फीलिंग आपको एक ढंग का. आंसर देती है यस एंड वो यूजुअली सही होती.
है बिकॉज दोज आर द न्यूरॉन्स वर्किंग फॉर. यू एंड दे द साइंस बिहाइंड इट राइट ट द. ओनली थिंग आई नो बट आप बताओ एक मुझे डिटेल. में कि क्या होता है गट से जिसकी वजह से. लोग बीमार रहते हैं या कुछ अचीव नहीं कर. पाते एंड मुझे ये एंटिक नर्वस सिस्टम के. अलावा चीज बताना नस के अलावा बिल्कुल बता. दूंगा बेसिकली गट जो है सबसे ज्यादा. नेगलेक्टेड पार्ट है मेडिकल साइंस में. मेडिकल साइंस हैज नेगलेक्टेड दिस पार्ट और. उन्होंने सिर्फ यह माना कि ये एक फूड पाइप. है जहां से खाना पचता है एंड फिर.
धीरे-धीरे पता चल रहा है और यह सिर्फ 20. सालों की रिसर्च है अगर माइंड और गट की. बात करना शुरू करें और गट के ऊपर अब बहुत. सारी रिसर्च की अब चीजें आ चुकी है. मार्केट में गट ब्रेन कनेक्शन हां पहले तो. गट को समझ लेते हैं गट हमारे मुंह से शुरू. होता है और एलिमिनेशन पार्ट तक जाता है. हां और यहां पर आपके पास दो बड़े पार्ट. हैं एक है गट कनेक्टम यानी कि गट की मसल्स. जिसमें गट के सेंसर्स हैं जो आपके हर एक. फूड को सेंस करते हैं कि आपने क्या खाया. कई बार आप डाइट की बताई हुई डाइट खाते हैं.
और जरूरी नहीं कि व आपका पेट उसे यानी कि. गठ के सेंसर उसको लाइक कर रहे हो पहली चीज. आपके गट की जो लाइनिंग है जिसको आप आते. कहते हैं वहां पर आपका इम्यून सिस्टम है. जो इसलिए देखता रहता है कि कोई खाने के. साथ बैड बैक्टीरिया आपके ब्लड में ना जाए. तो बड़ा काम उसका है और तीसरा है वहां पर. एंटिक नर्वस सिस्टम यानी कि वो न्यूरॉन्स. जो आपकी आंतों को चला मूव करते हैं वो दो. तरह का मूवमेंट है एक के बाद और एक खाली. पेट जिसको हम डिवाइन मूवमेंट कहते हैं अगर.
यह लोग सीख जाए तो गट को ठीक कर ले अब. यहां पर गड़बड़ य होती है कि जो भी आपके. पास उस समय खाना गया. है वो डायरेक्टली आपकी गट के अंदर क्या. रिएक्शन चल रही है वो गट आपके वेगस नर्व. के द्वारा आपके ब्रेन को बता देगा तो द. वर्ड इज वेगस नर्व यह वेगस नर्व एक तरह से. पाइप है दोनों के बीच में या पोस्टमन है. वेगस नर्व की खास बात यह होती है कि इसके. 20 पर सेल ऐसे हैं जो माइंड की बातें आपके.
ऑर्गन्स को बताती हैं उसमें से एक ऑर्गन. हम गट की बात कर रहे हैं अभी किडनी की बात. नहीं कर रहे हैं और 80 पर ऐसे न्यूरॉन्स. है ऐसी ब्रेन सेल्स है या ऐसे मैसेंजर्स. है जो आपके गट की बात माइंड को बताएंगे और. यह नॉन स्टॉप कम्युनिकेशन चल रहा है यहां. पर जैसे ही आपके गट के अंदर मान लेते हैं. कोई भी चीज गलत पहुंच गई खाने के रूप में. आपने जंक फूड खाया आपके आपके टेस्ट के लिए. तो बढ़िया था आपकी टेस्ट को तो पकड़ लिया. खाना बनाने वाली कंपनी ने जिसको हम ब्लिस.
पॉइंट कहते हैं कि आपकी अ आप उसी बार-बार. लाइक करेंगे ठीक है ना लेकिन जरूरी नहीं. कि आपके गट सेंसर उसे लाइक कर रहे हो आपका. हाइड्रोक्लोरिक एसिड बन रहा नहीं बन रहा. ज्यादा बन रहा कम बन रहा और यह जितने भी. गट की जो सेंसेशन है वो अपने आप रिजल्ट आई. मीन कोई. इंडिपेंडेंट परिणाम या डिसीजन नहीं लेता. वो एक सेंसेशन भेज देता है वेगस नर्व से. कि मेरे पास ये कुछ गलत खाना आया है ओके. अब यह ब्रेन उसको रीड करता है और यहां से.
दोबारा मैसेज भेजता है कि तुम यह डिसीजन. ले लो या तो इसको रोको या इसको फेंको तो. या तो कॉन्स्टिपेशन होगा या डायरिया होगा. वह यह भी ले सकता है कि यार मुझे लग रहा. है कि इसमें इतना कार्ब है इतना इसमें. प्रोटीन है इसमें इतने स्पाइसे है और तुम. हाइड्रोक्लोरिक एसिड को ज्यादा निकालो. क्योंकि ये तो पच ही नहीं रहा है तो आप. जलेगा अब आपका पेट एसिडिटी के शिकार होंगे. नींद नहीं आएगी और जैसे ही आपका गट कोई भी. समय रिएक्शन कर रहा है इसे हम गट रिएक्शन.
कहते हैं सो गट रिएक्शन इज नॉट. इंडिपेंडेंट इट इज द डिसीजन ऑफ योर गट. सेंडिंग द मैसेज टू ब्रेन एंड ब्रेन. गिविंग द इंस्ट्रक्शन कि भाई तुम जो भी. करना है इसका करो तो कई बार वो मोमट करवा. देगा कभी वह एसिड ज्यादा निकाल देगा. प्रॉब्लम जो आती है व चा सिर्फ पांच. प्रॉब्लम है जो हमें अपने गट को खराब करे. बैठे हैं बेसिकली हमें यही बताया जाता है. कि कबज है और ये ये चार पांच बीमारी सरय. बीमारी नहीं है विद ड्यू रेस्पेक्ट टू. एवरीवन यह लक्षण है यह तो सिंटमोबाइल.
इंटेस्टाइनल फंगल इंफेक्शन ओवर ग्रोथ सीफ.
एस आईएफओ स्मॉल इंटेस्टाइनल फंगल ओवर. ग्रोथ ये वो बीमारी है जब लेडीज में बाल. गिरने और पतले होने शुरू हो जाते हैं ऑटो. इम्यून नहीं है वो ऑटोमेटिक आपके बालों पर. असर आना शुरू हो जाएगा रेक्ट इचिंग होनी. शुरू हो जाएगी और ये सब क्यों होता है. क्योंकि हम गलत खाना खाते हैं क्योंकि. आपने प्रोटीन ज्यादा खा ली है और आपने. अपने माइंड को ट्रेन नहीं किया कि उसकी. उसके अनुसार वो हाइड्रोक्लोरिक एसिड को. निकाले या फिर आप खाना खाते हुए आप वच कर. रहे हैं टीवी या फिर मोबाइल या फिर आप. डिस्कशन कर रहे बेकार का या फिर आपने.
ड्रिंक कर लिया उसके साथ या कोला पी लिया. या फिर आपने उसके साथ स्मोक कर लिया या. फिर आप किसी के साथ आर्गुमेंट में माइंड. को यही नहीं रीड करने का मौका मिल रहा है. आपके मुंह में कि उसमें कितना कार्ब है. कितना प्रोटीन है याद रखिएगा जैसे ही आप. मुंह में चबाना शुरू करते हैं योर ब्रेन. स्टार्टस रीडिंग इट एंड वो एकदम से तैयार. करता है कि इतना आपको हाइड्रोक्लोरिक एसिड. निकालना आपके पंप कितना आई मीन बाइल जूस. का कितना पंप मारना है आपकी छोटी हाथों. में इट्स अ वंडरफुल सिस्टम बट हमें इतने. माइंड से बिजी हो गए कि हमने माइंडफुल. ईटिंग ही नहीं करी है और हम अपने या तो.
एसिड को बढ़ा रहे हैं या घटा रहे हैं. दोनों ही प्रॉब्लम है आपके गट के अंदर 100. ट्रिलियन बैक्टीरिया होने. चाहिए एक किताब के अनुसार जिसका नाम है. सुपर गट हमारे पास 10000 तरह की स्पेश. होनी चाहिए लैक्टोबैसिलस और बफिट. बैक्टीरियस की वो घटकर 1600 रह गई है 1600. प्रजाति कुल हमारे पास तो ये इतनी सारी कम. क्यों हो गई इसलिए कम हो गई कि आपके पिछले. 70 सालों में आपने मोज को खाना शुरू कर. दिया ज जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिस्ट म.
कॉल्ड वीट आपका वीट 1500 बार बदल चुका है. आप जिस दूध को पी रहे हैं वह आपके लिए. नहीं बना आप जिस शुगर को खा रहे हैं वह. पहले नहीं थी आप जिस तनाव में रह रहे वो. नहीं थे आप जिस साबुन को लगा रहे हैं वो. अलाउड नहीं. थी इस समय जिस इस समय मैं आपको बताना. चाहता हूं इस तारीख को मैं एक साल और न. दिन मुझे हो गए हैं मैंने सोप का यूज नहीं. किया फिर और फिर एक साल न महीने से मुझे. कोई वायरल नहीं आया जब क्या तीन महीने बाद. आता है तो फिर क्या यूज करते.
हो आई मीन मुझे कोई जरूरत नहीं पड़ती. इसकी ये कांसेप्ट था ही नहीं साबुन लगाने. का कुछ साल पहले मैंने अगर आप अपने आप आप. अपनी स्किन के बैक्टीरिया की बात करें तो. जो गट बैक्टीरिया है वही आपकी स्किन पर भी. है टोटल प्रजातियां 35000 है आपकी स्किन. के ऊपर और आपके गट के अंदर बट ये हाइजीनिक. नहीं होगा ना बिकॉज आप स्वेट में रहते हो. आप दिन भर घूमते हो तो आपको क्लीन करने के. लिए कुछ तो चाहिए होगा ना बॉडी वॉशर सोप. बिल्क आपको किस को क्लीन करना है पहले तो. डस्ट को बैक्टीरिया को डस्ट को स्वेट को.
आपको पता है कि आपके पास जितने भी गुड. बैक्टीरिया वो आपकी स्किन पर रहते हैं 98. पर गुड बैक्टीरिया आपकी स्किन पर रहते. हैं आपके ऊपर जो भी बैक्टीरियल अटैक आता. है वायरल अटैक आता है वो सबसे पहले स्किन. से आता है फिर आपके मुंह में जाता है और. मुंह में भी हमारे बैक्टीरिया उसको मारते. हैं उसके बाद जो बैड बैक्टीरिया बच जाते. हैं वोह हमारे गट में जाते हैं फिर हमारे. सिस्टम में जाकर हमें बीमार पढ़ाते हैं. याद रखिएगा जो सबसे बड़ा आपका जो जर्म्स. होते हैं जर्म्स को तो किल करने के लिए आप. करते हो. ना इसी के लिए आप बॉडी सोप लगाओगे करोस.
आपको एक वर्ड दे रहा हूं मैं आज उसे अभी. गगल कर लीजिएगा आप सारे कांसेप्ट को बदल. देंगे उसका नाम है हाइजीन हाइपोथेसिस. 1984 की रिसर्च है य आज हमारे बच्चों में. ऑटो इम्यून या एलर्जी इसलिए हो रही है कि. हमने इतना हाइजीनिक कर दिया है अपनी. फ्लोर्स को और अपने चारों तरफ के माहौल को. कि हमारी इम्युनिटी पूरी तरह से अनभिज्ञ. हो चुकी है इग्नरेंट हो चुकी है कि व कि. बैक्टीरिया को मारे और किसके लिए वो ट्रेड. हो बट क्योंकि सर इसीलिए तो नहीं हुआ ये.
कि 1984 के पहले एनवायरमेंट भी अलग था. इतने ज्यादा पोलूशन नहीं था इतना ज्यादा. जर्म्स नहीं थे इतनी सारी चीजें नहीं थी. इतनी ज्यादा इंप्योरिटीज नहीं थी इतनी. ज्यादा. इनऑफ की वजह से आज हमें ये सारी चीजें यूज. करनी पड़ती है समझने की कोशिश करिएगा जिस. साबुन से आप इस जर्म को मार रहे हैं एक भी. जर्म उस साबुन से नहीं मरता है जब यह कहा. जाता है कि 98 पर ये जम्स को मार रही है. वो 98 फ्रेंडली जम्स है जो आप आपकी बॉडी. पर रहने चाहिए और जो 2 पर आपके गलत खराब.
वाले जिनको आप आप कह सकते हैं कि नेगेटिव. बैक्टीरिया है व उनसे नहीं मरते वो तो सही. बताऊ वो तो आपके एंटीबायोटिक से नहीं मरते. हैं जिनको आप खूब खाते हैं पाच दिन सात. दिन वो गुड बैक्टीरिया को मार कर चला जाता. है. एंटीबायोटिक पता नहीं मैं नहीं मानता ये. आई डोंट नो मैं नहीं मानता ऐसे एक काम. करते हैं मैं आपको हाइजीन हाइपोथेसिस को. पढ़िए और वहां पर केमिकल्स को अगर आप. रोकना शुरू कर दे तो आप अपने लीवर को बचा.
सकते हैं अगर इफ यू वांट टू हील योर लीवर. अगर आप अल्कोहल भी नहीं लेते और अगर आप यह. कहते हैं कि माय लीवर इज नॉट ओके तो यू. मस्ट जस्ट स्टॉप टू थ्री थिंग्स दैट इज द. एप्लीकेशन ऑफ द केमिकल न ऑन योर स्किन एंड. सडन यू विल फाइंड कि आपका लीवर बिल्कुल. ठीक हो रहा. है और आप अपने केमिकल्स को रोककर बहुत. सारी चीजें जिनके साथ आप ठीक कर सकते हैं. फॉर एग्जांपल आप मुझसे पूछेंगे आप क्या. करते हैं. मैं अपनी स्किन को बहुत बढ़िया तरीके से.
हील कर सकता हूं करना जानता हूं डेली तो. फिर आप कहेंगे क्या लगाते हैं हां मेरे. पास मैंने जब स्टडी किया तो मैंने पाया कि. हमारे पास 70 से ज्यादा जो मिनरल्स है वो. एक पर्टिकुलर प्रोडक्ट में पाए जाते है. उसका नाम है सी सल्ट मैं एक चम्मच सी सल्ट. अपने मग में डालता हूं और एक टावल लेता. हूं और नहाने से पहले मैं अच्छी तरह से. अपनी बॉडी को रगड़ता हूं उसी सॉल्ट के. पानी से पा मिनट के बाद में बड़ बढ़िया. शावर लेता हूं बढ़िया मालिश करता हूं ठीक. है ना और उसके बाद एक टावल बढ़िया तरीके.
से टावल का यूज करता. हूं बट सीब कुछ तो सब्सटेंस लगाते ही हो. ना हा लेकिन उसम कोई केमिकल नहीं है. केमिकल नॉन केमिकल इज अनदर कन्वर्सेशन मैं. पूछना चाह रहा था कि कुछ तो लगाते होगे ना. बस यही है मेरा इफ नॉट सोप देन सी सॉल्ट. मैं उसम मान सकता हूं कि किनी कि किसी. लोगों को सी सॉल्ट पर भरोसा होगा किसी को. नेचुरल चीजों पर भरोसा होगा किसी को वैदिक. चीजों प भरोसा होगा किसी को केमिकल के साथ.
जो बने हुए फेस बॉडी वशस होते हैं या. सोप्स होते हैं उन परे भरोसा होगा बट कुछ. तो लगाना ही पड़ता होगा ना बस मैं तो इना. लगा तो नहीं है बिना लगाए तो मतलब मैं. नहीं मान रहा था कि बिना लगा रियल है ये. मैं कोई यहां पर अति शोक्ति नहीं कर रहा. हूं जब जब मुझे पता चला है कि अगर मुझे. अपने गठ को हील करना है तो मुझे अपने लीवर. को भी हील करना होगा और लीवर को हील करने. में सबसे बड़ा जो चैलेंज आता है वो तब आता. है जो जितने भी हम केमिकल्स लगाते हैं वो. डायरेक्ट हमारे ब्लड में जाते हैं कई बार. हम केमिकल्स को मुंह से खाते हैं तो यहां. पर सलाइवा है फिर हमारा एसिड भी है फिर. हमारी गट लाइनिंग भी है ठीक है ना तो तब.
वो ब्लड में जाता है लेकिन अगर हम कोई भी. केमिकल अपनी बॉडी पर लगा रहे हैं तो. डायरेक्टली वो पोर्टल वेन के द्वारा हमारी. लीवर को ओवरलोड कर रहा है और हमारा लीवर. कई बार उतने ओवरलोडिंग के लिए नहीं बना है. बट ये मैं फर्स्ट टाइम सुन रहा हूं मैंने. लाइफ में कभी नहीं सुना द बुक इज रिसेट. फैक्टर रिटन बाय ड डाउट नहीं कर रहा हूं. मैं बोल रहा हूं मैं पहली बार सुना दुनिया. में इतना नॉलेज और इतनी तरीके का नॉलेज है. और इतनी सारी अच्छी चीज चीज जिसका शायद %. भी हम नहीं जानते जानते तो वो मैं बिल्कुल.
अग्री करता हूं पर मैं बोल रहा हूं मैंने. आज तक कभी नहीं सुना दिस इज न्यू फॉर मी. और फर्स्ट टाइम जब आप ऐसी बातें सुनते हो. तो आपके लिए बिलीव करना थोड़ा सा डिफिकल्ट. होता है तो इसीलिए थोड़ा सा एट दिस पॉइंट. इ डिफिकल्ट फॉर मी बट मैं चाहूंगा कि मैं. इसके बारे में और पढ़ूं और ताकि मेरे. व्यूवर्स के लिए भी और आपके सामने भी फिर. वापस जब बात करूं तो मैं आपको बताऊं सर वो. सच था या गलत था या मैंने यह ढूंढा तो आज. मुझे नहीं पता मैं आपको बताना चाहता हूं. कि हमारे गठ के अंदर जो हमारी पूरी बॉडी. की जीनस को मडुटिड्डी.
इनकी पॉपुलेशन कम हो जाए और बैड की ब बढ़. जाए तो इसे हम डिस बायोसिस कहते हैं सिसिस.
का उल्टा हो गया डिस बायोसिस और ऐसे में. जो बैड बैक्टीरिया वह गुड बैक्टीरिया को. हराकर बड़ी आत से ट्रेवल करते हुए तीन. मंजिला इमारत जितना यानी कि 30 फीट आतो को. पार करते हुए आपकी छोटी आत में आते हैं. एंड दिस इज द मोस्ट डेंजरस सिचुएशन च वी. आर हैविंग इन इंडिया इट इज कॉल्ड सीबो. सीबो का मतलब है स्मॉल इंटेस्टाइनल. बैक्टीरियल ओवर ग्रोथ और यहां से सबसे से. बड़ा खतरा आता है सर जिसे हम सब इंडियंस.
को जानना चाहिए और वह है कि इनकी स्किन जो. होती है इन बैक्टीरिया की उसमें एक विश. होता है उसे हम एंडोटॉक्सिंस. की साइंटिफिक है एलपीएस लाइपो पॉली सकेरा. अगर यह एलपीएस एक बार आपके ब्लड में चले. गए अगर यह ब्रेन में चले गए तो यह आपको. न्यूरोडीजेनरेटिव डिजीज कर देंगे एलज इमर. पार्किंसन डिमेंशिया अगर ये आपकी लीवर पर. चले गए तो लीवर सिरोसिस कर देंगे अगर यह. आपके ब्लड में रहेंगे तो यह आपकी. इम्युनिटी को बर्बाद कर देंगे इम्युनिटी.
इनको मार नहीं पाएगी अगर यह आपकी आंखों. में चले गए तो और आपको आई मीन कैटरेक्ट. जैसी बीमारी कर देंगे इसको सही कैसे करें. हम और अगर ये आपकी फैट सेल में चले गए तो. इन्हें लड़ने के लिए इम्युनिटी आपकी फैट. सेल में भरने लगेगी और आपका वेट बढ़ने. लगेगा और आप ये कहो मैं फैट नहीं खाता हूं. फिर भी मोटा हूं तो इसको सही कैसे कर सकते. हैं अ हमारे गट को हम सही कैसे कर सकते. हैं ताकि हमें अल्जाइमर्स ना हो पार्किंसन. ना हो ये स्किन खराब हो लिवर सोराइसिस ना. हो हमारे जो मूड्स है वो भी थॉट्स है सब.
चीजें एंड टू एंड इस पर डिपेंडेंट है मेरा. गट खराब है इसकी वजह से मुझे स्ट्रेस होता. है मेरा गट खराब है इसकी वजह से मुझे मैं. भूल नहीं बीमारी होती मेरा गट खराब होता. है इसकी वजह से मैं ढंग से सो नहीं पाता. हूं मेरा गट खराब होता है मैं ढंग से काम. नहीं कर पाता हूं गट खराब होता है तो मैं. लाइफ में आगे कुछ सक्सेसफुल अचीव नहीं कर. पाता हूं एंड गट खराब होता है तो नेगेटिव. थॉट्स होते हैं ये सारी बात तो हमने. एब्लिश कर दी हां अब मैं करूं क्या जिससे. मेरा गट सही हो जाए यस वेरी ट्रू आप तीन. चार पांच काम कर ले सर पहला पला काम यह. करें कि आप माइंड से वह चार चीजें जो. मैंने आपको बताई है रिलीज करें कि भाई आप.
अपने माइंड से पुरानी मेमोरीज को रिलीज कर. दें आप अपनी एंजाइटी को हटा ले आप अपने. आउटकम को बढ़िया बना ले तो आपका माइंड. यहां से खूबसूरत आई मीन बढ़िया से मैसेज. लेगा और भेजेगा दूसरा काम आप रेगुलरली. जरूर करें वह है कि आप अपनी स्ट्रेस. हैंडलिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए हमारी. कई बार छोटी-छोटी बातों पर स्ट्रेस आ जाती. है यानी कि हमारी स्ट्रेस हैंडलिंग. कैपेसिटी इतनी कम हो गई है 21 सेंचुरी में. कि हम रिएक्टिव हो गए जरा सी किसी ने.
कार्ट टच करी नहीं पीछे से हम दरवाजा. खोलकर बिल्कुल एक्सप्रेस हाईवे पर लड़ना. शुरू कर देते हैं ठीक है ना छोटी सी किसी. ने बात करी नहीं मैसेज पर कि हमें पूरी. रात नींद नहीं आती किसी ने हमें कोई शब्द. नहीं बोला कि वो ट्रिगर हो जाता है तो अब. हमारी बॉडी रिएक्टिव जोन में आ गई है इसका. सबसे इंपॉर्टेंट यह है कि आपको स्ट्रेस. हैंडलिंग कैपेसिटी बढ़ानी पड़ेगी कि आप. कुछ चीजों को जब तक आपके सामने खतरा ना हो. आप बिना मतलब रिएक्टिव जन में ना जाए अपने. ग्लैंड से बेकार के हार्मोन ना निकाले और. उसके लिए जरूरी है कि आप सिंपली एक काम.
करें जिसको हम पावर नेप कहते हैं या योग. निद्रा कहते हैं दिन में एक बार जरूरी. करना है इससे हमारा अल्ट्राडियन रिदम. हमारी बॉडी हर 90 मिनट के बाद में स्ट्रेस. अलर्ट और रेस्ट के जोन में जाती है हर 90. मिनट के बाद कई बार आपने देखा होगा आप. गाड़ी चला रहे हैं और आप 20 किलोमीटर जाने. के बाद अपनी टीम से पूछ अरे यार वो. रेस्टोरेंट कहां है वो कहते वो तो पीछे. गया यू आर नॉट स्लीपिंग बट एट द टाइम योर. बॉडी वाज रिचार्जिंग एंड दो यू आर डूइंग. एवरीथिंग कॉन्शियसली आप सब कुछ कॉन्शियसली. कर रहे थे पर आप एक ऐसे मोमेंट में थे कि.
जब आपकी बॉडी पूरी तरह से एक अलग ट्रांस. में थी ये ऐसा होता है तो पहला काम है कि. दिन में 24 घंटे में एक बार आप पावर नेप. जरूर लेना सीख ले या योग निद्रा सीख ले. कितनी देर में कितनी देर की 15 मिनट काफी. है 15 मिनट में आपको करीब पाच छ घंटे आ. घंटे तक कोई स्ट्रेस नहीं रहेगी अगर आपको. कोई भी बेकार तो आपका जो स्ट्रेस कैपेसिटी. है वो बढ़ जाएगी यानी कि बहुत देर तक आपकी. ग्लैड्स बेकार के हार्मोन को नहीं. निकालेगी यह है पहला काम दूसरा काम है कि. आप कुछ जो आपको फूड यहां पर हैबिट को बदल.
दीजिएगा और वह मैं सारी बताने को तैयार. हूं पहला काम आप करेंगे कि आप गट को अगर. बचाना चाहते हैं और उसकी रिएक्शन माइंड को. ना भेजे तो पहला काम करें कि आप रिफाइंड. वेज ऑयल उसे छोड़ दें बेसिकली उसमें कुछ. भी वेजिटेरियन नहीं है उसमें दो बार तो. पेट्रोल मिलाया जाता है एक बार यो मिलाया. जाता है और एक बार ऐसा केमिकल मिलाया जाता. है जो उसके स्मोक पॉइंट उसकी नेचर को ही. बदल देता है तो वेजिटेबल ऑइल जो होते हैं. वो नहीं मैं बताता हूं जब वेजिटेबल से ऑयल. निकाला जाता है तो उसको एक्सट्रैक्ट करने.
के लिए उसमें पहली बार हैक्सन मिलाया जाता. है जो एक केमिकल है एक पेट्रोल प्रोडक्ट. है उसके बाद उसकी प्रॉब्लम ये आती है मैं. गांव का रहने वाला हूं दूसरी प्रॉब्लम ये. आती है कि उसमें हमेशा जैसे उसकी आप खुशबू. लेंगे तो आंखों में पानी आ जाएगा छींक आने. लगेंगी यू विल नॉट लाइक इट जिसको हम कहते. हैं आंखें जलने लगेंगी तो उसमें एकदम से. डिओडरेंट मिलाया जाता है तीसरा काम यह है. कि इसका स्मोक पॉइंट कम होता है यानी कि. अभी ये पूरिया तलने के लिए आपने उसे आई.
मीन कढ़ाई में डाला और अभी 50 डिग्री भी. टेंपरेचर हुआ नहीं था इसमें स्मोक आ गया. और पूरे घर में भर गया तो लोग कहेंगे यार. क्या क्या क्या है यह सब परेशान होंगे तो. कंपनी क्या करती हैं इसका स्मोक पॉइंट. बढ़ाते हैं कि यह अगर 200 300 डिग्री तक. भी उबलता रहे इसमें कभी स्मोक नहीं आएगा. एंड ऐसा लगेगा कि य तो याद रखिएगा उस. स्मोक पॉइंट को बढ़ाने का मतलब है उसकी. नेचर को सब कंपलीटली आपने बदल दिया है पर. ये सारी कंपनी ऐसे ही निकालती है वो मैं. नहीं कहूंगा कि क्या क्या नहीं कर रही. लेकिन अगर आप अपने गट को बचाना चाहते हैं. तो आप एक बार वर्जिन ऑयल पर आ जाइए चाहे.
मस्टर्ड है चाहे ऑलिव यल बट ऑलिव ऑयल को. फिर गर्म नहीं करा जा सकता है तो आप. मस्टर्ड ऑयल का यूज कर सकते हैं मेरे घर. में वही होता है तो पहली चीज है कि आप यह. जो रिफाइंड ऑयल है इसकी क्वांटिटी कम कर. दें और कोशिश करें कि इसे अगर मजबूरी है. कि आपको बाहर का खाना है तो उसे कटेल करने. की कोशिश करें दैट इज वन और सेकंड थिंग इज. शुगर रिफाइंड शुगर यह तो इसके बारे में तो. सभी बोल चुके हैं शुगर बेसिकली हमारे बॉडी. के अंदर एक बहुत बड़ा नुकसान करती है.
जिसका किसी कहीं नहीं बताया जाता वो सब. लोग डायबिटीज की बात करते हैं शुगर हमारे. अंदर जो हमारी सेल के अंदर जो प्रोटीन. होती है जो व बना रही होती है कोई भी. प्रोटीन बना रही है बालों की प्रोटीन. बालों की आई मीन बालों की जो सेल है बालों. की प्रोटीन बना रही है जिसको हम बायोटीन. कहते हैं स्किन की सेल स्किन का जो कोलाजन. बना रही है वो जो प्रोटीन हमारी बॉडी. बेसिकली प्रोटीन मेकिंग मशीन है लेकिन जब. हम शुगर लेते हैं तो यह शुगर जो है उस. प्रोटीन के साथ मिलकर एक मॉलिक्यूल बनाता.
है जिसका नाम है ग्लूकोज प्रोटीन. मॉलिक्यूल इसका नाम है. एजी एडवांस्ड. ग्लाइकर बेज हमारी बॉडी में जो हमें बूढ़ा. करता है तो जब भी आप इस ग्लाक एंड. प्रोडक्ट को बना रहे हैं जो मैं अब तक बना. रहा था ठीक है ना वो मैंने अब रोक दिया यह. परमानेंट आपका नुकसान करके चला जाता है तो. ग्लूकोज कि आई मीन शुगर की सबसे बड़ी. प्रॉब्लम यह है तीसरी चीज है सर मिल्क एंड.
मिल्क. प्रोडक्ट क्यों नहीं कर पीना चाहिए. मैं क्यों नहीं पीना चाहिए अगर आप इसको. साइंटिफिकली देखें तो मैं सारे साइंस के. फैक्ट आपके सामने रख दूंगा और रिपोर्ट के. साथ दूंगा डाटा के साथ दूंगा हर चीज के. साथ दे देता हूं 1994 में जब मैं अपनी. बीमारियों से बाहर निकल चुका था और अपनी. वर्कशॉप कर चुका था तो तब कुछ चीज मेरे. पास अभी भी बाकी थी वो थी साइनसाइटिस यानी. कि मेरे माथे में बहुत दर्द होता था ठंडी.
हवा लगते ही ठीक है ना या किसी एसी में. चले गए किसी आई मीन ट्रेन में बैठे तो. जिसने खिड़की खोली तो इतनी देर में काम हो. जाता था देन आई स्टार्ट स्टार्टेड कि मैं. इसमें क्या गड़बड़ हो रही है और तब मुझे. दूध के बारे में पता चला मैं गांव का रहने. वाला हूं और मैंने जितना दूध पिया है मैं. कह सकता हूं कि बहुत कम बच्चों को मिलता. होगा बिकॉज मैं सबसे छोटा था तो प्यार का. हमें बहुत मिलता था तो मदर का के हाथ का. दूध हमें खूब पीने को मिलता था दूध को जब. मैंने पढ़ना शुरू किया तो पहली चीज ये. पढ़ी कि दूध हमें क्यों नहीं पीना चाहिए.
उन्होंने बताया कि जब आपका जन्म होता है. एक आदमी का तो उसका वेट होता है पाच छ. पाउंड और जो बच्चा होता है भैंस का या गाय. का उसका 80 पाउंड या 60 से 70 पांड होता. है वह दो साल में मां या बाप बनने के लिए. तैयार है हमें 21 साल लगते हैं मां बनने. में या बाप बनने में उसकी उम्र 8 साल से. 10 साल है हमारी 80 साल से 100 साल. है यह जो हार्मोन उसको को दिए जा रहे हैं. दो साल में मां बनने के वो हॉर्मोन हमें. नहीं चाहिए उसके पास ऐसे बहुत सारे 60 से.
ज्यादा हॉर्मोन है जो ह्यूमन सेल्स के लिए. बने ही नहीं और वह हॉर्मोन हमेशा एक. इंफॉर्मेशन को लेकर हमारी सेल पर जाते हैं. और वह अपनी इंफॉर्मेशन को छोड़ देते. हैं दूसरी बात फिर मैंने पढ़ा है कि दूध. हम इसलिए पीते हैं क्योंकि इसमें एक. प्रोटीन होती है उसका नाम है कैसीन हम और. फिर हमने पढ़ा मैंने डिफरेंट बुक्स में. पढ़ा और अभी भी पढ़ रहा हूं और पाया कि. कैसीन को हमारा लीवर जो है एक बुक ने लिखा. है कि सिर्फ 14 पर ही डाइजेस्ट करता है 86.
पर आपके ब्लड में रहती है लेकिन 50 तो सभी. ने लिख ली है सब यह लिखते हैं कि 50 पर से. ज्यादा कैसीन अनमेट बलाइज रहकर हमारे ब्लड. में ट्रेवल करता है और वह एक फोरन मटेरियल. की तरह हमारी इम्युनिटी को बर्बाद करता है. और जो सबसे ज्यादा इम्युनिटी जो एलर्जिक. रिएक्शन हमें दे रही है वह दूध की वजह से. दे रही. है तीसरी चीज. डॉक्टर एल्विस नाम के एक डॉक्टर ने. अमेरिका में 25000 लोगों को दिन में तीन.
से पाच गिलास दूध को पिलाया है न साल तक. यह चेक करने के लिए कि इसका क्या फायदा है. और उन 25 साल उन 25000 लोगों की रिपोर्ट. जो है वह अवेलेबल है द नेम ऑफ द बुक इ. अनलिमिटेड पावर चैप्टर इ एनर्जी एंड द सब. टाइटल कि हमारा मिल्क का क्या नुकसान है. और उन्होंने पाया कि 2 लोगों को दो चीजों. की बड़ी बड़ी प्रॉब्लम थी एक इनको बहुत.
ज्यादा एलर्जी थी और दूसरी इनके पास. कैल्शियम की कमी थी जबकि हम दूध को. कैल्शियम के लिए पीते हैं. हा लेकिन आप जानते हैं कि जितने भी ऑस्ट. अर्थराइटिस है यानी कि हड्डियों का कमजोर. होना उसमें दूध का सबसे बड़ा रीजन है और. इसको साइंस समझाने के लिए बहुत छोटी सी. साइंस है बट ऑरो प्रोसेस की वजह से ही तो. दूध पीते हैं ताकि वो नहीं हो लेकिन इस. चीज को अभी समझे नहीं आप लो मैं देता. हूं जब भी आप दूध पीते हैं आपका दूध जैसे.
आपके गट में जाता है पेट में जाता है और. गट में इसका आई मीन माहौल बनता है तो आपको. एकदम से एक माहौल बनता है उसे हम एसिड. रिफ्लक्स कहते हैं और हमारी बॉडी का जो. पीएच वैल्यू है वो 7.4 है यानी कि हम. अल्कलाइन रहना चाहते हैं 7.4 से अगर बॉडी. नीचे आती है तो हमारे आई मीन पीएच नीचे. आता है तो हमारी बॉडी में बहुत सारे. बैक्टीरिया जन्म ले लेते हैं जितने भी. बैक्टीरियल इंफेक्शन हमें होते हैं वो. एसिडिक मीडियम में होते हैं एसिडिक मीडियम. में ही हमारा ब्लड थिक होता है अगर हमारा.
एसिडिक मीडियम घटकर दो या डेढ़ तक आ जाए. तो हमारी मौत हो जाती है यह इतना खतरनाक. है तो हमारी बॉडी हमेशा हेल्दी रहने के. लिए अल्कलाइन मीडियम को बनाए रखना चाहती. है अब ध्यान से सुनिए जैसे ही हमारी बॉडी. के अंदर एसिड रिफ्लेक्स बनता है तो बॉडी. एकदम से स्ट्रगल करती है कि मुझे ये. अल्कलाइन करना है क्योंकि एसिडिक बन गई है. बॉडी और मुझे 7.4 पर ले जाना है तो ऐसे. में आपकी बॉडी आप के ब्लड से बायो. कार्बोनेट्स को यूज करती है जो थोड़ी सी.
मात्रा में होता है और वह इमीडिएट आपकी. पीएच वैल्यू को बचा लेती है लेकिन अब ब्लड. को या बॉडी को इस कमी को पूरा करने के लिए. कहां से वो लेगी वोह. आपकी हड्डियों से और आपकी दांतों से. सोडियम कार्बोनेट और सोडियम फास्फेट लेती. है याद रखिएगा दूध पीने वाले लोगों को. सबसे ज्यादा आपके दांत खोकले. मिलेंगे इसीलिए यह यह फैक्ट बन जा रहा है. कि बड़े-बड़े एथलीट दूध को छोड़ते जा रहे. हैं पर मैंने इसकी कंटरी में यह भी पढ़ा.
है कि कुछ लोगों का खानपान और जिस तरीके. की आदतें होती है जैसे दूध पीना बचपन से. जो जो पिले उनके कल्चर की वजह से उनकी. हिस्ट्री की वजह से उनके आंसेस्टर की वजह. से उनका एक तरीका बन चुका है और उनकी बॉडी. को सूट करता है और उनके लिए अच्छा भी होता. है हां बिल्कुल अगर आप इसमें अगर आप आपको. सूट कर रहा है और आप इतनी मेहनत करते हैं. कि आप उसको पचा ले और उसके हार्मोस की. आपको कोई चिंता नहीं है कि भाई समय से. पहले आपकी ग्रोथ ओवर ग्रोथ हो रही है किसी. पार्ट की या आपकी लाइफ की तो इससे कोई.
नुकसान नहीं है उनको कर लेकिन अगर आप. एलर्जिक हैं अगर आपको ऑटो इम्यून हो रही. है अगर आपको कोई भी ऐसा सिचुएशन आ रही है. कि आपको माइग्रेन हो रहा है आपको ऑटो. इम्यून या एलर्जी आ रही है आपकी बार-बार. इम्युनिटी बर्बाद होती जा रही है और आप. बार-बार वायरल या फिर बैक्टीरिया को पकड़. रहे हैं तो एक बार कोशिश करके देखें सिर्फ. 90 दिन के लिए आप दूध को छोड़कर देखें और. दूध को छोड़ने के बाद जो उसमें किताब में. लिखा था वो मेरे साथ हुआ है उन्होंने कहा. जब आप दूध को छोड़ेंगे तो बस एक ही. प्रॉब्लम आपको आएगी कि आपको हैकी रखना.
पड़ेगा क्योंकि कई बार ऐसा लगेगा कि आपके. लंग से कुछ ब्लैकिश मटेरियल निकल रहा है. एंड आई फाउंड कि मुझे मैं पढ़ा रहा हूं. एंड स ल कुछ और मैंने हैंकी निकाला एंड. देखा कि एक पूरा का पूरा ऐसा लग रहा है कि. एक मटेरियल निकल रहा है आई मीन आधा इंच. बाय आधा इंच का ब्लैकिश पार्ट यानी कि. आपके लंग्स मानो ओवरथ्रो कर रहे हैं रियली. रियल है एंड क्यों होता है ये आई मीन योर. बॉडी इज याद रखिएगा आपकी बॉडी जैसे ही आप. उसको बिना मतलब की चीजें नहीं देंगी तो. आपकी बॉडी के अंदर एक खास बात होती है उसे.
हम होमस्टेट कहते हैं आपने पूछा था ना कि. बाल क्यों आ गए याद रखिएगा आपकी बॉडी के. पास एक कला है एक आर्ट है उसे हम होमस्टेट. कहते हैं होमस्टेट का मतलब है कि द मोमेंट. यू स्टॉप एब्यूजिंग योर बॉडी आप अपनी बॉडी. को जैसे एब्यूज करना बंद कर देते हैं या. तो विचारों से या खाने से या केमिकल से. आपकी बॉडी ऑटोमेटिक हेल्दी होना सीख लेती. है आपकी बॉडी बीमार पड़ना नहीं जानती आपकी. सेल बीमार पड़ना नहीं जानती बेसिकली आपकी. सोच आपकी ग्लैंड से नेगेटिव हार्मोन.
निकालकर आपकी सेल को बर्बाद करते हैं आपकी. सेल तो जिंदा रहना चाहती है वह तो अपने. टाइम पर मरेगी और नई सेल को जन्म देकर आगे. बढ़ जाएगी वह अपना प्रोटीन बनाती रहेगी. आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि भाई आपकी. बालों की प्रोटीन जड़ों को पता था कि वहां. पर बायोटीन बनानी और आप खूब प्रोटीन खा. रहे हैं और बाल जो गिर रहे हैं आपके जिम. में जाने के बाद फिर आपकी ये प्रोटीन कहां. जा रही है हमारे यहां पर जब मैं बच्चा. हमारे यहां पर गेहूं करीब डेढ़ मीटर लंबा. हुआ करता था गेहूं का पौधा डेढ़ मीटर लंबा.
होता था आज वो 45 सेंटीमीटर का है डू यू. नो व्ट हैपेंस उसमें बहुत कीड़ा लगता था. उसमें बहुत वायरस लगता था इसलिए कई बार. किसान बहुत नुकसान होता था फिर हमने एक. ऐसी प्रजाति तैयार की जिसमें अब कीड़ा. नहीं लगता है ना वायरस लगता है पता नहीं. पता है क्यों नहीं लगता उस पर वायरस जैसे. जाता है वो बीटी. टॉक्सिन उस वायरस का पेट फाड़ देता है. इसीलिए वीट हैज.
बिकम फर्स्ट हैंड इंफॉर्मेशन आज ही की बता. रहा हूं टॉपिक भी बता दूंगा किताब का नाम. भी बता दूंगा डॉक्टर का नाम भी बता दूंगा. वीट हैज बिकम व्ट वीट हैज बिकम द पॉइजन अस. मटेरियल फॉर आवर गट बैक्टीरिया हमारे गट. बैक्टीरिया की पॉपुलेशन के लिए शुगर दूध. और वीट इज द मोस्ट कपट. थिंग्स जो उसका कैसीन है और उसमें जो बीटी. टॉक्सिन है व हमारे बैक्टीरिया के लिए उसी. तरह से उनके पेट को फाड़ रहा है ऑयल.
वेजिटेबल वेजिटेबल ऑयल मिल्क शुगर शुगर. एंड. ट एक चीज और बस वाइट. सॉल्ट इसमें क्या दिक्कत है वाइट सॉल्ट तो. मैंने कभी नहीं सुना दिक्कत है ज्यादा ले. लो तो दिक्कत होती है बट कम में क्या है. सिंपल सी बात यह है. कि आपको इस यहां से सिर्फ ए मिल रहा है. सोडियम क्लोराइड मिल रहा है लेकिन जिस. सॉल्ट से ये रिफाइंड होकर आप तक आया है वह. सी सॉल्ट है क्या आप जानते हैं सी सॉल्ट.
में 70 से ज्यादा वो मिनरल्स है जो आपकी. हड्डियों को चाहिए हमें कई बार यह पढ़ाया. जाता है दूध पी लो हड्डियां मजबूत होंगी. उतने कैल्शियम की कई बार आपको जरूरत नहीं. है कैल्शियम चैनल ब्लॉकर लिखे जाते है जब. हार्ट अटैक पड़ता है डॉक्टर सबसे पहले. कैल्शियम को बंद करता है कि कहां क इसके. चैनल्स है कैल्शियम के वो ब्लॉक हो जाए. क्योंकि ये हार्ट अटैक कॉज कर रहा है याद. रखिएगा जितने भी आपके पास खूबसूरत मिनरल्स. हैं और वो कम से कम पैसे में अगर अवेलेबल. है तो उसी सॉल्ट में आपको बोरनन भी चाहिए. आपको मैग्नीशियम भी चाहिए आपको मैंगनीज भी. चाहिए आपको आयोडीन भी चाहिए और इस तरह के.
अगर आप 70 से ज्यादा केमिकल चाहते हो तो. वो आपके सी सॉल्ट में है तो वाइट सॉल्ट. बंद क्यों करना है लेकिन दिक्कत क्या है. अगर सी सल्ट जबको रिफा किया आपने बोला सी. सॉल्ट बेटर है वो अग्री कर लिया चलो ठीक. बात है लेकिन जब इसको रिफाइंड किया गया है. इसमें बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो आपको. नहीं चाहिए. थी जब रिफाइन किया जाएगा तो याद रखिएगा ये. सी सॉल्ट को भी तो रिफाइन करके भेजेंगे. नहीं भेजेंगे रिफाइन डिफाइन नहीं वो तो. डली में मिलता है य आप उसको घर प ही पीसना. पड़ता है और उसकी खास बात यह होती है.
ज्यादा लोग लेने लग जाएंगे तो वो भी. रिफाइंड करके मिलेगा रिफाइंड ना ले तो. अच्छा है वो रिफाइंड है भी नहीं फिर. रिफाइंड होगा ही तो ये रिफाइंड है उसका. रिफाइंड पार्टी ही है लेकिन उसकी एक खास. बात बताऊं मैं आपको बहुत इंपोर्टेंट क्या. मैंने एक किताब पढ़ी है और उस किताब के. डॉक्टर का नाम है लियोनार्ड कोल्डवेल ओके. ही इज द डॉक्टर जिसने बहुत सारे कैंसर. पेशेंट को हजारों में करीब करीब 30000. प्लस कैंसर पेशेंट को ठीक करने का क्लेम. है इसका और यह माइंड पर ही काम करता.
है इन्होंने एक चीज बताई है कि अगर आप. अपनी बॉडी. को हाइड्रेट करना चाहते हैं तो पानी में. डुबोने से हाइड्रेशन नहीं होगा सिस्टम को. डुबो कर नहीं बात बनेगी आपको एक एक सेल को. हाइड्रेट करना होगा और वहां पर ऑक्सीजन. पहुंचा होगी और उन्होंने कहा कि इस काम को. करने के लिए आपको एक छोटा सा बगैर पैसे के. आप कर सकते हैं उन्होंने कहा है कि 3 लीटर. पानी लीजिए और उसमें 1 स्पून सी डाल. दीजिएगा सी सल्ट की क्वालिटी य होती है कि. वह आपको यह मिनरल तो दे ही रहा है जो आपकी.
पूरी बॉडी को चाहिए पर वो एक काम और भी. करता है कि आपके वाटर को एक एक सेल तक ले. जाकर उसे रिटेन करता है ताकि सेल उसमें से. ऑक्सीजन ले ले और शायद उसने कहा किय मेरी. थेरेपी में भी काम आता है उस थेरेपी का ही. एक पार्ट था. इंटरेस्टिंग वाओ कौन से ऐसे फूड्स है जो. सुपर फूड्स है वो खाने चाहिए जो हम खाएंगे. तो हमारी बॉडी अच्छी रहेगी हमारा गट अच्छा. रहेगा सही बात तो यह है कि हमें सीजनल. फ्रूट्स खाने चाहिए जिसका मैं हमेशा. दीवाना हूं और दूसरा हमें प्रोबायोटिक्स.
लेने चाहिए यानी कि जो हमारी पॉपुलेशन को. बढ़ाए हमारे बैक्टीरिया को न डेवलप करें. क्या होते हैं प्रोबायोटिक्स. कांजी अगर आप एक मैं एक बुक को पढ़ रहा था. उसका नाम है गट माइक्रो बम रिटन बाय. चाइनीज आई मीन एक्सपर्ट उन्होंने कहा कि. इंडियंस आर फोर्चुनेगीएंट्स. आई टेक इट एवरी डे आधा लीटर कांजी में. मुझे पीना ही पीना होता है कुछ और मिले ना.
मिले हर रोज मुझे अपने गट बैक्टीरिया को. की पॉपुलेशन को तैयार करना होता है कांजी. आप डिफरेंट तरीके से बनाना सीख सकते हैं य. पर बहुत लोगों ने डाल रखा है मेरी भी एक. वीडियो है कि कांजी कैसे आप इस डिवाइन आन. पदार्थ को पिए दूसरा है प्रो प्री बायोटिक. प्रीबायोटिक का मतलब है वो फाइबर जो हमारे. पेट में नहीं पच जो हमारे छोटी हाथ में भी. उनमें से कुछ नहीं निकाला जाता और व बड़े. हाथ में जा उन बैक्टीरिया के काम आते हैं. जो अंधेरे में पड़े हुए हमारे लिए वह गट. बैक्टीरिया इस फाइबर से आपको बी.
कॉम्प्लेक्टेड खाने से मिलेगा याद रखिएगा. बी12 आपके फाइबर जो क्रूड आई मीन डाइटरी. फाइबर उससे वो आपके बैक्टीरिया निकालते. उससे सेरोटोनिन बनाते हैं उससे ही वो आपके. विटामिन को बनाते हैं प्री बायोटिक किसम. होता है बी विटामिन किसम होता है. प्रीबायोटिक किसम प्रीबायोटिक किसम होता. है जितने भी आपके छिलके हैं जितने भी आपका. चौक है खाने का जैसे जैसे अगर आप ग्राम का. चोकर चने का चोकर जो है बहुत ही बढ़िया है.
अगर आप प्रीबायोटिक को बाहर से खरीदना. चाहते हैं तो बबूल की छाल का आता है गम का. अकेसिया पाउडर कहा जाता है इट इज द मैजिकल. प्रोडक्ट एक चम्मच खा लीजिएगा एंड सडन यू. विल फाइंड कि आपका पेट बिल्कुल ठीक रहने. लगेगा क्योंकि आपके बैक्टीरिया जैसे उस. फाइबर हम फाइबर नहीं लेते हैं जीरो फाइबर. है आपके जंक फूड में जीरो फाइबर है आपके. मिल्क में जीरो फाइबर है आपके इवन गेहूं. में भी अब वो वो तो कंपलीटली जीएमओ बन. चुका. ठीक है ना एक एप्पल खाते हैं तो आपको दो. ग्राम से ज्यादा फाइबर नहीं मिल पाता है.
तो सबसे बढ़िया है आप फ्लेक्स सीड खाइए. चिया सीड खाइए अकेसिया पाउडर लीजिएगा उससे. भी बढ़िया है कि अगर आप अमरूद खाते हैं तो. चबाए उन बीजों को अगर आप अनार खाते हैं तो. उन बीजों को चबाना ही आपकी कला है एंड इट. बिकम योर फाइबर एंड वनस यू स्टार्ट डूइंग. इट कि आपके सारी की सारी जो ग्लैड्स है. पेट की दे विल गेट वाव एंड आपका मूड बहुत. अच्छा होगा डिसीजन बहुत अच्छे लेंगे आप तो. प्रो ट प्री बायोटिक आपको डेली लेना ही है. अगर आप मेल है तो 28 से 35 ग्राम आपको.
लेना. चाहिए और विमेन है तो विमेन है तो उसे तीन. चार ग्राम कम कर लीजिएगा 25 से 28 ग्राम. कर लीजिएगा मोरिंगा के ऊपर आपकी क्या राय. मोरिंगा में बहुत यूज किया है मैंने और. मुझे अच्छे रिजल्ट्स मिले हैं हमेशा इवन. मेरे मूड को. उसने एक तरह से कह सके स्टेबल किया है और. उसके अलावा भी बहुत सारे उसमें आई मीन. न्यूट्रिएंट है लेकिन जहां तक इस तरह के. के सुपर फूड की बात है तो उसमें चिया सीड. भी ऊपर आता है फ्लैक्स सीड ऊपर आता है.
आपका गार्लिक उसमें बहुत ऊपर आता है एंड. गार्लिक इज प्रीबायोटिक इवन अगर किसी. रिलीजन की कोई प्रॉब्लम नहीं है तो नियन. हमारे लिए बहुत बढ़िया प्रीबायोटिक है जो. हमारे गट बैक्टीरिया के लिए बेहद. इंपॉर्टेंट है सुपर फूड की बात हम करते. हैं तो अगर हम अफोर्ड कर पाते हैं तो. ब्लूबेरी है थोड़ा सा व महंगी पड़ती है और. अवेलेबिलिटी भी उसकी रिस्ट्रिक्टेड है या. फिर अगर हम जितने भी फ्रूट्स हैं और जितने. भी कलर फुल हमारे फ्रूट्स या वेजिटेबल्स. हैं दे आर गिफ्ट फॉर अस जितने भी हमारे.
लिफी ग्रींस है और अगर वो कलर्ड है तो. बहुत ही अच्छे हैं बिकॉज दे प्रोवाइड अस अ. एंटीऑक्सीडेंट्स ये सारे लविली एक्सपर्ट्स. डॉक्टर्स न्यूट्रिशस डायटिशियन सब बोल रहे. हैं कि कलर्ड फूड अच्छे हैं कलर्ड फूड मत. बोलो सर इतना लोग कलर डालने लग. जाए अब इंजेक्शन में ग्रोथ के साथ साथ कलर. भी द लरी ट्रू ये बात सही है ये बात सही. है. कि हरी हरी फ्रूट को जानबूझ के ज्यादा. कलरफुल दिखाएंगे लोग बोलेंगे फिर यही उठाओ.
अफोर्डेबल सुपरफूड है एक शकर गंध यानी कि. स्वीट. पोटेटो आई रियली लाइक वी मस्ट टेस्ट में. बहुत मजा आता है आई रियली लाइक इट तो हमने. ब्रेन की बात करी गट की बात करी अब हम बात. करते हैं लोग चेंज कैसे होते हैं लोगों को. कैसे आप वायर कर सकते हो कंडीशन कर सकते. हो टू बिकम बेटर उस पर भी आपने थोड़ी बहुत. बात करी राइट उसम मेरा एक क्वेश्चन. है क्या बिना बोले किसी को सामने आप देख. के बैठ के कुछ बॉडी लैंग्वेज से या किसी.
की इंटेंसिटी समझ के क्या चेंज किया जा. सकता है कुछ चेंजेज लाए जा सकते हैं. टेलीपैथी का एक कांसेप्ट होता है कि मेरे. थॉट्स में आपके थॉट्स दे दूं मैं बिना. बोले आपको समझा दूं मैं क्या बोलना चाह. रहा हूं ये रियल है टेलीपैथी इज रियल कई. बार आप जब लोगों उसको किसी आदमी को याद. करते हैं सोचते हैं कि चलो उसको फोन कर. लेते हैं अचानक आपने देखा होगा कि उसका. मैसेज आया हुआ होता है या फिर वो उस समय. कॉल कर रहा होता है कई बार ऐसा होता है. अगर यह एक आदमी के साथ होता तो हम इसको. कोइंसिडेंस कहते लेकिन यह नॉर्मल है. टेलीपैथी तो हमारे लिए बहुत ही आई मीन यू.
समझिए कि अगर आपने अपने माइंड को एब्यूज. नहीं किया तो टेलीपैथी टेली किनेसियानइज्म. [संगीत]. मैटर के बाद मॉलिक्यूल है मॉलिक्यूल के. बाद एटम है और एटम के बाद एनर्जी है तो हम.
सब लोग या सब चीजें एक लेवल पर हम सेम. एनर्जी को आप कह सकते हैं कि शेयर करते. हैं अगर आप द फील्ड नाम की किताब लिखे. उसमें पहला कांसेप्ट य है द जीरो फील्ड. यानी कि क्वांटम फिजिक्स में यह बताया गया. कि डीपर लेवल पर या लास्ट लेवल पर हम सब. एक ही हैं जब तक कि मैं उसको अपने. सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस से खराब नहीं करता. उसकी वेव को ठीक है ना एक वेव के साथ अगर. मैं ओवरलैप करूंगा तो मैं वही रिजल्ट. पाऊंगा लेकिन मेरी वेव यसे है और उसकी. किसी और तरह से है यह टेली किनेसियानइज्म.
भी कहते हैं जो एक वर्ड है जिसको जब हम लॉ. ऑफ अट्रैक्शन की बात करते हैं एनएलपी और. न्यूरोप्लास्टिसिटी से मैं क्वांटम.
फिजिक्स के इस कांसेप्ट को बहुत गहराई तक. बहुत पहले समझ चुका था और इसको मैं बहुत. गहराई तक समझाता हूं लोगों को और एक है. ईएसपी राज्य कई बार ऐसा होता है कि आपकी. अचानक फीलिंग बदल रही है आप सुबह उठे और. अचानक आपको लग रहा है कि फीलिंग इज नॉट. गुड और लेकिन आप किसी को शेयर नहीं करते. एंड सडन कोई कहता है कि यार यह गलत खबर आई. है एंड आप कहते हैं यार मुझे चल रता है. पहले या कई बार एक अच्छी फीलिंग आती है कि. कुछ स्पेशल होने जा रहा इन्ह ही हम. सिंक्रोनाइजेशन इनको ही हम सिंक्रोन सिटी. कहते हैं द मैसेज फ्रॉम द.
यूनिवर्स और अद्वैत सिद्धांत अगर आप जानते. हैं तो चकि टेलीपैथी की बात करी है तो. अद्वैत सिद्धांत जिसको आप यूरोपियन वर्ल्ड. में मोनिस्टिक थ्योरी कहा जाता है उसमें. और उन्होंने लिखा है अगर आप एक बुक को. पढ़ते हैं साइंस ऑफ गेटिंग रिच उन्होंने. कहा कि य मोनिस्टिक थ्योरी जो हम 200. सालों से आई मीन बेच रहे हैं या बना रहे. हैं जिससे किताब भी बड़ी पॉपुलर इंडिया. में हुई है उन्होंने कहा कि 3000 पुरानी. जो भारतीय दर्शन है वहां से लिया गया है.
अद्व सिद्धांत के ऑल इन वन एंड वन इन ऑल. हर एक चीज के अंदर एक चीज निहित है हम. एवरी आई मीन वन एनर्जी इज पेनिट्रेटिंग. एंड परमिटिंग एवरीथिंग और सब चीजें एक ही. जगह पर आकर बाद में आई मीन मिल जाएंगी. जिसको मिट्टी में मिलना कहते हैं उसे हम. ब्रह्मांड या ऊर्जा कहते हैं उसे मैं. मिरेकल सब्सटेंस कहता हूं उस उसमें इवन आप. क्वांटम साइंस के द्वारा अपनी कंश सनेस से. के साथ कभी भी जुड़ सकते हैं उसी में से. टेलीपैथी एक है बट क्या ये किसी को सिखाया. जा सकता है जी कि ये स्किल है जैसे मैं.
सीख लूं और फिर मैं चाहता हूं कि आप यह. बात करो यहां इस बारे में थोड़ा सोचो तो. क्या मैं कर सकता हूं ऐसा इसकी इसकी. टेक्निक मैंने सीखी हुई है वो आप कितनी. इंटेंसिटी से करते हैं इसके पीछे दो ही. चीजें हैं जब भी आप टेलीपैथी करते हैं. उसमें दो चीजें होती हैं एक है इंटेंशन और. एक है इंटेंसिटी हम आप किस इंटेंशन को. देना चाहते हैं उसमें आप कोई मैनिपुलेशन. तो नहीं है क्या यह मैसेज उसके काम भी. आएगा यह सिर्फ आप ही के लिए आप किसी. पार्टनर को ढूंढ रहे हैं फाइनेंशियल. पार्टनर को तो सिर्फ उसको आप आई मीन यूज.
करने के लिए मांग रहे हैं या आप भी उसको. साथ शेयर करना चाहते हैं उन चीजों को ठीक. है ना पहली चीज है इंटेंशन क्या है दूसरी. बात है इंटेंसिटी कि उसमें कितनी. इंटेंसिटी है आपकी से मांगने में कहीं. डाउट तो नहीं आ रहा कहीं ऐसा तो नहीं आ. रहा यह कहां क काम करती है अगर एक पैरेलल. डाउट आ गया तो व इस अमृत को विष बना देगा. इंटेंसिटी हमारे माइंड और बॉडी की एक ऐसी. ऐ कला है जो आपके माइटोकांड्रिया की पूरी. एनर्जी को कई स गुना बढ़ा देती है एक छोटी.
सी इवेंट बताता हूं कैलिफोर्निया में एक. फार्म हाउस में एक आदमी ट्रैक्टर चला रहा. है 2013 की बात शायद. है दो बेटियां उसकी वहां पर एक ईना और एक. हैली एक 13 साल की एक 16 साल की है और. अचानक वो ट्रैक्टर पलट जाता है और आदमी. उसके नीचे फस जाता है एंड व अभी मरने ही. वाला है कि एक कमाल होता है वो दोनों. बच्चियां दौड़ती हैं उस ट्रैक्टर को उठा. देती हैं एक 13 साल की और एक 100 साल 16. साल की और वो 1340 किग्रा का ट्रैक्टर को.
उठाकर अपने बाप को बचा लेती हैं इट इज. कॉल्ड द. इंटेंसिटी कई बार हमारी इंटेंसिटी अपने. गोल्स को पूरा करने के लिए वोह नहीं आती. इसलिए हम कई बार कहते हैं लक नहीं था सही. बात तो ये है कि लक का रोल है निश्चित. निश्चित रूप से होगा 1 पर 2 पर लेकिन आपकी. इंटेंसिटी कितनी स्ट्रांग है कुछ उस काम. को करने के लिए जब भी आप किसी रंजिश में. होते हैं किसी के साथ बदला लेने की भा आप. पता चल जाता है कि आदमी कोई गेम खेल रहा. है चौकस रहना एक मां को पता चल जाता है कि. आप उसका बेटा आज हॉस्टल में खुश नहीं है.
लवर्स के बीच में बहुत टेलीपैथी होती है. कई बार आप जिस गाने को गाना चाहते हैं. अचानक पता चला कि आपकी किचन में से वही. गाना चल रहा है कमाल की बात य है और इसको. करने के लिए एक दो तीन स्टेप आप करके. देखिएगा कभी. लेकिन उसे आजमाने के लिए करिएगा एंड. देखिएगा कि क्या यह वर्क करता. है आप सिंपली एक अपनी इमेजिनेशन में. जाइएगा इंटेंसिटी को क्लिय क्रिएट करने के. लिए आपको अपनी बॉडी को हिलाना नहीं है जब. भी आपकी बॉडी हिलती है तो समझ लीजिएगा कि.
इस समय अनवांटेड एंजाइटी चल रही है उसे. आपको हैंडल करना है कुछ सांस लेने के बाद. आप सिर्फ उस आदमी के साथ इमेजिन करो जिसके. आप कुछ मैसेज देना चाहते. हो वह आदमी को अभी आपने कोई भी वर्बल. इंफॉर्मेशन नहीं दी है और इमेजिन करो कि. आप उसके साथ जुड़े हुए हैं एक गोल्डन. थ्रेड. से आपके दिल से उसके दिल तक एक गोल्डन. थ्रेड जा रहा. और अब आप कंधों को सीधा करते हुए एक. इंटेंशन क्रिएट करिए कि प्लीज कॉल मी.
टुमारो इमेजिन करिए कि य वाइब्रेशन एक. हमिंग करते हुए कॉल मी टुमारो उसके ओरा. में एंटर कर रही है इमेजिन करिए कि उसके. ओरा का एक्सेप्टेंस उ उन आपके वर्ड्स को. मिल रहा है इमेजिन करिए कि धीरे-धीरे उसके. मेंटल स्क्रीन पर आपका फोटो आ रहा है. इमेजिन करिए कि उसे स्वीकार कर रहा है. क्योंकि आपने सिर्फ कॉल करने की बात करी. है इमेजिन करिए कि उसके लिए मानो उसके. उसको मानो पता रहा है धीरे से वि स्परिंग. करिए उसके कान में आई वांट टू टॉक टू यू. इट इज ऑन म्यूचुअल.
बेनिफिट वी विल शेयर अ वंडरफुल इंफॉर्मेशन. नाउ इमेजिन करिए कि दिस वंडरफुल यूनिवर्स. इज प्लेइंग अ पॉजिटिव गेम एंड ही इज डूइंग. इट उसकी कॉल आपको आ रही है एंड यू आर. टॉकिंग क्रिएट द इंटेंसिटी नाउ यू आर. एंजॉयिंग दैट कॉल यू आर एंजॉयिंग द. रिवार्ड्स यू आर एंजॉयिंग दैट वंडरफुल. कम्युनिकेशन दैट यू आर. डूइंग यहां से शुरुआत. करिए इमेजेस को ब्राइट करिए कलरफुल करिए. साउंड्स को थोड़ा लाउड करिए और इमेजिन.
करिए कि वंडरफुल फीलिंग इस समय आपके हार्ट. गट और पूरी बॉडी में मानो एक विशेष कलर के. साथ तैर रही. है इवन नाउ यू विल फील ट रिलेशनशिप इज. गेटिंग कंसंट्रेटेड ऐसा लग रहा है कि. रिलेशनशिप नहीं हो रही है इवन यू कैन सी. दैट पर्सन इ रेस्पॉन्डिंग पॉजिटिवली व. मुस्कान के साथ आपसे यस कर रहा है या कर. रही. है डू इट नंबर ऑफ टाइम्स थ्री फोर फाइव. टाइम्स टिल यू यू आर आई मीन थिंकिंग कि.
हां कंप्लीट इंटेंसिफाई हो गया एंड सी द. मैजिक सम टाइम्स यू डू द सेम थिंग विद योर. कार जब आप कार खरीदते हैं पूजा करते हैं. आप उसकी यह टेली किनेसियानइज्म. मेहमान आते रहे यह चलता रहे कई बार आप कार. में पेट्रोल कम होता है और आप एक टेली. केनेस करते हैं एक बार पेट्रोल तक पहुंच.
जाए पंप तक एंड यू रीच देयर द सेम थिंग यू. कैन डू विद लट ऑफ थिंग्स इट इज कॉल्ड टेली. किनेसियानइज्म. बढ़ेगी याद रखिएगा टेली किने अगर आप. टेलीपैथी की बात. करें एक पर्टिकुलर अगर आप मिश्र की बात.
करें वहां पर किंग एंड द आर्मी कमांडर जो. था उनके बीच में सिर्फ टेली टेलीपैथी चलती. थी नहीं आया तो तो भी करके देखें जरूरी. नहीं कि आप 24 बा से आई मीन हर बार आपको. रिजल्ट ही मिलेगा हो सकता है कि अभी उनका. ना आना ही आपके लिए बेहतर. है बट वंस किसी भी चीज को अगर आप बाहरी. वर्ल्ड में क्रिएट करना चाहते हैं तो उसकी. पहले नीव तो अंदर डालनी पड़ेगी लोग आपके. सबसे कॉमन मेंटल ब्लॉक्स लेके के आते हैं.
सबसे कॉमन लोगों की दिक्कतें क्या होती है. जो आप ठीक करते हो सिंपल है उनका बिलीफ. सिस्टम कि मैं इस बीमा क्या नहीं मानते. बिलीफ सिस्टम का मतलब है उनके पास पुरानी. अपनी पुराने एक बिलीव बन जाते कि य यह. बीमारी ठीक नहीं हो सकती मैं इस मैं इस. गोल को पूरा नहीं कर सकता और सबसे बड़ी. बात है कि एक कांसेप्ट जो मैंने सबसे पहले. दिया था 90 में वो दिया था सेल्फ इमेज का. हम सब लोग 6 साल की उम्र तक अपनी सेल्फ. इमेज को खो देते हैं. ऑलमोस्ट क्योंकि हमें बहुत सारे पनिशमेंट.
के दौरान हमारी आइडेंटिटी क्रिएट कर दी. जाती है तुमसे दोर दो चार नहीं आता यू आर. स्टुपिड यू आर इडियट तुमने यह काम गलत. किया यू आर इरिस्पांसिबल तुम बीमार हो गए. चार बार तो यू आर ए पेशेंट ठीक है ना आपको. चार बार कोई और बीमारी होगी तो यू आर दिस. पेशेंट तो हमारी अपनी जो सेल्फ इमेज है वो. पूरी तरह से गायब हो जाती है इसीलिए कई. बार हम फॉल्स इमेज को जिंदा रखते हैं. इसलिए क जाता है स्मॉलर द सेल्फ इमेज बिगर. द ज्वेलरी जितनी छोटी सेल्फ इमेज है कई. बार उतनी बड़ी ज्वेलरी आती है यानी कि.
बड़ी पावर को हम दिखाना चाहते हैं दिस लुक. एट माय गर्लफ्रेंड्स लुक एट माय बिग कार. लुक एट माय बिग मनी बिकॉज मेरी जो ऑथेंटिक. सेल्फ इमेज है वो कहीं बीच में छूट गई है. तो लोग आते हैं अपनी सेल्फ इमेज को बेहतर. करने अगर आप बड़ा पैसा कमाना चाहते हैं. बड़ा गोल बनवाना बहुत आसान है दो मिनट में. कोई भी मैं कहता हूं यह गोल सेटिंग कर लो. सवाल यह है कि अगर मेरा वजन ही 50. किलोग्राम है तो मैं 1000 किलो का वेट. नहीं उठा सकता मुझे कितना भी कोई वेट. मोटिवेट कर ले और अगर मुझे मोटिवेट करके.
उठवा भी दिया तो मेरा स्ट्रक्चर खराब होगा. ही होगा हम इसका मतलब यह है कि अगर मुझे. 1000 किलो का वेट उठाना है तो मुझे एक ऐसा. ट्रेनर चाहिए एक ऐसा खाना चाहिए एक ऐसा. थोट चाहिए कि मैं भी पहले 500 किग्रा का. हो जाऊं अगर आप बड़ा गोल बनाना चाहते हैं. तो बड़े लोगों से मिलना चाहते हैं तो आपको. अपनी बेहतर सेल्फ इमेज का मालिक बनना होगा. और उसे अपने फ्रंटल लोप पर एक्टिवेट करना. होगा इंप्लांट करना होगा ये सबसे. इंपोर्टेंट है जब मैं कहता हूं कि यह. बीमारी जो तुम लेकर आए हो किसी आदमी ने ये. ठीक करी है बहुत सारे लोगों ने इस बीमारी.
को ठीक कर लिया है बहुत सारे लोगों ने इस. कार को खरीद लिया है बहुत सारे लोगों ने. इस गोल को पूरा कर लिया है आपसे भी कमजोर. लोग थे उन्होंने लाख सवा लाख करोड़ कमा. लिए हैं इस नाक से सांस लो इससे छोड़ो ठीक. है ना इसका मतलब है यह है कि जो आप. बेसिकली उन बिलीव्स को नहीं पैदा कर पा. रहे वो इसलिए नहीं कर पा रहे क्योंकि आपकी. सेल्फ इमेज इतनी डिस्टोर्टेड हो गई है कि. वो छोटे मोटे जो लिमिटिंग बिलीव्स है. उन्हे पकड़े बैठे हैं याद रखिएगा जितने भी.
स्टूडेंट्स मेरे पास आते हैं कपल्स आते. हैं वो सिर्फ यहीं से तो ट्रांसफॉर्मेशन. चाहते हैं कि ये सर मुझे बीमारी हुई है. क्या य ठीक हो सकती है मैं धीरे से एक ही. सवाल पूछता हूं इवन आपके साथ भीय सवाल पूछ. लेता. हूं मैं एकदम धीरे से एक सवाल पूछता हूं. कि आपका शरीर आपका मन आपका बॉडी बिल्कुल. ठीक चल रहा था एक समय तक आप कहते कि दो. साल पहले मुझे ये बीमारी आई है तो 2 साल. से पहले आप ठीक थे यह बीमारी नहीं थी. बिल्कुल ठीक था 2 साल पहले जैसे ही यह. बीमारी आई है उस जगह पर खड़े हो जाओ अपनी.
पास्ट में जाकर और मुझे बताओ कि आपके. माइंड और बॉडी ने यह डिसीजन क्यों लिया. है और वहां पर वह कहते हैं वी लस्ट सम. बिलीव्स वी लस्ट सम रिसोर्सेस हमने अपने. अंदर की कुछ शक्तियों को समय खोया है चाहे. वो मेरी प्लेफुलनेस थी चाहे मेरा. कॉन्फिडेंस था चाहे मेरा टुगेदर निस थी. किसी के साथ चाहे मेरा एसोसिएशन था किसी. गोल के साथ मेरे कुछ ख्याल थे अपने अपने. लिए जो किसी ने बर्बाद कर दिए कि तुम कुछ. नहीं कर सकती या कुछ नहीं कर सकते इस समय.
यह खोया है अगर तुम्हें यह मिल जाए. दोबारा हाउ विल यू फील उन्होंने कहा मैं. इस रास्ते से बिल्कुल फिर उसी रास्ते पर आ. जाऊंगा या आ जाऊंगी अब सवाल उठता है कि जो. खोया है और जो तुमने वहां पाया है इसमें. मैं नेल प लगाता हूं सिंपल सी. बात तो आप बोल रहे हो हा कि जो एक बिलर बन. जाता है इंसान या बहुत बड़ा बन जाता है और. जो एक रोड पर गरीब इंसान है उन दोनों के. बीच में सेल्फ इमेज का डिफरेंस है.
एक्जेक्टली और सेल्फ इमेज ही तो तय करेगी. कि आपकी वैल्यूज क्या होगी सेल्फ इमेज तय. करेगी कि आपकी पहचान क्या होगी सेल्फ इमेज. तय करेगी कि आपके बिलीफ क्या होंगे सेल्फ. इमेज तय करेगी कि आपके लक्ष्य क्या होंगे. और जिसके पास खाना नहीं है वो तो क्या. सोचेगा सेल्फ इमेज के बारे में जिसको यह. नहीं पता कल का रेंट कैसे भरेंगे वो क्या. सेल्फ इमज सोचेगा फर्स्ट इज कि बेसिक्स ऑफ. लाइफ मैं कवर कर लू ए उसके बेसिक करने के. बाद बहुत सारी चीजें होती होंगी लक होती. होगी लोग होते होंगे सही टाइप की. अपॉर्चुनिटी स्पॉट करनी होती होगी सही.
टाइम पे आप सही जगह पे सही चीज के साथ. होते होगे बहुत सारे फैक्टर्स दुनिया में. होते हैं और फिर उस स्ट्रेटेजी को लेक रोज. आप में इतनी एनर्जी होती होगी कि वो काम. आप इतनी मेहनत से कर पाओ और सालों साल. करते जाओ करते जाओ करते जाओ तब जाके आप एक. बड़े मुकाम पर पहुंचो ग ना सिर्फ कि मैंने. मान लिया कि मैं आज बिलर हूं इसका मतलब ये. थोड़ी मैं बन जाऊंगा मैंने ये नहीं कहा. मैंने ये कहा कि अगर आप म मैं अगर रोड प. हूं मैं गरीब हूं और मैं सोचता हूं कि यार.
मेरा बिलीफ है कि दुनिया बहुत खराब है. मेरा बिलीफ है कि कुछ नहीं होता सब अमीर. लोग अपने अमीर होते जा रहे हैं गवर्नमेंट. उनका ही साथ देती है मेरा बिलीफ है कि. मुझे कुछ नहीं आता ना मेरे में स्किल है. ना कुछ है मैं तो गरीब पैदा हुआ था मैं. गरीब ही रह जाऊंगा ना मैं अच्छा हूं आई एम. नॉट गुड इनफ मेरे से कुछ काम नहीं हो पाता. है मेरे यही सब बिलीव है मेरे को दो वक्त. का खाना मिल जाए वही मुश्किल है मैं क्या. दुनिया के आगे की सोचूंगा अब यह सब मैंने. अपने बिलीफ बना लिए अगर मैं यह तोड़ के. मानने लग जाता हूं कि मैं बहुत अच्छा हूं.
और इसके अपोजिट रख देता हूं तो क्या इसका. मतलब मैं बड़ा बन जाऊंगा ऐसा थोड़ी होता. है ऐसा भी नहीं होता और. लेकिन जो आपने बोला वह भी बिल्कुल वो भी. रियलिटी नहीं है क्या सिंपल सी बात य है. कि अगर आपको बाहरी वर्ल्ड में कुछ करना है. तो इंटरनल वर्ल्ड में सबसे पहले आपको अपने. बिलीव्स को तोड़ना ही होगा अगर मैं यह. कहता हूं कि दुनिया कातिल है दुनिया बेकार. है इस वर्ल्ड में कुछ नहीं हो सकता तो फिर. मैं अपने बच्चों की शादी कहां करूंगा इफ द. वर्ल्ड इज क्रूअल अगर मैं कहता हूं. एवरीथिंग इज ओके तो फिर मैं कार को लॉक.
क्यों करके आया हूं एवरीथिंग इज नॉट ओके. दैट इज व्हाई आई एम लुकिंग माय कार. एगजैक्टली राइट सबसे पहली बात ये है कि. अगर आपको शुरुआत भी करनी है दो रोटी के. परे भी आपको जाना है तो इंटरनल वर्ल्ड में. कुछ ना कुछ तो चेंज करना होगा आखिर आपकी. आंखें उन चीजों को कैसे देखेंगी जो इस. सर्वाइवल मोड से परे हैं यानी कि अगर आप. सर्वाइव सर्वाइवल मोड में है तो सर्वाइवल. बिलीव्स को लेकर चल रहे हैं मैं यह नहीं. कह रहा हूं कि सिर्फ एक फॉल्स आइडेंटिटी. क्रिएट करनी है लेकिन एक ऐसी आइडेंटिटी. क्रिएट करनी है जिसके साथ एक वैल्यू.
सिस्टम भी हो अगर मैं यह कह रहा हूं कि. मैं एक पेशेंट हूं और मैं डायबिटिक हूं तो. इस समय मैं पूरी की पूरी आइडेंटिटी को. डायबिटिक बना रहा हूं पर मैं यह कह रहा. हूं कि आई एम हेल्दी पर्सन हैविंग ए. चैलेंज ऑफ डायबिटीज अब मैंने एक हेल्दी. इमेज बना ली जिसका एक चैलेंज डायबिटीज भी. और एक चैलेंज कुछ और भी हो सकता है इन. दोनों में बड़ा फर्क है तो जब भी आप किसी. भी चीज को कर रहे हैं तो मैं फाल्स फल्स. उस आइडेंटिटी की बात नहीं कर रहा हूं उस. आइडेंटिटी के साथ आपको यह भी तय करना होगा. कि आपके बिलीव्स क्या होंगे और आपके. एक्शंस क्या होंगे आपको न्यूरोलॉजिकली.
अलाइन मेंट करना होगा अगर उ उस आदमी का. परपज य है कि मैं तो सर्वाइवल में ही. रहूंगा तो सर्वाइवल तो उसको मिलता रहेगा. याद रखिएगा व्हाट एवर यू आस्क इट इज गिवन. टू यू सर्वाइवल तो मिलता रहेगा और उसे मिल. भी जाता है रोजाना उसका हर महीना पूरा भी. हो जाता है लेकिन अगर वो यह सोचे कि इस. सर्वाइवल के परे में लोगों की लाइफ में. कंट्रीब्यूट भी करना चाह और मैं ग्रोथ भी. लेना चाहता हूं तो ग्रोथ एंड कंट्रीब्यूशन. हमारी एक ऐसी स्पिरिचुअल नीड है जिससे. हमें सब कुछ मिल जाता है लेकिन वो इसे.
गरीब रहकर भी कर सकता है एंड द मोमेंट इ. ही डज इमीडिएट वो एक नए पैराडाइम में आ. जाता है एक नए लेवल पर लाइफ के आ जाता. है लेकिन नए लेवल पर आने के लिए आपको. इंटरनल वर्ल्ड को तो बदलना पड़ेगा ऐसी कोई. सीक्रेट एनएलपी टेक्निक है जो इतनी. पावरफुल है कि लोग मैनिपुलेट कर सकते हैं. उसको यूज करके और इसलिए आप हेजिंग नहीं कि. नहीं ऐसा नहीं है मैं सब कुछ सिखाने को. तैयार हूं लेकिन अगर वह अपने आप को बदलना. चाहते हैं और वह भी सिर्फ 30 सेकंड पर डे.
के हिसाब से दिन में एक बार भी कर ले तो व. सिंपल यह है कि व्हाट एवर यू वांट टू अचीव. इन योर लाइफ चाहे व अच्छी हेल्थ है चाहे. वह अच्छी वेल्थ है चाहे अच्छी रिलेशनशिप. है एक अच्छी बॉडी है बढ़िया आपकी स्किन है. तो इमेजिन करें कि अदर यू में जाकर एक. पिक्चर बनाए कि अदर यू 50 60 फीट की दूरी. पर एक अदर यू की पिक्चर है एंड ट अदर यू. हैज लर्न हाउ टू एंजॉय एवरीथिंग अदर यू की. बीमारी ठीक हो चुकी है अदर यू के पास पैसा. भी है अदर यू को लोग.
एप्रिशिया कलरफुल बनाकर उसके साथ मर्ज. करें और उसके बाद पूरा दिन शुरू करें. तीसरे दिन से आप मैजिक देखेंगे आपकी टोन. बदल जाएगी आपका चलने का ढंग बदल जाएगा. इंटरनल वर्ल्ड में आप बेकार की बातों में. अभी यकीन आई मीन मजा लेते थे वो अच्छी. नहीं लगेंगी आपको न्यूज आइटम अच्छे नहीं. लगेंगे चाइल्डहुड ट्रामा का कुछ लेना देना. होता है इस बिलीफ सिस्टम पे. बेहद. बेहद याद रखिएगा हमारे जो आइडेंटिटी है ना.
राज वो 6 आ साल की उम्र तक पूरी तरह से बन. चुकी होती है जिन चीजों से हम. आइडेंटिफिकेशन. इंसान था आज मैं बहुत अलग हूं लेकिन जो. पहली आपकी जो कोर वैल्यूज है वो अभी नहीं. जाएंगी आपकी आइडेंटिटी एक्सपेंड होती.
रहेगी बदलेगी नहीं तो मैं इंसान ही दूसरा. मतलब मैं पर्सनालिटी दूसरी थी सोच दूसरी. थी बिलीफ सिस्टम दूसरा था वो तो हमेशा. इवोल्यूशन चलेगा सेल्फ इमेज मेरी पूरी. दूसरी थी और वो चेंज हो गई तो ये. आइडेंटिटी कैसे चेंज हो गई क्योंकि आप बोल. रहे हो छ से आठ में अगर बन गई होती तो फिर. मैं वैसे ही रहता नहीं ऐसा नहीं है आप. वैसे भी हैं लेकिन उसके बाद आपने क्या. किया कि कॉन्शियसली उस पर काम भी किया और. अब अपनी आइडेंटिटी को एक्सपेंड भी किया हम. यानी कि आइडेंटिटी ऐसा नहीं है कि हम उसको. एक्सपेंड नहीं कर सकते जैसे हम अपनी. वैल्यू सिस्टम को कभी भी हायरर की को बदल.
सकते हैं बेहतर कर सकते हैं इस हफ्ते में. अपनी सेहत पर ध्यान दे सकता हूं तो अगले. हफ्ते में वेकेशन पर भी जा सकता हूं ठीक. है ना लेकिन अगर आप इस चीज पर ध्यान ना. देते और कॉन्शियसली आप उस पर काम ना करते. अपने गोल्स को सेट करके अपने एक्शंस को ना. बदलते तो जिस आइडेंटिटी को आपने बचपन में. लिया है आप उन्हीं के साथ रहते याद रखिएगा. उस समय के ट्रॉमा ही तो हमें कई बार गाइड. करते हैं उस समय के हमारे जो ब्रेक हुआ है. ऐसे तो मैं भी कह सकता हूं कि बचपन में.
मैं एक मिजबिल का शिकार था लेकिन मैं 33. साल तक उसी सिचुएशन में. रहा ठीक है ना अगर मुझे कोई जानकारी ना. मिलती तो हमें यह जितने भी ट्रॉमा है यह. हमारे साथ चलते हैं इसलिए जरूरी है कि आप. एक बार अगर किसी के भी पास है तो सबसे. पहले मैं एक टेक्निक भी कराता हूं मैं. उनसे कहता हूं कि आज खड़े आई मीन कंधों को. सीधा करके इमेजिन करो कि यू आर ए विजडम. फुल पर्सन आपके पास सद्बुद्धि है और. इमेजिन करो कि आज आपको एक काम सौंपा गया.
है कि एक बच्चे को आप समझाएंगे लाइफ के. बारे में जिसका दिल टूटा है बचपन में और. वो तुम ही हो लेकिन आज उस बच्चे को डिस. एसोसिएटेड वे में देखो कि आपके बीच में एक. गिलास वॉल है और वह बच्चा उधर तंग है यद. भी तुम आज बड़े हो गए हो और आज एक कंधे. सीधे करके उस बच्चे की मजरी को रीड करो. उसे बताओ कि वो जो मजरी उसके पास आई है जो. संकट आए जो दिल टूटा है वो मात्र एक. लर्निंग थी और वह आप यूनिक नहीं थे कि आप.
ही के साथ हुए व सभी के साथ होता है जीवन. में हमें दो ही चीज मिलती है रिवर्ड और. लर्निंग तो उस बच्चे को समझाओ किसी तरह से. और फिर फील करो करीब 10 मिनट के बाद कि वो. बच्चा धीरे-धीरे आपकी तरफ आई मीन एसोसिएट. हो रहा है और एसोसिएट होने के बाद इमेजिन. करो कि अब आप उससे मिलने जा रहे हो और. उसको हग करिए उसको समझाइए उसको बड़ा करिए. और उसका हाथ पकड़कर आप प्रेजेंट में लेकर. आइए इसे 30 40 50 बार जाता है और वहां से. उस ट्रॉमा को कुछ लोगों को माफ करवाया. जाता है कुछ इवेंट्स को माफ करवाया जाता. है कई बार मैं इमेजिन करवाता हूं कि और.
क्या करने को तो कुछ लोग कहते ऐसा मन कर. रहा ड्रेस चेंज कर दो ड्रेस चेंज करो उसको. कोई बढ़िया सा हक दो तो इस तरह से हम उसको. उस ट्रॉमा को निकालते अगर वह नहीं निकलेगा. तो कई बार डीप डाउन पड़ा होता है जो हमारी. पर्सनालिटी को नार्सिस्ट बना देता है. ड्रामे बाज कर देते हैं. लोग तो जो लोग अपनी पर्सनल लाइफ में भी. प्रॉब्लम फेस कर रहे हैं नार्सिसिस्ट हो. गए.
या ड्रामे बास बनते जा रहे हैं या परेशान. है किसी ना किसी चीज से तो उन्हें सोचना. चाहिए कि दे शुड गो बैक राइट नाउ और ये. टेक्निक यूज करके देखना चाहिए बचपन में. उनके साथ क्या हुआ था ताकि उसको रिलीज कर. पाए एंड उस बच्चे को प्यार दे जो बच्चा. अभी उस पर्टिकुलर सिचुएशन से गुजर एटली द. अनहैप्पी एडल्ट इज द अनहैप्पी चाइल्ड. ऑन दैट नोट वी शुड एंड इट्स अ लवली नोट. एंड लवली लाइन सो थैंक यू सो मच सर थैंक.
यू स्पेंड करने के लिए हमारे साथ टाइम. बहुत सारी चीज सीखने को मिली आई लव्ड द. होल ब्रेन गट कनेक्शन और बहुत सारी नई. चीजें भली बहुत सारी कंट्रोवर्शियल चीजें. बोली आपने जो मेरी कैपेसिटी के भारे वैसे. मैं बहुत ज्यादा पाथ ब्रेकिंग और ब्रेक. थ्रू चीजें पढ़ता हूं मुझे बहुत मजा आता. है दुनिया में कि कैन वी थ्रू दिस. कन्वर्सेशन ब्रेक द नॉर्मल सी और लोगों को. बहुत आगे लेके जाएं बट उसके बाद भी आपने. कुछ चीजें ऐसी बता दी जो हमारे उसकी बाहर. थीम क्लैड आई विल टेक सम टाइम टू मैं.
थोड़ा टाइम लगाऊंगा कि मैं उन परे बिलीव. करूं कैसे करूं क् मुझे मेरा पढ़ना बाकी. है पर एजुकेशन पर्पस के लिए बहुत अच्छी. चीज है थैंक यू फॉर टेलिंग मी एंड गाइडिंग. मी विद थिंग्स प्लेजर हैविंग यू सर थैंक. यू वेरी मच कुछ आपके क्लोजिंग नोट्स है. कुछ आप बोलना चाहोगे मैं यही कहूंगा कि. आपके साथ बैठकर एक विशेष प्रकार का एक. एनर्जी लेवल मुझे मिल रहा है यू आर. ग्लोइंग एंड यू आर गिविंग ए वेरी वेरी. वेरी पॉजिटिव आप कह सकते हैं कि टेलीपैथी. टू.
मी एंड मैं यही कहूंगा कि आज मुझे आपसे. मिलकर ये नहीं लगा कि मैं किसी यूट्यूब के. साथ बैठा हूं मुझे ये लगा कि मैं एक चेंज. मेकर के साथ बैठा हूं थैंक यू सो मच सर. दिस इज माय पर्सनल आई मीन आप कह सकते हैं. कि जो ओपिनियन बनी है इन इन पलों में आप. हमेशा आगे बढ़ते रहे हमेशा पानी आपके लिए. मीठा रहे हवा हमेशा आपके लिए ताजा रहे. ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु हमेशा आपको और आपके. परिवार को नरम हथेलियों में सुरक्षा दे. थंक य सो मच सर प्लेजर हैविंग यू थैंक यू. क सर बमबे से हो आप नहीं नहीं आई बिलंग टू.
वेस्टर्न यूपी द सेम विलेज वेर नवाजुद्दीन. सिद्दीकी. बिलोंग सेम विलेज सेम स्कूल इन क्या बात. जानते होने नहीं इतना जानते हैं कि जहां. पर हम कभी नौकरी ककरी क्या करते थे छोटे. से टाउन में उसी पर उन्होंने की थी जब. उन्होंने इंटरव्यू दिया. था इनको खेर को अनुपम खेर को अराउंड 20. इयर्स यंगर देन मी ओके आई एम. 65 रियली वाओ नो यू डोंट लुक 65 एट ऑल.
थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के. लिए आपको पता है कि आपको तीन चीजें करनी. है नंबर वन अभी के अभी हमें सब्सक्राइब कर. लो क्योंकि अगर हमने आपको कुछ भी इनसाइट. दिए तो प्लीज आपका एक सब्सक्राइब कैन. हेल्प अस अ लॉट नंबर टू कमेंट करके हमें. बताओ कि और कौन से गेस्ट हैं जिनके साथ आप. चाहते हैं कि हम पॉडकास्ट बनाएं और उनसे. क्या क्वेश्चंस पूछे ताकि हम आपके लिए और. बेहतर एंड वैल्युएबल इनसाइट्स ला सके एंड. नंबर थ्री यह एपिसोड किसी एक इंसान के साथ.
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