EXPOSING Gautam Adani's Dirty Business Tricks ft. R N Bhaskar | FO 73 - Raj Shamani
अब अडानी ग्रुप कितना बड़ा है? काफी काफी. बड़ा है। गौतम अडानी कुछ ही साल में वो. अंबानी से बड़ा बन गया, बिरला से बड़ा बन. गया, मित्तल से बड़ा बन गया। ऑल ऑफ अ सडन. ये हुआ क्या? तो हमने सोचा कि यार इस. जर्नी के बारे में तो पता लगाना पड़ेगा और. निकालना पड़ेगा कि व्हाट वर द स्ट्रेटजीस. जो गौतम अडानी ने अपनी लाइफ में यूज़ करी. जिसकी वजह से वो बहुत ही जल्दी एक बहुत. बड़े बिजनेसमैन बन गए। क्या ये एक. पॉलिटिक्स की वजह से था? क्या ये उनके. बिज़नेस एक्यूमेंट की वजह से? क्या ये राइट. टाइमिंग की वजह से था? क्या ये इंपोर्ट. एक्सपोर्ट की वजह से था? किस वजह से था?
इसीलिए वी हैव कॉल्ड आर्यन भास्कर. जिन्होंने गौतम अडानी के ऊपर 18 साल से. रिसर्च किया और उनके ऊपर बुक भी लिखी है. और काफी टाइम उनसे मिले भी हैं टू. अंडरस्टैंड हिम एंड हिज बिज़नेस एक्यूमेन. इन डीपर सेंस। आज का एपिसोड ना बहुत. इंपॉर्टेंट है। क्योंकि हमने पहली बार. किसी बिज़नेसमैन के बारे में एकदम डीप में. स्टोरी के वे में समझा है कि उन्होंने. फर्स्ट बिज़नेस कितने रुपए में कब स्टार्ट. किया था। कौन-कौन से बिज़नेसेस उसके बाद. करते चले गए। जिसकी वजह से आज वो बिलियन. डॉलर की एंपायर पर खड़े हैं। मेक श्योर यू.
वाच दिस एपिसोड टिल दी एंड। दिस इज वन ऑफ़. माय फेवरेट एपिसोड विथ अ गेस्ट व्हिच आई. फील इज़ गोना कम बैक अगेन एंड अगेन ऑन. फिगरिंग आउट विथ आर्यन भास्कर। द स्टोरी. एंड लाइफ सक्सेस ऑफ़ गौतम अडानी। एंजॉय द. शो।. आप बता रहे थे कि अडानी का स्टार्ट कैसे. हुआ। पहले वो डायमंड मर्चेंट था।. अडानी अडानी सौदागर है।. ओके.
उसे सौदा करना वो सौदा करना जानता है। और. दुनिया में अगर देखोगे सबसे बड़े. इंडस्ट्रियल अधिकतर सौदागर रहते हैं।. हम. सौदागर क्या करता है? उसको मालूम है किस. प्राइस पर खरीदना है और किस प्राइस पर. बेचना है। कितनी जल्दी बेच सके? जितनी. जल्दी बेच बेच सके उसका वो जो बर्डन है. उसका जो भार है. वो खत्म हो जाए. और ये सीखा उन्होंने स्टार्टिंग में. डायमंड बिज़नेस से. खाली एक सौदागर शॉर्ट टर्म सोचता है. हम.
इंडस्ट्रियलिस्ट लॉन्ग टर्म सोचता है कहीं. ना कहीं बीच में अडानी ने सीखा किस तरीके. शॉर्ट टर्म को लॉन्ग टर्म कर सके बहुत लोग. नहीं करते. बहुत लोग सौदागरी सौदा सौदा ही करते रहते. हैं और बड़े नहीं होते हैं लॉन्ग टर्म. नहीं सोचते हैं टू बी एन इंडस्ट्रियल. शिफ्टिंग लॉन्ग टर्म एक साल के नहीं एक. महीने के लिए एक एक हफ्ते के लिए नहीं. सौदे के लिए नहीं पर कंटीन्यूअस कैश फ्लो. के लिए. इंडस्ट्री में कैश फ्लोसेंट है.
हम. सौदे में ट्रांजैक्शन है. या. तो ट्रांजैक्शन लॉन्ग टर्म तक कैसे चलता. रहे दैट इज व्हाट इज अदानी. वो लॉन्ग टर्म ट्रांजैक्शन के कैश फ्लो बन. जाता है. हम. उसके लिए प्रोडक्शन भी है परचेस है सेल. खेल है पूरा चेंज एंड टू एंड चेंज रहता है. वो बहुत सौदागर नहीं कर सकते तो उसने. शुरुआत की थी हीरो में. हम. हीरो में वो व्यापार करता था और हीरा एक. ऐसी चीज है जहां.
माल खरीदा जाता है जो रफ स्टोंस कहते हैं।. एक एक देश से खरीदा जाता है। फिर दूसरी. देश में देश में जाता है। वहां स्वप होता. है. कि मुझे खाली वो हीरा मिले. जिसे मैं जल्दी बेच सकूं।. हम. क्योंकि हीरे के भी कई क्वालिटीज रहते. हैं। कई साइज रहते हैं। तो हर एक जो. मर्चेंट रहता है वो जो साइज उसको बेचना. बहुत रिस्की रहता है। वो किसी और को दे. देता है।. सॉर्ट कर देता है।. सॉर्टिंग सॉर्टिंग होता है।. अधिकतर सब सॉर्टिंग एंटोप या दुबई में.
होता है।. ठीक है? कभी-कभी अमेरिका में होता है।. हम. जो भी इंडियन कट करता है वो इंडिया में. आता है एंड द कट एंड पॉलिश इन सूरत।. हम. पर सूरत की कामयाबी ऐसी हो गई है। इतना. इतना कुशल हो गए अपने अपने काम में कि. दुनिया में 10 पत्थर में से नौ पत्थर सूरत. में कटते हैं। आज. वाओ।. अभी जब उधर से कटिंग पॉलिशिंग के बाद. डायमंड व्यापारी के पास आता है तो. व्यापारी देखता है उसे मालूम है कि जितने.
दिन उसके पास ये डायमंड रहा उतना ब्याज. जाएगा. हम. फॉरेन करेंसी एक्सचेंज फ्लक्चुएशन का. रिस्क रहता है. तो आप देखोगे जहां भी डायमंड बूस्ट है. अपना अभी बीकेएस में पहले होते थे पहला. होता था अपरा हाउस में. पंचवक्ता बिल्डिंग के बाहर प्रसाद चेंबर्स. वहां सौदागर मिलते थे गली के बाहर. ये देखना है यह मेरे पास है। वो अलग-अलग. क्वालिटी मिक्स करके देते थे तुम्हें।. देखो इसका भाव यह है इसको इस क्वालिटी का. भाव यह है। और आपको खरीदना है। आपके पास.
कोई कस्टमर है जिसको आप आप सोचते हैं कि. ये बेच सकूंगा तो व्यापार होता है जबानी. आप लेते हो माल माल हो गया। कुछ लिखत में. नहीं रहता था। और सौदा होता था। 24 घंटे. में आपका पैसा आ जाता था।. हम. ये ट्रेड पूरी जबानी रहती है।. हम. और गौतम भाई उस ट्रेड में गए। पूरा टाइम. रास्ते पर घूमते घूमते सॉर्टिंग करते अपने. पैकेजेस लेकर दिखाते थे। कभी-कभी. मर्चेंट्स की दुकान में जाते थे तो भाई ये. मेरे पास माल आया है। इतना मैं एक्सिस्ट. करता हूं। और उसी से करते थे। एक बार.
उसमें हिम्मत आ गई। जोश आ गया तो किसी को. बड़ा बड़ा सौदा कर दिया और उसके बाद. छुट्टी के आ गया। उसका भाई चाचा मामा का. भाई लड़का था। तो वो आया। उसने देखा जब. मंडे को आया तो देखा कि स्टॉक में से इतने. डायमंड्स मिसिंग है। बुक्स में देखा उतने. पैसे नहीं आए थे और कुछ नोट नहीं था कहां. गए हैं वो डायमंड्स तो दो-तीन दिन बेचैन. रहे गौतम आया तो बोला हां मैंने उसको बेचा.
हूं और उससे पैसे नहीं दिया उसने प्रॉमिस. किया अगले दिन देगा ट्रेड में सब जबानी. चलता था. पर गौतम ने ज्यादा दिया और उसके पीछे किसी. को बताना चाहिए था गौतम ने नहीं दिया. तो सब घबरा गए. तो उसके भाइयों और ये. तीनों ने एक प्लान रचा आदमी मार्केट में. नहीं आ रहा था फोन नहीं उठा रहा था तो. उसके घर पर गए उनको मालूम है दूध वाला. 6:00 बजे आता है पहले चेक करके मालूम पड़ा. हर सवेरे 6:00 बजे दूध वाला पड़ता है. तो 6:00 में 5 मिनट पर वो जाकर घंटी बजाए.
तो डायमंड मर्चेंट की वाईफाई बाहर. तो देखिए ये छोटे लड़के में खड़े थे बोले. देखो भाभी ये लेकर गए हैं माल उनसे मिलना. है जाने वाला नहीं है. तो उसके घर में मिले उससे है. हम. वो बोला नहीं मेरे बुरे दिन आ गए मैं पैसे. नहीं है मेरे पास वो बोला क्या है. तुम्हारे पास तो बोला नहीं कुछ नहीं है. कुछ तो कुछ होगा ना. घर में दिखाओ क्या-क्या है तो उसके पास. उसको और पत्थर थे तो उस पत्थर थोड़ा पत्थर. से आधा सौदा हुआ आधा सौदा पैसे से हुआ और.
आधा पैसा थोड़ा पैसा बाद में देगा उसके उस. जबान पर वो लेकर अपना जो लॉसेस थे वसूल कर. दिए उसके बाद उसे मालूम पड़ा कि कभी पूरी. जबान पर ज्यादा देना चाहिए रिस्क मिटगेशन. होना चाहिए. और ने अच्छी तरह काम किया। बहुत पैसे बने. उधर।. और पांच देशों में यू वर सेइंग कि उसने वो. सीखा ट्रेड जो सीखा दैट वास फाइव कंट्री. से सीखा।. और आपको हमेशा कैलकुलेशन करना चाहिए। इस. कंट्री का डॉलर इतना है। इस कंट्री का. करेंसी इतना है। इस कंट्री में ब्याज इतना.
है। इतना वेटिंग पीरियड इतना ब्याज होगा।. इस कंट्री का में 6 महीने का मैन्युफैक्चर. होगा। इस कंट्री का ब्याज इतना है। इतना. रुपया रुपया वीक हो रहा है। स्ट्रेंथन हो. रहा है। वो सब ध्यान रखना है। क्योंकि एंड. प्राइस बेचोगे। वो सबका जो जो भी हिसाब के. उसका नतीजा इसमें इन प्राइस में होगा और. जितनी जेब जितनी देर आपके जेब में रहेगा. उतनी देर आपके जेब को जलाएगा. हम. तो जल्दी से लेके जल्दी. जल्दी बेचो सौदा नक्की करो जल्दी एक पैसा. प्रॉफिट है चलेगा. हम.
₹1 बहुत अच्छा. और इसके मास्टर हो गया था गौतम. वो मास्टर गया फिर उसके भाइयों ने बुलाया. अहमदाबाद में प्लास्टिक ट्रेडिंग में. हम. और प्लास्टिक ट्रेडिंग में गया उधर भी. छोटे माल से बड़े माल तक पहुंचा गौरिया से. रिश्ता कराया।. गौतम अडानी है। प्लास्टिक करते थे।. प्लास्टिक पे जाके वह किससे मिले थे? जयेश. भाई से।. जय भाई।. हां जय भाई। क्या था स्टोरी? यह मुझे. बताओ।. देखो भाई गौतम भाई प्लास्टिक स्टेटर थे।. उस समय वो पांच टन इंपोर्ट करते थे।. कंसाइनमेंट साइज पांच टन ठीक कभी-कभी दो.
टन कभी पांच टन गए।. उसे मालूम था कि अगर उसे बड़ा होना है. तो उसे सोर्स मटेरियल कम दाम में मिलना. चाहिए।. हां। मार्केट प्राइस आप बदल नहीं सकते हो।. हम. एक बार आपको फेवर कर सकता है कस्टमर जो. उससे ज्यादा नहीं कर सकेगा। तो आपका. मार्केट प्राइस दूसरे लोगों के से कम रहना. चाहिए या कम रहना चाहिए तो आपको सोर्स. मटेरियल कम रहना चाहिए। सोर्स मटेरियल. कहां से आ रहा है? कोई ट्रेडर बताने के. लिए तैयार नहीं है। तो गौतम भाई सोचना. पड़ेगा।.
और दूसरे लोगों से पूछने लगा उसके. व्यापारी दोस्त बोलते हैं अपना काम नहीं. है भाई। तू सौदा कर यार रिसर्च मत कर यार।. तो गौतम मानता नहीं था वो सबको देख रहा. देखने लगा उसको फिर प्लास्टिक बैग जो मिली. जिसमें मटेरियल आता था बैग में देखा एक. छोटा सा लोगो कहीं पड़ा था हर एक बैग को. देखा हर एक बैग में वही लोगो था तो उसका. रिसर्च चालू हुआ उस लोगो पर कौन कहां से आ. रहा है फिर मालूम पड़ा ये लोगो कोरिया से. आ रहा है साउथ कोरिया से. हम. तो बोला अच्छा तो साउथ कोरिया से आ रहा है.
अब साउथ कोरिया के कौन से ट्रेडर है अपने. कस्टम्स के दोस्तों से पूछा देखो भाई साउथ. कोरिया के कौन-कौन ट्रेडर है हम. साउथ को केमिकल्स आते थे, इंजीनियरिंग. गुड्स आते थे और डायमंड्स और प्लास्टिक. आते थे।. तो प्लास्टिक कौन-कौन लेता है? हम. उसको मालूम पड़ा जय भाई और एक और दो से. उसके उसके दोस्त थे।. हां।. ये दो बंदे थे जो कोरिया से लाते थे।. हां।. उनका एड्रेस खोज निकाला। उससे दोस्ती. निभाने दोस्ती बनाने लगे। मिलते रहे। अरे.
भाई मैं पांच टन मुझे 20 टन कर लो। मुझे. थोड़ा पैसा कम कर दो। कितना वॉल्यूम? बोलते भाई आपको कम पैसे में चाहिए। आपको. 20 टन से ज्यादा करना चाहिए।. तो 20 टन कैसे करें? अभी दो टन से 20 टन. करना थोड़ा मुश्किल है। तो उसने एक तरकीब. सोची वो हर एक प्लास्टिक सप खरीदने वाले. को प्लास्टिक मटेरियल खरीदने वाले से. संपर्क किया।. हम. प्रिंस प्लास्टिक फिनोलेक्स. ये क्या कहते हैं? फिनोलेक्स प्रिंस प्लास्टिक फिनोलेक्स.
आईपीसीएल. हम. इन सबके पास गया।. आपकी साल की क्वांटिटी कितनी है? कभी-कभी. कहते थे कभी-कभी धकेल दे बोलते महाप टाइम. वेस्ट मत करो। पर एक बार मालूम पड़ गया. कितना वॉल्यूम है। आप किन-किन से खरीदते. हो? बोला जो भी सस्ता में देता है। अच्छा. लास्ट ईयर कौन-कौन सस्ते में ना कभी के. नाम मिल जाते थे। तो उसने बोला अच्छा एक. चीज करो।. इस साल में मैं आऊंगा आपके पास। आप मुझे. बताओ कौन सबसे सस्ता आपका क्या प्राइस.
आपको सबसे सस्ता मिलता है? मैं उस प्राइस. को मैच करूंगा। फिर आपको मुझसे खरीदना. पड़ेगा।. ठीक है। उसको अपना सोर्स नहीं बताना. पड़ेगा। सप्लायर नहीं देना पड़ेगा।. तो उसी आश्वासन पर उसने 20 तक इंपोर्ट. किया।. क्योंकि उसके इंपोर्ट वॉल्यूम बड़े थे और. प्राइस भी अच्छा था। वापस गया प्रिंस. प्लास्ट से एक्स और दूसरे लोगों के पास. बोला आपका सबसे अच्छा प्राइस क्या है? तो. सच कहे झूठ कहे। बोले इस प्राइस में मिल. रहा है। बोला मंजूर मैं उस प्राइस पे.
दूंगा।. तो खरीदने वाला भी चौका आ गया। कोई किसी. ने उस प्राइस पर दिया नहीं। तो पूरे साल. का माल उसी प्राइस में दिया। वो भी. इंस्टॉलमेंट में जब उसे चाहिए उस समय. देगा।. हम. नक्की हो गया। शायद सौदा पक्का हो गया।. कितना ब्याज आएगा वो सब कैलकुलेट कर लिया. था।. 20 लाख तक पहुंचा।. हम. फिर जय और उसके दोस्त उसके उसे मिलने देते. थे और और गौतम भाई हमेशा उसके साथ ट्रेन. में जाते थे।. हां। हर वीकेंड पर वो लोग जाते थे.
अहमदाबाद मुंबई से अहमदाबाद।. अच्छा. बहुत गुजराती ऐसे करते हैं। वीकेंड पर. मुंबई में ट्रेन लेते हैं रात की ट्रेन।. रात को पकड़ते हैं ट्रेन। सवेरे अहमदाबाद. पहुंचते हैं। जो भी काम है रिश्तेदार से. मिलना है वहां संडे को रह जाते हैं और. मंडे को वापस आ जाते हैं। संडे रात को. गाड़ी पकड़ के मंडे को मुंबई में आ जाते. हैं। जहां काम जहां काम होता है सब कुछ. सबका काम कार्य होता है।. तो यहां आए और गौतम भाई उन दोनों उनसे. अच्छी दोस्ती दोस्ती बढ़ाने के लिए उनके.
साथ ट्रेन में जाते थे। पर गौतम भाई अमीर. नहीं थे। वो सेकंड क्लास टिकट खरीदते थे।. और ये दोनों बंदे फर्स्ट क्लास में जाते. थे। फिर भी वो फर्स्ट क्लास में जाता था।. उनसे बात करने का बहाना करता था। टीसी आया. तो बोलता था मैं वापस जा रहा हूं। मैं. खाली इनसे बात कर रहा हूं।. और रात आती थी तो दोनों कहते थे देख भाई. तू या तो सेकंड क्लास में जा या जमीन पर. सो तेरे पास टिकट नहीं है। तो दोनों के. बीच में जमीन पर सो जाता था। और जब भी. उनके साथ बैठता था धंधे की बात करता था।.
प्लासेस की बात करता था। दूसरे देशों की. बात करता था। कहां से क्या ले लेकर आते. हैं वो देखता था। साथ-साथ में देखता था. क्या-क्या खाते हैं। किस तरह कांटा और. चम्मच यूज़ करते हैं। कौन सा नैपकिन यूज़. करते हैं। शर्ट किस क्वालिटी का है। सब. कुछ वो ध्यान देता था। क्योंकि उसे मानता. है कोई ना कोई दिन उसे भी यही यूज़ करना. पड़ेगा। तो अभी से देखना पड़ेगा कैसे यूज़. करते हैं। उसका प्लान पहले से ही था। फिर.
ऐसी ऐसी अब मुंबई अहमदाबाद में ट्रेन में. जाने के बाद एक दिन उसने बोला है मुझे. कोरिया अपने साथ लेकर चलो. कोरिया. बोला तू कहां कोरिया जाएगा बोला नहीं मुझे. जाना है भाड़ा नहीं दूंगा मुझे अपने साथ. लेकर चलो. बोले ठीक है उसको कोरिया लेकर गए गौतम. इतना खुश हो गया और अभी भी उसके पास अपने. घर में वो वीसा का एक पिक्चर है जो पहला. वीसा था देश के बाहर पहली बार गया और वो.
गया कोरिया में जब प्लेन से उतरा तो जय. भाई मुझे कह रहे थे वो जो ही उतरा तो जमीन. पर अपना सर झुकाकर उसे चूमा उसे मालूम था. उसे पैसे यहां बनने वाले हैं और वहां था. बात कर रहा था लोगों से अपना निशान छोड़ने. वाला था छोड़ना चाहता था तो सीधा 20 टन के. मैंने 200 टन का आर्डर दे दिया. फिर घर में बोला मैंने 200 टन को आर्डर. दिया भाई चौक है 200 टन कौन करेगा.
तो उसने बोला मैं करूंगा. बैंक के पास गए एलसी खोलने बैंक मैनेजर ने. कहा मैं एलसी खाली 20 टन का है 20 टन का. है 200 टन कहां से पैसे दूंगा मैं. तो बोले गौतम भाई नहीं दे रहे हो कोई. खोलता है एलसी चुप बैठो मैं आ रहा हूं मैं. एलसी खुल रहा हूं. हम. तो कौर का समझाया मैं आपको एलसी भेज रहा. हूं गया अहमदाबाद में बैंकर से मिला कैसे. उसने समझाया बैंकर को? अगले दिन 200 टन का.
एलसी खुला। उसने कोरे को भेजा। माल आया।. फिर उसने मार्केट में ऐसा धमाल धमाल मचाया. जो उसके कस्टमर नहीं थे उसको बना दिया।. नाइस।. अब जिस भाव से उसने खरीदा था कोई भी. इंडिया में उसका मैच कर 20 टन फटाफट बिक।. फिर 200 टन के बाद 2000 टन हो गए। फिर. 5000 टन।. उन दिनों प्लास्टिक से उसका सब इतना. प्रभाव हुआ कि देश में हलचल मच गई। लोग.
उसके बारे में शिकायत करने लगे। तो उसके. बाद कोई लोगों ने केस लगाया कि स्मगलिंग. कर रहा है, ये कर रहा है, वो कर रहा है।. अब जब इंपोर्ट एक्सपोर्ट करते हो ना तो. कानून एक चीज कहता है उस कानून को इस तरह. उसको कैसे थोड़ा जरा टेढ़ा कर दो।. स्मगलिंग हो जाता है। इस तरफ टेढ़ा करो तो. लीगल हो।. लीगल. और कस्टम्स ऑफिसर के हाथ में बहुत. क्या रहता है? क्या कहते हैं? डिस्कशन. रहता है।. थोड़ा सा ऊपर नीचे कर सकता है।. ऊपर नीचे तो उसको संभालना भी एक तरकीब.
रहता है।. ओके? और गौतम बुंद समझ गए कि अभी देश की हालत. और भी गंभीर हो रही है। 1990 का समय था।. देश के देश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब. थी।. पैसे नहीं थे।. हमने अपना सोना गिर भी रखा था।. और गौतम भाई ने सोचा इस समय एक्सपोर्ट में. जाना चाहिए।. हम. क्योंकि फिर जो राष्ट्र की जरूरतें हैं. मेरी भी जरूरतें हो सकती है और मेरे पैसे. ज्यादा बनेंगे हम. और उधर से उसने यह अपनाया क्या कहते हैं.
फार्मूला अपनाया जब मेरी इच्छा जब मेरी. तरकीब राष्ट्रीय तरकीब और राष्ट्रीय गोल्स. के साथ सहमत है तो तरक्की होने के चांसेस. और भी अच्छे हैं।. हां. यू शुड बी अलाइन टू नेशनल प्रायोरिटीज।. इंसेंटिव्स गॉट अलाइन। तो फिर तो ठीक है।. इफ इंसेंटिव्स एंड नेशनल नेशनल. प्रायोरिटीज़ आर अलाइन बिज़नेस इज़ गारंटीड।. उसको मालूम है गारंटी का मतलब क्या है? हम. तो एक्सपोर्ट इंपोर्ट में गया और किताब.
में लिखा हूं कैसे उसके भाई. हम. उसके बड़े भाई विनोद है।. दुबई में बैठते हैं हमेशा।. ठीक है।. ऑफिशियल कंपोजिशन नहीं है कंपनी में। पर. विनोद का बेटा जो है ही इस ओवरऑल इंचार्ज. प्रणव मडानी। ठीक है।. विनोद कह रहा था उस समय हम सब कुछ. एक्सपोर्ट करते थे। जूते हो, टूथब्रश हो, टूथपेस्ट हो जो कुछ भी हमें मिलता था. ठीक दाम पर. और विदेश में कोई मार्केट है, कोई खरीदने. वाला है हम उसको लेते थे।.
कोई भी देश में. कोई भी देश हो जहां भी कस्टमर तो है. पहुंचा देंगे। हम कैलकुलेशन करते थे। किस. तरीके से क्या भाव पे उचित रहेगा हमारा. प्रॉफिटेबल रहेगा।. खरीदोगे और उसी तरीके से उन्होंने. एक्सपोर्ट्स इंपोर्ट चालू किया। अब. एक्सपोर्ट में मैं एक चीज सीखा कि. टूथपेस्ट अगर आपको एक्सपोर्ट करना है तो. शायद ये पोर्ट से ये बंदर से अच्छा है।. आपको कपड़ा एक्सपोर्ट करना है तो वो नर. है। कस्टम ऑफिसर कपड़े को तोलना अच्छा.
अच्छी तरह जानता है।. हम. तो कौन सा पॉट किस पदार्थ के लिए जरूरी. है, अच्छा है, लाभदायक है वो उसका उसको. अंदाज मिला।. ठीक है? दिस वे ही अंडरस्टुड पोर्ट्स वेरी वेल। उस. समय एक और जानकारी उसे मिली. कि पूरी दिन पूरी दुनिया में अगर आपका. पोर्ट है पोर्ट में जहाज आने और जाने से. इतना पैसा नहीं बनता है। हां पैसा बनता है. छोटे पैसे बनते हैं। सबसे ज्यादा सबसे.
ज्यादा पैसा पोर्ट में बनता है। जब माल. आता है तो माल को स्टोर करके रखना. हम. उसको शिप पर चढ़ाना वह जो स्टोरेज का जगह. है उसमें जो भाड़ा मिलता है जो अंग्रेजी. में हम डेमारज कहते हैं. हम. उसमें चांदी उधर है. तो वो समझ गया कि पॉट लगा पोर्ट में अगर. जगह है जमीन तो आपके पैसे बच सकते हैं. हम. उस समय पॉट कुछ पर ये ये सब जो चीज है.
दिमाग में बैठ गए जो पोर्ट का. अपोरर्चुनिटी आया वो पहली चीज क्या है? उसने जमीन खरीदी. हम. क्योंकि मेन पैसा तो स्टोरेज में बनना है।. वो बाद में बात करेंगे किस तरीके से. क्या-क्या. ठीक है? पर. पोर्ट बना उसमें उसी में एक्सपोर्ट. इंपोर्ट करना था। देश ने एक्सपोर्ट ज्यादा. करने के लिए एक नया स्कीम निकाला कॉल. आरईपी लाइसेंसेस रीप्लनिशमेंट एक्सपोर्ट. परमिट्स।. ओके।. आप एक्सपोर्ट करो। कौन सा चीज आप. एक्सपोर्ट कर रहे हो उसके ऊपर? इस इस. सामान के लिए आपको इतना आरपी आरईपी.
मिलेगा। उसके लिए आपको इसका ज्यादा. मिलेगा। उसके लिए कुछ नहीं मिलेगा। वो. पूरा. ठीक है? तो वो उनहीं सामान को एक्सपोर्ट करता था. जहां आरईपी कोटाज ज्यादा मिलता था। आरईपी. लाइसेंस के परमिट्स के साथ आप जो ड्यूटी. फ्री इंपोर्ट कर सकते हैं।. हम. तो आप ड्यूटी भी बचाते हो। आरईपी का महत्व. ये रहता है कि आपके पहले पहले से ही. प्रॉफिट एक्सपोर्ट में हो गए। अब ये. एडिशनल प्रॉफिट आ रहा है क्योंकि आप. ड्यूटी फ्री इंपोर्ट कर सकते हो और ज्यादा. प्रॉफिट बना सकते हो।. तो सरकार की जो स्कीम था आरपी लाइसेंस में.
आरपी इस आल्सो ट्रेडेबल। आप बेच भी सकते. थे।. अच्छा. तो डायमंड मर्चेंट आरपी लाइसेंस बेचते थे, खरीदते थे कांस्टेंटली. वो इस देश का आरईपी लाइसेंस का राजा हो. गया।. क्योंकि आरपी लाइसेंसेस ट्रेडिंग करने. लगा।. हम. किसी को कुछ इंपोर्ट करना था उसको खरीदना. था। उसने देखा गुजरात का एक गुजरात. गवर्नमेंट का एक कंपनी थी। वो काफी. एक्सपोर्ट करते। उनको आरपी में समझ में. नहीं आया। सरकारी नौकरी थी। सरकारी नौकरी. में कुछ इंसेंटिव नहीं है। हम. तो उसने कंपनी में गया बोला बेटा भाई तू.
इतना इंपोर्ट एक्सपोर्ट करता है। तेरी. आरईपी मुझे दे दे मैं तेरे को इतना पैसा. सरकारी नौकर कभी सोचा नहीं कि इसके लिए. पैसे मिलेंगे।. तो बोला अच्छा आप जो भी पेपर वर्क खराब कर. लो. हम. तो पेपर वर्क करता था उसको पैसे देता था।. वो पूरी सरकारी कंपनी की भी आरईपी खरीदने. लगा।. उस समय रूबी रूबल का ट्रेड था। रूबी रूबल. ट्रेड का भी राजा हो गया।. ओके।. अब इस तरीके से बढ़ते.
तो उसने एक्सपोर्ट इंपोर्ट का कंपनी खोला. एंड ही बिकम वन ऑफ़ द टॉप फाइव स्टार. एक्सपोर्ट इंपोर्ट हाउसेस इन इंडिया।. ओके।. एंड द फर्स्ट कंपनी टू गो पब्लिक वाज़ द. एक्सपोर्ट इंपोर्ट। इट कॉल्ड इट वाज़ कॉल्ड. अ adानी एक्सपोर्ट्स जिसका नाम बाद में. उसने चेंज किया। इट बिकम अडानी एंटरप्राइज़. जो अभी पब्लिकेशन निकाल रहा है।. हम. उसके ओरिजिनस उस टेढ़ी में थे। अब जब. ट्रेनिंग चल रहा था उस समय एक्सीडेंटली. उसको मालूम पड़ा कि देश को देश काफी कोयला. इंपोर्ट करता है।.
ठीक है? एनटीपीसी कोयला चाहिए थे और कोल इंडिया के. पास जो प्रोडक्शन था वो उतना नहीं था. जितना कोल इंडिया को चाहिए था। तो देखा. किस किस भाव में दूसरे लोग बेचते थे कोल. इंडिया को तो बोला मैं आपको उससे भी सस्ते. में लेकर आऊंगा। मैं कोयला लेकर आऊंगा। तो. पहले ट्रेनिंग किया। फिर देखा कि. वॉल्यूम्स बढ़ रहे हैं और तो उसने. इंडोनेशिया में कोल माइन खरीदा तो माइन. उसका था शिप्स उसके थे कोयला उसका था.
बाद में जब पोर्ट का मौका मिला तो पहला. टर्मिनल जगह कोल के लिए बनाया क्योंकि कोल. भी उसका टर्मिनल था. तो सभी जगह पैसे बचाया सभी का प्रॉफिट आया. हम. और ईस्टर्न वेस्टर्न साइड में मुंदरा. वेस्टर्न साइड में था. वेस्टर्न साइड में कोल इंपोर्ट करके. ईस्टर्न साइड बेचता था फिर उसके दाम दूसरे. कॉम्पिटिटिव से कम थे. क्योंकि पूरा सप्लाई चेन उसके. पूरा सप्लाई चेन उसके हाथ था. हम. वाओ. तो इसी तरीके से वो ट्रेडर हो गया.
ओके इससे पहले ना मेरे को एक बीच में. क्वेश्चन है मैं स्टोरी ब्रेक कर रहा हूं. पर एकदम मेरे को काफी टाइम से क्वेश्चन है. कि ये बोला कि जब हमारे बिजनेस के. इंसेंटिव नेशनल प्रायोरिटी से अलाइन कर. जाते हैं तब बिजनेस बनना ही बनना है।. दैट्स अ वेरी गुड पॉइंट। तो ऐसे कैसे कर. सकते हैं कि आज के जो यंग एंटरप्रेन्योर्स. हैं जो यंग लोग हैं वो सोचे कि नेशनल. प्रायोरिटी क्या है? कहीं पे पढ़ सकते. हैं। क्या पता कर सकते हैं? नेशनल. प्रायोरिटी. देना पड़ेगा सरकार को क्या चाहिए? हम. मान लो अभी सरकार को आजकल एडिबल ऑयल. इंपोर्ट कर रहे हो।. ओके।. तो या तो आपका एडिबल ऑयल कोई कनेक्शन है.
म्यांमार में क्योंकि एडिबल ऑयल काफी. म्यांमार से आ रहा है।. या कभी-कभी पल्ससेस दाल खरीदते हैं।. वो म्यांमार से आता है या कनाडा से आता. है।. तो ये कहां दिखता है? लाइक ये पॉलिसी कहीं. पे पढ़ सकते हैं कि. वो इंपोर्ट एक्सपोर्ट नंबर्स आपको देखने. पड़ेंगे। इंडिया क्या इंपोर्ट कर रहा है? क्या एक्सपोर्ट कर रहा है? तो गवर्नमेंट क्या इंपोर्ट कर रहा है वो. देखना पड़ेगा। प्राइवेट प्लेयर्स क्या कर. रहे हैं ये देखना पड़ेगा।. चाहे प्राइवेट प्लेयर्स हो चाहे गवर्नमेंट. हो. देश में आ रहा है।. हां. इंपोर्ट हो रहा है। इसका मतलब कोई ना कोई. पैसा बना रहा है।. हम. या तो प्राइवेट बना रहे हैं पॉलिटिशियन के.
प्रॉक्सी बनने के बाद।. हां। हां. या तो सरकार खुद इंपोर्ट कर रही है। आपको. देखना पड़ेगा कितना वॉल्यूम मेरी कंट्री. में आ रहा है।. फिर देखना पड़ेगा कौन सप्लाई करता है।. फिर देखना पड़ेगा किसका प्राइस सबसे ऊंचा. है। उसको आप तोड़ सकते हो नहीं।. गॉट इट।. दिस इज सिंपल।. जस्ट जस्ट लुक एट द डेटा। क्या गवर्नमेंट. इंपोर्ट कर रहा है। क्या मतलब देश इंपोर्ट. कर रहा है और वहां पे खेलो।. तो और क्या देश एक्सपोर्ट कर रहा है? वहां. पे भी खेल सकते।. देखो एक्सपोर्ट क्या कर रहा है? पर. एक्सपोर्ट में अधिकतर क्या रहता है कि.
बंधे हुए हैं। अगर मैं कंपनी हूं हम. और मैं पंप्स बेच रहा हूं। पंप्स. एक्सपोर्ट कर रहा हूं तो मेरा ट्रेडर है. जो पंप्स जानता है।. जिसके पास कनेक्शन है बाहर मैं दूसरे के. पास नहीं जाऊंगा।. हम. तो उसमें थोड़ा एक्सपोर्ट में थोड़ा थोड़ा. कॉम्प्लिकेशन रह सकता है।. पर इंपोर्ट्स में इतना कॉम्प्लिकेशन नहीं. है। पहले इंपोर्ट्स करो उसके बाद. एक्सपोर्ट करो।. हां पैसे बना लो फिर देख लो अपने आप. रास्ते।. पैसे आ जाते हैं। कनेक्शंस आ जाते हैं।. कस्टम से इंपोर्ट कस्टम से कनेक्शंस हो. जाते हैं। तो बहुत कुछ कर सकते हो। गुड।. ठीक है। सो नाउ गेट बैक टू कोल।.
अभी कोयला कर रहा था।. हां।. उस समय वो काफी मशहूर हो गया कि ये. जबरदस्त ट्रेडर है।. हम. कुछ भी ले सकता है, कुछ भी दे सकता है।. तो दुनिया में सबसे बड़ा कमोडिटी. एक्सपोर्ट इंपोर्टर है कारगिल।. हम. तो कारगिल ने उसके बारे में बहुत सुना। तो. कारगिल के लोग आए गौतम अडानी से मिलने के. लिए। बोले हमने सुना कि आप बहुत ट्रेडिंग. करते हो और कुछ भी निकाल सकते हो देश में. से।. बताओ ना क्या काम है? तो देखो हमें नमक.
चाहिए।. पूरी दुनिया में नमक बेचना है और सबसे. सस्ता नमक कच्छ में बनता है। हम. आपको मालूम है गांधी जी का कच्छ मार दांडी. मार्च हां. सौराष्ट्र कच्छ में सबसे अच्छा नमक सबसे. सस्ता में नमक बनता है।. हम. साल्ट पैन बहुत है उधर और जो पानी है उसकी. जो सलाइन क्वालिटी है उससे ज्यादा नमक. नमक बनता है।. तो बोला हमें इतने मिलियन टन्स चाहिए। आप. कर सकते हो. किस भाव में? तो दोनों बैठे हैं बस.
कारगिल ने एक्सपोर्ट अपोरर्चुनिटी दी इसको. अब गौतम को बोला हम इतनाोर्ट आपसे. खरीदेंगे. आप दे सकते हैं इतने मिलियन टन्स तो दोनों. ने अपना हिसाब किया बोला इस बाय प्राइस. में बेच सकते हैं कार के लिए बोला अच्छा. तो गौतम भाई ने बोलो कौन सी दरगा कौन से. पोर्ट में आपको भी देना है. तो एक तो कांडला था और दूसरा जेएनपीडी था. और कच्छ से कांडाला लेकर गए तो इतना पैसा. पर उधर रोड्स इतने अच्छे नहीं थे कच्छ से. जेएलपीटी आए तो रेलवे लाइंस है पर खर्चा.
ज्यादा होगा। हम. तो जब कारगिल सोचने लगा बोला अच्छा हमें. एक 101 दिन दो हम पूछताछ करके आएंगे।. कारगिल ग्लोबल प्लेयर था उसके पास काफी. कनेक्शंस थे। एक कनेक्शन था कोई नेटो का. क्या कहते हैं नासा का साइंटिस्ट हम. और नासा के पास मैप्स थे. हम. तो साइंटिस्ट को बोला आप ये नैप मैप्स. देखो कहां सबसे अच्छा एरिया हो सकता है तो. नासा ने जो कोस्टल लाइन इंडिया की जो का.
जो स्टडी किया उन्होंने बोला देखो ये जगह. है मुंद्रा वहां डेप्थ सबसे ज्यादा है और. करंट्स जिस तरीके से आते जाते हैं उधर. ड्रेजिंग भी बहुत कम की जरूरत. यहां सबसे अच्छा आपका जेटी बन सकता है। हम. तो कारगिल आया गौतम के पास बोला देखो हमें. हमारे हमारे इंफॉर्मेशन के मुताबिक. मुंद्रा में एक अच्छा जेटी बन सकता है। तो. गौतम भाई गए कच्छ उसका एरिया था। मुंद्रा.
गए बोला अच्छा जहां है। बोला चलो बनाएंगे. जटी। 50-50. ये पहली बार था जब गौतम अडानी ने 50-50 का. गेम खेला।. ओके। उसके जो भी पार्टनर्स है अधिकतर 50. है 49 51 नहीं है 76 24 नहीं है और कई. इंडस्ट्रियल इवन 76 24 रिलेशनशिप संभालना. बहुत मुश्किल समझते हैं और ये रहा गौतम. बोला 50-50. उसका कारण ये बहुत ही सिंपल था आपके पास.
नॉलेज है मेरे पास ये देश के कनेक्शंस है. हम दोनों इक्वल रहना चाहिए आपकी भी कंपनी. है मेरी भी कंपनी है दोनों संभालेंगे और. उसका नतीजा जो बेनिफिट्स मिला उसको बाद. में वो बाद में बताएंगे पर बहुत बेनिफिट्स. है एंड गौतम अडानी इस द ओनली. इंडस्ट्रियलिस्ट इन इंडिया जहां 50-50 की. बात करते हैं। ओके. एक जगह नहीं कई जगह. ठीक है. अब 50-50 की बात हुई जेटी बनाने में 100.
करोड़ जाते जाने जाने वाले थे तो काता ने. बोला ठीक है हम 50 करोड़ लेकर आएंगे. हम. कैसे उसने 50 करोड़ लाया क्योंकि उसके. एक्सपोर्ट ट्रेनिंग विनोद भाई दुबई में. रहते थे तो कितना पैसा बाहर रहता था. क्योंकि ट्रेनिंग बाहर की कंपनी से हुई तो. उसका पैसा लीगली बाहर ही रहता है. किसी भी तरह से 50 करोड़ का बंदोबस्त हुआ. कोई शायद इनफ्लुएंशियल लोग भी शामिल होंगे. पर प्लान्स हो गए साइन हो गया डॉक्यूमेंट. तैयार हुआ और दोनों काम चालू करने लगे.
जेटी बनाने. अकस्मात उसी समय. जॉर्ज फर्नांडिस अपने स्पोर्ट्स मिनिस्टर. बन गए यूनियन स्पोर्ट्स मिनिस्टर. और जॉर्ज फर्नांडिस क्योंकि देश की आर्थिक. स्थिति बहुत ही गंभीर थी. उन्होंने एक नया पॉलिसी निकाला कि स्टेट. पोर्ट्स कैन नाउ इनवाइट 100% एफडीआई इसका. मतलब 100% इक्विटी फॉरेन पार्टी के साथ रह. सकती है। पुरानी पॉलिसीज थी कि फॉरेन. पार्टीज कैन नॉट ओन मेजोरिटी टेकन इंडियन.
पॉलि. या. और 26% से ऊपर जा नहीं सकते. हम. अचानक ये पॉलिसी से आए कि स्टेट पार्ट. 100% आप ले सकते तो कारगिल ने सोचा अरे. कारगिल अपना चट्टी तो हम खुद ओन कर सकते. हैं।. हम. तो गौतम के पास गए बोले देखो भाई 100% ओन. कर सकते हैं। अभी आप तो हमारे मित्र हो।. आप अपना इक्विटी हमें दे दो। हम 90% ऑन. करेंगे। आप 10 11 अपने साथ. गौतम भाई रहता है। अद भाई सौदा सौदा रहता.
है। जबान जबान रहती है और अपने पास. एग्रीमेंट भी है।. हम. ये नहीं चलेगा।. तो कारगिल ने कहा हम आपसे काम नहीं. करेंगे। हम पूरा 100% रखेंगे अपने साथ।. हम. बोला ट्राई करो।. और वो गए चीफ मिनिस्टर के पास हम. देखो आप फॉरेन मिनिस्टर लाने वाले हैं।. आपका गौतम तैयार नहीं है। तो मुख्यमंत्री. उस समय चमन भाई पटेल थे। देखो भाई ये सौदे. की बात है। आप दोनों से नक्की करो। अपने.
में सट्टो मुझे बीच में मत डालो।. कारगिल को भी जवाब अच्छा नहीं लगा।. वो गया जॉर्ज फर्नांडिस के पास। हम. बोला पैसे लाने के लिए तैयार के पॉलिसी और. ये सरकार और गौतम अहरानी अपने हमें नहीं. दे रहे हैंोर्ट. जेटी. तो जॉर्ज फर्नांडिस ने चिट्ठी लिखी. उस समय चीफ मिनिस्टर को. हम. तब तक शायद चीफ मिनिस्टर केशवाई पटेल हो. गए. हम. और उनको बोला कि देखो यहां पैसे आ रहे हैं. आप क्यों नहीं दे रहे हो.
हम. तो जो भी चीफ मिनिस्टर था वो सीधा चिट्ठी. लिखा. ने बोला ये स्टेट का मामला है आप बीच में. मत पड़िए।. अब जॉर्ज फने की बात शशांकी आदमी था। बहुत. गुस्सा खाया। मेरी बात टालते हैं।. हम. और मैं यूनियन मिनिस्टर हूं। तो कार छोड़ो. उनकी बातों मैं आपको पूरा टर्मिनल कांडला. में दे दूंगा। कांडला इज अ यूनियन पोर्ट।. हम. कुछ नहीं कर सकते लोग।. कांडला इज अ. कांडला इज अ यूनियन पोर्ट।.
ओके।. सरकार में सेंट्रल सरकार में. इट इज़ अ बिग पोर्ट। वहां टर्मिनल मिलना. जैसे जेएनपीटी में टर्मिनल मिलना बहुत. बड़ी चीज है। 100 गुना ज्यादा प्रॉफिटेबल. है। तो कारना चाहिए ये तो अच्छा है। तो. सीधा गौतम भाई से वी आर नॉट वर्किंग विथ. यू आर गोइंग टू कांडला। तो कांडला गए।. वहां जब बात चल रही थी और डॉक्यूमेंट बना. रहे थे। उसी तरह कांडला में स्ट्राइक हुआ।. स्ट्राइक 5 साल रहा।. रियलाइज ही कुड नॉट सेट अप द पोर्ट एंड. टेक अ टर्मिनल कांडला।.
हाथ जोड़ा निकल गया देश से और फिर जब निकल. गया तो गौतम अडानी ने सरकार स्टेट सरकार. को बोला देखो हम ये बनाना चाहते हैं आप. 26% लो हम 74% लेंगे लेट्स डू टगेदर. हम. सरकार ने मंजूर किया हो गया चालू किया तो. पोर्ट चालू हुआ. मुंद्रा. मुंद्रा चालू होने वाला था जब तैयार हुआ. उसके पीछे भी कसा है दो मिनट के बाद. बताऊंगा. हम. जब तैयार हुआ तो गौतम अरानी ने सरकार के. पास वापस गया देखो आपने ₹1 शेयर.
लिया मेरे से मैं अभी आपको 260 दूंगा आप. अपना 26% मुझे दे दो. सरकारी गरीब. 100% ओनर हो गए. एंड आफ्टर दैट इट बिकम ह पॉट इट इज़. परहैप्स द बिगेस्ट पॉट द मोस्ट प्रॉफिटेबल. पोर्ट इन इंडिया. अभी मैंने कहा गौतम ट्रेडर है. हम. उसका सबसे बड़ा ट्रेडिंग कमोडिटी था कोल.
हम. जब पॉट बनाया तो पहला कहा देखो पोर्ट में. शिप्स आने चाहिए. शिप्स आने चाहिए तो शिप्स दूसरे बहुत बहुत. लोगों ने कहा है हम बनाए पोर्ट वन पर गौतम. ने फेस किया कि मैं किसी लाइनर को नहीं. दूंगा क्योंकि वो अपनी शिप्स ही वो लाएगा. हां. मुझे लाइनर नहीं चाहिए मुझे ऐसा बंदा. चाहिए जो सभी शिप्स ला सके तो उसने पीएनओ. से साइन किया. ओके. अनफॉर्चूनेटली फॉर गौतम भाई पीएनओ इटसेल्फ.
वास सोल्ड. टू दुबई पोर्ट वक्स हम. तो दुबई मालिक हो गया. फिर भी दुबई ने पहला टर्मिनल बनाया और. पहला टर्मिनल बनाया उसने डीपीडब्ल्यू ने. बोला देखो तुम्हारा बिनेस नहीं आएगा बिनेस. के लिए पहला टर्मिनल बनाओगे वो कोल पर बना. हम. तो डीपीडब्ल्यू बोला ठीक है तो कोल के लिए. पहला टर्मिनल बना तो अचानक क्या हुआ कि. उसको डीपीडब्ल्यू परसेंटेज देता था बिज़नेस. का क्योंकि. ही वाज़ अ कंसेशनर ऑफ़ गौतम अडानी.
तो उधर से पैसे बन रहे थे। कोल्ड ट्रेडिंग. से पैसे बन रहे थे। उसने शिप शिप्स या. चार्टर बेसिस पर. तो धीरे-धीरे अपने खुद के शिप्स लगा दिए।. हर एक जगह उसको पैसे मिलेंगे।. हम. जब धंधा बढ़ने लगा तो उसने कोल माइन खरीदा. इंडोनेशिया में।. हां।. इंडोनेशिया कोल माइन की कैपेसिटी है 300. मिलियन।. हम. और इंडिया की इंपोर्ट रिक्वायरमेंट हर साल. है अबाउट 100 मिलियन।. हम. फिर भी वो 100% तो नहीं ले सकता था। तो कम. से कम 200 मिलियन 200 थाउज टन्स हर साल.
उसका बिजनेस चलता था सरकार के साथ. ओके वन फ ऑफ़ इंडिया इंपोर्ट्स केम वर्मा. हम. एंड थ्रू मुंद्रा जब पोर्ट चालू हुआ जब. पोर्ट बनने वाला बाला बाला. तो पहला पोर्ट टर्मिनल वो सब खर्चा किया. था अपने पीएलओ ने हम. अब दुबई पोर्ट वास. हां. अब जो दूसरा पोर्ट बनाने वाला था दूसरा. टर्मिनल बनाने वाला तो सभी कॉन्ट्रैक्टर्स. को बुलाए सभी डिजाइनर्स को बुलाए। सब ने.
बोला 6000 करोड़ करीबन जाएगा। 6000 करोड़. उसके पास थी नहीं। तो जब चले गए तो अपने. मैनेजर को बोला मेरे पास 6000 करोड़ मेरे. पास है। 100 200 करोड़ का मामला है। मैं. कर सकता हूं। तो अभी आप पोर्ट को वापस. रीडसाइड करो। कहां से सबसे ज्यादा पैसा. बनेगा? ओके।. खाली उस पर कंसंट्रेट करो। पूरा पोर्ट मत. बनाओ। एक जेट बनाओ चलेगा। तो पहला पहले. कोल बनने वाला था। हम. उसके बाद फर्टिलाइजर फूड कॉरपोरेशन ऑफ. इंडिया को गेहूं चाहिए था ग्रेंस चाहिए था.
तो ग्रेंस के लिए फैसिलिटी बना दिया उसके. बाद एडिबल ऑइल्स इंपोर्ट करने लगा तो उसके. लिए फैसिलिटी बना दिया तो पहले जो चीज थे. वो वही चीजों का बनाया जो वो खुद ट्रेडिंग. कर रहा था इसके लिए वो पोर्ट में शुरुआत. से ही धंध बिनेस चालू हुआ शुरुआत से ही. प्रॉफिटेबल रहा. बहुत पोर्ट्स 10-10 साल तक प्रॉफिट नहीं. बनाते उसका प्रॉफिट पहले दिन से बनने लगा. और वो प्रॉफिट जा रहे थे वो वापस उस. बिजनेस में डाल रहा था और पोर्ट को.
धीरे-धीरे बढ़ा. बड़ा करता था।. अच्छा अब पोर्ट बनाने में आपको ड्रेजिंग. करना पड़ता है।. हम. पूरी दुनिया में ड्रेजिंग के लिए लोग. ड्रेजर्स हायर हायर पर लेते हैं क्योंकि. साल में तीन महीने का काम है। 9 महीने. ड्रेज बेकार रहता है।. हां. तो आप ये जनवरी फरवरी जनवरी से मार्च लोगे. तो मैं अप्रैल से जून तक लूंगा। एंड ईच वन. वर्क्स आउट ह टाइम।. ड्रेजिंग मतलब क्या होता है? ड्रेजिंग मतलब जमीन में से जो मिट्टी आती. है. उसको हटाना है।. अच्छा. कि डेथ उतना ही रहे। शिप्स अटक नहीं जाए।.
गॉट इट।. तो. गौतम भाई ने ड्रेजिंग का ड्रेजिंग लीज़ पर. लेना चाहा। उस समय खाली एक ही कंपनी थी. ड्रेजिंग में। ड्रेजिंग कॉरपोरेशन इंडिया. सरकारी कंपनी थी। बोला आपको दो-ती महीना. रुकना पड़ेगा। मेरे पास दो-ती महीना टाइम. नहीं है। मेरा इंटरेस्ट जा रहा है।. हम. तो अपने लोगों से बोला डजर खरीद लो। तो सब. बोल वो तो 500 करोड़ कम से कम 100 करोड़. का कॉस्ट है। हम उसको अफोर्ड कर सकते हैं।.
बोले सेकंड खरीद लो। देखो खरीद लो।. फिर कहां पर लगाओ? कहां पर लगाया? पर तीन महीने के बाद उसके. लिए धंधा ढूंढो। तुम्हारा काम क्या है? तो ड्रेचर को इंपोर्ट किया। अपना काम हुआ. 9 महीने तक दूसरों को देने लगा। जिनको. जिनको ड्रेचर चाहिए था। एंड द ड्रेजर बिकम. अ बिनेस ऑफिस फिर दूसरा ड्रेज लिया फिर. तीसरा ड्रेजर लिया 100 ड्रेज है ही बिगर. देन एनीवन एल्स इन द वर्ल्ड इनजी.
अच्छा वो क्या तो उसने देखा कि पोर्ट को. एक और टर्मिनल बन सकता है फिर दूसरा. टर्मिनल बन सकता है और जब ये बात चल रही. थी वो सिंगापुर गया सिंगापुर में एक और. ट्रेडर से मिला उसका नाम है कोक. हम. कोक हुन होंग. हम. कोक हंग इज अ मलेशियन ऑफ चाइनीस रिसेंट. एंड उसको मिला. वो एडिबल ऑल साहब का सबसे बड़ा ट्रेडर था. दुनिया ये ईस्टर्न वर्ल्ड में. ओके. तो बोला आप मुद्रा में क्यों नहीं करते हो. एक एडिबल और कंपनी तो.
को अच्छा लगा लड़का में वो. दम है. दम है और पेट में आग है भूख है वो काम. करेगा तो मुंद्रा गया उससे मुंद्रा तैयार. नहीं था रोड भी अच्छे नहीं थे गया चार दिन. में एग्रीमेंट साइन हुआ 50-50. ओके. और उसने वहां एडिबल ऑल फैक्ट्री चालू. किया।. दैट इज adानी विलmार जो लास्ट ईयर पब्लिक. गई. और adानी विलमार हैज़ बिकम द लार्जेस्ट.
एडिबल ऑल कंपनी इन इंडिया।. या. अभी एडिबल वाला आने लगा तो क्योंकि उसके. लिए. अलग टर्मिनल बनाया कि एडिबल वाला जल्दी. निकले कि शिप ज्यादा टाइम नहीं रुके पोर्ट. पर और डिमारज ज्यादा नहीं जाए।. हम. भाड़ा ज्यादा नहीं जाए। तो उसके लिए उसने. बड़े-बड़े पंप्स लगाए। तो पहले 100 टन्स. पर डे इवाकुएशन था। आज 500 टन्स पर डे. निकाल सकता है।.
ओके तो उसने इन्वेस्टमेंट्स किया एडिबल. ऑयल पर। उसके साथ उसको एडिबल ऑयल की. फैक्ट्री थी। साथ-साथ में उसको मालूम था. सरकार को ऑइल इंपोर्ट करना पड़ता है।. क्रूड ऑयल इंपोर्ट करना पड़ता है।. अब क्रूड ऑयल में सरकार कभी-कभी जेएनपीटी. से लेती थी।. हां। तो उसको किसी भी तरीके से बनाना था. मुंदरा में तो उसने तरकीब सोची वहां एक. ऑयल टैंक फार्म बनाया. उसके लिए मित्तल जो आर्सल और मित्तल है ना. हां. उसको बुलाया. एलन मित्तल को. बोला आप यहां टैंक फार्म बना दिए मैं आपको.
सस्ते में जमीन दूंगा. हम. बाड़े पर. तो बड़ा ऑयल टैंक फार्म बना दिया फिर. इंडियन ऑयल को बोला देखो ऑयल टैंक फार्म. है आप इधर से ले लो ना कम भाव में मिलेगी. आपको तो इंडियन ऑयल ठीक है लिया तो अडानी. को एक और आईडिया सू आया उसने सीधा एक. पाइपलाइन बनाया मुद्रा से भटिंडा तक जहां. इंडियन ऑयल था रिफाइनरी था तो ऑयल टैंक. फार्म से सीधा ऑयल जाता है भटिंडा में अभी. ऑयल इंडिया किसी और से लेना नहीं चाहता. क्योंकि उसका पूरा सेटिंग.
माइंडसेट है. तो उसका इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से सरकारी. का सरकार को ऑयल चाहिए था अगेन नेशनल. इंटरेस्ट विद बिनेस इंटरेस्ट फूड ग्रेन. फूड कॉरपोरेशन नेशनल इंटरेस्ट बिज़नेस. इंटरेस्ट, कोल, नेशनल इंटरेस्ट, बिज़नेस. इंटरेस्ट, सब. हम. और थ्री बिग बिज़नेसेस केमप टू 15. हम. अब जो तीन बिज़नेस आ गए पंप्स चलाने के लिए. आपको या तो डीजल यूज़ करना है या. इलेक्ट्रिसिटी यूज़ करना है। डीजल महंगा. रहता है. हम. उसने चलो एक इलेक्ट्रिसिटी बाय पास स्टेशन.
लगा। तो पहला था 100 मेगावाट का। फिर जब. तक हो रहा था हम तीन अलग-अलग वो टर्मिनल्स. बना रहे हैं। 300 का कर लेंगे।. और सरकार पैसे देगी मतलब बैंक्स पैसे. देंगे तो केवी कामत से मिलने गए तो बोला. हम दो300 मेगावाट के प्लांट्स लगाने वाले. हैं अपना ये बिज़नेस है ये कैप्टिव है ये. कैश फ्लोस है कामत कहा बोला ठीक है नो नॉट. अ प्रॉब्लम आई थिंक इट्स अ गुड वी विल टेक. इट अप. हम. तो जॉइ उसने कहा बिल गुड टेक इट अप बाहर.
अपने फाइनेंस मैनेजर बोल रहा है डबल कर लो. 600 कर लो. वो खाली आधा दिखाता है कितना उसका प्लान्स. किसी को मालूम नहीं जब सौदा होता है तो उस. समय डबल कर देता है।. तो उसने सीधा पावर स्टेशन लगा दिया।. पावर स्टेशन लगा दिया तो उसका पावर कॉस्ट. नीचे कम कम हो गया। सीधा डीजल के मतलब वो. सीधा अपना पार यूज़ कर रहा था।. पावर स्टेशन लगाने के लिए उस समय भेल लगा. रहा था चार साल सप्लाई के लिए।. तो उसको मालूम चाइना दे रहा है तीन महीने. में।.
तो चाइना से सौदा किया। और कंडीशन था. चाइनीस के इंजीनियर सब यहां आएंगे। जब तक. प्लांट फंक्शनल नहीं होगा तब फिर पैसे. नहीं मिलेंगे।. चाइनीस दिन रात यहां काम किए। जब फंक्शनल. हो गया पैसे उनको मिल गए। चाइना खुश, इंडिया खुश।. और वहां पूरी चाइनीस की बस्ती थी उस समय. अपने झगड़ों से पहले थी।. 1990 जब कोई झगड़ा नहीं था। डोकला नहीं. हुआ था उस समय।. ओके।. और तो उस समय क्योंकि बड़ी चाइनीस बस्ती.
थी। वर्कर्स यंग रहते हैं। तो कई लड़की से. मिले। दो तीन शादियां भी हो गई बहुत. धूमधाम से। हम. पर वैसा माहौल हो गया था।. ओके. तो सबसे बड़ा जो चाइनीस का. परचेसर था टेक्नोलॉजी का वो पा स्टेशन का. वो. अडानी बन गया।. फिर धीरे-धीरे जब उसके प्लान्स बड़े-बड़े. हो गए एंड ही वांट टू गो सुपर क्रिटिकल. यूएमपीपीस उसके बाद जर्मनी के पास गया।. अब उस समय अभी 600 मेगावाट का प्रोजेक्ट.
था। फिर 112 1200 1300 का हो गया। 1340 का. हो गया। तो उसका था अभी मुझे 6000 का सुपर. क्रिटिकल उसमें खर्चा कम रहता है पार्क. सस्ता रहता है हम. वो लगाना है तो सरकार का एक टेंडर आया. मुंद्रा के लिए तो उसने बैठ गया पर टाटा. उस बीट को छीन गया. हम. तो उसके मैनेजर बहुत उदास थे. हम. बोला अभी क्या करें बोले जो हो गया हो गया. छोड़ो पर गौतम अपने रूल बुक के पास गया जो. सरकारी रूल्स है सब पढ़ने लगा उसने देखा.
सरकारी रूल में एक और फैसिलिटी है केस टू. टाइप. केस टू में अगर जमीन आपकी है पैसे आप लोगे. सरकार से कुछ पैसे नहीं लोगे और आप पीपी. असाइन कर सकते हो किसी सरकार के साथ तो आप. पांच स्टेशन लगा सकते हो लाइसेंस के बिना. हम. तो गौतम भाई एकदम तैयार था बोला मैं जमीन. तो मेरी है ही. पैसे हम लगा सकते हैं अभी पीपीएस ने. गुजरात से बोला हमारे पास पावर डेफिनेट आप.
आप महाराष्ट्र खरीद रहे हो मैं आपका. पार्सल और भी सस्ता दूंगा ूंगा आप पीपीएफ. मुझ से साइन करो. हम. गुजरात ने साइन किया और दूसरे दिन जितना. टाटा का पावर प्लांट था उससे उससे थोड़ा. बड़ा गौतम भाई का प्लांट आ गया तो मुंद्रा. में दो यूएमपी पे आ गए. हम. उतना ज्यादा कोल आया उतना ज्यादा धंधा कोल. में आया उतना ज्यादा धंधा पोर्ट में आया. उतना ज्यादा धंधा पावर. और पार्ट ट्रेडिंग में आया. फिर उसके बाद उसके पास जजेस थे.
पोर्ट था. फिर दहेज. उसने एलएनजी टर्मिनल चालू किया। उसने. मालूम था इस देश को एलएनजी की बहुत जरूरत. होगी।. मुगल में बहुत धुआ निकलता है।. धीरे-धीरे पूरा देश गैस की तरफ जाएगा। तो. एक एलएजी स्टेशन वहां लगाया। फिर दो तीन. एलएनजी स्टेशन देश में लगाया। हर एक जगह. पोर्ट बनाया। आज उसके पास 12 पोर्ट है और. अभी ये दो साल में 14 हो जाएंगे। इंडिया. में अब उस समय एक और चीज आपको याद रखना. जरूरी है।. हम.
टाटा और लासन टू ब्रो. हम. 10 साल पहले सोचा हम भी पोर्ट बनाएंगे।. ओके. हमारे पास जमशेदपुर प्लांट है उसको पोल. चाहिए।. तो उन्होंने बोला चलो हम पोर्ट बनाएंगे. ओसा में। तो डामरा में उन्होंने पोर्ट. बनाना चालू किया। बहुत हेजिटेशन हुआ। आप. टर्टल्स का ब्रीडिंग ग्राउंड है उसको. बर्बाद करोगे। पर बाद में पांच साल कोर्ट. केस चला फिर जीत गए और पोर्ट बनाए पोर्ट. बनाए लास्ट जैसे कंस्ट्रक्शन और टाटा जैसा.
हैवी दोनों बहुत बड़े. पोर्ट चलाया चार साल के लिए चलाया. प्रॉफिटेबल नहीं हुआ. कैसे पोर्ट चलाना चाहिए किस तरीके से. लॉजिस्टिक्स आना चाहिए उनके उनके बस की. बात नहीं थी आखिर में अपने गौतम भाई को. बेच दिए गौतम भाई को बेच दिया अगले साल से. प्रॉफिट आया. तो एक बात बताओ. हां. कि पोर्ट में तो मान लो कि गौतम भाई को.
महारथी हासिल थी। उनको पोर्ट चलाना आता. है। लेकिन वो जो बिज़नेस हाथ लगाते हैं वो. सब कैसे चला लेते हैं? क्योंकि हर हर किसी. को हर बिज़नेस चलाना थोड़ी आता है।. देखो वही खूबी है 50-50 रेश्यो में।. हम. अब विलमार कैसा है? 50-50 क्या है? अब. विलमार तेल जानता है।. हम. कौन सा आदमी अच्छा रहेगा एम्प्लई के जैसे. विलमार चुनता है।. हम उसका सैलरी नेगोशिएशन विलमार करते हैं।. बट टेक्निकल इवैल्यूएशन. वर्क इवैल्यूएशन विलमार करता है।.
नॉलेज विलमार है।. नॉलेज उसके पास है। किस तरीके से प्लांट. चलना चाहिए। किस तरीके से आदमी को. सिलेलेक्ट करना चाहिए वो उसके पार्टनर का. काम है. और. क्योंकि प्लांट पार्टनर का भी है. हम. तो जहां भी जाता है उसका पार्टनर उसको मदद. करता है. बाकी हर जगह क्योंकि लॉजिस्टिक्स उसका गेम. है डिस्ट्रीब्यूशन उसका. जो पार्टनर के पास 24% मैं क्यों काम करूं. आप अपने आप का काम है ना आप 76% ओनर हो. यहां उसका 50 टका लगा है. हम.
तो सारे बिनेस में ऐसा है. अधिकतर अधिकतर. कोई कोई बिनेसेस है जहां उसके पास उसने. अलव नहीं किया है। अ स्पोर्ट्समैन किसी से. शेयर नहीं करता है। वो उसका बिज़नेस है।. उसको आता है।. पावर में भी उसका ही है। बाहर के. पार्टनर्स नहीं है। सोलर पावर में उसके. पास है। टोटल के साथ 50-50. हम. डाटा डाटा मैनेजमेंट पर है। आईकॉन नेक्स्ट. के साथ 50-50. गैस डिस्ट्रीब्यूशन आईओसी के साथ 50-50.
बाकी सारे 50-50 के। ओके। तो ये पावर भी. इनके हाथ में हो गया। अब adानी ग्रुप. कितना बड़ा है? काफी काफी बड़ा है।. तो अब मेजर उनके टॉप 10 बिनेसेस कौन-कौन. से हैं? सबसे बड़ा है पोर्ट्स।. आज भी. पावर फिर सोलर. रिन्यूएबल एनर्जी।. बट सोलर. सोलर इज़ प्रॉफिटेबल टुडे? नो। सोलर इज़. इन्वेस्टमेंट वाइज सबसे बड़ा है।. इन्वेस्टमेंट सबसे बड़ा है।. एंड ही हैज़ पी पीपीए विथ द सरकार तो. प्रॉफिट है।. हां एक दिन बन जाएगा। नहीं प्रॉफिटेबल है।.
पीपीए इज अ एक बार आप आपने इन्वेस्ट नहीं. किया। मान लो 100 करोड़ इन्वेस्ट किया. हम. और सरकार आपका आपका पावर ले रही है ₹2 या. ₹5 ₹1 में ले रही है तो वो नक हो गया। वो. कैश फ्लो है। एनुअटी 20 साल के लिए आपको. परवाह नहीं करनी पड़ेगी। आज नहीं आएगा तो. कल आएगा। तो आप इंटरेस्ट बिल्ट इन है। सब. कुछ डेप्रिसिएशन बिल्ट है। प्लांट कॉस्ट. बिल्ट इन है।. आप खाली एक साल का मत देखिए। आप 20 साल का. देखिए।.
जब पीपी असाइन होता है आप एक दो साल के. लिए पीपी नहीं साइन करते आप साइन करते हैं. 10 साल के लिए हम. तो आपका जो प्रॉफिटेबिलिटी है 10 साल में. देखना पड़ेगा. सो ये पोर्ट्स हो गया पावर हो गया आपका. सोलर हो गया. गैस डिसोल्यूशन हो गया. गैस हो गया ऑइल एडिबल ऑइल हो गया. एडिबल ऑयल हो गया. और कौन से एयरपोर्ट्स. अभी एयरपोर्ट्स एयरपोर्ट्स अभी शुरुआत की. है. अब बॉम्बे तो प्रॉफिटेबल पहले ही था. हां. तो ज्यादा पैसे डालेगा अब नया एयरपोर्ट. बना रहा है तो ज्यादा पैसे डालेगा बाद में. उसका तो आ जाएगा बस वो कैश फ्लोस देखता है.
हम खासियत क्या है सर गौतम अडानी में भी. देखो उसके दो चीज़ है एक अपने लोगों से. कहता है. डोंट टू गेट द मार्केट कितना मार्केट शेयर. होगा उसके बारे में भूल जाओ. आप अपना कॉस्ट देखो आपका कॉस्ट दूसरों से. नीचे है नहीं मार्केट अपने काबू में नहीं. है पर कॉस्ट कंट्रोल अपने काबू में है. फोकस ऑन कॉस्ट आपका कॉस्ट नीचे रहा आपको. आपकी तरक्की होगी।.
ही इज़ रूथलेस इन कॉस्ट।. सबसे सस्ता मुझे चाहिए।. सबसे जहां भी कॉस्ट कट कर सकता है वो कट. करेगा।. दूसरी. रिलेशनशिप्स रखो। कभी तोड़ो नहीं। तीसरा. नेवर गो पब्लिक। जब तक आपके प्रॉफिट नहीं. बनने लगे। पब्लिक पर लॉस मेकिंग यूनिट कभी. मत डालो।. पब्लिक पर एक प्लंड प्रोजेक्ट मत डालो। हम. अपना खर्चा करो। प्रॉफिट्स बनाओ। आपका.
वैल्यू्यूएशन भी अच्छा रहेगा। इन्वेस्टिंग. तो पब्लिक भी खुश रहेगी।. चार पांच बार तेरी एंड ओके नाउ अ लिटल. डिफरेंट क्वेश्चन कि. डू यू थिंक कि अडानी में कुछ गलत भी है।. कुछ गलत कर रहा है। या कोई ऐसा पॉइंट है? गुड क्वेश्चन। देखो गलती तब रहती है जब. आपको आप उदास हो जाते हो। हम. आपको लगता है यह नहीं किया जा करना चाहिए।.
गौतम भाई डस नॉट बिलीव इन रिग्रेट्स. ही डस नॉट बिलीव दैट इज़ अ मिस्टेक। एव्री. मिस्टेक इज़ एन ओपोरर्चुनिटी।. मानते नहीं है कोई गलती हुई।. अगर उसका कोई ट्रेडर है उसका एंड दिस इज़ अ. ट्रू स्टोरी। एक ट्रेडर ने कम से कम 50. करोड़ का लॉस लगा है। एक ट्रेड पर. सब लोग उसे कोसने लगे और आदमी उदास. राजीनामा दे दिया।. बहुत बार बुलाया उसे उसे मैंने कहा आदमी.
अच्छा है। दिल का साफ है। बोला क्यों? 50 करोड़ खवा है। और अपना पूरा. एक्सपीरियंस मेरे खर्चे पर कर रहे हो। तुम. इधर ही काम करोगे। 50 करोड़ तुम वसूल. करोगे। कैसे वसूल कर रहा है आपको कितना. पैसा ज्यादा मिलना चाहिए मेरा काम. ही विल गिव मोर ओपोरर्चुनिटी टू दैट मैन. सो दैट ही कैन नॉट ओनली मेक मनी फॉर. हिमसेल्फ ही कैन मेक मोर मनी फॉर द कंपनी.
देयर इज़ नो सच थिंग एज अ बैड डिसिशन. इफ देयर इज़ अ बैड डिसिशन इट्स ओनली अ. टेंपरेरी बैड डिसिशन ही विल कट इट ऑफ. इमीडिएटली जैसे. वो आशा पूरा ग्रुप के साथ एलुमिनियम बनाना. चाहता था 1990 में काम चालू हुआ प्लान था. 10,000 करोड़ डालने का डालने का गौतम. अडानी समझ गए दो महीने में ही कि ये नंबर. वन नंबर टू देश में बनने वाला नहीं है और.
उसका प्लान खाली उस समय उसका उसका एक. डिसिशन है अगर मैं नंबर वन या नंबर टू. नहीं बन सकता देश में मैं नंबर तीन तक. जाने के लिए तैयार हूं उससे कम रहेगा तो. मेरे दिल में मुझे यह कंपनी नहीं चाहिए. तो देखा है नहीं होगा।. बहुत मैनेजमेंट टाइम जा रहा है। अपने साथी. को बोला तुम संभाल सकते हो। मेरे पास कुछ. टाइम नहीं है। साथी के पास इतना बैंडविड्थ. नहीं था। मैं बंद कर.
वेल्सन ग्रुप बी के गोयलका वास अ गुड. फ्रेंड ऑफ ह. दोनों वाइल एक्सप्लोरेशन में गए।. हम. अगेन 50-50. जमा नहीं हम. बोल बैठे. बंद कर. बंद कर. तो जो भी करना है. अगर मिस्टेक हो रहा है गलत डिसिशन है इट्स. अ गलत डिसिशन कट इट बिफोर इट बिकम दैट. हम. पर जो भी करना है वो नंबर वन नंबर टू नंबर. थ्री ही करना है नहीं जा रहा उससे.
तो नहीं. एंड रिमेंबर. ऑलमोस्ट एव्री प्रोजेक्ट दैट ही हैज़ गॉट. इन इंडिया इज थ्रू ओपन टेंडर बिटिंग. आई वाज. नो सरकारी फेवर्स. आई वास गना कम टू दिस कि डू यू थिंक दैट. गवर्नमेंट बहुत फेवर करती है? देखो भाई. खाली एक प्रोजेक्ट था वो है पोर्ट्स. मुंद्रा पोर्ट जो नेगोशिएटेड डीलर सरकार. के साथ. हां. वो अभी ₹1 में सरकार ने शेयर खरीदा उसने. 2007 दिया और ले लिया. नहीं जो आसपास जमीन खरीदी ₹1 में वो सब.
वो देखो अभी आप जाओ. अब मुंबई से कम से कम 50 500 किलोमीटर. अंदर विदर्भ की तरफ. आपको जमीन वहां भी मिलेगी 10 एकड़ पे. किसान उसको चार गाय चराने के लिए ले जाते. हैं।. ₹100 में मिलेगी पर जमीन कोई लेने के लिए. तैयार नहीं है। क्या करेगा उधर? उगाएगा भी. तो निकालेगा कैसे?
ट्रक लगाएगा तो खर्चा होता है ना।. हम. पर एक बार जमीन आ गई। आप उधर रोड बनाओ, उधर रेल लगाओ, कनेक्टिविटी डालो तो जमीन. का दाम शादी ₹100 से एक लाख हो जाएगा।. और उसने वो किया।. अभी आप सोच रहे हो कि उसने ₹1 में खरीदा।. उस समय ₹1 का भाव था। हम. वो बिल्कुल खाड़ी जमीन थी। कोई लेने के. लिए तैयार नहीं था।. वही मार्केट भाव था। उसने मार्केट भाव.
खरीदा।. और आप प्रोस्पेक्टस देखो 2007 का जो. मुंदरा का प्रोस्पेक्टस है उसमें लिखा है. क्लियरली उसके पास 35000 एक लेयर लैंड है।. इस देश में कोई भी पॉट के पास इतनी जमीन. नहीं है।. अब जमीन आ गई तो फिर चार फायदे हैं। एक. आपके पोर्ट के पास वेयर हाउसिंग फैसिलिटीज. है।. डिरेज बहुत आने वाले हैं।. दो आपके कैपिटल कॉस्ट बहुत कम है।.
तो इंटरेस्ट कॉस्ट ज्यादा नहीं है। हम. तीन आपके कनेक्ट नहीं हो गई। दाम लैंड का. दाम तो ऐसे ही बढ़ गया। चार आप रियलस्टेट. अपने एम्प्लाइज के लिए घर बना रहे हो। उधर. पैसे बन रहे हैं। वो भी खरीदते नहीं है।. वो भाड़े पर देते हैं या लीव पर देते हैं।. पांच नई कंपनियां उधर स्थापित करने का. उसका उसका प्लान है। दुनिया में सबसे. प्रॉफिटेबल कंपनीज़ आर बेस्ड ऑन शोज़ नियर. पॉट्स।. क्योंकि इंपोर्ट अच्छी तरह होता है।. एक्सपोर्ट अच्छी तरह होता है। खर्चा.
ज्यादा नहीं रहता है। चाहे कार्स हो, ऑटोमल कंपनीज हो, चाहे स्टील कंपनीज हो, चाहे बड़े-बड़े पेपर की कंपनी हो, सब. पोर्ट्स के पास में रहते हैं। इंडिया खाली. मिस्टेक किया अंदर डालो। हम. तो उसके पास अभी अभी Maruti ने अपना पूरा. जो एक्सपोर्ट हब मुंद्रा पर बनाया है।. उसका सोलर प्लांट्स का पूरा हब मुंद्रा. में रहेगा। उसके डिफेंस डील सब मुंद्रा. में रहेंगे क्योंकि अधिकतर डिफेंस. मिसाइल्स ड्रोंस उनको एयर स्ट्रिप चाहिए।.
मुंद्रा में उसके पास 2 किलोमीटर 2.2. कि.मी. एयर स्ट्रिप है। क्या सबसे बड़ा. हवाई जहाज आ सकता है? 10 साल रुको उसको भी कमर्शियल करेगा।. जमीन उसकी एयर स्ट्रिप उसका है. एमआरओ बिज़नेस जो सर्विसिंग ऑफ़ एयरक्राफ्ट. है. उसने सबसे बड़ी कंपनी खरीद ली है।. तो जो भी सर्विसिंग ऑफ़ एयरक्राफ्ट चाहिए. वो उसके पास आएगा क्योंकि एयर स्ट्रिप है, समुद्र है और जमीन है।.
तो धीरे-धीरे एक करके दूसरी दूसरा करके. तीसरा सभी कंपनीज़ आएगी उसकी जमीन पर।. अब ने उसे परमिशन दिया कॉपर प्लांट लगाने. के लिए हम. तो थोड़ा कॉपर प्लांट उधर बनाएगा बेसिक. मटेरियल उधर बनाएगा बाकी मटेरियल समुद्रा. लेकर आएगा कोस्टल शिपिंग. और शिपिंग इस चीपर अगर आप ट्रांसपोर्टेशन. के लिए सोचे अगर आपको समुद्र से इंटरनेशनल. हाई हाई सीज इंटर इंटरकॉन्टिनेंटल.
ओशियन ट्रेट देखोगे अगर एक टन के लिए लगता. है ₹1 एक टन 1 किलोमीटर के लिए लगता है।. आप कोस्टल शिपिंग में जाओगे तो ₹ एक टन 1. किलोमीटर जाता है। आप रेलवे पर जाओगे तो. ₹6 पर टन पर किलोमीटर जाता है। आप ट्रक से. जाओगे तो ₹12 पर टन पर किलोमीटर।. और उसके बावजूद भी अपने देश में अधिकतर. ट्रक्स है।. रेलवेेज कम है और सी उससे भी कम है। गौतम.
अडानी चेंजिंग दैट।. इंटरेस्टिंग तो अब फ्यूचर सिर्फ का. देखो. कि. उसके पास डिफेंस डील्स है डिफेंस डील में. कोई टेंडरिंग नहीं रहता है. हम. डिफेंस डील्स दुनिया भर में. अपनी बल शक्ति पर चलो. हम. और सरकार से कनेक्शन अच्छे रहे द बिगेस्ट. कस्टम द ओनली कस्टम इज द सरकार. या डिफेंस ऑर्गन.
तो इसीलिए आपका सरकार के अच्छे है मोदी. अपना. अडानी नोस हाउ टू मेंटेन रिलेशन विद. एवरीबॉडी. जब बंगाल में गया तो ममता बनर्जी घोष कर. दिया ममता बनर्जी एग्री टू गिवन घाडिया. फॉर रीडवलपमेंट एंड ही आल्सो ताजपुर इन. वेस्ट बंगाल. दो पोर्ट्स उसके पास आ गए. एंड ममता बनने इस नॉट अ फ्रेंड ऑफ़ बीजेपी. या. गहलोट के पास गया गहलोट ने बोला मैं मेरे. यहां खान लगा दो. तो मतलब अदानी कोई भी गवर्नमेंट होती बनता.
तो सही. बनता है उसको मालूम है किससे बात करना. किससे रिश्ते बनाने बिज़नेस व्हाट बिग. क्वालिटीज़ इज़ बिल्डिंग रिलेशनशिप्स एंड. मेंटेनिंग देम।. अच्छा आप गंदी की बात कर रहे हो उसके पास. एक और चीज है। जिस स्टेट में काम करता है. वो स्टेट गवर्नमेंट से बोलता है आपके. स्कूल्स कैसे हैं? आपको मदद चाहिए। आप कोई. भी स्कूल मुझे देना चाहते हो। हम बिना. चार्ज करे आपके स्कूल को संभालेंगे।. आज उसके करीबन 6000 स्कूल है इंडिया में।.
वो टीचर्स की सैलरी नहीं बदल रहा है।. प्रीति अडानी ने मुझे बोली कि सरकार की जो. सैलरी टीचर्स के लिए है वो मेरे टीचर से. ज्यादा है। जो मैं टीचर्स अपॉइंट करती हूं. गुजरात में मेरे प्राइवेट स्कूल में मैं. उनको कम सैलरी देती हूं। सरकार अच्छा पैसा. देती है। पर सरकार मॉनिटर नहीं करती है।. तो वो अपने मैनेजमेंट टेक्निक्स लाती है।. मेजरिंग इनपुट्स एंड आउटपुट्स फॉर. स्टूडेंट्स। इनपुट्स एंड आउटपुट टीचर्स।.
आज स्टूडेंट को 50 टका मिला लास्ट ईयर. सेकंड क्लास में अगर थर्ड स्टैंडर्ड में. 55 नहीं मिला तो टीचर ने क्या काम किया. टीचर पर प्रेशर आता है आप इंप्रूव करो. हम. नहीं तो आप रिपोर्ट गलत खराब रिपोर्ट. लिखिए सरकार को कि टीचर को सिखाना नहीं. आता. एज अ रिजल्ट इन अ स्कूल पेरेंट्स हैं. माता-पिता है जो बोलते हैं मदानी के.
प्रिंसिपल्स को हमें हमारे बच्चे को एडमिट. करो ना। हम वो प्राइवेट स्कूल से निकाल के. आपके स्कूल में डालना चाहते हैं। सरकारी. स्कूल है। मैनेजमेंट मेक्स अ डिफरेंस।. नाइस।. नाइस। सो और इसीलिए मुझे सरकार पर काफी. गुस्सा आता है। जब सरकार कहती है सिटीजंस. रिस्पांसिबिलिटी। अरे सिटीजन. रिसोंसिबिलिटी कहां? ये सरकारस. रिस्पांसिबिलिटी फर्स्ट।. क्यों है कि केरला का आदमी अपने राज्य में.
कभी इंडस्ट्री बढ़ने नहीं दिया। पर वही. केरला का आदमी जब दुबई जाता है या सऊदी. जाता है फर्स्ट क्लास वर्कर रहता है। आदमी. वही है, काम वही है। उस जगह क्यों अच्छा. वर्कर हो गया? इस जगह खराब आदमी है।. सरकार की पॉलिसीज है ना. अगर पॉलिसी ठीक है, आदमी अच्छा रहता है।. पॉलिसी गलत है, आदमी बुरा रहता है। आदमी. को दोष मत दो।. कमिंग बैक टू द अदानी ग्रुप। ओके? एंड द.
क्वेश्चन व्हिच आई हैड कि यहां से अब. नेक्स्ट क्या है? डू यू थिंक कि देयर इज़. आई एम श्योर आप स्टडी करते हो अंबानी को. अडानी को टाटा को नेशनल पॉलिसीज को रेड. जिओपिलिटिक्स को हर जगह सो अभी इन नेक्स्ट. 10 इयर्स और 20 इयर्स अब सबसे बड़ा बिनेस. ग्रुप कौन बनेगा अडानी ही कंटिन्यू रहेगा. अडानी कंटिन्यू मैं बताऊंगा इसका कारण. हां लाइक ऐसा क्यों कि अडानी अंबानी से. बेटर रहेगा बड़ा ग्रुप बन जाएगा.
अभी से ही बड़ा अभी तो बड़ा हो गया अडानी. से. अब टाटा इज बिगर. हां. गिव टू इयर्स ही विल बी बिगर देन टाटा लेट. मी एक्सप्लेन व्हाई. तो अडानी यू आर सेइंग दैट adानी विल बी. बिगर देन मतलब adानी अंबानी टाटा बिरला. सबसे बड़ा होगा अभी ऑलरेडी काफी सबसे बड़ा. ही है सिर्फ टाटा से छोटा है. बिल्कुल उसके तीन कारण है. और वो कंटिन्यू रहेगा. हम उसके तीन कारण है एक. ऑस्ट्रेलिया में उसके उसके पास दुनिया का. सबसे बड़ा कोल माइन है. हम. इंडिया इंपोर्ट्स 200 मिलियन टन्स ऑफ कोल.
ए्री ईयर. हम. ओके. शायद अपने डोमेस्टिक माइं बढ़ गए तो तो. 100 मिलियन टन तो इंपोर्ट करना ही है।. उसका जो इंडोनेशिया अमाइन है उसके पास. कैपेसिटी है 300 मिलियन टन्स कैपेसिटी है।. हम. रिजर्व्स. हम. ओके आज इंपोर्ट करता है उधर से 20000 टन्स. 300 टन्स निकलता है।. जब इंडोनेशिया ने एक्सपोर्ट टैक्स लगाया. तो अडानी ने सोचा नहीं डी रिस्क करना है।. ऑस्ट्रेलिया के पास गया. हम. वहां 10 साल 10 साल के लिए झगड़ा हुआ।.
फाइनली उसको क्लीयरेंस मिल गई।. ऑस्ट्रेलिया का जो माइंड 8 मिलियन टन सॉरी. 8 बिलियन टन्स 8000. मिलियन टन्स. की कैपेसिटी थी उसके लेने के बाद और भी. रिसर्च करने के बाद उनको मालूम है कि उसका. कैपेसिटी 10.5 बिलियन टन्स 10.5000. मिलियन टन्स. वो पूरे देश पूरी दुनिया को सप्लाई करने.
वाला है। चाइना को भी सप्लाई करेगा, इंडिया को भी, अफ्रीका को भी। और उसे. मालूम है कोयला कोयले के दिन लिमिटेड है।. बहुत लोग चाहते हैं कि तू कोयला को अलाउ. नहीं कर रहा।. हां बंद कर. बहुत पोल्यूट कर रहे हैं।. तो उसने अभी एक नया प्लांट चालू किया है. टू कन्वर्ट कोल इनू प्लास्टिक।. जो पहले लिमिटेड क्वांटिटी में कैंप्लास. करता था मेड टूर में साउथ इंडिया में. उसको स्के पीपल हैव बीन अपॉइंटेड तो ऑयल.
से प्लास्टिक बनाने के बदले वो कोल से. प्लास्टिक बनाएगा दोनों कार्बन है. हम. एक में ज्यादा इंप्योरिटीज है किस तरीके. से इंप्योरिटीज निकाल सकते हैं उसका इट्स. अ टेक्नोलॉजिकल मैटर सो ही इज़ वर्किंग ऑन. दैट ही विल कंटिन्यू यूजिंग कोल इन अ. वैरायटी ऑफ़ वेज़ फॉर वैरायटी ऑफ़ बिनेसेस. नॉट जस्ट फॉर बर्निंग पर उसके पास सबसे. बड़े थर्मल प्लांट्स हैं हम.
और थर्मल प्लांट्स की लाइफ है 25 इयर्स. तो 25 साल तक उसके थर्मल प्लांट्स यहां. इंडिया में है. और सरकार के थर्मल प्लांट्स इंडिया में वो. तो कोल यूज़ करने वाले हो. चेंज करने का चांस ही नहीं है. तो 25 साल के लिए उसके पास बिज़नेस है. तो ये एक रीज़न है यू से तीन रीज़न. फिर दूसरा है एयरपोर्ट्स. हम. ही कंट्रोल सेवन एयरपोर्ट्स नाउ हां. न्यू एयरपोर्ट्स आर कमिंग अप 12 टोटल हो. जाएंगे।. ही ज्यादा बढ़ता रहेगा।. ही इस गोइंग बी द बिगेस्ट प्लेयर इन. एयरपोर्ट्स।. एयरपोर्ट्स में क्या है? एक बार ले लिए तो.
जो भी अंदर जाता है बाहर जाता है उसको. पैसे मिलते हैं।. आप प्रीपेड टैक्सी लो बंबई में ₹40 हर एक. टैक्सी वाला हर एक भाड़े के लिए सर. एयरपोर्ट को देता है। दुकान वाला देता है।. पैसेंजर देता है। एयरलाइन टिकट पर. एयरपोर्ट टैक्स रहता है। उस. बट एयरपोर्ट एयरपोर्ट बिनेसेस ज्यादा. प्रॉफिटेबल नहीं रहे हैं।. बहुत प्रॉफिटेबल रहे। इट्स अ मेथड ऑफ़. मैनेजिंग कॉस्ट।. अगर ऑफ कोर्स अच्छी तरह मैनेज करो.
प्रॉफिटेबल है। अच्छी तरह नहीं मैनेज करो. लीकेजेस रहते हैं।. ओके।. सो कोल वर्ल्ड का सबसे बड़ा. फिर सबसे. इंडिया में मोनोपोली उसकी एयरपोर्ट्स पे. हो जाएगी।. एयरपोर्ट पे है। पोर्ट्स पे तो है ही। और. पोर्ट्स में उसके पास तीन विदेशी पोर्ट्स. है। उसके बाद श्रीलंका में एक पोर्ट है।. ऑस्ट्रेलिया में एक पोर्ट है। और अभी. इसराइल में हाईफाई में एक पोर्ट है। और. दुनिया में दो तीन और पोर्ट बनने वाले. हैं। सो बिकम अ ग्लोबल किंग ऑफ पोर्ट्स।.
उसके बाद हर दिन कम से कम 600 जहाज शिप्स. उसके सामान लेकर जा रहे हैं। रूल ऑफ़ समय. 10 टका तो आपके खुद के शिप्स हैं। बाकी सब. टाइम चार्टर पर लेते हो। तो 600 60 शिप्स. उसके हैं। ही इज़ द बिगेस्ट ओनर आल्सो इन. इंडिया बट खाली वो फॉरेन कंपनीज़ के ओनरशिप. में. फॉरेन फ्लैग होल्डिंग है. फॉर ऑब्वियसली देश में टैक्स है वो बहुत. इम्प्लिकेशंस है बट हीज़ हैज़ गॉट वन ऑफ़ द. लार्जेस्ट कारगोशिप फ्लट्स इन द वर्ल्ड.
डोंट बी सरप्राइज़ वे बिकम एज़ बिकॉज़ ही टच. यू अ मारुबेनी द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट. ट्रेडर्स. एंड ही हैज़ गैस डिस्ट्रीब्यूशन व्हिच इज अ. मनी स्पिनर. यू सेइंग 32% लाइसेंस आर अंडर हिम. पूरे देश का 32% गैस अडानी के पास है।.
तो और अभी तक आधे बिज़नेस ने अभी चालू नहीं. किए। वो कॉपर नहीं चालू हुआ, स्टील नहीं. चालू हुआ है, एलुमिनियम नहीं चालू हुआ है, डाटा मैनेजमेंट. डाटा मैनेजमेंट नहीं चालू हुआ है। और फिर. उसके पास डिफेंस ही इज़ द फर्स्ट पर्सन. स्टार्ट एक्सपोर्टिंग ड्रोनस टू टू द. वर्ल्ड मिलिट्री ड्रोंस ही गॉन टू. एग्रीकल्चर ड्रोंस आल्सो एक्सपेक्टेड. इंडिया अ बिग प्ले इन एग्रीकल्चर। ही इज़ द. ओनली इंडियन हु हैज़ एंड टू एंड सश फॉर. एप्पल्स। हिमाचल प्रदेश में ही टीचेस. फार्मर्स हाउ टू ग्रो एप्पल्स। कैसे पैक.
करके उसके फैक्ट्री में लाना है? फैक्ट्री. में जब सॉर्टिंग होता है हर एक किसान को. बैठाता है व्यूइंग गैलरी में जहां ऑल द. एप्पल्स गो ऑन ऑन अ कन्वेयर बेल्ट एंड दे. सॉर्टेड ऑन द बेसिस ऑफ़ फोर पैराटर्स वेट. कलर साइज एंड फर्मनेस और 20 डब्बे हैं वो. डब्बे में कैपल गिरते रहते हैं हर एक. डब्बे का प्राइस रहता है किस कितने रुपए. किलो का है और उसके बाद में वो बताता है. फार्मर को आपके यह क्वालिटी का यह इतना. किलो है यह क्वालिटी का इतना किलो आप.
हिसाब जोड़ो कितना मिला आपको और शाम तक. उसके पास पैसे आते हैं हम. पुराने समय में आरतिया तीन महीने के बाद. पैसे देता. उतना ही नहीं टीचेस फार्मर्स हाउ टू ग्रो. एप्पल्स. कौन सी चीज लेना है किस तरीके से. फर्टिलाइजर किस तरीके से पेस्टिस लगाना है. ही गिव्स फ्री एजुकेशन ऑफ टू द एप्पल. ग्रोस चिल्ड्रन फ्री मेडिकल फैसिलिटीज फॉर. द एप्पल ग्रोस चिल्ड्रन. तो सरकार को करना चाहिए वो खुद कर रहा है. कर रहा है.
सो अच्छा एक एक वन ऑफ द बिगेस्ट थिंग इज. लॉट ऑफ टाइम्स यू कीप हियरिंग कि डेप्ट. बहुत है। डेप्ट बहुत है। वो डेप्ट लेते. जाता है। तो ये अडानी एक बहुत बड़ा बबल है. और एकदम से फटेगा क्योंकि उसने इतना डेप्ट. ले लिया है व्हिच ही माइट नेवर बी एबल टू. रीप। देखो डेप्ट जो है ना एक अजीब चीज है।. अगर आप बिजनेसमैन हो. तो आप ये नहीं देखते हो कितना उधार का. पैसा है कितना मेरा पैसा है।.
हम. मुझे उस पैसे पर कितना पैसा बनता है वो. इंपॉर्टेंट है। अगर मेरे पैसे ज्यादा बनता. है अगर बनते हैं अगर मैं उस पैसे पर. ज्यादा पैसा कमा सकता हूं तो मैं ज्यादा. उधार लूंगा।. फ्रॉम अ बिजनेसमैन पॉइंट ऑफ व्यू इफ डे. अर्न्स अ रेट ऑफ रिटर्न दैट द हायर देन द. मार्केट वैल्यू ऑफ़ मनी बोरोइंग मोर इज गुड. बट फ्रॉम अ बैंकर्स पॉइंट ऑफ़ व्यू जितना. आप बोरो करोगे उतना रिस्क ज्यादा है।. हां. तो बैंकर वो रिलेशनशिप रखता है 1:2 या 1:4.
रहना चाहिए। 3 साल पहले अडानी डे वाज़ सेवन. टाइम्स हिज ओन मनी।. हां।. आज उसका तीन टाइम्स हिज ओन मनी हो गया।. क्योंकि उसके प्रॉफिट आने लगे। हम. तो जो ऊंचा था तीन साल पहले वो अभी तो. नीचे आ गया ना क्योंकि कैश फ्लो बढ़ रहे. हैं। ह कैश फ्लोस आर ग्रोइंग फास्ट. देन द इंटरेस्ट कॉस्ट. अगर आपका कैश फ्लो. बढ़ रहा है तेजी से.
इंटरेस्ट कॉस्ट से ज्यादा है और बढ़ रहा. है परसेंटेज वाइज. व्हाट इज रोंग हम. हां थोड़े टाइम बाद ब्रेक इवन होगा और. उसके बाद ज्यादा निकलेगा. प्रॉफिट आ जाएगा. व्हिच इज व्हाई. डे इज समथिंग बैंकर्स लाइक टू टॉक अबाउट. एंड जर्नलिस्ट लाइक टू टॉक अबाउट फॉर अ. बिजनेसमैन डे और इक्विटी डजंट मैटर पैसे. बनते हैं या नहीं व्हाट इज व्हाट इज अगर. पैसे बनते हैं इट डज नॉट मैटर पैसे पैसे. किसका पैसे भूल जाओ.
लोन का पैसा है खुद का पैसा है बाहर का. पैसा कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे पैसे देने. ठीक है ब्याज दे देंगे कोई परवाह नहीं. नाइस। आई व लाइक लास्ट फ्यू क्वेश्चंस।. ओके व्हिच आई आई गेट अ आई एम एक्चुअली. राइट नाउ आई एम मेसमराइज्ड बाय द. मैग्नीट्यूड ऑफ़ द ग्रुप कि हर चीज में. क्या क्या. एंड इफ यू लुक एट जो हमने स्टार्ट में बात.
करी थी चाणक्य वाली कि कॉर्नर से खाओ फिर. सेंटर में जाओ। टेक्निकली अडानी ने वही. किया है कि वो पोर्ट से जहां एंट्री और. एग्जिट से एयरप्लेन से. एक चीज और एक चीज और भूलना बोलो भूल गया. दुनिया में कोई भी देश देखो. हम. जिस देश की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत है. हम. उसके पास बहुत पोर्ट्स है. हम. नंबर ऑफ़ पोर्ट्स एंड वेल्थ जनरेशन गो हैंड. इन हैंड.
अगर देश को बढ़ना है इट नीड्स मोर पोर्ट्स. हम. क्योंकि आपको ज्यादा इंपोर्ट करना है. ज्यादा एक्सपोर्ट करना है। अगर. एक्सपोर्ट्स नहीं तो एक्सपोर्ट करो कैसे. करोगे? इंपोर्ट कैसे करोगे? इंडिया नीड्स स्पोर्ट्स एंड अडानी. बिल्डिंग देम लेफ्ट राइट सेंटर।. हम. आपका आपके पोर्ट है। आप नहीं संभाल सकते. हो। मुझे बेचो मैं कर लूंगा।. वो देश का नस जानता है।. हां।. क्या चीज लाना है? क्या चीज बेचना है. वोारी करना है।.
उसके मेन लोग कौन है? उसके पास हर एक बिजनेस में एक फैमिली में. मैनेजमेंट है और एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट. है।. क्योंकि बिना सही लोगों के पॉसिबल नहीं. है। इसलिए पूरा लिस्ट दिया हूं. हम. अपनी किताब में. तो टॉप टू या तीन टॉप टू या थ्री उसके लोग. कौन है जो यू फील कि देयर कैन बी यू नो. राइट हैंड, लेफ्ट हैंड। आई डोंट नो हाउ डू. यू कॉल इट। मेन पर्सन जैसे अंबानी ग्रुप. के साथ यूजुअली लिंक होता है मनोज मोदी।. कि. नहीं उसके पास एक आदमी नहीं है। उसके पास.
एक आदमी नहीं है। खाली एक चीज है। विदेश. में जो संभालना है विनोद अडानी संभालता. है।. अच्छा. पर जो देश के कारोबार है. गौतम अडानी खुद. गौतम अडानी खाली ऊपर से निगरानी देता है।. डेलीगेट करता है अथॉरिटी।. हर एक बिज़नेस का अलग-अलग मैनेजर है।. फैमिली वाला भी उधर ही है। प्रोफेशनल. मैनेजर भी इधर ही है।. तो फैमिली मैनेजर फैमिली वाला अलग रिपोर्ट. करता है उसको। प्रोफेशनल मैनेजर अलग करता. है। वो दोनों नंबर्स देख रहा है। उसको.
मालूम है कहां गड़बड़ कुछ गड़बड़ है या. नहीं मालूम पड़ता है।. तो ये दोनों का रीजन क्या है? बस ट्रस्ट. फैमिली रखने का और प्रोफेशनल रखने का।. देखो उसके पास परिवार है। परिवार को भी. साथ में रखना है।. हां।. एक चीज है. वेस्टर्न कल्चर के।. हम वेस्टर्न कल्चर के जैसे नहीं है।. वेस्टर्न कल्चर में खाली प्रोफेशनल मैनेज. चलते हैं। आप ईस्ट में देखो. फैमिली इज अ वेरीेंट फैक्टर इन बिनेस.
ग्रोथ इन ईस्ट जापान देखो, कोरिया देखो, इंडिया देखो, पाकिस्तान देखो, चाइना देखो।. हम. फैमिली इजेंट।. वेरी इनफैक्ट लार्ज ग्रुप्स आर फैमिली ओन।. और फैमिली क्या है कि कुछ गलती हो गई। मैं. डिनर पर बात करूंगा भाई से बहन से. चाचा से किसी से हर एक सलाह देता है और. जिसके पास काबिलता है वो सलाह देता है. मालूम है किसको किसकी बात सुनना चाहिए. किसकी बात नहीं सुनना चाहिए.
बट गौतम डेलीगेट्स एवरीथिंग इट डस गो इंटू. डेटर मैनेजमेंट. नेवर. व्हिच इज़ व्हाई अ 50-50 रिलेशनशिप. आप. खाली नंबर देखूंगा शाम को उसके पास नंबर्स. आते हैं देखता ठीक है चलो कुछ नंबर्स में. गड़बड़ बुलाएगा क्या हुआ इसके लिए ये हाथ. कैसे कट गया. तो एक किस्सा सब फैमिली वाला बुलाएगा एक. किस्सा प्रोफेशनल बनाएगा उसको मालूम. पड़ेगा कहां सच है कहां झूठ है कहां. प्रॉब्लम है.
ओके लास्ट क्वेश्चन आई वा आई हैव ऑन गौतम. अडानी कि जितना ज्यादा पढ़ते जाओ ना उनके. बारे में तो पता चलता है कि लोग काफी डरते. हैं। डू यू फील इट्स ट्रू? उनसे काफी लोग. डरते हैं। लाइक उनके बारे में ज्यादा लोग. लिखना नहीं चाहते, बोलना नहीं चाहते।. देखो मैं मैं बात करना नहीं चाहते। मैं. अपनी मैं अपनी बात कह सकता हूं। मैं. दूसरों की बात नहीं कह सकता।. हम. मैं 18 साल से उनके बारे में लिख रहा हूं।. हम. आज तक मेरा कभी पंगा नहीं हुआ है।. हम. हर एक बिजनेस ग्रुप में कभी डिसिशन है जो.
अच्छे नहीं है। मुझे अच्छे नहीं लगते। हम. जैसे मैंने किताब में लिखा उसने सोलर पैनल. में गया है पर लास्ट सोलर फ इस देश में. अगर सोलर सक्सीड होना है. एंड नेशनल प्रायोरिटी से मिलना है रूफ टॉप. सोलर इज आर. हम. और रूफ टॉप सोलर का कारण एक है उसके पीछे. भी एक कहानी है. 2000 सन 2000 में वो जर्मनी में. ग्रीन पार्टी केम टू पावर.
हम. और हरमन शेयर नाम का एक आदमी. एनर्जी मिनिस्टर बन गया। ह बैकग्राउंड वाज़. ही वाज़ अ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हिमसेल्फ।. तो बिजली का थोड़ा जानता था।. लाइक मोस्ट जर्मंस पढ़ा लिखा था। रिसर्च. किया अपना और उसे लगा कि एक तो वो ग्रीन. पार्टी में था। उसे लगा कि अगर ग्रीन को. अगर सोलर को एक टका पैसा मिला जो सब्सिडीज. इंसेंटिव्स आपने कोयल कोयला और ऑयल को दिए.
हैं। सोलर ब्रेकिंग ऑफ़ द वर्ल्ड। हम. टू मेक सो सक्सीड उसने एक नई तरकीब की. ही टोल्ड इन जर्मनी जिसके पास भी घर है जो. नॉर्थ साउथ फेसिंग है. हम. उसके ऊपर हम सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं. क्योंकि नॉर्थ साउथ में ईस्ट का भी सम. लेता है वेस्ट का भी सम लेता है. उसने देखा रिस्पांस इतना अच्छा नहीं था. क्योंकि बहुत लोगों के पास इच्छा नहीं थी. कौन तक लेगा सोलर पैनल लगाने के लिए और.
जर्मनी में हस्बैंड वाइफ दोनों काम करते. हैं. हम. तो रिस्पांस नहीं था तो उसने उसी समय एक. महीने में ही पॉलिसी ऐड चेंज किया बोला वी. विल इंस्टॉल इट यू डू नॉट टू इंस्टॉल इट. हम आगे करके जाएंगे. आपको पैसे नहीं देना सोलर पैनल अपना. इंस्टॉलेशन अपना. जगह नहीं. तो थोड़े लोग आने लगे तो उसी महीने में. उसने एक और पॉलिसी ऐड की बोला देखो जो भी. सोलर आप जनरेट करोगे आप अपने आप यूज़ कर. सकते हो फ्री ऑफ़ कॉस्ट.
और दिन के टाइम पर जब हस्बैंड वाइफ दोनों. काम पर जाते हैं। घर में कोई नहीं है।. आपके पास को सोलर यूज़ करने की जरूरत नहीं. है। आप मुझे बेचना मैं पैसे दे दूंगा. आपको।. तो एक उसके खर्चे कम हो गए। दूसरे पास. पैसे आने लगे।. हम. तो बहुत लोगों ने हां कहा।. हां।. अभी यह सब काम करने के लिए उसको. लोग चाहिए थे जो. इंस्टॉल कर सके. मेंटेन कर सके और मेरे घर से जो छोटा-मोटा.
पावर आता है वो लेकर बैटरी में जमा कर सके. और बैटरी में से क्लीन पावर. हम. क्रिट में दे सके. तो उसके लिए मुझे इंसेंटिव दिया गया है 20. सेंट्स पर यूनिट फॉर 20 इयर्स. ओके. अब 20 सेंट्स का मतलब है उन दिनों जो. सरकारी पावर जो इलेक्ट्रिसिटी फील्ड से. आता था वो दो सेंट का है नहीं चार सेंट का. है तो चार सेंट के बदले उसको 20 सेंट दिया. कि लोग. लोग ज्यादा ज्यादा इंस्टॉल करें.
ज्यादा पैसे. एज अ रिजल्ट जर्मनी सोलर पावर कैपेसिटी. स्टार्टेड इंक्रीजिंग डे बाय डे बाय डे. हम. और कंडीशन ये था जो पहले आएगा उसको 20 साल. के लिए 20 सन दिया जाएगा नेक्स्ट ईयर जो. आएगा उसको 19% जाएगा नेक्स्ट आएगा कम दोगे. कम दोगे. हर साल कम हो जाएगा. तो हर साल एज कैपेसिटी बढ़ती है तो इतना. प्रेशर नहीं रहता है और दूसरे जो. कॉम्पोनेंट्स है वो सस्ते मिल रहे मिल रहे. हैं क्योंकि आपके पास मार्केट वॉल्यूम्स आ. रहे हैं जर्मनी में आठ साल 208 अ स्टडी.
वास डन एंड हर्बन शेख का इंटरव्यू थी अब. YouTube में मिलेगा आपको जो कह रहा है कि. हमें आठ साल में मालूम पड़ा कि सोलर पावर. इज़ एंप्लॉय मोर पीपल देन द ऑटोमोबाइल. इंडस्ट्री. अभी. इन जर्मनी. इन जर्मनी तो मैं 2010 से सरकार के सरकार. से दरखास्त करता हूं कि भाई आपका पॉलिसी. गलत है। जर्मनी के पास कम धूप है।. हम. के पास कम लोग हैं।. फिर भी इट एम्प्लॉयस मोर पीपल इन सोलर। इस.
देश में हमारे पास ज्यादा लोग हैं।. ज्यादा धूप है।. देश बड़ा है।. आप इधर सोलर क्यों नहीं चल रहे? तो सोला. रूफ टॉप क्यों चालू नहीं करते हो? बेनिफिट. है क्योंकि ऊपर सोलर पैनल है, नीचे. कंज्यूमर है तो डिस्टेंस कम है तो लॉसेस. नहीं होते, चोरी नहीं होती है। सरकार उसके. लिए तैयार नहीं थी क्योंकि सरकार का खुद. का स्वार्थ है। ग्रिड पावर में एक. फार्मर्स को खुशाबत करने के लिए आपको. सस्ते में पार देंगे। एक बार सोलर लग गया.
तो सबसे सस्ते में क्या देगा मुझे? मेरे. पास सब ऊपर से आ रहा है।. एक बार सोलर लग गया तो मुझे सब्सिडी की. जरूरत नहीं है।. तो सरकार का जो अंकुश है वोटर्स पर वो चला. जाता है।. तो सरकार पिछले 10 साल से रूफ टॉप सोडा पर. ज्यादा ध्यान नहीं दे रही है। तो मैंने. किताब में लिखा है गौतम शुड हैव बीन अ. ट्विंट सेट। यू शुड गॉट अ रूफ टॉप सोलर।. एज इट हैप्स गौतम अंडरस्टुड दिस एंड इन. नर्थ ईस्ट पुटिंग रूफ टॉप सोलर एवरीवेयर।.
हम. उसके पीछे भी एक किस्सा है।. अगर सुनना चाहोगे. मैं चार से पांच साल पहले हम. त्रिपुरा में गया।. हम. अपने वो मुख्यमंत्री से मिला विप्लव कुमार. देव थे। हां. अब उन्होंने बताया कि 16 216 में. सरकार सेंट्रल सरकार ने बोला हर एक हाउस. को हर एक घर को इलेक्ट्रिसिटी बिजली. पहुंचनी चाहिए। तो 2016 उन्होंने सर्वे. किया। कितने घरों में हम बिजली पहुंचा. सकते हैं? जब नतीजा पेपर हुआ आया पर कागज.
तो उनको मालूम पड़ा कि सभी घर में बिजली. पहुंचा सकते हैं। 50000 में नहीं पहुंची।. तो बोला क्यों? मैं सर पहाड़ पे है सर।. वहां बाहर पहुंचने में कम से कम दो-ती साल. लगेंगे।. बोला नहीं यार नहीं चलेगा। मैंने इलेक्शन. जीतने हैं भाई। बोला नहीं सर पहाड़ पर. खोदना. केबल्स डालना मुश्किल काम है। पांच छ साल. लगेंगे। तो हुआ क्या है? तो सभी इंजीनियर. रूट ऑफ एनवायर हम.
पर सरकार के पास पैसे रूट ऑफ सर के नहीं. थे केंद्र सरकार के तो विप्ल कुमार आर के. सिंह को मिलने गए ही वास अ यूनियन पावर. मिनिस्टर आर के सिंह से बोले मुझे 16 पार. लगाना है हिल्स पर बोला उसका बजट नहीं है. तो बोला देखिए सी साहब आपको इलेक्शन नहीं. जितना मुझे इलेक्शन जितना है. और मैंने लिखा हूं आर्टिकल में मनी. कंट्रोल में लिखा हूं. ओके. तो आपको इलेक्शन जितना मुझे ही जितना. मुझे सोलर चाहिए। बोला हमारा बजट नहीं है।.
स्टेट खर्चा खर्चा करेगी।. तो हर किसी ने बोला अच्छा तो मुझे. एफिडेविट दो कि स्टेट खर्चा करेगी।. मुझे पैसे नहीं दे रहे।. तो उसने चीफ सेक्रेटरी ने बोला चिट्ठी दो।. उसी शाम को एफिडेविट आ गया और विप्ल कुमार. देव गए। रूफ टॉप सोलर इंस्टलेशन का आदेश. दिए। 500 रूफ टॉप सोलर लग गए और उसमें एक. चीज मालूम पड़ा कि अगर उसने ग्रिड लाइन. डाला था हिल पर तो हर एक घर का कॉस्ट 5. लाख रहता था। 16 पैक का कॉस्ट 500 रहा. और दूसरी चीज थी एक बार लग गया तो अगले.
साल से बिल नहीं रहे सब्सिडी नहीं रही कोई. खर्चा नहीं रहा कोई. और जो किसान था जो आदमी जो पहाड़ी पे रहता. था वो भी खुश लाइनमैन लाइन कट जब उसको. पैसे नहीं मिलते थे तो पहले लाइन देता. नहीं था अभी ना लाइनमैन रहा ना कट ऑफ ना. पार कट रहा लोड शेड ही नहीं रहा खुश उसका. लाइट और फैन 24 चल सकता है. क्योंकि बैटरी लगा दिया रात बीच चलती है.
एक बार वह लग गया तो हर एक जो पहाड़ी पर. रहता था नॉर्थ ईस्ट में त्रिपुरा में है. सब जगह. सबने लगा. सभी ने बोले नहीं हमें भी सोलर चाहिए. सरकार की हिल गई. हम. सरकार के पास बजट नहीं था और उसका स्वार्थ. है ग्रीक पावर में. हां. तो अडानी ने बोला मैं लगाऊंगा सोलर तो. उसने अपना एक अलग एजेंसी बना दिया नॉर्थ. ईस्ट इंडिया में सोलर लगा रहा है हम. तो बदलाव आ रहा है सरकार के बावजूद।. ओके नाउ कमिंग बैक टू द पॉइंट व्हिच वी वर.
इनिशियली टॉकिंग एंड यू सेड इंडिया चाइना. एंड रशिया टुगेदर आर गोना चेंज द वर्ल्ड. ओके व्हाई लाइक इज इट व्हाई डू यू फील सो. इन 2009 माय एनालिसिस वाज़ बेस्ड ऑन नंबर्स. व्हेयर वी रियलाइज दैट इंडिया वाज़. एक्चुअली द मोस्ट ब्लेस्ड कंट्री. इन टर्म्स ऑफ़ वाटर।. ठीक है? 9% ऑफ़ इट्स लैंड इज़ अंडर वाटर।. हम बांग्लादेश स्पाइट बी कॉल्ड अ रिवर एंड.
टेरिटरी हैज़ ओनली 4% अंडर वाटर हम. मैक्सिमम 5%. पाकिस्तान इज़ 3% एंड चाइना 2%. ओके. चाइनास थ्री टाइम्स इंडिया साइज इज. हम. बट एज अ परसेंटेज वाटर इज़ ओनली 2% सेकंड. व्हेन यू लुक एट वाटर यू रियलाइज़ द वाटर. इन प्रिमिटिव सोसाइटी इज़ मच ऑफ़ द वाटर गोज़. एग्रीकल्चर. या. इन डेवलप सोसाइटीज़ यू लर्न हाउ टू प्रून. वाटर यूज फॉर एग्रीकल्चर एंड डवर्टेड टू.
इंडस्ट्री एंड 40 टू 50% टू इंडस्ट्री. एंड चाइना विट लेस वाटर एंड वेरी. इंडस्ट्रियलाइज इट वुड बी इट वुड बी वेरी. वेरीरी शोर्ट ऑफ़ वाटर सप्लाई. या. नॉट सरप्राइज चाइना लर्न एव्री ट्रिक दैट. इजराइल हैड टुडे टुडे इट इज़ द मोस्ट वाटर. एफिसेंट कंट्री इन द वर्ल्ड. चाइना टुडे. इट रिसाइक. इवन बेटर देन इज़रायल. इट रिसाइकल्स वॉटर थ्री टाइम्स. वाओ वाओ. ओके पॉइंट थ्री.
हम. द ओनली कंट्री व्हिच मोर वाटर देन इंडिया. एंड इवन द यूएस इन परसेंटेज टर्म्स ओके इज. रशिया व्हिच हैज़ 12% ऑफ़ इट्स लैंड एंड अ. वाटर एंड इट्स लैंड इज़ थ्री टाइम्स द साइज. ऑफ़ चाइना थ्री टाइम्स द साइज ऑफ़ यूएसए. नाइन टाइम्स द साइज ऑफ़ इंडिया।. इट इज़ अ लार्जेस्ट फ्रेश वाटर रिजर्व्स इन. द वर्ल्ड।. इट्स अ चाइनास थ्री चॉइससेस। चाइना अटैक्स. इंडिया टेक्स द ब्रह्मपुत्र वाटर अवे एंड. ट्राई टू गेट वाटर अवे.
दैट बी डेंजरस बिकॉज़ चाइना लूजस अ वैलुएबल. मार्केट. एंड अ पार्टनर. या. टू चाइना डिसाइड्स टू स्टे पुट वेयर इट इज़. एंड डजंट हैव एनी एंबिशन द ग्रोथ इट्स. इंपॉसिबल थ्री इट अराइज़ अ डील विथ रशिया. एंड गेट्स वाटर ऑन रशिया. बट व्हाट लाइक. व्हाट इज़ इंडियास रोल इन दिस. नाउ रशिया प्रॉब्लम इज़ दैट इट डस नॉट हैव. पीपल। इट हैज़ द लोएस्ट डेंसिटी ऑफ़ पीपल इन. द वर्ल्ड।.
आई थिंक इट ओनली बाय न पीपल पर स्क्वायर. किलोमीटर।. ओके. इंडिया इज़ 300. बांग्लादेश इज़ ₹1500. पर स्क्वायर किलोमीटर।. ओके।. वाओ. एंड इनस्पाइट ऑफ़ दिस डेंसिटी ऑफ़ पपुलेशन. बांग्लादेश इज़ अ बेटर पर कैपिटल इनकम देन. इंडिया।. एक्साक्ट्ली आई वास गोन्ना कम टू दैट।. व्हिच मींस बांग्लादेश इज़ डूइंग समथिंग. दैट इंडिया नॉट लर्न हाउ टू डू। एंड आई. गॉट रीज़ फॉर दैट आई गॉट थरी अबाउट लेट्स. लीव. वी न्यू दैट रशिया इज अ लार्जेस्ट रिजर्व.
ऑफ़ ऑइल ऑफ़ गोल्ड ऑफ़ अदर रेयर मिनरल्स बट. डज हैव द कैपिटल टू गो इन फॉर माइनिंग. लार्ज स्केल माइनिंग एंड माइनिंग हैज़ टू. मेथड्स वन इज़ कैपिटल इंटेंसिव द सेकंड इज़. लेबर इंटेंसिव. हम. टॉक टू रश जस्ट लाइक वी डन एन ऑयल. एक्सप्लोरेशन ओवीएल इज़ अ पार्टनर विथ. रशिया एन इक्विटी पार्टनर विथ अ प्रोडक्शन. शेयरिंग बेसिस डू दैट इन माइनिंग।. यू गेट यू गेट लेबर नॉट सोफेस्टिकेटेड. लेबर। दे कैन बिल्ड कैंप्स द वे सऊदी.
अरेबिया बिल्स कैंप्स वे। दे डोंट मिक्स. अप विथ द पपुलेशन। दे डोंट पोल्यूट द. पापुलेशन। बिकम दे डोंट बिकम सिटीजंस इन द. कंट्री। एंड आफ्टर द प्रोजेक्ट इज़ ओवर दे. सेट बैक टू इंडिया। एंड यू कैन हैव अ. चर्न।. दैट विल सॉल्व इंडियास पपुलेशन प्रॉब्लम।. दैट विल मेक रशिया रिचर्।. दे विल नॉट टॉक ट्रस्ट चाइना बिकॉज़ चाइना. विल गोज़ इनू रशिया दे नेक्स्ट नेबर्स दे. स्कॉट देयर एंड देन क्लेम द प्रॉपर्टी इज़. देयर. या. व्हिच इज़ व्हाई इंडिया चाइना एंड रशिया.
नीड टू वर्क टुगेदर. हम. वन हैज़ पपुलेशन वन हैज़ लैंड. वन हैज़ वाटर वाटर. एंड वन हैज़ मार्केट्स एंड बोथ हैव टू हैव. मार्केट्स. टू हैव टुगेदर वी अकाउंट फॉर अबाउट 30% ऑफ़. द ग्लोबल पापुलेशन एंड 40% ऑफ़ परचेसिंग. पावर।. यू फील लाइक. एंड द यूक्रेन वॉर हैज़ गॉट ऑल द थ्री. टुगेदर।. या। व्हिच इज व्हाई अमेरिका शिटिंग विथ?
सो यू फील गॉन अदर डेज व्हेन द वर्ल्ड वाज़. रूल्ड बाई वेस्ट। इंडिया इस गोंना बी. थ्री।. इंडिया डज़ मूव फॉर एंड मोदी इज़ केपल. बुकिंग अप विथ हिज एरोबिक्स।. [संगीत]. ओके। सो व्हाट डू यू थिंक लाइक व्हाट्स. स्टॉपिंग? इंडिया को वर्ल्ड पावर बनने से. रोक क्या रहा है? एजुकेशन. ओके गो डीपर ऑन दैट एजुकेशन व्हाई डू यू. मीन मैन व्हाट. इफ यू हैव अ पपुलेशन विदाउट एजुकेशन वेयर. वेयर विल गो वेयर इज़ अप मोबिलिटी. आर यू गोइंग टू यूज़ देम फॉर राइट्स.
अ पपुलेशन नीड्स एजुकेशन टू क्लाइम. एंड अ स्कूल अरपन लुक एट प्रथम द. लार्जेस्ट इंजीनियरिंग इंडिया इज़ प्रथम. हम. लुक एट देयर रिपोर्ट्स 50% ऑफ इंडिया ऑफ. 10थ एथ स्टैंडर्ड बॉयज कांट रीड द टेक्स्ट. बुक्स सेकंड स्टैंडर्ड बॉयज।. सो इज देयर अ सलूशन टू इट? यस।. जस्ट एजुकेट मोर। बेटर स्कूलिंग सिस्टम।. यू जस्ट गॉट अ फाइनेंस मिनिस्ट्री। रिमूव. ऑल टैक्स एक्सेंप्शन फॉर द ट्रस्ट रन.
स्कूल्स अनलेस यू हैव अ आउटपुट इवैल्यूएशन. एव्री ईयर। और एव्री सिक्स मंथ्स। गेट एन. एक्सटर्नल टीम टू इवैलुएट द स्टूडेंट्स।. आई गट 50% लास्ट ईयर, आई एम गेटिंग 55. नाउ।. हम्म।. बट वी डोंट सी दट्या है हप्पेनिंग एनी. टाइम सून। पोलिटिकली का अफोर्ड इट. स्कूल्स ऑफ ऑल द ब्राह्स. इंटरेस्टिंग टेक लेट्स नॉट गो देर. [हंसी]. नाउ आई हियर यू आई आई थिंक यू हैव अ वैरी.
फेयर पॉइंट बट डोंट यू थिंक लाइक पीपल इन. द एट पावर आल्सो नोज़ दैट इंडिया नीडस. एजुकेशन टू ग्रो याह आरन दे डूइंग समथिंग. अबाउट इट. ट्रबल गिव देम एजुकेशन लास्ट क्वेश्चन्स |. सॉरी इफ यू गिव देम एजुकेशन दे आस्क. क्वेश्चन. एंड यू डोंट वांट एनीवन टू आस्क यू. क्वेश्चन. इट विल इट विल एज़ इट इज़ टेलीकम्युनिकेशन. अपसेट द सोशल इक्वेशन बिकॉज़ देयर एनी रेप. इन अ विलेज गोज़ ऑन सोशल मीडिया स्ट्रेट. अवे. या.
इट हैज़ अपसेट इक्वेशंस 50% ऑफ़ ऑल द. रेपसाइड पॉलिटिशियन हिमसेल्व्स एंड अ. हिंदू पॉलिटिशियन नॉट अ सिंगल मुस्लिम. पोलिटिश. इज़ दे स्टार्ट ट्रू लाइक. चेक आउट द रेट ऑफ रेट्स. वाओ एंड डू यू थिंक गॉट फॉर हिप्स. अरेस्ट माय केस.
आई हैव टू गो चेक बिफोर आई कमेंट एनीथिंग. बट नो यू ही सेड कि इंडिया में बिज़नेस. करना बहुत डिफिकल्ट है। इट्स वेरी. डिफिकल्ट टू डू बिज़नेस इन इंडिया। तो, उसका रीजन यह है कि पॉलिटिक्स और. पॉलिटिशियंस डोंट वांट इनफ अवेयरनेस और. एजुकेशन अराउंड द कंट्री। सो दैट पीपल कैन. आस्क क्वेश्चंस कि क्या रीज़न है कि इंडिया. में डिफिकल्ट है।. द फर्स्ट रीज़न व्हाई आई एम डूइंग बिज़नेस. इन इंडिया इज़ टेरेबल।. हम. इज़ बिकॉज़ वी हैव क्रिएटेड अ परफेक्ट.
सिस्टम वेयर द कोर्ट्स डू नॉट पुश।. ओके।. फर्स्ट वी ऑफ़ प्रिविलेज केसेस कमिंग। टू. वी मेक श्योर दैट 30% ऑफ़ द जजेस सीट्स आर. नॉट फिल्ड। द एलोकेटेड सीट्स फॉर जजेस इज. इटसेल्फ 50% शॉर्टर देन व्हाट इट शुड बी. सो यू आर टॉकिंग अबाउट अ 70% रिडक्शन नॉन. अवेलेबल टू जजेस. इफ यू डोंट हैव अ पाइल अप केसेस नाउ द. ड्यूटी ऑफ़ पाइल अप केसेस इज़ द गवर्नमेंट. गेट सेड ये अर्जेंट है इसको फास्ट फॉरवर्ड. करो ये छोड़ो.
हम द बिगेस्ट प्रिविलेज अ मैन गेट्स इन. इंडिया इज द एबिलिटी पोस्टपोन केसेस. बिकॉज़ देन. पावर लाइ इन द हैंड्स ऑफ़ द ऑप्रेसर. एंड द लूजर इज़ अ विक्टिम।. सो दैट इज़ रीज़न नंबर वन प्राइमरी रीज़. बिकॉज़ देयर इज़ नो फेयर।. एंड इन माय बुक आई हैव गिवेन अ टेबल व्हिच. शोज़ हाउ मेनी फिक्टस केसेस आर फाइल्ड. अगेंस्ट द लाइक्स ऑफ़ अडानी और टाटा इवन द.
गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया।. सेकंड द गवर्नमेंट इटसेल्फ इज़ अ कंपसिटिक।. इट फ्लर्ट्स द कोर्ट विद केसेस व्हिच शुड. नॉट हैव फाइल इट।. एंड व्हाई वुड दे डू सो द इंस्पेक्टर. टेल्स यू मुझे इतना पैसा तो नहीं मैं केस. लगाऊंगा. इन दिस ऑफिस द इंस्पेक्टर केम आई डिड नैट. आई हैव टू पे हिम ब्राइव व्हेन स्टार्ट ओन. कंपनी एंड द नेक्स्ट डे आई फाउंड दे कोर्ट. नोटिसिंग कम टू द कोरला कोर्ट.
सो आई हैव टू हायर अ लॉयर आई टू पे द लॉयर. हु पेड 5000 कैश. आई हैव हर्ड दिस प्रॉब्लम फ्रॉम मेनी पीपल. नाउ. याह शक्य एंड इस्टैब्लिश द लार्जेस्ट. रेवेन्यू जनरेटर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन. सेकंड लार्जेस्ट रेवेन्यू जनरेटर. ऑल ब्राइट्स. द गवर्नमेंट फ्लड्स द केसेस कोर्ट्स केसेस. सो दैट दे कैन एक्स्ट्रा मनी. ओके इट्स इट्स डिफिकल्ट टू डू बिज़नेस हियर. ओके एंड आई गेट इट एंड बिकॉज़ देयर सो मेनी.
रीज़न्स बट देयर आर फ्यू लीडर्स हु जस्ट. गोट इन अ वे एंड दे हैव गोटन देयर वे अप. फ्रॉम पावर्टी टू वेयर दे आर. दे हाउ टू मैनेज द सिस्टम. इफ यू आर क्लीन. इफ यू आर विल क्लीन. टू गो. समवन हैज़ टू टेल यू हाउ टू मैनेज दिस. यू लर्न बाय योरसेल्फ और यू यू गेट. बोथ. तो मैं एक लास्ट चीज पूछना चाहूंगा कि हर. स्टोरी में अगर हीरो होता है तो विलेन भी. होता है।.
राइट? तो अदानी की स्टोरी में विलेन क्या. है? कहीं पे लॉस हुआ, कहीं पे कुछ धोखा. हुआ, कहीं पे कुछ ऐसा हुआ कि जहां पे. देखो दो तीन बार. गलत चीज हो गई। जहां गलत होता है उस आदमी. को सीधा निकाल देता है। अच्छा कुछ धोखा. हुआ कहीं कुछ ऐसा हुआ कि जहां अडानी को. लगा ऑलमोस्ट तब आई ब्लू. दो बार दो बार हुआ है. एक जब पोर्ट बन रहा था. हम. तो एक्सपेंडिचर ज्यादा आया इनकम कम हो गया. हम. तो छ महीने के लिए उसके पैसे नहीं थे. सैलरीज देने के लिए. तो हाई रेट पर इंटरेस्ट बोरो करके सैलरी. दिया. पर उसको मालूम था वो बचेगा या नहीं बचेगा.
एक और रिश्ता दूसरा ऑस्ट्रेलिया में गया. था. हम. ऑस्ट्रेलिया गया सोचा 3 साल में लग जाएगा. प्लान. हां. फिर वो वो एजिटेशन हुआ किस तरीके से. स्ट्रेटजी चार सरकार बदली तीन कोर्ट. जजमेंट बदले उसके बावजूद 10 साल के बाद. उसे चल गया उस समय उसे लगा कि मेरे पूरे. पैसे ही दांत डूबने वाले हैं दो जगह. साथ-साथ में दो और जगह हुई थी जहां बिजनेस. के अलावा एक बार 91 में उसे किडनैप किया. गया था. हां. और फैमिली क्वालिटी थे वो जिंदा रहेगा या.
नहीं रैंसम दिया बचा दिया उसके बाद गौतम. अडानी के पास सिक्योरिटी हमेशा रहता पर. सिक्योरिटी दिखाई नहीं देता है।. अच्छा. अपने मंत्रियों के जैसा नहीं है।. सिक्योरिटी छुपा रहता है।. बट किडनैप. दिखरा नहीं रहता है।. तो किडनैपिंग स्टोरी क्या था? किसी ने किडनैप किया।. ओके। बस रसम के लिए. जब वो क्लब से निकल कर घर जा रहा था. हम. तो उसके कर्नावटी क्लब की तरफ जा रहा था।. किसी ने किडनैप किया। बाद में रसम दिए बच.
कर निकला वो और बाद में जब कोर्ट में. मामला आया जो दो आदमी थे जिस पर शक था वो. पकड़े गए पर जब कोर्ट में मामला आया तो. गौतम अडानी ने टेस्टिफाई करने के लिए. मंजूर नहीं हुए सारा सचिन हुआ क्या वापस. भड़का भड़का के आ गया. तो जज ने उसको फ्री कर दिया बहुत खुश वो. खुश. हो. और दूसरा टाइम वो आया जब ताज में था 261. वो अटक गया उधर।.
हम्म।. 261 में तो शायद रात भर उधर भी थे।. रात भर उधर थे। अगले समय निकले।. पर वहां भी टेंशन नहीं था। किसी ने फोन. किया बोला रिपोर्ट चाहिए यार। टेररिस्ट. क्या कर रहे हैं? मैं आपको दे दूंगा. रिपोर्ट।. उसका बता रहा था तो अपने गुजराती. जर्नलिस्ट फ्रेंड्स को।. तो. डर क्यों नहीं लगा? टेंशन नहीं होता था।. टेंशन था पर टेंशन दिखाता था तो और दूसरे. कोई घबरा जाते थे। तो कभी दिखाता नहीं है।.
उस पर क्या है किसी को मालूम नहीं। तो. उसमें कॉन्फिडेंस आता है।. बहुत. और जब भी रिस्क लेता है उसके पास एक रिस्क. मिटिगेशन स्ट्रेटजी है। अगर ये नहीं चला. तो मैं क्या करूं? हम चेस्ट जैसे. तो कुछ ऐसा है कि जो आपको लगता है आपने. इतना स्टडी किया उनको कि गौतम अडानी को. अगर कोई या तो डाउनफॉल आ सकता है लॉस हो. सकता है तो इसी रीज़न से हो सकता है या खुद. के कोई एटीट्यूड की वजह से हो सकता है. नहीं एक बार एक बार. जैसे बोलते हैं कि इस इंसान को सिर्फ यही.
खत्म कर सकता है और कुछ नहीं कर सकता टाइप. कुछ है ऐसा. मुझे दिखाई नहीं दिया पर एक चीज कह सकता. हूं सतवे म्यांमार में वो पोर्ट बना रहा. था सितवे उस समय सितवे में पोर्ट बना रहा. था और ऑस्ट्रेलिया में झगड़ा पता चल रहा. था और ऑस्ट्रेलिया जो कैंपेनर्स थे. उन्होंने बोले कि अडानी सपोर्टिंग अ. मिलिट्री रिजीम इन म्यांमार हम. उसको पैसे नहीं देना है तो एक बैंक ने. पैसा बंद कर दिया म्यांमार के लिए गौतम. भाई घबरा गए बोला अगर ये आग फैलेगी तो. ऑस्ट्रेलिया के भी फंड्स बंद हो जाएंगे. हम. सीधा उसी समय सित छोड़ दिया.
और कोई अजनबी आदमी को दे दिया. हम. मुझे कोई अजनबी आदमी बेनामी आदमी है शायद. 5 साल के बाद अडानी की कंपनी हो जाएगी. पर वो दे देता है. रिस्क नहीं लेता है एक रिस्क से दूसरा. रिस्क आ जाएगा नहीं कट कर है. कंट्रोवर्सी से दूर. कोल स्कैम ही इज़ अ लार्जेस्ट कोल ट्रेडर. एक भी कोल स्कैम उसका नहीं है.
और पिछले तीन साल से सोलर पावर में उसका. सब खर्चा हो रहा है एक एक्सेप्शन है जहां. भी थर्मल प्लांट है जो बिक्री हो रही. नीलामी के कारण खरीद जाता है क्योंकि उसको. मालूम है नीलामी में मुझे कम खर्चे में. मिलेगा मेरा कैपिटल कॉस्ट कम रहेगा तो. मेरा रिटर्न ज्यादा होगा और प्लांट तो है. ही. हम. मैं नया प्लान नहीं लगा रहा हूं वो प्लांट. तो इंडिया में है उस देश का कैपिटल का मैं. बचा सकता हूं तो बहुत अच्छा और कम खर्चे. में बचा सकता हूं तो बहुत अच्छा.
नाइस सो ओवरऑल हर स्ट्रेटजी में बस मेरा. पैसा बचना चाहिए. और पैसे बनने चाहिए. पैसे बनने चाहिए और कुछ दिमाग नहीं लगाना. और सरकार के इंटरेस्ट सरकार के इंटरेस्ट. के खिलाफ नहीं होना चाहिए।. नाइस। तो ये ये आई थिंक ये पूरी स्टोरी. में ये स्टैंड आउट करती है चीज कि जो भी. काम करना है वो ऐसे करना है कि नेशनल. इंटरेस्ट में हो। नेशनल प्रायोरिटी का हो. और तुम्हारा इंसेंटिव अलाइन हो। वो दोनों. अलाइन होते हैं।. और कॉस्ट पे रहना चाहिए।. हम्म।.
डोंट लुक एट द मार्केट। लुक एट द कॉस्ट।. आप कॉस्ट संभाल सकते हो तो सब कुछ संभाल. सकते हो।. नाइस। थैंक यू सो मच फॉर शेयरिंग दिस। माय. प्लेजर।. सो, आई एम आई एम होप कि आई होप कि बुक में. और डिटेल्ड में लिखा होगा।. और भी डिटेल्स हैं।. और डिटेल्स होगी और जिसको भी ये एंटायर. कन्वर्सेशन जिसको पसंद आई और वो लोग जाके. डेफिनेटली बुक देखेंगे ताकि और डिटेल में. सुन पाए और समझ पाए कि अडानी ने इतना बड़ा. अपना बिज़नेस एंपायर खड़ा कैसे किया। एंड. थैंक यू सो मच फॉर शेयरिंग दिस।. इट्स अ प्लेजर। इट्स अ प्लेजर।.
थैंक यू। यू आर अ डिलाइटफुल पर्सन टू टॉक. टू जस्ट जेनुइनली टेलिंग यू। आई इफ विथ ऑल. डू यू रिस्पेक्ट इफ आई हैव द लिबर्टी मैं. आपके साथ फिर एपिसोड्स करना चाहता हूं. दूसरे टॉपिक्स पे।. एनी टाइम।. थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस एपिसोड टिल. दी एंड। अगर ऐसी स्टोरीज और जाननी है तो. प्लीज कमेंट में मुझे बताओ कि आप लोगों को. कौन सा नेक्स्ट बिजनेसमैन उसकी स्टोरी. जाननी है जीरो से लेके एंड तक जिस तरीके. से यह स्टोरी हमने बताई। और अगर यह नहीं. अच्छा लगा हो तो हमें वो भी बताओ कि यह. टाइप के एपिसोड हमें नहीं करने चाहिए।. हमें स्टिक रहना चाहिए हमारे जंद्रा पे जो.
कि है सिर्फ एंटरप्रेन्योर्स को लाना। अगर. आप चाहते हो कि हम एक्सपेरिमेंट करें और. ऐसा काम करते जाएं तो प्लीज लाइक, कमेंट, शेयर, सब्सक्राइब बिकॉज़ ऐसी कॉन्वर्सेशन. जितनी ज्यादा देश में बढ़ेगी उतनी जल्दी. हमारा देश आगे बढ़ेगा। एंड आई रियली वांट. दैट वी ऑल बिकम नंबर वन इन द वर्ल्ड।. अंटिल द नेक्स्ट एपिसोड, कीप फिगरिंग अप।.
[संगीत].
