Avoid These Baby Care Mistakes - Diapers, Rashes & Best Products | Dr Arpit Gupta |FO324 Raj Shamani
बॉडी प मालिश करते हैं बच्चों की बच्चा. रोते जा रहा है इज दैट राइट कॉमन. मिस्टेक्स विथ मसाज ऑइल विच आई कॉमन सी. मसाज के दौरान में ब्रेस्ट को स्क्विज कर. करके उससे मिल्क निकालने की कोशिश करते. हैं प्राइवेट पार्ट में ऑयल डालते हैं. उसको खोलने के लिए मेन विमेन दोनों के साथ. करते हैं मेन मेन पहले ये बताओ मुंडन. कराना चाहिए तो अगर आपको मुंडन कराना है. एक बार कराओ तो जो न्यू सेट ऑफ एयर आएंगे. वो इवन ही आएंगे बट जो थिकनेस आएगी दैट इज. नॉट डिटरमिन बाय द मुंडन इट इज डिटरमिन. बाय द जेनेटिक्स डू पेरेंट्स कम टू यू एंड. बी लाइक कि मेरा बच्चा काला हो या गोरा हो.
गया दो मिथ जो स्किन टोन को लेके इंडिया. में है नंबर वन मदर अगर प्रेगनेंसी में. केसर खाए तो बच्चा गोरा हो जाएगा मदर अगर. प्रेगनेंसी में चाय पिए तो बच्चा काला हो. जाएगा इट्स नॉट राइट स्किन टोन इज डिटरमिन. बाय द जेनेटिक्स तो आप उसको इनिशियली. बेबीज में चेंज नहीं कर सकते न्यूबर्न. बेबीज को बाहर कब एक्सपोज कर सकते हैं और. न्यूबर्न बेबीज को. इनिशियली कौन से दो-तीन इंग्रेडिएंट्स हैं. जो अवॉइड करने चाहिए यू शुड अवॉइड एनी. प्रोडक्ट विद पैरामिन इन इट तो आगे जाके. पीसीओएस इनफर्टिलिटी इ शूज आने का रिस्क. रहता है सेकंड इट शुड बी फ्री फ्रॉम लेट्स.
अल्कोहल देर वाज अ स्टडी बच्चों को टेल्क. वाले पाउडर्स मत लगाओ क्योंकि उससे लॉन्ग. टर्म उनके लंग्स खराब हो जाएंगे इज दैट. ट्रू हम सबको हेल्दी स्किन चाहिए इसीलिए. हम एक स्पेशल सीरीज लाए हैं जिसमें हम. एडवांसिंग स्किन हेल्थ फॉर एवरी स्किन. स्टोरी के बारे में बात करेंगे विथ. सेंसिटिव स्किन एक्सपर्ट सेटफिल ये उस. सीरीज का फर्स्ट एपिसोड है माय नीस. रिसेंटली टर्न वन और मेरी सिस्टर को ना.
बहुत कंफ्यूजन होती है कि क्या प्रोडक्ट. उसके स्किन पे यूज करने चाहिए या क्या. नहीं इसीलिए हमने सोचा कि यह एपिसोड बनाए. जिससे मेरी सिस्टर जैसे सारे न्यू. पेरेंट्स एंड फैमिलीज को हेल्प मिले एंड. एक एक्सपर्ट डॉक्टर की इंफॉर्मेशन उन तक. पहुंच जाए आज के हमारे गेस्ट हैं डॉक्ट. अर्पित गुप्ता हु इज अ गोल्ड मेडलिस्ट. एमडी पीडियाट्रिक्स इस एपिसोड में मैंने. उनसे कुछ इंपॉर्टेंट चीजें सीखी है जो. बेबीज की स्किन और हेल्थ को डायरेक्टली.
इंपैक्ट करता है क्या बेबी को हेयर ऑयल. लगाना चाहिए क्या बेबीज को ऑयल मसाजेस से. बेनिफिट होता है बेबी का स्किन केयर रूटीन. क्या होना चाहिए उसके पीछे साइंस क्या है. वच दिस एपिसोड टिल दी एंड और. [संगीत].
ऐसी कौन सी चीज है जो आपको लगती सबसे. ज्यादा मिसअंडरस्टूड है अबाउट बेबी स्किन. अबाउट बेबीज एंड योर प्रोफेशन अ फर्स्ट ऑफ. ऑल द थिंग इज जो बेबीज की स्किन होती है. इट इज वेरी सेंसिटिव एंड स्किन इज द. लार्जेस्ट ऑर्गन ऑफ द बॉडी तो उस स्किन को. बहुत ही लाइटली लिया जाता है बेबीज की जो. स्किन होती है इट इज वेरी जेंटल एंड ट्स. टू बी हैंडल्ड वेरी जेंटली बट बेबी के साथ. यूजुअली लोग अच्छे जेंटली रहते हैं ना. क्या खराब करते हैं व्हाट डू य थिंक व्हाट.
हैव यू सीन कि जो खराब होता है जो फाइव. कॉमन प्रॉब्लम्स व्हिच आई सी ऑन अ डेली. बेसिस इज नंबर वन इफ य स्टार्ट फ्रॉम द. हेड बच्चे के न्यूबॉर्न बेबी के सर पे खूब. सारा तेल भर के रख देते हैं अजूम कि इससे. जो सॉफ्ट स्पॉट है वो जल्दी भर जाएगा बट. दिस इज नॉट ट्रू जो सॉफ्ट स्पॉट होता है. वो अपने टाइम से बिटवीन 9 टू 18 मंथ्स. भरेगा तो तेल रखने से वो नहीं भरेगा जल्दी. इनफैक्ट ज्यादा तेर तेल रखने से या. एक्सेसिव ऑयल रखने से क्रेडल कैप जरूर हो. सकता है क्या होता है क्रेडल कैप क्रेडल.
कैप एक क्रस्टी लेयर जम जाती है बेबीज के. सर पे व्हिच लुक्स ग्रॉस दो कॉमन ट्रिगर्स. होते हैं एक बहुत ज्यादा तेल लगा के छोड़. दिया सर पे एंड सेकंड अगर आप हेड को वाश. नहीं करते हो एंड दिस इज अ वेरी कॉमन. प्रॉब्लम ऑफ क्रेडल कैप इन इंडिया ओके ये. बहुत सारे बच्चों को होता है बहुत बेबीज. को होता है ऑलमोस्ट एवरी थर्ड चाइल्ड इज. हैविंग दिस क्रेडल कैप प्रॉब्लम सो ये. फर्स्ट प्रॉब्लम यू सेड फाइव देयर आर. प्रॉब्लम्स देन सेकंड प्रॉब्लम व्हिच वी. सी कि तेल को प्राइवेट पार्ट में डालते. हैं जस्ट टू ओपन अप इन बॉयज ओपन अप द.
प्राइवेट पार्ट पेनिस बच्चा पैदा हुआ. देखते हैं कि प्राइवेट पार्ट ओपन नहीं है. ऑयल इंस्टल करती हैं झापा एंड ऑल उसको. खोलने के लिए इससे बेबीज को ना ही. इंफेक्शन का एक तो रिस्क रहता है प्लस ऑन. टॉप ऑफ दैट स्ट्रक्चर भी बनने का रिस्क. रहता है तो इसलिए वो प्राइवेट पार्ट में. ऑइल डिंग नहीं डालना है ये करते हैं बहुत. कॉमन है बहुत कॉमन है टिल नाउ आल्सो इन द. अर्बन सिटीज दे आर डूइंग इट स्पेसिफिकली. जो झापा सायर करते हैं वो उसको डे वन से. खोलते हैं तो हम कहते हैं सिक्स मंथ्स तक. आपको कुछ भी नहीं खोलना है आगे भी आपको. ऑयल से तो बिल्कुल ही नहीं खोलना है उसको.
देन द थर्ड एंड द थर्ड प्रॉब्लम विच वी सी. इन बेबीज दीज डेज आर बच्चा पैदा होने के. बाद वो उपता या बेसन लगाते हैं सोचते हैं. कि उससे वो फेयर हो जाएगा बट दज आर वेरी. हार्श फॉर द जेंटल बेबी स्किन तो वो सब. चीजें हमें अवॉइड करनी अवॉइड करनी चाहिए. ये तो आपने बहुत बेसिक में बता दिया लेट्स. गो डीप इन टू एवरीथिंग ओके बट उससे पहले. मुझे एक मिथ के बारे में बात करना है जब. हम बेबी स्किन केयर की बात करते हैं. इंडिया में लोग ऑब्सेस है कलर को लेके.
ट्रू राइट इंडिया में डू पेरेंट्स कम टू. यू एंड बी लाइक कि मेरा बच्चा काला हो गया. गोरा हो गया ब्राउन हो गया मुझे इसका. स्किन कलर बेटर करना है या खराब व्हाट एवर. आई डोंट नो आते मोस्ट कॉमन प्रॉब्लम. न्यूबर्न पीरियड में क्या होके आती है जब. बच्चा पैदा होता है वो काफी फेयर होता है. व्हाई बिकॉज द बेबी वाज इन अ प्रोटेक्टेड. एनवायरनमेंट इनसाइड द वूम वो एमनियोटिक. फ्लूइड से कवर्ड था बट जब वो बेबी बाहर. आता है इन द आउटसाइड वर्ल्ड ही गेट. एक्सपोज टू द एनवायरमेंट एक्सपोज टू द. पोल्यूशन टू द सनलाइट तो स्किन में.
मिलेनिन प्रोडक्शन बढ़ता है जिसकी वजह से. स्किन टोन डार्क होता है हम तो आफ्टर 101. डेज पेरेंट्स रिलाइज करता है कि मेरा. बच्चा काला होता जा रहा है डार्क होता जा. रहा है बट जो एक्चुअल स्किन टोन है बच्चे. का दैट कम्स आफ्टर सिक्स मंथ्स ऑफ एज एंड. दैट इज डिटरमिन बाय द जेनेटिक्स ऑफ द. चाइल्ड सो सिर्फ जेनेटिक्स है हो है. जेनेटिक्स बहुत कॉमन दो मिथ जो स्किन टोन. को लेके इंडिया में है नंबर वन मदर अगर. प्रेगनेंसी में केसर खाए तो बच्चा गोरा हो. जाएगा मदर अगर प्रेगनेंसी में चाय पिए तो. बच्चा काला हो जाएगा या फिर बच्चे को पैदा.
होने के बाद उतन या बेसन लगाओ तो बच्चे का. स्किन टोन फेयर हो जाएगा इट्स नॉट राइट. इट्स बेसिकली स्किन टोन इज डिटरमिन बाय द. जेनेटिक्स तो आप उसको इनिशियली बेबीज में. चेंज नहीं कर सकते सो जिन जिन को ऐसे. बिलीव है कि बच्चों का कलर चेंज हो जाएगा. व्हाट इज अ मैसेज मैसेज टू ऑल द पेरेंट्स. इज नंबर वन डोंट वरी अबाउट द स्किन टोन. एवरी स्किन टोन इज. ब्यूटीफुल एंड डोंट टेल योर चाइल्ड कीप ऑन. सेइंग कि आप डार्क हो या कुछ हो लेट देम. लव देम सेल्फ एंकरेज कॉन्फिडेंस इन देम.
एंकरेज सेल्फ लव इन देम अगर नहीं तो फिर. वो अभी नहीं तो एटलीस्ट लेटर ऑन इन. टीनएजर्स इट विल बॉदर देम या तो एंड सेकंड. आपको अगर कुछ करना है स्किन टोन के लिए आप. एट द मैक्स अपना नॉर्मल स्किन केयर रूटीन. फॉलो कर सकते हो विच इज बेसिक आप बस. नॉर्मल क्लींजिंग करो मॉइश्चराइज करो एंड. आप अगर सन में जा रहे हो तो आप सन. प्रोटेक्शन यूज कर सकते हो फिजिकल. सनस्क्रीन से दे आर अवेलेबल व्हिच आर. कंपलीटली सेफ आप ये बेसिक चीजें फॉलो. करोगे तो उससे क्या होगा जो आपका स्किन. टोन है वो मेंटेन रहेगा उससे और डार्क.
नहीं होगे बस दे अ कॉमन मिसकनसेप्शन और मे. बी कॉमन बिलीफ नाउ डेज जो इंटरनेट प बहुत. बड़ा बनते जा रहा है कि नेचुरल बेबी. प्रोडक्ट्स बहुत ज्यादा अच्छे होते हैं. बच्चों के लिए हाउ ट्रू इज दैट फर्स्ट ऑफ. ऑल देर इज नथिंग नेचुरल क्यों क्या नेचुरल. बेबी प्रोडक्ट सब में कुछ ना कुछ तो होता. है तो इतने जो स्किन केयर प्रोडक्ट्स आते. हैं जो कंपलीटली नेचुरल क्लेम करते हैं द. थिंग इज इट शुड बी द राइट प्रोडक्ट्स लाइक. द राइट इंग्रेडिएंट्स इफ द इंग्रेडिएंट्स. आर राइट फॉर योर स्किन देन इट्स फाइन सो.
[संगीत]. दैट्ची पढ़ रहा था उसमें उन्होंने उस. स्टडी में बताया कि बहुत सारे जो नेचुरल. प्रोडक्ट्स हैं वो बेबी के लिए ज्यादा. हार्मफुल हो सकते हैं बज ऑफ पीएच बैलेंस.
उनमें बहुत हाई होता है बिकॉज ऑफ नेचरल. नेचुरल इंग्रेडिएंट्स एंड वो स्किन बैरियर. खराब कर सकता है वर्सेस हेल्प करने की जगह. इज दैट ट्रू या बिकॉज ट्स वई आम सेइंग यू. शुड रीड द पीएच शुड बी बैलेंसड ऑफ 5.5 एंड. इफ द पीएच इज नॉट बैलेंस्ड आपका जो स्किन. बैरियर है वो डिसर पट हो. जाएगा बट फिर ये इतना इतना ज्यादा बड़ा. बिलीव क्यों है कि नेचुरल प्रोडक्ट यूज. करो एक वेव चल रही है कि नेचुरल ही. प्रोडक्ट लगाने चाहिए बच्चों को बेसिक. क्ली द थिंग इज नेचुरल चीजों को कंबाइन.
करके अब बेबी प्रोडक्ट्स आ रहे हैं बट. उसमें इट्स नॉट दैट कि वो कंप्लीट उसको. कस्टमाइज किया जा रहा है सो दैट इट इज फिट. फॉर द बेबी स्किन हम जैसे कि आप कहेंगे इफ. यू आर यूजिंग सम कैलेंडुला एक्सट्रैक्ट और. इफ यू आर यूजिंग एनी प्रोडक्ट सो उसको जो. भी बेनिफिशियल इंग्रेडिएंट्स है उसको अब. बेबी प्रोडक्ट्स में. इनकल्केट्स हटा रहे हैं 100% नेचुरल कुछ. नहीं होता 100% नेचुरल कुछ भी नहीं है आज. की दुनिया में 100% नेचुरल कुछ भी नहीं है. नॉट इवन फूड इज 100% नेचुरल बचर डेड वि. नहीं है जो 100% नेचुरल है 100% नेचुरल.
नथिंग दे नथिंग कॉल्ड नेचुरल ना नेचुरल तो. इ समथिंग व्हिच इज टेकन फ्रॉम द सोइल एंड. अप्लाई इट तो यू कांट अप्लाई इट बिकॉज इट. इट विल डू मोर हार्म देन गुडन गुड सो इट. नीड्स टू बी कस्टमाइज अकॉर्डिंग टू द बेबी. एंड कैन बी यूज देन एंड देन देर आर लॉट ऑफ. पीपल जो बच्चों को कोकोनट ऑयल लगाते हैं. मस्टर्ड ऑयल लगाते वो भी नेचुरल नहीं वो. तो नेचुरल हुआ ना कोकोनट ऑयल इज फाइन. मस्टर्ड ऑयल इ लिटिल हार्श फॉर द बेबी सो. बट अभी भी रूरल एरिस में मस्टर्ड ऑयल काफी.
लगाते हैं बट वी सी सो मेनी केसेस ऑफ. एलर्जी विद मस्टर्ड ऑयल सो एवरी स्किन इज. डिफरेंट सो इफ इट्स सूटिंग यू देन इट्स. फाइन इट्स योर कॉल बट एज अ पीडियाट्रिशियन. वी नेवर रिकमेंड मस्टर्ड ऑयल बिकॉज वीी. हैव सीन सो मेनी एलर्जिक रिएक्शन वि. मस्टर्ड ऑयल सेफेस्ट ऑफ ऑल इज कोकोनट ऑयल. आई ऑलवेज एडवाइज कोकोनट ऑयल दैट इज द. बेस्ट एंड मस्टर्ड मस्टर्ड यू हैव टू बी. वेरी केयरफुल बिकॉज न तो बहुत यूज होता है. मस्टर्ड ऑयल बहुत भी बहुत देखते हैं ड्यू.
टू मस्ट क्या एलर्जी होती है मस्टर्ड. स्किन रिएक्शन होते हैं सर पे कडल कैप. होता है सफर एलर्जिक रिएक्शन हो जाते हैं. दे सम टाइम्स डेवलप एजीमा आल्सो आफ्टर इट. सो. दैट्ची टेस्ट कि यहां कोई एलर्जी नहीं हो. रही है ठीक है बट रेगुलरली आई वुड से मे. बी 40 % ऑफ द बेबीज दे डोंट रिएक्ट रियली. वेल विद मस्टर्ड ऑयल बट अ मेजॉरिटी ऑफ द.
बेबीज दे रिएक्ट वेल विद कोकोनट ऑल एंड ये. जो बॉडी में मालिश करते हैं बच्चों की. न्यू बोर्न्स कोसे मैं आई हैव सीन दबा. दबाए करते हैं बच्चा रोते जा रहा है इज. दैट राइट नो म फाइव कॉमन मिस्टेक्स विद. मसाज ऑयल व्हिच आई कॉमन सी कॉमनली सी इज. नंबर वन वो बच्चे के तेल को मसाज के दौरान. बच्चों के कान में नाक में डालते हैं इससे. इंफेक्शन होने का रिस्क रहता है कान और. नाक में नंबर टू मसाज के दौरान में. ब्रेस्ट को स्क्विज कर कर के उससे मिल्क. निकालने की कोशिश करते हैं उससे ब्रेस्ट.
एब्सेस होने का रिस्क रहता है न्यूबर्न. बेबीज को बच्चों के ब्रेस्ट में से मिल्क. निकालते हैं अभी भी रूरल एरियाज में लगता. है हल्की सी स्वेलिंग है उसको कंप्रेस. करते हैं मसाज के टाइम पे कि उसे विचेस. मिल्क कहते हैं उसको वो निकालने की कोशिश. करते हैं एंड अल्टीमेटली दे लैंड अप इन. ब्रेस्ट एब्सेस पूरा एब्सेस बन जाता है. फिर क्या होता है एब्सेस एब्सेस बेसिकली. पस बन जाती है यहां पे फिर लास्ट में उनको. मेडिसिंस दो सम टाइम्स हमें ये बच्चों के. साथ करते हैं लोग करते हैं मसाज के दौरान. उनका ब्रेस्ट दबा दबा के उसको स्कवीज कर. करके उसमें से मिल निकालने की कोशिश करते.
हैं जिसकी वजह से वहां पर और इंफेक्शन और. एब्सेस हो जाता है थर्डली मसाज बहुत विगर. असली की जाती है कई जगह कि इंजरी वीी हैव. सीन हम सबसे कॉमनली होता है ये क्लेविकल. बच्चे की बहुत फ्रेजा इल होती है इतनी. जोर-जोर से मसाज करने के बाद क्लेविकल. इंजरी वी हैव सीन मतलब ऑलमोस्ट एवरी वीक. आई सी टू टू थ्री केस ऑफ क्लेविकल इंजरी. बिकॉज ऑफ हार्श मसाज एंड नंबर फोर. प्राइवेट पार्ट में ऑयल डालते हैं उसको. खोलने के लिए तो बट सिक्स मंथ्स तक आपको. प्राइवेट पार्ट नहीं खोलना होता है मेन. वमन दोनों के साथ करते हैं मेन मेन बॉयज.
पेनिस खोलने के लिए सोचते हैं कि नहीं. उससे खोलेगा बट सिक्स मंथ्स तक यू शुड पुट. एनी ऑयल इन इट सिक्स मंथ्स के बाद अगर. आपको करना भी है तो सिंपल प्लेन वाटर से. करो नॉट विद एनी ऑयल और क्या होता है उसे. अगर ऐसे करते हैं तो व्हाट हैपेंस व्हाट. दे डू इज दे पुट ऑइल एंड ट्राई टू ओपन इट. बट अगर आप करोगे एक तो यूरिन में इंफेक्शन. होने का रिस्क रहता है नंबर टू फोर्सली आप. करोगे तो वो ख उस टाइम प तो टेंपररी. खुलेगा बट स्ट्रक्चर बन जाते हैं तो वो. लॉन्ग टर्म में फिर वापस बंद हो जाएगा एंड. स्ट्रक्चर बन जा है स्ट्रक्चर मतलब.
स्ट्रक्चर एज इन वो चुपक जाता है वके तो. इट शुड बी डन इससे क्या प्रॉब्लम्स आती है. फ्यूचर में आगे जाके फिर फाइमोसिस होने का. रिस्क रहता है क्या होने का फाइमोसिस वो. क्लोज अटैच स्किन हो जाती है वहां पे एंड. इट्स पेनफुल एंड हां फिर बाद में फिर वो. सर्जिकल करना पड़ता है उसको खोलने के लिए. वो सब चीज तो इट इज बेटर नॉट. टू हैंडल इट लीव इट फॉर फर्स्ट सिक्स. मंथ्स एंड डोंट डू एनीथिंग एंड जो जोर-जोर. से ऐसे मालिश करते हैं ताकि बच्चे की बोन. स्ट्रांग हो जॉइंट स्ट्रंग हो यह मिथ है.
कि इससे कुछ होता है देखो एडवांटेजेस हैं. मसाज के क्या है एक नंबर वन बॉन्डिंग बनती. है बिटवीन द केयर गिवर एंड द चाइल्ड नंबर. टू इट हेल्प्स इन डाइजेशन वो बच्चे के. कोलिक इश्यूज भी काफी कम करता है नंबर. थ्री इट हेल्प्स इन प्रमोटिंग स्लीप ठीक. है एंड आपके बोनस और यह सब स्ट्रांग. इंटरनली तो नहीं बट हां इट्स अ फॉर्म ऑफ. एक्सरसाइज आप खुद देखोगे आप एक्सरसाइज. करोगे तो आपका इंटरनली थोड़े स्ट्रांग. होते हो तो इट इज इट्स नॉट रिसर्च प्रूवन.
इंडिया में एज ओल्ड तरीके से पहले से किया. जाता था मसाज पहले से किया जाता था अब. वेस्टर्न में अब इसको हाईलाइट किया जा रहा. है कि नहीं आप ऐसे मसाज करोगे तो आपका ऐसा. ये प्रमोट होएगी स्लीप ऐसे मसाज करोगे तो. अब आपका डाइजेशन बेटर होगा तो यह सब चीजें. इंडिया में कई सालों से की जा रही थी. हालांकि अभी तक देर इज नो साइंटिफिक. रिसर्च कि बोन स्ट्रांग होती है बट ओवरऑल. मसाजिंग इज गुड फॉर योर चाइल्ड एज फर एज द. चाइल्ड इज एंजॉयिंग इट इट शुड बी अ टॉर्चर. फॉर द चाइल्ड बट यूजुअली तो बच्चे रोते. हैं जब कर रहे होते हो नहीं होता इट शुड. बी अ जेंटलमैन मसाज यू शुड इंटरेक्ट विद द.
चाइल्ड मेक आई कांटेक्ट इट शुड बी कि आप. फोन देख रहे हो और मसाज कर रहे हो नहीं. एंड कौन सा मसाज ऑयल सही है क्या. इंग्रेडिएंट्स होने चाहिए मसाज ऑयल के. अंदर जिससे आपको पता चलता है कि ये ऑयल. सही है देखो फॉर द समर्स आई रिकमेंड. कोकोनट ऑयल फॉर विंटर्स आई से ऑलिव ऑयल. प्लस देयर आर सो मेनी बेबी मसाजेस ऑयल. व्हिच आर अवेलेबल इन द मार्केट तो यू शुड. रीड द लेबल फर्स्ट एंड अगर उसमें ग्लिसरीन. है प्लांट ऑइल्स है कैलेंडुला. एक्सट्रैक्ट्स हैं देन इट्स सेफ टू यूज.
फॉर देम बट ऑलवेज बीट व्ट्स एवर ऑइल आप. हमेशा एक पैच टेस्ट करो देखो इफ इट सूटिंग. योर स्किन इफ इटस सूटिंग योर स्किन यू कैन. कंटिन्यू विद द मसाज वन मोर थिंग वी. टॉकिंग अबाउट स्किन लेट्स टॉक अबाउट हेड. स्कल्प बहुत ज्यादा सेंसिटिव होता है. बच्चों का पहले ये बताओ मुंडन कराना चाहिए. इट्स अ वेरी पर्सनल चॉइस तो अगर पेरेंट्स. आस्क मी कि मैं अपने बच्चे का मुंडन करा. हूं आई टेल देम कि अगर आपका कोई रिलीजियस. सेंटीमेंट है या ट्रेडीशन है यू कैन गो. फॉरवर्ड द फैक्ट इज जो बच्चे जब पैदा होते.
हैं तो जो उनके सर पर बाल होते हैं वो दैट. इज डिसाइडेड बाय द मैटरनल हार्मोस हम. बेबीज के जो हेयर होते हैं वो थ्री टू. सिक्स मंथ्स तक उड़ जाते हैं हेयर फॉल. होना स्टार्ट हो जाता है पेरेंट्स पैनिक. करते हैं बच्चे के बाल उड़ते जा रहे हैं. एंड दैट इज नॉर्मल बिकॉज जो मैटरनल सप्लाई. था हार्मोस का वो कट हो गया हां बाद में. जो न्यू सेट ऑफ हेयर आता है बिकॉज ऑफ द. न्यू हेयर ग्रोथ साइकल दैट इज डिटरमिन बाय. द जेनेटिक्स तो वो जो जेनेटिक्स है वो. डिसाइड करेगा जो बाल आएंगे कि वो किस.
टेक्सचर में होगा कितनी थिकनेस में होगा. क्या कलर में होगा तो अगर आप मुंडन कराते. हो तो द फैक्ट इज कि वो जो अनइवन हेयर. सारे हट गए तो जो न्यू सेट ऑफ हेयर आएंगे. वो इवन ही आएंगे तो दिखने में थिक लगते. हैं बट जो थिकनेस आएगी दैट इज नॉट डिटरमिन. बाय द मुंडन इट इज डिटरमिन बाय द. जेनेटिक्स तो अगर आपको मुंडन कराना है एक. बार कराओ बट द थिंग इज यहां पे कहानी खत्म. नहीं होती है पेरेंट्स ये सोचते हैं मैं. दूसरी बार मुंडन कराऊंगा और अच्छे बाल. आएंगे थर्ड टाइम मुंडन करेंगे और अच्छे. बाल आएंगे तो दैट इज कंपलीटली रंग पर.
बच्चे को मुंडन कराने से कुछ फायदा होता. है फायदा नहीं है बस ये रिलीजियस. सेंटीमेंट रिलीजस सेंटीमेंट्स है एंड. दिखने में थोड़ा सा जब न्यू इवन हेयर आते. हैं तो पेरेंट्स खुश होते हैं कि हां ये. इवन हेयर आ रहे हैं क्योंकि पहले वाले जो. हेयर होते हैं वो अनइवन होते तो इट इ जस्ट. लाइक दैट तो आप कराओ ओके सर पे लोग तेल. लगाते हैं अपने बच्चों को बहुत ज्यादा इस. उम्मीद में कि ज्यादा तेल लगाएंगे ज्यादा. मालिश करेंगे तो उनका सर डेवलप होगा इज इट. ट्रू फर्स्ट पार्ट जो लगाते हैं बहुत.
ज्यादा दैट इज ट्रू बट उससे सर डेवलप होगा. वो ट्रू नहीं है जो बेसिकली उनका कांसेप्ट. पहले क्या होता था वो सर पे तेल लगा के. छोड़ देते थे भर भर के लगाते थे ये नहीं. कि हल्का सा लगा रहे हो अजूम मिंग कि ये. जो सॉफ्ट स्पॉट है जिसको हम एंटीरियर फटल. कहते हैं वो भर जाएगा जल्दी हां बट द. फैक्ट इज ये जो सॉफ्ट स्पॉट है वो अपने. टाइम से 9 टू 18 मंथ्स में ही भरेगा कुछ. भी कर लो उससे पहले नहीं भरेगा नहीं तेल. अगर आप बहुत देर तक लगा के छोड़ दोगे एंड. स्पेसिफिकली एक्सेसिव तेल लगा के छोड़. दोगे तो वहां पे प्रोडक्शन होगा एंड बच्चे.
को क्रेडल कैप होने का या हेयर में फंगल. इंफेक्शन होने का रिस्क रता और उससे क्या. प्रॉब्लम होती है इचिंग होने लग जाती है. इरिटेशन होती है क्या होता है उससे. बेसिकली एक क्रस्टी लेयर बन जाती है और उस. क्रस्टी लेयर से होता क्या है प्रॉब्लम. कुछ नहीं होती है इट लुक्स ग्रॉस ठीक है. तो वो देखने में पूरी क्रस्ट क्रस्ट लेयर. बन जाती है वो देखने में अच्छा नहीं लगता. है हालांकि उससे कोई इचिंग नहीं होती है. बट हां फंगल इंफेक्शन होने का भी रिस्क. रहता है जो फिर अगर हो गया तो व चेहरे पर. भी फिर फैल जाता है तो इसलिए अगर आपको. ऑयलिंग करनी है सर पे नहाने से पहले कर. नहाने से हाफ एन आर पहले करो एंड फिर आप.
उसको अच्छे से शैंपू यूज कर सकते हो एंड. उतना तेल लगाओ बॉडी पे या सर पे कि वो. एब्जॉर्ब हो जाए तो ऑयलिंग आई नेवर से नो. आपको करना है आप ऑयलिंग करो इट्स गुड देर. इज नो हार्म अगर वो आपके बच्चे के स्किन. को सूट कर रहा है ऑयलिंग इज वेरी गुड बट. अगर आपके बच्चे को ऑयल सूट नहीं कर रहा है. तो आपको जबरदस्ती ऑयलिंग नहीं करनी है य. लोग ऑयल के अलावा बहुत सारी चीजें लगाते. हैं कोई मलाई लगा देता है अपने बच्चे को. दूध लगा देता है अपने बच्चों को इज इट. लाइक इज इट इंपोर्टेंट इज इट एडवांटेजेस.
कुछ फर्क पड़ता है देखो ट्रेडिशनल काफी. लोग अभी भी दूध लगाते हैं अपने बेबी की. स्किन पे कुछ बेबी को सूट करता है कुछ. बेबी को सिवियर एलर्जिक रिएक्शन हो जाते. हैं तो आई टेल देम कि अगर आपको लगाना है. इट्स योर पर्सनल चॉइस बट डू अ पैच टेस्ट. आप लगा के देखो अगर उनको सूट कर रहा है आप. करो ठीक है बी इट एनी मॉइस्चराइजर आपको जो. लगाना है आपको ऑयल लगाना है आपको मिल्क. लगाना है आपको जो लगाना है आप लगाओ बट.
डोंट यूज इट अगेन इफ इट्स कॉजिंग एनी. एलर्जी और रिएक्शन टू योर चाइल्ड तो आप. देख के लगाओ बिकॉज़ अभी तक मिल्क पे कोई. स्टडीज नहीं हुई है कि मिल्क लगाओ तो क्या. बेनिफिट्स होंगे या क्या नुकसान होंगे बट. मिल्क यूजुअली लोग लगाते हैं ताकि बच्चे. गोरे हो जाए स्किन टोन में तो ज्यादा फर्क. नहीं पड़ेगा बट हां हाइड्रेशन इंप्रूव. होता है बट अगेन वो लगाने के चक्कर में कई. बेबीज को एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है तो. इसलिए वी डोंट रिकमेंड इट टू ऑल जो. पर्सनली यूज कर रहे हैं अगर स्किन को सूट. कर रहा है यू कैन गो फॉरव ओके एंड लोग घी.
लगाते हैं ड्राई स्किन पे वो लगाना चाहिए. उसके कोई बेनिफिट है अगेन लोग घी लगाते. हैं टू कीप द स्किन मॉइश्चराइज्ड कुछ. बेबीज को सूट करता है दे कैन गो फॉर इट बट. मेजोरिटी बेबीज को घी सूट नहीं करता है. उससे पोर्स सारे क्लॉक हो जाते हैं एंड. एलर्जी करके आते हैं हमारे पास तो इट. डिपेंड्स ऑन स्किन टाइप कौन से दो तीन. इंग्रेडिएंट्स है जो अवॉइड करने चाहिए. बेबी स्किन केर प्रोडक्ट्स में यू शुड. अवॉइड एनी प्रोडक्ट विथ पैराबेन इन इट. बिकॉज उससे एंडोक्राइन डिसर पशन होता है. एंडोक्राइन हार्मोस पूरे डिस्ट्रक्ट होते.
हैं क्या होता है एंडोक्राइन बेसिकली. हार्मोन जो प्रोडक्शन होता है बॉडी में वो. डिस्ट्रक्ट हो जाती है वो साइकल डिसब हो. जाती है तो आगे जाके पीसीओएस इनफर्टिलिटी. इ शूज आने का रिस्क रहता है अगर आप. पैराबेन प्रोडक्ट्स फॉर अ लॉन्ग टाइम यूज. करोगे तो ओके सेकंड इट शुड बी फ्री फ्रॉम. लेट्स अल्कोहल इट शुड बी फ्री फ्रॉम टैल्स. एज यू ऑल नो टैल्स इज लिंक्ड विद कैंसर. बिकॉज ऑफ एस्बेस्टस इन इट सो दीज आर द. थिंग्स यू शुड लुक फॉर लेट मी चेक आईम. चेकिंग व्ट आर द इंग्रेडिएंट्स इन दिस वन.
ओके एंड यू टेल मी इफ दिस इज राइट टू यूज. र. नो दिस इ शिया बटर इज दैट ओके याट्स फाइन. सनफ्लावर ऑयल ट प्लांट ऑइल दैट फाइन देन. दे हैव आल्सो पुट विटामिन ई बट अपार्ट. फ्रॉम इट लेट म ट्रा ओके रज. द नाउ यू आर स्टार्टिंग द ट्रें विद रीड द. लेबल नो आई एम ट्रांग टू सी ना कि सही. क्या है गलत क्या है सो.
हीलि थस ये क्या होता है हीलिस एनस सीड. ऑयल सीड वेल्स दिस आर ल प्लांट बेस्ड ल. बेसिकली इ इट ओके सो इट्स फाइन ओके देन. पाकी बटर बेसिकली एस फार एस इट्स पैराबेन. फ्री इफ इट्स हाइपो एलर्जेनिक इफ इट्स. पीएच बैलेंसड एंड स्पेसिफिकली डिजाइंड फॉर. बेबीज ओके इ टू इंग्रेडिएंट्स विच आई वा. हाईलाइट टेल मी इफ इट्स गुड और बैड फॉर. किड्स कैलेंडुला फ्लावर एक्सट्रैक्ट इट. हैज एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज इट्स.
वेरी गुड इट्स वेरी गुड ओके क्या होता है. एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज बेसिकली इट्स. अ प्लांट एक्सट्रैक्ट सो इट्स लाइक अ क्या. बेनिफिट होता है इसका वो इंफ्लेमेशन स्किन. में कोई भी रेडनेस हो इचिंग हो इंफ्लेमेशन. हो उसको कम करता है कैलेंडुला एक्सट्रैक्ट. ओके सो इट इज गुड देन इट गुड देन इट ज. साइट्रिक. एसिड इज ट गुड फाइन कुछ प्रॉब्लम नहीं. होती इस क्यों एसिड इवन इज अ केमिकल h2o.
अच्छा एवरीथिंग अराउंड इवन ऑक्सीजन इज. केमिकल o2 तो इट्स गुड थिंग और वर्सस द. बैड थिंग एस फर एज इट्स नॉन टॉक्सिक देन. इट्स फाइन आई एम श्यर नॉन टॉक्सिक तो होगा. बिकॉज द ब्रांड इज वेरी बिग एंड दे आर. वेरी जेंटल सो आईम नॉट ली वड इट इज. पैराबेन फ्री दैट इज वेरी इंपोर्टेंट इट. शुड बी पैराबेन फ्री फॉर शर अरवा लॉन्ग. टर्म इट्स इट हैज शिया बटर विटामिन ई. पैराबेन फ्री नॉन इरिटेटिंग जेंटल सेंट.
देन सीड ऑयल देन कैंडला फ्लावर. एक्सट्रैक्ट साइट्रिक. एसिड देन इट. हैज ओके हां ऑलमोस्ट सेम ही यही है बस. उसके अलावा तो कुछ ऐसे कोई मेजर. इंग्रेडिएंट्स अ प्रॉब्लम ओके. डर्मेटोलॉजिस्ट टेस्टेड फॉर बेबीज डेलिकेट. स्किन डू यू थिंक ये सही होता है हां मतलब. इफ इट्स फ्रॉम अ ट्राइड इंटरेस्टेड ब्रांड. इफ इट्स बेबी फ्रेंडली इट्स फाइन आईम. ट्राईंग ू आस्क यू क्वेश्चंस बिकॉज आई वा.
नो आई यूज सेटफिल मतलब मैं पर्सनली यूज. करता हूं बट इज इट सेफ फॉर बेबीज आल्सो नो. ट्स अ क्वेश्चन ट्स अवे ओनली वेरी फ्यू. वेरी फ्यू ब्रांड्स विच यू से आर सेव नाउ. देयर आर हंड्रेड्स ऑफ प्रोडक्ट्स वेरी. फ्यू आर सेव यू थिंक सेटफिल इ सेफ या इट. सेफ आई आई यूज देर मॉइस्चराइजर एंड आई बीन. यूजिंग इ सिंस अ वाइल नाउ इन फैक्ट आई. थिंक मेरा एकदम बेसिक जो स्किन केयर ही हो. गया है वो उसमें एक मॉइस्चराइजर है एक सरम. है और एक उसका सनस्क्रीन है बस हां इट दिस. इज द द स्किन रूटीन फ्रॉम न्यूबर्न टिल.
एडल्ट इ सेम इट इज सीएमपी हम क्लींजिंग. मॉइस्चराइजिंग एंड प्रोटेक्शन फ्रॉम सन हम. इसमें कोई कोई रॉकेट साइंस नहीं है कोई. बहुत एडवांस नहीं है क्लींजिंग इज बेबी को. डेली लाना है दैट इज क्लींजिंग. मॉइस्चराइजिंग आपको बेबी की स्किन. मॉइश्चराइज रखनी है विद अ गुड बेबी. मॉइस्चराइजर एंड लास्ट इज प्रोटेक्शन. फ्रॉम द सन अगर बच्चा बाहर धूप में खेलने. जा रहा है बहुत देर के लिए या फिर. स्विमिंग के लिए जा रहा है तो बेबी आल्सो. नीड्स. अ फिजिकल सनस्क्रीन एंड नॉट अ केमिकल.
सनस्क्रीन बिकॉज फिजिकल सनस्क्रीन इज सेफ. फिजिकल सनस्क्रीन क्या होता है फिजिकल. सनस्क्रीन आर मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन ओके. फिजिकल सनस्क्रीन और केमिकल सनस्क्रीन में. क्या डिफरेंस होता है जो फिजिकल सनस्क्रीन. है इट सिट्स ऑन टॉप ऑफ द स्किन एंड जो भी. यूवी रेज आती है उसको रिफ्लेक्ट कर देता. है हम तो इट इज नॉन हार्मफुल वेर एज द. केमिकल सनस्क्रीन होते हैं दे हैव. केमिकल्स इन इट जो यूवी रेज को एब्जॉर्ब. करता है हीट में कन्वर्ट करता है एंड देन. रेडिएट्स तो दैट व् वी डोंट रिकमेंड. केमिकल सनस्क्रीन फॉर द चिल्ड्रन वी ऑलवेज. रिकमेंड फिजिकल सनस्क्रीन अ फॉर द.
चिल्ड्रन इन फैक्ट फॉर द एडल्ट्स आल्सो यू. शुड ट्राई टू यूज़ अ फिजिकल सनस्क्रीन. इट्स सेफर बट बच्चों को सनस्क्रीन चाहिए. सिक्स मंथ से नीचे वी डोंट एडवाइज. सनस्क्रीन उसमें आप फिजिकल प्रोटेक्शन दो. इन द इन द फॉर्म ऑफ शेड्स आप फुल स्लीव्स. के अ कॉटन क्लॉथस लूज फिटेड पहना दो आप. हुडेड स्ट्रॉलर में ले जा सकते हैं बच्चे. को आप ब्रॉड हैट पहना सकते हो अबब सिक्स. मंथ्स अगर बच्चे फिजिकल एक्टिविटीज आउटडोर. में खेलने जा रहे हैं काफी देर लिए छ. महीने बाद क्या खेलने जाएगा नहीं अब बाद.
में सपो आप पिकनिक पे जा रहे हो दो तीन. साल बाद एक दो साल बाद आप पिकनिक पे जा. रहे हो ग्राउंड में ओपन स्पेस जहां पे. डायरेक्ट धूप आनी है दो-तीन घंटे के लिए. जाना है या फिर आगे जाके आप स्विमिंग में. बच्चे को डाल रहे हो तब हां चाहिए बिकॉज. वो प्रोटे इट प्रोटेक्ट्स फ्रॉम द. हार्मफुल यूवी रेस साबुन लगाना चाहिए. बच्चों को देखो साबुन में भी बेसिकली. बच्चों में क्लींजस दो तरह के होते हैं एक. सॉलिड क्लींजर्स और एक लिक्विड क्लींजर. जिसको हम बॉडी वॉश कहते हैं जो सॉलिड. क्लींजर्स होते हैं उसमें दो चीजें होती. है एक सोप एक सेंडेड बार्स लोगों को.
डिफरेंस नहीं पता लोगों को लगता है सेंडेड. बार और सोप दोनों सेम है साबुन बताओ क्या. होता है डिफरेंस तो जो सेंडेड बार होता है. और एक सोप सोप जो होता है वो काफी हार्श. होता है उनका पीएच 9 टू 10 रहता है एंड इट. डिसर प्स द नेचुरल ऑयल फ्रॉम द स्किन वेर. एस जो सिेट बार्स होते हैं उसका केमिकल. कंपोजीशन ऐसा है कि इट इज वेरी माइल्ड द. पीएच इज मैच्ड विद द स्किन दैट इज 5.5 एंड. उसे नेचुरल ऑइल्स भी प्रिजर्व रहते हैं. तो अगर आपको सॉलिड क्लींजर यूज करना है.
बार यूज करना है तो इट शुड बी अ सेंडेड. बार एंड नॉट अ सोप एग्जांपल दो दोनों का. एक एक ब्रांड का सेंड बर्स जैसे मेनी. कंपनीज इवन सेफल बेबी इ आल्सो हैविंग एंड. मेनी सो मेनी ब्रांड्स आर हैविंग सेंड. बर्स विच इज पीएच बैलेंस हाइपो जनिक एंड. सोप्स तो आपके जैसे डेटोल के सोप्स है तो. टन लाइ न से नहीं लाना चाहिए बच्चों बेबीज. को नहीं दज आर सोप्स क्यों डेटन तो या. ट्रस्टेड ब्रांड है दुनिया किया है पीएच. इज नॉट बैलेंस्ड ना वो सारा नेचुरल ऑयल जो.
स्किन का है वोन लोग तो बाल्टी में ऐसे एक. एक वो एक क्या बोलते हैं एक कप बाल्टी में. एक कप डेटॉल डाल देते हैं उस पानी से लाते. हैं बच्चों को हा नॉट रेकमेंडेड इट इज. वेरी हार्श फॉर द जेंटल बेबी स्किन क्या. होता है उससे वही जो नेचुरल बैरियर है ना. वो डिस्ट्रक्ट होगा बिकॉज दोज आर वेरी. स्ट्रांग फॉर द बेबी स्किन ओ बार-बार हम. बात करें नेचुरल बैरियर डिस्टक्ट होगा. नेचुरल बैरियर होता क्या है और उसके. डिस्ट्रक्ट होने से क्या होता है बेसिकली. नेचुरल बैरियर जो बच्चे की लेयर्स जो होती. है फर्स्ट ऑफ ऑल जो न्यूबर्न बेबी की.
स्किन होती है इट इज डिफरेंट फ्रॉम द. एडल्ट स्किन न्यूबर्न बेबी की जो स्किन है. इट इज 30 पर थिनर कंपेयर्ड टू द एडल्ट. स्किन ओके न्यूबर्न बेबीज की स्किन से. फाइव टाइम्स मोर वाटर लॉस होता है. कंपेयर्ड टू द एडल्ट स्किन इसलिए वो बहुत. जल्दी डिहाइड्रेट हो जाती है ठीक है एंड. थर्डली जितने भी केमिकल्स प्रिजर्वेटिव्स. इरिटेंट्स एलर्जेंस होते हैं वो बहुत ही. जल्दी पेनिट्रेट कर जाते हैं न्यूबर्न. स्किन के क्योंकि ब क्योंकि लेयर पतली है. लेयर पतली है एंड इसलिए उनकी स्किन काफी. सेंसिटिव होती है ये जितनी लेयर्स होती.
हैं स्किन में दीज आर ऑल द प्रोटेक्टिव. लेयर्स प्र हां तो अगर वो जितने भी हम. हार्श प्रोडक्ट यूज करेंगे हायर पीएच यूज. करेंगे तो वो लेयर्स को डिस्ट्रक्ट करेगी. जिसकी वजह से स्किन बिकम ससेप्टिबल टू द. आउटसाइड एनवायरमेंट एंड वो बैरियर डिपट. अगर हो जाएगा तो क्या होगा बच्चे को स्किन. इंफेक्शन का रिस्क रहता है कौन-कौन से. स्किन इंफेक्शन हो सकते हैं वी सी सो मेनी. केसेस ऑफ फंगल इंफेक्शन इन स्किन वी सी. केसेस ऑफ स्टाफिल कोकस इंफेक्शन दैट इज.
एमेटिक इन स्किन वी सी लॉट ऑफ केसेस ऑफ. स्किन एलर्जी एमास एटो पिक डर्मेटाइटिस ये. सब आपने बहुत हैवी वर्ड्स लिए मुझे सिंपल. वर्ड्स में समझाओ क्या होता है मतलब देखो. अ बेसिकली इंफेक्शन आप कोई भी काच से कर. सकते हो इट बिकम एक्सपोज्ड आपने वो बैरियर. अगर डिस्टर्ब कर दिया तो इट बिकम. एक्सपोज्ड अगर वो बैक्टीरिया से एक्सपोज. होगा तो बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है. जैसे दिखेगा हाथ में अलग से ही पैच बन. जाएगा पच बन जाते लाल हो जाएगा पस भर. जाएगा क्या होता है कई बार पस शूल्स बन. जाते हैं पस पस पस बनते हैं तो यू दोज आर. यूज बैक्टीरियल ठीक है कई बार हनी कोम.
अपीयरेंस बन जाती है हनी की तरह बिल्कुल. क्रस्ट बन जाते हैं दोज आर आल्सो स्टफ. बैक्टीरिया से होते हैं कई बार फंगल. इंफेक्शन हो जाते हैं विदर रिंग वर्म की. तरह हो जाते हैं फंगल इंफेक्शन पैचेज हो. जाते हैं तो वो भी एक तरीके का इंफेक्शन. रहता है एंड बहुत बार मैंने देखा है. बच्चों की स्किन निकलने लग जाती है ऐसा. लगता है इट्स ड्राई लाइक इट इज गेटिंग आउट. तो वो क्या होता है वो बेसिकली. डिहाइड्रेशन एज आई हैव टोल्ड कि स्किन. बहुत जल्दी वाटर लॉस करती है तो बहुत. जल्दी डिहाइड्रेट हो जाती है ट्स व्. मॉइश्चराइजेशन इज वेरी इंपोर्टेंट फॉर द. किड्स सो दे नीड मॉइश्चराइजेशन सो आइडियल.
स्किन केयर रूटीन फॉर बेबीज न्यू बोर्न्स. में इफ वी टॉक अबाउट पहले सात से 10 दिन. बच्चे को सिर्फ लकम वाटर से स्पंजिंग करनी. है सिर्फ आपको लकम वाटर से बदन पहुंचना है. वंस द मलाइकलम फॉल्स तब आप बच्चे को निला. सकते हो रूटीन लाते वक्त क्या ध्यान रखना. है कितने दिन बाद निला सकते हो 10 से टू. 10 डेज जब वो एलाइक कॉड फॉलो जाती है क्या. होता है अलाइक कड जो नाभी होती है अलाइक. कॉड वो नाभी जब गिर जाती है उसके बाद आप. बच्चे को निला सकते ठीक है जब आप लाते हैं. तो ये पॉइंट्स का ध्यान रखें बेदिंग में.
पानी शुड बी लूक वर्म बहुत ज्यादा हॉट. नहीं होना चाहिए बेदिंग शुड बी ऑफ शॉर्ट. ड्यूरेशन बहुत देर तक नहीं लाना है नहीं. तो बच्चे की स्किन डिहाइड्रेट होने लग. जाती है बच्चे को लाने के बाद आप उसको. अच्छे से रैप कर दीजिए एंड टाल से पैड. ड्राई कीजिए रब नहीं करना बहुत जोर से. नहीं तो वो सारा मॉइश्चर उड़ जाएगा ठीक है. देन आफ्टर. अ पैटिंग ड्राई उसके बाद आप विथ अ गुड. मॉइस्चराइजर आप बेबीज को मॉइश्चराइज कर.
दीजिए विदन 5 टू 10 मिनट्स जब वो स्किन. सबसे ज्यादा मॉस्ट है 10 10 दिन के बच्चे. को मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं आफ्टर 10 डेज. या यू कैन यूज डिपेंडिंग ऑन हाउ ड्राई द. बेबी स्किन इज ब आफ्टर 10 डेज यूजिंग. मॉइस्चराइजर ऑन अ किड इज सेफ इट्स सेफ. इट्स सेफ एस फर एस इफ इट्स बेबी फ्रेंडली. या ओके हां बिकॉज वी सी सो मेनी केसेस ऑफ. ड्राई स्किन ड्राई स्किन रहेगी ना तो सारा. वाटर लॉस होगा और बच्चा डिहाइड्रेट होगा. तो यू कैन यूज सम यूज कोकोनट ऑइल ए म. राइजर बिफोर बेदिंग सम यूज बेबी.
मॉइश्चराइजर्स एंड सिक्स मंथ्स के बाद. क्या करना चाहिए सिक्स मंथ्स के बाद आपका. वही सीएमपी क्लींजिंग मॉइस्चराइजिंग एंड. प्रोटेक्शन फ्रॉम द सन प्रोटेक्शन मे बी. इवन शेड्स आल्सो आप शेड्स में रखो इट्स. नॉट दैट कि आपको कुछ लगा नहीं है आप शेड्स. में रुक सकते हो फुल स्लीव क्लॉथ बहना. सकते हो हैट पहन सकते हो गिव मी वन वन. एग्जांपल ऑफ एवरीथिंग बेस्ट क्लींजर कौन. सा होना चाहिए बच्चे के लिए बेस्ट. क्लींजर्स क्लींजर शुड बी माइल्ड बेबी. फ्रेंडली पीएच बैलेंसड ऑफ 5.5 शुड बी देयर.
इफ कॉमन इंग्रेडिएंट्स टू ुक फॉर आर. ग्लिसरीन इट शुड बी इट शुड बी पैंथेनॉल और. विटामिन b5 इट शुड बी प्लांट ऑयल बेस्ड. शुड बी देयर गिव मी अ ब्रांड इफ यू वांट. मी टू नेम वन इट कुड बी सेटफिल सेटफिल. क्लींजर्स आर वेरी गुड आईव बीन यूजिंग इट. माय सो मेनी ऑफ माय पेशेंट्स एंड द. रिजल्ट्स आर गुड वेरी गुड सो सेटफिल. बच्चों के लिए भी सेफ है होताना है सेटफिल. बेबी रेंज ओके सो बच्चों के लिए जो. स्पेसिफिक आता है.
[प्रशंसा]. दैट्ची ए पैराबेन फ्री पैराविन फ्री लेट्स. चेक आ गना चेक. एवरीथिंग.
हम. देन ओके इट इज टियर फ्री नॉन इरिटेटिंग. पैराबेन फ्री जीरो एनिमल ओरिजिन या ट्स. देर सो बेस्ड ऑन जो आपने बोला कि जो जो. इंग्रेडिएंट्स होने चाहिए हम वो सब इसमें. है एंड जो जो नहीं होने चाहिए वो नहीं. है ओके सो चेक टू भी पास हो गए ये लोग सी. माय एक्सपर्टीज इज नॉट इनफ मतलब मेरी कोई. एक्सपर्टीज एक्चुअली है नी इन द बेबी केयर. इन द बेबी रेंज आई जस्ट नो आई एक्सेप्टेड.
द ब्रांड एंड आई वां डू इट बिकॉज मैं. जेनुइन फैन हू सेट फिल का इट्स अ गुड. ब्रांड लाइक इट्स अ एंड आई जननली लव इटस. ट्रस्टेड ब्रांड आई लव इट और मेरे पे. रिजल्ट्स है मैं खुश हूं मैं मैं फुल लाइक. स्टार्टेड विथ फेस आई एम नाउ यूजिंग ऑ माय. होल बॉडी लाक आई यूज इट ट्स वई आई से य. शुड ऑलवेज यूज अ ट्रस्टेड ब्रांड बीट. व्ट्स एवर एंड सी व्हाट्स सूटिंग योर बेबी. स्किन इट शुड बी लाइक की ब्लाइंड अगर इसके. बच्चे को ये सूट कर रहा है तो मेरे बच्चे. को भी वही सूट करेगा नहीं है ओके न्यू. बोर्न बेबीज को. बाहर कब एक्सपोज कर सकते हैं और कितने दिन.
तक एक्सपोज करना चाहिए कितनी फ्रीक्वेंसी. में एक्सपोज न्यूबर्न बेबीज को इनिशियली अ. आप आफ्टर फर्स्ट सिक्स वीक्स हम बच्चे को. बाहर ले जा सकते हैं एज पर द गाइडलाइंस. सिक्स वीक्स तक वी से बिकॉज तब तक इम्यून. सिस्टम डेवलप हो रहा होता है दे गेट दे आर. मोर प्रोन टू इनफेक्शंस तो जितना आप. इनिशियली सिक्स वीक्स बच्चे को अंदर रखें. घर में रखें आइसोलेट रखें विद मदर सिक्स. वीक्स सिक्स मंथ्स सिक्स वीक्स ओके तो. क्लोज फैमिली मेंबर्स के साथ रहे इट्स.
बेटर आफ्टर सिक्स वीक्स हां इम्यून सिस्टम. थोड़ा उस लेवल प आ जाता है कि हां दे आर. रेडी टू एटलीस्ट मीट न्यू पीपल वेरी. इंपोर्टेंट क्वेश्चन क्या बच्चों को किस. करना. चाहिए हर स्ट्रेंजर आके बच्चों को किस कर. रहा तो आई आंड फाइंड इट वेरी अननोइंग इफ. इट्स पेरेंट्स देन इट्स फाइन बट इफ इट्स द. स्ट्रेंजर स्ट्रिक्ट नो बिकॉज दे विल. डेफिनेटली गिव सम काइंड ऑफ वायरस और. बैक्टीरिया ट चाइड किस एज तक बच्चों को. अलाउड नहीं करना चाहिए किसी को भी अलाव. नहीं करना चाहिए अपने बच्चे को किस करने. क्योंकि इंडिया में बहुत कल्चर है अभी.
मेरी नीस का फर्स्ट बर्थडे था एंड मैंने. देखा जितने लोग उधर आए हैं उ ओ माय गॉड. बेबी दिस दिस दिस कोई भी उसका हाथ पकड़. रहा है कोई भी उसको गाल पे किस कर रहा है. कोई भी उसको सर पे एंड जब तक घर वाले थे. इट्स ओके पहले तो मु घर वालों से भी इतना. चट होता है कि हर कोई क्यों उसमें घुसे जा. रहा है इतनी छोटी सी बच्ची है उसको कुछ. इंफेक्शन हो गया तो वही वही करते बट रैंडम. लोग भी दूर के रिश्तेदार भी अब मैं ये. बोलूंगा तो बहुत ज्यादा मुझे चिड़े लोग बट. इज दिस गुड नो इट्स नॉट बट पीपल नाउ आर. गेटिंग अवेयर पहले तो रैंडम कोई भी आता था.
किस करता था बट अभी पीपल को भी लोगों को. भी पता है कि नहीं हमें थोड़ा सा डिस्टेंस. बेबी छोटा है थोड़ा डिस्टेंस मेंटेन करें. पीपल आर गेटिंग अवेयर बट आई फील ओनली. क्लोज फैमिली मेंबर्स जो इसको डेली हैंडल. कर रहे हैं इफ दे आर डूइंग इट ऑन द फरड. एंड ऑल इट्स फाइन बट हां कोई भी रैंडम. स्ट्रेंजर जो मिलने आ रहा है बेबी से दे. किस इट दे टच द बेबी आई डोंट रिकमेंड इट. ओके बेबी स्किन एंड अडल्ट स्किन कैसे. डिफरेंटली ग्रो करती है और क्या डिफरेंसेस. होते हैं दोनों में एज आईव टोल्ड बेबीज जो.
स्किन है 30 पर थिनर होती है कंपेयर्ड टू. द एडल्ट स्किन एंड यूजुअली जो एडल्ट स्किन. अप्रॉक्स टू इयर्स तक ऑलमोस्ट पार्शियली. एडल्ट स्किन जितनी हो जाती है हम तो. फर्स्ट टू इयर्स में बेबीज की स्किन ग्रो. हो रही होती है एंड बाय द एज ऑफ टू टू. थ्री इयर्स मैक्सिमम वो ऑलमोस्ट एडल्ट. स्किन को क्रॉस कर जाती है एडल स्किन. जितनी आ जाती है टू यर्स के बाद एक जो 15. ईयर ओल्ड किड है वर्सेस टू ईयर ओल्ड किड. ऑलमोस्ट सेम विद नथिंग इज एगजैक्टली सेम.
बट हां जो ग्रोथ एक्सपो शियली जो हो रही. होती है इट टेक्स अ प्लेटो ऑलमोस्ट देन. इट्स लाइक अ नॉर्मल जैसे हर किसी की जैसे. लाइफ बढ़ रही है आ बढ़ रही है जो एक्सपोजर. हो रहा है उसके हिसाब से रहता है कुछ. डिफरेंस नहीं होता थोड़ा सा हां बट ज्यादा. नहीं डू दे नीड डिफरेंट केयर इनिशियली हा. आफ्टर टू इयर्स एज वेल नो मतलब बेबी. प्रोडक्ट्स जेंटल मतलब इवन फॉर द एडल्ट्स. आल्सो इफ यू यूज जेंटल प्रोडक्ट्स इट्स. बेटर या इफ यू इफ यू आर यूजिंग प्रोडक्ट्स. व्हिच आर नॉन टॉक्सिक व्हिच आर पैराबेन.
फ्री इट्स नट दैट ओनली चिल्ड्रन शुड बी. ूजिंग पैराबेन फ्री प्रोडक्ट्स इन एडल्ट. शुड बी यूजिंग पैरान फ क्या एडल्ट्स को. यूज़ करना चाहिए बेबी प्रोडक्ट्स दे कैन. यूज एंड सम सो मेनी पीपल आर यूजिंग एंड दे. आर वेरी हैप्पी विद द रिजल्ट्स बट लोग. ऑब्सेस हो गए हैं आजकल ये बेबी स्किन. जेंटल स्किन और बेबी प्रोडक्ट्स यूज करने. के लिए जस्ट लाइक कोरियन ग्लो इज गोइंग ऑन. ना आगे जाके हो जाएगा बेबी ग्लो इज गोइंग. एवरीवन विल बी यूजिंग बेबी प्रोडक्ट्स. ओनली दे विल बी लाइक नहीं सारे एडल्ट्स. प्रोडक्ट्स रख दो आई विल बी यूजिंग ओनली. बेबी प्रोडक्ट्स बिकॉज और एटलीस्ट कोई भी. कंपनी बेबी प्रोडक्ट बनाने टाइम 10 बार.
सोचता है कि हम क्या डाल रहे हैं तो एडल्ट. प्रोडक्ट बनाते टाइम नहीं सोचता है वो कुछ. भी बता देता है बहुत सारी जो न्यू कंपनी आ. रही है दे जस्ट पुट एनीथिंग इतना परफ्यूम. इतनी फ्रेगरेंस डाल देते हैं जस्ट की. स्मेल आ इतने बॉडी वशस यू सी कितने तरह के. फ्रेगरेंस आ रहे हैं फील गुड लगेगा उससे. बट ऑल दज आर हार्मफुल आप देखोगे हम अपनी. स्किन का ध्यान नहीं रख रहे हैं बेबी के. लिए तो दो बार सोचते हैं कि हा ये हाइपो. एलर्जेनिक अपनी स्किन प तो कुछ भी लगा रहे. हैं तो एटलीस्ट अगर आप नॉन टॉक्सिक. प्रोडक्ट पे भी यूज करोगे तो क्या हम इट्स. गुड ओनली बट व्हाई डू यू थिंक दिस इज अ.
ट्रेंड अब एडल्ट्स को भी सारे बेबी. प्रोडक्ट यूज करने है बिकॉज आई सॉ अभी एक. मैं फोरम पढ़ रहा था जहां पे था कि बेबी. शैंपू इज द फास्टेस्ट ग्रोइंग कैटेगरी इन. सम स्टेट इन. अमेरिका फॉर एडल्ट्स अ भी शैंपू है. एडल्ट्स बेबी शैंपू खरीद रहे हैं एंड ट्स. अ फास्टेस्ट ग्रोइंग कैटेगरी एडल्ट सब. खरीदेंगे बेबी का आफ्टर फाइव इयर्स बेबी. प्रोडक्ट सब लेंगे बिकॉज बेबी प्रोडक्ट्स. आर मोर साइंटिफिकली टेस्टेड तो इवन दे आर.
आल्सो प्रोडक्ट जो बना रहा है दे आल्सो. थिंक ट् वाइस बिफोर पुटिंग एनी. इंग्रेडिएंट्स. को तो करेगा ही वाओ ये तो आईव नेवर थॉट ऑफ. इट आई डोंट इवन थिंक लाइक आई विल बाय अ. बेबी प्रोडक्ट यू विल आफ्टर फाइव इयर्स मे. बी दे विल अ मेक ओनली विद द सेम. इंग्रेडिएंट्स आफ्टर फ और 10 यर्स मे बी. दैट कैन कम की वो जेंटल और बनाए. प्रोडक्ट्स बट फर्क पड़ता है अगर मैं बेबी. प्रोडक्ट यूज करूं वर्सेस मैं नॉर्मल. प्रोडक्ट यूज़ करूं मेरी स्किन पे कुछ. फर्क पड़ेगा लॉन्ग टर्म में हां इफ इट्स.
जेंटल ऑन योर स्किन इफ इट्स टॉक्सिन फ्री. देन या मेजोरिटी ऑफ द प्रोडक्ट्स आप आज. यूज़ करोगे ना आपको कुछ रिजल्ट अभी नहीं. दिखेगा इफ यू विल कीप ऑन यूजिंग इट सेम. प्रोडक्ट फॉर अ प्रोलांग टाइम देन यू विल. सी जैसे पहले पैराबेन इतने प्रोडक्ट्स में. होता था अब जब इतने सालों के बाद पता चला. कि एंडोक्राइन प्रॉब्लम्स हो रही है. पीसीओएस के केसेस इनफर्टिलिटी के इश्यूज आ. रहे हैं प्यूबर्टी जल्दी आ रही है क्यों आ. रही है क्योंकि तब कोई पड़ता नहीं था क्या. है इंग्रेडिएंट्स. से केस रिपोर्ट्स इतनी सारी आई है कि.
हार्मोन प्रोडक्शन में प्रॉब्लम आ रही है. हम जिसकी वजह से तो अब प्रोडक्ट्स आने लग. गए हैं पैराबेन फ्री एंड आल्सो आपके ल्क. शुड आल्सो इ आल्सो बीन रिमूव फ्रॉम द. पाउडर्स दीज डेज बिकॉज ल्क के भी काफी. ज्यादा साइड इफेक्ट्स थे क्यों क्या होता. है टलक यूज करने से बच्चों में बहुत सारे. लोग पाउडर लगाते हैं लकम पाउडर लगाते हैं. वही है पाउडर शुड नेवर बी यूज्ड इन किड्स. ये बहुत ही ज्यादा शॉकिंग लगता है पहले. जमाने में तो भर भर के इनफैक्ट गोरा करने. के लिए भी पाउडर लगाते थे हां ऊपर से देते. हैं बच्चों को ल् से बट पाउडर के दो.
प्रॉब्लम्स है नंबर वन इज द इनहेलेशनल. प्रॉब्लम वो इन्हेल कर सकता है. रेस्पिरेटरी इश्यूज हो सकते हैं बच्चों को. एंड सेकंड इज द कॉमन इंग्रेडिएंट्स. ड्यू टू कंटेम विद एस्बेस्टस क्या होता है. ये एस्बेस्टस एक बेसिकली केमिकल रहता है. जिससे स्टडीज है प्रूवन कि इट इज लिंक्ड. विद कैंसर तो इसलिए ही अ टेल्क फ्री. पाउडर्स अब स्टार्ट हो गए हैं मार्केट में. बट टेल्क फ्री पाउडर्स भी यूज करने चाहिए. कि नहीं बिलो सिक्स मंथ्स नो पाउडर्स अबब. सिक्स मंथ्स अगर आपको फोल्ड्स में यूज.
करना है जैसे आर्मपिट्स वगैरह में तो कर. सकते हो दैट इज दे पर्सनल चॉइस बट नॉट. नियर द फेस बिल्कुल भी नहीं फेस पे नहीं. क्योंकि इन्हेल कर सकता है बच्चा सो देर. वाज अ स्टडी बाय अमेरिकन अकेडमी ऑफ. पेडियाट्रिक्स कि वो लोग वर्न करते हैं कि. बच्चों को टेलकम मत लगाओ टेल्क वाले. पाउडर्स मत लगाओ क्योंकि उससे लंग्स में. प्रॉब्लम होती इनहेलेशन प्रॉब्लम होती है. और लॉन्ग टर्म में उनके लंग्स खराब हो. जाएंगे इफ यू गिव देम टलक इज दैट ट्रू दैट. इज द नंबर वन रीजन ल्क इ बीन रिमूव्ड एंड.
क्या प्रीमेच्योर बेबीज जो होते हैं उनको. स्किन इंफेक्शन होने के ज्यादा चांसेस. होते हैं हां प्रीमेच्योर बेबीज की जो. स्किन होती है स्पेसिफिकली जो टॉप लेयर. होती है स्टैटम कॉर्नियम इट इज 10 टाइम्स. थिनर देन दैट ऑफ अ टर्म बेबी तो इसलिए. उनमें वाटर लॉस भी ज्यादा होता है तो. उसमें क्या प्रिकॉशन लेने चाहिए देखो जो. प्री टर्म बेबीज होते हैं उनमें हम कहते. हैं कि आप उनका सिंस वाटर लॉस बहुत ज्यादा. होता है तो हम कहते हैं कि सर को ढक के. रखो उनको कैप पहनाओ हाथ में मिटेंस पहनाओ.
पैर में सॉक्स पहनाओ ऑल टाइम सेकंड एडिक्ट. अमाउंट ऑफ लेयरिंग होनी चाहिए उनमें जितने. आप नॉर्मल टर्म बेबी को पिलाते हो उससे एक. लेयर एक्स्ट्रा थर्डली जब तक वो 2 केजी के. नहीं होते हैं वी डोंट यूज एनी प्रोडक्ट्स. वी जस्ट आस्क देम टू अ डू स्पंजिंग विद. लकम वाटर दो किलो तक बच्चे को सिर्फ आपको. गर्म पानी कॉटन के कपड़े से पचना है आफ्टर. 2 केजी यू कैन स्टार्ट प्रॉपर बाथ कोई. प्रीमेच्योर होता है तो क्या लॉन्ग टर्म. उसका फर्क पड़ता है लॉन्ग टर्म में इवेंचर.
एंड देन टू एन हेल्दी एडल्ट इट्स फाइन इ. टेकन केयर ऑफ वेरी जेंटली या ऐसा कुछ नहीं. है कि अगर प्रीमेच्योर हुआ तो लॉन्ग टर्म. स्किन ज्यादा लाइट रहेगी या कुछ नहीं नहीं. क्योंकि ब्रेन से भी कुछ होता है ना ब्रेन. डेवलपमेंट ऑफ प्रीमेच्योर बेबी इज वेरी. डिफरेंट देन अ टर्म बेबी इवेंचर टू दैट. स्टेज जैसे जैसे बड़े होते हैं दे गो ऑन द. सेम ट्रैक अनलेस अटिल कोई इंसल्ट हुआ हो. मतलब प्रीमेच्योर टी के टाइम पे उनका अगर. एनआईसीयू में कुछ ब्रेन में. ब्रेन में ऑक्सीजन ना पहुंचा हो ब्रेन में. ब्लीडिंग हुई हो तो लॉन्ग टर्म इंप्लीकेशन.
होते हैं अगर उनका कोर्स प्री टर्म से. पूरे टर्म तक का कोर्स अच्छा रहा उसमें. कोई कॉम्प्लिकेशंस नहीं आए तो दे लीव अ. नॉर्मल दे लीड अ नॉर्मल लाइफ ओके ऐसा भी. होता है कि जैसे एडल्ट्स में होता है. बच्चे भी कुछ ड्राई स्किन लेके पैदा होते. हैं और कुछ मोइस्ट स्किन लेके पैदा होते. हैं ऑयली स्किन लेके पैदा होते बहुत जदा. बच्चे का जो स्किन रहती है कई बच्चे. अटोपिक स्किन के साथ आते हैं बहुत ड्राई. स्किन के साथ पैदा होते हैं तो उनमें. एक्स्ट्रा केयर करनी होती है कई बच्चे की. स्किन हेल्दी होती है अगेन इट डिपेंड्स ऑन. जेनेटिक्स ऑफ द बेबी कि वो कैसे हैं एंड. विंटर्स में स्पेसिफिकली बच्चों की स्किन.
बहुत ज्यादा ड्राई हो जाती है बार-बार. ड्राई हो जाती है हाउ डू यू टेक केयर ऑफ. दैट देखो विंटर स्किन के टिप्स तीन मेन. चीज जो मैं बताना चाहूंगा नंबर वन इज. बेदिंग जब भी आप बच्चे को विंटर्स में. लाते हैं तो मेक श्यर जहां पे आप निला रहे. हैं वहां के सारे विंडोज शट हो क्योंकि. ठंड लगने का रिस्क रहता है सेकंड बेदिंग. शुड बी विद लूक वर्म वाटर टेंपरेचर आप देख. सकते हो तो 36 टू 37 के अराउंड बेदिंग. बहुत देर तक नहीं करानी है जब भी आप बच्चे. को लाते हैं विंटर्स में तो मेक शर पहले. बॉडी को लाए लास्ट में सर को धोना है सबसे.
पहले सर को पूछना है बिकॉज सर से सबसे. ज्यादा ठंड लगती है आफ्टर बेदिंग मेक शर. आप बच्चे को अच्छे से रैप करें एंड अगेन. पैड ड्राई करना है रब नहीं करनी है स्किन. सेकंड स्टेप इ. मॉइश्चराइजेशन विंटर्स में बिकॉज ऑफ द. कोल्ड एयर बहुत जल्दी बच्चे की स्किन. डिहाइड्रेट हो जाती है तो एटलीस्ट ट वाइस. अ डे आप बच्चे की स्किन को मॉइश्चराइज. करें ओके एंड थर्ड इज क्लोथिंग विंटर्स. में मेक श्यर कि आप बच्चे को जो कड़े पहना. रहे हैं जितने पेरेंट्स ने पहने हैं उससे. एक लेयर एक्स्ट्रा पहनाए इनर लेयर शुड.
ऑलवेज बी कॉटन अंदर आपको वुलन या सिंथेटिक. क्लॉथ नहीं पहनाना जो स्किन के टच में आए. इनर लेयर शुड बी कॉटन उसके ऊपर आपको जो. पहनाना है पहनाओ ठीक है एंड ओवर क्लोथिंग. भी नहीं करनी है बिकॉज अगर आप ओवर. क्लोथिंग करेंगे तो बच्चे को फिर हीट और. स्वेट ज्यादा होता है तो और रशेस होने का. रिस्क रहता है पर अंदर क्यों नहीं पहन. सकते कॉटन के अलावा कोई और क्लॉथ क्योंकि. बच्चे को एलर्जी होती है कॉटन इज द. सेफेस्ट ऑफ ऑल दूसरे वुलन वगैरह से एलर्जी. होने के चांसेस होते हैं हां बिकॉज इट. इरिटेट्स द स्किन क्या एलर्जी होने के. चांसेस होते रश हो जाए हो जाएंगे हां रशेस.
हो जाते हैं क्योंकि वलन इरिटेट करता है. कॉटन इज वेरी सॉफ्ट ऑन द स्किन और कौन-कौन. सी टाइप की स्किन एलर्जी होती है बच्चों. में जो हो सकती है बहुत ज्यादा एंड लोगों. को ध्यान रखना चाहिए देखो वन इज द हीट रैश. व्हिच इज वेरी कॉमन तो ओवर क्लोथिंग की. वजह से हीट रैश होते हैं पसीन आउटडोर. एक्टिविटीज सन में डायरेक्ट सन में खेलते. हैं उससे हीट रैश होते हैं एंड हीट रैशज आ. वेरी कॉमन तो आप उसको सिंपल लाइट कॉटन. कपड़े पहनाए वेल वेंटिलेटेड कपड़े होने.
चाहिए प्रॉपर दूसरा अगर हीट रश हो जाए तो. आप सूथिंग एजेंट लाइक कैलान या गुड. मॉइस्चराइजर आप यूज कर सकते हैं उसके लिए. सेकंड जो एलर्जी बच्चों को होती है सिंस. बेबी स्किन इज वेरी सेंसिटिव दोस आर. इंसेक्ट बाइट एलर्जी नॉर्मली एडल्ट को. क्या होता है एक जगह मच्छा काटा तो वहीं. पे आपका एक निशान आ जाता है बट बच्चों में. क्या रहता है अगर एक इंसेक्ट ने एक जगह भी. काटा तो दे स्किन इज सो सेंसिटिव कि पूरे. हाथ में भी एलर्जी हो जाती है तो. स्पेसिफिकली इन मानसून बच्चों को इंसेक्ट.
बाइट एलर्जी आर वेरी कॉमन तो इसलिए हम. मानसून में कहते हैं अगर बच्चा छोटा है. बहुत तो आप मॉस्किटो नेट यूज कर सकते हैं. अगर बच्चा थोड़ा सा बड़ा है तो आप नेचुरल. मॉस्किटो रे पलेट आजकल आते हैं पैचेज आते. हैं वच आर बेस्ड ऑफ यूक्लिप्स ऑइल और सिटन. ऑयल आप वो वाले हर्बल पैचेज यूज कर सकते. हैं आल्सो आप मानसून सीजन में बच्चों को. लूज फुल स्लीव्स क्लॉथस पहना दीजिए फुल. स्लीव्स पैंट या शर्ट्स पहना दीजिए जिससे. मस्कट पाइट ना हो घर में ये ऑल आउट वगैरह. लगाना चाहिए नहीं क्यों जो उसमें केमिकल्स.
होते हैं उससे इलेशन रिस्क रहता है बच्चों. को इट इज नॉट टेस्ट सेफ ब उससे मच्छर तो. चले आएंगे बट बेबी को भी तो नुकसान है तो. इट शुड बी और जो जलाते हैं. कॉइल्स नो वो तो एडल्ट्स के लिए भी अच्छा. नहीं है इट्स वेरी हार्मफुल इसलिए आजकल. नेचुरल लिप्टस यल बेस्ड आजकल हर्बल पैचे आ. रहे हैं जिसमें इनफैक्ट डीट भी नहीं है. नॉन टॉक्सिक आने लग गए तो आप वो पैच अपने. कपड़ों पर लगा सकते हो वाइल गोइंग आउट घर.
में तो वो भी जरूरत नहीं है कुछ ऐसे खाने. की चीज है जिससे बच्चों को एलर्जी हो जाती. है हां देयर आर सम बेबीज हु आर एलर्जिक टू. काउ मिल्क सम बेबीज आ एलर्जिक टू नट्स सम. बेबीज आर एलर्जिक टू सोया सो वो एलर्जी. हमें जब हम बच्चों को फूड इंट्रोड्यूस. करते हैं तब पता चलता है लद इंडियन. सेटिंग्स में फूड एलर्जी आर लेस कंपेयर टू. द वेस्ट वर्ल्ड तो इसलिए बेसिकली हम जबी. भी नट्स इंट्रोड्यूस करते हैं बच्चों में.
तो वी शुड ऑलवेज इंट्रोड्यूस वन नट एट अ. टाइम पहले आपने जैसे अगर कैश यूज किया फिर. उसके बाद अपने बादाम यूज किया उसके बाद. वॉलनट यूज किया अगर बच्चे को सूट कर रहा. है तो आप फिर उनका मिक्सचर बना के भी. बच्चे को खिला सकते हैं बट अगर मेरे बच्चे. को काउ मिल्क से एलर्जी है व्हिच इज लाइक. अ बिग थिंग टू से इन इंडिया क्योंकि हर. कोई काउ मिल्क पी के ही बढ़ा हुआ है हम तो. पता कैसे चलेगा काउ मिल्क प्रोटीन एलर्जी. इज वेरी कॉमन एंड ये यूजुअली कब रिलाइज. होता है जब बच्चा जब शुरू में ब्रेस्ट.
फीडिंग पे होता है तो इनिशियली तो थोड़ा. स्टेबल रहता है बट जब उसको बाहर का काउ. मिल्क इंट्रोड्यूस करते हैं तो उसके बॉडी. पे कई बार स्किन रशेस हो जाते हैं कई. बच्चों को डायरिया हो जाते हैं तो एलर्जी. इज नॉट ओनली स्किन एलर्जी इट कुड बी. गैस्ट्रिक एलर्जी मतलब लूज मोशंस हो जाते. हैं कई बच्चों का एक्सेसिव कोलिक होता है. तो अ कभी भी बच्चे को अगर आपने कोई चीज. इंट्रोड्यूस किया उसके बाद आपको कुछ चीज. एनमल लग रही है कि मैंने यह खाने में. इंट्रोड्यूस किया तो उसको व सूट नहीं कर. रहा है तो यू शुड इफॉर्म योर डॉक्टर दे.
विल टेल यू इज इट एगजैक्टली द फूड जो आपने. खाया उससे एलर्जी है या समथिंग एल्स बट. कोई ऐसा एलर्जी टेस्ट वगैरह नहीं होता. बच्चों का होते हैं होते हैं इन सिवियर. केसेस जिनको सिवियर एलर्जी होती है काउ. मिल्क प्रोटीन से तो कई बार अगर मदर भी. कंज्यूम कर ले काउ मिल्क और ब्रेस्ट. फीडिंग पे हो तो भी बच्चे को रश हो जाते. हैं तो इन दैट केस सिवियर एलर्जी में वी. नीड टू एलिमिनेट काउ मिल्क फ्रॉम मदर्स. डाइट एज वेल तो अगर ऐसा है सबसे पहले तो इ. फूड चैलेंज कि आप ने फूड इंट्रोड्यूस किया. रैश हो गया दैट इज द बेस्ट टेस्ट अगर उससे.
नहीं आपको पता चल रहा है तो देयर आर स्किन. प्रिक टेस्ट एंड ब्लड टेस्ट अवेलेबल इन द. मार्केट दीज डेज जिससे हम किस चीज से. बच्चा एलर्जिक है वो टेस्ट करा सकते दैट. यू कैन गेट देस वन मोर थिंग उसके ऊपर. ज्यादा रिसर्च नहीं की गई है बट आई गेट अ. क्वेश्चन एंड लॉट ऑफ जो मेरे फ्रेंड्स है. जो न्यू पेरेंट्स हैं उनके माइंड में भी. क्वेश्चन आता है वेट वाइप्स को लेके वेट. वाइप्स यूज करना चाहिए बेबीज पे वेट. वाइप्स पहले जो आते थे ना वो बहुत ज्यादा. उसमें अल्कोहल बेस था पैराबे बट दीज डेज. मेनी कंप हैव कम विद द वाटर वेट वाइप जो. इसमें 99 पर वाटर रहता है एंड बस जस्ट मेक.
शर इफ यर यूजिंग वेट वाइप्स इट शुड बी. अल्कोहल फ्री एंड पैरामिन फ्री बेस्ट इफ. यू आर एट होम ट्राई टू यूज कॉटन का कपड़ा. उससे आप लकम वाटर में डिप करो यूज करो इफ. यू आर ट्रेवलिंग आउट देन कैरी अ वाटर वे. वेट पाइप्स एंड सैनिटाइजिंग वेट पाइप्स जो. होते हैं नो नो नो नो अल्कोहल बेस्ड नो. अगेन ओनली वाटर बेस्ड वेट पाइप एंड ओनली. फॉर ट्रेवलिंग एट. होम यूजन ब कॉटन बेस क्लोथ्स नथिंग एल्स.
दैट इ द बेस्ट एंड सेफेस्ट टॉकिंग अबाउट. डाइपर आइडियल डाइपर कौन सा होना चाहिए. बच्चों के लिए देखो टू टाइप्स ऑफ डाइपर आर. अवेलेबल वन इज द डिस्पोजेबल डाइपर एंड वन. इज द क्लॉथ डाइपर चच कॉटन बेस्ड दोनों के. ही अपने एडवांटेज और डिसएडवांटेज है जो. डिस्पोजेबल डाइपर होते हैं दोज आर इजी टू. यूज ट्रेवल के लिए भी अच्छा है प्लस. अब्जॉर्बेंसी थोड़ी ज्यादा रहती है एंड. वेर एस जो आपके क्लॉथ डाइपर होते हैं. उसमें स्किन ब्रीद कर पाती है वेंटिलेशन. सही रहता है इकोनॉमिकल रहता है बट.
प्रैक्टिकली व्हाट आई टेल टू माय पेशेंट्स. इज फर्स्ट थ्र मंथ्स आप डिस्पोजेबल डाइपर. यूज कर सकते हो क्योंकि बच्चा बहुत ज्यादा. यूरिन मोशन करता है इट इज वेरी डिफिकल्ट. फॉर द मदर टू क्लीन अगेन एंड अगेन क्लॉथ. डाइपर तो आप फर्स्ट थ्री मंथ्स आप बच्चे. को डिस्पोजेबल डाइपर पहनाओ मेक श्यर आप. उसको फ्रीक्वेंसी. क्लॉथ डाइपर यूज कर सकते हैं एंड नाइट. टाइम में डिस्पोजेबल डाइपर जैसे इससे.
बच्चा बड़ा होगा यू कैन स्विच टू कॉटन. क्लॉथ टाइपर्स तो इफ यू यूजिंग अ कॉटन. क्लॉथ डाइपर आप उसको कोई भी बेबी डि देयर. आर सो मेनी इन द मार्केट्स आप बेबी. डिटर्जेंट जो जो टॉक्सिन फ्री हो आप उसको. यूज करो और उससे वाश करो डाइपर रश बेकार. हो सकता है बहुत ज्यादा प्रॉब्लम होती है. कि डाइपर रश इज वेरी डिस्कंफर्टिंग मतलब. बच्चा रो रो के आपको पता भी नहीं चलता. कहीं ब इतना बच्चा रो क्यों रहा है बाद. में पता चलता है उसको डाइपर रश था क्योंकि. वहां डाइपर रश में जो डाइपर एरिया की. स्किन होती है वो रेड इफ्लेम एंड इची होती. है एंड वो बहुत पेनफुल होता है तो डाइपर.
रश प्रिवेंट करना इज द बेस्ट स्टेप. क्योंकि एक बार डाइपर रश हो जाता है ना तो. बच्चा बिकम वेरी अन कंफर्टेबल और गीला. कपड़ा लगा सकते गीला नहीं नॉर्मल कॉटन. क्लॉथ डाइपर कैन बी यूज्ड बट मेक श्यर. बच्चा जैसे ही यूरिन करे बच्चा जैसे ही. मोशन करे आप चेंज करो तो कोई प्रॉब्लम. नहीं है ब रूरल एरियाज में इट्स डिफिकल्ट. टू अफोर्ड अ डाइपर राइट सोट्स द प्रॉब्लम. तो आप यूज करो कॉटन के कपड़े यूज करो कॉटन. के ड यूज करो बट आप चेंज करो उसको वाश करो. आप चेंज करोगे कोई भी डाइपर बी डिस्पोजेबल.
या बीट कॉटन कोई प्रॉब्लम नहीं है दिस आम. टेलिंग फॉर द प्रैक्टिकल पर्पस बच्चा आ से. 10 बार यूरिन करता है कई बार बच्चा आ से. 10 बार मोशन करेगा अर्बन सेटिंग्स में. इतने टाइम नहीं है किसी के पास की 20 20. बार कपड़े को धोए ठीक है जहां पर फोर्डिंग. का शू आता है दे गो फॉर कॉटन डाइपर एंड दे. आर कंपलीटली सेफ इजी टू द स्किन एंड एक. डाइपर कितने टाइम में चेंज कर देना चाहिए. एटलीस्ट एवरी थ आर्स तो करना है अगर बच्चा. उ से पहले सॉइल कर दे या वेट कर दे तो. आपको पहले भी चेंज कर सकते हैं ओके टेल मी.
अबाउट रशेस कौन से ऐसे नॉर्मल रशेस होते. हैं स्किन पे जिनको देख के मां-बाप को. पैनिक नहीं करना चाहिए कि यार ये तो होता. ही रहता है इट्स फाइन ओके नंबर वन इज द. स्टॉक बाइट जो रेड रशेस हो जाते हैं ऑन द. फोरहेड एंड ऑन द आईलिड्स सम टाइम्स पीछे. नेक पे भी होते हैं दोज आर जस्ट लाइक बर्थ. मार्क्स इनफैक्ट जो यहां पे हेड पे होते. हैं रेड पैचेज उनको हम एंजल्स किसेस भी. कहते हैं इट इज बिलीव्ड कि एंजल्स किस. करके गए हैं उनको ब्लेस करके गए हैं दोज.
आर जस्ट द बर्थ मार्क्स वो यूज टू टू थ्री. इयर्स तक फेड हो जाते हैं हम सेकंड इज. बेबी एकने जो बच्चों को पिंपल्स हो जाते. हैं टाइनी रेड बम्स हो जाते हैं दोज आर. बिकॉज ऑफ द मैटरनल हार्मोस उसके लिए भी. आपको कोई ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं है फोर. टू सिक्स वीक्स तक बेबी के अखने क्लियर हो. जाते हैं ठीक है थर्ड इज बेबी मिलिया बेबी. मिलिया क्या होता है वो वाइट बम्स दिखते. हैं जब बच्चा पैदा होता है वाइट छोटे छोटे. छोटे बम्स दिखते हैं दो थि बट द डेड स्किन. एक्यूमेन एंड वो भी मेलिए अपने आप ठीक हो. जाता है उसके लिए भी कोई ट्रीटमेंट आपकी.
जरूरत नहीं है एंड लास्ट इज न्यूबर्न बेबी. जब पैदा होता है विदन 48 टू 72 आवर्स. बच्चे की बॉडी पे रेड रशेस आने शुरू हो. जाते हैं पेरेंट्स को लगता है कि नहीं. इसको तो एलर्जी हो गई है एंड दोज आर. यूजुअली एथमा टॉक्सिक म न्यूटम दीज आर. काइंड ऑफ रशेस व्हिच आर कंपलीटली नॉर्मल. एंड यूजुअली डिसअपीयर्ड 14 डेज ऑफ लाइफ सो. ये रशेस अगर आपके न्यूबर्न बेबी पीरियड. में आप देखते हो स्टॉक बाइट बेबी एक्ने. मिलिया या एथमा टॉक्सिक म दीज आर नॉर्मल.
रशेस व्हिच यू डोंट नीड टू वरी अबाउट कोई. टेंशन ले की जरूरत कोई ऐसा रश है जिसकी. वजह से टेंशन होना चाहिए अगर आपने कोई. प्रोडक्ट बेबी पे यूज किया उसके बाद आपको. लग रहा है कि नहीं बच्चे के पूरी बॉडी में. रेडनेस हो रही है कहीं पे भी सूजन आ रही. है देन फर्स्ट ऑफ ऑल वो जो प्रोडक्ट यूज. किया उसको स्टॉप करो अप्लाई जेंटल बेबी. मॉइस्चराइजर एंड सी इफ इट्स नॉट सबसाइट. विजिट पी डिशन एंटीसेप्टिक प्रोडक्ट यूज. कर सकते हैं बेबीज पे एंटीसेप्टिक जैसे. कटस वत्स प जो हम लोग लगाते हैं बड़े लोग. हा इफ इट्स अ वंड कोई कट है कोई वंड है तो.
एंटीसेप्टिक क्रीम्स आर देयर आप यूज कर. सकते हैं उसमें देर इज नो हार्म देर इज नो. प्रॉब्लम एक कॉमन मिथ जो पेरेंट्स करते. हैं न्यूबर्न पीरियड में जो गलती करते हैं. अमला कल कॉर्ड प जब बच्चा पैदा हुआ तो. पैदा होते ही न्यू स्पोर्न पाउडर डालना. शुरू कर देते हैं क्या पाउडर्स उस परे. डालना ऑइंटमेंट लगाना शुरू कर देते हैं. किस पे अलाइक कॉर्ड पे नाभी पे नाभी पे. पैदा होते ही इनफैक्ट जब भी आप डाइपर भी. पहना हो तो मेक श्यर डाइपर अलकल कॉर्ड को. टच ना हो डाइपर उसके नीचे हो तो इनिशियली.
7 टू 10 डेज में आपको अलकल कॉर्ड को कुछ. भी टच नहीं करना है वो अपने आप सूख के गिर. जाएगी एंड वंस इट फॉल्स आप उसको एक. स्टराइल स्वॉप से बस वंस अ डे वाइप करो. उसको क्लीन करने के लिए उसमें कोई रेडनेस. हो कोई स्वेलिंग हो या कोई डिस्चार्ज आए. देन आफ्टर कंसल्टिंग विद योर डॉक्टर आप. उसपे ऑइंटमेंट या प्रोडक्ट्स यूज़ कर सकते. हो और जो लोग लगाते हैं जैसे ऑयल घी ये सब. डाल देते हैं नहीं उससे और इंफेक्शन होने. का रिस्क रहता है अलाइक सेप्सिस होने का. रिस्क रहता है क्या होता है ये आपका अलाइक.
इज एन ओपन पॉइंट है वहां पे अगर वहां पे. इंफेक्शन ग्रो होना स्टार्ट हुआ वो. डायरेक्टली आपके ब्लड स्ट्रीम में जाएगा. एंड बच्चे को सेप्सिस यानी इंफेक्शन होने. का रिस्क रहता है क्या इंफेक्शन होता है. ब्लड इंफेक्शन बैक्टीरियल इंफेक्शन हो. जाते हैं वी हैव सीन न्यूबॉर्न बेबीज को. वहां पे काउ डंग के केसेस अभी भी हमने. देखे हैं घी लगाने के बाद अलाइक कॉर्ड पे. घी लगाया है देखे हैं वहां पे इंफेक्शन एक. बार ग्रो होना स्टार्ट हो गया बिकॉज आपका. जो घी है या तेल है दैट एक्ट्स एज अ. मीडियम जिस पर बैक्टीरिया ग्रो हो वो वहीं. पर पड़ा रहता है तो वो मीडियम बन जाता है.
पड़े पड़े और वहां पर बैक्टीरिया ग्रो. होने स्टार्ट हो जाते हैं और एक बार. बैक्टीरिया ग्रो हुए अलाइक कड का डायरेक्ट. कनेक्शन आपके ब्लड स्ट्रीम से है तो वो. बैक्टीरिया आपके ब्लड स्ट्रीम में जाएगा. एंड बच्चे को इंफेक्शन कॉज करता है एंड वी. हैव सीन केसेस वी हैव एडमिटेड केसेस आल्सो. जो सिर्फ बिकॉज ऑफ दिस प्रैक्टिसेस जो. हमें एडमिट करके आईवी स्टार्ट करना पड़ा. मतलब इतना सीरियस हो जाता है हां तो इसलिए. अकल कॉड फर्स्ट से टू 10 डेज आपको कुछ भी. नहीं लगाना है और को नीचे रखना है क्योंकि. डाइपर भी ऊपर रहेगा तो यूरिन पॉटी भी उस. पर टच होएगी तो उसको इंफेक्शन करने का.
रिस्क रहेगा ओके व्ट्स द लास्ट मैसेज. जितने भी ये पेरेंट्स देख रहे हैं या लोग. देख रहे हैं जिनके घर में बच्चे हैं व्हाट. इज योर क्लोजिंग मैसेज फॉर देम देखो स्किन. इज द लार्जेस्ट ऑर्गन ऑफ द बॉडी एंड. बच्चों की स्किन बहुत ही सेंसिटिव होती है. तो जो भी आप प्रोडक्ट बेबी प यूज करो जस्ट. रीड द इंग्रेडिएंट्स फर्स्ट आल्सो डोंट बी. टू हार्श ऑन योर बेबी स्किन बहुत ही. जेंटली डील करो उनसे एंड.
सेकंड लव ईच स्किन टोन आप डोंट गो आफ्टर. फेयर स्किन डोंट गो आफ्टर कि नहीं ये. स्किन टोन चाहिए ईच स्किन टोन इज. ब्यूटीफुल इनकरेज सेल्फ लवन चिल्ड्रन. इनकरेज कॉन्फिडेंस इन देम एंड इट. रिफ्लेक्ट्स ऑन लॉन्ग रन फॉर शर परफेक्ट. थैंक यू सो मच सर थैंक यू सो मच फॉर. स्पेंडिंग टाइम विथ अस एंड पेशेंटली. आंसरिंग ल आर क्वेश्च थैंक यू सो मच लाक. कबीर सिंह काइंड ऑफ पर्सन इन कॉलेज नॉट. अग्रेसिव बट आई यूज फर्स्ट भी आ था मैं.
बास्केटबॉल भी खेलता हूं फुटबॉल भी खेलता. हूं मैं सब करता. हूं माय शो यूज टू कम न डीडी भारती इन माय. स्कूल आई यूज टू प्ले बंजो इफ यू नो इट्स. इंस्ट्रूमेंट आई यूज टू प्ले बैंजो माय. शोज यूज टू कम सोलो ऑन टीवी डीडी भारती पे. तो आप स्टार थे ओके हां तो स्टार बच्चा सब. स्टार कबीर सिंह वाइ थैंक यू सो मच ये. एपिसोड एंड तक देखने के लिए नाउ आपको तीन. चीजें करनी है नंबर वन अभी इस चैनल को. सब्सक्राइब कर लो क्योंकि जितना आप. सब्सक्राइब करोगे उतने ही बेहतर और.
वैल्यूएबल्स हम आपके लिए ला पाएंगे नंबर. टू मुझे कमेंट्स में बताओ कि और ऐसे कौन. से गेस्ट हैं और ऐसे कौन से टॉपिक्स हैं. जिन परे आप कुछ सीखना चाहते हो ताकि हम उन. कमेंट्स को पढ़े एंड वैसे गेस लेके आए एंड. नंबर थ्री ये एपिसोड किसी एक इंसान के साथ. जरूर शेयर करना जिससे उसकी लाइफ में एक. पॉजिटिव चेंज आएगा क्योंकि एक कन्वर्सेशन. इनफ होती है किसी की लाइफ को बेटर करने के. लिए आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम. f.
[संगीत].
