Chiropractor On Back & Neck Pain, Sleep & Exercises - @HarishGroverchiropractor |FO266 Raj Shamani
कौन सी स्लीपिंग पोजीशन है जो अवॉइड करनी. चाहिए ताकि नेक पेन नहीं हो तो हम क्या. करते हैं उल्टा सोते हैं एस्थेटिक. डिसएडवांटेज ये है कि फेशियल एसिमेट्री. आने लगती है तो एक तरफ ज्यादा रिंकल्स. होंगे एक तरफ कम रिंकल होंगे सबसे. इंपोर्टेंट डाइजेशन तो बड़ा खराब रहता. उल्टा सोने वाला बेस्ट पोजीशन कौन सी सोने. की देखो सबसे बेस्ट पोजीशन है अगर आप. सवासन में सो सकते हो सवासन मतलब आप सीधा. सोओ पिलोस के साथ सोना चाहिए कि नहीं सोना. चाहिए पिलो हैज टू बी देयर पतला पिलो होना. चाहिए लेस दन 1. इंचे एसी में नहीं सोना चाहिए आप पूरी रात. आप 17 डिग्री पे रहते हो बॉडी का टेंपरेचर. है 37 डिग्र तो बॉडी क्या करती है इस.
टेंपरेचर को मैच करने के लिए सारा जो ब्लड. है आपके हार्ट के आसपास दे देगी आपकी. किडनी लीवर पैंक्रियाज के आसपास दे देगी. जो मेन इंपोर्टेंट ऑर्गन है अब चूंकि वो. सारा ब्लड वहां चला गया अब मसल के पास कम. ब्लड है उस केस में मसल सिकुड़ने लग. जाएंगे टॉप थ्री एक्सरसाइजस बताओ जो हर. किसी को करनी चाहिए सो दैट उनके लोअर बैक. पेन सॉर्टेड रहे स्विमिंग हैंगिंग और. वॉकिंग करेगा उसको कभी भी गर्दन कमर का. दर्द नहीं होगा हेडेक्स आजकल क्यों होते. हैं बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं वो होता है. गर्दन की माल पोजिशनिंग की वजह से और यहां. पे जो बड़ी फाइन होती है अगर आपकी गर्दन.
न्यूट्रल है तो फाइन नवज ना इरिटेट नहीं. रती बट जैसे जैसे गर्दन आपके आगे जाती है. तो फाइन नव स्टार्ट गेटिंग इरिटेटेड उससे. हेडेक होने लगेगा आंख में यहां प्रेशर आने. लग जाएगा यहां दर्द होने लग जाएगा हैमरिंग. दर्द ऐसे लगे कुछ मार रहा है कोई मतलब. गर्दन की वजह से हो रहा है ओके बट आप. इसमें टेबलेट खाते रहेंगे माइग्रेन की. लंबे टाइम तक पेन किलर्स यूज करनी चाहिए. डायरेक्टली पेन किलर जिसने दो-तीन साल खाई. है ना उनको किडनी डिजीज वन है लोग कुछ. चीजें खुद करते हैं रील देखा होगा रोहित. शर्मा का तो वो एकदम उनका कुछ शोल्डर जाता. है जो वो ऐसे उठा के ऐसे कर दे ते हैं एंड.
देन नॉर्मल ये करना. चाहिए हमारा पर्पस है कि हम इंडिया के हर. कोने तक इंडिया के टॉप लोगों का नॉलेज. पहुंचा सकें उन्हें लाइफ में आगे बढ़ने. में हेल्प कर सकें उन्हें एजुकेट करें और. इंस्पायर करें एंड उस मिशन में आप हमारी. हेल्प कर सकते हैं इस चैनल को सिर्फ. सब्सक्राइब करके क्योंकि आप जितना हमें. सब्सक्राइब करेंगे उतने ही ज्यादा लोगों. तक हम पहुंचेंगे एंड उतने ही ज्यादा लोगों. की हम हेल्प कर पाएंगे तो आगे बढ़ने से.
पहले राज समानी को सब्सक्राइब कर लीजिए. राज समानी क्लिप्स एंड राज समानी शॉर्ट्स. को भी सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि वहां. पर हम इस बड़े एपिसोड की छोटी-छोटी. क्लिप्स डालते हैं ताकि कम समय में आप एक. बेहतर इंसान बन सके एंड इस पूरे एपिसोड का. ऑडियो एक्सपीरियंस spotify.com. [संगीत]. बहुत जीब लगता है ये.
मैं ट्रस्ट मी आधे से जदा टाइम तो मुझे. बिलीव नहीं होता है कि ये क्या है कैसा है. और मुझे रिस्की दिखता है ये बहुत तो क्या. होता है प्लीज एक्सप्लेन देखो कारोपेक्टते. है कि जैसे कि अगर आपका जॉइंट जो है. कारोपेक्टते. है स्पाइन से रिलेटेड ही रहता है 10 पर. जॉइंट्स प भी वर्क होता है मसल प भी वर्क. होता है ठीक है जैसे फॉर एग्जांपल हम लोग. बैठे रहते हैं बहुत ज्यादा दो दो तीन-तीन. घंटे एक ही जगह बड़ा मीटिंग है बॉस खड़ा.
है सब लोग बैठे हैं तो मैं भी कैसे जाऊं. हम तो धीरे-धीरे करके हमारी जो बॉडी है. हमारे जॉइंट जो है जैसे रेलगाड़ी के डब्बे. होते हैं ना बीच में से जॉइंट होता है ऐसे. ही हमारी वर्टेब्रा के बीच में जॉइंट होता. है उसको फैसेट जॉइंट बोलते हैं ठीक है. उसको लॉक करता है मोबिलिटी देता है चलने. फिरने में मदद करता है अब उस जॉइंट के ऊपर. नाउस होती है फाइन नवस होती है जो डिटेक्ट. करके मैसेज भेजती है ब्रेन को कि आप सीधे. बैठे.
गलत बैठे हो ठीक है हल्का हल्का सिग्नल. देती है कई बार थोड़ा यानी थोड़ा. स्टिफैन जॉइंट किस तरीके से फंक्शनल अलाइन. है अगर ज. स्टिफ्ट है वहां पे मूव नहीं कर रहा या. आपने उस जॉइंट को तो ज्यादा ही खोल दिया. ज्यादा ही स्ट्रेच कर दिया वहां स्टिस आने. लग जाएगी अगर बहुत ज्यादा लोड है तो आपको.
थोड़ा ज्यादा सोरनेस आएगी ज्यादा दर्द. होगा स्लिप डिस्क जैसा प्रॉब्लम है तो. ज्यादा ही दर्द होगा तो कारो पैक्टर क्या. करता है इट ओपन द फेसड जॉइंट अलांग द फैसन. जॉइंट उससे क्या होता है कि वो जो नज है. इट सेंड ए गुड सिग्नल टू द. ब्रेन कि भाई सब कुछ ठीक है एवरीथिंग इज. अलाइड य न नी टू बी वरी अबाउट अब उसम क्या. करता है कारो पैक्टर उसको रिस्टोर कर देता. है उसके फंक्शन को उसकी मोबिलिटी को वो. स्टक हो जाता है वहां पे.
ओके अब जैसे ही अलाइन करता है वहां पे. हीलिंग होने लगती है क्योंकि आपका पहले तो. गर्दन घूमने लगी थी जैसे कि हम सो जाते. हैं ना कई बारी सुबह उठते हैं गर्दन घूमती. नहीं है ऐसे रीजन क्या है ना आपने इतना. ज्यादा जॉइंट को स्ट्रेच कर दिया है ओवर. स्ट्रेच कर दिया है अब वहां जाके ओवर. स्ट्रेच होने की वजह से आप जैसे ही उठोगे. वहां पे वहां के नोसी सेप्ट रिसेप्टर्स. होते हैं पेन रिसेप्टर जो ब्रेन में. जाएंगे और आपको गर्दन को मूव नहीं होने. दें क्योंकि आप गर्दन मूव करोगे कि ब्रेन. कहेगा वहां पे इंजरी हो सकती है दर्द हो. सकता है इंजरी हो सकती है आपकी गर्दन वहीं.
रहेगी आप जाओगे का पैक्टर के पास में आप. बोलेगा कि आप बोलेंगे कि भाई मेरा गर्दन. नहीं मुड़ रही है सर क्या हो गया मेरे को. कई बार चक्कर भी आने लगते हैं इसके साथ. में तो काइरो पैक्टर क्या करेगा जो लॉक हो. गया जॉइंट को उसको अलाइन कर देगा उसको ओपन. कर देगा जैसे ही ओपन होता है वहां की मसल. अच्छे से काम करने लगती है ओके मसल भी. अच्छे से काम करने लगती है तो कैसे ओपन. करते हैं ये विद द हैंड्स ओनली ओके वि विद. द सर्टन रिस्की नहीं होता है ये अ रिस्की. नहीं है अगर प्रोफेशनल करें तो.
अगर अनप्रोफेशनल करे जिसको एक्सरे का पता. नहीं है डायग्नोस्टिक टेस्ट का पता नहीं. है जिसकी कोई फॉर्मल एजुकेशन नहीं है इट्स. वेरी रिस्की एंड क्या डिफरेंस होता है एक. फिजियोथेरेपिस्ट और कारो प्रैक्टर में. जैसे मैंने बताया कि कारो प्रैक्टर क्या. करता है ज्यादातर इसका जो रोल रहता है वो. स्पाइन के अराउंड रहता है इट अलांग द. स्पाइन एडजस्ट करते हैं स्पाइन. में पलस एडजस्ट करते हैं जॉइंट. एक्सट्रीमिटी भी एडजस्ट करते हैं तो का. पैक्टर का काम ज्यादातर वही र ता है.
फिजियोथेरेपिस्ट एक बड़ा अंब्रेला है. बेसिकली फिजियोथेरेपिस्ट मसल पर भी काम. करते हैं जॉइंट प भी लिगमेंट प भी आपके. लाइफ स्टाइल प भी पोचर प भी तो. फिजियोथेरेपिस्ट की फिर अलग-अलग ब्रांचेस. होती है जैसे पेडियाट्रिक फिजियोथेरेपिस्ट. बच्चों का अलग हो गया स्पोर्ट्स इंजरी का. फिजियोथेरेपिस्ट अलग हो गया तो ये बहुत. बड़ा बहुत बड़ा अंब्रेला है बहुत बड़ा का. प्रैक्टर को ज्यादातर एसोसिएट करा जाता है. स्पाइन अलाइन मेंट से ही बहुत सिंपल बेसिक. है िक किस इंसान को काटर के पास जाना.
चाहिए या मुझे क्या हो तो मैं कारोपेक्टते. है या ऐसी कौन सी चीज है जो कारो फैक्टर. बेटर तरीके से ठीक कर सकता है वर्सेस एनी. अदर फीड देखो का अगर आपको स्पाइन की. प्रॉब्लम है विदाउट हैविंग एक सेकंड थॉट. आप का पकटर के पास चले जाओ ओके स्पाइन की. प्रॉब्लम मतलब क्या क्या जैसे कि दर्द हो. गया आपके गर्दन में गर्दन मुड़ नहीं रही. है आपको हेडेक्स हो रहे हैं आपके हार्थ.
में झनझनाहट आना स्टार्ट हो गई है नमने आ. गई है आपको हाथ पांव वीक लगने लगे हैं. सटिका बहुत कॉमन है जैसे कि पीछे से नव दब. जाता है इसके बाद वो ट्रेवल करने लगता है. पोस्टर प्रॉब्लम है आप का प्रैक्टर के पास. जा सकते हो ही विल फिक्स यू ही विल अलाइन. योर स्ट्रक्चर कुछ एक बेसिक गाइडलाइन. बताएंगे व करते रहेंगे तो वो पेन दोबारा. भी नहीं. होगा फिजियोथेरेपिस्ट के पास में आप जाओ. जब आपके पास स्पोर्ट्स इंजरी है फॉर. एग्जांपल यू मस्ट य यू आल्सो हैविंग दिस.
स्लैप टियर सो आपको फिजियोथेरेपिस्ट ठीक. कर सकता है स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट. स्पेक्टर का रोल इसमें नहीं है क्योंकि. फिजियोथेरेपिस्ट आपको रिहैब कराएगा आपको. बहुत सारी गाइडलाइन. बताएगा उसको मसल्स के बारे में बहुत. ज्यादा पता होता है हम राइट उनको. फिजियोलॉजी ज्यादा पता होती है. एंड दे आर मोर ट्रेन इन टू द स्पोर्ट्स. रिहैबिलिटेशन बेसिकली हालांकि कारो पैक्टर. भी आ गए स्पोर्टस रिहैबिलिटेशन पे बट.
फिजियोथेरेपी इज द गाय ओके सो नाउ टॉकिंग. अबाउट आपने बोला कि सो के जब उठते हैं तब. नेक में पेन हो जाता है ये बहुत कॉमन है. राइट तो कौन सी स्लीपिंग पोजीशन है जो. अवॉइड करनी चाहिए ताकि नेक पेन नहीं हो एक. ही स्लीप पोजीशन है जो सबकी फेवरेट है जो. हम क्या करते हैं उल्टा सोते हैं हां मैं. भी वैसे ही सोता हूं सब सोते हैं 80 पर सब. लोग उल्टा सोते हैं अब उल्टा इंसान सोता. इसलिए है क्योंकि जैसे अपन सारा दिन बैठे. रहते हैं.
सारा दिन खड़े रहते हैं मीटिंग अटेंड करनी. होती है तो पूरी बॉडी में स्ट्रेस डेवलप. होने लगते हैं बटक्स के राउंड पल्स के. राउंड नी के राउंड नेक के राउंड शोल्डर के. राउंड तो जैसे ही सीधा सोते हैं ना बेड. में लेटते हैं तो प्रेशर पॉइंट ना दे. स्टार्ट सेंडिंग सिग्नल टू द ब्रेन इस. तरीके से राइट तो अपन क्या करते हैं फिर. पहले तो हल्का सा लेफ्ट में हो जाते हैं. फिर हल्के सिग्नल थोड़े कम हो जाते हैं 50. पर फिर हम क्या करते हैं ना कि अपना लेफ्ट. या राइट पांव घुमा के मोड़ लेते हैं. सिग्नल 70 कम हो जाते हैं फिर हम गर्दन.
घुमा के उल्टा जब होते हैं तो सिग्नल 100%. कम हो जाते है रीजन वाय क्योंकि आपने. ज्यादा बस स्पोर्ट अ क्वायर कर लिया बेड. का पहले आप सीधा लेटे थे अब आपका बपो बहुत. ज्यादा हो गया तो सिग्नल पेन के. स्टिफ्ट सोता है अब उल्टा सोने का नुकसान. बहुत ज्यादा है फायदा कुछ भी नहीं है. फायदा एक मोटरी फायदा है कि आप आप आ गए एक. कंफर्टेबल नींद आ गई और जल्दी नींद आ गई. आपको ये फायदा है नुकसान क्या है कि.
क्योंकि आप जस ऐसे लेटे रहते हो पूरी. रात उसमें होता क्या है ना एक तो आपका जो. गर्दन है एक पूरे रस्सी के जैसे घूम जाता. है एक रिवॉल्व हो जाता है ऐसे इस तरीके से. क्योंकि गर्दन का डिजाइन है सीधा रहना. पूरा घूमना लेफ्ट में पूरा घूमना राइट या. पीछे की तरफ क्योंकि गर्दन के अंदर सात. जॉइंट होते हैं उनका दे बिहेव एज अ फैमिली. ओके अब आप पूरी गर्दन को रात को ऐसे रखते. हैं ना मरोड़ के तो वहां पर क्या होने. लगता है कि व वहां पर इंस्टेबिलिटी आने. लगती है. उल्टा सोने वाले को सर्वाइकल.
स्पोंडिलाइटिस ज्यादा होता है 90 पर एज. कंपेयर टू सीधा सोने वाले को तो हमने देखा. होगा सुबह उठते तो ज्यादा गर्दन अकड़ी. रहती है फिर नहाएंगे धोएंगे कुछ करेंगे. ब्रश फश करेंगे तब वो इजी होती है और यह. सिग्नल मिल रहा है कि यू आर नॉट डूइंग गुड. दूसरा नुकसान यह है कि जैसे हम उल्टा सोते. हैं ना तो हमारा जो ऐसे टिका रहता है तो ज. में कटकट कटकट आवाज आने लग जाती है. क्लचिंग होने लगती है ठीक. है टीएमजे डिसऑर्डर बनने लगता है उससे. तीसरा एस्थेटिक डिसएडवांटेज ये है कि.
क्योंकि आप एक ही तरफ क्योंकि सबकी फेवरेट. एक ही पोजीशन होती है या तो लेफ्ट सोएगा. राइट सोएगा ब्रेन में सिगनल होते है. क्योंकि वो लेफ्ट राइ नहीं सो सकता फेशियल. एसिमेट्री आने लगती है तो एक तरफ ज्यादा. रिंकल्स होंगे एक तरफ कम रिंकल होंगे तो. आपका फेस एक तरफ से ज्यादा शाइन करे एक. तरफ से कम शाइन करेगा बिक एक तरफ की ब्लड. सप्लाई आपने थोड़ा कंप्रोमाइज कर रखी. दूसरे कंपेरिजन में तो ओवरल फेशियल. एक्सप्रेशन में भी आना स्टार्ट हो जाता. है इसलिए उल्टा नहीं सोना चाहिए हा एंड. सबसे इंपोर्टेंट डाइजेशन तो ब खराब रहता. है उ उल्टा सोने वाले का तो फिर क्या कैसे.
सोना चाहिए अ बेस्ट पोजीशन कौन सी सोने की. देखो सबसे बेस्ट पोजीशन है अगर आप सवासन. में सो सकते हो सवासन मतलब आप सीधा सो. हल्का सीधा उसमें भी तो गर्दन टिल्ट होगी. नहीं करनी चाहिए नहीं होगी हल्की सी टिल्ट. होगी ऑटोमेटिक टिल्ट हो जाएगी आपको बस. उसमें आपको कमांड नहीं देने कि मैं लेफ्ट. में जाऊं या राइट में जाऊ हल्का सा आप. लेफ्ट राइट करोगे आपको पता लग जाएगा. कंफर्टेबल कौन सी है हल्का से टिल्ट में. फर्क नहीं पड़ता 10 डिग्री 15 डिग्री होता. है टिल्ट बट अगर आप पूरा टिल्ट होते हो ना. तो उसमें 55 टू 65 डिग्री का टिल्ट हो. जाता दैट इज डेंजरस तो अल्टीमेटली सवासन.
में सोना विद द पिलो अंडर योर फीट अंडर. योर नीज और लेफ्ट में सोना वेरी. इंपोर्टेंट ये सबसे बेस्ट सबसे बेस्ट एंड. ओके टेल मी पिलोस के साथ सोना चाहिए कि. नहीं सोना चाहिए यस पिलो हैज टू बी देयर. पतला पिलो होना चाहिए लेस दन 1 इंचे गर्दन. के नीचे हां हां लेस दन व इंचे बैक पे जो. उल्टा सोते हैं उनके लिए भी उल्टा तो सो. ही नहीं सकता अगर आप पिलो लोगे तो आपने. आपने क्या करा और ज्यादा घुमा दिया उसको. जो बिना पिलो के 55 डिग्री एंगल था था. पिलो के साथ वो 65 75 हो ग और ज्यादा घूमे.
तो उल्टा उल्टा सोने के साथ पिलो तो घुमा. ही नहीं सकते हम ले ही नहीं सकते और बहुत. सारे लोग सोते भी है उल्टा भी सोते हैं और. पिलो भी लगाते हैं हां लेते हैं उसमें. ज्यादा डिग्री घूमता है तो और खराब है और. खराब होता है सीधे सो और पिलो के साथ पिलो. के सात सीधा सो या लेफ्ट साइड या जैसा. बोला जाता है सो मैं उल्टा सोता हूं बट. मैं बिना बिना पिलो के सोता हूं एंड ये. बहुत कॉमन है कि हर थोड़े दिन में नॉट. वेरी ऑफ्टन बट हां हर 20 2 दिन में एक बार.
मतलब मैं जब उठता हूं तो गर्दन में मुझे. दर्द होता है टुडे इज वन ऑफ दोज डेज कि ये. वाला जो पार्ट है दुखने लग जाता है और वो. काफी पेन करता है सुब उठ के और अभी भी. जैसे पेन करहा है वो दो दिन तक पेन रहेगा. फिर वो चले जाएगा ट्रू जिस दिन ज्यादा ठंड. होगी ना या जिस दिन ज्यादा ससी कम किया. होगा आपने उस दिन ज्यादा दर्द होगा वो तो. रोज ही करता हूं मैं ससी बहुत ते दिन 17. हमारी आदत हो कि हम बाहर से आए हैं. सीढ़ियां चढ़ के आए हैं और गाड़ी का. टेंपरेचर बाहर का टेंपरेचर कम होता है तो. मैं एकदम से जब टेंपरेचर शिफ्ट होता गर्मी.
लगती है आते ही हम रूम का हीटर जो आपका. आईसी है वो सीधा पावरफुल मोड प दबा देंगे. या उसको 171 प ले आएंगे क्योंकि बॉडी को. चाहिए कंफर्टेबल जोन आप पूरी रात आप 17. डिग्री पर रहते हो बॉडी का टेंपरेचर है 37. डिग्री 10 डिग्री का मिस मैच है 20. डिग्री हा 20 डिग्री का मिसम सही है अब. उसमें क्या करती है बॉडी शुरू शुरू में तो. एडजस्ट करती. है अपने आप को बचा के रखेगी पर धीरे जग आप. सो रहे होते हो तो बॉडी क्या करती है इस.
टेंपरेचर को मैच करने के लिए सारा जो ब्लड. है आपके हार्ट के आसपास छोड़ दे देगी आपकी. किडनी लीवर पैंक्रियाज के आसपास दे देगी. जो ससरी ऑर्गन है मेन इंपोर्टेंट ऑर्गन है. अब चूंकि वह सारा ब्लड वहां चला. गया जॉइंट में नेक में बैक में ब्लड कम हो. गया अब मसल के पास कम ब्लड. है उस केस में वो क्या करती है उसमें हो. वजो कंस्ट्रिक्शन हो जाएगा मसल सिकुड़ने.
लग जाएंगी हम उससे ज्यादा जकड़न. होगी अब शुरू शुरू में ये जो जकड़न होती. है ये कंपनसेटरी टाइप वन होती है मैं आपको. डिजीज की पैथोलॉजी बता रहा हूं कैसे-कैसे. आगे बढ़ेगा प्रॉब्लम ये किसी का भी शुरू. शुरू में जब. स्टिफैन आएगी महीने में एक बार आ गई हम दो. महीने में एक बार एक दो दिन आपने सिकाई. करी कई बार टेबलेट भी खा लिया ट्रेवल हुआ. कुछ मल्लम लगा लिया कुछ यल लगा.
लिया ठीक हो गया दोती दिन. में यह बॉडी का है कोड ब्लू सबसे पहले कोड. ब्लू एक्टिवेट करती है आपको पर्टिकुलर. जॉइंट आपको ब्रेन में बता रहा है कि इस. तरीके से चल रहा है एक दो साल ऐसे चलेगा. हम कंटिन्यू रखते अपनी हैबिट क्योंकि इट्स. नॉट अफेक्टिंग आवर हेल्थ जब तक पूरा अभी. तो आया नहीं है नेक्स्ट कोड तो आया नहीं. है फिर हम क्या करते हैं कि कंटिन्यू रखते. ऐसे ही फिर वो प्रॉब्लम है 15 दिन में एक.
बार होने लगती है अब तीन चार दिन टिकेगी. पहले दो दिन तीन चार दिन टिकेगी हफ्ता. टिकेगी अब ये है कोड है ऑरेंज बॉडी का. अच्छा तो थोड़ा सा मॉडरेट हो मॉडरेट कोड. हो गया उसमें बॉडी बता रही कि आपको कि आप. थोड़ा इस पर ध्यान आपको देने की जरूरत है. आप आपके विटामिन या मल्टीविटामिन कम है और. आप फिजिकल इन एक्टिव है और अपना बॉडी पोशर. पर ध्यान नहीं दे रहे हैं या आपको. अंडरलाइन इंजरी है आप इस पर ध्यान. दीजिए न चार दिन में ठीक हो जाएगा फिर एक.
दो साल के बाद कंटिन्यू करते है अब जो पेन. है रोज होने लग जाएगा थोड़ा थोड़ा थोड़ा. थोड़ा सिग्निफिकेंट पेन रहेगा कभी ज्यादा. कभी कम बट वो वहां से हटेगा नहीं वन बैक. ऑफ द माइंड आप बात किसी से कर रहे हो बट. आपका दिमाग वहीं प है आपका दिमाग बता रहा. है सिग्नल दे रहा है कि दर्द है दर्द है. दर्द है ट इज अ कोड रेड मतलब यू हैव. एक्चुअल डिजीज ना एक्चुअल इंजरी इनसाइड ना. तो कभी भी बॉडी जो है एकदम से को. रेड में नहीं आ 95 पर लोगों का कोड ब्लू.
कोड ऑरेंज और कोड रेड होता है और ज्यादातर. हम. लोग जब तक कोड रेड नहीं आ जाएगा तब तक उस. पर ध्यान नहीं देते व कोड रेड है. कंपनसेटरी टाइप थ्री मतलब बॉडी ने जो करना. था अपने आपको को बचाना था बचा चुकी है अब. बॉडी से नहीं हो रहा नाउ यू नीड एक्सनल. सपोर्ट ट. डॉक्टर को ब्लू में लोग का ध्यान दे देना. चाहि धन देना चाहिए अगर आपको 15 दिन में. 20 दिन में पेन हो रहा जल्द जल्दी हो रहा. है ना तो आप इसको जाइए एड्रेस कराइए एक.
फिजियोथेरेपी कंसंट्रेशन लीजिए अपना. एक्सरे वगैरह कराइए नेसेसरी है. फिजियोथेरेपिस्ट कंडर में रहिए वो आपको. डेफिनेटली गाइड करेगा और आई एम श्यर वो. जल्दी ठीक हो जाएगी आपने बोला कि एसी में. सोने से और ज्यादा खराब होता है चीज एसी. बेकार है एसी में सोना एसी में नहीं सोना. चाहिए एसी बेकार नहीं है फिर अगर आपका. टेंपरेचर एसी का 22 2 के आसपास रहता है तो. इस इज वेरी गुड थिंग तो गर्मी लगती है 22. 2 में तो जैसे मैंने बताया ना आप गाड़ी से. ट्रेवल करके आए हो वहां टेंपरेचर बहुत कम.
है ना आप आप जैसे ही आपने दरवाजा खोला एक. बड़ा ट्रांजिशनल पॉइंट था ना बीच में एकदम. से आप बाहर के टेंपरेचर में आप 42 डिग्री. चल रहा है एकदम से बड़ा ज्यादा वेरिएशन हो. गया तो बॉडी एकदम से अपना हीट जो है. अब्जॉर्ब कर लेती है अब जैसे एसी में जाते. हो तो गर्मी लगती है उस टाइम हमें हल्का. सा कम रख के 171 पे 15 20 मिनट आधे घंटे. के बाद या तो उसमें स्लीपिंग मोड होता है. वो यूज कर ले या वो लेटली उसको बा पर ले. आए जब आप बॉडी सेटल हो. जाए जैसे ही आप सो जाते हैं ना मेटाबॉलिक. एक्टिविटी वैसे ही कम हो जाती है आपकी.
आपकी रिक्वायरमेंट इसी की वैसे ही कम हो. जाएगी क्योंकि आप कुछ कर नहीं रहे हो हीट. तो वैसे ही जनरेट नहीं होगी बट सोते सोते. टाइम आपको पता नहीं लगेगा अल्टीमेटली जब. आप हाइपोथर्मिक स्टेट में चले जाते हो. मतलब आप जबको लगेगा ना क कपी जब आप चद्दर. उठते हो ये सिर्फ ब्रेन को ही पता होता है. मेरी तो नींद खुल जाती है अगर मैं गर्मी. में सोता हूं तो अच्छा मतलब मेरे को अगर. मैं गर्मी में ही सो रहा हूं तो प्रॉब्लम. नहीं है जैसे फॉर एग्जांपल आप मेरे को 30. डिग्री 35 डिग्री में बाहर हवा में सुला. दो स्टार्ट में थोड़ी पा 10 मिनट प्रॉब्लम.
होगी बट फिर मैं सो जाता हूं फिर दिक्कत. नहीं है राट लेकिन अगर मैं कोल्ड रूम में. स्टार्ट किया है क्योंकि ट्स प्रेफरेंस 16. डिग्री टेंपरेचर प 17 डिग्री टेंपरेचर प. फुल ब्लो ब्लोर पे मैंने तब अगर उसमें. सोना स्टार्ट किया तो अगर आधी रात में बीच. में मैं अगर 22 डिग्री कर दूं या 24. डिग्री कर दे कोई मेरी नींद खुल जाएगी. मुझे फिर गर्मी लगने लग जाती है एक बॉडी. का स्टेट रहता है कि आप किस एनवायरमेंट. में रहते हो या आप. किस किस एथनी सिटी से बिलोंग करते हो. अगर.
आप ग्रीनलैंड वाले लोगों को यहां लाओगे तो. दे कांट. सरवाइव कश्मीर से लोग हैं दे कांट सरवाइव. एक बॉडी की टेंपरेचर टोलरेंस होता है तो. आपका उस तरीके से टेंपरेचर टोलरेंस है बट. हेल्थ वाइज आई सजेस्ट की 22 के आसपास रहे. ठीक रहता है क्योंकि हम लोग टेंपरेचर बड़ा. कम लेके कंबल ड़ लेते हैं तो अल्टीमेटली. आपके हाथ या बाहर होंगे या गर्दन बाहर. होगी तो गर्दन या हाथ ही स्टफ होगा ऐसे. रहता है लग रहा है मेरे को अटैक कर रहे हो. आज.
ऐसे ही करता हूं मैं हैवी ब्लैंकेट ताकि. एकदम कोजी रहे और फिर बिल्कुल ठंड और. गर्दन बाहर रहती है एगजैक्टली एंड वो. मॉइश्चर भी तो ब्जर्व कर लेते है ना पूरा. बॉडी खींच लेगा सारा मॉइश्चर हम तो हल्का. सा दरवाजा खुला रहे या बहुत कम रहे या 22. के आसपास टेंपरेचर इज वेरी गुड ओके सो हम. लोग बात करें थे नेक और बैक पेन की एक-एक. करके मैं तीन क्वेश्चन पूछता हूं इस पे. पहला है कि कैसे वर्क डेस्क होनी चाहिए. कैसे काम करना कोई भी चेयर चलेगी एक आर्गम.
चेयर हो तो बेस्ट है बट वो चेयर का एंगल. जो 100 डिग्री होना चाहिए मतलब फ्लैट नहीं. हो चाहि हल्की सी पीछे होनी चाहिए मतलब सम. हाउ समथिंग लाइक दिस अर्गम चे ब बेस्ट. होती है अगर ले सकते हैं अदर वाइज कोई भी. चेयर चलेगी जिसका एंगल 100 डिग्री. हो अगर आर्गम चेयर नहीं है तो बैक रेस्ट. अवेलेबल होते हैं ऑनलाइन आप बैक रेस्ट. लगाओ इ बिकम अर्गम 90 पर आपका काम चल. जाएगा डेस्क जो रहता है ना हो सकता है टमी. आपकी इस एज से टच करना चाहिए.
आपका ठीक है आप दूर मत जाए इससे अगर आप. मेरी पोजीशन देखेंगे तो मेरे शोल्डर जो है. अब बहुत पास आ गए हैं अब इंटरनल रोटेशन. में चले गए शोल्डर कपला बाहर चला गया है. और चेस्ट स्कवीज कर रही हैरी मैं जितना. जैसे जैसे पास जाऊंगा मेरा बेस स्पोर्ट. बढ़ता रह रहा है मैं ज्यादा वाइड. करसे टमीज के साथ टच करना चाहिए और डेस्क. जो है आपकी जो नाभी है इससे दो से 3 इंच. ऊपर होना चाहिए ओके हां उस केस में आपको.
क्या करेंगे आप उस उस केस में आपका शोल्डर. बाहर चला जाएगा और गर्दन को एक नॉर्मल. कंटूरिंग मिलेगी नॉर्मल शेप. मिलेगी थोड़ा-थोड़ा ब्रेक लेते रहे अपने. बैंड्स का यूज. करें एंड लेफ उसम अपने अलार्म थोड़ा लगाए. 45 मिनट्स उठिए चाय पीजिए थोड़ा गर्म पानी. पीजिए जो भी पानी पीते हैं वो पीजिए उठते. बैठते रए दो तीन घंटा स्टिक रहना इज नॉट अ. गुड आईडिया सर 45 मिनट्स व आ में बेस्ट टू. बेस्ट यर कोई काम नहीं करेगी अगर आप बीच.
में उठ नहीं रहे. तो क्योंकि बॉडी का डिजाइन भगवान ने बनाया. कैसे तो चलने फिरने के लिए काम करने के. लिए अब हम वी वी आर टर्निंग इन टू दिस. लैपटॉप जनरेशन मेरे लिए तो बहुत डिफिकल्ट. होगा क्योंकि मैं तो नहीं उठ सकता दो-तीन. घंटे से पहले एक ही बार अ उस केस में. थोड़ा फिजिकल एक्टिव ज्यादा रहना पड़ेगा. आपको कंपनसेटर पड़ेगा अपनी फिजिकल. एक्टिविटी से अपने न्यूट्रिशस अच्छे रखने. पड़ेंगे डाइट अच्छी रखनी पड़ेगी यू कैन. कंपन सेट छछ घंटा बैठना पड़ेगा बट अगर आप. कोई कुछ नहीं करना चाह रहा कुछ नहीं करता. उसको बैठना है तो इंजरी तो होगी उसको हम.
तो 45 मिनट्स में उठना ही पड़ेगा नहीं तो. हां या तो फिजिकल एक्टिव ले या तो. थोड़ा-थोड़ा ब्रेक ले यू मीन टू से लेट्स. से अगर यहां पर बैठा हूं तो ये ऐसे टच ऐसे. काम करना चाहिए मुझे थोड़ा सा आगे होना. चाहिए हल्का सा डेस्क और हल्का सा ऊपर. होना चाहिए थोड़ा सा ऊपर लाए हाथ को यहां. पे यहां पे हां आई लेवल के ऊपर होना चाहिए. ओके सर डेस्क यहां होना चाहिए और लैपटॉप य. और मैं ऐसे काम. कर जितनी इसमें पता है क्या होगा आई विल. टेल यू समथिंग जब ये करेंगे ना लोग की लो.
बैक दिखने लगेगी आपको क्योंकि डे वन पर. लोग को आदत नहीं होती सब लोग बैठते हैं. ऐसे. आजकल राइट और सब ऐसे बैठ के टीवी देखते. हैं ऐसे ही रहते हैं पैर ऊपर दिस इज अ. वेरी कॉमन ऐसे कर लेंगे दिस इज ल यह सब. बहुत नॉर्मल है और सब लोग ऐसे ही करते हैं. तो जब अगर ऐसे करके बैठने लग गए ज्यादा. देर तक 15 मिनट में लोग की लो बैक खने लग. जाएगी तो फिर क्या करें डे वन प तो बैठ ही. नहीं सकते डेस्क के नीचे जगह होनी चाहिए. आपका टमी जैसे मैंने बताया टमी टच करना.
होना चाहिए जब टमी टच करोगे तो अल्टीमेटली. बैक को आप खींच रहे हो ना पीछे तो बैक तो. फुली सपोर्टेड है वैसे भी आपकी ओके हां. बैक फुली सपोर्टेड रह रही है बैक रेस्ट. लगाया है या अर्गम चेयर है आप फ्री नहीं. है यहां पे आप अजूम फ्री कर रहे हैं बट. सपोर्ट. है अर्गम हा अर्गम सपोर्ट है या तो उसम. चेयर के अंदर ही इनबिल्ट होता है आर्च या. आप जब बैक रेस्ट लगा लोगे तब भी उसम पुश. मिल जाता है बेसिक आइडिया है कि आप गर्दन. का जो सी कर्व है और कमर का जो सी कर्व है.
ये दोनों आइडेंट कल होता है इनको मेंटेन. करके रखें आपकी गर्दन जितनी नीचे. जाएगी उतना फैसेड जॉइंट आर्थ्रोसिस बनेगा. मतलब फैसेड जॉइंट स्टफ होगा मैकेनिक इन. कंपैटिबल होगा एंड यू एंड अप विथ द. सर्वाइकल स्लाइट फ्यूचर में जाके सिमिलर. विद द बैक बिना सपोर्ट के बैठेंगे तो धीरे. धीरे जो आर्च है ना कमर का फ्लैट हो. जाएगा आप किसी भी आईटी वाले का एक्सरे. कराएंगे ना गर्दन पूरी फ्लैट है कमर पूरी. फ्लैट है और क्या होता है फ्लैट होने.
से यह जो एक्स्ट्रा रूम दिया गया. है यह दिया गया है हमारी फ्लेक्सिबल के को. मेंटेन करने के लिए हम कुछ सामान उठाए कुछ. करें तो वी हैव एक्स्ट्रा रूम ताकि हम शक. को अब्जॉर्ब कर. ले उसके साथ थोड़ा तालमेल बैठा के उस. टास्क को परफॉर्म कर दे ऐसे रहने से नवस. स्पाइन से जॉइंट से डिस्क से दूर रहती. है जैसे ही सीधा होता है तो नवस जो है.
डिस्क के बहुत पास आ जाती है फैसेट जॉइंट. कंपैक्ट हो जाएगा टाइट हो जाएगा तो ऐसे. लोगों को इंजरी ज्यादा होगी ज्यादा सस्टेन. करेगी हीलिंग में भी टाइम. लगेगा वाओ र य कितना नॉर्मल है लोगों के. इसम और लोगों को पता भी नहीं. है हर हर कोई ऐसी सिचुएशन के थ्रू गुजर. रहा है जब तक हमारे साथ ठीक चल रहा है ना.
हम ठीक हैं तो पता नहीं लगता जब इंजरी. होती है तब हमारा दिमाग फ्लैशबैक में जाता. है अच्छा यार ये उस दिन ये हुआ था मैं ऐसे. बैठता था मैं ये खाना खाता था मैंने ये. किया मैंने बंजी जंपिंग करी सब फ्लैश बैक. में जाते हैं अच्छा अच्छा ये सब इनमें से. इंजरी डेवलप हुई है मन से फिर सोचने लग. जाते हैं सब सोचने लगते हैं ओके टेल मी. अर्गन चेयर आप बोलो बेस्ट होती है बेस्ट. चेयर कौन सी होती है दुनिया में कभी आपने. देखी हो सुनी हो अब तो इतना बड़ा क्लिनिक. चलाते हो इतने वर्ल्ड वाइड कॉन्फ्रेंसेस.
में जाते होगे रिसर्च करते होंगे सो यू. वुड बी नोइंग देखो यार एक कोई है कोई. कंपनी कोई चीज है मे बी एक्सपेंसिव चीप. देर इज वन वेरी एक्सपेंसिव चेयर हम किसी. ब्रांड को प्रमोट नहीं. करेंगे इट कॉस्ट 1 65. 0000 ओके क्या नाम है ब्रांड का बता दो. ठीक है इट्स फाइन यू कैन टेल अस हर्मन. कंपनी करके आती है दे मेक्स वेरी गुड चेयर. तो उसमें क्या होता है चेयर में खासियत. क्या होती है थोड़ा अच्छी कंपनी है अ उसके. हैंड ड्रेस अच्छे हैं रिवॉल्व अच्छा है और.
आपको वेंटिलेशन अच्छा मिलता है आप अच्छे. से बैठ सकते. हो राइट और नॉर्मल चेयर से ज्यादा आपको. लाइट फील होगी आपके साथ चिपके गी नहीं आप. अपनी अलग आइडेंटिटी फील करोगे उस चेयर से. नहीं तो हम बैठे रहते हैं ना लगता है कि. कुछ दबा हुआ है बटक स्पोर्ट अच्छे हैं. स्थाई स्पोर्ट अच्छी है सो एंड उस पर जब. बैठते हो तो डिफरेंट फील होता है हां. डिफरेंट फील होता है काफी डिफरेंट बड़ा.
लाइट फील होता है मैंने ली थी तो मेरे से. किसी चेर प बैठा ही नहीं गया हां उस पे. बैठ गए थे उसके बाद उस बाद उसके बाद बैठा. नहीं गया क्या बात कर रहे हो हां सब सारी. चेयर वड लगने लगी इतना डिफरेंस होता है हा. बहुत डिफरेंस हो लगता है दिस इज द बेस्ट. चेस और इंडिया में अगर कोई ब्रांड अगर पता. हो आपको जिनकी सस्ती चेस आती है लेकिन तो. भी अच्छी होती है देखो यार बहुत ज्यादा. फर्क नहीं है चेयर्स में 10 पर का फर्क. होगा अच्छा हां बस मेन आपको शेयर खरीदते. टाइम दो ही चीजों का ध्यान रखना है क्या.
उसका एंगल 100 डिग्री के आसपास है क्या. उसके पास स्थाई सपोर्ट मिल रही है कि नहीं. मिल रही ओके आगे तक जा रहा हैज उसका नहीं. जा रहा. है फॉरगेट अबाउट द हैंड रेस्ट हेड रेस्ट. का प्रैक्टिकली कोई काम नहीं है हम. क्योंकि भगवान ने जो बनाई है ना. गर्दन इसका काम है जो पूंछ का काम था. जानवर में जो पूंछ का काम है इसका काम है. तो फ्री रहना अच्छा हां मोबिलिटी करना. कानों को हेल्प करना सुनने में देखने में. हेल्प करना तो प्रैक्टिकली आप रख के आप.
काम नहीं कर सकते हो हम कितना भी उसके साथ. अटैच कर दें कितना भी उसको डिफाइन कर दें. कितना भी ग्लोरिफाई कर द मार्केटिंग में. बट प्रैक्टिकल नहीं है वो इट हैज टू बी. फ्री अगर आपको प्रोडक्टिव रहना है तो. सोचना है. तो तो ये छोड़ दे बट शोल्डर तक आए कोई. चेयर तो ज्यादा अच्छी रहेगी ओके यू नो आप. बात कर रहे हो कि गर्दन का फ्री रहने का. काम है कुछ ज्यादा प्रॉब्लम नहीं है आपने. वो एड्स देखी है जो ड्राइविंग कार्स पे. सीट ड्राइविंग के लिए आई नो आई नो राइट.
ड्राइविंग के लिए पीछे नेक सपोर्ट बेचते. हैं आई बट इट रिसेंटली एक कंपनी का वो. फर्क पड़ता है उससे यू टेल मी पर्सनली. कैसा लगा मैं चलाई नहीं उसके साथ कार तो. मुझे पता नहीं है गाड़ी ना ऐसे कोई ड्राइव. नहीं कर सकता हां राइट अगर आपने फॉर. एग्जांपल खरीदा है तो आप उसम टिका तो रहे. हो हम बट अल्टीमेटली देख थोड़ी रहे हो. उसको आपको देखने केलिए क्या करेगा वैसे हो. जैसे ही दिमाग को कंसंट्रेशन की जरूरत. पड़ेगी तो फ्री अपने आप ही हो जाएगा उठा. लेगा गर्दन को आपको बिना.
बताए ठीक है ब्रेक लगाना होगा तो भी अपने. आप आगे आएगी तो जिसने भी यूज लिया है उसका. प्रैक्टिकल यूज सिर्फ 5 पर है कि सिग्नल. पे रेस्ट उसपे हल्का सा भई आप अपने अच्छा. हाईवे है और आपने टिका लिया हैंडल पकड़. लिया अब आप इस पर रख लो ट्रैफिक में है. कुछ जा रहा है साइड में आप नहीं रख सकते. प्रैक्टिकली नहीं है हां आप साद में बैठा. उसको लगाओ आराम से सोएगा बैठेगा बट. ड्राइवर के लिए तो इ यूजलेस थिंग ओके. कमिंग बैक टू लोअर बैक पेन ठीक है मैं.
आपको था तीन क्वेश्चन पूछूंगा फर्स्ट इ. दिस लोअर बैक पेन. पहले बहुत ज्यादा बड़े लोगों में आते थे. राइट बड़े लोग होते हैं एज हो रही है एज. के साथ वीक हो रही है आजकल मैं देखता हूं. 16 साल 18 साल 19 साल के बच्चे हमारी एज. में 25 26 28 29 इस एज में लोगों को लोअर. बैक पेन होने लग गए हैं वाई इसमें इसको. समझने के लिए तीन पार्ट में करना पड़ेगा. अपने को एक तो हमारा सेडेंटरी लाइफ स्टाइल.
है बहुत ज्यादा हम जंक खाते हैं जंक पीते. हैं और जंग की सोचते. हैं सबसे बड़ा रीजन य है फिर हमने डिस्कशन. कर लिया उल्टा सोने का बेड बहुत. एक्सट्रीमली सॉफ्ट हो गए हैं आप बैठोगे. सिंक हो जाओगे ठीक है. दूसरा जैसे ऑफिस में है आप आपने आपके बट्स. यहां प आप टांग प टांग रख के आपने ऊपर बैठ. गए आप एक डेढ़ घंटा आपने देखी मोबाइल चला. लिया.
हम. फिर यंगस्टर ने कोई बाइक चला ली बड़ी. स्पोर्ट्स बाइक चला रही एकदम से बिना किसी. वर्म अप के सारा वैसे पूरा दिन आप लेटे रह. रहे हैं आपने मूवी देखी है. [संगीत]. या केदार ना ट्रैक करते हैं करते हैं तो.
बिना बम करके चले. गए ये लोग बड़े होते हैं उनको ज्यादा. इंजरी होती है विटामिन डी डेफिशियेंसी का. फैक्टर बड़ा बीट का बड़ा फैक्टर रहता है. और बट ऐसा कुछ नहीं होता है कि कोई बॉडी. में पार्ट टाइट हो हैमस्ट्रिंग टाइट्स हो. बट ऑक्साइट इसकी वजह से पेन बढ़ते जाता है. या कोर वीक हो या लो बैक वीक हो इन सब का. कोई फर्क पड़ता है ऑफकोर्स ना ये सिग्नल. हमने डिस्कशन किया जिसमें हमने बताया था. ना कि कोड ब्लू रहता है जिसमें थोड़ा. थोड़ा सिग्नल देती है बॉडी टाइट रह रहा है. बॉडी आपकी हैमिंग टाइट हो रही है आपसे. चलने में थोड़ा दिक्कत हो रही है या आपका.
शोल्डर ऊपर नीचे हो गया है बैक में. शिफ्टिंग हो गई है किसी तरीके की फंक्शनल. मिस अलाइन मेंट हो गई है तो बॉडी सिग्नल. तो देती है बट हम वी कीप केप्ट ऑन इग्नो. ंग ना हम तो उ उस लोगों को ज्यादा इंजरी. होती है ओके टेल मी थ्री एक्सरसाइजस ऐसी. टॉप थ्री एक्सरसाइजस बताओ जो हर किसी को. करनी चाहिए सो दैट उनके लोअर बैक पेन. सॉर्टेड रहे वॉकिंग सबसे बेस्ट एक्सरसाइज. है कितना वॉक करना चाहिए 45 मिनट्स. डेडिकेटेड वॉक करें डेली विदाउट. ट्रैकिंग ट्रैकिंग प बात करेंगे हम लोग.
हा. स्विमिंग और हैंगिंग कर ले स्विमिंग. हैंगिंग और वकिंग करेगा उसको कभी भी कभी. भी गर्दन कमर का दर्द नहीं. होगा सो वॉकिंग 45 मिनट्स अ डे 45 मिनट्स. अ डे ओके हैंगिंग मतलब क्या लटके इ हैंग. जैसे हम चिन अप करते हैं ना बस हैंग करें. लेट द बॉडी स्ट्रेच कितनी देर लटकना चाहिए. इंसान अमूमन 10 सेकंड पकड़ के रख सकता है. रो रोज 10 सेकंड पकड़ा छोड़ा 10 सेकंड.
पकड़ा पाच मिनट के लिए दोहराए डीकंप्रेस. होगा सारा स्न बैठ बैठ के ग्रेविटी ने जो. सक किया आपकी बॉडी को आपने जॉइंट्स को. दबाया है लिगामेंट्स को दबाया वो स्ट्रेच. हो जाएगा तो डेली लटके पा डेली लटके डेली. लटके ओके ये तो बहुत अनयूजुअल मैं सुन रहा. हूं मैंने कभी नहीं सुना है पहले हां बहुत. इफेक्टिव एक्सरसाइज इवन आई ट्राइड इन थाउज. ऑफ थाउज पेशेंट वेरी इफेक्टिव फॉर. मेंटेनेंस पर्पस ए ट्रीटमेंट परपस ओके एंड. स्विमिंग स्विमिंग में क्योंकि हम सारा. दिन आगे काम करने लगते हैं क्योंकि सारे. काम हमारे आगे के रह गए किचन में भी वही.
काम रह गया है लैपटॉप का काम वही रह गया. है नोट्स बनाने हैं स्टूडेंट्स ने काम. करना है लिखना है जो 1010 घंटे पढ़ते हैं. सारा काम तो आगे ही हो गए अब सामने की मसल. कांट्रैक्ट हो गी टमी कांट्रैक्ट हो गया. आपका इलस कांट्रैक्ट हो गया जितनी मसल. बिकम शॉर्ट एंड अब पीछे की वीक होती जा. रही है स्विमिंग से क्या होगा आप स्ट्रोक. करोगे ऊपर देखोगे लेग्स चलाओगे तो सारे. एक्सटेंशन पैटर्न की एक्सरसाइज हो रही है. हम तो अल्टीमेटली वो कैंसिल आउट हो गया ना. फ्लेक्शन किया एक्सें की साथ तो कितनी बार. करनी चाहिए स्विमिंग हफ्ते में हफ्ते में. दो तीन बार दो बार तो एटलीस्ट तो येसे.
पॉसिबल नहीं है ना हर किसी के लिए इतना. ज्यादा करना हैंगिंग 10 सेकंड एक मिनट सब. कर सकते हैं हम व्हिच इज कहीं ना कहीं कुछ. ना कुछ फिगर आउट कर लेंगे आसपास कहां पे. लटक सकते हैं कैसे ल लटक सकते हैं छोटे. छोटे घरों में दीवाले होती है जहां पे लटक. सकते हो तो थोड़ा कर सकते हो बड़े से बड़ी. फैंसी जगह जाते हो तो आपके जिम हो सकते. हैं स्पेसिफिक और आपके पास बहुत पैसा है. तो घर में आप स्पेसिफिक डंडा लगा के लगवा. सकते हो राइट एंड नहीं भी तो आजकल 500000. में ही आपको मिल जाता.
है चन बार आता है आप लगा सकते हो हैंगिंग. इज इजियर वकिंग बहुत इजी है हर कोई 30 टू. 45 मिनट्स कर सकता है स्विमिंग बहुत. डिफिकल्ट है हर किसी के एक्सेस नहीं होता. करने के लिए और अगर जिसके पास एक्सेस है. उसके टाइम नहीं होगा इतना करने के लिए हर. हर हफ्ते में दो तीन बार कैसे करेंगे कोई. इतनी ज्यादा बिजी लाइफ स्टाइल में हैंगिंग. और वकिंग % प्रॉब्लम नहीं होने देगा. स्विमिंग इज एड ऑन पोचर अच्छा दिखेगा. ज्यादा. स्ट्रांग फील करेंगे अपने अपने आप अपने.
बारे में ज्यादा देर बैठ पाएंगे बट वॉकिंग. ऑन हैंगिंग भी 90 प्रॉब्लम सोर्ट कर सकता. है ओके इट्स बेस्ट कि अगर वही दोनों कर लो. तो भी बहुत है इनफ इनफ हेडेक्स आजकल क्यों. होते हैं बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं हेडेक्स. हां ट्स वेरी गुड थिंग देखो 2014 से. पहले जो हेडेक होते थे जितने भी हेडेक. होते थे उनको समझा जाता कि माइग्रेन है ये. हम भाई आप गए मेरे को हेडेक होता है एक.
महीना हो गया सर माइग्रेन है यह मेडिसन ले. ले नपरा डी ले ले न ब्रोक्स ले ले हेडेक. कम हो. जाएगा 2016 17 में रिसर्च आईए कि अप टू 82. पर जो माइग्रेन बोला गया है डॉक्टर के. थ्रू वो माइग्रेन नहीं वो हेडेक है हम वो. होता है गर्दन की माल पोजिशनिंग की वजह से. टेस्ट नेक की वजह से. और यहां पर जो बड़ी फाइन नवस होती हैं.
ऑक्सीपील नर्व्स होती है अगर आपकी गर्दन. न्यूट्रल है तो फाइन नज ना इरिटेट नहीं. रती दे गिव वेरी गुड सिग्नल बट जैसे जैसे. गर्दन आपके आगे जाती है द फाइन नव स्टार्ट. गेटिंग इरिटेटेड उससे हेडेक होने लगेगा. आंख में यहां प्रेशर आने लग जाएगा यहां. दर्द होने लग जाएगा हैमरिंग दर्द ऐसे लगे. कुछ मार रहा है कोई एक प्रेशर जनरेट रहेगा. यहां पे ये है आपका सर्वाइकोजेनिक हेडेक. मतलब गर्दन की वजह से हो रहा है हम इसमें.
गर्दन दर्द नहीं करेगी बट गर्दन की वजह से. होगा ओके बट आप इसमें टेबलेट खाते रहेंगे. माइग्रेन की लंबे टाइम. तक बट उसको ठीक करा जा सकता है एक सिंपल. एडजस्टमेंट के कारो प्रैक्टिस को फिक्स कर. देगा एक या दो सेशन में और कैसे फिक्स. होगा और क्या होता हैय वो माल पोजिशनिंग. थी ना आपकी जो हड्डी है स्टक हो गई थी. वहां पे c1 या c2 उसको लाइन कर देगा वो इट. स्टार्ट मूविंग फ्रीली उसने सिगनल देना. बंद कर देगा हेडेक की वो अच्छे से बंद हो. जाएगा स यू आर टेलिंग मी कि 82 पर हेडेक्स.
स्पाइन से ठीक हो सकते हैं माइग्रेन से. नहीं नहीं माइग्रेन क्या है मतलब आपकी. माइग्रेन की दवाइयों से मा माइग्रेन की 82. पर बिना माइग्रेन की दवाइयों से ठीक हो. सकते हैं मतलब कापक एडजस्टमेंट है रेस्ट. 18 पर इज एक्चुअल माइग्रेन जो पहले बोला. जाता कि सारे के सारे माइग्रेन है. इंटरेस्टिंग व्हिच आई आई डिन नो अबाउट इट. सो ये हेडेक सबको टक्स स्नेक की वजह से हो. र है क्योंकि सब लोग ये कर रहे हैं ये कर. रहे हैं यस % को यस और बाकी 50 पर को. ऑक्सिड न्यूरेज करके प्रॉब्लम होती है.
यहां की नस बड़े टाइट हो जाएंगी या मसल के. बीच में स्टक होने लगती है और क्यों टाइट. हो जाती है उल्टा सोने से जैसे मैंने. बताया बहुत जदा उल्टा सो रहे हैं आप बहुत. ज्यादा मोबाइल यूज कर रहे हैं आपने पूरा. एक पूरा. [संगीत]. बट आपको पैरासिटामोल आपके जेब में जरूर.
होगी इतना नॉर्मल बन गया य लोगों को ये डर. लगता है ट्रेवल कर रहा हूं चलो. पैरासिटामोल जे में डाल के रखता हूं आज. मैं इतनी लंबी फ्लाइट लेना तो पैरासिटामोल. जेल में डाल के रखता हूं या मैं ट्रिप पर. जा रहा हूं तो हो जाएगा पैरामल जे में डाल. के रखता पेन कलर जिसने चार तीन साल दो तीन. साल खाई है ना उनको सीकेडी वन है मतलब. किडनी डिजीज वन. है मैं आपको एक वाक बताता हूं मैं अभी 15. दिन पहले की बात है कैप्टन साहब है.
एक शिप के कैप्टन थे तो उनको कमर में दर्द. हो गया कुछ लिफ्ट किया उन्होंने हम. अब सिप में क्या होता है फर्स्ट किट होता. है हम मेन मेन दवाइयां होती है और वो. दवाइयां प्रोपोर्शनेट के हिसाब से होती है. कितने लोग हैं इतने पैरासिटामोल होनी. चाहिए किसी को बुखार हो गया पैरासिटामोल. एक जनरल टेबलेट है कोई भी बहुत सारी. बीमारियो में कवर कर लेती है क्योंकि बहुत. सारी हम टेबलेट नहीं रख सकते दिया तब तक. आप तब तक आप सिप से निकलेंगे पा सा 10 दिन.
12 दिन में तब तक आप काम चला सकते. हैं तो कैप्टन साहब को जब दर्द हुआ तो. पहले दिन ही हो गया शिप. के अब कैप्टन क्या करता है ना अप शिप को. नहीं छोड़ता जैसे आर्मी पर्सनल होता है ना. जसे पोस्ट को नहीं छोड़ते तो कैप्टन जो है. शिपका अपनी शिप नहीं छोड़ेगा किसी भी हालत. में पैरासिटामोल खाई एक दिन में 12 12. पैराटल खाई 18 दिन की जर्नी थी 12 पैरामल. पर डे पर डे मैं खुद हैरान हो गया मैं चल. कैसे रहे हो.
आप सीधा सीकेडी थ निकला बट 12 खा सकते हैं. लोग कुछ होता नहीं है खाए आप समझो ना मेरी. बात जब तक आपको साइड इफेक्ट नहीं पता जब. तक आपका दर्द कम हो रहा है जब तक आप काम. चल रहा है आपका जब तक आप हैवली ऑक्यूपाइड. हो आप अपने ह को प्रायोरिटी नहीं दोगे. आपने ली बाद में ली तीसरी जो थी आपको लगा. कि 10 12 दिन तो यार खा लेता हूं निकलते. निकलते गए और दूसरा कैप्टन. रिस्पांसिबिलिटी समझता है सारा क्रू उसके. जिम्मेदारी है वो छोड़ के नहीं.
जाएगा एंड ही इज ऑन डायलिसिस. नाउ 10 दिन के अंदर होआ हां 18 दिन के. अंदर तो यह मन से खाना बंद कर देना चाहिए. बट इट्स सो कॉमन इंडिया के तो हर घर में. लोग ऐसे ही घर में कुछ भी हो रहा है बेटा. ये ले लो कलपल डोलो क्रोन तो इतना आसान से. मिलती है कि पूछो मत तभी तो कह रहा हूं. रुमाल है अय. नई जनरेशन का रुमाल.
है वाओ ओके यह सब ना आधे से ज्यादा चीजें. सही खाना खाने से फिक्स हो सकती है राइट ब. आजकल एक प्रॉब्लम हो गई है कि हर कोई. इंटरनेट पे एक अलग चीज बताता है फिर बोलता. है यह भी छोड़ दो फिर यह भी छोड़ दो फिर. यह भी छोड़ दो तो किस पर बिलीव करें कौन. मतलब सारे इन्फ्लुएंस और सारे डॉक्टर्स और. सारे हेल्थ प्रैक्टिशनर्स की बात सुनी तो. फिर सिर्फ हवा और पानी ना पड़ेगा बाकी कुछ. नहीं क्योंकि सब में प्रॉब्लम है तो क्या. करें इसमें जब हम खाने के बारे में ना.
बहुत ज्यादा रिसर्च कर लेते हैं बहुत. ज्यादा डाटा इकट्ठा कर लेते हैं तब बॉडी. को लगता है कि यार मैंने परसों यह खाया था. पचा नहीं अब इसको नहीं खाऊंगा 17 तारीख को. यह खाया था उस दिन फंक्शन था तो अब ये. नहीं खाऊंगा पचा नहीं उस दिन उसका बर्थडे. था मैंने यह खाया था अब नहीं खाऊंगा पचा. नहीं साथ के साथ मिक्स करेंगे उन हैबिट्स. को अपनी ऑनलाइन क्लिप्स देख के. खाने में हटा दिया ब्लॉगर ने छटनी करी.
आपने हटा दिया कुछ आपने डाटा इकट्ठा करा. खुद से वो हटा दिया इस तरीके से आप बहुत. सारा खाना हटा देते हो अपनी लाइफ में से. 90 पर. खाना अब इतने ज्यादा जब आप इंफॉर्मेशन. ओवरलोड करते हैं दिमाग में इतना ज्यादा. एनालिसिस कर लेते हैं उसके बाद धीरे-धीरे. करके माल नरिच मेंट होने लगता है बॉडी में. न्यूट्रिशस पहुंच ही नहीं पाएगा क् इतना. ज्यादा आपने एलिमिनेट कर दिया अब इस. बीमारी को बोलते हैं ऑर्थोरेक्सिया. ओके टू मच प्रीऑक्यूपाइड कंडीशन रहे फूड. के बारे में एक फेमस एक्ट्रेस है हॉलीवुड.
एक्ट्रेस टेरेसा पाल्मर करके है उसको यह. डिजीज निकली कि इसने सब छोड़ दिया सब छोड़. दिया बॉडी सूखने लगी गाल पचक गए तब डॉक्टर. ने कहा यू हैव ऑर्थोरेक्सिया तो. ऑर्थोरेक्सिया इ ल अबाउट गिविंग टू मच. वेरी मच अटेंशन टू द फूड एनिमेशन फूड. हैबिट इसका सलूशन क्या है इसका सलूशन देखो. यार क्या है ना कि सबकी बॉडी अलग है जैसे. मैंने बता सबको खास तरीके खाना डाइजेस्ट. होता है खास तरीके खाना डाइजेस्ट नहीं.
होता बट खाने में एक ही तरीके की चीज नहीं. ने खाते रहनी चाहिए यू मिक्स एंड मैच विद. द फ्रूट्स वेजिटेबल्स ड्राइड फ्रूट्स. लीजिए वेजिटेबल ली जिसमें बीट फल्स है ऐसी. चीजें खाइए फाइबर्स बहुत खाइए शुगर मत. लीजिए बस. बस टॉकिंग अबाउट दिस मैं आपका एक वीडियो. देख रहा था जिसमें आप बात करते हो नाभी. सेटिंग यह क्या होता है मैं कभी नहीं देखा. कि नेवल और नाभी की ट होती है मुझे पता भी. नहीं है कि इसका कोई यूज भी है कि नहीं है.
क्या है. ये देखो नाभी ना एक बेसिकली कंडीशन है. ऑर्गन नहीं है जैसे कि ऑर्गन होता है. हमारा लीवर है स्पीन है पैंक्रियाज. है वैसे एक ये एक स्टेट है मिक्सर स्टेट. है फिजिकल मेंटल स्पिरिचुअल स्टेट की मतलब. तीनों को मिला के एक एक इंडिविजुअल लोकेशन. है ओके जो एजिस्ट करती है हमारे पेट के. ऊपर. अब इसको हम साइंटिफिक ढंग से समझते हैं और.
य नाभिक सेटिंग हम 5000 साल से करते आ रहे. हैं हड़प्पा से लेकर धोलावीरा सबसे करते आ. रहे तो मतलब पहली जो प्रिमिटिव टेक्नीक थी. हेल्थ को ठीक करने की व नाभी सेटिंग थी. ओके हा बट साइंटिफिक एविडेंस नहीं है कोई. साइंटिफिक एविडेंस तो होगा कोई फिजिकल. स्टेट का फिजिकल स्टेट तो है ही नहीं अब. इसको हम अगर समझना. है हमारी वेगस नव होती है यहां से निकल के. थ क्रेनियल नव है. बड़ी नव. है ब्रेन के बाद में जो सबसे ज्यादा मैसेज.
मैसेज का काम करती है मैसेंजर का काम करती. है वो वेगस नव करती. है अब यह जो नव है जितने भी एसेंशियल. ऑर्गन है आपका डाइजेशन आपका हार्ट्स लंग्स. पक्रिया सबसे अटैच है अकेली ऐसी नव है जो. सेंसरी और मोटर दोनों फंक्शन का काम करती. है मतलब सेंसेस भी करती है और उन ऑर्गन से. काम भी लेती है ओके अगर दिमाग कंपनी का. डायरेक्टर है बॉडी बॉडी मतलब कंपनी तो.
वेगस नाव उसका सीओ है ठीक. है ज्यादातर लोगों को जो हम बिलीव करते. हैं डाइजेशन इशू होता है अगर कोई कंडीशन. नहीं है जैसे कि कोई अल्सर या किसी तर का. कैंसर डाइजेशन इशू है सिर्फ हम ना भी. बोलते कि नाभी गड़बड़ हो गई है या नेवल. मिस अलाइन हो गई है तो हम क्या करते हैं. उस नव को जो सप्लाई करती है आपकी. इंटेस्टाइन में लार्ज इंटेस्टाइन में स्मल.
इंटेस्टाइन में उसको. स्टिमुलेटिंग करने से ट स्टार्ट गिविंग. सिग्नल टू द ब्रेन ब्रेन गिव य मोर. डाइजेस्टिव. जसे मोर एंजाइम और डाइजेशन में हेल्प करता. है एक तो यह चीज होगी दूसरा देर इ अ. मेजेंट आर्टरी ऑन द न द स्मल इंटेस्टाइन. मेजेंट आर्टरी ब्लड देती. है आपकी आतो को ताकि आत चलना स्टार्ट करें.
इसको बोते पैरा स्टिक मूमेंट मतलब इस. तरीके से आते चलती है खाने को इस तरीके. से मसल है ब्रेक करती है तोड़ती है ताकि. स्मॉलर अमीनो एसिड में कन्वर्ट हो सकते. ताकि अब्जॉर्ब हो सकता है तो कुछ लोगों. में वो जो मेजेंट आर्टरी है ट आल्सो नोट. स्टार्ट यनोट स्टार्ट गिविंग लेस ब्लड. उसकी वजह से डा अल्टर होता है तो में क्या. करते हैं हम लोग इसको भी.
स्टिमुलेटिंग. 100 में से 92 पर लोग नाभी करने के बाद. डाइजेशन इशू से बहुत अच्छा महसूस करते है. क्या बात करस आई एम डूइंग इट सिंस मेनी. मेनी इयर्स शरू में मैं भी बिलीव नहीं. करता बट आई न स्टार्ट डिस्कवरिंग इट. स्टडिंग अबाउट इट इट्स वेरी वेरी इफेक्टिव. वेरी इफेक्टिव बट इसके पीछे कोई साइंटिफिक. एविडेंस नहीं एविडेंस नहीं है रीजन बज.
एविडेंस के लिए यू नीड अ फिजिकल स्टेट कोई. भी एविडेंस तब होता है न यू हैव सम फिजिकल. डॉक्यूमेंटेशन बट फिर ये आया कहां से हाउ. ड यू यह प्रैक्टिस बनी कैसे जब इसके पीछे. कोई रिसर्च नहीं है इसके पीछे कोई. साइंटिफिक एविडेंस नहीं है सो फिर कैसे यह. स्टार्ट हुआ वेगस नव का हमें बहुत पहले से. पता है. इवन साइंस एजिस्ट नहीं करती तब भी से पता. है बट ये कौन से. फील्ड ऑफ मेडिसिन या कौन सी फील्ड ऑफ बॉडी. अंडरस्टैंडिंग में आता है या ला इ इट य.
आयुर्वेदिक प्रैक्टिस है यह आई नो. फिजियोलॉजी प्रैक्टिस है यह न्यूरो. प्रैक्टिस है कौन सी प्रैक्टिस है यह इ इ. न की प्रैक्टिस किसकी वजह से हुआ य इटस. ट्रेडिशनल इंडियन प्रैक्टिसेस वी हैव बन. डू जैसे मैंने बताया आपको बहुत सालों से. करते आ रहे हैं अभी रिसर्च पता लगी है कि. जो वेगस नव है वो स्टम होती है हमिंग से. वन यू. डू अब इसके लिए एक डिवाइस भी आ गया.
मार्केट में जिस जिसको एफडी ने प्रूव भी. कर दिया यहां लगाओगे वेगस नव इंप्रूव होगी. जिससे आपकी इनसोम्निया ठीक होगा कार्डियक. रिदम ठीक होगा आपका डाइजेशन भी ठीक होगा. और ये हमिंग वाली चीज हमें 5000 साल पहले. से पता है बताता हूं कैसे जैसे हम ओम. बोलते हैं ना ओम ओम बेसिकली तीन पार्ट का. है आ उ म तो वन यू से ओम. म जो है वो हमिंग हो रहा है जो हमें अब.
पता लगा है और हमिंग से. स्टिमुलेटिंग की एंजाइटी उनके हार्मोन सही. रहते. थे यह हमें बहुत पहले से पता है और हम. उसको. स्टिमुलेटिंग दिस वेरी री इम की साउंड. वेरी वेरी इफेक्टिव हम पता लगा सो मैं जब.
योगा करता हूं एंड जब भी मैं करता हूं. मेरी जो ट्रेनर है योगा ट्रेनर वो मुझे. ऐसा बोलती है कि मैं जब ओम करू तो दोनों. यर लोब बंद करू एंड देन डू इट तो पूरा. हमिंग जो है मेरे पूरे ब्रेन में हर जगह. एकदम इट क्रिएट सर्टन वाइब्रेशन वो एक या. दो बार करने के बाद बहुत अच्छा लगता है इट. है सम पावर सी वांट यू टू वाइब्रेट र इन. ट्यूब्स सी वांट यू टू वाइब्रेट योर.
थाइरोइड योर इंटरनल स्ट्रक्चर्स उस. वाइब्रेशन से यू स्टिमुलेटिंग योर वेगस. नाउ हम और जो जिसने ये ओम बोलना सीख लिया. अच्छे से रोज प्रैक्टिस करेगा नींद बहुत. बढ़िया आएगी प्रोडक्टिविटी बहुत सही. रहेगी डाइजेशन बहुत सही ट सी मैंने. अभी-अभी स्टार्ट किया है इन नेक्स्ट सिक्स. मंथ्स आई विल बी एबल टू टेल लाइक द रियल. रिजल्ट्स इट जस्ट नॉट ओम इट्स ओम यू हैव. टू लर्न इट इसको टाइम लगता है बोलने में. ओके लेट्स कम टू दिस एक चीज थी जो मैं रह.
गई बात करना ज हम बात करे थे कि गलत लोग. सोते हैं गलत तरीके से उठते हैं लेकिन. उसके बाद एक और गलत चीज करते हैं राट अब. वो मैं भी करता हूं तो मुझे आज तक गलत लगी. नहीं थी पर. आपकी आपसे बात करके ब्रीफिंग करके रिसर्च. करके पॉडकास्ट से पहले मुझे पता चला कि वो. गलत है तो मुझे बताओ क्यों गलत है आदत है. मोबाइल फोन यूज करना बाथरूम के. अंदर क्यों गलत है ये क्या प्रॉब्लम है.
अगर मैं अपना फोन यूज करता हूं बाथरूम में. देखिए डे फिकेशन होता है ना वो तीन फेजस. में होता. है पहली फेज में 60 पर डे फिकेशन हो जाता. है यू डिस्चार्ज 60 पर ऑफ अनडाइजेस्टेड. फूड आउट ऑफ द. बॉडी जैसे ही फर्स्ट स्ट्रोक होता है यू. स्टार्ट यूजिंग मोबाइल आप रील देखना. स्टार्ट कर. दोगे अच्छा सा अपना दिमाग में आईडिया लेना. स्टार्ट कर दोगे आप उसके अंदर प्रोफाइल.
खोला प्रोफाइल के अंदर तो दिमाग जो है. कपाई हो. जाएगा दूसरे स्ट्रोक में हमारा पेट जो. खाली होता है डेकेशन होता है 30 पर होता. है और तीसरे स्टॉक में 10 पर होता है तो. जब आप 60 पर करने के बाद जो दूसरा स्ट्रोक. आना चाहिए आप उस टाइम मोबाइल में बहुत. ज्यादा बिजी हो तो अल्टीमेटली आपको तीसरा. स्ट्रोक आएगा सीधा द 10 पर वाला बट द 20. 30 पर रिमन इनसाइड. आप क्योंकि इसमें अपाइड हो दिमाग कइड हो.
गया आपका मसल कांट्रैक्ट होगा ही नहीं वहा. क्योंकि इतना फूड नहीं है कि उसको कंटक्ट. कर दे क्यों फूड का प्रेशर होगा तभी तो. कंटक्ट. करेगा यू डन इट एंड इसके बाद आप ना ध के. ब्रेकफास्ट किया आपने जैसे ही ब्रेकफास्ट. किया वो 30 पर स्टार्ट हिटिंग इन द ब्रेन. क्या यार मुझे वरूम जाना चाहिए वरूम जाना. चाहिए देन 30 स्टार्ट कमिंग आफ्टर यर. ब्रेकफास्ट दिस इ हाउ गोज इट्स अ प्रॉब्लम. इट्स प्रॉब्लम आप उसको हटाओ यू जस्ट लिसन. टू योर स्टमक आपका रेक्टम क्या कह रहा है.
आप तीनों स्ट्रोक में करो देन यू फील मच. बेटर मच बेटर इंटिन एट वन टाइम सिंगल टाइम. आपको बारबार जाने की जरूरत नहीं है इससे. ना आईबीएस भी होने के चांसेस ब बढ़ जाते. हैं इरिटेबल वाल सिंड्रोम इससे रिलेटेड है. वो भी मोबाइल यूज वालों को अखबार पढ़ने. वालों को ज्यादा होता है तो अखबार भी नहीं. पढ़ना चाहिए कुछ भी नहीं पढ़ना चाहिए वाइल. यू आर ऑन योर बाथरूम सीट हा हा इट्स अ. इट्स अ टिक एक्टिविटी मतलब ब्रेन को इसके. साथ कोऑर्डिनेट करना चाहिए वेरी. इंपोर्टेंट एक्टिविटी है इसमें कुछ ज्यादा.
बिजी नहीं रहना चाहिए इंसान को सिर्फ सोच. सकता है बट किसी भी किसी ऑब्जेक्ट को हाथ. में नहीं रहना चाहिए किसी चीज को भी पकड़. के नहीं रखना चाहिए जिसमें ध्यान भटके गट. इट ओके टेल मी सो कैसे बेटर सकते हैं लोग. स्लीप में क्या गलतियां करते हैं आजकल लोग. जिसकी वजह से स्लीपिंग प्रॉब्लम आने लग गई. है लोगों को इतनी ज्यादा जैसे दो तीन. चीजें है जो लोग बहुत ज्यादा करते हैं. आजकल सोने के लिए अच्छा सो वन इज फोन में. म्यूजिक चलाते हैं वाइट नॉइस एक बहुत फेमस.
चीज है कि रेन साउंड चल रहा है वाटर साउंड. चल रहा है कुछ ना कुछ पीछे एक हल्का सा. धीरा सॉफ्ट म्यूजिक चल रहा है उसको चला के. लोग सो जाते हैं उससे बेटर नींद आती है ये. सब अच्छी चीज होती है करना चाहिए सोना. देखिए क्या है ना ब्रेन की ना बहुत सारी. खिड़किया है बहुत सारे दरवाजे हैं ब्रेन. के अंदर जहां से ब्रेन इंफॉर्मेशन गैदर. करता है असेस करता है एनालिसिस करता है. आइडियाज क्रिएट करता है आपने गाना चलाया. बैकग्राउंड प आपकी ब्रेन की दो खिड़कियां. तो खुली है आप गाना कंज्यूम कर रहे हो सोच.
रहे हो अपने आप को इमेजिन कर रहे हो पीछे. गाना चला हुआ है पहाड़ों का आप अपने आप को. मेजन करो पहाड़ों में अल्टीमेटली दिमाग तो. चल ही रहा है आपका राइट तो जो गाना चलाता. है व जल्दी सो सकता है बट उठेगा जल्दी. क्योंकि वो गाना बजता है बंद तो नहीं किया. ना आपने जल्दी उठ जाएगा उस वॉइस से जब तक. वह प्रोसेसिंग एक गाना खत्म होगा जैसे ही. दूसरी प्रोसेसिंग स्टार्ट होगी तो आपने. सपना लेना स्टार्ट कर दिया एक तरीके का एक. गाने का आप उस सपने में जी रहे हो इस. तरीके से दसरा कोई और गाना आ गया हनी सिंह.
का एकदम से गाना आ गया तो आपके आपका जो. ब्रेन का स्ट्रक्चर है वो उसमें उसमें. घुसने की कोशिश करेगा क्योंकि बैक ऑफ द. माइंड कान तो सुन ही रहे हैं बट 89 आवर्स. का एक स्लीपिंग म्यूजिक भी तो होता है. आजकल बहुत सारे होते हैं 10 आर स्लीप ना. आर स्लीप एक ही जैसा चले जा रहा है वो. बिना चेंज करे यही तो मेरा पॉइंट है एक ही. तरीके का फ्रीक्वेंसी होनी चाहिए नींद. अच्छी लेगा अब गाना फ्रीक्वेंसी चेंज हो. रही है ना एकदम से पंजाबी घंटे का एक टाइप. का गाना चलता है बहुत बार होता है ऐसे स. आजकल बहुत सारे अवेलेबल है प्लेलिस्ट.
अवेलेबल है जिसमें कुछ भी नहीं होगा और वो. प्लेलिस्ट न आठन घंटे की एक जैसे चलती. रहेगी दैट इज ओके दैट इ ओके रिदम है ना. उसमें जहां रिदम टूट रहा है वहां नींद टूट. रही. है तो सिर्फ कोई भी टाइप के गाने चला के. सोना इज अ प्रॉब्लम 89 आर फोकस म्यूजिक. स्लीप म्यूजिक चला के चांटिंग चला के सो. जाओ तो कोई दिक्कत नहीं यस यस और कई लोग. स्टोरी सुनते हैं कोई लोग बुक बुक रीड. करते हैं. आप जब बुक बैकग्राउंड में रीड कर रहे होते. है ना आपका दिमाग इंफॉर्मेशन कंज्यूम कर.
रहा होता है सो नहीं सकता आपने स्टिल. दो-तीन खिड़कियां खुली छोड़ रखी है अगर. आपको सोना है तो सारे दरवाजे बंद करिए. सारी खिड़कियां बंद करिए दिमाग की अब नींद. आएगी जल्दी आएगी क्यों यार मुझे तो स्लीप. मैं जिस दिन पढ़ता हूं उस दिन मेरे को. ज्यादा बढ़िया नींद आती है जब आपका. बैकग्राउंड में म्यूजिक चल रहा है म्यूजिक. नहीं चला था हां मैं सोने से पहले आधा. घंटा ट्राई करता हूं पढ़ूं मिनिमम आधा. घंटा कभी-कभी एक दो घंटे होते हैं कभी-कभी. 5 मिनट हो जाता है मतलब बहुत थका हुआ होता. हूं तो बट आई ट्राई ऑन एन एवरेज में. मिनिमम आधा घंटा पढ़ लेता हूं जिस दिन.
पढ़ता हूं उस दिन ज्यादा बढ़िया नहीं गुड. हैबिट ना आपने क्या करा बुक बंद करा. इंफॉर्मेशन बंद बट गाने के साथ क्या है. इंफॉर्मेशन तो चल रही है बैकग्राउंड में. गाने के साथ नहीं गाना नहीं गाने के साथ. नहीं बुक्स तो गुड हैबिट ओके इट्स बुक्स. रीडिंग इट्स डिलीट द फोल्डर इन द ब्रेन. हमारा ब्रेन क्या करता है ना सारे फोल्डर. क्रिएट कर लेता है बुक्स पढ़ने के साथ में. अच्छी बातें करेंगे आप फोन पे वन यू टॉक. टू. माग अननेसेसरी फोल्डर डिलीट करता रहता है. अच्छी है बेटा ये तो ओके एंड जो लाइट्स.
लगाते हैं लोग आजकल फैंसी बैकग्राउंड रात. को सोने से पहले काफी अच्छी अच्छी लाइट्स. होती है उसको देख के सूथिंग लगता है नींद. आती है वो एक बहुत फेमस एक लैंप चल रहा है. जिससे पूरा रूम गैलेक्सी जैसा बन जाता है. ल ऑफ दैट इज नाइस उससे बेटर नींद आती है. कि नहीं नहीं एंड नॉट एट ऑल उसकी. मार्केटिंग अच्छी करी गई है वो दिखाता है. कि आपको तारे दिख रहे हैं आपको अच्छा. महसूस होगा पर जितनी लाइटनिंग रखोगे उतना. मेलाटोनिन प्रोडक्शन कम होगा ब्रेन में जो.
स्लीप के लिए बड़ा जरूरी है आपका रूम. क्लोज रहना चाहिए उसम नॉइस नहीं होनी. चाहिए और बहुत ही कम लाइट लाइट भी है टू. बी बैकग्राउंड टू द कर्टन पीछे की तरफ हो. कहीं और हो हल्का सा आपको रोशनी से दिक्कत. हो रही तो उसम लगा सकते हो बट जितनी कम. रोशनी डार्क हो बेटर डार्क हो उतना ज्यादा. अच्छा ये जितनी भी फैसी लाइट लगा रहे हैं. ये सब नींद नहीं आएगी इनको ए री सेम पीपल. स्लीप 3 इन. मनिंग न बजे सोते हैं तो प्रॉब्लम.
हैसे अन ल एविडेंस की 11 से च के बीच में. बेस्ट नींद होती है सोना चाहिए उस टाइम प. और बहुत लोग अवॉइड कर देते. हैंट लट ऑफ थिंग बट आपका पर्सपेक्टिव क्या. है इसके. ऊपर देखिए नींद भी अगेन नींद के भी तीन. चार विंडोज खुलते. हैं सर्केल रिदम यू मस्ट हैव हर्ड अबाउट. पहला विंडो तब खुलता है जब हम एक सबकी. हैबिट होती है कोई सा होता है कोई सा सब.
सबसे पहला इंपोर्टेंट विंडो वही होता है. 80 पर उसमें नींद आ जाती है अगर आप मोबाइल. यूज नहीं करोगे तो वो विंडो खुलती है 10. से 15 मिनट के लिए बस मतलब कोई एग्जांपल. 10:30 हो रहा है तो 10 ब 45 तक विंडो खुली. रहेगी आप वो टाइम स्किप कर दो आपको अगले. दो घंटे नींद नहीं आएगी क्योंकि आपने पहला. विंडो स्किप कर. दिया पहले विंडो में गाने सुन रहे होते. हैं. फिर दूसरी विंडो खुलती है 12 12:30 की बीच.
में तब लोग देख रहे होते हैं य देख रहे. होते. हैं या गाने चला रहे होते हैं तब नींद. नहीं आएगी. तीसरा विंडो खुलता है ढाई तीन के बीच. में पोर्नोग्राफी कंजप्शन बड़ा ज्यादा. होता है रात. को तब उस टाइम नींद नहीं आएगी तो पीपल. टेंड टू स्लीप थ्री टू फोर हम इन द. मॉर्निंग अब वो उठेंगे फिर 9:30 10 11 12. बजे और वो गलत है ब किसी किसी के लिए वर्क.
करता है कोई नाइट ल होता है इट वर्क्स फॉर. देम उनकी रिदम इस हिसाब से वर्क करती है. कि जो दे आर यूजुअली बेटर एंड प्रोडक्टिव. एट नाइट लेट उठते हैं दे द लेट राइजर्स. इट्स अडेप्ट बिलिटी इट्स नॉट सूटिंग देम. बॉडी अडेप्ट करती है हर चीज के लिए फिजिकल. मेंटल फिजियोलॉजिकल स्पिरिचुअल हर चीज में. उसने अडेप्ट किया है बट कब तक करेगी. अडेप्ट आपने इ इतने हजार साल आप रात को. सोए हो दिन में जागे हो दैट द.
साइकिल बट ऑफकोर्स आप जैसे जैसे करके. एडजस्ट कर लेते हो बट लॉन्ग टर्म में चार. पांच साल आप देखिए ना स्टडीज है जो नाइट. में काम करते हैं और जो दिन में काम करते. हैं उनकी हेल्थ में उनके फेस में रिंकल इन. टर्म्स ऑफ रिंकल उनके हेयर की ग्रोथ में. उनकी ओवरल एक्सप्रेशन में उनकी बॉडी सेल. में बहुत अंतर होता. है फेर देयर इज लॉट ऑफ एविडेंस अराउंड इट. बट आई स्टिल फील बहुत लोगों से मैं मिला. हूं जिन्होंने ट्राई किया अपनी लाइफ टर्न. अराउंड करने की छछ महीने व सुबह उठे बट. उनके लिए वर्क नहीं करता उनके लिए ज्यादा.
बेटर वर्क रात को ही करता है मोर इफेक्टिव. मोर प्रोडक्टिव क्योंकि. उनकी उनकी आदत इतनी अच्छी बन गई है वह. अडेप्ट इतना बढ़िया कर गया बॉडी 10 12 साल. 15 साल से कि नाउ वो छ सात महीने तक. कंटीन्यूअस फोर्स करके भी खुद को करते हैं. न दे गो बैक टू नॉर्मल उनके लिए नर्मल जो. रात को जगना होता है लाक नाइट टाइम इ मच. मोर इफेक्टिव नाइट टाइम यस थॉट प्रोसेस. थोड़ा एस होती क्योंकि कोई आवाज होती है. कोई डिस्टर्ब करने वाला होता है नहीं होता. है बाहर नहीं जाते हो आप दोस्त फोन नहीं. करते आप ऑफ कोर्स ऑफ कोर्स बट शॉर्ट टर्म.
के लिए एंड देयर इज वन टाइप ऑफ साइंस की. सुबह उठने के बाद लोग बोलते हैं 4:00 बजे. 5:00 बजे उठ जाओ तब भी बहुत ज्यादा. साइलेंट होता है नो नोटिफिकेशन होते हैं. बहुत बढ़िया लाइफ होती है तब भी होता है. बट दे लॉट ऑफ स्टडीज डन जिसमें ये बताते. है कि स्टार्टिंग के फर्स्ट दो घंटे में. ब्रेन इतना प्रॉपर्ली फंक्शनल नहीं होता. तो अगर आपको एकदम इंपोर्टेंट काम करना है. और आप सोच रहे हो कि मैं बिना किसी. डिस्टरबेंस के करूंगा और उसकी वजह से आप. 5:00 बजे उठ रहे हो तो 7 7:30 तक तो वैसे. आपका ब्रेन ढंग से चल ही नहीं पा रहा है. उसके बाद चलना स्टार्ट करे तो 8:00 बजे तो.
फिर वापस नोटिफिकेशन लाइफ स्टार्टेड अगेन. ये भी एडेप्टेबिलिटी है जैसे आपने बताया. आप जैसे आप माहौल में डालोगे अपने आप को. वैसे लेगा वैसे ही बन जाएगा ओके कमिंग टू. योर एरिया ऑफ एक्सपर्टीज ठीक है एक बहुत. इंपॉर्टेंट चीज दैट इज स्लिप डिस्क स्लिप. डिस्क बहुत ही खतरनाक चीज है बहुत लोग चल. नहीं पाते मैंने देखा है उनकी लाइफ पहले. जैसी नहीं होती जब हो जाता है उनको के बाद. एंड यह बढ़ते जा रहा है ये काफी लोगों को. बहुत यंग एज में भी होते जा रहा है राट सो.
यह कैसे ठीक हो सकती है एंड एक और इसके. ऊपर एलिगेशन है डाउट है रिस्क रिलेटेड. फैक्टर्स है कि कायरो प्रैक्टिस के पास जो. जाते हैं इनफैक्ट एक रिसर्च है राइट जिप. कि जो लोग कायरो प्रैक्टिस के पास जाते. हैं उनमें से वन इन न लख पीपल फेस मोर. चांसेस ऑफ स्लिप डिस्क आफ्टर गोइंग टू. काइरो प्रैक्टर देन दे हैड बिफोर गोइंग टू.
कारोपेक्टते. है सबका बैठ बैठ के खत्म हो गया है जिम. में इंजरी होती है गगो लिफ्टिंग करते हैं. मम्मी ने सिलेंडर बोला आपने सिलेंडर उठा. लिया बहुत कुछ इस तरीके के हाद से होते. रहते हैं इंजरी अगेन एक अनफॉर्चूनेटली. [संगीत]. लेकिन आउट ऑफ 100 90 पर जो स् स्लिप डिस्क.
इंजरी है व कारोपेक्टते. है बट इन 90 पर को यह बोला जाता है यू नीड. सर्जरी उस 90 पर में से 60 पर सर्जरी करा. लेते. हैं तो बिना सर्जरी के दे कैन गेट बेटर. 100 में से 90 पर पीपल गेट बेटर 10 पर. पीपल हैव सीरियस कंसीक्वेंसेस जैसे बाथरूम. रुकना बंद हो गया चलना बंद हो या टांग. बिल्कुल नहीं चल रही है आपको आपके लेग फील.
नहीं हो रहे हैं ऐसे में यू नीड सर्जन. एडवाइस बाकी 90 पर में कारो प्रैक्टर एंड. फिजियोथेरेपिस्ट डेफिनेटली हेल्प य कैसे. क्या साइंस इसके पीछ क्यों लोग सर्जरी. प्रेफर करते हैं कारो पैक्टर के पास नहीं. आते अगर आप वर्क करते हो तो डेफिनेटली. आपके य ज्यादा लाइन होनी चाहिए देन अ. सर्जन. अब इसमें क्या करता है ना कि क्योंकि जैसे. ही स्लिप डस्क होता है ना एकदम से बहुत. ज्यादा तेज दर्द होता. है इंसान से ना बैठा जाता है ना खाया जाता.
है ना लेटा जाता है कुछ भी अपनी बेसिक. एक्टिविटी भी नहीं कर सकता उस केस में. डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर यही. बोलता है कि यार ये तो तेरी पांव जो है वो. चलना बंद हो जाएगा यू नीड है इमीडिएट. सर्जरी तो पहले वो डरा होता है उसको. डॉक्टर फिर थोड़ा और पुश कर देता है वो. कहेगा सर आपको जो करना है कर दो प्लीज. जस्ट गेट रिड ऑफ दिस वो सर्जरी करा लेता. है हम क्या करते. हैं जो स्ट्रक्चर्स है उसके आसपास का उसको. लाइन करते हैं सो दैट लेस एंड लेस पेन.
सिग्नल गोज टू द ब्रेन जिससे मोबिलिटी हम. बढ़ा देते हैं मोबिलिटी बढ़ाने से वहां. डिस्क बल् जो है इट डिस्क गेट मोर ब्लड. फ्लो ज्यादा ब्लड आएगा वहां की. इन्फ्लेमेशन उतर जाएगी एंड डिस्क गेट. अब्जॉर्ब. ऑटोमेटिक जैसे मैंने बताया 1995 डिस्क. अपने आप अब्जॉर्ब कर जाते हैं क्योंकि. डिस्क एक पैरासाइट है डिस्क ऐसी ऐसी एक. ऑर्गन है जिसका खुद का कोई ब्लड सप्लाई. नहीं है इसका डिजाइन नहीं है डिस्क होने. का मतलब स्लिप होने का क्योंकि ब्लड.
सप्लाई नहीं होती अब हम क्या करते हैं. उसके आसपास के जॉइंट को जब मैनिपुलेट करते. हैं तो डिस्क गेट मोर ब्लड ये ब्लड सकर है. हम ज्यादा ब्लड लेगी अब्जॉर्ब होके पीछे. चली जाएगी नाउ गेट फ्री पेशेंट गेट बेटर. तो क्यों लोग फिर प्रेफर करते हैं कि वह. हड्डी के डॉक्टर के पास जाए ऑर्थोपेडिक्स. के पास जाए सर्जन के पास जाए कारोपेक्टते. हो तो एंड जो मैं रिसर्च पढ़ रहा था मैं. आपको बताता हूं कि जो अलग-अलग डॉक्टर्स ने. अलग-अलग जगह करी है वन वज कि एक लाख लोगों.
में से किसी एक को ऐसा हो जाता है दैट. उनके स्लिप डिस के चांसेस और ज्यादा बढ़. जाते हैं अगर वो कारोपेक्टते हैं तो राइट. फिर सेकंड था कि किसी एक इंसान को 500 में. से राइट उनको चांसेस होते हैं कि उनको. दर्द ज्यादा फील हो और नर्व डैमेज और नर्व. कंप्रेशन का केस हो जाए कायरो पैक्टर के. जाने के पास एंड अब अप्रॉक्सिमेट्स. जाते हैं वो टेंपररी ज्यादा पेन में होते.
हैं देन जो वो कारो फैक्टर के पास नहीं गए. थे. उनसे सो ये सारी चीजें इतना ज्यादा पड़ा. हुआ है तो ये सब सुनने के बाद स्पेशली. जैसे मैं हूं तो मैं डरूंगी फैक्टर के. जाने के. पास व्हाट डू यू थिंक कि सिर्फ यही रीजंस. है इसलिए लोग डरते हैं कि ये सारे पहले. सही है गलत है व्हाट इज योर ओपिनियन ऑन. दिस देखिए इंडियन पर्सपेक्टिव में का. प्रैक्टिक मेडिसिन को देखें इ रि.
रिलेटिवली न्यू फील्ड. बेसिकली बहुत साल नहीं हुए हैं तो लोगों. को ज्यादा जानकारी भी नहीं है पूरी पूरी. पॉपुलेशन में शायद 0.5 पर लोगों को. कारोपेक्टते. इंसान से डरता है स्केप्टिकल रहता है तो. स्केप्टिसिजम का सबसे बड़ा रीजन यही है कि. पीपल आर नॉट फैमिलियर विद द का पैक्ट. मेडिसिन दूसरा डॉक्टर की ओपिनियन रहती है. कि यार अपनी हड्डी वड्डी मत चटकाए इस. तरीके से कुछ इंजरी हो सकती है वो कहीं ना. कहीं सही भी होता है होता क्या है ना कि.
कई बार हड्डी ऑलरेडी ब्रेक होती है बट हम. अनप्रोफेशनल का प्रैक्टर के पास जाते हैं. स्किल्ड नहीं है बिना एक्सरे हमारा के देख. के कर रहा है तो अल्टीमेटली हड्डी जो. ऑलरेडी ब्रेक है वो फदर फदर टूट जाएगी. ऑफकोर्स अब जो 1 पर मामले ये वो मामले हैं. अगर डॉक्टर स्किल्ड है का फैक्टर आपका. एक्सरेज बेस ही अलाइन मेंट करता है पूरी. हिस्ट्री लेता है आपको जांच है एंड ही हैड. इनफ एक्सपीरियंस इंजरी नहीं होगी. अगेन मेडिकल में हर चीज के डिसएडवांटेज है.
सर्जरी की कॉम्प्लिकेशन जितनी हो सकती हैं. उससे कहीं ज्यादा कहीं ज्यादा कम कार. प्रैक्टिक की. है राइट स यू मीन टू से कि एक तो लोगों को. पता नहीं इसकी वजह से डर है दूसरा क्योंकि. गलत लोग कुछ लोग गलत है वो लोग और ज्यादा. खराब कर देते हैं जो हर फील्ड में. एक्सिस्ट करते राइट एंड तीसरा है कि जब तक. कोई आपका फुल एंड टू एंड हिस्ट्री एक्सरे. लेके प्रॉपर डायग्नोसिस नहीं करे तब तक. नहीं कराना चाहिए राइट एंड फोर्थ इज वी आर.
कंपेयरिंग अगेन सर्जरी तो सर्जरी से तो. बहुत ज्यादा कम है कम है इसमें चांसेस ऑफ. गोइंग ग्रंग हियर एंड देर कार् प्रैक्टिस. से टेंपररी दर्द बढ़ सकता है क्योंकि. सोरनेस होती है थोड़ा फॉर टाइम बीइंग एक. दो दिन के लिए बट वो एक सोरनेस है राद देन. दर्द नहीं है बॉडी वही कंफर्टेबल हो गई है. उस टाइटनेस पोजीशन पे फिजिकली भी और. मेंटली भी तो जब कारो पैक्ट उसको रिलीज कर. देता है तो एक दो दिन सोरनेस हो सकती है. ऐसा होना बिल्कुल नॉर्मल है ओके यू नी ल ब. एक दो दिन में इ बिकम नर्ला ओ आवाज क्यों. आती है हड्डी जब ऐसे करते हैं चटका हैं.
क्रैक करते हैं तो आवास क्यों आती जॉइंट. के बीच में साइनो फ्लूड होता है इट पक विद. द बबल समटाइम नाइट्रोजन के साथ. में जैसे ही हम अलाइन करते हैं. स्ट्रक्चर्स को तो द बबल गेट. ब्रेक बट कारो प्रैक्टर ना क्रैक क्रिएट. नहीं कर रहा है लेट मी टेल यू क्रैक एक. बाय प्रोडक्ट है ऑफ अलाइन द जॉइंट. ओके तो स्कार पैक्टर का ध्यान क्रैकिंग.
क्रिएट करने में नहीं है वो अलाइन कर रहा. है क्रैक ज पाइ प्रोडक्ट है हम अगर क्रैक. नहीं भी आता तब भी वो जॉइंट अलाइन हो रहा. है बायोमैकेनिकल स्टेबल हो रहा है बायो. मेकैनिकली अलाइन हो रहा है राइट गट इड लोग. कुछ चीजें खुद करते हैं वन इज सेल्फ. क्रैकिंग ट एक बहुत फेमस आपने वो रील देखा. होगा रोहित शर्मा का हमारे कैप्टन का देखा. है हां है तो वो एकदम उनका कोई शोल्डर. जाता है पिच के बीच में गेम के बीच में वो. ऐसे उठा के ऐसे कर देते हैं एंड देन.
नॉर्मल ये करना चाहिए नहीं करना. चाहिए क्रैकिंग की फीलिंग क्यों हो रही है. यू हैव टू अंडरस्टैंड दिस क्रैकिंग की. फीलिंग क्यों हो रही है आसपास का लिगामेंट. है इट गेटिंग गेटिंग शॉर्ट एंड अप मसल्स. है वो टाइट हो रही है टाइट वही होती है. मसल जो वीक होती है पहली बात तो वीक है वो. मसल अगेन वो ब्लू सिग्नल वाला आ गया. हल्का-हल्का स्टिफ्ट ऑन क्रैकिंग योरसेल्फ. अल्टीमेटली क्या कर रहे हैं इसको इग्नोर. करके यू आर टर्निंग इन टू द ऑरेंज सिग्नल. गट इट एक नंबर क्रैक करने से टिक्स बनता.
है टिक्स होता है एक अल मलेटरी हैबिट कुछ. लोग होते हैं ना कि आपसे बात करते करते. ऐसे चटका रहेंगे हां है कर करके उनकी. हैबिट बन जाती है उनको पता भी वो क्या कर. रहे हैं बट सामने वाला नोटिस कर लो नकल्स. में बहुत ज्यादा करते हैं लोग तो. पर्सनालिटी वाइज इ आल्सो नॉट गुड हम बट. तीसरा अगर आप बार-बार ऐसे करते जा रहे हैं. करते जा रहे हैं वहां इंस्टेबिलिटी क्रिएट. होगी और देयर इज अ हायर चांसेस की वहां. इंजरी हो सकती है हम तो दैट सम बडी य पपल. शुड नॉट दूसरी चीज लोग खुद करने लग गए. आजकल दैट इज मसाज गन मसाज गन वर्क करते.
हैं करना चाहिए मसाज गन यस टेंपररी वर्क. करती है फॉर 10 15 मिनट्स आप जैसे ही मसाज. गन वहां करने लगते हो तो टिशू जो. कांट्रैक्ट. है उसके ऊपर आप स्मूथनिंग दे रहे हो एक. हल्की सी वाइब्रेशन दे रहे हो उसको आप. हिला रहे हो अलग-अलग डायरेक्शन पे सो द. नोस सेप्ट रिसेप्टर जो पेन रिसेप्टर होते. हैं वहां जो जर्द के सिग्नल को ब्रेन को. महसूस कराने वाले हैं कि बताने वाले कि. वहां पर दर्द है आप वो टेंपररी ब्लॉक कर.
देते हो जैसे आप चलोगे इट गेट. कोलप्पन इज नॉट हेल्पिंग यू टेंपरेरी लीफ. टेंपररी लीफ है 10 15 मिनट्स के लिए लोग. दर्द के लिए मसाज भी करवाते हैं और बहुत. रेगुलर करवा देते हैं कि मैं थोड़ा बहुत. मुझे पेन रहता है नेक पेन बैक पेन उसकी. वजह से मैं मसाज रेगुलर करवाते रहूं डू यू. थिंक ट्स गुड या कितनी बार मसाज करानी. चाहिए एक इंसान को हफ्ते में दो मसाज बट. आईडियली एक ही ठीक होती है बट दो भी करा. सकते हैं अगर आप फिजिकल एक्टिव है तो अगर.
आप फिजिकल एक्टिव नहीं है तो हफ्ते में एक. बार महीने में चार चार बस उससे ज्यादा. नहीं हां रीजन व्हाई मसाज से हो क्या रहा. है दो चीजें हो रही है अगेन जो मसाज गन कर. रही है वो आप हाथों से कर रहे हो यू आर. लीजिंग द टिशू हम वहां के नोस सेप्टर. रिसेप्टर जो पेन रिसेप्टर्स होते हैं. सिग्नल भेजने हैं ब्रेन को कि एवरीथिंग इज. ओके एवरीथिंग इज ओके यू नोट नीड टू बी वरी. एवरीथिंग इज ओके वो कर रहे हो आप दूसरा इट. इंक्रीजिंग ब्लड फ्लो फॉर शर क्यों आप. मसाज करोगे वहा ज्यादा ब्लड आएगा वहां की.
वेन ज्यादा खुलेगी आप ज्यादा ब्लड सप्लाई. कर पाओगे तीसरा लिंफेटिक ड्रेनेज वहां पर. अगर वाटर कलेक्शन हो रहा है कई लोगों को. होता है तो ट इ हेल्पिंग यू बट अगर आप. बारबार बारबार मसाज करा रहे हैं और बहुत. फ्रीक्वेंसी. बट आप टेंपररी लीफ दे रहे हो उसको हम तो. उससे बढ़ जाएगा बहुत बढ़ जाएगा ्.
प्रोब्लेमे िक हां तीसरा सबसे बड़ा. नुकसान जब बहुत ज्यादा मसाज कर लेते हैं. तो आप एक बहुत ज्यादा कंफर्टेबल फेज में. चले जाते. हैं जहां पर आपको हर चीज परफेक्ट चाहिए. होती है मतलब बिल्कुल नहीं दुखनी चाहिए. बॉडी. आपकी उस केस में क्या होगा हल्का सा भी. दर्द होगा ना वो आपको ज्यादा महसूस होगा. थोड़ा सा दर् भी ज्यादा महसूस होगा. प्रोस्टा ग्लैंड होते बायोकेमिकल्स. अब.
बॉडी ज्यादा रिलीज करने स्टार्ट कर देगी. तो आपको हल्का सा. स्टिफ्ट के लिए दर्द हो गया टोलेंस लेवल. खत्म हो जाएगा मसाज से टोलरेंस लेवल कम हो. जाता है मतलब आप ऑफकोर्स ना आप मसाज करा. रहे हो बारबार फिजिकल एक्टिव हो कुछ नहीं. कर रहे हो आप आप चलोगे थको ग टोटली आपका. दिमाग क्या गगा मुझे मसाज करानी चाहिए. मेरे जॉइंट वीक हो गया या रिलीज करना. करवाना पड़ अगर आप फिजिकल एक्टिव है तो दो. या तीन भी करा सकते हो हाईली फिजिकल. एक्टिव तो डिपेंडिंग फिजिकल फिजिकल.
एक्टिविटी गट इट वन मोर थिंग एक मिथ है कि. फैक्ट है मुझे. बताओ हल्दी वाला दूध पीने से लोगों की. इंजरी रिकवर जल्दी हो जाती है मिथ है मिथ. है क्यों पीते हैं लोग फिर यह बहुत ज्यादा. कॉमन है राइट सुना है आपने बहुत कॉमन. हल्दी जो होती है एंटी का काम करती है बट. लोग कई बार हल्दी इतना ज्यादा खा लेते हैं. कि लीवर डैमेज हो जाता है इतना ज्यादा पी.
लेते हैं हल्दी हल्दी एसेंशियली कुछ दिन. के लिए अच्छी है बट लीवर के लिए बहुत. खतरनाक है. ओके लास्ट क्वेश्चन टेल मी सबसे कॉमन कौन. सी ऐसी रीजन है या बीमारिया है या इंजरी. है जिसकी वजह से लोग आपके पास आते हैं. सबसे कॉमन से पेन कौन से जिसकी वजह से लोग. आपके पास आते हैं एंड आप सबसे ज्यादा क्या. देखते हो लड़कियों में क्या देखते हो. लड़कों में क्या देखते हो दोनों में. ज्यादा डिफरेंस नहीं होता हमारी अपीयरेंस.
थोड़ी अलग है बट स्ट्रक्चर ऑलमोस्ट सेम है. हमारा स्केलेटन स्ट्रक्चर तो हिप्स को. छोड़ के एक दो चीजों को और छोड़ के सबसे. ज्यादा कॉमन पेन जो मैं देखता हूं एक. शोल्डर के बीच में यहां पे दर्द होता है. यहां पे बड़ा तीखा सा दर्द हो हां हा. शोल्डर ब्लीड की लाइन में कई बार तीखा सा. लगेगा चाकू जैसा चुबे और ये आईटी वालों. में ज्यादा होता है जो कंप्यूटर प काम. करता. है ज्यादातर लोग उसम मसाज कराते हैं. टेंपरेरिली मिलता है बट अगेन ये एक फ्यूचर. में जाके सीरियस इंजरी हो सकती है क्योंकि. ये जो होता है फैसेड जॉइंट आर्थ्रोसिस की.
वजह से या प्री स्लिप डिस्क साइन है यहां. हां हा हां हल्का सा माइनर नेक के जो. थोड़ा सा नीचे होता है वहां के स्ट्रक्चर. इन कंपैटिबल है फंक्शन लाइन नहीं है तो. एक्चुअली जो दर्द है वहां का दर्द नहीं है. वो वो लगता है वहां पे है बट वो नेक का. दर्द है इट कंसीडर्स अ ट्रिगर पॉइंट ओके. बट वो दर्द इ कमिंग फ्रॉम योर नेक ओनली तो. इसका सलूशन क्या है. आप नेक का कर्वेचर आपको ठीक करना पड़ेगा. विजिट का प्रैक्टर विजिट फिजियोथेरेपिस्ट.
अपने शोल्डर ंदर कर. हा अगर 90 पर इंजरी आपको बचानी बॉडी. में आप. स्कैपुला और. पटेला को ट्रेन कर दे स्पलायट. स्कप और पटेला दोनों भाई. हैं सी फ यानी गर्दन का पांचवा हड्डी और.
ए5 यानी कमर का पांचवा हड दोनों बहने है. ओके आप इन चारों को ट्रेन कर दो आपको 95. पर प्रॉब्लम नहीं होंगी एक एक एक्सरसाइज. बताओ चारों को ट्रेन करने की जो बेस्ट और. मोस्ट इफेक्टिव होती है आप रोमोस को और. मिडल ट्रैप्स को ट्रेन करलो जैसे रोप करके. आप खींचते हो ना लेवल रोइंग हा रोइ कर. सकते लेटल य कर सकते जैसे हम पकड़ के इस. तरीके से करते हैं स्कला स्टेबलाइज.
होगा गर्दन से रिलेटेड की और शोल्डर से. रिलेटेड प्रॉब्लम जितनी भी होती है स्कपर. इंस्टेबिलिटी की वजह से होती है स्कप. स्टेबल है गर्दन और कंधे में प्रॉब्लम. नहीं आएगी ठीक है आपने देखा होगा इंडियन. क्लब देखा है वो मुगर होता है घुमाते हैं. या मस्ट हैव सीन. दिस स्पल स्टेबिलिटी का सिग्निफिकेंट. [संगीत]. हम बगर करते थे पहले ये करना इफेक्टिव. होता है बहुत इफेक्टिव है बाइसेप्स. ट्राइसेप्स इतना इंपोर्टेंट नहीं है जितना.
स्कैपुला की डायनेमिक स्टेबिलिटी. इंपॉर्टेंट है ये घुमाना घुमाना कैटल भी. घुमा सकते हो मुद्गर नहीं तो बट आई प्रेफर. ली मोस्ट. मोस्ट रिस्क फ्री एंड बेनिफिशियल. एक्सरसाइज दिस. रोइंग बाइसेप्स ट्राइसेप्स सामान उठा सकती. है बस स्टेबलाइज नहीं कर सकती शोल्डर को. ए ए5 को कैसे ट्रेन करोगे लोर बैक को. स्मिंग हाइपर एक्सटेंशन आप ऐसे करके पीछे.
जाते हैं उसे ट्रेन कर सकते हो आप लंस कर. सकते हो स्क्वाट कर सकते हो सी फ मतलब. गर्दन को ट्रेन कर सकते हो अगेन बैंड से. हैंगिंग करके सीधा सो के राइट और पीछे की. एक्सरसाइज करके ट की एक् करके जिसम लेटर. रे होता है फ्रंट रेज होता है ए कर सकते. तो चार पा एक्स करके % प्रम ब जाएगी ओके. क्वेश्चन लास्ट क्वेश्चन ठीक व्हिच इज. मेरे को पांच पेन बताओ जो काइरो प्रैक्टर.
फर्स्ट फाइव विजिट्स में ही सही कर सकता. है सिर का दर्द हेडेक नेक पेन बैक पेन योर. नी पेन एंड देन पेन अराउंड एनी पेन अराउंड. योर. स्पाइन सो ये पेनस अगर है तो लोगों को. कारोपेक्टते चाहिए कितने सेशन में ठीक हो. सकता है ये 60 पर इन वन विजिट इन वन विजिट. विजिट अ 90 पर इन 3 टू फ विजिट एंड देर इज.
अ कपल ऑफ पीपल जिनका. कोड रेड है जिनमें कंपनसेशन टाइप थ्री है. जिनका क्रॉनिक इंजरी बन चुका है उसमें. थोड़ा लंबा टाइम लग सकता है उसमें थोड़ा. टाइम लगेगा उसमें मतलब डिपेंडिंग करेगा. कितनी सीरियस इंजरी है ओके क्लोजिंग मैसेज. जो लोग यह देख रहे हैं अगर उन्हें कोई भी. थोड़ा सा भी डर है लेकिन उन्हें बहुत पेन. है और वह चाहते हैं कि उनका पेन हेडेक है. नेक पेन है बैक पेन है स्पाइन के अराउंड. बहुत प्रॉब्लम है नी पेन है यह सब उन्हें.
सॉल्व करना और वो परेशान हो चुके हैं. लेकिन उनमें थोड़ी सी जजा हैगी कि मैं. कायो प्रैक्टर केस जाऊ कि नहीं जाऊ कोई एक. एक अंडरलाइन डर है उनको उनके लिए आप क्या. बोलोगे टेल मी द क्लोजिंग मैसेज सो दैट वो. कन्वेंस हो और आपके एक बार तो विजिट करें. या किसी भी कायरो प्रैक्टर के पास या. फिजियोथेरेपिस्ट के एक बार अपने आप को. जाके चेक कराए आपकी लाइफ जो है ना सिर्फ. आपकी है बाकी सब जिम्मेदारियां है अगर. आपको दर्द होता है तो आपके नाम की पेन कलर.
कोई नहीं खाने वाला अगर आपको सर्जरी. रिक्वायर्ड है ना तो आपकी जगह की सर्जरी. कोई नहीं करवाएगा अगर आपको हॉस्पिटलाइजेशन. रिक्वायर्ड होगा आपकी जगह बेड प कोई नहीं. लेटने वाला तोय स्टार्ट वर्किंग ऑन. योरसेल्फ अच्छा खाइए रोज एक्सरसाइज करिए. आप भी अपने आप को ठीक कर सकते हो. ट्रू ये मैंने बहुत लेट रिलाइज किया लाइफ. में बट नाउ आई फॉलो मोस्ट ऑफ थ थैंक यू सो. मच थैंक यू फॉर सर थैंक यू फॉर कमिंग हियर.
बहुत सारी चीजें बताई एंड मैं कोशिश करता. हूं कि मैं सीधा सोऊ और आपको बताऊंगा कि. हो पा रहा है कि नहीं हो पा रहा है ट्स. माय बिगेस्ट टेक अवे बिकॉज मैं उल्टा सोता. हूं और मुझे उल्टा सोने की वज से मुझे. लगता है कि मेरा भी ब्लू कोड स्टार्ट हो. चुका. है थैंक यू सो मच थैंक यू फॉर हैविंग मी. थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के. लिए प्लीज हमें कमेंट में बताइए कि और कौन. से से गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते हैं इस. पॉडकास्ट पर ताकि हम उन्हें लाएं और आप ही.
के सवाल उनसे पूछे ताकि आपको और भी ज्यादा. वैल्यू मिले जाने से पहले यह एपिसोड किसी. एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना जिसकी. लाइफ में इससे एक पॉजिटिव चेंज आएगा. उन्हें कुछ लाइफ में सीखने को मिलेगा और. आगे बढ़ने का रास्ता दिखेगा क्योंकि एक. कन्वर्सेशन किसी की पूरी लाइफ चेंज कर. सकता है उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखा. सकता है एंड उन्हें बहुत सारे आइडियाज दे. सकता है सो प्लीज यह एपिसोड किसी एक इंसान. के साथ शेयर कीजिए जिनको आपको लगता है कि. उनकी लाइफ में एक बेटर चेंज आएगा आई विल.
सी यू नेक्स्ट टाइम. अंट्स क्राइब दिस चैनल. [संगीत].
