Are Supplements Useless? Ozempic, Collagen & Fat Loss Myths - OZiva Founder | FO344 Raj Shamani
आप एक इतनी बड़ी सप्लीमेंट्स कंपनी चलाते. हो। कौन-कौन से सप्लीमेंट्स कैम चल रहा. है? गमी की बात करते हैं। बोल देंगे कि. बायोटीन की गमी खा लो बाल आ जाएंगे। 4. ग्राम की गमी है। उसमें 90% शक्कर है।. इंडियंस के लिए तीन सुपर फूड टाइप के. इंग्रेडिएंट्स बताओ। मोरिंगा इवन मोदी जी. मोरिंगा का सूप पीते हैं। सिनेमन एंड. तीसरा इंग्रेडिएंट आई वुड सेन बायो फॉर. हेयर हेल्थ। शतावरी। आपके बहुत सारे. प्रोडक्ट्स मिलते हैं। क्या होता है. शतावरी? यह हॉर्मोनल हेल्थ के लिए बहुत. अच्छा है। 30% वुमेन आर गोइंग थ्रू पीएमएस.
और पीसीओएस। इसकी वजह से मूड स्विंग्स, वेट गेन, इनफर्टिलिटी ये सारा प्रॉब्लम. होता है। इसको बैलेंस करने के लिए शतावरी. इज वन ऑफ द बेस्ट हर्ब इन आयुर्वेदा।. इंडियंस को सबसे बड़ी जो गलतफहमी है वो ये. है कि उनकी डाइट अच्छी है। सारे लोग बोल. रहे हैं हां ऑइल कम. करो। जो बाहर का खाना, प्रोसेस फूड आपको. पता भी नहीं चलता। आप 1200 से 1500 कैलोरी. खा रहे हो। और वही चीज अगर आपको अपनी घर. की डाइट में से खानी होगी तो उसके लिए. आपको इतना खाना पड़ेगा टू हैव 1500.
कैलोरीज। कोई ऐसे होम रेमेडीज है जो. ओवरहाइप्ड है जो ऑइल में डाल के जो सारी. चीजें बाल में लगाते हैं मेथी का ऑइल, ये. ऑइल यार वो बहुत सरफेस लेवल ट्रीटमेंट है।. वो क्रॉनिक चीजों पे काम नहीं करती है।. ऐसे कुछ टॉप एंटी इनफ्लेममेटरी फूड्स बताओ. जो हर इंडियन हाउसहोल्ड को लेना ही चाहिए. अपनी डेली डाइट।. आपने ओज़ेमपिक या उसके जैसे और वेट लॉस. सप्लीमेंट्स का नाम तो जरूर सुना होगा।. आजकल हर कोई दूसरा इंसान या तो वेट लॉस.
सप्लीमेंट ले रहा है या सोच रहा है कि मैं. उसे लूं या ना लूं। बट क्या वो सच में काम. करते हैं? हम शॉर्टकट्स ढूंढना चाहते हैं. लाइफस्टाइल चेंजेस करे बिना एंड सिर्फ. सप्लीमेंट्स पे डिपेंड करते हैं। लेकिन. लॉन्ग टर्म हेल्थ के लिए क्या ये अप्रोच. सही है? मार्केट में जितने भी ऐसे. प्रोडक्ट्स हैं क्या वो क्लीनिकली प्रूवन. भी है या सब एक स्कैम है और इन सब. सप्लीमेंट्स के लॉन्ग टर्म रिस्क क्या हो. सकते हैं? इन सब क्वेश्चंस का आंसर देंगे. आज के हमारे गेस्ट मिहिर गदानी कोफाउंडर.
ऑफ ओजीवा जो लोगों को इनफॉर्म्ड और अवेयर. बनाना चाहते हैं अपनी हेल्थ चॉइससेस को. लेकर। अगर आप या आपके घर में कोई. सप्लीमेंट्स ले रहा है वेट लॉस जर्नी पे. है या हेल्थ के बारे में सीरियस है तो यह. एपिसोड उनके साथ जरूर शेयर करिएगा। एंड. मुझे कमेंट्स में बताना कि आप सप्लीमेंट्स. लेना प्रेफर करेंगे या. नहीं। बट आप एक इतनी बड़ी सप्लीमेंट्स. कंपनी चलाते हो। आप इतनी रिसर्च करते हो।.
आप चीजें बहुत देखते होगे बारीकी से।. कौन-कौन से वेट लॉस सप्लीमेंट्स वर्क करते. हैं। इतने बिक रहे हैं मार्केट में।. हजारों ये कुछ भी काम नहीं करेगा। कितनी. भी रिसर्च कर लो अगर आप इसके साथ में आपकी. लाइफस्टाइल खराब है मतलब आप वर्कआउट नहीं. कर रहे हो हम तो ऐसा कोई ड्रग या ये सारी. चीजें नहीं है जो आपको लॉन्ग टर्म. बेनिफिट्स देगी मे बी शॉर्ट टर्म में कोई. चीज चल जाए कोई गिमिक से चल जाए लेकिन अगर. आप वर्कआउट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एनर्जी इन. एनर्जी आउट और आपकी जो लाइफस्टाइल है जो.
खानपान है वो ठीक नहीं रखोगे तो यह कुछ भी. नहीं काम करेगा मतलब यह तो बोलना ही गलत. हो जाएगा कि मेरा यह ले लो और उसके बाद. आपको फुल लाइसेंस टू चीट है। ये तो हो ही. नहीं सकता। राइट? तो मतलब डेली वर्कआउट, वॉक और खाना पीना ढंगता तो करना ही. पड़ेगा। करना ही पड़ेगा। अदर ऑप्शन दे नो. अदर ऑप्शन। बट लोग अपनी जान लगा देते हैं।. पूरे पैसे सब बर्बाद कर देते हैं। जस्ट टू. मेक श्योर दैट दे लुक। अगर हम बात करें. सिस्टम को हैक करने की। ठीक है? अब सिस्टम. को हैक कैसे किया जाता है? जो नया.
सेमाग्लूटाइड जो ड्रग है जो वीगोवी या. ओजपिक के नाम से अभी आ रहा है मार्केट. में। अब वो करता क्या है? क्या करता है? वो आपके ब्रेन में हंगर हॉर्मोंस के. सिग्नल्स हैं। इसको हैक कर देता है। मतलब. मतलब. के आपकी बॉडी में ऐसे सिग्नल्स आते हैं।. जैसे हम बोलते हैं कि हमारी गट और ब्रेन. का कनेक्शन है। हां। राइट? तो गटका और.
ब्रेन का कनेक्शन क्या है कि भाई जब मेरा. पेट फुल हो जाए तो एक टाइप का हॉर्मोन. यानी कि एक रिसेप्टर होते हैं हमारे दिमाग. में ये क्लिक करते हैं वहां पे और वो. बोलते हैं भाई भूख लगने का सिग्नल आ जाए. और भूख खत्म होने का सिग्नल आ जाए। ठीक. है? अब ये बहुत सिंपल लैंग्वेज में मैं. समझा रहा हूं। इट। ठीक है? ये जो सिग्नल. है एक दूसरे में अंदर बात करने की चीजें. इसको ये हैक करते हैं। जैसे भूख नहीं. लगेगी। भूख ही नहीं लगेगी। तो ये होता है.
हमारी बॉडी में होता है एक जीएलपी वन करके. एक हॉर्मोन है। एक बेसिकली एक टाइप का जो. बायोकेमिकल है वो हमारी बॉडी सीक्रेट करती. है। जिसकी वजह से हमारी दिमाग को सिग्नल. जाता है कि बॉस हो गया भाई अभी मेरा पेट. भर गया है। ये जीएलपी वन क्या है? यह. नेचुरल चीज है। हमारी बॉडी खुद करती है।. इसको बनाती है। जिन लोगों को डायबिटीज का. प्रॉब्लम है, ओबेसिटी का प्रॉब्लम है, इनमें यह सिस्टम थोड़ा सा बिगड़ा हुआ होता.
है। अब जीएलपी वन ये जो ड्रग है, यह इसका. 93 या 94%. सिमिलर कॉपीड वर्जन. है। आपने अह रजनीकांत की मूवी देखी होगी. अह जो रोबोट हम उसमें वो चिट्टी होता है।. हां उसका क्लोन है वो हम अब ये वो समझो कि. जीएलपी वन का क्लोन है। वो अपने हर हफ्ते.
लेना है। इंजेक्शन महीने का वो पूरा चार. वाला सिस्टम है। वो क्या करता है कि भाई. वो अपनी बॉडी में एक्सटर्नली आप दे रहे हो. कि यह सिग्नल आ गया। तो इसकी वजह से हमारे. दिमाग को सिग्नल जाता है। अब ये जो सिंप. हैकिंग कहां है? हां नॉर्मल जो जीएलपी वन. है हमारी बॉडी का उसकी जो हर एक चीज की. हाफ लाइफ होती है। मतलब बेसिकली हमारे जो. भी बॉडी में ऐसे सिस्टम होते हैं कि कुछ. एक केमिकल आया तो उसको एक जगह से दूसरी.
जगह पहुंचाने का एक दूसरा केमिकल काम करता. है और वो उसको तोड़ते हैं। जैसे एंजाइम हो. गए जो प्रोटीन को तोड़ते हैं उसको लेके. जाके वो अपनी सही जगह पे पहुंचाते हैं।. राइट? ये उसको बोलते हैं हाफ लाइफ।. ठीक है? जो ये टूटा और वहां तक पहुंच गया।. मैं बहुत सिंपल लैंग्वेज में समझा रहा. हूं। इसकी हाफ लाइफ होती है कुछ घंटों की. जो हमारी बॉडी में जो असली जीएलपी वन अंदर. बैठा है जो बॉडी सेक्रेट कर रही है। इसकी.
है सात से आठ दिन की। तो इमेजिन वो जो आप. इंजेक्शन ले रहे हो वो सात से आठ दिन आपकी. बॉडी में घूमे जा रहा है। हम तो आपकी बॉडी. को आपने हैक किया हुआ है और सिस्टम को. बोला गया भाई ये तो अभी तक घूम रहा है।. इसका मतलब मुझे भूख नहीं लगी है। तो ये वो. स्विच को ऑफ कर ऑफ कर देता है। अब ये जब. होता है ये हैकिंग है। आप उसको कुछ भी बोल. लो। अब जिसको ज्यादा जरूरत है जो ओवरवेट.
है, ओबीस है, जिनको वर्कआउट करने से या. डाइट से भी नहीं फायदा हो रहा है, उनके. लिए शायद यह ठीक है। जिनको डायबिटीज आउट. ऑफ कंट्रोल है, इंसुलिन सेंसिटिविटी की. लगी पड़ी है, उनके लिए ठीक है। बट एज अ. फैशन बिना वर्कआउट किए और इसके लोगे तो. क्या होगा कि सबसे पहले इसके दो तरीके. हैं। एक तो यह आप लोगे तो इसमें होता क्या. है? आपका जो वेट लॉस हो रहा है उसमें 50%.
फैट हो रहा है और 50% मसल लॉस हो रहा है।. अब मसल लॉस होना इज नॉट गुड। एक तो मसल. बनाना ही इतना डिफिकल्ट है। जो बने हुए. मसल हैं वो और भी चले जाएंगे। तो इसीलिए. आपको सोचो वो जो आप बोलते हैं ना कि वो. ओजेंपिक फेस हो गया, गला पतला हो गया, मुंह पिचक गया। ये इसकी वजह से होता है।. बिकॉज़ देन और फिर आपको भूख ही नहीं लगी।. आपके पास एनर्जी नहीं है। आप वर्कआउट ही. नहीं कर पाते। सो इमेजिन दिस इज़ अ सुपर.
हैकी वे टू डू इट। सबके लिए नहीं होना. चाहिए। ये जिसको बहुत ज्यादा जरूरत है. उनके लिए उनके लिए है। और और देखो ये ऐसी. ना ऐसी टाइप की ड्रग्स 2000 में भी आई थी।. सन 2000 में 1980 में भी आई थी। इससे जो. साइड इफेक्ट्स हैं। अब इस पे ये अभी नया. है। इस पे स्टडीज और होगी। अब ऐसी टाइप से. जो सिस्टम है हैकिंग वाली ब्रेन को हैक. करने वाली जैसे वैसे पहले भी आ चुकी है.
उससे डिप्रेशन के केसेस बढ़ गए थे। अभी. यूरोप में इसकी बात नहीं कर रहा। इसके. पहले जो ड्रग्स आई थी जो सिमिलर मैकेनिज्म. ऑफ एक्शन या उसके आसपास थी इनसे क्या हो. गया कि आपके जो ब्रेन में जो सिग्नल्स है. जो हैप्पी हॉर्मोंस के सिग्नल्स हैं उसको. भी उसने ब्लॉक कर दिया।. तो इसकी वजह से बहुत सारे आप बोले थे. यूरोप में कुछ यूरोप में इट वास. बैंड वो चार छ महीने में बहुत सारे लोगों.
नेगेटिव इफेक्ट्स देखे इसके पीपल वेंट टू. डिप्रेशन देन दे यू नो डिड रोंग थिंग्स टू. देयर लाइव्स राइट जिसको जिसकी वजह से इसको. बैन कर दिया। सो नाउ वी हैव टू वेट एंड. वॉच कि यह सिर्फ इंजेक्शन आ गया तो मेरी. लाइफ अभी वेट लॉस इजी हो गया। यह नहीं है।. दूसरा अब बात आती है कि भाई बाकी की जो.
ड्रग्स हैं या नेचुरल रेमेडीज है यार ये. सब कुछ तभी काम करेगा। सप्लीमेंट का मतलब. क्या होता है? सप्लीमेंट का मतलब होता है. कि इट्स अ सप्लीमेंट्री थिंग टू योर डाइट।. इट कैन नॉट बी अ मेन पार्ट। हम राइट? आप. उसके भरोसे पूरा मत करो। उसको एज अ. हेल्पिंग हैंड लो। साथ में आपको वर्कआउट. साथ में थोड़ा. सा अच्छा खाना और एनर्जी इन एनर्जी आउट तो.
चलेगा और साथ में ग हेल्थ पे ध्यान देना. बहुत जरूरी है। तो लेट मी कम बैक टू द ग. हेल्थ. प्रॉब्लम। गट हेल्थ से इनफ्लेमेशन। अभी आप. बहुत लोगों ने सुना होगा कि इनफ्लेमेशन. क्या है? इनफ्लेमेशन के बारे में बात कर. रहे हैं लोग। क्या होता है इनफ्लेमेशन? समझो आपकी बॉडी में है ना कोई चोट लग गई. या आपको कोई इंफेक्शन हो गया तो इस टाइम. पे बॉडी जो इम्यून रिस्पांस भेजती है आपके. बॉडी में सपोज चोट लग गई वहां पे लाल हो. गया स्वेलिंग हो गई तो ये इनफ्लेमेशन का. एक छोटा सा एक रूप है। अब एक वाइल्ड फायर.
अभी लगी थी कैलिफोर्निया में। तो वो. कैलिफोर्निया की वाइल्ड फ़ायर अगर पहले ही. बुझा दी जाती तो. यू नो इतना बड़ा वाइल्ड फायर इतना ज्यादा. नुकसान लोगों के घर जल गए ये सब नहीं. होता। तो जब ये आउट ऑफ कंट्रोल हो जाता है. इन्फ्लेमेशन तो आपकी बॉडी में ऐसे भयानक. चीजें वो करता है और उसके लिए क्या चाहिए? फायर एक्सटिंग्विशर चाहिए। राइट? फायर को. बुझाने के लिए। तो फायर एक्सटिंग्वशर का. काम क्या है? के उसको शांत करें आपकी बॉडी.
में जाके। तो यही होता है जब आप एंटी. इनफ्लेममेटरी फूड खाते हो। एंटी. इनफ्लेमेटरी डाइट लॉन्ग टर्म में क्रूशियल. कोई बेनिफिट्स होते हैं क्या इसके हेल्थ. पे? तो यहां पे मैं एक सिंपल चीज बताता. हूं। एंटी इनफ्लेममेटरी के साथ में एफ एल. ए एम ई को याद रखना है। एफ मतलब फाइबर रिच. फूड। एल मतलब लो ग्लाइसेमिक फूड। मतलब. आपका जो खाना आप खाते हो उसमें से आपको. अगर हाई शुगर स्पाइक नहीं होती है वैसी.
चीजें जैसे खिचड़ी जहां पे प्रोटीन और. कार्ब्स ये दोनों साथ में मिलके जाते हैं. तो ये लो ग्लाइससेमिक है। फिर ए मतलब. एंटीऑक्सीडेंट। तो आपका जो अलग-अलग कलर के. जो आप फ्रूट्स खाते हो उसमें आपको. एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं। जैसे बहुत. सारे हर्ब्स होते हैं जैसे तुलसी हो गया, जिंजर हो गया, टर्मरिक हो गया। ये सों में. से आपको एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टी. मिलती है। तो एफ एल ए बाद में आता है एम।. एम बहुत इंपॉर्टेंट है जो कि माइक्रोबायोम.
है। जो आपके गट के माइक्रोबायोम्स हैं। ये. अगर अच्छे से काम करते होंगे तो आपका एंटी. इनफ्लेममेटरी डाइट में इसका रोल बहुत बड़ा. है। तो मतलब आप जो फर्मेंटेड फूड आप ले. सकते हो, आप यू नो दही ले सकते हो, कर्ड. ले सकते हो, छाछ ले सकते हो। ये सारी. चीजें एंटी इनफ्लेमेटरी डाइट का पार्ट. होनी चाहिए। और ई मतलब एसेंशियल फैट। तो. फैट से घबराना नहीं है। जो एसेंशियल फैट. है, गुड फैट है वो आपकी बॉडी में अगर. होंगे, आपकी डाइट में होंगे तो ये एंटी. इनफ्लेममेटरी डाइट का पार्ट होगा। तो एफ.
एल ए एम ई तो ई में क्या आता है कि. एसेंशियल फैट में आप वालनट्स ले लो, आप. ऑलिव ऑयल ले लो। राइट? सो ये सारी चीजें. हैं। देखो अब जाके सप्लीमेंट की बात आती. है कि सप्लीमेंट किस चीज के लिए लेना. चाहिए? रूट कॉज फिक्स करने के लिए लेना. चाहिए कि फैट लॉस करने के लिए लेना चाहिए? राइट? सो स्टडीज देखो लाइक हम जैसे हमारा. अ प्रोडक्ट है हम उसमें अलग-अलग टाइप से. स्टडी करते हैं। मल्टीपल चीजें होती है जो. मल्टीपल एंगल्स होते हैं उस पे ये काम.
करता है। फॉर एग्जांपल अगर दालचीनी की बात. करो हमारा. एकदम सालों से यूज़ होने वाला इंग्रेडिएंट. है। हां। अब दालचीनी में ऐसे कॉमोनेंट्स. हैं हम सिनेमन में जिसे बोलते हैं. पॉलीिफिनोल्स।. यह पॉलीफिनोल्स एक टाइप के बायोकेमिकल है, फाइटोकेमिकल है जो आपकी बॉडी. में जो इनफ्लेमेशन है इसको कम करने के लिए. काम आते हैं। इसमें आपका जो जितने भी.
प्रॉब्लम है जैसे फॉर एग्जांपल ग हेल्थ को. ठीक करने के लिए हम बोलते हैं कि भ ज्यादा. बैक्टीरिया होने चाहिए। अच्छे बैक्टीरिया. होने चाहिए। बुरे बैक्टीरिया नहीं होने. चाहिए। तो ये जो अच्छे बैक्टीरिया को लिए. अच्छी सोइल बनाना भी जरूरी है। उसको ग्रो. करने के लिए पॉलीफिनोल्स चाहिए। वो. दालचीनी में होते हैं। वो दालचीनी में. होते हैं। अब वो कितने क्वांटिटी में होते. हैं? कितने स्टैंडर्डाइज करने हैं? इस पे. हम काम करते हैं। अब हो गई कि भाई कौन से. टाइप के बैक्टीरिया अच्छे हैं। अब हमारी.
इतनी सारी स्टडीज हुई है। हमारा जो गट का. माइक्रोबायोम है, इसमें बहुत सारी. डायवर्सिटी होनी चाहिए। जितनी डायवर्सिटी. ज्यादा उतना अच्छा और उसमें पॉजिटिव. बैक्टीरिया अच्छे जितने बैक्टीरिया है वो. ज्यादा और बुरे बैक्टीरिया कम होंगे तो. अंदर फाइट कम होगी और ये सब जो खुलना बंद. होना ये सब चीजें कम हो जाएगी और ये जो. अच्छे बैक्टीरिया है ये क्यों काम आते हैं. ये आते हैं ये भी जो आप उसको खाना आप जो.
खाना खाते हो उसमें से वो कुछ निकालते हैं. फिर वो भी तो कुछ एक्सक्रीट करता है उसको. बोलते हैं मेटाबॉलिकली एक्टिव कंपाउंड्स. जो उनके मेटाबोलाइट्स होते हैं। जैसे वो. उन्होंने कुछ अंदर केमिकल चेंज किया उसको. बोलते हैं एससीएफए जो अच्छे बैक्टीरिया. होते हैं। एससीएफ मतलब शॉर्ट चेन फैटी. एसिड हम ये अच्छे होते हैं हमारी बॉडी में. जैसे एनर्जी प्रोडक्शन बेटर हो। राइट? जैसे मेटाबॉलिज्म बोलते हैं तो क्या है कि. भ आप एक चीज फूड को एनर्जी में कितने.
एफिशिएंटली कन्वर्ट कर पाते हैं। जैसे कि. कोई एक अच्छा इंजन है उसकी इंजन का पावर. भी अच्छा है। इंजन की लाइफ भी अच्छी है।. इंजन एवरेज भी बेटर दे रहा है। तो वो सबसे. अच्छा इंजन होगा। तो ये आपकी बॉडी का एक. इंजन है। इसको ठीक करने रखने के लिए हमें. क्या-क्या चाहिए? हमें एससीएफए चाहिए।. हमें ब्यूट्रिक एसिड चाहिए जो ये बनाते. हैं। राइट? यही बैक्टीरिया जैसे एकरमसिया.
म्यूसिनेफेलिया नाम का एक बैक्टीरिया होता. है। ओके? जो ये सब बनाता है और. ये एक दूसरे के भाई-भाई है। समझो कि ये. मैं राज को सपोर्ट कर रहा हूं। राज मुझे. सपोर्ट कर रहा है। एक सिमबायोटिक. रिलेशनशिप। राइट? तो ऐसे बहुत सारे. बैक्टीरिया होते जैसे बिफडो बैक्टीेरियम. एनिमलिस नाम का एक बैक्टीरिया होता है।. थोड़ा सा टेक्निकल हो जाएगा ये बट मैं फिर. भी थोड़ा और कोशिश करूंगा कि इसको और.
सिंपलीफाई करके समझाऊं। ये दोनों एक दूसरे. से दोस्त दोस्त हैं। एक का काम एक का जो. कन्वर्शन है वो दूसरे के लिए काम आता है।. और ये एक दूसरे के लिए खुशी-खुशी रहते. हैं। मतलब दो नेबर हैं बहुत अच्छे से रहते. हैं। तो यू नो बहुत अच्छा एनवायरमेंट रहता. है। ओके? ये दोनों अगर अच्छे हुए तो ये. जैसे हमारे लैक्टोबसिलस बोलते हैं जैसे. हमारा जो जितना लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया.
है ये सारी चीजें हैं। तो ऐसे ट्रिलियंस. लाखों करोड़ों बैक्टीरिया अलग-अलग अलग-अलग. टाइप के हैं हमारी बॉडी में। अब ये आपकी. बॉडी में अगर अच्छे से नहीं काम कर रहे. हैं तो ये सब गड़बड़ चलते रहेगी। हियर वास. अ क्वेश्चन कि आपने बोला वेट गेन हो रहा. है आपका। ये रीज़न नहीं है। उसका एक्चुअल. रूट कॉज तो कुछ और होगा। और और है। राइट? या तो आपकी बॉडी में कहीं पे स्वेलिंग. होगी या इनफ्लेमेशन है या आपकी डाइट खराब. है या आपकी ग हेल्थ खराब है, मेंटल हेल्थ. खराब है, फिजिकल हेल्थ खराब। कुछ ऐसा.
रूट कॉज है जो आपको नहीं पता। जो आपको. नहीं पता है। तो रूट कॉज कैसे ढूंढूं मैं? हां। तो देखो मैं आज मान लो मुझे वेट लॉस. करना है और मैं 100 किलो का हूं। अब रूट. कॉज क्या है? और मैं रोज सुबह उठ के वॉक. करता हूं या मैं जिम जाता हूं। जिम जाने. के बाद मैं आके नॉर्मल खाता हूं खाना जो. बाकी सब भी खाते हैं मेरे घर में। बाकी सब. खाते हैं वो फिट है। मैं भी वही खाना खाता. हूं और मैं और मोटा ही होते जा रहा हूं।. प्लस मैं वर्कआउट करता हूं तो भी कम नहीं.
हो रहा। सो क्या है जो मैं मिस कर रहा. हूं। तो आपकी जो गट की डायवर्सिटी है ये. आप चेक करा सकते हो। ठीक है? कैसे गट. हेल्थ चेक कराते हैं? सिंपल है जो हम. हमारा जो पू होता है उसको टेस्ट करके पता. चल जाता है. 57000 की टेस्ट आती है माइक्रो गट. माइक्रोबायोम की टेस्ट इफ दैट इज द रीज़न. यू कैन डू अ टेस्ट घर बैठे 810 दिन में. उसका रिपोर्ट आ जाता है और आपको पता चल. जाता है कि भाई आपका गट माइक्रोबायोम क्या. है कैसा है टेस्ट नहीं होते अगर मैं गट.
हेल्थ की बात कर दूसरा आप देख सकते हो कि. इनफ्लेमेशन के मार्कर्स हैं राइट तो. इनफ्लेमेशन की टेस्ट करा सकते हो ब्लड. टेस्ट ब्लड टेस्ट टेस्ट करा सकते हो। तो. ब्लड टेस्ट ना आपकी कुंडली है। बेसिकली. ब्लड टेस्ट इज़ योर कुंडली। आपको एंड सारी. चीजें अवेलेबल है अभी और काफी सस्ते दामों. में भी अवेलेबल है। आपको पता होना चाहिए. कि आपको क्या करना है। हम तो इनफ्लेमेशन. अगर रीज़न है तो आपको वो ब्लड टेस्ट से समझ. में आ जाएगा। गट माइक्रोबायोम अगर रीज़न है. तो आपको वो उसका टेस्ट करके समझ में आ. जाएगा। सो मान लो कि मैं अब ग माइक्रोब.
करा के आ गया। मुझे पता चल गया मेरी ग. हेल्थ गड़बड़ है। हम या ये टेस्ट करा लिया. मैंने। ठीक है? आप बोल रहे हो मेरा वेट. इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि अंदर कोई रूट. कॉज प्रॉब्लम है और रूट कॉज अब मेरी ये. रिपोर्ट में आएगी या अब ये रिपोर्ट में. मुझे क्या पता चलेगा क्या-क्या पता चल. सकता है व्हाट सबसे कॉमन चीजें आपने क्या. देखी है जो लोगों में होती है एंड लोगों. को पता भी नहीं होता है माइक्रोोनट्रिएंट. डेफिशिएंसी माइक्रोोनट्रिएंट डेफिशिएंसी. ये सबसे मेजर रीज़ंस होते हैं इसमें. क्योंकि आपको लगता है आपको लगता है कि.
आपकी डाइट सही है जैसे आपने बोला कि वो. मेरे घर वाले खाते हैं मैं भी वही खाता. हूं मैं वर्कआउट भी करता हूं ये भी करता. हूं फिर भी मेरा वेट लॉस नहीं हो रहा है।. सो वुड यू से कि इंडियंस को सबसे बड़ी जो. गलतफहमी वो ये है कि उनकी डाइट अच्छी है।. हां वो सबसे बड़ी गलतफहमी है। हम हम तो. लाखों लोगों के साथ में यू नो रोज. इंटरेक्ट करते हैं। राइट? हम हमने लाखों. कंसल्टेशंस किए हैं। तो मेरा डाटा तो यही. बोल रहा है कि 70% जो लोग हैं इनका सबसे. बड़ा प्रॉब्लम उनकी डाइट है। हम और अगर वो.
वो ठीक कर लें तो बाकी सारी चीजें. मैनेजेबल है। टेल मी एक एग्जांपल के साथ. बताओ कौन सी एक बेसिक इंडियन डाइट है जो. आपको लगता है कि लगभग हर घर में लोग खाते. ही हैं। और वो गलत है। जो लोगों को लगता. है अच्छी है और आपको पता है कि वो गलत है।. क्या है? तो देखो उसके लिए मैं थोड़ा पीछे. जाऊंगा कि जैसे अभी मोदी जी ने बोला था कि. 70 ये कम कर दो ऑइल का कंसमशन कम करो।. राइट? सारे लोग बोल रहे हैं हां ऑइल कम. करो। भाई सिर्फ ऑइल के ऊपर ठीकरा फोड़ के.
कोई मतलब नहीं है। राइट? आपकी पूरी सिस्टम. को आपको ठीक करना पड़ेगा। जैसे यह जो. हमारी वेस्टर्नाइज्ड डाइट हो चुकी है जो. बाहर का खाना, प्रोसेस्ड फूड यह बना ही इस. तरीके से है कि आप जैसे एक जो मील आता है. ना वह 1200 से 1500 कैलोरी का हो जाता है. जिसमें आप एक बर्गर डबल वाला आप खा लेते. हो वो बड़ा सा एक कोल्ड ड्रिंक और साथ में. वो फ्र्राइ राइट आपको वो दो चीज फ्री देने.
के चक्कर में आपको पता भी नहीं चलता आप. 1200 से 1500 कैलोरी खा रहे हो इमेजिन और. वही चीज अगर आपको अपनी घर की डाइट में से. खानी होगी तो उसके लिए आपको छ से आठ रोटी. दाल सब्जी. चावल और दही और साथ में कोई एक स्वीट इतना. खाना पड़ेगा टू हैव 1500 कैलोरीज वन. लेट्स से वन मीडियम साइज मील इवन लार्ज. साइज लार्ज साइज पकड़ लो एक लार्ज साइज.
मील इक्व टू मीडियम टू लार्ज में अगर 1000. से 1500 के बीच में का वो है तो सोचो मतलब. दीज़ आर हाइपरपेटेबल. [संगीत]. फूड्स ये बने ही ऐसे हैं बिकॉज़ इसमें ऐसे. इंग्रेडिएंट्स जाते हैं जो आपके पैेट पे. जाके आपको क्रेविंग और होती है। इमेजिन जब. आप एक वो जो ब्रांड का नाम नहीं लूंगा बट. अगर आप एक वो चिप्स खाते हो उनका तो टैग.
लाइन ही वो है कि आप एक नहीं खा सकते। तो. हम सुबह उठते हैं। उठते से सुबह घर वाले. चाय या कॉफी पीते हैं। हम उसमें एक-दो. चम्मच शक्कर होती है। दैट इज फर्स्ट। फिर. उसके बाद पोहा खाते हैं। पोहे के साथ सेव. होता है। यह आपका हो गया फर्स्ट मील हम।. देन आप आते हो लंच पे। लंच पे बेसिक रोटी. सब्जी खाओगे। इसके बाद शाम आती है शाम तक. तो अब भूख लग जाती है। तो ये हो जाता है. स्नैकिंग टाइम। इस स्नैकिंग टाइम में वही. कचौड़ी, समोसे, चाय के साथ या सेफ व परमल.
इंदौर में लोग खाते हैं बाहर का। फिर आप. रात को घर आते हैं 8 9:00 बजे के आसपास. वहां पर फिर दाल चावल के साथ हैवी मील खा. के एंड हो जाता है खाना और ज्यादा से. ज्यादा अगर कभी-कभी लगे स्वीट तो उसके साथ. एंड में एक डेजर्ट होती है। किसी-किसी घर. में डेली बनती है, किसी में कभी-कभी होती. है। ये एक बेसिक इंडियन डाइट है जो मेरे. घर में फॉलो हुई है सालों से। अब इसमें. गलत क्या है? सो अगर यह जो डाइट है यह कम. से कम 2500 से 3500 के बीच में कैलोरीज.
होगी इसमें। राइट? बिकॉज़ और इसमें सबसे. ज्यादा जो कैलोरी आ रही है जो एक्स्ट्रा. कैलोरी आ रही है अगर इसको भी काट दोगे तो. इसमें से कम से कम 1500 कैलोरी आप हटा. सकते हो।. तो इसमें 2500 से तीन 35000 कैलोरीज। सबसे. पहले तो आपने जो चाय और सुबह जो नाश्ता. किया है। नहीं पहले 2500 से 3000 कैलोरीज. है तो कितनी रखनी चाहिए एक बेसिक? अगर. आपको देखो वेट लॉस करना है हां राइट तो.
बेसिकली एनर्जी इन एनर्जी आउट तो आपको अगर. 5 किलो वेट कम करना है तो आपको पर वीक. 1/2-आधा किलो का भी अगर टारगेट रखें तो. मिनिमम 500 कैलोरी का डेफिसिट आपका होना. चाहिए और इसमें बीएएमआर का एक फार्मूला है. लोग Google करके देख सकते हैं कि उनका. बीएमआर क्या है बेसिकली जो आपका बेसल. मेटाबॉलिक रेट जो. आपको सांस लेने के लिए देखने के लिए. बेसिकली के लिए इट्स लाइक के जो आपका फोन. है ना ये जब नहीं भी चल रहा है तो कुछ तो. बैटरी जा रही है। हम ये 50 60 60% आपकी.
बॉडी ना ये एनर्जी के लिए लेती है। उसके. बाद जो आप खाना खाते हो उसको पचाने के लिए. कुछ एनर्जी लगती है। और जो ये गंदी चीजें. खाते हो उसको ऐसा नहीं है कि उसके लिए. ज्यादा एनर्जी लगती है। एनर्जी उतनी ही. लगेगी बिकॉज़ वो तो कार और ये तीन. माइक्रोोनट्रिएंट ही है। तो टेक्निकली वही. है।. तो और साथ में वर्कआउट बोलते हैं लोग करते. हैं लेकिन करते तो नहीं है उससे 5 सात%. आएगी और कुछ होगी जो नॉन एक्सरसाइज.
रिलेटेड. जो वेट कितनी एडल्ट को कितनी कैलोरी खानी. चाहिए दो यार 2000 इज अ गुड इनफ थिंग बट. बेसिकली वो उनकी हाइट वेट और उसका एक. रेश्यो के हिसाब से आएगी बट मैं अगर. नॉर्मल बात करूं अगर 2000 का एग्जांपल. लेके चलें तो आपको 500 कैलोरी कम करनी है. 2500 से 500 2000 000 पे आ गए और आप. एक्सरसाइज से 300 कैलोरी एडिशनल बर्न कर. दो। आपका वेट लॉस के लिए कुछ भी और करने. की जरूरत नहीं है। आपको तो टेक्निकली 1800.
से 2000 कैलोरीज होनी चाहिए। लेकिन अभी एक. बेसिक जो मैंने डाइट बताई उसके हिसाब से. इंडियंस आप बोल रहे हो 3000 के आसपास. कैलोरीज खाते हैं। अब्सोलुटली। और ये 1000. कम करनी है। हां। अब ये इसमें एनर्जी आप. जो कैलोरी ले रहे हो उसका सोर्स क्या वो. भी इंपॉर्टेंट है क्योंकि ये जो डाइट है. इस डाइट में फैट इतना ज्यादा है, कार्ब. इतने ज्यादा है, प्रोटीन बहुत कम है। और. उसकी वजह से होता क्या है कि आपका. मेटाबॉलिज्म और लो होता है। बिकॉज़ आपके. पास मसल मास वीक होते जाता है आपका। और. मसल मास जब ज्यादा होता है तब आप रेस्टिंग.
में भी ज्यादा कैलोरीज बर्न कर सकते हो।. तो यू आर एट बेनिफिट। आपको वर्कआउट कम. करके भी आप उतनी ज्यादा कैलोरी बर्न कर. लोगे। तो प्रोटीन का इंपॉर्टेंट है इसमें. आना। साथ में जो यह एडिशनल एक-ए दो चम्मच. शक्कर है, राइट जो वो भुजिया है, सेब है, ऊपर जो जाने वाली चीजें हैं, यह कम से कम. 150 200 कैलोरी आपकी एक्स्ट्रा जा रही है. इससे। अगर आप उसको बेक्क कोई चीज ले लो या. उसका कोई हेल्थियर अल्टरनेटिव देख लो और. मेजर करना सीख जाओगे ना तो आपका आधा काम.
हो गया। तो ये हम सिखाते हैं लोगों को।. यही हम बोलते हैं कि भाई ये है और साथ में. आपको सप्लीमेंट्स है टू फॉर एग्जांपल देयर. आर सिनेमन पॉलीिफिनोल्स की हमने बात की थी. पहले तो सिनेमन पॉलीिफिनोल्स हेल्प यू. रेगुलेट योर ब्लड शुगर एंड जो शुगर. स्पाइक्स होती है इंसुलिन रेजिस्टेंस का. जो प्रॉब्लम है इसको सॉल्व करने में हेल्प. करता है तो ये दालचीनी आप ऐड कर सकते हो. आप प्रोबायोटिक्स ऐड कर सकते हो आप आपको. दूसरा एक होता है गार्सीनिया कंबोजिया उस.
पे भी बहुत सारी स्टडी है उसमें होते हैं. हाइड्रोक्लोरिक एसिड ये एच एचसीए जो होता. है ये आपकी बॉडी में फैट बर्निंग के लिए. फैट मेटाबॉलिज्म के लिए काम आता है। राइट? सो ऐसे छोटे-छोटे छोटे-छोटे एक्शंस आप. लेके भी आप 200 400 500 कैलोरी आपका बर्न. कर लोगे एक्स्ट्रा। तो वहां से आपका वेट. लॉस होगा और एक बार आपने बोल दिया कि भाई. हां ये वेट पे मैं पहुंच गया। उसके बाद. मुझे मेंटेन करना है तो मेंटेनेंस कैलोरी. खाओ और ये सप्लीमेंट्स को साथ में लेते. रहो कि जो आपको मैनेज करता रहे। तो इट्स.
दैट सिंपल। आप एफर्ट डालो थोड़ा सा। बिकॉज़. सिर्फ डरने से काम नहीं होगा, सिर्फ सोचने. से काम नहीं होगा। अभी बहुत कुछ चीजें. अवेलेबल है। रिसर्च आपका थोड़ा सा खुद करो. और ब्रांड्स को सवाल पूछो। अगर इफ दे हैव. स्टडीज थोड़ा सा क्या पूछना चाहिए ब्रांड्स. को? जो ब्रांड एक सप्लीमेंट बेच रही है।. मैं एज अ कस्टमर उनसे क्या क्वेश्चंस. पूछूं? क्लीनिकल स्टडीज आप पूछ सकते हैं।. या तो इंग्रेडिएंट पे कोई क्लीनिकल स्टडी. है। उसका डोज़ेज पे क्लीनिकल स्टडी जैसे. हमारा जब भी कोई भी इंग्रेडिएंट हम यूज़.
करते हैं उस पे मिनिमम पांच क्लीनिकल. स्टडीज ऑन दैट पर्टिकुलर डोज़ेज अगर नहीं. है, हम तो हम हमारे इंग्रेडिएंट में उसमें. डालते ही नहीं है उसको। सो दैट इज़ मैंडेट. फ्रॉम द डिज़ाइन जो अगर फॉर्मुलेशन डिज़ाइन. भी होगा तो इसमें वहां से शुरुआत. होगी। तो वी आर हियर टू गिव एफिकसी। तो. एफिकेशियस है या सिर्फ फैट के लिए ले रहे. हो आप? बोल दिया. भाई 200 एमg है उसमें स्टडीज तो 500 पे.
है तो काम ही नहीं करेगा। तो ये सोच अब जब. धीरे-धीरे अब लोग लेबल पढ़ना सीखे हैं ना।. अब नेक्स्ट लेवल पे जिसको जाना है उसको. यहां जाना है। तो वो चाबी उनके हाथ में. है। के भाई आप डोसेज भी देखना चालू करो।. तो आपको बेटर जैसे बोलते हैं कि प्रोटीन. में आप फ्रंट देख रहे हो अब तक कि 25. ग्राम प्रोटीन है, 24 ग्राम प्रोटीन है।. वहां से आप थोड़ा पीछे जा तक गए हो।.
थैंक्स टू लॉट ऑफ़ अवेयरनेस बाय फूड फार्मर. एंड लॉट ऑफ़ अदर पीपल। राइट? जो इंडस्ट्री. के लोग हैं, जो अच्छे न्यूट्रिशनिस्ट हैं, हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स हैं। ये सारे. एडुकेट करते हैं। हमारी जैसी कंपनियां है. जो एडुकेट करती. है। उसके बाद अब वो पहुंचे हैं कि. इंग्रेडिएंट लिस्ट देखने लग गए हैं।. नेक्स्ट लेवल शुड बी फॉर एनी इनफॉर्म्ड. कंज्यूमर इज टू चेक द क्वांटिटी ऑफ़ द. इंग्रेडिएंट्स। कि भाई वो कितनी क्वांटिटी. में है जिससे यह बेनिफिट क्लेम हो रहा है।.
यू नो कल एक मैंने. मैंने एक ऑर्डर किया क्विक कॉमर्स से ही. कुछ हेल्दी स्नैक. पैकेट। मैंने बोला चलो खाते हैं। एंड मेरे. पास मेरे कैलोरी इंटेक के हिसाब से 150. पौने 200 कैलोरीज बची थी। मैंने बोला कि. स्नैक खा लेंगे हो जाएगा। स्नैक में आके. लिखा था 119 कैलोरीज। हम ठीक है। इतने. ग्राम जीरो ट्रांस फैट, जीरो शुगर, जीरो.
ये और 19 कैलोरीज। मैंने बोला बढ़िया है. ये पूरा पैकेट खा लेता हूं मैं हम मस्त है. 19 कैलोरीज मेरा हो जाएगा टेस्ट भी हो. जाएगा भूख भी लग रही है खत्म हो जाएगा. मैंने पलट लिया पैकेट पैकेट पलटा तो उस पे. लिखा था पर 25 ग्राम ये है पर ये वाला जो. पैकेट है वो 100 ग्राम का है ये तो 100. ग्राम का है और जो आगे लिखा है फिर मैंने. वापस पलटा मैंने आगे झूठ कैसे लिख सकते. हैं और नीचे से स्टार बना के इतनी छोटी सी. लाइन में लिखा हुआ है सो पैकेट पे लिखा.
हुआ है की ये 19 कैलोरीज है टेक्निकली दे. आर नॉट रोंग. टेक्निकली वो खेल गए 25 ग्राम पे बट पैकेट. था 100 ग्राम मैं वो 19 समझ के पूरा खाने. वाला था जब आपका चार गुना हो जाता है और. 450 500 कैलोरीज के आसपास काम हो जाता हां. तो ये देखो वही है ना कि फ्रंट एंड बैक. देखो अगर आपको आपकी लाइफ का कंट्रोल चाहिए. तो वरना फिर आप लोगों को गाली देते रहोगे. कंपनियों को गाली देते रहोगे कि ये ऐसे. हैं ये मार्केट इयर्स ऐसे हैं ऐसे काम. नहीं चलेगा राइट यू नीड टू बी अवेयर ऑफ.
योर हेल्थ आपकी हेल्थ आपकी प्रायोरिटी. होनी होनी चाहिए। फिर आपकी कोई कंपनी आपको. फिर बेवकूफ नहीं बना सकती। आजकल बहुत कॉमन. हो गया है। यह बहुत सारी कंपनीज़ रोज ऐड. चलाती है डीएसटी ब्लॉगर्स के ऊपर। व्हाट. इज डीएसटी ब्लॉक? क्या होता है? सो डीएचटी. इज अ टाइप ऑफ हॉर्मोन व्हिच योर बॉडी. मेक्स जो टेस्टोस्टेरोन जो होता है वो. कन्वर्ट हो जाता है. डाईहाइड्रोट्रोस्टोस्टेरोन में। तो होता. है उसका शॉर्ट फॉर्म है डीएचटी।. डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन और ये डीएचटी. हमारी बॉडी के लिए जरूरी भी है बाकी. फंक्शनंस किसीकिसी चीजों के लिए। तो इट्स.
नॉट अ बैड गाय कंप्लीटली. व्हेन दिस जो इमंबैलेंस हो जाता है जब. टेस्टोस्टेरोन टेस्टोस्टरॉन का कुछ काम है. डीएसटी का कुछ काम है जब. टेस्टोस्टेरोन डीएसटी में ज्यादा कन्वर्ट. होने लग जाता है तब ये प्रॉब्लम शुरू होती. है और स्पेशली इन मेल एंड फीमेल बोथ केसेस. ये आपके जो हेयर फॉलिकल्स हैं उसके जो. रिसेप्टर्स हैं और जो डीएचटी के.
रिसेप्टर्स हैं। वो सिमिलर है दिखने में. तो वो गलती से वहां जाके बैठ जाता है।. आपके हेयर फॉलिकल्स को श्रिंक कर देता है।. जब वो श्रिंक हो गए तो उसको प्रॉपर. नरिशमेंट नहीं मिलती। इसलिए आपको हेयर फॉल. होता है। तो ये हेयर फॉल के लिए डीएचटी को. कंट्रोल में रखने के लिए डीएचटी ब्लॉकर्स. होता है। तो इसमें होता है एक फाइव अल्फा. रिडक्टेज नाम का एक बीच में एक एंजाइम. होता है जो टेस्टोस्टेरोन को डीएचटी में. कन्वर्ट करने के लिए जाना जाता है। ये उस.
पे काम करके उसकी एक्टिविटी को ब्लॉक करता. है। उसको बोलते हैं डीएचटी ब्लॉकर। तो वो. डीएचटी को नहीं ब्लॉक कर रहे। वो फाइव. अल्फा रिडिक्टेस एंजाइम है उसको ब्लॉक कर. रहे हैं ताकि डीएचटी ब्लॉक हो सके। ओके? बट इसके साइड इफेक्ट्स क्या होते हैं? सो. टेस्टोस्टेरोन के फंक्शनंस हैं जो आपके. बेसिकली एंड्रोजन है जो आपके यू नो सारी. चीजों के लिए काम आता है। जैसे स्टैमिना. है। राइट? आपका सेक्सुअल फंक्शनंस हैं।. राइट? आपके जो हेयर ग्रोथ है। राइट? ये सब. चीजों में काम आता है। तो ये जब ये कम हो.
जाएगा तो भी प्रॉब्लम है। ये बढ़ जाएगा तो. भी प्रॉब्लम है। उसकी वजह से क्या होता है. कि भ पिंपल्स आ गए। राइट? आपका दूसरा एक. प्रॉब्लम होता है कि जो आपके जो ग्लैंड्स. हैं जो ऑइल सेबेशियस ग्लैंड बोलते हैं. उसको ये ओवरएक्टिवेट कर देता है जो ये. डीएचटी का कन्वर्जन ज्यादा होता है तो तो. फिर भी आपको प्रॉब्लम होती है आपका. स्कैल्प इसकी वजह से आपको यू नो इचीनेस यू. नो स्केलीनेस ये सारी चीजें होती है जो.
इमंबैलेंस है एनीथिंग ये सारे हॉर्मोन का. खेल है ना तो ये हॉर्मोंस हैं ये आपकी. लाइफ चलाते हैं तो इसके साथ में कुछ भी. खिलवाड़ हुआ प्रॉब्लम तो आपका प्रॉब्लम. है। तो ये डीएचडी ब्लॉकर्स जो हैं. ये. सम ऑफ द जो हर्ब्स है उसमें ऐसी. प्रॉपर्टीज होती है कि वो ये एक्शन ले. सके। जैसे हमारा एक प्रोडक्ट है हेयर.
विटामिंस। उसमें वी हैव डन लाइक अह जो मेन. इंग्रेडिएंट है सेज़ेन बायो व्हिच इज़. सेज़बेनिया अगती अह लीव्स से हम उसको. एक्सट्रैक्ट करते हैं। उस पे हमने डीएसटी. ब्लॉकिंग की स्टडी करी हुई है। इट शोज़. डीएचटी ब्लॉकिंग इफेक्टिवली 40% तक। राइट? तो इस पे डीएचटी ब्लॉकिंग की एक्टिविटी. है। तो ऐसे बहुत सारे नेचर में मॉलिक्यूल. अवेलेबल है जो इंटरेक्ट करके आपको ये कर. सकते हैं। इसके लिए आपको ड्रग की जरूरत. नहीं है। एंड यानी हम हम इसको डिजाइन करते.
हैं इस तरीके से कि भ उसका कितना परसेंटेज. एक्सट्रैक्ट करना है। जैसे हमने उसमें. फ्लैबिनोइडल ग्लाइकोसाइड करके एक वो होता. है। वो एक्सट्रैक्ट किया। साथ में बायोटीन. एक्सट्रैक्ट किया। साथ में उसमें दूसरे. पॉलीिफिनोल्स हैं। उसका एक कॉम्बिनेशन. एक्सट्रैक्ट किया। और ये जो कॉम्बिनेशन है. इसको स्टडी किया। पहले हमने उसको कंप्यूटर. एडेड मॉडल में स्टडी किया। फिर हमने उसको. जो ह्यूमन हेयर की सेल्स है उसको लैब में.
टेस्ट किया। उसके बाद उसके ऊपर बहुत सारी. 40 डिफरेंट स्टडीज करी हम कि वो जीन. एक्सप्रेशन कैसा करता है? वो कौन सा पाथवे. ट्रिगर करता है? वो कैसे काम करता है? राइट? कि अगर वो सेल डेथ करता है सेल. एपोपॉसिस जिसको बोलते हैं कि वो जो स्टेम. सेल्स को जो बेसिकली जो स्टेम सेल्स होते. हैं ये जो हेयर के भी स्टेम सेल्स होते. हैं। तो ये इसको कैसे बढ़ाता है. ताकि हेयर ग्रोथ फेज में जा सके। हम अब ये.
सारी स्टडी करने के साथ-साथ में इसको. प्रीक्लीनिकल बोलते हैं। साथ में हमने. ह्यूमन क्लीनिकल स्टडीज करी के जहां पे. हमने लोगों को दिया ये और ये हमने जब देखा. कि हां ये सारी चीजें हो रही है और इसके. साथ में जो ये सीरम फेरिटिन लेवल भी. बढ़ाता है। बहुत से लोगों को ना आयरन के. बारे में पता होता है। लेकिन फेरेटिन के. बारे में नहीं पता होता। फेरेटिन क्या. होता है? एंड इसके बेनिफिट्स क्या होते. हैं? एंड हर इंसान को इसके बारे में समझना. क्यों चाहिए? अभी फेरिटिन क्या होता है? फैलेटिन होता है कि जहां आयरन स्टोर होता.
है समझ लो आपका लॉकर हो गया या बैंक बैंक. हो गया ये है बेसिकली अकेला आयरन फ्री. नहीं घूम सकता वो टॉक्सिक है राइट तो उसको. एक घर चाहिए राइट जो फेरिटिन के नाम पे है. वो प्रोटीन होता है वहां पे वो उसको आयरन. को रखता है और एक मैकेनिज्म होता है अपनी. बॉडी में जहां से वो जहां पे भी बॉडी में. रिक्वायरमेंट होगी वहां पे वो आयरन. ट्रांसपोर्ट करेगा ट्रांसफरिन नाम का एक. दूसरा प्रोटीन होता है जिससे वो ट्रांसफर. करते हैं। ये जब ये इमंबैलेंस हो जाता है.
जब आयरन ही कम है तो फेरिटिन भी कम होगा।. इट्स लाइक अ बैंक. बैलेंस। तो ये आयरन अगर कम है फेरिटिन कम. है तो बॉडी क्या करेगी? बॉडी गोज़ इन अ. सर्वाइवल मोड। ठीक है? के भाई बिग फाइव. ऑर्गन्स जो है उसको मैं दूंगा क्योंकि. मेरे को तो इस बंदे की जान बचा रही है।. इसको तो अपनी पड़ी नहीं। लेकिन बॉडी तो. स्मार्ट है बेचारी वो हमारे लिए काम कर. रही है। राइट? तो वो बोलेगी भाई इसका दिल. चलाने के लिए, इसका दिमाग चलाने के लिए,
इसका इंटेस्टाइन, लिवर ये सब जो चलाना है. इसके बिग फाइव ऑर्गन इसको जिंदा रखने के. लिए मेरे को इतना तो चाहिए। चल बाकी सब. सिस्टम को शट ऑफ कर दो। इट्स लाइक योर ये. बैटरी सेवर मोड में चला गया।. 53 या 58% जो वुमेन है इन रिप्रोडक्टिव ऐज. इनमें आयरन की कमी है और साथ में फेरेटिन. की कमी है। तो उनके साथ में क्या होता है. कि प्रॉब्लम आपका जो रिप्रोडक्शन है जैसे. आपको बच्चा होने के टाइम पे आयरन बहुत.
ज्यादा जरूरत होती है। तो अगर वो भी नहीं. होगा तो आपका कंसीव करने में भी बहुत. प्रॉब्लम होती है। तो वुमेन के लिए यह भी. प्रॉब्लम है। और सबसे इंपॉर्टेंट चीज. जिसमें आपके लिए बहुत इंपॉर्टेंट होती है।. हम सबके लिए बहुत इंपॉर्टेंट होती है। वो. हमारे बाल हैं। राइट? एस्थेटिकली हमारे. बाल हमें सबको पसंद है। लोगों को आज देखा. जा रहा है कि 25 सालों में ही बाल के. झड़ने की प्रॉब्लम है। वुमेन में बोल लो, मेन में बोल लो सब में ये एक फेरिटिन की. कमी बहुत बड़ा रीजन है। आयरन की कमी बहुत.
बड़ा रीजन है। तो ये फेरिटिन को समझना. इसलिए जरूरी है कि ये आपका बैंक है। तो जब. बॉडी बहुत स्मार्ट है। बॉडी क्या करती है. कि जब आपके पास बैंक बैलेंस कम होता है तो. आप फिजूल खर्ची नहीं करते हो। राइट? और आप. जो बाल है वो तो लग्जरी है बॉडी के लिए।. तो जिंदा रखने के लिए बाल तो जरूरी नहीं. है लेकिन बिग फाइव ऑर्गन्स जो हैं उनको. चलाने के लिए तो आयरन की बहुत जरूरत है।. फेरिटिन की बहुत जरूरत है। तो मेटाबॉलिज्म.
चलाने के लिए जरूरत है। तो ये जब नहीं. होगा तो बालों पे वो भेजेगा ही नहीं आयरन. को। और अगर बालों को आयरन नहीं मिलेगा तो. बालों को न्यूट्रिएंट नहीं मिलेंगे। उसको. ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिलेगा। तो बाल अपना. जो रूट होता है जो फॉलिकल होता है ये मरने. लग जाता है या यू नो बाल झड़ने लग जाते. हैं पतले होने लग जाते हैं। तो ये बहुत. इंपॉर्टेंट है कि फेरेटिन की कमी को आपको. जांच के परख के आपको फेरेटिन का लेवल.
बढ़ाना चाहिए। जैसे हमारा एक एग्जांपल है।. हमारे पास एक क्लाइंट का एग्जांपल दे रहा. हूं। हमारे एक कस्टमर का एग्जांपल है।. हमने उन वो हमारे पास बालों के प्रॉब्लम. के लिए आए थे। हमने ये सारी टेस्ट कराई।. और जब हमने देखा तो उनका फेरिटिन सिर्फ 11. था जो कि 50 से ऊपर होना चाहिए फॉर अगर. हेयर अगर आपको अच्छे चाहिए तो 45 टू 50 के. ऊपर होना चाहिए फेरिटिन तो आयरन उनका ठीक. था आयरन बाइंडिंग कैपेसिटी ठीक थी सब कुछ.
ठीक था लेकिन फेरेटिन लो था मतलब बैंक. बैलेंस ही लो था तो जो भी बचता था वो बाकी. चीजों के लिए यूज़ हो जाता था बालों को. न्यूट्रिएंट नहीं मिलते थे तो सो इसीलिए. जब आप फेरेटिन की बात करते हो तो फेरिटिन. जो इनक्रीस करे वैसी चीजें आपको खाने की. भी जरूरत है। राइट? तो आयरन अगर आप अगर तो. आप बोलोगे कि आयरन की सप्लीमेंटेशन ले. लेते हो। अब आयरन की सप्लीमेंटेशन भी यहां. पे समझना बहुत जरूरी है कि वो सही मात्रा. में अगर आप 100 एमg भी रोज का आयरन खा.
लोगे तो भी वो एब्जॉर्ब नहीं होगा। तो. एब्जॉर्प्शन यहां पे बहुत इंपॉर्टेंट है।. तो जो प्लांट हमने एक स्टडी की उसमें. प्लांट बेस्ड आयरन और साथ में प्लांट. बेस्ड उसके कोफैक्टर्स हैं इसके साथ जब. आयन हमने दिया जैसे करी लीव से जो हमारा. आयरन है और साथ में हमारा एक बहुत ही. मास्टर इंग्रेडिएंट है सेसन बायो जो हमने. हेयर हेल्थ और स्किन हेल्थ के लिए टेस्ट. किया उस पे चार क्लीनिकल स्टडी है 40 से. भी ज्यादा हमने उस पे स्टडीज की है तो ये. जब हमने पता किया तो वो डोजेज जब हम देते. हैं 500 एमgs देन बायो का तो आपका फेरेटिन.
लेवल 27% तक राइज कर सकता है। तो जिनमें. फेरिटिन की कमी थी उनका फेरिटिन लेवल भी. राइज हुआ। तो ये जो प्लांट बेस्ड. इंग्रेडिएंट्स हैं ये आपको ऐड करने चाहिए. और सिंपल चीजें अगर आपने आपको मैं बता दूं. तो आपको आयरन या फेरेटिन बढ़ाने के लिए सी. विटामिन सी और आयरन रिच फूड साथ में खाना. है। तो ये इसका अब्सॉर्प्शन बढ़ाता है।. जैसे आप फॉर एग्जांपल आप ऐड कर सकते हो. सोक्ड आप जो ब्लैक रेजिन आती है उसको आप.
रात को भिगो दो। सुबह आप उसको खा लो। आप. दो-ती महीने खाओ और आप टेस्ट कराओ। देखो. आपका आयरन लेवल ऊपर जाएगा। बिकॉज़ उसमें. एंटीऑक्सीडेंट्स भी है। साथ में उसमें. विटामिन सी भी मिलेगा आपको और आयरन भी. मिलेगा। साथ में आप अगर ले सकते हैं तो. आंवला और पालक का जूस पी सकते हैं। यह भी. बहुत बढ़िया है। बिकॉज़ पालक में अच्छे से. आपको आयरन मिलता है। और साथ में आप ग्रीन. लीफी वेजिटेबल्स कोई भी ले सकते हो। उसका. जूस अगर आप कर लो। उसमें आप थोड़ा सा.
आंवला, थोड़ा सा नींबू ये सारी चीजें डाल. के आप विटामिन सी के साथ में आप इसको पेअ. कर दोगे तो बहुत अच्छे से आपको. अब्सॉर्प्शन में बेटर होगा। और साथ में एक. चीज ध्यान रखनी है कि जब आप आयरन वाली कोई. भी चीज खा रहे हो तो आपको चाय या कॉफी. उसके साथ नहीं लेनी है। आपको तीन-4 घंटे. मिनिमम आपको इसमें बीच में गैप होना. चाहिए। बिकॉज़ जो टी के अंदर या कॉफी के. अंदर जो बाकी के कंपाउंड्स होते हैं, यह. आयरन का अब्सॉर्प्शन में होने नहीं देते. अपनी बॉडी में। तो ये एक चीज अगर लोग.
ध्यान रखेंगे तो आसानी से आप फेरिटिन भी. बढ़ा सकते हो, आयरन भी बढ़ा सकते हो। यू नो. देयर इज़ वन स्पेसिफिक इंग्रेडिएंट जो. मैंने देखा आपके बहुत सारे प्रोडक्ट्स में. थे। उसका नाम है शतावरी। हम क्या होता है. शतावरी? शतावरी तो वुमन हेल्थ के लिए एक. अमृत समान है। एक बहुत ही पोटेंट हर्ब्स. हैं जिसमें शतावरिंस नाम का एक. माइक्रोोनट्रिएंट फाइटोनट्रिएंट होता है. और दूसरा सैपोनिंस होता है। ये हॉर्मोनल.
हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। क्योंकि आज. आप देख रहे हो. कि ऑलमोस्ट 30% वुमेन आर गोइंग थ्रू. पीएमएस और पीसीओएस। राइट? तो ये जो. इमंबैलेंस है इस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन. का इसकी वजह से इनको मूड स्विंग्स, वेट. गेन, यू नो फेशियल हेयर, एक्ने इनफर्टिलिटी ये सारा प्रॉब्लम होता. है। इसको बैलेंस करने के लिए शतावरी इज़ वन.
ऑफ द बेस्ट हर्ब इन आयुर्वेद। अब आयुर्वेद. में अलग तरीके से देते हैं। हम मॉडर्न. साइंस में फाइटोकेमिस्ट्री के थ्रू उसके. जो न्यूट्रिएंट्स हैं उसको अलग तरीके से. एक्सट्रैक्ट करके स्टडी करके फिर देते हैं. कि भाई उसमें कितना कंसंट्रेशन चाहिए, कितना डोजेज चाहिए। तो. शतावरी हमारे जो वुमन हेल्थ के प्रोडक्ट. है इसमें ये होगा ही होगा बिकॉज़ वो. हॉर्मोनल ब्लेंड में जाता है हमारा। तो. हॉर्मोन बैलेंस करने के लिए बहुत अच्छा है.
वुमेन के लिए। इंडियंस के लिए तीन सुपर. सप्लीमेंट या सुपर फूड टाइप के. इंग्रेडिएंट्स बताओ।. मोरिंगा पैक्ड ऑफ. एंटीऑक्सीडेंट्स सिनेमन इफ इफ इट इज़. स्टैंडर्डाइज्ड टू पॉलीफिनोल्स अराउंड 20%. अमेजिंग एंड तीसरा इंग्रेडिएंट आई वुड सेस. देन बायो फॉर हेयर हेल्थ। राइट? सो तीनों.
में बात बताओ। मोरिंगा क्यों? मोरिंगा इज. पैक्ड ऑफ एंटीऑक्सीडेंट्स। क्या होता है? एंटीऑक्सीडेंट जो होते हैं यह आपकी बॉडी. के प्रोटेक्टिव मैकेनिज्म के लिए जो चीजें. जरूरी है। जैसे हमें बहुत सारा क्रॉनिक. स्ट्रेस है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस है। ये. स्ट्रेस जब होता है तो हमारी बॉडी में. बहुत सारे ऐसे मॉलिक्यूल्स बन जाते हैं जो. अ टॉक्सिक होते हैं। राइट? तो इसको. न्यूट्रलाइज करने के लिए ये. एंटीऑक्सीडेंट्स काम आता है। तो मोरिंगा.
इवन मोदी जी मोरिंगा का सूप पीते हैं।. राइट? तो बट प्रॉब्लम होता है उसमें कड़वा. होता है वो या थोड़ा सा बैड टेस्टिंग होता. है। तो उसका सूप बना के पीना ये सब करना।. तो हम उसमें इसके लिए यूज़ करते हैं. मोरिंगा का एक्सट्रैक्ट। तो ये जो कड़वापन. है ये सारी चीजें ये हटा के हम उसको. एक्सट्रैक्ट के फॉर्म में देते हैं कि भाई. आपको तो इतना ही चाहिए ना। यही 5% चाहिए. ना। बाकी का कड़वापन क्यों ले रहे हो? तो. हमने हमारा जो एसीबी मोरिंगा है दैट इज वन. ऑफ द बेस्ट सेलिंग प्रोडक्ट अभी हमारा वो. वेट मैनेजमेंट में भी काम आता है। आपका.
शुगर मेटाबॉलिज्म में भी काम आता है। तो. ये एक बहुत अच्छा हर्ब है। सिनेमन. पॉलीिफिनोल अमेजिंग स्टडीज आपका एचबीए वन. सी भी 20% तक बेटर कर देता है। 7% तक आपका. इंसुलिन सेंसिटिविटी कम कर देता है। देयर. आर इनफ एंड मोर स्टडीज व्हिच आर पब्लिश्ड. ऑन दैट। तो सिनेमन पॉलीिफिनोल्स डैमेज. डायबिटीज के लिए प्री डायबिटीज जो लोगों. को पता ही नहीं है अब वो डायबिटीज भी है।.
राइट तो इतनी जनता प्रीडायबिटिक है और. एचबीए वंसी सबका 5.8 से ऊपर है क्योंकि ये. टेस्ट नहीं कराते तो इनको पता नहीं चलता. और बाद में जब पता चलता है जब तक वो. डायबिटिक हो गए होते हैं। राइट? तो ये. सिनेमन इज़ अगेन अ वेरी गुड हर्ब व्हिच. व्हिच नीड्स टू बी पार्ट ऑफ योर डेली लाइफ. लाइफ। ओके वो तो ये दो और सेज़न बायो के. बारे में तुमने बहुत सारी बात करी है। कोई. ऐसे होम रेमेडीज है जो ओवरहाइप्ड है। लोग. कुछ भी ले लेते हैं घर में बना के बस.
नुस्खे बोलबोल के जो ऑइल में डाल के जो. सारी चीजें बाल में लगाते हैं मेथी का ऑइल. ये ऑइल वो ऑइल यार वो बहुत सरफेस लेवल. ट्रीटमेंट है। वो क्रॉनिक चीजों पे काम. नहीं करती है। राइट? दूसरा ये जो गर्म. पानी में नींबू डाल के पी लिया। हनी लेमन. उससे वेट लॉस करने की कोशिश करते हैं। बस. नहीं होगा उससे वेट लॉस। तो ये दो-तीन. चीजें जो बहुत ही कॉमन है। दालचीनी का. पानी। अरे भाई सिर्फ दालचीनी का पानी से.
नहीं होगा। आप कितनी दालचीनी ले रहे हो. उसमें तो आधी से ज्यादा चीजें तो आपको वो. काम ही नहीं करेगी। राइट? तो सरफेस लेवल. पे हां ठीक है वो काम कर सकता है। थोड़ा. सा आपको प्लस ही वो इफेक्ट दे सकता है कि. हां मैं कुछ कर रहा हूं तो मुझे लग रहा है. ठीक लग रहा है। तो वो लेवल पे शायद काम. करता हो। बट देयर आर नो स्टडीज टू सपोर्ट. के उस डोजेज पे वो काम करते हैं। गॉट इट।. एंड देन बिकॉज़ यू टॉक्ड अबाउट वेट. मैनेजमेंट जो फैट कटर्स और फैट बर्नर्स. होते हैं डू दे वर्क सप्लीमेंट्स में।.
हमारे पडकास्ट में बहुत सारे डॉक्टर्स और. न्यूट्रिशनिस्ट आए हैं जो बोलते हैं नहीं. वर्क करते हैं। फ्रॉम अ सप्लीमेंट पॉइंट. ऑफ़ व्यू व्हाट डू यू थिंक? सी दे ओनली. वर्क इन अ कंट्रोलोल्ड एनवायरमेंट। राइट? राइट जिस दो. चार स्टडीज में शायद काम कर रहा हो बट बिग. लेवल पे अगर आप सारी चीजें नहीं करोगे तो. कोई फैट कटर कुछ नहीं काम करने वाला बिकॉज़. वो शायद किसी तरीके से उसको उसकी स्टडी.
डिज़ाइन भी कैसे की गई है अगर कोई बोल भी. रहा है फॉर एग्जांपल कि ये फैट कटर. क्लीनिकली प्रूवन है तो इंपॉर्टेंट है कि. उसकी स्टडी डिज़ क्या है वो भी देखें राइट. इसीलिए जो जितने हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स. हैं। ये सारे लोग हैं। यह इसमें बिलीव. नहीं करते। बिकॉज़ दे आर वेरी पुअरली डिज़. स्टडीज टू सपोर्ट कि हां यह काम करता है।. राइट? तो इसलिए नहीं काम करते हैं। मे बी. सर्टेन केस में काम कर रहा हो. 5% बट उसको वाइड स्प्रेड जब तक नहीं करोगे.
और उसको उस तरीके से स्टडी डिजाइन नहीं. करोगे तो ये सब फैट कटर्स नहीं काम. करेंगे। फैट कटर तभी काम करेगा और ये सब. कुछ भी तभी काम करेगा। है नहीं जब आप कुछ. अपनी लाइफस्टाइल चेंज करोगे आप वर्कआउट. करोगे तो ये सारी चीजें इंक्रीमेंटल. बेनिफिट्स देगी ना कि सिर्फ इसी चीज पे. डिपेंड रहे कि ये मैंने गोली खा ली तो मैं. सब कुछ हो जाएगा मेरा ठीक नहीं वो कोई. मैजिक पिल नहीं है देयर आर लॉट ऑफ़ मील. रिप्लेसमेंट एज वेल हम बहुत सारे मील. रिप्लेसमेंट सप्लीमेंट्स आते हैं कि खाने.
की जगह ये सप्लीमेंट ले लो तो बढ़िया आपका. हो जाएगा ओजीवा में भी आता है। वी हैव वन. वेयर इट इज नॉट अ सब्स्टट्यूट टू योर मील।. इट इज बेसिकली गिविंग यू कैलोरी डेंस की. जगह पे न्यूट्रिएंट डेंस विथ अ लेस. कैलोरी। ओके? राइट? क्या होता है? मील. रिप्लेसमेंट सप्लीमेंट क्यों लेना चाहिए? सो मील रिप्लेसमेंट बेसिकली कब काम आता. है? जब आपको कैलोरी डेफिसिट करनी है और. आपको जब हाई प्रोटीन, हाई फाइबर लेना है.
ताकि आपका पेट भी भरा रहे और आपको भूख भी. ना लगे टाइम पे और आपको जो न्यूट्रिएंट. चाहिए वो भी मिल जाए। तो उस टाइम पे मील. रिप्लेसमेंट्स काम आते हैं। बट उसमें ना. शुगर होना नहीं चाहिए। उसमें. माल्टोडेक्सिन नहीं होना चाहिए। उसमें. आर्टिफिशियल स्वीटनेस नहीं होने चाहिए। ये. सारी चीजें अगर है तो यह कुछ काम नहीं. आएगा। राइट? आप सिंपल है कैलकुलेशन समझ लो कि भाई अगर. आपको 300 कैलोरी में कैलोरी डेंस की जगह. पे न्यूट्रिएंट डेंस चीज मिल रही है तो आप.
वो चूज़ करोगे तो ज्यादा बेटर है बिकॉज़ हाई. प्रोटीन होगा 50-60% प्रोटीन के ऊपर होगा. तो सैाइटटी बेटर होगी राइट तो आपको भूख कम. लगेगी राइट और फिर आपको वो क्या है 4 घंटे. निकालने हैं क्योंकि उसके बाद तो आप कुछ. खाओगे हां राइट तो उस टाइम पे आप. एक्स्ट्रा चीज ना खा लो वो जो भुजिया है. या कोई समोसा है, कचौड़ी है क्योंकि यह एक. तो क्रेविंग कंट्रोल करने में हेल्प. करेगा। राइट? सो वी हैव सर्टेन प्रोडक्ट्स.
वेयर इट हेल्प्स इन मल्टी वे कि भाई वो. क्रेविंग भी कंट्रोल करने में हेल्प करता. है। सेाइटी भी दे देता है, प्रोटीन भी दे. देता है और उसमें साथ में हर्ब्स भी हैं. जो उस तरीके से काम करते हैं। तो जैसे. प्रोटीन एंड हर्ब्स बहुत सारी वुमेन हमारे. जो कंज्यूमर्स हैं वो उसी तरीके से लेती. है कि भाई मैंने या तो ब्रेकफास्ट स्किप. करके सिर्फ ये ले लिया या तो इवनिंग में. ये ले लिया ताकि मेरी कैलोरी भी कंट्रोल. हो गई और मेरे को राइट न्यूट्रिशन जो. चाहिए था वो भी मिल गया। तो उस तरीके से. आप उस लेंस से देख के लोगे तो मील.
रिप्लेसमेंट काम करेगा। उसके बाद आप ये भी. जैसे बहुत सारे लोग मुझे मिलते हैं कि यार. मैंने तो ये मील रिप्लेसमेंट की तरीके से. नहीं लिया। ये भी लिया और मैंने मील भी. खाया। देन दैट इज नॉट द राइट वे। राइट? तो. फिर आपको वो देखना पड़ेगा कि आप मील. रिप्लेसमेंट को एक्चुअल मील रिप्लेसमेंट. के जैसे ले रहे हो या एज अ शेक ले रहे हो।. आप कोलाजन पे बहुत हैवी हो। मैंने आपका. कोलाजन मैंने भी लिया है। राइट? मैं बता. रहा था आपको चिकनगुनिया जब मुझे हुआ था उस. टाइम पे मेरे न्यूट्रिशनिस्ट ने बोला था. तो आपका प्लांट बेस्ड कोलाजन है एंड.
मैक्सिमम कोलाजन मार्केट में जो होते हैं. वो एनिमल बेस्ड होता है। इन दोनों में. डिफरेंसेस क्या होते हैं? एंड जो अलग-अलग. टाइप के फ्लेवर्स आते हैं कोलाजन में उनसे. कुछ फर्क पड़ता है क्या? ओके। सबसे पहले. मैं बताना चाहूंगा कि भई कोलेजन होता क्या. है फॉर नॉर्मल जनता जिनको अगर नहीं पता है. कोलेजन के बारे में। तो कोलेजन एक टाइप का. प्रोटीन होता है जो आपकी बॉडी में खुद. बनता है। अवेलेबल होता है और ये कहां होता. है? आपके जॉइंट्स में, आपकी स्किन में, आपके यू नो नेल्स में, आपके बालों के. रूट्स के पास ये हर जगह प्रेजेंट है। और.
यही डिसाइड करता है कि आपकी एजिंग कैसे हो. रही है और नेचुरल एक प्रोसेस है कि 20 की. उम्र के बाद हमारा बॉडी में कोलेजन कम. होते जाता है। तो बहुत बहुत टाइप के कोजन. भी होते हैं। कोलेजन वन, कोलेजन टू, कोलाजन, थ्री, फोर ऐसे बहुत सारे टाइप के. कोलाजन होते हैं। वो उनके स्ट्रक्चर के. ऊपर डिपेंड करता है कि किस टाइप का कोलाजन. है। तो हम उस साइंस में ज्यादा नहीं जाते. हुए मैं आपको बताऊंगा कि वो क्यों. इंपॉर्टेंट है। जैसे आपके जॉइंट्स के लिए.
बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। आपको स्ट्रेंथ. देने के लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है।. ये जैसे कि अगर आप कोई अच्छी सीमेंट हो. राइट? वो कैसा काम करती है? पूरे ढांचे को. पकड़ के रखती है। जो सरिया है वो आपका बोन. है और बाकी की चीजें जो मसल्स हैं वो आपके. जो ब्रिक्स का काम करते हैं और ये जो. कोलेजन है ये इन सबको एक ग्लू के जैसे. जोड़ के रखने का काम करता है। तो एक. सीमेंट जैसा काम करता है। इस एनालॉजी से.
हम समझेंगे इसको। तो ये अगर सीमेंट में. थोड़ी सी अगर गड़बड़ हो जाए उसका कंपोजीशन. खराब हो जाए या वेयर एंड टेयर हो जाए तो. प्लास्टर उखड़ने लग जाता है। इसी तरीके से. वेयर एंड टेयर एजिंग होती है तो झुर्रियां. आती है। यू नो स्किन लूज होने लग जाती है।. तो ये काम है कोलेजन का कि उसको टाइट बना. के रखें। उसके ढांचे को मजबूत बना के. रखें। ये आता है या तो फिश की स्किन से या.
तो काऊ के बोन से या हॉर्न से या जो जो भी. उसके वेस्ट प्रोडक्ट्स हैं जो उसको यू नो. खाने के बाद जो यू नो नॉन वेजिटेरियन. चीजें होती है उसके बाद जो बचा हुआ होता. है उसको अल्ट्रा प्रोसेस करके उसमें से यह. निकालते हैं बहुत ज्यादा हारश तरीके से. केमिकल से उसको तोड़ते हैं और उसको. एक्सट्रैक्ट करते हैं। तो ये तरीके से ये. कोलाजन बनता है और वो टेस्ट में बहुत ही. गंदा होता है। राइट? जैसे मरीन कोजन में.
एकदम फिश की स्मेल होती है जो आता है।. उसको ठीक करने के लिए बहुत सारे. आर्टिफिशियल फ्लेवर्स, आर्टिफिशियल कलर्स, आर्टिफिशियल डाइस ये सारी चीजें डाल के. उसको लुभावना बना दिया जाता है। और सोचो. यह सारी चीजें जब आपको एक ड्रिंक के फॉर्म. में मिलती है, आपको लगता है हां मैं तो. बहुत ही टेस्टी ड्रिंक पी रहा हूं। लेकिन. वो ऐसे चीजों से बनता है। तो यहां पे हमें. एक अप्रोच ये भी लेना चाहिए कि ये जब. चीजें जो जाती है बहुत सारी स्टडीज है कि.
ये सारी जो चीजें हैं वो हमारा गट. डाइजेस्ट भी नहीं कर पाता है। राइट? और. दूसरा है कि बहुत सारी ऐसी भी स्टडीज है. कि जहां पे कोलेजन का एब्सॉर्प्शन पे. क्वेश्चन मार्क है। तो लोग बोलते हैं कि. कोलेजन ये लेना चाहिए। ये टाइप का कोजन है. हर चीज का। लेकिन कोलेजन के अब्सॉर्प्शन. पे क्वेश्चन मार्क है। तो यहां पे सवाल ये. आता है कि अगर मेरी बॉडी 20 के बाद कोजन. कम कर देती है तो क्या मैं उसको. आत्मनिर्भर बना सकता हूं ऐसी चीजों खा के. कि जो मेरा कोजन का डिप्लीशन स्लो हो जाए.
और नया कोलेजन बनना अच्छे से बनना शुरू हो. जाए। अब इसके लिए हमने ओजीवा में बहुत. ज्यादा छ सात साल हमने इस पर मेहनत की और. हमने एक ऐसा वीगन अल्टरनेटिव बनाया जो. आपकी बॉडी को खुद आत्मनिर्भर बनाता है कि. आप ज्यादा कोजन बना सको और जितना भी कोजन. आपका बन रहा है जो टूट रहा है उसका. डिप्लशन स्लो हो सके। तो इसीलिए हमने एक. इंटरनेशनलली रिकॉग्नाइज्ड कोलेबेन नाम का.
एक इंग्रेडिएंट है जो ग्रीन टी, ग्रीन. कॉफी और आंवला के एक पोटेंट कॉम्बिनेशन से. आता है जिसमें हम एक पॉलीिफिनोल नाम का एक. सब्सटेंस होता है। में इसको स्टैंडर्डाइज. करते हैं और इसको हमने स्टडी किया और ये. हमने बहुत सारी ऐसी भी इनविट्रो स्टडीज की. जहां पर हमने इन्हीं सब्सटेंस. को जो मरीन कोजन है या एनिमल बेस्ड कोजन. है उसके साथ कंपेयर किया और देखा कि उसका. रिजल्ट उतना ही अच्छा या उससे ज्यादा.
अच्छा भी आ रहा है। और कौन-कौन से बैड. सप्लीमेंट्स होते हैं जो मार्केट में. सिर्फ एक तरीके से स्कैम चल रहा है। हर. किसी को नहीं लेना चाहिए जो। सप्लीमेंट. लेना ना आजकल एक फैशन हो गया है। फास्ट. फैशन के जैसा। एक फ्लैशी चीजें हैं। ये आज. ये सप्लीमेंट ले रहा हूं। कल वो सप्लीमेंट. ले रहा हूं। लेकिन बॉस आप अगर. सप्लीमेंटेशन ले रहे हैं तो आपको ये चीज. समझनी होगी कि भाई वो आपकी बॉडी में जाके. कितना काम करेगा। अब गमी की बात करते हैं।. गमी में होता क्या है? 4 ग्राम की गमी है।. अब मैं हम खुद बनाते हैं। मैं इतने सालों.
से सप्लीमेंटेशन में हूं। मैं आपको इसका. आज पूरा पोस्टमार्टम करके बताता हूं। एक 4. ग्राम की गमी में होता क्या है कि बोल. देंगे कि बायोटीन की गमी खा लो बाल आ. जाएंगे। कैसे आएंगे मेरे को नहीं पता। ठीक. है? अब उसमें होता क्या है? देखो 4 ग्राम. की गमी है। उसमें 90% शक्कर है। शक्कर या. शक्कर के अल्टरनेटिव्स हैं। एक से 2% से. ज्यादा एक्टिव नहीं है उसमें। और बाकी का. गमी का बेस उसको जोड़ने के लिए उसको. क्रीमी टेक्सचर देने के लिए उसको यू नो. मीठा चिपचिपा यू नो एक मजेदार माउथ फील.
देने के लिए जो सारी चीजें जाती है ये. सारी चीजें जाती है और कोई स्टडी नहीं है. कि उससे आपके बाल वापस आ जाएंगे। लोग उसको. धड़ल्ले से खा रहे हैं। मल्टीविटामिन के. नाम पर खा रहे हैं। उसमें एक्टिव कितना. है, कितना अब्सॉर्ब हो रहा है, इस पे कोई. स्टडी नहीं आती। दूसरा लोग बोलते हैं. शीलाजीत अगेन यू नो सप्लीमेंटेशन की बात. की। अब लोग पागल हुए हैं शिलाजीत के पीछे।. आज शिलाजीत हर फॉर्म में अवेलेबल है। पहले. वो यू नो रेिन के फॉर्म में अभी आया। उसके.
बाद गमीज़ के फॉर्म में भी अभी आया है। तो. कितना फलविक एसिड है, कितना चीजें हैं? आपकी बॉडी को उसकी जरूरत है या नहीं है।. आपने बिफोर आफ्टर आपने टेस्ट कराया है कि. अगर आप इससे कोई टेस्टोस्टरॉन बढ़ा है और. टेस्टोस्टरॉन के साथ बाकी कौन सी चीजों. में यह प्लस या माइनस कुछ करता है इस पे. कोई स्टडी नहीं है। तो ऐसे आयेदा के नाम. पे मुझे भी ले लेना चाहिए। इस तरीके से. सप्लीमेंटेशन नहीं लेना चाहिए। दैट इज. वेरी हार्मफुल। और बाद में बात आती है.
हर्बल टीज़। राइट? अब या यू नो डिटॉक्स. वाटर डिटॉक्स पाउडर यह किडनी क्लेंस करेगा. यह लीवर क्लेंस करेगा अब किडनी और लीवर का. तो पता नहीं लेकिन आपकी पॉकेट जरूर क्लेंस. कर लेगा तो आप प्लीज आपका हार्ड एंड मनी. है आप संभाल के उसको यूज़ करो और आपकी बॉडी. में जो जा रहा है उसको उसकी मात्रा क्या. है वो कितने स्टैंडर्डाइज्ड डोसेज पे है. वो थेरेपटिक डोसेज पे है या नहीं है तो. इसमें होता क्या है कि कभी-कभी लोग देखते.
नहीं है कि या तो वो बहुत ही कम डोज़ेज में. होगा या तो ओवरडोज़ में होगा। लेकिन व्हाट. वी डू इज़ वी डू एटलीस्ट चेक ऑफ फाइव. क्लीनिकल स्टडीज ऑन ईच एंड एव्री. इंग्रेडिएंट व्हिच इज़ देयर इन द. फॉर्मुलेशन। हम चेक करते हैं कि एटलीस्ट. फाइव क्लीनिकल स्टडीज होनी चाहिए एट. डिफरेंट डोजेस। और उसके बाद हम अपना. फॉर्मुलेशन के अंदर उसको इंक्लूड करते. हैं। और साथ में यह भी देखते हैं कि कहां. पर हमें कोई सिनर्जिस्टिक स्टडी मिलती है।.
अगर सिनर्जिस्टिक स्टडी ह्यूमन पे नहीं. है, एनिमल पे है, एनिमल पे नहीं है, सेल. लाइन स्टडी है। इस तरीके से कोई स्टडी तो. होनी चाहिए कि जो वो क्लेम कर रहे हैं।. उससे कोई बेनिफिट हो भी रहा है। मैं ऐसी. अनगिनत ब्रांड्स देख चुका हूं जो ऐसे बैंड. वेगन में आती है कि आज इस चीज का आज अनियन. चल रहा है तो मैं अनियन डाल दूंगा। आज. राइस वाटर चल रहा है। मैं राइस वाटर. डालूंगा। और यू नो ऐसे अनगिनत एग्जांपल्स. हैं। मैं नाम नहीं लूंगा। लोग समझदार हैं।. लोग समझ जाएंगे। बट इसके पीछे जो साइंस और.
जो तपस्या करनी पड़ती है ये बहुत सारी. कंपनियां नहीं करती है। ये देखना बहुत. जरूरी है। टेल मी फ्यू कॉमन मिथ्स अबाउट. प्लांट बेस्ड न्यूट्रिशन। बहुत सारी. कॉन्वर्सेशन होती है कि प्लांट बेस्ड. न्यूट्रिशन में हर टाइप के न्यूट्रिएंट्स. नहीं मिल पाते। इसलिए एनिमल बेस्ड डाइट. होनी चाहिए। जो बहुत जगह प्रूफ भी हुआ है. कि ये गलत है। बहुत डॉक्यूमेंट्रीज और. कंटेंट भी इसके ऊपर बना है। बट आई वा हियर. फ्रॉम यू बिकॉज़ आपका पूरा ब्रांड प्लांट. बेस्ड चीज है। सो सारी मिथ्स बताओ जो. लोगों को लगता है एंड व्हिच आर हंट। कोई.
बोलता है कि प्लांट बेस्ड अच्छा है। कोई. बोलता है एनिमल बेस्ड अच्छा है। तो अब. प्लांट बेस्ड खाने का मतलब क्या है? क्या. पूरा टाइम आपको घासूस खाना है? ऐसा. बिल्कुल नहीं है। प्लांट बेस्ड मतलब कि. प्लांट से डिराइव की गई जो चीजें हैं. उसमें से जो न्यूट्रिएंट मिल रहे हैं वो. आपको लेने हैं। और बहुत सारे लोग यह समझते. हैं कि प्लांट में से सारी चीजें नहीं मिल. सकती है। एनिमल तो आपको चीजें लेनी ही. पड़ेगी। बट अब साइंस इतना आगे बढ़ चुका है. कि प्लांट बेस्ड चीजों में से भी वो सारी.
चीजें कैसे निकालनी है। यह सारे तरीके अभी. अवेलेबल है। अब प्रॉब्लम ये होती है कि. बहुत सारे लोग जैसे फर्स्ट एक मिथ है कि. प्लांट बेस्ड में जो प्रोटीन है ये अ. कंप्लीट प्रोटीन नहीं है। अब इंडिविजुअली. साइलोस में देखेंगे तो हां जो एनिमल. प्रोटीन होता है वह. डेफिनेटली सारे अमीनो एसिड उसमें अवेलेबल.
होते हैं। इसलिए उसको कंप्लीट प्रोटीन. बोलते हैं। लेकिन आप देखो एक अगर घर बनाना. है आपको तो आपको क्या चाहिए? आपको सीमेंट चाहिए, ब्रिक चाहिए, सरिया. चाहिए। ये सारी चीजें चाहिए। इसी को. एसेंशियल अमीनो एसिड बोलते हैं।. तो अब ये एसेंशियल अमीनो एसिड क्या है कि. ये बिल्डिंग ब्लॉक बनाते हैं। एक घर बनाते. हैं। एक घर बनाने की एनालॉजी मैं इसलिए दे. रहा हूं क्योंकि लोग आसानी से समझ पाए कि. प्रोटीन एक बिल्डिंग ब्लॉक है। वह हर एक.
चीज में अवेलेबल है। तो अगर मुझे घर बनाना. है तो यह पांच चीजें चाहिए। उन पांच चीजों. में किसी में कुछ कम है, किसी में कुछ कम. है, किसी में कुछ कम है। लेकिन उसको एक. राइट मात्रा में आप उसको जोड़ दो तो वो. कंप्लीट बन जाता है। तो ये मिथ है कि आपको. कंप्लीट प्रोटीन नहीं मिलता। आपको सिर्फ. स्मार्टली उसको जॉइ करना है उस चीजों में।. फॉर एग्जांपल अगर किसी में मीथनिन की कमी. है वो एक अमीनो एसिड है। किसी में लाइसीिन. की कमी है तो ऐसे दो सोर्सेस जोड़ दो जैसे.
कि आप पी प्रोटीन और ब्राउन राइस प्रोटीन. अगर इसको आप जोड़ दोगे और अगर सोय हो गया. या किनवा हो गया। ये सारी चीजें जोड़ दोगे. आप तो वो कंप्लीट प्रोटीन बन जाएगा। तो. ओजीवा में हमने क्या किया? हमने जो हमारा. प्लांट प्रोटीन है वो कंप्लीट अमीनो एसिड. की प्रोफाइल मिलती है। उसमें आपको पी. प्रोटीन से सारे अमीनो एसिड जितने हैं वो. मिल जाते हैं। कुछ अमीनो एसिड कम मात्रा. में है उसको आप पूरा कर देते हो ब्राउन.
राइस से तो वो कॉम्प्लीमेंट्री हो जाता. है। साथ में कीनवा आ जाता है तो वो उसके. अपने प्रोटीन के एसेंशियल अमीनो एसिड लेके. आता है। तो इस तरीके से अगर आप करते हो तो. प्लांट प्रोटीन में भी ऐसी कोई चीज नहीं. है कि कंप्लीट नहीं हो सकती। ये जो मिथ है. कि प्लांट प्रोटीन और वे के बारे में जैसे. फॉर एग्जांपल वे इज समथिंग लाइक अ. रेसिंग बाइक जो बहुत तेज जाती है लेकिन. क्या वो उबड़ खाबड़ रास्तों पे चल सकती है. नहीं चल सकती करेक्ट तो अगर आपकी सिस्टम. उबड़ खाबड़ है तो आप उस पे रेसिंग बाइक.
नहीं चला पाएंगे तो इसलिए आपको चाहिए कि. आपकी सिस्टम के हिसाब से आप एक हाइब्रिड. एसयूवी लो जो जब स्पीड चाहिए अच्छे रास्ते. पे आपको स्पीड भी देगी और उबड़ खाबड़. रास्ते पे कम भी लेके आएगी और आपका एनर्जी. भी बचाएगी। तो यह तरीका होता है आपकी बॉडी. में क्या सूट करेगा वो हिसाब से आप चूज़ कर. सकते हैं। सो ये एक ना बहुत बड़ा और एक. मिथ है कि यू नो प्रोसेस्ड फूड नहीं खाना. चाहिए। प्रोसेस और नेचुरल खाना चाहिए। तो.
सारा नेचुरल क्या प्रोसेस्ड के बीच में ना. लोग दो खेमे में बंट जाते हैं कि मैं तो. सिर्फ मैं प्रोसेस्ड फूड नहीं खाऊंगी।. प्रोसेस्ड फूड नहीं खाऊंगा। और जो नेचुरल. है वो खाऊंगा। यहां पे हमें समझने की. जरूरत है कि कोई चीज अगर मैं वे की बात. करूं या कोई प्लांट प्रोटीन की बात करूं. ये भी प्रोसेस्ड है। यहां पे हमको यह. जानने की जरूरत है कि इस प्रोसेस में. उन्होंने कौन से केमिकल यूज किए हैं उसको. प्रोसेस करने के लिए? तभी वो एक प्रोसेस्ड.
फूड के फॉर्म में आएगा। लेकिन क्या उसमें. माल्टोडेक्सिन है? क्या उसमें हारश केमिकल. यूज़ किए गए? कोई एक्सट्रैक्शन टेक्निक ऐसी. है जो बहुत ही यू नो नेगेटिव केमिकल के. साथ में है। हारश केमिकल है जो जिसके. ट्रेसेस अगर उसमें मिल जाए और वो आपकी. बॉडी में कुछ छोटी मात्रा में भी पहुंच. जाए तो वो खराब हो सकते हैं। तो ये हमें. जानना जरूरी है। तो हर एक चीज जो प्रोसेस. है वो खराब नहीं है। आपको उस प्रोसेस की.
प्रोसेस में घुसना पड़ेगा। अब बहुत लोगों. के पास टाइम नहीं होता है। इसीलिए बहुत. सारे सर्टिफिकेशंस हैं। ये सारी चीजें. हैं। ये हमें देखना चाहिए कि हर एक. इंग्रेडिएंट का प्रोसेस क्या है। जैसे. माल्टोडेडक्शन आप चेक कर लीजिए। वो हाई. ग्लाइससेमिक फूड है जो आपके ब्लड ग्लूकोस. बढ़ा देता है। तो अगर वो सारी चीजें हैं. उसमें तो वो प्रोसेस्ड फूड खराब है। वो. हाईली प्रोसेस्ड किसको बोलेंगे आप? जो. बहुत ज्यादा पाम ऑयल में तला हुआ है। बहुत. हाई हीट.
पे यू नो साथ में उसके बहुत सारे हाई हीट. वाली चीजें हुई है। तो ये एक्स्ट्रा जो. नेगेटिव केमिकल्स उस फूड में आ जाते हैं।. उस कैटेगरी को प्रोसेस्ड फूड में डालिए ना. कि सारी जो चीजें पैकेट में आ रही है वो. सारी चीजें खराब है। मेरी दादी जो खाती थी. या दो साल का बच्चा जो प्रोनाउंस नहीं कर. सकता उस चीज अगर वो चीज आप पे मिल जाए तो. वो सारा चीज खराब है। ये जो तरीका है. सेग्रगेट करने का यह सही नहीं है। थोड़ा.
सा एक स्टेप आगे जाइए। उसकी प्रोसेस. समझिए। आपकी बॉडी है। आप उस जो बॉडी में. डालोगे ये आपको जानना बहुत जरूरी है। तो. इस तरीके से देखना चाहिए हमें। ऐसे कुछ. टॉप एंटी इनफ्लेममेटरी फूड्स बताओ जो हर. इंडियन हाउसहोल्ड को चाहिए ही चाहिए। लेना. ही चाहिए अपनी डेली डाइट में। देखो सिंपल. चीज बताऊंगा। ब्रेकफास्ट. में इंडिया में हर एक रीजन का अपना एक. ब्रेकफास्ट होता है। जैसे फॉर एग्जांपल. इंदौर की बात कर रहे हैं तो पोहा है। तो.
जो पोहा में जो पीनट है पीनट वाले पोहा. विद कड़ी पत्ता इज अमेजिंग गुड मॉर्निंग. ब्रेकफास्ट। क्योंकि वो आपका ब्लड शुगर. स्पाइक नहीं करता। लो ग्लाइससेमिक है और. जो आपका पीनट है वहां से आपको गुड फैट भी. मिल जाते हैं और कड़ी पत्ते में से बहुत. सारा आयरन भी मिल जाता है। तो ये अगर कोई. खा रहा है तो मैं बोलूंगा कंटिन्यू रखो।. अगर मैं दूसरे रीजन की बात करूं अगर साउथ.
की बात करूं तो साउथ में अगर मल्टीग्रेन. डोसा है। इडली है। यह फर्मेंटेड फूड है।. यह गट के लिए बहुत अच्छे हैं। साथ में. कोकोनट चटनी यह भी हेल्दी फैट देगा। राइट? और सांभर या रसम यह भी अच्छा आपका गट. फ्रेंडली ब्रेकफास्ट हो सकता है। यह तो. मॉर्निंग का स्नैक के बाद आपको अगर फिर 11. 12:00 बजे खाने से पहले जो लोग अगर लेट.
खाते हैं या यू नो 10 11:00 बजे भूख लग. जाती है जो जल्दी अगर आपका नाश्ता कर लिया. तो मिड मॉर्निंग स्नैक के लिए बहुत अच्छा. है। आप सोक्ड आलमंड ले लीजिए। यह आपका उस. टाइम का जो हल्काफुल्का जो आपको जो. क्रेविंग है उसको ठीक कर लेता है। आप छाछ. ले सकते हैं। आप योगर्ट ले सकते हैं या तो. उस टाइम पे प्लांट प्रोटीन ले लीजिए। यह. भी बहुत अच्छा आपका जो हॉर्मोन को बैलेंस. करने के लिए जो चीजें चाहिए उस टाइम पे.
जैसे कॉर्टिसोल अगर हाई है उसको बैलेंस. करने के लिए बहुत ही अच्छा आपका ऑप्शन है. ये। सो अब सबसे इंपॉर्टेंट मील जहां पे. सबसे ज्यादा गड़बड़ होती है वहां पे आते हैं. वो है लंच। राइट? या तो आप वहां पे ओवर. ईटिंग करते हो या तो आप सिर्फ कार्ब्स. खाते हो यहां पर। तो ये बहुत बड़ी गलती हो. जाती है और आपकी प्लेट कैसी दिखनी चाहिए।. हाफ जो प्लेट है वो वेजज़ होनी चाहिए। आपकी. 1/4 प्लेट है वो कॉम्प्लेक्स कार्ब होना. चाहिए। और बाकी का 1/4 जो है वो आपको.
प्रोटीन और हेल्दी फैट होना चाहिए। है तो. यह एक आइडियल दोपहर का लंच हो सकता है। अब. इसमें आप क्या कर सकते हो कि आप रोटी, सब्जी, दाल, पापड़ और घी आप ऐड कर सकते. हो। इस तरीके से आप अगर आप लोगे तो बहुत. ही बढ़िया अगर आप वहां पर बहुत ज्यादा. राइस ले लिया और दाल कम ले ली वहां गड़बड़. हो जाती है। तो वो आपको ध्यान रखना है कि. वेजज़ थोड़े से ज्यादा रखना है। दाल रखनी.
है और रोटी या राइस थोड़ा सा कम रखना है. और साथ में आप पापड़ अचार या छास भी ले. सकते हैं। तो वो आपका बैलेंस आउट बहुत. अच्छे करेगा। कर्ड अगेन एक अच्छा. प्रोबायोटिक फूड है वो आप अपने हर मील में. जैसे मैं मेरे हर मील में कर्ड या छास. होता ही है बिकॉज़ एज वो गट हेल्थ के लिए. बहुत अच्छा है। तो अगर आपको सूट करता है. तो आप वो ऐड कर सकते हैं। अगर आप दोपहर को.
खिचड़ी खा सकते हैं तो खिचड़ी इज अगेन अ. कॉम्बिनेशन ऑफ कार्ब एंड प्रोटीन टुगेदर. तो वह शुगर स्पाइक नहीं करती है। इंसुलिन. स्पाइक नहीं करती है। तो साथ में आपको हाई. प्रोटीन के लिए अगेन आप जो भी दाल अगर आप. ले सकते हैं या कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और. फाइबर के लिए अगर आप ले सकते हैं तो आप. उसमें थोड़ा सा आप वेजिटेबल्स वाली अगर. खिचड़ी खा सकते हैं तो यह बहुत बढ़िया.
ऑप्शन होता है। और अगर आप ज्यादा काब वाला. खाएंगे तो डेफिनेटली बहुत सारे लोग ये. रिलेट करेंगे कि उनको एक डेढ़ घंटे बाद. बहुत ही आलस नींद ये सारी चीजें आती है।. तो ये इसी वजह से आती है क्योंकि आप हाई. कार्ब से आपका शुगर स्पाइक हुआ है।. इंसुलिन आपकी बॉडी में ट्रिगर हो जाता है. कि भाई चलो इंसुलिन भेजो। बहुत सारा कार्ब. आया है। उसको ग्लूकोज़ में कन्वर्ट करो और. उसको आप भेजो सेल्स के अंदर। और जैसे ही.
यह हो जाता है तो वो स्पाइक नीचे आ जाती. है। फिर आप आपको वो नींद, थकान, फटीग ये. सारी चीजें आती है। आपको थोड़ा सा. लेथार्जिक फील होता है। तो हाई कार्ब अगर. आप मील लोगे तो यह डेफिनेटली होगा। तो. इसको काउंटर करने के लिए आप साथ में फैट. और प्रोटीन का अच्छा कॉम्बिनेशन लेंगे तो. यह स्पाइक और ड्रॉप बहुत ज्यादा ड्रास्टिक.
नहीं होंगे। वो थोड़े से आराम से आप उसको. नेविगेट कर सकते हैं। और अब अब बात करेंगे. बहुत ही एक डेलिकेट या नोटोोरियस टाइमिंग. की जो कि है 4:00 बजे की भूख। ये टाइमिंग. को संभालना बहुत जरूरी है। तो यहां पे आप. क्या कर सकते हैं कि हाई प्रोटीन हाई. फाइबर वाली चीज जैसे मखाना हो गया, रोस्टेड चना हो गया। तो यह साथ में आप ले. सकते हैं और तो आप आपको सिर्फ दो-ती घंटे. निकालने हैं। तो यह बहुत ही अच्छा सोर्स.
है और इसीलिए हमने ना यह टाइमिंग के लिए. यह एक बहुत बढ़िया प्रोडक्ट निकाला है कि. आपकी क्रेविंग्स को कंट्रोल करने के लिए. आपके हॉर्मोन्स जो होते हैं जो उस टाइम पे. यू नो आप लेप्टिन और ग्रेलिन का जो एक. इम्बैलेंस चल रहा होता है आपकी बॉडी में।. ये जो दो हॉर्मोन होते हैं जो आपको भूख. लगने का सिग्नल और शांत होने का सिग्नल. देते हैं भूख को। इसको मैनेज करने के लिए. हमने ओजीवा का जो एसीवी मोरिंगा निकाला है. यह एक रामबाण इलाज है। इसको आप अगर आप एक.
एफवेशन टैबलेट आप ले लो उस टाइम पे तो. आपको तीन-4 घंटे जो आप डिनर के पहले आपको. जो क्रेविंग्स हो रही है इसको कंट्रोल. करने में बहुत हेल्प होती है। तो आप यह भी. एक ट्राई कर सकते हो कि एक यू नो एप्पल. साइडर विनेगर मोरिंगा और सिनेमन का इसमें. कॉम्बिनेशन है और बहुत ही टेस्टी फॉर्म. में आता है। तो आप उस टाइम पर आप उसको पी. लो। तो यह भी एक 4:00 बजे वाली स्नैकिंग. का बहुत अच्छा एक उपाय है। ओके, अब बात. करते हैं बहुत ही इंपॉर्टेंट मील ऑफ द डे.
जो कि डिनर है जो कि बहुत ही लाइट होना. चाहिए। और अगर आप इसको लाइट रखते हैं तो. आपकी स्लीप बेटर होती है। आपको अननेसेसरी. स्पाइक्स नहीं होती है आप और जितना अर्ली. आप डिनर कर सकते हैं। अराउंड 7 8:00 बजे. अगर आप डिनर कर लो जिसमें आप बहुत ही लाइट. रखो। आप मिलेट की रोटी, खिचड़ी. यू नो थोड़ा सा दही अगर आपको जमता है, छाछ.
जमती है तो भी आप ले सकते हो। और साथ में. थोड़ा सा घी वाली अगर चीजें ले लो।. हल्काफुल्का ज्यादा घी नहीं बट बहुत. कम। यह अगर आप सिंपल कार्ब्स हल्के. कार्ब्स हल्का सा आपका प्रोटीन का बैलेंस. और आप सब्जी में आप टिंडा या आप लौकी की. सब्जी ये सारी चीजें ले सकते हैं। ज्यादा. मसालेदार नहीं। यह अगर आप करते हैं डिनर।. इसके बाद में बताऊंगा कि एक फैट बर्नर जो. आप डिनर के साथ आप ले सकते हो वह है डिनर.
7 8:00 बजे करने के बाद 10 मिनट का वॉक. बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है कि हेल्दी. हैबिट्स कौन सी होनी चाहिए अगर आपको एक. हेल्दी. डिजीज फ्री लाइफ अगर जीनी है तो मेरा एक. मंत्र है मैं एस एच आई ई एल डी शील्ड. फील्ड प्रिंसिपल पे काम करता हूं। एस. स्टैंड्स फॉर स्लीप। स्लीप इज वेरी.
वेरीेंट। अगर आप टाइम पे सोएंगे, टाइम पे. उठेंगे तो इससे बड़ा आपके लिए एक बोनस. पॉइंट नहीं हो सकता। एच स्टैंड्स फॉर. हाइड्रेशन। हाइड्रेशन मतलब आप 3 लीटर पानी. आप पानी जल ही जीवन है। बोलते हैं तो पानी. बहुत इंपॉर्टेंट है। राइट? आई मतलब इनर. पीस। राइट? स्ट्रेस फ्री अगर आप रहना है. तो उसके लिए आप मेडिटेशन कर सकते हैं। आप. अच्छी चीजें सुन सकते हैं। आप अच्छा.
म्यूजिक सुन सकते हैं। जो भी आपको कर सको. आप अपनी स्ट्रेस लेवल को कम करने के लिए. एक्सरसाइज इज़ वन ऑफ़ द बेस्ट स्ट्रेस. बस्टर। तो यह अगर आप कर सकते हैं। वॉक भी. कर दो। लेकिन फोकस के साथ में स्ट्रेस. फ्री वे से स्ट्रेस लेके नहीं करना है। सो. एस एच आई ई ई स्टैंड्स फॉर एवरीडे रिदमम. यानी कि आपका जो सरकेडियन रिदमम है सुबह. टाइम पे उठना टाइम पे सोना टाइम पे खाना.
ये अगर रिदमम आप अच्छे से बना दिए हो तो. एवरीडे आपको ये बहुत इंपॉर्टेंट है। सो एल. स्टैंड्स फॉर लाइट मूवमेंट। तो लाइट. मूवमेंट आपको करनी है। बैठे नहीं रहना है।. 7 से 10,000 स्टेप आपको करने ही करने हैं।. और डी इज मोस्टेंट इज डिसिप्लिन। राइट? तो. अगर आप यह सारी चीजें एक डिसिप्लिन के साथ. में करते हैं, तो यह आपके लिए एक शील्ड के. तौर पे काम करता है। आपकी लाइफ बहुत ही.
बेटर हो जाएगी। आप लोंजेविटी आप ज्यादा. जिएंगे, अच्छे से जिएंगे, आपका हेल्थ. स्पैन बेटर होगा। तो रादर देन आप दवाइयों. पे निर्भर ना होके आप बहुत एक अच्छी लाइफ. गुजार सकते हैं और वो किसे नहीं चाहिए।. परफेक्ट इट आंसर्स ऑलमोस्ट ऑल माय. क्वेश्चन। थैंक यू सो मच। थैंक यू थैंक यू. सो मच। आई नो आपको जल्दी निकलना था बट आई. टूक योर टाइम। बट वाज़ प्लेजर। आई थिंक वी. कवर्ड अ लॉट ऑफ़ थिंग्स। एंड थैंक यू फॉर.
डूइंग दिस अगेन सर। अब्सोलुटली प्लेजर इज. माइन। मुझे बहुत मौका मिला मुझे अपनी बात. रखने का और लोगों तक ये थोड़ा नॉलेज है जो. हेल्थ का जो लोग हेल्दी बनने की कोशिश कर. रहे हैं या कर रहे हैं जो कहां मिस्टेक कर. रहे हैं और हम वहां कहां पे रोल प्ले कर. सकते हैं और वो खुद अपनी लाइफ को कैसे. डिजाइन कर सकते हैं बेटर वे तरीके से इसके. लिए एक प्रयास था एंड थैंक यू सो मच थैंक. यू फॉर एक्सप्लेनिंग एंड टीचिंग मी साइंस. अ लिटिल बिट थैंक यू सर कैसे हो भाई क्या.
हाल है बॉडी बढ़ते जा रही है हर बार जल्दी. आते. कितनी कैलोरीज कर रहे हो एक दिन में? मैं. करता हूं 2000 कैलोरी। कभी कोई स्किनी फैट. था पहले इससे कि नहीं था? थो थोड़ा था। आई. आई विल शो यू मैं मैं कितना गंदा हो गया. था भाई। क्योंकि 2000 कैलोरीज तो फिर बहुत. ही सही है यार। ये मेरे को बहुत प्यारी. चाहिए लगती। दिस इज लाइक नहीं। मतलब ये तो. गोल्डन है। मेरे को लगता है ऑफिस की. वैल्यू नहीं होती जब तक ऑफिस लैंडमार्क. नहीं बन जाए। बहुत बढ़िया।. आई जस्ट फिगरिंग आउट से लेफ्ट।.
थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के. लिए। अब आपको तीन चीजें करनी है। सबसे. पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो क्योंकि. जितना आप सब्सक्राइब करोगे उतने ही बेहतर. और वैलुएबल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए।. नंबर टू मुझे कमेंट्स में बताओ इस एपिसोड. में आपको क्या अच्छा लगा और क्या गंदा लगा. ताकि हम वो मिस्टेक्स रिपीट ना कर पाए।. एंड कौन से ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना. चाहते हो वापस हमारे पॉडकास्ट पे ताकि हम. उन्हें लेके आए और आपको ज्यादा से ज्यादा. वैल्यू दे पाए। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड. किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना.
क्योंकि वन कॉन्वर्सेशन कैन चेंज समवनस. लाइफ। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अनंटिल. देन कीप फिगरिंग अप।. [संगीत].
