Encounter Specialist: T*rrorism, Ind-Pak War, PoK & Kashmir | Shahida Parveen | FO356 Raj Shamani
अभी हमारे इधर पहलगाम में. आए और ये करके चले गए वापस. उधर। हाउ डिफिकल्ट और इजी इट इज जो बॉर्डर. से लोग इधर आ जाते हैं। वापस तो नहीं चले. गए हैं। कहीं जंगल में भाग गए। देखो इतना. बड़ा एरिया है। वो वहां से छूटे जाके वहां. पहुंच गए होंगे। किश्तवाड़ की पहाड़ियों. पे। सबसे डेडलीस्ट एनकाउंटर आपका कौन सा. था? शोर मचा रजोरी के सिटी में टेररिस्ट आ. गया। जी। मैं गई। मेरे पास कोई गन नहीं।. अब एक पुलिस वाला खड़ा था। तो मैंने कहा. इधर दे अपनी गन। मैं वो गन लेके राज ऐसे.
लड़ती थी जैसे मेरा ही एनकाउंटर था। बस. कुछ नहीं था राज। लेकिन जज्बा था इस देश. के लिए लड़ने का, मरने का, मिटने का। बट. कभी डेथ थर्ड्स आए हैं। कौन सा दिन होता. था जिस दिन नहीं आते थे। फिर लेटर आते थे।. संभाल के रखे हैं। वो एक कहना होता है एक. सोल्जर का। जब भी आप इन टेररिस्ट को. पकड़ते हो, उनसे जब इंटेरोगेशन करते हो तब. सबसे कॉमन चीज क्या बोलते हैं सब के सब? एक मिलिटेंट को पकड़ा वो लोकल था। मैंने. कहा क्यों बने भाई मिलिटेंट? कहता इस्लाम. के लिए मैं खड़ा हूं। बातोंबातों में. मैंने कहा यार चल तू कलमा सुना दे। यू विल.
नॉट बिलीव मी उस बंदे को कलमा नहीं आया।. आर्मी वाले इन पास्ट दे हैव मेड कॉमेंट्स. कि लोकल पुलिस ही मिली होती है टेररिस्ट. से मिलिटेंट से। ऐसा होता है। आई डोंट. थिंक सो जम्मू कश्मीर पुलिस इज अ फाइनेस्ट. पुलिस इन दिस वर्ल्ड। जो मिलिटेंसी लड़. रही है गन उठा के। कहां की पुलिस लड़ती है. मुझे आप चीज बताओ। पाकिस्तान ऑक्युपाइड जो. कश्मीर है अपन ले लेंगे. वो हम सबको सेफ्टी चाहिए अपनी फैमिली की. अपने घर की और अपने सामान की और घर शिफ्ट.
करते टाइम भी हम चाहते हैं कि सब सेफली. मूव हो जाए। इसीलिए पोर्टर आपके सामान की. सेफ्टी गारंटी देता है। वरना ₹5 लाख तक. वापस। पोर्टर पैकर्स एंड मूवर्स देते हैं. मल्टी लेयर पैकेजिंग, कन्वीनिएंट बुकिंग. स्लॉट्स और प्रोफेशनल लेबर। इसीलिए पोर्टर. के साथ लगी सेफ्टी की शर्त। पोर्टर हर. डिलीवरी करता है विद अटमोस्ट डडीिकेशन, प्रोफेशनलिज्म एंड अकाउंटेबिलिटी। तो अब. अगर डिलीवरी है हो जाएगा विद पोर्टर। पर.
जहां हम सिर्फ अपने घर की सेफ्टी के लिए. रिस्पांसिबल हैं। कुछ लोग पूरे देश की. सेफ्टी के लिए अपनी लाइफ तक रिस्क कर देते. हैं। एक ऐसी इंसान है हमारी आज की गेस्ट. शाहिदा गांगुली। एक एक्स आईपीएस ऑफिसर एंड. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट जिन्होंने कश्मीर में. अपने करियर में 300 से ज्यादा टेररिस्ट. एनकाउंटर्स किए हैं। आज हम उनसे जानेंगे. कश्मीर की रियलिटी क्या है? पहलगाम अटैक. हुआ कैसे था और अब कश्मीर का फ्यूचर क्या. है? यह एपिसोड एंड तक जरूर देखिएगा और. मुझे कमेंट्स में बताइए आपको इस एपिसोड की.
सबसे इनसाइटफुल कन्वर्सेशन कौन सी लगी? जब आप एनकाउंटर्स करने जाते हो तो सबसे. डेडलीस्ट एनकाउंटर आपका कौन सा था? जहां. पे आपको बहुत डर लगा। हमारा एक एनकाउंटर. था जिसमें हम हमारा क्या उस टाइम पे क्या. था? आज की सिचुएशन नहीं थी। उस टाइम पे. मोबाइल नहीं होते थे। हम और पहाड़ों पे. एनकाउंटर करना थोड़ा सा डिफिकल्ट होता है।.
क्यों डिफिकल्ट होता है? एक तो आप जब. चलोगे आपकी विजिबिलिटी है आप सामने चलोगे. यूनिफार्म में हो गांव का एक बच्चा भी. जाके उनको बता देगा और वो अपनी सेफ लोकेशन. पे चले जाएंगे पहाड़ों के ऊपर चले जाएंगे. और एक बंदा भी आपको अगर सही तरीके से. चाहेगा निशाना लेके आपको मतलब आपको नुकसान. पहुंचा सकता है तो इसी के साथ-साथ क्या. होता है कि अब आप उस ऑपरेशन को कैसे करते. हो फिर हम मेरा जो तरीका था मैं करती थी.
उसी तरीके से कि आगे जो पहली टीम होती थी. आठ लोगों की सिर्फ हम रखते थे छोटी टोली. बड़ी नहीं बड़ा ज्यादा करके उसमें आर्मी. जो होती थी वो हम सेकंड आर्मी को हम सेकंड. उसमें कॉर्डन में रखते थे मेरे साथ मैं. मतलब खुद भी सेकंड में रहती थी कि बीइंग अ. फीमेल मुझे पहचान जाएंगे जो आगे जाते थे. वो बिल्कुल वही बन के जाते थे टेररिस्ट ही. बन के जाते. थे अब उसमें एक एक दिन क्या हुआ कि ऐसे. हुआ कि बिल्कुल. ही नए लड़के थे जैसे जैसे जिन्होंने.
ज्यादा गन भी नहीं चलाई थी। अब क्या हुआ. कि हमने एक ऑर्डर लगाया। हमें उस पे ना. भरोसा नहीं था। उसमें ज्यादा इंफॉर्मेशन. ये थी हमें कि इस घर. में वेपन है, हथियार है। तो इसमें ये नहीं. था कि इस घर में जाके मतलब हमको मिलेंट. मिलेंगे, टेररिस्ट मिलेंगे या कुछ मिलेगा।. तो थोड़ा बहुत आईडिया था शायद मिल जाए। बस. उतना कोई पक्का नहीं था। लेकिन फिर भी. हमको जाके उनसे बात करनी थी घर वालों से।.
क्या हुआ? पता चला इसके अंदर जो ही लड़कों. ने एक ऑर्डर लगाया फर्स्ट तो उन्होंने कहा. अंदर तो हैं ये लोग अब हम क्या होता है ना. एक रि से नीचे तक आने में टाइम लगता. है मैंने लड़कों को बोला सुबह का टाइम हो. रहा था अब वो पूछना शुरू हो गए वो फर्स्ट. टाइम मेरा जो कहते हैं ना दिल की धड़कन जो. थी ना फर्स्ट टाइम जो वो मेरी दिल की. धड़कन मतलब हार्ट बीट इतनी फास्ट हो गई थी. मुझे लग रहा था कि पता नहीं क्या हो जाएगा. अभी वो लड़के कहते हैं अब क्या करें? हम.
इनको ठोके। मैंने कहा अगर इनको तो इतना दे. आर नॉट एक्सपर्ट क्योंकि वो ट्रेन पुलिस. वाले नहीं थे। वो मतलब नए लड़के थे। मैंने. उनको बोला अगर थोड़ा वेट करो। हम हम मतलब. लिटरली रन करके जा रहे हैं। मेरे साथ. आर्मी थी और अपने लड़के थे। कोई मैं. ज्यादा बड़ी टीम नहीं लेती थी। 202 लड़कों. से ज्यादा नहीं लेती थी। ज्यादा लोग हैं. ज्यादा नुकसान कहीं गड़बड़ तो हम लिटरली. इतना रन करके जा रहे थे पहुंचे वहां पे.
आधे रास्ते पहुंचे कहते हैं मैडम जी अब. नहीं हम रोक सकते क्योंकि ये निकल रहे हैं. बाहर निकल गए एक बार अगर पहाड़ों में एक. बार. टेरेस निकल गया जंगल की तरफ पड़ गया उनको. निकालना मुश्किल है बहुत डिफिकल्ट है. क्योंकि वो उनको तो जान बचानी है ना वो एक. एक स्टेप यहां होगा उनका दूसरा दूसरी. पहाड़ी पे होगा तीसरा तीसरी पहाड़ी पे जब. पीछे जान की बन आई होती है तो वह तो भागते.
हैं तो फिर मैंने उनको बोला कि अब आप फायर. खोल दो जब उन्होंने फायर खोला अब उसको. क्या पता कि वो सिर्फ पांच लोग हैं या चार. लोग हैं हम आगे आठ लोग हैं उनको थोड़ी पता. उनका तो कॉर्डन हमारा तीसरा क्वाड्रेंट. हालांकि हमने पहले ही लगा रखा था छह लोग. थे तीन को उन्होंने दबा दिया एक को गिरा. दिया वहां पे वो लगी होगी छोटी मोटी अंदर. गिरा दिया. तीन ऊपर से आए अब हम अब ऐसे थी रि ऐसे चढ़.
के ऊपर जाना था फिर नीचे था हम इस रि से. नीचे आ गए जब तक तो ये तीन ऊपर से हमें. फायर अब हम सोचते हैं कि यार मैं यह कहूं. मेजर साहब थे मेरे साथ मुझे नाम उनका भूल. गया मैंने कहा मेजर साहब अब आप हम कुछ. करके ना उन लड़कों को बचाना है क्योंकि. मुझे यह डर था कि उनको मार देंगे मैं यह. नहीं कभी गवारा करती थी मुझे मुझे बहुत. तकलीफ होती थी। मैंने हालांकि इतनी मैं. मतलब अ कहते हैं बचपना था क्या था? लिटरली.
मैंने मतलब चार-चार दिन पांच-प दिन रोते. रहना अगर कोई हमारा लॉस होता था। मेरा कोई. साथी जाता था तो मुझे बहुत तकलीफ हो रही. थी। तब हमने फिर वो जाके कैसे पहुंच के. वहां पहुंच गए। फिर जब हमने क्लोज गार्डन. लगाया। मैंने लड़कों को पहले ही बोल दिया. आप थोड़ा सा छोड़ दो। अब हम आ गए हैं। अब. आप थोड़ा पीछे आ जाओ। फिर वो धीरे-धीरे. खैर हमने फिर वो तीन तीन का हुआ था. तीन मिले थे उसमें बहुत बड़ा मतलब एक.
डिस्ट्रिक्ट कमांडर था उस टाइम पे. तो इस तरह से आप. डर की बात तो मैं नहीं सोचती कि अगर डर. होता तो शायद मैं इस फील्ड में निकलती ही. नहीं। बट कभी डेथ थ्रेट्स आए। डेथ थ्रेट्स. कौन सा दिन होता था जिस दिन नहीं आती थी।. वह आते थे. जो वायरलेस जो जैसे ऑफिशियली आते थे. अनऑफिशियली आते थे मैसेज आते थे कि आप.
हमारी बहन हो आप हमारे खिलाफ क्यों खड़े. हो आपके पूरे इसको उसको मार देंगे और आपको. हम फिर आखिरी बार समझा रहे हैं आप हमारे. रास्ते से हटो फिर लेटर आते थे उन दिनों. लेटर का एक जमाना था लेटर मेरे पास अभी भी. लेटर है कहीं मैं संभाल के रखे हैं थ्रेट. लेटर तो खैर वो एक ये गहना होता है एक एक. सोल्जर का ऐसी.
चीजें मतलब मैं तो इसको गहना कहती हूं कभी. रियल हुआ कभी आसपास फेक गोली मार दी पास. में कि देखो अगली वाली आपको लग जाएगी ये. सब ऐसे कुछ ऐसे नहीं हुआ एक बार तकरीबन. हमारा चूहे बिल्ली का खेल हुआ था ऐसे हुआ. था इसमें बड़ी बड़ी लंबा सा एक. एनकाउंटर हुआ था हमारा दो-तीन दिन लग गए. थे. उसमें मैं ना आठ लोगों 10 लोगों को लेके. चली गई फील्ड में हम चली गई फील्ड में. मुझे कहीं से हमारे किसी सीनियर रैंक के.
ऑफिसर थे उनकी इंफॉर्मेशन थी हम कहा जी. फलानी जगह है आप जाइए हम अब हम निकल गए. मुझे ये होता था मैंने आपको बताया कि जब. मैं छुट्टी आती थी मैं आपको जैसे हम. छुट्टी आए जम्मू आती थी मैं छुट्टी मुझे. पीछे से फोन आए अगर कि फलाने घर में. मिलटेंट है। फलाने घर में टेररिस्ट हैं।. फलाने घर में ये बैठे हैं। मैं राज गाड़ी. लेके वापस उसी टाइम रात दिन मेरे पास चार.
लोग होते थे। चार एक ड्राइवर और चार. पीएसओ। एक बार हमने उस चक्कर में गाड़ी. नीचे गिराई है और हमने इतने मतलब लिटरली. हम कैसे बचे हैं? 100 फीट गाड़ी नीचे गई. हमारी। हम बच गए। मतलब रात को हम भागे. वापस कि अब हमने जाकर एनकाउंटर करना है।. ऐसा. जुनून मतलब मुझे मैंने आजकल ऑफिसर्स कुछ. देखे जब छुट्टी पे होते हैं स्विच ऑफ कर. देते हैं फोन को। मैं कहती हूं यार हम तो. आज तक भी स्विच ऑफ नहीं करते। ये मतलब.
कहते हैं नहीं जी हम छुट्टी पे हैं। इसलिए. हमने स्विच ऑफ किया। मैंने कहा बड़ा अच्छा. है। जिंदगी जीना चाहिए। वैसे अच्छी बात. है। हमें सीखना चाहिए आप लोगों से। बट हम. ऐसे पागल थे। वापस मुड़ के जाना वो चाहे. उसके बाद वो मिले ना मिले इतना दिमाग वो. होता था कि क्योंकि दो दिन थोड़ी रहेगा एक. घर में अब जब तक मैं 6 घंटे के सफर से. वापस आऊंगी सुबह पहुंचूंगी हो सकता है ना. मिले कई बार नहीं मिले लेकिन वो जुनून था. मैं एक दिन अगर गई वापस पता चला वापस.
मुड़के आई उस तरह से हम करते थे मेरे साथ. एक लड़की थी उसने लड़ी वो शी वाज़ अ. सिविलियन सिविलियन थी फिर मैंने उसको जैसे. मैंने आपको बताया. एक टेंपरेरी वो जो होता है अक टाइप होता. है एसपीओ वो लगाया था बट वो लड़ी शहीद हुई. उसने मतलब उसने लड़ के ये नहीं कि उनके हाथ. में आए उनसे उसको किडनैप करना चाहते थे. नहीं उसने उनके हाथ लगने दिया और भागी जब. लड़ने के बाद उसकी गन गिरी टेररिस्ट की.
हाथ से गिरी वो भागी आगे कीचड़ था बारिश. हुई थी तो उसमें गिरी तो पीछे उसने. ब्रेस्ट मारा वो वो वैसेवैसे भी लोग थे।. आप आप बता रहे थे कि एकदम जुनून था और जब. हम इसके पहले आपसे कॉल किया था तब आपने. बोला कि एनकाउंटर हम रोज करते थे। ऐसा. लगता था कि एनकाउंटर नहीं किया तो मजा. नहीं आया। उसमें क्या एनकाउंटर में पता है. क्या होता था? ऐसे पता है क्या? एक ही काम. था ना हमारा। हमारे कोई काम और दिया नहीं. था गवर्नमेंट ने। हमें काम दिया। हमारे.
सीनियर्स ने भरोसा किया जो मैं सही बताऊं।. मैंने ना वो कभी वो लालच करके नहीं किया।. मुझे वो लालच देके बोला सर ने वहां बात आई. कि हम आपको प्रमोशन देंगे हम आपको यह. देंगे वो देंगे आप आप सिर्फ इंफॉर्मेशन. लाओ हम एनकाउंटर आप नहीं करोगे ऐसे बोले. सर कि शायद डर जाएगी एनकाउंटर आप नहीं. करोगे एनकाउंटर मैं बंदे भेजूंगा फोर्स. जाएगी और वो करेगी तो मैंने कहा ठीक है अब. बीच में ऐसे हुआ कि मुझे मैं भूल गई बहुत.
सारी कहानी बीच में हुई मैं मैं जब वापस. आई मुझे सर ने फिर बुलाया मेरे पास कुछ. इंफॉर्मेशन नहीं थी। मैंने सोचा ये सीनियर. ऑफिसर है। मुझे बुला इसको भूल गया होगा।. अब मैंने भी बाकी ऑफिसरों की तरह उनको. समझा लेकिन वो अपने उसके पक्के थे। अपने. वादे के उन्होंने एक हफ्ते के बाद जब मुझे. बुलाया मेरे पास कुछ नहीं था। तब मैंने. फटाफट मतलब थोड़ा सा दिमाग लगाया। दिमाग. से तो तेज थी। भाग के गई। मैंने अपने पीए. को एसएसपी के पीए को बोला। मैंने कहा पीए.
साहब एक काम कीजिए। मुझे सिर्फ बताइए कि. इस एरिया में कितने मिलिटेंट हैं? कितने. कितने टेररिस्ट हैं? कितने उनके हेड हैं? क्या है? सब कुछ है। मतलब जो जो एक पुलिस. के पास डाटा होता है। मैंने वो डाटा. लिया। उसने मुझे दिया पूरा लिख के। तो आप. यकीन करोगे अब जैसे मैं पूरा डाटा लेके. आपको बोलूं। आपके पास दुनिया भर का आजकल. तो सब कुछ नेट पे है। मैं क्या डाटा लेके. आऊं? आपको दिखाऊं। वो तो चिराग को सूरज को.
चिराग दिखाने वाली बात हो जाएगी। आप बैठे. हो मैं मैं सर को सर के पास एक लिस्ट पड़ी. मुझे कहते हां मैंने कहा सर हां थोड़ा. बहुत इंफॉर्मेशन लाई हूं अब मैं ऊपर वाले. से एक ही दुआ की अल्लाह आज आप इज्जत रख. लेना उसके बाद मैं संभाल लूंगी मैं बता. रही हूं एरिया डिस्ट्रिक्ट कमांडर फलाना. सर कहते वेरी गुड उसके साथ मैच कर रहा है. क्योंकि वो डाटा तो वहां से लिया ना जो. उसी के पास आया होगा ये तो पता नहीं कितने. पुलिस वालों ने कितनी मेहनत करके लाया. होगा पता नहीं कितने महीनों का ये वर्क और. था उनका फिर मैंने कहा ये डिस्ट्रिक्ट.
कमांडर ये एरिया कमांडर ये ये इनका फंडिंग. करता है। ये लेडी इनके साथ ये करती है।. फिर हुआ क्या सर? हुआ क्या? मैं मैं बाहर. निकली। मैंने सिर्फ एक नाम उसमें पिक. किया। बाहर आई। मैंने वो वो नाम फाड़े. लिटरली लिस्ट फाड़ी। मैंने कहा अगर मैंने. ये रखी ना अनलिस्ट तो मैं काम नहीं कर. पाऊंगी। मैंने वो लिस्ट फाड़ी और बाहर आके. उस एक लड़की जो थी उनकी वो थी सोर्स थी.
उनके साथ खूब मतलब अच्छी थी उनका काफी. हेल्प करती थी वो ऐसे एरिया में रहती थी. जहां पे नॉर्मली लोग जनरली जाते नहीं थे. बट मैं नई गई थी ना उसी जगह पे मुझे कोई. जानता नहीं था तो. मैंने सलवार कमीज पहनी और सर पे वो पूरा. दुपट्टापट्टा रख के मैं एक टीचर बनके उनके. घर में मैंने मुझे रेंट पे रूम चाहिए।. मेरी अभी-अभी पोस्टिंग हुई है। मैं यहां. आई हूं। मुझे रूम चाहिए। मैं गांव से आई. हूं। बातें करके तो पहुंची उसके घर में तो.
मुझे कहती लगे बात करने। तो धीरे धीरे. धीरे धीरे मैं उसको मैंने कहा आज लेट्स कम. टू द पॉइंट। मैंने कहा बता कितने तेरे साथ. मतलब फलाना फलाना दो-तीन नाम पूछा मैंने।. उनको आप जाते हो मिलने। लास्ट टाइम कब गई. थी? वो लगी उठने। मैंने उसका हाथ पकड़. लिया ऐसे। मैंने कहा बात सुनो हूं। उसको. शक पड़ गया कोई पुलिस वाली है। मैंने कहा. मैं पुलिस ऑफिसर हूं और ये तेरा घर पूरा.
घिरा हुआ है। देखो चालाकी देखो स्मार्ट तो. कर खेलना पड़ेगा ना। था नहीं कोई। एक भी. नहीं था। तो मेरे पास कोई था ही नहीं। तो. मेरे पास कोई मतलब उन दिनों प्रोफेशनर्स. को कौन देता है कोई साथ? तो मैंने कहा. मेरे को पूरा तेरा घर पूरा गिरा हुआ है और. हमने सब ने घेरा लगाया। अगर तू हिली तो. तेरे को मार देंगे उड़ा देंगे। तो कुछ. करना मत। बस वो मेरी फैन हो गई। समझो उसको. डर के मारे या उसको पता चल गया अब इनको तो. मेरी सॉरी स्टोरी मैंने सारी मैंने कहा. तेरे बारे में सब पता है हमें। अब तेरी.
तेरी चॉइस है तू मुझे हेल्प करती है या. फिर नहीं करती है तो फिर तू समझ ले कि. क्या होगा? शी हेल्प मी अ लॉट।. थोड़ा-थोड़ा। उसने जो इनिशियली मेरे उसको. कहते हैं ना किसी चीज को मतलब मेरा एक वो. जो स्टार्ट करने को मुझे जो उसने हेल्प की. मुझे इंफॉर्मेशनेशंस देती रही लोगों के. बारे में बताती रही फलाना मिला है। मैंने. क्या किया? फिर एक-एक करके बंदों को. खींचना शुरू कर दिया। ऐसे ही मोटिवेट.
करना। कई लोग अब ये मोटिवेट हुई भी और. नहीं भी हुई। ये ऐसी लेडी थी जब मेरा. फर्स्ट एनकाउंटर हुआ था। फर्स्ट एनकाउंटर. में क्या हुआ था? मुझे मैं कोई पुलिस तब. मैं कोई काम नहीं करती थी। ये इससे पहले. की बात बता रही हूं। मैं ऐसी पागल कर लो. इंसान की तरह थी। मैं स्कूटर पे जा रही. थी। मेरे साथ एक लेडी कांस्टेबल. थी। शोर मचा रजोरी के सिटी में के एक.
टेररिस्ट आ गया। जी टेररिस्ट आए हैं।. टेररिस्ट आए हैं। फायरिंग शुरू हो गई। अब. एक नॉर्मल पुलिस ऑफिसर लेडी जिसके पास कुछ. नहीं है। एक वो शो के लिए पिस्टल रखा है. जो पुलिस ऑफिसर रखते हैं। एक मतलब थोड़ा. सा होता है शौकिया तौर पे है तो पिस्टल भी. बहुत काम का होता है। ऐसा नहीं है। मैं. कहूंगी नहीं। मतलब एक पिस्टल से आप. टेररिस्ट को नहीं लड़ सकते ना। तो लोग भाग. रहे हैं उस जगह से। मैं हमेशा कहती हूं.
अगर हम सब मिलके एक प्रण ले एक वादा करें. कि हमको झुकना नहीं है इनके आगे अगर किसी. भी हाल मरना तो वैसे भी है अब जैसे आ गए. अब मेरे को मैं कहती हूं आप और मेरे सामने. कोई आ जाता है आपको भी पता है मुझे भी पता. है अब मेरे को या तो मरना है इसके सामने. हाथ खड़े करके या तो मरना है इसके साथ लड़. के मैं तो प्रेफर करूंगी राज कि मैं उससे. लड़ के मरूं चाहे मेरी गोली सीने पे लगे. लेकिन मैं उसको छोडूंगी नहीं तब तक जब तक.
उस किसकी तरह वो जो एक बेचारा घोड़े वाला. लड़ा है उस तरह तो या तो फिर आपने हत. छोड़ना तो उसने है नहीं वैसे वो आए हैं ना. मारने उसका मकसद ही है मुझे मारना तो फिर. व्हाई. मतलब आई विल वेट फॉर हिज फायर तो वैसे. ही हम बात कर रहे थे इसकी क्या बोलते हैं. यहां पे उस लेडी की हम उस लेडी ने अच्छा.
मैं भागी उस सीन मतलब उस पे एनकाउंटर साइड. पे एक घर घर था घर के दूसरे घर में जिस घर. में पुलिस वगैरह जैसे कॉर्डन करके खड़ी थी. मैं गई मेरे पास कोई गन नहीं अब एक पुलिस. वाला खड़ा था वो साइड पे खड़ा था जैसे. मॉनटी होती है ना छत के ऊपर ऐसे उसके पीछे. खड़ा था बेचारे ने मुझे मुझे मैंने कहा. इधर दे अपनी गन। उसने मुझे दे दी गन। मुझे.
जनरली देते नहीं है कोई भी। मतलब उसका. अपना हथियार होता है। कुछ भी हो सकता है।. उसने मुझे गन दे दी। मैं वो गन लेके राज. ऐसे लड़ती रही जैसे मेरा ही एनकाउंटर था. वो। दैट वाज़ माय फर्स्ट. एनकाउंटर। फायर पे फायर फायर। मुझे पीछे. से आवाें मारा। एक वो दैट वाज़ पुलिस वाला. था। पर वो सिविल में था। जैसे सीआईडी में. होते हैं ना वो उनके पास गन नहीं होती। तो. वो मुझे आवाज मारा। ओ मैं ओ मैडम जी क्या. कर रहे हो? क्या कर रहे हो? उसको लगे कि. मेरे को ब्रेस्ट आया कि आया मैं मरूंगी।.
पीछे आ जाओ पीछे आ जाओ। आप यकीन करोगे. लिटरली उस एनकाउंटर में इतने फायर मेरे. पास जितनी वो मैगजीन में वो 32 30 32. गोलियां जितनी थी मैंने सब चलाई। दूसरी. मैगजीन ली। उसके बाद वो हमने मार दिया था।. बस एक ही था। लेडी की बात बताती हूं। हम. मैं बच गई क्योंकि मैं मेरे को वो जो पीछे. बंदा था वो फरिश्ता मेरे लिए आज भी मुझे. उसकी वो बात याद है शक्ल याद है वो अभी भी. उसको ऊपर वाला सही सलामत रखे उसने मुझे.
पीछे लिया जो ही मैं पीछे गई वहां एक. ग्रिल थे ग्रिल्स के पूरा ब्रेस्ट आया वो. पूरा ग्रिल उड़ गया वो जब वो बचाने वाला. ऊपर वाला वो कोई वो तो बात सीधी है उसके. बाद वो लड़की ने वो लड़की वही थी जिसको. मैंने पकड़ा था वो जो जहां पे उस टेररिस्ट. जिसका ब्लड पड़ा था। उसने ब्लड उठा के. चुन्नी में ले गई थी कि वो एक शहीद का. ब्लड समझ के। उस लड़की को मैंने मोटिवेट. करके अपनी तरफ लाया। मैं कहती हूं.
धीरे-धीरे हमको. उस पॉलिसी पे काम करना है। थोड़ा-थोड़ा. डीरेडिकलाइज करना है। अपने बच्चों को कहीं. काम पे लगाना है। हाउ डिफिकल्ट और इजी इट. इज जो बॉर्डर से लोग इधर आ जाते हैं और. फिर इधर आके कुछ भी ऐसा आतंक फैलाते हैं. और वापस चले जाते हैं। हां वापस तो नहीं. मतलब हर बार तो नहीं जाते। मुझे तो लगता. है सब मर ही जाते हैं। इधर मर खप जाते हैं. और क्या होता है इनका कौन सा इधर उनको. पीछे पड़ने वहां भी रोटी के लाले पड़े.
हैं। इसीलिए मरे पड़े हैं। अभी हमारे इधर. आके ये पहलगाम में आए और ये करके चले गए. वापस उधर। वापस तो नहीं चले गए हैं। हां. कहीं जंगल में भाग गए। देखो इतना बड़ा. एरिया है। आपको अगर आधा घंटा मिल गया ना. वो जो क्या होता है नीचे से फोर्स आने के. देखो लोग बातें करने के लिए ना बहुत लोग. बातें बड़ी करते हैं। बातें करना बड़ा इजी. है। आप उस जगह पे जाके खड़े होके बताओ तब.
करें। तब मानती हूं मैं। आप नीचे से फोर्स. जा रही है। देखो सिविलियन पे उन्होंने. एक-एक करके उन्होंने भी क्या किया? मेल्स. को मारा, फीमेल्स को छोड़ दिया, बच्चों को. छोड़ दिया। बट जो यूनिफार्म में आएगा ना. यूनिफार्म में जब जो ऊपर चढ़ेगा उसको पूरी. लाइन जितनी भी होगी ना उसके लिए सारे. दुश्मन है उसके लिए वहां पे ना कोई हिंदू. ना मुस्लिम ना सिख ना ईसाई उसको वो वो वो. उसको मारना है हम बट क्या होता है जनरली.
कि आपका कोई एनकाउंटर हो गया भाई एक एक. सिविलियन की डेथ हुई अब मैं इसी बात पे. आऊंगी आपको मैं एक एक ऐसा एनकाउंटर. सुनाऊंगी आपको अब कोरिलेट करोगे कि लोग जो. बोलते हैं नहीं पहुंची पुलिस यह नहीं हुआ. वो नहीं हुआ अब सुनिए क्या ये यहां पे गए. इन्होंने भी तरीके से जाना था ना अब आपको. कहीं कुछ पता चलता है हमें पता चले यहां. से 2 किमी पे कुछ हुआ है तो हम. पहुंचतेपहुंचते भी हमें टाइम लगेगा गन. उठानी है या तैयारी से जाना है कैसे जाना.
है खबर कितनी सही पहुंचती है कितना गलत. पहुंचती है वहां पहुंचतेपहुंचते उनको टाइम. लगा. उतनी देर उनको मिल गई वो वहां वहां से. छूटे जाके जाके वो वहां पहुंच गए होंगे. कि्तवाड़ के पहाड़ियों पे कि्तवाड़ से. निकल के कहीं और पहुंच गए हैं। छोटा एरिया. थोड़ी है नहीं बट क्या बॉर्डर क्रॉस करना. इतना आसान है? नहीं बॉर्डर क्रॉस करना. इतना आसान तो नहीं है। फेंसेस हैं बट.
कभी-कभी क्या होता है? फेंसेस को काटी. जाती हैं। आपने सुना होगा अंडरग्राउंड. ट्रंचेस बन के आ गए। और वो भी तो देखो. बदमाश को तो तरीके तो मीन्स एंड वेज़ तो. उसको भी पता है। उस साइड नहीं मैं नहीं. गई। मैं ये फौज करती. है पुलिस नहीं. जाती। जनरली नहीं जाती। नहीं इतना आसान ही. है। अगर वहां पे इतनी बड़ा एरिया है तो एक. आध बार पकड़ते पकड़ते किसी को उधर जाके उधर. ही ठोक के वापस आ गए। वापस आ। नहीं नहीं।. वैसे मतलब वो तो क्या होता है कि हमें.
बॉर्डर पे मैंने आपको पहले ही बताया ना कि. हमें बॉर्डर पे जाने का क्योंकि वहां पे. आर्मी पूरी. है हमारा काम ही नहीं है वो एक्चुअली. पुलिस का काम नहीं है. बेसिकली एलओसी पे जाना तो वो है तो जब भी. आप इन टेररिस्ट को पकड़ते हो एंड किसी को. अगरंगे हाथों पकड़ लिया विद वेपन्स पकड़. लिया या इनफमेंट्स उनके जो उनका साथ देते. हैं सपोर्टरों को पकड़ लिया उनसे जब. इंटेरोगेशन करते हो तब इन सब में कॉमन. पैटर्न क्या होता है सबसे कॉमन चीज क्या. बोलते हैं सब के सब कॉमन चीज पहले तो फिर.
बोलेंगे भड़का दिया जी हमको बहका दिया. हमें हमारे घर में हम भूख से मर रहे थे।. हमारे हम हमें इसने फंसाया उसने फंसाया।. मेरे घर में यह दुश्मन था। मेरा पड़ोसी. था। उसको हम हमारा रह खाना पीना रहना. बर्दाश्त नहीं हो रहा था। बस वही फिर नहीं. इनके पास कुछ होता। तब ये घुटनों पे आ. जाते हैं। पकड़ लेते हैं जनाब आप बचा लो।. कुछ कर लो। तब तब नहीं वो दादागिरी किसी.
की नहीं। आज तक नहीं। मैंने देखी किसी के. दादागिरी। जो मूवीज में दिखाते हैं कि हम. तो तो भी मारेंगे और ये सब नहीं नहीं नहीं. नहीं कोई भी इवन इवन पाकिस्तानी भी वो जो. एफटी होता है नेशनल. मतलब इंडियन नहीं होता है ना लोकल नहीं. होता है तो वो भी घुटनों पे ही आ जाता है. कि माफ़ करना छोड़ दो माफ़ करना है हर कोई हर. कोई कहता है जान किसको नहीं प्यारी है ऐसा. कोई वो नहीं है सबके एक ही पैटर्न है भाई. माफ कर दो बचा दो वो वहां कहानी सुनाएगा.
कि मेरी वहां कहानी मेरा घर में खाना नहीं. था। मुझे मुझे वहां गलत इंफॉर्मेशन दी गई।. मुझे कहा गया कि इस्लाम खतरे में है। मुझे. खुद पता नहीं था। मैं जब आया यहां पे वो. अपनी कहानी सुनाएगा। यहां वाला कहेगा मेरे. को तो किसी ने जबरदस्ती करा। उठा के ले. गए। मुझे पड़ोसी ने कर दिया। मेरा फलाना. दोस्त था। उसने मुझे लिया। हर एक की अपनी. कहानी है। बट सब आ जाते हैं वीक पे आ जाते. हैं। वीक पे गुड। लगता है अभी जिस तरीके. से अब जो ऑपरेशंस हो रहे हैं टेररिज्म.
खत्म हो जाएगा। यह गवर्नमेंट कर देगी।. देखो मैंने आपको पहले भी बोला था टेररिस्ट. खत्म इसलिए नहीं होंगे क्योंकि बदमाश. दुनिया में हैं। वो रहेंगे। आप मुझे बताओ. आपने मुंबई में क्या बोलते हैं इसको अंडर. वर्ल्ड पूरा खत्म किया। क्या अभी तक कोई. गुंडा नहीं है क्या मुंबई में? होंगे अभी. भी है। लेवल ऑ्गेनाइज क्राइम लेवल देखो. लेवल ना क्या होता है? उतना नहीं है। मुझे.
आप मुझे एक बात बताओ। उतना भी नहीं है. जितना आज से उतनी टेररिज्म टेररिस्ट नहीं. है जितना आज से पहले था। 10 साल पहले बात. करो. बल्कि 14थ में ऐसा हुआ था कि एक टाइम पे. ऐसा लगा था जैसे आज लगा था ना कि मिलटेंसी. खत्म हो गई है। टेररिज़्म अह इंसर्जेंसी वह. कंफ्लिक्ट ज़ोन नहीं रहा। यह. हमारा 14th में ऐसा हुआ था कि हम.
लोग जो. लोग. एंटी मतलब ये इस इंसजेंसी में लड़े थे. उनके खिलाफ उनको थोड़ा सा क्या होता था. साइड लाइफ जैसे होता है कि यार ये लोग. अपने आप को बड़ा समझते क्योंकि वो सेल्फ. स्टाइल देखो अभी क्या होता है ना जो बंदा. लड़ता है ना जो सोल्जर होता है उसकी बोली. अलग होती है उसकी. की उसके एटीट्यूड में अलग होता है। उसका.
एटीट्यूड आपके नॉर्मल इंसान की तरह नहीं. होगा। नॉर्मल पुलिस वाले की तरह नहीं. होगा। जो पुलिस स्टेशन में बैठने वाला जो. तफ्तीश करने वाला तो उससे क्या होता है? दूसरे वाले थोड़े से वो करते हैं कि यार. ये उसी दुनिया में है। ऐसा ऐसा हो गया था. कि वो अपने आप को अलग-थलग समझना शुरू हो. गए थे। सब लोग कि उनको कई बार कहा जाता है. हां ये तो बस आ गए ना एसओजी से करके इनको. कुछ आता नहीं है बस इनको सिर्फ गन जलानी. आती है अब तो ये बैठे हुए हैं। इस टाइप से. होना शुरू हो गया था। एक टाइम वो था लोगों.
को ये लगने लगा था कि अब हमारे हम लोगों. को ये लोग जीने नहीं देते। अपने ही के. बोलते हैं कि भाई तुम लोग तो सिर्फ. मिलिटनरी मारना जानते हो। तुम्हें तो. तफ्तीशें करना नहीं आती। तुम्हें. इंटेरोगेशन करनी नहीं आती। तुम्हें कुछ. नहीं आता। तो ऐसे हुआ था। एक एक हां उस. टाइम पे एक बड़ी मतलब एक इसमें. डीजी को दरबार में एक लड़का खड़ा हो के. कहा सर हमारा कुछ अलग से एक वो बनाई जाए.
मतलब. टीम बनाई जाए जो हमें यह सुनने को ना मिले. तो उन्होंने कहा भाई आपकी टीम बना के मैं. बेकार में नहीं बिठा सकता करूंगा क्या. टेररिज्म ऑलमोस्ट खत्म हां इस खत्म तो. नहीं कह सकते पर उन्होंने कहा था अब नहीं. उतनी नहीं है बट ये. चीजें जड़ से तो धीरे-धीरे लगेगा टाइम वो. सबको करना पड़ेगा मिलके वो एक हर एक का. क्या रोल है इंसानों का खासकर इससे हाई.
टाइम हमारे. लोगों को खासकर सिविलियन को यह समझना. पड़ेगा कि अब हम बर्दाश्त नहीं करते कौन. नुकसान उठाता है बताइए कितना नुकसान वहां. की आवाम उठा रही है बट अब तो जो गवर्नमेंट. अभी जो करंट है इनके जो मेजर्स हैं मुझे. लगता है अब खत्म कर देंगे धीरे-धीरे जिस. तरीके से ये लोग अब एक्शन लेते हैं एकदम. स्ट्रेटेजिक प्रिसिशन के साथ इतना. इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह फर्क पड़ा है आपको.
और ओपन कर दिया है कि जाओ और जिस तरीके से. ये लोग डिटरमिंड है जाके खत्म करने में आई. थिंक इट्स अबाउट टाइम ये लोग खत्म कर. देंगे नहीं देखो खत्म तो फिर भी मैंने. आपको बोला ना उतनी नहीं है जहां 5प00 होते. थे. 6600 होते हैं। लोकल सी 100 दो200 होते. हैं। वहां जाके कहीं सिमटा है 50 100 150. के बीच में तो फर्क तो है। हां तो मैं तो. ले रहा हूं 50 भी अब ये लगभग होगा। जैसे. धीरे धीरे धीरे टाइम टाइम होगा। ऐसे ही हर.
एक को उसके लिए ये नहीं है कि ये नहीं. सोचना है कि मैं नहीं कहूंगी कि अब मतलब. कि पूरा ही आप बोलो कि हम पूरी तरह बैठना. है। दुश्मन को कभी कमजोर नहीं समझना. चाहिए। हमेशा यह ध्यान रखना है कि हमको हर. वक्त इस चीज के लिए तैयार रहना है कि अगर. कुछ ऐसा कोई हमारे बीच आता है हमारा जो. फर्ज है जो एक आम शहरी का आम नागरिक का जो. क्या रोल है कि उनको टिकने मत दो। जैसे.
पुंछ में कहते हैं ना कि टिकने नहीं देना।. उनकी उनको अगर वो एक कदम चले तो 10 जाके. उस टाइम पे उन्हीं का एक कदम चला हुआ आप. आपको इनफॉर्म करना है। पुलिस इज नॉट पुलिस. आर्मी जैसे भी है एक-एक बंदे के पीछे नहीं. खड़ी हो सकती। एक-एक जगह पे मतलब. प्रोटेक्ट करने के लिए नहीं खड़ी हो सकती।. ये सबको मिलके करना होगा। खासकर हमारी. जम्मू कश्मीर की आवाम को। बट इन जैसे आई.
फील कि अब जो लोग जितने ज्यादा वीडियोस आ. रहे थे अभी कश्मीर के भी जेएनके में हर. किसी के कि लोग तो अगेंस्ट हैं इन अब. लोगों को लोग परेशान हो गए पहली बार राज. पहली बार हुआ कश्मीर में कैंडल मार्च. निकली है उसको ये जो ये जो किलिंग के. अगेंस्ट नहीं तो किनकी होती थी कैंडल. मार्च आपने देखी है कौन-किन की कैंडल. मार्च होती थी जब टेररिस्ट कोई मरता था. उसके जनाजे के साथ आपने देखा है क्या होता. था जनाजू पे फायरिंग चलनी होती थी क्यों.
होती थी करनी पड़ती थी हवाई फायर करना. पड़ता था डिस्पर्स करना पड़ता लोग आवाम. ऐसे उमड़ के आते थे आज की डेट में कहां है. वो हम ये टाइम है दिस इज अ टाइम हमको उनका. हाथ पकड़ना है बट वन थिंग एक क्वेश्चन है. कि जब सारे जो टेररिस्ट हैं मिलिटेंट्स. हैं इन लोगों के पास पैसे नहीं होते खाने. पीने के इनके पास इतनी इतनी महंगीमहंगी. गंस और वेपन्स कहां से आते हैं? क्या घर. में बनाते हैं? घर में कहां? ये तो सारे.
सोफेस्टिकेटेड वेपन है। सोफे जैसे. सी अगर जो है इसमें ना एक शेर के साथ. बताना चाहूंगी क्या वो एक बहुत अच्छा शेर. है। मुझे याद आया इस बात पे बहुत मुश्किल. है दुनिया का सवरना। ये तेरी जुल्फों के. पेचो खम नहीं है। तो ये बहुत मुश्किल है।. ये इतना ज्यादा इजी नहीं है। आप सोचते. कहां से आते हैं इतने एक्सपेंसिव वेपन्स. इतनी सारी चीजें? कर रहा है ना स्पोंसर कर. रहा है ना आपको। फंडिंग मींस बाहर से आता.
है पैसा।. जब पैसा आता है तो उसको. आगे अकाउंट्स बैंक अकाउंट्स में आता है।. कैश में बहुत बताओ मुझे दो तीन तरीके. जिससे लोग टेरर फंडिंग कर रहे हैं इधर इस. देश में पैसा आता कहां से क्योंकि अगर. लार्ज अमाउंट में आता होगा तो बैंक अकाउंट. से पकड़ा जाता है तो लाउन तो काफी कम हो. गया ना तो ला नहीं सकते बॉर्डर आपको पता. है पिछले तीन चार साल से कितना पैसा बंद.
हो गया टेरर फंडिंग होना बट आता कैसे था. आता बहुत मीन्स एंड वेज़ थे किसी आपके पैसे. में आ गया मेरा मेरा पैसा मेरे पैसे मैंने. दे दिया आगे आगे किसी को कर दिया मतलब. कोई कोई सोशल कॉज के लिए दे दिया जैसे. ड्राई फ्रूट ट्रेडिंग का आई नो कि उसमें. पैसा बहुत ज्यादा आता था देखो बहुत तरीके. थे कहीं सोशल कॉज कह के भेज दिया कहीं. कहीं बताया कि यतीमों के लिए भेज दिया.
कहीं कहीं मरसे में भेज दिया उस तरह से. आता था पैसा अभी तो बहुत लगाम लगी है बहुत. ज्यादा बहुत काम किया है हमारी जम्मू. कश्मीर पुलिस ने। पुलिस ने जितना मतलब दिन. रात लगी हुई है हमारी पुलिस उस एक कहते. हैं ना सांस लेने की उनको फुर्सत नहीं है. किसी को जितना काम किया जा रहा है इस बात. पे। अनफॉर्चूनेटली कह लो या फॉर्चूनेटली. हमारे पुछ के लोग आज की डेट में भी कोई.
टेररिस्ट को एंटरटेन नहीं करता। जितने भी. मतलब उग्र दहशतगर्द आते हैं अगर वो आते. हैं दे ट्राई देर लेवल बेस्ट कि उस जगह से. निकल के फटाफट श्रीनगर की तरफ या कहीं ऊपर. अपर रिजेस पे चले जाएं। मुंछ में पिछले. दिनों एक एनकाउंटर हुआ था। मतलब मैंने. पूछा यार बड़ा अच्छा एनकाउंटर हुआ था। तब. मैंने कैसे बड़ी अच्छी खबर मिली है। तो. उसने पता है क्या बोला लड़के ने मुझे? कहा. मैडम जी मैंने कहा कैसे किसने दी खबर? तो. उसने कहा मैडम हम सब मिलके हमारी यह कोशिश.
है कि इनको यहां रहने नहीं देना है। मैंने. कहा ऐसा कैसे? अब मैं भी मतलब बड़ा उसको. वो पूछ रही थी ट्राई करके कि मतलब क्या. बोलेगा? उसने कहा मैडम जी अगर हम इनको. रहने देंगे तो हमारी जिंदगी मुश्किल हो. जाएगी। हम इनको अपने गांव में रहने नहीं. देते। ना खाना देते हैं ना अंदर कोई आता. है। हम कहते हैं वापस जाओ हमारी जान. छोड़ो। अगर खाना खाने आएगा गन ले खाना. खाया। बोला यहां नहीं मिलना भाग जाओ। और. हम दूसरी तरफ से जाएंगे पुलिस को बुलाएंगे.
या आर्मी को बुलाएंगे एनकाउंटर करवा देते. हैं और कहता है ऐसे ही हुआ था वो एनकाउंटर. पीछे रहते हैं लोग अच्छा अब किस घर में गए. ये मुझे उसने मतलब एक्चुअल में ये रियलिटी. है अब ऐसा होता है मुझ में कभी भी. एक्चुअली एक टाइम था ड्यूरिंग माय टेन्योर. जब मैं रजोरी में काम करती थी तब एक बहुत. ज्यादा एक टाइम आया था कि बहुत मिलटेंसी. हो गई थी दैट टाइम वाज़ अ पीक वे कि. मिल्टेंट रोड पे आके चेकिंग भी करते थे।. कार्ड चेक करते थे। आपका आई कार्ड देखते.
थे। शाम के टाइम पे. ये 99 से लेके. 2002 2001 तक 98 99 99 बस अब 99 2000 काफी. पीक पे वो जगह मतलब क्योंकि सारा पीर. पंजाल अफेक्टेड हुआ था उस टाइम पे और काफी. इतने एनकाउंटर हुए थे उसके दौरान इतने. एनकाउंटर कि मतलब रोज मिल्टेंट मरते थे.
क्योंकि वहां पे अब क्या हो गया था? धीरे-धीरे लोग अफेक्ट होना शुरू हो गए थे।. कभी उन्होंने आके किसी अगर कोई इनफॉर्मर. है समझो उसकी फैमिली को मार देना। किसी ने. आके कोई हिंदू फैमिली है तो उसकी पूरी. फैमिली क्योंकि कहीं रिजेस पे हिंदू भी. रहते हैं। जैसे दराबा साइड ऊपर बफिया साइड. वहां पे हिंदू भी रहते हैं। तो उनकी. फैमिलीज़ को मारना जैसे रजोरी में हिंदू की. फैमिलीज़ को टारगेट किया। तो दैट वास द.
टाइम पीपल रियलाइज पुछ खासकर पुछ के लोगों. ने सोचा यह लोग रहेंगे तो हमारा ये जहनम. बन जाएगा या हमारा इतना. प्यारा शहर है। उन्होंने बस फिर एक-एक. करके सबको इसीलिए. कभी भी पुंछियों को हमेशा गद्दार की नजर. से ही बोलते हैं। दे कॉल्ड द गद्दार कौम।. क्यों? क्योंकि उनका साथ नहीं देते हमारे. टाइम पे एक ऐसा ऐसा होता था मुझे तो मतलब.
इवन के अपने ऑफिसर्स कई बार बोलते थे कि. भाई तुम जरा होल्ड करो इस जगह पे तुम नहीं. जाओगे कई बार होता था मेरे साथ कि ये. एरिया इतना अफेक्टेड है. और ये इतना ज्यादा यहां पे डेंजरस है कि. अगर उन्होंने ये तक बोला है अगर ये दिखी. हमारे 40 मर जाएं ये मेरे साथ हुआ था एक. बार एक हम कोई बहुत बड़ी असाइनमेंट हमें. मिली थी। उस वक्त हमने बहुत बड़ी रिकवरी. की थी। जैसे कि सिंटेक्स टैंक में डालडा.
के वेपन थे। अगर वो वेपन रह जाते तो सोचो. क्या हालत होना था। वो कितने सिंटेक्स. टैंक से हमने निकाला। तो मेरे रात रात को. जब हमको जाना था तो मेरे एसएसपी बहुत. अच्छे लोग थे। मतलब उन लोगों की बात ही. क्या थी? मुझे बिठा के मुझे कहते शायद आप. हम करेंगे एनकाउंटर जरूर लेकिन आप हमारे. साथ नहीं जाओगे। क्योंकि कोई और ऑफिसर था।. उसने बोला हुआ था कि अगर यह जाएगी मैं. नहीं जाऊंगा। क्योंकि इसके लिए उन्होंने. स्ट्रेट वे कहा है कि अगर यह आएगी हमारे.
40 भी मर जाएंगे। मैंने कहा फिर ये ना. जाए। आई वास सच काइंड ऑफ़ पर्सन। वो क्या. था? सिंटेक्स टैंक्स में वेपन वेपन मतलब. ये पता कैसे चला आपको कितने इनफर ने दिया।. इनफॉर्मर इनफ वहां के लोग जाते थे। हम. कहीं कई बार. लोकल्स जो थे वहां के लोकल जो थे उस टाइम. पर लोकल मिल्टेंट भी थे रजोरी पुछ के तो. वह लोकल्स को पकड़ा था कईयों को इंजर्ड. में पकड़ा था उन्होंने बताया वही वही जैसे. निकालने का तरीका था पता चल गया हां हां.
हां हमने रिकवर किए मैं गई मैं इतनी मतलब. वो कहते हैं ना सिर फ्री सिर्फ फ्री लोग. होते हैं ना उनमें से मुझे कहता मेरे. एसएसपी कहते हैं शाहिदा अगर. आप कोई नहीं ये आपका ही ऑपरेशन है बट अगर. आप ना जाओ तो क्योंकि उसको उनको प्रेशराइज. किसी और ने किया हुआ था। किसी और ऑफिसर ने. कि इसको मत ले जाओ वरना हम सब मारे. जाएंगे। हम वो ऑफिसर नाम नहीं मैं लूंगी।. वो ऑफिसर यूनिफार्म में नहीं गया। वाइट.
कपड़े पहन के गया सलवार कमीज हमारे साथ. पहन के। मुझे बोला मारना होगा तेरे को. मार। मुझे मत मारना। बट हम ऐसे गए थे कि. उनकी हिम्मत कहां मिलती। हम भी खूब तादाद. में खूब सारे नंबर्स में गए थे। कितने लोग. थे? काफी कितना. 100 तक गए होंगे हम जब रिकवरी करने. क्योंकि पूरा रिजेस को कवर करना होता है. तो फिर क्या हुआ. था मैं गई मैंने कहा नहीं मैं तो नहीं.
रुकूंगी लेकिन एक टाइम था जब बहुत ज्यादा. मेरे पे थ्रेट हो गई थी तो तब मैं आर्मी. के साथ जब जॉइंट होता था वहां पे गोर्खा. रेजीमेंट थी तो गोर्खा रेजमेंट में क्या. था वो शॉर्ट होते हैं तो अगर मैं एक. नॉर्मल आर्मी ऑफिसर की यूनिफार्म पहनू ंगी. तो मेरे को लगेगी नहीं मतलब वो बहुत. ज्यादा लूज़ होगी। तो मैंने एक बार की हुई. थी यूनिफार्म गोर्खा रेजमेंट से आई यूज्ड. टू वअ दैट. यूनिफार्म क्योंकि मुझे हर कोई कहता था यह. आएगी तो हमें भी खतरा हो सकता है। किसी को.
पता ही नहीं चलता था। एंड नेवर एवर यूज्ड. टू टेल एनीबडी और कॉल नहीं करती थी। मैं. जैसे वॉकी टॉकी पे सेट पे कॉल नहीं करती. थी। हमारे लड़के होते थे। दे यूज्ड टू डू।. हमारे पास कुछ नहीं था राज। हमारे पास. वॉकी टॉकी उनके सीज करके हम यूज़ करते थे।. हमारे पास गन नहीं थी। हम उनकी उनके पकड़. के सीज करके वह यूज़ करते थे। हमारे पास. गाड़ियां नहीं होती थी। हमारे पास लोग. नहीं होते थे। लेकिन जज्बा था इस देश के.
लिए लड़ने का, मरने का, मिटने का। टेंशन. नहीं होती थी। और आप यकीन करोगे मैं जब 5. साल एक जगह जॉब करने के बाद एक ऑफिसर के. पास गाड़ी के पैसे ना हो। आप कैन यू बिलीव. दिस? मेरे पास एक ज़न खरीदने के लिए पैसे. नहीं थे। हमारा एक ही मिशन था। मैं सारी. जितनी पे होती थी. मेरी मैं जब छुट्टी पे जाती थी उन दिनों. फोन नहीं था, मोबाइल नहीं था। लोगों के. घरों में मोबाइल नहीं था। वो जज्बा था.
छुट्टी में जाना। जैसे जम्मू में आना मुझे. घर क्योंकि मेरी मेरे भाई और मदर मेरी एक. एक भाई के पास कभी-कभी जम्मू में ही रहते. थे तो कभी पुछ में। पुछ में तो मैं रेयर. ही जाती थी। बहुत कम क्योंकि वही डर के. मारे। मैंने कहा खुद तो कुछ हो ना हो मुझे. उनका खतरा होता था ज्यादा। तो मैं जब. जम्मू जाती थी आई यूज्ड टू फिनिश ऑल माय. मनी। मैंने कहा पता नहीं अगली बार जिंदा. होंगे कि नहीं। मेरा ये एक ना वो दिमाग. में था कि हमने कहां बचना है। हम सोचे थे.
ऐसे चलते थे। हम जब एनकाउंटर करने जाते थे. वी यूज्ड टू प्ले म्यूजिक। हमारे साथ कोई. अगर कोई और आ जाते थे जैसे और कोई दूसरी. टीम के बंदे आ गए। वो बड़े हैरान हो जाते. आप इतने गाना सुनते हुए जा रहे हो इनको. ऑनर करने। मेरे ड्राइवर को भी नहीं पता. होता था कि हम कहां जा रहे हैं। दैट वाज़ द. लेवल ऑफ सिक्रेसी। क्योंकि हमारा उन दिनों. सोर्स कैसे लाए जाते थे। अब फोन पे तो कोई. बताएगा नहीं। सोर्स को गाड़ी में पूरा. निकाह पूरा करके बंद करके लाते थे। वो. इंफॉर्मेशन देता था हमें। उसको वापस उस.
जगह पे छोड़ते थे। देखो उनकी उनकी सेफ्टी. भी हमारा फर्ज था। उसके बाद हम जू ही जिस. गांव में जाते थे एक बंदे को पकड़ते थे. रास्ते में।. वो पहले बता देता था ना इस बंदे को पता है. जगह उसको ले जाते थे साथ चल भाई बता अब. जगह कौन हमारा सोर्स बिल्कुल सेफ अपने. सोर्स को सबसे बड़ी बात होती है अपने. सोर्स को बचाना तब उनको आप पे बेनिफिट वो. लोग तब आपको खबर देते हैं उनको पता है ये.
ऑफिसर हमें जो वादा किया मेरा वादा होता. था आप खबर दो अगर वो एज में नहीं है तो. अगर पैसा देना दिलवाना है गवर्नमेंट से जो. भी सीनियर्स से पैसा दिलवाऊंगी। पैसा नहीं. अगर किसी को जॉब नई लगवानी है वह लगवाएंगे. या जो भी वादा करती फिर मेरा चाहे जिस. वक्त हो जाता था काम जैसे से अबाउट एक. एनकाउंटर हो गया। फिर मैं अपने सीनियर का. गला पकड़ लेती थी। जब तक काम नहीं होना.
मुझे कई बार लोग कहते थे आपको क्या हो. गया? आप ये लोगों से आप अपने दुश्मन लोगों. को बना रहे हो क्योंकि इनके लिए लड़ के यह. लोग आपके किसी काम नहीं आएंगे। बट राज ऐसा. नहीं होता। मेरे काम नहीं आए। मुझे मुझे. उन्होंने कुछ शायद नहीं दिया। लेकिन जो. दुआएं उन्होंने दी होंगी ना शायद कुछ. लोगों को मैंने रेडिकलाइज हुए थे जो. पाकिस्तान जा रहे थे। पूरा मतलब ट्रेनिंग. के लिए शूज भी उनको मिल गए थे। 5-प000 उस. टाइम पे आज से 2001 और 99 से लेके 2001 के.
बीच में बहुत बड़ा पैसा था। जूते तक मिले. थे उनको क्रॉस करने के लिए। मैंने उनको. वापस लाया। उनको मोटिवेट किया। उनको अपनी. टीम में रखा। तो पाकिस्तान ऑक्यूपाइड जो. कश्मीर है अपन ले लेंगे वो। देखो पर्सनल. बात मैं आपको बताऊं। हम अगर इस पे ही. कंसंट्रेट करें। ये जो पहले हम अपने घर को. सेफ कर लें। ठीक करें ना। घर को ठीक करने. का मेरा मतलब है कि अगर कोई लोग रेडिकलाइज.
हैं हम वो उनका माइंड आप माइंड में किसी. को नहीं कर सकते। जीतना क्या है हमको यहां. से हम लोगों को जितनातना माइंड से जैसे. कहते हैं ना कि एक मरता है तो दो खड़े हो. जाते हैं। दो मरते हैं तो एक खड़ा हो जाता. है। यह चलता रहेगा। बेसिकली क्या है यह अम. कुछ समझो आप पाकिस्तान के गुंडे हैं जिनके. पास कोई काम नहीं है। कुछ समझो बेकार यहां.
के गुंडे हैं जिनके पास कोई काम नहीं है।. अब गन आ गए हाथ में बन. गए वो क्या बोलते हैं? मुजाहिद उनके सो. कॉल्ड मुजाहिद टेररिस्ट वो थोड़ी टेररिस्ट. बोलते हैं। वो तो मुजाहिद बोलते हैं ना।. लेकिन है तो वो टेरर टेरर कर रहे हैं। ये. टेररिस्ट वर्ड वो किस लिए मैं बोल रही हूं. कि ये टेररिस्ट टेररिज्म आज से. नहीं ये उस वक्त से शुरू हुआ है जिस वक्त.
क्या बोलते हैं यजीद और इमाम हुसैन की जंग. हुई थी।. बिटवीन जो प्रॉफेट मोहम्मद के फैमिली थी. पूरी जिसका यह लोग कलमा पढ़ते थे मतलब. उसको ही मानते थे क्या रसूल मानते थे उसी. के बताए हुए नक्शे कदम पे चलते थे उन. उन्हीं की पूरी फैमिली को इन्होंने खत्म.
किया किस लिए के पावर के लिए इट्स अ गेम. ऑफ पावर. इस्लाम हैस नथिंग टू डू विद दिस। इस्लाम. को अगर सही पर यह सिर्फ एक्सट्रीमिस्ट है. जो. लाइक अलकायदा आपने सुना होगा आईएसआई आईएस. आईएस आईएस क्या है वो कोई मुस्लिम्स. बताएंगे। उनको खुद पता नहीं है अपनी इतना. टॉर्चर मतलब कोई कहां पे है? किस इस्लाम. में लिखा हुआ है या कहां कुरान शरीफ में.
लिखा है कि आप ईसाई ईसाई मींस क्रिश्चियंस. को देखो उनका गला काट दो किसी और धर्म का. देखो गला काट दो इस्लाम में प्योर बताया. जाता है प्योर हमें समझाया जाता है सिखाया. जाता है कि आपको कोई दूसरे धर्म का बंदा. मिलेगा उसको आपको बल्कि ज्यादा इज्जत से. पेश आना है आप यकीन करोगे एक मिलिटेंट को. पकड़ा वो लोकल था हम वो पकड़ा हुआ था तो. हम इंटेरोगेशन कर रहे थे। तो मैंने उससे.
पूछा काफी ऑफिसर बैठे हुए थे। तो मैंने. उसे पूछा मैंने कहा क्यों तुम भाई छोटा. यंग बच्चा 22 साल का मैंने कहा क्यों बने. भाई मिलेंट क्या तेरे को इतनी प्रॉब्लम हो. गई? अब तुम पकड़े गए देखो जेल में रहोगे. या तो तुम मर जाते। कहता नहीं जी मैं. इस्लाम को इस्लाम के लिए मैं खड़ा हो गया।. इस्लाम को बचाने के लिए मैंने कहा अच्छा. तू तो इतना बड़ा रहनुमा हो गया। इस्लाम का. झंडा परचम लेके चला तो तेरे तेरे पीछे तो. हम सबको चलना चाहिए। तो मैंने कहा अच्छा.
ठीक है बहुत अच्छी बात है। बातोंबातों में. मैंने कहा यार चल तू कलमा सुना दे। कलमा. मतलब समझो कि बस एक लाइन है अगर उस जिसको. नहीं आती ना समझो वो मुस्लिम ही नहीं है।. जो आप अभी भी देखा होगा आपने इस टाइम पे. बोला कलमा पढ़ो तो आप आप समझो मुस्लिम हो।. उसके बगैर आप मुस्लिम ही नहीं हो। यू विल. नॉट बिलीव मी। उस बंदे को कलमा नहीं. आया। मैं इतनी मेरे को मुझे बहुत गुस्सा. आया। मैंने फिर उसको एक लगाई अच्छी खासी।.
मैंने कहा थर्ड रेटर झूठ बोलता है। तेरे. को खुद पता नहीं है। क्यों? मैंने कलमा. उससे पूछा। रीज़न बिहाइंड मैंने व्हेन आई. सॉ हि फीट ना उसके पैर में इतनी इतनी मैल. थी। मैंने कहा देखो हमें अगर नमाज जो पांच. वक्त पढ़ने के लिए बोला गया है यह बेसिकली. रीजन है कि आप एक कनेक्शन बना के रखो. अल्लाह के साथ नंबर दो उसको याद करो उसके. नंबर दो आप अपने आपको पाकीजा भी रखो पाक.
साफ पांच बार आप मुंह धोते हो नहाते हो. कुछ लोग तो नहा भी लेते हैं मुंह हाथ धोते. हो यहां तक हाथ धोते हो मुंह धोते हो पैर. धोते हो आंखों में कान में मुंह में पानी. डालते ते हो पाक साफ बनते हो तब जाके. अल्लाह के सामने इस काबिल बनते हो कि बैठ. के उसके साथ उसके साथ रूबरू होने का आपको. काबिल बनते हो। मैंने कहा मेरे को शक पड़ा. मैंने कहा इसके पैर इतने गंदे हैं। ये तो. कभी पैर ही नहीं धोया है। नमाज क्या पढ़ा. होगा? तो तब मैंने जब एक लगाई तो फिर.
फटाफट वो बोला कहता नहीं मैडम जी एक्चुअली. क्या था कि हमारे गांव में एक एक गुंडा. था। तो. गुंडा गुंडे ने गन उठाई थी। गुंडे को पूरा. गांव उसकी इज्जत करता था। उसको जहां जाता. था खाना खिलाते थे। अब कुछ डर के मारे. एक्चुअली क्या करेंगे? अब हम दो बैठे हैं।. कोई गन मैन आएगा बोलेगा खाना दो क्या हम. तो गन रखेगा। हम तो कहे खाना खा भाई जा।. तो वैसे ही होता था। तो उसने वो.
किया वो उसकी इतनी फेमस हो गया था। उसकी. बड़ी उस लोकल लैंग्वेज में डैल बोलते हैं।. बड़ी डैल हो गई उसकी। तो फिर मैंने कहा. यार ये तो एक गन उठानी है बस मिल्टेंट. बनना है। मैं चल के चला गया। दिस वाज़ दिस. इज अ रियलिटी एक्चुअली। पर आपने डीडिकलाइज. कैसे किया उनको? डीडिकलाइज अब मैं आपको. बताती हूं। बिठा के समझाया जो जो मुझे. मिलता गया मेरे मैंने इवन के जेल से भी. निकाल के एक दो लड़कों को निकाला। उसमें.
हेल्प की मेरे सीनियर्स ने। ऐसे नहीं. होता। अकेले नहीं होता। इट्स ऑल टीम वर्क।. तो जो मैंने स्टार्ट किया था मेरा. स्टार्टिंग टीम में पांच छह लड़कों से ले. की थी मैंने स्टार्टिंग तो मुझे जब इसने. बोला लड़कों को मैंने जब बुलाया तो मैंने. कहा आप क्यों भाई उधर क्या मतलब आप उधर. क्यों जा रहे हो आपने गन उधर जाना मैंने. कहा आपकी लाइफ मैं सिंपल वर्ड मैं मतलब. सीधी बात करती हूं मैं नो बकवास मैंने. सीधा बोला मैंने कहा आप मुझे एक चीज बताओ. पाकिस्तान जाओगे ट्रेनिंग करोगे आपकी.
जिंदगी कितनी है ज्यादा से ज्यादा छ महीने. यहां आओगे मर जाओगे और फिर उसके बाद आपके. घर वालों की क्या हालत होगी आपकी क्या. हालत होगी आप आप यह कभी सोचा आपको गन. चाहिए मैंने सिंपल कहा आपको गन चाहिए आप. गांव में रोब दिखाना चाहते हो मैं आपको गन. दूंगी मैं आपको गन दूंगी मैं आपको पे भी. दूंगी आप मेरे साथ आइए मेरे साथ चलिए अगर. आपको नहीं बाहर आया तो आप चले जाना अगर. मुझ में कुछ खोट हुई मुझे मार के चले जाना.
मैं यह तक कह के रखा उनको आप यकीन करोगे. कुछ लोगों को अगर जिंदगी में कभी मिले तो. मैं आपको बताऊंगी कुछ लड़के थे जिनकी गन. की हमने पिन तक निकाल रखी थी क्यों निकाली. थी अगर यह ट्राई करें कभी हमारे साथ चल. रहे हैं हम पीछे मुड़. के माइंड नहीं सेट बैठा हमें मार के चले. जाएं हमने उनकी अभी भी वो हंसते हैं कहते. हैं मैडम जी हमें पता था हम हम इतने. ट्रेनिंग कर चुके थे यहां पे यहां हमने. ट्रेनिंग सारी गन चलानी आती थी हमको लेकिन.
हमने जब देखा आपने हमारी पिन निकाली वाले. हम हंसने लगे। मैडम को हम पे अभी भी भरोसा. नहीं। मैंने कहा कब कैसे करती मैं भरोसा? इतनी जल्दी थोड़ी तुम पर भरोसा कर सकती. थी। जरूरत है हमें ऐसे यूथ को रेडिकलाइज. से डीरेडिकलाइज करना। फिर एक और मैं. आर्टिकल पढ़ रहा था कश्मीर के ऊपर ही कि. जहां पे बहुत लोग टेररिज्म ग्रुप ज्वाइन. कर लेते हैं या गलत रास्ते पे चले जाते. हैं। बिकॉज़ एक कांसेप्ट लिखा गया था. रप्चरर्ड मैस्कुलेनिटी।.
तो रप्चर्ड मस्कुलेनिटी मतलब यह था कि. बचपन से कुछ लड़के हैं जो देखते हैं. सोसाइटी में कि यार मैं तो सोसाइटी की. नजरों में फेल हो गया। मैं निकम्मा रह गया. ना मेरे से कुछ कमाते हैं। यह बड़े-बड़े. लोग आते हैं। आके हमारी बहन बेटियों को. परेशान कर देते हैं। गन वाले जो लोग हैं. वो आके बदतमीजी कर जाते हैं। कभी टेररिस्ट. आके परेशान करते हैं। कभी आर्मी या पुलिस. वाले आके परेशान करते हैं। हम पावरलेस. हैं। कॉन्फिडेंस नहीं है। हम में कुछ भी. नहीं है। हम तो वीक हैं। और सोसाइटी इनको. ताने मारती है। तो उस कॉन्फिडेंस को.
बढ़ाने के लिए वो बोलते हैं अब जहां से. पावर मिलेगा हम वो करेंगे और उसके लिए फिर. मैंने आपको पहले ही वो बात बताई। और इसके. लिए जॉइन करते जाते हैं। वो कौन था? वो. फेलियर था ना उस लड़के को जिसको अपने. इस्लाम का कलमा तक नहीं आता। बीइंग ए. मुस्लिम ही वास नॉट एबल टू रिसाइट अ कलमा।. तो जिनको लगता है कि सोसाइटी में हमारी. कोई वक्त नहीं है वैल्यू नहीं है वो जॉइ. कर लेते हैं ये सब चीजें। बस उनको मैं. मेरी एक आपको राज मैं जब क्योंकि मैं प. साइड से हूं तो हमने जब ट्रेनिंग की हमारे.
साथ कश्मीर से सूरत कश्मीर में बहुत 95. में जब मैंने जॉइ किया तो कश्मीर में बहुत. ज्यादा पीक पे मिल्टेंसी तो हम आपस में. बैठ के हमारी फ्रेंड्स थी। उनसे बात करती. थी। एक बड़ी अच्छी फ्रेंड है। बड़ी बड़ी. जेन्युइन बात करती थी। वो कहती थी उसने. काफी कुछ देखा है अपनी आंखों से। उसने. मुझे मैं कहती थी बता यार ये क्यों बनते. हैं? वो कहती थी शाहिदा बात यह है पहले. गुंडे थे। चाकू लेके हमको मारते थे। अब. गुंडों के पास गन आ गई है। एक बार जब मैं.
थी उस एरिया में रजोरी पुछ में वहां पे एक. एक पढ़ा लिखा लड़का एमटेक लड़का आया था. ले गन वगैरह आ गया इधर पाकिस्तान में उसको. वाश किया कि भाई माइंड बताया कि वहां पे. मुस्लिम्स पे औरतों के साथ बहुत बे अदबी. होती है औरतों को मोलिस्ट किया जाता है।. फिर मुस्लिम्स को नमाज नहीं पढ़ने दी जा.
रही है। सब कुछ ये सब कुछ बोल के तो अब. कितना उसको पंप किया होगा क्योंकि पढ़े. लिखे लोग जब अंदर आते हैं तो उनको फायदा. होता है ना बहुत ज्यादा तो जो ही वो एंटर. किया. उसने. इसमें रजोरी की तरफ तो उसने अजान सुनी. पहले तो उसको वही शौक हो गया यार अजान तो. अच्छे भले हो रही है तो दूसरा फिर. धीरे-धीरे कोई चार पांच दिन जब रहा आफ्टर. टू थ्री डेज फिर कहा यार ये तो बकवासनामा.
है ये क्या है? सारे मुस्लिम खा रहे हैं, पी रहे हैं, शादियां हो रही हैं। नाच रहे. हैं, गा रहे हैं। उठा उसने उठाए अपने पूरा. सब जितना भी उसके पास था रक्षक जो भी साथ. था सुंदर बंदा मतलब 6 फीट टॉल आया आके. संतरी में आर्मी के पास देखो कॉन्फिडेंस।. उसका कॉन्फिडेंस देखो कैसा था। आया संत्री. को कहता सीओ से मिलना है। यूनिफार्म मतलब. मिलेंडू की वो संत्री डर गया। संतरी ने.
कहा पीछे हट हट हट और कहा गन छोड़ नीचे सब. कुछ उसने उतार दिया नीचे बोला अच्छा अब. सारा उन्होंने सोचा पता नहीं कोई वो आया. सुसाइड बमबर आ गया क्या आ गया करण वरिंदर. ने क्या किया उस टाइम. पे उन्होंने कहा अच्छा ठीक है ले आओ मेरे. ऑफिस में मैंने कहा भाई मेरे को कुछ नहीं. था लड़ना शना मुझे गलत इनफॉर्म किया गया. इंफॉर्मेशन थी मुझे भाई मेरे को सरेंडर. करना है ये लो जितना भी जो मेरे पास आया. मुझे उसको फिर बहुत मतलब न्यूज़ में आया वो.
काफी उसके इंटरव्यूज हुए बट आपने बोला. जैसे कंट्री बैक करती है तो पाकिस्तान. क्यों करता है लाइक व्हाट इज देयर. प्रॉब्लम नाउ क्यों बैक टू बैक हर पूरी. दुनिया की सारे जो टेररिस्ट है वो वहीं. मिलते हैं या उनके कंट्रोल में ही होते. हैं या उनके आसपास ही मिलते हैं मतलब. मैंने आपको सबसे बड़ी बात बताई कि. पाकिस्तान के पास तो कुछ और कुछ मुद्दा. नहीं है ना एजेंडा नहीं है ना मुद्दा एक. है कश्मीर तो मुद्दा है बट यहां पे तो. उनका ये सब करने में और खर्चा हो रहा है. ना पैसे कहां बन रहे हैं उनको टेक्निक के.
लिए अपना देश सुधारना है, इकॉनमी सुधारनी. है, बढ़नी है। उनकी हालत अभी खराब है. भयंकर। सब तो नीचे गिर रहा है। तो जहां. उनकी हालत खराब है, हमारी एक स्टेट के. बराबर उनकी जीडीपी नहीं है। तो है कितना. सा है हमारे यूपी स्टेट से भी छोटा है वो. पाकिस्तान। और हमारे तमिलनाडु की जीडीपी. ज्यादा है उनसे। माय पॉइंट इज दैट राइट।. ये तो जब उनको फोकस करना चाहिए इकॉनमी, जीडीपी इन सबके ऊपर। देखो उस फोकस करते. हैं इसमें जहां खर्चा हो रहा है और कमाने. की नहीं सोच। उनकी हालत अपनी देखो ना क्या. है उनके पॉलिटिकल सिनेरियो देखो आप मुझे.
बताइए क्या पाकिस्तान को कश्मीरियों से. कोई हमदर्दी है नहीं मुझे तो नहीं लगता. अटैक नहीं कौन सी हमद कौन सी हमदर्दी आपको. अगर ये तो वही हो गया ना पड़ोस में कोई. अगर अच्छा खाता पीता है तो उसे जेलस करके. उसको भाई गिराओ कैसे भी करके गिराओ अब. क्या हो रहा था कश्मीरी इस टाइम पे इतना. मतलब टूरिस्ट जा रहा था कश्मीरी वास वेरी. हैप्पी हम क्यों हैप्पी था कि उसकी रोजी. रोटी चल रही थी टूरिज्म इकॉनमी इट्स वन ऑफ़. द बिग इकॉनमी ऑफ़ द जम्मू कश्मीर खासकर.
कश्मीर की हम कश्मीर में एक घोड़े वाला. बेचारा जो रोटी खा रहा है जिसने अपनी जान. दी आप क्या समझते हो क्यों उसने जान दी. बेचारा वही कह रहा था यार ये ना करे तो. मेरी रोटी जलती रहे उसको कोई ना लेनी देनी. इससे गन वाले से ना ले उसको उसके लिए. भगवान तो यह है ना वैसे भी हम कश्मीरियों. में जो जम्मू कश्मीर के लोग हैं। मेहमान. को भगवान का रूप समझते हैं। इतनी मेहमान.
नवाजी कश्मीर में होती है ना अगर आप चले. जाओगे ना राज खाना खाओगे ना आपको मतलब. पागल कर देंगे। आप आप कोशिश करके देखो कि. आप एक मतलब थोड़े से राइस खाओ या थोड़े से. उसको आपको 10 बार जबरदस्ती खिला के. छोड़ेंगे। आप कर ही नहीं सकते। वो इतनी. बड़ी तो वो इतनी मेहमान नवाजी है उनकी। तो. वो लोग इनको भगवान समझते हैं। मेहमान है. उनके। कोई कश्मीरी नहीं चाहता कि उसके घर. में हमेशा आग लगी रहे। यह कश्मीरियों का.
अपना वो नहीं है। ठीक है? उसमें कई चीजें. हैं. जो मल्टीफोल्ड स्टोरीज एंड मतलब बच्चे. उसमें पिस रहे हैं। पेरेंट्स पिस रहे हैं।. कई लोगों का अपना वेस्टर्न इंटरेस्ट है।. उस चक्कर में ये सब हो रहा है।. बट जो भी हो रहा है इट इज माय क्वेश्चन. वास कि आपको क्या लगता है? क्यों ऐसे करता. है पाकिस्तान? जो पहलगाम का हुआ देखो. जिसने भी कराया यह सब उसका एक मेन मकसद था.
कि यहां अनरेस्ट करना हम एक जंग के उस पर. पहुंचाना अल्टीमेटली जंग से भी हमें क्या. मिला मिलता है कुछ नहीं मिलता ना आज अगर. 18 लोग पुंछ के मरे हैं शहीद हुए हैं कहीं. जख्मी हैं उनसे पूछो आप और मैं भूल जाएंगे. जिन लोगों का कोई नहीं मरा वो भूल जाएंगे. कहानी हम कहानियां बोल के स्टोरी करके.
उनके पास जाके सहानुभूति दिखा के उनकी. हमदर्दियां दिखा के हम भूल जाएंगे। 10 दिन. के बाद हम सब भूल जाएंगे। उसका क्या जिसका. बाप गया उसका क्या जिसके दो बच्चे गए हो. तो रहा है ये हो रहा है तो क्यों कोई कर. रहा है तो मतलब बॉडी आप उतने लोगों से. मिले हो। इतने आपने एनकाउंटर्स करे हैं।. लोगों से मिले होंगे। इंटेरोगेशंस करे. होंगे वहां। कितनी बार इंडिया के लोगों से. बात करी होगी? पाकिस्तानी लोगों से करी।. नॉर्मल लोगों से बात करी होगी या टेररिस्ट.
से बात करी होगी पाकिस्तानी जो नॉर्मल है. ना क्योंकि हम मैं आपको. बताऊं जो हम देखते हैं ना एक्चुअल में. पाकिस्तानी जो नॉर्मल वो वो जो सिविलियन. है उनको भी कुछ लेना देना नहीं वो इतनी. गरीबी है उधर इतने बेचारे मुश्किल आपने. कितने मीम्स सुने ही होंगे उनके वो कहते. हैं यार हमें क्या मारोगे यार तुम हम तो. भूख से ही मरे हुए हैं अभी एनकाउंटर हुआ. उनकी उनकी हालत देखो क्या मतलब मुझे लगता. है कि किनकी क्या मिलिटेंट्स अभी एनकाउंटर. हुआ अभी उसकी बात कर रही हूं मैं अभी कुछ.
दिनों पहले एनकाउंटर हुआ उसकी बात कर रही. हूं एनकाउंटर हुआ तो तीन मिलिटेंट मारे गए. अब क्या उनकी लाइफ है क्या इनकी लाइफ एक. मिलिटेंट की ज्यादा से ज्यादा दो साल लाइफ. होती है उससे ज्यादा नहीं वो जी सकता. कितनी बार कितनी देर आप भागोगे कितनी देर. आप. छुपोगे आप किसी की टेरिटरी टेरिटरी में. जाके इंडियन गवर्नमेंट के आर्मी के दाएं. बाएं पुलिस पुलिस है, बीएसएफ है, सीआरपीएफ.
है, पैरा और पैरामिलिट्री फर्सेस मिलिट्री. है। इतनी सारी चीजें हैं। कितनी देर बचोगे. आप? यह वही कहानी यह है कि. हमको जितना हो सके कश्मीर में पॉजिटिविटी. लानी पड़ेगी। कश्मीरियों के साथ हमें वह. जो होता है ना वह सौतेला व्यवहार वह नहीं. करना है। आजकल जो आ भी रहा है ना मिल्टेंट. वो ज्यादा देर लोगों के घर नहीं ठहर रहा.
है। लोगों पे भरोसा नहीं कर रहा है।. स्मार्ट हो गए हैं बहुत ज्यादा। स्मार्ट. इन द सेंस कि वो मारे जाते हैं। अब वो. जंगल में रहते हैं। अब जितनी नकेल कसनी है. हमने देखो जंगल इतना बड़ा है। पीर पंजाल. से लेके वहां कश्मीर की पहाड़ियों से लेके. इतने बड़े जंगलों में कितना तुम रोज तो. छान नहीं सकते ना। हाई डाउट्स बनाए जाते. हैं। आप यकीन करोगे हम जब जाते थे ऐसे. होता था। हमें खबर मिली इस घर में कोई पता.
चला यह बेसमेंट है जी। इसमें मिल्टेंट है।. हमने लगाया वो या बेसमेंट है या किसी के. घर में बैठे हैं खाना खा रहे हैं। आपका. बेसमेंट हमें पता ही. नहीं। हम ऊपर लगाया. एनकाउंटर कॉर्डन लगाया एनकाउंटर स्टार्ट. हुआ। मिल्टेंट. गायब हम कहते थे जमीन खा गई। आसमान निकल. गया। कहां गए? बाद में कहीं हाई डोट्स. ब्रस्ट होते थे। फिर नीचे निकलते थे लोगों.
मुंह वाले लोग अब बहुत कम है हम जो उनकी. हेल्प जो ऐसे ऐसे कहीं हाई आउट्स होते थे. बस्ट होता था हमारा मेरा एक साथी था जब हम. एक हाइड आउट में थे तो दीवार ऐसे दीवार थी. जैसे आपकी दीवार है मुझे क्या पता पीछे. क्या है इस दीवार के अंदर जैसे आप स्लाइड. करोगे तो पीछे अगर आपका हाइड आउट है पूरा. घर बना रखा है तो वैसे था लड़के ने. क्योंकि क्योंकि उस उस एनकाउंटर में मेरे.
हस्बैंड भी मतलब ब्रिगेड गांगुली हमारे. साथ थे। तोड़ी गांगुली ने देखा नॉक किया. क्योंकि आर्मी तो बहुत ज्यादा वो होती है. एक्सपर्ट होती है तो इन लोगों को पता होता. इन्होंने नॉक किया उस जगह पे जो जगह को. देखा तो होलो था पता चला ये अंदर तो कुछ. है ये बाहर निकले हम मैं उस एनकाउंटर में. सेकंड क्वार्टर में थी तो इस ये गए हुए थे. वही दाढ़ी हुई मतलब मिल्टेंट बनके इनके. साथ वो मेरे दो-तीन लड़के थे तो जब वो तो.
अब मेरा वाला जो लड़का था बहुत ही बहादुर. मतलब अब अगेन यू विल नॉट बिलीव मी ही. वाज मिलिटेंट बिफोर दैट टेररिस्ट था वो. उसको फिर हमने हमने उससे पहले उसने जॉइ. करके पुलिस वाला बनके अब सोचो क्या हुआ. उसको उससे रहा नहीं गया वो जब निकला था. मेरे मुझसे वहां जाके मुझे कहता मैडम जी. आज यहां खुद आऊंगा या इनको लेके आऊंगा.
क्योंकि कुछ टाइम टाइम हुआ था हमें महीना. हुआ था जब हमें कुछ मतलब अच्छा सक्सेस. नहीं मिली थी तो जब. वो ब्रडी गांगुली को क्या हुआ कि वो पिन. नहीं खुला जो उन्होंने स्मोक बम लेके पिन. नहीं खुला किस्मत की बात है तो इन्हने कहा. इसको तुम रुको दो मिनट मैं इसको पिन बाहर. जाके खोलता हूं फिर इसको डालेंगे अंदर तो. ये फिर खुद ही बाहर निकल आएंगे तो वो. उसमें ना रहा नहीं गया उस लड़के से उसको. लगा के अंदर उसने लगा खुद ही तोड़ने लगा.
तो उधर से ग्रेनेड लॉब हुआ तो ही डाइड दैट. डे ओनली फिर मैंने उसको निकाला इट वाज़ हम. पे उस टाइम पे कम से कम 25 मिलिटेंट हमको. नहीं पता टेररिस्ट ऊपर थे रि पे थे. उन्होंने शेलिंग करना शुरू कर दी उसकी. बॉडी को उस वक्त वो थी जान थी उसको. निकालना हमको कितना मुश्किल पड़ा इतने. मुश्किल से निकाला मतलब जैसे उतना. क्रोलिंग कर कर के एक और इंजर्ड हुआ था.
उसको बहुत ज्यादा लगी थी। हम सोचते थे कि. उसको कुछ होगा बट हुआ इसको बेचारे को। बट. आर्मी और पुलिस काम कैसे करती साथ में? साथ जॉइंट ऑपरेशन करते थे इसलिए क्योंकि. बीइंग लोकल ना एक तो खबर का एक इंफॉर्मेशन. का होता था मसला। दूसरा होता था कि लोकल्स. में कहीं कुछ किसी को पूछना है। कभी कई. लोगों को हिंदी नहीं बोलनी आती। मतलब. हिंदी उर्दू जो भी है टिपिकल लैंग्वेज. बोलते हैं। या फिर हमारा क्या होता था?
इंफॉर्मेशन हमारी होती थी तो फिर हम अकेले. क्योंकि एरिया वाज़ डोमिनेटेड बाय द आर्मी. तो हम अगर अकेले जाके एनकाउंटर करें तो. आपस में ही लड़ना शुरू हो जाएंगे क्या. इसलिए हम हमेशा आप आज भी देखते होंगे जो. भी एनकाउंटर्स होते हैं हमेशा जॉइंट होते. हैं वैसे बहुत सारे आर्मी वाले इन पास्ट. दे हैव मेड कमेंट्स कि लोकल पुलिस ही मिली. होती है टेररिस्ट से मिलिटेंट से ऐसा होता. है यहां पे यहां जम्मू कश्मीर पुलिस हां. नहीं बिल्कुल नहीं जम्मू कश्मीर तो कोई दो.
तीन बैड एक्टर्स होते हैं। मैं तो मतलब. देखो ऐसा तो कुछ तो कभी-कभी अगर आपको कहीं. एक अद मिले करैक्टर जरूरी थोड़ी है कि. पुलिस में भी अब उन सबको डिसमिस किया गया. है। कौन है या तो जेल में है वो या डिसमिस. है। लेकिन आज की डेट में आई डोंट थिंक सो. जम्मू कश्मीर पुलिस इज अ फाइनेस्ट पुलिस. इन दिस वर्ल्ड। जो मिलिटेंसी लड़ रही है. गन उठा के। कहां की पुलिस लड़ती है? मुझे. आप चीज बताओ। अब कहीं की पुलिस बता दो जो.
या तो अंडरवर के साथ बॉम्ब में लड़ी है. दुनिया मुंबई ये जो महाराष्ट्र में लड़ी. है पुलिस बट उस तरह से तो नहीं है अंडरवर. से लड़ना और मिलिटेंट्स टॉयलेट टेररिस्ट. से लड़ना इज वेरी डिफ डिफरेंट क्या. डिफिकल्ट है डिफरेंट क्या होता है डिफरेंट. क्या है आप. एक अंडरवर से लड़ रहे हो उसके पास क्या. वेपन होगा ज्यादा से ज्यादा पिस्टल होगा. उससे ज्यादा मुझे नहीं लगता कि कहीं भी.
अंडरवर में यहां पर जितने भी पहले हुए. क्या AK-47 था? क्या सोफिस्टिकेटेड वेपन. थे? क्या सोफिस्टिकेटेड वो जो बैकअप था. उनके पास? नहीं है ना? वो ट्रेन लोग हैं।. वो ट्रेनिंग करके आते हैं। वो साल साल. दो-दो साल की ट्रेनिंग करके आते हैं। मेरे. साथ लोग थे। उन्होंने बताया कि वो मेरा जो. एक लड़का था ही वास शार्प शूटर। शार्प. शूटर अगर वह एक निशाना लेता था उससे क्या. बोलते हैं? स्नाइपर से एक एक गोली और एक.
बंदा उसका वो होता था. निशाना। वो वो कहां से ट्रेन करके आया हुआ. था? पाकिस्तान से आया हुआ था। फिर वापस. आके पुलिस जॉइ की। कुछ टाइम पे ऐसा हुआ था. इनिशियली। मैं आपको बताऊं अब तो वो. प्रैक्टिस बंद हो गई है। काफी साल हो गए. उसे। मुझे लगता. है से अबाउट 20 साल से वो बंद है. प्रैक्टिस। क्या हुआ था? के लोगों ने सब ने हथियार उठा लिए। तब एक.
टाइम पे था। उस पे क्या हुआ? वो जब काफी. 90ज की बात मैं कर रही हूं। जब बहुत. ज्यादा 80ज में 90ज में जो बहुत मिलिटेंट. हुए थे। लोकल्स बहुत ज्यादा थे। वो एक कुछ. लोगों ने इसलिए भी हथियार उठाए थे। भाई. मेरे पास जॉब नहीं है। मैं जाऊंगा. पाकिस्तान जाके। मैं आके ट्रेनिंग करके. आऊंगा वापस। मैं आके अपने आप को सरेंडर. करूंगा। सरेंडर करके मैं जॉब ले लूंगा।. इस वजह से भी गए लोकल पहले पहले की बात कर.
रही हूं। अब तो वो प्रैक्टिस फिर वो 20. साल बाद बंद हो गई कि जो वहां पे जाके. वापस सरेंडर करेगा तो उसको हम पुलिस में. जॉइ नहीं करेंगे। हम ये प्रैक्टिस पूरी. बंद हुई। ऐसा नहीं है कि जो लोगों ने वापस. जाइन किया कि वो गद्दार थे। नहीं उन्होंने. वो गए मजबूरी में थे या तो कोई बच्चा चला. गया। जैसे 12 साल का बच्चा लेके चले गए।. उधर ट्रेनिंग कराई। दो-ती साल रखा।. ट्रेनिंग करके जब वापस आया मां-बाप बीच. में पड़े और बच्चे को ज्वाइन करा दिया।.
पुलिस की जॉब मिली। फर्स्ट क्लास उसको वो. भूल भी गया कि मैं कभी गया था। और मैंने. ऐसे लॉ उस बच्चा मैंने बताया नहीं लड़का।. उसने अपनी अल्टीमेटली शहीद हो के जिंदगी. जान दे दी अपनी इसी देश के लिए ना। गया था. वो पाकिस्तान। ही वाज़ ए ड्रेडेड मिल्ट. मिल्टेंट दैट टाइम। ऐसे आप एनकाउंटर. स्पेशलिस्ट हो. तो दो साइड्स हैं उसके। ठीक है? पहले एक. नेगेटिव साइड बात करते हैं। फिर पॉजिटिव. साइड पे बात करेंगे। नेगेटिव साइड है कि. बहुत बार मीडिया एनकाउंटर्स के ऊपर बहुत.
ज्यादा सवाल उठाती है, क्वेश्चंस उठाती. है, बहुत ऐसे बैश करती है। व्हाट डू यू. फील? हुआ है कभी ऐसे कि आप लोग एनकाउंटर. करते हो एंड देन आप न्यूज़ में देखते हो. अलग ही कहानियां चल रही है। नहीं नहीं ऐसा. देखो मैंने अगेन आपको फिर बोला बातें को. पहले ही बोली थी कि अगर इंसान. मैं खुद सच्चे रास्ते पे हो ना आपने कुछ. गलत नहीं करना है। जैसे आप बहुत मुश्किल. है। क्या होता है कि जब आप एनकाउंटर करते.
हो. तो घर. बचाना किसी घर में है तो क्या आप घर को. बचाओगे मिल्टेंट्स को मारने के लिए? घर तो. टूटेगा यहां जलेगा या टूटेगा तो एक वो. बड़ा एक. लोग उसको लेते हैं जी घर तोड़ दिया यह कर. दिया वो कर दिया या दूसरा होता है कि. क्रॉस फायरिंग में कोई सिविलियन मर. जाए क्या करोगे. लेकिन कोई जानबूझ के नहीं कोशिश करता कि.
कोई किसी को मारे या सिविलियन को उसके. सिविलियन को तकलीफ दे या मतलब उसको जानबूझ. कोशिश की जाती है। आज की डेट में भी. सरेंडर करने की कोशिश की जाती है। की जाती. है कि नहीं? आपने भी कहीं बार देखा होगा. माइक पे बुलाया जाता है कि मां को सामने. किया जाता है। कहीं. इतने मतलब अब वो किस में होते हैं। या तो. वो पिछले दिनों भी कई लोगों को किया गया।.
मदर को सामने लाया गया। नहीं माना लड़का।. वह किस नशे में था? किस में था? मैं कहती. हूं आज की डेट में अगर आपका. बच्चा ड्रग्स में पड़ जाता है। आप उसको. ड्रग से वापस नहीं ला पाते। ला पाते हो? मुश्किल है ना? तो यह वही ड्रग. है। यह एक नशा है। उसने अपने आप उसको इतना. माइंड में भर दिया है कि हमको जन्नत. मिलेगी। हमको हम शहीदों में उठेंगे। बट.
हमें कोशिश करनी चाहिए।. के अगर क्योंकि कश्मीर हमारा पार्ट है। आप. हमें यह समझो कि ये हमारे लोग हैं। हर एक. को ये मैं आपके आपका पडकास्ट दुनिया सुनती. है। मुझे अगर मैं बड़ी खुशनसीब अपने आप को. समझ दूंगी कि अगर इस पडकास्ट के जरिए कुछ. लोग यह समझें। प्लीज हमको मिलके रहना है।.
हमको उनकी मदद करनी है। जिनका घर टूटा है. उनके बारे में उनके बारे में सोचना है।. जिनके बच्चे मरे हैं उनको एक एक सिंपैथी. दिखानी है कि भाई हम हम तुम्हारे साथ हैं।. तुम हमारे बच्चे हो। देखो वही लोग भगाएंगे. उनको कैसे किक करके भगाएंगे। पुछ के लोग. आज तक किसी कहीं भी कहीं आप मिलेगा नहीं. किसी के घर में कोई आपको हाई डॉट पुछ सिटी. में आज तक कोई मिल्टेंट नहीं मिला। यह वो. है रिकॉर्ड है। चेक करो। टेल मी कश्मीर.
मेरे को. ना मेरे को एक्सप्लेन करो आपकी पुलिस. टर्म्स में आप लोगों के लिए कैसा होता था।. क्योंकि व्हाट आई वास रीडिंग कि वहां पे. एक रेड ज़ोन होता है, सेंसिटिव एरिया होता. है, पीस ज़ोन होता है, स्टेबिलिटी ज़ोन होता. है। ऐसे डिवाइडेड होता है। नहीं आप देखो. कैसे क्या होता है ना कितने डिवाइडेशंस. होते हैं। आप लोग कैसे डिवाइड? देखो अब. जैसे सिटी है हम से अवार्ड सिटी है। सिटी. में काफी सारे लोग रहते हैं। ऐसी पापुलेशन. है। पढ़े लिखे लोग हैं। फिर काफी सारी. पुलिस है, आर्मी है। उन्हें सेफ ज़ोन कहा.
जाता है। इसलिए सेफ ज़ोन कहा जाएगा। अब आप. किस टर्मिनोलॉजी में मुझे पूछते हो? लेकिन. दूसरा है आप जंगल है। हम जंगल में दो चार. घर हैं। 10 घर हैं अलग। दो अलग हैं, तीन. अलग हैं। उसको आप मिल्टेंट वही टेररिस्ट. जाके जो दहशतगर्द जाके जंगल में रहते हैं. वो थोड़ा सा सेफ ज़ोन नहीं मैं मानूंगी। अब. जैसे बाहर है मतलब वही सेंसिटिव ज़ोन है।.
नहीं जैसे मतलब वो सेंसिटिव ज़ोन तो नहीं. कहोगे आप उसको। क्फ्लिक्ट ज़ोन या फिर आप. उस उस एरिया में बोलो के. टेररियन डिफिकल्ट है तो आप उसको. [संगीत]. ये अफेक्टेड जोोन बोल सकते हो आप उसको। तो. ये ये एक इस तरह से आप इसको डिवाइड कर. सकते हो। बाकी गांव में जैसे अगर जंगल में. दो चार घर हैं तो जैसे आपने बोला कि दो.
कैसे आपको उसको डिफरेंशिएट कैसे करोगे? दो. चार घर हैं उसके घर में अगर दूसरे तीसरे. दिन भी आएगा कोई टेररिस्ट तो आके खाना. मांगेगा वो देके निकल लेगा। हो सकता है वो. मन से ना दे रहा हो डर से लेकिन डर से दे. रहा है और खाते तो हैं खाने खाना ऐसा नहीं. है यह बात भी नहीं है कि भाई कोई खाना. नहीं खिला रहा है खिला रहे हैं लोग लोग. इसलिए डर के मारे हमें नहीं बताएंगे कि. उनसे मारे जाएंगे हमें नहीं बताएंगे हमें. नहीं बताएंगे तो हमें बताएंगे तो उनसे मार.
खाएंगे हमें नहीं बताएंगे तो हमसे मार. खाएंगे वो बेचारे दोनों तरफ से पिसे हुए. हैं। ओके टेल मी लास्ट क्वेश्चन. इज आपके अकॉर्डिंग आपको क्या लगता है. फ्यूचर ऑफ कश्मीर क्या है? हमारे मैं सिंपल ये बोलना चाहूंगी हमारा. फ्यूचर बहुत ब्राइट है अगर हम इसी तरह ये. भूल जाएं। यह देखो यह यह ना बॉम्बे में. अटैक हुआ. था 91 का एक साल बहुत लोग कम आए थे गए डरे.
रहे थे ये इंसान की फितरत है हमेशा कुछ. ऐसा नहीं रहता वो धीरे-धीरे आप देखना इस. साल अ मेरे हिसाब से टूरिस्ट बहुत कम. होंगे इसका असर आप देखेंगे थोड़ा सा हमारा. बहुत खराब होगा वैष्णो देवी पे भी पड़ेगा. बिलगमेज हमारा खराब हो गया। हमारा अभी जो. यात्रा आई है अमरनाथ यात्रा इस पे थोड़ा.
असर पड़ेगा। क्योंकि शायद उस उससे नहीं. होता जो पहलगाम से ना अब ये थोड़ा जंग हो. गई तो थोड़ा सा ये लोग लोग क्या होता है. ना प्रिकॉशनरी मेजर लेते हैं कि भाई. जाएंगे कुछ हो जाए वो इससे नहीं डरेंगे. क्योंकि लोगों में हमारे में बहुत दम है. आज भी की डेट में भी लोग आफ्टर दैट पहलगाम. भी लोग घूम के आए हैं जिन्होंने वो करवा. के हां थोड़ा सा कम हो गया था रेट बड़ा कम. गिर गिर गया था लोग डरे थे बहुत ज्यादा.
क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ था। लेकिन आप. देखना एक धीरे धीरे धीरे धीरे जब यह एक आध. साल के बाद नेक्स्ट ईयर आप देखना वापस बूम. करेगा। क्योंकि जगह ऐसी है ना उस जगह को. कितना आप वह करेंगे और आज की डेट में मैं. कहती हूं इट्स द बेस्ट प्ले टाइम टू गो. क्योंकि इतनी सिक्योरिटी है इतना सब कुछ. है तो कोई डरने की जरूरत ही नहीं है तो. अभी वो खुद ही कहीं अपनी जान बचा बचाते. फिर रहे हैं कहां कहां मिलेंगे वो आपको अब.
इस टाइम पे मैं कहती हूं बेस्ट टाइम इज टू. गो. एंड. जाके एक्सप्लोर करके आओ. वेल, थैंक यू सो मच। थैंक यू इतनी बातें. शेयर करने के लिए एंड ओपनली इतनी बात करने. के लिए। थैंक यू सो मच। प्लेजर हैविंग यू।. यू ड्रिंक दिस जूस और समथिंग? हां हां। ये. मेरा लंच है। मैं लंच इसी के बीच में करता. हूं ना तो। ओके। तो लंच व्हाट इज इन दिस. स्मूदी? मतलब बीट रूट है, एवोकाडो है,
पालक है। सब। तो अवोकाडो सारी सब्जियां. मिक्स कर। अवोकाडो तो अलग से भी खा सकते. हो। हां हां बट पार्ड ये 4 घंटे होते हैं. मेरे तो मैं पडकास्ट के पहले कुछ भी नहीं. खाता। अच्छा। मेरे को ऐसे बोला डॉक्टर ने. कि भाई खाना तो खाओ। 8-आ घंटे नहीं खाओगे. तो क्या करोगे? खाना तो खाना है।. थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के. लिए। अब आपको तीन चीजें करनी है। नंबर वन. अभी के अभी इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो. क्योंकि जितना आप सब्सक्राइब करेंगे उतने. ही वैल्यूुएबल और बेहतर गेस्ट हम आपके लिए.
ला पाएंगे। नंबर टू अभी कमेंट्स में मुझे. बताओ कि इस एपिसोड से आपको क्या सीखने को. मिला और अगला ऐसा कौन सा गेस्ट है जो आप. चाहते हो जिनको हम इधर बुलाएं एंड उनसे हम. इनसाइटफुल बातें करें ताकि आप एक बेहतर. इंसान बन सके। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड. किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना. क्योंकि एक कॉन्वर्सेशन इनफ होती है किसी. की पूरी लाइफ चेंज करने के लिए। आई विल सी. यू नेक्स्ट टाइम अनटिल देन कीप फिगिंग अप।. [संगीत].
