Declining Indian Export & Reality Of Indian Education System EXPOSED - RN Bhaskar | Raj Shamani|FO95
तो इंडिया वैसे वर्ल्ड लीडर कैसे बनेगा आप. ज्यादा समय निकाल रहे हो किसकी किसका. इतिहास लिखने के लिए कौन सी भाषा सिखाने. के लिए शहर का नाम बद लोगे अरे साइंस. सिखाओ ना साइंस में ना धर्म है ना जाति है. खाली 10 % इंटर स्कूल में इंटरनेट है. सरकारी स्कूल्स के और आप कहते हो पूरा. दुनिया को हम सिखाएंगे अरे तुम्हारे खुद. के लोग को जानते हैं कुछ जानते नहीं है और. वो वोटर्स है तो अल्प बुद्धि वाले आपको. वोट करेंगे तो जो हम कहते हैं हम य कहते. हैं ना वो क्या कहते हैं.
मेंडक का मेंडक का जो वो है दुनिया है वो. अपने कुए में है हम वैसे हैं अरे अपना दे. बढ़ रहा है दूसरों को देखो कितना बढ़ रहा. है चाइना में इंडिया में एंप्लॉयमेंट की. जरूरत. है पर एंप्लॉय बल नहीं है व्हाट डू यू फील. कि यह इंडिया का गोल्डन टाइम है कि नहीं. है व्हाट्स द व्ट्स गोइंग ऑन लास्ट टाइम. ये गेस्ट जब हमारे पॉडकास्ट पर आए थे आर. एन भास्कर तब इन्होंने हमें बताया था कि. गौतम अदानी की जीरो से लेकर आज तक की पूरी. जर्नी कैसे हुई वो कैसे इतने बड़े आदमी.
बने इस बार हमने उनसे बात करी उनकी नई बुक. पे गेम इंडिया जिसमें उन्होंने बताया कि. इंडिया सुपर पावर कैसे बन सकता है यह. पॉडकास्ट टू पार्ट्स में डिवाइडेड है. फर्स्ट पार्ट पूरी एक स्टोरी है अबाउट. इंडिया लार्जेस्ट मिल्क प्रोड्यूसर है. वर्ल्ड का और गवर्नमेंट उसको कैसे किल कर. रही है तो आप और मैं और गवर्नमेंट कैसे. मिलके उसको बचा सकते हैं बेस्ड ऑन हिज. ओपिनियन तो हमने वोह समझने की कोशिश करी. कि इंडिया मिल्क का सबसे बड़ा सप्लाई र.
बना कैसे इंडिया में अपॉर्चुनिटी कौन-कौन. सी है इंडिया चाइना को कैसे हरा सकता है. इंडिया अमेरिका और स्विट्जरलैंड से क्या. सीख सकता है ऑल ऑफ दीज थिंग्स इन टुडेज. एपिसोड आज का एपिसोड बहुत इंपॉर्टेंट है. अगर आपको समझना है कि इंडिया में बिजनेस. कैसे करें ताकि हम ग्लोबल सुपर पावर बन. सके और पार्ट टू इसके बाद अगले पॉडकास्ट. में आएगा जिसमें हमने यह बात करी है कि. दीरू भाई अंबानी की स्टोरी कैसे स्टार्ट. करी क्योंकि उससे पहले जिन्होंने उनको लोन. दिया था उनकी एक पूरी अलग कहानी है अगर वो. गांव में स्टार्ट नहीं करते तो आज शायद.
ri-bhoi. [संगीत].
की पॉलिसी. है वह ठीक रास्ते पर नहीं जा रही है यह. सरकार की पुरानी सरकार की भी यह किताब. लिखी गई थी जब पुरानी सरकार थी और जब छापा. गया था 2019 में तो मोदी सरकार. ी जब 2014 में मैंने जब यह किताब लिखी. लिखना चालू किया तो. मुझे आशा थी कि शायद यह. सरकार पुरानी सरकार से अलग.
होई वास्तविकता में कुछ चेंज नहीं हुआ है. सो यह वाली जो करंट गवर्नमेंट है अभी हां. इनकी पॉलिसी च वो भी ठीक तरीके से नहीं जा. रही है और इसमें जो कहानी कुरियन के बारे. में लिखा गया है मैंने यह भी लिखा हूं. क्यों यह सरकार यह जो भारत को दुनिया का. सबसे बड़ा प्रोड्यूसर बनाए मिल्क का दूध. का हम उसको वो वो भी जो खास बात है इंडिया.
की उसे भी बर्बाद कर सकता है ओके लबरेट. मोर मतलब कैसे क्यों ऐसा देखो इसके लिए. आपको कोरियन की कहानी सुननी पड़ेगी कोरियन. कोरियन कोरियन इ वर्गस. कोरियन एक छोटा आदमी. था उसके कई कहानी कई कई कहानियां है पर एक. रात को हम जब बैठे थे आनंद में आनंद जगह. की नाम है आनंद खुशी की बात नहीं पर आनंद. गुजरात आ गुजरात में आनंद और वहां कुरियन.
अपने ऑफिस में पूरी रात मिडनाइट तक बैठा. रहा करता था जब भी मैं जाता था तो बोलता. था चल बैठे और अपनी विस्की की बोतल. निकालता था या राम की बोतल निकालता उसको. पीना शाम को काम होने के बाद एक एक गिलास. चाहिए था कभी कभी दो गिलास ले लेता तब बात. कर रहे थे एक शाम वो एकदम मूड में. था तो मुझे बताया कि बब उसने उन्होंने. बताया कसे कैसे उनको उसको वो एक अबन.
चाइल्ड थे जिसके बारे में कोई संभाल नहीं. कर सकता था उस समय चर्च के जो मिशनरी है. उसको लेकर अपने मिशनरी में उसे. बढ़ाया और क्योंकि मिशनरी में था उसने. अंग्रेजी सीखा अंग्रेजी सीखा तो उसे सरकार. जो ब्रिटिश सरकार थी उसम नौकरी मिली और. नौकरी जब मिली तो उसके सब अकाउंट सब जो. रेकॉर्ड थे वो कोरियन संभालता. था फिर एक दिन उसे सरकार ने बोला देखो. सेकंड वर्ल्ड वर.
हमें दूध की खास जरूरत है. आप अपने जो कैरा डिस्ट्रिक्ट है उधर आनंद. उसमें एक मुख्य गांव था अब कैरा. डिस्ट्रिक्ट में जाओ वह सबसे ज्यादा दूध. का उत्पादन उस जगह हो रहा है आप उधर जाओ. उधर कितना दूध निकलता है कितना दूध बेचा. जाता है बंबई में और कितना दूध नहीं बेजा. जाता है बंबई में वह सब लिख कर आ ओके और. हर हफ्ते उसे भेजना था उधर तो आनंद से दूध. बंबई में बिकता था आनंद वही जगह है जहां.
पर अमूल जहा अमल है ओके तो ये अमूल के. पहले की कहानी है अमल के पहले ओके अमूल. अभी तक नहीं बना नहीं अभी अमूल उस समय. नहीं था ये 1930 की कहानी है ओके 3040 जब. सेकंड व चल रहा था ठीक है और सोल्जर्स को. दूध की जरूरत थी तो इसलिए ब्रिटिश सरकार. को दूध का प्रोडक्शन में बहुत ध्यान दे. रहे थे यह सब हो रहा था फिर अचानक ब्रिटिश. सरकार से एक संदेश आया उसके ऑफिसर ने. बुलाया उसने बोला तुम्ह स्कॉलरशिप दिया. जाता है टू लर्न पाश्चराइजेशन. पाश्चराइजेशन दूध को कैसे उ उसकी लाइफ.
स्पन कैसे बढ़ाते हैं उसको सीखने के लिए न. आपको लंडन का स्कॉलरशिप मिला तो कोरियन ने. बोला मुझे पढ़ना है न्यूक्लि फिजिक्स मुझे. पराजे नहीं पढ़ना. है उसके ऑफिसर ने समझाया देखो बेटा तुम्ह. स्कॉलरशिप मिला है तुम यूके जाओ उसके बाद. इधर आ जाओ तो बहुत. सोचा सो बहुत सोचने के बाद.
उसने कहा नहीं मुझे कुछ करना है मुझे. न्यूक्लियर फिजिक्स पढ़ना है तो ठीक है. स्कॉलरशिप मिला तो उसे जहाज का टिकट मिला. और टिकट लेकर एडन तक गया वहां जहाज से उतर. गया वापस नहीं आया उस जहाज में और दूसरे. जहाज में व सीधा अमेरिका गया जहां उसके. कोई कनेक्शंस थे और उधर एडमिशन. यूनिवर्सिटी में उसने न्यूक्लियर फिजिक्स. पढ़ लिया और रिटर्न ऐसी तरीके से टाइमिंग. किया जैसे जो बंबई में ब्रिटिश सरकार थी. उन्होंने सोचा उसने परा सर.
बयास ठीक है तो जब उसे जब वो वापस आया तो. ब्रिटिश ऑफिसर ने कहा अब तो पोस्टराइजेशन. सीख कर आए अब जाकर परा प्लांट. बनाओ कहाने प नहीं सीखा. हु तो बोले क्या सीखा बोला मैं न्यूक्लियर. फिजिक्स किया न स्कॉलरशिप पारा का था तो. उसने समझाया कि कैसे. उसने जमप किया कैसे दूसरी जगह चला गया.
इसके बारे में किसी को बताना मत तुम कोर्ट. मार्शल के जाओगे क्योंकि तुमने ब्रिटिश. सरकार का पैसा कवाया है और उनके आदेश के. खिलाफ ग. हो ठीक है तो कोने किसी को बताया नहीं कि. उसने न्यूक्लि फिजिक्स किया पर आदेश आया. था कि उसको पास्ट प्लान बनाना तो आनंद गया. हर एक जगह देखा कि उसके पास कोई आदमी है. जो परा प्लान कर सकता बना सकता था. किसी के पास जानकारी नहीं थी तो उस समय वह.
विदेश में गया जो भी फॉरेनर थे उनसे बात. की कोई भी इंडिया को टेक्नॉलजी देने के. लिए तैयार नहीं. था उस समय एक इंडियन कंपनी में एक इंडिया. में कंपनी थी नेसले जो प अच्छी तरह जानती. तो नेस के पास गया. स्लैंड उनके. मैनेजिंग कनेक्शन बटि ब्रिटिश गवर्मेंट के. थ कनेक्शन निकाला व सीधा मैनेज बो मुझे. पारा.
सख सरकार ने बोली कि मुझे पशन प्लांट. लगाना है सरकार हमारी टेक्नोलॉजी हमें. रॉयल्टी देगी हम बना दंगे आपकी जरूरत नहीं. है व बोला हमें इंडिया में बनाना है बना. हम. बनाएंगे व मुझे सीखना है इस तुम बंदर को. सखा सीखने तुम बंद सीखने के लायक नहीं. हो तो कोयन बहुत गुस्सा आया.
बोला ठीक है मैं उन्हें सिखाऊंगा तो अपने. न्यूक्लियर फिजिक्स की जानकारी के द्वारा. अपने ही दिमाग से उसने पूरा पाश्चराइजेशन. का प्लांट का डिजाइन बनाया और परान प्लांट. फाइनली स्थापित किया तो किसान सब कुरियन. के पास गए और बोले आप कोऑपरेटिव हमारे. बनाएंगे बोले ठीक है तो कुरियन ने अपना. दिमाग लगाया सभी दुनिया में जो भी कोऑपरेट. थे उसके लॉज निकाले इंडिया के क्या. सिचुएशन है उसके मु उसके आधारित उन्होंने.
कोऑपरेटिव लॉज चेंज करके एक नया कोऑपरेटिव. एक्ट. बनाया और द पहला सबसे पहला कोऑपरेट था वो. कैरा मिल्क कोऑपरेटिव बनाया और अगर कैरा. की कहानी आप सुनना देखना चाहते हैं तो एक. बहुत ही अच्छी मूवी है मंथन जिसमें श्याम. बेनेगल है स्मिता पाटिल है वो कायरा की. कहानी है ओके पर वो छोड़. दीजिए जब कोऑपरेटिव ना हम तो कुरियन पूरी.
मिल्क इंडस्ट्री की बहुत ही सीरियसली. स्टडी करने लगा. हम और जो कुछ भी अभी मैं कह रहा हूं वह. कुरियन से मैं सीखा हूं. ओके तो एक रात को एक शाम को कुरियन और मैं. साथ में बैठे. थे और को ने पूछा भास्कर आपको मालूम नहीं. हो मालूम नहीं.
पर मैं कह रहा हूं अगले 10 साल में इंडिया. दुनिया का सबसे बड़ा दूध मिल्क प्रोड्यूसर. हो जाएगा अब कुरियन बहुत ही महान आदमी थे. तो मैंने आदर के साथ हां बोलो सर झुका स. सर आगे पीछे. किया तो दो मिनट के लिए व कुछ नहीं कहा. फिर गुस्से में अपना ग्लास थाम करर टेल पर. रखा तुम क्या सा तुम गाय हो क्या सर ऊपर. नीचे करते.
हो तुमने पूछा नहीं क्यों. कैसे तो मैं चोक कि मैंने कहा सॉरी हा. कैसे हम इसे. देखो अगर आप तो देखोगे इस इस इंडिया में. इंडियंस का सबसे इंपॉर्टेंट खाने की चीज. क्या. है तो मैंने कहा गेहूं वीट हम जिसे आटा. बनता है जैसे चपाती बनती है बाजरा.
जवार. चावल ये मेन आइटम है और साथ साथ में सब्जी. आती रहती है सब्जी बती रहती. है बकल सहीने कहा ठीक है आपकी बात बिल्कुल. ठीक है इंडिया में कितने लोग है मैंने कहा. उस समय 19 की बात करने सा स. करोड़ बो बिल्कुल. ठीक अ इतना याद रखो आपको आपके पास 850. करोड़ लोग है कोई भी सरकार जो.
होगी उसका पहला कर्तव्य यह है कि हर एक. आदमी को खाने पीने के लिए रोटी मिले. हम कुछ भी करेंगे पर आपकी रोटी को बंद. नहीं करेंगे नहीं तो आंदोलन होगा और सरकार. मिटेगी सही है इसीलिए फोकस रहेगा सरकार का. कि खाना उत्पादन होगा और खाने के लिए. गेहूं चावल जवार बाजरा बनेगा. ठीक है तु माल नहीं कि एक किलो चावल के.
लिए एक किलो गहू के लिए आपका 4 किलो भूसा. निकलता है हम वो जो डांडी रहती है फिर जो. उसका हस्क रहता है वो सब भूसा रहता. है तो एक किलो चावल के लिए चा किलो भूसा. मिलता है जो गाय को चबाने के लिए चाहिए वो. हम फ्री निकालते हैं व हमा बाय प्रोडक्ट. है दूसरे देशों में गाय को संभालने के लिए. उनको अलग ग्रो करना पड़ता है गाय के खाने.
के लिए इंडिया में ग्रो करने की जरूरत. नहीं है उगाने की जरूरत नहीं है क्योंकि. वो फ्री में मिलता है व बाय प्रोडक्ट है. उसका प्राइस तो हो गए हां हां पर एक्चुअल. कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन जीरो. है इस यह फायदा जो भारत के पास है किसी के. पास नहीं. है तो मैं सोचा मैंने कहा सर पर. चाइना तो व हसे बोला हां तुम ठीक हो चाइना. के पास ये एडवांटेज है क्योंकि चाइना भी. राइस खाता.
पर यहां भगवान ने इंडिया पर जरा अपने. आशीर्वाद दिए. हैं भगवान दयालु है क्योंकि चाइना दूध. नहीं पी सकता दूध उ उसके पेट में पचता. नहीं इंडिया के लिए डोमेस्टिक मार्केट है. मिल्क का इंडिया इज नेचुरल. बेनेफिशरी जो एडवांटेज इंडिया को मिलेगा. वो चाइना को नहीं मिल सकता. है इसीलिए. कि इंडिया दुनिया का सबसे ज्यादा बड़ा.
प्रोड्यूसर हो सकता है क्योंकि हमने. कोऑपरेटिव चालू किया है और कोऑपरेटिव में. फार्मर की जो का जो प्राइस मिलता है दूध. के लिए वह इतना अच्छा है कि वह ज्यादा. ज्यादा दूध प्रोड्यूस करेगा दिन ब. दिन अगर आपको मिल्क प्रोड्यूस ज्यादा करना. है तो उसके लिए तीन कंडीशन सबसे जरूरी है. एक फार्मर को कभी नुकसान नहीं आना. चाहिए हर साल प्राइस अगर ऊंचा नहीं बढ़ा.
सकते हो गिरना कभी नहीं चाहिए जिस दिन. प्राइस गिरा किसान अगले साल के लिए नया. गाय नहीं. खरीदेगा तो एक आपको प्राइस स्टेबिलिटी. लाना है मिल्क दूसरा आपको देखना पड़ेगा कि. मार्केट में डिमांड से सप्लाई से ज्यादा. डिमांड होना चाहिए तो आपको डिमांड क्रिएट. करना. पड़ेगा और तीसरा कंडीशन य है कि किसी को.
भी परमिशन नहीं दी जा किसी को भी छूट नहीं. नहीं दी जानी चाहिए जिससे वह मार्केट में. फार्मर का प्राइस घटा सके इसका मतलब. इंपोर्ट्स नहीं अला. है इपोर्ट अगर अलाउड है तो उसको संभालना. पड़ेगा कैसे संभालना. पड़ेगा उसके लिए जब 1960. में जब कायरा कोप बन चुका.
था तो लाल बहादुर शास्त्री वो पहला. प्रधानमंत्री था जो अच्छी तह समझा कि. कुरियन का काम लाजवाब है और पूरे देश को. बदल सकता है हम तो कुरियन से कहा मैं आपकी. जगह को देखना चाहता हूं अगर हो सके दो तीन. दिन आपके किसानों के बीच में रह सकता. हूं तो मुझे कुरियन हंसकर बोल रहा है वो. उसको मालूम नहीं था कि उसको झोपड़ी में. रहना था उसकी झोपड़ी में रहने के लिए.
कितना में सिक्योरिटी अरेंजमेंट करना पड़ा. वो साधारण आदमी को कभी नहीं मिलेगा हां पर. फिर भी शास्त्री की जिद थी तो झोपड़ी में. रहा तीन चार दिन हर एक दिन वो किसा खेतों. में जाता था किसानों से मिलता था जहां से. दूध कलेक्शन होता वोह भी देख रहा था. और वो समझ गया जो कोरियन कर रहा था वो. बिल्कुल अजीब था अद्भुत था.
उ. कोरियन उस शास्त्र को को बाद में लास्ट. बोला जो तुम कर रहे हो बहुत अच्छा. है जो कुछ भी सरकार कर सकती है आपके मदद. के लिए मुझे कह दो आपको जो कुछ भी चाहिए. मुझे कहो मैं करवा कर. दिखाऊंगा तो कुरियन ने शास्त्र मुझे एक ही. खाली रिक्वेस्ट है में खाली एक ही. रिक्वेस्ट है.
बो इसे मुझे एक नया ऑर्गेनाइजेशन की की. स्थापना करना चाहता हूं उसे कह दीजिए. एनडीडीबी नेशनल डेरी. डेवलपमेंट बोर्ड ओके मैं उसको सेट अप करना. चाहता हूं उसके लिए आपका परमिशन चाहिए और. उसके लिए उसका मेन कंडीशन दो मेन कंडीशन. है एक जो भी इंपोर्ट आता. है खरीदार के रूप.
में आप खरीद रहे हो मार्केट से वो भी और. जो गिफ्ट देता है कोई देश भारत इंडिया पुर. देश है उसको गिफ्ट के रूप में आप दूध का. प्रोडक्ट दे रहे हो जो भी गिफ्ट है वो भी. एनडीडीबी को दिया जाएगा ओके और एनटीटी भी. उसको मार्केट में बेचेगा खाली उस प्राइस. पर जो किसानों को जो किसानों के प्रोडक्ट. बिकते हैं तो मार्केट का प्राइस कभी. डिस्टर्ब नहीं करना है तो एक कंडीशन है कि. आप इपोर्ट अलाउ नहीं करोगे प्राइवेट.
सेक्टर से और जहां भी इंपोर्ट गिफ्ट आएगा. तो एनडीडीबी के थ्रू ही. जाएगा ठीक है शास्त्र समझ गया जब दिल्ली. पहुंचा उसने सीधा चिट्ठी सबको लिखा वी आर. सेटिंग अप अ न्यू. ऑर्गेनाइजेशन और एनडीडीबी एनडीडीबी. पार्लियामेंट के एक्ट के द्वारा अ सेपरेट. एक्ट ऑफ पार्लियामेंट एनडीडीबी वास.
अब उन. दिनों किसानों को ठीक प्राइस मिले उसके. पीछे भी फिलॉसफी. थी कुरियन ने सबसे पूछा देखो भाई अगर एक. आदमी गाय रखता है दूध प्रोड्यूस करता. है और उसके बाद में आप आ रहे हो मार्केट. करते हो एक और आदमी आता है पैकेजिंग करता. है उन तीनों में से कौन सबसे इंपॉर्टेंट. है.
अगर सबसे कुछ हो जो आदमी प्रोड्यूस करता. है वो सबसे उसके बगैर ना मार्केटिंग रहेगा. ना पैकेजिंग रहेगा कुछ भी नहीं रहेगा इस. अगर वो सबसे वो प्रोड्यूस करता है और वह. सबसे इंपॉर्टेंट है उसका सबसे बड़ा शेयर. मिलना. चाहिए अब पूरे दुनिया में उन दिनों से आज. तक न थड किसान को जाता है न थर्ड पैकेजिंग. और प्रोसेसिंग के लिए जाता है और न थ. मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूशन किया जाता.
है कोरियन सेय नहीं चलेगा किसान को कम से. कम 50 देना. चाहिए बोय असंभव. है उनको उनको उनको भी पैसा. चाहिए कुछ भी करो 50 से कम अगर फार्मर को. दोगे तो मैं तैयार नहीं. हू तो उन्होने बोला हम नहीं कर सकते. इस मत करो मैं करके दिखाऊंगा. ओके तो वहां कायरा में उसने अपना खुद.
प्रोसेसिंग यूनिट चालू किया क्योंकि उसको. मालूम था पारा इजेशन कैसे करना है हां खुद. पैकेजिंग किया और उसने डिस्ट्रीब्यूशन. लॉजिस्टिक्स का श की शुरुआत उधर से की थी. आज किसान. को मिनिमम 70 पर अधिकतर 85 पर जो मार्केट. प्रेस का है उसका शेयर मिलता. है उसने पूरी दुनिया की जो इकोनॉमिक्स थी. बदल दी.
उसने खाया दुनिया को जब तक किसान को. ज्यादा नहीं मिलेगा वह ज्यादा प्रोड्यूस. नहीं करेगा यह कोऑपरेटिव क्या नाम है इसका. क्या व कायरा कोपरेट फिर कायरा कोपरेट के. बाद दूसरी कोपरेट बनाया फिर तीसरी कोपरेट. बनाया टोटल 18 कोपरेट बनाए और व सब 18. कोऑपरेटिव. को हार्मोनाइज करने के लिए कि सब सब साथ. में काम करे उसने एक फेडरेशन बनाया वो. फेडरेशन का नाम था. गुजरात कोप.
मार्केटिंग फेडरेशन जीसी एम एमफ और अमूल. जो ब्रांड है जीता है तो ज जो भी प्रोडक्ट. जीसी निकलता है आज जीसी एम एमफ दुनिया का. सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स कंपनी. है आज जो अमूल है देश का नहीं पूरे एशिया. का शायद दुनिया का भी पर एशिया का पक्का. सबसे बड़ा एग्रीकल्चर ब्रांड है. आज 24.
पर जो मिल्क का है जो पूरा मिल्क. प्रोडक्शन है 24 या 25 पर अमूल ब्रांड के. नाम से बिकता है वर्ल्ड का इंडिया का. इंडिया को ओके और एक और चीज है कि अमूल जो. ब्रांड है वह उसके अंदर उसके उसके अमूल. ब्रांड से आप दूध बेचते हो दही बेचते हो. जो भी मिल्क प्रोडक्ट है आइसक्रीम है वो. सब उ के नाम प जाता है. आज जो है.
मिल्क का शेयर इंडिया के जीडीपी में 5.3. पर. है मिल्क का शेयर जो जी जो अपने इंडिया के. जीडीपी एग्रीकल्चर की जीडीपी है 24 पर. शेयर है क्वार्टर एग्रीकल्चर का जो जीडीपी. शेयर है वह मिल्क के हाथ में है और उतना. ही नहीं एक और चीज है कि जो मिल्क का. जीडीपी है व राइस और वीट को दोनों को. जोड़ने के बाद मिल्क का शेयर ज्यादा. ओके अगर आप सरकार को देखोगे कोई भी सरकार.
1960 से आज तक जितना पार्लियामेंट में. डिस्कशन होता है जितना पैसा जाता है सरकार. से वो राइस केलिए ज्यादा आता था मिल्क के. लिए कुछ नहीं और मिल्क सरकार के पै कोई भी. पैसा नहीं लिया विदाउट गवर्नमेंट सपोर्ट. मिल्क इतना सबसे बड़ा इंडस्ट्री बन गया जब. कोरियन ने कहा 1990. में दुनिया का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर होगा. 2001 तक इंडिया बम लार्जेस्ट प्रोड मिल्क. इन द वर्ल्ड एंड वी स्टिल आर एंड वी स्टिल.
आर तो गवर्नमेंट क्या गलत कर रही है यू. सेड की गुजरात आपको र से 55 दूध देता है. पर लीटर पर उत्तर प्रदेश र देता. है आधा आधे से भी कम अब र अब रप उसकी. खर्ची होती है खर्चा होता है दूध गाय को. संभालना दूध निकालना दूध. पहुंचाना उसको रप. मिलते तो मेरा मेरा हमेशा कहना था इस.
किताब में लिखा हं आप दो रप उसका प्रॉफिट. है गुजरात उत्तर प्रदेश में संख्या के. मुताबिक उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी. पॉपुलेशन है आप उसको दो बर दे दो र दे दो. उसका दो रप प्रॉफिट सनली आप क्या क्या र. दे रहे हो तो 14 और दो र उसका बन जाता है. इनकम तो रप से र इनकम दुगना नहीं होता आठ. बार.
बंद अगर मोदी सरकार कहती है कि हम. फार्मर्स को डबल इनकम दोगे. डबल सकते खाली कोपरेट बना दे उनको ठीक. प्राइस. दो पर वो जो 12 16 रप जो है व अतिया लेकर. जाता है जो पॉलिटन शेयर करता है आज उत्तर. प्रदेश में सबसे कम पैसा दूध के लिए उत्तर. प्रदेश के किसानों को मिलता है गुजरात को. ज्यादा मिलता है तमिल ने मिनिमम प्राइस 66.
रखा. है महाराष्ट्र में 8 से ₹ देते थे फिर जब. लास्ट टाइम इलेक्शन से पहले उन्होंने ₹ 6. का मिनिमम प्राइस. रखा तो महाराष्ट्र के प सब चलाए य 26. हमारे से पता नहीं पड़ता है तो सरकार ने. बोला अच्छा हम पा सब्सिडी. देंगे और महाराष्ट्र पा सब्सिडी दिया. बेंगलोर में उन्होंने बोले हम ₹ स सब्सिडी.
देंगे तो उनका कोऑपरेटिव कुरियन के. कोऑपरेटिव से अलग था तो एक धक्का मिला. महाराष्ट्र और कोरियन और और वेस्ट बंगाल. के कोऑपरेटिव में ज कुरियन के मॉडल को. फॉलो करने के बदले अपना मॉडल निकाला जहां. पॉलिटिन को ज्यादा बेनिफिट मिलेगा उत्तर. प्रदेश ने बिल्कुल सबसे खराब काम किया वो. है कोऑपरेट नहीं रखना है और फार्मर्स को. ठीक प्राइस देना नहीं है इसीलिए अगर आप.
देखोगे दूध का जो प्रोडक्शन इंक्रीस हो. रहा गुजरात में वो प्रोडक्शन क्र उतना. नहीं है जो उत्तर प्रदेश में पिछले चार. पाच साल में उतर गुजरात ज्यादा दूध बना. रहा है उत्तर प्रदेश. से महाराष्ट्र से क् फार्मर इंसेंटिवाइज. ज्यादा करने के लिए अगर 40 साल से मुझे. मालूम है हर साल मेरा प्राइस बढ़ने वाला. है तो मैं दूध क्यों नहीं जदा. बनाऊ अब दूध में एक और खूब.
क्यों वो बहुत जरूरी इंडिया के लिए दूध. में कम से कम 10 करोड़ फार्मर्स है एक. फार्मर के पास पांच लोगों की फैमिली है. इसका 50 करोड़ लोग जिंदा है दूध के कारण. और दूध में कितना पैसा मिलता है पुराने. जमाने में जब साइंस की टेक्नोलॉजी इतनी. बड़ी नहीं थी तो एक गाय से आपको करीबन ₹. प्रॉफिट मिलता था पर डे. 300 दिन के लिए जब लेक्टेशन बंद होता था.
और नए इनसेमिनेशन की शुरुआत होती. थी पर 300 दिन के लिए आपको 30 मिलता था हर. अभी आप जरा सा उनका फीडिंग हैबिट बंद कर. दो चेंज कर. लो उसका कॉस्ट भी जोड़ो और गाय को जितना. ज्यादा चलाओगे उतना ज्यादा दूध पैदा. करेगी तो बांध कर मत. रखो जैसा पुराने दिनों में गवाया गाय को. लेकर जाता था गांव गांव वैसा करो जितना.
चलेगी उतना दूध ज्यादा देगी और गाय के लिए. वही है भैंस के लिए भी वही. है और उससे आज जो प्रॉफिट है पिछले 10 साल. से 15 साल से अगर ठीक खाना दोगे और ठीक. चलाओगे तो और उसका उसकी उसके उसके हेल्थ. के बारे में देखोगे तो आप देखोगे कि गाय. हर एक गाय से हर एक भैंस से कम से कम 00. हर दिन प्रॉफिट बनता है. अभी गांव में आपके पास दो गाय है आपके.
जमीन नहीं है पर आपके झोपड़ी है झोपड़ी के. पीछे आप बांधते हो और दिन में सब जहां भी. उसको खाना है लेकर जाते संल के कि वो. प्लास्टिक नहीं खाए खाली. पत्ते खाए या कुछ और खाए या भूसा. खाए 00 प्रॉफिट एक गाय का 00 हर दिन उसे. प्रॉफिट मिलता है गाव के लिए बहुत अच्छा. है. 200 बहुत 1000 से ज्यादा है शहर के 1000.
से और जो किसान है उसे मालूम नहीं किस तरह. से बचत. करना तो वह ज्यादा सोच छ महीने के लिए. संभालने और फिर पैसे निकालने गेहूं का. पैसा छ महीने में एक बार आता है सब्जी का. पैसा तीन महीने में एक बार आता है गाय ऐसी. चीज पैसे हर दिन आते. हैं तो किसान का डेली एक्सपेंडिचर है वो. निका लता ऐसे अगर आप जब मिल्क प्रोडक्शन.
खराब करोगे तो यह मान लो इस देश में. आंदोलन होने वाला. है 50 करोड़ लोगों की जिंदगी दूध पर. डिपेंडेंट है और गवर्नमेंट की पॉलिसी अभी. सीरियसली अच्छा अभी यहां तक मैंने कह. दिया 2016 में हमने गाय हत्या के खिलाफ. रूल्स निकाले. तो मैंने इसके आपको जो भी कानून लाना है.
लाओ पर किसानों को मत. मारो जब गाय बूढ़ी हो जाती है तो उसको. बेचने के लिए उसे उसे 00 मिलते हैं. एवरेज अगर आपको उसे बोलना है कि आप बेच. नहीं सकते हो तो आप उसको उसको 200 हज दे. दो दिल्ली में जब मैं इस ब बुक का उद्घाटन. कर रहा था ओ आरएफ में तो मुझे र के. ऑर्गेनाइजर बोला कि आपको कोई बड़े आदमी.
मिलना चाहते हैं उनसे जरा मिल लीजिए मैंने. कहा नहीं लच के. बाद तो मैं समझ गया पॉलिटिशियन से तो मैं. मेरे डिस्कशन के बैठे थे आगे आगे और मुझे. घूर कर देख रहे थे और मीटिंग के बाद मुझे. मिले बोले साहिब जी आप जो कह रहे हैं व. गलत है मैंने कहा क्या गलत है बोला ग अपनी. मां जैसी है मैंने क. रु एक चीज याद रखो मैं अपनी मां को खरीदता.
नहीं हूं मैं गाय खरीदता हूं जहा खरीदारी. होती है व्यापार होता है आप ऐसा नहीं क. सकते मैं गाय खरीद पर व्यापार नहीं करू वो. गलत है आपको कानून लाना है कानून लाओ और. उसको 200 हज दो न पर गौ मूत्र उसके. जो जो जो उसका गोबर है उससे पैसे बनते हैं. मैं आप ले लो ना आप पैसे बनाओ आप धनी हो ग. मैं ताली मारूंगा और क्या आप किसान को.
क्यों क रहे हो कि अलग तरीके से पैसे. बनाने वो एक ही तरीका जानता है वो दूध जब. गाय बूढ़ी हो जाती है वो बूढ़ी गाय को बेच. देता है और नई गाय खरीदता है अब आप उसके. 20 हज लोग ई गाय नहीं खरीद सकता है आप. किसान को मार रहे हो ना आज मैं वापस हमेशा. जब भी आर्टिकल लिखता मैं वही कहता हूं कि. आप सरकार हो आप कोई भी कानून ला सकते हो. कानून लाओ पर कंपनसेशन बगर नहीं कंपनसेशन.
होना चाहिए जहां आदमी को पेट में लात लात. लग रही है उसको 20 हज दे दो और गाय का. संभालना आपका काम है उसम ज्यादा खर्चा. होता है और आज जो. लंपी लंपी काव डिजीज आया है जिसके कारण. गाय इतना दूध नहीं देती भैस इतना दूध दे. दे उसका कारण य है आप बूढ़ी गाय के साथ. उसके बिठाते हो जो बूढ़ी गाय है उसको होने. वाला है उस पर खर्चा करना करना जरूरी है.
उसको आइसोलेट करना जरूरी है किसान के पास. चारा नहीं है य सब करने के. लिए आप अपना कानून ला आपको जो आपकी जो भी. सभ्यता है उसका पालन करो पर किसान को. मत और यह किसान को मारने के लिए मारने के. बाद उसके कंसीक्वेंसेस और भी. थे एक आपने बोला गाय को बेचना नहीं है तो. सभी भैस के की तरफ जाने लगे भैंस की भैंस.
का वो पॉपुलेशन बढ़ रहा है पर जब ट्रेडर. भैंस की मास को लेकर जा रहा है तो गौरक्षक. रस्ते में बोलते नहीं उसमें गाय का मास है. उसको रोको उसका फोरेंसिक कराओ अरे इस देश. में फोरेंसिक ह्यूमन के लिए नहीं है आदमी. के लिए नहीं है आप उसके फोरेंसिक जानवर के. लिए रखोगे. क्या और चार दिन के लिए बिना रेफ्रिजरेशन. वो गाड़ी उधर रुकी हुई है जो भी मास है वो. खराब हो जाएगा कोई नहीं तो लॉस किसको हुआ.
ट्रेडर को हुआ ट्रेडर को लॉस होगा तो व. खरीदेगा. नहीं तो वापस किसान को मार मिल रही है और. तीसरा उसका कंसीक्वेंस रहता है कि इंडिया. का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर खाली तीन. इंडस्ट्री एक था गारमेंट टेक्सटाइल्स. दूसरा था लेदर और तीसरा था. डायमंड लेदर इ मैन पा इ लेबर इंटेंसिव. इंडस्ट्री क्योंकि आप उ नहीं करते आपका. मीट बीफ एक्सपोर्ट कम हुआ है आपका लेदर.
एक्सपोर्टस कम हुआ है वो सबसे बड़ा. एक्सपोर्ट इंडस्ट्री आपने उसको रोका है और. एंप्लॉयमेंट रोका है आज अन एंप्लॉयमेंट. बढ़ रही है अगर इस. देश का कल्याण होना है आपको एक लेबर. इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को ज्यादा रिस्पेक्ट. देना. है. दूसरा किसानों को मारो मत यह जो गौ हत्या. के के रूल्स है वो किसानों को मार रही है. अगर आपको कानून लाना है तो कानून लाओ आप.
गाय ले. लो और किसान को 20 हज. दो क्योंकि व वो पैसे से किसान नई गाय. खरीदता है नई भैस खरीदता. है कोरियन ने जो किया उसने एक चीज किया. किसानों को कैसे ज्यादा पैसा मिले सरकार. से लेने के बगर आप आत्मनिर्भरता की कर हो. कोरिय आत्मनिर्भरता.
सिखाई 1950. 1967 उन्होंने ज्यादा. सिखाया आप उसको भी तोड़ रहे हो सब्सिडी. बहुत खतरनाक चीज है व मिठाई की तरह तंगा. रहे हो वह बच्चे के दान. जाएंगे कु ने यह सिखाया कि इंपोर्ट मत करो. अभी. 2019. में 18 आरसीपी रीजनल कोऑपरेटिव इकोनॉमिक.
पार्टनरशिप की बात चल रही थी और पियूष पट. पियूष गोयल जाकर बोले हां हम न्यूजीलैंड. से 5 उनका इंपोर्ट लेंगे सधी जो उस समय. मुख्य था जीसी एमफ के अमोल के का क आर एस. सधी उसने प्रेजेंटेशन. भेजा कि एक टक्का भी लोगे इंपोर्ट के रूप. में वह देश को बर्बाद करेगा किसानों को.
मारेगा उसका कारण यह है कि जो गाय दूध. देती है भैंस दूध देता है तो गर्मी के. मौसम में कम देता है सर्दी के मौसम में. ज्यादा देता है तो जब भी सरप्लस दूध रहता. है विंटर मंथ्स में आप वो सरप्लस मिल्क को. पाउडर में कन्वर्ट करते हो पाउडर को. प्रिजर्व करते हो और गर्मी के मंथ में जो. दूध उत्पादन कम रहता है तो आप उसको मिक्स. करके रीकन सूटेड मिल्क में बेचते हो हम तो. उसी उसी तरह से आप बैलेंस करते हो और जहां.
प्रोडक्शन ज्यादा रहता है उसको आप. आइसक्रीम बनाते हो उसको चीज बनाते हो उसको. बटर बनाते. हो यह बहुत अच्छी तरह बैलेंस किया जाए. किया जाता है अगर अचानक इंपोर्ट अला करोगे. पूरा बैलेंस. जाएगा और जिस तरीके से कोरियन ने इस. इंडस्ट्री को बचाया है ये सरकार बचा नहीं. सकी तेल के इंडस्ट्री को 1960 में हमारा. 70 पर डोमेस्टिक प्रोडक्शन था ल सीडस का. आप इंपोर्ट करके कम भाव में बेच रहे थे.
किसानों ने. ल बोना कम कर. दिया आज हम 80 पर इंपोर्ट कर रहे. हैं आप इंपोर्ट करोगे और किसानी के. मार्केट प्राइसिंग को तोड़ोगे तो क्यों. बना क्यों उगाए व क्यों बोएगा वह सील्स व. बीच बोना बंद. करेगा आपको सीखना है क्या क्या आप किस. तरीके से आप डिस्ट्रॉय कर सकते हो.
इंडस्ट्री को आप खाली एडिबल ल को. देखो 80 पर हम इंपोर्ट कर रहे मैंने कहा. इंपोर्ट करने आप खाली हमको गारंटी दो आप. इतना ज्यादा पैसा दोगे अगले पा साल के. लिए और पा साल के बंद करो इंपोर्ट और. इंपोर्ट बंद अलाव भी करो एडीपी जैसे. ऑर्गेनाइज मार्केट प्राइस बेचो ट्रेडर को. अलाव मत करो मार्केट प्राइस तोड़ने के लिए. बट अगर इंपोर्ट बंद कर देंगे तो फेयर. ट्रेड नहीं होगा ना वर्ल्ड वाइड तो आप.
एनडीबी ने क्या किया सरकार के पैसे लेने. के बदले एनडीडीबी सेल्फ. फाइनेंसिंग तो आपका जो भी इंपोर्ट है मैं. इधर रखूंगा और लगा इंपोर्ट्स पर मैं. मार्केट प्राइस में बेचूंगा किसानों का. प्राइस नहीं तोडूंगा वो वर्ल्ड ट्रेड के. खिलाफ नहीं. है तो बैन मत करो बैन प्राइवेट इंपोर्टर. से बैन करो पर एनडीडीबी जैसा ऑर्गेनाइजेशन. तेल के लिए बनाओ जो जो सेल्फ फाइनेंसिंग. हो सरकार से पैसा नहीं लेता है और जो भी.
सरप्लस आता है वो किसानों के लिए जाता है. वो अलाउड है कुरियन ने जो क्रिएट किया जो. जो शुरुआत की सब पूरी दुनिया चौ गई. क्योंकि वो बिल्कुल व ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन. के रूल्स के मुताबिक था एक भी रूल तोड़ा. नहीं पर सरकार की इच्छा है कि जहां भी हो. मुझे अपनी उंगली लगाना. है जहां भी है उधर से मुझे फायदा निकालना. है जो भी किसान है उसका वोट चाहिए वोट.
चाहिए इसका मतलब मुझे उसे पैसा देना है. एनडीपी क्यों पैसा दे मैं दूंगा. ना यह राजनीति ने जिस तरीके से किसानों से. खेला है वो अच्छा नहीं है देश के. लिए क्योंकि आज 50 जो पॉपुलेशन है वो रूरल. पॉपुलेशन है जो रूरल पॉपुलेशन है वो. कंज्यूमर्स है जो कंज्यूमर्स है उनको. परचेस मिलता है उनका परचेसिंग पावर दूध से. आता.
है अगर वो परचेसिंग पवर कम होता है उ नहीं. खरीदता है इंडस्ट्री को इफेक्ट होता है. आपका पूरा इकोनॉमिक डिक्लाइन 1916 से. देखिए जीडीपी का ग्रोथ रेट कम हो रहा है. कम हो रहा है कम हो रहा है कम हो रहा. है उसका एक मुख्य कारण यह है कि अपने. किसानों का परचेसिंग पा तोड़ा. है डू यू थिंक स् न अ स्लाइटली डावर्स. टॉपिक रिलेटेड टू दिस ओनली. ड यू थिंक की गवर्नमेंट को जैसे चाइना.
करती है कि बाहर के लोगों को मतलब. प्रोटेक्ट करके रखती है चाइना अपनी अपनी. कंट्री को इतने ज्यादा इंपोर्ट्स अलाउ. नहीं करती इ ज्यादा टेक्नोलॉजी बाहर की. अलाव नहीं करती इतने ज्यादा बाहर की और जो. भी चीज चाइना के पास नहीं है से वही अलाव. करती है बाकी सारी चीजें गार्ड करके रखती. है कि सेल्फ रिलायंट कंट्री के अंदर ही जो. लोग उगाए या प्रोड प्रोड्यूस करेंगे उसी. को हम यूज करेंगे डू यू थिंक दैट इंडिया. को भी ऐसा करना चाहिए करना चाहिए बस थोड़ी. समझदारी से मैं समझा मैं दो उदाहरण दूंगा. हम आज हम चावल एक्सपोर्ट करते हैं आई विल.
जस्ट फ्रेम दिस प्रॉपर्ली क्योंकि बहुत. सारे से बिजनेसमैन भी जो हैं वो लोग भी. यही बोलते हैं कि चाइना के पास अनफेयर. एडवांटेज है बिकॉज उनकी गवर्नमेंट कंट्रोल. करके रखती कि बाहर का कोई भी आके आदमी. अंदर आके बाहर से इतना पैसा लाके मार्केट. को गड़बड़ गड़बड़ नहीं कर सकता जैसे इफ यू. लुक एट मॉडर्न स्टार्टअप्स को भी आप. देखोगे तो. इंडिया का नंबर वन प्लेयर बन गया राइट. इंडियन के इंडियन प्लेयर्स जितने भी थे.
ई-कॉमर्स में व खत्म होते गए बट. amazon2 से प्लेयर उठ के आया अलीबाबा ऐसे. बहुत सारी इंडस्ट्रीज है बहुत सारी. टेक्नोलॉजी कंपनीज हैं जिनको अनफेयर. एडवांटेज मिला और वो चाइना में आज खुद का. उन्होंने इकोसिस्टम बना दिया बट वो इंडिया. में नहीं बना पाए बिल्कुल अभी चाइना में. अलीबाबा है अ मा माइ टन है पिंडो है तीनों. एक दूसरे से कंपीट करते हैं पर बाहर का. नहीं बाहर का आएगा उस समय जब ये. यह खुद मजबूत हो. जाए कोरिया यही कहता था जब तक फार्मर.
मजबूत नहीं होगा तब तक आपको उनको. प्रोटेक्ट करना पड़ेगा देश पहला रहता. है अगर आपके पास खाना नहीं है तो आप. पुराने जमाने के जैसे जाओगे का भिखारी. बनकर सब मुझे खाना. चाहिए एक और उदाहरण दे रहा हूं आज हम चावल. एक्सपोर्ट कर रहे हैं और चाइना आपसे चावल. खरीदने के लिए हमेशा तैयार है हम अब चाइना. के पास तीन गुना जमीन है इंडिया.
से इंडिया के तुलना में हम चाइना क्यों आ. चावल नहीं उगा रहा है उसको मालूम है हर एक. किलो चावल के लिए आपको 2000 लीटर पानी. देना पड़ता है हम और पानी की कीमत चाइना. जानता है हम पाना हम पानी पर कोई प्राइस. रखते नहीं है फुकट में जा रहा है तो पहला. सब्सिडी जो फार्मर को मिल रहा है वो. फर्टिलाइजर है वो पानी है वो बिजली है उस. सब्सिडी से भी जो प्राइस से जो जिस प्राइस.
पर आप चावल बेचते हो देश में वो इंटरनेशनल. प्राइस से ऊंचा है फिर एक्सपोर्ट करते हो. वापस सब्सिडी दे रहे हो चाइना खुश है. इंडिया के सब्सिडी से मुझे चावल मिल रहा. है अगर इंडिया में समझदारी है प्राइस आप. वाटर को प्राइस करोगे. हम बट पानी पर अगर प्राइस कर देंगे तो. बहुत ज्यादा प्राइसिंग अलग तरीके से हो. सकता है आपको इतना प्राइस मिलेगा. इसले लोलो महाराष्ट्र की बात महाराष्ट्र.
में इतना पैसा इतना पानी निकलता है इतना. पानी हम सिटीजन के देंगे इतना पानी हम. इंडस्ट्री को देंगे इतना पानी हम. एग्रीकल्चर देंगे किस किस एग्रीकल्चर. क्रॉप के लिए कितना देंगे इतना कोटा आपका. पानी है उसके बाद आपको यह प्राइस भरना. पड़ेगा लोग प्रोटेस्ट नहीं करेंगे इस पर. कि पानी पर भी चार्ज लगा दिया आपके पास. पानी है तो लेकर आओ ग्राउंड वाटर बंद. करो ग्राउंड वाटर निकालो तो जैसे आपका वो.
उत्तराखंड. में जमीन नीचे चले गई वही होगा. इधर और जितना जमीन का पानी निकालो उतना. नमक आएगा जमीन. में और जो भी पानी मिलता है जमीन से वह सब. खाड़ी हो. जाएगा आप आज के लिए जीना चाहते कल के लिए. आप आप कुछ रखना नहीं चाहते हो क्या ओके. लास्ट टाइम मुझे याद है अपन ने एक बात करी. थी पानी प नाउ दैट यू आर टॉकिंग ओके एंड.
यू टक्ड अबाउट कि इंडिया के पास. ब्रह्मपुत्र है. एंड चाइना और रशिया इंडिया से कभी भी. हमेशा बना के ही रखेंगे कभी भी अटैक नहीं. करेंगे कभी लड़ाई नहीं करेंगे क्योंकि. सबसे बड़ा लैंड जो वाटर रिजर्व है वो. इंडिया के पास ही. है कहिए मैं बताऊंगा फिर तो आप मुझे बताओ. इसके बारे में वाटर पानी पानी के बारे में. इसमें इसमें. चैप्टर पेज 1044 हम में आप एक टेबल.
देखोगे 104 हां हम मुझे पेज याद है वाओ. ओके कंट्रीज एंड दे डीएनए अगर आप देखोगे. एक जगह है वाटर एज अ परसेंटेज ऑफ लैंड या. आप वो नंबर देखिए इंडिया में 9.6 इंडिया. वाज 9.6 आप यूएसए का. देखिए सेवन सेवन है. और चाइना का देखिए 2.8 किसके पास ज्यादा.
पानी है इंडिया के पास परसेंटेज इंडिया के. पास अभी चाइना की जमीन तीन गुना है अभी. अमेरिका की जमीन तीन गुना है आप रशिया का. देखिए 13 13 पर और जमीन देख तीन गुना. अमेरिका का तीन गुना चाइना का इस ना. टाइम्स बिगर देन. इंडिया सबसे ज्यादा पानी रशिया के पास है. रशिया इज द वर्ल्ड लार्जेस्ट फ्रेश वाटर.
रिजर्व दुनिया का सबसे बड़ा लेख है व लेख. बैताल रशिया. में चाइना के पास सबसे कम पानी है और पु. पुराने जमाने में हम सोचते थे चाइना अपनी. ब्रह्मपुत्र को निगल. लेगा क्योंकि टू थर्ड ऑफ ब्रह्मपुत्र इ इन. चाइना ओनली न थर्ड इ इन इंडिया मैंने कहा. कभी कोई भगवान दयालु है. मैं.
और जब पहला स्टडी हुआ हाइड्रोलॉजिकल स्टडी. हुआ 2000 में 2001 2002 में. हुआ तो मालूम पड़ा कि ब्रह्मपुत्र थ चाइना. में हुआ पर वाटर कलेक्शन इन चाइना इ ओनली. 20. पर 60 पर ऑफ द वाटर कलेक्शन ब्रह्मपुत्र क. अरुणाचल प्रदेश ओके और 20 बाकी भारत में. हम हम इसीलिए अभी झगड़ा चल रहा है अरुणाचल.
प्रदेश के ऊपर. पानी चाइना के पास पानी कम है और 2009 में. मैंने लिखा था इसमें रेफरेंस दिया है 2009. में मैं मिंट में. लिखा कि चाइना इंडिया से झगड़ा ज्यादा. नहीं करेगा क्योंकि उसको इंडिया का. मार्केट. में मार्केट पर थोड़ा ध्यान है. हां उसे पानी चाहिए सबसे. सुझाव यही रहेगा कि चाइना और रशिया एक. दूसरे से बात करें और चाइना रशिया से पानी.
ले उस समय सभी लोग मुझ पर हसने लगे. क्योंकि चाइना और रशिया के बीच में रिश्ते. खराब थे जब मैं 2014 में गया था चाइना में. उधर भाषण मैंने कहा एक लेक्चर दिया था. मैंने कहा आप लोग कोई ना कोई समय रशिया से. बात कर ग पानी लेने के. लिए तो वहां मेरी काफी निंदा की उन्होंने. बोले नहीं नहीं सकता. होगा और थैंक्स ू यूक्रेन वर जो कुछ भी है.
यूक्रेन वर से पहले भी 2018 में चाइना और. रशिया ने एग्रीमेंट साइन किया और उधर से. सीधा कनाल बनाने के बात चालू हुई काम चालू. हुआ है लेख बायता से पूरा पानी आएगा चाइना. में और चाइना में सेंट्रल चाइना में और. वापस मैं एक और प्रेडिक्शन कर रहा हूं कि. जब पानी आएगा वहा लोग आएंगे वहा तरक्की.
होगी अगले 10 साल में चाइना में एक और. इंडस्ट रेवोल्यूशन आएगा ज सेंट्रल चाइना. में इंडस्ट्री आएगी कक पानी. है और रशिया और. चाइना और भी करीब होंगे क्योंकि चाइना. रशिया पर डिपेंड करेगा पानी के लिए ऑयल के. लिए गैस के. लिए और चाइना कभी नहीं चाहेगा कि रशिया. डूब जाए क्योंकि उसे अमेरिका का सामना. नहीं करना पगा इसलिए चाइना रशिया को.
प्रोटेक्ट. करेगा और चाइना यह नहीं चाहेगा कि इंडिया. डूबे क्योंकि उसे यूएसए नहीं. चाहिए तो चाइना अपना खेल खेल रहा है. इंडिया को अपना खेल खेलना. पड़ेगा पर चाइना हमेशा दुश्मन नहीं रहता. है और चाइना हमेशा दोस्त भी नहीं रहता है. वो कंपट रहेगा हमें अपनी निगरानी रखेगी. रखना पड़ेगा जैसे वो अपनी निगरानी र और एक.
और चीज याद रखिए आप उस टेबल में देखिए. लेबर डेंसिटी ऑफ पॉपुलेशन. देखिए इंडिया. 104 इंडिया का पॉपुलेशन डेंसिटी. देखिए पॉपुलेशन मिलियंस डेंसिटी स्क्वायर. मीटर हां डेंसिटी स्क्वायर मीटर देखो हां. इंडिया का इ 39.3 चाइना का देखें 145 145. देन पापुलेशन चाइना में कम है और. बांग्लादेश का.
देखिए. 106 बांग्लादेश का डेंसिटी ऑ पॉपुलेशन. इतना बड़ा है उसके बावजूद बावजूद. बांगलादेश में जीडीपी पर कैपिटा इ हायर. देन. इंडिया इसका बांगलादेश की इकोनॉमिक पॉलिसी. बेहतर है इंडिया. से वहां तरकी हो रही है तो ऐसे क्या. डिफरेंस है जो बांग्लादेश और इंडिया में. कि बांगलादेश देश की जो जीडीपी है वो बेटर. है इंडिया से नहीं जीडीपी कम है क्योंकि.
उसकी संख्या कम है पर कैपिटा इनकम सॉरी पर. कैपिटा बांग्लादेश की जमीन कम है पर. बांग्लादेश का वाटर देखिए इंडिया से कम है. परसेंटेज. हम बांग्लादेश बांग्लादेश वाटर इ 6.4 6.4. इंडिया का ना है. 9.6 अब इंडिया के पास बड़ी जमीन है पर. उसका % वटर है जो काफी है पर हम वाटर को. वाटर की निंदा कर रहे हैं वाटर का ब्यूज. कर रहे हैं वाटर को वेस्ट कर रहे हैं अब.
गंगा देखिए ना एक बार जो क्या कहते नमामी. गंगे हम गंगा को साफ करेंगे आप इसली से. बात करें वो हस करर बोलेंगे आप मुझे हमें. बुलाए हैं साफ करने के हम साफ कर रहे हैं. पैसे मिल र पर साफ तब होगा जब आप बंद. करोगे ना जो गंदगी आ रही गंगा में उसको. पहले बंद करो उसके बाद में सफाई होती है. एक जगह सफाई हो रही गंदगी और भी. डिफरेंस वैसे डिफरेंस क्या है इंडिया और.
बांग्लादेश में पॉलिसी फ्रेम जने पानी के. लिए गंदगी पहले बंद. करो व करने करने के लिए तयार नहीं. पॉलिटिकल कनेक्शन प्रॉफिट बन रहे हैं. गंदगी बंद करोगे तो मुझे अपना स टैक बनाना. पड़ेगा सेप्टिक कटक बनाना पड़ेगा उसम. खर्चा रहता है मुझे खर्चा करने की अच्छा. नहीं है पानी. चीज जब से शेख हसीना आई.
है तब से फंडामेंटम अलाउड नहीं है ओके. बांगलादेश कांशन कहता है हम इस्लामिक. रिपब्लिक है पर बांग्लादेश का य भी कहता. है कि आपकी जो भी रिलीजन है आपको फ्रीडम. है उसका प्रचार करने के लिए तो आपने अपने. आप अपने मंदिर. में अगर दूसरों को बता सकते हिंदू जम. कितना अच्छा है आप कानून के अंदर हो पर आप. जलूस निका लोगे तो गलत.
हो और जहां भी आंदोलन हुआ है शेख हसीना. उने सीधा जेल में. भेजी क्योंकि फंडामेंटलिज्म देश को बर्बाद. करती है तीसरी चीज बांग्लादेश ने फोकस. किया स्कूल एजुकेशन पर अब परसों के दिन. मैंने एक आर्टिकल लिखा मैं आपको भेज. दूंगा इंडिया का जीई आर ग्रोस एनरोलमेंट. रेशो स्कूल्स में 27 पर. है और आप कते आपका लिटरेसी 74 पर.
है 27 7 काफी डिफरेंस है और कारण य है कि. आपका जो लिटरेसी सेंसेस बना रही है उसका. कंडीशन खाली यह है कि आप अपना नाम लिखना. और पढ़ना जानते हो तो अगर मेरा नाम राम है. मुझे खाली तीन अक्षर सीखना है तीन अक्षर. लिखना है तीन अक्षर पढ़ना और मैं लिटरेट. का डेफिनेशन गलत है ना इंडिया की लिटरेसी.
बहुत खराब है बांग्लादेश स्कूल एजुकेशन इज. मच. बेटर तो आपका एजुकेशन अच्छा है आपका. फंडामेंटल कंट्रोल में थोड़ा है. और आपका फोकस. है जितना भी उत्पादन कर सको वहां एक. फैक्ट्री जो गारमेंट्स की है उसमें 11000. लोग काम करते हैं यजम नहीं है हम आप बोले. लेबर एक्सटशन है देश को जीना जीतना जीना.
है देश को एक्सपोर्ट करना है आज स्थिति. ऐसी है आप जाओ दुबई में मैं दुबई जाता हूं. कई बार आप भी जाते होंगे मैं एक बार मैं. पिछले छ महीने पहले मेरा जो ड्राइवर था. टैक्सी वाला वो बांग्लादेश से था तो मैंने. कहा आपके कितने साथी इधर है बोले साथी पर. नंबर्स कम हो रहे हैं क्यों बोले आजकल. दुबई में कोई बांग्लादेशी आता नहीं है. क्योंकि बांग्लादेश की. अ शुरुआत में एक्सटशन धीरे धीरे सब बढ़ता.
है इसलिए बांग्लादेश में थोड़ी आप देखोगे. वो आपका जो डेंसिटी पॉपुलेशन है वो ज्यादा. होने के बावजूद उन्होने इतना क्या. है पानी जरूरी है और इसलिए वापस कह रहा. हूं चाइना रशिया पर डिपेंड करेगा और चाइना. नहीं चाहेगा कि रशिया डूबे. और रशिया नहीं चाहेगा कि चाइना बहुत. महत्वपूर्ण और चाइना की डेंसिटी पॉपुलेशन.
देख लीजिए दुनिया में सबसे खराब डेंसिटी. पॉपुलेशन रश की. है 8.4 हां. 8.4 इंडिया के 300 के खिला के सामने 399. इंडिया ऑलमोस्ट 400. 400 तो अगर 8.4 है उनके पास लोग नहीं है. उनके पास जमीन है नाइन टाइम ज्यादा इंडिया. से इट इ द लार्जेस्ट रिजर्व गोल्ड ऑफ ऑयल.
ऑफ कॉल प्रेशिस. मेटल्स पर उनके पास लोग नहीं है तो मैं. पिछले 15 साल से 2009 से कह रहा हूं सरकार. को रशिया के साथ बात करो जैसे सऊदी अरेब. में लेबर कैंप बनाया है आप इंडियन को भेजो. खान चालू करने के लिए कोयला निकालने के. लिए सोना निका ने के लिए जो भी प्रेशिस. मेटल्स है वो निकालने के लिए और जॉइंट.
प्रोडक्शन सिस्टम चालू करो जैसे हमने तेल. में किया है आधे जो रशिया के जो ऑयल. फील्ड्स है उसमें इंडियन ओएनजीसी का ओवीएल. पार्टनर है आप उसी तरह कर लो ना अब रशिया. कई बार चाहता है चाइना से पूछे पर चाइना. उसके बाजू का नेबर है एक बार चाइना के लोग. आ गए तो निकलेंगे नहीं वो स् कटर्स बन. जाएंगे और रशिया वो नहीं चाहता है पर. इंडिया के लोग दूर है. इसलिए उसको बुलाएंगे क्योंकि वो हमेशा उधर. रह नहीं सकते हैं कॉमन बॉर्डर नहीं है.
उनको भेजा जा सकता. है अपने पॉलिसी थोड़े बदलने. चाहिए उससे इंडिया के लिए जॉब मिलेंगे. रशिया मजबूत हो जाता है रशिया और इंडिया. जितने करीब हो जाएंगे चाइना बीच में हटका. है तो इंडिया वैसे वर्ल्ड लीडर कैसे. बनेगा लेट्स टॉक अबाउट दैट क्योंकि देखो. वर्ल्ड लीडर बनने के लिए तीन चीज चाहिए हम. एक आपके.
पास धन चाहिए अब धन दो तरीके के रहते हैं. एक धनी का धन है और पूरे देश का धन. है क्योंकि इंडिया के. पास 140 करोड़ 140 करोड़ लोग हैं हम हर एक. आदमी अगर एक दो रुपए देता है सरकार को. टैक्सेस में इनडायरेक्ट टैक्सेस माचिस. खरीदा तो उस जीएसटी आता है कुछ भी खरी. जीएसटी आता है तो सरकार की आमदनी बनती है.
तो भारत ऐसा देश बना है ज सरकार अमीर है. और लोग गरीब. है क् एक एक र जाता है सरकार अमीर हो जाती. है तो इंडिया का जीडीपी बढ़ता है सरकार. अमीर है पर लोग गरीब है आपको लोगों को. बढ़ाना. है जब लोग बढ़ जाएंगे लोगों के पास धन. ज्यादा हो सरकार का भी धन बढ़ेगा. पर तब आत्मनिर्भरता का मान का का मीनिंग.
सच. रहेगा दूसरी चीज है. एजुकेशन स्कूल ए मैं जो तीन चार दिन पहले. एजुकेशन आर्टिकल अभी भेजूंगा इस सेशन के. बाद आप उसको पढ़िए चार चार्ट है एक चार्ट. है जी आर पर दूसरा चा है वन टीचर स्कूल. स्कूल में टीचर नहीं है एक टीचर से स्कूल. पर चलता है वही टीचर सभी क्लास को सिखाता. है वही टीचर सब सब्जेक्ट सिखाता.
है उसकी संख्या देखिए कितने स्कूल है 5. लाख के ऊपर. है तीसरा प्रॉब्लम है साइंस. लेबोरेटरी खाली 40 सरकारी स्कूल में साइंस. लेबोरेटरी आप केमिस्ट्री कैसे सीखो ग. बर्तनों से घर में चूल्हे. पर जहां साइंस नहीं है वहां आपका. आईडियोलॉजी. आएगा आप ज्यादा समय निकाल रहे हो किसकी.
किसका इतिहास लिखने के लिए कौन सी भाषा. सिखाने के. लिए कौन से रास्ते का नाम बदलने के लिए. कौन से इलाके का नाम बदलने के लिए शहर का. नाम बद लोगे अरे साइंस सिखाना साइंस में. ना धर्म है ना जाति. है पर साइंस की गगर बढ़ो नहीं. और चौथा चीज है इंटरनेट खाली 10 ट स्कूल.
में इंटरनेट है सरकारी स्कूल. के और आप कहते हो पूरा दुनिया को हम. सिखाएंगे अरे तुम्हारे खुद के लोग को. जानते कुछ जानते नहीं. है और वह वोटर है तो अल्प बुद्धि वाले. आपको वोट. करेंगे जब तक आप एजुकेशन पू सकते हो तब तक. वह सवाल नहीं पूछेंगे वो ठीक तरह चुनेंगे.
नहीं तब तक व खुद आत्मनिर्भर नहीं होंगे. उनको सरकार से डोल. चाहिए इसलिए किसानों साधारण आदमी वह सब. जरूरी है सबको अपना सरकार से पैसा नहीं. लेना चाहिए पर सरकार को वोट चाहिए तो पैसे. देगी सरकार का स्वार्थ रहता है कि मुझे. पैसे देने हैं वोट लेने है और एक सरकार की. नहीं सभी सरकार आई रेड एन आर्टिकल यस्टरडे. ओके वेर इट सेड कि इंडिया अभी इस दिस ईयर.
इनफैक्ट नेक्स्ट फॉर नेक्स्ट फाइव इयर्स. सबसे मेजर प्रोडक्शन हमारा ही होने वाला. है अराउंड द वर्ल्ड इंडिया इ गोना बी द. लार्जेस्ट प्रोड्यूसर्स फॉर एवरीथिंग इन. इन टोटल राइट हमारे बाद बाकी सारी कंट्रीज. हैं सबसे ज्यादा इंडिया करने वाला है तो. रिसेशन अभी वर्ल्ड वाइड हर कंट्री में. इफेक्ट करेगा यूके सबसे ज्यादा बैडल हिट. होने वाला है बाकी इंडिया को हिट नहीं. करेगा क्योंकि इंडिया में प्रोडक्शन और. आउटपुट प्रोडक्शन बहुत ज्यादा होने वाला.
है राइट सो व्हाट डू यू फील कि यह इंडिया. का गोल्डन टाइम है कि नहीं है व्हाट्स द. व्हाट्स गोइंग ऑन क्योंकि यह तो फैक्ट है. पूरी वर्ल्ड पैसा इधर लगा रही है गोल्डन. अपॉर्चुनिटी है इंडियंस के पास अभी मौका. है एक्चुअली आगे बढ़ने. का इनफैक्ट आई हैव टू क्वेश्चंस ऑन दिस. ओके वन इज गिव मी योर व्यूज ऑन दिस कि यह. मेजॉरिटी प्रोडक्शन जो इंडिया में होने. वाला है इससे क्या फायदा होगा देश में और. क्या होगा और ये होने वाला भी कि नहीं. होने वाला है दैट इज वन सेकंड इज हाउ एक.
कॉमन इंसान जैसे मैं हूं या मेरे जैसे. जितने और लोग इसको देख रहे हैं हम लोग इस. अपॉर्चुनिटी का फायदा कैसे उठा सकते हैं. हम लोग क्या कर सकते हैं मे बी विद. गवर्नमेंट विदाउट गवर्नमेंट क्या ऐसा कर. सकते हैं जिससे हम यह जो गोल्डन पीरियड. इंडिया का स्टार्ट हो रहा है यह जो अगले. 10 साल है इसमें इंडिविजुअल वेल्थ या. सेल्फ रिलायंट होने का हम बहुत फास्टेस्ट. हमारा सबसे बेटर चांस होगा इसमें दो चीजें. आपको याद रखनी पड़ेगी. एक इंडिया सबसे बड़ा प्रोड्यूस सेंटर.
होगा मेरे पास काफी क्वेश्चन मार्क्स इसके. ऊपर है. ओके यह यह प्रोडक्शन सबसे ज्यादा बढ़ होगा. वह थिरी लास्ट ईयर आई थी जब चाइना क्लोज. था उनके पास जीरो कोविड पॉलिसीज थी चाइना. का जीडीपी घट रहा था अब इस साल चाइना ने. खुला कर दिया है इस टाइम पर चाइना का. जीडीपी ग्रोथ 5.5 होगा इंडिया कह रही थी. 6.5 करेंगे अभी वर्ल्ड बैंक का यस्टरडे.
फिगर जो आया कल जो फिगर आया था 5.9 है साल. के एंड में मुझे लग रहा है चाइना का. जीडीपी ग्रोथ इंडिया से परसेंटेज वाइज. ज्यादा होगा और चाइना का जीडीपी फिगर जो. है वो इंडिया से सात गुना बड़ा है तो 5 पर. सात गुना बड़ा होने के बावजूद हो रहा है. और हम साथ 1 सेथ प्रोडक्शन पर 5.5 रहेंगे. उनके बराबरी में चाइना विल रिमन द. लार्जेस्ट प्रोड्यूसर इन द वर्ल्ड हर एक.
देश. जो दुनिया में कामयाब हुआ है ओके वो अपने. नेबरहुड अपने जो पड़ोसियों है पड़ोसी देश. है हम उनसे संबंध रखता है उन्हीं के साथ. एक्सपोर्ट इंपोर्ट करता है अधिकता 40 % से. 60. पर एक्सपोर्ट इंपोर्ट उन देशों से होता है. इंडिया ने अपने नेबर्स में जो एक्सपोर्ट. हुआ करता था उसकी परसेंटेज घट रही है घट. रही है घट रही है इंडिया का पूरा ध्यान जा. रहा है वेस्टर्न वेस्टर्न वर्ल्ड में आपके. प्राइम आपके प्राइम मिनिस्टर आपके जो.
फाइनेंस मिनिस्टर आपके पियूष गोयल यूके. जाएंगे फ्रांस जाएंगे जर्मनी जाएंगे हर एक. जगह जाएंगे ईस्टर्न कंट्रीज में ज्यादा. जाते नहीं है इंडोनेशिया में नहीं जाएंगे. मलेशिया में नहीं. जाएंगे और ऐसा क्यों है जो भी कारण. हो जो भी कारण हो आपका जो आप इस जगह हो आप. जियोग्राफी बदल नहीं सकते हो आपका सबसे. ज्यादा बिजनेस आप एरिया में रहेगा और यहां. यह चार्ट दिखा रहा है कि आपका परसेंटेज कम. हो रहा.
है दूसरा चार्ट. देखिए जो कामत कह रहा है कि हम बढ़ेंगे आप. देखो पडेम से पहले भी चाइना का का उत्पादन. जाता था चाइना का पम के बाद उसका और भी. बढ़ रहा. है तो जो हम कहते हैं य कहते हैं ना वो. क्या कहते हैं मेंडक का मेंडक का जो वो है. दुनिया है वो अपने कुए में है हम वैसे हैं. अरे अपना दे बढ़ रहा है दूसरों को देखो. कितना बढ़ रहा है चाइना.
में आप तीसरा चार्ट. देखिए लो. टायर जरा तीसरा देखिए नहीं जी यही वाला. हां ये वाला हम इंडिया ने जो इंपोर्ट. ड्यूटीज है अपने नेबरिंग देश से और भी कम. किया है चाइना से हम फिर भी नेबर्स अपने. साथ बिजनेस नहीं करना चाहते क्योंकि अपने. रूल्स है गलत है अपना इंपोर्ट एक्सपोर्ट. कंडीशंस गलत है आपने आपका जो प्रोसीजर. ब्यूरोक्रेटिक प्रोसीजर वो ब बहुत.
बहुत कन्फ्यूजिंग है और फर बहुत तकलीफें. देता है कोई करने के लिए तैयार नहीं है. तो अगर हम लोग वेस्टर्न वर्ल्ड को ज्यादा. ध्यान दे रहे हैं और वेस्टर्न वर्ल्ड प. ज्यादा एक्सपोर्ट कर रहे हैं देख ये रहा. आपका जी. ईयर मेरे आर्टिकल में मैंने आपको अभी जाऊ. यहां देखिए पूरी इंडिया का जो एवरेज है वो. है 27 पर और इस देश में कोई राज्य ऐसे हैं. जैसे अपना झारखंड 7 है जहां.
अपना छत्तीसगढ़ है 19 पर है. जीर और क्या देश बढ़ रहा है दूसरी चीज आप. देखि यहां देखिए दूसरी चीज य दूसरा जो. चार्ट है यह आपका न टे वन स्कूल. टीचर्स वन स्कूल टीचर्स में आप देखिए. इंडिया का 8. पर ऑफ स्कूल्स आ वन स्कूल टीचर. पर अब दूसरे राज्य को देखिए मान लो.
आप वेस्ट. बंगाल वेस्ट बंगाल. में 80 पर ऑफ स्कूलन स्कूल. टीचर्स फिर आप लेबोरेटरी देखिए स्कूल वाइज. इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरे देश का 48 पर है. एंड प्लेसेस लाइक बिहार है 20.
पर ए ब वेरी पापुलेटेड. कट सॉरी और फिर आप लास्ट लास्ट चार्ट कहा. गया वो अपना लेबोरेटरी का हा स्कूल. लेबोरेटरी पूरे देश का 48 पर है. और उत्तर प्रदेश क. गया आंध्र प्रदेश 6 पर तेलंगाना 26. पर.
नागालैंड 25 पर यह लेबोरेटरी साइंस लाइफ. फैसिलिटी यह चार चार्ट्स है यह चार चार्ट. दिखा दीजिए आपको मालूम पड़ेगा देश के. एजुकेशन एजुकेशन स्टेट इंडस्ट्री कैसी है. अब मैं दूसरा आर्टिकल लिख रहा हूं हायर. एजुकेशन पर रिसर्च कर रहा हूं. अभी आप इसको फिर देखिए और इसको देख लीजिए. और फिर आपको मालू पड़े जो भी हम कह रहे. हैं हम देश का सबसे बड़ा बनेंगे हम नहीं. बनेंगे सबसे देश का चाइना हमा से काफी आगे.
बढ़ चुका है तो हम दुनिया में सबसे बड़े. नहीं बनने वाले बढ़ेंगे नहीं क्योंकि दो. चीजें हैं आप जब 5 पर सात गुने ऊपर सात. गुना बड़ा के होने के बावजूद भी 5 पर बढ़. रहे हो और हम न से पर पाट साढे ट बढ़ रहे. हो 10 साल बढ़ेगा 20 साल चलेगा फिर भी. चाइना बढ़ा. रहेगा आप कहते हो चाइना का लेबर कॉस्ट बढ़. रहा. चाना का ले बन रहा है तो क्या हुआ जो कुछ. भी जितना रोबोटा कर सकते हैं रोबोटा कर.
रहे. हैं उन उनके टेक्सटाइल प्लांट में खाली. चार चार लोगल है सब एथिंग सब कुछ रोबोट. में कर रहे. है चाइना में अगर लेबर कॉस्ट ज्यादा बढ़ता. है तो कैपिटल. कॉस्ट वो अफोर्ड कर सकता है. इसलिए कंप्यूटराइज कर सकता है इंडिया में. आर्बिट में अभी चाइना में सबसे बड़ा पोट.
10 लोगों खाली 10 लोग एंप्लॉयड. है सब कुछ रो सब सब कुछ ऑटोमेटेड है 10. लोग आपके क्रेन जाते हैं 10 लोग आपके. कंटेनर मूव करते हैं इक एशन करते हैं सब. कंप्यूटराइज है क्यों क्योंकि लेबर कॉस्ट. ऊंचा. है हमारे य कम से 1000 लोग है क्योंकि वो. कॉस्ट कंप्यूटराइजेशन बहुत ऊंचा है अपना. लेबर थोड़ा चीप है पर जहां लेबर की जरूरत. है एग्रीकल्चर में अ उसे मार रहे हो मिल्क.
प्रोडक्शन में उधर मार रहे हो आप देखो ना. कहां आपका वैल्यू ज्यादा बढ़ रहा है सबसे. ज्यादा वैल्यू एडेड है एग्रीकल्चर. में सेकंड हास्ट वैल्यू डेड है गारमेंट्स. और लेदर में आप उधर दोन जगह मार रहे. हो तीनों. जगह व्हाट शुड वी डू मतलब जो हम इंडियन. ड्रीम की बात करते हैं पहले पहले एजुकेशन.
बड़ा नो कंट्री कैन बिकम बिग विदाउट. एजुकेशन. ओके जब तक स्कूल का हर एक बच्चा को अपने. अक्षर नहीं आते हैं सेंटेंसेस नहीं पढ़. सकते हैं गणित नहीं आती है और साइंस नहीं. आता है तब तक को देश बढ़ेगा. नहीं कल आपको प यूज करना है या आपको अपना. रिपोर्ट आपके कुरियर सर्विसेस वहा आज आपकी. सबसे जारी एंप्लॉयमेंट आ रही है व कुरियर.
सर्विसेस. में आप देखो ना जो भी. आपके आप दुकान से कुछ खरीदते हो कुरियर. वाला आता है अन से खरीद कुरियर वाला आता. है फप का से आता है स् खाना चाहिए कुरियर. आता है आप सड़क पर देखो कम से कम पा 10. कुरियर वाले दिखाई. देंगे उसकी संख्या बढ़ रही. है क्योंकि. आसान है यह लोगों से. बजवाना पर उधर देखिए किसको एंप्लॉयमेंट.
मिल रही है जो फॉर्म भर. सकते आप विज्ञापन दीजिए. आज सेक्रेटरी के लिए आपके पास 1000. एप्लीकेशन आएंगे उसमें मैं हैरान हो. जाऊंगा अगर 10 से ज्यादा काबिल रहे आपके. लिए इंडिया में एंप्लॉयमेंट की जरूरत है. पर एंप्लॉय बल नहीं.
है तो जैसे अमेरिका ने इस चीज को काफी. अच्छे से सॉल्व किया बाय अल्टरनेट एजुकेशन. को प्रमोट करके एक तो अल्टरनेट एजुकेशन. प्रमोट किया अमेरिका ने और दूसरा है. इमीग्रेशन पॉलिसी फ मेक्सिको के वर्कर्स. तीन महीने के लिए आ सकते हैं कि आपके जो. फल तोड़ने हैं टेक्सस में आपका जो कॉटन. निकालना है वो लेबर इंटेंसिव है उसके लिए. इमीग्रेशन अला किया है तो अमेरिका भी. पॉलिसी का जानता है कि ज लेबर चाहिए. टेंपररी हमको बाहर की लेबर नहीं चाहिए. हमके पास लेबर है हम आप उसको मार रहे.
[संगीत]. हो आपके सबसे बड़े ब्राइटेस्ट साइंटिस्ट. क्यों इंडिया में नहीं रहते. हैं क्यों नहीं रहते क्या क्योंकि यहां वो. दर्जे का सैलरी नहीं मिलता है और वो दर्जे. का कंफर्ट नहीं मिलता है सरकारी कंडीशंस. बहुत. कॉम्प्लिकेटेड है बहुत परेशानी करती है. सरकार बहुत परेशान कर सकता है आपको अगर.
तरक्की करनी है पहले पहले ची पहली चीज जो. देश को देखना चाहिए वो है. एजुकेशन दूसरी चीज है हर एक को नौकरी. मिलनी चाहिए वो आत्मनिर्भर होना चाहिए. सरकारी डोलस के बियर है वो पॉलिटी तैयार. नहीं. है उसको अच्छा लगता है आपकी बिजली माफ है. अब मुझे वोट दो. हम आपको खाना पा किलो खाना मुफत में.
देंगे व बंद करो. ना लोगों को सचमुच आत्मनिर्भर. बनाओ उसके पैसे नहीं आप सिखाओ कैसे पैसे. बनाने य थिंक लेट से. कि गवर्नमेंट इतना ज्यादा फोकस नहीं कर. रही इन चीजों पर ब प्राइवेटली क्या. इंडिविजुअल लोग इस पर फोकस करके य क्या. अपॉर्चुनिटी है बहुत आप देखिए अजीम प्रेम.
जी जो कर रहा है स्कूलों को बदल रहा. है. सरकार से हाथ जोड़कर सरकारी स्कूल में. बच्चों को अपलिफ्ट कर रहा है ंजा बढ़ रहा. है व अडानी भी वही कर रहा है जब तक आप. स्कूलों में आप देखि अपने मारवाड़ी जैन. संस्थाओं में कई जो धनी है वो स्कूलों को. अडॉप्ट कर रहे हैं.
हम जैसे अडानी ग्रुप मुझे समझाता है कई. बार हम टीचर को ज्यादा सैलरी नहीं दे रहे. सरकारी टीचर्स को हमारे टीचर से ज्यादा. पैसा मिलता है हमारे जो प्राइवेट स्कूल्स. है सरकारी टीचर से कम से मिलता है पर हम. कंट्रोल करते हैं इनपुट मेजर करते हैं. आउटपुट मेजर करते हैं हर हफ्ते टीचर को. समझाना टीचर को बताना पड़ेगा कि जो लड़का. जिसको सा तक का लास्ट यर मिला आज क्यों 62. नहीं मिल रहा. है तो टीचर को मालूम है उसके पर किसी किसी.
की निगरानी रहती है उस पर और टीचर ज्यादा. समय लगाता है बच्चों को इंप्रूव करने के. लिए क्योंकि उसकी जब मार्क्स आएंगे और. मार्क्स दूसरे टीचर कर उसका चेकिंग करती. है और मॉडरेटर रहता है कोई. एक्सटर्नल तो उसके द्वारा आप एजुकेशन का. स्टैंडर्ड इंप्रूव करते हो बिकॉज चेक्स. एंड बैलेंसस रहते हैं ओके ऑन दैट नोट थैंक. यू सो मच सर माय प्लेजर थैंक यू वंस अगेन. आई होप नेक्स्ट पॉडकास्ट हम जल्दी बनाएंगे.
और बहुत सारे बनाएंगे एंड अभी हमने सिर्फ. दो चैप्टर्स बात करी हम लोग बाकी के पांच. चैप्टर्स प भी बात करेंगे धीरे-धीरे. धीरे-धीरे एंड वी विल गो इन डेप्थ थैंक यू. सो मच फॉर कमिंग अगेन आप फिगरिंग आउट कि. वर ऑफ द फेवरेट गेस्ट हो ो थैंक यू थैंक. यू फॉर डूइंग दिस थैंक यू फॉर हेल्पिंग मी. आउट थैंक यू सो मच कि आपने ये पॉडकास्ट. एंड तक देखा इस पॉडकास्ट में आपको जो भी. अच्छा लगा हो वो हमें कमेंट में बताओ इस. पॉडकास्ट में जो भी गंदा लगा वो भी हमें. कमेंट्स में बताओ ताकि हम अगले पॉडकास्ट. में और भी बेटर कंटेंट ला पाएं आपके लिए.
एंड प्लीज शेयर दिस कंटेंट विद एटलीस्ट वन. पर्सन किसी एक इंसान के साथ शेयर करो. जिसकी लाइफ में एक नया आइडिया मिले उसे और. उस आइडिया से वो अपना कुछ नया काम स्टार्ट. करें अपनी लाइफ में इंप्रूवमेंट लेके आए. क्योंकि एक आईडिया एक कन्वर्सेशन से जो. आता है वो पूरी लाइफ चेंज कर सकता है एंड. हम बस यही फिगर आउट करने की कोशिश करते. हैं कि कैसे वो लाइफ चेंजिंग आईडियाज आप. तक पहुंचाएं आज के लीडर्स से सम कर उनसे. बातें करके और उनकी आइडियल जीी को स्प्रेड. करके थैंक यू सो मच अनटिल द नेक्स्ट.
एपिसोड कीप फिगरिंग आट.
